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                <title>Juna Akhara - Amrit Vichar</title>
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                <description>Juna Akhara RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Moradabad: कोर्ट पहुंचा श्री काली माता मंदिर और जूना अखाड़े का विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>लालबाग स्थित काली माता मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी प्राचीन काली मंदिर में गद्दी को लेकर चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के द्वारा यहां के महंतों को हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बाद भी विवाद बना है। सोमवार को महंत रामगिरि ने अधिवक्ता राकेश जौहरी के माध्यम से सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में याचिका दाखिल की है। जिस पर सात मई को सुनवाई की तारीख नियत की गई है।</p>
<p>महंत राम गिरि ने जूना अखाड़े के द्वारा इस महीने नौ अप्रैल को उनको महंत पद से हटाने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580194/dispute-between-shri-kali-mata-temple-and-juna-akhara-reaches-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/adalat5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>लालबाग स्थित काली माता मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी प्राचीन काली मंदिर में गद्दी को लेकर चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के द्वारा यहां के महंतों को हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बाद भी विवाद बना है। सोमवार को महंत रामगिरि ने अधिवक्ता राकेश जौहरी के माध्यम से सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में याचिका दाखिल की है। जिस पर सात मई को सुनवाई की तारीख नियत की गई है।</p>
<p>महंत राम गिरि ने जूना अखाड़े के द्वारा इस महीने नौ अप्रैल को उनको महंत पद से हटाने की कार्यवाही को गलत प्रक्रिया अपनाते हुए ट्रांसफर करना बताया। इसके खिलाफ उन्होंने सिविल कोर्ट मुकदमा दर्ज कराते हुए पूरी कार्यवाही को नियम विरुद्ध बताया है। इसमें महंत राम गिरि की ओर से कहा गया है कि वह गुरु की उत्तराधिकार परंपरा के अनुसार मंदिर पर महंत तैनात हैं। दर्ज कराए गए मुकदमे में श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के पदाधिकारियों अध्यक्ष, सभापति, महंत हरि गिरी सहित महंत महाकाल गिरी और हितेश्वर गिरी के भी नाम शामिल किए गए हैं।</p>
<p>महंत राम गिरि के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश जौहरी ने बताया कि जूना अखाड़े का आदेश पूर्ण रूप से गलत और आधारहीन है। उसकी कोई बाध्यता वादी राम गिरि महाराज पर नहीं है। जिस पर अगली सुनवाई होगी। अधिवक्ता राकेश जौहरी ने बताया कि जिस लेटर के माध्यम से महंत रामगिरि को हटाने की प्रक्रिया की गई वह विधिक रुप से उचित नहीं प्रतीत हो रहा है। काली माता मंदिर श्री पंचदश नाम जूना अखाड़ा वाराणसी से संचालित होती है।</p>
<p> उनका कोई आदेश नहीं है। ऐसे में हरिद्वार से जूना अखाड़े को यहां मंदिर के महंत को हटाने का कोई अधिकार नहीं प्राप्त इहोता है। उन्होंने यह भी कहा कि काली माता मंदिर में 400 वर्ष से गुरु शिष्य परंपरा चली आ रही है। इस सिलसिले में वादी महंत रामगिरि को बाकायदा महंत घोषित किया गया था। उसे खारिज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सात मई को मामले में सुनवाई नियत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580194/dispute-between-shri-kali-mata-temple-and-juna-akhara-reaches-court</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 13:22:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : सनातन धर्म, संस्कृति और समाज के कारण भारत स्वाभाविक रूप से हिंदू राष्ट्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मढ़ीनाथ नगर की बस्ती में शनिवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर उमाकांतानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म, संस्कृति और समाज के कारण भारत स्वाभाविक रूप से हिंदू राष्ट्र है। सभी हिंदुओं को एकजुट होकर राष्ट्र की संस्कृति की सुरक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए।</p>
<p>श्री बाला जी महाराज हिन्दू सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य वक्ता विभाग सेवा प्रमुख डॉ. रवि शरण ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ सेवा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569661/india-is-a-naturally-hindu-nation-due-to-sanatan-dharma--culture-and-society"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/hindu.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मढ़ीनाथ नगर की बस्ती में शनिवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर उमाकांतानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म, संस्कृति और समाज के कारण भारत स्वाभाविक रूप से हिंदू राष्ट्र है। सभी हिंदुओं को एकजुट होकर राष्ट्र की संस्कृति की सुरक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए।</p>
<p>श्री बाला जी महाराज हिन्दू सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य वक्ता विभाग सेवा प्रमुख डॉ. रवि शरण ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ सेवा के द्वारा समाज में एक विशेष पहचान बनाई है। </p>
<p>बीते 100 वर्ष की यात्रा में स्वयंसेवकों ने किसी भी आपदा के समय पूरे मनोयोग से सेवा कार्य किया है। कोरोना महामारी के समय स्वयं सेवकों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना लोगों को हर प्रकार की सहायता पहुंचाई। अध्यक्षता राकेश गुप्ता ने की। मुख्य वक्ता डाॅ. वंदना शर्मा, नरेश माहेश्वरी, डॉ राजीव, राजीव सिंह, अनुज, रिषभ, सतीश, एमपी सिंह, सौरभ आदि मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569661/india-is-a-naturally-hindu-nation-due-to-sanatan-dharma--culture-and-society</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:32:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंदुओं की रक्षा के लिए जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ने पीएम मोदी को खून से लिखा पत्र, जानें क्या है पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभ नगर। </strong>अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की रक्षा के लिए यहां श्रीदुधेश्वरनाथ मठ के शिविर से बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने रक्त से एक पत्र लिखा।</p>
<p>यति नरसिंहानंद ने पत्रकारों से कहा कि पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बांग्लादेश और पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि रक्त से लिखित इस पत्र को डॉक्टर उदिता त्यागी और यति सन्यासी, सभी सनातनी धर्मगुरुओं के समक्ष ले जाएंगे जहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519416/mahamandaleshwar-yeti-narasimhanand-of-juna-akhara-wrote-a-letter-to-pm-modi-in-blood-to-protect-hindus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats550.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभ नगर। </strong>अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की रक्षा के लिए यहां श्रीदुधेश्वरनाथ मठ के शिविर से बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने रक्त से एक पत्र लिखा।</p>
<p>यति नरसिंहानंद ने पत्रकारों से कहा कि पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बांग्लादेश और पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि रक्त से लिखित इस पत्र को डॉक्टर उदिता त्यागी और यति सन्यासी, सभी सनातनी धर्मगुरुओं के समक्ष ले जाएंगे जहां उनसे इस पत्र के समर्थन में हस्ताक्षर करने की प्रार्थना की जाएगी।</p>
<p>इस पत्र पर सबसे पहले श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने हस्ताक्षर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को विश्व के हर हिन्दू की रक्षा की जिम्मेदारी लेनी ही चाहिये।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/519413/prayagraj-news--police-station-in-charge-mixed-ash-in-the-food-of-the-bhandara--dcp-suspended-him-after-the-video-went-viral#gsc.tab=0">Prayagraj News: थाना प्रभारी ने भंडारे के भोजन में मिलाया राख, वीडियो वायरल होने पर DCP ने किया निलंबित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519416/mahamandaleshwar-yeti-narasimhanand-of-juna-akhara-wrote-a-letter-to-pm-modi-in-blood-to-protect-hindus</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 09:26:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh Stampede: हादसे को लेकर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने जताया दुख, कहा- लोक कल्याण की भावना से किया अमृत स्नान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभ नगर, अमृत विचारः</strong> जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने महाकुंभ में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर हुये हादसे को देखते हुए उन्होंने शोभा यात्रा न निकालने का फैसला किया है। साथ ही कहा कि लोक कल्याण के लिए साधारण तरीके से स्नान किया है।</p>
<p>महामंडलेश्वर ने कहा कि मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की तत्परता से कुछ स्नानार्थियों को चोट आई हैं। यह देखते हुए अखाड़ों ने शोभा यात्रा न निकालने का फैसला किया है और घाटों पर साधारण स्नान करने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519005/mahamandaleshwar-swami-awadheshanand-giri-said-sadly-about-the-mahakumbh-stampede"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design---2025-01-29t110932.198.png" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभ नगर, अमृत विचारः</strong> जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने महाकुंभ में हुए हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर हुये हादसे को देखते हुए उन्होंने शोभा यात्रा न निकालने का फैसला किया है। साथ ही कहा कि लोक कल्याण के लिए साधारण तरीके से स्नान किया है।</p>
<p>महामंडलेश्वर ने कहा कि मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की तत्परता से कुछ स्नानार्थियों को चोट आई हैं। यह देखते हुए अखाड़ों ने शोभा यात्रा न निकालने का फैसला किया है और घाटों पर साधारण स्नान करने का निर्णय लिया है। महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मानसिक रुप से उनके इस स्नान में सहभागी बने क्योंकि मानसिक रुप से भी मंगल स्नान का महत्व है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/518991/mahakumbh-stampede--cm-yogi-said-on-the-increasing-crowd-of-devotees-in-mahakumbh--maintain-self-discipline--bathe-only-at-your-nearest-ghat">Mahakumbh Stampede: महाकुम्भ में बढ़ती भीड़ पर सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से की अपील- अपने नजदीकी घाट पर ही करें स्नान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519005/mahamandaleshwar-swami-awadheshanand-giri-said-sadly-about-the-mahakumbh-stampede</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 11:10:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुम्भ 2025: जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर अवधेशानंद ने की CM Yogi की तारीफ, कहा- हर्षवर्धन और विक्रमादित्य जैसे प्रचंड पुरुषार्थी प्रशासक हैं योगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने महाकुम्भ 2025 के भव्य और सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना प्राचीन भारत के महान शासकों हर्षवर्धन और विक्रमादित्य से की। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उन महान शासकों की परंपरा को नए युग में संवर्धित किया है। वे केवल एक शासक नहीं, बल्कि प्रचंड पुरुषार्थ और संकल्प के धनी व्यक्ति हैं। उनके प्रयासों ने महाकुम्भ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।  </p>
<h5><strong>भारत की दृष्टि योगी आदित्यनाथ पर</strong></h5>
<p>स्वामी अवधेशानंद गिरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517687/maha-kumbh-2025--mahamandaleshwar-avdheshanand-of-juna-akhara-praised-cm-yogi--said--yogi-is-a-very-hardworking-administrator-like-harshvardhan-and-vikramaditya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats328.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने महाकुम्भ 2025 के भव्य और सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना प्राचीन भारत के महान शासकों हर्षवर्धन और विक्रमादित्य से की। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उन महान शासकों की परंपरा को नए युग में संवर्धित किया है। वे केवल एक शासक नहीं, बल्कि प्रचंड पुरुषार्थ और संकल्प के धनी व्यक्ति हैं। उनके प्रयासों ने महाकुम्भ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।  </p>
<h5><strong>भारत की दृष्टि योगी आदित्यनाथ पर</strong></h5>
<p>स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि भारत का भविष्य योगी आदित्यनाथ की ओर देख रहा है। भारत उनसे अनेक आकांक्षाएं, आशाएं और अपेक्षाएं रखे हुआ है। भारत की दृष्टि उनपर है। उनमें पुरुषार्थ और निर्भीकता है। वे अजेय पुरुष और संकल्प के धनी हैं। महाकुम्भ की विराटता, अद्भुत समागम, उत्कृष्ट प्रबंधन उनके संकल्प का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत का राष्ट्र ऋषि बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में योगी जी ने महाकुम्भ को ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आस्था का यहां जो सागर उमड़ा है, इसके लिए योगी आदित्यनाथ ने बहुत श्रम किया है। चप्पे चप्पे पर उनकी दृष्टि है। </p>
<h5><strong>हम अभिभूत हैं ऐसे शासक और प्रशासक को पाकर</strong></h5>
<p>स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि आज सनातन का सूर्य सर्वत्र अपने आलोक रश्मियों से विश्व को चमत्कृत कर रहा है। भारत की स्वीकार्यता बढ़ी है। संसार का हर व्यक्ति महाकुम्भ के प्रति आकर्षित हो रहा है। हर क्षेत्र में विशिष्ट प्रबंधन और उच्च स्तरीय व्यवस्था महाकुम्भ में दिख रही है। भक्तों के बड़े सैलाब को नियंत्रित किया जा रहा है। सुखद, हरित, स्वच्छ, पवित्र महाकुम्भ उनके संकल्प में साकार हो रहा है। हम अभिभूत हैं ऐसे शासक और प्रशासक को पाकर, जिनके सत्संकल्प से महाकुम्भ को विश्वव्यापी मान्यता मिली है। यूनेस्को ने इसे सांस्कृतिक अमूर्त धरोहर घोषित किया है। यहां दैवसत्ता और अलौकिकता दिखाई दे रही है। योगी आदित्यनाथ के प्रयास स्तुत्य और अनुकरणीय हैं तथा संकल्प पवित्र हैं। विश्व के लिए महाकुम्भ एक मार्गदर्शक बन रहा है, अनेक देशों की सरकारें सीख सकती हैं कि अल्पकाल में सीमित साधनों में विश्वस्तरीय व्यवस्था कैसे की जा सकती है।  </p>
<h5><strong>आस्था का महासागर और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक</strong></h5>
<p>महामंडलेश्वर ने महाकुम्भ को सनातन संस्कृति का जयघोष और भारत की आर्ष परंपरा की दिव्यता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व नर से नारायण और जीव से ब्रह्म बनने की यात्रा का संदेश देता है। महाकुम्भ को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिखाता है कि हम अलग अलग जाति, मत और संप्रदाय के होने के बावजूद एकता के सूत्र में बंधे हैं। उन्होंने महाकुम्भ को गंगा के तट पर पवित्रता और संस्कृति का संगम बताया। गंगा में स्नान को आत्मा की शुद्धि और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 13:48:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ 2025: सनातन धर्म की रक्षा के लिए 100 से अधिक महिलाओं ने ली महिला नागा की दीक्षा,  तीन विदेशी भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभ नगर।</strong> सनातन धर्म की रक्षा के लिए नारी शक्ति भी किसी तरह से पीछे नहीं है। रविवार को 100 से अधिक महिलाओं को जूना अखाड़ा में नागा दीक्षा दी गई जिसमें तीन विदेशी महिलाएं भी शामिल हैं। जूना अखाड़ा की महिला संत दिव्या गिरि ने बताया कि रविवार को उनके अखाड़े में 100 से अधिक महिलाओं को नागा संन्यासिन के तौर पर दीक्षा दी गई। इस दीक्षा के लिए पंजीकरण जारी है और प्रथम चरण में 102 महिलाओं को नागा दीक्षा दी गई।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/cats310.jpg" alt="cats" width="1200" height="720" /></p>
<p>उन्होंने बताया कि 12 वर्षों की सेवा और उनके गुरु के प्रति के समर्पण को देखने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517425/maha-kumbh-2025--more-than-100-women-took-the-initiation-of-female-naga-to-protect-sanatan-dharma--three-foreigners-also-included"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats309.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभ नगर।</strong> सनातन धर्म की रक्षा के लिए नारी शक्ति भी किसी तरह से पीछे नहीं है। रविवार को 100 से अधिक महिलाओं को जूना अखाड़ा में नागा दीक्षा दी गई जिसमें तीन विदेशी महिलाएं भी शामिल हैं। जूना अखाड़ा की महिला संत दिव्या गिरि ने बताया कि रविवार को उनके अखाड़े में 100 से अधिक महिलाओं को नागा संन्यासिन के तौर पर दीक्षा दी गई। इस दीक्षा के लिए पंजीकरण जारी है और प्रथम चरण में 102 महिलाओं को नागा दीक्षा दी गई।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/cats310.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p>उन्होंने बताया कि 12 वर्षों की सेवा और उनके गुरु के प्रति के समर्पण को देखने के बाद इन महिलाओं को अवधूतनी बनाया गया। अवधूतनी का समूह गंगा के तट पर पहुंचा जहां उनका मुंडन कराया गया। गंगा स्नान के बाद उन्हें कमंडल, गंगा जल और दंड दिया गया।</p>
<p>अंतिम दीक्षा आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि द्वारा दी जाएगी। महाकुंभ में विदेशी महिलाओं ने भी नागा संन्यासी दीक्षा में हिस्सा लिया और अब वे जूना अखाड़ा की सदस्य हैं। तीन विदेशी महिलाओं को नागा संन्यासिन के तौर पर दीक्षा दी गई। इनमें इटली से बांकिया मरियम को शिवानी भारती, फ्रांस की वेक्वेन मैरी को कामाख्या गिरि और नेपाल की मोक्षिता रानी को मोक्षिता गिरी नाम दिया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/517345/prayagraj--fire-broke-out-in-a-tent-under-the-railway-bridge-during-maha-kumbh--causing-panic#gsc.tab=0">महाकुंभ मेले में लगी आग पर फायर ब्रिगेड की टीम ने पाया काबू, घटना स्थल पर पहुंचे सीएम योगी से पीएम मोदी ने फोन पर की बात</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 09:06:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'मेरी अब मृत्यु हो चुकी है...', लोगों ने छोड़ा मोह-माया का साथ, हजारों ने किया नागा साधु बनने के लिए आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुम्भ नगर, अमृत विचार।</strong> सनातन धर्म की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने नागा साधु के तौर पर दीक्षा लेने के लिए अखाड़ों में आवेदन किया है और तीन स्तरों पर इन आवेदनों की जांच कर दीक्षा देने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। आपको बता दें कि महाकुंभ में 1500 लोगों ने जीवित ही किया अपना पिंडदान औक बने नागा सन्यासी। इसमें 19 महिलाएं भी आज महाकुंभ में नागा सन्यासी बनने की दीक्षा ले रही है। सभी महिलाओं को गुरु परंपरा के अनुसार ही दीक्षा दी जा रही है। निरंजनी अखाड़ा के महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि निरंजनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517302/%22i-am-dead-now%22-people-left-the-illusion-thousands-applied"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(76)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुम्भ नगर, अमृत विचार।</strong> सनातन धर्म की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने नागा साधु के तौर पर दीक्षा लेने के लिए अखाड़ों में आवेदन किया है और तीन स्तरों पर इन आवेदनों की जांच कर दीक्षा देने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। आपको बता दें कि महाकुंभ में 1500 लोगों ने जीवित ही किया अपना पिंडदान औक बने नागा सन्यासी। इसमें 19 महिलाएं भी आज महाकुंभ में नागा सन्यासी बनने की दीक्षा ले रही है। सभी महिलाओं को गुरु परंपरा के अनुसार ही दीक्षा दी जा रही है। निरंजनी अखाड़ा के महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि निरंजनी में प्रथम चरण में 300-400 लोगों को नागा संन्यासी के तौर पर दीक्षा दी जा रही है। 13 अखाड़ों में सात शैव अखाड़े हैं, जिनमें से छह अखाड़ों में नागा साधु के तौर पर दीक्षा दी जाती है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/untitled-design-(76)2.png" alt="Untitled design (76)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सभी ने पंच दशनाम जूना अखाड़े से जुड़कर हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच नागा सन्यासी बनने की दीक्षा ली। जूना अखाड़े के रमता पंच के महंत रामचंद्र गिरि, दूध पुरी, निरंजन भारती और मोहन गिरि की देखरेख में पहले सभी लोगों का मुंडन संस्कार किया गया। इसके बाद सभी ने 108 बार गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाई। गंगा पूजन और पिंडदान किया। पिंडदान के बाद सभी ने एक स्वर में खुद को सांसारिक मोह माया से अलग करते हुए सांसारिक तौर पर खुद के मृत होने का ऐलान कर दिया।</p>
<p>महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि इनमें निरंजनी, आनंद, महानिर्वाणी, अटल, जूना और आह्वान अखाड़ों में नागा साधु बनाए जाते हैं जबकि अग्नि अखाड़े में ब्रह्मचारी होते हैं, वहां नागा नहीं बनाए जाते हैं। शंकराचार्य ने नागा साधु बनाने की जो परंपरा डाली थी, वह संन्यासी अखाड़ों के लिए है। जूना अखाड़ा के महामंत्री हरि गिरि महाराज ने बताया कि जूना अखाड़े में नागा साधुओं को दीक्षा के लिए जगह का अभाव है, इसलिए कई चरणों में इन्हें नागा साधु की दीक्षा दी जाएगी और हजारों की संख्या में नागा साधु के लिए आवेदन आए हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/untitled-design-(78)2.png" alt="Untitled design (78)" width="1280" height="720"></img><br /> <br />महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत यमुनापुरी महाराज ने बताया कि महानिर्वाणी में 300-350 लोगों को नागा साधु के तौर पर दीक्षा दी जा रही है जिसके लिए पहले से काफी लोगों के आवेदन आए थे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि विभिन्न अखाड़ों में नागा साधु के तौर पर दीक्षा के लिए हजारों की संख्या में लोगों ने आवेदन कर रखा है जो सनातन धर्म के लिए अपना सब कुछ बलिदान करके नागा साधु बनना चाहते हैं। </p>
<p>एक आवाहन अखाड़े के महामंडलेश्वर ने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पर्चियां जारी की जा रही हैं, साथ ही गोपनीय ढंग से आवेदकों के साक्षात्कार लिए जा रहे हैं, सभी पात्रता पूरी करने वाले लोगों को ही नागा साधु के तौर पर दीक्षा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी के किनारे नागा साधुओं के संस्कार किए जा रहे हैं, इसमें मुंडन संस्कार और पिंडदान शामिल है, ये संन्यासी अपना स्वयं का पिंडदान कर यह घोषणा करते हैं कि उनका भौतिक दुनिया से अब कोई संबंध नहीं है। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/untitled-design-(79)2.png" alt="Untitled design (79)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>उन्होंने कहा कि इन सभी अनुष्ठान के बाद मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के साथ नागा साधु बनने की प्रक्रिया पूरी होती है। महामंडलेश्वर ने बताया कि ये सभी लोग धर्म ध्वजा के नीचे नग्नावस्था में खड़े होंगे और आचार्य महामंडलेश्वर उन्हें नागा बनने की दीक्षा देंगे। उन्होंने कहा कि सभापति उन्हें अखाड़े के नियम आदि बताएंगे और उन्हें नियमों का पालन करने की शपथ दिलाएंगे, यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद हर किसी को अमृत स्नान के लिए भेजा जाएगा। एक अन्य अखाड़े के महंत ने बताया कि ऐसा नहीं है कि हर उम्मीदवार को नागा साधु बनाया जाएगा क्योंकि जांच के दौरान कई लोग अपात्र पाए गए हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि तीन चरणों में आवेदनों की जांच की गई और यह प्रक्रिया छह महीने पहले शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि अखाड़ा के थानापति ने उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जांच की और इसकी रिपोर्ट आचार्य महामंडलेश्वर को दी गई और आचार्य महामंडलेश्वर ने अखाड़े के पंचों से पुनः इसकी जांच कराई जिसके बाद ही नागा साधु बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/517260/mahakumbh-2025-the-world-became-witness-to-yogis-crowd-management">Mahakumbh 2025: योगी के क्राउड प्रबंधन की गवाह बनी दुनिया, 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, जानें कहा लगेगा अगला कुंभ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jan 2025 13:30:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : जूना अखाड़े ने 13 वर्ष की नाबालिग संत और गुरु कौशल गिरी को अखाड़े से किया बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार </strong>: 13 जनवरी से शुरू होने जा रहे महाकुंभ से पहले जून अखाड़े ने शुक्रवार को हुई बैठक में बड़ा फैसला लिया है। कुछ दिन पहले जूना अखाड़े में शामिल हुई 13 साल की साध्वी गौरी गिरी और उसके गुरु कौशल गिरी को जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। बताया जा रहा है की नाबालिग लड़की को अखाड़े में नियम तोड़कर शामिल करने का मामला सामने आने के बाद अखाड़े की आमसभा हुई। जिसके बाद यह बैठक में निर्णय लिया गया कि नाबालिग साध्वी को तत्काल उसके माता और पिता को सौंप दिया जाए।</p>
<p>नाबालिग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/515884/prayagraj"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/महाकुंभ-(4).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार </strong>: 13 जनवरी से शुरू होने जा रहे महाकुंभ से पहले जून अखाड़े ने शुक्रवार को हुई बैठक में बड़ा फैसला लिया है। कुछ दिन पहले जूना अखाड़े में शामिल हुई 13 साल की साध्वी गौरी गिरी और उसके गुरु कौशल गिरी को जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। बताया जा रहा है की नाबालिग लड़की को अखाड़े में नियम तोड़कर शामिल करने का मामला सामने आने के बाद अखाड़े की आमसभा हुई। जिसके बाद यह बैठक में निर्णय लिया गया कि नाबालिग साध्वी को तत्काल उसके माता और पिता को सौंप दिया जाए।</p>
<p>नाबालिग और उसके गुरु को महाकुंभ मेला से बाहर जाने के लिए भी निर्देश दिया गया है। बैठक में यह भी प्रस्ताव पास किया गया है। कहा गया है कि  22 वर्ष की आयु होने पर ही महिला को सन्यास दीक्षा दी जाएगी। कौशल गिरी ने पिछले दिनों आगरा के पेठा व्यापारी संदीप सिंह और उसकी पत्नी रीमा सिंह की मौजूदगी में उनकी बेटी राखी सिंह को साध्वी बना दिया था। संत कौशल गिरी ने राखी को  गौरी गिरी नाम दे दिया था। इस दौरान गौरी गिरी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पढ़ लिखकर आईएएस बनना चाहती है। इसी बीच यहां आई और उसे अखाड़े में शामिल कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तूल पकड़ने लगा।</p>
<p>मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने भी इस मामले में भी हस्तक्षेप कर दिया। शुक्रवार को अखाड़ा थाने में पंचायत हुई और संतों ने कहा कि उसे अखाड़े में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बाद जूना अखाड़े की मेला छावनी में एक पंचायत भी हुई। जूना अखाड़े की आमसभा में की गई बैठक में संरक्षक महंत हरी गिरी, अध्यक्ष महंत प्रेम गिरी, प्रवक्ता नारायण गिरी आदि की मौजूदगी में कराई गई। इसमें तत्काल प्रभाव से कौशल गिरी और गौरी गिरी उर्फ़ राखी को जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। माता-पिता सहित गौरी और गुरु को महाकुंभ से बाहर जाने के लिए कहा गया है। जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरी गिरी ने बताया कि लड़की जब तक 22 साल की नहीं हो जाएगी उसे अखाड़े में शामिल नहीं किया जा सकता। उसे अखाड़े के नियम को तोड़कर शामिल कराया गया है।</p>
<p>नियम के मुताबिक ऐसे मामलों में पहले सहमति का कच्चा दस्तावेज देना होता है , 6 महीने के बाद उसकी पक्की सहमति यानी पक्का दस्तावेज लिया जाता है। जिसके आधार पर यह माना जाता है कि या आवेश में लिया गया निर्णय नहीं है। ऐसे किए बिना अखाड़े की परंपरा को तोड़ना माना जाता है और इस तरह से परंपरा को तोड़कर लड़की को शामिल कराया गया है। जिस पर निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक हरि गिरि महाराज ने बताया कि 13 वर्षीय बच्ची का संन्यास वापस कर दिया गया है। बच्ची को संन्यास की दीक्षा देने वाले महंत कौशलगिरि को सात वर्ष के लिए निष्कासित  कर दिया गया है। बच्ची अपने माता पिता के साथ वापस जाए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(186,55,42);"> <a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/515818/lucknow-news-clinic-worker-murdered-by-stuffing-cloth-in-mouth#gsc.tab=0">Lucknow News : मुंह में कपड़ा ठूंस और हाथ-पांव बांधकर क्लीनिक कर्मी की गला दबाकर हत्या</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 22:41:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Prayagraj News : जूना अखाड़ा के जगद्गुरु भुवनेश्वरी नन्द गिरी की चेतावनी बोले, महाकुंभ में पन्नू आए तो उनकी खैर नहीं...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार</strong>: अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा समिति व श्री हिन्दू तख्त के धर्माधीश, श्री काली माता मंदिर पटियाला, मां कामाख्या देवी आसाम, मां ज्वाला देवी हिमाचल के पीठाधीश्वर, ब्रह्मलीन जगद्गुरु स्वामी पंचानंद गिरी जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं जूना अखाड़ा की जगद्गुरु भुवनेश्वरी नन्द गिरी महाराज ने खालिस्तानी संगठन के गुरपतवंत सिंह पन्नू को चेतावनी देते हुए कहा कि हम भारत के सनातनी गीदड़ धमकियों से डरने वाले नहीं हैं, अगर दम है भारत की धरती पर एक बार आकर तो दिखाओ।</p>
<p>जगद्गुरु भुवनेश्वरी नन्द गिरी महाराज तीर्थराज प्रयागराज के विश्व प्रसिद्ध महाकुंभ मेला में शिविर लगवा रही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/513317/akharas-jagadguru-bhuvaneshwari-nand-giri-warned"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/जून-अखाड़ा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार</strong>: अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा समिति व श्री हिन्दू तख्त के धर्माधीश, श्री काली माता मंदिर पटियाला, मां कामाख्या देवी आसाम, मां ज्वाला देवी हिमाचल के पीठाधीश्वर, ब्रह्मलीन जगद्गुरु स्वामी पंचानंद गिरी जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं जूना अखाड़ा की जगद्गुरु भुवनेश्वरी नन्द गिरी महाराज ने खालिस्तानी संगठन के गुरपतवंत सिंह पन्नू को चेतावनी देते हुए कहा कि हम भारत के सनातनी गीदड़ धमकियों से डरने वाले नहीं हैं, अगर दम है भारत की धरती पर एक बार आकर तो दिखाओ।</p>
<p>जगद्गुरु भुवनेश्वरी नन्द गिरी महाराज तीर्थराज प्रयागराज के विश्व प्रसिद्ध महाकुंभ मेला में शिविर लगवा रही है। उन्होंने बताया कि खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू जो की अपने आप को  सिखों का नेता बताता है यह एक स्वयंभू नेता है जो आये दिन कभी कोई बयान देना क्योकि इसको चर्चा में रहना पसंद है । जगद्गुरु स्वामी भुवनेश्वरी नंद गिरी ने कहा कि विदेश में रह रहे भोले भाले लोगों को ठगना है ऐसे बयान देकर लोगों से फंडिंग लेना है और कुछ नहीं अब पंजाब और पुरे भारत के हिन्दू सिख भाईचारे को खराब करने के लिए इसने कुंभ को बाधित करने के जो विडीओ जारी किया है उसमे पन्नू ने बोला है कि यह कुंभ भारत का आखिरी कुंभ होगा।  उसने खालिस्तानी और सनातन धर्म विरोधी समर्थकों से इस आयोजन के दौरान हिंदुत्व के हिंसक कार्रवाई का आवाहन किया है जो की कभी भी अपने मंसूबों में सफल नहीं होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में हिन्दू और सिख बहुत प्यार और एकता के साथ रहते है‌। पन्नू कुंभ पर हमलों के सपने विदेश की धरती पर बैठकर देख रहा है अगर अब कोई भी किसी तरह की सनातन धर्म के खिलाफ गलत बयान बाजी की तो पंजाब की धरती पर जो घर है सनातनियों और संतो के समूह के साथ वहां पर जा कर डेरा डाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू और सिखों के भाईचारे का 1980 के आतंकवाद दौरान पहले ही बहुत नुकसान झेल चूका है पर अब तेरी मनघड़न्त बयानों का समूह पंजाबियों व भारतियों पर कोई असर नहीं होगा।</p>
<p>जगद्गुरु भुनेश्वरी नन्द गिरी महाराज ने कहा कि देश में  हिन्दू, सिखों का बहुत अच्छा रिश्ता है जो कभी भी खराब नहीं होगा, जो कुछ पन्नू जैसे शरारती अनसर सोशल मिडिया पर ऐसे विडिओ डालकर और पंजाब और भारत के हिन्दुओं और सिखों के नोजवानो को बरगलाकर दरार डालना चाहते हैं वह कभी भी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भारत के सभी सनातनीयों व् सिखों और नौजवानों से अपील है ऐसे लोगों  की बातों में न आकर और सभी मिलकर इस महाकुंभ में आकर स्नान करें ताकि ऐसे अलगावादियों मुंह पर तमाचा मारा जाए और केंद्र सरकार ने भी अपील किया है । विदेश से भारत में लाकर कठोर से कठोर आजीवन कारावास दिया जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा करने की दूर की कोई कल्पना भी न करें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(186,55,42);"> <a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/513314/balrampur-news#gsc.tab=0">Balrampur News : तुलसीपुर सीएचसी के अधीक्षक व फार्मासिस्ट के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Dec 2024 20:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Maha Kumbh 2025 : जूना अखाड़े का ऐलान, गैर सनातनियों को नहीं मिलेगा कुंभी मेला में प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> महाकुंभ मेले में आए अखाड़ों ने सनातन धर्म की शुचिता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए कुछ नियम तय किए हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को महाकुंभ मेले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। साथ ही इस उल्लंघन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।</p>
<p>प्रयागराज महाकुंभ एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। महाकुंभ में गैर सनातनियों की एंट्री पर अखाड़ा परिषद द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब नागा संन्यासियों ने भी इस पर अपनी गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511775/maha-kumbh-2025"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/महाकुंभ-(2).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> महाकुंभ मेले में आए अखाड़ों ने सनातन धर्म की शुचिता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए कुछ नियम तय किए हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को महाकुंभ मेले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। साथ ही इस उल्लंघन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।</p>
<p>प्रयागराज महाकुंभ एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। महाकुंभ में गैर सनातनियों की एंट्री पर अखाड़ा परिषद द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब नागा संन्यासियों ने भी इस पर अपनी गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागा संन्यासियों ने फरमान जारी किया है कि वे महाकुंभ क्षेत्र में केवल उन्हीं आगंतुकों को प्रवेश देंगे जिनके माथे पर तिलक और कलाई में कलावा होगा। जूना अखाड़े के नागा संन्यासी शंकर भारती ने कहा कि हिंदू धर्म को भ्रष्ट करने वाली घटनाओं के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। उनका कहना है कि धर्म की शुचिता की रक्षा के लिए यह गाइडलाइन लागू की गई है, जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे, उन पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>नागा संन्यासियों ने यह भी कहा कि अखाड़ों के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस तैनात किए जाएंगे, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि इस गाइडलाइन का पालन हो। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे दंडित किया जाएगा।<br />जूना अखाड़े की महिला संन्यासी दिव्या गिरी ने इस गाइडलाइन का समर्थन करते हुए कहा कि महिला संन्यासियों के अखाड़ों में भी यही व्यवस्था लागू होगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अखाड़े के बाहर एक महिला संत तैनात रहेंगी, जो माथे पर तिलक लगाकर ही लोगों को प्रवेश देंगी।</p>
<p>नागा संन्यासियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम भारतीय संस्कृति और संगम नगरी की पवित्रता को बचाने के लिए उठाया गया है। नागा संन्यासियों ने यह भी कहा कि उनके अखाड़े और इससे जुड़े संत पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखेंगे। अगर कोई भी गैर सनातनी हमारी संस्कृति के साथ खिलवाड़ करता है या मेला क्षेत्र में प्रवेश करता है तो उसे पकड़ कर सख्त सजा दी जाएगी। नागा संन्यासियों का कहना है कि वे खुद इस मुद्दे पर कार्रवाई करने में सक्षम हैं। इससे पहले भी अखाड़ा परिषद ने गैर सनातनियों का महाकुंभ में प्रवेश वर्जित करने की घोषणा की थी। अब नागा संन्यासियों ने भी इसका समर्थन किया है और इसे लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/511773/prayagraj-news#gsc.tab=0">Prayagraj News : कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर सीएमओ पर लगाया एक लाख का जुर्माना</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/511775/maha-kumbh-2025</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 21:15:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुम्भ 2025: चांदी के रथ पर सवार होकर जूना अखाड़ा के नागा संन्यासियों ने किया छावनी प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कुंभनगर/प्रयागराज, अमृत विचार।</strong> देश के सबसे बड़े अखाड़े व दशनामी परम्परा को निभाने वाले सन्यासियों के पंच दशनाम जूना अखाड़े की पेशवाई (छावनी प्रवेश)  शनिवार को शाही अंदाज में बाजे गाजे के साथ आरंभ हुई। इस छावनी प्रवेश में देश दुनिया के करीब 10 हजार से अधिक संतो और नागा संन्यासियों ने हिस्सा लेकर अपनी भूमिका दर्ज की। पेशवाई में संन्यासी हाथों में अस्त्र शस्त्र के साथ रत्न जड़ित सिंहासन पर चांदी के हौदे पर सवार होकर निकले। पेशवाई में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि समेत कुल 65 से ज्यादा महामंडलेश्वर व पीठाधीश्वर शामिल रहे।</p>
<p>श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा का छावनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511272/maha-kumbh-2025--naga-ascetics-of-juna-akhara-entered-the-camp-riding-on-a-silver-chariot"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats273.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कुंभनगर/प्रयागराज, अमृत विचार।</strong> देश के सबसे बड़े अखाड़े व दशनामी परम्परा को निभाने वाले सन्यासियों के पंच दशनाम जूना अखाड़े की पेशवाई (छावनी प्रवेश)  शनिवार को शाही अंदाज में बाजे गाजे के साथ आरंभ हुई। इस छावनी प्रवेश में देश दुनिया के करीब 10 हजार से अधिक संतो और नागा संन्यासियों ने हिस्सा लेकर अपनी भूमिका दर्ज की। पेशवाई में संन्यासी हाथों में अस्त्र शस्त्र के साथ रत्न जड़ित सिंहासन पर चांदी के हौदे पर सवार होकर निकले। पेशवाई में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि समेत कुल 65 से ज्यादा महामंडलेश्वर व पीठाधीश्वर शामिल रहे।</p>
<p>श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा का छावनी प्रवेश और किन्नर अखाड़ा की देवत्व यात्रा शनिवार को मौजगिरी मंदिर यमुना बैंक रोड कीडगंज से पूरी भव्यता और शाही अंदाज के साथ निकाली गई। बड़ी संख्या में शहर के लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर संतों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। चांदी और रत्न जड़ित सिंहासन पर सवार होकर सबसे आगे अखाड़े के भगवान दत्तात्रेय, ध्वज के बाद सभी प्रमुख संत, महात्मा और बड़ी संख्या में उनके शिष्यों ने भव्य रथों पर सवार होकर मेला क्षेत्र में स्थित शिविर में प्रवेश किया। यात्रा में ढोल, नगाड़ा, ताशा, ड्रम और अन्य वाद्ययंत्र बजते रहे और नागा संन्यासी यात्रा के दौरान अपना करतब दिखाते रहे।</p>
<p>मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, महाकुम्भ एसएसपी राजेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारियों ने संतों का मेला क्षेत्र में पहुंचने पर माल्यार्पण कर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया। जूना अखाड़ा के संतों ने महाकुंभ मेला क्षेत्र के काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग पर लगे शिविर एवं किन्नर संत मेला क्षेत्र के सेक्टर - 16 में संगम लोवर मार्ग पर लगे अपने शिविरों में प्रवेश किया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/untitled8.jpg" alt="Untitled" width="1280" height="720"></img></p>
<p>छावनी प्रवेश के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती महाराज, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महराज,जूना अखाड़ा के संरक्षक महंत हरि गिरि महराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत प्रेमगिरी महराज, जगद्गुरु गर्गाचार्य मुचकुन्द पीठाधीश्वर स्वामी महेन्द्रानंद गिरि महराज जूनागढ़, जगद्गुरु स्वामी भुवनेश्वरी गिरी महराज पटियाला सहित अन्य प्रमुख संत, महात्मा थे। किन्नर अखाड़ा की देवत्व यात्रा में सबसे आगे माता बऊचरा , फिर अखाड़ा का ध्वज और उसके बाद किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज का भव्य रथ चल रहा था।</p>
<p>देवत्व यात्रा में किन्नर अखाड़ा की अंतरराष्ट्रीय महामंडलेश्वर डा राजराजेश्वरी शिवप्रिया, उप्र किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष एवं उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि, महामंडलेश्वर पवित्रा नंद गिरि, महामंडलेश्वर कामिनी नंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी शिल्पा नंद गिरि, महामंडलेश्वर पूजानंद गिरि, महामंडलेश्वर पायल नंद गिरि, महामंडलेश्वर मोहिनी नंद गिरि, उप्र किन्नर कल्याण बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि,महंत दुर्गा दास नंद गिरि सहित बड़ी संख्या में महामंडलेश्वर, मण्डलेश्वर, पीठाधीश्वर, महंत, श्रीमहंत सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिष्य देवत्व यात्रा में शामिल हुए। </p>
<h5><strong>छावनी प्रवेश से पूर्व किया गंगा पूजन व आरती </strong></h5>
<p>जूना अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा के संतों ने छावनी प्रवेश से पूर्व संगम पर मां गंगा का विधि - विधान से पूजा अर्चना की। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती,जूना अखाड़ा के संरक्षक महंत हरिगिरि महराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमगिरी महराज,आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, जगद्गुरु गर्गाचार्य मुचकुन्द पीठाधीश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि, जगद्गुरु स्वामी भुवनेश्वरी गिरि, किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी डा राजराजेश्वरी शिवप्रिया, महामंडलेश्वर स्वामी शिल्पानंद गिरि,महामंडलेश्वर स्वामी पीताम्बरानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी पवित्रा नंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी मोहिनी नंद गिरि सहित अन्य संत, महात्मा शामिल हुए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/511234/discussion-on-constitution-in-lok-sabha--ravi-shankar-prasad-took-a-dig-at-rahul--said--it-is-very-important-to-change-the--tutor#gsc.tab=0">लोकसभा में संविधान पर चर्चा: रविशंकर प्रसाद ने राहुल पर कसा तंज, कहा- ‘ट्यूटर’ बदलना बहुत जरूरी है</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/511272/maha-kumbh-2025--naga-ascetics-of-juna-akhara-entered-the-camp-riding-on-a-silver-chariot</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 22:12:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच: जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर ने यूनुस से नोबल पुरस्कार वापस लेने की उठाई मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बहराइच, अमृत विचार।</strong> श्री पंचनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि शनिवार को बहराइच पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले पर वहां की सरकार और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष के लोगों ने बांग्लादेश में सिर्फ मंदिरों को नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान जिले में स्थित गाजी की दरगाह पर भी उन्होंने सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि यहां भी मंदिर है और इस जगह पर सूर्य मंदिर बनना चाहिए। इस दौरान सरकार से बांग्लादेश पर सैन्य कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>बहराइच जिले के सिसई हैदर गांव में गोंडा जाते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511268/bahraich--mahamandaleshwar-of-juna-akhara-raised-the-demand-to-take-back-the-nobel-prize-from-yunus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats270.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बहराइच, अमृत विचार।</strong> श्री पंचनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि शनिवार को बहराइच पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले पर वहां की सरकार और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष के लोगों ने बांग्लादेश में सिर्फ मंदिरों को नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान जिले में स्थित गाजी की दरगाह पर भी उन्होंने सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि यहां भी मंदिर है और इस जगह पर सूर्य मंदिर बनना चाहिए। इस दौरान सरकार से बांग्लादेश पर सैन्य कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>बहराइच जिले के सिसई हैदर गांव में गोंडा जाते समय शनिवार शाम को जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि पहुंचे। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान जिले में स्थित प्रसिद्ध सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर सवाल उठाया। बोले इस जगह पर सूर्य मंदिर था, इसलिए यहां पर एक भव्य दिव्य सूर्य मंदिर बनना चाहिए। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इस्लाम ने तमाम दुनिया की संस्कृति को विध्वंस करने का काम किया है, भारत मे जितनी मस्जिदे बनी हैं अगर उनको खोदा जाएगा तो वो मंदिरों की नींव पर बनी हुई ही मिलेंगी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सरेआम मानवता का गला घोंटा जा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर भी सवाल उठाए, कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है, उस पर संयुक्त राष्ट्र बोलने के बजाए देख रहा है। उन्होंने मोहम्मद यूनुस के बारे में कहा कि ऐसे व्यक्ति को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना बिल्कुल गलत है उससे ये पुरस्कार वापस लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने भारत की ओर से बांग्लादेश पर सैन्य कार्रवाई की भी मांग की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/511234/discussion-on-constitution-in-lok-sabha--ravi-shankar-prasad-took-a-dig-at-rahul--said--it-is-very-important-to-change-the--tutor#gsc.tab=0">लोकसभा में संविधान पर चर्चा: रविशंकर प्रसाद ने राहुल पर कसा तंज, कहा- ‘ट्यूटर’ बदलना बहुत जरूरी है</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 20:54:43 +0530</pubDate>
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