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                <title>Ganga Ghats - Amrit Vichar</title>
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                <description>Ganga Ghats RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>काशी में आसमान से बरस रही आग,  गर्मी के चलते गंगा घाटों पर छाने लगा सन्नाटा, जनजीवन पर लगा ब्रेक  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>धार्मिक नगरी काशी में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। गंगा घाटों पर सुबह से ही रौनक रहती थी, लेकिन भीषण गर्मी के कारण अब यहां सन्नाटा छाने लगा है। शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। गंगा में बोटिंग करने वालों की संख्या में तेजी से कमी आई है। होटलों और गेस्ट हाउसों में बुकिंग भी घटने लगी है। </p>
<p style="text-align:justify;">भोपाल से घूमने आए पर्यटक मोहित सोलंकी ने बताया, "गंगा घाटों पर पत्थरों की वजह से गर्मी अत्यधिक लग रही थी। कुछ देर परिवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578841/fire-rains-from-the-sky-in-kashi--silence-descends-upon-the-ganga-ghats-amidst-scorching-heat--bringing-daily-life-to-a-standstill"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(15)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>धार्मिक नगरी काशी में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। गंगा घाटों पर सुबह से ही रौनक रहती थी, लेकिन भीषण गर्मी के कारण अब यहां सन्नाटा छाने लगा है। शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। गंगा में बोटिंग करने वालों की संख्या में तेजी से कमी आई है। होटलों और गेस्ट हाउसों में बुकिंग भी घटने लगी है। </p>
<p style="text-align:justify;">भोपाल से घूमने आए पर्यटक मोहित सोलंकी ने बताया, "गंगा घाटों पर पत्थरों की वजह से गर्मी अत्यधिक लग रही थी। कुछ देर परिवार के साथ पैदल घूमने के बाद हम सभी होटल लौट रहे हैं।" नाविक मोनू माझी ने बताया, "सुबह सात बजे तक ही तीखी धूप पड़ने लगती है। पर्यटक और श्रद्धालु अब धूप में बोटिंग नहीं करना चाहते। बोटिंग में 20 से 25 प्रतिशत तक की कमी आ गई है।" </p>
<p style="text-align:justify;">होटल व्यवसायी रंजन ने बताया, "बुकिंग पहले से ही कम हो गई है। गर्मी की वजह से पर्यटक अब ठंडे स्थानों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।" मौसम विभाग के अनुसार अगले 5-6 दिनों में तापमान 3-4 डिग्री सेल्सियस और बढ़ने की संभावना है। साथ ही उमस भी बढ़ेगी। गंगा घाटों वाले इलाकों में तीखी धूप के कारण पत्थर गर्म हो जाएंगे और उमस अत्यधिक रहने की संभावना है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578836/speaking-to-a-woman-during-the--janta-darshan--session--cm-yogi-assured-her--%22we-will-not-allow-any-obstacles-to-hinder-your-children-s-medical-treatment-%22-he-subsequently-issued-directives-to-officials-to-resolve-the-issue"><span class="t-red">जनता दर्शन में आई महिला से बोले सीएम योगी,</span> 'बच्चों के इलाज में नहीं आने देंगे बाधा' ..अधिकारियों को समस्या समाधान के लिए दिए दिशानिर्देश</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:14:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ'... हरिद्वार में सफाई का महाअभियान, स्वच्छता में देश का नंबर-1 बनाने की मुहिम </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद को स्वच्छता रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को एक ऐतिहासिक और वृहद सफाई महाअभियान चलाया गया। "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" के नारे के साथ सुबह 10 बजे पूरे जनपद में एक साथ सफाई अभियान की शुरुआत हुई, जिसमें गंगा घाटों, मेला क्षेत्र, शहरी व ग्रामीण इलाकों, मोहल्लों, मुख्य सड़कों, कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर सफाई की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन के अनुसार इस महाअभियान में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही, जिससे यह जनपद का अब तक का सबसे बड़ा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570391/-one-day--one-hour--together-----a-massive-cleanliness-campaign-in-haridwar--a-drive-to-make-the-city-number-one-in-the-country-in-terms-of-cleanliness"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(62).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद को स्वच्छता रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को एक ऐतिहासिक और वृहद सफाई महाअभियान चलाया गया। "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" के नारे के साथ सुबह 10 बजे पूरे जनपद में एक साथ सफाई अभियान की शुरुआत हुई, जिसमें गंगा घाटों, मेला क्षेत्र, शहरी व ग्रामीण इलाकों, मोहल्लों, मुख्य सड़कों, कार्यालय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर सफाई की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन के अनुसार इस महाअभियान में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही, जिससे यह जनपद का अब तक का सबसे बड़ा जनसहभागिता आधारित स्वच्छता अभियान बन गया। सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मुख्य अभियान पंतदीप-चमगादड़ टापू क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सफाई अभियान का नेतृत्व किया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान शांतिकुंज परिवार के सैकड़ों कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला समूह, व्यापार मंडल, औद्योगिक संगठन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में अभियान से जुड़े। जनपद के सभी प्रमुख गंगा घाटों, मेला क्षेत्र और आवासीय क्षेत्रों में एक साथ झाड़ू लगाकर सफाई की गई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि हरिद्वार को उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर जनपद बनाने के लक्ष्य के साथ पिछले तीन महीनों से लगातार सफाई और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि यह केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि स्वच्छता को लोगों की जीवनशैली में शामिल करने की दिशा में निरंतर प्रयास है। राष्ट्रीय राजमार्गों, विभागीय परिसरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई के साथ नागरिकों को उनकी जिम्मेदारी का भी एहसास कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 फरवरी को लक्ष्य रखा गया था कि पूरे जनपद में कम से कम एक लाख लोग सफाई के लिए बाहर निकलें और लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार एक से दो घंटे सफाई के लिए समय दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनपद में बड़ी संख्या में फ्लोटिंग पॉपुलेशन रहती है, ऐसे में सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से कूड़ा खुले में न फेंकने, डस्टबिन का प्रयोग करने और सफाई कर्मियों का सहयोग करने की अपील की। </p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल और निर्देशों के अनुरूप हरिद्वार पुलिस, जिला प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों, व्यापार मंडलों और आम जनता के सहयोग से यह वृहद सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल एक दिन की सफाई नहीं, बल्कि स्वच्छता को स्थायी आदत बनाना है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित महाकुंभ को देखते हुए हरिद्वार में स्वच्छता का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वयं झाड़ू उठाकर अपनी कॉलोनियों, सोसाइटियों और गलियों की सफाई की। कई लोगों ने फोन और संदेशों के माध्यम से प्रशासन को अभियान में अपनी भागीदारी की जानकारी भी दी। जिला प्रशासन का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक सप्ताह में केवल एक घंटा स्वच्छता के लिए निकाल ले, तो हरिद्वार की सड़कें, गलियां और गंगा घाट स्वतः ही स्वच्छ और सुंदर बन सकते हैं। यह वृहद सफाई महाअभियान केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया और हरिद्वार को स्वच्छता में देश का अग्रणी जनपद बनाने की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/570374/after-uttar-pradesh--gaudan--cow-donation--becomes-tax-free-in-uttarakhand--dhami-government-makes-the-announcement--the-film-is-based-on-cow-protection"><span class="t-red">यूपी के बाद उत्तराखंड में गोदान हुई Tax-free:</span> धामी सरकार ने की घोषणा, फिल्म गो सरंक्षण पर आधारित </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570391/-one-day--one-hour--together-----a-massive-cleanliness-campaign-in-haridwar--a-drive-to-make-the-city-number-one-in-the-country-in-terms-of-cleanliness</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/570391/-one-day--one-hour--together-----a-massive-cleanliness-campaign-in-haridwar--a-drive-to-make-the-city-number-one-in-the-country-in-terms-of-cleanliness</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 15:27:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मकर संक्रांति पर काशी में आस्था की डुबकी,  कड़ाके की ठंड में उमड़ें श्रद्धालु, गूंजा हर हर महदेव का उद्घोष</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी काशी में कड़ाके की ठंड के बावजूद गुरुवार को मकर संक्रांति महापर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालु भोर से ही आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। काशी के प्रमुख घाटों-दशाश्वमेध, शीतला, राजेंद्र प्रसाद, दरभंगा, शिवाला, राणा महल, अस्सी, भदैनी, रविदास घाट सहित अन्य घाटों पर भी लोग स्नान-दान कर रहे हैं। वहीं, बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है और पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गूंज रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बटुक भैरव मंदिर के महंत एवं ज्योतिषाचार्य जितेंद्र मोहन पूरी ने बताया कि यह पर्व सूर्यदेव के धनु राशि से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567814/devotees-take-a-holy-dip-in-varanasi-on-makar-sankranti--braving-the-biting-cold--chants-of-%22har-har-mahadev%22-reverberate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(88).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी काशी में कड़ाके की ठंड के बावजूद गुरुवार को मकर संक्रांति महापर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालु भोर से ही आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। काशी के प्रमुख घाटों-दशाश्वमेध, शीतला, राजेंद्र प्रसाद, दरभंगा, शिवाला, राणा महल, अस्सी, भदैनी, रविदास घाट सहित अन्य घाटों पर भी लोग स्नान-दान कर रहे हैं। वहीं, बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है और पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गूंज रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बटुक भैरव मंदिर के महंत एवं ज्योतिषाचार्य जितेंद्र मोहन पूरी ने बताया कि यह पर्व सूर्यदेव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। अर्थात् यह सूर्यदेव की आराधना का प्रमुख पर्व है। आज से सूर्य के उत्तरायण होने को काफी शुभ माना जाता है। स्नान-दान का प्रमुख मुहूर्त सुबह चार बजे से दोपहर तीन बजे तक अत्यंत फलदायी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 14 जनवरी की रात्रि 9 बजकर 36 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी की सुबह उदया तिथि पर होगा। गंगा के साथ अन्य पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से अनन्य फल की प्राप्ति होती है। दशाश्वमेध मार्ग पर स्थित खिचड़िया के यहां भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग यहां चावल, दाल और सब्जियों का दान दे रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, श्रद्धालु घाटों पर फलों के साथ काले तिल और उड़द की दाल का भी दान कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया है। गोदौलिया से मैदागिन मार्ग 'नो व्हीकल जोन' घोषित किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">मकर संक्रांति महापर्व पर काशी में करीब चार लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) अंशुमान मिश्रा ने बताया कि प्रमुख घाटों की ओर किसी भी प्रकार के वाहन जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, बड़े वाहनों के प्रवेश पर भी पूर्ण रोक रहेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/567795/a-surge-of-devotion-on-makar-sankranti--2-1-million-people-took-a-dip-in-the-ganges-and-sangam--with-the-number-expected-to-reach-10-million"><span class="t-red">मकर संक्रांति स्नान, </span>36 लाख लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई, सीएम योगी ने दी बधाई</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567814/devotees-take-a-holy-dip-in-varanasi-on-makar-sankranti--braving-the-biting-cold--chants-of-%22har-har-mahadev%22-reverberate</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 12:42:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बर्दाश्त नहीं विदेशी संस्कृति के आयोजन...  हरिद्वार में क्रिसमस सेलिब्रेशन पर हिन्दू संगठनों का विरोध </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा तट पर उत्तर प्रदेश पयर्टन विभाग के एक होटल में क्रिसमस के पर्व पर आयोजित किया जाने वाला कार्यक्रम हिंदू संगठनों के कड़े विरोध के बाद रद्द कर दिया गया। होटल भागीरथी के प्रबंधन ने सोमवार को बताया कि क्रिसमस के पर्व पर 24 दिसंबर को होटल में बच्चों के लिए आयोजित होने वाला कार्यक्रम हिंदू संगठनों के विरोध पर रद्द कर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">होटल में क्रिसमस के मौके पर कार्यक्रम की बात सोशल मीडिया पर प्रचारित होते ही हिंदू संगठनों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया। हरिद्वार में हर की पौड़ी तथा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564569/intolerance-towards-foreign-cultural-events----hindu-organizations-protest-against-christmas-celebrations-in-haridwar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(26)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा तट पर उत्तर प्रदेश पयर्टन विभाग के एक होटल में क्रिसमस के पर्व पर आयोजित किया जाने वाला कार्यक्रम हिंदू संगठनों के कड़े विरोध के बाद रद्द कर दिया गया। होटल भागीरथी के प्रबंधन ने सोमवार को बताया कि क्रिसमस के पर्व पर 24 दिसंबर को होटल में बच्चों के लिए आयोजित होने वाला कार्यक्रम हिंदू संगठनों के विरोध पर रद्द कर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">होटल में क्रिसमस के मौके पर कार्यक्रम की बात सोशल मीडिया पर प्रचारित होते ही हिंदू संगठनों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया। हरिद्वार में हर की पौड़ी तथा आसपास के गंगा घाटों का प्रबंधन करने वाली श्री गंगा सभा के पदाधिकारी उज्जवल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गंगा किनारे क्रिसमस के आयोजन को बर्दाश्त नहीं किए जाने की चेतावनी देते हुए आयोजकों से उसे तत्काल रद्द करने को कहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">गंगा सभा के गंगा सेवक दल के सचिव पंडित ने कहा, “गंगा के तट पर विदेशी संस्कृति के आयोजनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आयोजन हरिद्वार की धार्मिकता और गंगा की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। क्रिसमस का हमारे हिंदू धर्म से कोई लेना देना नहीं है।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी गंगा तट पर क्रिसमस के आयोजन का विरोध किया। </p>
<p style="text-align:justify;">संघ के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पदमजी ने ‘न्यूज़ एजेंसी’ से कहा कि चाहे वह उत्तर प्रदेश पयर्टन विभाग हो अथवा कोई और संस्था, सभी को हरिद्वार की धार्मिक मान्यताओं , परम्पराओं और गरिमा का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हरिद्वार गंगा की नगरी है, देव भूमि है और यहां हिंदू संस्कृति के अनुरूप मान्यताएं और परंपराएं चली आ रही है, जिन्हें बिगाड़ने का किसी को भी अधिकार नहीं है।” </p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इस बारे में संपर्क किए जाने पर होटल भागीरथी के प्रबंधन ने विदेशी संस्कृति के अनुरूप किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से इनकार किया और कहा कि क्रिसमस के मौके पर ऐसा कोई आयोजन नहीं किया जाने वाला, जो हरिद्वार, हिंदू संस्कृति और उसकी मर्यादाओं के विरूद्ध हो। होटल के संचालक नीरज गुप्ता ने बताया, “हम होटल में क्रिसमस से संबंधित किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">होटल के रिसेप्शन पर ‘क्रिसमस ट्री’ जरूर सजाया गया था लेकिन इस मौके पर बच्चों के लिए खेल कार्यक्रम किए जाने थे।” उन्होंने कहा कि इसके अलावा गंगा तट पर गंगा की भव्य आरती की जानी थी तथा गंगा के धार्मिक महत्व, मर्यादा और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन का इंतजाम किया जाना था। </p>
<p style="text-align:justify;">गुप्ता ने कहा कि वैसे भी हरिद्वार की परंपरा को देखते हुए होटल में मांसाहारी भोजन या कॉकटेल आदि प्रतिबंधित किया हुआ है। उन्होंने कहा कि हिंदू संगठनों के विरोध पर अब होटल में बच्चों के लिए आयोजित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है और इस अवसर पर गंगा तट पर केवल भव्य आरती का ही आयोजन किया जाएगा। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/564549/uttarakhand--special-arrangements-for-wildlife-at-corbett-s-dhela-rescue-center--a-diet-chart-prepared-to-protect-them-from-the-cold"><span class="t-red">उत्तराखंड : </span>कॉर्बेट के ढेला रेस्क्यू सेंटरों में वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम, ठंड से बचने के लिए तैयार हुआ डाइट चार्ट  </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564569/intolerance-towards-foreign-cultural-events----hindu-organizations-protest-against-christmas-celebrations-in-haridwar</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 18:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं: बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ेगा जनसैलाब, दो दिनों तक रूट डायवर्जन लागू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार:</strong> बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए कछला, अटैना, बेलाडांडी घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है। व्यवस्था के लिए एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी और सीओ उझानी को कछला घाट का राजपत्रित अधिकारी नियुक्त किया गया है।</p>
<p>सीओ यातायात डॉ. देवेंद्र कुमार को सहायतार्थ अधिकारी बनाया गया है। सीओ दातागंज केके तिवारी को अटैना व बेलाडांडी का राजपत्रित अधिकारी बनाया गया है। जिनकी सहायता उसहैत और हजरतपुर के थानाध्यक्ष करेंगे।</p>
<p>एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर गंगा स्नान के लिए 7 थाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537740/badaun--on-buddha-purnima--people-will-gather-on-ganga-ghats--route-diversion-will-be-implemented-for-two-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-05-12t112907.799.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार:</strong> बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए कछला, अटैना, बेलाडांडी घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है। व्यवस्था के लिए एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी और सीओ उझानी को कछला घाट का राजपत्रित अधिकारी नियुक्त किया गया है।</p>
<p>सीओ यातायात डॉ. देवेंद्र कुमार को सहायतार्थ अधिकारी बनाया गया है। सीओ दातागंज केके तिवारी को अटैना व बेलाडांडी का राजपत्रित अधिकारी बनाया गया है। जिनकी सहायता उसहैत और हजरतपुर के थानाध्यक्ष करेंगे।</p>
<p>एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर गंगा स्नान के लिए 7 थाना प्रभारी, 40 निरीक्षक व उपनिरीक्षक, 3 यातायात उपनिरीक्षक, 70 सिपाही, 10 यातायात सिपाही, 2 फायर टेंडर, एक कंपनी पीएसी, एक फ्लड टीम रहेगी। आवागमन दुरुस्त रखने के लिए बैरीकेटिंग रहेगी।</p>
<p>गंगा स्नान के लिए रस्सी व बल्लियों से बैरीकेटिंग होगी। ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों के अलावा एलआईयू और एसओजी निगरानी करेगी। वहीं वाहनों का रूट डायवर्ट रहेगा। जो रविवार रात 8 बजे से लागू कर दिया गया है। 12 मई रात 12 बजे तक लागू रहेगा।</p>
<p>जिले से अलीगढ़, मथुरा, राजस्थान की ओर जाने वाले भारी व मध्यम भारी वाहन उझानी से मुजरिया चौराहा, सहसवान, जरीफनगर, गुन्नौर, बबराला होकर गुजरेंगे। कासगंज, एटा, आगरा जाने वाले वाहन नौशेरा, कादरचौक, गंजडुडवारा, सहावर होकर जाएंगे।</p>
<p>मुजरिया चौराहे से कोई वाहन कासगंज नहीं जाएगा। कछला रोड से सहसवान से कछला होकर कासगंज की ओर भी कोई वाहन नहीं भेजा जाएगा। नोडल अधिकारी ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, उझानी में बरी बाइपास, मुजरिया चौराहा, सहसवान कस्बा में बैरीकेटिंग लगाकर वाहनों को रोका जाएगा। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/537693/badaun-was-going-to-be-held-in-village">बदायूं: गांव में होने वाला था कच्ची उम्र के किशोरों की विवाह...चाइल्ड लाइन टीम ने पहुंचकर रुकवाया</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537740/badaun--on-buddha-purnima--people-will-gather-on-ganga-ghats--route-diversion-will-be-implemented-for-two-days</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537740/badaun--on-buddha-purnima--people-will-gather-on-ganga-ghats--route-diversion-will-be-implemented-for-two-days</guid>
                <pubDate>Mon, 12 May 2025 11:29:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> संभल: गंगा घाटों का रुख करने लगे कांवड़िये, बढ़ी सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र से कांवड़िये गंगाघाटों का रुख करने लगे हैं। पुलिस प्रशासन भी कांवड़ियों का आवागमन शुरू होने को लेकर चौकन्ना हो गया। कांवड़ियों के मार्गों और प्रमुख चौराहों पर निगरानी के साथ ही सुरक्षा के इंतमाज किए गए हैं।</p>
<p>महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ का जलाभिषेक करने का बड़ा महत्व है। इसी महत्व को लेकर संभल जिले से कांवड़ियों के जत्थे ब्रजघाट, हरिद्वार आदि गंगाघाटों का रुख कर रहे हैं। कांवड़िये ट्रैक्टर ट्राली और दूसरे वाहनों से गंगाघाटों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/342738/kanwariyas-started-turning-to-sambhal-ganga-ghats-increased-security"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/image-164.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र से कांवड़िये गंगाघाटों का रुख करने लगे हैं। पुलिस प्रशासन भी कांवड़ियों का आवागमन शुरू होने को लेकर चौकन्ना हो गया। कांवड़ियों के मार्गों और प्रमुख चौराहों पर निगरानी के साथ ही सुरक्षा के इंतमाज किए गए हैं।</p>
<p>महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ का जलाभिषेक करने का बड़ा महत्व है। इसी महत्व को लेकर संभल जिले से कांवड़ियों के जत्थे ब्रजघाट, हरिद्वार आदि गंगाघाटों का रुख कर रहे हैं। कांवड़िये ट्रैक्टर ट्राली और दूसरे वाहनों से गंगाघाटों की तरफ बढ़ रहे हैं। गंगाघाटों से कांवड़ में गंगाजल लेकर लौटने के बाद महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाना है। जलाभिषेक के मद्देनजर शिवालयों की रंगाई, पुताई और सफाई का काम भी तेजी से चल रहा है।</p>
<p> संभल के सूर्यकुंड मंदिर, सिद्धपीठ श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, फत्तेहपुर भाऊ के प्रकटेश्वर महादेव मंदिर, गुमसानी के झारखंडी महादेव मंदिर, बहजोई के सादातबाड़ी शिव मंदिर के अलावा दूसरे मंदिरों पर भी महाशिवरात्रि पर कांवड़ियों के अलावा भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। कई मंदिरों पर मेले का आयोजन भी होगा। इसीलिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों का खाका भी खींच लिया है। कांवड़ियों के मार्गों पर भी गश्त बढ़ा दी गई है। इतना ही नहीं, निगरानी भी रखी जा रही है। सोमवार को बबराला में राजघाट गंगा तट पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने एसडीएम संदीप वर्मा व सीओ आलोक सिद्धू पहुंचे।</p>
<p><strong>चौधरी सराय में की गई बैरिकेडिंग</strong><br />संभल। ब्रजघाट और हरिद्वार से लौटने वाले कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संभल शहर में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। चौधरी सराय चौराहे पर बीच में बैरिकेडिंग कराई गई है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कांवड़ियों को चौराहे से निकलने में कोई परेशानी नहीं हो। जिले के अन्य प्वाइंटों पर भी बैरिकेडिंग करते हुए कांवड़ियों को सुरक्षित निकालने का प्लान बना है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/342727/sambhal--lover-absconding-along-with-family-after-promising-marriage-to-girlfriend-in-panchayat">संभल: पंचायत में प्रेमिका से निकाह का वादा कर परिजनों सहित प्रेमी फरार</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/342738/kanwariyas-started-turning-to-sambhal-ganga-ghats-increased-security</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/342738/kanwariyas-started-turning-to-sambhal-ganga-ghats-increased-security</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Feb 2023 19:47:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी: मकर संक्रांति स्नान के लिए गंगा घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, स्नान-दान कर श्रद्धालुओं ने कमाया पुण्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, वाराणसी।</strong> मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मां गंगा की अविरल धारा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा घाटों पर पहुंची। वहीं लोगों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर अपने पाप धोए और गरीबों को दान कर पुण्य कमाया।</p>
<p>बता दें कि इस दौरान घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। इसके अलावा सभी घाटों पर एनडीआरएफ और जल पुलिस के साथ ही पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। बता दें कि काशी में मकर संक्रांति का पर्व रविवार को भी मनाया जाएगा। हिंदू मान्यता के अनुसार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/333648/people-thronged-the-ghats-of-ganga-for-makar-sankranti-bath"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/whatsapp-image-2023-01-14-at-2.40.49-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, वाराणसी।</strong> मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मां गंगा की अविरल धारा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा घाटों पर पहुंची। वहीं लोगों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर अपने पाप धोए और गरीबों को दान कर पुण्य कमाया।</p>
<p>बता दें कि इस दौरान घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। इसके अलावा सभी घाटों पर एनडीआरएफ और जल पुलिस के साथ ही पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। बता दें कि काशी में मकर संक्रांति का पर्व रविवार को भी मनाया जाएगा। हिंदू मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करना पुण्य माना गया है। वहीं इस पावन अवसर पर शनिवार को भोर से ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे थे। इस दौरान अस्सी, दशाश्वमेध, पंचगंगा समेत सभी मुख्य घाटों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों,पंडों, गरीबों और भिखारियों को दान दिया और उनकी सेवा की। इस दौरान भीड़ को देखते हुए मौके पर प्रशासन भी अलर्ट रहा। </p>
<p>वहीं शनिवार को मकर संक्रांति के अवसर पर मौसम भी काफी मेहरबान रहा। इस दौरान सुबह से ही धूप निकल आई और स्नानार्थियों को काफी राहत मिली। ऐसे में खिली हुई धूप और साफ मौसम के बीच सुबह से ही पतंगबाजी देखने को मिली। वहीं आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का नजारा बेहद खूबसूरत आया। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/333628/bjps-big-meeting-continues-in-lucknow-regarding-mlc-elections-many#gsc.tab=0">लखनऊ में MLC चुनाव को लेकर बीजेपी की बड़ी बैठक जारी, कई विधायक और पदाधिकारी मौजूद</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/333648/people-thronged-the-ghats-of-ganga-for-makar-sankranti-bath</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/333648/people-thronged-the-ghats-of-ganga-for-makar-sankranti-bath</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Jan 2023 15:20:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ankit Yadav]]></dc:creator>
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                <title>रायबरेली: नमामि गंगे योजना के तहत डलमऊ के गंगा घाटों की बदलेगी तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[रायबरेली। नमामि गंगे योजना से डलमऊ के आठ गंगा घाटों की तस्वीर बदल गई है। जहां गंगा घाटों पर पहले बालू, पत्थर और खर-पतवार होते थे, वहां अब चमक है। इसी तरह अन्य घाटों की बदहाली दूर करने की तैयारी है। हालांकि अभी शुरुआती चरण में तीन घाटों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/139905/rae-bareli-the-picture-of-ganga-ghats-of-dalmau-will-change-under-the-namami-gange-scheme"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/गंगा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायबरेली।</strong> नमामि गंगे योजना से डलमऊ के आठ गंगा घाटों की तस्वीर बदल गई है। जहां गंगा घाटों पर पहले बालू, पत्थर और खर-पतवार होते थे, वहां अब चमक है। इसी तरह अन्य घाटों की बदहाली दूर करने की तैयारी है। हालांकि अभी शुरुआती चरण में तीन घाटों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विभागीय अफसरों ने इसका सर्वे भी कराया है।</p>
<p>डलमऊ में गंगा नदी के किनारे 17 घाट हैं, जिन पर विशेष अवसरों पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नमामि गंगे योजना से आठ घाटों का कायाकल्प कराया गया। कई घाट अभी कच्चे हैं। इस कारण यहां स्नान करना आसान नहीं होता। केंद्र सरकार ने अब इन घाटों के कायाकल्प की पहल की है। सरकार के निर्देश पर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से बदहाली दूर करने की कवायद शुरू की गई है। इसी के तहत विशेषज्ञ केपी पांडेय ने यहां का दौरा किया था। इसके बाद 15.36 करोड़ के कायों का खाका खींचा गया। परियोजना के तहत पक्के घाटों का निर्माण कराया जाएगा। डलमऊ में तीन घाटों का निर्माण होगा।</p>
<p><strong>पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/rae-bareli-transport-corporation-started-using-electronic-ticket-machines/">रायबरेली: परिवहन निगम ने इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों का उपयोग करना किया शुरु</a></strong></p>
<p>डलमऊ में राजघाट, वीआइपी, रानी शिवाला, संकट मोचन, पक्का घाट, पथवारी, दीनशाह गौरा घाट, महावीरन घाट का नमामि गंगे योजना से पहले ही कायाकल्प हो चुका है। बड़ा मठ, छोटा मठ, बरुद्दा, शुकुल, जनाना, श्मशान, तराई, खड़ेश्वरी और राजा नेवाज सिंह घाट अभी कच्चे हैं। इनमें से बड़ा मठ, छोटा मठ और राजा नेवाज सिंह घाटों पर पक्का निर्माण कराया जाएगा। महामंडलेश्वर ने पत्र लिखा था।</p>
<p>घाटों की बदहाली को दूर करने के लिए बड़ा मठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि ने 30 जून को प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को पत्र लिखा था। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के जनसंपर्क अधिकारी नजीब हसन ने कहा कि डलमऊ के घाटों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव मिला है। बजट की स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू कराए जाएंगे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 10:44:16 +0530</pubDate>
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