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                <title>Dr. Rajendra Prasad - Amrit Vichar</title>
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                <description>Dr. Rajendra Prasad RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्वसन रोग चिकित्सा में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को मिला पद्मश्री, हुए भावुक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। श्वसन रोगों के उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में दशकों उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री दिया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पद्मश्री नामित होने की सूचना फोन पर मिली। ये सुनते ही आंसू छलक पड़े। डॉ. राजेन्द्र ने कहा कि ये केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि पिता द्वारा मेरे डॉक्टर बनने के सपने के साकार होने का प्रतिफल है। उन्होंने पद्मश्री पिता को समर्पित करता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">बस्ती जिले के एक छोटे गांव</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569098/dr--rajendra-prasad-was-awarded-the-padma-shri-for-his-remarkable-contribution-to-respiratory-disease-treatment--and-became-emotional"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(6)14.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। श्वसन रोगों के उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में दशकों उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री दिया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पद्मश्री नामित होने की सूचना फोन पर मिली। ये सुनते ही आंसू छलक पड़े। डॉ. राजेन्द्र ने कहा कि ये केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि पिता द्वारा मेरे डॉक्टर बनने के सपने के साकार होने का प्रतिफल है। उन्होंने पद्मश्री पिता को समर्पित करता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">बस्ती जिले के एक छोटे गांव से निकलकर 45 वर्षों के लंबे चिकित्सकीय जीवन में हजारों मरीजों को न केवल नया जीवन दिया, बल्कि भारत में पल्मोनरी मेडिसिन को एक सशक्त और संगठित पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। उन्हें देशभर में पल्मोनरी मेडिसिन के जनक के रूप में भी जाना जाता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">केजीएमयू से एमबीबीएस (1974) और एमडी (1979) की शिक्षा प्राप्त करने वाले डॉ. प्रसाद ने रेस्पिरेटरी एवं ट्यूबरकुलोसिस चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य किया। केजीएमयू में विभागाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई और अनेक युवा चिकित्सकों को मार्गदर्शन प्रदान किया। वह देश के कई प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शीर्ष पदों पर रह चुके हैं। वे वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के निदेशक तथा उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), सैफई के निदेशक भी रह चुके हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">उनके पद्मश्री सम्मान मिलने से केजीएमयू परिवार, चिकित्सा जगत और प्रदेशभर के चिकित्सकों में हर्ष का माहौल है। विश्वविद्यालय प्रशासन, सहकर्मियों एवं पूर्व छात्रों ने इसे न केवल डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, बल्कि पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569098/dr--rajendra-prasad-was-awarded-the-padma-shri-for-his-remarkable-contribution-to-respiratory-disease-treatment--and-became-emotional</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 09:16:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP : श्वसन रोग चिकित्सा में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को मिलेगा पद्मश्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। श्वसन रोगों के उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में दशकों उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री के लिए नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पद्मश्री नामित होने की सूचना फोन पर मिली। ये सुनते ही आंसू छलक पड़े। डॉ. राजेन्द्र ने कहा कि ये केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि पिता द्वारा मेरे डॉक्टर बनने के सपने के साकार होने का प्रतिफल है। उन्होंने पद्मश्री पिता को समर्पित करता हूं।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/whatsapp-image-2026-01-25-at-10.58.30-pm.jpg" alt="2026-01-25 at 10.58.30 PM" width="1200" height="720" />
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569086/span-classt-redup-span-dr-rajendra-prasad-will-receive-padma-shri"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/whatsapp-image-2026-01-25-at-10.57.04-pm.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। श्वसन रोगों के उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में दशकों उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री के लिए नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पद्मश्री नामित होने की सूचना फोन पर मिली। ये सुनते ही आंसू छलक पड़े। डॉ. राजेन्द्र ने कहा कि ये केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि पिता द्वारा मेरे डॉक्टर बनने के सपने के साकार होने का प्रतिफल है। उन्होंने पद्मश्री पिता को समर्पित करता हूं।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/whatsapp-image-2026-01-25-at-10.58.30-pm.jpg" alt="2026-01-25 at 10.58.30 PM" width="1280" height="720"></img>
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 जनवरी को होने वाले सम्मान समारोह में आमंत्रित करने पहुंचे जिला प्रशासन के अधिकारी

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">बस्ती जिले के एक छोटे गांव से निकलकर 45 वर्षों के लंबे चिकित्सकीय जीवन में हजारों मरीजों को न केवल नया जीवन दिया, बल्कि भारत में पल्मोनरी मेडिसिन को एक सशक्त और संगठित पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। उन्हें देशभर में पल्मोनरी मेडिसिन के जनक के रूप में भी जाना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">केजीएमयू से एमबीबीएस (1974) और एमडी (1979) की शिक्षा प्राप्त करने वाले डॉ. प्रसाद ने रेस्पिरेटरी एवं ट्यूबरकुलोसिस चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य किया। केजीएमयू में विभागाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई और अनेक युवा चिकित्सकों को मार्गदर्शन प्रदान किया। वह देश के कई प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शीर्ष पदों पर रह चुके हैं। वे वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के निदेशक तथा उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), सैफई के निदेशक भी रह चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके पद्मश्री सम्मान की घोषणा से केजीएमयू परिवार, चिकित्सा जगत और प्रदेशभर के चिकित्सकों में हर्ष का माहौल है। विश्वविद्यालय प्रशासन, सहकर्मियों एवं पूर्व छात्रों ने इसे न केवल डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, बल्कि पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/569035/the-weakening-rupee-affects-imports--foreign-education--and-travel--while-benefiting-exporters#gsc.tab=0">रुपये की कमजोरी से आयात, विदेशी शिक्षा और यात्रा प्रभावित, निर्यातकों को लाभ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569086/span-classt-redup-span-dr-rajendra-prasad-will-receive-padma-shri</link>
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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 23:02:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11 मई का इतिहास: 27 साल पहले भारत ने किया सफल पोखरण परमाणु परीक्षण का ऐलान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>इतिहास में 11 मई के नाम पर बहुत सी घटनाएं दर्ज हैं। वर्ष 2000 में 11 मई के ही दिन भारत की आबादी ने एक अरब का आंकड़ा छू लिया, जब नई दिल्ली में जन्मी एक बच्ची को देश का एक अरबवां नागरिक घोषित किया गया। यह दिन देश के इतिहास में एक और खास घटना के साथ दर्ज है। भारत सरकार ने 11 मई 1998 को पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था। </p>
<p>देश दुनिया के इतिहास में 11 मई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </p>
<p><strong>1752: </strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537598/history-of-may-11--27-years-ago-india-announced-successful-pokhran-nuclear-test"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(32)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>इतिहास में 11 मई के नाम पर बहुत सी घटनाएं दर्ज हैं। वर्ष 2000 में 11 मई के ही दिन भारत की आबादी ने एक अरब का आंकड़ा छू लिया, जब नई दिल्ली में जन्मी एक बच्ची को देश का एक अरबवां नागरिक घोषित किया गया। यह दिन देश के इतिहास में एक और खास घटना के साथ दर्ज है। भारत सरकार ने 11 मई 1998 को पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था। </p>
<p>देश दुनिया के इतिहास में 11 मई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </p>
<p><strong>1752: </strong>अमेरिका के फिलाडेल्फिया में अग्नि हानि बीमा पॉलिसी की शुरूआत की गई। </p>
<p><strong>1784 :</strong> अंग्रेजों और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के बीच संधि। </p>
<p><strong>1833 :</strong> अमेरिका से क्यूबेक जा रहे जहाज लेडी ऑफ द लेक के हिमखंड से टकराकर अटलांटिक महासागर में डूबने से 215 लोगों की मौत। </p>
<p><strong>1940 :</strong> ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (बीबीसी) ने अपनी हिंदी सेवा की शुरूआत की। </p>
<p><strong>1951 : </strong>राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया। </p>
<p><strong>1962 : </strong>सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत का राष्ट्रपति चुना गया। उन्होंने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का स्थान लिया। </p>
<p><strong>1965 : </strong>बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान में 17 हजार लोगों की मौत। </p>
<p><strong>1988 : </strong>फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया।</p>
<p><strong>1995 : </strong>अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में 170 से अधिक देशों ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए। </p>
<p><strong>1998 : </strong>भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया। </p>
<p><strong>1998 : </strong>यूरोप की एकल मुद्रा यूरो का पहला सिक्का बना।</p>
<p><strong>2000 : </strong>जनसंख्या घड़ी के मुताबिक भारत की जनसंख्या एक अरब पर पहुंची। </p>
<p><strong>2007 :</strong> उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने बहुमत हासिल किया और पार्टी नेता मायावती ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली। </p>
<p><strong>2008 : </strong>न्यूयॉर्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने देश का पहला जेनेटिकली मोडिफाइड मानव भ्रूण तैयार किया। </p>
<p><strong>2016 : </strong>इराक की राजधानी बगदाद में बम विस्फोट, दर्जनों लोगों की मौत। </p>
<p><strong>2022 : </strong>म्यांमा के सागाइंग में मोंग तेन पिंग नरसंहार के दौरान सेना ने कम से कम 37 ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा। </p>
<p><strong>2024 : </strong>प्रख्यात पंजाबी कवि और लेखक सुरजीत पातर का निधन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537598/history-of-may-11--27-years-ago-india-announced-successful-pokhran-nuclear-test</link>
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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 08:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अकबर के किले की छत पर कैंप लगाकर भारत के पहले राष्ट्रपति ने एक माह तक कुंभ में किया था कल्पवास </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभनगर।</strong> भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1954 में तीर्थराज प्रयाग के कुंभ मेले में एक माह का संयम, अहिंसा, श्रद्धा एवं कायाशोधन का कल्पवास किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद का आध्यात्मिक नगरी प्रयागराज से गहरा लगाव रहा है। आजादी के बाद से अब तक वह एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने कुंभ में कल्पवास किया। प्रोटोकॉल और सुरक्षा के मद्देनजर वह आम श्रद्धालुओं के बीच तो नहीं रहे लेकिन सेना के अधीन संगम तट पर स्थित अकबर के किले की छत पर कैंप लगाकर एक मास का कल्पवास पूरा किया था।</p>
<p>  उन्होंने जहां कल्पवास किया उस</p>
<p>डॉ.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519880/india-s-first-president-had-camped-on-the-roof-of-akbar-s-fort-and-performed-kalpavas-in-kumbh-for-a-month-send"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/महाकुंभ3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभनगर।</strong> भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1954 में तीर्थराज प्रयाग के कुंभ मेले में एक माह का संयम, अहिंसा, श्रद्धा एवं कायाशोधन का कल्पवास किया था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद का आध्यात्मिक नगरी प्रयागराज से गहरा लगाव रहा है। आजादी के बाद से अब तक वह एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति रहे, जिन्होंने कुंभ में कल्पवास किया। प्रोटोकॉल और सुरक्षा के मद्देनजर वह आम श्रद्धालुओं के बीच तो नहीं रहे लेकिन सेना के अधीन संगम तट पर स्थित अकबर के किले की छत पर कैंप लगाकर एक मास का कल्पवास पूरा किया था।</p>
<p> उन्होंने जहां कल्पवास किया उस स्थान को अब “प्रेसिडेंसियल व्यू” के नाम से जाना जाता है। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित सभा के संस्थापक सदस्यों में शामिल पंडित लाल वीरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जब वह लगभग 10 वर्ष के रहे होंगे तब डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्रयागराज कुंभ में कल्पवास किया था। उनके कल्पवास के लिए किले की छत पर कैंप लगाया गया था जहां उन्होंने विधि-विधान से कल्पवास पूरा किया था। </p>
<p>डॉ. प्रसाद ने जहां अपना कल्पवास पूरा किया था वहां पूरे मेले का विहंगम दृश्य दिखलाई पडता है और इसी कारण उस स्थान का नाम “प्रेसिडेंसियल व्यू” पड़ा। उनका जुडाव केवल कुंभ की वजह से अकेला नहीं था। उससे पहले 1916 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति सर सुंदर लाल के कार्यकाल में उन्हें विधि की मानद उपाधि दी गयी थी। </p>
<p>वर्ष 1916 के बाद 1937 में तत्कालीन कुलपति पंडित इकबाल नारायण गुर्टू के कार्यकाल में भी उन्हें विधि की मानद उपाधि दी गयी थी। प्रयाग धर्म संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि डा राजेंद्र प्रसाद के एक माह तक यहां रूक कर कल्पवास करने की बातें उनके पिता स्वर्गीय गोकरण पालीवाल बताते रहे। </p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के कुंभ में आने की घटना के बारे में भी बताया था।  पालीवाल ने पुराणों और धर्म शास्त्रों में कल्पवास को आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए आवश्यक बताया गया है। यह मनुष्य के लए अध्यात्म की राह का एक पड़ाव है जिसके जरिए स्वनियंत्रण एवं आत्मशुद्धि का प्रयास किया जाता है। </p>
<p>आदि काल से चली आ रही इस परंपरा के महत्व की चर्चा वेदो से लेकर महाकवि तुलसीदास रचित महाकाव्य रामचरितमानस, महाभारत अलग अलग नामों से मिलती है। बदलते समय के अनुरूप कल्पवास करने वालों के तौर तरीके में बदलाव अवश्य आया है लेकिन कल्पवासियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि कल्पवास करने के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन माना जाता है कि मोह-माया से मुक्त और जिम्मेदारियों को पूरा कर चुके व्यक्ति को ही कल्पवास करना चाहिए। इस दौरान कल्पवास करने वाला मानसिक रूप से परिवार की जिम्मेवारियों को लेकर चिंतित नहीं रहता है। उसका पूजा-पाठ, ध्यान आदि में मन रमता है।  </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/519840/kejriwal-requested-to-appoint-an-independent-supervisor-for-new-delhi">केजरीवाल ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, नई दिल्ली सीट के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करने का किया अनुरोध </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Feb 2025 13:20:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती आज: पीएम मोदी और सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर मंगलावर को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने उन्हे याद करते हुए कहा कि आज जब देश संविधान को अंगीकार किए जाने के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है तो ऐसे में उनका जीवन एवं आदर्श कहीं अधिक प्रेरणादायी हो जाते हैं। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ‘‘देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। संविधान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/509333/dr--rajendra-prasad-s-birth-anniversary-today--many-leaders-including-pm-modi-paid-tribute"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats51.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर मंगलावर को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने उन्हे याद करते हुए कहा कि आज जब देश संविधान को अंगीकार किए जाने के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है तो ऐसे में उनका जीवन एवं आदर्श कहीं अधिक प्रेरणादायी हो जाते हैं। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ‘‘देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में भारतीय लोकतंत्र की सशक्त नींव रखने में उन्होंने अमूल्य योगदान दिया।" उन्होंने कहा, "आज जब हम सभी देशवासी संविधान के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं, तब उनका जीवन और आदर्श कहीं अधिक प्रेरणादायी हो जाता है।" </p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, भारत के संविधान की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले, भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, डॉ राजेंद्र प्रसाद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। देश के संविधान निर्माण से लेकर भारत को एक सुदृढ़ एवं उन्नत राष्ट्र बनाने में उनके अतुल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उनके उच्च विचार व आदर्श मूल्य हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "महान स्वाधीनता सेनानी, संविधान सभा के अध्यक्ष, देश के प्रथम राष्ट्रपति, 'भारत रत्न' डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। 'सादा जीवन, उच्च विचार' दर्शन को चरितार्थ करता उनका आदर्श जीवन हम सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा।"</p>
<p>राजेन्द्र प्रसाद का जन्म तीन दिसंबर, 1884 को बिहार के सिवान ज़िले के जीरादेई में हुआ था। भारत के संविधान को बनाने के लिये जुलाई 1946 में जब संविधान सभा की स्थापना की गई तो उन्हें इसका अध्यक्ष चुना गया। आजादी के ढाई साल बाद 26 जनवरी 1950 को स्वतंत्र भारत का संविधान लागू हुआ था और राजेन्द्र प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/509325/farmer-protest--farmers-stand-near-delhi-border-to-demand-their-demands--akhilesh-yadav-surrounded-the-government#gsc.tab=0">Farmer Protest: मांगों को लेकर दिल्ली सीमा के पास डटे किसान, अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Dec 2024 10:48:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर CM Yogi ने किया नमन, कहीं ये बड़ी बातें</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>भारत के प्रथम राष्ट्रपति 'भारत रत्न' डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आज र‍विवार को लखनऊ स्थित ग्लोब पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस दौरान नगर महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, एमएलसी अविनाश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। </p>
<p>सीएम योगी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उन्हें नमन किया और कहा कि डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी महान स्‍वंतत्रता संग्राम सेनानी थे। राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के नेतृत्‍व में चले आजादी के आंदोलन में गांधी जी के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/423178/cm-yogi-paid-tribute-to-the-first-president-of-india-dr--rajendra-prasad-on-his-birth-anniversary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/cats00.37.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>भारत के प्रथम राष्ट्रपति 'भारत रत्न' डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आज र‍विवार को लखनऊ स्थित ग्लोब पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस दौरान नगर महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, एमएलसी अविनाश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। </p>
<p>सीएम योगी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उन्हें नमन किया और कहा कि डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी महान स्‍वंतत्रता संग्राम सेनानी थे। राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के नेतृत्‍व में चले आजादी के आंदोलन में गांधी जी के एक अनुयायी के रूप में पूरे आंदोलन को उन्‍होंने पग-पग पर नेतृत्व प्रदान किया। </p>
<p>स्वतंत्र भारत के लिए जब संविधान निर्माण का कार्य होना था तब भारत माता के इसी सपूत डॉ राजेंद्र प्रसाद जी की अध्यक्षता में भारत के संविधान निर्माण में कार्यवाही शुरू हुई और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को यह संविधान बनाने का अवसर मिला।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि वे देश की आजादी की लड़ाई में अग्रिम योद्धा तो थे ही स्वतंत्र भारत की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए इसके लिए भी उनके द्वारा जो प्रयास शुरू किए गए थे। वह आज भी स्मरणीय है। तत्कालीन सरकार के विरोध के बावजूद सोमनाथ मंदिर के पुनरोद्धार कार्यक्रम में उनका भाग लेना। प्रयागराज कुंभ जैसे उनके हृदय में बसता था। आज भी हम जब प्रयागराज जाते हैं तो वहां किले में राष्ट्रपति का सूट भी है। वहां जायेंगे तो उनकी स्मृतियां देखने को मिलती है।</p>
<p>सीएम योगी ने आगे कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने गांधीजी के मूल्यों को आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए वे आजीवन उन संकल्पों के साथ आगे बढ़े। उनकी पावन जयंती पर प्रदेश वासियों की ओर से भारत माता के महान सपूत को उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/423175/major-accident-in-basti--two-women-died--one-serious-due-to-collision-with-unknown-vehicle#gsc.tab=0">बस्ती में बड़ा हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दो महिलाओं की मौत, एक गंभीर</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Dec 2023 12:43:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: भाजपा की सरकार बनाने के लिये जनक्रांति यात्रा की शुरूआत</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनाने के संकल्प लेते हुये शुक्रवार को जनक्रांति यात्रा की शुरूआत की। पार्टी अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि योगी सरकार को प्रचंड बहुमत दिलाने …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>लखनऊ।</strong> देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनाने के संकल्प लेते हुये शुक्रवार को जनक्रांति यात्रा की शुरूआत की। पार्टी अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि योगी सरकार को प्रचंड बहुमत दिलाने के लिये राज्यव्यापी जन क्रांति यात्रा पहले चरण में शुक्रवार को लखनऊ से रवाना की गयी है। जो बाराबंकी, अयोध्या, जौनपुर, अकबरपुर होते हुये वाराणसी जायेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 16 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जनक्रांति यात्रा के माध्यम से योगी को सत्ता में प्रचंड बहुमत से वापसी कराने के लिये उनकी पार्टी संकल्पित हैं। राय ने कहा कि योगी राज में प्रदेश भय, भूख अपराध और भ्रष्टाचार से मुक्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश में विकास तेजी से हुआ है और योगी सरकार के पांच साल के शासन काल में जिस तरह विकास हुआ है।</p>
<p><strong>पढ़ें: </strong><a href="https://amritvichar.com/congress-started-membership-drive-in-jhansi-lok-sabha-constituenc/">झांसी लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने शुरू किया सदस्यता अभियान</a></p>
<p>वहीं, अपराध व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सरकार कर्मठ रही है जो वाकई काबिले तारीफ है। उन्होंने जनक्रांति एक ऐतिहासिक यात्रा साबित होगी जिसके की ओर से योगी के प्रदेश हित में किए गए कार्यों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।</p>
<p>साथ ही कहा कि प्रदेश के सभी जाति व धर्म के बीच पहुंचकर सरकार की तरफ से किए गए कार्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाने की अपील की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/140997/lucknow-beginning-of-jankranti-yatra-to-form-bjp-government</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Dec 2021 19:31:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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