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                <title>Sanskrit University - Amrit Vichar</title>
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                <description>Sanskrit University RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>18 राज्य के बाल योगियों को किया गया पुरस्कृत, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दो दिवसीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर में आयोजित द्वि दिवसीय ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में भाग लेने वाले 18 राज्य के बाल योगियों को पुरस्कृत किया गया। एकल योगासन, पोस्टर निर्माण, संस्कृत ध्येय-वाक्य लेखन और संगीतमय सामूहिक योग प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 5 हजार, 3 हजार, 2 हजार, और 1 हजार रुपए नकद पुरस्कार के साथ प्रमाणपत्र दिए गए। एकल योगासन प्रतियोगिता के अन्तर्गत बालिका वर्ग में अमरोहा की आर्यांशी स्वामी व लखनऊ की ईशिता सोनकर ने प्रथम स्थान हासिल किया।</p>
<p>लखनऊ नवयुग कन्या विद्यालय की हमशिका रियाग व संस्कृत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/543204/child-yogis-from-18-states-were-awarded--two-day-program-of-central-sanskrit-university-concluded"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/1-(12).png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर में आयोजित द्वि दिवसीय ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में भाग लेने वाले 18 राज्य के बाल योगियों को पुरस्कृत किया गया। एकल योगासन, पोस्टर निर्माण, संस्कृत ध्येय-वाक्य लेखन और संगीतमय सामूहिक योग प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 5 हजार, 3 हजार, 2 हजार, और 1 हजार रुपए नकद पुरस्कार के साथ प्रमाणपत्र दिए गए। एकल योगासन प्रतियोगिता के अन्तर्गत बालिका वर्ग में अमरोहा की आर्यांशी स्वामी व लखनऊ की ईशिता सोनकर ने प्रथम स्थान हासिल किया।</p>
<p>लखनऊ नवयुग कन्या विद्यालय की हमशिका रियाग व संस्कृत विवि की रिया ठाकुर ने द्वितीय स्थान, सुमना मण्डल (कलियाचक विक्रम किशोर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय) व लखनऊ केंद्रीय विद्यालय की प्रज्ञा मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। वहीं, बालक वर्ग में लखनऊ जुबली इंटर कॉलेज के प्रमोद कुमार व हरियाणा के प्रताप सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लखनऊ जयपुरिया स्कूल के व्योम सक्सेना व केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय चन्द्रमोहन जोशी ने द्वितीय स्थान तथा साहिल (केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेद व्यास परिसर) व लखनऊ सीएमएस की श्रेय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में सविता मुर्मू (सदाशिव परिसर) ने प्रथम स्थान, आरती शर्मा (गुरुवायूर् परिसर) ने द्वितीय स्थान, ऐश्वर्या बीएस (राजीव गांधी परिसर) ने तृतीय स्थान तथा विकाश मेहर (भोपाल परिसर) ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।</p>
<p>संस्कृतध्येय वाक्य निमार्ण प्रतियोगिता में नासिक के शिवप्रसाद साहु व कृष्णज्योति एमआर ने प्रथम स्थान, दीप्तिमयी पण्डा ने द्वितीय स्थान और भोपाल के जितेन्द्र ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। संगीतमय सामूहिक योगप्रतियोगिता में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर ने प्रथम स्थान, श्रीरघुनाथकीर्ति परिसर देवप्रयाग ने द्वितीय स्थान, सदाशिव परिसर पुरी ने तृतीय स्थान तथा जयपुर परिसर ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया है।</p>
<p><strong>इन राज्यों के प्रतिभागी हुए शामिल</strong></p>
<p>जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, त्रिपुरा, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु सहित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के 13 परिसरों, 18 आदर्श महाविद्यालयों और लखनऊ के 33 सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/543201/lalit-upadhyay--olympian-lalit-said-goodbye-to-international-hockey--will-continue-playing-in-domestic-and-pro-league">Lalit Upadhyay: ओलंपियन ललित ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी को कहा अलविदा, अब बस खेलेंगे घरेलू और प्रो लीग टूर्नामेंट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 12:23:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा, छात्रों ने सीखे अहिंसा के जीवन के गुर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के बौद्ध दर्शन विद्या शाखा और पालि अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र में त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा का आयोजन किया जा रहा है। यह पवित्र अवसर भगवान बुद्ध के जन्म, बुद्धत्व प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है। </p>
<p>बौद्ध दर्शन विद्या शाखा के अध्यक्ष प्रो. गुरुचरण सिंह नेगी ने बताया कि इस अवसर पर 11 मई को सामूहिक विपस्सना ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। विद्या शाखा में पालि-भाषा तथा बौद्ध-दर्शन पर विशेष सत्र का आयोजन किया जायेगा। इस पावन अवसर पर परिसरीय प्राध्यापकों एवं छात्रों सहित लखनऊ के प्रबुद्ध बौद्ध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537745/buddha-purnima-students-celebrated-at-central-sanskrit-university-learned-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(26)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के बौद्ध दर्शन विद्या शाखा और पालि अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र में त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा का आयोजन किया जा रहा है। यह पवित्र अवसर भगवान बुद्ध के जन्म, बुद्धत्व प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है। </p>
<p>बौद्ध दर्शन विद्या शाखा के अध्यक्ष प्रो. गुरुचरण सिंह नेगी ने बताया कि इस अवसर पर 11 मई को सामूहिक विपस्सना ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। विद्या शाखा में पालि-भाषा तथा बौद्ध-दर्शन पर विशेष सत्र का आयोजन किया जायेगा। इस पावन अवसर पर परिसरीय प्राध्यापकों एवं छात्रों सहित लखनऊ के प्रबुद्ध बौद्ध अनुयायियों, विद्वानों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को सहभागिता के लिए सादर आमंत्रित किया गया है। </p>
<p>परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा का यह आयोजन न केवल भगवान् बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं का उत्सव है बल्कि पालि भाषा और बौद्ध दर्शन के अध्ययन को बढ़ावा देने का भी एक अवसर है। डॉ. प्रफुल्ल गड़पाल (सहाचार्य, बौद्ध दर्शन एवं पालि) ने बताया कि परिसर में पालि एवं बौद्ध विद्याओं के विकास सम्बन्धी अनेक कार्य चल रहे हैं। इस समय एमए (पालि) तथा बौद्ध दर्शन शास्त्री बीए में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/537736/world-nursing-day--the-answer-to-every-question-of-the-doctor-and-the-patient-is-%22sister%22--she-is-not-a-mother-but-is-no-less-than-a-mother">World Nursing Day: डॉक्टर और मरीज के हर सवाल का जवाब हैं ''सिस्टर'', मां तो नहीं, मगर मां से कम भी नहीं है</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537745/buddha-purnima-students-celebrated-at-central-sanskrit-university-learned-the</link>
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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 11:48:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रवेश शुरू, छात्र सेना में धर्मगुरु, अर्चक, पौरोहित्य कर्मकांड में बनेंगे दक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गोमतीनगर परिसर में वेद पौरोहित्य कर्मकांड में स्नातक और स्नातकोत्तर सत्र 2025-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। प्रवेश के लिए नान सीयूईटी के माध्यम से आवेदन लिए जा रहें है जिसकी अंतिम तिथि 5 मई है। प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से प्रवेश दिये जायेंगे। इसी प्रकार एमए पॉलि भाषा में भी प्रवेश प्रक्रिया आरंभ की गई है जिसका प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के बाद किया जाएगा।</p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलगुरु व कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी के प्रयास से यह विभाग वेद पौरोहित्य कर्मकांड विद्याशाखा के नाम से जाना जाता है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534494/admission-started-in-sanskrit-university--students-will-be-skilled-in-religious-guru--priest-and-priestly-rituals-in-the-army"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(3)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गोमतीनगर परिसर में वेद पौरोहित्य कर्मकांड में स्नातक और स्नातकोत्तर सत्र 2025-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। प्रवेश के लिए नान सीयूईटी के माध्यम से आवेदन लिए जा रहें है जिसकी अंतिम तिथि 5 मई है। प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से प्रवेश दिये जायेंगे। इसी प्रकार एमए पॉलि भाषा में भी प्रवेश प्रक्रिया आरंभ की गई है जिसका प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के बाद किया जाएगा।</p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलगुरु व कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी के प्रयास से यह विभाग वेद पौरोहित्य कर्मकांड विद्याशाखा के नाम से जाना जाता है। जिससे छात्रों को लाभ मिल रहा है, इस पाठ्यक्रम को करने के बाद युवक भारतीय सेना में धर्मगुरु, मंदिर में अर्चक, संस्कारों की उत्तम जानकारी व पौरोहित्य कर्मकांड में दक्षता प्राप्त करेंगे।</p>
<p>इसके अलावा वेदों के महत्वपूर्ण अंशों को अत्यंत सरलतम रूप में पढ़ाया जाता है। समय-समय पर व्याख्यानमाला, वाग्वर्धिनी सभा आदि का आयोजन किया जाता है, जिसमें अध्ययनरत छात्रों के अतिरिक्त समाज में इस विद्या के अनुरागी लोग भी लाभ उठाते हैं। कर्मकांड के जटिल विषयों के थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल भी परिसर स्थित सरस्वती मंदिर में कराई जाती हैं। परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाली पीढ़ी को इस अमूल्य निधि को संरक्षित संवर्धित रखना और अपने प्राचीन परंपराओं से जोड़ना, उन्हें वैश्विक मंच पर नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है। वेद पौरोहित्य कर्मकांड विद्याशाखा के संयोजक प्रो. भारतभूषण त्रिपाठी का कहना है कि सभी को वैदिक ज्ञान परम्परा को जानने के पिपासुओं को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। इस कार्यक्रम के अध्येताओं को यूजीसी नेट, जेआरएफ की तैयारी के लिए भी विशेष पाठ्यक्रम का निर्माण किया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/534489/secondary-teachers-will-protest-for-the-restoration-of-service-security">माध्यमिक शिक्षकों का धरना आज, सेवा सुरक्षा की बहाली के लिए करेंगे प्रदर्शन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534494/admission-started-in-sanskrit-university--students-will-be-skilled-in-religious-guru--priest-and-priestly-rituals-in-the-army</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 10:18:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पढ़ाई की कोई उम्र नहीं... बैग लेकर स्कूल पहुंचे बुजुर्ग, CSU में कर रहे पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की कक्षाओं में युवा ही नहीं आपको वरिष्ठ नागरिक भी मिलेंगे। यहां के कई विषयों की कक्षाएं किसी परिवार के सदस्यों की बैठक लगती है जिसमें युवा से लेकर वरिष्ठ नागरिक भी आपस में चर्चा करते दिखाई देते हैं। ऐसे वरिष्ठ छात्रों की आयु 65 से 70-72 साल की है जो सेवानिवृत्ति के बाद स्कूल बैग उठा लिए और पहुंच गए अपनी मनपसंद पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने। ऐसे छात्र योग, विपश्यना, संस्कृत, पाली और धर्म संस्कृति सीखने आ रहे हैं। इनमें से कई ऐसे बुजुर्ग हैं जो पढ़ाई करके जीवन की नई पारी शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532984/there-is-no-age-to-study-the-elderly-reached-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(16)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की कक्षाओं में युवा ही नहीं आपको वरिष्ठ नागरिक भी मिलेंगे। यहां के कई विषयों की कक्षाएं किसी परिवार के सदस्यों की बैठक लगती है जिसमें युवा से लेकर वरिष्ठ नागरिक भी आपस में चर्चा करते दिखाई देते हैं। ऐसे वरिष्ठ छात्रों की आयु 65 से 70-72 साल की है जो सेवानिवृत्ति के बाद स्कूल बैग उठा लिए और पहुंच गए अपनी मनपसंद पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने। ऐसे छात्र योग, विपश्यना, संस्कृत, पाली और धर्म संस्कृति सीखने आ रहे हैं। इनमें से कई ऐसे बुजुर्ग हैं जो पढ़ाई करके जीवन की नई पारी शुरू करना चाहते हैं।</p>
<p>राजधानी लखनऊ के गोमती नगर के विशाल खंड में स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में 4 वर्ष पूर्व पाली भाषा में परास्नातक का पाठ्यक्रम आरंभ किया गया था। पाली भाषा को संस्कृत का करीबी माना जाता है, यह दुनिया के उन देशों में अधिक लोकप्रिय है जहां बौद्ध धर्म का प्रभाव है। संस्कृत विश्वविद्यालय को इसके लिए छात्र ढूंढने पड़ते थे लेकिन मजे की बात यह कि अब पाली की कक्षा में युवा से अधिक बुजुर्ग रुचि लेने लगे हैं। जिसमें वह शांति व ज्ञान के मार्ग को जानने के लिए भगवान बुद्ध पर लिखी गई किताबें वह ग्रंथ को पढ़ने के लिए पाली सीख रहे हैं। यहां पर मास्टर इन पाली में पढ़ने वाले लोगों में सेवानिवृत्त बैंक कर्मी, बीएसएनएल कर्मचारी, रेलवे कर्मचारी, आरडीएसओ और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत रहे लोग छात्र हैं।</p>
<p><strong>दुनिया के कई देशों में बोली जाती है पाली</strong></p>
<p>पाली भारत की प्राचीन भाषाओं में मानी जाती है जो संस्कृत से काफी मिलती जुलती है। यह थेरवाद के भी काफी निकट है जो बौद्ध धर्म की भाषा है। प्राकृत भाषा पाली में अनेक शिलालेख मिलते हैं, अशोक स्तंभ की भाषा भी पाली है। यह म्यामार, थाईलैण्ड, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम जैसे देशों में लोकप्रिय है।</p>
<p>जब पाठ्यक्रम की शुरूआत की गई थी तब उम्मीद युवाओं से प्रवेश लेने की उम्मीद थी, लेकिन अब युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग सेवानिवृत्ति के बाद यहां की कक्षाओं में आ रहे हैं। जिस तरह से बुजुर्ग इस भाषा के प्रति उत्साह दिखा रहे हैं उससे लगता है कि देश की प्राचीन भाषा एक बार फिर से आम लोगों के बीच में लोकप्रिय हो जाएगी।<br /><strong>प्रो. गुरुचरण नेगी, एसोसिएट निदेशक, बौद्ध दर्शन और पाली विभाग, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/532982/arbitrary-fees-of-private-schools-increase-congresss-anger-on-the">Lucknow: निजी स्कूलों की मनमानी फीस ने बढ़ाया कांग्रेस का गुस्सा, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 11:51:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IIT के विशेषज्ञ बनेंगे संस्कृत के छात्र, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में लगाया जाएगा समर कैंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और हैदराबाद आईआईटी मिलकर पारंपरिक संस्कृत अध्ययन को आधुनिक विषयों के दृष्टिकोणों के साथ जोड़कर छात्रों को अपग्रेड करेंगे। इसके लिए आगामी 2 से 22 जून तक 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन स्कूल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अनुसंधान संवर्धन, समस्या-आधारित शिक्षण, तकनीकी लेखन और परियोजना-आधारित अनुसंधान पर केंद्रित कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उन्हें संस्कृत ज्ञान को समकालीन संदर्भों में व्यक्त करने हेतु कोडिंग, डिजिटल मीडिया प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक लेखन का प्रशिक्षण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531656/sanskrit-students-will-become-experts-of-iit-summer-camp-will"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(4)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और हैदराबाद आईआईटी मिलकर पारंपरिक संस्कृत अध्ययन को आधुनिक विषयों के दृष्टिकोणों के साथ जोड़कर छात्रों को अपग्रेड करेंगे। इसके लिए आगामी 2 से 22 जून तक 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन स्कूल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अनुसंधान संवर्धन, समस्या-आधारित शिक्षण, तकनीकी लेखन और परियोजना-आधारित अनुसंधान पर केंद्रित कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उन्हें संस्कृत ज्ञान को समकालीन संदर्भों में व्यक्त करने हेतु कोडिंग, डिजिटल मीडिया प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक लेखन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।</p>
<p>21 दिवसीय कार्यशाला में जीवन कौशल और नेतृत्व विकास पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिनमें टीम निर्माण, संचार कौशल और समय प्रबंधन छात्रों को बताया जाएगा। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र और कार्यशालाएं प्रतिभागियों को आधुनिक शोध पद्धतियों को समझने में सहायक होंगी। आईकेएस प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. डी. दयानाथ ने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन स्कूल में स्नातकोत्तर छात्र, शोधार्थी और संकाय सदस्य (अतिथि, अनुबंध संकाय सहित सहायक प्रोफेसर) प्रतिभागी के रूप में भाग लेंगे। प्रतिभागियों की संख्या 40 तक सीमित होगी और उनका चयन लेखन कौशल परीक्षण एवं साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों के भोजन और आवास की व्यवस्था आईआईटी हैदराबाद के द्वारा की जाएगी। ग्रीष्मकालीन स्कूल कार्यक्रम में आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित की गई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531656/sanskrit-students-will-become-experts-of-iit-summer-camp-will">IIT के विशेषज्ञ बनेंगे संस्कृत के छात्र, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में लगाया जाएगा समर कैंप</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 11:00:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बनी पहली युनिवर्सिटी जहां होगी कक्षा 6 से पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा जहां कक्षा 6 से छात्र पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालय ने अपने स्नातक और परास्नातक विषयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संस्कृत विषय में नींव मजबूत करने के लिए नई पहल की है। इसी सत्र से कक्षा 6, 7, 8, 9 व 10 का संचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। इन सभी कक्षाओं को विश्वविद्यालय ने 'बाल गुरुकुलम' का नाम दिया है।</p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नियमानुसार अपने संचालित स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों के अलावा महाविद्यालयों व स्कूलों को भी मान्यता देने के साथ उनका संचालन कर सकते हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531484/central-sanskrit-university-becomes-the-first-university-where-studies-will"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(8)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा जहां कक्षा 6 से छात्र पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालय ने अपने स्नातक और परास्नातक विषयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संस्कृत विषय में नींव मजबूत करने के लिए नई पहल की है। इसी सत्र से कक्षा 6, 7, 8, 9 व 10 का संचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। इन सभी कक्षाओं को विश्वविद्यालय ने 'बाल गुरुकुलम' का नाम दिया है।</p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नियमानुसार अपने संचालित स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों के अलावा महाविद्यालयों व स्कूलों को भी मान्यता देने के साथ उनका संचालन कर सकते हैं। अभी तक विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक के साथ 11वीं और 12वीं कक्षा का भी संचालन किया जाता रहा है। स्नातक में प्रवेश लेने के बाद छात्र-छात्राओं को संस्कृत के की आधारभूत पढ़ाई भी कराई जाती थी। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद स्नातक में क्या पढ़ाया जाना है और किस स्तर तक पढ़ाई करना है यह निश्चित किया गया है।</p>
<p><strong>बोर्ड बदलने में नहीं होगी दिक्कत</strong></p>
<p>इस सत्र से कक्षा 6, 7, 8, 9 और 10 का भी संचालन विश्वविद्यालय शुरू करने जा रहा है। जिसमें विद्यार्थियों को संस्कृत विषय के साथ ही अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान व गणित विषय की भी शिक्षा दी जाएगी। 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर लेने के बाद यदि कोई छात्र अन्य विद्यालय में प्रवेश लेना चाहता है तो उसे बोर्ड बदलने में कोई परेशानी नहीं होगी।</p>
<p><strong>सामान्य अध्ययन उत्तीर्ण करना होगा</strong></p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में 6वीं कक्षा से 10वीं तक के लिए पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इन कक्षाओं में संस्कृत व्याकरण, दर्शन, कंठपाठ, ज्योतिष, वेद व धर्मशास्त्र के अलावा समाज विज्ञान, हिंदी व संस्कृति विषयों के अलावा अंग्रेजी, गणित व विज्ञान के विषय को भी पाठ्यक्रम में रखा गया है। हालांकि इन सभी कक्षाओं में सीटें निर्धारित कर दी गई हैँ। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी को सामान्य अध्ययन (जनरल स्टडीज) की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस परीक्षा में उन्हें 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। प्रवेश के लिए नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा।</p>
<p><strong>प्राक् शास्त्री में समर्थ पोर्टल से हो रहा प्रवेश</strong></p>
<p>शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्राक्-शास्त्री (11वीं) कक्षा में प्रवेश के लिये समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल तक चलेगी और इस दौरान छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण करके केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा के माध्यम से वरीयता सूची के आधार पर प्रवेश ले सकते हैं।</p>
<p><strong>इस तरह हो रहा है प्रवेश</strong></p>
<p>छात्रों को प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 100 रुपये ऑनलाइन ही जमा करना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर जारी लिंक http://sanskritadm.samarth.edu.in/2025 पर आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा 20 अप्रैल को आयोजित की गई है, जिसका परिणाम 25 अप्रैल को घोषित कर दिया जाएगा।</p>
<p><br /><strong>प्रवेश के लिए हेल्पलाइन नंबर</strong></p>
<p>किसी भी प्रकार की समस्या के लिए 011-2852493, 011-28524994, 011-28524995 (एक्सटेंशन 242) पर संपर्क कर सकते हैं। लखनऊ परिसर के नंबरों 0522-2393748, 9455543942, 7408683472 पर भी संपर्क किया जा सकता है।</p>
<p><br />कक्षा 6 से 10वीं तक की पढ़ाई के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। संस्कृत के साथ ही आधुनिक विषयों की भी पढ़ाई होगी। छात्रों को संस्कृत, विज्ञान, गणित सहित एआई तक में निपुण बनाया जाएगा।<br /><strong>प्रो. सर्व नारायण झा, निदेशक, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531475/students-furious-over-the-mid-semester-and-semester-examination-of">पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का धरना, मिड सेमेस्टर और सेमेस्टर परीक्षा साथ कराने को लेकर भड़ते छात्र</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531484/central-sanskrit-university-becomes-the-first-university-where-studies-will</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 11:41:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CSU: विदेशों में ज्योतिष और वेद पढ़ाएगा संस्कृत विश्वविद्यालय, महाकुंभ के दौरान विदेशी नागरिकों और शिक्षकों ने किया था मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अब विदेशों में भी वेद, ज्योतिष, वेदांत, मिमांशा और व्याकरण बढ़ाएगा। इसके लिए विदेश के विश्वविद्यालयों में संस्कृत विश्वविद्यालय अपनी शाखाएं खोलेगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। शाखाएं खोलने की शुरुआत अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों के विश्वविद्यालय से की जाएगी। महाकुंभ में आए विदेश सनातन, संस्कृत और संस्कृति से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने देशों में संस्कृत विवि की शाखा खोलने की मांग की थी।</p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. सर्व नारायण झा ने बताया कि देश के तीन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के बीच समझौता ज्ञापन हुआ है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529442/sanskrit-university-will-teach-astrology-and-vedas-abroad"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/2025-(8)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अब विदेशों में भी वेद, ज्योतिष, वेदांत, मिमांशा और व्याकरण बढ़ाएगा। इसके लिए विदेश के विश्वविद्यालयों में संस्कृत विश्वविद्यालय अपनी शाखाएं खोलेगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। शाखाएं खोलने की शुरुआत अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों के विश्वविद्यालय से की जाएगी। महाकुंभ में आए विदेश सनातन, संस्कृत और संस्कृति से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने देशों में संस्कृत विवि की शाखा खोलने की मांग की थी।</p>
<p>केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. सर्व नारायण झा ने बताया कि देश के तीन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के बीच समझौता ज्ञापन हुआ है। इसका उद्देश्य सनातन सभ्यता और इस क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। अमेरिका, ब्रिटेन, अरब देशों के विश्वविद्यालयों से बातचीत शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि संस्कृत विवि के लखनऊ परिसर में वैदिक साहित्य और ज्योतिष से संबंधित कई तरह के पाठ्यक्रम संचालित हैं। ऑनलाइन माध्यम से भी डिप्लोमा कोर्स शुरू किए गए हैं। यहां विदेश के स्टूडेंट्स भी पढ़ाई करते हैं। वैदिक साहित्य और सनातन संस्कृति से जुड़े पाठ्यक्रमों में शोध हो इसके लिए अलग-अलग देशों के शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर सनातन, वेद व ज्योतिष कैंपस खोले जाएंगे।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-03/2025-(9)1.png" alt="2025 (9)" width="1280" height="720"></img></p>
<p><strong>विदेशों में इन विषयों की होगी पढ़ाई</strong></p>
<p>महाकुंभ के दौरान कई देश के नागरिकों और शिक्षकों ने भारतीय दर्शन, संस्कृत और संस्कृति की पढ़ाई विदेशों में आरंभ करने की मांग की थी। जिसे लेकर विश्वविद्यालय ने यह पहल किया है। विदेशों में ज्योतिष, वेद, धर्मशास्त्र, मनुस्मृति समेत कई अन्य विषयों में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई के साथ शोध भी होंगे। मीमांसा और वेदांत, प्रणेता कपिल, पतंजलि, गौतम, कणाद, जैमिनी और बादरायण व अन्य महान ऋषियों के बारे में जानकारी मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/529416/a-case-registered-against-40-workers-of-kunal-kamra-shiv">kunal kamra: शिंदे पर टिप्पणी कर बुरे फंसे कुणाल कामरा, शिवसेना के 40 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/529442/sanskrit-university-will-teach-astrology-and-vedas-abroad</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 12:46:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 24 से </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से संबंद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाएं 24 जुलाई से 7 अगस्त तक होंगी। रामपुर रोड स्थित महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय में काशीपुर संस्कृत महाविद्यालय और सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी का केंद्र है। </p>
<p>केंद्र अध्यक्ष व प्राचार्य नवीन जोशी ने बताया कि परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा के दौरान केंद्र में धारा 144 लागू रहेगी। नकल की जांच के लिए महाविद्यालय स्तर पर उड़न दस्ता बनाया गया है। उन्होंने बताया कि बीए शास्त्रीय द्वितीय, चतुर्थ व छटे सेमेस्टर और एम आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। पहली पाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/389122/haldwani-uttarakhand-sanskrit-university-examinations-from-24"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/default1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से संबंद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाएं 24 जुलाई से 7 अगस्त तक होंगी। रामपुर रोड स्थित महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय में काशीपुर संस्कृत महाविद्यालय और सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी का केंद्र है। </p>
<p>केंद्र अध्यक्ष व प्राचार्य नवीन जोशी ने बताया कि परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा के दौरान केंद्र में धारा 144 लागू रहेगी। नकल की जांच के लिए महाविद्यालय स्तर पर उड़न दस्ता बनाया गया है। उन्होंने बताया कि बीए शास्त्रीय द्वितीय, चतुर्थ व छटे सेमेस्टर और एम आचार्य चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। पहली पाली सुबह 10 से 1 बजे तक और द्वितीय पाली की परीक्षा दिन में 2 से 5 बजे तक होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/389122/haldwani-uttarakhand-sanskrit-university-examinations-from-24</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2023 18:27:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>बरेली: इसी साल बनना शुरू होगा तुलसी मठ कृषि वानिकी संस्कृत विश्वविद्यालय, कई भाषाओं में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> फतेहगंज पश्चिमी में तुलसी मठ की खाली पड़ी एक हजार बीघा जमीन में कृषि वानिकी संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।इसी साल विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। कृषि वानिकी की शिक्षा के साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की तरह संस्कृत के साथ अंग्रेजी-फारसी समेत कई भाषाओं में शिक्षा इस विश्वविद्यालय की विशेषता होगी।</p>
<p>तुलसी मठ कृषि वानिकी संस्कृत विश्वविद्यालय का निर्माण फतेहगंज पश्चिमी के गांव भोलापुर शंखापुर में होना है जहां मठ की करीब एक हजार बीघा जमीन खाली पड़ी है। इस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/382093/tulsi-math-agriculture-forestry-sanskrit-university-will-start-to-be"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/image-demo---2023-06-27t214234.721.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> फतेहगंज पश्चिमी में तुलसी मठ की खाली पड़ी एक हजार बीघा जमीन में कृषि वानिकी संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।इसी साल विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। कृषि वानिकी की शिक्षा के साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की तरह संस्कृत के साथ अंग्रेजी-फारसी समेत कई भाषाओं में शिक्षा इस विश्वविद्यालय की विशेषता होगी।</p>
<p>तुलसी मठ कृषि वानिकी संस्कृत विश्वविद्यालय का निर्माण फतेहगंज पश्चिमी के गांव भोलापुर शंखापुर में होना है जहां मठ की करीब एक हजार बीघा जमीन खाली पड़ी है। इस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आध्यात्मिक शिक्षा के साथ विभिन्न भाषाओं में मनपसंद विषयों की शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध होगा। तुलसी मठ प्रबंधन लखनऊ और दिल्ली के स्तर पर विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया शुरू कर चुका है जिसके पूरा होने में कुछ महीने लगने की उम्मीद है। तुलसी मठ के महंत नीरज नयनदास ने बताया कि इस साल के अंत तक विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू करा देने की योजना है।</p>
<p><strong>ये सुविधाएं होंगी विश्वविद्यालय में</strong><br />तुलसी मठ की योजना के मुताबिक विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों काे आध्यात्म और वैदिक शिक्षा के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। बीज संवर्धन, प्राकृतिक और आर्गेनिक फसल भी तैयार कराई जाएगी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की तरह संस्कृत, अंग्रेजी, फारसी समेत कई विदेशी भाषाओं में शिक्षा हासिल करने की सुविधा रहेगी। मेडिकल, नर्सिंग और योग शिक्षा का भी अध्ययन भी विद्यार्थी कर सकेंगे। विशेष रूप से गोसंवर्धन के लिए भी काम विश्वविद्यालय में शुरू किए जाएंगे।</p>
<p><strong>पूरा होगा संत कमलनयन दास का सपना, निर्धन छात्रों को मिलेगी निशुल्क शिक्षा</strong><br />महंत नीरज नयनदास महाराज ने बताया कि मठ की जमीन का उपयोग शिक्षा के उन्नयन के लिए करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है। यहां निर्धन विद्यार्थियों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बाकी विद्यार्थियों से भी सरकारी दरों के हिसाब से ही शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस भूमि पर विश्वविद्यालय चलाने की योजना मठ के महंत रहे स्वामी कमल नयनदास महाराज की थी जिसे पूरा करने की दिशा में काम शुरू हो गया है।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/382087/bareilly-more-than-35-thousand-candidates-left-the-vdo-exam">बरेली: दो दिन में 35 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ी वीडीओ की परीक्षा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jun 2023 21:43:23 +0530</pubDate>
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                <title>अयोध्या में बाबा अभिराम दास की स्मृति में खुलेगा संस्कृत विश्वविद्यालय</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या। राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शुरू से अग्रणी भूमिका निभाने वाले बाबा अभिराम दास की स्मृति में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना अयोध्या में की जाएगी। इसकी घोषणा शनिवार को उनकी पुण्यतिथि पर उनके शिष्य महंत धर्मदास ने की। राम जन्मभूमि के पक्षकार रहे महंत धर्मदास ने अपने गुरु और राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/141439/sanskrit-university-to-be-opened-in-ayodhya-in-memory-of-baba-abhiram-das"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/अयोध्या-19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शुरू से अग्रणी भूमिका निभाने वाले बाबा अभिराम दास की स्मृति में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना अयोध्या में की जाएगी। इसकी घोषणा शनिवार को उनकी पुण्यतिथि पर उनके शिष्य महंत धर्मदास ने की।</p>
<p>राम जन्मभूमि के पक्षकार रहे महंत धर्मदास ने अपने गुरु और राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बाबा अभिराम दास की 41वीं पुण्यतिथि मना श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस दौरान संत महंतों ने पुष्पांजलि समर्पित की। दरसअल कहते हैं कि 22-23 दिसंबर, 1949 की रात को विवादित इमारत में बाबा अभिराम दास ने रामलला की मूर्ति स्थापित की थी।</p>
<p><strong>पढ़ें: </strong><a href="https://amritvichar.com/unnao-threatening-to-kill-the-businessman-by-abusing-him-for-asking-for-money/">उन्नाव: पैसा मांगने पर व्यापारी को गाली-गलौज कर दी जान से मारने की धमकी, केस दर्ज</a></p>
<p>उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर महंत धर्मदास ने घोषणा की है कि बाबा अभिराम दास के नाम से अयोध्या धाम में संस्कृत विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। इस विश्वविद्यालय का नाम राम जन्मभूमि समर्पित बाबा अभिराम दास वेद वेदांग शिक्षण प्रशिक्षण विद्या पीठम होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरयू के तट पर संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। चैत रामनवमी के पहले कार्य आरंभ होगा। <strong>ज्यादा जानकारी के लिए यह भी पढ़ें…</strong></p>
<p><strong>ठाकुर जी के चरणों में गिरते हैं भक्त के आंसू: मोरारी बापू</strong></p>
<p>रामकथावाचक संत मोरारी बापू ने परिक्रमा के दौरान अयोध्या, तमसा तट, श्रंगवेरपुर, प्रयागराज, चित्रकूट के बाद पुन: शनिवार को आठवें दिन अयोध्या में श्रद्धालुओं और साधु-संतों को रामकथा रसपान कराया। अयोध्या कांड में प्रधान करुण रस को व्याख्यायित करते हुए बापू कहते हैं कि भक्त के सजल नेत्रों से गिरे आंसू तो मात्र ठाकुर जी के चरणों में ही गिरते हैं।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Dec 2021 17:53:46 +0530</pubDate>
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