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                <title>Department of Medicine - Amrit Vichar</title>
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                <description>Department of Medicine RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जानें KGMU के डॉक्टर का श्री राम की प्रतिमा तोड़ने का सच... क्यों किया भगवान के नाम का इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में डॉक्टर पर अभद्रता करने और श्रीराम की प्रतिमा खंडित करने का आरोप लगाने वाले कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी खुद ही फंस गए हैं। केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक कर्मचारी के खिलाफ डॉक्टर ने 14 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। कार्रवाई से बचने के लिए कर्मचारी ने उल्टा डॉक्टर पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए 21 जनवरी विभागाध्यक्ष को पत्र लिखा। फिर पत्र को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।</p>
<p>कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने आरोप लगाते हुए संस्थान प्रशासन से शिकायत की थी कि विभाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517977/know-the-truth-of-kgmu-doctor-breaking-the-statue-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(38)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में डॉक्टर पर अभद्रता करने और श्रीराम की प्रतिमा खंडित करने का आरोप लगाने वाले कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी खुद ही फंस गए हैं। केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक कर्मचारी के खिलाफ डॉक्टर ने 14 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। कार्रवाई से बचने के लिए कर्मचारी ने उल्टा डॉक्टर पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए 21 जनवरी विभागाध्यक्ष को पत्र लिखा। फिर पत्र को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।</p>
<p>कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने आरोप लगाते हुए संस्थान प्रशासन से शिकायत की थी कि विभाग के एक डॉक्टर कमरे में आए। विभागाध्यक्ष की उपस्थित संबंधी जानकारी मांगी। जानकारी देने में असमर्थता जाहिर करने पर उन्होंने अभद्रता की थी। अरोप है कि डॉक्टर ने अभद्रता करते हुए मेज पर रखी राम की मूर्ति को फेंक दिया। इससे वह खंडित हो गई। डॉक्टर की शिकायत पर संस्थान प्रशासन ने नीरज का तबादला दूसरे विभाग में कर दिया था। प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नीरज सिंह के खिलाफ विभाग के ही डॉक्टर ने 14 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप हैं कि उन्होंने डॉक्टर के साथ अभद्रता की थी। इसको लेकर संस्थान में जांच चल रही थी। संस्थान की छवि धूमिल करने वालों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/517970/lucknow-gang-rape--husband-along-with-two-brothers-raped-wife--brother-in-law-and-brother-in-law-arrested-from-delhi">Lucknow Gang Rape: पति ने दो भाइयों संग मिलकर लूटी पत्नी की आबरू, जेठ और देवर दिल्ली से गिरफ्तार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/517977/know-the-truth-of-kgmu-doctor-breaking-the-statue-of</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 10:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजीएमयू : डॉ. हैदर अब्बास की सलाह, कहा - इमरजेंसी मेडिसिन का वर्किंग स्टाइल अलग, इलाज के...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज की हालत गंभीर होती है। ऐसे में वहां मौजूद डॉक्टर के सामने दो प्राथमिकता होती है, पहली प्राथमिकता मरीज की जान बचाना और दूसरी प्राथमिकता इलाज में किसी प्रकार की गलती ना होना शामिल होती है। यह दोनों प्राथमिकताएं तभी पूरी होगी जब इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में तैनात डॉक्टर स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल (SOP) का  पालन करेंगे। यह जानकारी किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के HOD प्रोफेसर (Dr) हैदर अब्बास ने शनिवार को दी है। वह international Georgian alumni meet : 2023 के अवसर पर अवसर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/429049/kgmu-dr-haider-abbass-advice-said-working-style-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/img-20231223-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज की हालत गंभीर होती है। ऐसे में वहां मौजूद डॉक्टर के सामने दो प्राथमिकता होती है, पहली प्राथमिकता मरीज की जान बचाना और दूसरी प्राथमिकता इलाज में किसी प्रकार की गलती ना होना शामिल होती है। यह दोनों प्राथमिकताएं तभी पूरी होगी जब इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में तैनात डॉक्टर स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल (SOP) का  पालन करेंगे। यह जानकारी किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के HOD प्रोफेसर (Dr) हैदर अब्बास ने शनिवार को दी है। वह international Georgian alumni meet : 2023 के अवसर पर अवसर पर आयोजित CME को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोफेसर हैदर अब्बास के मुताबिक इमरजेंसी मेडिसिन विभाग 24×7 काम करता है। यहां पर इलाज के लिए आने वाले मरीज गंभीर स्थिति में होते है। इसलिए इस विभाग में काम करने का वर्किंग कंडीशन भी अन्य विभागों की अपेक्षा अलग होता है। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में अलग-अलग तरह के गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। उनके सटीक जांच और इलाज के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होता है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थित इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन होता है, लेकिन बहुत से ऐसे हॉस्पिटल हैं जहां पर तय मानकों का इस्तेमाल इलाज के दौरान नहीं किया जाता। जिससे मरीज के इलाज में गलती होने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए जरूरी है कि सभी अस्पतालों में विशेष कर इमरजेंसी में  आए मरीज का गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए जरूरी दिशा निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। तभी मरीज की जिंदगी बचाई जा सकेगी तथा उसके जीवन की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर लंदन स्थित चेल्सी और वेस्टमिस्टर अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के इंचार्ज डॉक्टर शशांक पाटिल बतौर मुख्य अतिथि ऑनलाइन शामिल हुए। उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के महत्व के बारे में डॉक्टरों तथा रेजिडेंट को बताया। वही इस अवसर पर सोसायटी आफ इमरजेंसी मेडिसिन, इंडिया के अध्यक्ष डॉ सुजीत सिंह, सचिव डॉक्टर शैफाली शर्मा समेत कई डाक्टर तथा रेजिडेंट मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/428940/good-news-for-the-youth-preparing-for-police-recruitment-recruitment#gsc.tab=0">पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी : 60000 से अधिक पदों पर निकली भर्ती, ऐसे करें आवेदन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Dec 2023 21:28:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : केजीएमयू में एमबीबीएस छात्रा से छेड़छाड़, पीड़िता ने पुरूष नर्स पर लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, लखनऊ । </strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एमबीबीएस छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़िता को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर ट्रॉमा सेंटर के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। आरोप हैं कि संविदा पर तैनात पुरुष नर्स ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध पर आरोपित ने उसे धमकाया। पीड़ित छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की है। शिकायत के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है।</p>
<p>मिली जानकारी के मुताबिक केजीएमयू परिसर में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्राएं बीएल छात्रावास में रहती हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/375224/mbbs-girl-student-molested-in-lucknow-kgmu-victim-alleges-male"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/76950.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, लखनऊ । </strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एमबीबीएस छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़िता को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर ट्रॉमा सेंटर के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। आरोप हैं कि संविदा पर तैनात पुरुष नर्स ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध पर आरोपित ने उसे धमकाया। पीड़ित छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की है। शिकायत के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है।</p>
<p>मिली जानकारी के मुताबिक केजीएमयू परिसर में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्राएं बीएल छात्रावास में रहती हैं। 19 मई की रात में एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-चक्कर की शिकायत हुई। शिकायत के बाद छात्रा को ट्रॉमा सेंटर के दूसरे तल पर ले जाया गया। जहां मेडिसिन विभाग में छात्रा को भर्ती किया गया। यहां छात्रा को अलग कमरे में भर्ती किया गया। आरोप हैं कि संविदा पर तैनात एक पुरुष नर्स ने अकेले बेड पर भर्ती छात्रा से छेड़छाड़ की। छात्रा ने परिवारीजनों के साथ प्रॉक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर केजीएमयू प्रशासन ने विशाखा कमेटी गठित की। शनिवार को विशाखा कमेटी की बैठक हुई। बैठक में पीड़ित छात्रा के आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए तथ्य देखे गए। ट्रॉमा में इलाज करने वाले डॉक्टर व दूसरे पैरामेडिकल स्टाफ के बयान लिए गए। आरोपित संविदा नर्स की बात भी सुनी गई। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है, जांच की जा रही है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - </strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/375222/lucknow-nasa-appreciated-lucknow-university-students-photo">लखनऊ : नासा ने सराहा लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र की फोटो</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/375224/mbbs-girl-student-molested-in-lucknow-kgmu-victim-alleges-male</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Jun 2023 00:08:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradumn Upadhyay]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: टीबी मरीजों की खोज करेगा PGI, घर-घर जाकर मरीज तलाशेगी टीम </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान अब टीबी मरीजों की तलाश करेगा। जिससे प्रधानमंत्री का सपना 2025 तक देश को टीबी रोग से मुक्त करने को पूरा किया जा सके। पीजीआई की मीडिया प्रभारी कुसुम यादव ने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर माइक्रोबायोलॉजी और पल्मोनरी मेडिसिन विभागों द्वारा एक जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है।</p>
<p>संपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन के  मार्गदर्शन में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आलोक नाथ और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डाक्टर रिचा लाल द्वारा तैयार की गई है। अभियान की शुरुआत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/350651/lucknow--pgi-will-search-for-tb-patients--the-team-will-go-door-to-door"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/137.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान अब टीबी मरीजों की तलाश करेगा। जिससे प्रधानमंत्री का सपना 2025 तक देश को टीबी रोग से मुक्त करने को पूरा किया जा सके। पीजीआई की मीडिया प्रभारी कुसुम यादव ने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर माइक्रोबायोलॉजी और पल्मोनरी मेडिसिन विभागों द्वारा एक जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है।</p>
<p>संपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन के  मार्गदर्शन में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आलोक नाथ और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डाक्टर रिचा लाल द्वारा तैयार की गई है। अभियान की शुरुआत 14 मार्च को संजय गांधी पीजीआई के आसपास के कुछ गांवो जैसे सभा खेड़ा, बाबू खेड़ा, अमोल, रैदास खेड़ा, गजरियन खेड़ा और कल्ली पश्चिम में सक्रिय क्षय रोग खोज और ग्राम दत्तक ग्रहण अभियान का प्रारंभ किया जाएगा।</p>
<p>इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता चयनित क्षेत्र में प्रत्येक घर जाकर संदिग्ध टीबी मरीजों की खोज करेंगे। निदान पोषण योजना के अंतर्गत समस्त चिन्हित और उपचारित क्षय रोगियों को 500 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाएगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रत्येक टीबी मरीज को अपना बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे</p>
<p><strong>ऐसे चिन्हित करेंगे मरीज</strong><br />सरकार द्वारा ट्यूबरकुलोसिस अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों से बातचीत कर के तय किया जाएगा कि किसी को दो हफ्ते से लगातार खांसी,  बुखार, भूख न लगना या वजन में गिरावट जैसे लक्षण तो नहीं है। ऐसे लक्षणों के पाए जाने पर समुचित और नियमित उपचार की व्यवस्था होगी। संदिग्ध टीबी रोगियों से थूक के नमूने एकत्र किए जायेंगे और माइक्रोस्कोपी के लिए मुफ्त परीक्षण एसजीपीजीआईएमएस में डॉट्स केंद्र में किया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता रोगियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करेंगे कि किसी भी हाल में डॉट्स का कोर्स अधूरा ना छोड़े।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/350648/bhadohi--by-entering-the-house--the-young-man-misbehaved-with-the-girl--case-registered#gsc.tab=0">भदोही: घर में घुस कर युवक ने की युवती से अभद्रता, केस दर्ज</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/350651/lucknow--pgi-will-search-for-tb-patients--the-team-will-go-door-to-door</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Mar 2023 18:54:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मथुरा: नारकोटिक्स औषधियों की खरीद फरोख्त में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त</title>
                                    <description><![CDATA[मथुरा, अमृत विचार। औषधि विभाग द्वारा जनपद में अवैध रुप से चल रहे मेडिकल संचालकों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। गुरुवार को औषधी निरीक्षक ने कोसीकलां स्थित मेडीकल स्टोर पर छापा मारकर उसका लाइसेंस निरस्त किया है। औषधि निरीक्षक अनिल आनंद ने बताया कि कोसीकलां स्थित गणपति मेडिकल स्टोर की काफी समय से …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>मथुरा, अमृत विचार। </strong>औषधि विभाग द्वारा जनपद में अवैध रुप से चल रहे मेडिकल संचालकों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। गुरुवार को औषधी निरीक्षक ने कोसीकलां स्थित मेडीकल स्टोर पर छापा मारकर उसका लाइसेंस निरस्त किया है।</p>
<p>औषधि निरीक्षक अनिल आनंद ने बताया कि कोसीकलां स्थित गणपति मेडिकल स्टोर की काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि वह नारकोटिक्स औषधियों के क्रय विक्रय में अनियमितता बरत रहा है।</p>
<p>सूचना के आधार पर जांच की गई तो शिकायत सही मिली। इसके साथ ही मेडिकल का लाइसेंस किसी अन्य स्थान का था और मेडिकल स्टोर किसी अन्य स्थान पर संचालित होता हुआ मिला।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मेडिकल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही आगे की कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/mathura-waterlogging-occurred-at-the-gate-of-police-line-ssp-ignored/">मथुरा: पुलिस लाइन के गेट पर हुआ जलभराव, एसएसपी ने किया अनदेखा</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/282739/mathura-medical-stores-license-cancel-for-purchase-of-narcotics-drugs</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Sep 2022 20:21:31 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ओमिक्रॉन से बचने के लिए डॉ. सूर्यकांत ने बताए ये पांच जरूरी मंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से बचने के पांच जरूरी मंत्र बताए हैं। उन्होंने बताया कि हमें पांच जरूरी मंत्रों को अपने जीवन में पूरी तरह से उतार लेना चाहिए। यह पाँच जरूरी मंत्र हैं-समय से कोविड टीके की दोनों डोज …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/143701/to-avoid-omicron-dr-suryakant-told-these-five-important-mantras"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/untitled23.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से बचने के पांच जरूरी मंत्र बताए हैं। उन्होंने बताया कि हमें पांच जरूरी मंत्रों को अपने जीवन में पूरी तरह से उतार लेना चाहिए। यह पाँच जरूरी मंत्र हैं-समय से कोविड टीके की दोनों डोज को लगवाना, टीकाकरण के बाद भी मास्क को अपनाए रखना, दो गज की दूरी का पालन करना, हाथों की अच्छी तरह से सफाई का पूरा ख्याल रखना और एक-दूसरे से हाथ मिलाने से बचना ।</p>
<p>डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि अब तक आई रिपोर्ट्स की माने तो वेरिएंट ओमिक्रॉन डेल्टा वेरिएंट से भी पांच गुना ज्यादा खतरनाक है, लेकिन राहत की बात यह है कि यह पहले जैसा घातक नहीं है। इसलिए संक्रमण की गिरफ्त में आए मरीज को आईसीयू व आक्सीजन जैसी जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन वह किसी को भी अपनी चपेट में न ले सके इसके लिए लोग जरूरी मंत्रों को अपनाएं।</p>
<p>एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रखें और कोशिश रहे कि भीड़भाड़ से बचकर ही रहें। इसके अलावा एक अन्य जरूरी मंत्र को अपने पूरे जीवन में उतार लें कि किसी से भी हाथ नहीं मिलाना है। अभिवादन करने या सम्मान व आदर करने के एक से एक तरीके मौजूद हैं तो हम हाथ क्यों मिलाएं क्योंकि यही वह कमजोर कड़ी है जब वायरस इधर से उधर जाने का मौका पा सकता है।</p>
<p>इसलिए एक दूसरे का नमस्ते या प्रणाम कहकर अभिवादन कर सकते हैं । इसके अलावा किसी भी वस्तु या सतह के संपर्क में हाथों के आने के बाद साबुन-पानी या सेनेटाइजर से उनकी अच्छी तरह से सफाई जरूर करें । बाहर से घर लौटने पर भी साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें ताकि जूते-चप्पल या पहनी हुई किसी भी चीज के जरिए वायरस घर तक न पहुंच सके।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 21:04:21 +0530</pubDate>
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