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                <title>maize - Amrit Vichar</title>
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                <description>maize RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Lucknow: योगी सरकार की नई पहल, पहली बार किसानों से खरीदा जाएगा मक्का, लेकिन जरूर कर लें ये काम </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से रबी फसल में पहली बार सीधे मक्का की खरीदने जा रही है। यह खरीद 15 जून से प्रारंभ हो गई है, जो 31 जुलाई तक चलेगी। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि क्रय केंद्रों पर सुबह 9 से शाम छह बजे तक खऱीद की जाएगी। विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत किसानों से मक्का की खरीद 2225 रुपये प्रति कुंतल पर होगी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों औरैया पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मक्का किसानों द्वारा की जा रही मक्का की खेती की जानकारी ली थी और उन्हें आश्वस्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/542370/lucknow--yogi-government-s-new-initiative--for-the-first-time-maize-will-be-purchased-from-farmers--but-do-this-work"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/2025-(27)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से रबी फसल में पहली बार सीधे मक्का की खरीदने जा रही है। यह खरीद 15 जून से प्रारंभ हो गई है, जो 31 जुलाई तक चलेगी। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि क्रय केंद्रों पर सुबह 9 से शाम छह बजे तक खऱीद की जाएगी। विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत किसानों से मक्का की खरीद 2225 रुपये प्रति कुंतल पर होगी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों औरैया पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मक्का किसानों द्वारा की जा रही मक्का की खेती की जानकारी ली थी और उन्हें आश्वस्त किया था कि सरकार नियमित रूप से उनकी उन्नति व खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करेगी। </p>
<p><strong>किसान मित्र पर पंजीकरण कराना अनिवार्य</strong></p>
<p>बदायूं, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, हरदोई, उन्नाव, कानपुर नगर, औरैया, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, बहराइच, बलिया, गोंडा, संभल, रामपुर, अयोध्या व मीरजापुर में क्रय केंद्रो पर मक्का की खरीद की जायेगी। सूत्रों के अनुसार मक्का की बिक्री के लिए किसानों को एफसीएस.यूपी.जीओवी.इन या मोबाइल ऐप यूपी किसान मित्र पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। </p>
<p>पंजीकृत किसानों से ही मक्का क्रय किया जाएगा। इससे उन्हें एमएसपी का भी लाभ मिलेगा। किसान प्रयोगरत मोबाइल नंबर से ही पंजीकरण कराएं, जिससे प्राप्त ओटीपी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकें। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/542369/thousands-of-indians-trapped-in-israel-and-iran--they-are-pleading-for-help-from-bunkers-amidst-the-bombing">इजराइल और ईरान में फंसे हजारों भारतीय! बमबारी के बीच बंकरों से लगा रहे मदद की गुहार </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/542370/lucknow--yogi-government-s-new-initiative--for-the-first-time-maize-will-be-purchased-from-farmers--but-do-this-work</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 14:39:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनाजों की रानी चमकाएगी किसानों की किस्मत, 2027 तक मक्के का उत्पादन होगा दोगुना, योगी सरकार ने तय किया लक्ष्य </title>
                                    <description><![CDATA[-किसानों को भी खूब रास आ रही ''अनाजों की रानी'' मक्के की खेती
-इथेनॉल, पशु-कुक्कुट आहार एवं औषधीय रूप में उपयोगी है मक्का]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536859/the-queen-of-grains-will-brighten-the-fortunes-of-farmers--corn-production-will-double-by-2027--yogi-government-has-set-a-target"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(7)2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में मक्के का उत्पादन 2027 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। बीते आठ साल में दलहन और तिलहन का उत्पादन दोगुना हो चुका है।</p>
<p>बहु उपयोगी मक्के की खेती भी किसानों को खूब रास आ रही है। फिलहाल 2021-2022 में मक्के का उत्पादन 14.67 लाख मीट्रिक टन था। तय अवधि में इसे बढ़ाकर 27.30 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है। इसके लिए रकबा बढ़ाने के के साथ प्रति हेक्टेयर प्रति कुंतल उत्पादन बढ़ाने पर भी बराबर का जोर है। </p>
<p>मक्का इथेनॉल, पशु-कुक्कुट आहार एवं औषधीय रूप में उपयोगी है। बहुपयोगी होने की वजह से समय के साथ मक्के की मांग भी बढ़ेगी। किसानों को अपनी उपज का वाजिब दाम मिले इसके लिए सरकार पहले ही इसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में ला चुकी है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/536816/up-weather--u-turn-of-the-weather--weather-will-change-after-tomorrow--be-ready-to-face-heat-and-heat-wave#gsc.tab=0">UP Weather: मौसम का यू-टर्न, कल के बाद बदलेगा मौसम, तपिश और लू झेलने को रहें तैयार</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/536859/the-queen-of-grains-will-brighten-the-fortunes-of-farmers--corn-production-will-double-by-2027--yogi-government-has-set-a-target</link>
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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 12:21:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामनगर: मक्के के खेत से किया बाघिन को रेस्क्यू      </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> बन्नाखेड़ा रेंज के अंतर्गत बैलपोखरा गाँव मे मक्के के खेतों में बाघिन की दस्तक से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। घबराए ग्रामीणों ने इसकी सूचना  तराई पश्चिमी वन प्रभाग को दी। सूचना मिलते ही प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चन्द्र आर्य के साथ वनकर्मियों की टीम  तत्काल मौके पर पहुंच गयी। डीएफओ आर्या ने बताया कि वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ दुष्यन्त कुमार, डॉ पांगती और डॉ आयुष के कुशल निर्देशन में बाघिन को सफलता पूर्वक ट्रेंक्यूलाइज कर लिया गया।</p>
<p>फिलहाल बाघिन को वन परिसर में रखा गया है। उन्होंने बताया कि बाघिन की आयु दो साल की है वह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/390666/tigress-rescued-from-ramnagar-maize-field"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/whatsapp-image-2023-07-27-at-19.17.51.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> बन्नाखेड़ा रेंज के अंतर्गत बैलपोखरा गाँव मे मक्के के खेतों में बाघिन की दस्तक से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। घबराए ग्रामीणों ने इसकी सूचना  तराई पश्चिमी वन प्रभाग को दी। सूचना मिलते ही प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चन्द्र आर्य के साथ वनकर्मियों की टीम  तत्काल मौके पर पहुंच गयी। डीएफओ आर्या ने बताया कि वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ दुष्यन्त कुमार, डॉ पांगती और डॉ आयुष के कुशल निर्देशन में बाघिन को सफलता पूर्वक ट्रेंक्यूलाइज कर लिया गया।</p>
<p>फिलहाल बाघिन को वन परिसर में रखा गया है। उन्होंने बताया कि बाघिन की आयु दो साल की है वह पूर्णतया स्वस्थ्य है। अब उच्चाधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर उसे को सकुशल निर्धारित स्थान पर छोड़ा जाएगा। उन्होंने सहयोग के लिए ग्रामीणों की भी प्रशंसा की है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रामनगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/390666/tigress-rescued-from-ramnagar-maize-field</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Jul 2023 19:24:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गेहूं व जौ की दलिया कुपोषण से दिलायेगी निजात, जानिए ऊॅं से क्या होंगे फायदें ,लखनऊ डॉयट में आयोजित हुआ स्वास्थ्य परामर्श शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ:</strong> गेहूं व जौ की दलिया, अंकुरित अनाज का सेवन अगर सभी भारतीय शुरू कर दें तो जनता को कुपोषण एवं रोगों से मुक्त किया जा सकता है। ये बात आयुर्वेद, यूनानी एवं तिब्बी चिकित्सा परिषद के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. एलबी यादव ने कही। उन्होंने कहा यदि आमजन भारत की  प्राचीन व परंपरागत श्री अन्न बाजरा, जौ, मडुवा, मक्का,सेला चावल छिलके वाली दालें, गेहूं व जौ की दलिया, अंकुरित अनाज  काफी लाभकारी होगा। डॉ यादव जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, निशातगंज, लखनऊ में नेचुरोपैथी एक समग्र आयुर्विज्ञान एवं नेचुरोपैथी परामर्श शिविर के दौरान बातौर विशिष्ट अतिथि के रूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/343977/porridge-of-wheat-and-barley-will-get-rid-of-malnutrition"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/dayat1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ:</strong> गेहूं व जौ की दलिया, अंकुरित अनाज का सेवन अगर सभी भारतीय शुरू कर दें तो जनता को कुपोषण एवं रोगों से मुक्त किया जा सकता है। ये बात आयुर्वेद, यूनानी एवं तिब्बी चिकित्सा परिषद के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. एलबी यादव ने कही। उन्होंने कहा यदि आमजन भारत की  प्राचीन व परंपरागत श्री अन्न बाजरा, जौ, मडुवा, मक्का,सेला चावल छिलके वाली दालें, गेहूं व जौ की दलिया, अंकुरित अनाज  काफी लाभकारी होगा। डॉ यादव जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, निशातगंज, लखनऊ में नेचुरोपैथी एक समग्र आयुर्विज्ञान एवं नेचुरोपैथी परामर्श शिविर के दौरान बातौर विशिष्ट अतिथि के रूप में बोल रहे थे।</p>
<p>नेशनल इंस्टीट्यूट आफ नेचरोपैथी पुणे, आयुष मंत्रालय और इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ सत्येंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि पाचन तंत्र से संबंधित रोग जैसे अजीर्ण, गैस ट्रबल, फैटी लीवर, एसीडिटी, मोटापा एवं बवासीर के उपचार में हाइड्रो  थेरेपी, मड थेरेपी कारगर है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के उपप्राचार्य,मुकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रवक्ता, सुनील दत्त, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार वर्मा, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ शिखा गुप्ता, मनोवैज्ञानिक एवं परामर्शदाता प्रिया वैद्य, कुलदीप यादव, संजीत कुमार, डायट की  व्याख्याता डॉ सुनीता बिष्ट, राकेश प्रताप सिंह, सुनील कुमार द्विवेदी, इंजीनियर एम.एल. शर्मा, उच्च न्यायालय के सरकारी अधिवक्ता अतुल कुमार  एवं अधिवक्ता रामानंद सैनी सहित डाइट के लगभग 250 प्रशिक्षु अध्यापकों ने कार्यक्रम में अपनी सहभागिता की।</p>
<p><strong>प्राणायम के अभ्यास से 72 हजार नाड़ियों का शोधन संभव</strong><br />इस मौके पर केजीएमयू के पूर्व मनोवैज्ञानिक एवं योग विशेषज्ञ डॉ. डीएन राय ने कहा कि केवल 15 मिनट नाड़ी शोधन प्राणायाम के अभ्यास से 72000 नाड़ियों का शोधन किया जा सकता हैं 7 मिनट ओम शब्द के नियमित उच्चारण से मानसिक तनाव तथा अल्जाइमर जैसी असाध्य मानसिक रोग को दूर किया जा सकता है। वहीं बलरामपुर चिकित्सालय के योग विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. नंदलाल जिज्ञासु ने बताया कि नेचुरोपैथी एक समग्र आयुर्विज्ञान है जिसमें  रोग निवारण, गंभीर रोगों का प्रबंधन, स्वास्थ्य संरक्षण एवं स्वास्थ्य संवर्धन की अद्भुत क्षमता है। </p>
<p><strong>प्राकृतिक चिकित्सा बचा सकती है गंभीर बीमारियों से</strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-02/u.jpg" alt="u"></img>
<strong>लखनऊ डॉयट में आयोजित हुआ नेचुरोपैथी एक समग्र आयुर्विज्ञान व नेचुरोपैथी परामर्श शिविर में शामिल हुए अधिकारी- फोटो अमृत विचार</strong>

<p><br />मेडिटेक ट्रेनिंग एंड  रिसर्च इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार भरारी ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा के जन जागरण से गांव तथा शहर के लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है तथा महात्मा गांधी जी के सपनों को साकार किया जा सकता है। एक्सपर्ट योगी वीरेंद्र विक्रम सिंह ने जलनेति क्रिया, सूत्र नेती क्रिया, कुंजल क्रिया, जो कि नासिका एवं उदर रोगों को जड़ से समाप्त करने में कारगर है का व्यावहारिक प्रशिक्षण डाइट के छात्र- छात्राओं को दिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/343946/lucknow-patients-got-free-treatment-after-checkup-the-root-of">लखनऊ : मरीजों को मिला मुफ्त इलाज, चेकअप कर शरीर में बताई गईं परेशानी की जड़</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/343977/porridge-of-wheat-and-barley-will-get-rid-of-malnutrition</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Feb 2023 22:20:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में कपास, मक्का की पैदावार में 2050 तक 11 और 13 प्रतिशत की कमी का अनुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>जलवायु परिवर्तन के कारण पंजाब में 2050 तक मक्का की पैदावार में 13 प्रतिशत और कपास की पैदावार में 11 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कृषि अर्थशास्त्रियों और वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन में यह बात कही गई है। देश में कुल अनाज की करीब 12 प्रतिशत खेती पंजाब में होती है।</p>
<p>भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मौसम पत्रिका में इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित अध्ययन में पांच प्रमुख फसलों-धान, मक्का, कपास, गेहूं और आलू पर जलवायु परिवर्तन के असर को दिखाने के लिए 1986 से 2020 के बीच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/336354/estimates-of-11-and-13-percent-reduction-in-cotton-maize"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/200dbff2506116c684cf267b5a2d3968.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>जलवायु परिवर्तन के कारण पंजाब में 2050 तक मक्का की पैदावार में 13 प्रतिशत और कपास की पैदावार में 11 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कृषि अर्थशास्त्रियों और वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन में यह बात कही गई है। देश में कुल अनाज की करीब 12 प्रतिशत खेती पंजाब में होती है।</p>
<p>भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मौसम पत्रिका में इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित अध्ययन में पांच प्रमुख फसलों-धान, मक्का, कपास, गेहूं और आलू पर जलवायु परिवर्तन के असर को दिखाने के लिए 1986 से 2020 के बीच बारिश तथा तापमान के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है।</p>
<p>अनुसंधानकर्ताओं ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की पांच वेधशालाओं-लुधियाना, पटियाला, फरीदकोट, बठिंडा और एसबीएस नगर से आंकड़े एकत्रित किए। कृषि अर्थशास्त्री सन्नी कुमार, वैज्ञानिक बलजिंदर कौर सिडाना और पीएचडी शोधार्थी स्मिली ठाकुर ने कहा कि जलवायु से जुड़े परिवर्ती कारकों में दीर्घकालिक बदलाव दिखाते हैं कि अधिकांश परिवर्तन तापमान में वृद्धि के कारण होते हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है, सबसे पेचीदा निष्कर्षों में से एक यह है कि न्यूनतम तापमान में बदलव से सभी मौसमों में औसत तापमान में परिवर्तन आया। इसका मतलब है कि न्यूनतम तापमान में वृद्धि का दौर दिखा है। इसमें कहा गया है कि न्यूनतम तापमान में वृद्धि धान, मक्का और कपास की पैदावार के लिए हानिकारक है।</p>
<p>इसके विपरीत, न्यूनतम तापमान बेहद ज्यादा होना आलू और गेहूं की खेती के लिए फायदेमंद है। रिपोर्ट में कहा गया है, खरीफ और रबी के मौसम में फसलों पर जलवायु का असर अलग-अलग होगा। खरीफ फसलों में धान और कपास के मुकाबले मक्का की खेती तापमान तथा बारिश पर अधिक निर्भर करती है।</p>
<p>2050 तक मक्का की पैदावार में 13 फीसदी तक की कमी आने का अनुमान है। वहीं, कपास की पैदावार करीब 11 प्रतिशत और धान की पैदावार लगभग एक फीसदी तक घट सकती है। अनुसंधानकताओं ने कहा कि हमारे निष्कर्ष उस दावे को पुख्ता करते हैं कि भविष्य का जलवायु परिदृश्य बहुत अच्छा नहीं होगा। अध्ययन से यह पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन के लिहाज से उन्नत तकनीक और तौर-तरीके अपनाने की किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें वित्तीय संस्थानों से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/336351/supreme-court-will-hear-rana-ayyubs-petition-on-january-25">उच्चतम न्यायालय राणा अय्यूब की याचिका पर 25 जनवरी को करेगा सुनवाई</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jan 2023 16:16:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ashpreet]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कन्नौज: मक्का भर रहे किसान को मारी गोली, हालत गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[कन्नौज, अमृत विचार। एक किसान को बुधवार देर रात गोली मारकर घायल कर दिया गया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो फरार हो गए। घटनाक्रम के अनुसार देर रात किसान चन्दप्रकाश उर्फ पप्पू पुत्र रामकार …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कन्नौज, अमृत विचार।</strong> एक किसान को बुधवार देर रात गोली मारकर घायल कर दिया गया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो फरार हो गए।</p>
<p>घटनाक्रम के अनुसार देर रात किसान चन्दप्रकाश उर्फ पप्पू पुत्र रामकार निवासी बलारपुर पोस्ट मलिकपुर बुधवार देर रात ठठिया रोड स्थित कुटी चौराहे पर सड़क पर सुखाई गई मक्का भर रहा था। इसी दौरान आये तीन हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद हमलावर भाग निकले।</p>
<p>उधर सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों के सहयोग से पुलिस ने एक हमलावर वैद अली निवासी बेहटा को गिरफ़्तार कर लिया। उसके दो साथी फरार हो गए। पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल भेजा जहां से गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना का कारण का पता नहीं चल सका है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मौके पर जाँच पड़ताल कर रही है। घटनास्थल पर लोगों की खासी भीड़ जमा है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://amritvichar.com/lucknow-imran-masood-left-his-bicycle-and-rode-on-an-elephant-bsp-made-western-up-convener/">लखनऊ: साइकिल छोड़ हाथी पर सवार हुए इमरान मसूद, BSP ने बनाया पश्चिमी यूपी का संयोजक</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कन्नौज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/302367/kannauj-farmer-filling-maize-shot-condition-critical</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Oct 2022 23:26:45 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब: किसान नेताओं और CM भगवंत मान के बीच घंटों चली बैठक, मोहाली में खत्म होगा धरना</title>
                                    <description><![CDATA[मोहाली। पंजाब में किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ तीन घंटे लंबी चली बैठक के बाद धरना खत्म करने का एलान किया है। किसानों के साथ बैठक के बाद पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड मामले को लेकर सीएम भगवंत मान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/219167/punjab-hour-long-meeting-between-farmer-leaders-and-cm-bhagwant-mann-picket-will-end-in-mohali"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/capture-616.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मोहाली।</strong> पंजाब में किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ तीन घंटे लंबी चली बैठक के बाद धरना खत्म करने का एलान किया है। किसानों के साथ बैठक के बाद पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड मामले को लेकर सीएम भगवंत मान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करेंगे। मक्का पर एमएसपी दिया जाएगा और सीएम ने वादा किया है कि बासमती को अच्छी कीमत पर खरीदा जाएगा। मंत्री ने कहा, ”सीएम ने किसान नेताओं से कहा है कि अब उन्हें धरने पर बैठने की जरूरत नहीं है। हमें थोड़ा समय दें और हम सब कुछ सुलझा लेंगे।”</p>
<p>बता दें कि गेहूं की पैदावार कम होने पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और 10 जून से पूरे पंजाब में धान की बुवाई शुरु करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। किसानों ने मोहाली के वाईपीएस चौक के पास सड़क पर अपने वाहन खड़े कर दिए। किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली राजमार्ग पर रात बिताई। प्रदर्शनकारी किसान पूरी तैयार के साथ वहां पहुंचे हैं और उनके पास राशन, बिस्तर, पंखे, कूलर, बर्तन, रसोई गैस सिलिंडर सहित अन्य सामान है।</p>
<p>इससे पहले किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री बुधवार तक उनके साथ बैठक नहीं करते हैं, तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए अवरोधक तोड़ते हुए चंडीगढ़ की ओर बढ़ेंगे। अपनी विभिन्न मांगों में किसान प्रति क्विंटल गेहूं पर 500 रुपये का बोनस चाहते हैं, क्योंकि भीषण गर्मी की स्थिति के कारण उनकी उपज घट गई है और गेहूं के दाने सिकुड़ गए हैं।</p>
<p>किसान बिजली के बोझ को कम करने और भूमिगत जल के संरक्षण के लिए 18 जून से धान की बुवाई की अनुमति देने के पंजाब सरकार के फैसले के भी खिलाफ हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार उन्हें 10 जून से धान की बुवाई की अनुमति दे। किसान मक्का और मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए अधिसूचना भी जारी करवाना चाहते हैं।</p>
<p>वे राज्य सरकार से बिजली लोड को बढ़ाने पर लगने वाले शुल्क को 4,800 रुपये से घटाकर 1,200 रुपये करने और बकाया गन्ना भुगतान जारी करने की भी मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का भी विरोध कर रहे हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/modi-cabinet-approves-amendment-in-national-biofuel-policy-2018/">मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रीय बायोफ्यूल पॉलिसी 2018 में संशोधन को दी मंजूरी </a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 18:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उन्नाव: डीजल के भाव ने बदला किसानों का मिजाज, मक्का से मुंह फेरकर दलहनी फसलों की तरफ किया रुख</title>
                                    <description><![CDATA[उन्नाव। तापमान के साथ साथ डीजल के भाव भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सिंचाई पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए किसान अब फसल चक्र बदलने का मन बना चुके हैं। यही वजह है कि क्षेत्र के किसान मक्का से किनारा कर दलहनी फसलों पर जोर दे रहे हैं। …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/200097/unnao-diesel-price-changed-the-mood-of-farmers-turning-their-backs-on-maize-and-turning-towards-pulses"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/10-uno-2-1-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उन्नाव।</strong> तापमान के साथ साथ डीजल के भाव भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सिंचाई पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए किसान अब फसल चक्र बदलने का मन बना चुके हैं। यही वजह है कि क्षेत्र के किसान मक्का से किनारा कर दलहनी फसलों पर जोर दे रहे हैं। जिसकी बानगी उनके खेतों में नजर आ रही है।</p>
<p>क्षेत्र के किसान अभी तक पक्की और कच्ची आलू की फसल की खुदाई के बाद जायद की फसल में परम्परागत तौर पर मक्का की खेती करते आए हैं। जिसकी प्रमुख वजह यह है कि मुर्गी दाने में मक्का का उपयोग होने के कारण किसानों को इसके अच्छे दाम मिल जाते थें।</p>
<p>इन दिनों डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों को भी सोंचने पर विवस कर दिया है। आलम यह है कि एक बीघा फसल की सिंचाई पर करीब 600 रुपए का डीजल खर्च आ रहा है। भीषण गर्मी और धूप के चलते फसल की सिंचाई करीब 6 से 8 बार करना होगा। सिचांई की लागत बढ़ने से किसानों ने इस बार मक्का की फसल बोने से तौबा कर लिया है। अब किसान मक्का के स्थान पर उड़द और मूंग की दलहनी फसलों की खेती करने का मन बना लिया है। कारण यह है कि दलहनी फसलें मात्र दो सिंचाई में ही तैयार हो जाती है।</p>
<p><strong>चरी भी है कम लागत में फायदे का सौदा</strong></p>
<p>वहीं बांगरमऊ में डीजल की बढ़ी किमतों के चलते फसल चक्र परिवर्तन में कुछ किसान चरी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि चरी बोने के मात्र एक माह बाद इसकी कटाई शुरू हो जाती है। पशुपालक के इसे हरे चारे के रूप में खरीदना शुरू कर के साथ ही कमाई शुरू हो जाती है। मामूली लागत में 10 बिस्वा में बाई गयी चरी से करीब 20 हजार रुपए का मुनाफा हो सकता है।</p>
<p><strong>कम सिंचाई की मूंग, उड़द व मूंगफली फसलें करें किसान</strong></p>
<p>वहीं बांगरमऊ के ही राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी आलोक सिंह ने बताया कि उड़द और मूंग का बीज उनके भंडार में तो उपलब्ध नहीं है लेकिन उड़द की शेखर- 2 और कामद- 2 तथा मूंग की कामद-9 किस्मे जिला मुख्यालय के स्टोर पर मिल सकती है। इसके अलावा चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के सेल पॉइंट पर भी दलहनी फसलों का उन्नत बीज मिल रहा है। उन्होंने बढ़ते तापमान के मद्देनजर किसानों से कम सिंचाई की मूंग उड़द और मूंगफली की फसलें करने की सलाह दी है।</p>
<p><strong>क्या बोले किसान</strong></p>
<p><em>उड़द और मूंग की फसल में केवल दो सिंचाई और मामूली उर्वरक का छिड़काव करना है। जिससे एक बीघा फसल तैयार होने में मात्र डेढ़ हजार रुपए खर्च करना है। फसल तैयार होने पर करीब 4000 से 6000 रुपए प्रति कुंतल आमदनी मिल जाती है ।</em></p>
<p><strong><em>किसान कमलेश कुमार त्रिवेदी, कमलापुर</em></strong></p>
<p><em>40 से 45 डिग्री तापमान बना रहा, तो जरा सी लापरवाही में ही मक्का की फसल सूख कर बर्बाद हो सकती है। इसलिए इस बार खेत में मूंगफली और पिपरमिंट की फसल बोई है। इन दोनों फसलों में लागत काफी कम है और मुनाफा ज्यादा है। मात्र दो-तीन सिंचाई में ही दोनों फसलें तैयार हो जाएंगी –</em></p>
<p><strong><em>किसान सुभाष चंद्र, हूसेपुर</em></strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/basti-police-got-big-success-arrested-two-fraudsters-with-fake-notes/">बस्ती पुलिस को मिली बड़ी सफलता, नकली नोट के साथ दो जालसाजों को किया गिरफ्तार</a></strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Apr 2022 21:47:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Winter Special: अगर आपको भी लगती है ज्यादा सर्दी, तो खाएं ये खास रोटियां</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों में लोग तमाम तरह के वायरल और संक्रमण का शिकार होते हैं। इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचना है तो हमें अपना इम्युन सिस्टम मजबूत रखना होगा। क्योंकि मौसमी बुखार या एलर्जी हो या फिर आम वायरल हमें इन संक्रमणों से लड़ने के लिए एक मजबूत इम्युन सिस्टम की आवश्यकता होती है। लिहाजा …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/157437/winter-special-if-you-feel-too-cold-then-eat-these-special-rotis"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-01/सर्दी.jpg" alt=""></a><br /><p>सर्दियों में लोग तमाम तरह के वायरल और संक्रमण का शिकार होते हैं। इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचना है तो हमें अपना इम्युन सिस्टम मजबूत रखना होगा। क्योंकि मौसमी बुखार या एलर्जी हो या फिर आम वायरल हमें इन संक्रमणों से लड़ने के लिए एक मजबूत इम्युन सिस्टम की आवश्यकता होती है। लिहाजा इस सीजन में हमें अपनी डाइट का खास ख्याल रखना जरूरी है। शरीर को गर्म रखने के लिए सर्दियों में हमें अलग-अलग आटे से बनी रोटियां अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आप किन-किन आटे की रोटियां खा सकते हैं।</p> <p><strong>ज्वार का आटा<br /> </strong> ज्वार के आटा प्रोटीन, विटामिन बी, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ये शरीर को गर्माहट देने का काम करता है। दमा, डायबिटीज आदि की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए ये काफी फायदेमंद है।</p> <p><img class="alignnone size-full wp-image-324528" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-01/%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%80.jpg" alt="" width="1031" height="572"></img></p> <p><strong>बाजरा का आटा<br /> </strong>ये आटा प्रोटीन से भरपूर होता है, साथ ही तासीर में काफी गर्म है। मांसपेशियों को स्वस्थ्य और मजबूत बनाए रखने के लिए इसे काफी अच्छा माना जाता है। जिन लोगों को सर्दी बहुत लगती है, जोड़ों या कमर में दर्द की परेशानी है, दमा की समस्या है, उन्हें सर्दियों में बाजरे के आटे का सेवन करना चाहिए। फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे पचाना भी आसान होता है।</p> <p><img class="alignnone size-full wp-image-324531" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-01/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%80.jpg" alt="" width="862" height="517"></img></p> <p><strong>रागी का आटा<br /> </strong>कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, आयरन, फाइबर भरपूर रागी की तासीर काफी गर्म होती है, इसलिए इसका सेवन सर्दियों में किया जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में तमाम लोग सर्दी के असर से बचने के लिए इस आटे से बनी रोटियों को खाते हैं। ये वेट लॉस में मददगार माना जाता है और शरीर को एनीमिया से बचाता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इसे काफी फायदेमंद माना जाता है।</p> <p><img class="alignnone size-full wp-image-324536" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-01/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%80.jpg" alt="" width="1082" height="567"></img></p> <p><strong>मक्का का आटा<br /> </strong>सर्दियों में मक्के के आटे की रोटी भी काफी फायदा करती है। मक्के के आटे में फाइबर, विटामिन ए, बी, ई, मिनरल्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। साथ ही ये ग्लूटेन फ्री होता है। वैसे तो मक्के के आटे से रोटी, परांठा, पूड़ी वगैरह कुछ भी बनाकर खाया जा सकता है, लेकिन सर्दियों में ज्यादातर लोग मक्के की रोटी और सरसों का साग खाना पसंद करते हैं।</p> <p><img class="alignnone size-full wp-image-324539" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-01/%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%80.jpg" alt="" width="1033" height="570"></img></p> <p><strong>इसे भी पढ़ें…</strong></p> <p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/makar-sankranti-special-apart-from-khichdi-these-special-dishes-are-prepared-in-these-states-of-the-country-on-this-day/">मकर संक्रांति विशेष: इस दिन खिचड़ी के अलावा देश के इन राज्यों में बनते हैं ये खास पकवान…</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jan 2022 15:44:03 +0530</pubDate>
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