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                <title>Dr. Shakuntala Mishra National Rehabilitation University - Amrit Vichar</title>
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                <description>Dr. Shakuntala Mishra National Rehabilitation University RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिव्यांगों के लिए बड़ी राहत! पुनर्वास विश्वविद्यालय अब खुद बनाएगा कृत्रिम अंग के पार्ट्स, बाजार पर निर्भरता खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कृत्रिम अंग के पार्ट्स खुद बनाएगा पुनर्वास विश्वविद्यालय<br />अब तक खुले बाजार से खरीदे जाते थे कृत्रिम अंग के किट</p>
<p>CIPET के सहयोग से विश्वविद्यालय अपने परिसर में बनाएगा अंग<br />फोटो-  में बैठक में जानकारी देते हुए।</p>
<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय एक और बड़ी पहल करने जा रहा है। शिक्षा में दिव्यांगों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विश्वविद्यालय अब दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंगों के कई भागों का निर्माण अपने परिसर में करेगा। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) और पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीच इसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568524/big-relief-for-disabled-people-rehabilitation-university-will-now-make"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(58)7.png" alt=""></a><br /><p>कृत्रिम अंग के पार्ट्स खुद बनाएगा पुनर्वास विश्वविद्यालय<br />अब तक खुले बाजार से खरीदे जाते थे कृत्रिम अंग के किट</p>
<p>CIPET के सहयोग से विश्वविद्यालय अपने परिसर में बनाएगा अंग<br />फोटो-  में बैठक में जानकारी देते हुए।</p>
<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय एक और बड़ी पहल करने जा रहा है। शिक्षा में दिव्यांगों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विश्वविद्यालय अब दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंगों के कई भागों का निर्माण अपने परिसर में करेगा। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) और पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीच इसे लेकर जल्दी ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने जा रहा है। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में सिपेट के सहयोग से कृत्रिम पैर का पंजा सहित अन्य पार्ट्स की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।</p>
<h3><strong>कैड-कैम और थ्रीडी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण</strong></h3>
<p>सिपेट में आयोजित दो दिवसीय थ्रीडी प्रिंटिंग और कम्प्यूटर एडेड डिजाइन (कैड) आधारित स्किल अपग्रेडेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान विश्वविद्यालय और सिपेट के अधिकारियों के बीच विस्तार से बातचीत हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीन एकेडमिक्स प्रो. वीके सिंह रहे। सिपेट लखनऊ के जॉइंट डायरेक्टर एवं हेड विवेक कुमार सिंह, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय, सिपेट के टेक्निकल ऑफिसर कृष्ण प्रताप सिंह और विवि के कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र के कार्यशाला प्रबंधक डॉ. रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।</p>
<p>मंगलवार को विश्वविद्यालय के एमपीओ और बीपीओ पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को कैड-कैम और थ्रीडी प्रिंटिंग की तकनीकी ट्रेनिंग दी गई, जिससे वे डिजिटल तकनीक के माध्यम से आधुनिक कृत्रिम अंग तैयार कर सकें। ट्रेनिंग का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार, एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप के लिए भी तैयार करना है।<br />अब तक बाजार से खरीदे जाते थे कृत्रिम अंग</p>
<p>अब तक विश्वविद्यालय को दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंगों के पार्ट्स ओपन मार्केट से खरीदने पड़ते थे। लेकिन सिपेट के साथ हुए एमओयू के बाद कई प्रमुख कृत्रिम अंग अब विश्वविद्यालय परिसर में ही तैयार किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार इसे तैयार करने में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।<br />निशुल्क मिलेंगे कृत्रिम अंग</p>
<p>विश्वविद्यालय के कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र की ओर से दिव्यांगजनों को नि:शुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे यह पहल न केवल तकनीकी बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण होने के बाद भी कृत्रिम अंग निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा कृत्रिम अंग निर्माण में छात्रों में शोध को बढ़ावा देने का प्रयास भी किया जाएगा।<br />कोट</p>
<p>"विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा के साथ दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और आत्मनिर्भर बनाना है। थ्रीडी प्रिंटिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृत्रिम अंगों की गुणवत्ता बेहतर होगी और दिव्यांगों को समय पर सहायता मिल सकेगी। इससे हमारे विद्यार्थी भी तकनीकी रूप से दक्ष होंगे और रोजगार व स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।"<br /><strong>-आचार्य संजय सिंह, कुलपति, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 10:51:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अटल, मालवीय और अंबेडकर में थीं कई समानताएं, पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में कई समानताएं थीं। तीनों ही शिक्षा, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में दूरदर्शी चिंतक रहे और देश को नई दिशा देने का कार्य किया।</p>
<p>कुलपति ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय के डिसेंट नोट में भारत की तत्कालीन स्थिति, अंग्रेजों द्वारा किए गए शोषण और देश की उन्नति के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565084/atal--malaviya-and-ambedkar-had-many-similarities--program-organized-at-rehabilitation-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(42)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में कई समानताएं थीं। तीनों ही शिक्षा, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में दूरदर्शी चिंतक रहे और देश को नई दिशा देने का कार्य किया।</p>
<p>कुलपति ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय के डिसेंट नोट में भारत की तत्कालीन स्थिति, अंग्रेजों द्वारा किए गए शोषण और देश की उन्नति के लिए आवश्यक बिंदुओं का गहन उल्लेख मिलता है, जिसे आज की पीढ़ी को अवश्य पढ़ना चाहिए।</p>
<p>इस अवसर पर अटल ऑडिटोरियम सभागार के समक्ष स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में महामना मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई।</p>
<p>कार्यक्रम में अधिष्ठाता शैक्षिक प्रो. वीके सिंह, डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. अश्वनी कुमार दुबे, निदेशक भर्ती प्रकोष्ठ प्रो. संजीव गुप्ता, अध्यक्ष हिंदी विभाग प्रो. यशवंत वीरोदय, ब्रेल प्रेस इंचार्ज डॉ. विजय शंकर शर्मा, डॉ. रणजीत कुमार, डॉ. बृजेश राय, डॉ. शशि सौरभ, असिस्टेंट रजिस्ट्रार बृजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 11:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बौद्धिक दिव्यांग बच्चों का कल्याण सभी की जिम्मेदारी... पुनर्वास विवि में राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन में बोले कर्नाटक के राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गार्जियनशिप से जुड़ी प्रक्रियाओं में अभिभावकों को सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही परिवार संगठन द्वारा तीन दशकों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>राज्यपाल, शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय 31 वें राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561672/the-welfare-of-children-with-intellectual-disabilities-is-everyone-s-responsibility----karnataka-governor-said-at-the-national-parents--conference-at-rehabilitation-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(7)23.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गार्जियनशिप से जुड़ी प्रक्रियाओं में अभिभावकों को सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही परिवार संगठन द्वारा तीन दशकों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>राज्यपाल, शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय 31 वें राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने समाज से अपील की कि वे बौद्धिक दिव्यांगजन को अवसर प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने में सहयोग करें। </p>
<p>सम्मेलन का आयोजन पैरिवार – नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से तथा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय और यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर मेजर बी. वी. रामकुमार, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा और विश्वविद्यालय के कुलसचिव रोहित सिंह उपस्थित रहे।</p>
<h3><strong>पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित हुए</strong></h3>
<p>सम्मेलन में ‘पैरिवार’ की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 तथा सौम्या उपाध्याय ‘तताई’ की पुस्तक “ हु न्यू द फार्गोटन यू ” का विमोचन किया गया। साथ ही रोशनी सोसायटी हल्द्वानी, परिवार पलक्कड़ और मेसेनी पोंग पोंगें को पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बौद्धिक दिव्यांग पैराअथलीटों को भी सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 10:16:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुलाधिपति और कुलपति मेडल से विभूषित हुए विद्यार्थी, पुनर्वास विश्वविद्यालय में 166 पदक किए गए वितरित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शैक्षिक सत्र 2024-25 में विभिन्न संकायों के अन्तर्गत कुल 2113 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई जिसमें 962 छात्राएं और 1151 छात्र हैं। इसके अलावा राज्यपाल व कुलाधिपति ने 143 मेधावी विद्यार्थियों को 166 पदकों से अलंकृत किया गया। 143 विद्यार्थियों में 76 पदक छात्राओं को और 67 पदक छात्रों को दिए गए।</p>
<p>पहली बार कुल 166 पदकों में 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 41 पदक प्राप्त कर रिकार्ड कायम किया है। समारोह में 22 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि से भी विभूषित किया गया। समारोह में रजत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553522/students-were-honoured-with-chancellor-and-vice-chancellor-medals--166-medals-were-distributed-in-rehabilitation-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats289.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शैक्षिक सत्र 2024-25 में विभिन्न संकायों के अन्तर्गत कुल 2113 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई जिसमें 962 छात्राएं और 1151 छात्र हैं। इसके अलावा राज्यपाल व कुलाधिपति ने 143 मेधावी विद्यार्थियों को 166 पदकों से अलंकृत किया गया। 143 विद्यार्थियों में 76 पदक छात्राओं को और 67 पदक छात्रों को दिए गए।</p>
<p>पहली बार कुल 166 पदकों में 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 41 पदक प्राप्त कर रिकार्ड कायम किया है। समारोह में 22 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि से भी विभूषित किया गया। समारोह में रजत सिंहल, शिखा वर्मा, अभिषेक तिवारी, लवली, अर्पित चौरसिया और परमात्मा कुमार को कुलाधिपति व कुलपति मेडल दिया गया। लवली को डॉ. शकुंतला मिश्रा स्वर्ण पदक से भी विभूषित किया गया। जबकि दिव्यांग श्रेणी में परमात्मा कुमार को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। </p>
<p>स्वर्ण पदक पाने वालों में कुलदीप चौरसिया जिन्हें मुख्यमंत्री स्वर्णपदक दिया गया। समीर कुमार, साधना कुमारी को मुख्यमंत्री स्वर्ण मेडल, द़ष्टिबाधित श्रेणी में रानू तिवारी को स्वर्ण पदक, रिया मरियम को स्वर्ण, प्रशांत गौर, प्रिया यादव, अंकित गुप्ता, आराधना चौरसिया को स्वर्ण पदकों से नवाजा गया। जबकि दीपांकर पाण्डेय को मुलायम सिंह यादव स्वर्ण पदक दिया गया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/GovernorofUp/status/1967977236981748048">https://twitter.com/GovernorofUp/status/1967977236981748048</a></blockquote>
<p>

</p>
<h5><strong>दीक्षांत समारोह की उपलब्धियां</strong></h5>
<ul>
<li>कुल 166 पदक</li>
<li>81 स्वर्ण पदक (छात्राएं 45.68 प्रतिशत एवं छात्र 54.32 प्रतिशत)</li>
<li>छात्राओं को कुल 37 स्वर्ण पदक वितरित किए गए।</li>
<li>छात्रों को कुल 44 स्वर्ण पदक वितरित किए गए।</li>
<li>व्यक्ति के रूप में कुल 65 छात्र-छात्राओं में से 31 छात्राएं एवं 34 छात्रों को स्वर्ण पदक</li>
<li>43 रजत पदक (छात्राएं 53.49 प्रतिशत व छात्र 46.51 प्रतिशत)</li>
<li>छात्राओं को कुल 23 रजत पदक वितरित किए गए।</li>
<li>छात्रों को कुल 20 रजत पदक वितरित किए गए।</li>
<li>व्यक्ति के रूप में कुल 40 छात्र/छात्राओं में से 22 छात्राएं एवं 18 छात्रों को रजत पदक</li>
<li>42 कांस्य पदक (छात्राएं 61.9 प्रतिशत व छात्र 38.10 प्रतिशत)</li>
<li>छात्राओं को कुल 26 कांस्य पदक वितरित किए गए।</li>
<li>छात्रों को कुल 16 कांस्य पदक वितरित किए गए।</li>
<li>व्यक्ति के रूप में कुल 38 छात्र/छात्राओं में से 23 छात्राएं एवं 15 छात्रों को कांस्य पदक</li>
<li>कुल 166 पदकों में से 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 41 पदक प्राप्त किये, जिसमें 10 दिव्यांग छात्राएं व 17 दिव्यांग छात्र हैं।</li>
</ul>
<h5><strong>दिव्यांगता के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बने : राज्यपाल</strong></h5>
<p>कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष मेडल की व्यवस्था की गई है। यह विश्वविद्यालय एक विशिष्ट विश्वविद्यालय है जहां के दिव्यांग विद्यार्थी अपने भौतिक अवरोधों को तोड़ते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।</p>
<p>जिसके दृष्टिगत दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित एवं अन्य प्रकार के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग से कुलाध्यक्ष स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक एवं कुलपति स्वर्ण पदक की व्यवस्था की गई है। मेरी कामना है कि यह संस्था एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय का रूप ले और राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगता के क्षेत्र में ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ बने।</p>
<h5><strong>कुलपति ने प्रस्तुत किया विवरण</strong></h5>
<p>कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि नवसृजित भेषज विज्ञान संकाय (फैकेल्टी ऑफ फ़ार्मास्यूटिकल सांइसेज) एवं अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय (फैकेल्टी आफॅ इंजीनियरिंग एण्ड टेकनोलॉजी) और 2 विभागों संस्कृत विभाग एवं योग विभाग सहित कुल 10 संकाय और 35 विभाग कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत सत्र 2025-26 से चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू कर दिया गया है, जिससे हमारे प्रोग्राम एवं कोर्सेज में भी वृद्धि हुई है।</p>
<p>विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पैरा खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्पोर्ट्स पॉलिसी के क्रियान्वयन के फलस्वरूप इस वर्ष प्रादेशिक, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों ने कुल 60 पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष विद्यार्थियों ने लगभग दोगुने मेडल प्राप्त किए हैं।</p>
<h5><strong>सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं छात्र</strong></h5>
<p>मुख्य अतिथि एस गोविंद राजू ने छात्रों से सरकारी योजनाओं का सदुपयोग करने लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। यह भी कहा कि ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है लेकिन बुद्धिमत्ता को हासिल करना पड़ता है। विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि 11 लाख 32 हजार 254 दिव्यांगजनों की भरण-पोषण राशि 300 से बढ़ाकर 1000 रुपए प्रति माह की है। यूपी में 8 हजार 863 दिव्यांगजनों को दुकान बनाकर दी गई। 55 डे केअर सेन्टर और 28 समेकित विद्यालय खोले गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553522/students-were-honoured-with-chancellor-and-vice-chancellor-medals--166-medals-were-distributed-in-rehabilitation-university</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 21:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्रों का आंदोलन रंग लाया, बदली सेमेस्टर एग्जाम की डेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्र पिछले चार दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया है जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय से वार्ता के पश्चात विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं का धरना समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह द्वारा निर्गत आदेश व कुलानुशासक प्रो. सीके दीक्षित की पहल पर छात्रों ने गेट का ताला खोल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब मिड सेमेस्टर परीक्षा की जो परीक्षा 1 से 9 मार्च तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531686/the-agitation-of-the-students-of-rehabilitation-university-bore-fruit--the-date-of-the-semester-examination-was-changed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/chaitra-navratri-2025--महाअष्टमी-पर-करें-कन्यापूजन,-नवरात्री-पर-बरसेगी-माता-की-कृपा-(3).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्र पिछले चार दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया है जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय से वार्ता के पश्चात विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं का धरना समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह द्वारा निर्गत आदेश व कुलानुशासक प्रो. सीके दीक्षित की पहल पर छात्रों ने गेट का ताला खोल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब मिड सेमेस्टर परीक्षा की जो परीक्षा 1 से 9 मार्च तक प्रस्तावित थी वह अब 27 अप्रैल से सेमेस्टर व अन्तिम सेमेस्टर परीक्षा के साथ संपन्न कराई जाएंगी। इसके लिए समस्त प्रश्न-पत्रों में सेक्शन-डी अनिवार्य रूप से उपलब्ध होगा, जिसे विद्यार्थीगण 30 मिनट के अतिरिक्त समय के अन्तर्गत प्रश्नपत्र हल करेंगे। 1 से 3 अप्रैल तक संचालित मिड सेमेस्टर परीक्षा में जो विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित रहे है, उन्हें भी सेक्शन डी सुविधा उपलब्ध होगी यदि वह संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष से सम्बन्घित अध्यापक के माध्यम से औपचारिक रूप से विकल्प का चयन करते हैं। इसी के साथ 4 अप्रैल से आयोजित होने वाली मिड सेमेस्टर को स्थगित कर दी गई है। हालांकि एसाइनमेन्ट, प्रेजेन्टेशन पहले से घोषित समय के अनुसार किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531683/national-pg-college-will-have-an-agreement-with-cii-today#gsc.tab=0">नेशनल पीजी कॉलेज में आज लगेगा रोजगार मेला, सीआईआई के साथ किया समझौता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531686/the-agitation-of-the-students-of-rehabilitation-university-bore-fruit--the-date-of-the-semester-examination-was-changed</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 12:08:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का धरना, मिड सेमेस्टर और सेमेस्टर परीक्षा साथ कराने को लेकर भड़ते छात्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने विश्वविद्यालय के दोनों दरवाजों पर तालाबंदी कर दिया है। मिड सेमेस्टर की परीक्षा को सेमेस्टर की परीक्षा के साथ कराने को लेकर छात्र आंदोलित हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार मांग करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करें और नोटिस जारी कर दे अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p>पुनर्वास विश्विद्यालय में छात्र मिड सेमेस्टर की परीक्षा को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531475/students-furious-over-the-mid-semester-and-semester-examination-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(4)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने विश्वविद्यालय के दोनों दरवाजों पर तालाबंदी कर दिया है। मिड सेमेस्टर की परीक्षा को सेमेस्टर की परीक्षा के साथ कराने को लेकर छात्र आंदोलित हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार मांग करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करें और नोटिस जारी कर दे अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p>पुनर्वास विश्विद्यालय में छात्र मिड सेमेस्टर की परीक्षा को सेमेस्टर परीक्षा के साथ ही कराने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। शुक्रवार को छात्रों ने रजिस्ट्रार व कुलसचिव के समक्ष अपनी मांगे रखी थी कि मिड सेमेस्टर में भी राइटर को पैसे देने की सुविधा दी जाए। परीक्षा को स्थगित करके 16 अप्रैल के बाद किया जाए। छात्रों की मांग नहीं माने जाने के बाद मंगलवार को छात्रों ने गेट पर तालाबंदी करके मिड सेमेस्टर परीक्षा का बहिष्कार किया। पूरे दिन धरना देने के बाद रात 10 बजे नोटिस जारी किया गया था जिसमें मिड सेमेस्टर में भी लेखक को पैसे देने और जो छात्र चाहे तो मिड सेमेस्टर अभी दे या सेमेस्टर परीक्षा के साथ दे। अब छात्रों का कहना है कि हमारी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासने आधा अधूरा स्वीकार किया है। सभी के लिए एक साथ परीक्षा कराए जाने को लेकर छात्रों का धरना जारी है। छात्रों का कहना है कि यदि कुछ छात्र पहले और कुछ छात्र बाद में परीक्षा देंगे तो शिक्षक उनके साथ बदले की भावना के साथ व्यवहार करेंगे इसलिए सभी की एकसाथ परीक्षा कराई जाए।</p>
<p><strong>शिक्षकों को भी नहीं घुसने दिया</strong></p>
<p>विश्विद्यालय के दोनों गेट पर छात्रों ने तालाबंदी कर दी है। इस दौरान जो शिक्षक बाहर से आए और विश्वविद्यालय में प्रवेश करना चाहते थे उनको भी छात्रों ने घंटों तक प्रवेश नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक प्रशासन मिड और सेमेस्टर परीक्षा एक साथ कराने की मांग नहीं मान लेगा तब तक छात्रों का धरना जारी रहेगा।</p>
<p><strong>छात्र की पिटाई से छात्रों में आया उबाल</strong></p>
<p>आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बीएड के एक छात्र शारदा को शिक्षक द्वारा पिटाई किए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया। छात्रों ने बताया कि विजय शंकर शिक्षक ने छात्र के सीने में मुक्का मारा। जिसके बाद वह गिर पड़ा। आनन-फानन में छात्र को एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया गया। शिक्षक द्वारा छात्र की पिटाई की खबर सुनने के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया।</p>
<p><strong>श्रवणबधित छात्रों के लेखक को मानदेय की मांग</strong></p>
<p>जो छात्र दोनों हाथ से विकलांग हैं या अपने हाथों से खुद परीक्षा लिखने में सक्षम नहीं हैं उनके लेखक को भी पैसे दिए जाने की मांग छात्र कर रहे हैं। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई बार यह मांग रख चुके हैं लेकिन खोखला आश्वासन ही मिलता है। अस्थि विकलांग छात्रों ने कहा कि हमारे ऊपर लेखक का आर्थिक बोझ आ जाता है। एक पेपर लिखवाने के लिए तीन सौ रूपए से पांच सौ रुपए तक देने पड़ते हैं लेकिन विश्वविद्यालय सिर्फ दृष्टिबाधित छात्रों के लेखक को ही पैसे देता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531473/electricity-engineers-will-go-on-indefinite-strike-to-protest-against">ऊर्जा निगमों के निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे बिजली अभियंता, 9 अप्रैल को निकालेंगे रैली</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531475/students-furious-over-the-mid-semester-and-semester-examination-of</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 11:30:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब कोहरे में भी उड़ान भर सकेंगे विमान: पुनर्वास विवि और विमान पत्तन प्राधिकरण ने कोहरे में देखने वाले उपकरण का लिया पेटेंट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> अब विमानों को टेक ऑफ करने और लैडिंग में कोहरा बाधा नहीं बनेगा। न ही पायलट को विजिबिलिटी की कोई समस्या होगी। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की संयुक्त शोध टीम मानव रहित और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त ऐसा ड्रोन बनाया है जो विमान के आते ही हवाई अड्डे के ऊपर आसमान को कुछ देर के लिए कोहरा मुक्त कर देगा। </p>
<p>इसके लिए हवाई अड्डे के तीन तरफ से आपस में जुड़े ड्रोन कोहरे की सघनता के हिसाब से अल्ट्रावायलट किरणों को उत्सर्जन करेंगे। विश्वविद्यालय की टीम ने दो वर्ष के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/523341/now-planes-can-fly-even-in-fog--rehabilitation-university-and-airport-authority-have-patented-the-device-for-seeing-in-fog"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/cats387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> अब विमानों को टेक ऑफ करने और लैडिंग में कोहरा बाधा नहीं बनेगा। न ही पायलट को विजिबिलिटी की कोई समस्या होगी। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की संयुक्त शोध टीम मानव रहित और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त ऐसा ड्रोन बनाया है जो विमान के आते ही हवाई अड्डे के ऊपर आसमान को कुछ देर के लिए कोहरा मुक्त कर देगा। </p>
<p>इसके लिए हवाई अड्डे के तीन तरफ से आपस में जुड़े ड्रोन कोहरे की सघनता के हिसाब से अल्ट्रावायलट किरणों को उत्सर्जन करेंगे। विश्वविद्यालय की टीम ने दो वर्ष के शोध में फार्मूला विकसित किया। इसे यूनाईटेड किंगडम से पेटेंट भी प्राप्त हो गया है। </p>
<p>पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक दिनेश कुमार निषाद, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक डॉ. सैफुल्लाह खालिद और धर्मेंद्र प्रकाश के साथ मिधुन चक्रवर्ती, शशि कांत गुप्ता और अल्केश अग्रवाल ने मिलकर इस नई आधुनिक तकनीक को अंजाम दिया है।</p>
<p>यह अभिनव तकनीक कोहरे से निपटने के लिए कई प्रकार के विशेष ड्रोन का उपयोग करती है। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सीडिंग सिस्टम है, ये वायुमंडल में विशेष कणों का छिड़काव कर दृश्यता को बढ़ा देता है। स्वचालित कोहरा निवारण प्रणाली उन्नत एल्गोरिदम का उपयोग करती है। मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेजिंग सिस्टम वास्तविक समय में कोहरे का पता लगाता है और मैपिंग करता है। अल्ट्रा वायलेट किरणों से युक्त ड्रोन प्रणाली कोहरे को प्रभावी ढंग से नष्ट करती है।</p>
<h5><em><strong>सात तकनीक पर मिला पेटेंट</strong></em></h5>
<p>1-एआई-संचालित यूएवी सीडिंग सिस्टम जिसमें वायुमंडलीय दृश्यता बढ़ाने के लिए विशेष कणों का स्वचालित छिड़काव होगा।<br />2-स्वचालित कोहरा निवारण यूएवी जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा कोहरे का स्वचालित निवारण होगा।<br />3-हाइब्रिड यूएवी इसके तहत एआई-आधारित उड़ान अनुकूलन द्वारा कोहरा निवारण।<br />4-बहुउद्देशीय मौसम यूएवी इसमें मौसम संबंधी आंकड़ों का संग्रहण और प्रसार होगा।<br />5-.मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेजिंग डिवाइस जिसमें वास्तविक समय में कोहरे का पता लगाया जाएगा, मैपिंग होगी।<br />6-पोर्टेबल यूवी रे जनरेटर यूएवी इमके तहत वायुमंडलीय संशोधन के लिए पोर्टेबल यूवी किरण उत्पादक।<br />7-एकीकृत यूवी रे यूएवी कोहरा निवारण के लिए एकीकृत यूवी किरण प्रणाली।<br />8-हाईप्रेसेसन यूवी रे इमीशन आपरेशन फॉर ड्रोन<br />9-एआई कंट्रौल्ड यूवी रे डिस्ट्रीव्यूशन आपरेटस<br />10-ऑटोनामस फाग आइडेंटीटी</p>
<h5><em><strong>यहां पर होगा प्रयोग</strong></em></h5>
<p>इस प्रौद्योगिकी का उपयोग हवाई अड्डों पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग, राजमार्गों पर यातायात सुरक्षा, रेल परिवहन में दृश्यता बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में कोहरे से होने वाली समस्याओं के समाधान में किया जा सकता है।</p>
<p>उत्तरप्रदेश सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी काउंसिल ने इसके लिए हमे फंड उपलब्ध कराया था। करीब दो साल के कठिन मेहनत के बाद कोहरे की सघनता पता लगाने, उसे खत्म करने के लिए उसी मात्रा में अल्ट्रावायलेट किरण उत्पादन, इसके बाद ड्राई आईस सीओटू का छिड़काव करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस युक्त ड्रोन बनाए गए हैं... <strong>डॉ. दिनेश निषाद, इलेक्ट्रीकल इंजिनियरिंग विभाग।</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/523335/humanity-shamed-in-bahraich--mother-rejects-newborn-baby-girl--police-admits-her-in-hospital#gsc.tab=0">बहराइच में इंसानियत शर्मसार: नवजात बच्ची को मां ने ठुकराया, पुलिस चौकी के निकट फेंका, पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में कराया भर्ती</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/523341/now-planes-can-fly-even-in-fog--rehabilitation-university-and-airport-authority-have-patented-the-device-for-seeing-in-fog</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/523341/now-planes-can-fly-even-in-fog--rehabilitation-university-and-airport-authority-have-patented-the-device-for-seeing-in-fog</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 09:32:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विवि: CUET से परास्नातक में प्रवेश शुरू, 26 पाठ्यक्रमों में होंगे एडमिशन, जाने लास्ट डेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में परास्नातक पाठ्यक्रमों में सीयूईटी (कॉमन यूर्निवसिटी इंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परास्नातक के 26 पाठ्यक्रमों में 979 सीटों पर प्रवेश होना है। अभ्यर्थी 1 फरवरी 2025 तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सीयूईटी लिंक के माध्यम से या सीधे सीयूईटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश निदेशक प्रोफेसर आरके श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में शुक्रवार को हुई बैठक में ये निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>9 छात्रों का हुआ प्लेसमेंट</strong></p>
<p>पुनर्वास विश्वविद्यालय के निदेशक प्लेसमेंट बिराग दीक्षित ने बताया कि एमबीए, बीटेक (सीएस) के 2</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517107/rehabilitation-university-starts-admission-in-masters-from-cuet-admission-will"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(51)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में परास्नातक पाठ्यक्रमों में सीयूईटी (कॉमन यूर्निवसिटी इंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परास्नातक के 26 पाठ्यक्रमों में 979 सीटों पर प्रवेश होना है। अभ्यर्थी 1 फरवरी 2025 तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सीयूईटी लिंक के माध्यम से या सीधे सीयूईटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश निदेशक प्रोफेसर आरके श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में शुक्रवार को हुई बैठक में ये निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>9 छात्रों का हुआ प्लेसमेंट</strong></p>
<p>पुनर्वास विश्वविद्यालय के निदेशक प्लेसमेंट बिराग दीक्षित ने बताया कि एमबीए, बीटेक (सीएस) के 2 विद्यार्थियों का इंटेलीपाट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु में बिज़नेस डेवलपमेंट ट्रेनी एसोसिएट के पद पर 9 लाख के वार्षिक पैकेज पर चयन किया गया है। एमबीए के 2 विद्यार्थियों का एलीट रिक्रूटमेंट्स गुरुग्राम में रिक्रूटमेंट एग्जीक्यूटिव व रिक्रूटमेंट ट्रेनी के पद पर 3.5 लाख के वार्षिक पैकेज पर और बीटेक के 4 विद्यार्थियों का नेक्सस इंजीकंसल्ट्स पी. लिमिटेड गाजियाबाद में सिस्टम इंटीग्रेशन इंजीनियर के पद पर 3 लाख के वार्षिक पैकेज पर बीटेक के 1 विद्यार्थी का इंटेलीपाट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस बेंगलुरु में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट के पद पर 6 लाख के वार्षिक पैकेज पर कैंपस प्लेसमेंट हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/517082/dates-of-practical-and-postgraduate-examination-announced-in-lucknow-university">Lucknow University में प्रायोगिक और परास्नातक परीक्षा की तिथियां घोषित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 12:57:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rehabilitation University ने जारी किया रिवाइज्ड एग्जामिनेशन शेड्यूल, जानें क्या हैं नई डेट्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने अपने परास्नातक परीक्षा कार्यक्रमों में संशोधन किया है। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग के 11 से 21 जनवरी 2025 तक आयोजित होने वाली विषम अधिसत्र परीक्षा में आशिक संशोधन किया गया है। अब यह परीक्षा 13 से 21 जनवरी के मध्य संपन्न होगी। इसी प्रकार विश्वविद्यालय से संबद्ध टीएस मिश्रा कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइन्स में आयोजित बीएससी एमएलटी और बीपीटी तीसरे और चौथे वर्ष सप्लीमेंट्री और रेगुलर 2025 की परीक्षा में भी संशोधन किया गया है। अब यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/515728/rehabilitation-university-has-released-the-revised-examination-schedule-know-what"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(4)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने अपने परास्नातक परीक्षा कार्यक्रमों में संशोधन किया है। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग के 11 से 21 जनवरी 2025 तक आयोजित होने वाली विषम अधिसत्र परीक्षा में आशिक संशोधन किया गया है। अब यह परीक्षा 13 से 21 जनवरी के मध्य संपन्न होगी। इसी प्रकार विश्वविद्यालय से संबद्ध टीएस मिश्रा कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइन्स में आयोजित बीएससी एमएलटी और बीपीटी तीसरे और चौथे वर्ष सप्लीमेंट्री और रेगुलर 2025 की परीक्षा में भी संशोधन किया गया है। अब यह परीक्षा 18 से 22 जनवरी के बीच ली जाएगी।</p>
<p>वाणिज्य विभाग के अन्तर्गत संचालित परास्नातक, एमकॉम प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर (माह दिसम्बर, 2024 के अन्तर्गत) 16 जनवरी से 24 जनवरी के मध्य परीक्षा कराये जाने हेतु विभागों को निर्देशित किया गया है। एमकॉम प्रथम सेमेस्टर व एमकॉम तृतीय सेमेस्टर की विषम अधिसत्र परीक्षा की समय-सारणी विभागीय स्तर पर जारी की जा रही है। विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के अधीन संचालित प्रबन्धशास्त्र विभाग के समस्त विद्यार्थियों को बताया गया है कि विभाग में 13 जनवरी से 25 तक विषम अधिसत्र परीक्षा का अयोजन किया गया है। जिन विद्यार्थियों की उपस्थित चिकित्सीय कारणों से पूर्ण नही है वे सभी 10 जनवरी तक चिकित्सा प्रमाण-पत्र विभागीय कार्यालय में उपलब्ध करा दें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/515723/good-news-pf-office-will-not-change-if-bank-branch">Good News: बैंक शाखा बदलने पर नहीं बदलेगा PF कार्यालय, अब किसी भी बैंक से लें पेंशन का भुगतान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 11:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विवि: पीएचडी कोर्स वर्क हुआ शुरू, उच्च शिक्षा में शोध की महत्ता पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन            </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में छह माह का पीएचडी कोर्स वर्क का आरंभ किया गया है। हिंदी व अन्य भारतीय भाषा विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय इस कोर्स के संयोजक बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा में शोध की महत्ता व अंतर अनुशासनिक शोध दृष्टि विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन उत्तर प्रदेश प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कथाकार व व्यंग्यकार डॉ. अमित कुमार रॉय उपस्थित रहे। डॉ. अमित कुमार रॉय ने कहा कि मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जो सोच सकता है, प्रश्न कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512506/rehabilitation-university-phd-course-work-started-seminar-organized-on-importance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/untitled-design-(100)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में छह माह का पीएचडी कोर्स वर्क का आरंभ किया गया है। हिंदी व अन्य भारतीय भाषा विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय इस कोर्स के संयोजक बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा में शोध की महत्ता व अंतर अनुशासनिक शोध दृष्टि विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन उत्तर प्रदेश प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कथाकार व व्यंग्यकार डॉ. अमित कुमार रॉय उपस्थित रहे। डॉ. अमित कुमार रॉय ने कहा कि मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जो सोच सकता है, प्रश्न कर सकता है, यही जिज्ञासा की मूल प्रवृति हमें शोध की ओर ले जाती है।</p>
<p>राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा ने कहा कि शोध का उद्देश्य किसी विषय पर सबसे अलग खोज है। कार्यशाला प्रबंधक डॉ. रणजीत कुमार और अन्य शोध विद्यार्थियों ने शोध में भटकाव विषय पर प्रश्न उठाए। अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह ने कहा कि शोध एक जिज्ञासु मन का प्रतीक है। इस अवसर पर डॉ. सुधा मौर्य, डॉ. अभिषेक सिंह, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="Lucknow Education: नए सिरे से होंगे परिषदीय स्कूलों के एग्जाम, कक्षा 1 से 8 तक परीक्षा कार्यक्रम में हुआ संशोधन" href="https://www.amritvichar.com/article/512505/lucknow-education-council-school-exams-will-be-held-afresh-amendments#gsc.tab=0">Lucknow Education: नए सिरे से होंगे परिषदीय स्कूलों के एग्जाम, कक्षा 1 से 8 तक परीक्षा कार्यक्रम में हुआ संशोधन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512506/rehabilitation-university-phd-course-work-started-seminar-organized-on-importance</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Dec 2024 10:24:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश को हरा हरियाणा बना चैंपियन, अरिंदम मंडल बने मैन ऑफ द मैच</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मैन ऑफ द मैच अरिंदम मंडल (102) के शतक की बदौलत हरियाणा ने 24वीं डॉ. शकुंतला मिश्रा स्मारक राष्ट्रीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में मेजबान उत्तर प्रदेश को 40 रनों से हरा कर चैंपियन बना।</p>
<p>टीएस मिश्रा विश्वविद्यालय के मैदान पर रविवार को खेले गए फाइनल मैच में हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में बिना विकेट खोये 204 रन बनाये। अरिंदम मंडल ने 102 रनों की पारी खेली। उन्होंने 13 चौके लगाये। पारस भाटिया ने 73 रनों की पारी खेली। जवाब में उत्तर प्रदेश की टीम 18.4 ओवर में 164 रनों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/507983/haryana-became-champion-by-defeating-uttar-pradesh-arindam-mandal-became"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/untitled-design-(64)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मैन ऑफ द मैच अरिंदम मंडल (102) के शतक की बदौलत हरियाणा ने 24वीं डॉ. शकुंतला मिश्रा स्मारक राष्ट्रीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में मेजबान उत्तर प्रदेश को 40 रनों से हरा कर चैंपियन बना।</p>
<p>टीएस मिश्रा विश्वविद्यालय के मैदान पर रविवार को खेले गए फाइनल मैच में हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में बिना विकेट खोये 204 रन बनाये। अरिंदम मंडल ने 102 रनों की पारी खेली। उन्होंने 13 चौके लगाये। पारस भाटिया ने 73 रनों की पारी खेली। जवाब में उत्तर प्रदेश की टीम 18.4 ओवर में 164 रनों के योग पर सिमट गई। अजीत बाबू ने 40, रवि वर्मा ने 25 और विकास पासवान ने 22 रनों की पारी खेली।</p>
<p>हरियाणा के पारस भाटिया को टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द टूर्नामेंट के अवार्ड से नवाजा गया। फाइनल मैच का उद्घाटन फिल्म निर्देशक नितिन मिश्रा ने किया। इस अवसर पर इकाना स्पोर्ट्स सिटी के अध्यक्ष उदय सिन्हा, पूर्व राज्य सभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर कलाकार शरद मल्होत्राभी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।</p>
<p>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विजेता टीम को सम्मानित किया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन समेत लखनऊ की जमीं पर उतरेंगे बैडमिंटन के सितारे,Syed Modi India International HSBC World Tour" href="https://www.amritvichar.com/article/507967/badminton-stars-will-land-in-lucknow#gsc.tab=0">पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन समेत लखनऊ की जमीं पर उतरेंगे बैडमिंटन के सितारे,Syed Modi India International HSBC World Tour</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/507983/haryana-became-champion-by-defeating-uttar-pradesh-arindam-mandal-became</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/507983/haryana-became-champion-by-defeating-uttar-pradesh-arindam-mandal-became</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 11:34:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>पुर्नवास विविः 194 बच्चों में से 76 में शारीरिक विकार के लक्षण मिले, पांच वर्ष से कम आयु में पोलियो करता है आक्रमण, लगाया परीक्षण शिविर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अंतर्राष्ट्रीय प्रोस्थेटिक व आर्थोटिक्स माह के तहत कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय द्वारा पीएमश्री बेसिक स्कूल खुशहालगंज काकोरी में जागरुकता दिव्यांगता परीक्षण शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों को दिव्यांगता के लक्षण जैसे फ्लैट फुट, घुटने का टेढ़ापन, रीढ़ की हड्डी का टेढ़ा होना और कएफोसिस जैसी विकृतियों के बारे जागरूक किया गया। इस अवसर पर सभी 194 बच्चों का परीक्षण किया। जिसमें से 76 बच्चों में शारीरिक विकारों के लक्षण दिखाई दिए।</p>
<p>परीक्षण में रीढ़ की हड्डी, घुटने का टेढ़ापन और पैर की विकृतियों का मूल्यांकन किया गया। जिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/502001/rehabilitation-university-out-of-194-children-symptoms-of-physical-disorder"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/_2024---2024-10-25t110720.726.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अंतर्राष्ट्रीय प्रोस्थेटिक व आर्थोटिक्स माह के तहत कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय द्वारा पीएमश्री बेसिक स्कूल खुशहालगंज काकोरी में जागरुकता दिव्यांगता परीक्षण शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों को दिव्यांगता के लक्षण जैसे फ्लैट फुट, घुटने का टेढ़ापन, रीढ़ की हड्डी का टेढ़ा होना और कएफोसिस जैसी विकृतियों के बारे जागरूक किया गया। इस अवसर पर सभी 194 बच्चों का परीक्षण किया। जिसमें से 76 बच्चों में शारीरिक विकारों के लक्षण दिखाई दिए।</p>
<p>परीक्षण में रीढ़ की हड्डी, घुटने का टेढ़ापन और पैर की विकृतियों का मूल्यांकन किया गया। जिन विद्यार्थियों में लक्षण दिखाई दिए उन्हें प्रारंभिक आर्थोटिक उपचार के लिए कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र में आने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि फ्लैट फुट जैसी छोटी सी विकृति के कारण सेना में भर्ती नहीं लिया जाता है। स्कूल की प्रधानाचार्य अंजली ने समाज के लिए किए जाने वाला जागरुकता कार्यक्रम की सराहना किया। टीम सहायक आचार्य श्रीसंत प्रकाश गौतम और डिमॉन्सट्रेटर श्रष्टी सिंह व छात्र सोनी कुमारी, जगदंबा शुक्ला, श्रीजा शुक्ला, ज्योति यादव, अवनीश चौधरी, श्रीया शुक्ला, आशीष की देखरेख में कार्यक्रम हुआ।</p>
<p>विश्वविद्यालय में पोलियो जागरुकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने पोलियो को लेकर विशेष जानकारी छात्र-छात्राओं को दी। विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र और श्रीदेव विश्वविद्यालय राजस्थान में कार्यरत डॉ. सरिता बाजपेई ने कहा कि जागरुकता रखना जरुरी है। पोलियो छोटे बच्चों में पांच साल की उम्र तक ही आक्रमण करता है। इसलिए पोलियो का टीका लगवाना बहुत जरुरी है। उन्होंने बताया कि विश्व पोलियो दिवस मेडिकल शोधकर्ता जोश साल्ट के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है, जिन्होंने पोलियो वैक्सीन का विकास किया है।</p>
<p>शिक्षा शास्त्र विभाग में आयोजित कार्यक्रम का संचालन रेनू ओझा ने किया और छात्र अनुराग शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। शिक्षाशास्त्र विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर आद्या शक्ति राय ने पोलियो जागरूकता दिवस के ऐतिहासिक घटनाओं पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को स्वच्छता के बारे में बताया और पोलियो से ग्रस्त व्यक्ति से प्रत्येक विद्यार्थी को संवेदनशील रहने का सुझाव दिया। कार्यक्रम के अवसर पर शिक्षा शास्त्र विभाग के सभी छात्र और छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभाग के शिक्षक डॉक्टर नूतन पांडे, विवेक सिंह, रेशमा उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="weight lifting competition: लखनऊ की पूनम और पलक ने जीता स्वर्ण, प्रदेशीय विद्यालयीय भारत्तोलन प्रतियोगिता" href="https://www.amritvichar.com/article/501997/weight-lifting-competition-lucknows-poonam-and-palak-won-gold-in#gsc.tab=0">weight lifting competition: लखनऊ की पूनम और पलक ने जीता स्वर्ण, प्रदेशीय विद्यालयीय भारत्तोलन प्रतियोगिता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 11:09:53 +0530</pubDate>
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