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                <description>medical news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कानपुर की GSVSS PGI में होगा किडनी ट्रांसप्लांट; केंद्र सरकार ने एक करोड़ 43 लाख की धनराशि जारी की, प्रार्चाय ने इनको भेजा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> वर्तमान में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा कानपुर नगर में नहीं है, लेकिन जल्द ही जीएसवीएसएस पीजीआई में किडनी प्रत्यारोपण शुरू होगा। केंद्र सरकार ने पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर के लिए एक करोड़ 43 लाख की धनराशि जारी कर दी है। इसके संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने डीजीएमई, सोटो और नोटो को पत्र लिखा है।</p>
<p>जीएसवीएमएस पीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग में प्रतिदिन एक ओपीडी में औसतन 60 मरीज किडनी की समस्या लेकर पहुंचते हैं, इनमें से प्रतिदिन डॉक्टरों को छह से सात मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। वहीं, डायलिसिस पर चल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537513/kidney-transplant-will-be-in-gsvss-pgi-of-kanpur-central"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/gsvss-pgi-kanpur1.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> वर्तमान में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा कानपुर नगर में नहीं है, लेकिन जल्द ही जीएसवीएसएस पीजीआई में किडनी प्रत्यारोपण शुरू होगा। केंद्र सरकार ने पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर के लिए एक करोड़ 43 लाख की धनराशि जारी कर दी है। इसके संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने डीजीएमई, सोटो और नोटो को पत्र लिखा है।</p>
<p>जीएसवीएमएस पीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग में प्रतिदिन एक ओपीडी में औसतन 60 मरीज किडनी की समस्या लेकर पहुंचते हैं, इनमें से प्रतिदिन डॉक्टरों को छह से सात मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। वहीं, डायलिसिस पर चल रहे मरीजों को किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है। वर्तमान में यहां से मरीजों को किडनी प्रत्यारोपण के लिए लखनऊ, दिल्ली, मुंबई या अन्य शहर जाना पड़ता है। </p>
<p>अब जीएसवीएसएस पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिल गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया कि केंद्र सरकार ने पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर के लिए एक करोड़ 43 लाख की धनराशि जारी कर दी है। </p>
<p>यह धनराशि नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम (एनओटीपी) के तहत आवंटित की गई है। किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर के उपकरण आदि के लिए केंद्र की संस्था हाइट्स को जिम्मेदारी देने की योजना है। डीजीएमई, सोटो व नोटो से मंजूरी मिलने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। टीम भी निरीक्षण करने आएगी। </p>
<h5><strong>जीएसवीएसएस पीजीआई में हैं तीन गुर्दा रोग विशेषज्ञ </strong></h5>
<p>जीएसवीएसएस पीजीआई में वर्तमान में तीन किडनी रोग विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में यहां पर 30 बेड का वार्ड संचालित है। इसके अलावा इस विभाग में ही डायलिसिस यूनिट का भी संचालन किया जा रहा है। यहां पर किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए जरूरी आधी सुविधाएं पहले से ही विभाग में उपलब्ध हैं। अब किडनी प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों के लिए अलग से आईसीयू की व्यवस्था की जाएगी। </p>
<h5><strong>एक तिहाई मरीजों को पड़ती किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत </strong></h5>
<p>किडनी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी के मुताबिक किडनी की बीमारी से ग्रस्त एक तिहाई मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। विभाग में अभी 10 रोगियों की प्रतिदिन डायलिसिस हो रही है। पीजीआई में कानपुर के अलावा आसपास जिले से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमे युवा, अधेड़ और बुजुर्ग सभी वर्ग के मरीज शामिल रहते हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/537511/acp-in-supreme-court-will-challenge-mohsin-a-student-nirbhayas#gsc.tab=0">सुप्रीम कोर्ट में ACP मोहसिन को चुनौती देगी छात्रा; निर्भया का केस लड़ने वाली सीमा समृद्धि को सौंपा अपना मामला</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 13:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर के कांशीराम अस्पताल में मरीजों को मिलेगी प्राइवेट वार्ड की सुविधा...काम हुआ शुरू, इन जगहों से आते हैं मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों को अब प्राइवेट वार्ड के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। न ही प्राइवेट वार्ड की चाह में मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर अधिक रुपये खर्च करने होंगे। क्योंकि, अब कांशीराम संयुक्त अस्पताल में ही मरीजों को प्राइवेट वार्ड की सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस संबंध में कार्यवाही तेज कर दी है। साथ ही वार्ड के निर्माण का कार्य पूरा होने और जरूरी उपकरण मिलने के बाद प्राइवेट वार्ड का संचालन शुरू किया जाएगा। </p>
<p>घाटमपुर, बिधनू, नौबस्ता, जाजमऊ, रामादेवी समेत आदि हाइवे पर होने वाले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537360/patients-will-get-the-facility-of-private-ward-in-kanshi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/kaanshiram-hospital-kanpur.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों को अब प्राइवेट वार्ड के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। न ही प्राइवेट वार्ड की चाह में मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर अधिक रुपये खर्च करने होंगे। क्योंकि, अब कांशीराम संयुक्त अस्पताल में ही मरीजों को प्राइवेट वार्ड की सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस संबंध में कार्यवाही तेज कर दी है। साथ ही वार्ड के निर्माण का कार्य पूरा होने और जरूरी उपकरण मिलने के बाद प्राइवेट वार्ड का संचालन शुरू किया जाएगा। </p>
<p>घाटमपुर, बिधनू, नौबस्ता, जाजमऊ, रामादेवी समेत आदि हाइवे पर होने वाले हादसों में घायल रामादेवी स्थित मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में आते हैं। इसके अलावा बड़े पैमाने पर इलाज के लिए अस्पताल की इमरजेंसी में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में कई मरीज व उनके तीमारदारों की प्राइवेट वार्ड की मांग काफी रहती है, लेकिन अस्पताल के पास प्राइवेट वार्ड नहीं होने से मरीज व उनके तीमारदार को संतोष करना पड़ता है या फिर वह मरीज को वह प्राइवेट अस्पताल ले जाते हैं।</p>
<p>इसको देखते हुए कांशीराम अस्पताल के सीएमएस ने प्राइवेट वार्ड के निर्माण के संबंध में शासन को पत्र लिखा था, जिस पर अनुमति मिल गई है और कॉलेज प्रशासन ने वार्ड के निर्माण की शुरू कर दी है। अस्पताल के प्रशासन के मुताबिक जून माह में मरीजों को प्राइवेट वार्ड की सुविधा मिलने लगेगी। अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवनीत चंद्रा के मुताबिक अस्पताल में अभी तक प्राइवेट  वार्ड नहीं थे, जबकि इसकी काफी लंबे समय से मांग हो रही थी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। </p>
<h5><strong>प्रतिदिन 500 रुपये किराया, ओटी चार्ज भी लगेगा </strong></h5>
<p>सीएमएस डॉ. नवनीत चंद्रा ने बताया कि अस्पताल में 11 प्राइवेट वार्ड बनाए जाएंगे। एक वार्ड का किराया प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये निर्धारित होगा। इसके अलावा ओटी का चार्ज और कुछ दवाओं का भी चार्ज देना होगा, जिसका शुल्क अभी निर्धारित नहीं है। प्राइवेट वार्ड में मरीज के बेड के अलावा, उनके तीमारदार के लिए एक डबल बेड होगा। इसके अलावा अलमारी, सोफा, कुर्सी व बाथरूम की सुविधा होगी। तीमारदार के पास अपना एक किचन होगा, वह वहां पर भोजन भी बना सकेंगे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A5%87%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE%20%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0%2015%20%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A0%E0%A4%97%E0%A5%80:%20%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%A6%E0%A5%80%20%E0%A4%A7%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A5%80,%20%E0%A4%87%E0%A4%A8%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%20%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88%20FIR">कानपुर में रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 15 लाख की ठगी: पैसे मांगने पर दी धमकी, इन पर दर्ज हुई FIR</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 12:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kanpur के GSVSS PGI में होगा लिवर ट्रांसप्लांट; डीएम हैपेटॉलाजिस्ट, डीएम न्यूरोलॉजिस्ट व डीएम रिमेटोलॉजिस्ट की तैनाती </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> जीएसवीएसएस पीजीआई में अब लिवर ट्रांसप्लांट भी हो सकेगा, इसके लिए पीजीआई में सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर की तैनाती की गई है। इसके अलावा तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों और जोड़ संबंधी विकारों के इलाज के लिए दो स्पेशलिस्ट डॉक्टर आए है। </p>
<p>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि सुपर स्पेशिलिस्ट डॉ. रंजीत कुमार निम, डॉ. आदित्य सचान और डॉ. विश्व प्रकाश तिवारी ने कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर पर ज्वाइन किया है। डॉ. रंजीत कुमार निम ने अप्रैल 2022 में डीएम  हैपेटोलाजी के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के लिये आई पीजीएमईआर कोलकाता में प्रवेश लिया था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537012/gsvss-pgi-of-kanpur-will-have-liver-transplant-dm-hepatologist"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/gsvss-pgi-kanpur.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> जीएसवीएसएस पीजीआई में अब लिवर ट्रांसप्लांट भी हो सकेगा, इसके लिए पीजीआई में सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर की तैनाती की गई है। इसके अलावा तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों और जोड़ संबंधी विकारों के इलाज के लिए दो स्पेशलिस्ट डॉक्टर आए है। </p>
<p>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि सुपर स्पेशिलिस्ट डॉ. रंजीत कुमार निम, डॉ. आदित्य सचान और डॉ. विश्व प्रकाश तिवारी ने कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर पर ज्वाइन किया है। डॉ. रंजीत कुमार निम ने अप्रैल 2022 में डीएम  हैपेटोलाजी के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के लिये आई पीजीएमईआर कोलकाता में प्रवेश लिया था। </p>
<p>तीन वर्ष के पाठ्यक्रम के बाद डॉ. रंजीत कुमार निम ने दोबारा मेडिसिन विभाग में अपनी ज्वाइनिंग की है। आई पीजीएमईआर (पीजीआई कोलकाता) विशेष रूप से गैस्ट्रो हैपेटोलाजी के क्षेत्र में राष्ट्रीय ख्याति के प्रीमियम संस्थानों में से एक है। हैपेटोलाजी में डीएम प्रशिक्षु के रूप में विभिन्न गैस्ट्रो इन्ट्रोलाजी, हैपेटोलाजी व पित्त संबंधी विकारों से पीड़ित मरीजों का इलाज अब डीएम हैपेटॉलाजिस्ट डॉ.रंजीत द्वारा किया जाएगा।</p>
<p>वह यूजीआई  एंडोस्कोपी, फुल लेंथ कोलोनोस्कोपी, लीवर बायोप्सी, डायलिटेशन व ईआरसीपी जैसे अत्याधुनिक प्रोसीजर का प्रशिक्षण प्राप्त चुके हैं। इसके अलावा उनको लिवर ट्रांसप्लांट मरीजों के प्री व पोस्ट ऑफ फॉलो अप इलाज करने का अनुभव भी है। </p>
<p>इसके अलावा लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर व हेपेटाइटिस बी व सी से पीड़ित मरीजों को भी अत्याधुनिक इलाज जीएसवीएसएस पीजीआई में मिलेगा। न्यूरो संबंधी इलाज के लिए डीएम न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आदित्य सचिन और जोड़ संबंधी विकारों के इलाज के लिए डीएम रिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विश्व प्रकाश तिवारी ने ज्वाइन किया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/537009/amrit-vichar-in-kanpur-said-special-conversation-with-municipal-commissioner#gsc.tab=0">कानपुर में अमृत विचार ने नगर आयुक्त सुधीर कुमार से की खास बातचीत, बोले- 100 फीसदी घरों से उठेगा कूड़ा, ड्रेनेज व्यवस्था सुधरेगी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537012/gsvss-pgi-of-kanpur-will-have-liver-transplant-dm-hepatologist</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537012/gsvss-pgi-of-kanpur-will-have-liver-transplant-dm-hepatologist</guid>
                <pubDate>Wed, 07 May 2025 12:39:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी से पेट में इंफेक्शन, उभर रहा किडनी का मर्ज; कानपुर के हैलट अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे मरीज...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>तेज गर्मी ने लोगों के स्वास्थ्य पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से लोगों को गले और पेट में इंफेक्शन जैसी समस्या हो रही है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने की वजह से लोगों में किडनी का छुपा मर्ज भी अब उभर के सामने आ रहा है। प्रतिदिन आधा दर्जन मरीजों को ऐसे में हैलट इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ रहा है। </p>
<p>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल की मेडिसिन विभाग की दोनों ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। ओपीडी में मौजूद डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश मरीज पेट में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534745/patients-reaching-the-opd-of-halat-hospital-in-kanpur"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/hallat-hospital1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>तेज गर्मी ने लोगों के स्वास्थ्य पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से लोगों को गले और पेट में इंफेक्शन जैसी समस्या हो रही है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने की वजह से लोगों में किडनी का छुपा मर्ज भी अब उभर के सामने आ रहा है। प्रतिदिन आधा दर्जन मरीजों को ऐसे में हैलट इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ रहा है। </p>
<p>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल की मेडिसिन विभाग की दोनों ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। ओपीडी में मौजूद डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश मरीज पेट में इंफेक्शन और गले में इंफेक्शन के रहे। इस मौसम में लोगों को बासी भोजन और बाहर के तले या भुने चीजों से परहेज करना चाहिए। </p>
<p>वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि ओपीडी में सौ में से 15 से 20 मरीज पेट में इंफेक्शन के आए और 15 से 20 मरीज गले में इंफेक्शन, खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द, शरीर में कमजोरी के रहे। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से आठ मरीजों की किडनी में समस्या मिली है। डॉ. जे एस कुशवाहा ने बताया कि गर्मी के मौसम में पेट में संक्रमण और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने से किडनी पर दबाव पड़ता है और संक्रमण का खतरा बढ़ता है। </p>
<p>रावतपुर निवासी विजय कुमार ने बताया कि करीब 12 दिन से बुखार आने पर वह हैलट ओपीडी में दिखाने पहुंचे, लेकिन भीड़ अधिक होने पर वह कमरे के बाहर फर्श पर ही बैठ गए और नंबर आने पर उनको परामर्श मिला।<strong>- विजय कुमार </strong></p>
<p>मंधना निवासी कृष्णा देवी ने बताया कि पेट में तीन दिन से समस्या होने पर पास के क्लीनिक में दिखाया, आराम नहीं मिलने पर वह हैलट पहुंची। लेकिन यहां पर मरीजों की काफी भीड़ होने पर एक घंटे के बाद उनका नंबर आया।<strong>- कृष्णा देवी</strong><br /> <br />फतेहपुर, खागा से आए शिवदत्त ने बताया कि गर्मी बढ़ने पर खांसी, सांस लेने की दिक्कत व हाफी आने पर गांव में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। तब वह सोमवार को इलाज कराने पहुंचे और विशेषज्ञों से परामर्श लिया।<strong>- शिवदत्त </strong><br /> <br />बांदा से आए राम नारायन कुशवाहा ने बताया कि सीने में दर्द, खांसी व सांस फूलने की समस्या करीब 15 दिन से हो रही थी, दिक्कत अधिक होने पर हैलट अस्पताल की ओपीडी पहुंचे, लाइन में एक घंटा लगने के बाद नंबर आया।<strong>- राम नारायन कुशवाहा</strong><br /> <br />कन्नौज, इंदरगढ़ से आए सुरेंद्र ने बताया कि पेट में एसिड बनने की समस्या होने पर पास के डॉक्टरों को दिखाया, आराम नहीं मिलने पर सोमवार को ओपीडी पहुंचे तो काफी भीड़ थी। दो घंटे के बाद नंबर आया तो परामर्श मिला।<strong>- सुरेंद्र </strong></p>
<p>कानपुर देहात, झींझक से आई गायत्री देवी ने बताया कि पेट में समस्या होने के साथ ही बुखार आया। इसके बाद शरीर में कमजोरी महसूस होने लगी। पास के अस्पताल से इलाज कराने पर आराम नहीं मिला तो वह हैलट अस्पताल पहुंचीं।<strong>- 34 गायत्री देवी</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/534742/kanpur-weather-today-in-april-the-situation-reached-para-as#gsc.tab=0">Kanpur Weather Today: अप्रैल में मई जैसे हालात, पारा पहुंचा 41 पार, मौसम विभाग को आने वाले दिनों के लिए ये है अनुमान...</a></strong></p>
<p><a href="https://www.amritvichar.com/article/534742/kanpur-weather-today-in-april-the-situation-reached-para-as#gsc.tab=0"> </a></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534745/patients-reaching-the-opd-of-halat-hospital-in-kanpur</link>
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                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 14:16:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में प्राचार्य ने शासन को लिस्ट बनाकर भेजी सीटों की डिमांड: हैलट अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज में मिलेगा लाभ   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में जल्द ही सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर देखने को मिलेंगे, जिनकी मदद से स्पेशल केसों को करने में एमबीबीएस छात्रों को जहां प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं, मरीजों को भी इलाज में लाभ मिलेगा। एमडी, एमएस, डीआरपी, डीएनबी समेत 147 सीटों का प्रस्ताव बनकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने शासन को भेज दिया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद ये सीटें बढ़ जाएंगी जिसकी पूरी उम्मीद है। इसके बाद गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज जीएसवीएम होगा। </p>
<p>हैलट अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533687/in-kanpur-the-principal-made-a-list-to-the-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/hallat-hospital.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में जल्द ही सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर देखने को मिलेंगे, जिनकी मदद से स्पेशल केसों को करने में एमबीबीएस छात्रों को जहां प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं, मरीजों को भी इलाज में लाभ मिलेगा। एमडी, एमएस, डीआरपी, डीएनबी समेत 147 सीटों का प्रस्ताव बनकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने शासन को भेज दिया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद ये सीटें बढ़ जाएंगी जिसकी पूरी उम्मीद है। इसके बाद गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज जीएसवीएम होगा। </p>
<p>हैलट अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि हैलट इमरजेंसी में प्रतिदिन सौ से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह जीएसवीएसएस पीजीआई में करीब पांच मरीज ओपीडी में परामर्श के लिए पहुंचे रहे हैं, जिनमे कई केस स्पेशल किस्म के रहते हैं। कॉलेज में सीटों की पर्याप्त संख्या नहीं होने पर ऐसे में मौजूद डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p>इसलिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के महानिदेशक को पत्र लिखकर 147 सीटें बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है, जिसमे एमडी डर्मेटोलॉजी वनेरोलॉजी एंड लेप्रोसी, एमडी साइकेट्री, एमडी एनेस्थीसिया, एमडी जनरल मेडिसिन, एमडी पीडियाट्रिक्स, एमडी टीबी एंड चेस्ट/रेस्पीरेटरों मेडिसिन, एमडी बायोकेमेस्ट्री, एमडी पैथोलॉजी, एमडी माइक्रोबायोलॉजी, एमडी फोरेंसिक मेडिसिन, एमडी फार्माकोलॉजी, एमडी कम्युनिटी मेडिसिन, एमएस जनरल सर्जरी, एमएस आर्थोपेडिक्स, एमएस ईएनटी, डीएम न्यूरोलॉजी समेत आदि सीटें शामिल है। </p>
<p>प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया कि डीआरपी की 46 सीट, पीजी एमएसआर की 86 व डीएनबी की 15 सीटों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। सीटें मिलने पर सबसे ज्यादा लाभ मरीजों को मिलेगा और कॉलेज के पास सुपर स्पेशिलिट के डॉक्टर होंगे, जिसकी मदद से बीमारियों का निदान करना और नए शोध कार्यों को करने का मौका भी मिलेगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/533672/in-kanpur-the-son-attacked-the-mother-with-a-knife#gsc.tab=0">कानपुर में बेटे ने मां की चाकू से वारकर हत्या: मकान नाम नहीं करने पर वारदात को दिया अंजाम, दस दिन पहले आई थी बेटी की घर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 13:43:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kanpur के GSVM को दान में मिलेंगे 54 लाख के उपकरण; साइट सेवर्स इंडिया से MOU किया साइन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और साइट सेवर्स इंडिया के बीच बुधवार को एक एमओयू साइन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य अंधता निवारण है। अनुबंध के तहत संस्था कॉलेज को विभिन्न प्रकार की मशीनें दान करेगी। </p>
<p>मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, याग लेजर, स्लिट लैम्प, एप्लनेशन टोनोमीटर, फेंको मशीन, चश्मे का नंबर चेक करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरण भी नेत्र विभाग को दान में मिलेंगे। इसके अलावा आई बैंक में छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास का रूम बनाया भी जाएगा। </p>
<p>अनुबंध पर नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी मोहन, प्रो.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532580/gsvm-of-kanpur-will-get-54-lakh-tools-site-savers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/gsvm-medical-college-file-photo-kanpur.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और साइट सेवर्स इंडिया के बीच बुधवार को एक एमओयू साइन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य अंधता निवारण है। अनुबंध के तहत संस्था कॉलेज को विभिन्न प्रकार की मशीनें दान करेगी। </p>
<p>मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, याग लेजर, स्लिट लैम्प, एप्लनेशन टोनोमीटर, फेंको मशीन, चश्मे का नंबर चेक करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरण भी नेत्र विभाग को दान में मिलेंगे। इसके अलावा आई बैंक में छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास का रूम बनाया भी जाएगा। </p>
<p>अनुबंध पर नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी मोहन, प्रो. परवेज खान, साइट सेवर्स इंडिया से राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रानू अरोरा व उत्तर प्रदेश के साइट सेवर्स  कोआर्डिनेटर प्रमोद त्रिपाठी ने खुशी जाहिर की। डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि संस्था दान में 54 लाख रुपये देगी।</p>
<h5><strong>शहर को मिलीं 41 नई एंबुलेंस </strong></h5>
<p>सीएमओ डॉ.हरिदत्त नेमी ने 41 नई 102 व 108 एंबुलेंस बुधवार को रवाना कीं। सीएमओ ने बताया कि यह सभी एंबुलेंस उन सभी वाहनों के स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिनकी निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो चुकी है। नई एंबुलेंस के उपलब्ध होने से सेवाओं और गुणवत्ता में सुधार होगा। </p>
<p>यह सभी एंबुलेंस आधुनिक चिकित्सा की सुविधाओं से लैस हैं। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. एसपी यादव, एंबुलेंस जिला प्रोग्राम मैनेजर अंकित वर्मा व एंबुलेंस नोडल प्रभारी कमलेश उपाध्याय मौजूद रहे। वहीं, सीएमओ ने इसके बाद नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुर बैरी व ग्वालटोली में मॉडल इम्यूनाइजेशन सेंटर का उद्घाटन किया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/532577/in-kanpur-nephew-and-neighbor-in-the-murder-of-uncle#gsc.tab=0">कानपुर में चाचा की हत्या में भतीजे व पड़ोसी को उम्रकैद: फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल के दौरान दो आरोपी भाइयों की हो चुकी मौत </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532580/gsvm-of-kanpur-will-get-54-lakh-tools-site-savers</link>
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                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 12:35:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहुंचे कानपुर; नवीन सभागार में लगी प्रदर्शनी का किया अवलोकन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कानपुर में बुधवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने नवीन सभागार, सरसैया घाट में प्रदेश सरकार के 'सेवा, सुरक्षा व सुशासन' के आठ साल पूरे होने पर सूचना विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, सीडीओ दीक्षा जैन, पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया, प्रकाश पाल समेत अन्य नेता व अफसर मौजूद रहे।</p>
<p><em><strong>ये भी पढ़ें- </strong></em><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/529824/in-kanpur-the-police-miscreant-used-to-rob-diesel-petrol-from#gsc.tab=0">कानपुर में पुलिस की बदमाश से मुठभेड़...एक के पैर में लगी गोली, गिरफ्तार; खड़ी गाड़ियों से डीजल-पेट्रोल लूट लेते थे...</a></strong></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529825/deputy-chief-minister-brajesh-pathak-reached-kanpur-new-auditorium"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/ब्रजेश-पाठक-कानपुर-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कानपुर में बुधवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने नवीन सभागार, सरसैया घाट में प्रदेश सरकार के 'सेवा, सुरक्षा व सुशासन' के आठ साल पूरे होने पर सूचना विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, सीडीओ दीक्षा जैन, पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया, प्रकाश पाल समेत अन्य नेता व अफसर मौजूद रहे।</p>
<p><em><strong>ये भी पढ़ें- </strong></em><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/529824/in-kanpur-the-police-miscreant-used-to-rob-diesel-petrol-from#gsc.tab=0">कानपुर में पुलिस की बदमाश से मुठभेड़...एक के पैर में लगी गोली, गिरफ्तार; खड़ी गाड़ियों से डीजल-पेट्रोल लूट लेते थे...</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/529825/deputy-chief-minister-brajesh-pathak-reached-kanpur-new-auditorium</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/529825/deputy-chief-minister-brajesh-pathak-reached-kanpur-new-auditorium</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:46:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर के कॉर्डियोलॉजी में आठ मंजिला भवन के लिए मिली पहली किस्त; दिल के मरीजों को मिलेगी आईसीयू व प्राइवेट वार्ड की सुविधा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कॉर्डियोलॉजी संस्थान में आने वाले मरीजों को अब आईसीयू और प्राइवेट वार्ड के लिए अधिक परेशान नहीं होना पड़ेगा क्योंकि कॉर्डियोलॉजी परिसर में ग्राउंड के साथ आठ मंजिला नया अस्पताल बनेगा। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद शासन से भवन निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में एक करोड़ 56 हजार रुपये जारी किए गए हैं। </p>
<p>रावतपुर स्थित एलपीएस कॉर्डियोलॉजी संस्थान में सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही, बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, उतराखंड व बिहार समेत कई जगहों से दिल के मरीज आते हैं। इस वजह से यहां पर प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों की संख्या ओपीडी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529664/the-first-installment-found-for-the-eight-storey-building-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/cardiology-hospital-kanpur.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कॉर्डियोलॉजी संस्थान में आने वाले मरीजों को अब आईसीयू और प्राइवेट वार्ड के लिए अधिक परेशान नहीं होना पड़ेगा क्योंकि कॉर्डियोलॉजी परिसर में ग्राउंड के साथ आठ मंजिला नया अस्पताल बनेगा। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद शासन से भवन निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में एक करोड़ 56 हजार रुपये जारी किए गए हैं। </p>
<p>रावतपुर स्थित एलपीएस कॉर्डियोलॉजी संस्थान में सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही, बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, उतराखंड व बिहार समेत कई जगहों से दिल के मरीज आते हैं। इस वजह से यहां पर प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों की संख्या ओपीडी में हो जाती है। किसी-किसी दिन यह संख्या और बढ़ भी जाती है। इस वजह से संस्थान में ओपीडी और शाम दोनों समय संचालित की जाती है। </p>
<p>कई बार मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से वार्डों में बेडों की कमी तक हो जाती है। कई मरीजों का इलाज डॉक्टरों को स्ट्रेचर में करना पड़ता है। इसे देखते हुए कॉर्डियोलॉजी संस्थान के प्रशासन ने परिसर में ही ग्राउंड फ्लोर के साथ आठ मंजिला नए अस्पताल का प्रस्ताव तैयार कर शासन के समक्ष रखा था, जिसको वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। कॉर्डियोलॉजी के निदेशक डॉ.राकेश वर्मा ने बताया कि निर्माण के लिए एजेंसी भी नामित हो गई है। </p>
<p>शासन की ओर से पहली किस्त के रूप में एक करोड़ 56 हजार रुपये जारी किए गए हैं। कुछ जरूरी प्रक्रिया के बाद नए अस्पताल का निर्माण शुरू कराया जाएगा। यह नया अस्पताल वर्तमान अस्पताल से अटैच रहेगा। आईसीयू और प्राइवेट वार्ड की समस्या भी खत्म होगी। कॉर्डियोलॉजी में प्राइवेट वार्ड बनने के बाद मरीजों को प्राइवेट अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। निदेशक के मुताबिक 260 बेड का प्राइवेट अस्पताल बनेगा। अभी संस्थान के पास सिर्फ दो बेड ही प्राइवेट हैं जबकि डिमांड अधिक रहती है। </p>
<p><strong>मरीजों को यह सुविधाएं  </strong></p>
<p>- ग्राउंड फ्लोर पर होगा रिसेप्शन व बिलिंग काउंटर <br />- पहली मंजिल में 30 बेड का बनेगा सर्जिकल आईसीयू <br />- पहली मंजिल पर होगी मॉड्युलर आईसीयू की सुविधा<br />- दूसरी मंजिल पर मिलेगी मरीजों को जनरल वार्ड की सुविधा<br />- तीसरी मंजिल पर बनेंगे चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर <br />- चौथी मंजिल पर मिलेगी प्राइवेट वार्डों की सुविधा</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/529612/in-kanpur-the-young-lawyer-murdered-by-the-domineering-attack#gsc.tab=0">Kanpur में अधिवक्ता की हत्या: दबंगों ने बैसाखी से सिर पर किया हमला, पीड़ित परिजन आरोपी के घर पहुंचे...हंगामा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:45:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World TB Day; हमने नहीं छोड़ी दवा, टीबी को कर दिया दफा; टीबी चैंपियन संभावित मरीजों को कर रहे जागरूक...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> 15 दिन से खांसी है, बुखार भी। जांच से क्यों डर रहे हो, अरे आप मुझे देखो, टीबी हुई थी, उसकी दवा खाई और पौष्टिक आहार भी लिया। अब तुम्हारे सामने हूं, पूरी तरह से ठीक हूं और टीबी से मुक्ति पा चुका हूं। ऐसी बातें बोलकर टीबी चैंपियन संभावित मरीजों को जागरूक करने के साथ ही टीबी मरीजों को समय पर जांच व दवा के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। </p>
<p>लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त कराने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529475/world-tb-day-we-did-not-leave-the-medicine-tb"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/untitled-design-(13).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> 15 दिन से खांसी है, बुखार भी। जांच से क्यों डर रहे हो, अरे आप मुझे देखो, टीबी हुई थी, उसकी दवा खाई और पौष्टिक आहार भी लिया। अब तुम्हारे सामने हूं, पूरी तरह से ठीक हूं और टीबी से मुक्ति पा चुका हूं। ऐसी बातें बोलकर टीबी चैंपियन संभावित मरीजों को जागरूक करने के साथ ही टीबी मरीजों को समय पर जांच व दवा के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। </p>
<p>लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प भी है। जिले में 20 हजार से अधिक टीबी रोगी हैं और 700 के करीब एमडीआर के मरीज हैं। इन आंकड़ों को कम करने, टीबी मरीजों को जांच, दवा व पौष्टिक आहार का सेवन नियम से कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सौ दिवसीय अभियान का संचालन किया जा रहा है।</p>
<p>अभियान में संभावित मरीज भी चिह्नित कर उनकी जांच कराई जा रही है, जिसमे टीबी चैंपियन भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। टीबी चैंपियन अपने आप का उदाहरण देकर टीबी ग्रस्त मरीजों व संभावित मरीजों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उनको अभियान में कुछ केस ऐसे भी मिले हैं, जिन्हें लक्षणों के आधार पर टीबी की आशंका थी, लेकिन वह जांच से झिझक रहे थे। पूछताछ में उन्होंने टीबी ठीक न होने, दवाओं के दुष्प्रभाव, समाज में अलग-थलग करने का डर आदि बताया। जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम व टीबी चैंपियनों ने ऐसे मरीजों को भावनात्मक सहयोग प्रदान कर उनका इलाज शुरू कराया। </p>
<p><strong>वर्ष 2023-24 में मिले थे 26,222 मरीज </strong></p>
<p>जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुबोध प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 26,222 टीबी के रोगी मिले थे, इनमें से 80 से 90 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं। जिन्होंने किसी कारण इलाज व दवा में लापरवाही बरती वह आज भी बीमारी से ग्रस्त हैं, जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में किया जा रहा है। टीबी के इलाज में लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। </p>
<p><strong>टीबी ही नहीं एमडीआर को भी दी मात </strong></p>
<p>बाबूपुरवा निवासी नसीम बनों का कहना है कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर सही उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। स्वस्थ होने पर स्वास्थ्य विभाग ने उनको टीबी चैंपियन बनाया। अब वह लोगों को टीबी के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसी तरह मछरिया निवासी शबनूर एमडीआर टीबी को मात देकर स्कूल व क्षेत्रों में जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक व लक्षण मिलने पर जांच कराने की सलाह दे रही हैं। </p>
<p><strong>केस-1</strong></p>
<p>शिवाला निवासी दुर्गा सिंह ने बताया कि खांसी ठीक नहीं होने पर जांच कराई तो टीबी की पुष्टि हुई। छह महीने तक इलाज चला, दवाएं रामबाण निकलीं। नियमित दवाओं के सेवन से बीमारी पूरी तरह से ठीक हुई। </p>
<p><strong>केस-2</strong></p>
<p>कल्यानपुर निवासी शिवप्रसाद ने बताया कि लंबे समय से खासी बंद नहीं हो रही थी और बुखार भी आता था। जांच में टीबी निकली। डर के कारण परिजनों को भी नहीं बताया। छह महीने लगातार दवा खाई और टीबी से मुक्ति पाई। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/%E0%A4%85%E0%A4%AC%20%E0%A4%88-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A5%87%20%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%9F%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AC%20%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%B0%20%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87;%20%E0%A4%87%E0%A4%B8%20%E0%A4%8F%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AA%20%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE%20%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8,%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%20%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95%20%E0%A4%95%E0%A4%B0%20%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%87%20%E0%A4%AF%E0%A5%87%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6...">अब ई-रिक्शे रूट के हिसाब से कलर होंगे; इस एप्प से होगा वेरीफिकेशन, कानपुर में मंडलायुक्त ने बैठक कर दिये ये निर्देश...</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/529475/world-tb-day-we-did-not-leave-the-medicine-tb</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 14:43:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम में बदलाव से बढ़ रहे वायरल के मरीज; कानपुर के हैलट अस्पताल की ओपीडी में भीड़, बुखार से लोगों को आ रही कमजोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> मौसम और तापमान में हो रहे बदलाव के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को गले में खराश के साथ दर्द, बुखार, सांस लेने में समस्या और खांसी आने के साथ सिर दर्द की समस्या हो रही है। इसके अलावा होली पर अधिक तला-भुना भोजन का सेवन करने से लोगों में पेट संबंधित समस्या बढ़ी है। </p>
<p>हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में काफी मरीज पहुंच रहे हैं जिनमे खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश, शरीर व जोड़ों में दर्द, खांसी आने के साथ सिर में दर्द और कमजोरी की समस्या रही।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529422/the-viral-patients-are-increasing-due-to-change-in-weather"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/hallat-hospital2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> मौसम और तापमान में हो रहे बदलाव के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को गले में खराश के साथ दर्द, बुखार, सांस लेने में समस्या और खांसी आने के साथ सिर दर्द की समस्या हो रही है। इसके अलावा होली पर अधिक तला-भुना भोजन का सेवन करने से लोगों में पेट संबंधित समस्या बढ़ी है। </p>
<p>हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में काफी मरीज पहुंच रहे हैं जिनमे खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश, शरीर व जोड़ों में दर्द, खांसी आने के साथ सिर में दर्द और कमजोरी की समस्या रही। इसके अलावा उल्टी, दस्त, पेट में दर्द संबंधित समस्या लेकर भी मरीज पहुंच रहे हैं।</p>
<p>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो. जेएस कुशवाहा ने बताया कि तापमान में हो रहे बदलाव के कारण लोग वायरल की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। वायरल मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है, इसलिए गले में खराश, दर्द और खांसी की समस्या होती है। नियमित समय पर दवा और पौष्टिक आहार का सेवन जरूरी है। </p>
<h5><strong>न होने दें पानी की कमी </strong></h5>
<p>मार्च माह में ही तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच रहा है, ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.एसके गौतम ने बताया कि गर्मी के मौसम में कम पानी पीने से कई बार सिरदर्द, थकान और चक्कर जैसी समस्या हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/529351/in-kanpur-60-thousand-accused-have-cheated-the-case-of#gsc.tab=0">Kanpur में महिला का मोबाइल हैक कर उड़ाए 60 हजार: आरोपियों ने PNG गैस कनेक्शन दिलाने के बहाने की ठगी, जानिए मामला</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/529422/the-viral-patients-are-increasing-due-to-change-in-weather</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 11:55:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर के हैलट अस्पताल में बर्न यूनिट बनकर तैयार, गुणवत्ता पर उठे सवाल; दीवारों पर लगी सीलन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में बहुप्रतीक्षित बर्न एंड प्लास्टिक यूनिट बनकर तैयार हो गई है। लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के बाद ही भवन अपने अधीन लेने की बात कही है। इसकी वजह यूनिट के निरीक्षण में मिली कमियां हैं। प्राचार्य ने 14 बिंदुओं पर रिपोर्ट देकर जिलाधिकारी को भवन की गुणवत्ता जांच के लिए कमेटी गठित करने के लिए पत्र लिखा है। </p>
<p>हैलट अस्पताल में बीते छह साल से बर्न यूनिट का काम चल रहा था। राजकीय निर्माण निगम को भवन तैयार करने का काम वर्ष 2019 में सौंपा गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529248/questions-raised-on-the-quality-prepared-on-the-quality-prepared"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/hallat-hospital1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में बहुप्रतीक्षित बर्न एंड प्लास्टिक यूनिट बनकर तैयार हो गई है। लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के बाद ही भवन अपने अधीन लेने की बात कही है। इसकी वजह यूनिट के निरीक्षण में मिली कमियां हैं। प्राचार्य ने 14 बिंदुओं पर रिपोर्ट देकर जिलाधिकारी को भवन की गुणवत्ता जांच के लिए कमेटी गठित करने के लिए पत्र लिखा है। </p>
<p>हैलट अस्पताल में बीते छह साल से बर्न यूनिट का काम चल रहा था। राजकीय निर्माण निगम को भवन तैयार करने का काम वर्ष 2019 में सौंपा गया था। पिछले पांच माह से राजकीय निर्माण निगम पीडब्ल्यूडी के टेंडर के मुताबिक सभी कार्य पूरे करने के दावों के साथ भवन हैंडओवर करने के लिए प्रयासरत है। लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन बिल्डिंग के निर्माण कार्य से संतुष्ट नहीं है। वह जिलाधिकारी की समिति से बिल्डिंग की क्वालिटी चेक रिपोर्ट लेने के बाद ही भवन नियंत्रण में लेने की बात कह रहा है। </p>
<h5><strong>6.75 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत </strong></h5>
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हैलट अस्पताल की इमरजेंसी के सामने बर्न एंड प्लास्टिक यूनिट की स्थापना के लिए वर्ष 2017 में 6.75 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। यूनिट का निर्माण कार्य साल 2019 में उप्र राजकीय निर्माण निगम ने शुरू किया था, जिसे जून 2024 में पूरा होना था। </p>
<h5><strong>प्राचार्य को निरीक्षण में मिली थीं खामियां </strong></h5>
<p>राजकीय निर्माण निगम बर्न यूनिट का काम पूरा होने की बात कह रहा है, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक काम अधूरा और गुणवत्तापूर्ण नहीं है। बीते दिनों प्राचार्य प्रो.संजय काला को यूनिट के निरीक्षण में दीवारों पर सीलन मिली थी। खिड़की व दरवाजों का काम मानक के अनुरूप नहीं था।   </p>
<h5><strong>53 पद स्वीकृत, उपकरणों के लिए मांगे 10 करोड़ </strong></h5>
<p>हैलट अस्पताल में 26 बेड की बर्न यूनिट के लिए शासन की ओर से 53 पदों की स्वीकृति मिलने के बाद अब उपकरणों के लिए शासन से 10 करोड़ रुपये बजट की मांग की गई है। बर्न यूनिट शुरू होने से आसपास के 18 जिलों के अग्निकांड या अन्य कारणों से जले मरीजों को लाभ मिलेगा। अभी ऐसे घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अन्य अस्पतालों में जाने की सलाह दी जाती है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/529223/live-cm-yogi-reached-kanpur-convention-center-and-metro-preparation#gsc.tab=0">LIVE CM Yogi ने कन्वेंशन सेंटर और मेट्रो स्टेशन का किया निरीक्षण; अफसरों के साथ कर रहे बैठक...</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 12:41:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
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                <title>कानपुर में चिकित्सा शिक्षा सचिव अपर्णा यू ने GSVSS PGI का किया निरीक्षण; ओपीडी, काउंटर, दवा वितरण को देखा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कानपुर में मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा सचिव अपर्णा यू ने जीएसवीएसएस पीजीआई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, काउंटर, दवा वितरण केंद्र, सीटी स्कैन व एमआरआई आदि देखा। इस दौरान उनके साथ प्राचार्य डॉ. संजय काला, डॉ. मनीष सिंह समेत अन्य स्टॉफ मौजूद रहा।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान अपर्णा यू ने कहा कि जेके कैंसर की बदहाली को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल मरीजों की भीड़ जो अधिक हो रही है, उसको देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। कार्डियोलॉजी में तीन कैथ लैब बननी है। उस पर बातचीत की। निदेशक डॉ. राकेश वर्मा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528165/in-kanpur-medical-education-secretary-aparna-u-inspected-gsvss-pgi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/kanpur-gsvss-pgi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कानपुर में मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा सचिव अपर्णा यू ने जीएसवीएसएस पीजीआई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, काउंटर, दवा वितरण केंद्र, सीटी स्कैन व एमआरआई आदि देखा। इस दौरान उनके साथ प्राचार्य डॉ. संजय काला, डॉ. मनीष सिंह समेत अन्य स्टॉफ मौजूद रहा।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान अपर्णा यू ने कहा कि जेके कैंसर की बदहाली को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल मरीजों की भीड़ जो अधिक हो रही है, उसको देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। कार्डियोलॉजी में तीन कैथ लैब बननी है। उस पर बातचीत की। निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि टेंडर प्रकिया होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। वार्ड में उन्होंने मरीजों से उनके हाल-चाल लिए। इस दौरान उन्होंने आधुनिक मशीनों के बारे में भी जाना।</p>
<p><strong><em>ये भी पढ़ें- </em><a href="https://www.amritvichar.com/article/528159/in-kanpur-in-60-days-cyber-cheated-thugs-worth-4553#gsc.tab=0">कानपुर में 60 दिनों में कारोबारी से 45.53 लाख की साइबर ठगी: ठगों ने कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाया</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:28:59 +0530</pubDate>
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