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                <title>Lucknow PGI - Amrit Vichar</title>
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                <description>Lucknow PGI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्वस्थ जीवनशैली ही हृदय रोग से बचाव की सबसे बड़ी दवा : प्रो. आरके. धीमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने कहा है कि हृदय रोग की रोकथाम में जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है। उन्होंने कहा कि वजन, रक्तचाप, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और शारीरिक निष्क्रियता पर नियंत्रण कर हृदय संबंधी बीमारियों के बड़े हिस्से को रोका जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, प्रज्ञा, गोमतीनगर में आयोजित हृदय स्वास्थ्य जागरूकता एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. धीमान ने कहा कि भारत में हृदय रोग का बढ़ता बोझ गंभीर चिंता का विषय है। इसे कम करने के लिए रोकथाम की शुरुआत कम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569188/a-healthy-lifestyle-is-the-best-medicine-to-prevent-heart-disease--prof--r-k--dhiman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/prof.-rk.-dhiman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने कहा है कि हृदय रोग की रोकथाम में जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है। उन्होंने कहा कि वजन, रक्तचाप, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और शारीरिक निष्क्रियता पर नियंत्रण कर हृदय संबंधी बीमारियों के बड़े हिस्से को रोका जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, प्रज्ञा, गोमतीनगर में आयोजित हृदय स्वास्थ्य जागरूकता एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. धीमान ने कहा कि भारत में हृदय रोग का बढ़ता बोझ गंभीर चिंता का विषय है। इसे कम करने के लिए रोकथाम की शुरुआत कम उम्र से होनी चाहिए और यह प्रयास जीवनभर जारी रहना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ जीवनशैली न केवल बीमारी से बचाव करती है, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य और बेहतर जीवन गुणवत्ता का आधार भी बनती है। यह कार्यशाला एनएडीटी आरसी लखनऊ द्वारा "अच्छे स्वास्थ्य" विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुई। कार्यक्रम का नेतृत्व आईआरएस के अपर महानिदेशक डॉ. नील जैन ने किया, जबकि समन्वय संयुक्त निदेशक अन्विका शर्मा ने किया। </p>
<p style="text-align:justify;">एसजीपीजीआईएमएस के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. आदित्य कपूर ने सीपीआर को चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं बल्कि जीवन रक्षक कौशल बताते हुए कहा कि इसे कोई भी सीख सकता है और किसी की जान बचा सकता है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते कोरोनरी धमनी रोग, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई तथा कहा कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में पहले कुछ मिनट अत्यंत निर्णायक होते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सीपीआर में प्रत्येक मिनट की देरी से जीवन बचने की संभावना लगभग 10 प्रतिशत कम हो जाती है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अचानक हृदय गति रुकने की पहचान, सीपीआर की सही तकनीक और स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर (एईडी) के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रो. आदित्य कपूर और एसजीपीजीआईएमएस के कैथ लैब प्रभारी नर्स शिवदयाल ने किया। वक्ताओं ने कार्यस्थलों, विद्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में व्यापक सीपीआर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रशिक्षित समाज ही आपात स्थितियों में जीवन रक्षा सुनिश्चित कर सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 19:13:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> PGI लखनऊ को दोहरी सफलता : डॉ. आदित्य कपूर को ‘अकैडमिक एक्सीलेंस’ और संस्थान को ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ अवार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। नई दिल्ली में आयोजित 'बीट 2025 - नेशनल कार्डियोवैस्कुलर समिट' के दौरान हुए 'वॉयस ऑफ हेल्थकेयर कार्डियक एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025' में एसजीपीजीआई को दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है।</p>
<p>संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. आदित्य कपूर को "अकैडमिक एक्सीलेंस इन कार्डियोवैस्कुलर मेडिसिन" पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वहीं संस्थान को "एक्सिलेंस इन डिजिटल ट्रांस्फार्मेशन इन कार्डियोवैस्कुलर डिजीज़ केयर" पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार संस्थान की अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी भूमिका की मान्यता है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556075/pgi-lucknow-wins-double-medal--dr--aditya-kapoor-receives--academic-excellence--award-and-the-institute-receives--digital-transformation--award"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats254.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। नई दिल्ली में आयोजित 'बीट 2025 - नेशनल कार्डियोवैस्कुलर समिट' के दौरान हुए 'वॉयस ऑफ हेल्थकेयर कार्डियक एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025' में एसजीपीजीआई को दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है।</p>
<p>संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. आदित्य कपूर को "अकैडमिक एक्सीलेंस इन कार्डियोवैस्कुलर मेडिसिन" पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वहीं संस्थान को "एक्सिलेंस इन डिजिटल ट्रांस्फार्मेशन इन कार्डियोवैस्कुलर डिजीज़ केयर" पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार संस्थान की अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी भूमिका की मान्यता है।</p>
<p> प्रो. आदित्य कपूर ने कहा, "यह सम्मान एसजीपीजीआई के समर्पित शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं की टीम को समर्पित है, जो लगातार हृदय रोग चिकित्सा को नई दिशा देने के लिए कार्यरत हैं। हमारा उद्देश्य अनुसंधान और नवाचार को बेहतर रोगी परिणामों में बदलना है।" </p>
<p>उन्होंने संस्थान के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी एकीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। गौरतलब है कि बीट 2025 नेशनल कार्डियोवैस्कुलर समिट में देशभर के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 20:08:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन, लखनऊ PGI में ली अंतिम सांस...CM योगी ने जताया दुख</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या।</strong> राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का बुधवार को निधन हो गया है। उन्होंने 85 साल की उम्र में लखनऊ PGI में अंतिम सांस ली। उन्हें 3 फरवरी को संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में भर्ती कराया गया था और स्ट्रोक आने के बाद वह न्यूरोलॉजी वार्ड HDU में थे।</p>
<p class="artconfp">सत्येंद्र दास की ‘ब्रेन स्ट्रोक’ के कारण तबीयत बिगड़ जाने के बाद उन्हें लखनऊ के SGPGI में रविवार को भर्ती कराया गया था। उन्हें मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर भी था। वह न्यूरोलॉजी आईसीयू में भर्ती थे। सतेंद्र दास 20 वर्ष की आयु से ही प्रधान पुजारी के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/521950/ram-mandir-s-chief-priest-satyendra-das-passed-away--breathed-his-last-in-lucknow-pgi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/demo-image-v---2025-02-12t093507.751.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का बुधवार को निधन हो गया है। उन्होंने 85 साल की उम्र में लखनऊ PGI में अंतिम सांस ली। उन्हें 3 फरवरी को संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में भर्ती कराया गया था और स्ट्रोक आने के बाद वह न्यूरोलॉजी वार्ड HDU में थे।</p>
<p class="artconfp">सत्येंद्र दास की ‘ब्रेन स्ट्रोक’ के कारण तबीयत बिगड़ जाने के बाद उन्हें लखनऊ के SGPGI में रविवार को भर्ती कराया गया था। उन्हें मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर भी था। वह न्यूरोलॉजी आईसीयू में भर्ती थे। सतेंद्र दास 20 वर्ष की आयु से ही प्रधान पुजारी के रूप में कार्यरत थे। </p>
<p class="artconfp">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होने एक्स पर पोस्ट किया “ परम रामभक्त, राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि। प्रभु राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दे और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।”</p>
<p class="artconfp">श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र संवाद केन्द्र अयोध्या धाम के एक बयान जारी कर महंत के निधन की जानकारी साझा की। उन्होने कहा कि अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का साकेतवास हो गया, आज माघ पूर्णिमा के पवित्र दिन प्रातः सात बजे के लगभग उन्होंने पी जी आई लखनऊ में अंतिम सांस ली, वे वर्ष 1993 से रामलला की सेवा पूजा कर रहे थे। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चम्पत राय व मन्दिर व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों ने मुख्य अर्चक के‌ देहावसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।</p>
<p class="artconfp">राम मंदिर के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्य पुजारी दास ने आध्यात्मिक जीवन का विकल्प चुना था। वह 20 वर्ष की आयु से ही प्रधान पुजारी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने छह दिसंबर, 1992 को भी अस्थायी राम मंदिर के पुजारी के रूप में सेवा दी थी, जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था। उन्हें पूरे अयोध्या और यहां तक कि उससे इतर भी व्यापक सम्मान मिला।</p>
<p class="artconfp">निर्वाणी अखाड़े से आने वाले दास अयोध्या के सबसे सुलभ संतों में से एक थे और अयोध्या एवं राम मंदिर के घटनाक्रमों के बारे में जानकारी चाहने वाले देश भर के कई मीडियाकर्मियों के लिए संपर्क व्यक्ति थे। छह दिसंबर, 1992 को जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था, तब उन्हें मुख्य पुजारी के रूप में सेवा करते हुए मुश्किल से नौ महीने हुए थे। विध्वंस के बाद भी दास मुख्य पुजारी के रूप में बने रहे और जब राम लला की मूर्ति एक अस्थायी तम्बू के नीचे स्थापित की गई, तब उन्होंने पूजा भी की। </p>
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<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/521949/cm-yogi-greeted-saints-on-magh-purnima-bathing-festival">Mahakumbh 2025: माघ पूर्णिमा स्नान पर्व पर सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं, संतों का किया अभिनंदन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/521950/ram-mandir-s-chief-priest-satyendra-das-passed-away--breathed-his-last-in-lucknow-pgi</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 09:35:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PGI News: लखनऊ पीजीआई की NIRF रैंकिंग में एक अंक का सुधार, हासिल की 6 वीं रैंक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> पीजीआई में एनआईआरएफ रैंकिंग में एक रैंक का सुधार हुआ है। संस्थान ने देश भर में मेडिकल श्रेणी में 6 वीं रैंक हासिल की है। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने बताया संस्थान का स्कोर 69.62 से बढ़कर 70.07 हुआ है। इस बार 0.45 की बढ़ोत्तरी हुई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि रोगियों के उपचार एवं शोध का दायरा बढ़ा है। संस्थान में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के परिणाम अच्छे आए हैं। वित्तीय संसाधनों और उनके उपयोग (एफआरयू) का दायरा 28.37 से 29.58 हुआ है। रिसर्च पब्लिकेशन 23.45 अंक से 24.28 व बौद्धिक संपदा अधिकार में एक से बढ़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/485812/pgi-news--lucknow-pgi-s-nirf-ranking-improved-by-one-point--achieved-6th-rank"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/cats333.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> पीजीआई में एनआईआरएफ रैंकिंग में एक रैंक का सुधार हुआ है। संस्थान ने देश भर में मेडिकल श्रेणी में 6 वीं रैंक हासिल की है। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने बताया संस्थान का स्कोर 69.62 से बढ़कर 70.07 हुआ है। इस बार 0.45 की बढ़ोत्तरी हुई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि रोगियों के उपचार एवं शोध का दायरा बढ़ा है। संस्थान में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के परिणाम अच्छे आए हैं। वित्तीय संसाधनों और उनके उपयोग (एफआरयू) का दायरा 28.37 से 29.58 हुआ है। रिसर्च पब्लिकेशन 23.45 अंक से 24.28 व बौद्धिक संपदा अधिकार में एक से बढ़ 1.50 हुआ है।</p>
<p>सुपर स्पेशियलिटी छात्रों के स्नातक (जीएसएस) में 12.18 से 12.25, क्षेत्रीय विविधता (आरडी) में 12.36 से 15.47 अंक और महिला विविधता (डब्ल्यूडी) में 24.74 से 24.80 अंक का इजाफा हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/485808/akhilesh-yadav-condemns-pt-usha-s-statement-in-vinesh-case--targets-ioa-and-bjp#gsc.tab=0">अखिलेश यादव ने की विनेश मामले में पीटी उषा के बयान की निंदा, IOA और भाजपा पर साधा निशाना</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 09:36:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: पीजीआई में मूत्राशय के रास्ते से की गई प्रोस्टेट कैंसर की रोबोटिक सर्जरी-डॉक्टर्स ने किया ये बड़ा दावा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> एसजीपीजीआई के डॉक्टरों ने रोगी के पेशाब की थैली के रास्ते से प्रोस्टेट कैंसर की सफल रोबोटिक सर्जरी कर इतिहास रच दिया। डॉक्टरों का दावा है कि विश्व में पहली बार इस तकनीक से प्रोस्टेट ग्रंथि की सर्जरी हुई है। यह ऑपरेशन संस्थान के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. उदय प्रताप सिंह के निर्देशन किया गया है। इस तकनीक का नाम ट्रांसवेसिकल मल्टीपोर्ट रोबोटिक रेडिकल प्रॉस्टेटेक्टॉमी दिया गया है। यह तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का जीवन और बेहतर होगा।</p><p>यूरोलॉजी विभाग के डॉ. यूपी सिंह ने बताया कि रोगी प्रोस्टेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477240/robotic-surgery-for-prostate-cancer-was-done-through-urinary-bladder"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/4510.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> एसजीपीजीआई के डॉक्टरों ने रोगी के पेशाब की थैली के रास्ते से प्रोस्टेट कैंसर की सफल रोबोटिक सर्जरी कर इतिहास रच दिया। डॉक्टरों का दावा है कि विश्व में पहली बार इस तकनीक से प्रोस्टेट ग्रंथि की सर्जरी हुई है। यह ऑपरेशन संस्थान के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. उदय प्रताप सिंह के निर्देशन किया गया है। इस तकनीक का नाम ट्रांसवेसिकल मल्टीपोर्ट रोबोटिक रेडिकल प्रॉस्टेटेक्टॉमी दिया गया है। यह तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे प्रोस्टेट कैंसर मरीजों का जीवन और बेहतर होगा।</p><p>यूरोलॉजी विभाग के डॉ. यूपी सिंह ने बताया कि रोगी प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित था। परिवारीजनों की सहमति के बाद रोबोट से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। गया। इसमें ऑपरेशन के बाद पेशाब का रिसाव, यौन शक्ति समेत दूसरे जोखिम की आशंका बिल्कुल न के बराबर होती है। जबकि, सामान्य तकनीक से ऑपरेशन करने पर इन समस्याओं का जोखिम अधिक रहता है। डॉ. उदय का कहना है उन्होंने पहली बार पेशाब की थैली के भीतर जाकर प्रोस्टेट कैंसर की रोबोट से सफल सर्जरी की है। प्रोस्टेट को पूरा निकाल दिया है। मरीज स्वस्थ हैं। इस तकनीक से रोगी जल्द ठीक होने के साथ कम दर्द समेत दूसरे जोखिम बहुत कम होते हैं। पीजीआई में इस ऑपरेशन में करीब दो लाख का खर्च आया है। जबकि कॉरपोरेट अस्पतालों में चार लाख से अधिक लगेगा।</p><p><strong>इस तकनीक से फायदे</strong><br />डॉ. उदय प्रताप सिंह ने बताया कि समान तरीके से की जाने वाली प्रोस्टेट सर्जरी में पेशाब की थैली के बाहर से जाकर ऑपरेशन करने में आसपास के ऊतक और नसें क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसमें जब मरीज की कैथेटर निकालने के बाद रोगियों में पेशाब टपकने और यौन शक्ति कमजोर होने का खतरा अधिक रहता है। जबकि ट्रांसवेसिकल रोबोटिक रेडिकल प्रॉस्टेटेक्टॉमी में मूत्राशय के भीतर जाकर ऑपरेशन किया गया है। इसमें उतकों और नसों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। इससे रोगियों में पेशाब के रिसाव और यौन शक्ति प्रभावित होने की गुंजाइश न के बराबर होती है।</p><p><strong>ये भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/477234/lucknow-trauma-doctors-accused-of-misbehavior-with-attendant-video-goes#gsc.tab=0">लखनऊ: ट्रॉमा के डॉक्टरों पर तीमारदार से अभद्रता का आरोप, वीडियो वायरल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 22:10:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jagat Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: पीजीआई के गेट पर भीषण सड़क हादसा, दो लोगों की मौत, 10 गंभीर रूप से घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार डेस्क। </strong>राजधानी लखनऊ में पीजीआई के सामने भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में दो लोग की मौत हो गई वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोमवार सुबह पीजीआई गेट के सामने एक कंटेनर ने सामने से आ रहे एक ऑटो और टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी।</p>
<p>टक्कर इतनी तेज थी की ऑटो और टेंपो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना के बाद दो युवकों की मौत हो गई वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऑटो को कंटेनर की इतनी जोर की टक्कर लगी थी कि ऑटो में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/454538/lucknow--horrific-road-accident-at-pgi-gate--two-killed--many-injured-due-to-collision-with-container"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/451.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार डेस्क। </strong>राजधानी लखनऊ में पीजीआई के सामने भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में दो लोग की मौत हो गई वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोमवार सुबह पीजीआई गेट के सामने एक कंटेनर ने सामने से आ रहे एक ऑटो और टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी।</p>
<p>टक्कर इतनी तेज थी की ऑटो और टेंपो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना के बाद दो युवकों की मौत हो गई वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऑटो को कंटेनर की इतनी जोर की टक्कर लगी थी कि ऑटो में बैठे सभी लोग घायल हो गए जिनका पीजीआई में इलाज किया जा रहा है।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार या दुर्घटना सुबह 5:45 बजे के आसपास हुई थी। पीजीआी मोड़ के पास एक कंटेनर ने सवारी भर रहे ऑटो व टेंपो में जोरदार टक्कर मारी। घटना के बाद 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए जिनमें से दो लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं 10 लोगों का इलाज किया जा रहा है।‌ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में बिहार के रहने वाले ऋतुराज चौधरी और झारखंड के रहने वाले कृष्ण प्रसाद की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गए। ‌</p>
<p>पीजीआी इंस्पेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों के परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है सभी घायलों की पहचान की जा रही है जिस गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ है उसे कंटेनर को बरामद कर लिया गया है ड्राइवर के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उसे गिरफ्तार भी किया गया चुका है।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ: PGI गेट के सामने अनियंत्रित वाहन ने मारी ऑटो और टैक्सी को टक्कर<br /><br />सूत्रों के मुताबिक PGI अस्पताल में मरीज को दिखाने आ रहे थे सभी लोग<br /><br />जिसमे 1 की मौत, 4 लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे <br /><br />सुबह 6 बजे रायबरेली रोड PGI गेट के सामने की घटना<a href="https://twitter.com/hashtag/Lucknow?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Lucknow</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UttarPradesh</a> <a href="https://t.co/WCGJVkKQ7w">pic.twitter.com/WCGJVkKQ7w</a></p>
— Amrit Vichar (@AmritVichar) <a href="https://twitter.com/AmritVichar/status/1774677875356000352?ref_src=twsrc%5Etfw">April 1, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/454522/asaduddin-owaisi-met-mukhtar-ansari-s-family--said--we-stand-with-his-family-and-loved-ones#gsc.tab=0">असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्तार अंसारी के परिवार से की मुलाकात, कहा- हम उनके खानदान और चाहने वालों के साथ खड़े हैं</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Apr 2024 11:27:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहीं रहे मशहूर शायर मुनव्वर राना, पीजीआई में चल रहा था इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ: </strong>मशहूर शायर मुनव्वर राना का आज निधन हो गया। लखनऊ के पीजीआई में उनका इलाज चल  रहा था। उन्होंने आज रविवार को अंतिम सांस ली। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बता दें कि मुनव्वर राना भारत के मशहूर कवि और शायर थे, इनकी लोकप्रियता सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब थी। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनकी लिखी हुई कविताओं का दूसरे कई भाषाओं में अनुवाद हुआ है। मुनव्वर राना को अपनी रचनाओं के लिए कई पुरस्कार भी मिले थे।मशहूर शायर मुनव्वर राना की हालत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/435547/famous-poet-munavvar-rana-is-no-more-was-undergoing-treatment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/ररा.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ: </strong>मशहूर शायर मुनव्वर राना का आज निधन हो गया। लखनऊ के पीजीआई में उनका इलाज चल  रहा था। उन्होंने आज रविवार को अंतिम सांस ली। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बता दें कि मुनव्वर राना भारत के मशहूर कवि और शायर थे, इनकी लोकप्रियता सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब थी। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनकी लिखी हुई कविताओं का दूसरे कई भाषाओं में अनुवाद हुआ है। मुनव्वर राना को अपनी रचनाओं के लिए कई पुरस्कार भी मिले थे।मशहूर शायर मुनव्वर राना की हालत पिछले कुछ समय से लगातार गंभीर बनी हुई थी। उनका इलाज एसजीपीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग में चल रहा था। डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाये हुये थे। </p>
<p>मुनव्वर राणा का शुरूआत में इलाज मेदांता में चल रहा था, हालत बिगड़ने पर उन्हें एसजीपीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया था। जहां पर 9 जनवरी को सुबह उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट की जरूरत बताई जा रही थी, लेकिन डॉक्टरों की कोशिश रंग लाई थी और उनकी सेहत में कुछ सुधार हुआ था। यह जानकरी नेफ्रोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नारायण प्रसाद ने नौ जनवरी को दी थी ।</p>
<p>26 नवंबर 1952 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मुनव्वर राना का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम अनवर राना और मां का नाम आयशा खातून था। मुनव्वर राना अपनी मां से बहुत प्यार करते थे। मां के प्रति लगाव उनकी शायरी में भी देखा जा सकता है। मुनव्वर राना के जीवन का एक लंबा समय कोलकाता में बीता। कोलकाता में ही उन्होंने पढ़ाई लिखाई की। शादी के बाद मुनव्वर लखनऊ में आकर बस गये। बताया जा रहा है कि शायरी का शौक उन्हें बचपन से ही था। </p>
<h6><strong>मुनव्वर राना और विवाद</strong></h6>
<p>मुनव्वर राना जितना अपनी शायरी को लेकर चर्चा में रहते थे उतना ही वह अपने बयानों को लिए भी चर्चित रहे। उनका एक बयान राम मंदिर निर्माण को लेकर भी आया था। साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण का आदेश दिया था। जिस पर उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के लिए कहा था कि उन्होंने न्याय नहीं किया बल्कि आदेश सुनाया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/435398/humanity-put-to-sae-in-lucknow-security-personnel-chased-away">video: लखनऊ में मानवता हुई शर्मसार!, सिविल अस्पताल के पास सुरक्षाकर्मी ने डंडा लेकर गरीब मजदूर को दौड़ाया!, हड़कंप</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jan 2024 23:44:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SGPGI: सर्वश्रेष्ठ शोध पुरस्कार से Dr. Akash Mathur सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (Indian Society of Gastroenterology) की तरफ से लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग (Department of Gastroenterology) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकाश माथुर (Dr. Akash Mathur) को डीएम और डीएनबी के दौरान किए गए शोध की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शोध के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।</p>
<p>  यह पुरस्कार उन्हें हाल ही में जयपुर में आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ़ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के सम्मेलन के दौरान सोसायटी के अध्यक्ष डॉ महेश गोयनका व पद्मश्री डॉ योगेश चावला ने  प्रदान किया। पुरस्कार में डॉ आकाश को 20 हजार रु नगद और एक प्रशस्ति</p>
<p>अपने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/332364/sgpgi--dr--akash-mathur-honored-with-best-research-award"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/image-amrit-vichar(14)8.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (Indian Society of Gastroenterology) की तरफ से लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग (Department of Gastroenterology) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आकाश माथुर (Dr. Akash Mathur) को डीएम और डीएनबी के दौरान किए गए शोध की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शोध के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।</p>
<p> यह पुरस्कार उन्हें हाल ही में जयपुर में आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ़ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के सम्मेलन के दौरान सोसायटी के अध्यक्ष डॉ महेश गोयनका व पद्मश्री डॉ योगेश चावला ने  प्रदान किया। पुरस्कार में डॉ आकाश को 20 हजार रु नगद और एक प्रशस्ति पत्र दिया गया।</p>
<p>अपने शोध में डॉक्टर आकाश माथुर ने  कोविड मरीजों के पाचन तंत्र, विशेषकर आंतों संबंधी दूरगामी दुष्परिणाम का अध्ययन किया। जिसमें उन्होंने देखा कि कोरोना संक्रमित मरीजों में  'इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम' यानी की अपच (डायसपेप्सिया) जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।</p>
<p>डॉ. आकाश को इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वश्रेष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में पुरस्कृत किया था।इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी भारत में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्टस और हेपेटोलॉजिस्टस की सबसे बड़ी संस्था है । यह पुरस्कार पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ शोध के लिए दिया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/332344/women-health-workers-will-get-appointment--relief-to-the-government-from-the-high-court-s-decision#gsc.tab=0">7189 महिला स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को जल्द मिलेगी नियुक्ति, High Court के फैसले से UP सरकार को राहत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jan 2023 13:55:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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                <title>लखनऊ: पीजीआई के डाक्टरों ने गले की नस से कर दिया हार्ट के वाल्व का इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.रूपाली खन्ना ने शुक्रवार को गले की नस के रास्ते जाकर सिकुड़ चुका वाल्व सामान्य कर दिया। यह बैलून डायलेटेशन प्रक्रिया अपनाने में दुनिया भर के चिकित्सक परहेज करते हैं और मरीज को ओपन हार्ट सर्जरी के जोखिम से गुजरना पड़ता है। पीजीआई के डॉक्टर पहले भी कर चुके …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/160131/lucknow-pgi-doctors-treated-heart-valve-with-jugular-vein"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-01/sgpgi1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> संजय गांधी पीजीआई के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.रूपाली खन्ना ने शुक्रवार को गले की नस के रास्ते जाकर सिकुड़ चुका वाल्व सामान्य कर दिया। यह बैलून डायलेटेशन प्रक्रिया अपनाने में दुनिया भर के चिकित्सक परहेज करते हैं और मरीज को ओपन हार्ट सर्जरी के जोखिम से गुजरना पड़ता है।</p>
<p><strong>पीजीआई के डॉक्टर पहले भी कर चुके हैं कमाल </strong></p>
<p>डॉ. रूपाली खन्ना ने बताया कि 25 वर्षीय युवती कुसुम के हृदय का बायां माइट्रल वाल्व सिकुड़ चुका था, जिसे फुलाया जाना जरूरी था। सामान्यता यह बैलून डायलेटेशन की प्रक्रिया पैरों की फीमोरल नस के रास्ते की जाती है, मगर युवती की पैरों की नसे भी असमान्य थी, जिसकी वजह से संभव नही था, लिहाजा जीवन रक्षा में ओपन हार्ट सर्जरी या गले की नस के रास्ते डायलेटेशन किया जाये। एनेस्थेटिक डॉ.अमित रस्तोगी के सहयोग मिलने के बाद गले की नस के रास्ते डायलेटेशन करने का निर्णय लिया और बहुत सावधानी पूर्वक प्रक्रिया संपन्न की, प्रक्रिया से मिटरल वाल्व को फुला कर चौड़ा कर दिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/lucknow-session-will-be-backward-in-educational-institutions-studies-will-be-affected-know/">लखनऊ: शिक्षण संस्थानों में पिछड़ेगा सत्र, पढ़ाई होगी प्रभावित, जानें…</a></strong></p>
<p>इस प्रक्रिया से मरीज को ओपन हार्ट के खतरे,सर्जरी उपरांत अस्पताल में रहने का दर्द व मंहगे इलाज से बचाना संभव हो सका। मरीज पूर्णयता स्वस्थ्य है अगले एक या दो दिन में छुट्टी कर दी जायेगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/bareilly-we-want-a-bjp-free-state-it-has-already-begun-supriya-aron/">बरेली: हम भाजपा मुक्त प्रदेश चाहते हैं, इसकी शुरुआत हो चुकी है- सुप्रिया ऐरन</a></strong></p>
<p>ये कोई पहली मौका नहीं है जब पीजीआई के डॉक्टरों  ने इस तरीके का कमाल किया है। पीआई के डॉक्टर इसके पहले भी बहुत से जटिल आपरेशन कर चुके हैं और उन्हें प्रदेश में विभिन्न पुरुस्कार से नवाजा गया है। इस आपरेशन के बाद मरीजों में एक नई उम्मीद की किरण जग गई है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jan 2022 22:45:53 +0530</pubDate>
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