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                <title>Secondary Education Council - Amrit Vichar</title>
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                <description>Secondary Education Council RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अयोध्या में 8 वित्त विहीन कॉलेजों की मान्यता रद, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने की कार्रवाई, जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित 70 जिलों के 465 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता करने की बड़ी कार्रवाई में जिले के आठ वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय जद में आए हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने आदेश जारी कर कहा कि ये स्कूल लगातार दो वर्षों से कक्षाएं नहीं चला रहे थे और 2025 व 2026 की बोर्ड परीक्षा में एक भी परीक्षार्थी शामिल नहीं हुआ।</p>
<p>माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत इन विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी। बोर्ड सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सूची का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585188/affiliation-of-8-unaided-colleges-in-ayodhya-cancelled--board-of-secondary-education-takes-action%E2%80%94find-out-the-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats380.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित 70 जिलों के 465 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता करने की बड़ी कार्रवाई में जिले के आठ वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय जद में आए हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने आदेश जारी कर कहा कि ये स्कूल लगातार दो वर्षों से कक्षाएं नहीं चला रहे थे और 2025 व 2026 की बोर्ड परीक्षा में एक भी परीक्षार्थी शामिल नहीं हुआ।</p>
<p>माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत इन विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी। बोर्ड सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सूची का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थी और अभिभावक अमान्य स्कूलों में प्रवेश लेने से बचें। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के आठ वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता भी रद की गई है। इन कॉलेजों के विरुद्ध अलग से नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि विभाग की एक टीम संबंधित कॉलेजों का स्थलीय निरीक्षण कर कॉलेज संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायेगी। डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। अभिभावकों से अपील की गई है कि प्रवेश से पहले विद्यालय की मान्यता जरूर जांच लें।</p>
<h5><strong>जिले के इन माध्यमिक विद्यालयों की रद हुई मान्यता</strong></h5>
<ol>
<li>एमडी गर्ल्स इंटर कॉलेज, अयोध्या</li>
<li>मधुराज़ एचएसएस, मिल्कीपुर</li>
<li>अद्वैत शिक्षण संस्थान यूएमवी, अयोध्या</li>
<li>बलदेव बालिका यूएमवी, शाहगंज</li>
<li>हरीश कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, गंजा</li>
<li>शिव लघु इंटर कॉलेज, देवकाली</li>
<li>श्री धर्मराज बलवान रावत यूएमवी, रामपुर</li>
<li>पारमा एकेडमी हाई स्कूल, रामघाट, अयोध्या</li>
</ol>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 18:04:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Board News: यूपी बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षा के अंकों के अपलोड के लिए दिया अंतिम मौका, जल्द जारी होगा रिजल्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराजः</strong> उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा 2026 के अंकों के अपलोड को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विद्यालयों को अंतिम अवसर प्रदान किया है। परिषद की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कई विद्यालयों में आंतरिक परीक्षकों द्वारा प्रैक्टिकल अंकों को समय पर ऑनलाइन अपलोड नहीं किया गया, जिससे हजारों छात्रों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बोर्ड के मुताबिक, इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की गई थीं। पहला चरण 24 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक तथा दूसरा चरण 2 फरवरी से 9 फरवरी 2026 तक संपन्न हुआ था। इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577464/up-board-news--up-board-has-given-the-last-chance-to-upload-the-marks-of-practical-examination--the-result-will-be-declared-soon"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(49).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराजः</strong> उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा 2026 के अंकों के अपलोड को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विद्यालयों को अंतिम अवसर प्रदान किया है। परिषद की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कई विद्यालयों में आंतरिक परीक्षकों द्वारा प्रैक्टिकल अंकों को समय पर ऑनलाइन अपलोड नहीं किया गया, जिससे हजारों छात्रों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बोर्ड के मुताबिक, इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की गई थीं। पहला चरण 24 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक तथा दूसरा चरण 2 फरवरी से 9 फरवरी 2026 तक संपन्न हुआ था। इसके बाद भी जिन विद्यालयों में अंक अपलोड नहीं हो सके थे, उन्हें 13 फरवरी 2026 तक अतिरिक्त समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई परीक्षा केंद्रों पर लापरवाही बरती गई। ऑनलाइन डेटा की समीक्षा में सामने आया है कि प्रदेश के 652 प्रायोगिक परीक्षा केंद्रों पर अब तक अंक अपलोड नहीं किए गए हैं, जिससे लगभग 34,637 परीक्षार्थियों का परिणाम प्रभावित हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए परिषद ने छात्रहित में एक और अवसर देने का निर्णय लिया है। अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर 6 और 7 अप्रैल 2026 को प्रैक्टिकल अंकों का पोर्टल पुनः खोला जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">परिषद ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित तिथियों के भीतर सभी विद्यालय अपने शेष प्रैक्टिकल अंक अनिवार्य रूप से अपलोड करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि इस अंतिम अवसर के बावजूद अंक अपलोड नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित परीक्षार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित परीक्षक, प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे अपने विद्यालयों से संपर्क बनाए रखें और सुनिश्चित करें कि उनके प्रैक्टिकल अंक समय से अपलोड हो जाएं, ताकि उनके परिणाम पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 12:14:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला: कक्षा 9 से 12 तक NCERT किताबें सिर्फ 393-458 रुपये में, महंगी निजी किताबों पर लगेगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की 70 पाठ्यपुस्तकों और हिंदी, संस्कृत व उर्दू की 12 पुस्तकों को सस्ते दरों पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। ये पुस्तकें प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में लागू होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीईआरटी की किताबें विशेषज्ञ शिक्षाविदों द्वारा तैयार की जाती हैं और अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न भी इन्हीं पर आधारित होते हैं। इससे छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वयं सीखने की क्षमता विकसित होती है। इन पुस्तकों के मुद्रण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575375/up-board-s-big-decision--ncert-books-for-classes-9-to-12-will-be-available-for-just-rs-393-458--expensive-private-books-will-be-banned"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(8)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की 70 पाठ्यपुस्तकों और हिंदी, संस्कृत व उर्दू की 12 पुस्तकों को सस्ते दरों पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। ये पुस्तकें प्रदेश के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में लागू होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीईआरटी की किताबें विशेषज्ञ शिक्षाविदों द्वारा तैयार की जाती हैं और अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न भी इन्हीं पर आधारित होते हैं। इससे छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वयं सीखने की क्षमता विकसित होती है। इन पुस्तकों के मुद्रण व वितरण के लिए प्रदेश में केवल तीन एजेंसियों को मुद्रक व प्रकाशक अधिकृत किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस क्लब में सोमवार को अधिकृत मुद्रक सिंघल एजेंसीज,लखनऊ के अभिनव अग्रवाल बताया कि परिषद के निर्देशानुसार अधिकृत पुस्तकों के अलावा किसी अन्य किताब से पढ़ाई नहीं कराई जाएगी, ताकि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। इसके लिए प्रदेश में शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में ब्लाक स्तर तक पुस्तकें उपलब्ध करायी जाएंगी। पीतांबरा बुक्स प्रा.लि. झांसी के सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के पुस्तक सेट की कीमत 393 रुपये से 458 रुपये के बीच रखी गई है, जो निजी प्रकाशकों की किताबों से लगभग एक-तिहाई है। इतना ही नहीं, पुस्तकों के कम मूल्य होने के बावजूद अधिकृत मुद्रकों द्वारा खुले बाजार में थोक विक्रेताओं का एमआरपी पर 20 प्रतिशत की छूट जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पायनियर प्रिंटर्स, आगरा के रुचिर बंसल ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 11 एवं 12 के लिए 36 विषयों की 70 पुस्तकों की और कक्षा 9 से 12 तक परिषद द्वारा हिन्दी, संस्कृत एवं उर्दू विषयों की 12 पाठ्यपुस्तकों की सूची मूल्य समेत उपलब्ध करा दी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575375/up-board-s-big-decision--ncert-books-for-classes-9-to-12-will-be-available-for-just-rs-393-458--expensive-private-books-will-be-banned</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:56:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंटरमीडिएट के प्रैक्टिकल एग्जाम की बढ़ाई गई लास्ट डेट, भगवती सिंह ने स्कूलों के लिए जारी किया अल्टीमेटम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊः</strong> उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर मंगलवार को संशोधित आदेश जारी किया है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर 4 फरवरी तक इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह के स्तर से जारी आदेश के मुताबिक प्रथम चरण की प्रायोगिक परीक्षाएं पहले 24 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक निर्धारित थीं, लेकिन 1 फरवरी को कुछ विद्यालयों में परीक्षाएं शेष रहने के कारण अब इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569787/the-last-date-for-intermediate-practical-exams-has-been-extended--bhagwati-singh-has-issued-an-ultimatum-to-schools"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(20)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊः</strong> उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर मंगलवार को संशोधित आदेश जारी किया है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर 4 फरवरी तक इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह के स्तर से जारी आदेश के मुताबिक प्रथम चरण की प्रायोगिक परीक्षाएं पहले 24 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक निर्धारित थीं, लेकिन 1 फरवरी को कुछ विद्यालयों में परीक्षाएं शेष रहने के कारण अब इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 4 फरवरी 2026 कर दी गई है।</p>
<p>सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि जनपद स्तर पर सभी संबंधित परीक्षा केंद्रों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि विस्तारित अवधि के भीतर प्रत्येक दशा में इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं पूर्ण करा ली जाएं। परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, प्रधानाचार्यों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समन्वय बनाकर समयसीमा के अंदर परीक्षाएं संपन्न कराएं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569787/the-last-date-for-intermediate-practical-exams-has-been-extended--bhagwati-singh-has-issued-an-ultimatum-to-schools</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 14:55:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Good News: छात्रों को सस्ते दरों पर मिलेंगी यूपी बोर्ड की पुस्तकें, बुकस्टॉल जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अपने छात्र-छात्राओं के लिए किफायती दरों पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की अनूठी पहल की है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों के निर्धारित पुस्तक बिक्री केंद्रों की सूची जारी की है, जहां से कक्षा 9 से 12 तक के छात्र सभी विषयों की पुस्तकें अत्यंत कम दाम में खरीद सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">कक्षा 9 से 12 तक की सभी प्रमुख पुस्तकें सस्ती दरों पर</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा परिषद शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए हाईस्कूल स्तर (कक्षा 9 व 10) की अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और इंटरमीडिएट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567050/good-news--students-will-get-up-board-books-at-cheap-rates--bookstall-launched"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(24)6.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अपने छात्र-छात्राओं के लिए किफायती दरों पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की अनूठी पहल की है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों के निर्धारित पुस्तक बिक्री केंद्रों की सूची जारी की है, जहां से कक्षा 9 से 12 तक के छात्र सभी विषयों की पुस्तकें अत्यंत कम दाम में खरीद सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">कक्षा 9 से 12 तक की सभी प्रमुख पुस्तकें सस्ती दरों पर</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा परिषद शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए हाईस्कूल स्तर (कक्षा 9 व 10) की अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और इंटरमीडिएट स्तर (कक्षा 11 व 12) की अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखाशास्त्र, मनोविज्ञान, गृहविज्ञान सहित कुल 36 विषयों की 70 एनसीईआरटी पुस्तकें सस्ते दर पर उपलब्ध कराई गई हैं। इसी प्रकार कक्षा 9 से 12 तक परिषद द्वारा विकसित हिन्दी, संस्कृत और उर्दू विषयों की 12 पाठ्यपुस्तकें भी छात्रों के अध्ययनार्थ सस्ते दर पर मिलेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अन्य पुस्तकें नहीं पढ़ा सकते विद्यालय</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के समस्त राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट विद्यालयों में केवल माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा अधिकृत प्रकाशकों की मुद्रित पाठ्यपुस्तकें ही प्रचलित होंगी। अन्य किसी भी पुस्तक का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अधिक मूल्य मांगने पर होगा जुर्माना</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि अधिक मूल्य लेने या अनधिकृत पुस्तकें, गाइड बुक आदि प्रचलित कराने पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना या विद्यालय की मान्यता निलंबित की जा सकती है। किसी भी दुकानदार द्वारा नकली या अधिक मूल्य पर पाठ्य पुस्तकें बेचने पर पुलिस, प्रशासन, वाणिज्य कर और आयकर विभाग की संयुक्त जांच होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ में पुस्तकें कहां से खरीदें</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेसर्स सिंघल एजेन्सीज, शीतल बुक एजेंसी, मेहरा सिनेमा, सैनिक पब्लिक स्कूल, पुस्तक वाटिका, ज्ञानी रोड, नवोदय बुक एजेंसी अमीनाबाद, रमा बुक डिपॉट, अमीनाबाद, स्टैंडर्ड बुक डिपॉट, ज्ञानी मार्केट आदि।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567050/good-news--students-will-get-up-board-books-at-cheap-rates--bookstall-launched</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 10:53:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad : अपार आईडी कार्य पूरा न करने पर 18 विद्यालय को नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध जिले के 429 विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक अध्ययनरत 6 लाख से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का कार्य दो वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक मात्र 45 प्रतिशत अपार आईडी नहीं बन पाई हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए 18 विद्यालयों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने नोटिस जारी किया है।</p>
<p>जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पिछले दो वर्ष से माध्यमिक शिक्षा परिषद के संबद्ध विद्यालय में छात्र प्रोफाइल कॉलेज यूडाइस पोर्टल अपलोड अपार आईडी बनाने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566000/moradabad-notice-issued-to-18-schools-for-not-completing-apar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/172.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध जिले के 429 विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक अध्ययनरत 6 लाख से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का कार्य दो वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक मात्र 45 प्रतिशत अपार आईडी नहीं बन पाई हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए 18 विद्यालयों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने नोटिस जारी किया है।</p>
<p>जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पिछले दो वर्ष से माध्यमिक शिक्षा परिषद के संबद्ध विद्यालय में छात्र प्रोफाइल कॉलेज यूडाइस पोर्टल अपलोड अपार आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि निर्धारित समय भी निकल चुका है इसके बाद कई बार विद्यालयों प्रधानाचार्य को मौका दिया गया था। फिर भी जिले में 45 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। शुक्रवार को सभी विद्यालयों की प्रगति जानने के लिए ऑनलाइन बैठक में अपार आईडी और परीक्षा पे चर्चा की समीक्षा की गई। इस दौरान यह भी सामने आया कि 15 ऐसे विद्यालय हैं, जहां अपार आईडी बनाने की प्रगति महज 5 प्रतिशत रही। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। दिए समय के भीतर स्पष्टीकरण न देने पर शासन इसकी रिपोर्ट कार्रवाई की जाएगी। उधर, आगामी परीक्षाओं को लेकर आवश्यक तैयारियों में भी बड़ी खामियां पाई गई हैं। विभागीय निर्देशों के बावजूद लगभग 200 विद्यालय परीक्षा संबंधी कार्यों को समय पर पूरा नहीं कर पाए हैं। इन विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा को लेकर अध्यापकों और अभिभावकों के साथ अनिवार्य चर्चा होनी थी, साथ ही छात्रों के पंजीकरण का कार्य भी कराया जाना था, जो अब तक अधूरा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अभिभावकों और छात्रों में भी अपार आईडी और परीक्षा तैयारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।</p>
<p><strong>अपार आईडी बनाने में पिछड़े इन विद्यालयों को नोटिस जारी हुआ</strong></p>
<p>1-तस्लीमा मेमोरियल पंडित नगला<br />2-पवार इंटर कॉलेज, गाजीपुरा<br />3-आरके इंटर कॉलेज, काजीपुरा<br />4-बीएचए. इंटर कॉलेज, कटघर<br />5-फलाहे दारेन इंटर कॉलेज<br />6-नेशनल मॉडर्न स्कूल, बाईपास, करुला<br />7-ओमवती राजा राम इंटर कॉलेज<br />8- भारतीय बाल विद्या मंदिर<br />9-विकास इंटर कॉलेज, दुर्गा कॉलोनी, सिहोरा गोविंद<br />10-सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज , गुलाबबाड़ी<br />11-तोता राम सैनी (टीआरएस) मेमोरियल हायर सेन एसईसी एससीएच स्कूल<br />12-एमए. इंटर कॉलेज काजीपुरा रोड (मऊ)<br />13-सावित्री बाई फुले कन्या इंटर कॉलेज, शाहपुर तिगरी<br />14-श्रीमती श्यामो देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज सूरज नगर<br />15-साजिद इंटर कॉलेज, मुरादाबाद,<br />16-ओंकार सरन गर्ल्स इंटर कॉलेज, जयंतीपुर रोड<br />17-सुरभि शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज<br />18-केआर कन्या इंटर कॉलेज, दुर्गेश नगर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566000/moradabad-notice-issued-to-18-schools-for-not-completing-apar</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 08:10:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Board Exam: यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 109 सुपर सेंटर तैयार, 31 केंद्रों के साथ मिल्कीपुर टॉप पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 को नकल विहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने जिले के 447 राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों में से कुल 109 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए हैं।</p>
<p>जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों का चयन संबंधित विधानसभा क्षेत्र की तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया गया है। समितियों ने अपने-अपने क्षेत्र के प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची उनको उपलब्ध करा दी है। अब इन प्रस्तावित केंद्रों पर कोई आपत्ति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562094/up-board-exam--109-super-centers-ready-for-up-board-exam--milkipur-tops-with-31-centers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/यूपी-बोर्ड-परीक्षा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 को नकल विहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने जिले के 447 राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों में से कुल 109 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए हैं।</p>
<p>जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों का चयन संबंधित विधानसभा क्षेत्र की तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया गया है। समितियों ने अपने-अपने क्षेत्र के प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची उनको उपलब्ध करा दी है। अब इन प्रस्तावित केंद्रों पर कोई आपत्ति या प्रत्यावेदन है तो अभिभावक, शिक्षक या कोई भी हितधारक 4 दिसम्बर तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लिखित रूप से दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित तिथि तक प्राप्त सभी आपत्तियों की जांच बाद समितियां अपनी अंतिम रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगी। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा अंतिम रूप से परीक्षा केंद्रों को अधिसूचित किया जाएगा।</p>
<h3><em><strong>समय रहते दर्ज कराएं आपत्ति</strong></em></h3>
<p>डीआईओएस ने सभी अभिभावकों व शिक्षण संस्थाओं से अपील की है कि यदि किसी प्रस्तावित केंद्र में कोई अनियमितता या अर्हता संबंधी कमी है तो समय रहते आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा निष्पक्ष व पारदर्शी संपन्न हो सके। बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 15 नवम्बर तक एक बैठक की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि अभी सभी केंद्रों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने सभी सुविधाओं को सभी केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि समितियों की अंतरिम रिपोर्ट शीघ्र जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।</p>
<h3><em><strong>तहसीलवार प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों का विवरण</strong></em></h3>
<p>मिल्कीपुर तहसील-सर्वाधिक 31 केंद्र<br />सदर तहसील- 23 केंद्र<br />रुदौली तहसील-20 केंद्र<br />बीकापुर तहसील-18 केंद्र<br />सोहावल तहसील-सबसे कम 17 केंद्र</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562094/up-board-exam--109-super-centers-ready-for-up-board-exam--milkipur-tops-with-31-centers</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/562094/up-board-exam--109-super-centers-ready-for-up-board-exam--milkipur-tops-with-31-centers</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 10:12:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब क्लिक पर तय होगा बोर्ड परीक्षा का केंद्र... नकल गैंग पर नकेल, शिक्षा विभाग ने लागू की डिजिटल व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने नकल की कॉपी-पेस्ट संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है। 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के केंद्रों का निर्धारण अब शत प्रतिशत ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा, जिसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं रहेगा। यह डिजिटल दांव नकल माफियाओं पर सीधा प्रहार है, जो वर्षों से परीक्षा केंद्रों में हेराफेरी कर छात्रों को फायदा पहुंचाते आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नया सॉफ्टवेयर पूरी तरह स्वचालित होगा। यह स्कूलों की दूरी, छात्र संख्या, आधारभूत सुविधाएं और पिछले रिकॉर्ड पर आधारित केंद्र आवंटित करेगा। इससे मनमानी और भ्रष्टाचार की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558713/now--board-exam-centers-can-be-determined-with-a-single-click----to-curb-cheating-gangs--the-education-department-has-implemented-a-digital-system"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design---2025-11-05t174156.811.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने नकल की कॉपी-पेस्ट संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है। 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के केंद्रों का निर्धारण अब शत प्रतिशत ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा, जिसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं रहेगा। यह डिजिटल दांव नकल माफियाओं पर सीधा प्रहार है, जो वर्षों से परीक्षा केंद्रों में हेराफेरी कर छात्रों को फायदा पहुंचाते आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नया सॉफ्टवेयर पूरी तरह स्वचालित होगा। यह स्कूलों की दूरी, छात्र संख्या, आधारभूत सुविधाएं और पिछले रिकॉर्ड पर आधारित केंद्र आवंटित करेगा। इससे मनमानी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि केंद्र निर्धारण में किसी भी प्रकार की सिफारिश या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी स्कूलों को ऑनलाइन पोर्टल पर सटीक डेटा अपलोड करना अनिवार्य है। गलत जानकारी देने पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रधानाचार्यों से अपील की कि वे छात्रों के हित में इस प्रक्रिया का समर्थन करें।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कदम पिछले वर्षों की नकल की घटनाओं से सबक लेते हुए उठाया गया है। 2025 परीक्षाओं में कई केंद्रों पर पकड़े गए नकल गिरोहों ने बोर्ड की साख को धक्का पहुंचाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से न केवल नकल रुकेगी, बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ेगी। शिक्षाविद् डॉ. आरके सिंह ने कहा यह तकनीकी हस्तक्षेप शिक्षा व्यवस्था में क्रांति लाएगा। जिले में 446 माध्यमिक विद्यालयों में से करीब 200 कॉलेज ऐसे हैं जो नकल के लिए बदनाम हैं। अब इस बार डिजिटल निर्धारण से केंद्र के लिए पैरवी नहीं कर पायेंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/558712/young-man-dies-in-rpf-custody-in-gonda--murder-case-filed-against-3--including-a-sub-inspector--family-alleges-beating-to-death"><span class="t-red">गोंडा में RPF हिरासत में युवक की मौत..</span> दरोगा समेत 3 पर हत्या का केस, परिजनों ने लगाया पीट पीटकर हत्या करने का आरोप</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558713/now--board-exam-centers-can-be-determined-with-a-single-click----to-curb-cheating-gangs--the-education-department-has-implemented-a-digital-system</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/558713/now--board-exam-centers-can-be-determined-with-a-single-click----to-curb-cheating-gangs--the-education-department-has-implemented-a-digital-system</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 17:43:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बोर्ड बदलने पर भी नहीं बदलेगा Syllabus: छात्रों को होगी सहूलियत, पढ़ाई में होगी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>एक शिक्षा बोर्ड से दूसरे बोर्ड में प्रवेश लेने वालों के छात्रों के पाठ्यक्रम में अब ज्यादा बदलाव नहीं मिलेगा। अभी अन्य बोर्ड में पंजीकृत होने पर छात्रों के पाठ्यक्रम में विविधता मिलती है और उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता था। छात्रों को इस समस्या ने निजात दिलाने के लिए एनएसी परख ने पहल की है।</p>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा परिषद व एनएसी परख के संयुक्त तत्वावधान में प्रयागराज स्थित जीबी पंत संस्थान में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञ पाठ्यक्रम पर मंथन कर रहे हैं। पाठ्यक्रम को लेकर परख की सीईओ इंद्राणी भादुड़ी ने क्वेश्चन पेपर टेंपलेट (क्यूपीटी) का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545679/now-the-syllabus-will-not-change-even-if-the-board-changes--students-will-be-facilitated--students-will-be-facilitated-in-studies"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/mangos-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>एक शिक्षा बोर्ड से दूसरे बोर्ड में प्रवेश लेने वालों के छात्रों के पाठ्यक्रम में अब ज्यादा बदलाव नहीं मिलेगा। अभी अन्य बोर्ड में पंजीकृत होने पर छात्रों के पाठ्यक्रम में विविधता मिलती है और उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता था। छात्रों को इस समस्या ने निजात दिलाने के लिए एनएसी परख ने पहल की है।</p>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा परिषद व एनएसी परख के संयुक्त तत्वावधान में प्रयागराज स्थित जीबी पंत संस्थान में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञ पाठ्यक्रम पर मंथन कर रहे हैं। पाठ्यक्रम को लेकर परख की सीईओ इंद्राणी भादुड़ी ने क्वेश्चन पेपर टेंपलेट (क्यूपीटी) का गहन विश्लेषण किया है। उन्होंने बताया कि मॉडल पेपर व ब्लू प्रिंट की आवश्यकता इसलिए महसूस की गई क्योंकि वर्तमान में देश में लगभग 60 परीक्षा संस्थाएं काम कर रहीं हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनके प्रश्नों के प्रकार, उद्देश्य और कठिनाई के स्तर में विविधता पाई जाती है। मुख्य उद्देश्य सभी बोर्ड की विविधता का सम्मान करते हुए उसे सुसंगत बनाने की कोशिश करने के साथ एक मानकीकृत प्रश्नपत्र ढांचा स्थापित करना है। परीक्षा केंद्रित मानसिकता को कम करना, विभिन्न राज्यों के बोर्ड में मूल्यांकन में छात्रों की रटने की प्रवृत्ति को कम करते हुए उच्चतर चिंतन कौशल, पारदर्शिता, सीखने आदि बिंदुओं पर समझ विकसित करना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">पाठ्यक्रम में किए बदलाव</h5>
<p style="text-align:justify;">सीबीएसई बोर्ड समेत कई स्टेट बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2024 ( के तहत कई बदलाव कर रहे हैं। एनईपी 2024के अनुपालन में यूपी बोर्ड भी शामिल है अधिकाारियों ने बताया कि एनईपी 2020 के अनुपालन में, यूपी बोर्ड ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कई तरह के बदलाव किए है। इसके साथ ही अन्य बोर्डों के अनुरूप अन्य बदलाव करने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बदलाव यूपी बोर्ड कक्षा 9वीं, 10वीं के पाठ्यक्रम के साथ प्रश्न पत्र के प्रारूप, हाईस्कूल परीक्षा के लिए कुल अंकों में किया जाएगा। बोर्ड से जुड़े 27,000 से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग एक करोड़ छात्रों के लिए चरणबद्ध तरीके से इन बदलावों को लागू करने के लिए बोर्ड विशेषज्ञों से राय ले रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/545444/summer-internship-in-up-forensic-science-completed--students-from-6-states-got-training">UP फारेंसिक साइंस में Summer Internship पूरी, 6 राज्यों के छात्र-छात्राओं को मिला प्रशिक्षण </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545679/now-the-syllabus-will-not-change-even-if-the-board-changes--students-will-be-facilitated--students-will-be-facilitated-in-studies</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 10:59:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: 87 विद्यालयों को मिली मान्यता, 17 स्कूलों को मानक पूरे न करने पर मान्यता रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश शासन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध होने के लिए 87 विद्यालयों को मान्यता प्रदान को हरी झंडी दे दी है। विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्त की ओर से परिषद को भेजे गए प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए वित्तविहीन विद्यालयों को वर्ष 2027 तक की मान्यता प्रदान की गई है। यह स्वीकृति उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत दी गई है।</p>
<p>सबसे अधिक माध्यमिक विद्यालय क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के 29 और मेरठ के 27 विद्यालयों को मान्यता मिली। कुछ विद्यालयों को सीधे हाईस्कूल (6-10) तो कुछ को इंटर तक की मान्यता दी गई है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544734/up-news--87-schools-got-recognition--17-schools-got-recognition-cancelled-for-not-fulfilling-the-standards"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/1-(6)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश शासन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध होने के लिए 87 विद्यालयों को मान्यता प्रदान को हरी झंडी दे दी है। विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्त की ओर से परिषद को भेजे गए प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए वित्तविहीन विद्यालयों को वर्ष 2027 तक की मान्यता प्रदान की गई है। यह स्वीकृति उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत दी गई है।</p>
<p>सबसे अधिक माध्यमिक विद्यालय क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के 29 और मेरठ के 27 विद्यालयों को मान्यता मिली। कुछ विद्यालयों को सीधे हाईस्कूल (6-10) तो कुछ को इंटर तक की मान्यता दी गई है। 87 माध्यमिक विद्यालयों में से क्षेत्रीय कार्यालय बरेली के 11, क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर के पांच और क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज के 15 को मान्यता प्राप्त दी गई।क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के नौ विद्यालयों को सीधे हाईस्कूल और इंटर की मान्यता मिली है। वहीं, क्षेत्रीय कार्यालय बरेली के 11 विद्यालयों में से कुल सात को, क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के 27 में से नौ को और क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज के 15 में से पांच विद्यालयों को सीधे हाईस्कूल व इंटर की मान्यता मिली है। वहीं, प्रदेश के पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों के 17 विद्यालयों को मानक पूरे न होने के कारण मान्यता नहीं दी गई। इनमें से सबसे अधिक मामले क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज के कुल 15 विद्यालय हैं। वहीं, क्षेत्रीय कार्यालय बरेली और मेरठ के एक-एक विद्यालय को मानक पूरे न होने के कारण मान्यता नहीं मिल सकी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/544728/muharram-2025--traffic-system-will-be-changed-due-to-the-procession-of-eighth-moharram--diversion-will-be-implemented-from-7-pm">Muharram 2025: आठवीं मोहर्रम के जुलूस को लेकर बदली रहेगी यातायात व्यवस्था, शाम सात बजे से लागू होगा डायवर्जन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/544734/up-news--87-schools-got-recognition--17-schools-got-recognition-cancelled-for-not-fulfilling-the-standards</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 11:18:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिन में की मजदूरी... रात में पढ़ाई, UP के रामकेवल ने रचा इतिहास, तोड़ा 77 साल का रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी। </strong>सुनने में यह भले ही अजीब लगे लेकिन हकीकत है कि बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट स्थित एक गांव में आजादी के बाद 77 साल के इतिहास में पहली बार किसी छात्र ने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए छात्र को सम्मानित किया है।</p>
<p>जिला विद्यालय निरीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के बनीकोंडर विकासखंड स्थित निजामपुर गांव में 15 वर्षीय छात्र रामकेवल ने माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल की परीक्षा में 55 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता हासिल की है। त्रिपाठी ने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536708/working-as-a-labourer-in-the-day----studying-at-night--up-s-ram-kevan-created-history--broke-a-77-year-old-record"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(1)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी। </strong>सुनने में यह भले ही अजीब लगे लेकिन हकीकत है कि बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट स्थित एक गांव में आजादी के बाद 77 साल के इतिहास में पहली बार किसी छात्र ने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए छात्र को सम्मानित किया है।</p>
<p>जिला विद्यालय निरीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के बनीकोंडर विकासखंड स्थित निजामपुर गांव में 15 वर्षीय छात्र रामकेवल ने माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल की परीक्षा में 55 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता हासिल की है। त्रिपाठी ने बताया कि यह कामयाबी इसलिए खास है क्योंकि वर्ष 1947 में आजादी के बाद से इस गांव में कोई भी छात्र हाईस्कूल की परीक्षा पास नहीं कर पाया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि रामकेवल ने हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण कर गांव के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहद पिछड़े करीब 300 लोगों की आबादी वाले इस गांव में लगभग सभी लोग दलित वर्ग के हैं। अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने गत तीन मई को रामकेवल और उसके माता-पिता को जिला मुख्यालय पर बुलाकर सम्मानित किया था।</p>
<p>रामकेवल ने बातचीत में कहा कि उसे बचपन से ही पढ़ने-लिखने का शौक था लेकिन गरीबी के कारण उसे मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। उसने कहा कि वह मेहनत मजदूरी करके मिले पैसों से अपनी कॉपी-किताब खरीदता और स्कूल की फीस जमा करता था। उसने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा है लिहाजा परिवार के खर्च का बोझ भी उसे उठाना पड़ता है। वह शादियों के समय रात में बारात में लाइट उठाने का काम करता है और जब जब शादियों का सीजन नहीं होता तो वह अपने पिता के साथ जाकर मजदूरी करता है।</p>
<p>रामकेवल ने कहा कि दिनभर के काम के बाद रात में वह अपने छप्पर के नीचे सोलर लाइट की रोशनी में पढ़ाई करता है और उसकी ख्वाहिश इंजीनियर बनने की है। छात्र ने बताया कि उसे जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सम्मानित किया और उसकी आगे की पढ़ाई की फीस माफ करने की घोषणा भी की। रामकेवल के पिता जगदीश मजदूरी करते हैं जबकि मां पुष्पा एक प्राथमिक विद्यालय में खाना बनाने का काम करती हैं। गांव के लोग रामकेवल की इस सफलता से बेहद खुश हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वक्त में गांव के और भी बच्चे उसी के नक्शेकदम पर चलते हुए आगे बढ़ेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/536706/up-news-uttar-pradesh-became-the-leading-state-yogi-governments">UP News: संस्कृत संवर्धन में उत्तर प्रदेश बना अग्रणी राज्य, योगी सरकार के प्रयासों में मिला सम्मान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/536708/working-as-a-labourer-in-the-day----studying-at-night--up-s-ram-kevan-created-history--broke-a-77-year-old-record</link>
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                <pubDate>Mon, 05 May 2025 14:42:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं: यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा, क्षेत्रीय कार्यालय भेजने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार:</strong> यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन समय से पूर्व ही पूरा हो गया। मूल्यांकन पूरा होने के बाद शिक्षकों से मांग पत्र जमा कराकर उन्हें रिलीव किया जा रहा है। कॉपियों के बंडल क्षेत्रीय कार्यालय भेजे जाने की तैयारी चल रही है।</p>
<p>कॉपियां सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचाई जाएंगी। इस बार सभी केंद्रों पर 3.24 लाख उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गई, लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कुल 2.77 लाख ही उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई थीं। इन्हें समय से पूर्व ही जांच लिया गया।</p>
<p>यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त होने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530996/badaun--evaluation-of-up-board-answer-sheets-completed--preparations-to-send-them-to-regional-office"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-04-01t130327.568.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार:</strong> यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन समय से पूर्व ही पूरा हो गया। मूल्यांकन पूरा होने के बाद शिक्षकों से मांग पत्र जमा कराकर उन्हें रिलीव किया जा रहा है। कॉपियों के बंडल क्षेत्रीय कार्यालय भेजे जाने की तैयारी चल रही है।</p>
<p>कॉपियां सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचाई जाएंगी। इस बार सभी केंद्रों पर 3.24 लाख उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गई, लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कुल 2.77 लाख ही उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई थीं। इन्हें समय से पूर्व ही जांच लिया गया।</p>
<p>यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद 19 मार्च से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने का काम शुरू हुआ था। मूल्यांकन कार्य शहर के चार कॉलेजों में कराया गया। इसमें राजकीय इंटर कॉलेज में 84529 और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में 69701 इंटरमीडिएट की कॉपियां जांचने के लिए पहुंची थीं। वहीं एसके इंटर कॉलेज में 56498 और इस्लामिया इंटर कॉलेज में 103058 हाई स्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। </p>
<p>मूल्यांकन कार्य सभी चारों केंद्रों पर समय से पूरा कर लिया गया। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से चारों केंद्रों पर 3,24888 उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की थी। लेकिन 47,110 उत्तर पुस्तिकाएं कम पहुंची। चारों केंद्रों पर कुल 277,778 भेजी गईं। मूल्यांकन कार्य के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं को संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय वापस भेजने की कोशिश में जुट गया है। </p>
<p>कॉपियों के बंडल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जाएंगी। डीआईओएस डॉ प्रवेश कुमार ने बताया कि हाईस्कूल इंटरमीडिएट की आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो गया है। इसकी सूचना माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव को दे दी गई है। कड़ी सुरक्षा में कॉपी क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी मूल्यांकन केंद्र प्रभारी को दी गई है। शिक्षकों को रिलीव किया जा रहा है। जिससे वह नवीन सत्र में शिक्षण कार्य करना शुरू करेंगे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 13:03:41 +0530</pubDate>
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