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                <title>International Nurses Day - Amrit Vichar</title>
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                <description>International Nurses Day RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>World Nursing Day: डॉक्टर और मरीज के हर सवाल का जवाब हैं ''सिस्टर'', मां तो नहीं, मगर मां से कम भी नहीं है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पंकज द्विवेदी, लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अस्पताल के वार्ड से लेकर इमरजेंसी तक शायद ही कोई ऐसा बेड जहां सिस्टर...सिस्टर की आवाज न सुनाई देती हो। मरीज हो या फिर तीमारदार...सिस्टर देखिए ड्रिप नहीं चल रही, मरीज को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। समय हो गया है इंजेक्शन देना है जल्दी चलिए...दवा फिर से बता दीजिए सिस्टर...।</p>
<p>सिस्टर गर्भ में रखकर जिंदगी देने वाली मां भले ही नहीं होती लेकिन सेवाभाव से मरीज को नई जिंदगी जरूर देती हैं। मरीज को स्वस्थ कर उनके परिवार के लोगों के जीवन में भी खुशियां भर देती हैं। परिवार के साथ मरीजों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537736/world-nursing-day--the-answer-to-every-question-of-the-doctor-and-the-patient-is-%22sister%22--she-is-not-a-mother-but-is-no-less-than-a-mother"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(23)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>पंकज द्विवेदी, लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अस्पताल के वार्ड से लेकर इमरजेंसी तक शायद ही कोई ऐसा बेड जहां सिस्टर...सिस्टर की आवाज न सुनाई देती हो। मरीज हो या फिर तीमारदार...सिस्टर देखिए ड्रिप नहीं चल रही, मरीज को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। समय हो गया है इंजेक्शन देना है जल्दी चलिए...दवा फिर से बता दीजिए सिस्टर...।</p>
<p>सिस्टर गर्भ में रखकर जिंदगी देने वाली मां भले ही नहीं होती लेकिन सेवाभाव से मरीज को नई जिंदगी जरूर देती हैं। मरीज को स्वस्थ कर उनके परिवार के लोगों के जीवन में भी खुशियां भर देती हैं। परिवार के साथ मरीजों और तीमारदारों से भी अपनापन, लावारिसों की मां से बढ़कर सेवा उन्हें अलग पहचान दिलाता है। ''अमृत विचार'' ने ''विश्व नर्सिंग दिवस'' पर शहर की कुछ ऐसी ही नर्सों से बात की। सभी ने मरीजों की सेवा को एक व्रत की तरह पूरा करने की बात कही।</p>
<p><strong>घर और अस्पताल के बीच संतुलन जरूरी</strong></p>
<p>हजरतगंज चौराहा स्थित वीरांगना झलकारी बाई महिला अस्पताल की नर्सिंग आफीसर पुष्पांजलि कहती हैं कि मरीज है तभी नौकरी है। नौकरी हमारी जरूरतों को पूरा करती है। इसलिए घर और अस्पताल के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इस पेशे में मरीजों और तीमारदारों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए। क्योंकि, वह पूरे विश्वास के साथ अपना जीवन आपको समर्पित कर देते हैं। यदि उनके तीमारदारी में कुछ थोड़ा बहुत खर्च भी हो जाये तो भी पीछे नहीं हटना चाहिए।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/2025-(23)6.png" alt="2025 (23)" width="1280" height="720"></img></p>
<p><strong>मरीजों और तीमारदारों के साथ करें मित्रवत व्यवहार</strong></p>
<p>हजरतगंज स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल) की अजरा हसन का मानना है कि मरीज और तीमारदारों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। मरीज की हालत गंभीर होने पर भी उसे या फिर तीमारदार को डराएं नहीं। भावनात्मक सपोर्ट करें। इससे मरीज घबराएगा नहीं। आपके द्वारा किया गया व्यवहार मरीज-तीमारदार हमेशा याद रखेंगे। कभी कभी मरीज-तीमारदार चिकित्सक से बात नहीं कर पाते हैं, लेकिन यदि आपका व्यवहार अच्छा है तो उन्हें बात करने में परेशानी नहीं होगी।</p>
<p><strong>102 टीबी मरीजों की निभा रहे जिम्मेदारी</strong></p>
<p>केजीएमयू के अधीक्षक प्रदीप गंगवार 15 साल पहले केजीएमयू में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में तैनात हुए थे। उस समय उनकी तैनाती पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में ही थी, जहां पर टीबी रोगियों का इलाज किया जाता था। मरीजों के इलाज के दौरान वह भी टीबी से ग्रसित हो गए। हालांकि उन्हें समय पर अपने रोग की जानकारी हो गई और उन्होंने इलाज शुरू कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें एक महीने तक शारीरिक कमजोरी महसूस की। इसके बाद उन्होंने टीबी रोगियों को गोद लेने की मुहिम शुरू की। 40 दिनों के अभियान में वह 102 मरीजों को गोद ले चुके हैं, उनका कहना है यह अभियान चलता रहेगा। उनके इस प्रयास की उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी सराहना कर चुके हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/2025-(24)6.png" alt="2025 (24)" width="1280" height="720"></img></p>
<p><strong>नर्सें अस्पताल की रीढ़</strong></p>
<p>एसजीपीजीआई में नर्सिंग संघ की पूर्व अध्यक्ष सीमा शुक्ला का कहना है कि नर्सिंग सेवाओं में आने वाले लोगों का उद्देश्य पद,प्रतिष्ठा व पैसे कमाना नहीं बल्कि मानवता व इंसानियत की सेवा करना होता है, नर्सिंग को विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में देखा जाता है, आज देश में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन चुकी नर्सेस को कई तरह की शारीरिक ,मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है अपनी सेवाओं के दौरान उन्हें कई विषम परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। इनकी जिम्मेदारी मरीज के प्रति ज्यादा होती हैं। मरीजों से केवल दो शब्द अच्छे से बोल ले तो सारी बीमारी मरीज भूल जाता है।</p>
<p><strong>एक सामान मिले वेतन भत्ता</strong></p>
<p>राजकीय नर्सेज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार का कहना है पूरे देश में नर्सिंग की एक ही पढ़ाई कर अलग-अलग संस्थानों,मेडिकल कॉलेजों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य कर रही सरकार द्वारा नियुक्त नर्सेज के वेतन-भत्तों में एक बड़ी असमानता बनी हुई है। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त नर्सेज उच्च चिकित्सा संस्थानों लगभग 15 हजार रुपये कम वेतन पर कार्य कर रही हैं, साथ ही उन्हें बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति, न्यूज़ पेपर भत्ता, इंटरनेट भत्ता आदि से वंचित रखा जा रहा है। वर्तमान में लोक सेवा आयोग से चयनित नर्सेज चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों में कार्य कर रही हैं एक ही स्थान से चयनित होने के बाद भी उनके वेतन-भत्तों में काफी अंतर आ रहा है। भारत सरकार को चाहिए की एक देश,एक विधान, एक संविधान की तर्ज पर पूरे देश में नर्सेज के लिये समान वेतन भत्ते और सुविधाओं का नियम लागू करे।</p>
<p><strong>हॉस्पिटल में ऑन ड्यूटी हिंसा पर लगे रोक</strong></p>
<p>केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की कल्पना वर्मा उप नर्सिंग अधीक्षिका के पद पर कार्यरत है। उन्हें विभाग द्वारा बेस्ट नर्सिंग ऑफिसर अवार्ड भी मिल चुका है। उनका कहना है बिना नर्सों के किसी भी अस्पताल का संचालन करना नामुमकिन है। उन्हें अपनी मां से नर्सिंग सेवा की प्रेरणा मिली। कल्पना बताती हैं कि उनके पति भी नर्सिंग में हैं। अब वह दो बच्चों के साथ घर और अस्पताल की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकी मांग है कि हॉस्पिटल में ऑन ड्यूटी हिंसा पर रोक लगे, बच्चों के लिए पालना घर, परिजनों के लिए आरक्षित बेड, कर्मचारियों एवं भर्ती मरीजों के लिए आवश्यक पर्याप्त दवा की आपूर्ति सर्कार को सुनिश्चित करना चाहिए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/537728/fake-facebook-account-made-in-the-name-of-sp-mp">सपा सांसद के नाम से बनाया फर्जी फेसबुक अकाउंट, आतंकी हमले से संबंधित शेयर कर रहे थे भ्रामक पोस्ट, तीन पर रिपोर्ट दर्ज</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 11:28:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महामारी के दौरान नर्सों का असाधारण योगदान मानवता को प्रेरणा देता रहेगा: अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ पर नर्सों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत एवं निस्वार्थ समर्पण देश की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की नींव है। ब्रिटिश नर्स एवं समाज सुधारक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में 12 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।</p>
<p>शाह ने ट्वीट किया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर, मैं उन नर्सों को बधाई देता हूं जिनकी कड़ी मेहनत एवं निस्वार्थ समर्पण हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की नींव है। जीवन बचाने के लिए योगदान के उनके असाधारण उदाहरण, विशेष रूप से महामारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/368461/the-extraordinary-contribution-of-nurses-during-the-pandemic-will-continue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/07_04_2023-amit_shah_in_kaushambi_23378831.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ पर नर्सों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत एवं निस्वार्थ समर्पण देश की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की नींव है। ब्रिटिश नर्स एवं समाज सुधारक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में 12 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।</p>
<p>शाह ने ट्वीट किया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर, मैं उन नर्सों को बधाई देता हूं जिनकी कड़ी मेहनत एवं निस्वार्थ समर्पण हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की नींव है। जीवन बचाने के लिए योगदान के उनके असाधारण उदाहरण, विशेष रूप से महामारी के दौरान, मानव जाति को प्रेरित करते रहेंगे।’’<span></span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/368455/students--were-getting-book-knowledge-new-education-policy-will-bring">छात्रों को मिल रहा था किताबी ज्ञान, नई शिक्षा नीति से आएगा बदलाव: PM मोदी</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/368461/the-extraordinary-contribution-of-nurses-during-the-pandemic-will-continue</link>
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                <pubDate>Fri, 12 May 2023 16:15:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> लखनऊ : इंटरनेशनल नर्सेस डे कल, यूपी में बढ़ रहीं हैं नर्सों की मुश्किलें </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने से जहां पूरे प्रदेश के आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन इससे नर्सों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह कहना है राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार का। उन्होंने यह बातें इंटरनेशनल नर्सेस डे की पूर्व संध्या पर कहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, कल यानी 12 मई को इंटरनेशनल नर्सेस डे मनाया जाता है। यह दिन प्रतिवर्ष मरीजों के लिए नर्सेस के योगदान को याद करते हुये उनके लिए सम्मान की दृष्टि से मनाया जाता है। मरीज के इलाज में जितनी भूमिका एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/368307/lucknow-international-nurses-day-the-difficulties-of-nurses-are-increasing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/राजकीय-की-बात.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने से जहां पूरे प्रदेश के आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन इससे नर्सों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह कहना है राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार का। उन्होंने यह बातें इंटरनेशनल नर्सेस डे की पूर्व संध्या पर कहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, कल यानी 12 मई को इंटरनेशनल नर्सेस डे मनाया जाता है। यह दिन प्रतिवर्ष मरीजों के लिए नर्सेस के योगदान को याद करते हुये उनके लिए सम्मान की दृष्टि से मनाया जाता है। मरीज के इलाज में जितनी भूमिका एक चिकित्सक की होती है। उतनी ही भूमिका नर्सों की होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अशोक कुमार की माने तो उत्तर प्रदेश के राजकीय अस्पतालों में तैनात नर्सों को एकतरफा कार्यमुक्त कर स्वास्थ्य विभाग में वापस भेज दिया जा रहा है और 6 महिने तक ना कहीं पोस्टिंग दी जा रही है और ना वेतन ही मिल रहा है। जिला अस्पताल की जगह पर बनाये जा रहे मेडिकल कॉलेज में नर्सों के जाने से खाली हुये पदों पर संविदा या ठेके पर नर्सेज को रखा जा रहा है जबकि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज,आगरा, झांसी,मेरठ, में पूर्व की भांति चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की नर्सेस एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की नर्सेस कार्यरत हैं उसी तरह अन्य नवनिर्मित (उच्चीकृत) मेडिकल कॉलेज में भी चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग संवर्ग को रखने से चिकित्सा व्यवस्था और बेहतर तरीके से चलती रहती, लेकिन ऐसा ना करके एक तरफा कार्मुक्त कर बिल्कुल ही गलत किया जा रहा है। जिसका संघ बिरोध करता है, इससे सबसे ज्यादा दिक्कत पदोन्नति एवं नियुक्ति में आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">महामंत्री अशोक कुमार ने नर्सो के उत्पीड़न को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/368070/up-nikay-chunav-live-polling-for-second-phase-begins#gsc.tab=0">UP Nikay Chunav Live : यूपी में दूसरे चरण का मतदान समाप्त, 13 मई को होगी मतगणना</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 May 2023 20:09:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : कर्तव्यों का पालन निष्ठा से करने की ली शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद, अमृत विचार। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के उपलक्ष आरएसडी एकेडमी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि आरएसडी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ गौरव कुमार व आरएसडी के निदेशक डॉ विनोद कुमार ने की। इसके बाद विश्व की प्रथम नर्स फ्लोरेंस नाइटेंगल का जन्म दिन भी मनाया …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/215955/moradabad-oath-taken-to-perform-duties-faithfully"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/file-image-10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के उपलक्ष आरएसडी एकेडमी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि आरएसडी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ गौरव कुमार व आरएसडी के निदेशक डॉ विनोद कुमार ने की। इसके बाद विश्व की प्रथम नर्स फ्लोरेंस नाइटेंगल का जन्म दिन भी मनाया गया।</p> <p>डॉ. विनोद कुमार नर्सिंग कालेज में आए नवप्रवेशित छात्र छात्राओं को विश्व नर्सिंग दिवस की बधाई दी तथा उन सभी को मन वचन और कर्म से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं नये छात्र-छात्राओं के समक्ष (लैंप लाइटिंग सेरेमनी ) रखी गई, जिसमें सभी प्रशिक्षुकों ने मोमबत्ती जलाकर हम अपने दायित्व कर्तव्यों का पालन निष्ठा पूर्वक करेंगे…शपथ ग्रहण की।</p> <img class="wp-image-435722 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-05/file-image-2-1.jpg" alt="" width="945" height="342"></img>अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के उपलक्ष आरएसडी एकेडमी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। <p>कार्यक्रम का संचालन डॉ. मयंक शर्मा व आयोजन लवप्रीत कौर और संयोजन प्राचार्य अनूप रॉय ने किया। इस अवसर पर डॉ पंकज शर्मा, सेफाली, दीपाली, नेहा, निधि चौधरी, अमित सक्सेना, अंजू सुखीजा, अभिषेक शर्मा, संजय मेहरोत्रा, सुखरानी आदि उपस्थित रहे।</p> <p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/moradabad-municipal-corporation-bulldozer-on-chicken-shop-demolished-encroachment/">मुरादाबाद : चिकन शॉप पर चला नगर निगम का बुलडोजर, ढहाया अतिक्रमण</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 May 2022 16:27:19 +0530</pubDate>
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                <title>नर्स हमारी धरती को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती हैं: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर बृहस्पतिवार को कहा कि नर्स हमारी धरती को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका अदा करती हैं और उनका समर्पण तथा उनकी करुणा अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी असाधारण काम करने के लिए सभी नर्सिंग कर्मियों की …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/215771/nurses-play-a-vital-role-in-keeping-our-planet-healthy-pm-modi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/modiiii.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर बृहस्पतिवार को कहा कि नर्स हमारी धरती को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका अदा करती हैं और उनका समर्पण तथा उनकी करुणा अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी असाधारण काम करने के लिए सभी नर्सिंग कर्मियों की एक बार फिर से सराहना करने का दिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस नर्सिंग समुदाय के प्रति हमारा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिसे मानवता के प्रति उसकी नि:स्वार्थ सेवा के लिए पहचाना जाता है। जीवन और जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उनकी गहन प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।<span></span></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/2827-new-cases-of-corona-in-the-country-in-the-last-24-hours-24-people-died/">देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,827 नए केस, 24 लोगों की मौत</a></p>
<p> </p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 May 2022 12:13:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>International Nurses Day : रीता और इंदू सक्सेना ने विपरीत परिस्थितियों में भी कायम रखा सेवा का जज्बा</title>
                                    <description><![CDATA[आदित्य कांत शर्मा/अमृत विचार। द लेडी विद द लैंप (दीपक वाली महिला) के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था। समृद्ध परिवार में जन्मी फ्लोरेंस ने सेवा का मार्ग चुना और चिकित्सा क्षेत्र में उतर गईं। उनकी सेवा व समर्पण को देखकर 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाये …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/215473/international-nurses-day-rita-and-indu-saxena-maintained-the-spirit-of-service-even-in-adverse-circumstances"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/000.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>आदित्य कांत शर्मा/अमृत विचार।</strong> द लेडी विद द लैंप (दीपक वाली महिला) के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था। समृद्ध परिवार में जन्मी फ्लोरेंस ने सेवा का मार्ग चुना और चिकित्सा क्षेत्र में उतर गईं। उनकी सेवा व समर्पण को देखकर 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाये जाने का निर्णय हुआ। तब से लेकर अब तक चिकित्सा के क्षेत्र में महिलाएं अपना योगदान दे रही हैं। उनके सेवा कार्य को लोग भुला नहीं पाते। कोरोना काल में भी डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान कई ने कोरोना की चपेट में आकर जान तक गंवा दी थी। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर ऐसी दो महिला नर्सों से अमृत विचार की टीम ने बात की और उनके अनुभव को साझा किया।</p>
<p>नगर के संयुक्त चिकित्सालय से 2015 में सेवानिवृत रीता सक्सेना ने बताया कि वह 1981 से चिकित्सा क्षेत्र में आ गई थीं। उनके द्वारा हजारों महिलाओं का प्रसव कराया गया है। प्रसव के दौरान कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने एक वाक्या साझा किया कि वर्ष 1983 में जब उनका बेटा पांच माह का था, तब उनके द्वारा एक सरकारी विभाग में तैनात बीडीओ की डिलिवरी कराई गई थी। ऐसे में बच्चें को बराबर बिस्तर पर लेटाकर उन्होंने सकुशल प्रसव का कार्य किया, जिसके बाद से उनकी उक्त महिला से अच्छी दोस्ती हो गई। आगे उन्होंने बताया कि 34 वर्ष का सेवा कार्य उन्होंने पूरे मन से किया। लोग आज भी उन्हें जब मिलते हैं, तो सम्मान देते हैं। उन्होंने सेवानिवृत्त व शुगर पीड़ित होने के बाद भी कोरोना काल में भी अपना सेवा कार्य जारी रखा, वो आज भी टीकाकरण के रूप में चल रहा है।</p>
<p>संयुक्त चिकित्सालय चन्दौसी में तैनात नर्स इंदू सक्सेना ने बताया कि उन्होंने अपने काम को हमेशा लगन व मेहनत से किया, किसी को कोई परेशानी नहीं होने दी। अभी तक कितने प्रसव करा चुकी हूं याद नहीं। हां अभी तक किसी भी प्रसव में किसी महिला को कोई परेशानी नहीं होने दी है। एक वाक्या उनके द्वारा बताया गया कि रामनगर उत्तराखंड में तैनाती के दौरान एक केस ऐसा आया था जो आज भी जेहन से नहीं निकलता है। अस्पताल में एक गर्भवती महिला आई थी। वह एड्स पीड़ित थी उसकी पूरी लगन के साथ बिना भेदभाव के सेवा की थी। बाद में उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया था। वह स्वयं भी उत्तराखंड से स्थानांतरण कराकर चन्दौसी आ गई, 24 वर्ष की सेवा पूरी हो गई है, अभी छह वर्ष की सेवा शेष है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उनके हाथ से कुछ बुरा नहीं हो। जैसे अभी तक सेवा भाव से कार्य करती आई हूं, उसी प्रकार से करती रहूंगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/pandit-shivkumar-sharma-santoor-was-also-played-in-moradabad/">मुरादाबाद में भी बजा था पंडित शिवकुमार शर्मा का संतूर</a></strong></p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 18:10:22 +0530</pubDate>
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