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                <title>Ranil Wickremesinghe - Amrit Vichar</title>
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                <description>Ranil Wickremesinghe RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका के पास बाकी दुनिया पर अपनी इच्छा थोपने की आर्थिक क्षमता नहीं : पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ की मार पड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि अमेरिका के पास बाकी दुनिया पर अपनी इच्छा थोपने की आर्थिक क्षमता नहीं है। विक्रमसिंघे ने ‘डेली मिरर’ में प्रकाशित एक बयान में उन्होंने कहा, 1950 में अमेरिका के पास दुनिया की जीडीपी का 50 प्रतशित हिस्सा था। आज यह केवल 25 प्रतिशत है, चीन के पास 19 प्रतिशत और यूरोपीय संघ के पास 13 प्रतिशत है। ये उच्च पारस्परिक टैरिफ पूर्वी एशिया से दक्षिण एशिया तक एशिया की विनिर्माण क्षमता को नष्ट करने का प्रयास करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533030/america-does-not-have-the-economic-ability-to-impose-its"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/रानिल-विक्रमसिंघे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ की मार पड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि अमेरिका के पास बाकी दुनिया पर अपनी इच्छा थोपने की आर्थिक क्षमता नहीं है। विक्रमसिंघे ने ‘डेली मिरर’ में प्रकाशित एक बयान में उन्होंने कहा, 1950 में अमेरिका के पास दुनिया की जीडीपी का 50 प्रतशित हिस्सा था। आज यह केवल 25 प्रतिशत है, चीन के पास 19 प्रतिशत और यूरोपीय संघ के पास 13 प्रतिशत है। ये उच्च पारस्परिक टैरिफ पूर्वी एशिया से दक्षिण एशिया तक एशिया की विनिर्माण क्षमता को नष्ट करने का प्रयास करते हैं। इसका असर ऑस्ट्रेलिया पर भी पड़ता है। एक झटके में, हिंद-प्रशांत में विश्वास खत्म हो गया है। यह क्षेत्र में ताइवान के लिए समर्थन को भी कमजोर करेगा। उन्होंने टैरिफ की निंदा करते हुए कहा कि दुनिया के पास अब चीन के रूप में एक विकल्प है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, एशिया में लाखों की संख्या में कम वेतन वाली नौकरियां प्रभावित होंगी। मध्यम वर्ग में शामिल होने की आकांक्षाएँ नष्ट हो जाएँगी, अब जनता का समर्थन चीन की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा, चीन दुनिया के हमारे हिस्से में मजबूती से खड़ा है। चीन के लिए यह सबसे अच्छा समय है जब पूरी दुनिया प्रभावित है इसलिए उन्हें अलग-थलग नहीं होना पड़ा। ऐसा लगता है कि उसने अमेरिका को जवाब देने की योजना बनाई है। </p>
<p>चीन को अमेरिका के मध्यावधि चुनावों तक 18 महीने तक टिके रहना है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पास कोई मध्यावधि चुनाव नहीं है। विक्रमसिंघे ने कहा, रूस भी अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता से एक विजेता है, टैरिफ से अछूता है और एक कमजोर अमेरिका के साथ यूक्रेन शांति वार्ता को पहले से ही संभाल रहा है, विश्व व्यवस्था के लिए नए प्रस्ताव सामने आए हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>येभी पढे़ं: <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/533011/singapore-government-rescued-four-indians-and-saved-the-lives-of">सिंगापुर सरकार ने चार भारतीयों को किया सम्मानित, इमारत में लगी आग से बचाई थी बच्चों-वयस्कों की जान</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 14:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Sri Lanka : अदाणी समूह के साथ ऊर्जा परियोजना पर नहीं बनी बात, रानिल विक्रमसिंघे ने दिसानायके सरकार बताया जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529461/ranil-wickremesinghe-told-the-government-responsible"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/रानिल-विक्रमसिंघे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि वह भारत के अदाणी समूह की मन्नार नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना पर बात आगे बढ़ाने में विफल रही है। विक्रमसिंघे ने शनिवार को एक टेलीविजन परिचर्चा के दौरान यह बात कही, जिसकी ‘किल्प’ सोमवार को जारी की गई। उन्होंने श्रीलंका के लाभ के लिए भारत के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अपने दो साल के कार्यकाल (2022) के दौरान, मैंने दक्षिण भारत पर केंद्रित आर्थिक ढांचे पर जोर दिया था जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और व्यापार संबंध शामिल थे। मैंने भारत के साथ आर्थिक सहयोग के कई रास्ते तलाशे। दुर्भाग्यवश, वर्तमान सरकार मन्नार में अदाणी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना को आगे बढ़ाने में विफल रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एनपीपी सरकार का अदाणी हरित ऊर्जा परियोजना पर फिर से बातचीत करने का प्रयास तर्कहीन है और यह भारतीय निवेशों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 13 फरवरी को श्रीलंका में दो प्रस्तावित पवन ऊर्जा परियोजनाओं से अपना नाम वापस ले लिया था। यह निर्णय राष्ट्रपति दिसानायके के नेतृत्व वाली नयी सरकार द्वारा टैरिफ पर दोबारा बातचीत करने के फैसले के बाद लिया गया। अदाणी समूह को इन परियोजनाओं में कुल एक अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना था जिनके तहत बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जानी थीं। दिसानायके प्रशासन ने इस सौदे की समीक्षा करते हुए बिजली दरों को कम करने का प्रस्ताव रखा था। एनपीपी ने पिछले साल के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान इस परियोजना को रद्द करने की बात कही थी। सत्ता में आने के बाद, एनपीपी कैबिनेट ने इस पर दोबारा बातचीत करने का निर्णय लिया।</p>
<p> एनपीपी सरकार ने तर्क दिया कि पिछली विक्रमसिंघे सरकार द्वारा तय की गई खरीद कीमत महंगी थी और इसमें भ्रष्टाचार की आशंका थी। इसके जवाब में, अदाणी समूह ने कहा कि उसने इस 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की परियोजना से सम्मानपूर्वक हटने का फैसला किया है जबकि वह पहले ही इस पर 50 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च कर चुका था। राष्ट्रपति दिसानायके ने कहा कि श्रीलंका को ऐसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बोलियां मिलीं हैं जिनकी लागत अदाणी के प्रस्तावित 8.26 अमेरिकी प्रति यूनिट की तुलना में आधी है। विक्रमसिंघे के भारतीय निवेशों पर दिए गए बयान को अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/529408/tension-again-on-pakistan-afghanistan-border--16-terrorists-killed">पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर फिर तनातनी, 16 आतंकवादी मारे गए</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 14:07:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएसए अजीत डोभाल ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से की मुलाकात, जारी आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और जारी द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। डोभाल शुक्रवार को होने वाले ‘कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव’ में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे। श्रीलंका के राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग (पीएमडी) ने कहा कि डोभाल ने आज सुबह राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से मुलाकात की। उन्होंने श्रीलंका और भारत के बीच जारी आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। </p>
<p>पीएमडी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार सागला रत्नायके भी बैठक में शामिल हुए। ‘कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव’ भारत, श्रीलंका,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489118/nsa-ajit-doval-meets-sri-lankan-president-discusses-ongoing-economic"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/अजीत-डोभाल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और जारी द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। डोभाल शुक्रवार को होने वाले ‘कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव’ में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे। श्रीलंका के राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग (पीएमडी) ने कहा कि डोभाल ने आज सुबह राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से मुलाकात की। उन्होंने श्रीलंका और भारत के बीच जारी आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। </p>
<p>पीएमडी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार सागला रत्नायके भी बैठक में शामिल हुए। ‘कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव’ भारत, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों तथा उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों को एक मंच पर लाता है। कॉन्क्लेव में बांग्लादेश और सेशेल्स को पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है। इस कॉन्क्लेव में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद की रोकथाम और साइबर सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होती है तथा भारत हिंद महासागर में अपनी रणनीतिक चिंताओं से अवगत कराता है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/489101/due-to-the-impact-of-the-storm-in-japan-heavy">जापान : तूफान के असर से टोक्यो के आसपास भारी बारिश, भूस्खलन के खतरे की चेतावनी जारी...सैकड़ों घरेलू उड़ानें रद्द </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 15:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jaishankar Sri Lanka Visit : जयशंकर और श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने की समुद्री बचाव समन्वय केन्द्र की औपचारिक शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> विदेश मंत्री एस. जयशंकर और श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से गुरुवार को समुद्री बचाव समन्वय केन्द्र की संयुक्त रूप से शुरुआत की। समुद्री बचाव समन्वय केन्द्र के निर्माण के लिए भारत ने 60 लाख डॉलर का अनुदान दिया है। जयशंकर सुबह श्रीलंका पहुंचे और उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बिजली, ऊर्जा, संपर्क, बंदरगाह बुनियादी ढांचे, विमानन, डिजिटल, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Honoured to call on Sri Lanka President</p></blockquote></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/474896/jaishankar-and-sri-lankan-president-wickremesinghe-formally-inaugurated-the-maritime"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/ranil-wickremesinghe.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> विदेश मंत्री एस. जयशंकर और श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से गुरुवार को समुद्री बचाव समन्वय केन्द्र की संयुक्त रूप से शुरुआत की। समुद्री बचाव समन्वय केन्द्र के निर्माण के लिए भारत ने 60 लाख डॉलर का अनुदान दिया है। जयशंकर सुबह श्रीलंका पहुंचे और उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बिजली, ऊर्जा, संपर्क, बंदरगाह बुनियादी ढांचे, विमानन, डिजिटल, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Honoured to call on Sri Lanka President Ranil Wickremesinghe. Conveyed the warm greetings of PM <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a>. <br /><br />Appreciated the progress made on various bilateral projects and initiatives. Under President <a href="https://twitter.com/RW_UNP?ref_src=twsrc%5Etfw">@RW_UNP</a>’s guidance, discussed the way forward for the 🇮🇳 🇱🇰 cooperation,… <a href="https://t.co/S9mdXOLFA6">pic.twitter.com/S9mdXOLFA6</a></p>
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) <a href="https://twitter.com/DrSJaishankar/status/1803707225770488169?ref_src=twsrc%5Etfw">June 20, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,‘‘ श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विभिन्न द्विपक्षीय परियोजनाओं और पहलों पर हुई प्रगति की सराहना की।’’ जयशंकर ने पोस्ट में कहा,‘‘ राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के मार्गदर्शन में भारत-श्रीलंका के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई, विशेष रूप से बिजली, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, बंदरगाह बुनियादी ढांचे, विमानन, डिजिटल, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्रों में। हमारे पारंपरिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों के निरंतर विकास के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध।’’</p>
<p>राष्ट्रपति के मीडिया विभाग (पीएमडी) ने बताया कि दोनों नेताओं ने श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे और जयशंकर ने श्रीलंका में समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) की पट्टिका का डिजिटल माध्यम से अनावरण किया और औपचारिक तौर पर केन्द्र की शुरुआत की। इसमें कोलंबो स्थित नौसेना मुख्यालय में एक केंद्र, हंबनटोटा में एक उप-केंद्र तथा गैले, अरुगम्बे, बट्टिकलोवा, त्रिंकोमाली, कल्लारावा, प्वाइंट पेड्रो और मोलिकुलम में मानवरहित प्रतिष्ठान शामिल हैं।</p>
<p>पट्टिका के अनावरण के पश्चात जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समुद्री बचाव समन्वय केन्द्र की डिजिटल शुरुआत की साथ ही जीओआई आवासीय योजना के तहत 154 से अधिक मकान सौंपे।’’ राष्ट्रपति के मीडिया विभाग ने भी पोस्ट पर पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि जयशंकर श्रीलंका में जारी सभी भारतीय परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा करेंगे। उनके प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों पर भी चर्चा करने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने से भी विदेश मंत्री मुलाकात कर सकते हैं। सुबह कोलंबो पहुंचने पर विदेश राज्य मंत्री थारका बालासुरिया और पूर्वी प्रांत के गवर्नर सेंथिल थोंडमन ने जयशंकर का स्वागत किया। </p>
<p>जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,‘‘ नए कार्यकाल की पहली यात्रा पर कोलंबो पहुंचा। विदेश राज्य मंत्री थारका बालासुरिया और पूर्वी प्रांत के गवर्नर सेंथिल थोंडमन का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार।’’ उन्होंने लिखा कि श्रीलंका भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ और ‘सागर’ नीतियों के केन्द में है। दूसरे कार्यकाल के लिए 11 जून को विदेश मंत्री का पदभार संभालने के बाद जयशंकर की श्रीलंका की यह यात्रा पहली द्विपक्षीय यात्रा है।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Joined Sri Lankan President Ranil Wickremesinghe, Ministers and senior officials at the virtual commissioning of Maritime Rescue Coordination Centre<br />(MRCC) and virtual handing over of 154 houses under GOl housing schemes. <a href="https://twitter.com/RW_UNP?ref_src=twsrc%5Etfw">@RW_UNP</a><br />🇮🇳 🇱🇰 <a href="https://t.co/dvQEz8jFxs">pic.twitter.com/dvQEz8jFxs</a></p>
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) <a href="https://twitter.com/DrSJaishankar/status/1803701106960171326?ref_src=twsrc%5Etfw">June 20, 2024</a></blockquote>

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<p>

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<p>जयशंकर पिछले सप्ताह इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भारत के पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र के उन सात शीर्ष नेताओं में शामिल थे जिन्होंने नौ जून को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/474840/nearly-580000-people-displaced-due-to-increased-violence-due-to">हैती में सशस्त्र गिरोहों के कारण हिंसा बढ़ने से लगभग 5,80,000 लोग हुए विस्थापित : संरा रिपोर्ट </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/474896/jaishankar-and-sri-lankan-president-wickremesinghe-formally-inaugurated-the-maritime</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 16:52:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sri Lanka: विक्रमसिंघे ने की भ्रष्टाचार विरोधी आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिये गठित आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति की है। राष्ट्रपति कार्यालय के मीडिया प्रभाग (पीएमडी) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पीएमडी ने कहा कि विक्रमसिंघे ने न्यायमूर्ति डब्ल्यू.एम.एन.पी. इद्दावाला को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि चेथिया गुनेसेकेरा और के. बर्नार्ड राजपक्षे को अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया है। पीएमडी ने कहा कि नियुक्तियां एक जनवरी, 2024 से प्रभावी होंगी। </p>
<p>नया आयोग इस साल की शुरुआत में श्रीलंकाई संसद द्वारा अधिनियमित भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम के तहत काम करेगा। उल्लेखनीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/430463/wickremesinghe-appointed-chairman-and-two-members-of-anti-corruption-commission"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/ranil-wickremesinghe.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिये गठित आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति की है। राष्ट्रपति कार्यालय के मीडिया प्रभाग (पीएमडी) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पीएमडी ने कहा कि विक्रमसिंघे ने न्यायमूर्ति डब्ल्यू.एम.एन.पी. इद्दावाला को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि चेथिया गुनेसेकेरा और के. बर्नार्ड राजपक्षे को अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया है। पीएमडी ने कहा कि नियुक्तियां एक जनवरी, 2024 से प्रभावी होंगी। </p>
<p>नया आयोग इस साल की शुरुआत में श्रीलंकाई संसद द्वारा अधिनियमित भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम के तहत काम करेगा। उल्लेखनीय है कि नये कानून को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा शासन में सुधार तथा भ्रष्टाचार में कमी लाये जाने की अनुशंसा किये जाने के मद्देनजर लाया गया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/430449/due-to-dragons-stubborn-attitude-bilateral-relations-between-india-and">ड्रैगन के अड़ियल रवैये के कारण भारत-चीन के बीच वर्ष 2023 में भी सामान्य नहीं हो सके द्विपक्षीय संबंध</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Dec 2023 18:38:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BRI conference: पुतिन समेत 20 राष्ट्रों के प्रमुख नेता होंगे शामिल, जानिए चीन से क्या हैं उम्मीदें </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीजिंग। </strong>चीन अपनी 10 साल पुरानी बेल्ट एंड रोड परियोजना के सिलसिले में एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें कम से कम 20 राष्ट्रों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में जिन देशों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है, उनमें दक्षिण पूर्वी, दक्षिण एशियाई, पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और लातिन अमेरिकी देश शामिल हैं। बीजिंग में 17-18 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन में शामिल होने वाले नेताओं में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन और अर्जेंटीना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/411566/bri-conference--major-leaders-of-20-nations-including-putin-will-attend--know-what-are-their-expectations-from-china"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/putin-d.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीजिंग। </strong>चीन अपनी 10 साल पुरानी बेल्ट एंड रोड परियोजना के सिलसिले में एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें कम से कम 20 राष्ट्रों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में जिन देशों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है, उनमें दक्षिण पूर्वी, दक्षिण एशियाई, पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और लातिन अमेरिकी देश शामिल हैं। बीजिंग में 17-18 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन में शामिल होने वाले नेताओं में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज शामिल हैं।</p>
<p> रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को बीजिंग पहुंचे। यूक्रेन युद्ध के सिलसिले में मार्च में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने पुतिन के खिलाफ वारंट जारी किया था, जिसके बाद से पूर्व सोवियत संघ के किसी देश के बाहर पुतिन की यह पहली यात्रा है। पुतिन की यह यात्रा यूक्रेन में जारी युद्ध के बाद अलग-थलग पड़े रूस के लिए चीन के आर्थिक और कूटनीतिक समर्थन को रेखांकित करती है। अपनी यात्रा से पहले चीनी सरकारी मीडिया को दिए साक्षात्कार में पुतिन ने बीआरआई परियोजनाओं को वैश्विक क्षेत्र में चीन की "सहयोग की इच्छा" के रूप में वर्णित किया।</p>
<p> हालांकि अमेरिका इस परियोजना को छोटे देशों के लिए "कर्ज का जाल” कहता रहा है। यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोपीय संघ से व्यापार बंद होने के बाद रूस एशिया में व्यापार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रूसी सरकार के अनुसार, वर्ष की पहली छमाही में चीन-रूस व्यापार में 30 प्रतिशत वृद्धि हुई और इस वर्ष 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक व्यापार होने की उम्मीद है। चीन के साथ संयुक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के मामले में रूस की प्राथमिकताओं में से एक ‘पावर ऑफ साइबेरिया -2’ पाइपलाइन का निर्माण करना है, जिससे रूस मंगोलिया के रास्ते चीन को अधिक प्राकृतिक गैस बेचना चाहता है। श्रीलंका और जाम्बिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने चीन और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं को अपना कर्ज नहीं चुकाया है। देश के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बढ़ती महंगाई और गंभीर आर्थिक संकट के विरोध के बीच जुलाई 2022 में पद छोड़ दिया था।</p>
<p> श्रीलंका ने राजमार्गों, एक बंदरगाह, एक हवाई अड्डे और एक कोयला बिजली संयंत्र के निर्माण के लिए चीनी वित्त का उपयोग किया था, जिससे उस पर सात अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज हो गया था। चीन का कर्ज चुकाने के अपने प्रयासों के तहत, श्रीलंका ने उसे एक रणनीतिक बंदरगाह का नियंत्रण सौंप दिया। बीआरआई के आलोचक इस घटना को चीन की "ऋण जाल" कूटनीति की मिसाल के तौर पर पेश करते हैं। पिछले साल पदभार संभालने वाले श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे चीन की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के तहत सम्मेलन में शामिल होने जा रहे हैं। उम्मीद है कि वह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।</p>
<p> अफ्रीका में बीआरआई परियोजनाओं में से शामिल एक प्रमुख परियोजना मोम्बासा-नैरोबी रेलवे लाइन है, जो 592 किलोमीटर (368 मील) तक फैली हुई है। यह केन्या के सबसे बड़े बंदरगाह मोम्बासा को राजधानी नैरोबी से जोड़ती है। 2017 में इस परियोजना की शुरुआत होने पर चीन ने कहा था कि इससे केन्या की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन रेलवे के दूसरे खंड पर काम पड़ोसी देश युगांडा के पीछे हटने और इसके बजाय तुर्की की एक कंपनी के साथ साझेदारी का विकल्प चुनने के बाद रुक गया। इस योजना के तहत केन्या को युगांडा से जोड़ना था। बेल्ट एंड रोड शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति विलियम रूटो रेलवे के शेष खंड के लिए वित्त पोषण के विकल्प तलाशने के प्रयास करेंगे। </p>
<p>दक्षिण पूर्वी एशिया में, सबसे प्रमुख बीआरआई परियोजनाओं में से एक इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता को बांडुंग के आर्थिक केंद्र से जोड़ने वाली 142 किलोमीटर (88 मील) हाई-स्पीड रेलवे का निर्माण है। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो ने इस महीने की शुरुआत में 7.3 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन द्वारा वित्त पोषित परियोजना का उद्घाटन किया था। विडोडो के शी से मिलने और विभिन्न परियोजनाओं में निवेश पर चर्चा करने की उम्मीद है। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले यूरोपीय संघ में शामिल किसी देश के एकमात्र राष्ट्राध्यक्ष हैं।</p>
<p> हंगरी की मीडिया में पिछले महीने आईँ खबरों में कहा गया था कि बुडापेस्ट को बेलग्रेड से जोड़ने वाली एक चीन समर्थित रेलवे परियोजना में रुकावट आ गई है और चीन वित्तपोषण रोक देगा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस महीने की शुरुआत में हंगरी के अपने समकक्ष से कहा था कि परियोजना योजना के अनुसार जारी रहेगी। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज भी मंगलवार को बीजिंग पहुंचे। अर्जेंटीना हाल ही में बीआरआई में शामिल होने वाले देशों में से एक है। वह 2022 में इस परियोजना में शामिल हुआ था। अर्जेंटीना रेलवे, परमाणु ऊर्जा, सौर और जलविद्युत, कृषि और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में चीन का निवेश चाहता है। अर्जेंटीना ने चीन से 8.3 अरब अमेरिकी डॉलर के नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र को पूरी तरह से वित्तपोषित करने का अनुरोध किया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/411554/14-nations-including-china--saudi-arabia-participate-in-pakistani-air-force-s-war-exercise--indus-shield-2023">पाकिस्तानी वायु सेना के युद्ध अभ्यास 'इंडस शील्ड 2023' में शामिल हुए चीन, सऊदी अरब समेत 14 राष्ट्र</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/411566/bri-conference--major-leaders-of-20-nations-including-putin-will-attend--know-what-are-their-expectations-from-china</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Oct 2023 17:44:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईस्टर पर हुए बम विस्फोट मामले में अंतरराष्ट्रीय जांच का सवाल ही नहीं : Ranil Wickremesinghe</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने 2019 में ईस्टर पर्व पर हुए बम धमाकों के मामले की अंतरराष्ट्रीय जांच की किसी भी संभावना को खारिज किया है। राष्ट्रपति ने साथ ही कहा कि देश के कानून के तहत ऐसी किसी भी जांच की अनुमति नहीं दी जा सकती। कैथोलिक चर्च के समाचारपत्र में प्रकाशित एक संपादकीय के जवाब में राष्ट्रपति के मीडिया प्रकोष्ठ (पीएमडी) ने कहा,‘‘ हम श्रीलंका के आंतरिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय जांच के विचार को मान्यता नहीं दे सकते।’’ संपादकीय में कहा गया था, ‘‘स्वतंत्र, पारदर्शी और गहन जांच एवं निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय जांच दल की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/409021/there-is-no-question-of-international-investigation-into-easter-bombings--sri-lankan-president"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/ranil-wickremesinghe.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने 2019 में ईस्टर पर्व पर हुए बम धमाकों के मामले की अंतरराष्ट्रीय जांच की किसी भी संभावना को खारिज किया है। राष्ट्रपति ने साथ ही कहा कि देश के कानून के तहत ऐसी किसी भी जांच की अनुमति नहीं दी जा सकती। कैथोलिक चर्च के समाचारपत्र में प्रकाशित एक संपादकीय के जवाब में राष्ट्रपति के मीडिया प्रकोष्ठ (पीएमडी) ने कहा,‘‘ हम श्रीलंका के आंतरिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय जांच के विचार को मान्यता नहीं दे सकते।’’ संपादकीय में कहा गया था, ‘‘स्वतंत्र, पारदर्शी और गहन जांच एवं निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय जांच दल की आवश्यकता है।’’ </p>
<p>पीएमडी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘श्रीलंका का संविधान तथा अन्य वर्तमान कानून अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मंजूरी नहीं देते। इस प्रकार की जांच की अनुमति देना कानून का उल्लंघन करने जैसा होगा।’’ आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जुड़े स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में तीन कैथोलिक चर्च और कई होटल में सिलसिलेवार विस्फोट किए थे। इन हमलों में 11 भारतीयों सहित लगभग 270 लोग मारे गए और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे। </p>
<p>ईस्टर के दौरान हुए हमलों और उसका राजनीतिक पक्ष सितंबर में उस वक्त फिर से चर्चा में आया जब ब्रिटेन के टेलीविजन ‘चैनल 4’ ने ‘श्रीलंकाज ईस्टर बॉबिंग-डिस्पैचेस’ शीर्षक वाला एक वृत्तचित्र प्रसारित किया। इसमें आरोप लगाए गए हैं कि ईस्टर आत्मघाती बम विस्फोटों को अंजाम देने में खुफिया सेवा के प्रमुख मेजर जनरल सुरेश सल्लाय सहित कुछ सरकारी अधिकारियों की भागीदारी और मिलीभगत थी। </p>
<p>इसमें कहा गया है कि हमले की ‘‘योजना बनाई’’ गई थी और इसका मकसद राजपक्षे बंधुओं के पक्ष में राजनीतिक माहौल बनाना था। गोटबाया राजपक्षे ने हमलों के तीन दिन बाद अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की और वह सात महीने बाद राष्ट्रपति चुने गए। उनके बड़े भाई महिंदा राजपक्षे भी देश के पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री थे। देश में भीषण आर्थिक संकट के बीच राजपक्षे भाइयों को पिछले साल इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/409033/earthquake-in-afghanistan--afghanistan-shaken-by-strong-earthquake--15-people-died--40-people-injured">Earthquake in Afghanistan: भूकंप के तेज झटकों से दहला अफगानिस्तान, 15 लोगों की मौत, 40 लोग घायल</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/409021/there-is-no-question-of-international-investigation-into-easter-bombings--sri-lankan-president</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Oct 2023 18:41:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका के राष्ट्रपति Ranil Wickremesinghe ने ईस्टर पर हुए हमला मामले में अंतरराष्ट्रीय जांच को किया खारिज, जानिए मामला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने एक स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह द्वारा ईस्टर के मौके पर 2019 में किए गए बम विस्फोटों की अंतरराष्ट्रीय सहायता प्राप्त स्वतंत्र जांच से इनकार कर दिया है। उन्होंने पश्चिमी देशों के मीडिया की उसके ‘‘दोहरे मापदंडों’’ के लिए आलोचना की है। </p>
<p>आईएसआईएस से जुड़े स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल, 2019 को तीन कैथोलिक गिरिजाघर और कई होटलों को निशाना बनाकर श्रृंखलाबद्ध विस्फोट किए थे, जिसमें 11 भारतीय सहित लगभग 270 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए। सितंबर में, ब्रिटेन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/408070/sri-lankan-president-rejects-international-investigation-into-easter-attacks-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/image-w21.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने एक स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह द्वारा ईस्टर के मौके पर 2019 में किए गए बम विस्फोटों की अंतरराष्ट्रीय सहायता प्राप्त स्वतंत्र जांच से इनकार कर दिया है। उन्होंने पश्चिमी देशों के मीडिया की उसके ‘‘दोहरे मापदंडों’’ के लिए आलोचना की है। </p>
<p>आईएसआईएस से जुड़े स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल, 2019 को तीन कैथोलिक गिरिजाघर और कई होटलों को निशाना बनाकर श्रृंखलाबद्ध विस्फोट किए थे, जिसमें 11 भारतीय सहित लगभग 270 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए। सितंबर में, ब्रिटेन के ‘चैनल 4’ ने श्रीलंका में ईस्टर बम विस्फोट पर आधारित एक वृत्तचित्र प्रसारित किया, जिसमें इस हमले को अंजाम देने में खुफिया सेवा प्रमुख मेजर जनरल सुरेश सल्लाय सहित कुछ सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता और मिलीभगत का आरोप लगाया गया था।</p>
<p> वृत्तचित्र में हमलों को एक ‘‘मनगढ़ंत कृत्य’’ करार दिया गया, जिसका उद्देश्य तत्कालीन राजपक्षे बंधुओं के पक्ष में राजनीतिक माहौल तैयार करना था। ‘चैनल 4’ के आरोपों की पृष्ठभूमि में जर्मनी के सरकारी प्रसारक ‘डॉयचे वेले’ (डीडब्ल्यू) के साथ एक साक्षात्कार के दौरान, विक्रमसिंघे ने कहा, ‘‘श्रीलंका ईस्टर विस्फोटों के संबंध में कोई अंतरराष्ट्रीय जांच नहीं करेगा। पूर्ण विराम। कुछ लोग ऐसा चाहते होंगे, लेकिन संसद ऐसा नहीं चाहती।’’ </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/408060/three-people-killed-in-shooting-in-shopping-mall-in-bangkok--suspected-attacker-in-police-custody">Bangkok में शापिंग मॉल में गोलीबारी में तीन लोगों की मौत, संदिग्ध हमलावर पुलिस हिरासत में</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Oct 2023 20:50:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका को भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व, चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर बोले राष्ट्रपति विक्रमसिंघे </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के लोगों को बधाई देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्रीलंका को गर्व है। भारत का चंद्रयान-3 बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला अंतरिक्ष मिशन बन गया। </p>
<p>श्रीलंका के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी, इसरो की टीम और भारत के लोगों को हार्दिक बधाई दी।’’</p>
<p>  विक्रमसिंघे ने कहा</p>
<p><strong>ये</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/397850/sri-lanka-is-proud-of-india-s-historic-achievement--president-wickremesinghe-said-on-chandrayaan-3-s-successful-landing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-08/ranil-wickremesinghe.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के लोगों को बधाई देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्रीलंका को गर्व है। भारत का चंद्रयान-3 बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला अंतरिक्ष मिशन बन गया। </p>
<p>श्रीलंका के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी, इसरो की टीम और भारत के लोगों को हार्दिक बधाई दी।’’</p>
<p> विक्रमसिंघे ने कहा कि श्रीलंका को भारत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व है। बयान में कहा गया, ‘‘श्रीलंका को इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि पर गर्व है। इस उपलब्धि को पूरी मानव जाति को समर्पित करने का प्रधानमंत्री मोदी का उदार भाव आगामी पीढ़ियों को विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/397844/looking-forward-to-the-next-brics-summit--zwelivelile-mandela">अगले BRICS शिखर सम्मेलन का इंतजार कर रहा हूं: ज्वेलिवेलिले मंडेला</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Space Mission</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 16:16:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sri Lanka: भारत की दो दिवसीय यात्रा करेंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे, द्विपक्षीय संबंधों को लेकर PM MODI से होगी चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने तथा इसे और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भारत के शीर्ष नेताओं से बातचीत के लिए बृहस्पतिवार को भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा करेंगे। आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में पिछले साल जुलाई में जनता के आंदोलन के बाद गोटबाया राजपक्षे के हटने पर राष्ट्रपति के तौर पर नियुक्ति के बाद विक्रमसिंघे की यह पहली भारत यात्रा होगी।</p>
<p>  श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की</p>
<p>श्रीलंका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/388411/sri-lankan-president-wickremesinghe-to-visit-india-to-further-deepen-bilateral-ties"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/ranil-wickremesinghe1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने तथा इसे और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भारत के शीर्ष नेताओं से बातचीत के लिए बृहस्पतिवार को भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा करेंगे। आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में पिछले साल जुलाई में जनता के आंदोलन के बाद गोटबाया राजपक्षे के हटने पर राष्ट्रपति के तौर पर नियुक्ति के बाद विक्रमसिंघे की यह पहली भारत यात्रा होगी।</p>
<p> श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा करने जा रहे हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश इस साल राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति विक्रमसिंघे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और आपसी हित के कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य भारतीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। </p>
<p>श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह यात्रा लंबे समय से जारी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाएगी और मजबूत करेगी।’’ नयी दिल्ली में एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका भारत की ‘पड़ोस प्रथम नीति’ और ‘विजन सागर’ में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। विक्रमसिंघे ने भारत के साथ अच्छे संबंधों पर जोर दिया है और इसे अपनी विदेश नीति का प्रमुख मुद्दा बनाया है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/388390/russia-preparing-to-attack-civilian-ships-in-black-sea--us-warned">काला सागर में असैन्य पोतों पर हमले की तैयारी कर रहा रूस, अमेरिका ने किया सचेत</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2023 13:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिम्सटेक को सीमा-मुक्त व्यापक पर्यटन क्षेत्र बनाएंः श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने बंगाल की खाड़ी स्थित देशों के मंच बिम्सटेक को पर्यटन के लिहाज से एक सीमा-मुक्त क्षेत्र बनाने का सुझाव दिया है। विक्रमसिंघे ने गुरुवार को भारतीय ट्रैवल एजेंट संघ (टीएएआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल की खाड़ी स्थित सात देशों के बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग मंच बिम्सटेक को पर्यटन का एक सीमा-मुक्त क्षेत्र बना दिया जाना चाहिए। </p>
<p>बिम्सटेक में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमा, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। उन्होंने कहा, "आने वाले 10 वर्षों में लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ने से पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/384689/make-bimstec-a-border-free-comprehensive-tourism-zone--sri-lankan-president"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/ranil-wickremesinghe.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने बंगाल की खाड़ी स्थित देशों के मंच बिम्सटेक को पर्यटन के लिहाज से एक सीमा-मुक्त क्षेत्र बनाने का सुझाव दिया है। विक्रमसिंघे ने गुरुवार को भारतीय ट्रैवल एजेंट संघ (टीएएआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल की खाड़ी स्थित सात देशों के बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग मंच बिम्सटेक को पर्यटन का एक सीमा-मुक्त क्षेत्र बना दिया जाना चाहिए। </p>
<p>बिम्सटेक में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमा, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। उन्होंने कहा, "आने वाले 10 वर्षों में लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ने से पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके लिए हमें अपनी संपर्क सुविधाओं को भी तैयार करना होगा।"</p>
<p> विक्रमसिंघे ने कहा, "मेरा सुझाव है कि समूचे बिम्सटेक को ही क्यों नहीं एक व्यापक पर्यटन क्षेत्र बना दिया जाए। हम बिम्सटेक को खोलते क्यों नहीं हैं? हम बंगाल की खाड़ी का इस्तेमाल समुद्रा सफर के लिए क्यों नहीं करते?" उन्होंने कहा कि बिम्सटेक को खोलने से यह बाहर से यहां आने वाले किसी भी सैलानी के लिए एक सीमा-मुक्त व्यापक पर्यटन क्षेत्र बन जाएगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/384683/singapore--who-is-indian-origin-minister-shanmugaratnam--will-contest-presidential-election-in-singapore--resigns-from-the-post-of-minister">Singapore: कौन हैं भारतीय मूल के मंत्री Tharman Shanmugaratnam? जोसिंगापुर में लड़ेंगे राष्ट्रपति चुनाव, मंत्री पद से दिया इस्तीफा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/384689/make-bimstec-a-border-free-comprehensive-tourism-zone--sri-lankan-president</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 16:40:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने ईस्टर धमाकों के पीड़ितों को इंसाफ का दिलाया भरोसा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को भरोसा दिलाया कि 2019 में ईस्टर के मौके पर देश में हुए धमाकों के सभी पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ईस्टर पर हुए धमाकों के संबंध में कानूनी कार्यवाही स्वतंत्र रूप से, निष्पक्ष रूप से और बिना किसी दबाव के जारी है। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने इस तरह के जघन्य कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। </p>
<p>स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहिद जमात (एनटीजे) से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल 2019 को तीन चर्च और तीन लग्जरी होटल में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/358897/sri-lankan-president-wickremesinghe-assures-justice-to-victims-of-easter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-04/ranil-wickremesinghe.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को भरोसा दिलाया कि 2019 में ईस्टर के मौके पर देश में हुए धमाकों के सभी पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ईस्टर पर हुए धमाकों के संबंध में कानूनी कार्यवाही स्वतंत्र रूप से, निष्पक्ष रूप से और बिना किसी दबाव के जारी है। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने इस तरह के जघन्य कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। </p>
<p>स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहिद जमात (एनटीजे) से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल 2019 को तीन चर्च और तीन लग्जरी होटल में सिलसिलेवार विस्फोट किए थे, जिनमें 11 भारतीयों समेत 270 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।</p>
<p> एनटीजे के आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंध हैं। विक्रमसिंघे ने ईस्टर पर अपने संदेश में कहा, इस दुखद घटना से संबंधित कानूनी कार्यवाही बिना किसी दबाव के स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से की जा रही है। सभी पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के वास्ते इस दिशा में जमीनी स्तर पर जरूरी काम किए गए हैं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सरकार सभी श्रीलंकाई नागरिकों की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए समर्पित है, फिर चाहे वे किसी भी नस्ल, धर्म, पार्टी या रंग के हों।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें :  <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/358892/khalsa-foundation-day-pakistan-baisakhi-gurdwara-sri-panja-sahib">पाकिस्तान रवाना हुआ एक हजार से अधिक सिख श्रद्धालुओं का जत्था, बैसाखी के कार्यकर्मों में लेंगे भाग</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Apr 2023 13:19:38 +0530</pubDate>
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