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                <title>मंकीपॉक्स - Amrit Vichar</title>
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                <title>केन्या में मंकीपॉक्स के 41 मामलों की पुष्टि, एक व्यक्ति की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैरोबी।</strong> केन्या में मंकीपॉक्स के 41 मामलों की पुष्टि हुई है जो 12 कंट्रियों में फैले हुए हैं। इसके साथ ही, जुलाई 2024 में शुरू हुए प्रकोप के बाद से एक मौत की भी पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय में प्रधान सचिव मैरी मुथोनी ने कहा कि 41 मामलों के कुल 271 संपर्कों की पहचान की गई है, युगांडा और रवांडा में सबसे ज्य़ादा मामलों की पुष्टि हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहां पर मंकीपॉक्स के मामले सबसे ज्यादा हैं वहां पर मंत्रालय ने काउंटी सरकारों और भागीदारों के साथ मिलकर इस वायरस के प्रसार को बनाए रखने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522564/a-person-dies-in-kenya-confirmed-41-cases-of-monkey%C2%A0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/केन्या-में-मंकीपॉक्स-के-41-मामलों-की-पुष्टि.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैरोबी।</strong> केन्या में मंकीपॉक्स के 41 मामलों की पुष्टि हुई है जो 12 कंट्रियों में फैले हुए हैं। इसके साथ ही, जुलाई 2024 में शुरू हुए प्रकोप के बाद से एक मौत की भी पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय में प्रधान सचिव मैरी मुथोनी ने कहा कि 41 मामलों के कुल 271 संपर्कों की पहचान की गई है, युगांडा और रवांडा में सबसे ज्य़ादा मामलों की पुष्टि हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहां पर मंकीपॉक्स के मामले सबसे ज्यादा हैं वहां पर मंत्रालय ने काउंटी सरकारों और भागीदारों के साथ मिलकर इस वायरस के प्रसार को बनाए रखने के लिए सभी उच्च जोखिम वाले काउंटियों में निगरानी प्रयासों को तेज कर दिया है।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि सीमा पार से आए 33 लाख से अधिक यात्रियों की जांच की गई है और संदिग्ध मामलों के 419 नमूनों का परीक्षण राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला और साझेदार प्रयोगशालाओं में किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय शिक्षा मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से कार्य में जुटा है ताकि मंकीपॉक्स वायरस के प्रसार को विद्यार्थियों के बीच फैलने से रोका जा सके। </p>
<p>मुथोनी ने कहा, देश में सीमा पार से भारी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण मंकीपॉक्स वायरस के और अधिक फैलने का खतरा बना हुआ है। इस वायरस का प्रसार रोकने के लिये तत्काल उचित कदम उठाने की जरूरत है।" उन्होंने जनता से सतर्क रहने का आग्रह किया और नियमित रूप से हाथ धोने तथा अपने आसपास स्वच्छता पर ध्यान देने सलाह दी है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/522555/donald-trump-signed-an-executive-order-to-increase-the-production">डोनाल्ड ट्रंप ने जीवाश्म ईंधन के उत्पादन में वृद्धि को लेकर कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 15:45:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जांच में सतर्कता के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मंकीपॉक्स को लेकर शासन से निर्देश मिलने के बाद सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर को अलर्ट कर दिया है। बताया कि पूर्ववर्ती आउटब्रेक्स के दौरान भारत में मंकीपॉक्स के संक्रमण के कुछ रोगी मिले हैं। मंकीपॉक्स का संक्रमण का अंतिम रोगी मार्च 2024 में केरल में मिला था। स्पष्ट है कि देश में इस रोग के संक्रमण होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि वैश्विक रूप से इस रोग के रोगी स्थानीय संक्रमण के साथ-साथ अफ्रीकी देशों की यात्रा के कारण भी पाए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/490290/doctor-alert-regarding-moradabad-monkeypox-orders-for-vigilance-in-investigation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/मंकीपॉक्स.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मंकीपॉक्स को लेकर शासन से निर्देश मिलने के बाद सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर को अलर्ट कर दिया है। बताया कि पूर्ववर्ती आउटब्रेक्स के दौरान भारत में मंकीपॉक्स के संक्रमण के कुछ रोगी मिले हैं। मंकीपॉक्स का संक्रमण का अंतिम रोगी मार्च 2024 में केरल में मिला था। स्पष्ट है कि देश में इस रोग के संक्रमण होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि वैश्विक रूप से इस रोग के रोगी स्थानीय संक्रमण के साथ-साथ अफ्रीकी देशों की यात्रा के कारण भी पाए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि जिले में बुखार ऐसे रोगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी की हो, उनके संबंध में सूचना प्राप्त होने पर संबंधित व्यक्ति को आइसोलेशन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देनी होगा और सैंपल केजीएमयू की राज्य संदर्भ प्रयोगशाला को भेजे जाएंगे। ऐसे व्यक्ति के विषय में सभी जानकारी राज्य सर्विलांस इकाई को भेजनी होगी। मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर संबंधित रोगी को तत्काल उच्च उपचार मिल सके, इसके लिए शासन स्तर से राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर (18001805145) भी जारी कर दिया गया है। </p>
<p>सीएमओ ने बताया कि मंकीपॉक्स मुख्यत: मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में पाया जाने वाला एक वायरस जूनोटिक रोग है। इसे अभी 14 अगस्त को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न (सार्वजनिक स्वास्थ्य पर अंतर्राष्ट्रीय चिंता) घोषित किया है।</p>
<p><strong>मंकीपॉक्स संक्रमण के शुरुआती लक्षण</strong><br />सीएमओ ने डॉक्टरों को जानकारी देते हुए कहा कि शरीर पर दाने, बुखार और लसिका ग्रंथियों में सूजन मंकीपॉक्स के मुख्य प्रारंभिक लक्षण हैं। इसके बाद रोगी में अन्य चिकित्सीय जटिलताएं विकसित हो सकती हैं। मनुष्यों में मंकीपॉक्स रोग पशुओं अथवा अन्य संक्रमित मनुष्यों से संचरित हो सकता है। इस रोग का वायरस ब्रोकन स्किन (प्रदर्शित न होने पर भी), श्वसन पथ अथवा आंख-नाक या मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है। मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति द्वारा छुए गए कपड़ों, बिस्तर, तोलिया व अन्य वस्तुओं जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और सतहों पर मंकीपॉक्स वायरस कुछ समय तक बने रह सकता है। यही नहीं, वायरस गर्भावस्था के दौरान भ्रूण में और जन्म के दौरान अथवा एक-दूसरे की त्वचा संपर्क के माध्यम से या फिर मंकीपॉक्स से संक्रमित माता-पिता द्वारा शिशु में भी फैल सकता है। वैसे मंकीपॉक्स का वायरस चेचक की तुलना में कम संक्रामक है।</p>
<p><strong>राज्य स्तर पर सर्विलांस इकाई गठित</strong><br />सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि मंकीपॉक्स के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सर्वनाम इकाई भी गठित हो गई है। जिले के डॉक्टर किस इकाई में नियुक्त वरिष्ठ जन से संपर्क स्थापित कर समन्वय कर सकेंगे। राज्य सर्विलांस इकाई में तैनात अधिकारियों के मोबाइल नंबर जिले के डॉक्टर को उपलब्ध करा दिए गए हैं।</p>
<p><strong>इन देशों से यात्रा करके लौटने वालों पर नजर</strong><br />दक्षिण अफ्रीका, केन्या, रवांडा, युगांडा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, बुरुंडी, मध्य अफ्रीकी, कांगो-ब्रेजाविल, कैमरून, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट, लाइबेरिया, स्वीडन, पाकिस्तान, फिलीपीन्स व थाईलैंड।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं :<a style="color:rgb(224,62,45);">मुरादाबाद : पहले बिल जमा करो, फिर होगा संशोधन...बिजली कर्मचारी खराब मीटर उतार ले जाए तो बनाएं वीडियो</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 11:03:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या मंकीपॉक्स हिंद-प्रशांत क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लेगा? </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कुआलालंपुर। </strong>कभी माना जाता था कि मंकीपॉक्स की बीमारी मुख्य रूप से अफ्रीका तक ही सीमित है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में स्वीडन, पाकिस्तान और फिलीपीन में भी एमपॉक्स (जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था) के मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले सप्ताह कहा था कि एमपॉक्स के मामलों में हालिया वृद्धि के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एमपॉक्स के वायरस का तेजी से प्रसार हो रहा है तथा स्वास्थ्य पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। </p>
<p><strong>पिछली बार ऐसा</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487517/will-monkeypox-engulf-the-indo-pacific-region-as-well%C2%A0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/मंकीपॉक्स.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कुआलालंपुर। </strong>कभी माना जाता था कि मंकीपॉक्स की बीमारी मुख्य रूप से अफ्रीका तक ही सीमित है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में स्वीडन, पाकिस्तान और फिलीपीन में भी एमपॉक्स (जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था) के मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले सप्ताह कहा था कि एमपॉक्स के मामलों में हालिया वृद्धि के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, एमपॉक्स के वायरस का तेजी से प्रसार हो रहा है तथा स्वास्थ्य पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। </p>
<p><strong>पिछली बार ऐसा जुलाई 2022 में हुआ था?</strong><br />विशेष चिंता की बात यह है कि परीक्षण से पता चला है कि स्वीडन में पाया गया मामला वायरस के अधिक घातक क्लेड 1बी उपप्रकार से संक्रमण का है। यह पहली बार है जब अफ्रीका के बाहर इस प्रकार का उप स्वरूप पाया गया है। अभी यह कहना मुश्किल है कि हिंद-प्रशांत में एमपॉक्स के मामले बढ़ेंगे। हालांकि, डब्ल्यूएचओ इस बात पर जोर दे रहा है कि हम इस वायरस और इसके फैलने के तरीके के बारे में कोविड-19 से कहीं अधिक जानते हैं। एमपॉक्स एक संक्रामक रोग है जो मंकीपॉक्स वायरस से होता है। यह ऑर्थोपॉक्सवायरस वायरस समूह से संबंधित है। इस वायरस के परिवार में वैरियोला वायरस भी शामिल है, जो चेचक का कारण बनता है। </p>
<p>मनुष्यों में एमपॉक्स का पहला रिकॉर्ड किया गया मामला 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में सामने आया था। तब से, एमपॉक्स को दो प्राथमिक समूहों में वर्गीकृत किया गया है: क्लेड 1, जिसे पहले मध्य अफ्रीकी उपस्वरूप के रूप में जाना जाता था, जो अधिक घातक है। दूसरे को क्लेड 2 के रूप में वर्गीकृत किया गया है जिसे पहले पश्चिमी अफ्रीकी उपस्वरूप के रूप में जाना जाता था, जो आमतौर पर कम गंभीर है। ऐतिहासिक रूप से एमपॉक्स के मामले अफ्रीका के बाहर दुर्लभ थे। लेकिन विभिन्न देशों में इसके संक्रमण के मामले मई 2022 में बढ़ने लगे। इसके बाद इस वर्ष फिर वृद्धि हुई है, जैसा कि ऑस्ट्रेलिया में मामलों की संख्या से पता चलता है। मंकीपॉक्स वायरस का प्रसार कई प्राथमिक तरीकों से होता है, जिसमें मानव-से-मानव के बीच संक्रमण सबसे महत्वपूर्ण है। </p>
<p>इस संक्रमण में आम तौर पर संक्रमित व्यक्ति के घावों या शारीरिक तरल पदार्थों के साथ सीधा संपर्क शामिल होता है, खासकर अंतरंग संबंध के दौरान। लंबे समय तक आमने-सामने संपर्क के दौरान श्वसन की बूंदें भी संक्रमण का कारण बन सकती हैं। इसके अतिरिक्त, फोमाइट्स - दूषित सतहें - वायरस के लिए वाहक के रूप में काम कर सकती हैं। जानवरों से इंसानों में संक्रमण एक गंभीर अवस्था है, जो अक्सर संक्रमित जानवरों, जैसे कि कुतरने वाले जानवरों या गैर-मानव प्राइमेट के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से होता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ‘बुशमीट’ का सेवन किया जाता है।</p>
<p>गर्भावस्था के दौरान मां से भ्रूण में ऊर्ध्वाधर संक्रमण का भी दस्तावेजीकरण किया गया है। एमपॉक्स के लक्षणों में बुखार, लिम्फैडेनोपैथी (सूजन या बढ़े हुए लिम्फ नोड्स) और विशिष्ट त्वचा के घाव जैसे लक्षण शामिल हैं। अभी के लिए एक अच्छी बात यह है कि एमपॉक्स वाले लोग केवल तभी बीमारी फैला सकते हैं जब उनमें लक्षण दिख रहे हों। यद्यपि एमपॉक्स चेचक की तुलना में कम घातक है, फिर भी यह विशेष रूप से कमजोर आबादी के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।</p>
<p><strong>हालिया प्रकोप और वैश्विक प्रतिक्रिया</strong><br />गैर-स्थानिक क्षेत्रों में एमपॉक्स के मामले सामने आने से सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे देश संभावित मामलों की निगरानी और प्रकोप को रोकने के लिए निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ा रहे हैं। चीन ने पिछले सप्ताह घोषणा की कि वह अगले छह महीनों तक एमपॉक्स के लिए देश में प्रवेश करने वाले लोगों और सामानों की निगरानी करेगा।</p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एमपॉक्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने से रोग के तेजी से फैलने की आशंका से निपटने की जरूरत को बल मिलता है, विशेष रूप से चेचक के टीकाकरण कार्यक्रम समाप्त होने के कारण कम प्रतिरक्षा वाली आबादी में। ऑस्ट्रेलिया में ऑर्थोपॉक्सवायरस के विरुद्ध व्यापक प्रतिरक्षा का अभाव है, ऐसे में देश में एमपॉक्स के प्रवेश के जोखिम को कम करने के लिए सतर्कता आवश्यक है, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से संक्रमण पहुंचने के मामले में।</p>
<p>हिंद-प्रशांत क्षेत्र अतीत में एमपॉक्स से सबसे कम प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है, लेकिन इसकी अंतर्संबद्धता और विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल क्षमताओं के कारण, यदि वायरस अनियंत्रित रूप से फैलता है तो इसे भारी खतरों का सामना करना पड़ सकता है। स्वीडन में क्लेड 1 की उपस्थिति से संकेत मिलता है कि वायरस आसानी से सीमाओं को पार कर सकता है, जिससे कम मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे वाले देशों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।</p>
<p><strong>वर्तमान उपचार विकल्प</strong><br />एमपॉक्स के लिए टीकाकरण की रणनीति इसके दो प्राथमिक उपस्वरूपों, क्लेड 1 और क्लेड 2 के बीच काफी भिन्न है, जो विषाणु, संचरण गतिशीलता और प्रकोप संदर्भों में भिन्नता के कारण है। क्लेड 1 मध्य अफ्रीका में सीमित है। इसमें ऐतिहासिक रूप से मृत्यु दर 10 प्रतिशत तक है और यह मुख्य रूप से पशु से मानव में फैलता है जबकि सीमित प्रसार मानव-से-मानव के बीच है।</p>
<p>इसके विपरीत, क्लेड 2, विशेष रूप से उपप्रकार क्लेड 2ए और 2बी, में मृत्यु दर लगभग 3.6 प्रतिशत या इससे कम है और यह 2022 में शुरू हुए वैश्विक प्रकोप के लिए जिम्मेदार था। यह मुख्य रूप से मानव संपर्क के माध्यम से फैलता है, विशेष रूप से यौन संबंध बनाने से। क्लेड 1 के संक्रमण से निपटने के लिए टीकाकरण स्थानिक क्षेत्रों में उच्च जोखिम वाली आबादी को लक्षित करते हैं। जेवाईएनएनईओएस और एसीएएम2000 जैसे टीके मूल रूप से चेचक के लिए विकसित किए गए थे, जिनसे क्लेड 1 एमपॉक्स के विरुद्ध सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके विशिष्ट असर से जुड़े आंकड़े सीमित हैं।</p>
<p><strong>यहां से हम कहां जायेंगे?</strong><br />वर्तमान वैश्विक एमपॉक्स प्रकोप ने कोविड-19 महामारी से सीखे गए महत्वपूर्ण सबक को रेखांकित किया है, विशेष रूप से संचार, समानता और तैयारी के क्षेत्रों में। प्रभावी प्रतिक्रियाओं के लिए विश्वास का निर्माण करने और बीमारी को लेकर सामाजिक वर्जना को कम करने के लिए स्पष्ट, सहानुभूतिपूर्ण संचार की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से हाशिए पर पड़े समुदायों के बीच जो प्रकोप से असमान रूप से प्रभावित होते हैं।</p>
<p>मामले की पहचान, संक्रमित के संपर्क में आए लोगों का पता लगाना और उनका पृथकवास सहित तेजी से रोकथाम के उपाय, प्रसार को प्रबंधित करने में आवश्यक साबित हुए हैं, जो कोविड से निपटने की सफल रणनीतियों को दर्शाते हैं। कोविड महामारी ने सूचना प्रसार के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डाला है। टीकों का भंडारण करने तथा उनका समान वितरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है, जैसा कि इस एमपॉक्स प्रकोप के दौरान पहले से ही सामने आई चुनौतियों से देखा जा सकता है। इस समय सबसे प्रभावी रणनीति यह है कि अफ्रीका में एमपॉक्स टीके भेजे जाएं ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/487474/poor-training-of-soldiers-is-becoming-the-reason-for-the">सैनिकों का खराब प्रशिक्षण बन रहा है पूर्वी मोर्चे पर यूक्रेनी क्षेत्र के नुकसान का कारण! </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 16:05:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेचक की रोकथाम के लिए पूर्व में दिया जाने वाला टीका मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रतिरक्षा दे रहा: अध्ययन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>चेचक की रोकथाम के लिए 1970 के दशक के मध्य तक दिये जाने वाले टीके से मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रतिरक्षा मिल रहा है। स्वीडन में किये गये एक अध्ययन में यह जानकारी मिली। पिछले साल मंकीपॉक्स के प्रसार होने पर अब तक इसके 85,000 से अधिक मामले सामने आये हैं। अफ्रीका के बाहर पहली बार गत वर्ष इस वायरस का प्रसार हुआ था। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि इसके ज्यादातर मामले पुरुषों के आपस में यौन संबंध बनाने से संबद्ध हैं। </p>
<p>मंकीपॉक्स के वायरस को ‘ओर्थोपॉक्स’ वायरस के रूप में जाना जाता है और यह 1970 के दशक के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/372258/formerly-given-vaccine-to-prevent-smallpox-giving-immunity-against-monkeypox--study"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/मंकी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>चेचक की रोकथाम के लिए 1970 के दशक के मध्य तक दिये जाने वाले टीके से मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रतिरक्षा मिल रहा है। स्वीडन में किये गये एक अध्ययन में यह जानकारी मिली। पिछले साल मंकीपॉक्स के प्रसार होने पर अब तक इसके 85,000 से अधिक मामले सामने आये हैं। अफ्रीका के बाहर पहली बार गत वर्ष इस वायरस का प्रसार हुआ था। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि इसके ज्यादातर मामले पुरुषों के आपस में यौन संबंध बनाने से संबद्ध हैं। </p>
<p>मंकीपॉक्स के वायरस को ‘ओर्थोपॉक्स’ वायरस के रूप में जाना जाता है और यह 1970 के दशक के मध्य तक चेचक के कारक रहे वायरस के जैसा है। चेचक के पुराने टीके से मंकीपॉक्स से रक्षा के बारे में आंकड़ों से संकेत मिलने के बाद, स्वीडन स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि मंकीपॉक्स के खिलाफ दशकों पहले जिन लोगों का टीकाकरण किया गया था, उनमें चेचक के प्रति भी कुछ प्रतिरक्षा है। अध्ययन के लेखक मारकस बगर्ट ने कहा, हमारे अध्ययन से प्रदर्शित होता है कि मेमोरी कोशिकाएं बहुत लंबे समय तक जीवित रहती हैं और इसलिए वे मंकीपॉक्स जैसे करीबी रूप से संबद्ध वायरस की पहचान कर सकती हैं तथा प्रतिरक्षा प्रदान करती हैं।</p>
<p> अध्ययन में 105 स्वस्थ रक्तदाताओं में ‘टी-सेल’ का विश्लेषण करने से यह प्रदर्शित हुआ कि 1976 से पहले जन्मे व्यक्तियों में दोनों वायरस के खिलाफ काफी मजबूत प्रतिरक्षा मौजूद है। यह अध्ययन सेल होस्ट एंड माइक्रोब नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। हालांकि, मौजूदा अध्ययन यह निर्धारित करने के लिए बहुत छोटे पैमाने का है कि चेचक के पूर्ववर्ती टीकाकरण से कितनी प्रतिरक्षा मिली थी, लेकिन बगर्ट ने हाल में प्रकाशित एक ब्रिटिश अध्ययन का हवाला दिया। उसमें 2022 में पुरुषों के एक समूह में चेचक के टीके की प्रभावकारिता की पड़ताल की गई थी। उन्होंने कहा, यह अध्ययन प्रदर्शित करता है कि चेचक का टीका मंकीपॉक्स के खिलाफ करीब 80 प्रतिशत सुरक्षा मुहैया कर सकता है।</p>
<p> उल्लेखनीय है कि मंकीपॉक्स वायरस से होने वाला संक्रमण है जिसका प्रसार संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संपर्क से होता है। यौन संबंध इसके प्रसार का अत्यधिक खतरा पैदा करता है। स्वीडन में चेचक का टीकाकरण कार्यक्रम 19वीं सदी की शुरूआत में शुरू हुआ था और इस रोग के उन्मूलन के बाद 1976 में यह अभियान बंद कर दिया गया। मंकीपॉक्स के खिलाफ अभी दिया जाना वाला टीका असल में चेचक का टीका है। </p>
<p><strong>ये भी पढे़ं-<span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/372247/service-ordinance-shows-that-modi-government-has-no-faith-in"><strong>सेवा संबंधी अध्यादेश बताता है कि मोदी सरकार का SC में विश्वास नहीं है : अरविंद केजरीवाल </strong></a></span></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong> </strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/372258/formerly-given-vaccine-to-prevent-smallpox-giving-immunity-against-monkeypox--study</link>
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                <pubDate>Wed, 24 May 2023 18:05:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Moazzam Beg]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगस्त के मध्य से ही दुनिया भर में मंकीपॉक्स मामलों में कमी: भारती प्रवीण पवार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि इस साल अगस्त के मध्य से दुनिया भर में मंकीपॉक्स के मामलों में कमी आ रही है। उन्होंने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी तक जो मामले पाये गये हैं वे गंभीर नहीं हैं और उन पर उपचार का प्रभाव हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कुछ देशों में जांच औषधियों का उपयोग केवल क्लीनिकल अनुसंधान तंत्र में ही किया जा रहा है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/326207/video---he-himself-roams-around-as-sonia-gandhi-s-court-dog---bjp-leader-lost-his-temper-on-kharge-s-statement">Video:'ये खुद सोनिया गांधी के दरबारी</a></span></strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/326215/decrease-in-monkeypox-cases-worldwide-since-mid-august--bharti-praveen-pawar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/bha34.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि इस साल अगस्त के मध्य से दुनिया भर में मंकीपॉक्स के मामलों में कमी आ रही है। उन्होंने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी तक जो मामले पाये गये हैं वे गंभीर नहीं हैं और उन पर उपचार का प्रभाव हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कुछ देशों में जांच औषधियों का उपयोग केवल क्लीनिकल अनुसंधान तंत्र में ही किया जा रहा है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/326207/video---he-himself-roams-around-as-sonia-gandhi-s-court-dog---bjp-leader-lost-his-temper-on-kharge-s-statement">Video:'ये खुद सोनिया गांधी के दरबारी कुत्ते बने घूमते हैं', खड़गे के बयान पर बीजेपी नेता ने खोया आपा</a></span></strong></p>
<p>पवार ने कहा कि रोग के निदान के लिए नैदानिक क्षमता निर्माण के मकसद से देश भर में मंकीपॉक्स के परीक्षण के लिए 20 आईसीएमआर नेटवर्क प्रयोगशालाओं को परिचालनरत कर दिया गया है। उन्होंने कहा,  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 23 जुलाई 2022 को मंकीपॉक्स रोग के प्रसार को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक आपात स्थिति घोषित किया था (किंतु) अगस्त 2022 से मंकीपॉक्स के वैश्विक प्रसार में गिरावट का दौर देखा जा रहा है। पवार ने कहा कि मंकीपॉक्स के लक्षण आम तौर पर दो से चार सप्ताह तक चलते हैं। मानवों में यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने या वायरस से दूषित हुई किसी सामग्री के स्पर्श से संचारित होता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-  <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/326202/severe-winter--chillai-kalan--begins-in-kashmir--possibility-of-light-rain-and-snowfall-in-some-parts">कश्मीर में भयंकर सर्दी ‘चिल्लई-कलां’ का दौर शुरू, कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और हिमपात होने की संभावना</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/326215/decrease-in-monkeypox-cases-worldwide-since-mid-august--bharti-praveen-pawar</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Dec 2022 16:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Moazzam Beg]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WHO प्रमुख ने किया खुलासा, Covid-19 से हर 44 सेकंड में 1 व्यक्ति की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर हर 44 सेकेंड में अब भी एक व्यक्ति की मौत कोविड-19 से हो रही है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि यह वायरस यूं ही खत्म नहीं होगा। उन्होंने अपनी नवीनतम टिप्पणी में कहा, रिपोर्ट किए गए मामलों …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/280143/who-chief-revealed-1-person-dies-every-44-seconds-due-to-covid-19"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-09/2-16.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर हर 44 सेकेंड में अब भी एक व्यक्ति की मौत कोविड-19 से हो रही है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि यह वायरस यूं ही खत्म नहीं होगा।</p>
<p>उन्होंने अपनी नवीनतम टिप्पणी में कहा, रिपोर्ट किए गए मामलों और मौतों में वैश्विक गिरावट जारी है। यह बहुत उत्साहजनक है। लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि ये रुझान बने रहेंगे।</p>
<p>घेब्रेयियस ने अपनी नियमित ब्रीफिंग के दौरान कहा, फरवरी के बाद से साप्ताहिक रिपोर्ट की गई मौतों की संख्या में 80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हो सकती है, लेकिन फिर भी, पिछले सप्ताह कोविड-19 से हर 44 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, उनमें से अधिकतर मौतों को टाला जा सकता है। आप मुझे यह कहते हुए सुनकर थक गए होंगे कि महामारी खत्म नहीं हुई है। लेकिन मैं इसे तब तक कहता रहूंगा जब तक कि यह वायरस खत्म नहीं होगा।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ अगले सप्ताह छह संक्षिप्त नीति का एक सेट प्रकाशित करेगा, जिसमें उन आवश्यक कार्रवाइयों को रेखांकित किया जाएगा जो सभी सरकारें संचरण को कम करने और जीवन बचाने के लिए ले सकती हैं।</p>
<p>संक्षेप में परीक्षण, नैदानिक प्रबंधन, टीकाकरण, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण, जोखिम संचार और सामुदायिक जुड़ाव, और इन्फोडेमिक के प्रबंधन के आवश्यक तत्वों को शामिल किया जाएगा।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, हमें उम्मीद है कि देश इन संक्षिप्त विवरणों का उपयोग अपनी नीतियों के पुनर्मूल्यांकन के लिए सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों की रक्षा करने, उन लोगों के साथ व्यवहार करने और जीवन बचाने के लिए करेंगे, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। महामारी हमेशा विकसित हो रही है, और इसलिए हर देश में प्रतिक्रिया होनी चाहिए।</p>
<p>मंकीपॉक्स पर उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ यूरोप में लगातार गिरावट का रुख देख रहा है। घेब्रेयस ने कहा, जबकि अमेरिका से रिपोर्ट किए गए मामलों में भी पिछले सप्ताह गिरावट आई है, उस क्षेत्र में महामारी के बारे में निष्कर्ष निकालना कठिन है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कुल 52,997 लोग मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित हुए हैं। पिछले चार हफ्तों में दर्ज मामलों में से 70.7 फीसदी अमेरिका से और 28.3 फीसदी यूरोप से आए हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/monkeypox-reached-75-countries-homosexual-most-infected-who-declared-health-emergency/">सावधान! 75 देशों में पहुंचा मंकीपॉक्स, WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी</a></strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/280143/who-chief-revealed-1-person-dies-every-44-seconds-due-to-covid-19</link>
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                <pubDate>Sun, 11 Sep 2022 15:19:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>America: होंडुरास शहर में सामने आया मंकीपॉक्स का एक और मामला, जानें विश्व भर में संक्रमितों की संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[तेगुसिगाल्पा। अमेरिका के होंडुरास शहर के एक मध्य जिले में पिछले 24 घंटे में एक व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया, जिससे अब यहां मंकीपॉक्स के कुल चार मामले हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य निगरानी इकाई के प्रमुख लोरेंजो पावोन ने संवाददाताओं को बताया कि देश के एक …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/273429/another-case-of-monkeypox-in-the-us-city-of-honduras"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/03-10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तेगुसिगाल्पा।</strong> अमेरिका के होंडुरास शहर के एक मध्य जिले में पिछले 24 घंटे में एक व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया, जिससे अब यहां मंकीपॉक्स के कुल चार मामले हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य निगरानी इकाई के प्रमुख लोरेंजो पावोन ने संवाददाताओं को बताया कि देश के एक मध्य जिले में एक मरीज में मंकीपॉक्स का संक्रमण पाया गया, जिससे उसे घर पर ही स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में क्वारंटाइन किया गया है।</p>
<p>फिलहाल, व्यक्ति की हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि देश में मंकीपाक्स की चपेट में आने वाले कुल चार मरीज हो गए हैं, हालांकि इस वायरस से ग्रस्ति पहले तीन मरीज ठीक हो चुके हैं और चौथे मरीज का भी इलाज घर पर ही चल रहा है।</p>
<p>मंकीपॉक्स वायरस से ग्रस्ति मरीज में बुखार और सूजी हुई ग्रंथियों के साथ-साथ त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण पाए गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जुलाई में मंकीपॉक्स के वैश्विक प्रसार को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। जिसके बाद से विश्व भर में 17 अगस्त तक 35 हजार से अधिक मंकीपॉक्स संक्रमण के मामले पाए गए।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://amritvichar.com/india-warns-un-security-council-says-isil-ks-increasing-presence-in-afghanistan-is-a-threat-to-peace-and-stability/">भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद काे किया आगाह, कहा- अफगानिस्तान में ISIL-K की बढ़ती उपस्थिति शांति और स्थिरता के लिए खतरा</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/273429/another-case-of-monkeypox-in-the-us-city-of-honduras</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Aug 2022 13:40:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया में मंकीपॉक्स ने दी दस्तक, सामने आया पहला मामला</title>
                                    <description><![CDATA[जकार्ता। इंडोनेशिया में मंकीपॉक्स का पहला सामने आया है। प्राधिकारियों ने शनिवार देर रात बताया कि राजधानी जकार्ता में रहने वाले 27 वर्षीय युवक में मंकीपॉक्स संक्रमण की पुष्टि हुई है। वह आठ अगस्त को विदेश यात्रा से इंडोनेशिया लौटा था। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद स्याहरिल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “युवक में …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/268271/monkeypox-knocked-in-indonesia-first-case-surfaced"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/monkeypox-scaled-e1654864337715.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जकार्ता।</strong> इंडोनेशिया में मंकीपॉक्स का पहला सामने आया है। प्राधिकारियों ने शनिवार देर रात बताया कि राजधानी जकार्ता में रहने वाले 27 वर्षीय युवक में मंकीपॉक्स संक्रमण की पुष्टि हुई है। वह आठ अगस्त को विदेश यात्रा से इंडोनेशिया लौटा था। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद स्याहरिल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “युवक में पांच दिन बाद मंकीपॉक्स के लक्षण उभरने लगे।</p>
<p>शुक्रवार रात आई जांच रिपोर्ट में उसमें संक्रमण की पुष्टि हो गई। वह अपने घर में पृथक रह रहा है।” स्याहरिल के मुताबिक, मंकीपॉक्स एक ऐसा संक्रमण है, जो 20 दिन बाद ठीक हो जाता है, बशर्ते मरीज में पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या न हो।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार को मंकीपॉक्स का प्रसार रोकने के लिए फिलहाल सामुदायिक स्तर पर कोई प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं नजर आ रही है। वैश्विक स्तर पर लगभग 90 देशों में मंकीपॉक्स के 31,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पिछले महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स संक्रमण को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a class="post-title the-subtitle" href="https://amritvichar.com/floods-continue-in-afghanistan-10-killed-hundreds-of-houses-washed-away/">अफगानिस्तान में बाढ़ का कहर जारी, 10 लोगों की मौत, सैकड़ों मकान बहे</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Aug 2022 14:04:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में मंकीपॉक्स का पांचवा मामला आया सामने, 22 साल की अफ्रीकी युवती एलएनजेपी में एडमिट</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली में मंकीपॉक्स का पांचवां मामला आया है, जिसमें 22 वर्षीय अफ्रीकी महिला संक्रमित पाई गई है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। महिला ने पिछले महीने नाइजीरिया की यात्रा की थी। उसे दो दिन पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया और शुक्रवार रात आयी उसकी रिपोर्ट …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/264115/fifth-case-of-monkeypox-surfaced-in-delhi-22-year-old-african-girl-admitted-to-lnjp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/monkeyd1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में मंकीपॉक्स का पांचवां मामला आया है, जिसमें 22 वर्षीय अफ्रीकी महिला संक्रमित पाई गई है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। महिला ने पिछले महीने नाइजीरिया की यात्रा की थी। उसे दो दिन पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया और शुक्रवार रात आयी उसकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण से पीड़ित वह दूसरी महिला है। राष्ट्रीय राजधानी में मंकीपॉक्स से संक्रमित दो महिलाओं समेत चार लोग एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज को छुट्टी मिल चुकी है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/cbi-arrests-revenue-officer-on-corruption-charges-jammu/">सीबीआई ने राजस्व विभाग के अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में किया गिरफ्तार</a></p>
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<p><span> </span></p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Aug 2022 16:39:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मंकीपॉक्स वायरस को मिला नया नाम, डब्ल्यूएचओ ने दी ये बड़ी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स वायरस के वेरिएंट के लिए क्लैड IIए और क्लैड IIबी नया नाम दिया है, जिनमें से क्लैड II बी वर्ष 2022 में फैले वेरिएंट का मुख्य समूह है। डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स के नाए नाम काे तुरंत प्रयोग में लाने का सुझाव दिया है। संगठन ने शुक्रवार को बयान …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/263925/monkeypox-virus-got-a-new-name-who-gave-this-big-information"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/demo-image-30.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जिनेवा।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकीपॉक्स वायरस के वेरिएंट के लिए क्लैड IIए और क्लैड IIबी नया नाम दिया है, जिनमें से क्लैड II बी वर्ष 2022 में फैले वेरिएंट का मुख्य समूह है। डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स के नाए नाम काे तुरंत प्रयोग में लाने का सुझाव दिया है। संगठन ने शुक्रवार को बयान जारी करके बताया है कि इस वायरस को नया नाम देने का मकसद सांस्कृतिक या सामाजिक अपराध से बचना है। डब्ल्यूएचओ द्वारा गठित वैश्विक विशेषज्ञों के एक समूह ने नए नामों पर फैसला किया।</p>
<p>बयान में कहा गया कि विशेषज्ञों ने मध्य अफ्रीका में पूर्व कांगो बेसिन क्लैड (भिन्नताओं का समूह) को क्लैड I और पूर्व पश्चिम अफ्रीकी क्लैड को क्लैड II नाम दिया। बाद में इस संक्रमण में दो उप-वर्ग शामिल किए गए हैं क्लैड II ए और क्लैड IIबी। इनमें से क्लैड IIबी वर्ष 2022 में फैले वेरिएंट का मुख्य समूह है।डब्ल्यूएचओ ने कहा कि नए नामों का तुरंत इस्तेमाल किया जाना चाहिए।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के मुताबिक संबंधित बीमारियों और वायरस के रूपों को ऐसे नाम दिए जाने चाहिए, जो किसी भी सांस्कृतिक, सामाजिक, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, पेशेवर या जातीय समूहों को अपराध करने से बचाते हैं और जो व्यापार, यात्रा, पर्यटन या पशु कल्याण पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम करते हैं। उल्लेखनीय है कि मंकीपॉक्स वायरस का नाम तब रखा गया था, जब पहली बार वर्ष 1958 में इसका पता चला था। डब्ल्यूएचओ ने आधिकारिक तौर पर पिछले महीने के अंत में मंकीपॉक्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी।</p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इस वर्ष जून में कहा था कि वह अपने साथियों और दुनियाभर के विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस वायरस के नाम को बदलने पर काम कर रहा है। जल्द ही मंकीपॉक्स के लिए नए नाम की घोषणा की हो सकती है। डब्लूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने संयुक्त राष्ट्र के हवाले से कहा था,“ डब्लूएचओ अपने साथियों और दुनियाभर के एक्सपर्टस के साथ मिलकर मंकीपॉक्स वायरस के नाम को बदलने, इसके कारणों का पता लगाने पर काम कर रहा है। हम जल्द से जल्द नए नाम की घोषणा कर सकते हैं।” मंकीपॉक्स ऐसा वायरस है, जो कुछ देशों में बहुत तेजी से फैला है, खासकर ऐसे वक्त में जब दुनिया कोरोना से राहत पाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/salman-rushdie-on-ventilator-also-in-danger-of-losing-one-eye-know-how-the-authors-condition-is-after-the-attack/">सलमान रुश्दी वेंटिलेटर पर, एक आंख जाने का भी खतरा, जानिए हमले के बाद कैसी है लेखक की हालत</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Aug 2022 11:25:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: एक बच्चे में मिले मंकी पॉक्स के संदिग्ध लक्षण, जांच के बाद ही होगा क्लियर</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली,अमृत विचार। यूपी के बरेली जिले में मंकी पॉक्स को लेकर स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है। जिले में अभी तक एक भी मंकी पॉक्स का मरीज नहीं मिला है। जिला अस्पताल ने इसको लेकर एक वॉर्ड बना रखा है। कोई भी मंकी पॉक्स का संदिग्ध पाए जाने पर उसको कोविड अस्पताल के मंकी पॉक्स …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/262155/suspected-symptoms-of-monkey-pox-found-in-a-child-bareilly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/जहर-खाकर-ssp-दफ्तर-पहुंचा-पति-1-4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली,अमृत विचार।</strong> यूपी के बरेली जिले में मंकी पॉक्स को लेकर स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है। जिले में अभी तक एक भी मंकी पॉक्स का मरीज नहीं मिला है। जिला अस्पताल ने इसको लेकर एक वॉर्ड बना रखा है। कोई भी मंकी पॉक्स का संदिग्ध पाए जाने पर उसको कोविड अस्पताल के मंकी पॉक्स वॉर्ड में शिफ्ट कर उसका उपचार किया जा रहा है।</p> <p>इस बारे में कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. बागीश वैश्य ने बताया अभी जिले में मंकी पॉक्स का कोई मरीज नहीं है। हालांकि, एक बच्चे में संदिग्ध लक्षण मिले हैं। ऐहतियातन उसको मंकी पॉक्स वॉर्ड में भर्ती किया गया है।</p> <p><img class="wp-image-522479 size-full aligncenter" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-08/2-10.jpg" alt="बरेली: एक बच्चे में मिले मंकी पॉक्स के संदिग्ध लक्षण, जांच के बाद ही होगा स्पष्ट" width="599" height="340"></img></p> <p>संदिग्ध मंकी पॉक्स पेशेंट बच्चे के पिता का कहना है कि 2 दिन पहले बच्चे को बुखार आया था। सुबह जब वह सोकर उठा तो उससे चला नहीं जा रहा था। डॉक्टर को दिखाने पर उसे गठिया की शिकायत बताई गई थी।</p> <p><img class="aligncenter wp-image-522487" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-08/e1ae6ad8-16ad-43b3-9fb2-ded92853af85-1024x683.jpg" alt="" width="624" height="416"></img></p> <p>उसके बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मामला मंकी पॉक्स का लगने पर उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्चे की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति क्लियर होगी।</p> <p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/good-news-bareilly-sitapur-fourlane-will-get-freedom-from-hiccups-after-six-months/">Good News: छह माह बाद बरेली-सीतापुर फोरलेन को हिचकोलों से मिलेगी आजादी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Aug 2022 14:20:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मत भूलो जरूरी प्रोटोकॉल, मंकीपॉक्स के साथ बढ़ रही कोरोना की चाल: डॉ. सूर्यकांत</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। कोविड-19 से अभी देश पूरी तरह से निपट भी नहीं पाया है कि मंकीपॉक्स ने भी दस्तक दे दी है। इसके साथ ही कोरोना ने भी एक बार फिर से अपनी चाल बढ़ा दी है। छह माह बाद कोरोना संक्रमितों की तादाद एकाएक बढ़ी है। ऐसे में कोविड काल में बरते जाने वाले जरूरी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/261635/do-not-forget-the-necessary-protocol-the-move-of-corona-with-monkeypox-is-increasing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/untitled20-5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> कोविड-19 से अभी देश पूरी तरह से निपट भी नहीं पाया है कि मंकीपॉक्स ने भी दस्तक दे दी है। इसके साथ ही कोरोना ने भी एक बार फिर से अपनी चाल बढ़ा दी है। छह माह बाद कोरोना संक्रमितों की तादाद एकाएक बढ़ी है। ऐसे में कोविड काल में बरते जाने वाले जरूरी प्रोटोकॉल को अपने व्यवहार में शामिल करने में ही खुद के साथ घर-परिवार और समुदाय की भलाई है। इन प्रोटोकॉल में शामिल मास्क, एक दूसरे से उचित शारीरिक दूरी और हाथों की स्वच्छता कोरोना, मंकी पॉक्स के साथ ही टीबी, निमोनिया व अन्य संक्रामक बीमारियों और वायु प्रदूषण से भी सुरक्षा प्रदान करने में बेहद कारगर है।</p>
<p>किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि मंकीपॉक्स चेचक से मेल खाता हुआ कम गंभीर लक्षण वाला एक वायरल रोग है। हालाँकि मंकीपॉक्स का चिकनपॉक्स से कोई नाता नहीं है। मंकीपॉक्स का एक प्रमुख लक्षण शरीर पर चकत्ते या बड़े दाने निकलना है। इसके साथ ही लिम्फ नोड में सूजन या दर्द, बुखार और सिर दर्द जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।</p>
<p>मानव से मानव में इसका संक्रमण लम्बे समय तक रोगी के निकट सम्पर्क में रहने, रोगी के घावों की मरहम-पट्टी आदि के सीधे संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों या बिस्तर के इस्तेमाल से फ़ैल सकता है। संक्रमण क्षेत्र वाले जानवरों जैसे- बंदर, गिलहरी, चूहे आदि के काटने या खरोच से भी इसका संक्रमण फ़ैल सकता है। इसे देखते हुए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जहाँ मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है वहीँ भारत सरकार ने भी एडवाइजरी जारी की है।</p>
<p>डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि कोविड टीके की हर जरूरी डोज समय से लगवाने से कोरोना गंभीर रूप तो नहीं ले सकता किन्तु लापरवाही से उसकी चपेट में लोग जरूर आ सकते हैं। इसलिए कोविड टीकाकरण के साथ ही सभी जरूरी प्रोटोकाल को भी अभी अपने व्यवहार में निश्चित रूप से बनाए रखना हर किसी के लिए अभी बहुत जरूरी है। इसके साथ ही इधर कई त्योहार भी आने वाले हैं, इसलिए त्योहारों पर भी हर जरूरी प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन करना न भूलें।</p>
<p><strong>बरतें यह सावधानी :</strong></p>
<ul>
<li>बुखार, सिर व बदन दर्द के साथ शरीर पर चकत्ते या दाने दिखाई दें तो मरीज को अलग कमरे में आइसोलेट करें</li>
<li>अलग बाथरूम का उपयोग करें या हर उपयोग के बाद अच्छी तरह साफ करें</li>
<li>मरीज के बर्तन, चादर आदि को छूने के बाद हाथ को साबुन-पानी से धुलें</li>
<li>सतहों को कीटाणुनाशक से अच्छी तरह से साफ करें</li>
<li>अलग बर्तन, तौलिये और बिस्तर का प्रयोग करें</li>
<li>वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां खुली रखें</li>
<li>दूसरों से उचित शारीरिक दूरी बनाकर रखें</li>
<li>शरीर के दाने या घाव को कपड़े या पट्टियों से ढककर रखें</li>
<li>अच्छी तरह से फिट होने वाला ट्रिपल लेयर मास्क मास्क पहने</li>
</ul>
<p><strong>वर्ष 1958 में हुई थी मंकीपॉक्स की खोज :</strong></p>
<p>डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि मंकीपॉक्स की खोज वर्ष 1958 में हुई थी, जब शोध के लिए रखे गए बंदरों की कॉलोनियों में चेचक जैसी बीमारी के दो प्रकोप हुए थे। “मंकीपॉक्स” नाम होने के बावजूद बीमारी का स्रोत अज्ञात है। मंकीपॉक्स का पहला मानव मामला वर्ष 1970 में दर्ज किया गया था। इस साल के प्रकोप से पहले कई मध्य व पश्चिमी अफ्रीकी देशों के लोगों में मंकीपॉक्स की सूचना मिली थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://amritvichar.com/america-declared-monkeypox-as-a-public-health-emergency-cases-increasing-continuously/">अमेरिका ने मंकीपॉक्स को किया पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित, लगातार बढ़ रहे मामले</a></strong></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/261635/do-not-forget-the-necessary-protocol-the-move-of-corona-with-monkeypox-is-increasing</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Aug 2022 15:10:56 +0530</pubDate>
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