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                <title>Chhattisgarh News - Amrit Vichar</title>
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                <description>Chhattisgarh News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ विमान हादसा : जशपुर की पहाड़ियों में क्रैश हुआ प्राइवेट जेट, पायलट- को-पायलट की मौत की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जशपुर। </strong>छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोमवार (20 अप्रैल 2026) को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, जिले के नारायणपुर क्षेत्र में स्थित आरा पहाड़ियों के रतनपहली घने जंगलों में एक प्राइवेट जेट (चार्टर्ड प्लेन) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विमान काफी नीचे उड़ता हुआ दिखाई दिया, जिसके कुछ देर बाद पहाड़ी की तरफ से धुएं और लपटों का गुबार उठता नजर आया। विमान पेड़ों और पहाड़ से टकरा गया।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। जशपुर के कलेक्टर और एसपी (एसएसपी लाल उमेद सिंह) समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579406/chhattisgarh-plane-crash--private-jet-crashes-in-jashpur-hills--pilot-and-co-pilot-feared-dead"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats149.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जशपुर। </strong>छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोमवार (20 अप्रैल 2026) को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, जिले के नारायणपुर क्षेत्र में स्थित आरा पहाड़ियों के रतनपहली घने जंगलों में एक प्राइवेट जेट (चार्टर्ड प्लेन) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विमान काफी नीचे उड़ता हुआ दिखाई दिया, जिसके कुछ देर बाद पहाड़ी की तरफ से धुएं और लपटों का गुबार उठता नजर आया। विमान पेड़ों और पहाड़ से टकरा गया।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। जशपुर के कलेक्टर और एसपी (एसएसपी लाल उमेद सिंह) समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल हादसे में जान-माल की क्षति और अन्य विस्तृत जानकारी का इंतजार है। पायलट और को-पायलट की मौत की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन आगे की जानकारी जारी करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:18:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ वेदांता पावर प्लांट हादसा, विद्युत सयंत्र धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>छत्तीसगढ़ : </strong>सक्ती जिले में वेदांता विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में घायल हुए दो और मजदूरों की मौत के बाद, इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह धमाका मंगलवार दोपहर को सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में हुआ। धमाका एक स्टील ट्यूब में हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक तेज दबाव वाली भाप ले जा रही थी। इस धमाके से कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक, चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578813/span-classt-redchhattisgarh-vedanta-power-plant-accidentspan-16-workers-died-due"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/पाकिस्तान-के-बलूचिस्तान-में-जोरदार-धमाका.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>छत्तीसगढ़ : </strong>सक्ती जिले में वेदांता विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में घायल हुए दो और मजदूरों की मौत के बाद, इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह धमाका मंगलवार दोपहर को सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में हुआ। धमाका एक स्टील ट्यूब में हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक तेज दबाव वाली भाप ले जा रही थी। इस धमाके से कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक, चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य ने बाद में चोटों के कारण दम तोड़ दिया। सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। औद्योगिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह रायगढ़ के एक अस्पताल में एक मजदूर की मृत्यु हुई थी। जबकि राजधानी रायपुर के एक अस्पताल में दो अन्य मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि इस घटना में घायल हुए 18 अन्य मजदूरों में से चार अभी रायपुर में भर्ती हैं, जबकि 14 का इलाज रायगढ़ जिले के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक मजदूर के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।</p>
<p style="text-align:justify;"> उन्होंने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश भी दिया है और भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, वेदांता पावर ने भी, हादसे में मरने वाले हर मजदूर के परिवार को 35 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ रोजगार में मदद की घोषणा की है। संयंत्र प्रबंधन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी घायल हुए हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये भी देगी, ठीक होने तक उनकी सैलरी जारी रखेगी और उन्हें काउंसलिंग में भी मदद देगी। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने एक अलग मजिस्ट्रीयल जांच का आदेश दिया है, जबकि कंपनी ने अंदरूनी जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे घायल हुए सभी लोगों को मुफ्त और सही इलाज सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि उनकी देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए डभरा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को नियुक्त किया है। एसडीएम से 30 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों—जैसे कि यह तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई या मानवीय भूल के कारण—और संयंत्र में की गई सुरक्षा जांचों के विवरण जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने और घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने प्रबंधन पर लापरवाही का और सरकार पर दोषियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग की। सिंघीतराई में 1,200 मेगावाट के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 मेगावाट की दो यूनिट) का निर्माण, जिसका मूल स्वामित्व एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के पास था, 2009 में शुरू हुआ था, लेकिन 2016 से 2022 के बीच यह रुका रहा। वेदांता ने 2022 में इस प्लांट का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद 600 मेगावाट की एक यूनिट पिछले साल अगस्त में पूरी होकर चालू हो गई, जबकि दूसरी यूनिट का निर्माण अभी भी चल रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 16:20:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में चार दशक बाद माओवादी विद्रोह का अंत, बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रायपुर।</strong> चार दशक से अधिक समय बाद छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में माओवादी सशस्त्र आंदोलन का अंत हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा तय समयसीमा के तहत मंगलवार को इस क्षेत्र को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त घोषित कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, 1980 के दशक में माओवादी पड़ोसी आंध्र प्रदेश में पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते दंडकारण्य के जंगलों, विशेषकर बस्तर में पहुंचे थे, जहां उन्होंने इसे अपने ठिकाने के रूप में विकसित करने की कोशिश की। एक छोटे वैचारिक आंदोलन के रूप में शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे सशस्त्र विद्रोह में तब्दील हो गया, लेकिन पिछले एक दशक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577101/maoist-insurgency-ends-in-chhattisgarh-after-four-decades--bastar-region-declared-free-of-naxalism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats227.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रायपुर।</strong> चार दशक से अधिक समय बाद छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में माओवादी सशस्त्र आंदोलन का अंत हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा तय समयसीमा के तहत मंगलवार को इस क्षेत्र को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त घोषित कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, 1980 के दशक में माओवादी पड़ोसी आंध्र प्रदेश में पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते दंडकारण्य के जंगलों, विशेषकर बस्तर में पहुंचे थे, जहां उन्होंने इसे अपने ठिकाने के रूप में विकसित करने की कोशिश की। एक छोटे वैचारिक आंदोलन के रूप में शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे सशस्त्र विद्रोह में तब्दील हो गया, लेकिन पिछले एक दशक में इसके प्रभाव में लगातार गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, बस्तर में नक्सलवाद का इतिहास तीन चरणों में बांटा जा सकता है-1980 के दशक में प्रवेश और विस्तार, 2004 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के गठन के बाद 2014 तक उग्र चरम, और इसके बाद लगातार गिरावट का दौर। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि शुरुआती दौर में माओवादियों ने भौगोलिक दुर्गमता, कमजोर प्रशासनिक पहुंच और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाकर जंगलों में अपना नेटवर्क स्थापित किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्रित सुरक्षा अभियानों, मजबूत खुफिया तंत्र, सुरक्षा शिविरों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से माओवादी तंत्र को काफी कमजोर किया गया है। सुरक्षा विश्लेषक डॉ. गिरीशकांत पांडेय के अनुसार, बस्तर में नक्सल आंदोलन की शुरुआत 1980 में हुई थी, जब कोंडापल्ली सीतारामैया ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) पीपुल्स वॉर ग्रुप की स्थापना की। </p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, नक्सलवाद की शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी विद्रोह से हुई थी, लेकिन 1980 के दशक में यह बस्तर में तेजी से फैला। शुरुआती वर्षों में छात्र संगठनों के माध्यम से युवाओं की भर्ती कर उन्हें जंगलों में भेजा गया। 1981 में सुकमा जिले के गोलापल्ली में पहला हमला दर्ज किया गया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की हत्या की गई। इसके बाद 1990 के दशक में संगठन का विस्तार कई राज्यों में हुआ और 1993 में मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति ने नेतृत्व संभाला। वर्ष 2004 में भाकपा (माओवादी) के गठन के साथ आंदोलन और मजबूत हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद 2004 से 2014 के बीच आंदोलन अपने चरम पर रहा, जिसमें सुरक्षा बलों और बुनियादी ढांचे पर कई बड़े हमले हुए। इस दौरान सलवा जुडूम जैसे स्थानीय विरोधी अभियान भी सामने आए, हालांकि इससे हिंसा और विस्थापन की समस्याएं भी बढ़ीं। वर्ष 2014 के बाद से सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के संयुक्त प्रयासों के चलते नक्सलवाद में गिरावट शुरू हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने, आत्मसमर्पण करने या गिरफ्तार होने से संगठन और कमजोर हुआ। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच 500 माओवादी मारे गए, जो 2001 से 2023 के बीच मारे गए कुल 1,600 माओवादियों का 31 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;"> बस्तर में 2001 से 2023 तक 329 सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए, जबकि 2024 के बाद से 103 नए शिविर जोड़े गए। पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर अब लगभग पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है और अब सरकार का ध्यान विकास, प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास पर है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 21:05:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काशी के ज्योतिष पीठ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के भव्य स्वागत की तैयारी, 19 मार्च को होगा सनातनी पंचांग का विमोचन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसीः </strong>'गौ-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद' के पश्चात बुधवार शाम ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ से प्रयागराज होते हुए काशी पहुंचेंगे। इस अवसर पर सनातनी जनता व गौभक्त पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ शंकराचार्य का भव्य स्वागत-अभिनंदन करेंगे। नवरात्र के दौरान शंकराचार्य के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान एवं विशेष पूजन संपन्न किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि काशी आगमन पर श्रीविद्यामठ में भक्तों द्वारा शंकराचार्य जी की चरण-पादुका का पूजन कर उनका स्वागत-वंदन किया जाएगा। इसके साथ ही, चैत्र नवरात्र प्रतिपदा (19 मार्च) को नव संवत्सर उत्सव के अवसर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575417/preparations-are-underway-for-a-grand-welcome-for-shankaracharya-avimukteshwarananda-at-the-jyotish-peeth-in-kashi--the-sanatani-panchang-will-be-released-on-march-19"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(22)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसीः </strong>'गौ-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद' के पश्चात बुधवार शाम ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ से प्रयागराज होते हुए काशी पहुंचेंगे। इस अवसर पर सनातनी जनता व गौभक्त पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ शंकराचार्य का भव्य स्वागत-अभिनंदन करेंगे। नवरात्र के दौरान शंकराचार्य के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान एवं विशेष पूजन संपन्न किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि काशी आगमन पर श्रीविद्यामठ में भक्तों द्वारा शंकराचार्य जी की चरण-पादुका का पूजन कर उनका स्वागत-वंदन किया जाएगा। इसके साथ ही, चैत्र नवरात्र प्रतिपदा (19 मार्च) को नव संवत्सर उत्सव के अवसर पर शंकराचार्य जी 'सनातनी पंचांग' का विमोचन करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">नवरात्र पर्यंत भगवती के विशेष पूजन सहित विविध धार्मिक व मांगलिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसी क्रम में नवरात्र के प्रथम दिन 'प्रातर्मंगलम्' के 20वें वार्षिकोत्सव पर बटुक विद्यार्थियों द्वारा नव वर्ष के प्रथम सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा तथा बटुकगण विभिन्न सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 12:32:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप: तीन माह बाद भी समाधान नहीं, हितग्राही भटकने को मजबूर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गरियाबंदः </strong>छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अज़ब-गजब गड़बड़ी होने का मामला तीन माह बाद भी सुलझ नहीं पाया है। एक तरफ जहां पात्र होने के बावजूद 12 हितग्राही आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का ढिंढोरा पीट रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, नगर पंचायत कोपरा के कई हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574577/allegations-of-irregularities-in-the-prime-minister-s-housing-scheme--three-months-later--no-solution-remains--forcing-beneficiaries-to-wander"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(27)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गरियाबंदः </strong>छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अज़ब-गजब गड़बड़ी होने का मामला तीन माह बाद भी सुलझ नहीं पाया है। एक तरफ जहां पात्र होने के बावजूद 12 हितग्राही आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का ढिंढोरा पीट रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, नगर पंचायत कोपरा के कई हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में पहले से लाभ प्राप्त हितग्राही के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं। शासन के अभिलेखों में उनके नाम पर पक्का मकान बन जाने और राशि जारी होने का उल्लेख है, जबकि वास्तविकता यह है कि इन लोगों को आज तक आवास नहीं मिला है। पीड़ित हितग्राहियों ने पिछले साल नौ दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत के बाद हुई जांच में भी यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। इसके बावजूद तीन माह बीत जाने के बाद भी विभागीय अभिलेखों से उनके नाम नहीं हटाए गए हैं। नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत अन्य लोगों को आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। वहीं सर्वे सूची में पहले स्थान पर होने के बावजूद ये पात्र हितग्राही योजना से वंचित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हितग्राहियों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और तकनीकी त्रुटि के कारण उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है। शासन के दस्तावेजों में इन हितग्राहियों के नाम पर पक्का मकान बन जाने और राशि जारी होने का उल्लेख है लेकिन यह मकान कहां बना और किसके द्वारा राशि निकाली गई, इसकी जानकारी तक हितग्राहियों को नहीं है। बताया जाता है कि जनपद पंचायत फिंगेश्वर में दर्ज अभिलेखों के अनुसार कुछ हितग्राहियों के नाम पर योजना की राशि भी जारी की जा चुकी है। जब हितग्राहियों ने इस संबंध में जानकारी मांगी तो अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि राशि किसने निकाली और किस खाते में स्थानांतरित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शासन के अभिलेखों में होरीलाल चक्रधारी, कमलराम साहू, सुदर्शनलाल, महेंद्र कुमार साहू, दुश्यंत साहू, अशोक कुमार पटेल, धनीराम साहू, गोपाल साहू, प्रकाश निषाद, रामसाय निषाद, मिथलेश कुमार, जीवनलाल साहू और नीरज यादव के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दर्ज है। झोपड़ी में रहने को मजबूर पीड़ितों का कहना है कि वे आज भी झोपड़ी और खपरैल के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका आरोप है कि विभागीय त्रुटि या किसी गड़बड़ी के कारण उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया है। इस मामले में प्रशासन का कहना है कि पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण समस्या आई है और इसके समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि हितग्राहियों का कहना है कि केवल पत्राचार से समस्या का समाधान नहीं होगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हितग्राहियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 12:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह की बस्तर में माओवादियों से अपील- ‘हथियार डाल दो, विकास की मुख्यधारा में शामिल हो जाओ’</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जगदलपुर। </strong>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि माओवाद ने कभी किसी समाज को लाभ नहीं पहुंचाया और जहां भी यह मौजूद रहा, उसने तबाही फैलाई। उन्होंने इस संबंध में कोलंबिया, पेरू और कंबोडिया जैसे देशों का उदाहरण दिया। शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम 2026' सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए दोहराया कि देश से नक्सलवाद की समस्या 31 मार्च तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की और उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास का वादा किया। उन्होंने कहा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570609/amit-shah-appeals-to-maoists-in-bastar---lay-down-your-arms-and-join-the-mainstream-of-development"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats81.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जगदलपुर। </strong>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि माओवाद ने कभी किसी समाज को लाभ नहीं पहुंचाया और जहां भी यह मौजूद रहा, उसने तबाही फैलाई। उन्होंने इस संबंध में कोलंबिया, पेरू और कंबोडिया जैसे देशों का उदाहरण दिया। शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम 2026' सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए दोहराया कि देश से नक्सलवाद की समस्या 31 मार्च तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की और उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास का वादा किया। उन्होंने कहा, ''छत्तीसगढ़ सरकार की माओवादी पुनर्वास नीति सबसे आकर्षक है।'' उन्होंने इसको लेकर भी चिंता जतायी कि जो नक्सली अभी भी डटे हुए हैं, उनमें युवा आदिवासी लड़कियां भी शामिल हैं। शाह ने कहा, ''उन्हें (युवा आदिवासी लड़कियों को) पुनर्वास के लिए भेजा जाना चाहिए क्योंकि उनके सामने पूरी जिदगी पड़ी है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाए जाने का आश्वासन देते हुए चेतावनी दी कि जो लोग गोली चलाना जारी रखेंगे, आईईडी लगाएंगे और विद्यालयों एवं अस्पतालों को आग लगाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ''सशस्त्र हिंसा का कड़ा जवाब दिया जाएगा। अगर कोई हथियार उठाएगा, तो जवाब भी हथियारों से ही दिया जाएगा। माओवाद ने किसी भी समाज को लाभ नहीं पहुंचाया और जहां भी यह मौजूद रहा, वहां विनाश फैलाया, जिसमें कोलंबिया, पेरू और कंबोडिया जैसी देश भी शामिल हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने शेष सशस्त्र नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा, ''हम किसी से लड़ना नहीं चाहते। हमारी लड़ाई अपने आदिवासी भाइयों और बहनों की रक्षा के लिए है। जब आईईडी लगाए जाते हैं, तो निर्दोष बच्चों की जान जा सकती है या वे स्थायी रूप से अपंग हो सकते हैं। यह क्रूरता कहां से आती है?'' उन्होंने कहा कि माओवादियों ने दशकों तक स्कूल बंद रखे, जिससे कई पीढ़ियां शिक्षा से वंचित रहीं और बड़े पैमाने पर निरक्षरता फैली। </p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा, ''हालांकि बस्तर अब तेज विकास के रास्ते पर है। स्कूल फिर से खुल रहे हैं, सड़कें बन रही हैं, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं, डाकघर खोले जा रहे हैं और गांवों तक बिजली एवं पेयजल पहुंचाया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि अगले पांच वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी बहुल संभाग बने।'' शाह ने कहा कि सरकार ने बस्तर इलाके में विकास को तेज करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें सात जिले हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य दिसंबर 2027 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाना, हर गांव में मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना और हर पांच किलोमीटर के अंदर एक डाकखाना या बैंक शाखा खोलना है। उन्होंने कहा, "आदिवासियों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा, घरों को रसोई गैस सिलेंडर दिए जाएंगे और हर घर में नल के पानी का कनेक्शन सुनिश्चित किया जाएगा। नक्सलवाद कम होने के साथ, बस्तर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एडवेंचर टूरिज्म, होमस्टे, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी नयी पर्यटन पहल विकसित की जा रही हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि बस्तर में आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से 118 एकड़ में एक नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जा रहा है। शाह ने सिंचाई योजनाओं को उल्लेखित करते हुए कहा कि इंद्रावती नदी पर नयी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनसे दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में 2.75 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''सरकार बस्तर की संस्कृति को दशकों तक संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य बस्तर की संस्कृति को पूरे देश और दुनिया तक पहुंचाना है। बस्तर की पहचान बंदूक और विस्फोटक नहीं हो सकते। इसकी असली पहचान इसकी संस्कृति और धरोहर है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय गृहमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों को धन्यवाद दिया और शहीद हुए सुरक्षा बलों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। शाह ने छत्तीसगढ़ में 'बस्तर पंडुम 2026' का आयोजन करने के लिए विष्णु देव साय सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम की 12 प्रतिस्पर्धाओं में से प्रत्येक में शीर्ष तीन विजेताओं को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और भोज में शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम महोत्सव इस साल काफी विस्तारित किया गया है, जिसमें सात जिलों, 1,885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों के प्रतिभागियों के साथ 12 शैलियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।उन्होंने कहा कि पिछले साल केवल सात शैलियों को शामिल किया गया था और इस विस्तार से आदिवासी संस्कृति को और अधिक बढ़ावा देने और मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि कुछ साल पहले जहां बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते मोर्टार गोले दागे जाने, गोलीबारी और आईईडी धमाकों के कारण भय का माहौल था, वहीं अब इस आयोजन के माध्यम से 55,000 से अधिक लोग एकत्रित होकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर रहे हैं और उसका जश्न मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर की संस्कृति को आने वाले वर्षों और दशकों तक संरक्षित रखना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इतनी अनूठी आदिवासी संस्कृति दुनिया के किसी और हिस्से में दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि बस्तर के पारंपरिक आभूषण, लोकगीत और नृत्य ना केवल इस क्षेत्र बल्कि पूरे देश का खजाना हैं और बस्तर पंडुम ने इन्हें प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि ये सांस्कृतिक परंपराएं भगवान राम के युग से संरक्षित हैं और बस्तर की प्रमुख कला और संस्कृति आने वाले दिनों में राष्ट्रीय पहचान हासिल करती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का (सात फरवरी को) संभागीय स्तर के बस्तर पंडुम कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए धन्यवाद किया और उनसे अनुरोध किया कि सभी 12 शैलियों के शीर्ष तीन विजेताओं को उनकी कला प्रदर्शित करने और भोजन के लिए राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाए, जिस पर उन्होंने सहमति जतायी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:28:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजापुर में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी, दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बीजापुर।</strong> छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने एक सर्च अभियान शुरू किया था, अभियान जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">जारी अभियान के दौरान दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इन नक्सलियों के मौतों की पुष्टि पुलिस के द्वारा नहीं की गई है। इसी अभियान के दौरान, दक्षिण बीजापुर के जंगलों में आज सुबह लगभग 7 बजे से डीआरजी की टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569359/an-encounter-is-underway-between-security-forces-and-maoists-in-bijapur--with-reports-of-two-maoists-killed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/नक्सली-ढेर.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजापुर।</strong> छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने एक सर्च अभियान शुरू किया था, अभियान जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">जारी अभियान के दौरान दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इन नक्सलियों के मौतों की पुष्टि पुलिस के द्वारा नहीं की गई है। इसी अभियान के दौरान, दक्षिण बीजापुर के जंगलों में आज सुबह लगभग 7 बजे से डीआरजी की टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग और मुठभेड़ हो रही है। अभी तक झड़प का क्षेत्र व घटनास्थल की सटीक जानकारी साझा नहीं की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से नक्सली गतिविधियों की आशंका जताई जा रही थी। इसी को देखते हुए डीआरजी की टीम को विशेष सर्च ऑपरेशन पर लगाया गया था। झड़प अभी भी जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर पहुंचाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी ऑपरेशन चल रहा है और किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अभियान पूर्ण होने के बाद ही घटना के विवरण और किसी भी तरह के नुकसान या बरामदगी के बारे में विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ : माँ दंतेश्वरी के दरबार में उमड़ी आस्था, भक्त बनकर पहुंचे कांकेर सांसद भोजराज नाग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कांकेर। </strong>छत्तीसगढ़ के कांकेर में रियासत काल से चली आ रही ऐतिहासिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक एवं प्रसिद्ध मेला एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक रंगों में सराबोर नजर आया। चार दिवसीय इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ स्थित माँ दंतेश्वरी का मंदिर वर्ष में केवल एक ही दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाता है। यही कारण है कि इस दिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांकेर पहुँचते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नववर्ष के पहले रविवार से प्रारंभ होने वाले इस मेले की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। मेले के प्रथम दिन आसपास के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566373/chhattisgarh--devotion-overflows-at-the-temple-of-maa-danteshwari--kanker-mp-bhojraj-nag-arrives-as-a-devotee"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats40.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कांकेर। </strong>छत्तीसगढ़ के कांकेर में रियासत काल से चली आ रही ऐतिहासिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक एवं प्रसिद्ध मेला एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक रंगों में सराबोर नजर आया। चार दिवसीय इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ स्थित माँ दंतेश्वरी का मंदिर वर्ष में केवल एक ही दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाता है। यही कारण है कि इस दिन दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांकेर पहुँचते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नववर्ष के पहले रविवार से प्रारंभ होने वाले इस मेले की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। मेले के प्रथम दिन आसपास के देवी-देवताओं की टोली बाजे-गाजे के साथ राजमहल पहुँचती है, जहाँ राजपरिवार के सदस्यों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न होती है। इसके पश्चात देवी-देवताओं की शोभायात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई मेलाभाटा स्थल की ओर प्रस्थान करती है। मेलाभाटा पहुँचने से पूर्व माँ दंतेश्वरी मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">पूरे वर्ष बंद रहने वाले इस मंदिर के दर्शन इसी अवसर पर आम श्रद्धालुओं को प्राप्त होते हैं। राजपरिवार, मंदिर के पुजारी एवं देवी-देवताओं की मौजूदगी में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पुजारियों के अनुसार यह परंपरा रियासत काल से चली आ रही है, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। मंदिर पूजा के बाद मेलाभाटा में मेला खंभे की पूजा राजपरिवार द्वारा की जाती है। इसके पश्चात देवी-देवताओं की टोली राजपरिवार के सदस्यों के साथ पूरे मेला परिसर की ढाई परिक्रमा करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रस्म के साथ ही मेले का औपचारिक शुभारंभ होता है और लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। इस वर्ष मेले की रौनक उस समय और बढ़ गई जब कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग भी देवी-देवताओं की टोली के साथ शामिल हुए। बाजे-गाजे की धुन पर सांसद को थिरकते देख श्रद्धालुओं और दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उत्तर बस्तर कांकेर का यह ऐतिहासिक मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, सभ्यता और अनूठी परंपराओं का प्रतीक है, जिसे देखने देश-विदेश से लोग यहाँ पहुँचते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 13:36:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में सुरक्षा कर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 12 से अधिक नक्सली मारे गए </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुकमा/बीजापुरः </strong>छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ शनिवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 12 से अधिक नक्सली मारे गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने सुकमा जिले में 10 से ज्यादा नक्सलियों को तथा पड़ोसी बीजापुर जिले में दो अन्य नक्सलियों को मार गिराया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुकमा जिले में दक्षिणी क्षेत्र के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा, "अब तक 10 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया गया है। अभियान अब भी जारी है। इस संबंध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566088/encounter-breaks-out-between-security-personnel-and-naxalites-in-chhattisgarh--over-12-naxalites-killed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(42)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>सुकमा/बीजापुरः </strong>छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ शनिवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 12 से अधिक नक्सली मारे गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने सुकमा जिले में 10 से ज्यादा नक्सलियों को तथा पड़ोसी बीजापुर जिले में दो अन्य नक्सलियों को मार गिराया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुकमा जिले में दक्षिणी क्षेत्र के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा, "अब तक 10 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया गया है। अभियान अब भी जारी है। इस संबंध में विस्तार से जानकारी बाद में दी जाएगी।" एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया। उन्होंने बताया कि बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दल को खोजी अभियान में रवाना किया गया था।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शनिवार सुबह पांच बजे से रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अब भी जारी है इसलिए मुठभेड़ के स्थान, अभियान में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या तथा अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती ताकि अभियान में शामिल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पिछले वर्ष सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 285 नक्सलियों को मार गिराया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 12:36:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chhattisgarh Encounter : सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन इनामी माओवादी, भारी मात्रा में हथियार-विस्फोटक बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुकमा। </strong>छत्तीसगढ के सुकमा जिले के गोंदीगुड़ा के जंगलों में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला सहित तीन माओवादी मारे गए। मारे गए सभी माओवादी कोंटा-किस्टाराम एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य हैं और इन पर कुल 12 लाख रुपये का इनाम घोषित था।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद मौके से हथियार, विस्फोटक और नक्सली सामग्री की बड़ी खेप बरामद की है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए दो पुरुष माओवादी एरिया कमेटी सदस्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564037/chhattisgarh-encounter--three-wanted-maoists-killed-in-an-encounter-with-security-forces--a-large-quantity-of-weapons-and-explosives-recovered"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/demo-image-v---2025-03-20t182050.117.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुकमा। </strong>छत्तीसगढ के सुकमा जिले के गोंदीगुड़ा के जंगलों में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला सहित तीन माओवादी मारे गए। मारे गए सभी माओवादी कोंटा-किस्टाराम एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य हैं और इन पर कुल 12 लाख रुपये का इनाम घोषित था।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद मौके से हथियार, विस्फोटक और नक्सली सामग्री की बड़ी खेप बरामद की है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए दो पुरुष माओवादी एरिया कमेटी सदस्य थे, जिन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि एक महिला माओवादी एलओएस सदस्य थी, जिस पर दो लाख रुपये का इनाम था।</p>
<p style="text-align:justify;">मारे गए माओवादियों के नाम माड़वी जोगा उर्फ मुन्ना, निवासी जिला नारायणपुर एसीएम कोंटा एरिया कमेटी, सोढ़ी बंडी सिंघनमड़गू निवासी एसीएम किस्टाराम एरिया कमेटी तथा नुप्पों बजनी, निवासी टेकलगुड़ा जगरगुंडा, एलओस सदस्य किस्टाराम एरिया कमेटी है। ये सभी लंबे समय से कोंटा और किस्टाराम क्षेत्र में सक्रिय रहकर कई गंभीर नक्सली घटनाओं में संलिप्त रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने 9 एमएम सर्विस पिस्टल, 12 बोर भरमार बंदूक, बीजीएल सेल, टिफिन बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ और नक्सली सामग्री बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गोंदीगुड़ा क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पर डीआरजी टीम ने तलाश अभियान शुरू किया था, इसी दौरान सुबह से रुक-रुक गोलीबारी हुई और मुठभेड़ शुरू हो गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में केंद्रीय समिति और शीर्ष कैडर के सदस्यों सहित 255 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो माओवादी संगठन की लगातार कमजोर होती स्थिति को दर्शाता है, उन्होंने शेष सक्रिय माओवादियों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 18:34:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरबा में बाइक गोदाम में लगी भीषण आग, 25 मोटरसाइकिलें खाक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोरबा। </strong>छत्तीसगढ में कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र स्थित पोंडी-उपरोड़ा बस स्टैंड के पास बीती देर रात एक बाइक गोदाम में लगी भीषण आग से भारी नुकसान हो गया। ईश्वर ऑटो पार्ट्स के गोदाम में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिससे वहां रखी लगभग 25 मोटरसाइकिलें और अन्य सामान जलकर पूरी तरह राख हो गए। हादसे में लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है।</p>
<p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पास में मौजूद कचरे में आग लगाए जाने से यह दुर्घटना हुई। धीरे-धीरे आग फैलते हुए गोदाम तक पहुंच गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562749/a-massive-fire-broke-out-in-a-bike-warehouse-in-korba--destroying-25-motorcycles"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(23)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>कोरबा। </strong>छत्तीसगढ में कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र स्थित पोंडी-उपरोड़ा बस स्टैंड के पास बीती देर रात एक बाइक गोदाम में लगी भीषण आग से भारी नुकसान हो गया। ईश्वर ऑटो पार्ट्स के गोदाम में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिससे वहां रखी लगभग 25 मोटरसाइकिलें और अन्य सामान जलकर पूरी तरह राख हो गए। हादसे में लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है।</p>
<p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पास में मौजूद कचरे में आग लगाए जाने से यह दुर्घटना हुई। धीरे-धीरे आग फैलते हुए गोदाम तक पहुंच गई और तेज लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही बांगो पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कटघोरा नगर पालिका और एरिकेशन विभाग की दमकल टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में कई घंटे लगे, लेकिन तब तक गोदाम में खड़ी सभी बाइकें और ऑटो पार्ट्स जल चुके थे। घटना से आसपास के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। आग पूरी तरह नियंत्रित हो जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।</p>
<p>अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कर दी है। ऑटो पार्ट्स के संचालक ईश्वर ने बताया कि गैरेज में कई वाहन रिपेयरिंग के लिए रखे गए थे और कुछ बनकर तैयार भी थे, जो आग में नष्ट हो गए। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। यदि किसी शरारती तत्व की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562749/a-massive-fire-broke-out-in-a-bike-warehouse-in-korba--destroying-25-motorcycles</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 12:04:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता : छत्तीसगढ़ में 65 लाख के 27 इनामी समेत 37 नक्सलियों ने किया सरेंडर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दंतेवाड़ा।</strong> छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार को 65 लाख रुपए के कुल 27 इनामी सहित 37 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सभी ने डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में अधिकारियों के सामने औपचारिक आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित कैडरों में चार 8 लाख, एक 5 लाख, और कई 2 लाख व 1 लाख के इनामी शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनमें कंपनी नंबर-6, कंपनी नंबर-10, प्लाटून-16, आमदई एरिया कमेटी और इंद्रावती एरिया कमेटी जैसे कोर नक्सली ढांचे के सक्रिय सदस्य हैं। कुछ महिलाएं भी हैं, जो एसजीसीएम कमलेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561791/major-success-against-naxalism--37-naxalites--including-27-carrying-a-reward-of-rs-65-lakh--surrender-in-chhattisgarh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/9613.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दंतेवाड़ा।</strong> छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार को 65 लाख रुपए के कुल 27 इनामी सहित 37 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सभी ने डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में अधिकारियों के सामने औपचारिक आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित कैडरों में चार 8 लाख, एक 5 लाख, और कई 2 लाख व 1 लाख के इनामी शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनमें कंपनी नंबर-6, कंपनी नंबर-10, प्लाटून-16, आमदई एरिया कमेटी और इंद्रावती एरिया कमेटी जैसे कोर नक्सली ढांचे के सक्रिय सदस्य हैं। कुछ महिलाएं भी हैं, जो एसजीसीएम कमलेश की बॉडीगार्ड और डीवीसीएम निर्मला की गार्ड रह चुकी हैं। इन आतंकियों पर 2019-2024 के बीच कई बड़ी वारदातें दर्ज हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनमें 2020 में मिनपा में टीसीओसी टीम पर हमला (26 जवान शहीद, 20 घायल, हथियार लूट), 2024 में गोबेल-थुलथुली जंगल में पुलिस पार्टी पर फायरिंग और सड़कें खोदना, पेड़ गिराना, बंद सप्ताह में बैनर-पोस्टर लगाना शामिल हैं। आत्मसमर्पण समारोह में डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी सीआरपीएफ राकेश चौधरी, एसपी दंतेवाड़ा गौरव राय, कमांडेंट 111, 230 व 80वीं वाहिनी सीआरपीएफ सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">आईजी बस्तर सुंदरराज पी. ने बताया कि पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अब बस्तर में स्थायी शांति की सबसे मजबूत पहल बन चुकी है। सिर्फ 20 महीनों में दंतेवाड़ा में 165 इनामी सहित 508 से ज्यादा नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। पूरे बस्तर रेंज में लोन वर्राटू अभियान के तहत 333 इनामी सहित 1,160 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आत्मसमर्पित सभी नक्सलियों को तत्काल 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें कौशल प्रशिक्षण, कृषि भूमि, मकान और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़िए, शांति और सम्मान की राह अपनाइए। पूना मारगेम हर उस साथी के लिए खुला है, जो घर लौटना चाहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 21:31:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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