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                <title>Lok Sabha elections 2024 - Amrit Vichar</title>
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                <description>Lok Sabha elections 2024 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आकाश आनंद को BSP में फिर मिली जिम्मेदारी, 'अपरिपक्व' बताकर मायावती ने छीनी थी पावर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>आकाश आनंद की बीएसपी में री-एंट्री हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी दी है। लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान अपरिपक्व बताकर आकाश आनंद को मायावती ने पार्टी के अहम पदों से हटा दिया था। यानी की उनसे जिम्मेदारी छीन ली थी।</p>
<p>अब जब उत्तराखंड और पंजाब में उपचुनाव होने जा रहे हैं, तो बसपा सुप्रीमों ने आकाश आंनद को सक्रिय करने की तैयारी कर ली है। उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले उपचुनावों में स्टार प्रचारकों की सूची में आकाश आनंद को जिम्मेदारी दी गई है। सूची में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/475396/up-news--akash-anand--bsp--mayawati--lok-sabha-elections-2024--uttarakhand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/cats268.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>आकाश आनंद की बीएसपी में री-एंट्री हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी दी है। लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान अपरिपक्व बताकर आकाश आनंद को मायावती ने पार्टी के अहम पदों से हटा दिया था। यानी की उनसे जिम्मेदारी छीन ली थी।</p>
<p>अब जब उत्तराखंड और पंजाब में उपचुनाव होने जा रहे हैं, तो बसपा सुप्रीमों ने आकाश आंनद को सक्रिय करने की तैयारी कर ली है। उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले उपचुनावों में स्टार प्रचारकों की सूची में आकाश आनंद को जिम्मेदारी दी गई है। सूची में मायावती के बाद दूसरे नंबर पर आकाश आनंद का नाम लिखा है।</p>
<p>इस साल हुये लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद ने काफी आक्रामक रुख अपनाया था। उनके भाषणों की खूब चर्चा भी हो रही थी। जानकारों की मानें तो आकाश आनंद के तेवरों से बसपा चर्चा में आ गई थी, लेकिन इस दौरान भाषणों के चलते ही आकाश आनंद पर एफआईआर भी दर्ज होने की बात सामने आई थी। जिसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/475354/lucknow-raj-bhavan-made-a-world-record-and-got-its#gsc.tab=0">लखनऊ: राजभवन ने बनाया विश्व कीर्तिमान, गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 16:51:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BJP ने कई राज्यों में बनाए प्रभारी, शिवराज को मिली झारखंड की कमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चार राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर के लिए प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। </p>
<p>पार्टी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को महाराष्ट्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि अश्विनी वैष्णव को सह प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह से हरियाणा के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/474163/bjp-made-in-charge-in-many-states-shivraj-got-the-command"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/+6+65+64.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चार राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू कश्मीर के लिए प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। </p>
<p>पार्टी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को महाराष्ट्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि अश्विनी वैष्णव को सह प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह से हरियाणा के लिए धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी और विप्लव कुमार देव को सह प्रभारी बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को झारखंड का प्रभारी बनाया गया है, जबकि हिमंत विश्व शर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। </p>
<p>वहीं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए जी किशन रेड्डी को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा के पिछले चुनाव अक्टूबर 2019 में कराये गये थे, जबकि झारखंड में उसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव हुए थे। महाराष्ट्र में विस की 288, हरियाणा में 90 और झारखंड में 81 सीटें हैं। </p>
<p>जम्मू-कश्मीर से संबंधित संविधान के अनुच्छे 370 और 35 ए को निरस्त किए जाने और राज्य को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर नाम से दो केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील किये जाने के बाद पहली बार विस चुनाव होने वाले हैं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/474141/us-national-security-adviser-jake-sullivan-met-nsa-ajit-doval">NSA अजीत डोभाल ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/474163/bjp-made-in-charge-in-many-states-shivraj-got-the-command</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 14:58:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओडिशा में पहली बार BJP सरकार, मोहन चरण माझी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>भुवनेश्वर।</strong> आदिवासी नेता एवं चार बार के विधायक मोहन चरण माझी ने बुधवार को यहां एक समारोह में ओडिशा के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पटनागढ़ से विधायक केवी सिंह देव तथा निमापारा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बनीं प्रभाती परिदा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।</p>
<p>  पिछली विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे माझी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। जनता</p>
<p>समारोह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/473001/for-the-first-time-in-odisha-bjp-government-mohan-charan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/655641021.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भुवनेश्वर।</strong> आदिवासी नेता एवं चार बार के विधायक मोहन चरण माझी ने बुधवार को यहां एक समारोह में ओडिशा के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पटनागढ़ से विधायक केवी सिंह देव तथा निमापारा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बनीं प्रभाती परिदा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।</p>
<p> पिछली विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे माझी हाल में हुए विधानसभा चुनाव में चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। जनता मैदान में राज्यपाल रबघुबर दास ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह पहली बार है कि जब ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी है। </p>
<p>समारोह में मोदी के अलावा भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, भूपेन्द्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान, जुएल ओराम, अश्विनी वैष्णव और अन्य शामिल हुए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, गोवा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, असम, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड सहित भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। समारोह में ओडिशा के निवर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शामिल हुए। </p>
<p>भाजपा को पहली बार ओडिशा में स्पष्ट जनादेश मिला जिससे बीजू जनता दल (बीजद) का 24 साल पुराना शासन खत्म हो गया। राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 78 सीट हासिल करके सत्ता में आई, जबकि पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद को 51, कांग्रेस को 14, माकपा को एक सीट मिली तथा तीन सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/472987/rss-has-become-irrelevant--what-is-the-use-of-bhagwat-speaking-now--congress">आरएसएस अप्रांसगिक हो गया, अब भागवत के बोलने का क्या फायदा: कांग्रेस</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/473001/for-the-first-time-in-odisha-bjp-government-mohan-charan</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 17:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहजहांपुर: मतगणना के दौरान भाजपाइयों की धड़कनें होने लगी थीं तेज...जब फंसने लगा चुनाव, क्या रही वजह?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार:</strong> लोकसभा सीट पर भाजपा को मिली कम अंतर से जीत के प्रमुख कारणों में एक कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रवैया भी माना जा रहा। कम अंतर से जीत की समीक्षा करें तो पता चलता है कि शुरुआत में भाजपा की जीत एकतरफा लग रही थी, लेकिन बीच में चुनाव फंसने लगे। हालत यह हो गई कि कई राजनीतिक विशेषज्ञ शाहजहांपुर सीट को मतगणना से पहले सपा के खाते में गिनने लगे थे। इस सबके बाद भी भाजपा अपनी सीट निकालने में कामयाब रही, लेकिन जीत का अंतर 55521 ही रहा।</p>
<p>भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/472413/shahjahanpur-during-the-counting-of-votes-the-heartbeats-of-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/6546549878.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार:</strong> लोकसभा सीट पर भाजपा को मिली कम अंतर से जीत के प्रमुख कारणों में एक कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रवैया भी माना जा रहा। कम अंतर से जीत की समीक्षा करें तो पता चलता है कि शुरुआत में भाजपा की जीत एकतरफा लग रही थी, लेकिन बीच में चुनाव फंसने लगे। हालत यह हो गई कि कई राजनीतिक विशेषज्ञ शाहजहांपुर सीट को मतगणना से पहले सपा के खाते में गिनने लगे थे। इस सबके बाद भी भाजपा अपनी सीट निकालने में कामयाब रही, लेकिन जीत का अंतर 55521 ही रहा।</p>
<p>भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि शाहजहांपुर लोकसभा सीट पर शुरुआती दौर में तो भाजपा प्रत्याशी का किसी से मुकाबला नहीं दिख रहा था। भाजपा की जीत एक तरफा लग रही थी, इसका एक कारण सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका, नगर पंचायत, ब्लाक प्रमुख जैसे सभी महत्वपूर्ण पदों पर भाजपाइयों का काबिज होना था।</p>
<p>यहां तक कि राज्यसभा सांसद व विधान परिषद सदस्य भी भाजपा के ही हैं। प्रदेश सरकार के तीन-तीन मंत्री इसी लोकसभा क्षेत्र के थे, जिनमें सबसे बड़ा नाम वित्त मंत्री व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना का है। इस सब के बाद भी जैसे-जैसे चुनाव की सरगर्मी बढ़ीं चुनाव फंसने लगा। तमाम कारणों से चुनाव खराब हुआ। इसके पीछे एक वजह ब्राह्मणों के वोटों का रुझान अंत तक भाजपा के साथ रहना भी है। भाजपा ने शाहजहांपुर के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद को पीलीभीत लोकसभा से प्रत्याशी बनाया। साथ ही लोकसभा प्रभारी पंडित रामगोपाल मिश्र को बनाया।</p>
<p><strong>दबी जुबान हार की बात कहने लगे थे लोग</strong><br />चुनाव के दौरान भाजपा के भी तमाम लोग दबी जुबान से अपनी हार स्वीकारने लगे थे। इसके बाद भी जीत हुई। इसमें कहीं न कहीं लोकसभा प्रभारी की सक्रियता और कार्यशैली रही। वह चुनाव में जिला संगठन, महानगर संगठन के लोगों को एक साथ लेकर चलते रहे। प्रत्याशी के साथ समन्वय, संघ के लोगों के साथ अच्छा तालमेल भी काम आया। कई बार लोक सभा प्रभारी ने मंत्री की प्रतिष्ठा को धूमिल न करने की चेतावनी देकर भी निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/472323/shahjahanpur-lizard-like-creature-seen-in-bjp-leaders-nephews-house-creates">शाहजहांपुर: बीजेपी नेता के भतीजे के घर दिखा छिपकली की तरह दिखने वाला जीव, मचा हड़कंप</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/472413/shahjahanpur-during-the-counting-of-votes-the-heartbeats-of-the</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 12:17:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>...तो बिथरी में भी पप्पू-डब्बू और बब्बू की कहानी ने दिखाया रंग, दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके धर्मेंद्र कश्यप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अनुपम सिंह, बरेली। </strong>आंवला लाेकसभा सीट के लिए सपा और भाजपा के बीच हुए कांटे के मुकाबले की गवाही बूथों के नतीजे दे रहे हैं। बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में भी पप्पू-डब्बू और बब्बू की कहानी का असर भाजपा प्रत्याशी के वोटों पर दिखाई दे रहा है। यहां भाजपा का विधायक होने के बावजूद 65 बूथों पर भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाए। सात बूथों पर उन्हें 10 वोट भी नहीं मिले। भाजपा और सपा के बीच मुकाबला कितना कड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बूथों पर बसपा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/472151/so-even-in-bithri-the-story-of-pappu-dabbu-and-babbu"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/+6546545.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अनुपम सिंह, बरेली। </strong>आंवला लाेकसभा सीट के लिए सपा और भाजपा के बीच हुए कांटे के मुकाबले की गवाही बूथों के नतीजे दे रहे हैं। बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में भी पप्पू-डब्बू और बब्बू की कहानी का असर भाजपा प्रत्याशी के वोटों पर दिखाई दे रहा है। यहां भाजपा का विधायक होने के बावजूद 65 बूथों पर भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाए। सात बूथों पर उन्हें 10 वोट भी नहीं मिले। भाजपा और सपा के बीच मुकाबला कितना कड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बूथों पर बसपा को एक भी वोट नहीं मिला।</p>
<p>सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य ने 4,92,515 वोट पाकर निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप को 15,969 वोटों से हराया है। बिथरी चैनपुर में भाजपा के डॉ. राघवेंद्र शर्मा के विधायक होने के बाद भी सपा के प्रत्याशी को भाजपा प्रत्याशी की तुलना में 1811 वोट ज्यादा मिले। धर्मेंद्र कश्यप को पूरे विधानसभा क्षेत्र में 1,11,774 तो सपा प्रत्याशी को 1,13,585 वोट मिले। </p>
<p>विधानसभा क्षेत्र में 426 बूथ हैं जिनमें से तमाम बूथों के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। स्थिति यह है कि धर्मेंद्र कश्यप बूथ 30 से 37 तक 10 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। 65 बूथों पर भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ दहाई में वोट मिले। सपा प्रत्याशी नीरज मौर्य को 57 बूथों पर दहाई के अंक वोट मिले हैं लेकिन किसी भी बूथ पर धर्मेंद्र कश्यप की तरह नीरज मौर्य 10 वोटों से कम पर नहीं सिमटे। बता दें कि चुनाव के दौरान धर्मेंद्र कश्यप ने टिप्पणी की थी कि पप्पू, डब्बू और बब्बू कुछ नहीं कर पाएंगे। इस टिप्पणी को आंवला के तीन विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख नेताओं पर कटाक्ष माना गया था।</p>
<p>बसपा प्रत्याशी आबिद अली को भले ही चुनाव में उम्मीद से ज्यादा वोट मिले लेकिन बिथरी चैनपुर में उनका प्रदर्शन भी दयनीय रहा। उन्हें 212 बूथों पर दहाई के अंक में वोट मिले हैं। यानी इनमें किसी बूथ पर वह सौ की संख्या को पार नहीं कर पाए। इसके अलावा 154 बूथों पर उन्हें 10 वोट भी नहीं मिल पाए। पांच बूथों पर बसपा का खाता तक नहीं खुल सका। निर्दलीय और छोटे दलों के छह प्रत्याशियों में से कोई किसी एक बूथ पर 20 वोट तक नहीं ले पाया। दहाई का आंकड़ा भी वे इक्का-दुक्का बूथों पर ही छू सके। अधिकतर बूथों पर उनका खाता तक नहीं खुल सका।</p>
<p><strong>आंवला में 65 बूथों पर भाजपा को मिले सौ से कम वोट</strong><br />आंवला विधानसभा क्षेत्र के 342 बूथों में से भी 65 बूथों पर भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप सौ वोटों का आंकड़ा नहीं छू पाए। हालांकि बिथरी की तरह ऐसा कोई बूथ नहीं है जहां उन्हें 10 से कम वोट मिले हों। सपा प्रत्याशी को 74 बूथों पर दहाई के अंक में वोट मिले। बसपा को 107 बूथों पर 10 से ज्यादा वोट नहीं मिले। 159 ऐसे बूथ हैं, जहां वह दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। सात बूथों पर बसपा को एक भी वाेट नहीं मिला।</p>
<p><strong>फरीदपुर : भाजपा को 70, सपा को 42 पर सौ से कम वोट</strong><br />फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के 360 बूथों में से 70 बूथों पर भाजपा प्रत्याशी को सौ से कम वोट मिल पाए। सपा प्रत्याशी के ऐसे बूथों की संख्या 42 ही है। बसपा प्रत्याशी 150 बूथों पर 100 वोट के अंदर सिमट गए। 133 ऐसे बूथ हैं, जहां वह 10 का आंकड़ा नहीं पार कर पाए। यहां भी कई बूथों पर बसपा का खाता नहीं खुल पाया। अन्य प्रत्याशियों में से कोई भी किसी बूथ पर कुल मिलाकर 10 से ज्यादा वोट नहीं पा सका।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/472104/bareilly-search-operation-will-start-from-july-malaria-larvae-have">बरेली: जुलाई से चलेगा खोजी अभियान...यहां पहले ही मिलने लगे लार्वा, मलेरिया विभाग की तैयारियों पर उठे सवाल</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jun 2024 04:19:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM मोदी आज तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की लेंगे शपथ, जानिए समारोह में कौन-कौन होगा शामिल?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री पद के लिए नामित नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार रविवार को शपथ लेंगे और वह प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे राजनेता होंगे। भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत वाले राजग सरकार के दो पूर्ण कार्यकालों के बाद इस बार चुनावों में भाजपा को अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।</p>
<p>  इस बीच, नयी सरकार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विभिन्न घटकों के लिए मंत्रिपरिषद में हिस्सेदारी को लेकर भाजपा नेतृत्व और सहयोगी दलों के बीच गहन विचार-विमर्श चल रहा है। अमित शाह और राजनाथ सिंह के अलावा</p>
<p>ऐसा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/472141/pm-modi-will-take-oath-as-prime-minister-for-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/5451547.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री पद के लिए नामित नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार रविवार को शपथ लेंगे और वह प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे राजनेता होंगे। भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत वाले राजग सरकार के दो पूर्ण कार्यकालों के बाद इस बार चुनावों में भाजपा को अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।</p>
<p> इस बीच, नयी सरकार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विभिन्न घटकों के लिए मंत्रिपरिषद में हिस्सेदारी को लेकर भाजपा नेतृत्व और सहयोगी दलों के बीच गहन विचार-विमर्श चल रहा है। अमित शाह और राजनाथ सिंह के अलावा पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता सरकार में प्रतिनिधित्व को लेकर तेलुगु देशम पार्टी के एन. चंद्रबाबू नायडू, जद(यू) के नीतीश कुमार और शिवसेना के एकनाथ शिंदे सहित सहयोगी दलों से परामर्श कर रहे हैं। </p>
<p>ऐसा माना जा रहा है कि गृह, वित्त, रक्षा और विदेश जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अलावा शिक्षा और संस्कृति जैसे दो मजबूत वैचारिक पहलुओं वाले मंत्रालय भाजपा के पास रहेंगे, जबकि उसके सहयोगियों को पांच से आठ कैबिनेट पद मिल सकते हैं। पार्टी के भीतर जहां शाह और सिंह जैसे नेताओं का नये मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है, वहीं लोकसभा चुनाव जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जैसे शिवराज सिंह चौहान, बसवराज बोम्मई, मनोहर लाल खट्टर और सर्बानंद सोनोवाल सरकार में शामिल होने के प्रबल दावेदार हैं। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के राम मोहन नायडू, जद(यू) के ललन सिंह, संजय झा और राम नाथ ठाकुर तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान उन सहयोगियों में शामिल हैं जो नयी सरकार का हिस्सा हो सकते हैं। जद(यू) कोटे से सिंह या झा को शामिल किया जाएगा। महाराष्ट्र, जहां भाजपा-शिवसेना-राकांपा गठबंधन का प्रदर्शन खराब रहा है, और बिहार, जहां विपक्ष ने वापसी के संकेत दिए हैं, सरकार गठन की कवायद के दौरान केंद्र में रह सकते हैं महाराष्ट्र में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि बिहार में अगले साल चुनाव होंगे। </p>
<p>भाजपा के संगठन में होने वाले बदलाव भी पार्टी के मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देते समय चयनकर्ताओं के मन में होंगे। लोकसभा चुनावों के कारण नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया था, और संगठनात्मक अनिवार्यताएं पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण विचारणीय विषय होगा, क्योंकि चुनाव परिणामों ने संकेत दिया है कि उसकी विशाल मशीनरी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि इससे पार्टी में किसी अनुभवी व्यक्ति को भेजे जाने और नड्डा को सरकार में स्थान दिए जाने की संभावना भी बनी हुई है। </p>
<p>मतदाताओं के एक वर्ग, विशेषकर अनुसूचित जातियों और समाज के अन्य वंचित वर्गों का पार्टी से दूर चले जाना भी सरकार गठन में एक निर्णायक कारक हो सकता है, हालांकि मोदी ने अपने कार्यकाल में उनके सापेक्ष प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर जोर दिया था। नेहरू एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो स्वतंत्रता के बाद लगातार तीन चुनावों के बाद भी इस पद पर बने रहे। </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनावों में अपने आश्चर्यजनक रूप से खराब प्रदर्शन के बाद निरंतरता का संदेश देने और राजनीतिक कमजोरी की किसी भी धारणा को दूर करने के लिए प्रयासरत है। पार्टी को इन आम चुनावों में 240 सीटें मिलीं जो बहुमत के आंकड़े से 32 कम हैं। पार्टी को 2019 के चुनावों में 303 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और मॉरीशस सहित कई पड़ोसी देशों के नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। शपथ-ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में रविवार को शाम सवा सात बजे निर्धारित है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/472140/indian-army-and-assam-rifles-received-118-officers-silver-jubilee">भारतीय सेना व असम राइफल्स को मिले 118 अधिकारी,  प्रशिक्षण अकादमी गया में रजत जयंती पासिंग आउट परेड आयोजित</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 23:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: PM मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ये तीनों भाजपा जिलाध्यक्ष, छत्रपाल गंगवार भी पहुंचे दिल्ली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार: </strong>तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रमुख नेताओं के साथ संगठन के कई पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें बरेली के तीनों जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं जो रविवार सुबह दिल्ली रवाना होंगे। </p>
<p>बरेली जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना और आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आमंत्रण शुक्रवार शाम पहुंचा था। बरेली से सांसद चुने गए छत्रपाल सिंह गंगवार पहले से ही दिल्ली में हैं।</p>
<p><strong>रामगोपाल भी जाएंगे शपथ ग्रहण समारोह में</strong><br />पार्टी की ओर से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/472109/these-three-will-attend-the-swearing-in-ceremony-of-bareilly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/पीएम-मोदी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार: </strong>तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रमुख नेताओं के साथ संगठन के कई पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें बरेली के तीनों जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं जो रविवार सुबह दिल्ली रवाना होंगे। </p>
<p>बरेली जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना और आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आमंत्रण शुक्रवार शाम पहुंचा था। बरेली से सांसद चुने गए छत्रपाल सिंह गंगवार पहले से ही दिल्ली में हैं।</p>
<p><strong>रामगोपाल भी जाएंगे शपथ ग्रहण समारोह में</strong><br />पार्टी की ओर से भाजपा के उन नेताओं को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है जिन्होंने लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी क्रम में प्रदेश कार्य समिति के सदस्य व पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा को भी बुलाया गया था।</p>
<p>उन्हें भाजपा के केंद्रीय कार्यालय व प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री संगठन की ओर से आमंत्रित किया गया है। रामगोपाल मिश्रा को लोकसभा चुनाव के दौरान शाहजहांपुर का प्रभारी बनाया गया था, जहां से कशमकश भरे चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को विजय मिली है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/472107/bareilly-posts-vacant-since-last-one-and-a-half-years">बरेली: डेढ़ साल से खाली पद...अब जगी उम्मीद, 80 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की हो सकती है नियुक्ति</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/472109/these-three-will-attend-the-swearing-in-ceremony-of-bareilly</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 21:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनिया गांधी फिर से चुनी गईं कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन, प्रस्ताव पर लगी मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को शनिवार को एक बार फिर से पार्टी संसदीय दल का प्रमुख चुना गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>संविधान सदन (पुरानी संसद) के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी को सीपीसी प्रमुख नियुक्त करने का प्रस्ताव पेश किया जिसका पार्टी के सांसदों ने सर्वसम्मति से अनुमोदन किया।</p>
<p>सोनिया गांधी को सीपीसी प्रमुख चुने जाने से पहले पार्टी की कार्य समिति की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी से आग्रह किया गया कि वह लोकसभा में नेता विपक्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/472076/sonia-gandhi-re-elected-as-chairperson-of-congress-parliamentary-party-proposal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/315351465465.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को शनिवार को एक बार फिर से पार्टी संसदीय दल का प्रमुख चुना गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>संविधान सदन (पुरानी संसद) के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी को सीपीसी प्रमुख नियुक्त करने का प्रस्ताव पेश किया जिसका पार्टी के सांसदों ने सर्वसम्मति से अनुमोदन किया।</p>
<p>सोनिया गांधी को सीपीसी प्रमुख चुने जाने से पहले पार्टी की कार्य समिति की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी से आग्रह किया गया कि वह लोकसभा में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभालें। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीट जीती हैं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a class="post-title" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/472058/narendra-modi-will-take-oath-as-prime-minister-for-the">नरेंद्र मोदी कल तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की लेंगे शपथ, इन देशों के नेता होंगे शामिल</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/472076/sonia-gandhi-re-elected-as-chairperson-of-congress-parliamentary-party-proposal</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 18:51:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा चुनाव 2024: यहां तो भाजपा के कई नेता नहीं जिता सके अपने गांव, नतीजों के बाद खुला मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पूराबाजार/अयोध्या, अमृत विचार।</strong> लोकसभा चुनाव में पूरा ब्लॉक के भाजपा के कई पदाधिकारी अपना गांव तक नहीं जीता सके। वहीं सपा के नेता अपना गांव में पार्टी को जिताने में सफल है। मतगणना के बाद यह भी देखने को मिला है कि कई सपाई गांव में भाजपा को अच्छा खासा वोट भी मिला है।<br />        <br />भाजपा मण्डल अध्यक्ष वरुण चौधरी के गांव अलावलपुर में भाजपा बुरी तरह हार गई। अलावलपुर पोलिंग स्टेशन पर बनाए गए  बूथ संख्या 316 पर भाजपा को 254 तो सपा को 323 और बूथ संख्या 317 पर भाजपा को 152 तो सपा को 606 वोट मिले। सपा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471804/lok-sabha-elections-2024-here-many-bjp-leaders-could-not"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/7---2024-06-07t150556.375.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पूराबाजार/अयोध्या, अमृत विचार।</strong> लोकसभा चुनाव में पूरा ब्लॉक के भाजपा के कई पदाधिकारी अपना गांव तक नहीं जीता सके। वहीं सपा के नेता अपना गांव में पार्टी को जिताने में सफल है। मतगणना के बाद यह भी देखने को मिला है कि कई सपाई गांव में भाजपा को अच्छा खासा वोट भी मिला है।<br />    <br />भाजपा मण्डल अध्यक्ष वरुण चौधरी के गांव अलावलपुर में भाजपा बुरी तरह हार गई। अलावलपुर पोलिंग स्टेशन पर बनाए गए  बूथ संख्या 316 पर भाजपा को 254 तो सपा को 323 और बूथ संख्या 317 पर भाजपा को 152 तो सपा को 606 वोट मिले। सपा को कुल वोट 923 तो भाजपा को 406 और प्राप्त हुए। जिसके कारण सपा इस पोलिंग को 523 वोट से जीतने में सफल रही।</p>
<p>मोहतशिमपुर मंडल प्रभारी दिनेश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य देवता पटेल, प्रधान संघ के जिला सचिव अनूप वर्मा , पूर्व कार्यवाहक जिला पंचायत अध्यक्ष करुणाकर पांडेय  का गांव है यहां दो बूथ थे। बूथ संख्या 301 भाजपा को 158 और सपा को 374 वोट प्राप्त हुए, तो बूथ संख्या 302 पर भाजपा को 174 और सपा को 265 वोट मिले। भाजपा को कुल 332 व सपा को 639 मत प्राप्त हुए इस पोलिंग को भाजपा 307 वोट से हार गई।</p>
<p>इसी तरह कादीपुर कस्तूरीपुर महानगर उपाध्यक्ष रामप्रीत वर्मा व मंडल उपाध्यक्ष राम सुख वर्मा का गांव यह पोलिंग भाजपा 11 वोटों हार गयी। पूर्व जिला महामंत्री मनीराम निषाद का रोशन नगर पोलिंग भाजपा 84 वोट से हार गई। सैनिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक प्रदीप सिंह के गांव मोदरा में बूथ संख्या 323 पर भाजपा को 165 व सपा को 249  मिलें इस तरह भाजपा 84 वोट से हार गई। अनुसूचित जनजाति मोर्चा अवध प्रांत के महामंत्री हरिभजन गौड़ बूथ संख्या 287 भाजपा को 212 व सपा को 387 मिले यह बूथ भाजपा 175 वोट से हार गई। पूर्व मण्डल अध्यक्ष नंदकुमार सिंह के बूथ संख्या 394 पर भाजपा को 260 सपा को 347 मत प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा 87 मतों से हार गई। मंडल उपाध्यक्ष मुन्ना दुबे की पोलिंग रसूलाबाद 143 मतों से हार गई। महानगर उपाध्यक्ष अरविंद सिंह डब्लू व अनुसूचित मोर्चा के महानगर उपाध्यक्ष अवधेश नंदन कनौजिया की पोलिंग कर्मा कोडरी 461से भाजपा हार गई।</p>
<p><strong>कुछ दिग्गज भाजपाई अपना गांव जीतने में सफल रहे</strong><br />जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह व महानगर की मंत्री स्वाति सिंह का गांव सरायरासी 859 वोटो से तो महानगर उपाध्याय रणधीर सिंह डब्लू व पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंभू नाथ सिंह दीपू का गांव जलालुद्दीन नगर 1009 वोटो से भाजपा जीती। पूर्व जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह का बूथ ज्ञानपुर भाजपा 109 वोटो से तो पूर्व मंडल अध्यक्ष शिव नरायन तिवारी का बूथ 60 मतों से मण्डल महामंत्री राजेश पाठक की पोलिंग गंगौली 46 मतो से तो गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह के पिता भगवान बक्स सिंह व पूर्व जिला महामंत्री शारदा यादव की पोलिंग राजेपुर भाजपा मुश्किल से 7 मतों से जीत पाई।वहीं पूर्व मंत्री तेज नारायण पवन पांडे की पोलिंग सपा 256 वोट तो विधानसभा अध्यक्ष रक्षाराम यादव की पोलिंग सरेठी 525 मतों से सपा ने जीत दर्ज किया। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अशोक वर्मा की पोलिंग ददेरा में में सपा को मात्र 76 मतों की बढ़त मिली है। सपा का गढ़ माने जाने वाली  मड़ना पोलिंग पर भाजपा को 1050 व सपा को 1149 मत मिले। मात्र 99 वोटो से बीजेपी पीछे रहीं। यह पोलिंग ब्लॉक प्रमुख संघ जिला अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह व मंडल महामंत्री ओम प्रकाश यादव की थी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/471784/defeat-is-certain-for-an-arrogant-person-shivpal-said-a#gsc.tab=0">अहंकारी की निश्चित होती है हार, बोले शिवपाल-अखिलेश के नेतृत्व में खींची बड़ी लकीर </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 15:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jagat Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: सरकारी कागजों में ही लहलहाकर रह गईं पोषण वाटिकाएं, अब पूरे जिले में कहीं नामोनिशान नहीं...जानिए मामला</title>
                                    <description><![CDATA[DEMO IMAGE]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471664/bareilly-nutrition-gardens-remained-flourishing-only-in-government-papers-now"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/65465465.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अनुपम सिंह, बरेली: </strong>चुनावी फिजा में गूंजते रहे नारे ''नारी वंदे'' की असलियत जिले की उन उजड़ी और बर्बाद पोषण वाटिकाओं में तलाशी जा सकती है जिन्हें अच्छा-खासी सरकारी पैसा फूंककर कुपोषित महिलाओं और बच्चों का जीवन बदलने के नाम पर स्थापित किया गया और सारा पोषण खुद सिस्टम ने चूस लिया। कुछ साल पहले कागजों पर जिले में हजारों पोषण वाटिकाओं ने अचानक लहलहाना शुरू किया और अब कहीं उनका नामोनिशान तक नहीं है।</p>
<p>जिले में फिलहाल 11468 कुपोषित और 1815 अति कुपोषित बच्चे हैं। भारी संख्या उन महिलाओं की भी है जो खून की कमी से जूझ रही हैं। इन्हीं महिलाओं और बच्चों के लिए वर्ष 2018-19 में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित करने की योजना लागू की गई थी।</p>
<p>शासन से जो आदेश जारी हुआ, उसमें कहा गया था कि कुपोषण दूर करने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्र परिसर या उनके नजदीक पोषण वाटिकाएं स्थापित की जाएं। इन पोषण वाटिकाओं में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुष एवं स्वास्थ्य, उद्यान, वन और कृषि विभाग के सहयोग से कुपोषित बच्चों और महिलाओं के लिए फल, औषधीय पौधों के साथ साग-सब्जियां उगाई जानी थीं।</p>
<p>देखते-देखते कागजों पर पोषण वाटिकाएं लहलहानी शुरू हुईं और फिर अचानक गायब हो गईं। अब कोई ऐसा सरकारी रिकॉर्ड नहीं है जिससे साफ हो कि कहां पोषण वाटिका है और कहां नहीं। इन वाटिकाओं से कुपोषित महिलाओं और बच्चों को फल, आयुर्वेदिक औषधियों और साग-सब्जियों की कितनी आपूर्ति की गई।</p>
<p>जहां पोषण वाटिका होना बताया गया था, वहां घास और झाड़ियों के सिवा कुछ नहीं है। अमृत विचार की टीम मझगवां ब्लॉक के बेलई भगवंतपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची तो लोगों ने बताया कि कुछ दिन के लिए ही पोषण वाटिका दिखाई दी थी, अब कुछ नहीं है। कांधरपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर न पोषण वाटिका का बोर्ड लगा था। न कोई पौधा लगा दिखा।</p>
<p><strong>2342 पोषण वाटिकाएं... लक्ष्य पूरे हो गए, अंजाम का पता नहीं</strong><br />जिले में कुल 2857 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनमें 2342 केंद्रों पर पोषण वाटिका स्थापित करने का लक्ष्य था। विभाग के मुताबिक भोजीपुरा, बिथरी, और शेरगढ़ में 156-156, बहेड़ी में 157, भुता, दमखोदा, भदपुरा, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, नवाबगंज, क्यारा, रामनगर और फरीदपुर में 156-156 पोषण वाटिका स्थापित करने का लक्ष्य था। आलमपुर जाफराबाद में 157 और मझगवां में 156 वाटिका स्थापित होनी थीं। फिलहाल कहां कितनी पोषण वाटिका हैं, इसका भी कोई लेखाजोखा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नहीं है।</p>
<p><strong>तीन साल से कोई सूचना ही अपडेट नहीं</strong><br />शासन को 2021 में 400 पोषण वाटिकाएं स्थापिता करने की सूचना उपलब्ध कराई गई थी। बताया गया था कि इनमें 785 फलदार पौधे, 1200 से ज्यादा औषधीय पौधे और 1600 से ज्यादा हरी सब्जियों के पौधे हैं। मौजूदा स्थिति क्या है, यह कोई बताने की स्थिति में नहीं है। विभाग के बाबुओं का कहना है कि 2021 के बाद सूचना अपडेट ही नहीं की गई है।</p>
<p>इस बीच एक नवंबर 2021 को महानिदेशक राज्य पोषण मिशन ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश जारी किया था कि जिला पोषण समिति के एजेंडे में अधिक से अधिक पोषण वाटिकाएं बनाने का बिंदु शामिल किया जाए और भारत सरकार के पोषण ट्रैकर माेबाइल एप पर इसकी सूचना दर्ज कराई जाए। इस आदेश का भी पालन नहीं हुआ।</p>
<p>सभी सीडीपीओ को पत्र जारी कर पोषण वाटिकाओं के बारे में जानकारी मांगी गई है। मौके की स्थिति के बारे में भी पूछा गया है। जहां पोषण वाटिकाएं सूख गईं हैं, वहां फिर पौधे लगाए जाएंगे<strong>- मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/471648/bareilly-bdas-bulldozer-demolished-three-illegal-colonies-being-built-in">बरेली: BDA का चला बुलडोजर, 21 हजार वर्ग मीटर में बन रहीं तीन अवैध कालोनियां ध्वस्त</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 02:23:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुरुआत से पहले ही दबाव </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्र में सरकार गठन की कवायद के बीच शुरूआत से पहले ही भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दलों ने दबाव की राजनीति शुरु दी है। सत्ता की बिसात पर सहयोगी दल अपनी-अपनी चाल चल रहे हैं। इससे आने वाले समय में नरेंद्र मोदी के लिए पहली बार गठबंधन सरकार चलाने में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत से इंकार नहीं किया जा सकता। </p>
<p>गौरतलब है 543 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए ने 293 सीटें जीतीं हैं। भाजपा ने 240, तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने 16 और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने 12 सीटें जीती हैं। ऐसे में नीतीश कुमार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471704/pressure-before-the-start"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/6546546878.jpg" alt=""></a><br /><p>केंद्र में सरकार गठन की कवायद के बीच शुरूआत से पहले ही भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दलों ने दबाव की राजनीति शुरु दी है। सत्ता की बिसात पर सहयोगी दल अपनी-अपनी चाल चल रहे हैं। इससे आने वाले समय में नरेंद्र मोदी के लिए पहली बार गठबंधन सरकार चलाने में ज्यादा मेहनत करने की जरूरत से इंकार नहीं किया जा सकता। </p>
<p>गौरतलब है 543 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए ने 293 सीटें जीतीं हैं। भाजपा ने 240, तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने 16 और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने 12 सीटें जीती हैं। ऐसे में नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी प्रमुख भूमिका में आ गए हैं। गुरुवार को जेडीयू ने अग्निवीर योजना की समीक्षा करने की बात सार्वजनिक तौर पर कही है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि अग्निवीर योजना को लेकर बहुत विरोध हुआ था और चुनाव में भी उसका असर देखने को मिला है।</p>
<p>इस पर विचार करने की जरूरत है। इसके बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने जेडीयू की इस मांग के प्रति अपना विरोध जताया है। उन्होंने कहा अग्निवीर योजना की समीक्षा की बात करनी ही थी तो एनडीए की बैठक में ही की जानी चाहिए थी। इस तरह से सार्वजनिक बात करना गठबंधन धर्म के खिलाफ है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कथित तौर पर अपनी पार्टी के लिए दो मंत्रालयों की मांग कर रहे हैं। </p>
<p>उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र ही वह राज्य है, जहां पर भाजपा को चुनाव में बड़े झटके का सामना करना पड़ा है। भाजपा को इस बार महाराष्ट्र में कांग्रेस से भी कम सीटें मिली हैं। भाजपा को नौ सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। वहीं कांग्रेस को 13 सीटों पर जीत हासिल हुई है। साफ हो गया है कि स्पष्ट बहुमत न मिलने की वजह से सरकार चलाने के लिए भाजपा को अपने सहयोगियों पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ेगा। </p>
<p>ऐसे में भाजपा को राष्ट्र के प्रति अपने दृष्टिकोण में अधिक समावेशी और रचनात्मक होने की आवश्यकता है। मतदाताओं के फैसले से भी यही संकेत मिल रहे हैं। समान नागरिक संहिता समेत कोई भी नीति लाने से पहले तीसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री को अपने सहयोगियों के साथ सामाजिक-आर्थिक एजेंडा को ध्यान में रखते हुए सहमति बनानी होगी।</p>
<p>चुनाव परिणाम भाजपा को जवाबदेह बनाता है और मांग करता है कि वह और अधिक रचनात्मक हो। भाजपा को लोकतांत्रिक भावना से उस संदेश पर ध्यान देना चाहिए। लोगों का फैसला इससे अधिक स्पष्ट नहीं हो सकता कि भाजपा भारत के विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों की राजनीतिक आकांक्षाओं के प्रति अधिक सौहार्दपूर्ण और कम टकराव वाली हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/471704/pressure-before-the-start</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 01:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>...तो इस वजह से बच गए छत्रपाल सिंह गंगवार, बरेली में भी भाजपा का जीतना था मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार: </strong>बरेली में बसपा प्रत्याशी छोटेलाल गंगवार का नामांकन चाहे जिस वजह से रद्द हुआ हो, लेकिन सिर्फ इसी वजह से भाजपा अपने गढ़ में हारते-हारते बच गई। राजनीतिक हल्कों में दावे के साथ कहा जा रहा है कि छोटेलाल अगर मैदान में रहते तो बसपा का वह कैडर वोट किसी भी हालत में भाजपा का रुख न करता जिसकी वजह से पार्टी प्रत्याशी छत्रपाल सिंह गंगवार ने 2019 में संतोष गंगवार को मिले वोटों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।</p>
<p>लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा प्रत्याशी संतोष गंगवार को पांच लाख 65 हजार 270 वोट मिले थे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471686/so-because-of-this-chhatrapal-singh-gangwar-was-saved-it"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/465+987.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार: </strong>बरेली में बसपा प्रत्याशी छोटेलाल गंगवार का नामांकन चाहे जिस वजह से रद्द हुआ हो, लेकिन सिर्फ इसी वजह से भाजपा अपने गढ़ में हारते-हारते बच गई। राजनीतिक हल्कों में दावे के साथ कहा जा रहा है कि छोटेलाल अगर मैदान में रहते तो बसपा का वह कैडर वोट किसी भी हालत में भाजपा का रुख न करता जिसकी वजह से पार्टी प्रत्याशी छत्रपाल सिंह गंगवार ने 2019 में संतोष गंगवार को मिले वोटों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।</p>
<p>लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा प्रत्याशी संतोष गंगवार को पांच लाख 65 हजार 270 वोट मिले थे और उन्होंने सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार को 1,67,282 के बड़े अंतर से हराया था। इस चुनाव में उनकी जगह भाजपा की ओर से चुनाव लड़े छत्रपाल सिंह गंगवार को पांच लाख 67 हजार 127 वोट मिले जो संतोष गंगवार से 1857 ज्यादा हैं, लेकिन फिर भी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन को सिर्फ 34,804 वोटों से ही हरा पाए। कहा जा रहा है कि इन आंकड़ों के पीछे ही वह सारा उलटफेर छिपा हुआ है जो इस लोकसभा चुनाव में पर्दे के पीछे हो गया।</p>
<p>बरेली में दलित वोटरों की संख्या करीब पौने दो लाख बताई जाती है जिसमें अनुमानित तौर पर एक लाख जाटव बिरादरी यानी बसपा का कैडर वोट है। माना जा रहा है कि यही वोट बसपा का प्रत्याशी मैदान में न होने की वजह से भाजपा में शिफ्ट हो गया। इसी वजह से छत्रपाल सिंह जिन्हें शुरुआती दौर में संतोष गंगवार की तुलना में हल्का प्रत्याशी माना जा रहा था, उन्होंने वोटों के रिकॉर्ड में उन्हें पीछे छोड़ दिया। छोटेलाल अगर मैदान में होते तो ऐसा न होता और भाजपा के लिए बरेली की सीट जीतना भी आंवला की तरह मुश्किल हो जाता।</p>
<p><strong>बसपा के कैडर वोट की वजह से आंवला में आबिद 95 हजार पार</strong><br />मुस्लिम वोट इस चुनाव में ऐतिहासिक रूप से एकजुट रहा, लेकिन इसके बावजूद आंवला में बसपा प्रत्याशी आबिद अली को 95 हजार से ज्यादा वोट मिले। उनके इस आंकड़े तक पहुंचने के पीछे भी बसपा के कैडर वोटरों का हाथ माना जा रहा है। आंवला संसदीय क्षेत्र भाजपा के लिए बरेली जितना माफिक नहीं रहा है लेकिन इसके बावजूद बसपा के कैडर वोटरों की वजह से सपा प्रत्याशी को वहां बढ़त बनाने में पसीना आ गया। क्षत्रिय और ब्राह्मण मतदाताओं के विरोध से जूझ रहे भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप आखिरकार वह 15 हजार वोटों की ही बढ़त बना पाए। बरेली की तरह बसपा का यही कैडर वोट आंवला में भी भाजपा को मिला होता तो वहां भी नतीजा बदलना मुश्किल था।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 01:07:55 +0530</pubDate>
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