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                <title>Janani Suraksha Yojana - Amrit Vichar</title>
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                <description>Janani Suraksha Yojana RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्वास्थ्य सेवाओं में उत्तर प्रदेश बना देश में अग्रणी, 5.76 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, डिजिटल हेल्थ में किया टॉप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे के साथ डिजिटल हेल्थ, आपात सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल में बड़े बदलाव किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में अब तक 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत किए गए हैं। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के जरिए रोगों की निगरानी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576372/uttar-pradesh-leads-the-country-in-healthcare-services-with-57-6-million-electronic-health-records--leading-the-digital-health-sector"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(22)11.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे के साथ डिजिटल हेल्थ, आपात सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल में बड़े बदलाव किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में अब तक 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत किए गए हैं। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के जरिए रोगों की निगरानी और नियंत्रण को भी मजबूत किया गया है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिला है। गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही है, जबकि जननी सुरक्षा योजना से 13.5 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 8.79 लाख बच्चों का उपचार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयुष्मान भारत योजना के तहत 9 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में 6,213 अस्पतालों का नेटवर्क इस योजना से जुड़ा है, जो देश में सबसे बड़ा है। अब तक 13,353 करोड़ रुपये खर्च कर 81.55 लाख मरीजों का इलाज किया जा चुका है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और एम्बुलेंस सेवाओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। 108 एम्बुलेंस सेवा से 4 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है, जबकि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए 1.80 करोड़ मरीजों का उपचार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के सभी 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। टेलीमेडिसिन के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं पहुंच रही हैं। इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भर बना है, बल्कि देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 10:26:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जननी सुरक्षा योजना का भुगतान अब और उलझा:  नई गाइडलाइन से बदली प्रक्रिया, प्रसूताओं को मिलने वाली राशि में बढ़ी देरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भुगतान प्रक्रिया अब और जटिल कर दी गई है। पहले जहां अस्पताल सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में राशि भेज देते थे, वहीं अब नई गाइडलाइन के तहत कई चरणों की मॉनीटरिंग के बाद भुगतान किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में अब दस दिन से अधिक का समय लग रहा है, जिसके बाद ही प्रसूताओं के खाते में राशि पहुंच पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 1400</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569223/janani-suraksha-yojana-payments-now-more-complicated--new-guidelines-change-the-process--leading-to-increased-delays-in-payments-to-expectant-mothers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(3)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भुगतान प्रक्रिया अब और जटिल कर दी गई है। पहले जहां अस्पताल सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में राशि भेज देते थे, वहीं अब नई गाइडलाइन के तहत कई चरणों की मॉनीटरिंग के बाद भुगतान किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में अब दस दिन से अधिक का समय लग रहा है, जिसके बाद ही प्रसूताओं के खाते में राशि पहुंच पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये का भुगतान किया जाता है। नियमानुसार यह राशि प्रसव के 24 घंटे के भीतर मिल जानी चाहिए, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते बीते पांच से छह माह तक भुगतान पूरी तरह से अटका रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">क्वीनमेरी अस्पताल में वर्ष 2023 में कुल 2,104 प्रसव हुए, लेकिन इनमें से एक भी प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना की राशि का भुगतान केजीएमयू की ओर से नहीं किया गया। यही स्थिति शहर के अन्य महिला अस्पतालों की भी रही। लगभग पांच माह तक किसी भी अस्पताल से प्रसूताओं को भुगतान नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब नई व्यवस्था के तहत दोबारा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) पहले अस्पतालों को राशि देगा। इसके बाद अस्पताल यह राशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेजेंगे। सीएमओ स्तर से राशि कोषागार में जमा होगी, जिसके बाद अंततः लाभार्थी प्रसूता के बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बहु-स्तरीय प्रक्रिया के कारण प्रसूताओं को अब राशि मिलने में और अधिक देरी की आशंका है।</p>
<p style="text-align:justify;">डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. ज्योति मेहरोत्रा के अनुसार भुगतान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजी जा रही है, जहां से कोषागार के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों के खातों में भुगतान किया जा रहा है। वहीं, झलकारीबाई अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र ने बताया कि अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजे जाने के बाद कई चरणों की मॉनीटरिंग के पश्चात प्रसूताओं के बैंक खातों में भुगतान पहुंचना शुरू हो गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569222/heritage-on-the-streets-of-lucknow--a-grand-rally-of-100-year-old-vintage-motorcycles-spread-the-colors-of-patriotism"><span class="t-red">लखनऊ की सड़कों पर दौड़ी विरासत, </span>100 वर्ष पुरानी विंटेज मोटरसाइकिलों की भव्य रैली ने बिखेरा देशभक्ति का रंग  </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:29:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जननी सुरक्षा योजना का भुगतान अब और उलझाः नई गाइडलाइन से बदली प्रक्रिया, प्रसूताओं को मिलने वाली राशि में बढ़ी देरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भुगतान प्रक्रिया अब और जटिल कर दी गई है। पहले जहां अस्पताल सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में राशि भेज देते थे, वहीं अब नई गाइडलाइन के तहत कई चरणों की मॉनीटरिंग के बाद भुगतान किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में अब दस दिन से अधिक का समय लग रहा है, जिसके बाद ही प्रसूताओं के खाते में राशि पहुंच पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 1400</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569205/janani-suraksha-yojana-payments-now-further-complicated--new-guidelines-alter-process--increasing-delays-in-payments-to-pregnant-women"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(2)14.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भुगतान प्रक्रिया अब और जटिल कर दी गई है। पहले जहां अस्पताल सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में राशि भेज देते थे, वहीं अब नई गाइडलाइन के तहत कई चरणों की मॉनीटरिंग के बाद भुगतान किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में अब दस दिन से अधिक का समय लग रहा है, जिसके बाद ही प्रसूताओं के खाते में राशि पहुंच पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये का भुगतान किया जाता है। नियमानुसार यह राशि प्रसव के 24 घंटे के भीतर मिल जानी चाहिए, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते बीते पांच से छह माह तक भुगतान पूरी तरह से अटका रहा।</span></p>
<p style="text-align:justify;">क्वीनमेरी अस्पताल में वर्ष 2023 में कुल 2,104 प्रसव हुए, लेकिन इनमें से एक भी प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना की राशि का भुगतान केजीएमयू की ओर से नहीं किया गया। यही स्थिति शहर के अन्य महिला अस्पतालों की भी रही। लगभग पांच माह तक किसी भी अस्पताल से प्रसूताओं को भुगतान नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">अब नई व्यवस्था के तहत दोबारा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) पहले अस्पतालों को राशि देगा। इसके बाद अस्पताल यह राशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेजेंगे। सीएमओ स्तर से राशि कोषागार में जमा होगी, जिसके बाद अंततः लाभार्थी प्रसूता के बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बहु-स्तरीय प्रक्रिया के कारण प्रसूताओं को अब राशि मिलने में और अधिक देरी की आशंका है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. ज्योति मेहरोत्रा के अनुसार भुगतान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजी जा रही है, जहां से कोषागार के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों के खातों में भुगतान किया जा रहा है। वहीं, झलकारीबाई अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र ने बताया कि अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजे जाने के बाद कई चरणों की मॉनीटरिंग के पश्चात प्रसूताओं के बैंक खातों में भुगतान पहुंचना शुरू हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 08:37:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  अस्पताल और CMO कार्यालय के चक्कर काट रही महिलाएं:  नहीं मिल रहा जननी सुरक्षा योजना का लाभ, तीन माह से भुगतान अटका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> जिले की हजारों प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। प्रसूताएं अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं से भी सही जवाब नहीं मिल रहा। इससे प्रसूताओं में नाराजगी है। अफसर इसका कारण पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव की बात कह रहे हैं, जबकि सूत्रों के अनुसार एनएचएम की ओर से जेएसवाई का बजट ही सीएमओ कार्यालय को नहीं भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मातृ स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561302/women-are-making-rounds-of-the-maternity-hospital-and-the-cmo-office--unable-to-access-benefits-under-the-janani-suraksha-yojana--with-payments-pending-for-three-months"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(49)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> जिले की हजारों प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। प्रसूताएं अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं से भी सही जवाब नहीं मिल रहा। इससे प्रसूताओं में नाराजगी है। अफसर इसका कारण पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव की बात कह रहे हैं, जबकि सूत्रों के अनुसार एनएचएम की ओर से जेएसवाई का बजट ही सीएमओ कार्यालय को नहीं भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मातृ स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से संचालित जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये और शहरी प्रसूताओं को 1000 रुपये का भुगतान किया जाता है। यह धनराशि प्रसव के बाद पोषण, दवाओं और आवश्यक जरूरतों के लिए दी जाती है। इस लाभ को लेने के लिए गर्भवतियों को प्रसव सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में कराना होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएमओ कार्यालय के मुताबिक तीन माह से जेएसवाई का भुगतान पूरे जिले में नहीं हो सका है। महिलाएं अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं से भी लगातार पूछा जा रहा है कि भुगतान कब तक आएगा, लेकिन उनसे भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। सीएमओ कार्यालय से प्रसूताओं की सही संख्या नहीं दी जा सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">डफरिन में बैंक खाता सत्यापन न होने से 1600 भुगतान अटके</p>
<p style="text-align:justify;">वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में करीब 1600 प्रसूताओं का जेएसवाई का भुगतान नहीं हो सका है। डफरिन की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि प्रसूताओं के बैंक की सही जानकारी न होने और भुगतान न होने की वजह से 1600 प्रसूताओं का जेएसवाई का भुगतान नहीं किया जा सका है।</p>
<p style="text-align:justify;"> वहीं इसमें नोडल जेएसवाई व एसीएमओ डॉ. एमएच सिद्दीकी का कहना हैं कि जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को जिले में तीन माह से भुगतान नहीं हो सका है। पहले भुगतान पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से किया जाता था। अब सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) स्पर्श पोर्टल से भुगतान प्रक्रिया शुरू की गई है। पोर्टल परिवर्तन के कारण कुछ तकनीकी समस्याएं आई हैं। इस वजह से देरी हो रही है।</p>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/561298/10-000-types-of-medicines-will-be-available-from-kgmu-s-hrf----medicines-increased-in-the-new-tender--patients-will-get-relief"><span class="t-red">ये भी पढ़े : </span></a></h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/561298/10-000-types-of-medicines-will-be-available-from-kgmu-s-hrf----medicines-increased-in-the-new-tender--patients-will-get-relief"><span class="t-red">केजीएमयू के HRF से मिलेंगी10 हजार प्रकार की दवाएं... </span>नए टेंडर में बढ़ाई गईं Medicines, मरीजों को मिलेगी राहत</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Health Care</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561302/women-are-making-rounds-of-the-maternity-hospital-and-the-cmo-office--unable-to-access-benefits-under-the-janani-suraksha-yojana--with-payments-pending-for-three-months</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/561302/women-are-making-rounds-of-the-maternity-hospital-and-the-cmo-office--unable-to-access-benefits-under-the-janani-suraksha-yojana--with-payments-pending-for-three-months</guid>
                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 09:43:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हजारों योजनाओं के बाद भी भारत का विकास नहीं... Human Development Index में 193 देशों में 130 वें स्थान पर, जानें क्या कहती है रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नयी दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना और पोषण अभियान जैसी सरकारी राष्ट्रीय योजनाओं, अभियानों और कार्यक्रमों से 193 देशों के वैश्विक मानव सूचकांक में भारत 130 वें स्थान पर पहुंच गया है। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मंगलवार को जारी रिपोर्ट “ए मैटर ऑफ चॉइस: पीपुल एंड पॉसिबिलिटीज इन द एज ऑफ एआई” में कहा गया है कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मानव विकास प्रगति जारी और मानव विकास निरंतर प्रगति कर रहा है तथा 193 देशों में 133 वें स्थान से बढ़कर 130 वें स्थान पर आ गया है। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536914/india-is-not-developed-even-after-thousands-of-schemes--ranked-130th-among-193-countries-in-human-development-index"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(22)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना और पोषण अभियान जैसी सरकारी राष्ट्रीय योजनाओं, अभियानों और कार्यक्रमों से 193 देशों के वैश्विक मानव सूचकांक में भारत 130 वें स्थान पर पहुंच गया है। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मंगलवार को जारी रिपोर्ट “ए मैटर ऑफ चॉइस: पीपुल एंड पॉसिबिलिटीज इन द एज ऑफ एआई” में कहा गया है कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मानव विकास प्रगति जारी और मानव विकास निरंतर प्रगति कर रहा है तथा 193 देशों में 133 वें स्थान से बढ़कर 130 वें स्थान पर आ गया है। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार भारत का मानव विकास सूचकांक वर्ष 2022 में 0.676 से बढ़कर वर्ष 2023 में 0.685 हो गया। इससे देश मध्यम मानव विकास श्रेणी में आ गया गया है। भारत जल्दी जो उच्च मानव विकास 0.700 के करीब पहुंच जाएगा। देश में जीवन प्रत्याशा वर्ष 1990 में 58.6 वर्ष से बढ़कर वर्ष 2023 में 72 वर्ष हो गई है, जो सूचकांक शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना और पोषण अभियान जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से स्कूली शिक्षा के औसत वर्षों और प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय में वृद्धि हुई है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की भारत में रेजिडेंट प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी ने कहा ने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास, सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के साथ, भारत समावेशी विकास और मानव विकास पर निरंतर प्रगति हासिल करने के लिए अच्छी स्थिति में है। वर्ष 1990 के बाद से भारत के मानव विकास सूचकांक में 53 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जो वैश्विक और दक्षिण एशियाई औसत दोनों से अधिक तेज़ है। इस प्रगति में आर्थिक विकास और लक्षित सामाजिक सुरक्षा और कल्याण कार्यक्रमों का योगदान हुआ है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, समग्र शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी योजनाओं ने परिणामों को बेहतर बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक मोर्चे पर, भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय चार गुना से अधिक बढ़ गई है, जो वर्ष 1990 में 2167.22 डालर से बढ़कर वर्ष 2023 में 9046.76 डालर हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में, आर्थिक विकास पर भारत की प्रगति और मनरेगा,जन धन योजना और डिजिटल समावेशन जैसे कार्यक्रमों में निवेश ने गरीबी में कमी लाने में योगदान दिया है। वर्ष 2015-16 और वर्ष 2019-21 के बीच 13 करोड़ 50 लाख भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर निकल आए हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में असमानता चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि स्वास्थ्य और शिक्षा असमानता में सुधार हुआ है लेकिन आय और लिंग असमानताएँ महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। महिला श्रम शक्ति भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पिछड़ा हुआ है। रिपोर्ट में भारत को वैश्विक स्तर पर एक अद्वितीय स्थान पर रखा गया है, जो एक उभरते एआई पावरहाउस के रूप में है। भारत में 20 प्रतिशत एआई शोधकर्ता हैं। भारत समावेशी विकास के लिए एआई का लाभ उठा रहा है। कृषि से लेकर स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक सेवा वितरण तक,जटिल चुनौतियों को बड़े पैमाने पर हल करने के लिए एआई का विकास और उपयोग किया जा रहा है। एआई किसानों को क्षेत्रीय भाषाओं में बीमा, ऋण और सलाह तक पहुंचने में मदद कर रहा है। एक वैश्विक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 70 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि एआई से उत्पादकता बढ़ेगी और 64 प्रतिशत का मानना ​​है कि इससे नई नौकरियां पैदा होंगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/536914/india-is-not-developed-even-after-thousands-of-schemes--ranked-130th-among-193-countries-in-human-development-index">हजारों योजनाओं के बाद भी भारत का विकास नहीं... Human Development Index में 193 देशों में 130 वें स्थान पर, जानें क्या कहती है रिपोर्ट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/536914/india-is-not-developed-even-after-thousands-of-schemes--ranked-130th-among-193-countries-in-human-development-index</link>
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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 16:27:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जननी सुरक्षा योजना : भुगतान में देरी पर वेतन आहरण पर लगा दी जाएगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रतापगढ़ अमृत विचार :  </strong>जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कैम्प कार्यालय सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक मेंं स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। एक  से 31 जुलाई तक चलने वाले विशेष संचारी रोग अभियान, 11 से 31 जुलाई के मध्य दस्तक अभियान के तहत सभी ईओ को निर्देशित किया कि जो भी नाले/नालियॉ है सभी की सफाई  करा दी जाये।।</p>
<p>किसी नाली/नालियों में पानी के जमाव की स्थिति न रहे अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित ईओ के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। सीएचसी की डिलीवरी की समीक्षा में पट्टी सीएचसी की प्रगति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477449/salary-withdrawal-will-be-banned-due-to-delay-in-janani"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/जननी-योजना-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रतापगढ़ अमृत विचार :  </strong>जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कैम्प कार्यालय सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक मेंं स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। एक  से 31 जुलाई तक चलने वाले विशेष संचारी रोग अभियान, 11 से 31 जुलाई के मध्य दस्तक अभियान के तहत सभी ईओ को निर्देशित किया कि जो भी नाले/नालियॉ है सभी की सफाई  करा दी जाये।।</p>
<p>किसी नाली/नालियों में पानी के जमाव की स्थिति न रहे अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित ईओ के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। सीएचसी की डिलीवरी की समीक्षा में पट्टी सीएचसी की प्रगति धीमी मिलने पर डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी पट्टी को  डिलीवरी की प्रगति में सुधार लाने की बात कही। डीएम ने कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्रों पर जननी सुरक्षा योजना का भुगतान पेन्डिंग है,उसका निस्तारण कर तत्काल भुगतान करायें। प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सचेत करते हुये कहा है कि यदि जननी सुरक्षा योजना का भुगतान समय से नही होता है तो सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी जायेगी। </p>
<h6><em><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सक व कार्मिक सम्मानित</strong></span></em></h6>
<p>वीएचएनडी प्रोग्राम में प्रदेश में प्रतापगढ़ का प्रथम स्थान आने पर डीपीएम राजशेखर, डीसीपीएम मो. नाजिम, एसीएमओ डीआईओ डा. ए.एन.राय, डीएआईओ महेश कुमार सिंह, डीएमसी यूनीसेफ मो.वकील अहमद को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एनक्यूएएस प्रोग्राम में उत्कृष्ट कार्य हेतु एमओआईसी कुण्डा डा.राजीव त्रिपाठी, एमओआईसी संग्रामगढ़ डा. मनोज सिंह, डिस्ट्रिक्ट क्यूएचएम डा. हरिश्चन्द्र को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।</p>
<p>टीवी प्रोग्राम में प्रदेश में जनपद को तीसरा रैंक प्राप्त होने पर नोडल अधिकारी डा. संदीप सक्सेना,डीपीसी हेमन्त शुक्ला को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डा. जीएम शुक्ला, सीएमएस महिला डा.रीना प्रसाद, डीपीएम राजशेखर सहित सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/477411/five-monkeys-died-under-suspicious-circumstances-viscera-safe#gsc.tab=0">लखनऊ : संदिग्ध परिस्थतियों में पांच वानरों की मौत, विसरा सुरक्षित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रतापगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/477449/salary-withdrawal-will-be-banned-due-to-delay-in-janani</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/477449/salary-withdrawal-will-be-banned-due-to-delay-in-janani</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Jun 2024 20:38:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinay Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोंडा : जिले में दम तोड़ रही जननी सुरक्षा योजना, विभाग पर 1741 प्रसूताओं का 24 लाख रुपया बकाया</title>
                                    <description><![CDATA[बेलसर /गोंडा, अमृत विचार । जिले में गरीब व असहाय महिलाओं के लिए चलाई जा रही जननी सुरक्षा योजना दम तोड़ रही है। मौजूदा समय में विभाग पर 1741 लाभार्थियों का 2437400 रुपए का भुगतान बकाया है। सीएचसी बेलसर क्षेत्र में पांच पीएचसी,18 उपकेंद्र संचालित है । इनमें से आठ केंद्रों पर डिलेवरी प्वाइंट बनाया …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/241125/janani-security-scheme-dying-in-the-district-the-department-owes-24-lakh-rupees-to-1741-pregnant-women"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-06/yojna1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेलसर /गोंडा, अमृत विचार ।</strong> जिले में गरीब व असहाय महिलाओं के लिए चलाई जा रही जननी सुरक्षा योजना दम तोड़ रही है। मौजूदा समय में विभाग पर 1741 लाभार्थियों का 2437400 रुपए का भुगतान बकाया है।</p>
<p>सीएचसी बेलसर क्षेत्र में पांच पीएचसी,18 उपकेंद्र संचालित है । इनमें से आठ केंद्रों पर डिलेवरी प्वाइंट बनाया गया है । सीएचसी समेत अन्य केंद्रों पर डिलेवरी कराने पर आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को 750 रुपए की दर से प्रोत्साहन राशि दिए जाते है ,जबकि लाभार्थी को 1400 रुपए का प्रोत्साहन राशि दिया जाता है। यह प्रोत्साहन राशि दो बच्चों तक ही देय है।</p>
<p>सरकार की मंशा है कि प्रोत्साहन राशि मिलने पर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे साथ ही महिलाएं अप्रशिक्षित हाथों से प्रसव न कराएं । लेकिन सरकार की प्राथमिकता वाले इस जननी सुरक्षा का लाभ यहां नही मिल रहा है । बजट के अभाव में दो साल से एक भी महिला को योजना का लाभ नहीं मिला । जिससे योजना पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है । साथ ही यंहा जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा होना माना जा रहा है।</p>
<p>दो साल से 1741 महिलाओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं दिया गया है । एक महिला की प्रोत्साहन राशि 1400 रुपए के हिसाब से करीब चौबीस लाख सैतीस हजार चार सौ रुपए(2437400 ) लंबित है । सीएचसी पर तैनात (बैम )ब्लॉक अकाउंट मैनेजर अनुज ने बताया कि बकाया भुगतान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है । बजट मिलते ही भुगतान किया जाएगा ।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें –<a href="https://amritvichar.com/bahraich-bad-condition-of-pm-janani-suraksha-yojana-benefits-not-received/">बहराइच: प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना का बुरा हाल, घूस देने के बाद भी नहीं मिला लाभ</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/241125/janani-security-scheme-dying-in-the-district-the-department-owes-24-lakh-rupees-to-1741-pregnant-women</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 17:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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