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                <title>President of Sri Lanka - Amrit Vichar</title>
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                <description>President of Sri Lanka RSS Feed</description>
                
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                <title>Sri Lanka : अदाणी समूह के साथ ऊर्जा परियोजना पर नहीं बनी बात, रानिल विक्रमसिंघे ने दिसानायके सरकार बताया जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529461/ranil-wickremesinghe-told-the-government-responsible"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/रानिल-विक्रमसिंघे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि वह भारत के अदाणी समूह की मन्नार नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना पर बात आगे बढ़ाने में विफल रही है। विक्रमसिंघे ने शनिवार को एक टेलीविजन परिचर्चा के दौरान यह बात कही, जिसकी ‘किल्प’ सोमवार को जारी की गई। उन्होंने श्रीलंका के लाभ के लिए भारत के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अपने दो साल के कार्यकाल (2022) के दौरान, मैंने दक्षिण भारत पर केंद्रित आर्थिक ढांचे पर जोर दिया था जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और व्यापार संबंध शामिल थे। मैंने भारत के साथ आर्थिक सहयोग के कई रास्ते तलाशे। दुर्भाग्यवश, वर्तमान सरकार मन्नार में अदाणी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना को आगे बढ़ाने में विफल रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एनपीपी सरकार का अदाणी हरित ऊर्जा परियोजना पर फिर से बातचीत करने का प्रयास तर्कहीन है और यह भारतीय निवेशों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 13 फरवरी को श्रीलंका में दो प्रस्तावित पवन ऊर्जा परियोजनाओं से अपना नाम वापस ले लिया था। यह निर्णय राष्ट्रपति दिसानायके के नेतृत्व वाली नयी सरकार द्वारा टैरिफ पर दोबारा बातचीत करने के फैसले के बाद लिया गया। अदाणी समूह को इन परियोजनाओं में कुल एक अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना था जिनके तहत बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जानी थीं। दिसानायके प्रशासन ने इस सौदे की समीक्षा करते हुए बिजली दरों को कम करने का प्रस्ताव रखा था। एनपीपी ने पिछले साल के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान इस परियोजना को रद्द करने की बात कही थी। सत्ता में आने के बाद, एनपीपी कैबिनेट ने इस पर दोबारा बातचीत करने का निर्णय लिया।</p>
<p> एनपीपी सरकार ने तर्क दिया कि पिछली विक्रमसिंघे सरकार द्वारा तय की गई खरीद कीमत महंगी थी और इसमें भ्रष्टाचार की आशंका थी। इसके जवाब में, अदाणी समूह ने कहा कि उसने इस 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की परियोजना से सम्मानपूर्वक हटने का फैसला किया है जबकि वह पहले ही इस पर 50 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च कर चुका था। राष्ट्रपति दिसानायके ने कहा कि श्रीलंका को ऐसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बोलियां मिलीं हैं जिनकी लागत अदाणी के प्रस्तावित 8.26 अमेरिकी प्रति यूनिट की तुलना में आधी है। विक्रमसिंघे के भारतीय निवेशों पर दिए गए बयान को अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/529408/tension-again-on-pakistan-afghanistan-border--16-terrorists-killed">पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर फिर तनातनी, 16 आतंकवादी मारे गए</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 14:07:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी से मिले श्रीलंका के राष्ट्रपति, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ सोमवार को व्यापक वार्ता की, जिसमें रक्षा, व्यापार एवं निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत एवं श्रीलंका के बीच सहयोग को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। श्रीलंकाई नेता रविवार को दिल्ली पहुंचे। यह सितंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। वार्ता से पहले दिसानायके का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। </p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मोदी और दिसानायके के बीच वार्ता से पहले ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘व्यापार, निवेश, विकास और सुरक्षा सहयोग को शामिल करते हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511500/sri-lankan-president-met-prime-minister-modi--know-which-issues-were-discussed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats320.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ सोमवार को व्यापक वार्ता की, जिसमें रक्षा, व्यापार एवं निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत एवं श्रीलंका के बीच सहयोग को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। श्रीलंकाई नेता रविवार को दिल्ली पहुंचे। यह सितंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। वार्ता से पहले दिसानायके का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। </p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मोदी और दिसानायके के बीच वार्ता से पहले ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘व्यापार, निवेश, विकास और सुरक्षा सहयोग को शामिल करते हुए एक व्यापक एजेंडे पर चर्चा की जाएगी।’’ श्रीलंकाई नेता ने रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं। </p>
<p>दिसानायके का भारत और श्रीलंका के बीच निवेश एवं वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में एक व्यापारिक कार्यक्रम में भाग लेने का भी कार्यक्रम है। उनका बोधगया जाने का भी कार्यक्रम है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि श्रीलंका हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का निकटतम समुद्री पड़ोसी है और प्रधानमंत्री मोदी के ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और प्रगति) के दृष्टिकोण तथा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति में प्रमुख स्थान रखता है। </p>
<p>इस संबंध में एक बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रपति दिसानायके की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी एवं पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग के और मजबूत होने की उम्मीद है।’’ मामले से परिचित अधिकारियों ने बताया कि दिसानायके की यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। </p>
<p>हिंद महासागर में चीन के अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के प्रयासों को लेकर चिंताओं के बीच, भारत श्रीलंका के साथ अपने समग्र रक्षा और रणनीतिक संबंधों का विस्तार कर रहा है। अगस्त 2022 में हंबनटोटा बंदरगाह पर चीनी मिसाइल और उपग्रह पर नजर रखने वाले पोत ‘युआन वांग’ के आने से भारत और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक विवाद पैदा हो गया था। पिछले साल अगस्त में कोलंबो बंदरगाह पर एक अन्य चीनी युद्धपोत पहुंचा था। भारत श्रीलंकाई रक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने संबंधी विभिन्न कदमों का समर्थन कर रहा है, जिसमें स्वदेशी रूप से निर्मित अपतटीय गश्ती पोत प्रदान करना भी शामिल है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की आगामी भारत यात्रा से बहुआयामी एवं पारस्परिक रूप से लाभप्रद द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। दिसानायके सितंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर रविवार को नयी दिल्ली पहुंचेंगे। उनकी यह यात्रा तीन दिन की होगी।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंकाई नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और पारस्परिक हित के द्विपक्षीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। दिसानायके भारत और श्रीलंका के बीच निवेश तथा वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। उनका बोधगया जाने का भी कार्यक्रम है।</p>
<p>दिसानायके सितंबर में शीर्ष पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे और उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ ‘‘सार्थक’’ वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को श्रीलंकाई नेता के साथ व्यापक वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीद है। </p>
<p>ऐसा माना जा रहा है कि जयशंकर और डोभाल के साथ दिसानायके की अलग-अलग चर्चाओं में दोनों पड़ोसी देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने के तौर-तरीकों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दिसानायके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज (रविवार) रात डॉ. एस. जयशंकर और अजीत डोभाल के साथ आपसी हितों के मामलों पर सार्थ चर्चा हुई।’’ दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने दिसानायके का स्वागत किया। </p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिसानायके की यात्रा भारत-श्रीलंका संबंधों को और गहरा करने तथा जन-केंद्रित साझेदारी को गति देने का एक अवसर होगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री द्वारा दिसानायके का स्वागत करने की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘गर्मजोशी भरा और विशेष स्वागत!’’ श्रीलंकाई नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/511420/zakir-hussain-health--tabla-player-zakir-hussain-s-health-deteriorated--admitted-to-hospital#gsc.tab=0">Zakir Hussain: विश्व विख्यात तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन, सैन फ्रांसिस्को में ली आखिरी सांस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 14:29:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीलंका संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति दिसानायके की एनपीपी ने हासिल किया बहुमत, 225 में से 123 सीटें जीतीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित आधिकारिक चुनाव परिणामों के अनुसार राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की पार्टी ‘नेशनल पीपुल्स पावर’ (एनपीपी) ने बृहस्पतिवार को संसद में बहुमत हासिल कर लिया। श्रीलंका के निर्वाचन आयोग की वेबसाइट द्वारा पूर्वाह्न 11 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, मलीमावा (कम्पास) चिह्न के तहत चुनाव लड़ने वाली एनपीपी ने 123 सीट जीतीं, जबकि 171 सीटों पर परिणाम की घोषणा हो चुकी है। कुल 196 सीटों में से 25 सीटों के परिणाम घोषित होने बाकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर हुए कुल मतदान के आधार पर सभी दलों को अन्य 29 सीटें मिलने की उम्मीद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506174/president-dissanayakes-npp-wins-majority-in-sri-lankan-parliamentary-elections"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/अनुरा-कुमारा-दिसानायके1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित आधिकारिक चुनाव परिणामों के अनुसार राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की पार्टी ‘नेशनल पीपुल्स पावर’ (एनपीपी) ने बृहस्पतिवार को संसद में बहुमत हासिल कर लिया। श्रीलंका के निर्वाचन आयोग की वेबसाइट द्वारा पूर्वाह्न 11 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, मलीमावा (कम्पास) चिह्न के तहत चुनाव लड़ने वाली एनपीपी ने 123 सीट जीतीं, जबकि 171 सीटों पर परिणाम की घोषणा हो चुकी है। कुल 196 सीटों में से 25 सीटों के परिणाम घोषित होने बाकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर हुए कुल मतदान के आधार पर सभी दलों को अन्य 29 सीटें मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>एनपीपी को 68 लाख या 61 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं, जिससे वह अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए हुए है। पार्टी दो तिहाई बहुमत प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, क्योंकि उसे 29 सीटों में से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद है जिससे पार्टी 225 सदस्यीय सदन में 150 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर लेगी। तमिल अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक राजधानी उत्तरी जाफना जिले में एनपीपी (देश के दक्षिणी हिस्से में प्रमुख सिंहली बहुसंख्यक पार्टी) ने पारंपरिक तमिल राष्ट्रवादी पार्टियों पर पूरे जिले में विजय प्राप्त की। एनपीपी ने जाफना प्रांत में छह में से तीन सीटें जीतीं, जिससे वहां वर्चस्व रखने वाली पारंपरिक तमिल पार्टियों को झटका लगा। इससे पहले कभी सिंहली बहुल कोई पार्टी जाफना में नहीं जीती है। </p>
<p>पुरानी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने पहले जाफना में एक सीट जीती थी। एनपीपी ने जाफना जिले में 80,000 से अधिक मतों से जीत हासिल की और बृहस्पतिवार को हुए मतदान की अंतिम गणना में पुरानी तमिल पार्टी 63,000 से कुछ अधिक मतों से पीछे रह गई। यह राष्ट्रपति दिसानायके की चुनाव-पूर्व टिप्पणियों के अनुरूप है, जिन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी को सभी समुदायों द्वारा एक सच्ची राष्ट्रीय पार्टी के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। एनपीपी नेता दिसानायके ने कहा, एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने और विभाजित करने का युग समाप्त हो गया है, क्योंकि लोग एनपीपी को अपना रहे हैं। </p>
<p>एनपीपी ने अपने मूल जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) के तहत सत्ता साझा करने के किसी भी प्रयास का जबरदस्त विरोध किया था जो कि एलटीटीई के सशस्त्र अलगाववादी अभियान के दौरान तमिलों की एक प्रमुख मांग थी। तमिलों ने उन्हें केवल सिंहली बहुसंख्यक नस्लवादी के रूप में देखा। यह चुनाव तय समय से एक साल पहले हुआ, क्योंकि दिसानायके ने सितंबर में राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद संसद को बर्खास्त कर दिया था। नयी संसद का सत्र अगले सप्ताह शुरू होने वाला है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/506169/russia-ukraine-wardonald-trump-reiterated-his-resolve-to-end-the">Russia Ukraine War : डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का दोहराया संकल्प, पश्चिम एशिया में लाएंगे शांति </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/506174/president-dissanayakes-npp-wins-majority-in-sri-lankan-parliamentary-elections</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 13:33:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Sri Lanka Crisis : रानिल विक्रमसिंघे ने ली श्रीलंका के राष्ट्रपति पद की शपथ, नए प्रधानमंत्री की करेंगे नियुक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। अनुभवी नेता रानिल विक्रमसिंघे ने गुरुवार को श्रीलंका के आठवें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। प्रधान न्यायाधीश जयंत जयसूर्या ने संसद भवन परिसर में 73 वर्षीय विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। अब रानिल विक्रमसिंघे नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेंगे। गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर चले जाने और राष्ट्रपति पद से इस्तीफा …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/251953/sri-lanka-crisis-ranil-wickremesinghe-sworn-in-as-president-of-sri-lanka"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/रानिल-विक्रमसिंघे1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो</strong>। अनुभवी नेता रानिल विक्रमसिंघे ने गुरुवार को श्रीलंका के आठवें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। प्रधान न्यायाधीश जयंत जयसूर्या ने संसद भवन परिसर में 73 वर्षीय विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। अब रानिल विक्रमसिंघे नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेंगे। गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर चले जाने और राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था। वह संविधान के अनुसार संसद द्वारा निर्वाचित श्रीलंका के पहले राष्ट्रपति हैं।</p>
<p>मई 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति आर. प्रेमदास के निधन के बाद दिवंगत डी. बी. विजेतुंगा को निर्विरोध चुना गया था। विक्रमसिंघे को बुधवार को देश का नया राष्ट्रपति निर्वाचित किया गया। इससे नकदी के संकट से जूझ रहे इस द्वीपीय देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ चल रही वार्ता के जारी रहने की उम्मीद की जा सकती है। श्रीलंका की 225 सदस्यीय संसद में विक्रमसिंघे को 134 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं सत्तारूढ़ दल के असंतुष्ट नेता डलास अल्हाप्पेरुमा को 82 वोट मिले।</p>
<p>वामपंथी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके को महज तीन वोट मिले। संसद में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया गया। विक्रमसिंघे पर देश को आर्थिक बदहाली से बाहर निकालने और महीनों से चल रहे प्रदर्शनों के बाद कानून-व्यवस्था बहाल करने की जिम्मेदारी है। राजपक्षे की श्रीलंका पोदुजन पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी के समर्थन से विक्रमसिंघे की जीत सत्ता पर राजपक्षे परिवार की पकड़़ को दिखाती है जबकि गोटबाया राजपक्षे, पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे ने सरकारी विरोधी प्रदर्शनों के बाद इस्तीफे दे दिए हैं।</p>
<p>विक्रमसिंघे की जीत से एक बार फिर स्थिति बिगड़ सकती है क्योंकि सरकार विरोधी कई प्रदर्शनकारी उन्हें पूर्ववर्ती राजपक्षे सरकार का करीबी मानते हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ अहम बातचीत का नेतृत्व कर रहे विक्रमसिंघे ने पिछले सप्ताह कहा था कि बातचीत निष्कर्ष के करीब है। श्रीलंका को अपनी 2.2 करोड़ की आबादी की मूल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अगले महीनों में करीब पांच अरब डॉलर की आवश्यकता है। विक्रमसिंघे अब गोटबाया राजपक्षे के बाकी बचे कार्यकाल तक राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे, जो नवंबर 2024 में खत्म होगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/runway-melted-railway-tracks-are-spreading-europe-suffering-from-heat-1000-killed-in-spain-portugal-only/">सड़कें टूट रहीं, रनवे पिघल रहे…गर्मी से बेहाल यूरोप, सिर्फ स्पेन-पुर्तगाल में 1000 लोगों की मौत</a></strong></p>
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                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Jul 2022 10:45:58 +0530</pubDate>
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                <title>Sri Lanka Crisis : श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे 13 जुलाई को देंगे इस्तीफा, पीएम विक्रमसिंघे ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बताया कि वह 13 जुलाई को इस्तीफा दे देंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा कि वह बुधवार को इस्तीफा दे देंगे। राष्ट्रपति राजपक्षे ने इस्तीफे की घोषणा ऐसे समय में की जब …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/246701/sri-lanka-crisis-sri-lankan-president-rajapaksa-will-resign-on-july-13-pm-wickremesinghe-confirms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/गोटबाया-राजपक्षे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बताया कि वह 13 जुलाई को इस्तीफा दे देंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा कि वह बुधवार को इस्तीफा दे देंगे। राष्ट्रपति राजपक्षे ने इस्तीफे की घोषणा ऐसे समय में की जब प्रदर्शनकारियों ने देश के गंभीर आर्थिक संकट से निपटने में नाकाम रहने पर उनसे पद छोड़ने का आह्वान करते हुए शनिवार को उनके आधिकारिक आवास पर धावा बोल दिया था।</p>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रदर्शनकारी उनके निजी आवास में घुस गए थे और वहां आग लगा दी थी। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने कहा कि वह (राष्ट्रपति) इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार बनाने का रास्ता तैयार करने के लिए भी तैयार हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बताया कि वह अपनी पूर्व की घोषणा के अनुसार, 13 जुलाई को इस्तीफा दे देंगे।’’</p>
<p>राष्ट्रपति राजपक्षे ने शनिवार को संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने को सूचित किया था कि वह बुधवार को इस्तीफा दे देंगे। राजपक्षे अभी कहां हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफा देने की घोषणा करने के बाद, श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दलों ने रविवार को बैठक की और वह सर्वदलीय अंतरिम सरकार बनाने पर सहमत हो गए। श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल सोमवार को भी सर्वदलीय बैठक करेंगे।</p>
<p>खबरों के अनुसार, गोटबाया राजपक्षे के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद, नए राष्ट्रपति की नियुक्ति और नई सरकार के गठन पर सोमवार को बैठक में चर्चा की जाएगी। श्रीलंका 1948 में ब्रिटेन से आजाद होने के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में ईंधन, दवा और खाद्य सामग्री सहित आवश्यक चीजों की भारी कमी है, जिसकी वजह से देश की 2.2 करोड़ आबादी मुश्किलों का सामना कर रही है। देश में विदेशी मुद्रा की भी कमी है, जिस कारण वह कई महत्वपूर्ण चीजें नहीं खरीद पा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में व्यापक स्तर पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे ने नौ मई को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-fourth-minister-resigns-in-two-months-army-chief-appeals-for-peace/">Sri Lanka Crisis : दो महीने में चौथे मंत्री का इस्तीफा, श्रीलंकाई सेना प्रमुख ने की शांति की अपील</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 10:48:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Sri Lanka Crisis : राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा, गोटबाया राजपक्षे आवास छोड़कर भागे, हिंसा में 100 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। आर्थिक संकटों से जूझ रहे श्रीलंका में हालात दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। हालातों से त्रस्त प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास को घेर लिया। खबर है कि राष्ट्रपति राजपक्षे अपने आवास को छोड़कर भाग गए हैं। रक्षा सूत्रों की ओर से राष्ट्रपति राजपक्षे के भागने का दावा किया गया …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/245731/sri-lanka-crisis-sri-lankas-rashtrapati-bhavan-is-surrounded-by-protesters-gotabaya-rajapaksa-fled-from-his-residence"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/image-from-social-media-3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> आर्थिक संकटों से जूझ रहे श्रीलंका में हालात दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। हालातों से त्रस्त प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास को घेर लिया। खबर है कि राष्ट्रपति राजपक्षे अपने आवास को छोड़कर भाग गए हैं। रक्षा सूत्रों की ओर से राष्ट्रपति राजपक्षे के भागने का दावा किया गया है। बता दें कि इससे पहले 11 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे पूरी परिवार के साथ भाग गए थे। उग्र भीड़ ने कोलंबो में राजपक्षे के सरकारी आवास को घेर लिया था। बता दें कि श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है।</p>
<p><img src="https://pbs.twimg.com/media/FXNYZNxaMAI0rWY?format=jpg&amp;name=small" alt="Image"></img></p>
<p><strong>पीएम ने बुलाई आपात बैठक </strong><br />
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्थिति पर चर्चा करने और त्वरित समाधान के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की है।</p>
<p><strong>गोटबाया राजपक्षे इस्तीफा देने के लिए तैयार </strong><br />
श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने संकेत दिया कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई पार्टी नेताओं की बैठक में लिए गए किसी भी निर्णय का वह सम्मान करेंगे। राष्ट्रपति कहां है इस बात की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि वह किसी सैन्य इकाई के साथ हैं।</p>
<p><strong>प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े</strong><br />
श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी सुरक्षा कर्मियों के विरोध को धता बताते हुए राष्ट्रपति भवन में घुस गए और सुरक्षा बलों से झड़प में 100 लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े,पानी की बौछारें की और हवा में गोलियां चलायीं लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में घुस गये। कुछ प्रदर्शनकारी चहारदीवारी फांदकर और अन्य मुख्य द्वार से राष्ट्रपति भवन में घुसे। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए तेजी से किलेनुमा भवन में घुस गये।</p>
<p><img src="https://pbs.twimg.com/media/FXNhkY7UsAAh0mp?format=jpg&amp;name=small" alt="Image" width="725" height="967"></img></p>
<p><strong>श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शनों से पहले कई इलाकों से हटाया गया कर्फ्यू </strong><br />
श्रीलंका में शीर्ष वकीलों के संघ, मानवाधिकार समूहों और राजनीतिक दलों के लगातार बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने शनिवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनों से पहले कर्फ्यू हटा लिया है। यह कर्फ्यू सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोकने के लिए कोलंबो सहित देश के पश्चिमी प्रांत में सात संभागों में लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक पश्चिमी प्रांत में सात पुलिस संभागों में कर्फ्यू लगाया गया था जिसमें नेगोंबो, केलानिया, नुगेगोडा, माउंट लाविनिया, उत्तरी कोलंबो, दक्षिण कोलंबो और कोलंबो सेंट्रल शामिल हैं। यह कर्फ्यू शुक्रवार रात नौ बजे से अगली सूचना तक लागू किया गया था।</p>
<p><img src="https://pbs.twimg.com/media/FXNhz-XaQAAZVnC?format=jpg&amp;name=small" alt="Image" width="702" height="936"></img></p>
<p><strong>‘लोगों को अपने घरों में ही रहना चाहिए’</strong><br />
पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सी डी विक्रमरत्ने ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा, ‘‘जिन क्षेत्रों में पुलिस कर्फ्यू लागू किया गया है, वहां रहने वाले लोगों को अपने घरों में ही रहना चाहिए और कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ श्रीलंका के बार एसोसिएशन ने पुलिस कर्फ्यू का विरोध करते हुए इसे अवैध और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Protestors enter Presidential Secretariat. Cheers and applause heard. </p>
<p>Video – Social Media <a href="https://twitter.com/hashtag/SriLanka?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#SriLanka</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/SriLankaProtests?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#SriLankaProtests</a> <a href="https://t.co/1rHuxeAVxC">pic.twitter.com/1rHuxeAVxC</a></p>
<p>— Jamila Husain (@Jamz5251) <a href="https://twitter.com/Jamz5251/status/1545687804046462976?ref_src=twsrc%5Etfw">July 9, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<p><strong>‘कर्फ्यू मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है’</strong><br />
बार एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, ‘‘इस तरह का कर्फ्यू स्पष्ट रूप से अवैध है और हमारे देश के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है जो अपने मूल अधिकारों की रक्षा करने में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनकी सरकार की विफलता को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।’’ श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कर्फ्यू को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया है। श्रीलंका के मानवाधिकार आयोग ने एक वक्तव्य में कहा,“मानवाधिकार आयोग सूचित करता है कि पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मनमाने ढंग से पुलिस कर्फ्यू लगाना अवैध है। यह आईजीपी को इस अवैध आदेश को वापस लेने का निर्देश देता है जो लोगों के मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है।” गौरतलब है कि श्रीलंका मौजूदा समय में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/shinzo-abe-to-be-cremated-with-state-honors-on-july-12-in-tokyo-task-force-to-investigate-murder/">टोक्यो में 12 जुलाई को राजकीय सम्मान के साथ होगा शिंजो आबे का अंतिम संस्कार, हत्या की जांच करेगी टास्क फोर्स</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 13:24:14 +0530</pubDate>
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