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                <title>Sri Lanka Crisis Protest - Amrit Vichar</title>
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                <description>Sri Lanka Crisis Protest RSS Feed</description>
                
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                <title>राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे बोले- मैं राजपक्षे परिवार का नहीं, जनता का मित्र हूं</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो।  श्रीलंका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शासन की प्रणाली में बदलाव लाने का संकल्प जताते हुए देशवासियों से कहा कि वह राजपक्षे परिवार के नहीं बल्कि जनता के मित्र हैं। अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में मई में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले विक्रमसिंघे ने गुरुवार को राष्ट्रपति के तौर पर …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/252007/president-wickremesinghe-said-i-am-a-friend-of-the-people-not-the-rajapaksa-family"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/राष्ट्रपति-रानिल-विक्रमसिंघे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong> श्रीलंका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शासन की प्रणाली में बदलाव लाने का संकल्प जताते हुए देशवासियों से कहा कि वह राजपक्षे परिवार के नहीं बल्कि जनता के मित्र हैं। अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में मई में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले विक्रमसिंघे ने गुरुवार को राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। उन पर अब इस नई भूमिका में देश की अर्थव्यवस्था को संभालने, आर्थिक उथल-पथल को दूर करने और एक बंटे हुए देश को फिर से एकजुट करने का सबसे बड़ा दारोमदार है। विक्रमसिंघे 45 साल से संसद में हैं और उन्हें राजनीतिक हलकों में एक ऐसे व्यक्ति के रूप में स्वीकार किया जाता है जो दूरदर्शी नीतियों से अर्थव्यवस्था का प्रबंधन कर सकता है।</p>
<p>राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद विक्रमिसंघे (73) बुधवार को कोलंबो के सबसे पुराने बौद्ध मंदिरों में से एक गंगाराम मंदिर भी गए थे। गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर चले जाने और राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था। वह संविधान के अनुसार संसद द्वारा निर्वाचित श्रीलंका के पहले राष्ट्रपति हैं। विक्रमसिंघे की जीत से एक बार फिर स्थिति बिगड़ सकती है क्योंकि सरकार विरोधी कई प्रदर्शनकारी उन्हें पूर्ववर्ती राजपक्षे सरकार का करीबी मानते हैं। प्रदर्शनकारी देश के मौजूदा संकट के लिए राजपक्षे परिवार को जिम्मेदार ठहराते हैं।</p>
<p>विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति निर्वाचित होने के तुरंत बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी जगह जगह एकत्रित हो गए थे। यह पूछे जाने पर कि विक्रमसिंघे राजपक्षे परिवार से अलग कैसे होंगे क्योंकि वह उनके पुराने मित्र हैं, नए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं राजपक्षे परिवार का पुराना मित्र कैसे हूं? मैं उनका विरोध करता रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं राजपक्षे परिवार का मित्र नहीं हूं, मैं जनता का मित्र हूं…मैंने पहले पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगे के साथ काम किया है। वह किसी और पार्टी की थीं और मैं किसी और पार्टी का हूं। मेरे लिए किसी दूसरी पार्टी के राष्ट्रपति के साथ काम करने का मतलब यह नहीं है कि मैं उनका मित्र हूं।’’</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि वह ऐसा बदलाव लाएंगे, जो लोग चाहते हैं और यह जरूरी भी है। विक्रमसिंघे ने कहा कि वह अपनी यूनाइटेड नेशनल पार्टी को मजबूत करने के अवसर पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने नौ जुलाई को यहां प्रदर्शनकारियों के ऐतिहासिक सरकारी इमारतों में घुसने तथा तोड़फोड़ करने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय और प्रधानमंत्री के कार्यालय पर जबरन कब्जा जमाना गैरकानूनी है और ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>गौरतलब है कि प्रदर्शनकारियों ने विक्रमसिंघे के निजी आवास को भी जला दिया था। विक्रमसिंघे ने कहा, ‘‘अरागालया (जन संघर्ष) व्यवस्था के खिलाफ था। सरकार गिराने, घरों को आग लगाने तथा महत्वपूर्ण कार्यालयों पर कब्जा जमाने के लिए हमें अरागालया का उपयोग कतई नहीं करना चाहिए। यह लोकतंत्र नहीं है बल्कि यह गैरकानूनी है।’’ उन्होंने कहा ‘‘हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को प्रदर्शन करने की अनुमति देनी चाहिए। हम उनसे बातचीत भी कर सकते हैं।’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-ranil-wickremesinghe-sworn-in-as-president-of-sri-lanka/">Sri Lanka Crisis : रानिल विक्रमसिंघे ने ली श्रीलंका के राष्ट्रपति पद की शपथ, नए प्रधानमंत्री की करेंगे नियुक्ति</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Jul 2022 13:05:44 +0530</pubDate>
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                <title>Asia Cup 2022 : श्रीलंका नहीं, अब यूएई में खेला जाएगा एशिया कप!</title>
                                    <description><![CDATA[शारजाह। एशिया कप 2022 का आयोजन श्रीलंका से बाहर हो सकता है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने श्रीलंका में दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेली थी। इसके अलावा श्रीलंका में फिलहाल पाकिस्तान दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेल रहा है। इन दोनों सीरीज़ की सफलतापूर्वक मेजबानी करने के बावजूद एशिया कप श्रीलंका में …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/249985/asia-cup-2022-asia-cup-will-be-played-in-uae-not-sri-lanka"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/एशिया-कप.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शारजाह।</strong> एशिया कप 2022 का आयोजन श्रीलंका से बाहर हो सकता है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने श्रीलंका में दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेली थी। इसके अलावा श्रीलंका में फिलहाल पाकिस्तान दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेल रहा है। इन दोनों सीरीज़ की सफलतापूर्वक मेजबानी करने के बावजूद एशिया कप श्रीलंका में नहीं होगा ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को मिली जानकारी के अनुसार अब इस प्रतियोगिता का आयोजन शारजाह और दुबई में हो सकता है। यह निर्णय एशियाई क्रिकेट परिषद की इस सप्ताह हुई बैठक में लिया गया था।</p>
<p>मीटिंग में मौजूद अधिकारी श्रीलंका में हो रही ईंधन आपूर्ति की तीव्र कमी से चिंतित हैं। एशिया कप का आयोजन 2018 के बाद से नहीं हुआ है। इस साल यह 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच टी20 प्रारूप में खेला जाएगा। पिछली बार भी एशिया कप का आयोजन यूएई में ही हुआ था।</p>
<p>पिछले हफ़्ते श्रीलंका क्रिकेट देश के गहराते आर्थिक और राजनीतिक संकट के बावजूद एशिया कप आयोजित करने के लिए “बहुत आश्वस्त” था। देश में खाद्य आपूर्ति की कमी है। साथ ही निजी वाहनों के ईंधन की आपूर्ति में कटौती की जा रही है। इसके अलावा श्रीलंका के लोग दैनिक बिजली कटौती जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवासों पर हमला किया था और सरकार बदलने की मांग की थी। हालांकि इस विरोध प्रदर्शनों का क्रिकेट पर कोई असर नहीं पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने यहां तीनों फ़ॉर्मेट की सीरीज़ खेली और लगभग एक महीने का समय बिताया। वर्तमान में पाकिस्तान दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भाग लेने के लिए आया हुआ है।</p>
<p>हालांकि एसएलसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एश्ले डीसिल्वा ने बताया कि द्विपक्षीय श्रृंखला की मेज़बानी करना और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट आयोजित करना अलग-अलग बात है। इसमें कई टीमें शामिल होंगी। ऐसे टूर्नामेंट के लिए पर्याप्त बिजली और ईंधन चाहिए। डीसिल्वा ने रविवार को कहा, “दो टीमों की मेज़बानी करना 10 टीमों की मेज़बानी करना एक समान नहीं है। आपको उन सभी टीमों के लिए 10 बसें उपलब्ध करानी होंगी। आपको प्रत्येक टीम को ईंधन के साथ लगेज वैन और प्रबंधकों के लिए परिवहन देना होगा। आपको प्रायोजकों को भी परिवहन देना होगा। फ्लड लाइट्स जलाने के लिए भी हमें काफ़ी ईंधन की ज़रूरत होगी।” जबकि एसीसी कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए तैयार है, जो 22 जुलाई को होने की संभावना है।</p>
<p>भारत और पाकिस्तान को लीग चरण में आपस में दो मैच खेल सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में दोनों देशों के कई हज़ार प्रशंसक श्रीलंका के लिए उड़ान भरने के लिए तैयार थे, लेकिन डीसिल्वा फ़िलहाल देश की परिस्थितियों के लिए चिंतित हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/pv-sindhu-said-after-winning-the-singapore-open-title-it-was-disappointing-to-face-continuous-defeat-in-the-quarterfinals/">सिंगापुर ओपन का खिताब जीतने के बाद पीवी सिंधु बोलीं- क्वार्टर फाइनल में लगातार हार का सामना करना निराशाजनक था</a></strong></p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Jul 2022 16:20:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Sri Lanka Crisis : श्रीलंका में बद से बदतर हुए हालात, 60 लाख से अधिक लोग भुखमरी की कगार पर</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका में आर्थिक संकट अपने चरम पर पहुंच गया है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोगों के खाने पर आफत आ गई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने कहा है कि श्रीलंका में 60 लाख से अधिक लोगों पर खाने का संकट मंडरा रहा है। श्रीलंका वर्तमान में गिरते भंडार के साथ एक …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/249815/sri-lanka-crisis-things-got-worse-in-sri-lanka-more-than-6-million-people-on-the-verge-of-starvation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/sri-lanka-crisis-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका में आर्थिक संकट अपने चरम पर पहुंच गया है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोगों के खाने पर आफत आ गई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने कहा है कि श्रीलंका में 60 लाख से अधिक लोगों पर खाने का संकट मंडरा रहा है। श्रीलंका वर्तमान में गिरते भंडार के साथ एक गंभीर विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहा है और सरकार आवश्यक आयात के बिल को भुगतान करने में असमर्थ है।</p>
<p>इतना ही नहीं आर्थिक संकट के कारण खाद्य सामग्री, दवाओं, रसोई गैस, ईंधन और टॉयलेट पेपर की भारी किल्लत हो गई है। लोगों को ईंधन और रसोई गैस खरीदने के लिए दुकानों के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने शुक्रवार को श्रीलंका की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि देश की 63 लाख यानी 28 प्रतिशत आबादी खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है और संकट गहराने के कारण हालात और खराब हो सकते हैं।</p>
<p><strong>67 लाख लोगों को नहीं मिल रहा पर्याप्त भोजन</strong><br />
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से कम से कम 65,600 लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। डब्ल्यूएफपी ने आगाह किया कि यदि तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया गया तो यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है। डब्ल्यूएफपी ने कहा कि भोजन की आसमान छूती कीमतों के कारण लोगों के लिए खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। लगभग 67 लाख लोग पर्याप्त आहार नहीं ले पा रहे हैं।</p>
<p><strong>10 हजार रुपए में मिला पेट्रोल</strong><br />
एजेंसी 2022 में 34 लाख लोगों तक पहुंचने के लिए अपनी पहुंच बढ़ा रही है। डब्ल्यूएफपी ने कहा कि उसे अपनी जीवन रक्षक सहायता के लिए तत्काल 6. 3 करोड़ डॉलर की आवश्यकता है। श्रीलंका में आर्थिक बदहाली के कारण आम नागरिकों के साथ यहां के क्रिकेटरों को भी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। श्रीलंका के युवा क्रिकेटर चमिका करुणारत्ने को अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए दो दिन का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं पिछले दो दिनों से तेल भरवाने के लिए कतार में खड़ा हूं। मैंने इसे 10,000 रुपये में भरवाया है, जो सिर्फ 2-3 दिनों तक ही चलेगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/ukrainian-cargo-plane-crashes-in-greece/">यूनान में यूक्रेन का मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त, 12 टन विस्‍फोटक लेकर जाने का शक</a></strong></p>
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                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Jul 2022 12:25:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गोटबाया राजपक्षे ने त्यागपत्र में किया खुद का बचाव, कहा- पूरी क्षमता के अनुसार मातृभूमि की सेवा की</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने त्यागपत्र में खुद का बचाव करते हुए कहा उन्होंने पूरी क्षमता के साथ मातृभूमि की रक्षा की और भविष्य में भी ऐसा ही करते रहेंगे। राजपक्षे के इस त्यागपत्र को शनिवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान पढ़ा गया। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति पद …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/249297/gotabaya-rajapaksa-defended-himself-in-the-resignation-letter-said-served-the-motherland-to-the-best-of-his-ability"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/गोटबाया-राजपक्षे-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने त्यागपत्र में खुद का बचाव करते हुए कहा उन्होंने पूरी क्षमता के साथ मातृभूमि की रक्षा की और भविष्य में भी ऐसा ही करते रहेंगे। राजपक्षे के इस त्यागपत्र को शनिवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान पढ़ा गया। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति पद के लिए हुई रिक्ति की घोषणा करने के सिलसिले में संक्षिप्त समय के लिए श्रीलंकाई संसद की बैठक हुई। अर्थव्यस्था को संभालने में सरकार की नाकामी के चलते श्रीलंका में तेज हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते बुधवार को राजपक्षे देश से भाग गए थे।</p>
<p>सिंगापुर से राजपक्षे द्वारा भेजे गए त्यागपत्र को संसद के 13 मिनट के सत्र के दौरान पढ़ा गया। राजपक्षे (73) ने अपने त्यागपत्र में श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के बदतर होने के लिए कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आर्थिक मंदी का मुकाबला करने के लिए सर्वदलीय सरकार बनाने की कोशिश करने जैसे बेहतरीन कदम उठाए। राजपक्षे ने त्यागपत्र में लिखा, ”मैंने पूरी क्षमता के साथ मातृभूमि की रक्षा की और भविष्य में भी ऐसा ही करता रहूंगा।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद तीन महीने के अंदर पूरी दुनिया कोविड-19 की चपेट में आ गई। राजपक्षे ने कहा, ”मैंने उस समय पहले से ही खराब आर्थिक माहौल से विवश होने के बावजूद लोगों को महामारी से बचाने के लिए कार्रवाई की।” उन्होंने कहा, “2020 और 2021 के दौरान मुझे लॉकडाउन का आदेश देने के लिए मजबूर होना पड़ा और विदेशी मुद्रा की स्थिति बिगड़ गई। मेरे विचार में, मैंने स्थिति से निपटने के लिए एक सर्वदलीय या राष्ट्रीय सरकार बनाने का सुझाव देकर सबसे अच्छा कदम उठाया।”</p>
<p>राजपक्षे ने पत्र में कहा, “नौ जुलाई को पार्टी नेताओं की इच्छा के बारे में पता चलने के बाद मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया।” वह बुधवार को मालदीव भाग गए थे और इसके बाद गुरुवार को सिंगापुर पहुंच गए। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि न तो राजपक्षे ने शरण मांगी है और न ही उन्हें शरण दी गई है तथा उन्हें ”निजी यात्रा” के लिए देश में प्रवेश की अनुमति दी गई।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-opposition-leader-sajith-premadasa-said-if-i-win-the-presidential-election-then-i-will-not-allow-dictatorship-in-sri-lanka/">Sri Lanka Crisis : विपक्षी नेता सजित प्रेमदासा बोले- यदि मैं राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गया, तो श्रीलंका में तानाशाही नहीं होने दूंगा</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/249297/gotabaya-rajapaksa-defended-himself-in-the-resignation-letter-said-served-the-motherland-to-the-best-of-his-ability</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Jul 2022 13:56:07 +0530</pubDate>
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                <title>Sri Lanka Crisis : विपक्षी नेता सजित प्रेमदासा बोले- यदि मैं राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गया, तो श्रीलंका में तानाशाही नहीं होने दूंगा</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहे विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने देश के सबसे बड़े आर्थिक संकट के कारण संघर्ष कर रहे ‘‘लोगों की बात सुनने’’ और प्रदर्शनकारियों के दबाव में देश छोड़कर भागे पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को जवाबदेह ठहराने का शुक्रवार को संकल्प लिया। प्रेमदासा ने कोलंबो में अपने …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/249287/sri-lanka-crisis-opposition-leader-sajith-premadasa-said-if-i-win-the-presidential-election-then-i-will-not-allow-dictatorship-in-sri-lanka"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/विपक्ष-के-नेता-सजित-प्रेमदासा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहे विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा ने देश के सबसे बड़े आर्थिक संकट के कारण संघर्ष कर रहे ‘‘लोगों की बात सुनने’’ और प्रदर्शनकारियों के दबाव में देश छोड़कर भागे पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को जवाबदेह ठहराने का शुक्रवार को संकल्प लिया।</p>
<p>प्रेमदासा ने कोलंबो में अपने कार्यालय से ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि यदि वह संसद में चुनाव जीत जाते हैं, तो वह सुनिश्चित करेंगे कि श्रीलंका में ‘‘निर्वाचित तानाशाही कभी न हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें यही करना चाहिए। श्रीलंका को लूटने वालों को पकड़ना हमारा काम है। यह काम उचित संवैधानिक, कानूनी एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के जरिए किया जाना चाहिए।’’ श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे बुधवार को सेना के एक विमान से देश से बाहर चले गए थे। उन्होंने शुक्रवार को अपने इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा की। इस समय प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाल रहे हैं।</p>
<p>प्रेमदासा ने कहा, ‘‘हमें भ्रष्टाचार विरोधी सूचकांक में श्रीलंका की स्थिति मजबूत करनी होगी। हमें सुशासन सूचकांक में श्रीलंका की स्थिति मजबूत करनी होगी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदार सरकार को प्रोत्साहित करने वाले ढांचे की स्थापना करें।’’ उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनकी समागी जन बालवेगया पार्टी और उनके गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनका समर्थन किया है। उन्होंने साथ ही स्वीकार किया कि सफल होने के लिए आवश्यक समर्थन हासिल करना उनके लिए कठिन हो सकता है, क्योंकि संसद में बहुमत अब भी राजपक्षे की पार्टी के पास है।</p>
<p>प्रेमदासा ने कहा कि श्रीलंका दिवालिया हो गया है और सरकार महीनों से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से वित्तीय सहायता को लेकर बातचीत कर रही है तथा भारत जैसे पड़ोसियों की मदद से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वह देश को आर्थिक संकट से निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेंगे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/joe-biden-meets-the-crown-prince-in-saudi-arabia-raises-the-issue-of-journalist-khashoggis-murder/">सऊदी अरब में क्राउन प्रिंस से मिले जो बाइडेन, पत्रकार खशोगी की हत्या का मामला उठाया</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Jul 2022 13:35:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजनीतिक संकट के बावजूद श्रीलंका को एशिया कप की सफल मेजबानी का पूरा भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[कोलम्बो। देश में चल रही व्यापक राजनीतिक अशांति के बावजूद, श्रीलंका अगस्त के अंत में खेले जाने वाले एशिया कप की मेज़बानी के लिए पूरी तरह से आश्वस्त है। छह देशों के एशिया कप के आयोजन स्थल के रूप में श्रीलंका को बरक़रार रखा जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम फ़ैसला शुक्रवार को एशियाई क्रिकेट …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/248855/despite-the-political-crisis-sri-lanka-is-confident-of-hosting-the-asia-cup-successfully"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/श्रीलंका-को-एशिया-कप-की-सफल-मेजबानी-का-पूरा-भरोसा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलम्बो।</strong> देश में चल रही व्यापक राजनीतिक अशांति के बावजूद, श्रीलंका अगस्त के अंत में खेले जाने वाले एशिया कप की मेज़बानी के लिए पूरी तरह से आश्वस्त है। छह देशों के एशिया कप के आयोजन स्थल के रूप में श्रीलंका को बरक़रार रखा जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम फ़ैसला शुक्रवार को एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) द्वारा लिया जाएगा।</p>
<p>हाल ही में सफलतापूर्ण तरीके से ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करने के बाद श्रीलंका क्रिकेट के सचिव मोहन डिसिल्वा ने बताया कि क्रिकेट देश में चल रहे हालातों से पूरी तरह से बचा हुआ है। पिछले महीने से प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं, जिस वजह से दिन प्रति दिन देश में अशांति का माहौल है। ऑस्ट्रेलियाई टीम जून में श्रीलंका आई थी और एक पूरा दौरा खेलकर घर लौटी। अंतिम टेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारी पड़ोस के गॉल किले पर प्रदर्शन कर रहे थे।</p>
<p>एशिया कप को लेकर डिसिल्वा के आशावादी बने रहने का एक और कारण यह है कि हाल ही में दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेलने के लिए पाकिस्तान का दल श्रीलंका पहुंचा है। पाकिस्तानी टीम पहले ही अभ्यास मैच खेल चुकी हैं और पीसीबी ने पुष्टि की है कि टीम बाहर के राजनीतिक संघर्ष से प्रभावित नहीं हुई हैं।</p>
<p>डिसिल्वा ने गुरुवार को कहा, “जहां तक हमारा सवाल है, हम श्रीलंका में प्रतियोगिता की मेज़बानी करने के लिए उत्साहित हैं। हमने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे का आयोजिन किया और अब पाकिस्तान आई है।” जब हमने उनसे पूछा कि क्या एसीसी से कोई दबाव बनाया जा रहा है तो उन्होंने कहा “नहीं”। एशिया कप 27 अगस्त से 11 सितंबर तक प्रस्तावित है। इससे पहले 20 अगस्त से 26 अगस्त तक क्वालीफ़ायर मुक़ाबले खेले जाएंगे, जिसमें हॉन्ग-कॉन्ग, कुवैत, सिंगापोर और यूएई जैसे देश हिस्सा लेंगे। अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने इस टी20 टूर्नामेंट के लिए सीधा क्वालीफ़ाई किया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/rohit-sharma-again-came-to-the-rescue-of-virat-kohli-said-you-must-first-see-his-record/">विराट कोहली के बचाव में फिर उतरे रोहित शर्मा, कहा- आप पहले उनका रिकॉर्ड तो देख लें</a></strong></p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 15:31:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Sri Lanka Crisis : गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफा मंजूर, जानें कब तक मिलेगा देश को नया राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने पद से आखिरकार इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने  ने राजपक्षे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। संसद के अध्यक्ष ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। साथ ही उन्होंने ये भी ऐलान किया है कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/248697/sri-lanka-crisis-gotabaya-rajapaksas-resignation-accepted-know-when-the-new-president-will-be-available"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/गोटाबाया-राजपक्षे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अपने पद से आखिरकार इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने  ने राजपक्षे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। संसद के अध्यक्ष ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। साथ ही उन्होंने ये भी ऐलान किया है कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब सात दिन के भीतर नए राष्ट्रपति की नियुक्ति की जाएगी दिवालिया हो चुके देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण अपने और अपने परिवार के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के बीच देश छोड़कर चले जाने के बाद राजपक्षे ने इस्तीफा दिया है। गुरुवार को एक ‘‘निजी यात्रा’’ पर सिंगापुर जाने की अनुमति मिलने के तुरंत बाद राजपक्षे (73) ने संसद के अध्यक्ष को अपना इस्तीफा पत्र ईमेल के जरिए भेजा।</p>
<p>अध्यक्ष ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे नए नेता के निर्वाचित होने तक राष्ट्रपति का प्रभार संभालेंगे। उन्होंने जनता से निर्वाचन की प्रक्रिया में सभी सांसदों के भाग लेने के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाने का अनुरोध किया। यह प्रक्रिया सात दिन के भीतर पूरी करनी है। श्रीलंकाई संसद की बैठक शनिवार को होगी।</p>
<p>अध्यक्ष के मीडिया सचिव इंदुनिल अभयवर्धने ने बताया कि अध्यक्ष को गुरुवार की रात को सिंगापुर में श्रीलंकाई उच्चायोग के जरिए राजपक्षे का इस्तीफा पत्र मिल गया था, लेकिन वह सत्यापन प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताओं के बाद आधिकारिक घोषणा करना चाहते थे। राजपक्षे ने, देश के अभूतपूर्व आर्थिक संकट के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए हजारों प्रदर्शनकारियों के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास पर कब्जा जमाने के बाद शनिवार को घोषणा की थी कि वह 13 जुलाई को इस्तीफा देंगे। हालांकि, वह इस्तीफा दिए बगैर देश छोड़कर मालदीव चले गए थे। मालदीव से वह गुरुवार को सिंगापुर चले गए।</p>
<p>सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि राजपक्षे को ‘‘निजी यात्रा पर सिंगापुर में प्रवेश करने की अनुमति’’ दी गयी है। उन्होंने शरण नहीं मांगी है और न ही उन्हें कोई शरण दी गयी है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर आम तौर पर शरण देने के अनुरोधों को स्वीकार नहीं करता है। राजपक्षे सैन्य पृष्ठभूमि वाले पहले व्यक्ति थे जो 2019 में श्रीलंका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। गौरतलब है कि 2.2 करोड़ की आबादी वाला देश सात दशकों में सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण लोग खाद्य पदार्थ, दवा, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुएं खरीदने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कोलंबो सहित कई बड़े शहरों में लोगों को ईंधन खरीदने के लिए कई घंटे तक कतार में खड़ा होना पड़ रहा है और कई बार उनकी सेना या पुलिस के साथ झड़प भी हो रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lankan-army-issued-a-warning-said-be-ready-to-face-the-consequences/">श्रीलंकाई सेना ने जारी की चेतावनी, कहा- परिणाम भुगतने के लिए रहें तैयार</a></strong></p>
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                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 10:56:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Sri lanka Crisis : &amp;#8216;देश में दवाओं की कमी, इसलिए बीमार न पड़ें&amp;#8217;, श्रीलंका के डॉक्टरों की लोगों को सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका में डॉक्टर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि देश में आर्थिक संकट के चलते दवाओं और संबंधित अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति की कमी है, इसलिए वे बीमार होने से बचें तथा दुर्घटनाओं के शिकार न हों। दक्षिण एशियाई द्वीपीय राष्ट्र के पास ईंधन और खाद्य सामग्री जैसी बुनियादी चीजों का आयात करने के …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/247839/sri-lankan-doctors-advise-people-there-is-a-shortage-of-medicines-in-the-country-so-do-not-fall-ill"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/देश-में-दवाओं-की-कमी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका में डॉक्टर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि देश में आर्थिक संकट के चलते दवाओं और संबंधित अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति की कमी है, इसलिए वे बीमार होने से बचें तथा दुर्घटनाओं के शिकार न हों। दक्षिण एशियाई द्वीपीय राष्ट्र के पास ईंधन और खाद्य सामग्री जैसी बुनियादी चीजों का आयात करने के लिए पैसे की कमी है और दवाएं भी समाप्त हो रही हैं।</p>
<p>कुछ डॉक्टरों ने आपूर्ति के लिए दान या इन चीजों को खरीदने के लिए धन प्राप्त करने की कोशिश के तहत सोशल मीडिया का रुख किया है। वे विदेशों में रह रहे श्रीलंकाई लोगों से भी मदद की गुहार लगा रहे हैं। देश में जारी आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के समाप्त होने का अभी तक कोई संकेत नहीं है। पंद्रह वर्षीय हसीनी वसाना को वह दवा मिलनी मुश्किल हो रही है जो उसे प्रतिरोपित किडनी की रक्षा के लिए चाहिए। नौ महीने पहले उसका किडनी प्रतिरोपण हुआ था। उसे पूरे जीवन के लिए प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करने वाली दवा चाहिए जिससे कि उसका शरीर प्रतिरोपित अंग को अस्वीकार न कर पाए।</p>
<p>हसीनी की बड़ी बहन इशारा थिलिनी ने कहा, “हमें (अस्पताल द्वारा) कहा जा रहा है कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें संबंधित दवा दोबारा कब मिलेगी।” कैंसर अस्पताल भी निर्बाध उपचार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दवाओं का भंडार बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। श्रीलंका मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष समथ धर्मरत्ने ने कहा, “बीमार न हों, घायल न हों, ऐसा कुछ भी न करें जिससे आपको बेवजह इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़े।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “मैं हालात को इस तरह बयां कर सकता हूं, यह एक गंभीर स्थिति है।” श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक किडनी अस्पताल के प्रमुख डॉ. चार्ल्स नुगावेला ने कहा कि उनका अस्पताल दानदाताओं की उदारता की बदौलत चल रहा है, लेकिन उन्होंने केवल उन रोगियों को दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है जिनकी बीमारी उस अवस्था में पहुंच गई है जहां उन्हें डायलिसिस की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/situation-uncontrollable-in-sri-lanka-government-news-channel-occupied-by-protesters/">श्रीलंका में बेकाबू हुए हालात : सरकारी न्यूज चैनल पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा, देश को किया संबोधित</a></strong></p>
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                                                            <category>Breaking News</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 15:55:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीलंका में बेकाबू हुए हालात : सरकारी न्यूज चैनल पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा, देश को किया संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़कर भागने के बाद श्रीलंका में प्रदर्शन तेज हो गया है। पीएम आवास, संसद भवन पर धावा बोलने के बाद उग्र भीड़ सरकारी न्यूज चैनल के दफ्तर में भी घुस गई। इतना ही नहीं एक प्रदर्शनकारी वहां न्यूज एंकर की जगह आकर बैठ गया और लाइव आकर बोलने लगा। …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/247809/situation-uncontrollable-in-sri-lanka-government-news-channel-occupied-by-protesters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/sri-lanka-crisis-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़कर भागने के बाद श्रीलंका में प्रदर्शन तेज हो गया है। पीएम आवास, संसद भवन पर धावा बोलने के बाद उग्र भीड़ सरकारी न्यूज चैनल के दफ्तर में भी घुस गई। इतना ही नहीं एक प्रदर्शनकारी वहां न्यूज एंकर की जगह आकर बैठ गया और लाइव आकर बोलने लगा। इसके बाद टीवी चैनल का प्रसारण बंद करना पड़ा।</p> <ul> <li>प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया है।</li> <li>श्रीलंकाई सेना ने अपने नागरिकों के सामने हथियार नीचे कर दिए हैं।</li> <li>प्रदर्शनकारी संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर रहे हैं।</li> </ul> <blockquote class="twitter-tweet"> <p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">" Rupavahini Tv should be unbiased media institution hereafter " A protestor who entered into the Sri Lanka National Television.<a href="https://twitter.com/hashtag/LKA?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#LKA</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/SriLanka?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#SriLanka</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/SriLankaCrisis?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#SriLankaCrisis</a>  <a href="https://t.co/1XS6eEVtVW">pic.twitter.com/1XS6eEVtVW</a></p> <p>— Sri Lanka Tweet ?? ? (@SriLankaTweet) <a href="https://twitter.com/SriLankaTweet/status/1547135000168255488?ref_src=twsrc%5Etfw">July 13, 2022</a></p></blockquote> <p></p> <p><strong>श्रीलंका का सरकारी टीवी बंद हुआ</strong><br /> श्रीलंका के सरकारी राष्ट्रीय टीवी चैनल, रूपवाहिनी कॉरपोरेशन (एसएलआरसी) को कार्यालय परिसर में घुसने और इमारत पर कब्जा करने के बाद बंद कर दिया गया है। श्रीलंका का राष्ट्रीय टीवी चैनल रूपवाहिनी कॉरपोरेशन के प्रसारण को रोका गया। इसके बाद लाइव टीवी पर एक प्रदर्शनकारी ने कहा- जब तक संघर्ष समाप्त नहीं होगा, श्रीलंका का रूपावाहिनी सिर्फ विरोध प्रदर्शन से जुड़े कार्यक्रम दिखाएगा।</p> <p><img class="alignnone wp-image-495313 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-07/sri-lanka-crisis-1-1.jpg" alt="" width="720" height="540"></img></p> <p><strong> सड़कों पर उतरी श्रीलंका की जनता</strong><br /> राष्ट्रपति गोटाबाया देश छोड़ कर मालदीव चले गए हैं, जिसके बाद श्रीलंका की जनता सड़कों पर उतर आई है। संसद भवन और पीएम हाउस में घुसने से जब पुलिस ने भीड़ को रोका तो हंगामा मच गया। प्रदर्शनकारियों को डराने-भगाने के लिए हवा में राउंड फायर भी किये गए। लेकिन, इससे कोई असर नहीं हुआ।</p> <p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-ranil-wickremesinghe-became-the-acting-president-of-the-country-protesters-attacked-parliament-and-pm-house/">Sri Lanka Crisis : रानिल विक्रमसिंघे बने देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति, प्रदर्शनकारियों ने संसद और पीएम हाऊस पर बोला धावा</a></strong></p> <p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 15:18:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Sri Lanka Crisis : राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़ने में मदद करने की खबरों का भारत ने किया खंडन, कहा- हम श्रीलंका की जनता के साथ</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। भारत ने बुधवार को मीडिया में आई उन खबरों को ‘‘निराधार और कयास आधारित’’ बताया कि उसने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर मालदीव जाने में मदद की है। राजपक्षे देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण उनके और उनके परिवार के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के बीच बुधवार को …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/247699/sri-lanka-crisis-india-denied-the-news-of-helping-president-gotabaya-rajapaksa-to-leave-the-country-saying-we-are-with-the-people-of-sri-lanka"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/राष्ट्रपति-गोटबाया-राजपक्षे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> भारत ने बुधवार को मीडिया में आई उन खबरों को ‘‘निराधार और कयास आधारित’’ बताया कि उसने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर मालदीव जाने में मदद की है। राजपक्षे देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण उनके और उनके परिवार के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के बीच बुधवार को सेना के एक विमान से देश छोड़कर मालदीव पहुंच गए हैं। श्रीलंका के 73 वर्षीय नेता अपनी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों के साथ सेना के एक विमान में देश छोड़कर चले गए हैं।</p>
<p>श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया, ‘‘उच्चायोग मीडिया में आई उन खबरों को ‘निराधार तथा महज अटकल’ के तौर पर खारिज करता है कि भारत ने गोटबाया राजपक्षे को श्रीलंका से बाहर जाने में मदद की।’’ कहा, ‘‘यह दोहराया जाता है कि भारत लोकतांत्रिक माध्यमों और मूल्यों, स्थापित लोकतांत्रिक संस्थानों और संवैधानिक रूपरेखा के जरिए समृद्धि एवं प्रगति की आकांक्षाओं को पूरा करने में श्रीलंका के लोगों का सहयोग करता रहेगा।’’</p>
<p>श्रीलंका की वायु सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘सरकार के अनुरोध पर और संविधान के तहत राष्ट्रपति को मिली शक्तियों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की पूर्ण स्वीकृति के साथ राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों को 13 जुलाई को कातुनायके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से मालदीव रवाना होने के लिए श्रीलंकाई वायु सेना का विमान उपलब्ध कराया गया।’’ ऐसा बताया जा रहा है कि राजपक्षे नयी सरकार द्वारा गिरफ्तारी की आशंका से बचने के लिए इस्तीफा देने से पहले विदेश जाना चाहते थे। गौरतलब है कि 2.2 करोड़ की आबादी वाला देश सात दशकों में सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण लोग खाद्य पदार्थ, दवा, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुएं खरीदने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-the-situation-in-sri-lanka-worsens-after-the-escape-of-president-gotabaya-rajapaksa/">Sri lanka Crisis : राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के भागने के बाद श्रीलंका में और बिगड़े हालात, प्रदर्शनकारियों का संसद की तरफ मार्च</a></strong></p>
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                                                            <category>Breaking News</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 11:43:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Sri lanka Crisis : श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के मालदीव भागने से कोलंबो में उग्र प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका में आर्थिक-राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। इस बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़कर चले गये हैं। जानकारी के मुताबिक, गोटबाया राजपक्षे फिलहाल मालदीव पहुंचे हैं। यहां से वह दुबई जाने वाले हैं। राष्ट्रपति  राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद लोगों को गुस्सा भड़क गया है। राजधानी कोलंबो की सड़कों पर प्रदर्शनकारी जमकर …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/247689/declaration-of-emergency-in-sri-lanka-furious-protests-in-colombo-as-president-gotabaya-rajapaksa-flees-to-maldives"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/राष्ट्रपति-गोटबाया-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका में आर्थिक-राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। इस बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़कर चले गये हैं। जानकारी के मुताबिक, गोटबाया राजपक्षे फिलहाल मालदीव पहुंचे हैं। यहां से वह दुबई जाने वाले हैं। राष्ट्रपति  राजपक्षे के देश छोड़ने के बाद लोगों को गुस्सा भड़क गया है। राजधानी कोलंबो की सड़कों पर प्रदर्शनकारी जमकर उत्पात कर रहे हैं। उग्र भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। लोगों के उग्र विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है।</p> <p><img class="alignnone wp-image-495082 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-07/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87-1.jpg" alt="Sri lanka Crisis" width="700" height="464"></img></p> <p>प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया संगठनों को सूचना दी कि देश में आपातकाल लागू किया गया है और पश्चिमी प्रांत में कर्फ्यू लगाया गया है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के कार्यालय की ओर कूच करते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए लेकिन इसके बावजूद वे अवरोधकों को हटाकर प्रधानमंत्री के कार्यालय में घुस गए और उनसे इस्तीफा देने की मांग की। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने पहले ही कहा है कि वह इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए तैयार हैं।</p> <p><strong>20 जुलाई को होगा नए राष्ट्रपति का चुनाव </strong><br /> आपको बता दें कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कुछ दिनों पहले एलान किया था कि वो 13 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि उनके देश से भाग जाने के बाद अब उनके इस्तीफे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चुनाव होना है।</p> <p><img src="https://pbs.twimg.com/media/FXPYo6QUEAAZ-gO?format=jpg&amp;name=large" alt="Image"></img></p> <p><strong>श्रीलंका के पास नहीं है विदेशी मुद्रा</strong><br /> श्रीलंका के पास सबसे जरूरी वस्तुओं के आयात के लिए भी विदेशी मुद्रा समाप्त हो गई है, जिससे उसके 22 मिलियन लोगों के लिए गंभीर कठिनाइयां पैदा हो गई हैं। देश अप्रैल में अपने 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज के भुगतान में चूक गया और संभावित राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत कर रहा है।</p> <p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-sri-lankan-president-gotabaya-rajapaksa-left-the-country-reached-maldives/">Sri Lanka Crisis : श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने छोड़ा देश, पहुंचे मालदीव</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 11:12:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>Sri Lanka Crisis : श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने छोड़ा देश, पहुंचे मालदीव</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे बुधवार को सेना के एक विमान से देश छोड़कर मालदीव पहुंच गए हैं। देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण उनके और उनके परिवार के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के बीच राजपक्षे ने बुधवार को इस्तीफा देने की घोषणा की थी। श्रीलंका की वायु सेना ने एक …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/247681/sri-lanka-crisis-sri-lankan-president-gotabaya-rajapaksa-left-the-country-reached-maldives"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/राष्ट्रपति-गोटबाया.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे बुधवार को सेना के एक विमान से देश छोड़कर मालदीव पहुंच गए हैं। देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण उनके और उनके परिवार के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के बीच राजपक्षे ने बुधवार को इस्तीफा देने की घोषणा की थी। श्रीलंका की वायु सेना ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि 73 वर्षीय नेता अपनी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों के साथ सेना के एक विमान में देश छोड़कर चले गए हैं।</p>
<p>बयान में कहा गया है, ‘‘सरकार के अनुरोध पर और संविधान के तहत राष्ट्रपति को मिली शक्तियों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की पूर्ण स्वीकृति के साथ राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और दो सुरक्षा अधिकारियों को 13 जुलाई को कातुनायके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से मालदीव रवाना होने के लिए श्रीलंकाई वायु सेना का विमान उपलब्ध कराया गया।’’ प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी राष्ट्रपति के देश छोड़ने की पुष्टि की है। ऐसा बताया जा रहा है कि राजपक्षे नयी सरकार द्वारा गिरफ्तारी की आशंका से बचने के लिए इस्तीफा देने से पहले विदेश जाना चाहते थे।</p>
<p>‘बीबीसी’ की एक खबर में कहा गया है कि वह स्थानीय समयानुसार देर रात करीब तीन बजे मालदीव की राजधानी माले पहुंचे। यहां सूत्रों ने मालदीव के अधिकारियों के हवाले से बताया कि गत रात वेलाना हवाई अड्डे पर मालदीव सरकार के प्रतिनिधियों ने राजपक्षे की अगवानी की। ‘डेली मिरर’ ऑनलाइन की एक खबर के मुताबिक, राजपक्षे मालदीव से किसी अन्य देश जा सकते हैं, जिसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। बहरहाल, आव्रजन अधिकारियों ने पुष्टि की कि उनके छोटे भाई और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे गत रात देश छोड़कर नहीं गए।</p>
<p>बीबीसी ने पहले सूत्रों के हवाले से बताया था कि बासिल भी देश छोड़कर चले गए हैं। देश के सबसे खराब आर्थिक संकट के लिए काफी हद तक बासिल (71) को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। बासिल के पास अमेरिका का पासपोर्ट है। इससे पहले सोमवार रात को राजपक्षे और उनके भाई बासिल ने राजपक्षे परिवार के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के बीच देश छोड़ने की कोशिश की, लेकिन हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया था। बासिल ने ईंधन, खाद्य पदार्थ और अन्य जरूरी वस्तुओं की कमी के खिलाफ लोगों के सड़कों पर उतर जाने के बाद अप्रैल की शुरुआत में वित्त मंत्री के तौर पर इस्तीफा दे दिया था और जून में संसद में अपनी सीट त्याग दी थी।</p>
<p>राष्ट्रपति राजपक्षे ने संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को सूचित किया था कि वह 13 जुलाई को इस्तीफा देंगे। उन्होंने यह घोषणा तब की थी जब प्रदर्शनकारी द्वीपीय देश में बिगड़े हालात को लेकर आक्रोश के बीच उनके आधिकारिक आवास में घुस गए थे। ऐसी उम्मीद थी कि अध्यक्ष अभयवर्धने बुधवार को राष्ट्रपति राजपक्षे के इस्तीफा की सार्वजनिक रूप से घोषणा करेंगे। वहीं, श्रीलंका के राजनीतिक दलों ने एक सर्वदलीय सरकार बनाने तथा दिवालिया हुए देश में अराजकता फैलने से रोकने के लिए 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।</p>
<p>मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालवेगया (एसजेबी) और पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के बीच बैठक हुई। राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों के समर्थन के लिए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। एसजेबी ने कहा कि वह सजित प्रेमदास को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने के लिए प्रचार करेगी। प्रेमदास ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर पर देश का नेतृत्व करने तथा अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए तैयार है। श्रीलंका के संविधान के तहत, यदि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों इस्तीफा देते हैं, तो संसद का अध्यक्ष अधिकतम 30 दिन के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर सकता है।</p>
<p><strong>भारत ने गोटबाया के देश छोड़ने में मदद करने की खबरों का खंडन किया </strong><br />
भारत ने बुधवार को मीडिया में आई उन खबरों को ‘‘निराधार और कयास आधारित’’ बताया कि उसने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर मालदीव जाने में मदद की है। श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया, ‘‘उच्चायोग मीडिया में आई उन खबरों को ‘निराधार तथा महज अटकल’ के तौर पर खारिज करता है कि भारत ने गोटबाया राजपक्षे को श्रीलंका से बाहर जाने में मदद की।’’ कहा, ‘‘यह दोहराया जाता है कि भारत लोकतांत्रिक माध्यमों और मूल्यों, स्थापित लोकतांत्रिक संस्थानों और संवैधानिक रूपरेखा के जरिए समृद्धि एवं प्रगति की आकांक्षाओं को पूरा करने में श्रीलंका के लोगों का सहयोग करता रहेगा।’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/sri-lanka-crisis-gotabaya-rajapaksa-signs-resignation-premadasa-may-become-the-next-president-of-sri-lanka/">Sri Lanka Crisis : गोटबाया राजपक्षे ने इस्तीफे पर किए हस्ताक्षर, साजिथ प्रेमदासा बन सकते हैं श्रीलंका के अगले राष्ट्रपति</a></strong></p>
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                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 11:00:26 +0530</pubDate>
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