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                <title>waqf law - Amrit Vichar</title>
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                <description>waqf law RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुस्लिम बोर्ड ने किया स्वागत, मौलाना बोले 'कुछ बातें हमारे अनुसार नहीं लेकिन'...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारी समिति के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा मुस्लिम पक्ष की कुछ दलीलों को स्वीकार करने के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुये कहा कि उन्हे उम्मीद है कि इस मामले पर पूरा फैसला आने पर मुसलमानो को पूर्ण राहत हासिल होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">मौलाना ने सोमवार को वक्फ संशोधन अधिनियम पर उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा " आज के जजमेंट में उच्चतम न्यायालय ने हमारी कुछ दलीलें स्वीकार कर उन प्रावधानो पर रोक लगायी है। हमे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553357/muslim-board-welcomed-the-supreme-court-s-decision-on-waqf-law--maulana-said--some-things-are-not-according-to-us-but--"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/untitled-design-(25)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारी समिति के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा मुस्लिम पक्ष की कुछ दलीलों को स्वीकार करने के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुये कहा कि उन्हे उम्मीद है कि इस मामले पर पूरा फैसला आने पर मुसलमानो को पूर्ण राहत हासिल होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">मौलाना ने सोमवार को वक्फ संशोधन अधिनियम पर उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा " आज के जजमेंट में उच्चतम न्यायालय ने हमारी कुछ दलीलें स्वीकार कर उन प्रावधानो पर रोक लगायी है। हमे उम्मीद थी कि पूरे एक्ट पर स्टे दिया जायेगा मगर ऐसा नहीं हुआ है लेकिन कुछ अहम बातों पर स्टे दिया गया है जिसका हम स्वागत करते हैं। अभी पूरा फैसला आना बाकी है। हम उम्मीद करते हैं कि हमे रिलीफ हासिल होगी।" </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की बेंच ने स्पष्ट किया कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कलेक्टर का निर्णय अंतिम नहीं होगा। इसके साथ ही, वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 की उस प्रावधान पर रोक लगा दी गई है, जिसमें वक्फ बनाने के लिए किसी व्यक्ति का पांच वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना अनिवार्य बताया गया था। फरंगी महली ने कहा " फैसले में कुछ बातें हमारे अनुसार नहीं हैं, लेकिन कई निर्णय हमारी उम्मीदों के अनुरूप हैं। हमें विश्वास है कि अंतिम निर्णय में भी हमारी दलीलों को गंभीरतापूर्वक सुना जाएगा।" </p>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर पूरी तरह से रोक लगाने से सोमवार को इंकार कर दिया लेकिन कहा कि अंतिम निर्णय आने तक इसके कुछ प्रावधानों पर रोक रहेगी। मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने संबंधित कानून के संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतरिम आदेश पारित किया। पीठ ने 22 मई को उस कानून के विभिन्न प्रावधानों पर रोक लगाने की याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। </p>
<p style="text-align:justify;">शीर्ष अदालत ने वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 के कुछ प्रावधानों पर के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए वक्फ के लिए संपत्ति समर्पित करने के लिए पांच साल तक इस्लाम का पालन करने के मानदंड के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को वक्फ के रूप में संपत्ति समर्पित करने से पहले पांच वर्षों तक मुस्लिम होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धारा 3(आर), इस अनिवार्यता पर तब तक रोक रहेगी जब तक कि राज्य (सरकार) द्वारा यह जांचने के लिए नियम नहीं बनाए जाते कि व्यक्ति मुस्लिम है या नहीं। न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसे किसी नियम/तंत्र के बिना, यह प्रावधान मनमाने ढंग से सत्ता का प्रयोग करेगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/553354/the-condition-of-aishbagh-station---they-will-not-let-the-autos-go--if-you-run-to-get-a-ticket-then-the-dogs-will-chase-you">हाल-ए-ऐशबाग स्टेशन...ऑटो जाने नहीं देंगे, टिकट लेने भागे तो कुत्ते दौड़ा लेंगे</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 13:44:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वोटों में कंजूसी के बावजूद भाजपा सरकार ने मुस्लिमों के विकास में कमी नहीं की: नकवी का बड़ा बयान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि मोदी-योगी या किसी भी राज्य की भाजपा सरकार ने मुसलमानों के विकास में कमी नहीं की, भले पार्टी को वोट देने में कंजूसी की गई हो। </p>
<p>यहां भदारी गांव में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुहर्रम कार्यक्रम में शामिल होने आए नकवी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "अब हमें (मुस्लिमों) भाजपा से राजनीतिक दूरी को खत्म करना होगा।" </p>
<p>उन्होंने कहा, "भाजपा मुल्क की हकीकत है। इसे नजरअंदाज करना मुल्क और मुसलमानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545064/despite-being-stingy-in-votes--the-bjp-government-did-not-reduce-the-development-of-muslims--naqvi-s-big-statement"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/नकवी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि मोदी-योगी या किसी भी राज्य की भाजपा सरकार ने मुसलमानों के विकास में कमी नहीं की, भले पार्टी को वोट देने में कंजूसी की गई हो। </p>
<p>यहां भदारी गांव में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुहर्रम कार्यक्रम में शामिल होने आए नकवी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "अब हमें (मुस्लिमों) भाजपा से राजनीतिक दूरी को खत्म करना होगा।" </p>
<p>उन्होंने कहा, "भाजपा मुल्क की हकीकत है। इसे नजरअंदाज करना मुल्क और मुसलमानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। भाजपा के प्रति पैदा किए गए भय-भ्रम के गटर पर भरोसे का शटर लगाना होगा।" </p>
<p>नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली गैर-कांग्रेस सरकार है जो एक परिवार के सहारे और कांग्रेस के रिमोट के बगैर सुशासन, सफलता के कीर्तिमान स्थापित करती हुई काम कर रही है। </p>
<p>आगामी बिहार विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि जनगणना से पहले मतगणना पर सवाल और बवाल करने वाले समझ चुके हैं कि इस बार फिर उनका जुगाड़ का जमघट चारों खाने चित होने वाला है। </p>
<p>वक्फ कानून को लेकर नकवी ने कहा कि वक्फ और अन्य सुधारों पर सांप्रदायिक प्रहार इस बात का प्रमाण है कि विपक्ष संवैधानिक कानून पर भ्रम के जरिए लूट पर छूट का लीगल लाइसेंस चाहता है। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून, धार्मिक आस्था के संवैधानिक संरक्षण, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की गारंटी है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद जहां पाकिस्तान ने इस्लामी झंडा फहराया, वहीं भारत ने सर्वधर्म समभाव का रास्ता चुना, यह भारत के बहुसंख्यकों के संस्कार, संस्कृति व सोच का प्रमाण है। नकवी ने संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद शब्द के उल्लेख को लेकर छिड़ी बहस पर भी प्रतिक्रिया दी। </p>
<p>उन्होंने कहा, “संविधान के मूल ढांचे में न तो धर्मनिरपेक्षता और न ही समाजवाद शब्द थे। इसके बावजूद हिंदुस्तान हमेशा पंथनिरपेक्ष और समाजवादी रहा है। 1976 में आपातकाल के दौरान संविधान की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ कर धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद को संविधान का हिस्सा बनाने के पीछे सियासी स्वार्थ था। धर्मनिरपेक्षता के राजनीतिक दुरुपयोग पर राष्ट्रीय बहस होनी चाहिए।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Jul 2025 15:09:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BJP ने तेजस्वी यादव को बताया नामजवादी मौलाना, कहा- क्या आपने संविधान पढ़ा है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वक्फ अधिनियम पर टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को मंगलवार को ‘मौलाना’ करार दिया तथा उनपर इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन की ‘आसन्न’ हार को भांपकर सांप्रदायिक आधार पर समाज के ध्रुवीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया। </p>
<p>तेजस्वी यादव ने रविवार को दावा किया था कि बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ‘खत्म होने की राह पर है’ और विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544364/bjp-calls-tejashwi-yadav-a-namjawadi-maulana--asks-have-you-read-the-constitution"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats16.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वक्फ अधिनियम पर टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को मंगलवार को ‘मौलाना’ करार दिया तथा उनपर इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन की ‘आसन्न’ हार को भांपकर सांप्रदायिक आधार पर समाज के ध्रुवीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया। </p>
<p>तेजस्वी यादव ने रविवार को दावा किया था कि बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ‘खत्म होने की राह पर है’ और विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ अधिनियम को ‘कूड़ेदान में डाल देगी।’ </p>
<p>राजद नेता बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ रैली को संबोधित कर रहे थे। यादव की टिप्पणी को ‘भड़काऊ’ और ‘सांप्रदायिक’ करार देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘‘नौवीं फेल विपक्षी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कह रहे थे कि वह वक्फ (संशोधन) कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ मैं ‘नमाजवादी‘, ‘मौलाना’ और तुष्टिकरण करने वालों के मसीहा तेजस्वी यादव से पूछता हूं कि क्या आपने कभी संविधान पढ़ा है? क्या आपने कभी संविधान की मूल भावना का पालन किया है?’’ उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कोई राज्य सरकार संसद से पारित कानून को रद्द कर सकती है। </p>
<p>भाटिया ने यहां भाजपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि संसद से पारित वक्फ कानून उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने यादव पर इस कानून के बारे में टिप्पणियां कर शीर्ष अदालत का अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ चुनाव की अभी घोषणा नहीं हुई लेकिन राजद, तेजस्वी यादव एवं लालू प्रसाद के दिल में क्या है? यह सांप्रदायिक राजनीति है।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हम कहेंगे संविधान, संविधान, संविधान। वे कहेंगे शरिया, शरिया शरिया, करेंगे ध्रुवीकरण, करेंगे हिंदू-मुस्लिम, बोयेंगे सांप्रदायिकता के बीज । ये लोग सांप्रदायिक दंगे चाहते हैं।’’ भाटिया ने आरोप लगाया कि वक्फ कानून के बारे में यादव ने ‘भड़काऊ सांप्रदायिक बयान’ समाज को विभाजित करने के ‘एकमात्र उद्देश्य’ से दिया था। </p>
<p>उन्होंने बिहार में विपक्ष के महागठबंधन को ‘संविधान विरोधी, लोकतंत्र विरोधी, आंबेडकर विरोधी’ कहा। भाजपा प्रवक्ता ने राजद नेता पर ‘अराजक प्रवृत्ति’ दिखाने का भी आरोप लगाया और कहा कि राजग विपक्षी गठबंधन को अपने ‘जहरीले’ एजेंडे को आगे बढ़ाने में सफल नहीं होने देगा। भाटिया ने कहा, ‘‘जंगलवाद क्या करता है, जंगल राज कैसा दिखता है? जंगल राज बिल्कुल तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद जैसा दिखता है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 17:41:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> वक्फ कानून:  तेजस्वी के रुख पर BJP का पलटवार, ‘समाजवाद’ की आड़ में ‘नमाजवाद’ का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को विपक्षी गठबंधन पर संविधान को ‘शरिया की स्क्रिप्ट’ में बदलने और अपने ‘नमाजवाद’ को छिपाने के लिए ‘समाजवाद’ की आड़ लेने का आरोप लगाया। भाजपा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की भी इस बात के लिए आलोचना की कि अगर उनका गठबंधन बिहार में सत्ता में आता है तो संशोधित वक्फ अधिनियम को ‘कूड़ेदान में फेंक देगा’। </p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बिहार में राजद-कांग्रेस-वामपंथी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन ने संविधान के प्रति अपने सम्मान की कमी को दर्शाया है, क्योंकि यह अधिनियम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544176/bjp-hits-back-at-tejashwi-s-stand-on-waqf-law--accuses-him-of--namazism--in-the-guise-of--socialism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/cats535.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को विपक्षी गठबंधन पर संविधान को ‘शरिया की स्क्रिप्ट’ में बदलने और अपने ‘नमाजवाद’ को छिपाने के लिए ‘समाजवाद’ की आड़ लेने का आरोप लगाया। भाजपा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की भी इस बात के लिए आलोचना की कि अगर उनका गठबंधन बिहार में सत्ता में आता है तो संशोधित वक्फ अधिनियम को ‘कूड़ेदान में फेंक देगा’। </p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बिहार में राजद-कांग्रेस-वामपंथी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन ने संविधान के प्रति अपने सम्मान की कमी को दर्शाया है, क्योंकि यह अधिनियम संसद द्वारा पारित किया गया था और उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी गठबंधन वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित है। </p>
<p>त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन पिछले दरवाजे से शरिया प्रावधानों को लागू करना चाहता है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य हिंदू अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की कीमत पर मुसलमानों को आरक्षण दे रहे हैं और पश्चिम बंगाल भी ऐसा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बी आर आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान के मूल्यों के प्रति भाजपा के नेतृत्व वाले राजग की प्रतिबद्धता को दोहराया। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ ‘संविधान बचाओ’ इन दलों का महज दिखावा है क्योंकि इनका असली चेहरा ‘शरिया लाओ’ है। अगर वे सत्ता में आए तो संविधान की प्रस्तावना में ‘नमाजवाद’ जोड़ देंगे। वे संविधान को शरिया स्क्रिप्ट में बदलना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।’’ राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को दावा किया कि बिहार में सत्तारूढ़ राजग ‘अपने अंत की ओर’ है और विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व वाली नई सरकार आई तो केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ अधिनियम को ‘कूड़ेदान में फेंक देगी’। </p>
<p>तेजस्वी बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ रैली को संबोधित कर रहे थे। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) आंबेडकर के संविधान के किसी भी प्रावधान को कूड़ेदान में नहीं फेंकने देगा। </p>
<p>विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे जिन शरिया प्रावधानों की वकालत कर रहे हैं, वे सऊदी अरब, पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की जैसे इस्लामी देशों में भी लागू नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये दल वक्फ की जमीन के बड़े हिस्से को कुछ स्वयंभू मुस्लिम धार्मिक नेताओं के हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों का कभी भी समुदाय के कल्याण के लिए उपयोग नहीं किया गया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि समाजवाद संपदा के वितरण में विश्वास करता है, लेकिन राजद और समाजवादी पार्टी जैसे समाजवादी दल इसके विपरीत काम कर रहे हैं और वास्तव में, कुछ स्वयंभू मुस्लिम नेताओं के साथ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह समाजवाद नहीं बल्कि नमाजवाद है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/544172/i-should-get-justice------rohini-wrote-a-letter-to-pm-modi--made-serious-allegations-against-mp-chandrashekhar">इस हादसे ने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया, मेरे साथ न्याय हो..', रोहिणी ने PM मोदी को लिखा पत्र, सासंद चंद्रशेखर पर लगाए गंभीर आरोप</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/544176/bjp-hits-back-at-tejashwi-s-stand-on-waqf-law--accuses-him-of--namazism--in-the-guise-of--socialism</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 13:07:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ कानून के विरोध में ब्लैक आउट प्रदर्शन, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में बिजली रही बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध दर्ज कराने का फैसला किया। जिसके तहत आज यानी बुधवार की रात राजधानी के कुछ इलाकों में लोगों ने रात 9 बजे से 9:15 बजे तक बिजली बंद कर वक्फ बिल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के जिन इलाकों में बिजली बंद कर विरोध जताया गया है, उनमें हुसैनाबाद, मुफ्तीगंज, ठाकुरगंज, सहादतगंज और कश्मीरी मोहल्ला शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं इस मौके पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में भी लाइट बंद रखी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, ऑल इंडिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536007/black-out-demonstration-in-protest-against-the-law-law-remained"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/इस्लामिक-सेंटर-ऑफ-इंडिया.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध दर्ज कराने का फैसला किया। जिसके तहत आज यानी बुधवार की रात राजधानी के कुछ इलाकों में लोगों ने रात 9 बजे से 9:15 बजे तक बिजली बंद कर वक्फ बिल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के जिन इलाकों में बिजली बंद कर विरोध जताया गया है, उनमें हुसैनाबाद, मुफ्तीगंज, ठाकुरगंज, सहादतगंज और कश्मीरी मोहल्ला शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं इस मौके पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में भी लाइट बंद रखी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 10 अप्रैल से देशभर में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। जिसके तहत कई शहरों में जन सभाएं, जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन और मानव श्रृंखला जैसे आंदोलन चल रहे हैं, इसी के तहत अगले चरण में यानी 30 अप्रैल को रात 9 बजे से पूरे देश में बिजली बंद रखने की अपील की गई थी। </p>
<p style="text-align:justify;">बोर्ड ने सभी नागरिकों से अपील की थी कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठायें और मात्र 15 मिनट के लिए अपने घरों, दुकानों, व्यवसायिक केंद्रों की बिजली बंद कर एकजुटता दिखायें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 22:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ संशोधन विधेयक पर हुआ घमासान... Supreme Court ने केंद्र से पूछा- क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की दी जाएगी अनुमति </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Supreme Court Hearing On Waqf Law:</strong> उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र से पूछा कि क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की अनुमति दी जाएगी। </p>
<p>प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’ को कैसे अस्वीकृत किया जा सकता है, क्योंकि कई लोगों के पास ऐसे वक्फों को पंजीकृत कराने के लिए अपेक्षित दस्तावेज नहीं होंगे। ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533701/the-resolution-will-be-found-from-the-sc-started-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(21)10.png" alt=""></a><br /><p><strong>Supreme Court Hearing On Waqf Law:</strong> उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र से पूछा कि क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की अनुमति दी जाएगी। </p>
<p>प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’ को कैसे अस्वीकृत किया जा सकता है, क्योंकि कई लोगों के पास ऐसे वक्फों को पंजीकृत कराने के लिए अपेक्षित दस्तावेज नहीं होंगे। ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’ से तात्पर्य ऐसी प्रथा से है, जिसमें किसी संपत्ति को धार्मिक या धर्मार्थ बंदोबस्ती (वक्फ) के रूप में मान्यता उसके ऐसे प्रयोजनों के लिए दीर्घकालिक, निर्बाध उपयोग के आधार पर दी जाती है, भले ही मालिक द्वारा वक्फ की कोई औपचारिक, लिखित घोषणा न की गई हो। </p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘आप उपयोगकर्ता द्वारा ऐसे वक्फ को कैसे पंजीकृत करेंगे? उनके पास कौन से दस्तावेज होंगे? इससे कुछ पूर्ववत हो जाएगा। हां, कुछ दुरुपयोग है। लेकिन वास्तविक भी हैं। मैंने प्रिवी काउंसिल के फैसलों को भी पढ़ा है। उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ को मान्यता दी गई है। यदि आप इसे पूर्ववत करते हैं तो यह एक समस्या होगी। विधायिका किसी निर्णय, आदेश या डिक्री को शून्य घोषित नहीं कर सकती। आप केवल आधार ले सकते हैं।’’ </p>
<p>मेहता ने कहा कि मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग वक्फ अधिनियम के तहत शासित नहीं होना चाहता। पीठ ने इसके बाद मेहता से पूछा, ‘‘क्या आप यह कह रहे हैं कि अब से आप मुसलमानों को हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देंगे। इसे खुलकर कहें।’’ उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जब 100 या 200 साल पहले किसी सार्वजनिक ट्रस्ट को वक्फ घोषित किया जाता था, तो उसे अचानक वक्फ बोर्ड द्वारा अपने अधीन नहीं लिया जा सकता था और अन्यथा घोषित नहीं किया जा सकता था। पीठ ने कहा, ‘‘आप अतीत को दोबारा नहीं लिख सकते।’’ </p>
<p>मेहता ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति ने 38 बैठकें कीं और संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके पारित होने से पहले 98.2 लाख ज्ञापनों की पड़ताल की। प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने यह भी कहा कि एक उच्च न्यायालय को इन याचिकाओं पर विचार करने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘दो पहलू हैं जिन पर हम दोनों पक्षों से बात करना चाहते हैं। सबसे पहले, क्या हमें इस पर विचार करना चाहिए या इसे उच्च न्यायालय को सौंप देना चाहिए? दूसरा, संक्षेप में बताएं कि आप वास्तव में क्या आग्रह कर रहे हैं और क्या तर्क देना चाहते हैं? हम यह नहीं कह रहे हैं कि कानून के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करने और निर्णय लेने में उच्चतम न्यायालय पर कोई रोक है।’’ </p>
<p>याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने वक्फ संशोधन अधिनियम का हवाला दिया और कहा कि वह उस प्रावधान को चुनौती दे रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि केवल मुसलमान ही वक्फ कर सकते हैं। सिब्बल ने पूछा, ‘‘सरकार कैसे तय कर सकती है कि मैं मुसलमान हूं या नहीं और इसलिए वक्फ करने का पात्र हूं या नहीं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार यह कैसे कह सकती है कि केवल वे लोग ही वक्फ कर सकते हैं जो पिछले पांच वर्षों से इस्लाम का पालन कर रहे हैं?’’ कुछ याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि वक्फ अधिनियम का प्रभाव पूरे भारत में होगा और याचिकाओं को उच्च न्यायालय को नहीं भेजा जाना चाहिए। </p>
<p>वक्फ अधिनियम का विरोध करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ करना इस्लाम की एक स्थापित प्रथा है और इसे छीना नहीं जा सकता। केंद्र ने हाल ही में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को अधिसूचित किया, जिसे दोनों सदनों में तीखी बहस के बाद संसद से पारित होने के बाद पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई। राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 128 और विरोध में 95 सदस्यों ने मत दिया। वहीं, लोकसभा में इसके पक्ष में 288 तथा विरोध में 232 वोट पड़े। इस तरह यह दोनों सदनों से पारित हो गया था। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी), जमीयत उलमा-ए-हिंद, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और मोहम्मद जावेद की याचिकाओं सहित 72 याचिकाएं अधिनियम की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई हैं। </p>
<p>केंद्र ने आठ अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में एक ‘कैविएट’ दायर कर मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले सुनवाई की अपील की थी। किसी पक्ष द्वारा उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में यह सुनिश्चित करने के लिए ‘कैविएट’ दायर की जाती है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/533699/the-pressure-of-studies-took-the-life-of-the-innocent">पढ़ाई के प्रेशर ने ले ली मासूम की जान, दसवीं कक्षा का छात्र रेलवे स्टेशन पर मिला शव, नोएडा से था लापाता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533701/the-resolution-will-be-found-from-the-sc-started-on</link>
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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 14:27:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन, 10 पुलिसकर्मी घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलकाता।</strong> पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में वक्फ कानून के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान वाहनों में आग लगा दी और सड़क एवं रेल यातायात को बाधित कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के सुती में प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब निषेधाज्ञा के बावजूद प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया, जुलूस के दौरान पुलिस वैन और सार्वजनिक बसों को आग लगा दी। </p>
<p>एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532924/violent-protests-against-waqf-law-in-many-parts-of-west-bengal--10-policemen-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats198.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता।</strong> पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में वक्फ कानून के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान वाहनों में आग लगा दी और सड़क एवं रेल यातायात को बाधित कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के सुती में प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब निषेधाज्ञा के बावजूद प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया, जुलूस के दौरान पुलिस वैन और सार्वजनिक बसों को आग लगा दी। </p>
<p>एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, समस्या तब शुरू हुई जब जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्र हुए और वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शमशेरगंज में डाकबंगला मोड़ से सुतिर सजुर मोड़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग-12 के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन तब हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वैन पर पथराव किया। इसके परिणामस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें लगभग 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।’’ अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर बम जैसे पदार्थ फेंके जिसके बाद पुलिस ने ‘‘अनियंत्रित भीड़’’ को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और बाद में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। </p>
<p>एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हिंसा के बीच कुछ पुलिसकर्मियों को पास की एक मस्जिद में शरण लेनी पड़ी। वहीं, जिला प्रशासन ने सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। अधिकारियों के अनुसार मालदा में प्रदर्शनकारियों ने रेल पटरियों पर धरना दिया जिससे ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुयी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि पूर्वी रेलवे के फरक्का-आज़िमगंज खंड पर भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। इस बीच, राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने राज्य सरकार को संवेदनशील क्षेत्रों में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/532923/sant-kabir-nagar--man-arrested-on-murder-charges--he-had-killed-his-wife-due-to-illicit-relationship">संतकबीर नगर: हत्या के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार, पत्नी से अवैध संबंध के चलते की थी हत्या</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532924/violent-protests-against-waqf-law-in-many-parts-of-west-bengal--10-policemen-injured</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 08:23:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: पहले CAA का हौवा बनाया अब वक्फ कानून से डरा रहे -शहाबुद्दीन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक बार फिर वक्फ संशोधन कानून को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इससे आम मुसलमानों का कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा। चंद राजनीतिक लोग मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं कि मस्जिदें और मदरसे छीन लिए जाएंगे। ये सब मुसलमानों को भड़काने के लिए किया जा रहा है।</p>
<p>एक प्रेसवार्ता के दौरान शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ कानून के खिलाफ उग्र धरना प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं। कुछ राजनीतिक लोग मुसलमानों की भावनाओं को भड़का कर अपने राजनीतिक लक्ष्य हासिल करते हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532424/bareilly--first-they-created-a-ruckus-about-caa--now-they-are-scaring-us-with-waqf-law"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/392.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक बार फिर वक्फ संशोधन कानून को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इससे आम मुसलमानों का कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा। चंद राजनीतिक लोग मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं कि मस्जिदें और मदरसे छीन लिए जाएंगे। ये सब मुसलमानों को भड़काने के लिए किया जा रहा है।</p>
<p>एक प्रेसवार्ता के दौरान शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ कानून के खिलाफ उग्र धरना प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं। कुछ राजनीतिक लोग मुसलमानों की भावनाओं को भड़का कर अपने राजनीतिक लक्ष्य हासिल करते हैं। अनुभव बताता है और हमने खुद भी CAA के प्रकरण में देखा भी है, कि राजनीतिक लोगों के बहकावे में मुसलमान सड़कों पर उतरे और जगह-जगह धरना प्रदर्शन किए गए। ये प्रदर्शन चंद घंटों में उग्र हो गई और उत्तर प्रदेश में 27 नौजवानो की जान गई, सैकड़ों नौजवान जेल गए। आज भी बहुत सारे नौजवान जेलों में बंद हैं, जिनका कोई पुरसाने हाल नहीं। </p>
<p><strong>बच्चों को मिलेगा शिक्षा, विधवाओं के सहारा</strong><br />मौलाना ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून गरीब व कमजोर मुसलमानों के हितों के लिए है। वक्फ जमीन से होने वाली आमदनी गरीब मुसलमानों की समाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में लगाई जायेगी। वो परिवार जो गरीब है और अपने बच्चों को गरीबी की वजह से अच्छे स्कूलों में नहीं पढा पा रहे हैं, ऐसे बच्चों की आर्थिक मदद करके पढ़ाई लिखाई में आगे बढ़ाया जायेगा। यतीम बच्चों और विधवा महिलाओं की तरक्की के लिए काम होंगे। स्कूल, कालेज, मदरसे, अस्पताल व यतीमखाने खोले जायेंगे। </p>
<p><strong>धार्मिक स्थलों में सरकार नहीं करेगी हस्तक्षेप</strong><br />शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से धार्मिक स्थलों को कोई खतरा नहीं है। मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानों, दरगाहों को कोई खतरा नहीं है। इन धार्मिक स्थलों की स्थिति जैसी है वैसी ही रहेगी। इन धार्मिक स्थलों में हुकूमत कोई भी हस्तक्षेप नही कर सकती। मुसलमानों को कुछ राजनीतिक लोग अपने स्वार्थों का लाभ लेने के लिए गुमराह कर रहे हैं। लिहाला वह मुसलमानो से अपील करते हैं कि इन राजनीतिक लोगों के बहकावे और उकसावे में न आएं। </p>
<p><strong>CAA से नहीं छिनी किसी मुसलमान की नागरिकता</strong><br />मौलाना ने आगे कहा कि बीते सालों 2019 व 2020 में जब CAA कानून आने वाला था तब राजनीति लोगों ने मुसलमानों को खूब गुमराह किया, और देश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ और शाहीन बाग में महीनों धरना चलता रहा, यहां तक डराया कि आगर CAA कानून लागू हो गया तो मुसलमानो की नागरिकता छीन ली जायेगी, जबकि हकीकत मे ऐसा कुछ भी नही था, और CAA कानून लागू होने के बाद तमाम चीजें स्पष्ट हो गईं कि पूरे भारत मे किसी भी एक मुसलमान की नागरिकता नहीं छीनी गई, बल्कि नागरिकता प्रदान की गई है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/532404/bareilly-30-lakh-electricity-bill-scam-scam-started-the-process">Bareilly: 30 लाख का बिजली बिल घोटाला, फर्जी चेक से हुआ भुगतान...कनेक्शन काटने की प्रकिया शुरू</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532424/bareilly--first-they-created-a-ruckus-about-caa--now-they-are-scaring-us-with-waqf-law</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 15:51:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ कानून के खिलाफ जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा, 'काला कानून वापस लो’ के लगाए नारे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जम्मू। </strong>जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा करने के लिए दिए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को अनुमति न मिलने के बाद नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सदस्यों ने सदन में हंगामा किया जिसके चलते कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। </p>
<p>यह लगातार दूसरा दिन है जब सत्ता पक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से नहीं चलने दिया गया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य सलमान सागर और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सदस्य सज्जाद गनी लोन के नेतृत्व में विधेयक पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532180/ruckus-in-jammu-and-kashmir-assembly-against-waqf-law--scuffle-between-mlas"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats135.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जम्मू। </strong>जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा करने के लिए दिए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव को अनुमति न मिलने के बाद नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सदस्यों ने सदन में हंगामा किया जिसके चलते कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। </p>
<p>यह लगातार दूसरा दिन है जब सत्ता पक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से नहीं चलने दिया गया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य सलमान सागर और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सदस्य सज्जाद गनी लोन के नेतृत्व में विधेयक पर चर्चा के लिए नियत कामकाज को स्थगित करने की मांग उठाई गई। </p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, पीडीपी और कई निर्दलीय विधायक अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए और ‘काला कानून वापस लो’ के नारे लगाए। हंगामे के बीच पीडीपी के विधायक वहीद पारा ने कहा कि वह सदन में एक प्रस्ताव लाना चाहते हैं। </p>
<p>अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया और उन्हें अपनी सीट पर लौटने को कहा। जब वहीद पारा अध्यक्ष के आसान के पास आने का प्रयास करने लगे तब विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर उन्हें मार्शल द्वारा सदन से बाहर कर दिया गया। नेकां, कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों सहित कुल नौ सदस्यों ने सोमवार को भी अध्यक्ष को नियत कामकाज स्थगित कर वक्फ विधेयक पर चर्चा कराने के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया था। सोमवार को भी दो बार स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 10:49:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ कानून: वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सूचीबद्ध करने को लेकर विचार करने पर सोमवार को राजी हो गया। भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार एवं न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इस दलील पर गौर किया कि इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर की गई हैं और उन्हें तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की जरूरत है।</p>
<p>  सिब्बल के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और वकील निजाम पाशा ने भी तत्काल सुनवाई के</p>
<p>जब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532059/wakf-law--supreme-court-will-consider-listing-petitions-challenging-its-validity"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/सुप्रीम-कोर्ट1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सूचीबद्ध करने को लेकर विचार करने पर सोमवार को राजी हो गया। भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार एवं न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इस दलील पर गौर किया कि इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर की गई हैं और उन्हें तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की जरूरत है।</p>
<p> सिब्बल के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और वकील निजाम पाशा ने भी तत्काल सुनवाई के लिए अन्य याचिकाओं का उल्लेख किया। प्रधान न्यायाधीश ने याचिकाओं को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए मामलों का मौखिक उल्लेख करने के चलन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने वकीलों से मामलों को पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराने के लिए पत्र दाखिल करने या मेल भेजने को कहा। </p>
<p>जब सिब्बल ने कहा कि ऐसा पहले ही किया जा चुका है तो प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैं दोपहर में उल्लेख पत्र देखूंगा और फैसला करूंगा। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।’’ पाशा ने लोकसभा सदस्य असदुद्दीन औवेसी की ओर से दायर याचिका का जिक्र किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को शनिवार को अपनी मंजूरी दे दी जिसे पहले संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया था। </p>
<p>कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्ला खान सहित कई लोगों ने इस अधिनियम की वैधता को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिकाएं दायर की हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अपनी याचिका में कहा है कि यह कानून ‘‘देश के संविधान पर सीधा हमला है। संविधान अपने नागरिकों को न केवल समान अधिकार प्रदान करता है बल्कि उन्हें पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता भी देता है।’’ </p>
<p>जमीयत ने कहा, ‘‘यह विधेयक मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता छीनने की एक खतरनाक साजिश है इसलिए हमने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है और जमीयत उलमा-ए-हिंद की राज्य इकाइयां भी अपने-अपने राज्यों के उच्च न्यायालयों में इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देंगी।’’ </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532059/wakf-law--supreme-court-will-consider-listing-petitions-challenging-its-validity</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 13:15:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Waqf Act: वक्फ कानून में संशोधन को विधेयक लाएगी सरकार, विवादित भूमि का नए सिरे से होगा सत्यापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, अमृत विचारः</strong> सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। साथ ही इन निकायों में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके। बताया गया कि यह कदम मुस्लिम समुदाय के भीतर से उठ रही मांगों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करने वाला विधेयक वक्फ बोर्ड के लिए अपनी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारियों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर देगा। देश में 30 वक्फ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484330/waqf-act-government-will-bring-a-bill-to-amend-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/सावन-2024-(2).png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली, अमृत विचारः</strong> सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। साथ ही इन निकायों में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके। बताया गया कि यह कदम मुस्लिम समुदाय के भीतर से उठ रही मांगों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करने वाला विधेयक वक्फ बोर्ड के लिए अपनी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारियों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर देगा। देश में 30 वक्फ बोर्ड हैं।<br />सूत्रों के अनुसार रविवार को बताया कि देश में वक्फ बोर्ड के पास करीब 52 हजार संपत्तियां हैं। वर्ष 2009 तक 4 लाख एकड़ भूमि पर 3 लाख पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं। वर्तमान में, 8 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर 8,72,292 ऐसी संपत्तियां हैं। वक्फ द्वारा अर्जित राजस्व का उपयोग केवल मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए किया जा सकता है।</p>
<p>मौजूदा कानून में 40 से अधिक बदलावों वाला संशोधन विधेयक मौजूदा संसद सत्र में लाया जा सकता है। कानून में प्रस्तावित प्रमुख बदलावों में बोर्ड द्वारा किसी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित करने से पहले उसका सत्यापन सुनिश्चित करना शामिल है। विभिन्न राज्य बोर्ड द्वारा दावा की गई विवादित भूमि का नए सिरे से सत्यापन भी किया जाएगा। वक्फ बोर्ड में महिलाओं को शामिल करना होगा। सूत्रों ने कानून में संशोधन के लिए न्यायमूर्ति सच्चर आयोग और के रहमान खान की अध्यक्षता वाली संसद की संयुक्त समिति की सिफारिशों का हवाला दिया।</p>
<p><strong>‘टच मी नॉट’ की सनक-सियासत से आना होगा बाहर: नकवी</strong><br />अल्पसंख्यक मामलों के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को ‘एक्स’ पर कहा कि वक्फ की कार्यशैली को ‘टच मी नॉट’ (अछूत) की सनक-सियासत से बाहर आना होगा। समावेशी सुधारों पर सांप्रदायिक वार ठीक नहीं है। भाजपा नेता अजय आलोक ने कहा कि वक्फ बोर्ड में सुधार की मांग कोई नई बात नहीं है, यह पिछले 30-40 साल से चल रही है। जो लोग यह मांग उठा रहे हैं और इससे प्रभावित हैं, वे खुद मुसलमान हैं। वक्फ बोर्ड में सुधार की जरूरत है और मुझे उम्मीद है कि जब भी यह विधेयक पेश किया जाएगा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस इसका समर्थन करेंगी।</p>
<p><strong>वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति व शक्तियों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं</strong><br />ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने रविवार को कहा कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एआईएमपीएलबी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दलों और विपक्षी दलों से भी आग्रह किया कि वे ऐसे किसी भी कदम को पूरी तरह से खारिज करें, संसद में ऐसे संशोधनों को पारित न होने दें। बोर्ड के प्रवक्ता एसक्यूआर इलियास ने एक बयान में कहा कि बोर्ड इस कदम को विफल करने के लिए सभी प्रकार के कानूनी और लोकतांत्रिक उपाय अपनाएगा।</p>
<p><strong>केंद्र का प्रस्ताव धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ: ओवैसी</strong><br />एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को आरोप लगाया कि सरकार वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता छीनना चाहती है। उन्होंने यहां कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के बारे में मीडिया में खबरें आ रही हैं। जिनसे पता चलता है कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार वक्फ संपत्ति के संचालन में हस्तक्षेप करना चाहती है। यह अपने आप में धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। यदि वक्फ बोर्ड की स्थापना और संरचना में कोई संशोधन किया जाता है तो प्रशासनिक अराजकता पैदा होगी और वक्फ बोर्ड अपनी स्वायत्तता खो देगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="राज्यपाल संतोष गंगवार का हुआ भव्य स्वागत, कहा- हर किसी को जनता का इतना प्यार नहीं मिलता" href="https://www.amritvichar.com/article/484309/bareilly-news-santosh-gangwar-had-a-grand-celebration-and-said#gsc.tab=0">राज्यपाल संतोष गंगवार का हुआ भव्य स्वागत, कहा- हर किसी को जनता का इतना प्यार नहीं मिलता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 12:43:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>ज्ञानवापी मामला: जिला अदालत में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने वक्फ कानून पर उठाये सवाल, जानें क्या कहा</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर मामले में जिला जज की अदालत के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हिंदू पक्ष ने यह मामला वक्फ अधिनियम 1995 के दायरे से बाहर होने की बात कही। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में लगातार चौथे दिन सुनवाई के दौरान …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/249117/gyanvapi-case-during-the-hearing-in-the-district-court-the-hindu-side-raised-questions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/untitled24-10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी।</strong> उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर मामले में जिला जज की अदालत के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हिंदू पक्ष ने यह मामला वक्फ अधिनियम 1995 के दायरे से बाहर होने की बात कही। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में लगातार चौथे दिन सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से जिरह पूरी की गयी।</p>
<p>ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी स्थल पर नियमित पूजा अर्चना की अनुमति देने संबंधी अर्जी पर सुनवाई कर रही अदालत में मुस्लिम पक्ष अपनी बहस पूरी कर चुका है। अदालत ने अब सुनवाई की अगली तारीख 18 जुलाई तय की है। सुनवाई के बाद मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने कहा कि सोमवार को अदालत में इस वाद की पोषणीयता पर सुनवाई होगी।</p>
<p>हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उन्होंने जिरह के दौरान वक्फ कानून की वैधानिकता को सवालों के घेरे में खड़ा किया। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में वक्फ अधिनियम 1995 और पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) कानून 1991 लागू ही नहीं होते हैं। जैन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के वकील ने दलील दी कि वाद से जुड़ा स्थान वक्फ की संपत्ति संख्या 100 के रूप में दर्ज है। इसलिये यह वक्फ कानून के दायरे में आयेगी।</p>
<p>इसके जवाब में जैन ने कहा कि इस तरह का कोई गजट नोटिफिकेशन हुआ ही नहीं है, ना ही दस्तावेजों में इसे दर्ज किया गया है। इसे साबित करने वाले कोई दस्तावेज भी मौजूद नहीं हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://amritvichar.com/gyanvapi-case-the-judge-who-ordered-the-survey-received-threats-increased-security/">ज्ञानवापी मामलाः सर्वे का आदेश देने वाले जज को मिली धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा</a></strong></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jul 2022 22:36:07 +0530</pubDate>
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