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                <title>Employees Organization - Amrit Vichar</title>
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                <description>Employees Organization RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Lucknow News: कर्मचारी संगठनों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, आंदोलन की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>हजरतगंज स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में शनिवार को प्रदेशभर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों की बैठक आयोजित हुई। उत्तर प्रदेश कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी के आह्वान पर कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया।</span></p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों से सरकार कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा कर रही है और लंबित मांगों पर कोई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576837/lucknow-news--employees--organizations-opened-a-front-against-the-government--warned-of-agitation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/आंदोलन.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>हजरतगंज स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में शनिवार को प्रदेशभर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों की बैठक आयोजित हुई। उत्तर प्रदेश कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी के आह्वान पर कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया।</span></p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, राज्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों से सरकार कर्मचारी संगठनों की उपेक्षा कर रही है और लंबित मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">प्रतिनिधियों ने कहा कि कार्मिक विभाग द्वारा हर माह बैठक के निर्देश जारी होने के बावजूद शासन स्तर पर उनका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी कर्मचारी संगठन एकजुट होकर एक मंच से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही जो संगठन इस बैठक में शामिल नहीं हो सके, उन्हें जोड़ने के लिए 8 अप्रैल को फिर बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:00:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर के कर्मचारी और शिक्षक सरकार से नाराज, 23 अगस्त को हो सकती है आंदोलन की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार ।</strong> देशभर के कर्मचारी और शिक्षक मौजूदा सरकार की नीतियों से नाराज हैं, बताया जा रहा है कि कर्मचारियों की अपील के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आक्रोशित कर्मचारी जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) ने 23 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0.jpg" alt="वीपी मिश्र" width="1200" height="720" />
इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र

<p>  </p>
<p style="text-align:justify;">इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा और महासचिव प्रेमचंद ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री और एनडीए शासित राज्यों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547942/employees-and-teachers-across-the-country-can-announce-the-movement"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/वीपी-मिश्र.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार ।</strong> देशभर के कर्मचारी और शिक्षक मौजूदा सरकार की नीतियों से नाराज हैं, बताया जा रहा है कि कर्मचारियों की अपील के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आक्रोशित कर्मचारी जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) ने 23 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0.jpg" alt="वीपी मिश्र" width="1280" height="720"></img>
इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा और महासचिव प्रेमचंद ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर कर्मचारी समस्याओं पर सार्थक चर्चा का आग्रह किया गया, लेकिन किसी प्रदेश की सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया । इससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर सार्थक कदम नहीं उठाए, तो 23 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा निश्चित है। कर्मचारियों की नाराजगी का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ेगा, जिसका सत्ताधारी दल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है, इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार की होगी।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-02/%E0%A4%85%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE.jpg" alt="अतुल-मिश्रा" width="1200" height="675"></img>
इप्सेफ के उपमहासचिव अतुल मिश्रा

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">उपमहासचिव अतुल मिश्रा के मुताबिक उत्तर प्रदेश में स्थिति और भी गंभीर है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बार-बार आग्रह के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं पर कोई सार्थक बैठक  नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के साथ एक बार बैठक हुई भी तो कार्यवृत्त ही जारी नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव (कार्मिक) द्वारा कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं अन्य विभागीय संगठनों के अध्यक्ष/ महामंत्री के सचिवालय प्रवेश पत्र तक नहीं बनाए जा रहे, जिससे सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद पूरी तरह ठप है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इप्सेफ की मांग</strong></p>
<p style="text-align:justify;">1-पुरानी पेंशन बहाली।<br />2-आठवीं वेतन आयोग का गठन करके वेतन भत्तों पर निर्णय किया जाना।<br />3-आउटसोर्सिंग ठेका कर्मचारी को विनियमित करण की नीति बनाने।<br />4- सरकारी संस्थाओं का निजीकरण न किया जाए विभागों में रिक्त पदों पर तत्काल भर्तियां की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/547897/yogi-government-transferred-12-pcs-officers--garima-singh-became-additional-district-magistrate-of-amroha">योगी सरकार ने किया 12 PCS अफसरों का तबादला, गरिमा सिंह बनीं अमरोहा की अपर जिलाधिकारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 19:55:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग : प्रमुख सचिव से मिले संगठन के पदाधिकारी, कर्मचारियों की इन मांगों पर बनी बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong>  चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा की अगुवाई में कई संगठनों के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को रखा। जिस पर प्रमुख सचिव ने तत्काल निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट एवं बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से सचिवालय में मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">एलटी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश रावत और महामंत्री कमल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/521899/the-officials-of-the-organization-met-the-principal-secretary-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/शर्मा-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा की अगुवाई में कई संगठनों के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को रखा। जिस पर प्रमुख सचिव ने तत्काल निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट एवं बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से सचिवालय में मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">एलटी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश रावत और महामंत्री कमल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रमुख सचिव ने वेतन विसंगति के संबंध में समिति की बैठक में संवर्ग का पक्ष रखने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि कैडर रिव्यू, पदनाम परिवर्तन की प्रक्रिया को गति प्रदान कर निर्णय कराया जाएगा, साथ ही शैक्षिक योग्यता स्नातक करने के लिए सहमति व्यक्त की। मानकीकरण, एसीपी को सीएमओ स्तर पर कमेटी गठित कर कराने की बात कही है। अभी एसीपी डीजी स्तर पर होता है, जिसमें लंबा समय लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में ऐक्स-रे टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष राममनोहर कुशवाहा और महासचिव दिलीप कुमार ने जानकारी दी है कि कर्मचारियों के प्रमोशन पर प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि जांच कर समुचित पत्रावली वित्त विभाग को भेजी जाए, पद नाम परिवर्तन और जोखिम भत्ते पर अन्य राज्यों का उदाहरण भी दिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश बेसिक हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय तिवारी और महामंत्री शिवसागर शुक्ला ने बैठक में प्रमुख रूप से स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला-पुरुष की वेतन विसंगति पर चर्चा की, जिस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि यह विषय न्यायालय के अधीन है, न्यायालय के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जी.एम. सिंह और संगठन सचिव एस.पी. सिंह ने बताया कि वेतन विसंगति के प्रकरण में प्रमुख सचिव ने उचित कदम उठाने की बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया है कि एसीपी विलंब से स्वीकृति प्रदान करने पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी प्रकट करते हुए महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिए हैं कि ए.सी.पी. जिलों में स्क्रीनिंग कमेटी गठित करके जनपद से ही स्वीकृति प्रदान कराई जाए। इसके अलावा जिलों में स्थित जिला चिकित्सालयों को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने से वहां तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को सीएचसी और पीएचसी में तैनाती दी जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/521825/mahakumbh-2025-the-number-of-bathing-people-in-mahakumbh-will">Mahakumbh 2025: महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या पहुंची 45 करोड़ के पार, माघ पूर्णिमा पर भी बनेगा रिकॉर्ड</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 19:57:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2025: बजट को कर्मचारी संगठनों ने बताया खट्टा-मीठा, पुरानी पेंशन और महंगाई भत्ते को लेकर कही यह बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार 8वीं बार बजट पेश किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बजट में बड़ी राहत देते हुए कई चीजों के दाम कम किए हैं। हालांकि, इस बजट को कर्मचारी संगठनों ने कर्मचारी हित में खट्टा-मीठा बताया है। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन और 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय की घोषणा का इंतजार था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका है। कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519784/employee-organizations-told-budget-2025-budget-told-this-matter-about"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/कर्मचारी-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार 8वीं बार बजट पेश किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बजट में बड़ी राहत देते हुए कई चीजों के दाम कम किए हैं। हालांकि, इस बजट को कर्मचारी संगठनों ने कर्मचारी हित में खट्टा-मीठा बताया है। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन और 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय की घोषणा का इंतजार था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका है। कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तर प्रदेश के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने केंद्रीय बजट 2024-25 में NHM के लिए 36,000 करोड़ रुपये के आवंटन का स्वागत किया है। यह पिछले वर्ष के 31,550 करोड़ रुपये की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही, हमें यह भी अपेक्षा है कि इस बढ़े हुए बजट से संविदा कर्मचारियों को "समान कार्य समान वेतन" और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे वे प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराते हुए प्रदेश के नागरिकों की सेवा कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इप्सेफ ने इनकम टैक्स में छूट का किया स्वागत</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्रा, महासचिव प्रेमचंद और उप महासचिव व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बजट 2025 को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वित्त मंत्री की तरफ से संसद में पेश किया गया बजट कर्मचारियों के लिए बेहतर है। इस बजट में आयकर सीमांकन में 12 लाख तक की आय पर छूट देना स्वागत योग्य है। वीपी मिश्रा ने बताया कि इप्सेफ ने नेट 10 लाख की मांग की थी। 12 लाख की छूट से अल्प श्रेणी के कर्मचारियों को राहत मिलेगी। उन्होंने वित्त मंत्री से मांग की है कि सीनियर सिटीजन को रेलवे किराया तथा अन्य मदों में विशेष छूट भी प्रदान की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव स्वागत योग्य</strong></p>
<p style="text-align:justify;">फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बजट पर प्राथमिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव, 12 लाख तक की आय करमुक्त किया जाना स्वागत योग्य है, जो मध्यम वर्ग के नागरिकों और छोटे कार्मिकों के लिए लाभकारी होगा। इसके अलावा, 36 और कैंसर मेडिसिन को कस्टम ड्यूटी से मुक्त किया गया है, जो पीड़ित मरीजों को राहत देगी। उन्होंने कहा कि GIG (जिज) श्रमिकों अर्थात संविदा प्रथा और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने के स्थान पर बढ़ावा दिया जा रहा है, स्थाई रोजगार सृजन न होने से तकनीकी और उच्च योग्यता धारक लोगों को अल्प वेतन और भविष्य की असुरक्षा के बीच कार्य करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा का अधिकार भी लागू किया जाना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">ये पूरा देश मानता है कि आपदा काल में देश का सरकारी कर्मी और फार्मा उद्योग ने बड़ी जनहानि को रोका था, देश का नाम विश्व पटल पर स्वर्णाक्षरों में लिखा गया, लेकिन बजट में एक बार भी सरकारी कर्मियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया। कर्मचारी सरकार की नीतियों का पालन करता है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है, लेकिन कर्मचारियों को हमेशा ही सौतेलेपन का शिकार होना पड़ता है। अधिकांश सरकारी कर्मी इस देश के मध्यम वर्ग का नागरिक है, जो देश की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। जिला चिकित्सालयों में कैंसर मरीजों के लिए डे केयर बनाए जाने की घोषणा अत्यंत महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश में फार्मेसी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, तकनीकी रूप से श्रेष्ठ मानव संसाधन 'फार्मेसिस्ट' उपलब्ध हैं। देश में ड्रग रिसर्च, निर्माण, औषधि व्यापार, चिकित्सालयों में फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता के साथ चिकित्सालयों में फार्माकोविजिलेंस की घोषणा आवश्यक थी। देश में लगभग 38 लाख योग्य फार्मा तकनीकी योग्यता धारक हैं, आखिर इनकी तकनीकी क्षमता का उपयोग कहां होगा, यह विचारणीय है। बजट में स्थाई रोजगार की घोषणा नहीं है, कर्मचारी कल्याण की घोषणा नहीं हुई है, अतः यह बजट कर्मचारी हितों के प्रतिकूल हुआ, वहीं आयकर स्लैब के बदलाव से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रदीप गंगवार बोले खत्म हुआ वनवास</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-02/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA-%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0-(1).jpg" alt="प्रदीप गंगवार (1)" width="1280" height="720"></img><br />केजीएमयू के उप नर्सिंग अधीक्षक प्रदीप गंगवार ने कहा है कि पिछले दस वर्षों में नौकरी पेशा वर्ग आयकर से बहुत आहत और कुंठित महसूस कर रहा था। आज, दस वर्षों के वनवास के बाद, नौकरी पेशा वर्ग का स्वर्णिम समय आया है। हम सरकार के इस उचित निर्णय का स्वागत करते हैं और मिलने वाली टैक्स छूट की राशि को टी.बी. मरीज़ों पर खर्च करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/519722/khelo-india-announced-the-increase-of-350-crores-in-budget">Budget 2025: खेल में 350 करोड़ की बढ़ोतरी की घोषणा, ‘Khelo India’ को मिला सबसे बड़ा हिस्सा </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519784/employee-organizations-told-budget-2025-budget-told-this-matter-about</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 19:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: 22 अक्टूबर से शुरू होगा आंदोलन, कर्मचारियों ने बनाई यह खास रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>जलकल कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जलकल विभाग के  कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। 22 अक्टूबर को कर्मचारी ऐशबाग मुख्यालय पर एकत्रित होंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p>मंगलवार को भी कर्मचारियों ने आलमबाग स्थित चंदर नगर पानी की टंकी पर सभा कर एक अपील जारी की है। यह अपील कर्मचारियों को एकजुट होने के लिए जारी की गई है। संघर्ष समिति के उप संयोजक शिव गोविन्द ने बताया है कि यह आंदोलन कर्मचारियों,सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों की 22 सूत्रिये मांगों को लेकर है। इसलिए सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/499738/lucknow--agitation-will-begin-from-october-22--employees-have-made-this-special-strategy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/cats296.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>जलकल कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जलकल विभाग के  कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। 22 अक्टूबर को कर्मचारी ऐशबाग मुख्यालय पर एकत्रित होंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p>मंगलवार को भी कर्मचारियों ने आलमबाग स्थित चंदर नगर पानी की टंकी पर सभा कर एक अपील जारी की है। यह अपील कर्मचारियों को एकजुट होने के लिए जारी की गई है। संघर्ष समिति के उप संयोजक शिव गोविन्द ने बताया है कि यह आंदोलन कर्मचारियों,सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों की 22 सूत्रिये मांगों को लेकर है। इसलिए सभी कर्मचारियों को एकजुट रहना है। तभी हमारी ताकत का एहसास अधिकारियों को होगा।</p>
<p> बैठक में डीबी सिंह चौहान ने ऐशबाग महाप्रबंधक कार्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन और अनशन के लिए सभी को तैयार रहने के लिए कहा है।</p>
<h5>ये हैं प्रमुख मांगे</h5>
<p>-आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी का भुगतान किया जाये। </p>
<p>-दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किया जाये।</p>
<p>-त्योहार में अवकाश मिले।</p>
<p>-स्थाई कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जलकल और सीवर के कर में छूट प्रदान किया जाये।</p>
<p>-सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया समय पर दिया जाये।</p>
<p>- राज्य कर्मचारियों की तरह निकाय कर्मियों को भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सा कैशलैस की सुविधा मिले।</p>
<p>-मृतक आश्रितों को नौकरी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/499602/sco-summit-in-pakistan-first-visit-of-an-indian-foreign">SCO Summit In Pakistan: 9 साल बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री का पहला पाकिस्तान दौरा, एससीओ समिट में होंगे शामिल...जानिए क्या बोले जयशंकर?</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/499738/lucknow--agitation-will-begin-from-october-22--employees-have-made-this-special-strategy</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 21:05:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: UP का एक विभाग ऐसा जहां कर्मचारियों को नहीं मिलता प्रमोशन, जानिये वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश में सभी सरकारी विभागों के स्थाई कर्मचारियों को प्रमोशन मिलता है, लेकिन एक विभाग ऐसा भी है जहां पर आजादी के 77 साल बाद भी किसी कर्मचारी को प्रमोशन नहीं मिलता है। इसके पीछे की वजह सेवा नियमावली का न होना बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं प्रमोशन होना तो दूर की बात इस विभाग के कर्मचारियों की कई अन्य सेवा संबंधी समस्याएं हैं, लेकिन उसका भी समाधान नहीं हो रहा है। इस विभाग के कर्मचारियों की माने तो सरकार हमारे साथ न्याय नहीं कर रही है। यह दुर्दशा नगर निगम, नगर पालिका और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/497717/there-is-a-department-of-lucknow-up-where-employees-do"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/कर्मचारी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश में सभी सरकारी विभागों के स्थाई कर्मचारियों को प्रमोशन मिलता है, लेकिन एक विभाग ऐसा भी है जहां पर आजादी के 77 साल बाद भी किसी कर्मचारी को प्रमोशन नहीं मिलता है। इसके पीछे की वजह सेवा नियमावली का न होना बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं प्रमोशन होना तो दूर की बात इस विभाग के कर्मचारियों की कई अन्य सेवा संबंधी समस्याएं हैं, लेकिन उसका भी समाधान नहीं हो रहा है। इस विभाग के कर्मचारियों की माने तो सरकार हमारे साथ न्याय नहीं कर रही है। यह दुर्दशा नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के कर्मचारियों की है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि 25 अक्टूबर तक यदि कर्मचारियों के हित में कोई फैसला सरकार नहीं लेती है, तो प्रदेश व्यापी कार्यबंदी ही एक मात्र रास्ता बचेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%8B.jpg" alt="कर्मचारी दो" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, निकाय कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है। यही वजह है कि कर्मचारी संघ ने इसी माह में आंदोलन का ऐलान कर रखा था, लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एके शर्मा से उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का समय रहते निर्णय कराएं जाने का अनुरोध किया। जिस पर मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आंदोलन की तारीख से पहले बैठक करने का आश्वासन दिया है, लेकिन कर्मचारी संघ ने अपना रुख साफ कर रखा है कि यदि बैठक के बाद भी बात नहीं बनी तो आंदोलन निश्चित है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>संदेश यात्रा के जरिये कर्मचारी हो रहे एकजुट</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने संदेश यात्रा शुरू कर रखी है। इस यात्रा के जरिये कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक किया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों में एक जुटता बढ़ती जा रही है। यह यात्रा बीते लंबे समय से चल रही है और यूपी के सभी जिलों में संगठन के प्रदाधिकारी लगातार कर्मचारियों से मिल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8.jpg" alt="कर्मचारी तीन" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने बताया कि लखनऊ मंडल और बाराबंकी जिले की दरियाबाद नगर पंचायत, टिकैत नगर, रामसनेही घाट, हैदरगढ़ नगर पचायंतो में अवधक्षेत्र के अध्यक्ष राम कुमार रावत, उपाध्यक्ष मो.हनीफ, संजय चन्द्रा, विजय यादव समेत अन्य कर्मचारी प्रतिनिधियों ने जनजागरण अभियान चलाया है। जिससे स्थानीय और शासन स्तर पर निकाय कर्मियों की समस्याओं की जानकारी पहुंच सके। उन्होंने बताया कि बीते कई वर्षों से महासंघ ने सैकड़ों आन्दोलन किये, पत्राचार, ज्ञापन आदि के जरिये भी कर्मचारियों की समस्या नगर विकास विभाग  तक पहुंचाई, लेकिन आज तक समाधान का एक कदम भी कर्मचारियों के हित में नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि निकायों में आज कोई भी अकेन्द्रियत सेवा नियमावली ही नहीं है, जिससे सफाई कर्मचारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी के किसी एक भी संवर्ग की पदोन्नति नहीं हो पा रही है। वहीं लिपिक, टैक्स विभाग,लेखा , अभियंत्रण, जलकल जल संस्थानों, मार्ग प्रकाश, कूड़ा निस्तारण, ड्राइवर, कम्प्यूटर आपरेटर, आदि किसी एक संवर्ग की न ही वेतन विसंगति दूर हुई और न ही पदोन्नति हो सकी। दैनिक वेतन, संविदा, तदर्थ पर नियुक्ति कर्मचारियों पर वर्ष 2016 को जारी विनियमितिकरण के आदेश भी निकायों पर लागू नहीं हो सका</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/497706/sanjay-singhs-big-allegation-bjp-now-wants-to-capture#gsc.tab=0">संजय सिंह का बड़ा आरोप- दिल्ली में भाजपा अब मुख्यमंत्री आवास पर करना चाहती हैं कब्जा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/497717/there-is-a-department-of-lucknow-up-where-employees-do</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 15:32:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: वेतन विसंगति, कैडर पुनर्गठन, कैशलेस इलाज समेत अन्य मांगों पर अड़े कर्मचारी, 2 घंटे सत्याग्रह कर जतायेंगे विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> इप्सेफ के आवाहन पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारी 6 मार्च को 2 घंटे का सांकेतिक सत्याग्रह करेंगे। इसका निर्णय इन्दिरा भवन महासंघ कार्यालय में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक में लिया गया है। सांकेतिक सत्याग्रह के दौरान कर्मचारी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (IPSIF) के बैनर तले कर्मचारी पूरे देश में सत्याग्रह करने का निर्णय ले चुके हैं। यह निर्णय रविवार को छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर में हुई बैठक के दौरान इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों ने लिया था। इस दौरान यह निर्णय भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/446080/lucknow-employees-adamant-on-salary-discrepancy-cadre-restructuring-cashless-treatment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/फोटो-बैठक.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> इप्सेफ के आवाहन पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारी 6 मार्च को 2 घंटे का सांकेतिक सत्याग्रह करेंगे। इसका निर्णय इन्दिरा भवन महासंघ कार्यालय में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक में लिया गया है। सांकेतिक सत्याग्रह के दौरान कर्मचारी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (IPSIF) के बैनर तले कर्मचारी पूरे देश में सत्याग्रह करने का निर्णय ले चुके हैं। यह निर्णय रविवार को छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर में हुई बैठक के दौरान इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों ने लिया था। इस दौरान यह निर्णय भी लिया गया था कि सत्याग्रह के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा, साथ ही यह पूरा सत्याग्रह महात्मा गांधी जी के सिद्धांतों पर होगा। इसी के तहत लखनऊ में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक हुई। जिसमें इप्सेफ द्वारा घोषित कार्यक्रम का यूपी में करने का सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया। इस बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार रावत, महामंत्री अतुल मिश्र, राज्य कर्मचारी महासंघ व जवाहर भवन, इन्दिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पाण्डे, महामंत्री राम कुमार धानुक राजकीय निगम महासंघ के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, महामंत्री घनश्याम यादव, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री गिरीश चन्द मिश्र, फेडरेशन आफ फार्मासिस्ट के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष व कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के महासचिव शशि कुमार मिश्र विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव, फेडरेशन आफ फारेस्ट के महामंत्री आशीष पाण्डेय आदि उपस्थिति रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोर्चा के महासचिव शशि कुमार मिश्र ने इप्सेफ के निर्णय के प्रस्ताव को बैठक में रखा जिस पर मोर्चा के सभी पदाधिकारियों ने समर्थन किया है। 6 मार्च को  लखनऊ में नगर निगम पर सत्याग्रह में सत् प्रतिशत भागीदारी करने का निर्णय लिया। बैठक में यह भी आक्रोश व्यक्त किया गया कि उप्र सरकार 7 वें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों पर वेतन समिति की संस्तुतियों को लागू नहीं हो रही है। जिसकी वजह से कर्मचारियों में अत्यधिक आक्रोश व्याप्त है। रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नतियां भी समय से नहीं हो रही है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को विभागीय रिक्त पदों पर नहीं रखा जा रहा है जो कि गलत है। घाटे में चल रहे राजकीय निगमों के कर्मचारियों को वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधायें नहीं मिल रही है। स्थानीय निकाय कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां, कैडर पुनर्गठन तक दैनिक कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं हो रहा है। तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। जिससे कर्मचारी एवं शिक्षक अत्यधिक आक्रोशित है। कैशलेश इलाज की व्यवस्था भी ठीक से लागू नहीं हो पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी संगठनों ने सत्याग्रह को पूरा सफल बनाने का संकल्प लिया। मोर्चा ने प्रदेश सरकार से आग्रह भी किया कि यदि मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो जल्द ही बड़ा आन्दोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। मोर्चा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश की लम्बित मांगों पर तत्काल स्वयं बैठक करके निर्णय करके आपसी सद्भाव कायम करे। इससे प्रदेश के विकास में तेजी आयेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें :<a href="https://www.amritvichar.com/article/446058/breaking-news-anti-demo-vehicle-running-in-cms-fleet-collides#gsc.tab=0">सीएम योगी की फ्लीट में चल रही एंटी डेमो गाड़ी कार से भिड़ी, कई पुलिसकर्मी समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Feb 2024 23:03:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : 27 पेज और 97 पैरा के बजट में कर्मचारियों के हाथ लगी निराशा, जानें संगठनों ने क्या कहा....</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> बजट-2024  पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताईं। उसके बाद बजट पेश किया। जिस पर उत्तर प्रदेश के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं उत्तर प्रदेश फार्मासिस्ट फडरेशन की तरफ से कहा गया है कि इनकम टैक्स में कोई छूट ना दिए जाने, पुरानी पेंशन,  ठेकेदारी प्रथा और संविदा की जगह स्थाई रोजगार सृजन की घोषणा नही होने से केवल कर्मचारियों को नहीं बल्कि आम जनता को भी नुकसान हुआ है। इस बजट से 35 लाख फार्मेसिस्टों की तकनीकी क्षमता का जनता को फायदा नहीं मिलेगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/440063/there-is-no-mention-of-employees-in-the-lucknow-budget"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/bjut.jpg111.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> बजट-2024  पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताईं। उसके बाद बजट पेश किया। जिस पर उत्तर प्रदेश के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं उत्तर प्रदेश फार्मासिस्ट फडरेशन की तरफ से कहा गया है कि इनकम टैक्स में कोई छूट ना दिए जाने, पुरानी पेंशन,  ठेकेदारी प्रथा और संविदा की जगह स्थाई रोजगार सृजन की घोषणा नही होने से केवल कर्मचारियों को नहीं बल्कि आम जनता को भी नुकसान हुआ है। इस बजट से 35 लाख फार्मेसिस्टों की तकनीकी क्षमता का जनता को फायदा नहीं मिलेगा। साथ ही अन्य योजनाओं की तरह सभी को चिकित्सा और स्वास्थ्य का अधिकार भी मिलना चाहिए।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5.jpg" alt="सुनील यादव"></img>
सुनील यादव, अध्यक्ष, फार्मासिस्ट फेडरेशन

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश फार्मासिस्ट फडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा है कि भारत सरकार का अंतरिम बजट कर्मचारी हित के मामले में निराशाजनक है । पूरे बजट में कर्मचारियों के हित के लिए कोई घोषणा नहीं है । पुरानी पेंशन की घोषणा नहीं की गई, संविदा प्रथा और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने के स्थान पर बढ़ावा दिया जा रहा है, स्थाई रोजगार सृजन न होने से तकनीकी योग्यता धारक लोगों को अल्प वेतन और भविष्य की असुरक्षा के बीच कार्य करना पड़ रहा है। सरकार आमजन के लिए अनेक योजनाएं लेकर आ रही है लेकिन सभी के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा का अधिकार भी लागू किया जाना जनहित में है ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरा देश मानता है कि आपदा काल में देश का सरकारी कर्मी और फार्मा उद्योग ने बड़ी जनहानि को रोका था, देश का नाम विश्व पटल पर स्वर्णाक्षरों में लिखा गया, लेकिन 27 पेज के 97 पैरा वाले बजट भाषण में वित्त मंत्री जी ने एक बार भी सरकारी कर्मियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया । कर्मचारी सरकार की नीतियों का पालन करता है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है, लेकिन कर्मचारियों को हमेशा ही सौतेलेपन का शिकार होना पड़ता है अधिकांश सरकारी कर्मी इस देश के मध्यम वर्ग का नागरिक है जो देश की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है । सरकारी कर्मचारी सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाला होता है और सबसे ईमानदारी के साथ आयकर का भुगतान करता है इसलिए हमेशा यह आशा रहती है कि सरकार अपने बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए भी कुछ ना कुछ राहत देगी और उनके विकास के लिए कुछ ना कुछ योजना लेकर आएगी ।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में फार्मेसी क्षेत्र में अपर संभावनाएं हैं, तकनीकी रूप से श्रेष्ठ मानव संसाधन ' फार्मेसिस्ट' उपलब्ध हैं । देश में ड्रग रिसर्च, निर्माण, औषधि व्यापार , चिकित्सालयों में फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता के साथ चिकित्सालयों में फार्माकोविजिलेंस की घोषणा आवश्यक थी । देश में लगभग 35 लाख योग्य फार्मा तकनीकी योग्यता धारक है, आखिर इनकी तकनीकी क्षमता का उपयोग कहां होगा यह विचारणीय है । बजट में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा तो की गई है लेकिन वर्तमान ढांचा का उपयोग करते हुए । व्यवहारिक रूप से वर्तमान ढांचा को मेडिकल कॉलेज बनाए जाने पर जनता को निःशुल्क औषधियां, निशुल्क इलाज और सुविधाएं जो पूर्व से उपलब्ध हो रहीं थीं, उसके बारे में कोई योजना नहीं होती, वहीं कर्मचारियों के पदों में बड़ी विषमता पैदा हो जाती है । बजट में स्थाई रोजगार की घोषणा नहीं है, कर्मचारी कल्याण की घोषणा नहीं हुई है अतः यह बजट कर्मचारी हितों के प्रतिकूल है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>निराश करने वाला बजट</strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/%E0%A4%85%E0%A4%A4%E0%A5%81%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE.jpg" alt="अतुल मिश्रा"></img>
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने इस बार के बजट को कर्मचारियों के लिए निराशा पैदा करने वाला बताया है। पूरे बजट में कर्मचारियों के लिए कोई घोषणा नहीं की कई है। यह बजट कर्मचारियों के प्रतिकूल है। इस बजट से कर्मचारियों का नुकसान आने वाले समय में पता चलेगा। यह हाल तब है जब कर्मचारी ही सरकार की योजनाओं को पूरा कराने में अहम योगदान देता है। इसके बाद भी कर्मचारियों की अनदेखी कई सवाल भी खड़े करती है। पहला सवाल तो यही है कि क्या सरकार कर्मचारियों को दूसरे दर्जे का नागरिक समझती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इस सरकार ने कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया</strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%AE-(1).jpg" alt="अरविंद निगम (1)"></img>
केजीएमयू स्थित लिंब सेंटर के पूर्व कार्यशाला प्रबंधक अरविंद निगम

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">केजीएमयू स्थित लिंब सेंटर के पूर्व कार्यशाला प्रबंधक अरविंद निगम इस सरकार से मध्यम वर्गीय, सरकारी कर्मचारी कोई आशा न रखे, पूर्ववर्ती इतिहास देख लें सरकारी कर्मचारियों के लिए ये सरकार हमेशा उदासीन रही है। कोई उम्मीद भी नही था आज जो डीए की समानता है या वेतन आयोग वो सब गैर बीजेपी सरकारों की देन है, 7th पे कमीशन में क्या किया गया है हम सब जानते हैं। खैर चुनने वाले तो हम लोग ही हैं तो प्रसाद तो खाना ही पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>निजीकरण की ओर भागती जा रही सरकार :  विजय कुमार बंधु</strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%AF-(1).jpg" alt="विजय (1)"></img>
NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने आज संसद में केंद्रीय वित्तमंत्री की तरफ से लाये गए बजट को बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बजट वर्तमान सरकार का आखिरी बजट था, इस बजट के बाद सरकार को चुनाव में जाना है। इस कारण देश का लाखों शिक्षक व कर्मचारी प्रधानमंत्री की तरफ काफी आशा भरी नजरों से देख रहा था कि भारत सरकार बजट में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा करेगी किंतु पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा न होने से शिक्षक व कर्मचारियों में मायूसी है। यह देश का दुर्भाग्य है कि देश कि सेवा में दिन-रात लगे रहने वाले करोड़ों कर्मचारियों के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया गया। निजीकरण बढ़ता जा रहा है, रोजगार पर भी कोई स्पष्ट विजन नहीं आया, जिससे रोजगार के अवसर भी उपलब्ध नहीं होगे और आउटसोर्सिंग संविदा के तहत कर्मचारियों का शोषण लगातार जारी रहेगा।।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश महामंत्री डॉक्टर नीरजपति त्रिपाठी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षक कर्मचारियों के विषय पर वर्तमान सरकार संवेदनहीन है जबकि देश के विकास में उसका अतुलनीय योगदान है उसके बाद भी इस तरह नजरअंदाज करना सरकार की नियति व नीति दोनो दर्शाता है। प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि कर्मचारी को टैक्स स्लैब में राहत न मिलने से भारी निराशा है। लोगों को बहुत उम्मीदें थी पर सरकार ने निराश किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/440043/anjuman-arrangements-mosque-committee-filed-a-petition-against-the-order#gsc.tab=0">व्यास तहखाना में पूजन आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने दाखिल की याचिका</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/440063/there-is-no-mention-of-employees-in-the-lucknow-budget</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 19:07:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: भाजपा सरकार कर्मचारी संगठनों को अपना प्रतिद्वंद्वी मानकर कर रही काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने भाजपा सरकार के नेतृत्व पर आरोप लगाया है। इप्सेफ की तरफ से सीधे तौर पर कहा गया है भाजपा सरकार देश भर के कर्मचारी संगठनों को प्रतिद्वंदी मानकर संगठनों का अस्तित्व समाप्त करने की कार्यवाही कर रही है जिसका देश भर में प्रबल विरोध किया जाएगा। इप्सेफ के महासचिव प्रेमचंद ने बताया कि सरकार कर्मचारी संगठनों की मान्यता समाप्त करने की नीति पर चल रही है।</p>
<p>इप्सेफ की तरफ से कहा गया है कि यूपी के मुख्यमंत्री समेत उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और अधिकारी कर्मचारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/398388/lucknow--bjp-government-is-working-considering-employee-organizations-as-its-rivals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-08/08146.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने भाजपा सरकार के नेतृत्व पर आरोप लगाया है। इप्सेफ की तरफ से सीधे तौर पर कहा गया है भाजपा सरकार देश भर के कर्मचारी संगठनों को प्रतिद्वंदी मानकर संगठनों का अस्तित्व समाप्त करने की कार्यवाही कर रही है जिसका देश भर में प्रबल विरोध किया जाएगा। इप्सेफ के महासचिव प्रेमचंद ने बताया कि सरकार कर्मचारी संगठनों की मान्यता समाप्त करने की नीति पर चल रही है।</p>
<p>इप्सेफ की तरफ से कहा गया है कि यूपी के मुख्यमंत्री समेत उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और अधिकारी कर्मचारियों की मांगों पर संगठनों के साथ बैठक नहीं करते हैं, उनके पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्थानांतरण नीति संशोधित करके संगठनों के अध्यक्ष/महामंत्री जनपदों के अध्यक्ष/मंत्री के स्थानांतरण किए जा रहे हैं।</p>
<p>बायोमेट्रिक प्रणाली लगाकर उन्हें 9 से 6 बजे तक कार्यालय में बैठना अनिवार्य कर दिया गया है। उनकी हाजिरी तीन बार ली जा रही है जब वे कार्यालय में ही 9 से 6 बजे तक बैठे रहेंगे तो सचिवालय/विभागीय अधिकारियों से कैसे संपर्क करेंगे। संगठन के पदाधिकारी के स्थानांतरण करने से संगठन कमजोर होते जा रहे हैं। सातवें वेतन आयोग का पूरा लाभ राज्यों में अभी तक नहीं मिल पाया है जिसके लिए वह आंदोलनरत हैं। </p>
<p>राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कर्मचारी संगठन की बुरी हालत है।  स्थानांतरण नियमावली में संशोधन करके संगठन के अध्यक्ष महामंत्री एवं जनपदीय अध्यक्ष/मंत्री के स्थानांतरण कर दिए गए हैं। कर्मचारियों की मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है सातवें वेतन आयोग के अनुरूप कैडर पुनर्गठन करके विसंगतियां दूर नहीं की जा रही है। </p>
<p>संगठन के पदाधिकारियों को 9 से 6 बजे तक कार्यालय में बैठना अनिवार्य कर दिए गए हैं जिससे कर्मचारियों की समस्याओं की पैरवी नहीं हो पा रही है। इप्सेफ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि कर्मचारी संगठनों के कार्य से रोकना जारी रहा तो इप्सेफ पुरानी पेंशन बहाली, संगठन विरोधी कार्यवाही के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेंगे। इसके लिए बैठक बुलाई जा रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/398383/pm-modi-named-chandrayaan-3s-landing-place-after-shiv-shakti-maulana#gsc.tab=0">चंद्रयान-3 के लैंडिंग वाली जगह का नाम PM Modi ने रखा शिव शक्ति, मौलाना सैफ अब्बास ने जताई आपत्ति</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/398388/lucknow--bjp-government-is-working-considering-employee-organizations-as-its-rivals</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Aug 2023 17:41:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: पुरानी पेंशन बंद होने के विरोध में अटेवा ने मनाया काला दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>एक अप्रैल 2005 को पुरानी पेंशन बंद कर एनपीएस लागू करने की 18 वीं बरसी पर शिक्षकों व कर्मचारियों ने शनिवार को अपने-अपने विद्यालय व कार्यालयों में बांह पर काली पट्टी बांध विरोध दर्ज कराया। अटेवा और अन्य कर्मचारी संगठनों के बैनर तले चलाये गये अभियान में शिक्षकों कर्मचारियों ने एनपीएस वापसी के साथ ही ओपीएस का संकल्प दोहराया। <br />    <br />पिछले कई वर्षों से शिक्षकों कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग बढ़ती जा रही है और इसके लिए अटेवा प्रदेश से लेकर देश के विभिन्न राज्यों में आंदोलन चला रहा है, प्रदेश के कुछ राज्यों में पुरानी पेंशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/356422/ayodhya--ateva-celebrated-black-day-in-protest-against-the-closure-of-old-pension"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-04/av0.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>एक अप्रैल 2005 को पुरानी पेंशन बंद कर एनपीएस लागू करने की 18 वीं बरसी पर शिक्षकों व कर्मचारियों ने शनिवार को अपने-अपने विद्यालय व कार्यालयों में बांह पर काली पट्टी बांध विरोध दर्ज कराया। अटेवा और अन्य कर्मचारी संगठनों के बैनर तले चलाये गये अभियान में शिक्षकों कर्मचारियों ने एनपीएस वापसी के साथ ही ओपीएस का संकल्प दोहराया। <br />  <br />पिछले कई वर्षों से शिक्षकों कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग बढ़ती जा रही है और इसके लिए अटेवा प्रदेश से लेकर देश के विभिन्न राज्यों में आंदोलन चला रहा है, प्रदेश के कुछ राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल होने से उत्तर प्रदेश में भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग जोर पकड़ती जा रही है। </p>
<p>इसी के क्रम में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अटेवा की पेंशन बहाली की लड़ाई में शिक्षकों और कर्मचारियों ने शनिवार को अपने-अपने विद्यालयों में और कार्यालयों में विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर कार्य किया। </p>
<p>अटेवा के जिला संयोजक विजय प्रताप सिंह ने कहा कि आज के दिन ही पुरानी पेंशन बंद की गई थी इसलिए 1 अप्रैल को शिक्षक व कर्मचारी काला दिवस के रूप में मनाते हैं। जब तक पेंशन बहाल नहीं हो जाती तब तक इसी तरह 1 अप्रैल को काला दिवस मनाया जाएगा। </p>
<p>महामंत्री उमा शंकर शुक्ला ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा ने आंदोलन की घोषणा कर दी है आगामी 16 अप्रैल को जिले के गांधी पार्क से पेंशन मार्च निकाला जाएगा। वहीं सरकारी कर्मचारियों ने भी काला दिवस मनाते हुए विरोध जताया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/356408/rahul-gandhi-to-address-gathering-in-karnataka-on-april-9#gsc.tab=0">राहुल गांधी कर्नाटक में नौ अप्रैल को सभा को करेंगे संबोधितः सिद्दारमैया</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Apr 2023 16:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: बीस सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठी उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले तमाम विभागों के कर्मचारी संगठनों ने बीस सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुरानी पेंशन बहाली समेत उनकी 20 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुई तो वह प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसके चलते तमाम विभागों के कर्मचारी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले तमाम विभागों के कर्मचारी संगठनों ने बीस सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुरानी पेंशन बहाली समेत उनकी 20 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं हुई तो वह प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसके चलते तमाम विभागों के कर्मचारी बेमियादी कार्यबहिष्कार पर जाकर आंदोलन को तेज करेंगे।</p>
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<div>लोनिवि कार्यालय तिकोनिया परिसर में हुए धरना-प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, वेतनमानों को डाउनग्रेड नहीं करने, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को ग्रेड पे 4200 देने, सभी संवर्ग के वेतन विसंगति वेतन उच्चीकृत एवं स्टाफिंग पैटर्न की विसंगति को दूर किया जाय।</div>
<div></div>
<div>चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नाजिम सिद्दीकी ने कहा कि सरकार हठधर्मिता पर उतारू है। मांगें माने जाने तक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने शासन पर आरोप लगाया कि जहां एक ओर वेतनमान डाउनग्रेड नहीं किए जाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है।</div>
<div></div>
<div>वहीं प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दूसरी एसीपी के रूप में रुपये 2400 की व्यवस्था न देकर 2000 रुपये अनुमन्य कराया जा रहा है। मांग की गई चतुर्थ श्रेणी से कनिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति को टंकण में 4000 की डिप्रेशन की बाध्यता को समाप्त किया जाए। सभा के बाद धरना स्थल पर एसडीएम मनीष सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।</div>
</div>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Sep 2022 19:18:15 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: बर्खास्त कर्मचारी को क्यों बैठा रखा, तुरंत हटाइए- नगर आयुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार का कुछ अंश बाहर आया। कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष ने नगर आयुक्त के सामने भ्रष्टाचार की परतें खोलते हुए कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कक्ष में बर्खास्त कर्मचारी से क्यों काम लिया जा रहा है। नगर आयुक्त ने तत्काल नगर स्वास्थ्य अधिकारी से …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/273867/bareilly-why-did-the-dismissed-employee-sit-remove-immediately-municipal-commissioner"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/capture-1494.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार का कुछ अंश बाहर आया। कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष ने नगर आयुक्त के सामने भ्रष्टाचार की परतें खोलते हुए कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कक्ष में बर्खास्त कर्मचारी से क्यों काम लिया जा रहा है।</p>
<p>नगर आयुक्त ने तत्काल नगर स्वास्थ्य अधिकारी से व्यवस्था पूछी तो वे कुछ बोल न सके। नगर आयुक्त ने बर्खास्त कर्मचारी को तत्काल हटाने की बात कहते हुए इस प्रकरण को अपर नगर आयुक्त से देखने को कहा है। आंदोलित कर्मचारियों की कई मांगों में से महीने की पहली तारीख को वेतन दिलाने का आश्वासन और महिला कर्मचारियों को सुबह 5 बजे के बजाए शासनादेश के अनुसार तय समय पर बुलाने के निर्देश नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने दिए हैं।</p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">दोपहर लगभग 2 बजे सफाई मजदूर संघ के बैनर तले निगम के सफाई कर्मचारियों ने पहले सभा की और फिर नगर आयुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे। जिस समय वे पहुंचे उस समय नगर आयुक्त निदेशक स्थानीय निकाय के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में थी। इसलिए अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार ज्ञापन लेने कक्ष के बाहर आए। कुछ देर में ही नगर आयुक्त भी वीसी समाप्त करके नीचे आईं तो उन्होंने सफाई कर्मचारियों की बातों को सुना।</span></span></p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;"> कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग में हो रहे घपलेबाजी की बात सामने रखी। बर्खास्त कर्मचारी से अधिकारी के कमरे में बैठकर काम लेने की बात कही। यह सुनकर नगर आयुक्त भी चौंकीं। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी से मामला जानना चाहा लेकिन वे कुछ बता नहीं सके। नगर आयुक्त ने कर्मचारी को हटाने की बात कही है। </span></span></p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम में ठेकेदार द्वारा सफाई शहर में नहीं हो रही है। इसे उन्होंने खुद सुबह निकलकर देखा है। नगर निगम के कर्मचारी ही सफाई कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांग थी कि महीने की पहली तारीख को उन्हें वेतन मिल जाए। इस मांग को उन्होंने स्वीकार कर लिया है। कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को उन्होंने मंजूर कर लिया है। ज्ञापन देने जाने वालों में महानगर अध्यक्ष राजेश कुमार, महामंत्री राजेन्द्र कुमार समदर्शी, सुरेश शिंदे सहित तमाम कर्मचारी भी रहे।</span></span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/bareilly-some-shops-out-of-the-auction-list-as-soon-as-a-call-came-sp-protested/">बरेली: एक फोन आते ही नीलामी से कुछ दुकानें सूची से बाहर, सपा ने जताया विरोध</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Aug 2022 22:44:11 +0530</pubDate>
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