<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/29882/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>कांग्रेस - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/29882/rss</link>
                <description>कांग्रेस RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सेना दिवस पर अमेरिका ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर को भेजा निमंत्रण, कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस ने कहा है कि पहलगाम आतंकवादी हमले से पहले भड़काऊ बयान देने वाले पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिकी सेना दिवस पर शामिल होने के लिए बुलाना गंभीर चिंता का विषय और भारत की सामरिक विफलता का प्रतीक भी है। </p>
<p>पार्टी ने कहा कि अमेरिका से इस तरह की खबरें आना हमारी कूटनीतिक स्थिति को असहज बनता है और मजबूत कूटनीति को इस तरह कमजोर होते देखना चिंता पैदा करता है इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। </p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/541798/on-army-day--america-sent-invitation-to-pakistani-army-chief-munir--congress-targeted-the-center"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/cats169.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस ने कहा है कि पहलगाम आतंकवादी हमले से पहले भड़काऊ बयान देने वाले पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिकी सेना दिवस पर शामिल होने के लिए बुलाना गंभीर चिंता का विषय और भारत की सामरिक विफलता का प्रतीक भी है। </p>
<p>पार्टी ने कहा कि अमेरिका से इस तरह की खबरें आना हमारी कूटनीतिक स्थिति को असहज बनता है और मजबूत कूटनीति को इस तरह कमजोर होते देखना चिंता पैदा करता है इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। </p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने आज यहां एक बयान में कहा ''खबर है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिका के सेना दिवस (14 जून) के मौके पर वॉशिंगटन डीसी में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। यह खबर भारत के लिए कूटनीतिक और सामरिक दृष्टि से एक बड़ा झटका है।'' </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह वही व्यक्ति हैं जिसने पहलगाम आतंकी हमले से ठीक पहले भड़काऊ और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया था- सवाल उठता है कि अमेरिका की मंशा क्या है। अभी अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने भी बयान दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान, अमेरिका का एक 'शानदार साझेदार' है। मोदी सरकार कह रही है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, ऐसे में पाकिस्तानी सेना प्रमुख का अमेरिकी सेना दिवस में बतौर अतिथि शामिल होना निश्चित ही गंभीर चिंता का विषय है।'' </p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन लगातार ऐसे बयान दे रहा है जिसके यही मायने निकाले जा सकते हैं कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू में रखकर देख रहा है। अमेरिका सहित पूरी दुनिया को पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक भूमिका से अवगत कराकर लौटे प्रतिनिधिमंडल का प्रधानमंत्री अभी स्वागत-सत्कार कर ही रहे हैं और उसी वक्त वॉशिंगटन डीसी से इस तरह की खबरें आ रही हैं जो भारत की कूटनीतिक स्थिति को और असहज बनाती हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब अपनी हठ और प्रतिष्ठा की चिंता छोड़कर एक सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए ताकि राष्ट्र अपनी सामूहिक इच्छा-शक्ति को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर सके और देश के सामने एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत किया जा सके। दशकों की कूटनीतिक प्रगति को इतनी आसानी से कमजोर नहीं होने दिया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/541798/on-army-day--america-sent-invitation-to-pakistani-army-chief-munir--congress-targeted-the-center</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/541798/on-army-day--america-sent-invitation-to-pakistani-army-chief-munir--congress-targeted-the-center</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 11:46:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-06/cats169.jpg"                         length="209671"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने जिले में 15 ब्लॉक और नगर प्रभारी चुने</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>आगामी पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करना शुरू किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल ने नैनीताल जिले में 15 ब्लॉक और नगर प्रभारी चुने हैं। इन सबके नाम की घोषणा कर दी गई है। </p>
<p>हल्द्वानी नगर की जिम्मेदारी राजेंद्र खनवाल को दी गई है। इसके अलावा अन्य ब्लॉक और नगर प्रभारियों में रामगढ़ में देवेंद्र चुनौतिया, धारी में भुवन दर्मवाल, भवाली में उमेश कबडवाल, भीमताल में नीरज तिवारी, नैनीताल में अखिल भंडारी, रामनगर शहर में हाजी सुहैल सिद्दीकी, कोटाबाग-कालाढूंगी में नंदन दुर्गापाल, बेतालघाट में भुवन तिवारी को जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>गरमपानी-सुयालबाड़ी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539189/congress-elected-15-blocks-and-city-in-charge-in-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/congress-flag.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>आगामी पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करना शुरू किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल ने नैनीताल जिले में 15 ब्लॉक और नगर प्रभारी चुने हैं। इन सबके नाम की घोषणा कर दी गई है। </p>
<p>हल्द्वानी नगर की जिम्मेदारी राजेंद्र खनवाल को दी गई है। इसके अलावा अन्य ब्लॉक और नगर प्रभारियों में रामगढ़ में देवेंद्र चुनौतिया, धारी में भुवन दर्मवाल, भवाली में उमेश कबडवाल, भीमताल में नीरज तिवारी, नैनीताल में अखिल भंडारी, रामनगर शहर में हाजी सुहैल सिद्दीकी, कोटाबाग-कालाढूंगी में नंदन दुर्गापाल, बेतालघाट में भुवन तिवारी को जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>गरमपानी-सुयालबाड़ी में भुवन तिवारी, मालधन-रामनगर ब्लॉक में तारा नेगी, लालकुआं-बिंदुखत्ता में संजय किरौला, हल्दूचौड़ में दीप पाठक, ओखलकांडा में केदार पलड़िया, भीमताल ब्लॉक में महेश कांडपाल और खुर्पाताल में मयंक भट्ट को जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष छिम्वाल ने कहा कि सभी नगर और ब्लॉक प्रभारी संगठन को मजबूत करेंगे और अपने-अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं के लिए संघर्ष करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539189/congress-elected-15-blocks-and-city-in-charge-in-the</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/539189/congress-elected-15-blocks-and-city-in-charge-in-the</guid>
                <pubDate>Thu, 22 May 2025 18:52:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/congress-flag.jpg"                         length="88301"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : विनोद गुंबर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और हाजी जुनैद कुरैशी बने महानगर अध्यक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद,अमृत विचार। </strong>आखिरकार कांग्रेस ने भी लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को जिला व महानगर अध्यक्षों की ताजपोशी कर ही दी। जिसमें भारतीय जनता पार्टी की तरह पंजाबी समाज से विनोद गुम्बर को लगभग तीन साल के विराम के बाद दोबारा जिले की कमान दी है तो वहीं महानगर में नए चेहरे पर दांव खेला गया है। बता दें की भारतीय जनता पार्टी ने महानगर अध्यक्ष पद पर पंजाबी समाज के गिरीश भंडूला को जिम्मेदारी सौंपी है।</p>
<p>मुरादाबाद कांग्रेस में जिला व महानगर अध्यक्षों में बदलाव की प्रक्रिया पिछले तीन माह से चल रही थी। जिसमे दो बार यहां व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528790/moradabad-vinod-gumbar-congress-district-president-and-haji-junaid-qureshi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/विनोद-गुंबर-कांग्रेस-के-जिलाध्यक्ष-और-हाजी-जुनैद-कुरैशी-बने-महानगर-अध्यक्ष.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद,अमृत विचार। </strong>आखिरकार कांग्रेस ने भी लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को जिला व महानगर अध्यक्षों की ताजपोशी कर ही दी। जिसमें भारतीय जनता पार्टी की तरह पंजाबी समाज से विनोद गुम्बर को लगभग तीन साल के विराम के बाद दोबारा जिले की कमान दी है तो वहीं महानगर में नए चेहरे पर दांव खेला गया है। बता दें की भारतीय जनता पार्टी ने महानगर अध्यक्ष पद पर पंजाबी समाज के गिरीश भंडूला को जिम्मेदारी सौंपी है।</p>
<p>मुरादाबाद कांग्रेस में जिला व महानगर अध्यक्षों में बदलाव की प्रक्रिया पिछले तीन माह से चल रही थी। जिसमे दो बार यहां व एक बार लखनऊ में दावेदारों से साक्षात्कार भी दिल्ली के नेताओं ने लिया था। बदलाव के कयास भी तभी से लगने लगे थे। हालांकि मौजूदा जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद जहां अपने रिन्यूवल की कोशिशों में पूरे जोर शोर से लगे हुए थे तो वहीं महानगर अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा अपनी पदोन्नति की जुगत में जुटे थे। इसके अलावा कई अन्य नेताओं ने भी अपने नेताओं के सहारे अध्यक्ष पद के लिये प्रयास किये थे। लेकिन, बाजी उन्हीं के हाथ लगी जो वायनाड हो आये थे। </p>
<p>विनोद गुम्बर पहले भी 17 महीने जिले की कमान सफलतापूर्वक चला चुके हैं। इस अवधि में उन्होंने जिले में पार्टी संगठन को मजबूती से खड़ा भी किया था। साथ ही डेढ़ दर्जन राजनीतिक मुकदमे भी उन पर लगे। इसी का इनाम उन्हें दोबारा जिलाध्यक्ष क रूप में मिला है। महानगर अध्यक्ष पर इम्पोर्टेड अध्यक्ष के रूप में नए चेहरे की ताजपोशी ने पुराने दिग्गजो में हलचल पैदा कर दी है। बहरहाल बुधबाजार क्षेत्र में भाजपा व कांग्रेस ने आमने-सामने अपने-अपने अध्यक्ष मनोनीत कर सियासत को दिलचस्प तो बना ही दिया है। गुरुवार को जैसे ही जिला और महानगर अध्यक्षों की सूची जारी हुई तो विनोद गुंबर और हाजी जुनैद को बधाई देने वालों का तांता उनके आवास पर लग गया।</p>
<p><strong>पिता हाजी इकराम कुरैशी के साथ 2022 में कांग्रेस से जुड़े जुनैद</strong><br />कांग्रेस द्वारा महानगर अध्यक्ष बनाए गए हाजी जुनैद कुरैशी सपा सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री और मुरादाबाद की देहात विधानसभा से विधायक रहे हाजी इकराम कुरैशी के बेटे हैं। हाजी इकराम कुरैशी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में देहात विधानसभा से टिकट कटने के बाद कांग्रेस का दामन थामा था। इस दौरान हाजी जुनैद कुरैशी ने भी कांग्रेस ज्वाइन की थी। अमृत विचार से बातचीत में हाजी जुनैद कुरैशी ने कहा कि जो जिम्मेदारी पार्टी ने उन्हें दी है उसे वह निष्पक्षता से निभाएंगे। उनका कहना है कि पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया जाएगा।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/528788/six-trains-including-rajyarani-will-be-canceled-till-april-30">मुरादाबाद : 30 अप्रैल तक रद्द रहेगी राज्यरानी एक्सप्रेस समेत छह ट्रेनें, गरीब रथ भी शॉर्ट टर्मिनेट...जानिए क्यों?</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/528790/moradabad-vinod-gumbar-congress-district-president-and-haji-junaid-qureshi</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/528790/moradabad-vinod-gumbar-congress-district-president-and-haji-junaid-qureshi</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 11:14:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-03/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%A6-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7.jpg"                         length="87498"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस और भाजपा में दिखेगा करीबी मुकाबला, पढ़िए कैसे...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> इस बार नगर निगम चुनाव में एक-तरफा जैसा कुछ भी नहीं दिखा। मेयर पद पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही था लेकिन कौन सी पार्टी बाजी मार लेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। कुल मिलाकर नगर निगम चुनाव में मेयर पद कांग्रेस और भाजपा में पूरी तरह से फंस गया है।</p>
<p><br />नगर निगम चुनाव में जाती, धर्म की राजनीति पूरी तरह से हावी रही। पिछली बार समाजवादी पार्टी के शुएब अहमद ने मुकाबले को निर्णायक बना दिया था। या कहें उनके चुनाव लड़ने से भाजपा को काफी लाभ मिला था। शुएब को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518268/how-to-read-close-contests-in-congress-and-bjp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/hq720.jpg.webp" alt=""></a><br /><p><br /><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> इस बार नगर निगम चुनाव में एक-तरफा जैसा कुछ भी नहीं दिखा। मेयर पद पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही था लेकिन कौन सी पार्टी बाजी मार लेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। कुल मिलाकर नगर निगम चुनाव में मेयर पद कांग्रेस और भाजपा में पूरी तरह से फंस गया है।</p>
<p><br />नगर निगम चुनाव में जाती, धर्म की राजनीति पूरी तरह से हावी रही। पिछली बार समाजवादी पार्टी के शुएब अहमद ने मुकाबले को निर्णायक बना दिया था। या कहें उनके चुनाव लड़ने से भाजपा को काफी लाभ मिला था। शुएब को करीब 9300 वोट मिले थे। भाजपा करीब 11200 वोट से चुनाव जीती थी। कहा जाता है कि अगर पिछली बार सपा चुनाव नहीं लड़ती को भाजपा की जीत करीब 1500 से 1800 वोटों तक ही होती। इस बार शुएब कांग्रेस के पक्ष में चुनाव लड़ने से पीछे हट गए। मुकाबला पूरी तरह से दो दलों का हो गया। भाजपा ने जमकर धर्म का मुद्दा उठाया, जिससे शुएब के बैठने का असर कम किया जा सके लेकिन कांग्रेस ने भी जमकर प्रचार किया।</p>
<p>2.42 लाख की आबादी वाले नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.58 लाख लोगों ने मतदान किया है। मेयर पद पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा आठ उम्मीदवार खड़े हैं। ऐसे में इतना तो दिख ही रहा है कि जिस पार्टी को भी चुनाव जीतना है उसे करीब 75 से 85 हजार वोट लाने होंगे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस बार जीत का अंतर पांच से 10 हजार वोटों के अंदर ही सिमट सकता है।</p>
<p>ऐसे में किसी भी पार्टी की जीत का दावा नहीं किया जा सकता है। अगर 50 प्रतिशत के आसपास ही मतदान होता तो भाजपा के विपक्ष में यह बात जाती लेकिन मतदान भी करीब 65.32 प्रतिशत हुआ है। यह अच्छी वोटिंग प्रतिशत है लेकिन इतनी भी नहीं है कि भाजपा प्रत्याशी चैन की नींद सो लें। कुल मिलाकर जनता का मूड देखकर लग रहा है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस में बहुत ही करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/518268/how-to-read-close-contests-in-congress-and-bjp</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/518268/how-to-read-close-contests-in-congress-and-bjp</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 18:44:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/hq720.jpg.webp"                         length="42092"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट पर बोली कांग्रेस- प्रधानमत्री ने ‘रुपये का शतक’ लगवाने की ठान ली है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि वह रुपये का शतक लगवाकर ही मानेंगे। पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में रुपये के मूल्य में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है तथा रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार से अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद रुपया संभल नहीं रहा है।<br />  <br />सकारात्मक घरेलू शेयर बाजार और अमेरिकी मुद्रा सूचकांक में नरमी के बीच रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 18 पैसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518220/on-the-fall-in-the-value-of-rupee-against-the-dollar--congress-said--prime-minister-has-resolved-to-make-the-rupee-hit-a-century"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/कांग्रेस.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि वह रुपये का शतक लगवाकर ही मानेंगे। पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में रुपये के मूल्य में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है तथा रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार से अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद रुपया संभल नहीं रहा है।<br /> <br />सकारात्मक घरेलू शेयर बाजार और अमेरिकी मुद्रा सूचकांक में नरमी के बीच रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 18 पैसे की बढ़त के साथ 86.26 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रुपया बृहस्पतिवार को नौ पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.44 पर बंद हुआ था। </p>
<p>श्रीनेत ने संवाददाता सम्मेलन में ‘मैग्निफाइंग ग्लास’ दिखाते हुए कहा, ‘‘मैं ढूंढ रही हूं कि रुपया कहां तक गिरता चला गया है? इसी के साथ यह भी ढूंढ रही हूं कि प्रधानमंत्री की गरिमा कहां तक गिरी है? आज रुपया ढूंढने पर भी नहीं मिल रहा है, गिरता ही चला जा रहा है, संभाले नहीं संभल रहा। रुपया 87 पर गोते लगाने को तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी को कोई बताए कि रुपये का शतक नहीं लगवाना है, रुपये को संभालना है।’’ </p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए कटाक्ष किया, ‘‘एक बड़े महान अर्थशास्त्री ने कहा था कि जैसे-जैसे रुपया गिरता है, प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा गिरती है। सुना है प्रधानमंत्री आवास पर खुदाई चल रही है और ढूंढा जा रहा है कि प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा आखिर कौन से गड्ढे में जाकर गिर गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर 87 पार जाने की कोशिश में है।’’ </p>
<p>श्रीनेत के अनुसार, जब नरेन्द्र मोदी मई 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने थे, तब डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 58 थी। उन्होंने कहा, ‘‘ मई, 2014 में एक डॉलर 58 रुपये का था और जनवरी 2025 में 1 डॉलर की कीमत 87 रुपये है।’’ श्रीनेत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रुपये के मूल्य को 50 प्रतिशत तक ‘‘डुबो’’ दिया है। </p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हालात ये हैं कि रुपए को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने पूरी ताकत लगा दी है। सितंबर, 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलर था, लेकिन इसके बाद से रुपये को बचाने के लिए 80 अरब डॉलर यानी 6,83,000 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन रुपया संभल नहीं रहा है।’’ </p>
<p>उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी रुपये का शतक लगाने में जुटे हुए हैं। ऐसा लग रहा है कि रुपया भागता जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी पीछे से नारे लगा रहे हैं, अबकी बार 60 पार, 65 पार, 70 पार, 75 पार, 80 पार, 85 पार.. अब 87 पार भी करवा देंगे। नरेन्द्र मोदी ने ठान लिया है, वे रुपये का शतक लगवा कर ही रहेंगे। ’’ श्रीनेत ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि वह रुपये की स्थिरता के लिए क्या कदम उठा रही है।  </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/518205/maharashtra--explosion-in-ordnance-factory--many-workers-feared-trapped--search-and-rescue-operation-underway">महाराष्ट्र: Ordnance Factory में विस्फोट से 5 मजदूर की मौत, कई के फंसे होने की आशंका, बचाव अभियान जारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/518220/on-the-fall-in-the-value-of-rupee-against-the-dollar--congress-said--prime-minister-has-resolved-to-make-the-rupee-hit-a-century</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/518220/on-the-fall-in-the-value-of-rupee-against-the-dollar--congress-said--prime-minister-has-resolved-to-make-the-rupee-hit-a-century</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 14:37:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8.jpg"                         length="42520"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस और भाजपा में दिख सकता है करीबी मुकाबलाो</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> इस बार नगर निगम चुनाव में एक-तरफा जैसा कुछ भी नहीं दिखा। मेयर पद पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही था लेकिन कौन सी पार्टी बाजी मार लेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। कुल मिलाकर नगर निगम चुनाव में मेयर पद कांग्रेस और भाजपा में पूरी तरह से फंस गया है।</p>
<p><br />नगर निगम चुनाव में जाती, धर्म की राजनीति पूरी तरह से हावी रही। पिछली बार समाजवादी पार्टी के शुएब अहमद ने मुकाबले को निर्णायक बना दिया था। या कहें उनके चुनाव लड़ने से भाजपा को काफी लाभ मिला था। शुएब को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518155/close-competition-can-be-seen-in-congress-and-bjp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/congress-bjp-sixteen_nine.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> इस बार नगर निगम चुनाव में एक-तरफा जैसा कुछ भी नहीं दिखा। मेयर पद पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही था लेकिन कौन सी पार्टी बाजी मार लेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। कुल मिलाकर नगर निगम चुनाव में मेयर पद कांग्रेस और भाजपा में पूरी तरह से फंस गया है।</p>
<p><br />नगर निगम चुनाव में जाती, धर्म की राजनीति पूरी तरह से हावी रही। पिछली बार समाजवादी पार्टी के शुएब अहमद ने मुकाबले को निर्णायक बना दिया था। या कहें उनके चुनाव लड़ने से भाजपा को काफी लाभ मिला था। शुएब को करीब 9300 वोट मिले थे। भाजपा करीब 11200 वोट से चुनाव जीती थी। अगर पिछली बार सपा चुनाव नहीं लड़ती को भाजपा की जीत करीब 1500 से 1800 वोटों तक ही होती। इस बार शुएब कांग्रेस के पक्ष में चुनाव लड़ने से पीछे हट गए। मुकाबला पूरी तरह से दो दलों का हो गया।</p>
<p>भाजपा ने जमकर धर्म का मुद्दा उठाया, जिससे शुएब के बैठने का असर कम किया जा सके लेकिन कांग्रेस ने भी जमकर प्रचार किया। 2.42 लाख की आबादी वाले नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.38 लाख लोगों ने मतदान किया है। मेयर पद पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा आठ उम्मीदवार खड़े हैं। ऐसे में इतना तो दिख ही रहा है कि जिस पार्टी को भी चुनाव जीतना है उसे करीब 70 से 80 हजार वोट लाने होंगे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस बार जीत का अंतर पांच से 10 हजार वोटों के अंदर ही सिमट सकता है। ऐसे में किसी भी पार्टी की जीत का दावा नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>अगर 50 प्रतिशत के आसपास ही मतदान होता तो भाजपा के विपक्ष में यह बात जाती लेकिन मतदान भी करीब 57.23 प्रतिशत हुआ है। यह अच्छी वोटिंग प्रतिशत है लेकिन इतनी भी नहीं है कि भाजपा प्रत्याशी चैन की नींद सो लें। कुल मिलाकर जनता का मूड देखकर लग रहा है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस में बहुत ही करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है। <br />--------</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/518155/close-competition-can-be-seen-in-congress-and-bjp</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/518155/close-competition-can-be-seen-in-congress-and-bjp</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 11:18:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/congress-bjp-sixteen_nine.jpg"                         length="77708"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतदाताओं की खामोशी ने बढ़ाई प्रत्याशियों की बेचैनी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>भीमताल, अमृत विचार: </strong>भीमताल नगर पालिका परिषद के लिए पहली बार चुनाव हो रहे हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों ही पार्टियां अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन इस बार मतदाता चुप्पी साधे हुए है। जिससे प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है।</p>
<p><br />  स्थानीय बुजुर्ग मतदाताओं का कहना है कि यह पहली बार है जब मतदाता खुलकर अपनी राय नहीं दे रहे हैं। पहले चुनावों में प्रत्याशियों के साथ समर्थकों की खासी भीड़ हुआ करती थी, लेकिन इस बार प्रत्याशियों के पीछे समर्थकों की भीड़ काफी कम नजर आ रही</p>
<p>वहीं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517153/voters-silence-increased-candidates-anxiety"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/07012025dnt-23_9b192e.webp" alt=""></a><br /><p><strong>भीमताल, अमृत विचार: </strong>भीमताल नगर पालिका परिषद के लिए पहली बार चुनाव हो रहे हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों ही पार्टियां अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन इस बार मतदाता चुप्पी साधे हुए है। जिससे प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है।</p>
<p><br /> स्थानीय बुजुर्ग मतदाताओं का कहना है कि यह पहली बार है जब मतदाता खुलकर अपनी राय नहीं दे रहे हैं। पहले चुनावों में प्रत्याशियों के साथ समर्थकों की खासी भीड़ हुआ करती थी, लेकिन इस बार प्रत्याशियों के पीछे समर्थकों की भीड़ काफी कम नजर आ रही है। दोनों ही पार्टी अपने-अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों को जनता तक पहुंचा रही हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव इसलिए खास है, क्योंकि उनके कार्यकाल में देवेंद्र चनौतिया नगर पंचायत अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए गए, जिसे लेकर कांग्रेसी खासे उत्साहित हैं।</p>
<p>वहीं, भाजपा का पक्ष इस बार क्षेत्र के विधायक राम सिंह कैड़ा का है, जो भाजपा से संबंधित हैं। उन्होंने भी क्षेत्र के विकास के लिए समय-समय पर कई कार्य किए हैं। भाजपा कार्यकर्ता इस पर गर्व महसूस कर रहे हैं। हालांकि, इस बार जनता इस बारे में खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। मतदाताओं का कहना है कि वे इस बार किए गए विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए मतदान करेंगे। साथ ही भावी योजनाओं के बारे में प्रत्याशियों से जानकारी भी ले रहे हैं।</p>
<p><br />जनता ने कांग्रेस का बोर्ड में कार्यकाल देखा है। कांग्रेस जो कहती है वह करती है। क्षेत्र के विकास के लिए इस बार भी जनता कांग्रेस का साथ देगी। <br /><strong>- डीके डालाकोटी, नगर अध्यक्ष कांग्रेस </strong><br /><br />जनता की चुप्पी हमारे पक्ष में है। हम डोर टू डोर प्रचार कर रहे हैं। लोग पूरा समर्थन दे रहे हैं। जनता विकास के लिए कांग्रेस के साथ खड़ी है।<br /><strong>- राकेश बृजवासी, मुख्य चुनाव संयोजक कांग्रेस</strong></p>
<p> </p>
<p>अटल आयुष्मान और किसान सम्मान निधि योजना का जनता को लाभ मिल रहा है। विकास के लिए जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी।<br /><strong>- मनोज भट्ट, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा </strong><br /><br />जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंच रहा है। जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी।<br /><strong>- नितेश बिष्ट, कार्यकर्ता भाजपा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/517153/voters-silence-increased-candidates-anxiety</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/517153/voters-silence-increased-candidates-anxiety</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jan 2025 16:55:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/07012025dnt-23_9b192e.webp"                         length="15410"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ललित जोशी ने किया पैदल मार्च, बंशीधर भगत से लिया आशीर्वाद   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी ललित जोशी ने सोमवार को चौफला चौराहे से ऊंचापुल तक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर जाकर लोगों से मुलाकात की और अपने पक्ष में वोट देने की अपील की। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक थे।</p>
<p>जनसंपर्क अभियान के दौरान ललित जोशी की मुलाकात बीजेपी के कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत से हुई, जहां उन्होंने आशीर्वाद लिया। ललित जोशी ने जनसंपर्क के दौरान कहा कि यह चुनाव जनता का है। मेरा उद्देश्य हर व्यक्ति का विकास करना है, न कि नफरत फैलाना। कहा जब ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनें जब्ती की कगार पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516373/lalit-joshi-did-a-foot-march"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/c4105fcf-a002-43b0-84b2-4e6d0571ad1e.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी ललित जोशी ने सोमवार को चौफला चौराहे से ऊंचापुल तक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर जाकर लोगों से मुलाकात की और अपने पक्ष में वोट देने की अपील की। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक थे।</p>
<p>जनसंपर्क अभियान के दौरान ललित जोशी की मुलाकात बीजेपी के कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत से हुई, जहां उन्होंने आशीर्वाद लिया। ललित जोशी ने जनसंपर्क के दौरान कहा कि यह चुनाव जनता का है। मेरा उद्देश्य हर व्यक्ति का विकास करना है, न कि नफरत फैलाना। कहा जब ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनें जब्ती की कगार पर थीं, तब वह जनता के साथ खड़े थे, और अब जनता उन्हें अपना समर्थन दे रही है।  जोशी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में कानून व्यवस्था चरमरा गई है, महिलाएं असुरक्षित हैं, और महंगाई ने आम आदमी की जिंदगी मुश्किल बना दी है।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि नफरत की राजनीति करने वालों की हार होगी और विकास की बात करने वालों की जीत होगी। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल छिम्वाल, महानगर अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, योगेश जोशी, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश नैनवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, केदार पलड़िया, शानू बिष्ट, दीप चंद्र पाठक, जग मोहन बगडवाल आदि थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/516373/lalit-joshi-did-a-foot-march</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/516373/lalit-joshi-did-a-foot-march</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 18:21:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/c4105fcf-a002-43b0-84b2-4e6d0571ad1e.jpeg"                         length="91237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुनबा मजबूत करने में जुटी भाजपा और कांग्रेस, उठा-पटक शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार :</strong> चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच उठापटक का खेल शुरू हो चुका है। दोनों ही पार्टियां अपने कुनबे को मजबूत और विपक्षी कुनबे को कमजोर करने का ताना-बाना बुन रही है। रविवार को कई लोगों ने भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष राजेश भट्ट को 50 लोगों के साथ अपनी ओर खींच लिया।  </p>
<p>  </p>
<p>साथियों के साथ पल्लवी कांग्रेस में हुईं शामिल</p>
<p>हल्द्वानी: हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के आवास पर आज पल्लवी गोयल ने अपने सहयोगियों के साथ भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512676/bjp-and-congress-engaged-in-strengthening-the-clan-the-uproar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/img-20241223-wa0174.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार :</strong> चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच उठापटक का खेल शुरू हो चुका है। दोनों ही पार्टियां अपने कुनबे को मजबूत और विपक्षी कुनबे को कमजोर करने का ताना-बाना बुन रही है। रविवार को कई लोगों ने भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष राजेश भट्ट को 50 लोगों के साथ अपनी ओर खींच लिया।  </p>
<p> </p>
<p>साथियों के साथ पल्लवी कांग्रेस में हुईं शामिल</p>
<p>हल्द्वानी: हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के आवास पर आज पल्लवी गोयल ने अपने सहयोगियों के साथ भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। विधायक सुमित हृदयेश ने कांग्रेस परिवार में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पल्लवी गोयल और उनके साथियों के जुड़ने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। उनकी सक्रियता से कांग्रेस का जनाधार और अधिक सशक्त होगा। पार्टी में शामिल होने के बाद पल्लवी गोयल ने कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे पार्टी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगी। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पल्लवी गोयल और उनके सहयोगियों का स्वागत किया और पार्टी को मजबूत करने की दिशा में उनके योगदान की सराहना की। इस दौरान कल्पना राणा, गीता सक्सेना, सुमित कुमार, शकील सलमानी आदि मौजूद रहे। </p>
<p> </p>
<p>पत्नी समेत 50 लोगों के साथ भाजपा से जुड़े राजेश</p>
<p>हल्द्वानी : कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने कांग्रेस कुनबे को बड़ी चोट पहुंचाई है। पीपलपोखरा नंबर दो गजे सिंह गांव में बूध अध्यक्ष गोपाल मेहती की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजेश भट्ट को उनकी पत्नी अलका भट्ट समेत 50 लोगों को विधायक भगत ने भाजपा में शामिल किया। राजेश भट्ट ने कहा विधायक बंशीधर भगत की नेतृत्वशैली एवं विकासपरक सोच से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। विधायक भगत ने कहा भाजपा की डबल इंजन सरकारें केंद्र एवं राज्य में जिस तरह निष्पक्ष रूप से सबका साथ सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है, ऐसे में प्रत्येक जागरूक नागरिक भाजपा से जुड़ना चाहता है। इस दौरान पूर्व प्रधान विनोद निगल्टिया, शक्तिकेंद्र संयोजक गोविंद बल्लभ भट्ट, गोपाल मेहता, पंकज निगल्टिया, रवि जीना, नीरज बिष्ट, विनोद मेहरा, अनीता जीना, रेखा जीना, विमला धामी, लक्ष्मी धामी, अलका भट्ट आदि थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512676/bjp-and-congress-engaged-in-strengthening-the-clan-the-uproar</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/512676/bjp-and-congress-engaged-in-strengthening-the-clan-the-uproar</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 10:01:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/img-20241223-wa0174.jpg"                         length="94979"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस की रफ्तार धीमी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की अपेक्षा कांग्रेस की तैयारी धीमी चल रही है। विगत दिनों रामनगर में हुई बैठक के बाद कांग्रेस की कोई बैठक नहीं हुई। कहा जा रहा था कि हल्द्वानी में भी कांग्रेस की बैठक शीघ्र होगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।</p>
<p>भाजपा ने निकाय चुनाव की तैयारी पूरी तरह से शुरू कर दी है। संगठन के नेतृत्व के निर्देश पर पर्यवेक्षेकों ने सभी निकायों में दावेदारों के नाम टटोल लिए हैं। पर्यवेक्षक इसकी रिपोर्ट संगठन में उच्चस्तर पर देंगे। जिसके बाद फाइनल नाम पर चर्चा होगी। भाजपा से कई दावेदार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512292/congress-slows-down-pace-regarding-civic-elections"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/images-(53)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की अपेक्षा कांग्रेस की तैयारी धीमी चल रही है। विगत दिनों रामनगर में हुई बैठक के बाद कांग्रेस की कोई बैठक नहीं हुई। कहा जा रहा था कि हल्द्वानी में भी कांग्रेस की बैठक शीघ्र होगी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।</p>
<p>भाजपा ने निकाय चुनाव की तैयारी पूरी तरह से शुरू कर दी है। संगठन के नेतृत्व के निर्देश पर पर्यवेक्षेकों ने सभी निकायों में दावेदारों के नाम टटोल लिए हैं। पर्यवेक्षक इसकी रिपोर्ट संगठन में उच्चस्तर पर देंगे। जिसके बाद फाइनल नाम पर चर्चा होगी। भाजपा से कई दावेदार भी सामने आ गए हैं। इधर कांग्रेस की बात करें तो हल्द्वानी में एक करीब 20 दिन पूर्व स्वराज आश्रम में मेयर टिकट के दावेदारों ने जिला प्रभारी गोविंद सिंह कुंजवाल के सामने अपनी दावेदारी रखी थी। इसके बाद सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हो गई। जिस वजह से कांग्रेस के ज्यादातर दावेदार रेस से बाहर हो गए। ओबीसी आरक्षण घोषित हुए करीब एक सप्ताह का समय बीत गया है। इस दौरान भाजपा में दावेदारों ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है लेकिन उधर कांग्रेस में अभी माहौल ठंडा ही दिख रहा है। हल्द्वानी में भी नए सिरे से दावेदारों के साथ कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों की बैठक होनी थी लेकिन अब यह बैठक कब होगी इस पर संशय बना हुआ है। शुरू में कांग्रेस नवीन वर्मा को अपना स्वाभाविक प्रत्याशी बता रही थी लेकिन बाद में वर्मा भाजपा में चले गए। इस बीच खबर उठी कि भाजपा से कोई बड़ा चेहरा कांग्रेस में शामिल हो सकता है लेकिन अब इसकी भी संभावना भी कम दिख रही है।</p>
<p>---------</p>
<p>कांग्रेस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, जिला प्रभारी गोविंद सिंह कुंजवाल आदि वरिष्ठ नेता प्रत्याशियों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। कांग्रेस पूरी तरह से तैयारी में जुटी है। साथ ही सरकार की नीतियों को लेकर सड़क पर भी संघर्ष जारी है।-राहुल छिम्वाल, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512292/congress-slows-down-pace-regarding-civic-elections</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/512292/congress-slows-down-pace-regarding-civic-elections</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Dec 2024 08:04:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/images-%2853%291.jpeg"                         length="45851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपनों से लेकर पराये पर भी कांग्रेस की नजर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>रविवार को छुट्टी के भी दिन कांग्रेसी दिग्गज फोन पर व्यस्त रहे। नैनीताल जिले में हल्द्वानी सीट पर प्रत्याशी की घोषणा करना कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है हालांकि कांग्रेस का दावा है कि प्रत्याशियों की कमी नहीं है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस अब भाजपा के भी अगले कदम पर नजर रख रही है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने वाले को भी मौका दिया जा सकता है।</p>
<p><br />व्यापारी नेता नवीन वर्मा का जुड़ाव कांग्रेस से रहा है लेकिन अब वह कहां जाएंगे अभी कुछ नहीं पता है। ओबीसी सीट होने के बाद नवीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511527/congress-keeps-an-eye-on-its-own-people-as-well"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/congress-party-flag.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>रविवार को छुट्टी के भी दिन कांग्रेसी दिग्गज फोन पर व्यस्त रहे। नैनीताल जिले में हल्द्वानी सीट पर प्रत्याशी की घोषणा करना कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है हालांकि कांग्रेस का दावा है कि प्रत्याशियों की कमी नहीं है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस अब भाजपा के भी अगले कदम पर नजर रख रही है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने वाले को भी मौका दिया जा सकता है।</p>
<p><br />व्यापारी नेता नवीन वर्मा का जुड़ाव कांग्रेस से रहा है लेकिन अब वह कहां जाएंगे अभी कुछ नहीं पता है। ओबीसी सीट होने के बाद नवीन वर्मा का नाम चर्चाओं में है। वहीं, नवीन वर्मा ने चुनाव लड़ने की इच्छा तो जताई है लेकिन दल को लेकर संशय बनाए हुए हैं। वहीं कालाढूंगी विधानसभा सीट से भी एक बड़ा चेहरा सामने आया है। संभावना है कि दोनों ही दल इस चेहरे को प्रत्याशी बनाने पर आमादा है। कांग्रेस का दावा है कि उक्त चेहरा यदि सत्ताधारी दल का चेहरा नहीं बनता है तो कांग्रेस टिकट दे सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/511527/congress-keeps-an-eye-on-its-own-people-as-well</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/511527/congress-keeps-an-eye-on-its-own-people-as-well</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 16:38:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/congress-party-flag.webp"                         length="72508"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैनर और होर्डिंग्स में लटके रह गए दावेदार, कैसे होगी अब नैया पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार :</strong> कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में दो बड़े चुनाव होते हैं, एक नगर निगम और दूसरा विधानसभा क्षेत्र का। नगर निगम सीट का दायरा विधानसभा क्षेत्र से भी बड़ा है। शहर के नेताओं का सपना रहता है वह इन दोनों ही चुनाव में से कम से कम किसी एक चुनाव में अपनी पार्टी के टिकट पर उतरें। इस बार भी भाजपा और कांग्रेस के जब दावेदारों के नाम मेयर पद के लिए सामने आए तो दोनों दलों से दावेदारों की सूची 58 नेताओं तक पहुंच गई। वो भी तब रहा जब कुछ नेताओं ने खुलकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511458/how-will-the-contenders-left-hanging-in-banners-and-hoardings"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/images-(34)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार :</strong> कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में दो बड़े चुनाव होते हैं, एक नगर निगम और दूसरा विधानसभा क्षेत्र का। नगर निगम सीट का दायरा विधानसभा क्षेत्र से भी बड़ा है। शहर के नेताओं का सपना रहता है वह इन दोनों ही चुनाव में से कम से कम किसी एक चुनाव में अपनी पार्टी के टिकट पर उतरें। इस बार भी भाजपा और कांग्रेस के जब दावेदारों के नाम मेयर पद के लिए सामने आए तो दोनों दलों से दावेदारों की सूची 58 नेताओं तक पहुंच गई। वो भी तब रहा जब कुछ नेताओं ने खुलकर दावेदारी नहीं की बल्कि अंदर ही अंदर टिकट के लिए अपनी लामबंदी कर रहे थे। इनमें से ज्यादातर नेता गैर ओबीसी श्रेणी के हैं। अब तो कई दावेदारों के चुनाव लड़ने का सपना केवल सपना साबित होता दिख रहा है। </p>
<p>भाजपा की बात करें, तो भाजपा से नगर निगम मेयर पद पर लगातार दो बार चुनाव जीतकर जोगेंद्र सिंह रौतेला बड़ा चेहरा बन चुके हैं। उनका कद इतना बड़ा हो गया है कि पार्टी ने उन्हें मेयर रहते हुए लगातार दो बार विधानसभा चुनाव में भी उतारा, हालांकि वह चुनाव हार गए। इस बार भाजपा में कई नेताओं ने अपने सुर बुलंद किए और कहा कि हर बार एक ही नेता को दो चुनाव में उतारना ठीक नहीं है और नेताओं को भी मौका मिलना चाहिए। देखते ही देखते 27 दावेदारों की सूची भाजपा प्रभारी के पास पहुंच गई। इनमें से ज्यादातर सामान्य या अनुसूचित जाति श्रेणी के हैं। अब नगर निगम की सीट ओबीसी रिजर्व हो गई है। इनमें से कई दावेदार बाहर हो गए। अब केवल हल्द्वानी विधानसभा सीट का चुनाव का बचा। जहां से साल 2027 में जोगेंद्र रौतेला मजबूत दावेदारी करेंगे। ऐसे में कई भाजपा नेताओं के सामने बड़ी विडंबना वाली स्थिति बन गई है।</p>
<p>कांग्रेस में भी कुछ ऐसा ही है। हल्द्वानी विधानसभा सीट से सुमित हृदयेश विधायक हैं। ऐसे में अन्य कांग्रेसी नेताओं के सामने मेयर का चुनाव बड़ा विकल्प बचता है। कांग्रेस के दावेदारों की सूची में से भी कई नाम अब बाहर हो गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों ने शहर में होर्डिंग लगा दिए थे और अपनी दावेदारी ठोक दी थी। अब उनकी नैया कैसे पार होगी यह भविष्य का प्रश्न है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/511458/how-will-the-contenders-left-hanging-in-banners-and-hoardings</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/511458/how-will-the-contenders-left-hanging-in-banners-and-hoardings</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 11:39:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/images-%2834%291.jpeg"                         length="23864"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        