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                <title>सरकार - Amrit Vichar</title>
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                <description>सरकार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> पंचायत चुनाव की याचिका हाईकोर्ट में निस्तारित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने बरसात के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 12 जिलों में कराए जा रहे पंचायत चुनाव को अगस्त माह के बाद कराए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। <br />मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं सचिव पंचायती राज की तरफ से शपथपत्र पेश करते हुए कहा गया कि पंचायत चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सरकार और पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। कांवड़ यात्रा भी शांतिपूर्वक चल रही है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546387/panchayat-election-petition-settled-in-high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/uttrakhand-highcourt.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने बरसात के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 12 जिलों में कराए जा रहे पंचायत चुनाव को अगस्त माह के बाद कराए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। <br />मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं सचिव पंचायती राज की तरफ से शपथपत्र पेश करते हुए कहा गया कि पंचायत चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सरकार और पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। कांवड़ यात्रा भी शांतिपूर्वक चल रही है। इससे चुनाव में कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा। शपथ पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।</p>
<p><br />हाईकोर्ट में सचिव पंचायती राज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। मंगलवार को भी उनके द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया था कि पंचायत चुनाव और कांवड़ यात्रा को व्यवस्था के अनुरूप चलाया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन ने कांवड़ मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रदेश की 30 प्रतिशत फोर्स लगा रखी है। 10 प्रतिशत पुलिस चारधाम यात्रा में है। होने वाले चुनाव के लिए  विभाग ने 10 प्रतिशत फोर्स रिजर्व रखी है। चुनाव और कांवड़ के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भी विभाग ने फोर्स को रिजर्व में  रखा है। वहीं, चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया कि आयोग को चुनाव कराने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जहां तक कांवड़ मेले का सवाल है तो इसमे खासकर हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, यूपी और दिल्ली के कांवड़िये आ रहे हैं जिनका प्रथम जत्था चुनाव की प्रथम तिथि से पहले समाप्त हो जाएगा। सचिव द्वारा यह भी कहा गया कि कांवड़ से प्रभावित जिलों में चुनाव दूसरे फेज में हैं। डीजीपी द्वारा कोर्ट के निर्देश पर शपथ पत्र पेश किया गया।</p>
<p><br />मामले के अनुसार, देहरादून निवासी डॉ. बैजनाथ ने जनहित याचिका में कहा था कि अभी राज्य में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम चल रहा है। वहीं, दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा, चारधाम यात्रा और बरसात का सीजन भी चल रहा। प्रदेश में बाढ़ राहत के बचाव में प्रशासन, पुलिस व एसडीआरफ की टीमें लगी हैं। ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव कराना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने कोर्ट से प्रार्थना की कि पंचायत चुनाव की तारीख अगस्त महीने में घोषित की जाए। इस पर कोर्ट ने वास्तविकता जानने के लिए डीजीपी और सचिव को वीसी के माध्यम से पेश होने को कहा था।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 10:33:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बनभूलपुरा दंगे के आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर हुई सुनवाई      </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा दंगे में शामिल कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार को एक साथ सुनवाई की। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने फिलहाल उन्हें कोई राहत न देते हुए उनके प्रार्थनापत्र पर सरकार से अपनी आपत्ति दर्ज कराने को कहा है। अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की गई है।</p>
<p><br />    शुक्रवार को हुई सुनवाई पर आरोपी अब्दुल मोईद की ओर से एक अतिरिक्त शपथपत्र पेश कर कहा गया कि घटना के वक्त वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं था। शपथपत्र में उनके द्वारा</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526472/hearing-on-the-bail-pleas-of-the-accused-of-banbhulpura"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/6650b9c4e35c8-haldwani-riot-240107522-16x9.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा दंगे में शामिल कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार को एक साथ सुनवाई की। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने फिलहाल उन्हें कोई राहत न देते हुए उनके प्रार्थनापत्र पर सरकार से अपनी आपत्ति दर्ज कराने को कहा है। अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की गई है।</p>
<p><br />  शुक्रवार को हुई सुनवाई पर आरोपी अब्दुल मोईद की ओर से एक अतिरिक्त शपथपत्र पेश कर कहा गया कि घटना के वक्त वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं था। शपथपत्र में उनके द्वारा अपने पक्ष में कई साक्ष्य एवं बयान भी पेश किए गए, जिस पर कोर्ट ने सरकार से इनकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। वहीं, कोर्ट ने अब्दुल चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि  घटना के समय जो अभियुक्त वहां मौजूद थे उन सबकी एक चार्जशीट बनाकर कोर्ट में प्रस्तुत करें जबकि याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्हें बेवजह इसमें शामिल किया जा रहा है, लिहाजा उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। इस मामले से जुड़े कई आरोपियों की जमानत हो चुकी है। उसी के आधार पर उन्हें भी साक्ष्यों के अभाव पर जमानत पर रिहा किया जाए। इस मामले की पैरवी आज उनके अधिवक्ता विकाश गुगलानी और दीप चन्द्र जोशी ने की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 11:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना के तहत पशुपालकों को ऋण दे रही सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित दस दिवसीय सरस आजीविका मेले के दौरान गुरुवार को पशुपालन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना एवं ग्राम्य गौ सेवा योजना के बारे में जानकारी दी गई।</p>
<p>पशुपालकों की आय बढ़े और अधिक से अधिक किसान पशु पालन करें, इसके लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश के काश्तकारों की आय बढ़े और लोगों को रोजगार मिले। <br />प्रभारी पशुचिकित्साधिकारी डॉ. पीएस हृयांकी ने बताया कि मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना के तहत पशुपालकों को गाय, भैंस, बकरी, खच्चर, मुर्गी के अलावा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526115/government-is-giving-loans-to-cattle-owners-under-chief-minister"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/d954c9cd-f263-419a-93ab-a50ff252970e.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित दस दिवसीय सरस आजीविका मेले के दौरान गुरुवार को पशुपालन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना एवं ग्राम्य गौ सेवा योजना के बारे में जानकारी दी गई।</p>
<p>पशुपालकों की आय बढ़े और अधिक से अधिक किसान पशु पालन करें, इसके लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश के काश्तकारों की आय बढ़े और लोगों को रोजगार मिले। <br />प्रभारी पशुचिकित्साधिकारी डॉ. पीएस हृयांकी ने बताया कि मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन योजना के तहत पशुपालकों को गाय, भैंस, बकरी, खच्चर, मुर्गी के अलावा अन्य जानवरों को खरीदने के लिए सरकार ऋण दे रही है। यदि कोई भी पशुपालक जानवर खरीदने के लिए लोन लेता है, तो उसका ब्याज पशुपालन विभाग देगा, जिसमें 90 प्रतिशत का ब्याज का भुगतान विभाग करेगा और 10 प्रतिशत जो व्यक्ति लोन लेता है उसे भुगतान करना होगा। </p>
<p>उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र के साथ ही मैदानी क्षेत्र के जो काश्तकार मुख्यमंत्री राज्य पशुधन योजना लाभान्वित नही हुए हैं।  वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में इस योजना से शत प्रतिशत काश्तकार लाभ ले रहे हैं। योजना से काश्तकारों को रोजगार के साथ ही आर्थिकी भी दृढ़ हो रही है। कार्यशाला में पशुपालन विभाग के अधिकारियों साथ ही बड़ी संख्या में किसान एवं पशुपालक मौजदू रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 17:49:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने किया सरकार से शपथपत्र तलब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव की आरक्षण रोटेशन नियमावली-2024 को चुनौती देती कई याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में शपथ पत्र दाखिल करने के साथ ही सभी विजयी प्रत्याशियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने विजयी प्रत्याशियों का अपना पक्ष रखने का विकल्प खुला रखा है। मामले की सुनवाई 24 मार्च को होगी।</p>
<p>एक अन्य मामले में, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने पौड़ी जिले के कीर्ति नगर में मानकों के विरुद्ध चल रहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/525744/high-court-summoned-affidavits-from-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/nainital-high-court-नैनीताल-हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव की आरक्षण रोटेशन नियमावली-2024 को चुनौती देती कई याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में शपथ पत्र दाखिल करने के साथ ही सभी विजयी प्रत्याशियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने विजयी प्रत्याशियों का अपना पक्ष रखने का विकल्प खुला रखा है। मामले की सुनवाई 24 मार्च को होगी।</p>
<p>एक अन्य मामले में, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने पौड़ी जिले के कीर्ति नगर में मानकों के विरुद्ध चल रहे स्टोन क्रशर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य प्रदूषण बोर्ड को 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>वहीं, शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित के रूप में अधिसंख्यक पद पर चतुर्थ श्रेणी कार्मिक की नियुक्ति में सेवा की गणना, वेतन निर्धारण तथा सेवा निवृत्त लाभों से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक, पिथौरागढ़ को 26 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 10:18:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बागजाला के लोग प्रधानमंत्री चुन सकते हैं प्रधान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>अखिल भारतीय किसान महासभा की किसान पंचायत बागजाला में जसबू मंदिर प्रांगण में हुई। बागजाला में रुके हुए विकास कार्यों, निर्माण कार्यों, जल जीवन मिशन की रुकी हुई पाइप लाइन, रोकी गई सीसी सड़क को शुरू करने और आगामी पंचायत चुनावों में बागजाला को पुनः शामिल किए जाने को लेकर पंचायत में चर्चा हुई। तय किया गया कि किसान महासभा 22 मार्च को विशाल किसान सम्मेलन करेगा। <br />अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार को जनता के व्यापक हित में यहां की भूमि को डिफोरेस्ट करने का कैबिनेट से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/525288/people-of-bagjala-can-choose-prime-minister"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/बागजाला-में-किसानों-को-संबोधित-करते-डॉ.-कैलाश-पांडे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>अखिल भारतीय किसान महासभा की किसान पंचायत बागजाला में जसबू मंदिर प्रांगण में हुई। बागजाला में रुके हुए विकास कार्यों, निर्माण कार्यों, जल जीवन मिशन की रुकी हुई पाइप लाइन, रोकी गई सीसी सड़क को शुरू करने और आगामी पंचायत चुनावों में बागजाला को पुनः शामिल किए जाने को लेकर पंचायत में चर्चा हुई। तय किया गया कि किसान महासभा 22 मार्च को विशाल किसान सम्मेलन करेगा। <br />अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार को जनता के व्यापक हित में यहां की भूमि को डिफोरेस्ट करने का कैबिनेट से प्रस्ताव पारित करना चाहिए और उसे विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को भेजकर राजस्व गांव की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।</p>
<p>भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडे ने कहा कि साल 2008 में जब बागजाला के निवासियों के पट्टों का नवीनीकरण नहीं हुआ तब भी राज्य में भाजपा की सरकार थी और अब जब बागजाला में ग्रामीणों को नोटिस भेजे गए तब भी राज्य में भाजपा की सरकार है। इससे भाजपा का बागजाला का विरोध स्पष्ट उजागर हो जाता है। यह भी विडंबना ही है कि बागजाला के निवासी प्रधानमंत्री चुन सकते हैं किंतु उनके पास अपना प्रधान चुनने का अधिकार नहीं है। इस दौरान उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, पंकज चौहान, अनीस, पुष्पा भट्ट, ललित मटियाली, मो. यासीन, हरजत्ता सिंह, दीवान बर्गली, चंदन सिंह मटियाली, विमला देवी, हनीफ, मोहन राम, हरक सिंह बिष्ट, ऋषि, मधु, नंदी, मधु बिष्ट, ममता भट्ट, भगवती गोस्वामी, दुर्गा देवी, चन्दन भट्ट, भूपेन नौला, हंसी, पान सिंह नेगी, भावना, ममता प्रजापति, भुवन लाल, सुनीता, रईस, जहूर, खीम राम, दिवान राम, जय कृष्ण, धर्म सिंह रहे।<br /><br /><strong>बागजाला का मुद्दा उठाने पर विधायक का आभार</strong><br />हल्द्वानी। बागजाला के लोगों ने विधायक सुमित हृदयेश का आभार जताया। लोगों ने कहा कि विधानसभा में बागजाला को राजस्व गांव बनाए जाने के मुद्दे को मजबूती से रखनकर विधायक ने हमारी बहुत मदद की है। विधायक सुमित हृदयेश ने ग्रामवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे हमेशा बागजाला के लोगों के साथ खड़े रहेंगे तथा उनके हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। बागजाला जनकल्याण समिति के संरक्षक इंदर पाल आर्य ने कहा कि विधायक सुमित हृदयेश का समर्थन और सहयोग बागजाला ग्राम के विकास और प्रगति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।</p>
<p>इस अवसर पर बागजाला जनकल्याण समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद, सचिव चंद्र प्रकाश, कोषाध्यक्ष दया किशन सहित जगदीश आर्य, रमेश, कैलाश आर्य, मोहन राम, वीर सिंह, हयात सिंह, कुंदन सिंह, कैलाश नेगी, त्रिलोचन जोशी, सूबेदार रमेश प्रसाद, मनीराम, दीवान राम, खीम राम, मोहन राम, धर्म सिंह, पान सिंह, राम सिंह, योगेश आर्य, पूरन चंद्र, उमेद राम, कैलाश नेगी, मनीष गुप्ता, हरकेश आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 19:34:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में जनभावनाओं के अनुरूप सख्त भू-कानून   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार:</strong> राज्य सरकार का भू-कानून सुर्खियों में है। इसके सख्त प्रावधानों के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक जमीनों की  लूट-खसोट पर नकेल कसने की उम्मीदें जगी है। अब सरकारी मशीनरी इन प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था बनाने में जुट गई है।<br />  </p>
<p>उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) संशोधन विधेयक 2025 को राज्य सरकार ने बजट सत्र के दौरान सदन में पेश किया था, जो ध्वनिमत से पारित हुआ है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के बाद राज्य सरकार का यह दूसरा बड़ा कदम है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उत्तराखंड के रजत जयंती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/524986/strict-geo-laws-according-to-public-sentiments-in-uttarakhand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/99a6cf81-a1d4-41bd-bd71-7f69255c945b.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार:</strong> राज्य सरकार का भू-कानून सुर्खियों में है। इसके सख्त प्रावधानों के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक जमीनों की  लूट-खसोट पर नकेल कसने की उम्मीदें जगी है। अब सरकारी मशीनरी इन प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था बनाने में जुट गई है।<br /> </p>
<p>उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) संशोधन विधेयक 2025 को राज्य सरकार ने बजट सत्र के दौरान सदन में पेश किया था, जो ध्वनिमत से पारित हुआ है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के बाद राज्य सरकार का यह दूसरा बड़ा कदम है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में राज्य सरकार के खाते में यह अहम उपलब्धि जुड़ गई है, जिसके दूरगामी परिणाम आने भी तय माने जा रहे हैं। </p>
<p><strong>भू-कानून में क्या खास, जिससे है आस</strong><br /><strong>01-छूट हुई खत्म, कडे़ इंतजाम</strong><br />कृषि एवं बागवानी के लिए साढे़ बारह एकड़ भूमि खरीदने की छूट से जमीनों के खुर्द-बुर्द होने की शिकायतों पर सरकार ने करारी चोट की है। राज्य की धामी सरकार ने हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को छोड़कर अन्य सभी 11 जिलों में इस छूट को पूरी तरह खत्म कर दिया है। यानी पर्वतीय जिलों में अब कृषि और बागवानी के लिए बाहरी व्यक्ति जमीन ही नहीं खरीद पाएगा। जिन दो जिलों हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में इस छूट को खत्म नहीं किया गया है, वहां पर भूमि खरीद की प्रक्रिया को कठिन बना दिया गया है। कृषि व बागवानी के लिए भूमि खरीद की अनुमति पहले डीएम स्तर से दे दी जाती थी मगर अब इन दो जिलों में इसके लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, यह प्रावधान भी किया गया है कि कृषि व बागवानी के लिए भूमि खरीद का जो बाहरी व्यक्ति इच्छुक है, उसे संबंधित विभाग से आवश्यकता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराना।<strong> </strong></p>
<p><strong> 02-एक मौका, शपथपत्र जरूरी</strong><br />भू-कानून नगर निकाय और छावनी परिषद क्षेत्रों में लागू नहीं किया गया है। बाहरी व्यक्ति यदि निकाय क्षेत्रों से बाहर आवास के लिए जमीन खरीदने का इच्छुक हो, तो उसके लिए भी प्रभावी व्यवस्था भू-कानून में कर दी गई है। ऐसा व्यक्ति सिर्फ एक बार ही जमीन खरीद पाएगा और उसका क्षेत्रफल 250 वर्ग मीटर तक ही होगा। इसके लिए उसे अनिवार्य रूप से शपथपत्र भी देना होगा।<br />------<br />03-उल्लंघन पर सख्त निगरानी<br />भू-कानून में प्रावधान किया गया है कि नगर निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत भूमि का उपयोग निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही किया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में संबंधित भूमि राज्य सरकार में निहित कर ली जाएगी। भूमि खरीद के लिए शपथपत्र की अनिवार्यता के पीछे यही मंशा है कि लूट-खसोट न होने पाए। इसी तरह, पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीद प्रक्रिया की निगरानी का प्रावधान रखा गया है। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों के लिए यह जरूरी किया गया है कि वह राजस्व परिषद और शासन को भूमि खरीद प्रक्रिया की नियमित रिपोर्टिग करेंगे।<br /><br /><br />जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भू-कानून लागू किया गया है। जनभावनाएं जिस तरह के सख्त भू-कानून के पक्ष में थीं, उसी अनुरूप इसमें प्रावधान किए गए हैं। इस ऐतिहासिक कदम से उत्तराखंड के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहरों और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो पाएगी।<strong> पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 11:38:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूसीसी: 4 सप्ताह में सरकार दे जवाब   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को चुनौती देती नैनीताल निवासी प्रो. उमा भट्ट की जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज तिवारी एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने राज्य सरकार से याचिका में लगाए गए आरोपों पर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने को कहा। हाईकोर्ट ने इस याचिका को भी यूसीसी को चुनौती देती पूर्व में दाखिल अन्य याचिकाओं के साथ सम्बद्ध कर दिया है। इन सभी याचिकाओं की सुनवाई हेतु 1 अप्रैल की तिथि नियत है।</p>
<p>यूसीसी के खिलाफ हाईकोर्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/524899/ucc-gives-the-government-reply-in-4-weeks"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/download-8-10.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को चुनौती देती नैनीताल निवासी प्रो. उमा भट्ट की जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज तिवारी एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने राज्य सरकार से याचिका में लगाए गए आरोपों पर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने को कहा। हाईकोर्ट ने इस याचिका को भी यूसीसी को चुनौती देती पूर्व में दाखिल अन्य याचिकाओं के साथ सम्बद्ध कर दिया है। इन सभी याचिकाओं की सुनवाई हेतु 1 अप्रैल की तिथि नियत है।</p>
<p>यूसीसी के खिलाफ हाईकोर्ट में अब तक कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं। इन याचिकाओं में मुख्यतः 'लिव इन रिलेशनशिप' व 'मुस्लिम समुदाय की विवाह पद्धति में किए गए बदलाव व मुस्लिम, पारसी के रीति रिवाजों की अनदेखी करने के प्रावधानों को चुनौती दी गई है। लिव इन रिलेशन में रह रहे लोगों का कहना है कि उनसे जो फार्म रजिस्ट्रेशन के लिए भरवाया जा रहा है उसमें कई तरह की पूर्व जानकारी मांगी गई हैं। अगर वे पूर्व की जानकारी फार्म में भरते हैं तो उन्हें जानमाल का खतरा भी हो सकता है। यह उनकी निजता का उल्लंघन भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 19:05:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी में नहर पर अतिक्रमण, हाईकोर्ट ने मांगी सरकार से रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>हल्द्वानी में काठगोदाम से लेकर दमुवाढुंगा तक नहर पर हुए अतिक्रमण के मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने राज्य सरकार को 3 मार्च तक शपथपत्र के माध्यम से रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p><br />  मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अतिक्रमण को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की। नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। उन्होंने स्वीकार किया कि नहर पर अतिक्रमण हुआ है। कुल 14 अतिक्रमणकारियों</p>
<p>मरम्मत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/524390/encroachment-on-the-canal-in-haldwani-demands-report-from-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/student-union-elections-in-srinagar_1668678494.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>हल्द्वानी में काठगोदाम से लेकर दमुवाढुंगा तक नहर पर हुए अतिक्रमण के मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने राज्य सरकार को 3 मार्च तक शपथपत्र के माध्यम से रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p><br /> मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अतिक्रमण को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की। नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। उन्होंने स्वीकार किया कि नहर पर अतिक्रमण हुआ है। कुल 14 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने नहरों की सर्वे रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की। उन्होंने यह भी बताया कि नहरों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार ने बजट स्वीकृत कर दिया है।</p>
<p>मरम्मत का कार्य छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई तीन मार्च को होगी। दायर जनहित याचिकाओं में कहा गया कि काठगोदाम से दमुवाढुंगा तक नहरों पर अतिक्रमण कर आवास या दुकानों का निर्माण किया गया है। अतिक्रमण के चलते बरसात में क्षेत्र में जल भराव व बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सड़कों पर जलभराव से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अतिक्रमण को हटाने की मांग की गयी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 20:15:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य सचिव 17 तक पेश करें प्रार्थना पत्र: हाईकोर्ट  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>प्रदेश में लोकायुक्त नियुक्ति संबंधी याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए इस मामले पर मुख्य सचिव का प्रार्थना पत्र 17 फरवरी तक पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी। <br />  मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि लोकायुक्त नियुक्त करने के राज्यपाल के अनुमोदन पर मुख्यमंत्री की अगुवाई में कमेटी गठित कर ली गयी है, जिसमें राज्य के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं इसलिए लोकायुक्त नियुक्त करने के लिए राज्य को</p>
<p>इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/521895/chief-secretary-should-present-the-application-by-17"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/images-(39).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>प्रदेश में लोकायुक्त नियुक्ति संबंधी याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए इस मामले पर मुख्य सचिव का प्रार्थना पत्र 17 फरवरी तक पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी। <br /> मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि लोकायुक्त नियुक्त करने के राज्यपाल के अनुमोदन पर मुख्यमंत्री की अगुवाई में कमेटी गठित कर ली गयी है, जिसमें राज्य के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं इसलिए लोकायुक्त नियुक्त करने के लिए राज्य को और समय दिया जाए।  </p>
<p>इसके विरोध में याचिकाकर्ता गौलापार निवासी रवि शंकर जोशी के अधिवक्ता ने कहा कि पूर्व में कोर्ट ने आदेश में कहा था कि शीघ्र ही लोकायुक्त की नियुक्ति करके रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें, जो आज तक पेश नहीं की गयी, जबकि पूर्व के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर मुख्य सचिव सहित अन्य के खिलाफ अवमानना याचिका उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 19:18:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार किसी धर्म या समुदाय विशेष के खिलाफ नहींः धामी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, देहरादून। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही तेज की है। सख्त धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून एवं नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। सरकार ने जो भी कार्रवाई की है, वो किसी धर्म या समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के उद्देश्य से की है।</p>
<p>  </p>
<p>मुख्यमंत्री ने शनिवार को दून विश्वविद्यालय में आयोजित गंगधारा-विचारों का अविरल प्रवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता पर कार्य किया है, जिसे जनवरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512546/government-is-not-against-any-particular-religion-or-community-dhami"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/download-(7).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, देहरादून। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही तेज की है। सख्त धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून एवं नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। सरकार ने जो भी कार्रवाई की है, वो किसी धर्म या समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के उद्देश्य से की है।</p>
<p> </p>
<p>मुख्यमंत्री ने शनिवार को दून विश्वविद्यालय में आयोजित गंगधारा-विचारों का अविरल प्रवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता पर कार्य किया है, जिसे जनवरी 2025 तक लागू कर दिया जाएगा। समान नागरिक संहिताके कई प्रावधानों का सरलीकरण किया जा रहा है। इसे समझने के लिए एप्लीकेशन को भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार, राज्य में सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने एवं समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार दून विवि में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना करने जा रही है। जहां हिंदू सभ्यता, दर्शन, इतिहास और सिद्धांतों पर गहन अध्ययन और शोध कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, इकॉनॉमी और इकोलॉजी के समन्वय के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तराखंड एकमात्र राज्य है जहां सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ सकल पारिस्थितिकी तंत्र उत्पाद (जीईपी) को भी मापने का प्रयास किया गया है।</p>
<p><strong>केंद्र से मांगी टीबी उपचार संबंधित औषधियां</strong></p>
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के सम्बन्ध में बैठक की। सीएम धामी ने बैठक में बताया कि अभियान में राज्य के नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, देहरादून, पौड़ी और रुद्रप्रयाग जिले को चयनित किया गया है। सरकार लगातार डिटेक्शन, ट्रीटमेंट और प्रीवेंशन पर कार्य कर रही है। राज्य में सभी के सहयोग से अब तक 23800 टीबी मरीजों को निक्षय मित्रो द्वारा गोद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से टीबी उपचार संबंधित औषधियों को उपलब्ध करने का आग्रह किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया।</p>
<p><strong>जनसमस्याओं का करें त्वरित निस्तारण</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में जनप्रतिनिधियों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का जल्द समाधान कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जन समस्याओं की नियमित सुनवाई कर उनका समाधान करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Dec 2024 12:45:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: सरकार का बड़ा तोहफा: 124 डॉक्टरों को वेतन बढ़ोतरी, एसडीएसीपी योजना से मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड सरकार ने इगास पर्व के अवसर पर प्रदेश के 124 डॉक्टरों को वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन डॉक्टरों को दी गई है जिन्होंने राज्य के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी की है। सरकार ने स्पेशल डायनमिक एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (एसडीएसीपी) योजना के तहत इन डॉक्टरों को लाभ पहुंचाने का फैसला लिया है। </p>
<p>स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों की सभी उचित मांगों को लेकर गंभीर है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। एसडीएसीपी योजना के तहत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/505804/dehradun-governments-big-gift-124-doctors-will-get-benefit-from"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/_93327261_doctor_sciencephotolibrary_2.jpg.webp" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड सरकार ने इगास पर्व के अवसर पर प्रदेश के 124 डॉक्टरों को वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन डॉक्टरों को दी गई है जिन्होंने राज्य के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी की है। सरकार ने स्पेशल डायनमिक एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (एसडीएसीपी) योजना के तहत इन डॉक्टरों को लाभ पहुंचाने का फैसला लिया है। </p>
<p>स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों की सभी उचित मांगों को लेकर गंभीर है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। एसडीएसीपी योजना के तहत वे डॉक्टर लाभान्वित होंगे जिन्होंने पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवा पूरी की है। स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर 124 डॉक्टरों को इस योजना के तहत वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिया गया है। </p>
<p>इसके अलावा, हाल ही में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के डॉक्टरों की अन्य लंबित मांगों के समाधान के लिए भी कदम उठाए गए हैं। जैसे कि अपर निदेशक और संयुक्त निदेशक के पदों पर प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने सभी डॉक्टरों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार उनके सुरक्षा और मांगों के समाधान को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। </p>
<p>एसडीएसीपी योजना के तहत लाभ पाने वाले डॉक्टरों में वे शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न समयावधियों में पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवा पूरी की है। इनमें चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले 73 डॉक्टरों को लेवल-11 वेतनमान का लाभ मिलेगा, वहीं नौ वर्ष और पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले डॉक्टरों को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा, 13 वर्ष और 20 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले डॉक्टरों को भी वेतन बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/505798/haldwani-mobile-van-will-roam-from-village-to-village-to#gsc.tab=0">हल्द्वानी: मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को गांव-गांव घूमेगी मोबाइल वैन</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Nov 2024 14:43:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल: 210 नाली भूमि जाएगी सरकार के खाते में ...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>श्री कैंची धाम तहसील क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न गांवों में छह बाहरी व्यक्तियों को खरीदी गई 210 नाली भूमि पर भू-कानून और ली गई अनुमति के अनुरूप काम नहीं करना भारी पड़ गया है। एसडीएम वीसी पंत की ओर से गठित टीम की जांच के बाद उक्त लोगों की ओर से खरीदी गई उक्त भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की संस्तुति की गई है।<br /><br />एसडीएम ने बताया कि तहसील क्षेत्र के चौरसा में पीयूष सिंघानिया की 50 नाली और कूल में महस्पति पवार की 100 नाली जमीन के अलावा छिमी में एक और प्यूड़ा में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/505565/nainital-210-drain-land-will-go-to-government-account"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/66e300d9cfcde-20240912-125520859-16x9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>श्री कैंची धाम तहसील क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न गांवों में छह बाहरी व्यक्तियों को खरीदी गई 210 नाली भूमि पर भू-कानून और ली गई अनुमति के अनुरूप काम नहीं करना भारी पड़ गया है। एसडीएम वीसी पंत की ओर से गठित टीम की जांच के बाद उक्त लोगों की ओर से खरीदी गई उक्त भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की संस्तुति की गई है।<br /><br />एसडीएम ने बताया कि तहसील क्षेत्र के चौरसा में पीयूष सिंघानिया की 50 नाली और कूल में महस्पति पवार की 100 नाली जमीन के अलावा छिमी में एक और प्यूड़ा में तीन लोगों की 60 नाली भूमि का मामला खतौनी में ब्योरा नहीं होने के चलते राज्य सरकार में निहित के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। बता दें कि पूर्व में सिल्टोना में यूपी के प्रतापगढ़ के विधायक राजा भैया की पत्नी भावनी सिंह की 27.5 नाली भूमि सरकार को निहित कर दी गई थी। एसडीएम की कार्रवाई के बाद से बाहरी लोगों में खलबली मची हुई है।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/505554/six-young-men-and-women-died-tragically-in-a-road#gsc.tab=0">देहरादून में सड़क हादसे में छह युवक-युवतियों की दर्दनाक मौत</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/505565/nainital-210-drain-land-will-go-to-government-account</link>
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                <pubDate>Tue, 12 Nov 2024 12:19:08 +0530</pubDate>
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