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                <title>Foreign News - Amrit Vichar</title>
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                <description>Foreign News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नेतन्याहू ने भारत के 'जबरदस्त प्रेम' को किया सलाम,  बोले-आलोचनाओं के बावजूद खड़ा रहा साथ </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>यरूशलम।</strong> इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को एक ''बहुत बड़ी शक्ति'' बताते हुए कहा है कि दुनिया के अन्य हिस्सों में ''यहूदी राष्ट्र की वैधता पर सवाल उठाए जाने की कोशिशों'' के बावजूद भारत में ''इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम'' है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को जॉर्डन घाटी में एक कार्यक्रम के दौरान भारत का उल्लेख इजराइल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के एक अहम उदाहरण के रूप में किया। वह इजराइल के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक साझेदारियां बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा कर रहे थे। नेतन्याहू ने ये टिप्पणियां ऐसे समय में कीं जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583365/netanyahu-salutes-india-s-%22tremendous-love-%22-saying-it-stood-by-him-despite-criticism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(15)21.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>यरूशलम।</strong> इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को एक ''बहुत बड़ी शक्ति'' बताते हुए कहा है कि दुनिया के अन्य हिस्सों में ''यहूदी राष्ट्र की वैधता पर सवाल उठाए जाने की कोशिशों'' के बावजूद भारत में ''इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम'' है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को जॉर्डन घाटी में एक कार्यक्रम के दौरान भारत का उल्लेख इजराइल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के एक अहम उदाहरण के रूप में किया। वह इजराइल के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक साझेदारियां बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा कर रहे थे। नेतन्याहू ने ये टिप्पणियां ऐसे समय में कीं जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति नाजुक बनी हुई है। </p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया में इजराइल कई मोर्चों पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है और अपने पारंपरिक सहयोगियों से परे अन्य साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी प्रेस कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा, ''हम अपने गठबंधनों का विस्तार कर रहे हैं और आप जिस बारे में बात कर रहे हैं, वह इन गठबंधनों को एक बड़े दायरे तक ले जाने की बात है। यह बड़ा दायरा वास्तव में भारत नाम की एक बहुत बड़ी शक्ति के साथ हमारे विशिष्ट संबंधों से जुड़ा है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इजराइल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का उल्लेख करते हुए कहा, ''मैं यह कहूंगा कि दुनिया के कई हिस्सों में हमारी वैधता पर सवाल उठाए जाते हैं लेकिन भारत में नहीं। भारत में इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम है, वाकई जबरदस्त। मुझे लगता है कि मेरे सबसे अधिक 'फॉलोअर' भारत से हैं।''</p>
<p style="text-align:justify;">नेतन्याहू पहले भी कई बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और भारत-इजराइल संबंधों की मजबूती को रेखांकित कर चुके हैं। पहले की टिप्पणियों में उन्होंने भारत को ''बेहद शक्तिशाली'' बताया था और कई क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया था। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583334/india-s-major-move-to-boost-trade-with-canada---trade-and-investment-forum--launched-following-piyush-goyal-s-visit"><span class="t-red">कनाडा से व्यापार बढ़ाने के लिए भारत का बड़ा कदम,</span> पीयूष गोयल की यात्रा के बाद 'व्यापार एवं निवेश मंच' की शुरुआत</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583365/netanyahu-salutes-india-s-%22tremendous-love-%22-saying-it-stood-by-him-despite-criticism</link>
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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:17:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत आएगा अमेरिकी डेलिगेशन, जून के पहले हफ्ते में द्विपक्षीय व्यापार वार्ता समझौते को लेकर होगा फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी दल एक जून को चार दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहा है। दोनों देशों की इस बातचीत में अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपाय, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम व्यापार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583261/us-delegation-to-visit-india--decision-on-bilateral-trade-agreement-expected-in-the-first-week-of-june"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(89).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी दल एक जून को चार दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहा है। दोनों देशों की इस बातचीत में अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपाय, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति व्यक्त की थी। इस रूपरेखा ने व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इसके बाद, भारतीय पक्ष ने अपने अमेरिकी अधिकारियों के साथ आमने-सामने की बैठकों के लिए 20 से 23 अप्रैल, 2026 के लिए अमेरिका की यात्रा की। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने कहा, ''चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए, मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में अमेरिकी टीम एक से चार जून, 2026 तक भारत की यात्रा करेगी। अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक बीटीए के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपाय, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है।'</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583252/air-india-flight-bound-for-san-francisco-returns-to-delhi--lives-of-230-passengers-hung-in-the-balance-for-8-hours"><span class="t-red">सैन फ्रांसिस्को जा रहा Air India का विमान लौटा दिल्ली, </span>8 घंटे हवा में अटकी रही 230 यात्रियों की जान </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583261/us-delegation-to-visit-india--decision-on-bilateral-trade-agreement-expected-in-the-first-week-of-june</link>
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 17:54:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Quad Summit 2026:  भारत आ रही ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग, कहा-'अनिश्चित समय में महत्वपूर्ण साझेदारी'</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कैनबरा।</strong> ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए आज यानी सोमवार को भारत जाएंगी। बैठक में समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों सहित ''साझा हितों'' से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत क्वाड के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में मंगलवार को इस बैठक की मेजबानी करेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री की वेबसाइट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में वोंग के हवाले से कहा गया, ''इस अनिश्चित समय में क्वाड एक महत्वपूर्ण साझेदारी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भविष्य को आकार देने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583044/quad-summit-2026--australian-foreign-minister-penny-wong-arrives-in-india--says---a-vital-partnership-in-uncertain-times"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैनबरा।</strong> ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए आज यानी सोमवार को भारत जाएंगी। बैठक में समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों सहित ''साझा हितों'' से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत क्वाड के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में मंगलवार को इस बैठक की मेजबानी करेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री की वेबसाइट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में वोंग के हवाले से कहा गया, ''इस अनिश्चित समय में क्वाड एक महत्वपूर्ण साझेदारी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भविष्य को आकार देने की दिशा में चार देश मिलकर काम कर रहे हैं।''</p>
<p style="text-align:justify;">वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका ''समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के विकास और आपदा राहत सहित साझा हितों के मामलों में ठोस परिणाम दे रहे हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि भारत यात्रा के दौरान वह विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ 17वीं ऑस्ट्रेलिया-भारत विदेश मंत्री रूपरेखा वार्ता भी करेंगी। वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत की साझेदारी ''पहले कभी इतनी महत्वपूर्ण नहीं रही।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''व्यापक रणनीतिक साझेदारों के रूप में ऑस्ट्रेलिया और भारत व्यापार एवं निवेश, रक्षा और समुद्री सुरक्षा, जलवायु और ऊर्जा परिवर्तन, रणनीतिक प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा एवं कौशल के क्षेत्र में सहयोग को गहरा कर रहे हैं। हमारी साझेदारी का केंद्र दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत सामाजिक संबंध हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का समूह क्वाड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस समय भारत यात्रा पर हैं। वह भी इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक में इस वर्ष के अंत में संभवत: भारत में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन का व्यापक एजेंडा भी तय किए जाने की संभावना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h4 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582810/quad-summit-2026--quad-summit-to-be-held-in-delhi--foreign-ministers-of-the-us--australia--and-japan-to-attend"><span class="t-red">Quad Summit 2026: </span>दिल्ली में Quad का महासम्मेलन, भारत के निमंत्रण पर आ रहे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री</a></h4>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583044/quad-summit-2026--australian-foreign-minister-penny-wong-arrives-in-india--says---a-vital-partnership-in-uncertain-times</link>
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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:31:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान वार्ता के बीच व्हाइट हाउस पर हमला... 25 राउंड फायरिंग, घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रंप परिसर में थे मौजूद, जवाबी कार्रवाई में मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की सुरक्षा जांच चौकी के पास अधिकारियों पर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति की सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई है। संघीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 'यूएस सीक्रेट सर्विस' ने शनिवार देर रात एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावर पूर्वी समयानुसार (ईटी) शाम छह बजे के कुछ देर बाद एक जांच चौकी के पास पहुंचा, उसने ''अपने बैग से हथियार निकाला और वहां तैनात अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी।''</p>
<p style="text-align:justify;">'सीक्रेट सर्विस' के अनुसार अधिकारियों ने जवाबी गोलीबारी की जिसमें आरोपी घायल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582952/attack-on-the-white-house-amid-iran-talks----25-rounds-fired--president-trump-was-present-on-the-premises-at-the-time-of-the-incident--he-died-in-retaliatory-fire"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(19)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की सुरक्षा जांच चौकी के पास अधिकारियों पर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति की सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई है। संघीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 'यूएस सीक्रेट सर्विस' ने शनिवार देर रात एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावर पूर्वी समयानुसार (ईटी) शाम छह बजे के कुछ देर बाद एक जांच चौकी के पास पहुंचा, उसने ''अपने बैग से हथियार निकाला और वहां तैनात अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी।''</p>
<p style="text-align:justify;">'सीक्रेट सर्विस' के अनुसार अधिकारियों ने जवाबी गोलीबारी की जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसने बताया कि आरोपी को क्षेत्र के एक अस्पताल ले जाया गया जहां बाद में उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक राहगीर को भी गोली लगी है लेकिन कानून प्रवर्तन के एक अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि वह संदिग्ध द्वारा शुरू में चलाई गई गोलियों से घायल हुआ या अधिकारियों द्वारा की गई गोलीबारी के दौरान उसे गोली लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">'सीक्रेट सर्विस' ने कहा कि उसका कोई भी अधिकारी इस दौरान घायल नहीं हुआ और घटना के समय 'व्हाइट हाउस' में मौजूद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं। 'व्हाइट हाउस' में शनिवार को मौजूद पत्रकारों ने कई गोलियां चलने की आवाज सुनाई देने की सूचना दी और उन्हें संवाददाता सम्मेलन कक्ष के भीतर जाने को कहा गया। 'सीक्रेट सर्विस' ने इससे पहले सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा था कि उसे ''17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास गोली चलने की खबरों'' की जानकारी है। यह स्थान 'व्हाइट हाउस' से एक ब्लॉक दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने 'एक्स' पर एक 'पोस्ट' साझा कर बताया कि 'सीक्रेट सर्विस' के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और उसने लोगों को उस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी। यह स्थान उस जगह के पास है जहां पिछले साल नवंबर में एक बंदूकधारी ने वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर घात लगाकर हमला किया था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/582936/cyprus-president-s-visit-to-india-concludes--both-nations-announce-strategic-partnership--focus-on-several-key-issues"><span class="t-red">साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा समाप्त :</span> दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी का किया ऐलान, कई अहम मुद्दों पर रहा फोकस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582952/attack-on-the-white-house-amid-iran-talks----25-rounds-fired--president-trump-was-present-on-the-premises-at-the-time-of-the-incident--he-died-in-retaliatory-fire</link>
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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 09:58:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा शुरू, कोलकाता के 'मदर हाउस' का किया दौरा, PM मोदी से करेंगे मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता। </strong>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की अपनी चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार को कोलकाता पहुंचे। उनकी इस यात्रा की शुरुआत ऐसे शहर से हो रही है, जो राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। अमेरिका के किसी विदेशी मंत्री का 14 साल बाद कोलकाता में आगमन हुआ है। इससे पहले मई 2012 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था। रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में नयी सरकार के गठन के रूप में बड़ा राजनीतिक बदलाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582868/us-secretary-of-state-marco-rubio-arrives-in-kolkata--visits--mother-house--during-4-day-india-tour--set-to-meet-pm-modi-as-well"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(47)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता। </strong>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की अपनी चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार को कोलकाता पहुंचे। उनकी इस यात्रा की शुरुआत ऐसे शहर से हो रही है, जो राजनीतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। अमेरिका के किसी विदेशी मंत्री का 14 साल बाद कोलकाता में आगमन हुआ है। इससे पहले मई 2012 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था। रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में नयी सरकार के गठन के रूप में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">अमेरिकी राजदूत का बयान </h4>
<p style="text-align:justify;">भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता पहुंच चुके हैं। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। आज बाद में हम नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। आने वाले दिनों में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, क्वाड और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी तथा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।'' </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राजदूत ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ''अपने मित्र मार्को रुबियो का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। आने वाले दिनों के लिए हमारा एजेंडा काफी अहम और व्यापक है, जिसमें क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी शामिल है। इसका उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत भारत-अमेरिका साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाया जाना है। मुझे सार्थक बातचीत और ठोस प्रगति की उम्मीद है।'' </p>
<h4 style="text-align:justify;"> क्या बोला अमेरिकी विदेश मंत्रालय</h4>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रुबियो मध्य कोलकाता में स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय 'मदर हाउस' और शहर के एक बाल गृह का दौरा भी करेंगे। रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनका आगरा, जयपुर और नयी दिल्ली जाने का भी कार्यक्रम है। इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारत के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत रवाना होने से पहले रुबियो ने मियामी में संवाददाताओं से कहा, ''हम चाहते हैं कि भारत जितनी अधिक ऊर्जा खरीद सके, उतनी हम उसे बेचें। अमेरिकी उत्पादन और निर्यात इस समय ऐतिहासिक स्तर पर है।'' होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत पर पड़ने वाले संभावित ऊर्जा संकट से जुड़े सवाल पर रुबियो ने भारत को ''भरोसेमंद और महत्वपूर्ण साझेदार'' बताया और क्वाड देशों के मंत्रियों से मुलाकात को लेकर उत्साह जताया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 मई को क्वाड बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में रुबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे। </p>
<h4 style="text-align:justify;">'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' के मुख्यालय 'मदर हाउस' का दौरा</h4>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कोलकाता में सेंट टेरेसा के 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' के मुख्यालय 'मदर हाउस' का दौरा किया। रुबियो भारत की अपनी पहली चार दिवसीय यात्रा पर आज सुबह कोलकाता पहुंचे। कोलकाता के हवाई अड्डे पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उनका स्वागत किया। उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' के मुख्यालय का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से बात की। कोलकाता में मदर टेरेसा द्वारा स्थापित 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' एक कैथोलिक संस्था है, जो दुनियाभर में गरीबों, बीमारों और असहायों की सेवा के लिए समर्पित है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">14 साल बाद कोलकाता में आगमन </h5>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के किसी विदेशी मंत्री का 14 साल बाद कोलकाता में आगमन हुआ है। इससे पहले मई 2012 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था। रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में नयी सरकार के गठन के रूप में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। गोर ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता पहुंच चुके हैं। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। आज बाद में हम नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। आने वाले दिनों में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, क्वाड और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी तथा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।''</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रुबियो कोलकाता प्रवास के दौरान शहर के एक बाल गृह का भी दौरा करेंगे। रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनका आगरा, जयपुर और नयी दिल्ली जाने का भी कार्यक्रम है। इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारत के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582810/quad-summit-2026--quad-summit-to-be-held-in-delhi--foreign-ministers-of-the-us--australia--and-japan-to-attend"><span class="t-red">Quad Summit 2026: </span>दिल्ली में Quad का महासम्मेलन, भारत के निमंत्रण पर आ रहे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582868/us-secretary-of-state-marco-rubio-arrives-in-kolkata--visits--mother-house--during-4-day-india-tour--set-to-meet-pm-modi-as-well</link>
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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:41:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Quad Summit 2026:  दिल्ली में Quad का महासम्मेलन, भारत के निमंत्रण पर आ रहे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक आगामी 26 मई को यहां होगी, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बैठक में मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे। </p>
<h4 style="text-align:justify;">मेजबानी के लिए तैयार भारत </h4>
<p style="text-align:justify;">वक्तव्य में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर सुश्री पेनी वोंग, श्री मोतेगी तथा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582810/quad-summit-2026--quad-summit-to-be-held-in-delhi--foreign-ministers-of-the-us--australia--and-japan-to-attend"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(25)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक आगामी 26 मई को यहां होगी, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बैठक में मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे। </p>
<h4 style="text-align:justify;">मेजबानी के लिए तैयार भारत </h4>
<p style="text-align:justify;">वक्तव्य में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर सुश्री पेनी वोंग, श्री मोतेगी तथा श्री रुबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि सभी सदस्य देश मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत के लिए क्वाड की परिकल्पना के अनुरूप पिछले वर्ष एक जुलाई को वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हिंद-प्रशांत पर चर्चा की उम्मीद</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा सदस्य मौजूदा क्वाड पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे। यात्रा के दौरान, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों तथा अमेरिका के विदेश मंत्री के विदेश मंत्री डॉ जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट करने की भी संभावना है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, भारत में अमेरिका के दूतावास ने कहां है कि अमेरिका स्वतंत्र और खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए एकजुटता के साथ खड़ा है। दूतावास ने कहा है कि रबियो की भारत यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, " एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए साथ खड़े हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को समर्थन देने से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तक विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत की आगामी यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है।" उल्लेखनीय है कि क्वॉड की बैठक पिछले काफी समय से टलती आ रही थी। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में इस बैठक का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582688/stop-preaching-on-kashmir----a-history-stained-by-genocide--india-holds-up-a-mirror-to-pakistan-at-the-unsc"><span class="t-red">कश्मीर पर न दें ज्ञान... नरसंहार से कलंकित इतिहास,  </span>UNSC में भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582810/quad-summit-2026--quad-summit-to-be-held-in-delhi--foreign-ministers-of-the-us--australia--and-japan-to-attend</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:15:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का विश्वभर में लहराया परचम: इसरो के 'चंद्रयान-3' को अमेरिका में मिला सर्वोच्च 'गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवॉर्ड'</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-3 ने वैश्विक पटल पर एक बार फिर भारत का गौरव बढ़ाया है। अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स (AIAA) ने चंद्रयान-3 की अभूतपूर्व सफलता को सलाम करते हुए इसे वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवॉर्ड’ (Goddard Astronautics Award) से नवाजा है। वाशिंगटन डीसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान 21 मई को यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जब चांद के 'अनछुए' कोने पर लहराया था तिरंगा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">23 अगस्त 2023 को भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में वो कर दिखाया जो कोई और देश नहीं कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582772/india-s-flag-hoisted-across-the-world--isro-s--chandrayaan-3--receives-the-highest--goddard-astronautics-award--in-america"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit19.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-3 ने वैश्विक पटल पर एक बार फिर भारत का गौरव बढ़ाया है। अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स (AIAA) ने चंद्रयान-3 की अभूतपूर्व सफलता को सलाम करते हुए इसे वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवॉर्ड’ (Goddard Astronautics Award) से नवाजा है। वाशिंगटन डीसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान 21 मई को यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जब चांद के 'अनछुए' कोने पर लहराया था तिरंगा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">23 अगस्त 2023 को भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में वो कर दिखाया जो कोई और देश नहीं कर पाया था। चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दुर्गम और रणनीतिक रूप से बेहद अहम दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर कदम रखकर दुनिया का पहला देश बनने का गौरव हासिल किया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इस मिशन से मिले फायदे</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>अहम वैज्ञानिक डेटा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">चंद्रयान-3 ने भविष्य के मानव मिशनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>संसाधनों की खोज</strong></p>
<p style="text-align:justify;">चंद्रमा की मिट्टी (रेगोलिथ) में कई बहुमूल्य रासायनिक तत्वों की मौजूदगी का पता चला, जो भविष्य में चांद पर इंसानी बस्तियां बसाने या निर्माण कार्यों में मील का पत्थर साबित होंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>राजदूत विनय क्वात्रा ने स्वीकार किया सम्मान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस गौरवमयी पुरस्कार को इसरो की तरफ से अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने 'AIAA ASCEND 2026' कॉन्फ्रेंस में ग्रहण किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के 'स्पेस विजन 2047' का रोडमैप दुनिया के सामने रखा। उन्होंने भारत के डीप स्पेस मिशन, मानव अंतरिक्ष उड़ान (गगनयान) और तेजी से पंख फैलाते कमर्शियल स्पेस सेक्टर की प्रगति को रेखांकित किया। क्वात्रा ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सरकारी, औद्योगिक और शैक्षणिक स्तर पर साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बल दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्यों बेहद खास है 'गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवॉर्ड'?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह AIAA द्वारा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है। यह किसी व्यक्ति या पूरी टीम को उनके असाधारण और क्रांतिकारी योगदान के लिए मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की शुरुआत आधुनिक रॉकेट विज्ञान के जनक रॉबर्ट एच. गोडार्ड की याद में उनकी पत्नी द्वारा की गई थी। रॉबर्ट गोडार्ड के लिक्विड-फ्यूल (तरल ईंधन) रॉकेट के प्रयोगों ने ही आज के आधुनिक स्पेस युग की नींव रखी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 1975 में इस अवॉर्ड को नया रूप दिया गया। इससे पहले यह केवल प्रोपल्शन और एनर्जी कन्वर्जन इंजीनियरिंग तक सीमित था, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर इसे अंतरिक्ष विज्ञान का सर्वोच्च पदक बना दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582772/india-s-flag-hoisted-across-the-world--isro-s--chandrayaan-3--receives-the-highest--goddard-astronautics-award--in-america</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 09:43:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>India-Estonia Relations: पीएम मोदी का इंतजार कर रहा है यह यूरोपीय देश, द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए कही बड़ी बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ताल्लिन्न। </strong>एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए भारत से और अधिक उच्च स्तरीय यात्राओं का आह्वान किया और कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस उत्तरी यूरोपीय देश का दौरा करते हैं तो एस्टोनिया को ''बहुत खुशी' होगी। त्साहकना ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन का आयोजन कर रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी युद्धग्रस्त देश यूक्रेन की पुनर्निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने कहा, ''भारत एस्टोनिया का एक बहुत अहम साझेदार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582614/india-estonia-relations--this-european-country-is-waiting-for-pm-modi--made-a-significant-statement-to-strengthen-bilateral-relations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(20)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ताल्लिन्न। </strong>एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए भारत से और अधिक उच्च स्तरीय यात्राओं का आह्वान किया और कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस उत्तरी यूरोपीय देश का दौरा करते हैं तो एस्टोनिया को ''बहुत खुशी' होगी। त्साहकना ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन का आयोजन कर रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी युद्धग्रस्त देश यूक्रेन की पुनर्निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने कहा, ''भारत एस्टोनिया का एक बहुत अहम साझेदार है। हमारे स्तर बिल्कुल अलग हैं, एस्टोनिया की जनसंख्या 13 लाख है जबकि भारत की जनसंख्या 14 अरब है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। हमारे राष्ट्रपति (अलार कारिस) फरवरी में एआई शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत में थे। व्यापारिक दृष्टि से हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''चाहे रक्षा उद्योग हो, आईटी हो या एआई , एस्टोनिया निवेश के लिए एकदम सही जगह है। हमारे पास ई-रेजिडेंसी कार्यक्रम है जिसके माध्यम से भारतीय कंपनियां और लोग निवासी बन सकते हैं और हमारे शानदार स्टार्टअप वातावरण का हिस्सा बन सकते हैं।'' त्साहकना ने कहा, "मैं भारत की आर्थिक वृद्धि और आर्थिक विकास पर भारतीय सरकार के नेतृत्व को देख रहा हूं। ये ऐसा है जिसमें हमारी कंपनियां बहुत रुचि रखती हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या संबंधों को मजबूत करने के लिए और अधिक उच्च स्तरीय दौरों की आवश्यकता है और क्या प्रधानमंत्री मोदी भविष्य में एस्टोनिया का दौरा कर सकते हैं, तो त्साहकना ने कहा कि उनका देश ऐसे दौरे का गर्मजोशी से स्वागत करेगा। उन्होंने कहा, ''अगर प्रधानमंत्री मोदी एस्टोनिया आते हैं तो हमारे देश को बहुत खुशी होगी। हम उनका हार्दिक स्वागत करेंगे और विदेश मंत्री (एस. जयशंकर) का भी स्वागत है। </p>
<p style="text-align:justify;">एस्टोनिया में जितने अधिक उच्च स्तरीय दौरे होंगे, उतना ही अच्छा होगा।'' अब तक भारत से किसी भी प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया का दौरा नहीं किया है। त्साहकना ने बताया कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें विश्व के नेता, दानदाता और निजी कंपनियां शिकरकत करेंगी। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के मार्शल प्लान के बाद यूक्रेन का पुनर्निर्माण यूरोप की सबसे बड़ी परियोजना होगी और मुझे उम्मीद है कि भारत भी इसमें शामिल होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">त्साहकना की ये टिप्पणियां राष्ट्रपति कारिस की भारत यात्रा के कुछ सप्ताह बाद आई हैं। कारिस 16 से 20 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत गए थे। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से हुई थी। मोदी ने 11 फरवरी, 2025 को पेरिस में आयोजित एआई एक्शन सम्मेलन के दौरान भी कारिस से मुलाकात की थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582601/bangladesh--diplomat-s-body-found-in-indian-high-commission-premises-in-chittagong--initial-investigation-suggests-heart-attack"><span class="t-red">बांग्लादेश : </span>चटगांव में भारतीय उच्चायोग परिसर में मिला राजनयिक का शव, शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका</a></h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582614/india-estonia-relations--this-european-country-is-waiting-for-pm-modi--made-a-significant-statement-to-strengthen-bilateral-relations</link>
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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 15:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बांग्लादेश : चटगांव में भारतीय उच्चायोग परिसर में मिला राजनयिक का शव, शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ढाका। </strong>बांग्लादेश के चटगांव में स्थित भारतीय उच्चायोग के परिसर में मंगलवार को भारत के एक राजनयिक का शव मिला। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृत अधिकारी की पहचान नरेन धर के रूप में हुई है, जो भारतीय उच्चायोग में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। ढाका पुलिस के प्रवक्ता अमीनूर राशिद ने संवाददाताओं से कहा, "हमें बताया गया है कि मृतक अधिकारी का नाम नरेन धर है, जो मिशन में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।" </p>
<p style="text-align:justify;">राशिद के मुताबिक, धर का शव मंगलवार तड़के भारतीय उच्चायोग के पुराने वीजा केंद्र भवन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582601/bangladesh--diplomat-s-body-found-in-indian-high-commission-premises-in-chittagong--initial-investigation-suggests-heart-attack"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(16)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ढाका। </strong>बांग्लादेश के चटगांव में स्थित भारतीय उच्चायोग के परिसर में मंगलवार को भारत के एक राजनयिक का शव मिला। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृत अधिकारी की पहचान नरेन धर के रूप में हुई है, जो भारतीय उच्चायोग में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। ढाका पुलिस के प्रवक्ता अमीनूर राशिद ने संवाददाताओं से कहा, "हमें बताया गया है कि मृतक अधिकारी का नाम नरेन धर है, जो मिशन में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।" </p>
<p style="text-align:justify;">राशिद के मुताबिक, धर का शव मंगलवार तड़के भारतीय उच्चायोग के पुराने वीजा केंद्र भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित एक बाथरूम के दरवाजे के सामने मिला। ढाका में स्थित भारतीय उच्चायोग या चटगांव स्थित सहायक उच्चायोग ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है।</p>
<p style="text-align:justify;">राशिद ने कहा कि कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि धर की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई होगी। उन्होंने कहा, "हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारण की पुष्टि होगी।" पुलिस के मुताबिक, धर चंडीगढ़ के रहने वाले थे और उनकी उम्र 35 से 40 साल के बीच थी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582595/south-korea-visit--defense-minister-rajnath-singh-makes-a-major-statement-in-seoul--discusses-bilateral-relations"><span class="t-red">दक्षिण कोरिया यात्रा :</span>सियोल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई खास चर्चा</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582601/bangladesh--diplomat-s-body-found-in-indian-high-commission-premises-in-chittagong--initial-investigation-suggests-heart-attack</link>
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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 13:50:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया यात्रा :सियोल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई खास चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>भारत और दक्षिण कोरिया ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ उनकी बैठक अत्यंत सफल रही और इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा, साइबर सहयोग और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किये। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582595/south-korea-visit--defense-minister-rajnath-singh-makes-a-major-statement-in-seoul--discusses-bilateral-relations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(14)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>भारत और दक्षिण कोरिया ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के साथ उनकी बैठक अत्यंत सफल रही और इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा, साइबर सहयोग और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किये। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "सियोल में मेरे दक्षिण कोरियाई समकक्ष आह्न ग्यु बैक के साथ उत्कृष्ट बैठक हुई। हमने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और तकनीकी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता के साथ भारत-कोरिया गणराज्य रक्षा, रक्षा उद्योग और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सफल बैठक रही, क्योंकि भारत और कोरिया ने रक्षा साइबर सहयोग को बढ़ावा देने, भारत के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय और कोरिया गणराज्य के कोरिया राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच तथा संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सहयोग से संबंधित समझौतों का आदान-प्रदान किया, जिससे हमारी साझेदारी और अधिक मजबूत तथा बहुआयामी बनी। रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपेक्षा है। राजनाथ सिंह ने कोरिया में वीर सैनिकों के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, " कोरिया के राष्ट्रीय समाधि स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति की भावना सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। भारत, कोरिया गणराज्य के वीरों की विरासत का सम्मान करने में उसके साथ एकजुटता से खड़ा है। " इससे पहले सोल पहुंचने पर श्री सिंह ने कहा था कि उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत-कोरिया रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582588/pm-modi-italy-visit--pm-modi-arrives-in-rome-to-hold-bilateral-talks-with-italian-prime-minister-meloni--in-a-joint-article--india-italy-relations-are-described-as-%22strategic-%22"><span class="t-red">PM Modi Italy Visit: </span>पीएम मोदी करेंगे इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता, संयुक्त लेख में भारत-इटली संबंधों को बताया 'रणनीतिक'</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582595/south-korea-visit--defense-minister-rajnath-singh-makes-a-major-statement-in-seoul--discusses-bilateral-relations</link>
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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 13:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Modi Italy Visit:  पीएम मोदी करेंगे इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता, संयुक्त लेख में भारत-इटली संबंधों को बताया 'रणनीतिक'</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रोम।</strong> पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इटली की अपनी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले श्री मोदी का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाद में होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी का द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मिलने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,''इटली के रोम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582588/pm-modi-italy-visit--pm-modi-arrives-in-rome-to-hold-bilateral-talks-with-italian-prime-minister-meloni--in-a-joint-article--india-italy-relations-are-described-as-%22strategic-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(8)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रोम।</strong> पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इटली की अपनी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले श्री मोदी का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाद में होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी का द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मिलने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,''इटली के रोम पहुँचा। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करूँगा तथा उनके साथ चर्चा करूँगा। यह यात्रा भारत-इटली सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी, इसमें विशेष रूप से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर ध्यान दिया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की भी समीक्षा की जाएगी। मैं खाद्य और कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करूँगा और बहुपक्षवाद तथा वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करूँगा।'' मेलोनी ने मंगलवार रात प्रधानमंत्री के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें विपक्षीय वार्ता का उत्सुकता से इंतजार है।</p>
<p style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा,''रोम पहुँचने पर रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद प्रतिष्ठित कोलोसियम का भ्रमण किया। हमने विभिन्न विषयों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। आज होने वाली हमारी वार्ताओं की प्रतीक्षा है, जहाँ हम भारत-इटली मैत्री को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा आगे बढ़ाएँगे।'' इटली की प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद श्री मोदी देर शाम स्वदेश रवाना हो जाएंगे। वह 15 मई को पांच देशों की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत-इटली संबंध विशेष रणनीतिक साझेदारी के नए दौर में : मोदी और मेलोनी </h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि भारत व इटली के संबंध अब एक निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं और सौहार्दपूर्ण मित्रता से आगे बढ़कर विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल गए हैं। भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए दोनों नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से लिखे गए लेख में कहा गया कि ऐसे समय में, जब पूरी दुनिया की व्यवस्था बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, इटली और भारत की साझेदारी उच्च राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर लगातार संवाद से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी इस समय पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण के तहत इटली में हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध अब एक नए और अधिक व्यापक स्तर पर पहुंच रहे हैं, जिसमें दोनों देशों की आर्थिक ताकत, सामाजिक रचनात्मकता और हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत विरासत शामिल है। उन्होंने कहा, "भारत और इटली के संबंध अब एक निर्णायक दौर में पहुंच चुके हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में अभूतपूर्व तेजी से विस्तार हुआ है। यह संबंध केवल सौहार्दपूर्ण मित्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अब स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों तथा भविष्य के साझा दृष्टिकोण पर आधारित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के बीच सहयोग इस साझा समझ को दर्शाता है कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि देश कितनी क्षमता से नवाचार करें, ऊर्जा परिवर्तन का प्रबंधन करें और अपनी रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करें। इसी उद्देश्य से दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा विविध बनाने का संकल्प लिया है, ताकि नए लक्ष्यों को हासिल किया जा सके और दोनों देशों की पूरक शक्तियों का बेहतर उपयोग हो सके। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "हम इटली की डिजाइन क्षमता, बेहतरीन विनिर्माण कौशल और विश्वस्तरीय सुपर कंप्यूटर तकनीक, जो उसे एक औद्योगिक महाशक्ति बनाती है को भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, इंजीनियरिंग प्रतिभा, बड़े पैमाने की क्षमता, नवाचार और 100 से अधिक यूनिकॉर्न तथा दो लाख स्टार्ट-अप वाले उद्यमी इकोसिस्टम के साथ जोडकर एक शक्तिशाली तालमेल बनाना चाहते हैं।'' नेताओं ने कहा कि यह केवल दो अर्थव्यवस्थाओं का साधारण मेल नहीं है, बल्कि ऐसा साझा मूल्य निर्माण है जिसमें दोनों देशों की औद्योगिक ताकतें एक-दूसरे को और अधिक मजबूत बनाती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों दिशाओं में व्यापार और निवेश बढ़ाने का रास्ता खोलता है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य 2029 तक भारत और इटली के बीच व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना है। इसमें रक्षा एवं एयरोस्पेस, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पुर्जे, रसायन, दवाइयां, वस्त्र, कृषि-खाद्य क्षेत्र और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा।'' </p>
<p style="text-align:justify;">लेख में मोदी और इटली गणराज्य मंत्रिपरिषद की अध्यक्ष मेलोनी ने कहा कि ''मेड इन इटली'' हमेशा से दुनिया भर में उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है, और आज इसका स्वाभाविक तालमेल ''मेक इन इंडिया'' पहल के उच्च गुणवत्ता वाले लक्ष्यों के साथ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में, भारत के लिए उत्पादन में इतालवी कंपनियों की बढ़ती रुचि और इटली में भारतीय उद्योगों की बढ़ती मौजूदगी, जिसकी संख्या अब दोनों पक्षों में मिलाकर 1000 से अधिक हो चुकी है, एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि ये आपूर्ति शृंखलाओं के एकीकरण को और मजबूत करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं ने कहा कि तकनीकी नवाचार हमारी साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और आने वाले दशकों में दुनिया एक बड़े तकनीकी बदलाव के दौर से गुजरेगी, जिसमें कृत्रिम मेधा (एआई) क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में तेज प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता नवाचार तंत्र और कुशल पेशेवरों की बड़ी संख्या, तथा इटली की उन्नत औद्योगिक क्षमता इन क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को स्वाभाविक और रणनीतिक बनाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "हमारे विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों के बीच बढ़ती साझेदारी इसे और मजबूती देगी। भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पहले ही बड़ी संख्या में देशों, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में स्वीकार्यता प्राप्त कर रही है।" नेताओं ने कहा कि एआई आज हमारे समाज व वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल रहा है तथा इटली और भारत लंबे समय से इस दिशा में सहयोग कर रहे हैं, ताकि एआई का विकास जिम्मेदार और मानव-केंद्रित हो। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि भारत और इटली एआई को समावेशी विकास के एक प्रभावशाली साधन के रूप में भी देखते हैं, विशेष रूप से 'ग्लोबल साउथ' के लिए जहां डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सुलभ बहुभाषी प्रौद्योगिकियां विभाजन को बढ़ाने के बजाय उसे कम कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "भारत के मानव दृष्टिकोण यानी तकनीक के केंद्र में मानव को रखने की सोच और इटली की मानव-केंद्रित 'एल्गोर-एथिक्स' की अवधारणा, जो उसकी मानवतावादी परंपरा पर आधारित है, पर आगे बढ़ते हुए हमारी साझेदारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सामाजिक सशक्तीकरण का माध्यम बने।" </p>
<p style="text-align:justify;">मोदी और मेलोनी ने कहा कि उनका दृष्टिकोण भारत की विशाल डिजिटल क्षमता को इटली की नैतिक और औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ जोड़ता है, ताकि तकनीक मानव गरिमा की सेवा कर सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षित डिजिटल सहयोग, दक्षता विकास और मजबूत साइबर अवसंरचना में श्रेष्ठ अनुभवों को साझा कर दोनों देश ऐसा खुला, भरोसेमंद और समानतापूर्ण डिजिटल वातावरण बनाना चाहते हैं, जहां प्रत्येक राष्ट्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण इटली की जी7 अध्यक्षता और 2026 में नयी दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के निष्कर्षों का मुख्य आधार है। </p>
<p style="text-align:justify;">नेताओं ने कहा कि एआई को इंसानों की ओर से इंसानों के लिए बनाई गई तकनीक मानने का अर्थ यह स्पष्ट करना है कि तकनीक न तो मनुष्य की जगह ले सकती है और न ही उसके मूल अधिकारों को कमजोर कर सकती है और इसका उपयोग जनमत को प्रभावित करने या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के लिए भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "तेजी से परस्पर जुड़ती दुनिया में स्वतंत्रता और मानव गरिमा की रक्षा के प्रति हमारा दृष्टिकोण इसी चुनौती पर आधारित है।" मोदी और मेलोनी ने कहा कि भारत-इटली सहयोग अंतरिक्ष क्षेत्र तक भी फैला हुआ है। </p>
<p style="text-align:justify;">अंतरिक्ष अन्वेषण और उपग्रह प्रौद्योगिकी में भारत की उल्लेखनीय प्रगति तथा इटली की अंतरिक्ष अभियांत्रिकी क्षमता नयी पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इटली और भारत रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमारा सहयोग महत्वपूर्ण समुद्री मार्गो की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों के खिलाफ मजबूती बढ़ाने में मदद करेगा।'' </p>
<p style="text-align:justify;">नेताओं ने कहा कि ऊर्जा भी साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है और विविध ऊर्जा स्रोतों की ओर वैश्विक बदलाव के लिए नवाचार, निवेश और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "भारत और इटली नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर हाइड्रोजन तकनीक, तथा स्मार्ट ग्रिड से लेकर मजबूत बुनियादी ढांचे तक कई क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं।'' दोनों नेताओं ने कहा कि भौतिक, डिजिटल और मानवीय संपर्क वह सूत्र है जो दोनों देशों को जोड़ता है। भारत और इटली वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो महत्वपूर्ण केंद्रों — हिंद-प्रशांत और भूमध्यसागरीय क्षेत्र — के मध्य स्थित हैं। अब इन क्षेत्रों को अलग-अलग नहीं, बल्कि आपस में जुड़े हुए क्षेत्रों के रूप में देखा जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वास्तव में अब "हिंद-भूमध्य क्षेत्र" जैसी अवधारणा उभर रही है, जो व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, आंकड़ों और विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण गलियारा बनती जा रही है और हिंद महासागर को यूरोप से जोड़ती है। उन्होंने कहा, "इसी आपस में जुड़े हुए क्षेत्र में हमारा संबंध स्वाभाविक रूप से एक विशेष रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित होता है। ऐसी साझेदारी, जो दो महाद्वीपों को जोड़ती है और नयी वैश्विक परिस्थितियों को आकार देती है।'' दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा एक ऐसी परिकल्पना है, जिसका उद्देश्य आधुनिक परिवहन एवं अवसंरचना, डिजिटल नेटवर्क, ऊर्जा प्रणालियों और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के माध्यम से क्षेत्रों को जोड़ना है। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत और इटली अन्य साझेदारों के साथ मिलकर इस दृष्टि को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "हम अपनी साझा चुनौतियों का समाधान दोनों देशों के गहरे संबंधों और लंबे सांस्कृतिक जुड़ाव के आधार पर कर सकते हैं।'' मोदी और मेलोनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में "धर्म" की अवधारणा उस जिम्मेदारी का बोध कराती है, जो हमारे कार्यों का मार्गदर्शन करती है, जबकि "वसुधैव कुटुम्बकम्" अर्थात 'पूरी दुनिया एक परिवार है' सिद्धांत आज के आपस में जुड़े डिजिटल युग और भी अधिक प्रासंगिक लगता है। उन्होंने कहा कि ये मूल्य इटली की मानवतावादी परंपरा से भी मेल खाते हैं. जिसकी जड़ें पुनर्जागरण काल में हैं। यह परंपरा हर व्यक्ति की गरिमा और संस्कृति की उस शक्ति पर जोर देती है, जो समाजों और लोगों को एकजुट कर सकती है। दोनों नेताओं ने कहा, "इसलिए हमारी साझा दृष्टि का उद्देश्य लोगों को केंद्र में रखते हुए भारत-इटली साझेदारी को मजबूत, आधुनिक और भविष्य उन्मुख आधार प्रदान करना है।</p>
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<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582583/g-7-meeting--world-leaders-will-gather-in-france--president-emmanuel-macron-has-invited-pm-modi"><span class="t-red">G-7 Meeting : </span>फ्रांस जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी को दिया है न्योता</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 12:08:35 +0530</pubDate>
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                <title>यूएई के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमले से भारत चिंतित, कहा- यह बेहद खतरनाक, जताई गहरी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बरकाह परमाणु संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले को लेकर सोमवार को गहरी चिंता जताई और इसे हालात को खतरनाक दिशा में ले जाने वाला कदम करार दिया। नयी दिल्ली की यह प्रतिक्रिया घटना के एक दिन बाद आई है। एक दिन पहले खाड़ी देश के इकलौते परमाणु बिजली संयंत्र के पास एक जनरेटर पर ड्रोन हमले के कारण परिसर में आग गई थी। अब तक किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह ड्रोन हमले के स्रोत का पता लगाने में जुटा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582350/india-is-concerned-about-the-drone-attack-on-the-uae-nuclear-plant--saying-it-is-extremely-dangerous-and-expressing-deep-concern"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(12)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बरकाह परमाणु संयंत्र पर हुए ड्रोन हमले को लेकर सोमवार को गहरी चिंता जताई और इसे हालात को खतरनाक दिशा में ले जाने वाला कदम करार दिया। नयी दिल्ली की यह प्रतिक्रिया घटना के एक दिन बाद आई है। एक दिन पहले खाड़ी देश के इकलौते परमाणु बिजली संयंत्र के पास एक जनरेटर पर ड्रोन हमले के कारण परिसर में आग गई थी। अब तक किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह ड्रोन हमले के स्रोत का पता लगाने में जुटा है। इस हमले ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''भारत यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करता है।'' मंत्रालय ने कहा, ''इस तरह के कृत्य अस्वीकार्य हैं और यह हालात को खतरनाक दिशा में ले जाने वाला कदम है। हम तत्काल संयम बरतने और बातचीत व कूटनीति की राह पर लौटने की अपील करते हैं।</p>
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<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582182/ins-sunayna--sunayna-arrives-in-sri-lanka--begins-a-3-day-visit-as-part-of-its-operational-deployment-in-the-indian-ocean"><span class="t-red">INS Sunayna: </span>श्रीलंका पहुंचा सुनयना, हिंद महासागर में परिचालन तैनाती के तहत 3 दिवसीय दौरा</a></h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582348/mission-2027--rahul-gandhi-s-visit-to-up-will-focus-on-strategy-for-the-upcoming-elections--after-kerala--he-will-participate-in-several-programs-in-rae-bareli-and-amethi"><span class="t-red">मिशन 2027:</span> आगामी चुनाव की रणनीति पर केंद्रित होगी राहुल गाँधी की यूपी की यात्रा, केरलम के बाद रायबरेली और अमेठी में कई कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 11:40:48 +0530</pubDate>
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