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                <title>Prime Minister Narendra Modi - Amrit Vichar</title>
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                <description>Prime Minister Narendra Modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, लखनऊ में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने 312 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेले में देशभर के 51 हजार से अधिक युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी क्रम में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने 312 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।</p>
<p>कार्यक्रम में चयनित 198 अभ्यर्थियों को रेलवे में नियुक्ति मिली। इसके अलावा अन्य युवाओं का चयन विभिन्न केंद्रीय विभागों और मंत्रालयों में हुआ है। रोजगार मेले के जरिए केंद्र सरकार युवाओं को तेजी से सरकारी सेवाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582970/more-than-51-000-youth-received-appointment-letters-at-the-job-fair--union-minister-b-l--verma-distributed-appointment-letters-to-312-candidates-in-lucknow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(15)10.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेले में देशभर के 51 हजार से अधिक युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी क्रम में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने 312 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।</p>
<p>कार्यक्रम में चयनित 198 अभ्यर्थियों को रेलवे में नियुक्ति मिली। इसके अलावा अन्य युवाओं का चयन विभिन्न केंद्रीय विभागों और मंत्रालयों में हुआ है। रोजगार मेले के जरिए केंद्र सरकार युवाओं को तेजी से सरकारी सेवाओं से जोड़ रही है।</p>
<p>बताया गया कि अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से देशभर में करीब 12 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। 19वां रोजगार मेला देश के 47 केंद्रों पर आयोजित किया गया, जहां चयनित अभ्यर्थियों को रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग समेत विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 12:21:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Rozgar Mela:  पीएम मोदी ने 51,000 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, रेलवे और बैंकिंग समेत इन क्षेत्रों में मिली नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 'रोजगार मेले' में 51,000 से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र डिजिटल माध्यम से वितरित किए। 'रोजगार मेला' की शुरुआत से लेकर अब तक देश भर में आयोजित ऐसे 18 आयोजनों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''देशभर के हजारों युवाओं के लिए आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नौकरी पाने वाले सभी युवा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582885/rozgar-mela--pm-modi-hands-over-appointment-letters-to-51-000-youths--jobs-secured-in-sectors-including-railways-and-banking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(11)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 'रोजगार मेले' में 51,000 से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र डिजिटल माध्यम से वितरित किए। 'रोजगार मेला' की शुरुआत से लेकर अब तक देश भर में आयोजित ऐसे 18 आयोजनों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''देशभर के हजारों युवाओं के लिए आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नौकरी पाने वाले सभी युवा देश के विकास की राह में महत्वपूर्ण भागीदार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में ये सभी युवा नयी जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ''आने वाले वर्षों में आप सभी विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस उपलब्धि के लिए मैं आपको और आपके परिवार के सदस्यों को हार्दिक बधाई देता हूं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा 'विकसित भारत' की यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''रोजगार मेला युवा शक्ति को नए अवसर प्रदान करने के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'' मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की प्रगति को लेकर दुनिया बेहद उत्साहित है। उन्होंने कहा, ''आज दुनिया भारत के विकास के सफर में भागीदार बनना चाहती है।''</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने कहा कि रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप आयोजित यह 'रोजगार मेला' इस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शनिवार को देश भर में 47 स्थानों पर 'रोजगार मेला' का आयोजन किया गया। भारत के सभी हिस्सों से चयनित ये युवा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार संभालेंगे जिनमें रेल, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा एवं उच्च शिक्षा विभाग आदि शामिल हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582880/up-heats-up-even-before--nautapa---next-48-hours-to-be-even-more-intense--meteorological-department-issues--red-alert"><span class="t-red">नौतपा से पहले ही तपने लगा यूपी: </span>अगले 48 घंटे और भारी, मौसम विभाग का 'रेड अलर्ट' जारी</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582885/rozgar-mela--pm-modi-hands-over-appointment-letters-to-51-000-youths--jobs-secured-in-sectors-including-railways-and-banking</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582885/rozgar-mela--pm-modi-hands-over-appointment-letters-to-51-000-youths--jobs-secured-in-sectors-including-railways-and-banking</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:40:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पत्रकारिता, पूर्वाग्रह और भारतीय राजनीति का टकराव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:right;"><strong><em>नार्वे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में जो घटनाक्रम सामने आया, उसने भारतीय राजनीति, मीडिया और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।</em></strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/cats408.jpg" alt="cats" width="136" height="169" />
<strong>जयदेव राठी, अधिवक्ता</strong>

<p style="text-align:justify;"><br />हाल ही में नार्वे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान एक प्रेस ब्रीफिंग में जो घटनाक्रम सामने आया, उसने भारतीय राजनीति, मीडिया और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। नार्वेजियन पत्रकार हेले लिंग द्वारा पूछे गए सवाल, विदेश सचिव सीबी जॉर्ज की प्रतिक्रिया और फिर सोशल मीडिया पर मचे राजनीतिक शोर ने इस पूरे मामले को केवल एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582857/journalism--bias--and-the-clash-with-indian-politics"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats407.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:right;"><strong><em>नार्वे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में जो घटनाक्रम सामने आया, उसने भारतीय राजनीति, मीडिया और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।</em></strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/cats408.jpg" alt="cats" width="136" height="169"></img>
<strong>जयदेव राठी, अधिवक्ता</strong>

<p style="text-align:justify;"><br />हाल ही में नार्वे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान एक प्रेस ब्रीफिंग में जो घटनाक्रम सामने आया, उसने भारतीय राजनीति, मीडिया और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। नार्वेजियन पत्रकार हेले लिंग द्वारा पूछे गए सवाल, विदेश सचिव सीबी जॉर्ज की प्रतिक्रिया और फिर सोशल मीडिया पर मचे राजनीतिक शोर ने इस पूरे मामले को केवल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहने दिया। यह विवाद अब ‘पत्रकारिता बनाम एजेंडा’, ‘लोकतंत्र बनाम राजनीतिक ध्रुवीकरण’ और ‘भारत की वैश्विक छवि’ जैसे बड़े प्रश्नों में बदल चुका है। नार्वे में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पत्रकार ने भारत में प्रेस स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए। बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन सवालों का उत्तर देना उचित नहीं समझा और बाद में विदेश सचिव सिबी जॉर्ज ने भारतीय पक्ष रखा। इस दौरान माहौल कुछ तनावपूर्ण हो गया और पत्रकार बीच में प्रेस वार्ता छोड़कर चली गई। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लोकतांत्रिक देशों में सत्ता से सवाल पूछना पत्रकारिता का मूल धर्म माना जाता है। किसी भी प्रधानमंत्री या सरकार से मानवाधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या लोकतंत्र पर प्रश्न पूछना असामान्य नहीं है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस या भारत— हर लोकतंत्र में मीडिया सरकार से तीखे सवाल करता है, इसलिए केवल सवाल पूछना अपने आप में गलत नहीं कहा जा सकता, लेकिन इस पूरे विवाद का दूसरा पक्ष यह है कि क्या सवाल निष्पक्ष जिज्ञासा के तहत पूछा गया था या पहले से तय धारणा के साथ? यही वह बिंदु है जहां बहस गहराती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वीडियो में जिस प्रकार से प्रश्नों का स्वर दिखाई दिया, उसमें केवल जानकारी लेने की अपेक्षा आरोपों का भाव अधिक महसूस हुआ। ‘भारत पर भरोसा क्यों करें?’ जैसे सवाल सामान्य कूटनीतिक संवाद से अधिक राजनीतिक टिप्पणी जैसे प्रतीत हुए। आलोचकों का कहना है कि यदि किसी पत्रकार का उद्देश्य उत्तर सुनना कम और वैश्विक मंच पर किसी देश की छवि पर प्रश्नचिह्न लगाना अधिक हो, तो पत्रकारिता निष्पक्षता की सीमा से बाहर जाती दिखती है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के समर्थक वर्ग का तर्क है कि पश्चिमी मीडिया लंबे समय से भारत को लेकर एक विशेष दृष्टिकोण रखता है। जब भारत आर्थिक, सामरिक और वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंच रहा है, तब कुछ अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों में असहजता दिखाई देती है। इसी कारण लोकतंत्र और मानवाधिकार के मुद्दों को चुनिंदा ढंग से उठाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर यह भी सच है कि किसी लोकतंत्र की ताकत आलोचनाओं को सुनने और उनका उत्तर देने में होती है। केवल ‘विदेशी एजेंडा’ कहकर हर सवाल को खारिज कर देना भी स्वस्थ लोकतांत्रिक सोच नहीं माना जा सकता। विदेश सचिव सिबी जॉर्ज ने प्रेस वार्ता में भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है, जहां मीडिया स्वतंत्र है और नियमित चुनावों के माध्यम से जनता सरकार चुनती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी प्रतिक्रिया को भारत में काफी लोगों ने ‘कूटनीतिक दृढ़ता’ के रूप में देखा। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने संयम और स्पष्टता के साथ जवाब दिया। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि ऐसे प्रश्नों का और अधिक विस्तार से जवाब देकर भारत अपनी स्थिति और मजबूती से रख सकता था। इस विवाद का सबसे रोचक पहलू भारत के अंदर की राजनीतिक प्रतिक्रिया रही। विपक्ष और कुछ बुद्धिजीवियों ने पत्रकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता से कठिन सवाल पूछना जरूरी है। वहीं सरकार समर्थकों ने इसे ‘भारत विरोधी मानसिकता’ बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में एक नई प्रवृत्ति देखने को मिली है-सरकार विरोध और राष्ट्र विरोध के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है। सत्ता के विरोध में कई बार ऐसे बयान या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं, जिन्हें आम जनता भारत की छवि के खिलाफ मानने लगती है। दूसरी ओर सरकार समर्थक वर्ग हर आलोचना को ‘राष्ट्र विरोध’ बताकर खारिज कर देता है। यही ध्रुवीकरण इस पूरे विवाद में भी स्पष्ट दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">सवाल यह है कि क्या किसी विदेशी पत्रकार द्वारा भारत पर सवाल उठाने पर भारतीय विपक्ष को उसका समर्थन करना चाहिए? लोकतांत्रिक दृष्टि से देखा जाए तो विपक्ष का काम सरकार की आलोचना करना है, लेकिन जब मामला अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश की छवि से जुड़ जाए, तब राजनीतिक संतुलन की अपेक्षा भी की जाती है। अमेरिका, चीन, रूस या यूरोप के कई देशों में देखा गया है कि आंतरिक राजनीति चाहे कितनी भी तीखी क्यों न हो, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर राष्ट्रीय हितों को लेकर अपेक्षाकृत एकजुटता दिखाई देती है। भारत में यह परंपरा अभी भी कमजोर नजर आती है।<strong>  (ये लेखक के निजी विचार हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582857/journalism--bias--and-the-clash-with-indian-politics</link>
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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 05:17:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  India-Cyprus Ties: दिल्ली में भारत-साइप्रस की द्विपक्षीय वार्ता, पीएम मोदी बोले -संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ शुक्रवार को व्यापक बातचीत की तथा इस दौरान भारत एवं साइप्रस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला और बुनियादी ढांचे एवं नौवहन जैसे क्षेत्रों में गहरे सहयोग को सुगम बनाने के लिए एक संयुक्त कार्यबल गठित किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और यूक्रेन संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शत्रुता को जल्द समाप्त करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी बयान में कहा, ''पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582816/india-cyprus-ties--india-cyprus-bilateral-talks-in-delhi--pm-modi-states-%E2%80%93-ties-transformed-into-a-strategic-partnership"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(27)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ शुक्रवार को व्यापक बातचीत की तथा इस दौरान भारत एवं साइप्रस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदला और बुनियादी ढांचे एवं नौवहन जैसे क्षेत्रों में गहरे सहयोग को सुगम बनाने के लिए एक संयुक्त कार्यबल गठित किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और यूक्रेन संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शत्रुता को जल्द समाप्त करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी बयान में कहा, ''पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है। दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ा है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से अनेक नयी संभावनाएं सामने आई हैं।'' उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने इसका लाभ उठाते हुए अगले पांच वर्ष में इस निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''और इस संकल्प को साकार करने के लिए आज हम अपने भरोसेमंद संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदल रहे हैं।'' प्रधानमंत्री ने क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ हुई बातचीत के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि भारत और साइप्रस की मित्रता ''मजबूत और भविष्योन्मुखी'' है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''हमने वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्षों को जल्द समाप्त करने और शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ''हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया है। क्रिस्टोडौलाइड्स ने कहा कि भारत और साइप्रस ने बुनियादी ढांचे तथा नौवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक संयुक्त कार्यबल गठित करने का फैसला किया है। क्रिस्टोडौलाइड्स ने भारत की अपनी तीन दिवसीय यात्रा बुधवार को शुरू की थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582810/quad-summit-2026--quad-summit-to-be-held-in-delhi--foreign-ministers-of-the-us--australia--and-japan-to-attend"><span class="t-red">Quad Summit 2026: </span>दिल्ली में Quad का महासम्मेलन, भारत के निमंत्रण पर आ रहे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582816/india-cyprus-ties--india-cyprus-bilateral-talks-in-delhi--pm-modi-states-%E2%80%93-ties-transformed-into-a-strategic-partnership</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582816/india-cyprus-ties--india-cyprus-bilateral-talks-in-delhi--pm-modi-states-%E2%80%93-ties-transformed-into-a-strategic-partnership</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:08:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपील उत्तराखंड के लिए चुनौती तो अवसर भी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:right;"><strong><em>होर्मुज संकट से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से बचत की अपील पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए पहाड़ सी चुनौती तो है, लेकिन इसे अवसर कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।</em></strong></p>
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<strong>अमित शर्मा, हल्द्वानी</strong>

<p>  </p>
<p>वैश्विक रूप से होर्मुज संकट से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से बचत की अपील पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए पहाड़ सी चुनौती तो है, लेकिन इसे सुनहरा अवसर कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कोरोना काल से जिस तरह से उत्तराखंड ने अपने आपको साबित किया, उसी तरह से पूरी उम्मीद है कि यदि वक्त की नजाकत को समझते हुए स्मार्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582645/the-appeal--a-challenge-as-well-as-an-opportunity-for-uttarakhand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats341.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:right;"><strong><em>होर्मुज संकट से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से बचत की अपील पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए पहाड़ सी चुनौती तो है, लेकिन इसे अवसर कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।</em></strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/14.jpg" alt="1" width="130" height="173"></img>
<strong>अमित शर्मा, हल्द्वानी</strong>

<p> </p>
<p>वैश्विक रूप से होर्मुज संकट से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से बचत की अपील पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए पहाड़ सी चुनौती तो है, लेकिन इसे सुनहरा अवसर कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कोरोना काल से जिस तरह से उत्तराखंड ने अपने आपको साबित किया, उसी तरह से पूरी उम्मीद है कि यदि वक्त की नजाकत को समझते हुए स्मार्ट बचत में समझदारी और मितव्ययिता के साथ आत्मनिर्भरता की कसौटी पर खुद को कसा जाएगा, तो उन पर खरा उतरते हुए इन चुनौतियों से भी पार पा लिया जाएगा।</p>
<p>पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने से गहराए वैश्विक ऊर्जा संकट से कोई भी अनजान नहीं होगा। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार पर असर पड़ा है, हालांकि भारत की स्थितियां काफी अलग हैं और भारत अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडरों के दामों में पहले तो हाल ही में पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़े हैं। वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने सात सूत्रीय बचत का खाका रखने के साथ ही बड़ी बातें कहीं कि यह ‘राष्ट्र प्रथम’ का नैतिक परीक्षण है। </p>
<p>देशवासियों से की गई अपील में प्रधानमंत्री ने बचत के कई बड़े उपायों पर जोर दिया। ईंधन बचत के लिए आवश्यकतानुसार वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग जैसे विकल्प सुझाए, तो विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग टालने और सोना न खरीदने की अपील की। बता दें कि सोना न खरीदने की अपील इसलिए की, क्योंकि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना आयातक है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने जेब के साथ स्वास्थ्य की रक्षा के उपायों में खाद्य तेल खपत 50 फीसदी घटाने को भी कहा। </p>
<p>प्राकृतिक खेती के लिए रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया, तो स्वदेशी अपनाने पर ज्यादा फोकस करते हुए मेक इन इंडिया, रोजमर्रा के सामान में भारतीय ब्रांड, ईवी और सोलर, जबकि डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाने पर जोर दिया। सीधे तौर पर प्रधानमंत्री ने इसे ‘दशक की आपदाओं’ का दौर बताया। पहले कोरोना, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट। </p>
<p>अब बड़ा सवाल है कि इन चुनौतीपूर्ण हालात में उत्तराखंड में हालात कैसे बदलेंगे, तो बता दें कि उत्तराखंड भौगोलिक और आर्थिक रूप से बेहद संवेदनशील है। वर्ष 2025 में हिमालय में 10 बड़ी आपदाओं से 12 लाख लोग प्रभावित हुए, लेकिन पहाड़ और न कभी पहाड़वासी झुके हैं और हर संकट का सामना साहस से किया है। अनुमानित तौर पर देखा जाए, तो ऐसे हालातों में पहाड़ी राज्य में डीजल-पेट्रोल महंगा होने से सब्जी, अनाज, निर्माण सामग्री महंगी होगी, तो पर्यटन सीजन में टैक्सी-होटल का भी खर्च बढ़ेगा। </p>
<p>कॉमर्शियल एलपीजी और यूरिया की कीमत बढ़ने से लागत बढ़ेगी। किसान प्रभावित हो सकते हैं। कुमाऊं-गढ़वाल में शादियों में सोना अहम माना जाता है। खरीद टालने से सर्राफा बाजार और कारीगरों पर असर पड़ सकता है, तो वर्क फ्रॉम होम से वीकेंड टूरिज्म में कमी आ सकती है, हालांकि नकारात्मकता के साथ इसका सकारात्मक अवसर पहाड़ की लोकल इकोनॉमी को बूस्ट करेगा। 'वोकल फॉर लोकल' से ऊनी शॉल, अचार, बुरांश जूस, जैविक उत्पादों की मांग बढ़ेगी। ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सोलर रूफटॉप और पीएनजी कनेक्शन से पहाड़ों में एलपीजी पर निर्भरता घटेगी। डिजिटल इकोनॉमी में वर्क फ्रॉम होम से देहरादून, हल्द्वानी में आईटी प्रोफेशनल रुकेंगे तो लोकल खर्च बढ़ेगा। </p>
<p>ऐसे हालातों में उत्तराखंड को एक बार फिर से अपने आपको साबित करने की जरूरत है। हमें सरकारी स्तर पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ानी होगी। पीएम सूर्य घर योजना के तहत हर सरकारी भवन, स्कूल, पंचायत में सोलर माइक्रो हाइड्रो और सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लगाने होंगे और बांधों पर निर्भरता घटानी होगी। एलपीजी पर निर्भरता कम करते हुए पीएनजी नेटवर्क को बढ़ाना होगा। कृषि क्षेत्र में जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग को अपनाना होगा, तो रासायनिक खाद आयात घटाना होगा। राज्य सरकार को मोटा अनाज जैसे मंडुआ-झंगोरा को एमएसपी पर खरीद और खाद्य तेल की खपत घटाने के लिए प्रमोशन करना होगा।  </p>
<p>उत्तराखंड का पारंपरिक भोजन सादा, पौष्टिक और स्थानीय अनाजों (मडुआ, झंगोरा, गहत) से भरपूर होता है। काफुली, आलू के गुटके, झंगोरे की खीर, फाणू, चेनसू, भांग की चटनी, मंडवे की रोटी, बाड़ी, भट्ट की चुड़कानी, अरसा जैसे उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन किसी से कम नहीं हैं। कोल्ड स्टोरेज चेन बनानी होगी, ताकि फल और सब्जियां सस्ते में स्थानीय बाजारों में बिके और मंडी तक डीजल खर्च घटे। अच्छी बात है कि राज्य सरकार आपदा और आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही ईंधन-खाद्य बफर स्टॉक जैसे उपाय अपना रही है, हालांकि राज्य में इस समय सबसे बड़ी जरूरत इलेक्ट्रिक बसों की भी है, जिसके बेड़े को प्राथमिकता के साथ बढ़ाना होगा। </p>
<p>डीजल की खपत रोकने के लिए पहाड़ों पर रोपवे नेटवर्क बढ़ाना होगा, तो सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम रोटेशन लागू करना होगा। अपना उत्तराखंड विश्व के किसी भी पर्यटन स्थल से कमतर नहीं है, इसलिए अपने ही राज्य के पर्यटन-धार्मिक स्थलों को प्रमोट करने के लिए देश-दुनिया के लोगों का ध्यान खींचना होगा और इसके लिए नई योजना-नए उपाय अपनाने होंगे। </p>
<p>केंद्र और राज्य सरकार तो अपने स्तर से जो करना है, कर रही है और करती भी रहेगी, लेकिन हमें भी प्रधानमंत्री की सात सूत्रीय अपील को औपचारिक रूप से नहीं बल्कि व्यवहार में ढालते हुए अपनाना होगा। 'आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखंड' के लिए सोलर उपकरणों के साथ ही प्राकृतिक खेती की तरफ लौटना होगा। डिजिटल उपायों पर फोकस करना होगा। पहाड़ी कला, उत्पादों और खान-पान को बढ़ावा देना होगा। विवाह समारोहों में अनाश्वयक खर्च से बचना होगा। </p>
<p>'बूंद-बूंद से सागर भरता है' की तरह, जब तक हम 'स्मार्ट बचत' के उपाय अपनाते हुए व्यक्तिगत रूप से आवश्यक खर्चों में मितव्ययिता नहीं लाएंगे, काम नहीं चलेगा। जब देश संकट में हो तो किंतु-परंतु में पड़ने के बजाय अपने आपको आर्थिक रूप से मजबूत रखने के उपायों पर ध्यान देना होगा, क्योंकि वर्तमान चुनौतियों के साथ आने वाला समय आपदा का है। ऐसे में हमें हर पहलू पर गंभीरता से विचार करते हुए अपने आने वाले कल को संवारना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 05:32:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी-शाह पर राहुल गांधी का विवादित बयान  : भाजपा ने किया पलटवार, तो बचाव में उतरीं महबूबा मुफ्ती, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। राहुल के इस बयान पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक, ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड और यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी पर निशाना साधा तो वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उनका बचाव किया। </p>
<p style="text-align:justify;">दरसअल राहुल गांधी रायबरेली के लोधवारी गांव में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए दोनों को गद्दार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582619/rahul-gandhi-s-controversial-statement-on-modi-and-shah--bjp-hits-back--mehbooba-mufti-steps-in-to-defend%E2%80%94know-the-full-story"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats337.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। राहुल के इस बयान पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक, ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड और यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी पर निशाना साधा तो वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उनका बचाव किया। </p>
<p style="text-align:justify;">दरसअल राहुल गांधी रायबरेली के लोधवारी गांव में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए दोनों को गद्दार कहा और देश बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और संविधान की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">राहुल के इस बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि इसमें राहुल गांधी की कोई गलती नहीं है। जिस परिवेश में आप पैदा हुए और जिस परिवेश में आप बड़े हुए, उसी भाषा में आप बोलेंगे। इसलिए राहुल गांधी का ऐसा बयान देना कोई बड़ी बात नहीं है। उनके परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी जो प्रधानमंत्री पैदा हुए, उन्होंने जो कुछ किया उसे वे गद्दारी नहीं मानते बल्कि अपनी उपलब्धि मानते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री को गद्दार कहने में उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगाया। उसके बाद पाकिस्तान को झेलम और चिनाब नदी का 80 प्रतिशत पानी दे दिया। 1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय एयरफोर्स को चीन पर हमला करने का आदेश नहीं दिया। तिब्बत को मान्यता नहीं दी बल्कि चीन को मान्यता दे दी। </p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी वे गद्दार नहीं माने जाते। इंदिरा गांधी ने संसद के रिकॉर्ड में पाकिस्तान को न्यूक्लियर डिटेल्स देने की बात कही। उन्होंने इमरजेंसी लगाई और ऑपरेशन ब्लू स्टार करवाकर सिखों की भावनाओं का अपमान किया। उनके बाद 1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों में दस हजार से ज्यादा सिखों को मार दिया गया। फिर भी इसे उपलब्धि माना जाता है, गद्दारी नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने बोफोर्स घोटाला किया, प्रभाकरन को हथियार दिए, फिर उसी के खिलाफ ऑपरेशन कर दिया। जब प्रभाकरन ने उनकी हत्या कर दी तो कहा कि गद्दारी का बदला ले लिया। सोनिया गांधी सुपर प्रधानमंत्री बनीं। चीन के साथ कांग्रेस पार्टी का समझौता करवाया। यूपीए के शासनकाल में 2010 में 78 आतंकवादियों को रिहा किया गया, जिन्होंने बाद में बड़े हमले किए। फिर भी इसे गद्दारी नहीं माना जाता।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी की ओर से कभी पेगासस, कभी हिंडनबर्ग, कभी देश की संस्थाओं को विदेश में जाकर बदनाम करना जारी रहा। आज मैं देश की जनता और खासकर कांग्रेसियों से अपील करता हूं, इन लोगों को नेता मानना बंद कर दीजिए। ये देश के लिए नासूर हैं। इन्हें नेता मानकर आप देश की सेवा नहीं बल्कि देश की हानि कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि राहुल गांधी का स्वभाव ही ऐसा है। आज देश की जनता सब समझ रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के लिए क्या कर रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था सुधर रही है, देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व मंच पर भारत का गौरव लगातार बढ़ रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी जैसे लोग अगर कांग्रेस में रहेंगे तो देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। राहुल गांधी को यह समझ लेना चाहिए कि वे जो बोलते हैं, उस पर देश की जनता की क्या प्रतिक्रिया होती है। उनका चुप रहना ही बेहतर होगा। वहीं, यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राहुल गांधी को एक बार भारतीय संस्कृति का अध्ययन जरूर करना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, "2014 के बाद से हर इंसान को भाजपा गद्दार बताती है तब तो कोई शोर नहीं हुआ। यह वही भाषा है जिसे भाजपा ने देश में शुरू किया है। हर मुसलमान और हर सेक्युलर व्यक्ति को गद्दार कहना और उनसे पाकिस्तान चले जाने और अब तो ईरान चले जाने को भी कहा जा रहा है। अब राहुल गांधी ने अगर कोई बात कह दी तो इतना ज्यादा हंगामा क्यों मचा हुआ है? भाजपा ने देश में जो बीज बोया था वह अब फल दे रहा है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 16:01:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विश्वविद्यालय में प्रत्येक मंगलवार को घोषित हुआ ''नो व्हीकल-डे''... ई-रिक्शा और साइकिल से कार्यालय पहुंचे कुलपति, वैज्ञानिक और कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में भी प्रत्येक मंगलवार को ''नो व्हीकल-डे'' घोषित कर दिया गया है। कुलपति डॉ. पीएस प्रमाणिक की पहल पर निदेशक प्रशासन डॉ. सुशांत श्रीवास्तव की ओर से पत्र जारी कर प्रत्येक मंगलवार को ''वाहन मुक्त दिवस'' घोषित किया गया है। पत्र के माध्यम से विवि परिवार के सभी सदस्यों से यह अपील की गई है कि विवि परिसर, बाह्य महाविद्यालयों एवं केंद्रों पर पेट्रोल, डीजल चालित वाहन का उपयोग यथासंभव नहीं करें।</p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को इसका खासा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582535/every-tuesday-is-declared-%22no-vehicle-day%22-at-the-agricultural-university----the-vice-chancellor--scientists-and-staff-arrive-at-the-office-by-e-rickshaw-and-bicycle"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(32)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में भी प्रत्येक मंगलवार को ''नो व्हीकल-डे'' घोषित कर दिया गया है। कुलपति डॉ. पीएस प्रमाणिक की पहल पर निदेशक प्रशासन डॉ. सुशांत श्रीवास्तव की ओर से पत्र जारी कर प्रत्येक मंगलवार को ''वाहन मुक्त दिवस'' घोषित किया गया है। पत्र के माध्यम से विवि परिवार के सभी सदस्यों से यह अपील की गई है कि विवि परिसर, बाह्य महाविद्यालयों एवं केंद्रों पर पेट्रोल, डीजल चालित वाहन का उपयोग यथासंभव नहीं करें।</p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को इसका खासा असर देखने को मिला। सड़क पर पेट्रोल और डीजल चालित वाहन नहीं देखने को मिले। कुलपति डॉ. पीएस प्रमाणिक सुबह नौ बजे अपने आवास से ई-रिक्शा से प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय पहुंचे। कुलपति का सरकारी वाहन उनके आवास पर खड़ा रहा। कुलपति के सचिव डॉ. जसवंत सिंह साइकिल से प्रशासनिक भवन पहुंचे। कृषि अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा सिंह एवं वानिकी महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ. भानु प्रताप सहित कई विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रिक वाहनों से आरएसी की मीटिंग में पहुंचे।</p>
<p>सुरक्षा अधिकारी डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी में छाता लेकर क्लास करने के लिए पहुंचे तो कई शिक्षक और कर्मचारियों ने ई-रिक्शा और साइकिल का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि विवि परिसर में शिक्षक, वैज्ञानिक और कर्मचारी मिलाकर लगभग 1500 लोग निवास कर रहे हैं। जो रोज कार्यालय आने-जाने में वाहनों का प्रयोग करते हैं। भीषण गर्मी में किसी को परेशानी नहीं हो इसके लिए छह अतिरिक्त ई-रिक्शा चालकों को पास निर्गत किया गया है। ये छात्रों और विवि के शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों को कार्यस्थल तक पहुंचाने में मदद करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 17:20:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने सशस्त्र बलों और राजनीतिक क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। खंडूरी (91) का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को देहरादून के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। </p>
<p style="text-align:justify;">सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक, उन्होंने अमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें हमेशा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582509/former-uttarakhand-chief-minister-khanduri-passes-away--pm-modi-expresses-condolences--cm-yogi-pays-tribute"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(22)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने सशस्त्र बलों और राजनीतिक क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। खंडूरी (91) का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को देहरादून के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। </p>
<p style="text-align:justify;">सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक, उन्होंने अमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा," प्रधानमंत्री ने कहा कि खंडूरी उत्तराखंड के विकास के लिए हमेशा समर्पित रहे, जो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मोदी ने कहा, ''केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने देश भर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लगातार अथक प्रयास किए। दुख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!'' </p>
<h4 style="text-align:justify;">आदित्यनाथ ने भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर जताया दुख </h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्री भुवन चन्द्र खंडूरी जी का निधन अत्यंत दु:खद है। विनम्र श्रद्धांजलि।'' उन्होंने कहा, ''प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।ॐ।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। खंडूरी दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2007 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद खंडूरी मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, 2009 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में राज्य की पांच सीट पर पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में, 2011 में भाजपा ने उन्हें फिर से राज्य की कमान सौंपी। खंडूरी केंद्रीय मंत्री भी रहे। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री रहे। देश के चारों हिस्सों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का श्रेय उन्हें दिया जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">खंडूरी के निधन पर छत्तीसगढ BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जताया शोक</h5>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता भुवनचंद्र खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। श्री देव ने मंगलवार को जारी शोक संदेश में कहा कि दिवंगत खंडूरी का सार्वजनिक जीवन सादगी, स्पष्टवादिता, शुचिता और कार्यकुशलता का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि श्री खंडूरी केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे, जिनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए श्री खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए, जिससे राज्य को नई दिशा मिली। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति और पारदर्शी कार्यशैली आज भी अनुकरणीय मानी जाती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे श्री खंडूरी के प्रति जनता, शुभचिंतकों और राजनीतिक सहयोगियों का गहरा स्नेह लगातार देखने को मिला। उन्होंने बाबा केदारनाथ और बदरीविशाल से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582495/edible-oil-import--india-s-edible-oil-imports-increase--nepal-supplies-record-113"><span class="t-red">Edible Oil Import : </span>भारत में बढ़ा खाद्य तेल का इंपोर्ट, नेपाल से 113% रिकॉर्ड सप्लाई</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582509/former-uttarakhand-chief-minister-khanduri-passes-away--pm-modi-expresses-condolences--cm-yogi-pays-tribute</link>
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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Modi Norway :  नॉर्वे के लिए रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, इंडिया-नॉर्डिक समिट में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वीडन। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को स्वीडन का दौरा खत्म करने के बाद नॉर्वे के लिए रवाना हो गए। स्वीडन में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया और सहयोग के नए रास्ते तलाशे। यह 43 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्री होगी, और मोदी का इस नॉर्डिक देश का पहला दौरा होगा। स्वीडन की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान, मोदी ने अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टरसन के साथ बातचीत की, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और दूसरे खास क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने भारत-स्वीडन संबंधों के संपूर्ण आयाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582358/pm-modi-norway--prime-minister-modi-leaves-for-norway--will-attend-the-india-nordic-summit"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(17)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वीडन। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को स्वीडन का दौरा खत्म करने के बाद नॉर्वे के लिए रवाना हो गए। स्वीडन में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया और सहयोग के नए रास्ते तलाशे। यह 43 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्री होगी, और मोदी का इस नॉर्डिक देश का पहला दौरा होगा। स्वीडन की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान, मोदी ने अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टरसन के साथ बातचीत की, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और दूसरे खास क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने भारत-स्वीडन संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की और आपसी रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमत हुए, जो रिश्ते में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में, मोदी ने कहा कि स्वीडन के उनके दौरे में कई अहम परिणाम सामने आए जो 'भारत-स्वीडन संबंधों में नई गति' लाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''हमारे रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने, संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 शुरू करने और भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलियारा शुरू करने से लेकर, अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य तय करने तक, बातचीत बहुत फायदेमंद रही।'' </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को, मोदी को ''भारत-स्वीडन के संबंधों में उनके असाधारण योगदान और उनके दूरदर्शी नेतृत्व'' के लिए 'रॉयल ​​ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से भी सम्मानित किया गया। बाद में, मोदी ने 'उद्योग के लिए यूरोपीय राउंड टेबल' को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने कहा कि भारत की 'सुधार एक्सप्रेस' पूरी रफ्तार से चल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले 12 वर्षों में भारत ''सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन'' के मूल मंत्र पर काम कर रहा है। सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ यह 'सुधार एक्सप्रेस' पूरी गति से आगे बढ़ रही है।'' उन्होंने देश की युवा आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग और अवसंरचना विकास का भी उल्लेख किया। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत और स्वीडन के लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार एवं स्थिरता जैसे साझा मूल्यों पर जोर देते हुए मोदी ने स्वीडन की नवाचार एवं स्थिरता की ताकत को भारत की व्यापकता, प्रतिभा और विकास गति के साथ जोड़ने का आह्वान किया। मोदी की स्वीडन की यह यात्रा नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की उनकी यात्रा का हिस्सा थी, जिसका मकसद कई प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना था। अपनी यात्रा के अगले पड़ाव में प्रधानमंत्री नॉर्वे पहुंचेंगे, जहां वह तीसरे भारत-नॉर्डिक सम्मेलन में शामिल होंगे और देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत-नॉर्डिक सम्मेलन मंगलवार को ओस्लो में होगा। इसमें मोदी और नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड तथा स्वीडन के उनके समकक्ष शामिल होंगे। अपने दो दिन के दौरे के दौरान, मोदी किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोनजा से भी मिलेंगे, वहीं प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर-सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा द्विपक्षीय व्यापार में गति बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करेगा, जो 2024 में लगभग 2.73 अरब डॉलर था।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582355/pm-modi-sweden-6-major-agreements-between-india-and-sweden--pm-modi-said---relations-will-get-new-energy-and-momentum"><span class="t-red">भारत-स्वीडन के बीच 6 बड़े समझौते, </span>स्वीडन का सर्वाच्च सम्मान मिलने पर बोले पीएम मोदी -140 करोड़ भारतीयों का सम्मान, संबंधों को मिलेगी नयी ऊर्जा और गति </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582358/pm-modi-norway--prime-minister-modi-leaves-for-norway--will-attend-the-india-nordic-summit</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582358/pm-modi-norway--prime-minister-modi-leaves-for-norway--will-attend-the-india-nordic-summit</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 12:35:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामयिकी : भारत-यूएई व्यापारिक साझेदारी की ऊंची उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/071.jpg" alt="0" width="137" height="142" />
<strong>अरविंद जयतिलक लेखक</strong>

<p>  </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा ने दोनों देशों के रिश्ते को मिठास से भर दिया है। दोनों देशों ने कई अहम समझौतों पर मुहर लगाकर रिश्ते को नई ऊंचाई दी है। यूएई की कंपनियों द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश का एलान किया गया है। यह पहल भारत के विकास के प्रति यूएई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर हामी भरी है। इसके तहत रक्षा औद्योगिक सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रक्षिक्षण, सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विशेष रुप से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582331/current-affairs--the-high-flight-of-the-india-uae-trade-partnership"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/.=3.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/071.jpg" alt="0" width="137" height="142"></img>
<strong>अरविंद जयतिलक लेखक</strong>

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा ने दोनों देशों के रिश्ते को मिठास से भर दिया है। दोनों देशों ने कई अहम समझौतों पर मुहर लगाकर रिश्ते को नई ऊंचाई दी है। यूएई की कंपनियों द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश का एलान किया गया है। यह पहल भारत के विकास के प्रति यूएई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर हामी भरी है। इसके तहत रक्षा औद्योगिक सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रक्षिक्षण, सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विशेष रुप से सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच जहाज निर्माण और कौशल विकास पर भी समझौते हुए हैं। दोनों देश सुपर कंप्यूटिंग और डिजिटल व्यापार क्षेत्र में भी एक-दूसरे की मदद करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि वर्ष के प्रारंभ में दोनों देश एफएटीएफ अर्थात फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के फ्रेमवर्क के तहत मनी लान्ड्रिंग विरोधी और आतंकवाद फाइनेंस के तहत सहयोग पर पहले ही सहमति जता चुके हैं। दोनों देश रक्षा, एआई डिजिटल सहयोग, खाद्य सुरक्षा, अंतरिक्ष और निवेश में भी एक-दूसरे से कंधा जोड़े हुए हैं। उम्मीद है कि वर्ष 2032 तक दोनों देशों के साझा कारोबार 200 अरब डॉलर तक पहुंच जाएंगे। आज की तारीख में दोनों देशों के बीच एक सौ अरब डॉलर से अधिक का कारोबार हो रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूएई गुजरात के धोलेरा में मेगा निवेश के साथ गिफ्ट सिटी में फर्स्ट आबूधाबी बैंक और डीपी वर्ल्ड का ऑफिस बनाने को तैयार है। गौर करें तो दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते लगातार नई ऊंचाई छू रहे हैं और समय की कसौटी पर खरे हैं। गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा के दौरान भी दोनों देश आर्थिक क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल करते हुए अपनी करेंसी रुपये और दरहम में व्यापार समझौता शुरू करने पर सहमत हुए थे। आरबीआई और संयुक्त अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक के बीच संपन्न हुए समझौते के तहत दोनों बैंक एक फ्रेमवर्क तैयार करने पर सहमति जाहिर की, जिसमें क्रास-बार्डर ट्रांजैक्शन के लिए लोकल करेंसी का इस्तेमाल होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों देशों के बीच बढ़ती प्रगाढ़ता कई मायने में महत्वपूर्ण है। ऐतिहासिक, राजनीतिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक व आर्थिक कारणों से अरब देश सदैव ही भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण  व केंद्र बिंदु रहे हैं। यह क्षेत्र भारत के विदेश नीति के रक्षा संबंधित पहलूओं को प्रभावित करता है और इसी को ध्यान में रख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात से निर्णायक संबंध जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह इसलिए भी आवश्यक है कि इस क्षेत्र में नए क्षेत्रीय कुटनीतिक-आर्थिक संबंध तेजी से बनते-बिगड़ते रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इन परिस्थितियों के बीच संयुक्त अरब अमीरात की भारत से बढ़ती प्रगाढ़ता अति महत्वपूर्ण है। अच्छी बात है कि संयुक्त अरब अमीरात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन कर चुका है। दोनों देश आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में साथ मिलकर चलने का भी संकल्प ले चुके हैं। फिलहाल भारत को अरब देशों से ऐसे दीर्घकालिक एवं सुसंगत रणनीति के तहत काम करने की जरूरत है, ताकि वह इस क्षेत्र की अपेक्षाएं एवं सरोकार को फलीभूत कर सकें। अच्छी बात यह है कि भारत और यूएई दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा सहयोग बना हुआ है। जून 2003 में द्विपक्षीय प्रतिरक्षा आदान-प्रदान के लिए संयुक्त प्रतिरक्षा सहयोग समिति यानी ज्वाइंट डिफेंस को-ऑपरेशन कमेटी के गठन के लिए एक मसौदे पर हस्ताक्षर भी किए गए।  (ये लेखक के निजी विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 06:36:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>PM Modi Visit: स्वीडन एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का जोरदार स्वागत, निवेश और व्यापार बढ़ाने पर भी होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोथेनबर्ग (स्वीडन)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को स्वीडन पहुंचे, जहां वह व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर बातचीत करेंगे। गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर उतरने से पहले प्रधानमंत्री मोदी के विमान को स्वीडिश वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा प्रदान की। हवाई अड्डे पर उनके स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जो इस यात्रा के महत्व को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी स्वीडन की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित बातचीत करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे, जो 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582318/pm-modi-visit--pm-modi-arrives-in-sweden-to-a-grand-welcome-at-the-airport--discussions-on-boosting-investment-and-trade-also-on-the-agenda"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats282.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोथेनबर्ग (स्वीडन)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को स्वीडन पहुंचे, जहां वह व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर बातचीत करेंगे। गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर उतरने से पहले प्रधानमंत्री मोदी के विमान को स्वीडिश वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा प्रदान की। हवाई अड्डे पर उनके स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जो इस यात्रा के महत्व को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी स्वीडन की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित बातचीत करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे, जो 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों पक्ष हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने, एआई, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, लचीली आपूर्ति शृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और दोनों देशों की जनता के स्तर पर संबंध जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर चर्चा करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले मोदी ने 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ''दोनों देशों के प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे, जो एक प्रमुख अखिल यूरोपीय व्यापारिक नेताओं का मंच है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">यह मोदी की चार देशों की यूरोपीय यात्रा का दूसरा चरण है। वह नीदरलैंड की यात्रा कर चुके हैं और उनकी उपस्थिति में भारत और नीदरलैंड ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस सप्ताह के अंत में, वह नॉर्वे और इटली की भी यात्रा करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 19:03:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>इराक के नए प्रधानमंत्री अल-जैदी को PM मोदी ने दी बधाई, कहा - दीर्घकालिक और मैत्रीपूर्ण भारत इराक के संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अली फलीह काजिम अल-जैदी को इराक के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और कहा कि भारत इराक के साथ अपने दीर्घकालिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को बहुत महत्व देता है तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">इराक में अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए सर्वसम्मति वाले उम्मीदवार का चयन करने के उद्देश्य से समन्वय ढांचे के सदस्य दलों के बीच हफ्तों की आंतरिक चर्चा के बाद, व्यवसायी अल-जैदी प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार के रूप में उभरे। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582178/pm-modi-congratulated-iraq-s-new-prime-minister-al-zaidi--saying-india-iraq-relations-are-long-lasting-and-friendly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(36)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अली फलीह काजिम अल-जैदी को इराक के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और कहा कि भारत इराक के साथ अपने दीर्घकालिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को बहुत महत्व देता है तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">इराक में अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए सर्वसम्मति वाले उम्मीदवार का चयन करने के उद्देश्य से समन्वय ढांचे के सदस्य दलों के बीच हफ्तों की आंतरिक चर्चा के बाद, व्यवसायी अल-जैदी प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार के रूप में उभरे। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''इराक के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर अली फलीह काजिम अल-जैदी को हार्दिक बधाई। भारत इराक के साथ अपने दीर्घकालिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को अत्यंत महत्व देता है तथा सभी क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।'' मोदी ने कहा, ''मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और हमारे दोनों देशों की साझा प्रगति एवं समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की आशा करता हूं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यह भी पढ़ें:</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582127/prime-minister-modi-arrives-in-amsterdam--india-netherlands-friendship-will-gain-a-new-edge--will-address-the-indian-community"><span class="t-red">एम्स्टर्डम पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी,</span> भारत-नीदरलैंड दोस्ती को मिलेगी नई धार, भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 15:45:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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