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                <title>madhya pradesh - Amrit Vichar</title>
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                <description>madhya pradesh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Muharram Accident:  रतलाम में बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराया मुहर्रम का ताजिया; 3 की मौत, 10 झुलसे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रतलाम। </strong>मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से मुहर्रम के मौके पर एक बेहद दर्दनाक और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में मुहर्रम का जुलूस निकालने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। बृहस्पतिवार देर रात निकाला जा रहा ताजिया अचानक बिजली की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया, जिससे उसमें जोरदार करंट दौड़ गया। इस हादसे में झुलसने के कारण तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">देर रात मेवाती मोहल्ले में हुआ हादसा</h4>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585804/muharram-accident--major-accident-in-ratlam--muharram-tiara-collides-with-high-tension-line--3-killed--10-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(48)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रतलाम। </strong>मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से मुहर्रम के मौके पर एक बेहद दर्दनाक और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में मुहर्रम का जुलूस निकालने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। बृहस्पतिवार देर रात निकाला जा रहा ताजिया अचानक बिजली की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया, जिससे उसमें जोरदार करंट दौड़ गया। इस हादसे में झुलसने के कारण तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">देर रात मेवाती मोहल्ले में हुआ हादसा</h4>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बृहस्पतिवार रात करीब 11:15 बजे की है। हतनारा गांव के मेवाती मोहल्ला से पारंपरिक तरीके से अजादारों द्वारा ताजिया उठाया गया था और जुलूस आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान रास्ते में ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में ताजिया आ गया। करंट इतना जोरदार था कि ताजिया उठा रहे लोग झुलसकर तुरंत जमीन पर गिर पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई</h4>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। रतलाम के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, "इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।"</p>
<h3 style="text-align:justify;">घायलों का अस्पताल में इलाज जारी</h3>
<p style="text-align:justify;">हादसे के तुरंत बाद सभी 10 घायलों को आनन-फानन में नजदीकी और अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रतलाम चिकित्सा महाविद्यालय (Ratlam Medical College) के अधिकारी डॉ. रवींद्र सोलंकी ने बताया कि अस्पताल लाए गए लोगों में से तीन की मौत पहले ही हो चुकी थी। फिलहाल घायलों को बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है और गांव में स्थिति नियंत्रण में है। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h4 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585790/muharram-2026--lucknow-immersed-in-the-memory-of-the-martyrs-of-karbala--route-diversions-issued-for-the-10th-of-muharram"><span class="t-red">Muharram 2026: </span>कर्बला के शहीदों की याद में डूबा लखनऊ, 10वीं मोहर्रम को लेकर रूट डायवर्जन जारी</a></h4>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585804/muharram-accident--major-accident-in-ratlam--muharram-tiara-collides-with-high-tension-line--3-killed--10-injured</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 12:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय : प्रधान बनाम प्रशासक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अगले छह महीनों के लिए ‘प्रशासक’ नियुक्त करने का निर्णय प्रत्याशित था। पहली दृष्टि में यह निर्णय व्यावहारिक प्रतीत होता है। ऐसा न करने से अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति आ जाती, सो यह प्रशासनिक व्यवस्था दूरगामी राजनीतिक और संवैधानिक संकेतों वाला कदम है। अब तक प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने पर एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता था, जिससे स्थानीय विकास कार्यों की गति प्रभावित होती थी। सरकार का तर्क है कि गांव की वास्तविक समस्याओं, अधूरे विकास कार्यों और स्थानीय सामाजिक समीकरणों को प्रधान बेहतर समझते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583211/editorial--chief-vs--administrator"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/sampadkiy19.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अगले छह महीनों के लिए ‘प्रशासक’ नियुक्त करने का निर्णय प्रत्याशित था। पहली दृष्टि में यह निर्णय व्यावहारिक प्रतीत होता है। ऐसा न करने से अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति आ जाती, सो यह प्रशासनिक व्यवस्था दूरगामी राजनीतिक और संवैधानिक संकेतों वाला कदम है। अब तक प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने पर एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता था, जिससे स्थानीय विकास कार्यों की गति प्रभावित होती थी। सरकार का तर्क है कि गांव की वास्तविक समस्याओं, अधूरे विकास कार्यों और स्थानीय सामाजिक समीकरणों को प्रधान बेहतर समझते हैं, इसलिए उन्हें ही जिम्मेदारी देना अधिक प्रभावी होगा। </p>
<p>राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में पहले से लागू मॉडल का हवाला देकर इसे ‘सतत विकास’ की दिशा में कदम बताया जा रहा है, हालांकि यह निर्णय प्रशासनिक के साथ ही राजनीतिक भी हो सकता है। पंचायत चुनावों के टलने की पृष्ठभूमि में यह व्यवस्था गांवों में मौजूदा राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने का माध्यम बन सकती है। संभावना है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 के बाद हों ऐसे में छह महीने की यह अंतरिम व्यवस्था और आगे बढ़ेगी। ओबीसी आरक्षण आयोग की रिपोर्ट, मतदाता सूची और विधानसभा चुनावी तैयारी जैसे कारणों का हवाला दिया जा रहा है, परंतु वास्तविकता यह भी है कि पंचायत चुनावों को टालने से सरकार को ग्रामीण राजनीतिक नेटवर्क को नियंत्रित रखने का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। </p>
<p>सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासक केवल सामान्य और नियमित कार्य कर सकेंगे, कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। विशेष परिस्थिति में जिलाधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी। यही बिंदु भविष्य की जटिलताओं का कारण बनेगा। गांवों में विकास कार्य अक्सर त्वरित निर्णय मांगते हैं, नाली, सड़क, पेयजल, हैंडपंप मरम्मत, या पंचायत भवन जैसे मुद्दों पर यदि हर बार डीएम कार्यालय की स्वीकृति लेनी पड़ी, तो निर्णय प्रक्रिया का धीमा होना स्वाभाविक है। इससे जनता में असंतोष बढ़ सकता है। पंचायतों में भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और फर्जी भुगतान के आरोप वर्षों से लगते रहे हैं, इसलिए सरकार संभवत: इसके जरिए वित्तीय नियंत्रण भी चाहती है। अलग बात है कि व्यवहारिक स्तर पर यह दोहरी व्यवस्था प्रधानों और नौकरशाही के बीच टकराव पैदा कर सकती है। प्रधान स्वयं को निर्वाचित प्रतिनिधि की तरह देखेंगे, जबकि प्रशासन उन्हें सीमित अधिकार वाला प्रशासक मानेगा। </p>
<p>इस निर्णय का सामाजिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होगा। ग्राम पंचायत लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई है। चुनाव टलने से नई नेतृत्व पीढ़ी, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को अवसर मिलने में देरी होगी। कई गांवों में सत्ता का स्थानीय केंद्रीकरण और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर, जिन पंचायतों में विकास कार्य अधूरे हैं, वहां निरंतरता बनी रहने से कुछ सकारात्मक परिणाम भी संभव हैं। असल चुनौती अब प्रशासनिक दक्षता और लोकतांत्रिक संतुलन दोनों को बनाए रखने की है। यदि सरकार छह महीने के भीतर पारदर्शी तरीके से पंचायत चुनाव कराती है तो यह व्यवस्था संक्रमणकालीन समाधान मानी जाएगी, लेकिन यदि यह अवधि लगातार बढ़ती गई, तो प्रश्न उठेगा कि क्या पंचायतें वास्तव में स्वायत्त लोकतांत्रिक संस्थाएं रह गई हैं, या वे धीरे-धीरे प्रशासनिक विस्तार में बदल रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>Editorials</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583211/editorial--chief-vs--administrator</link>
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 07:03:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शनीय स्थल अमरकंटक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश भारत के उत्तर और दक्षिण तथा पूर्व और पश्चिम का संधि- स्थल ही नहीं है, अपितु भौगोलिक दृष्टि से यहां पहाड़ पठार, घने वन, विस्तृत मैदान और नदी घाटियों का आकर्षक एवं समृद्ध प्रकृति का वरदान भी है। प्रकृति, कला और सौंदर्य की दृष्टि से यह पर्यटकों के लिए स्वर्ग है। ऐसा संयोग कम ही स्थलों को मिलता है, जहां प्रकृति की सुंदर छटा भी बिखरी हो और साथ ही धार्मिकता का पुण्य-लाभ भी प्राप्त हो, कदाचित मध्य प्रदेश का अमरकंटक ऐसा ही अनुपम स्थान है। <strong>-गौरीशंकर वैश्य विनम्र </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमरकंटक में प्रकृति रोमांचित करती है। घने जंगल आनंदित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579863/amarkantak--a-place-of-natural-beauty"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(31)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश भारत के उत्तर और दक्षिण तथा पूर्व और पश्चिम का संधि- स्थल ही नहीं है, अपितु भौगोलिक दृष्टि से यहां पहाड़ पठार, घने वन, विस्तृत मैदान और नदी घाटियों का आकर्षक एवं समृद्ध प्रकृति का वरदान भी है। प्रकृति, कला और सौंदर्य की दृष्टि से यह पर्यटकों के लिए स्वर्ग है। ऐसा संयोग कम ही स्थलों को मिलता है, जहां प्रकृति की सुंदर छटा भी बिखरी हो और साथ ही धार्मिकता का पुण्य-लाभ भी प्राप्त हो, कदाचित मध्य प्रदेश का अमरकंटक ऐसा ही अनुपम स्थान है। <strong>-गौरीशंकर वैश्य विनम्र </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमरकंटक में प्रकृति रोमांचित करती है। घने जंगल आनंदित करते हैं तथा अध्यात्म और धर्म इस नगरी को एक विशिष्ट पहचान दिलाते हैं। वास्तव में यह ऐसी जगह भी है, जो दो बड़ी नदियों नर्मदा और सोन का उद्गम स्थल भी है। पूर्व से पश्चिम की दिशा में बहने वाली देश की दो नदियों में एक नर्मदा का उद्गम एक छोटे कुंड से हुआ देखकर आश्चर्य होता है। पानी की झिर इस कुंड से होकर बड़े आयताकार कुंड में एकत्र होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस जलसंरचना का निर्माण कल्चुरी काल में किया गया। इसी प्रकार सोनमूढ़ा नर्मदाकुंड से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर मैकल पहाड़ियों के किनारे पर है। सोन नदी 100 फीट ऊंची पहाड़ी से एक झरने के रूप में यहां से गिरती है। इनके उद्गम को देखेंगे, तो लगेगा ही नहीं कि छोटे - छोटे कुंडों से निकलकर काफी दूर तक बहुत पतली धारा में बहने वाली ये नदियां देश की संस्कृति और धार्मिकता एवं विकास को नए आयाम देती हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">पहाड़ों पर बसा अमरकंटक </h5>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित अमरकंटक को तीर्थराज की संज्ञा भी दी गई है। यह समुद्र तट से लगभग 1065 मीटर ऊंचाई पर स्थित हिल स्टेशन की अनुभूति कराता है। कल्चुरी कालीन प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध अमरकंटक घने जंगल तथा औषधीय गुणों से भरपूर पौधों की सम्पदा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ खदानें भी हैं और जलप्रपात भी, जल के अदृश्य स्रोत भी और सुंदर आश्रम तथा मंदिर भी। यहाँ का शांत वातावरण पर्यटकों को सहज ही आत्ममुग्ध कर देता है। अमरकंटक की यात्रा आध्यात्मिक स्पर्श कराती है। यहाँ आते ही हवा में ताजगी और शुद्धता का आभास होने लगता है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्राचीन मान्यताओं के अनुसार माता सती के दो अंग इस क्षेत्र में गिरे थे, अतः यह क्षेत्र दो शक्तिपीठों का क्षेत्र होने के कारण अति पवित्र है। उन दो स्थानों में से एक सोनमूढ़ा सोन नदी के उद्गम स्थल के पास है और दूसरा माँ नर्मदा के उद्गम के पास स्थित देवी पार्वती जी का मंदिर है। यहाँ से मनमोहक झरने, पवित्र तालाब, ऊँची पहाड़ियों और शांत वातावरण यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">100 फीट ऊंचा जलप्रपात </h5>
<p style="text-align:justify;">पहले अमरकंटक शहडोल जिले में था। अब यह अनूपपुर जिले में है।यह मैकल पर्वत श्रृंखला पर स्थित है। पत्थरों की चारदीवारी के अंदर पत्थर से निर्मित नर्मदाकुंड मंदिर, शिव परिवार, कार्तिकेय मंदिर, श्री सूर्यनारायण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, ग्यारह रुद्र मंदिर, अन्नपूर्णा, गुरु गोरखनाथ, श्री रामजानकी, श्री राधाकृष्ण मंदिर, श्री ज्वालेश्वर महादेव, सर्वोदय जैन मंदिर, कबीर चबूतरा, कपिलाधारा, माई की बगिया आदि स्थल सदियों पुरानी स्थापत्यकला को सहेजे हुए हैं, जहाँ धार्मिक पर्यटकों को आना उपकृत करता है। मंदिर परिसर के आसपास परिक्रमावासियों के समूह अमरकण्टक को तपस्थली के रूप में प्रतिबिंबित करते हैं। नर्मदा विश्व की एक मात्र सरिता है, जिसकी परिक्रमा की जाती है। कुंड से आगे निकलकर नर्मदा कल - कल बहने लगती है। लगभग 6 किलोमीटर की यात्रा कर नर्मदा 100 फीट ऊँचा जलप्रपात बनाती है, जिसे कपिलाधारा के नाम से जाना जाता है। हरे - भरे वातावरण से घिरे इस झरने के आगे दूध धारा है, जो छोटा जलप्रपात है। यहाँ पर्यटक निडर होकर स्नान करते हैं। कालिदास भी यहाँ आए थे और वे यहाँ की सुंदरता में निमग्न हो गए। उनके मेघदूत के बादल इसी अमरकंटक नगरी के ऊपर से विचरण करते हैं। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ने भी यहाँ आकर तप किया था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रमुख स्थल :</strong></p>
<h5 style="text-align:justify;">भगवान शिव का त्रिमुखी मंदिर </h5>
<p style="text-align:justify;">अमरकंटक के प्रमुख मंदिरों में भगवान शिव का त्रिमुखी मंदिर है। इसे कल्चुरी शासक कर्ण देव महाचंद्र ने 1041-1073 ई ० में निर्माण कराया था। मंदिर में कल्चुरी कालीन शिल्पकारों की बनाई आकृतियाँ सम्मोहित करती हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">कपिलाधारा</h5>
<p style="text-align:justify;">अमरकंटक की यात्रा कपिलाधारा देखे बिना अधूरी रहेगी। यहाँ 100 फीट की ऊँचाई से पानी गिरता है। धर्मग्रंथों में कहा गया है कि कपिल मुनि यहाँ रहते थे। कपिल मुनि ने सांख्य दर्शन की रचना इसी स्थान पर की थी। कपिलाधारा के निकट ही कपिलेश्वर मंदिर भी बना है। इस जगह के आसपास कई गुफाएँ हैं, जहाँ अब भी साधु - संत ध्यानमग्न देखे जा सकते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">कबीर चबूतरा </h5>
<p style="text-align:justify;">कबीरपंथियों के लिए इस स्थान का बहुत महत्व है। कहा जाता है कि संत कबीरदास संवत 1569 में बांधवगढ़ से जगन्नाथपुरी प्रवास के समय यहाँ लंबे समय तक रहे थे। उन्होंने यहाँ पर ध्यान लगाया था। ऐसी मान्यता है कि इस स्थान पर कबीरदास के प्रवास के बीच गुरु नानक देव जी उनसे मिलने आए थे। कबीर चबूतरे के निकट ही रानी झरना (कबीर झरना) भी है। कबीर चबूतरे के ठीक नीचे एक जलकुंड है, जिसके बारे में कहा जाता है कि सुबह की किरणों के साथ ही यहाँ के जलकुंड का पानी दूध की तरह सफेद हो जाता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">धूनी पानी </h5>
<p style="text-align:justify;">यहाँ गर्म पानी का झरना  है। इसके बारे में कहा जाता है कि यह झरना औषधीय गुणों से भरपूर है।इसमें स्नान करने से शरीर के असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">दुग्धधारा </h5>
<p style="text-align:justify;">दुग्धधारा एक ऐसा  झरना है , जिसका जल दूध के समान प्रतीत होता है, इसीलिए इसे दुग्धधारा के नाम से जाना जाता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">सोनमूढ़ा </h5>
<p style="text-align:justify;">यह सोन नदी का उद्गम स्थल है। यहाँ से घाटी और जंगल से ढकी पहाड़ियों के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">माँ की बगिया </h5>
<p style="text-align:justify;">यह माता नर्मदा को समर्पित है। कहा जाता है कि इस हरी - भरी बगिया से शिव जी की पुत्री नर्मदा पुष्पों को चुनती थीं। यह बगिया नर्मदा कुंड से एक किलोमीटर की दूरी पर है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">सर्वोदय जैन मंदिर </h5>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/untitled-design-(33)1.jpg" alt="Untitled design (33)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह मंदिर भारत के अद्वितीय मंदिरों में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। इस मंदिर को बनाने में सीमेंट और लोहे का प्रयोग नहीं किया गया है। मंदिर में स्थित मूर्ति का वजन 24 टन के लगभग है। भगवान आदिनाथ अष्ट धातु के कमल सिंहासन पर विराजमान हैं, कमल सिंहासन का वजन 17 टन है। प्रतिमा को मुनि श्री विद्यासागर जी महाराज ने 6 नवंबर, 2006 को विधि - विधान से स्थापित किया था। </p>
<h5 style="text-align:justify;">नर्मदा परिक्रमा </h5>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/untitled-design-(32)2.jpg" alt="Untitled design (32)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">नर्मदा परिक्रमा विधि - विधान - नियम से की जाए,तो 1300 किमी से भी अधिक लंबी परिक्रमा होती है,जो 3 वर्ष 3 महीने 13 दिन में पूर्ण होती है, किन्तु आज के समय में मोटरसाइकिल या चौपहिया वाहन के द्वारा यात्रा को जल्दी पूरा कर लिया जाता है। नर्मदा परिक्रमा में नर्मदा नदी को पार नहीं किया जाता है। परिक्रमा में सभी स्थानों पर दर्शनीय स्थल देखने को मिलते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">यहां कैसे पहुंचें </h5>
<p style="text-align:justify;">अमरकंटक जबलपुर और बिलासपुर के निकट है। शहडोल से भी सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।अमरकंटक का निकटतम हवाई अड्डा जबलपुर में है। यहाँ से अमरकंटक की दूरी 245   किमी है। जबलपुर - बिलासपुर ट्रैक पर पेंट्रा रोड स्टेशन अमरकंटक के सबसे समीपस्थ रेलवे-स्टेशन है। बिलासपुर, अनूपपुर और जबलपुर जंक्शन से भी अमरकंटक पहुँचा जा सकता है। शहडोल रेलवे-स्टेशन से अमरकंटक से  80 किमी तथा अनूपपुर रेलवे-स्टेशन से 72 किमी दूर है, जहाँ से लगातार बसें और टैक्सियां चलती रहती हैं। <br />  <br /><strong>-गौरीशंकर वैश्य विनम्र </strong><br /><strong>117 आदिलनगर, विकासनगर </strong><br /><strong>लखनऊ 226022 </strong><br /><strong>दूरभाष 09956087585 </strong><br /><strong>ईमेल - <a href="mailto:gsvaish51@gmail.com">gsvaish51@gmail.com</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>शब्द रंग</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:21:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय: बिहार में नई धुरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार की सत्ता में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनना महज कुर्सी पर चेहरे का नहीं, बल्कि राजनीतिक शैली और सामाजिक समीकरणों में संभावित बदलाव का संकेत है। सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने ‘स्थिरता के साथ परिवर्तन’ का संदेश दिया है। यानी कुछ राज्यों में प्रयोगधर्मी चौंकाऊ चेहरा देने के बजाय एक परिचित, संगठन-सिद्ध नेता पर भरोसा।</p>
<p>मध्य प्रदेश, हरियाणा या राजस्थान की तरह ‘सरप्राइज फैक्टर’ से परहेज़ के पीछे स्पष्ट कारण हैं। बिहार की राजनीति अत्यंत जटिल जातीय-सामाजिक संतुलनों पर टिकी है, जहां अचानक चेहरा बदलना जोखिम भरा हो सकता था। भाजपा ने यहां क्रमिक उभार और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578916/editorial--a-new-axis-in-bihar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/sampadkiy10.jpg" alt=""></a><br /><p>बिहार की सत्ता में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनना महज कुर्सी पर चेहरे का नहीं, बल्कि राजनीतिक शैली और सामाजिक समीकरणों में संभावित बदलाव का संकेत है। सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने ‘स्थिरता के साथ परिवर्तन’ का संदेश दिया है। यानी कुछ राज्यों में प्रयोगधर्मी चौंकाऊ चेहरा देने के बजाय एक परिचित, संगठन-सिद्ध नेता पर भरोसा।</p>
<p>मध्य प्रदेश, हरियाणा या राजस्थान की तरह ‘सरप्राइज फैक्टर’ से परहेज़ के पीछे स्पष्ट कारण हैं। बिहार की राजनीति अत्यंत जटिल जातीय-सामाजिक संतुलनों पर टिकी है, जहां अचानक चेहरा बदलना जोखिम भरा हो सकता था। भाजपा ने यहां क्रमिक उभार और स्वीकार्यता को प्राथमिकता दी। सम्राट चौधरी पहले से प्रदेश संगठन, सत्ता और प्रशासन- तीनों का अनुभव रखते हैं; इसलिए वे संक्रमण काल में भरोसेमंद विकल्प बने। </p>
<p>सम्राट चौधरी की नियुक्ति के पीछे सियासी गणित साफ है, वे ओबीसी- विशेषकर कुशवाहा, कोइरी समुदाय से आते हैं, वहां उनका प्रभाव बिहार के सामाजिक समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाता है। इससे भाजपा का न केवल पारंपरिक मतदाता आधार मजबूत होता है, बल्कि जदयू और राजद के बीच ‘मंडल बनाम कमंडल’ की पुरानी बहस में एक नया संतुलन भी सधता है। उनको पहले डिप्टी सीएम और फिर मुख्यमंत्री बनाकर संगठन को संदेश दिया है कि निरंतरता और प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष पद शीघ्र हासिल किया जा सकता है। </p>
<p>सम्राट चौधरी का रिकॉर्ड बताता है कि वे विभिन्न दलों में रहते हुए भी शासन-तंत्र से परिचित रहे हैं। यही उनकी ताकत और चुनौती दोनों है। ताकत इसलिए कि उन्हें सिस्टम की समझ है; चुनौती इसलिए कि उन्हें ‘स्थायी प्रतिबद्धता’ और ‘नीतिगत स्पष्टता’ साबित करनी होगी, जो नीतीश कुमार की पहचान रही है। बेहतर शासन का दावा तभी टिकेगा, जब वे कानून-व्यवस्था, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर ठोस परिणाम दें। सम्राट की राजनीतिक यात्रा विभिन्न दलों में मंत्री रहने से लेकर भाजपा में नौ वर्षों में मुख्यमंत्री बनने तक यह दिखाती है कि वे अवसर और संगठन दोनों को साधने में दक्ष हैं। </p>
<p>उनकी पारिवारिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि ने शुरुआती पहचान जरूर दी, परंतु मौजूदा मुकाम तक पहुंचने में संगठनात्मक सक्रियता और आक्रामक राजनीति की भूमिका भी कम नहीं रही, हालांकि नए मुख्यमंत्री के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। बेरोजगारी, प्रवासन, शिक्षा-स्वास्थ्य का ढांचा और कानून-व्यवस्था- ये सभी मुद्दे बिहार के मतदाता की प्राथमिकता में हैं। साथ ही, केंद्र-राज्य तालमेल का लाभ उठाकर निवेश आकर्षित करना भी एक बड़ी परीक्षा होगी। </p>
<p>इस बदलाव के बाद जदयू स्वाभाविक रूप से सीमित होती दिखेगी, जबकि राजद आक्रामक विपक्ष की भूमिका में लौटेगी। सामाजिक न्याय और आर्थिक असमानता के मुद्दों को तेज करेगी। आने वाले समय में त्रिकोणीय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और तीखी हो सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर यह फैसला भाजपा के ‘क्षेत्रीय अनुकूलन’ की रणनीति को रेखांकित करता है, जहां पार्टी स्थानीय नेतृत्व को आगे कर राज्य की जटिलताओं के अनुरूप अपने को ढाल रही है। बिहार में यह परिवर्तन एक नई धुरी का निर्माण है, जहां अनुभव और सामाजिक संतुलन के सहारे भाजपा ने सत्ता का केंद्र अपने हाथ में लिया है। अब असली परीक्षा वादों की नहीं, परिणामों की है; वही तय करेगा कि यह बदलाव कितना स्थायी होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 08:15:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काशी में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का आज, सीएम करेंगे उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे, जहां वे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का शुभारंभ करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित इस भव्य महानाट्य का उद्देश्य भारत के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और सांस्कृतिक विरासत को जनमानस तक पहुंचाना है। करीब 1 घंटे 45 मिनट की प्रस्तुति में 175 से अधिक कलाकार भाग लेंगे, वहीं आयोजन स्थल पर ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। </span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ को ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ समर्पित की</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577329/cm-will-inaugurate-the-grand-drama--samrat-vikramaditya--in-kashi-today"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(5)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे, जहां वे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का शुभारंभ करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित इस भव्य महानाट्य का उद्देश्य भारत के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और सांस्कृतिक विरासत को जनमानस तक पहुंचाना है। करीब 1 घंटे 45 मिनट की प्रस्तुति में 175 से अधिक कलाकार भाग लेंगे, वहीं आयोजन स्थल पर ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। </span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ को ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ समर्पित की जाएगी, जो पारंपरिक काल गणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। मुख्यमंत्री शुक्रवार शाम वाराणसी पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है, जिसे सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्रीय गौरव से जोड़कर देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 10:21:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : 1000 वर्ष बाद सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष 6 अप्रैल को बरेली पहुंचेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नाथ नगरी बरेली 6 अप्रैल को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। देशव्यापी यात्रा के अंतर्गत सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के 1000 वर्षों तक संरक्षित रहे पावन अवशेष बरेली पहुंचेंगे। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है। बरेली में भक्तों के दर्शनार्थ इन अवशेषों को बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक सीतारामन शास्त्री ने ये पवित्र अवशेष बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576241/after-1-000-years--the-sacred-relics-of-the-somnath-jyotirlinga-will-arrive-in-bareilly-on-april"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/uo3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नाथ नगरी बरेली 6 अप्रैल को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। देशव्यापी यात्रा के अंतर्गत सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के 1000 वर्षों तक संरक्षित रहे पावन अवशेष बरेली पहुंचेंगे। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जा रहा है। बरेली में भक्तों के दर्शनार्थ इन अवशेषों को बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक सीतारामन शास्त्री ने ये पवित्र अवशेष बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर को सौंपे थे। इसके बाद महाशिवरात्रि 2025 पर इनका सार्वजनिक अनावरण किया गया, फिर इन अवशेषों की देशव्यापी यात्रा प्रारंभ हुई। यह यात्रा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु से होते हुए उत्तर प्रदेश में 30 मार्च को प्रवेश कर रही है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में प्रवेश के बाद यात्रा झांसी, कानपुर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, मेरठ, गजरौला, मुरादाबाद, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से गुजरते हुए 6 अप्रैल को बरेली पहुंचेगी। इतिहास के अनुसार वर्ष 1026 ईस्वी में आक्रमण कारी महमूद गजनबी ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर दिया था, लेकिन आस्था की ज्योति निरंतर प्रज्वलित रही।</p>
<p>मंदिर के कुछ पवित्र अवशेषों को अग्निहोत्री पुजारियों ने गुप्त रूप से सहेज लिया, जो पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित होते रहे। सन 1924 में कांची के शंकराचार्य ने यह भविष्यवाणी की थी कि इन अवशेषों को एक शताब्दी तक सुरक्षित रखा जाए और उपयुक्त समय आने पर एक योग्य आध्यात्मिक नेतृत्व को सौंपा जाए। इसी क्रम में जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक सीतारामन शास्त्री ने इन अवशेषों को गुरुदेव श्री श्री रविशंकर को समर्पित किया गया था। इससे 100 वर्षों पुरानी भविष्यवाणी पूर्ण हुई।</p>
<p>बता दें कि श्री श्री रविशंकर, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संस्थापक है और लम्बे समय से भारतीय आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का कार्य कर रहे हैं। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेषों का आगमन न केवल शहर के धार्मिक महत्व को बढ़ाएगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशेष स्थान दिलाएगा। </p>
<p>यह आयोजन श्रद्धा, धैर्य और सांस्कृतिक चेतना की विजय का प्रतीक है, जहां 1000 वर्षों का संरक्षण, 100 वर्षों की प्रतीक्षा और वर्तमान का पुनरुत्थान एक साथ परिलक्षित होता है। यह जानकारी आर्ट ऑफ लिविंग बरेली चैप्टर के पदाधिकारियों ने सोमवार काे प्रेसवार्ता में दी। इस दौरान श्वेता कुनार, पार्थो कुनार, गोपाल, सौरभ, मोहित, संदीप, अमित, अशोक, राजेश व रीना आदि उपस्थित रहीं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576241/after-1-000-years--the-sacred-relics-of-the-somnath-jyotirlinga-will-arrive-in-bareilly-on-april</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 09:09:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेयजल लाइन में आया गंदा पानी: सरकारी क्वार्टरों में दोहराई जा रही इंदौर जैसी भूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले महीने दूषित पानी पीने की वजह से दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। इसे त्रासदी को याद कर एक बार फिर रजिस्ट्री दफ्तर रोड के सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। </p>
<p>यहां करीब 100 सरकारी क्वार्टरों में टंकी में आने वाला गंदा पानी उनकी जान के लिए सीधा खतरा बन गया है। लोगों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। मजबूरी में लोगों ने पैसे खर्च कर बोतलबंद पानी मंगवाना शुरू कर दिया।</p>
<p>सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले प्रेमराज, राकेश,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571484/dirty-water-enters-drinking-water-lines--indore-like-mistake-being-repeated-in-government-quarters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/pani.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले महीने दूषित पानी पीने की वजह से दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। इसे त्रासदी को याद कर एक बार फिर रजिस्ट्री दफ्तर रोड के सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले लोग सहमे हुए हैं। </p>
<p>यहां करीब 100 सरकारी क्वार्टरों में टंकी में आने वाला गंदा पानी उनकी जान के लिए सीधा खतरा बन गया है। लोगों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। मजबूरी में लोगों ने पैसे खर्च कर बोतलबंद पानी मंगवाना शुरू कर दिया।</p>
<p>सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले प्रेमराज, राकेश, नीलम, संजय वर्मा, एसपी सिंह के घरों में शनिवार सुबह पेयजल लाइन में गंदा पानी आया। प्रेमराज ने बताया कि सुबह जलकल विभाग के सहायक अभियंता अजीत सिंह को कॉल कर गंदा पानी आने की शिकायत की। दो कर्मचारी आए और बोले कि क्लोरीन ज्यादा डालने की वजह से समस्या हुई होगी। </p>
<p>दो घंटे बाद भी पानी साफ नहीं हुआ और जब सहायक अभियंता से दोबारा संपर्क किया गया तो बहाना मिला कि पानी की आपूर्ति लाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है। शाम तक पानी साफ नहीं हुआ। इस स्थिति से सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले लोग गुस्से में हैं। </p>
<p>उनका कहना है कि इंदौर की घटना से सबक लेने की बजाय, यहां वही गलती फिर दोहराई जा रही है। इस संबंध में जलकल विभाग के जीएम मनोज कुमार और सहायक अभियंता अजीत कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, मगर बात नहीं हो सकी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/571484/dirty-water-enters-drinking-water-lines--indore-like-mistake-being-repeated-in-government-quarters</link>
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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 13:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'घंटा' पर गरमाई सियासत...  सरकारी आदेश में किया कैलाश विजयवर्गीय के 'घंटा' विवाद का जिक्र, सस्पेंड SDM </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>इंदौर/देवासः</strong> मध्यप्रदेश के इंदौर की दूषित पेयजल त्रासदी की पृष्ठभूमि में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक विवादास्पद टिप्पणी और कांग्रेस के आरोपों का एक सरकारी आदेश में कथित रूप से जिक्र करने की गंभीर चूक को लेकर पड़ोसी देवास के एक अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) निलंबित कर दिये गये। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन संभाग के आयुक्त (राजस्व) आशीष सिंह ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता के आरोपों में रविवार को देवास के एक एसडीएम को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने देवास में कांग्रेस के रविवार को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566372/politics-heats-up-over--ghanta-----government-order-mentions-kailash-vijayvargiya-s--ghanta--controversy--sdm-suspended"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(53)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>इंदौर/देवासः</strong> मध्यप्रदेश के इंदौर की दूषित पेयजल त्रासदी की पृष्ठभूमि में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक विवादास्पद टिप्पणी और कांग्रेस के आरोपों का एक सरकारी आदेश में कथित रूप से जिक्र करने की गंभीर चूक को लेकर पड़ोसी देवास के एक अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) निलंबित कर दिये गये। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन संभाग के आयुक्त (राजस्व) आशीष सिंह ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता के आरोपों में रविवार को देवास के एक एसडीएम को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने देवास में कांग्रेस के रविवार को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के लिए शनिवार को सरकारी आदेश जारी किया था। </p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘एसडीएम के जारी इस आदेश में कांग्रेस के उस ज्ञापन के एक हिस्से की हू-ब-हू नकल उतार दी गई थी जो प्रमुख विपक्षी दल ने विरोध प्रदर्शन की पूर्व सूचना के लिए प्रशासन को दिया था। यह गंभीर लापरवाही है।’’ </p>
<p>कांग्रेस के ज्ञापन में इंदौर की पेयजल त्रासदी को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा गया था और कहा गया था कि विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में अशोभनीय शब्द ‘घंटा’ का उपयोग करना ‘अमानवीयता और निरंकुशता’ की निशानी है। </p>
<p>ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि इस 'अमानवीय व्यवहार' के विरोध में भाजपा के सांसद और विधायकों के निवास के सामने ‘घंटा’ बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों की मौत और इस त्रासदी के बारे में एक टीवी पत्रकार के प्रश्न पर विजयवर्गीय की विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में आयोजित था। </p>
<p>विजयवर्गीय ने इंदौर में 31 दिसंबर की रात टीवी पत्रकार द्वारा पेयजल त्रासदी के बारे में सवाल पूछे जाने पर कैमरे के सामने ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल करके विवाद खड़ा कर दिया था। आम बोलचाल में मोटे तौर पर इस शब्द का अर्थ बकवास के रूप में समझा जाता है। प्रशासन ने शहर में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें घटना में 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। स्थानीय लोगों ने दूषित जल पीने से छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566372/politics-heats-up-over--ghanta-----government-order-mentions-kailash-vijayvargiya-s--ghanta--controversy--sdm-suspended</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 13:44:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कंगना रनौत की आध्यात्मिक यात्रा: घृष्णेश्वर महादेव के दर्शन कर पूरा किया 10वां ज्योतिर्लिंग, संकल्प की ओर बढ़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी से सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी धार्मिक यात्रा को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने साल के अंत तक सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने का संकल्प लिया है और इसी क्रम में अब महाराष्ट्र के पवित्र घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। यह उनका 10वां ज्योतिर्लिंग दर्शन है, जो उनकी गहरी शिव भक्ति को दर्शाता है।</p>
<p>कंगना ने सोशल मीडिया पर मंदिर से कई भावुक तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे पारंपरिक परिधान में शिवलिंग पर चंदन लगाते, फूल चढ़ाते और माला अर्पित करते नजर आ रही हैं। पूरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565048/kangana-ranaut-s-spiritual-journey--visiting-ghrishneshwar-mahadev-completes-10th-jyotirlinga--moves-towards-resolution"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(79)5.png" alt=""></a><br /><p>बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश की मंडी से सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी धार्मिक यात्रा को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने साल के अंत तक सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने का संकल्प लिया है और इसी क्रम में अब महाराष्ट्र के पवित्र घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। यह उनका 10वां ज्योतिर्लिंग दर्शन है, जो उनकी गहरी शिव भक्ति को दर्शाता है।</p>
<p>कंगना ने सोशल मीडिया पर मंदिर से कई भावुक तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे पारंपरिक परिधान में शिवलिंग पर चंदन लगाते, फूल चढ़ाते और माला अर्पित करते नजर आ रही हैं। पूरी श्रद्धा से डूबी हुईं कंगना की ये तस्वीरें देखकर फैंस उनकी भक्ति की तारीफ कर रहे हैं।</p>
<p>अपने पोस्ट में कंगना ने लिखा, "आज घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। कई ज्योतिर्लिंग तो मैंने 2-4 बार भी दर्शन कर लिए हैं, लेकिन महाराष्ट्र में स्थित बाबा घृष्णेश्वर के दर्शन का सौभाग्य पहली बार मिला। सच है कि महादेव तब बुलाते हैं, जब समय आता है। हर हर महादेव!"</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DSuTV-mDCUd/?utm_source=ig_web_button_share_sheet">https://www.instagram.com/p/DSuTV-mDCUd/?utm_source=ig_web_button_share_sheet</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p>इससे पहले कंगना ने मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर और झारखंड के बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए थे। ओंकारेश्वर में उन्होंने रुद्राभिषेक किया और नर्मदा परिक्रमा भी की, जबकि बैद्यनाथ को अपना 9वां ज्योतिर्लिंग बताते हुए उन्होंने संकल्प दोहराया था कि दिसंबर खत्म होने से पहले सभी 12 पूरे कर लेंगी।</p>
<p>इस साल कंगना ने उत्तर से दक्षिण तक कई पवित्र स्थलों की यात्रा की है। सोमनाथ, द्वारकाधीश, दुर्गा परमेश्वरी और हिमाचल के स्थानीय शिव मंदिरों सहित कई जगहों पर वे पूजा-अर्चना करती दिखीं। उनका इंस्टाग्राम इन धार्मिक यात्राओं की झलकियों से भरा पड़ा है, जो उनकी आस्था की गहराई को बयां करता है।</p>
<p>कंगना की यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत भक्ति को उजागर करती है, बल्कि फैंस के लिए भी प्रेरणा बन रही है। अब सभी को इंतजार है कि वे बाकी बचे दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कब पूरे करेंगी। हर हर महादेव।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 08:34:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले छह और जलासाज नोएडा से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> मंगलवार को सिविल लाइंस पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के छह और सदस्यों को नोएडा से धर दबोचा। सभी आरोपी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस सभी आरोपियों को रामपुर लेकर आई और बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से कोर्ट के आदेश पर सभी आरोपी जेल चले गए। उनके पास से मोबाइल, एटीएम, चेक बुक व पासबुक बरामद हुए हैं।  </p>
<p>सिविल लाइंस पुलिस ने 27 अक्टूबर को साइबर सेल की टीम के साथ मिलकर संयुक्त टीम द्वारा मोहल्ला मैगजीन फव्वारे समीप एक मकान में चल रहे साइबर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564867/six-more-fraudsters-who-cheated-people-online-have-been-arrested-from-noida"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/hh4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> मंगलवार को सिविल लाइंस पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के छह और सदस्यों को नोएडा से धर दबोचा। सभी आरोपी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस सभी आरोपियों को रामपुर लेकर आई और बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से कोर्ट के आदेश पर सभी आरोपी जेल चले गए। उनके पास से मोबाइल, एटीएम, चेक बुक व पासबुक बरामद हुए हैं।  </p>
<p>सिविल लाइंस पुलिस ने 27 अक्टूबर को साइबर सेल की टीम के साथ मिलकर संयुक्त टीम द्वारा मोहल्ला मैगजीन फव्वारे समीप एक मकान में चल रहे साइबर अपराध कारित करने वाले गैंग के 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से टीम लगातार मामले की जांच कर रही थी। जिसमें पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का प्रयोग कर त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व में गिरफ्तार किए आरोपियों के मोबाइल नंबर, आईएमईआई, सीडीआर के विश्लेषण के आधार पर मंगलवार रात को छह और आरोपियों को नोएडा के सिक्का कामना ग्रीन एनक्लेव के चियर्स टावर के 18वें फ्लोर से गिरफ्तार कर लिया। </p>
<p>पुलिस को उनके पास से चार लैपटॉप, 17 मोबाइल, 1 वाईफाई राउटर, 271 एटीएम, 222 बैंक पासबुक, 47 चेक बुक बरामद की है। सीओ सिटी जितेंद्र सिंह ने बताया कि ठगी करने के मामले में छह आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया। उसके बाद  कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी जेल चले गए। उनके द्वारा उपयोग किए 35 अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 12 लाख की धनराशि फ्रीज कराई जा चुकी है। </p>
<p>पकड़े गए आरोपी नूर आलम खुर्शीपार भिलाई थाना खुर्शीपार जिला भिलाई छत्तीसगढ़, उसैद खान निवासी बिलाल मस्जिद के पास नूरानी कालोनी थाना सिटी कोतवाली जिला छतरपुर भोपाल मध्यप्रदेश, दिलशाद निवासी थाना नया थाना जिला छतरपुर मध्यप्रदेश, उत्तम पटेल निवासी ग्राम मनगटा जौरतराई थाना सोमनी जिला राजनंद गांव, छत्तीसगढ़, रितिक कुमार गुप्ता निवासी मोहल्ला कुर्सीपार जोन, सोनियागांधी नगर भिलाई दुर्ग थाना कुर्सीपार जिला दुर्ग छत्तीसगढ़, विवेक यादव निवासी मोहल्ला अशोकनगर थाना गुडयारी जिला रायपुर छत्तीसगढ़ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:01:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जो लोग मुझ पर और मेरे परिवार पर ताना कसते थे, वही आज प्रशंसा कर रहे: क्रांति गौड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>मध्य प्रदेश के घुवारा गांव की रहने वाली भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने खुलासा करते हुए कहा कि एक समय उन्हें यह भी पता नहीं था कि भारत की महिला क्रिकेट टीम भी है। इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल में समाप्त हुए महिला वनडे विश्व कप में में 18.55 की औसत से नौ विकेट लिए जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच में तीन विकेट लेना भी शामिल था। भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया । गौड़ ने गुरुवार को यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558802/the-same-people-who-used-to-taunt-me-and-my"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(47)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>मध्य प्रदेश के घुवारा गांव की रहने वाली भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने खुलासा करते हुए कहा कि एक समय उन्हें यह भी पता नहीं था कि भारत की महिला क्रिकेट टीम भी है। इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल में समाप्त हुए महिला वनडे विश्व कप में में 18.55 की औसत से नौ विकेट लिए जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच में तीन विकेट लेना भी शामिल था। भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया । गौड़ ने गुरुवार को यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात से ठीक पहले पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘मुझे तो यह भी नहीं पता था कि महिला क्रिकेट टीम भी है। यहीं से क्रिकेट में मेरा सफर शुरू हुआ था।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि यह मेरा पहला विश्व कप था और अब हम विश्व चैंपियन हैं। यह मेरे, मेरे परिवार और पूरे देश के लिए गर्व की बात है।‘‘ क्रांति की कहानी स्टेडियम की दूधिया रोशनी और कैमरों से कहीं दूर शुरू हुई। वह ज़्यादातर दूर से ही कुछ लड़कों को खेलते हुए देखती थी और जब भी गेंद उसके दरवाज़े पर आती, तो वह उसे वापस फेंक देती थी। एक दिन अचानक उन्हें तब अंतिम एकादश में जगह मिल गई, जब लड़कों को एक खिलाड़ी की जरूरत थी।</p>
<p>क्रांति ने कहा, ‘‘जब मैंने उनके साथ खेलना शुरू किया, तो वे मुझे सिर्फ़ एक क्षेत्ररक्षक के तौर पर खिलाते थे, लेकिन धीरे-धीरे मैंने भी खेलना सीख लिया। मुझे तो यह भी पता नहीं था स्पिन गेंदबाज़ी नाम की भी कोई चीज भी होती है। इसलिए मैंने लड़कों को देखकर तेज़ गेंदबाज़ी शुरू कर दी।’’ उन्होंने राजीव बिल्थरे का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘तब मैंने एक लेदर बॉल टूर्नामेंट खेला और राजीव सर से मिली।‘‘ राजीव बिल्थरे छतरपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव भी थे और उन्हें क्रांति की गेंद की रफ्तार काफी प्रभावशाली लगी थी।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी खेलना चाहती हूं। मुझे नहीं पता था कि लड़कियों की अंतरराष्ट्रीय टीम भी है और फिर वह मुझे अपनी अकादमी में ले गए। छह महीने के भीतर मैं सीनियर डिवीज़न में खेली और एक साल के भीतर मैंने वडोदरा में राज्य की घरेलू अंडर-19 टीम में पदार्पण किया।‘‘ क्रांति ने कहा, ‘‘मैं एक छोटे से गांव से हूं, इसलिए वहां लड़कियों को खेलने की इजाजत नहीं थी। मेरे परिवार से कहा जाता था कि तुम उसे लड़कों के साथ क्यों खेलने देते हो। तब मैंने सोचा कि एक दिन मैं अपने प्रदर्शन पर सबको तालियां बजाने पर मजबूर कर दूंगी।‘‘</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘और जो लोग मुझे और मेरे परिवार को ताना मारते थे, वे अब हमारी सराहना कर रहे हैं। अब महिला टीम भी बेहतर हो रही है और विश्व कप जीतने के बाद यह बहुत आगे जाएगी।‘‘ इस युवा तेज गेंदबाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात की एक विशेष याद भी साझा की। क्रांति ने कहा,‘‘मैंने उनसे कहा कि मेरा भाई आपका बहुत बड़ा प्रशंसक है। प्रधानमंत्री मुस्कुराए और बोले कि मैं जल्द ही आपके भाई से जरूर मिलूंगा।’’ </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 15:40:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>Bareilly : मोबाइल चोरी के शक में किशोर की पीट-पीटर हत्या के तीन आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिशारतगंज, अमृत विचार।</strong> माला बेचने वाले मध्य प्रदेश के किशोर की पीट-पीटकर की गई बेरहमी से हत्या क़े मामले में सैन्यकर्मी पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार किए गए हैं। मोबाइल चोरी क़े शक में किशोर को बुरी तरह से पीटा गया था। बाद में पीछे हाथ बांधकर पानी भरी खाई में डुबोकर मार डाला गया था।</p>
<p>पुलिस के अनुसार रविवार को थाना अलीगंज के गैनी गांव में लगने वाली साप्ताहिक बाजार में मोबाइल चोरी के आरोप में एक किशोर को कुछ लोगों ने बेरहमी से पीटा था। बाद में लोग उसे बाइक से बैठाकर अपने साथ ले गए थे। किशोर का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555568/three-accused-arrested-for-beating-a-teenager-to-death-on-suspicion-of-mobile-theft"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/hatya6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिशारतगंज, अमृत विचार।</strong> माला बेचने वाले मध्य प्रदेश के किशोर की पीट-पीटकर की गई बेरहमी से हत्या क़े मामले में सैन्यकर्मी पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार किए गए हैं। मोबाइल चोरी क़े शक में किशोर को बुरी तरह से पीटा गया था। बाद में पीछे हाथ बांधकर पानी भरी खाई में डुबोकर मार डाला गया था।</p>
<p>पुलिस के अनुसार रविवार को थाना अलीगंज के गैनी गांव में लगने वाली साप्ताहिक बाजार में मोबाइल चोरी के आरोप में एक किशोर को कुछ लोगों ने बेरहमी से पीटा था। बाद में लोग उसे बाइक से बैठाकर अपने साथ ले गए थे। किशोर का शव सोमवार सुबह सड़क के किनारे पानी भरी खाई में मिला था। किशोर की निर्ममता से पिटाई की गई थी। बाद में उसे पानी में डुबोकर मार डाला गया था।</p>
<p>उसके हाथ पीछे बांध दिए थे। पोस्टमार्टम में पिटाई और डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। किशोर की शिनाख्त उसकी बहन ईनी सना ने 16 वर्षीय असिन राज निवासी गांव बीसा खेड़ी थाना चौबारा जनपद देवास मध्य प्रदेश के रूप में की थी। वह बरेली जंक्शन के समीप झोंपड़ी डालकर रहते थे।</p>
<p>असिन राज रविवार को गैनी बाजार में माला व मूर्ति बेचने आया था। ईनी सना ने दर्ज कराई रिपोर्ट में गैनी बाजार में ठेका वसूली करने वाले लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया था। प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि किशोर की हत्या के मामले में सैन्यकर्मी रजनीश, उसके भाई मनोज और पिता रिटायर्ड सैन्यकर्मी राम किशोर को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 09:07:16 +0530</pubDate>
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