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                <title>China - Amrit Vichar</title>
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                <description>China RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत के लिए खुला है होर्मुज ... बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची, पाकिस्तान समेत ये देश भी इस लिस्ट में शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>ईरान ने भारत और कुछ अन्य 'मित्र देशों' के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा कि तेहरान ने भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">अराघची ने कहा, "हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र राष्ट्रों काे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है।" उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य 'दुश्मनों और उनके सहयोगियों' के लिए बंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576517/strait-of-hormuz-open-for-india----says-iranian-deputy-foreign-minister-araghchi--pakistan-and-other-nations-also-included-in-this-list"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(19)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>ईरान ने भारत और कुछ अन्य 'मित्र देशों' के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने विदेश मंत्री के हवाले से कहा कि तेहरान ने भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">अराघची ने कहा, "हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र राष्ट्रों काे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है।" उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य 'दुश्मनों और उनके सहयोगियों' के लिए बंद है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके माध्यम से वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। अमेरिका और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने इसे बंद कर दिया था। </p>
<p style="text-align:justify;">अराघची ने कहा, "हमारे दृष्टिकोण से, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद नहीं है। यह केवल दुश्मनों के लिए बंद है। अपने दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है।" इससे पहले, ऊर्जा आपूर्ति में वैश्विक व्यवधानों और ईंधन की आसमान छूती कीमतों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस जलमार्ग को फिर से खोलने का आह्वान किया था।</p>
<p style="text-align:justify;"> गौरतलब है कि ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 15-सूत्रीय शांति योजना का उपहास करते हुए उसे खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल 'खुद से बातचीत कर रहे हैं' और ईरान के साथ शांति वार्ता के बारे में श्री ट्रम्प के बयानों को 'फर्जी' बताया। </p>
<h6 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h6>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576511/tragic-accident-in-bangladesh--16-dead-after-bus-plunges-into-padma-river--search-for-missing-persons-continues"><span class="t-red">बांग्लादेश में दर्दनाक हादसा :</span> बस के पद्मा नदी में गिरने से 16 की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576517/strait-of-hormuz-open-for-india----says-iranian-deputy-foreign-minister-araghchi--pakistan-and-other-nations-also-included-in-this-list</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576517/strait-of-hormuz-open-for-india----says-iranian-deputy-foreign-minister-araghchi--pakistan-and-other-nations-also-included-in-this-list</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:31:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का सरकार पर कड़ा : जब चीन हमारी तरफ आ रहा था.., तब कहां थी '56 इंच' की छाती</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि उन्हें लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर बोलने नहीं दिया जा रहा है और सरकार इस बात से डरी हुई है कि यदि पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक की बातें सामने आ जाएंगी तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की असलियत देश को पता चल जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि देश को यह भी पता चलेगा कि जब चीन के सैनिक आगे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569812/rahul-gandhi-s-strong-criticism-of-the-government--when-china-was-advancing-towards-us--where-was-the--56-inch-chest"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/राहुल-गांधी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि उन्हें लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर बोलने नहीं दिया जा रहा है और सरकार इस बात से डरी हुई है कि यदि पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक की बातें सामने आ जाएंगी तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की असलियत देश को पता चल जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि देश को यह भी पता चलेगा कि जब चीन के सैनिक आगे बढ़ रहे थे तो ''56 इंच की छाती'' का क्या हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मेरा कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। यह पूर्व सेना प्रमुख की रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से बातचीत के बारे में है। मोदी जी ने उनसे क्या कहा, राजनाथ जी ने क्या आदेश दिए, इस बारे में बोलना चाहता हूं। पता नहीं क्यों डरे हुए हैं?'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार डरी हुई है कि अगर जनरल नरवणे की किताब में लिखी बातें सामने आ गईं, तो ''नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की असलियत देश को पता चल जाएगी और यह भी पता चल जाएगा कि जब चीन हमारी तरफ आ रहा था- तो '56 इंच' की छाती को क्या हुआ था?'' </p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण के मसौदे के कुछ अंश का हवाला देकर प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया, जिस पर सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला तथा सदन की कार्यवाही बाधित हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष की बातें पूरी तरह से काल्पनिक हैं और वह सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। सदन में गतिरोध बने रहने पर सभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न चार बजकर 10 मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569812/rahul-gandhi-s-strong-criticism-of-the-government--when-china-was-advancing-towards-us--where-was-the--56-inch-chest</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 17:50:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय : नाभिकीय त्रिकोण में हम </title>
                                    <description><![CDATA[<p>ट्रंप ने यह धमाकेदार रहस्योद्घाटन कर सब को चौंकाना चाहा कि पाकिस्तान, चीन, रूस, उत्तर कोरिया गुप्त भूमिगत परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। ट्रंप के अधिकांश बयानों की भांति उनका कथन सुर्खियां तो बटोर ले गया, लेकिन उनके कथ्य पर सत्य और तथ्य की मुहर नहीं लगी। उनके दावे की पुष्टि किसी विश्वसनीय और खुले स्रोत से नहीं हुई।</p>
<p>परमाणु सामग्री-शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी इन गुप्त भूमिगत परीक्षणों के बारे में खामोश है, आरोपी पाकिस्तान ने किसी न्यूक्लियर एक्सप्लोसिव परीक्षण से इनकार किया तो चीन ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558679/editorial--we-in-the-nuclear-triangle"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/sampadkiy2.jpg" alt=""></a><br /><p>ट्रंप ने यह धमाकेदार रहस्योद्घाटन कर सब को चौंकाना चाहा कि पाकिस्तान, चीन, रूस, उत्तर कोरिया गुप्त भूमिगत परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। ट्रंप के अधिकांश बयानों की भांति उनका कथन सुर्खियां तो बटोर ले गया, लेकिन उनके कथ्य पर सत्य और तथ्य की मुहर नहीं लगी। उनके दावे की पुष्टि किसी विश्वसनीय और खुले स्रोत से नहीं हुई।</p>
<p>परमाणु सामग्री-शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी इन गुप्त भूमिगत परीक्षणों के बारे में खामोश है, आरोपी पाकिस्तान ने किसी न्यूक्लियर एक्सप्लोसिव परीक्षण से इनकार किया तो चीन ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन कर दिया, हालांकि जैसे ट्रंप विश्वसनीय नहीं हैं, उसी तरह चीन और पाकिस्तान भी, सो ट्रंप की बात आधारहीन है तो पाकिस्तान और चीन का इनकार भी।</p>
<p>संभव है अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को यह पता हो पर पुष्टिकारक स्रोत के अभाव में वे सार्वजनिक दावा नहीं कर रही। मुमकिन है कि ट्रंप का बयान खुफिया सूत्रों के हवाले से हो। <br />ट्रंप की बात पर इसलिए भी कान तो दिया जा सकता है कि वर्तमान वैश्विक परमाणु हथियार-और-प्रदर्शन परिदृश्य में इसके संकेत मिल रहे हैं, जैसे रूस का पोसीडोन अंडरवाटर न्यूक्लियर ड्रोन परीक्षण। ट्रंप ने कहा है कि यदि दूसरे देश परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका भी पीछे नहीं रहेगा, तो क्या अपने नाभिकीय परीक्षणों के लिए वे इस बयान तथा भभकी की आड़ ले रहे हैं। जो भी हो पारंपरिक युद्ध क्षमताओं के सीमित विकल्पों के बाद परमाणु हथियारों की प्रतिस्पर्धा एवं रणनीतिक निरोध-क्षमता को मजबूत करने, क्षेत्रीय दबदबा बढ़ाने के लिए यदि वास्तव में रूस-चीन-पाकिस्तान गुप्त परीक्षण कर रहे हैं, तो यह स्थिति भारत के लिए चिंतनीय है, क्योंकि वह चीन और पाकिस्तान जैसी परमाणु ताकतों के त्रिकोण में अवस्थित है।</p>
<p>भारत ने 1998 के बाद कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया है,  इस नए परिदृश्य तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हमें बिना पुष्टि के अति प्रतिक्रियात्मक नहीं होना चाहिए। गुप्त परीक्षणों के प्रति सक्रिय मॉनिटरिंग व इंटेलिजेंस के जरिए अपने संज्ञान एवं निगरानी-संस्थान मजबूत करने के साथ अपने रक्षा-रणनीति का पुनराकलन करना होगा। प्रतिद्वंद्वी देश सक्रिय हैं, तो निष्क्रिय बने रहना रणनीतिक कमजोरी होगी। भारत को स्पष्ट करना चाहिए कि वह हथियार के ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति का हामी है, पर तकनीकी रूप से सुरक्षा-आवश्यकतानुसार परमाणु प्रणालियों का परीक्षण तथा पड़ताल अवश्य करेगा। </p>
<p>परीक्षण न हो तो भी मौजूदा हथियार प्रणालियों, कमांड-कंट्रोल संयंत्र इत्यादि को परीक्षण-सक्षम बनाना चाहिए। सीटीबीटी और एनपीटी जैसे समझौतों पर हस्ताक्षर न करने की स्थिति में भारत परमाणु परीक्षणों के लिए किसी की अनुमति का मुखापेक्षी नहीं है। उसे अमेरिका के दबाव में कतई नहीं आना चाहिए। इस बारे में सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखनी चाहिए। मजबूत वैश्विक दबाव में आने के बजाए, भारत सामरिक संवाद एवं निरस्त्रीकरण की स्थापना पर खुद पहल ले। फिलहाल जहां ट्रंप के दावे अपुष्ट हैं, वहीं रणनीतिक रूप से यह संकेत भी हैं कि परमाणु-प्रतिस्पर्धा पुनर्जीवित हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558679/editorial--we-in-the-nuclear-triangle</link>
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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 13:13:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US-China: ट्रंप-चिनफिंग मीटिंग के बाद चीन पर शुल्क में की कटौती, बैठक में कई दुर्लभ खनिजों पर समझौता   </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बुसान। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग के साथ बातचीत के बाद चीनी वस्तुओं के आयात पर शुल्क दरों को घटाकर 47 प्रतिशत करने का फैसला किया है। ट्रंप ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने वार्ता के बाद वर्तमान दर को 57 प्रतिशत से कम करने का निर्णय लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने बैठक से पहले शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने की धमकी दी थी। हालांकि बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557944/us-china--tariffs-on-china-reduced-after-trump-xi-jinping-meeting--agreement-reached-on-several-rare-minerals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(60)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बुसान। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग के साथ बातचीत के बाद चीनी वस्तुओं के आयात पर शुल्क दरों को घटाकर 47 प्रतिशत करने का फैसला किया है। ट्रंप ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने वार्ता के बाद वर्तमान दर को 57 प्रतिशत से कम करने का निर्णय लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने बैठक से पहले शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने की धमकी दी थी। हालांकि बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी के बाद से ट्रंप ने आक्रामक रूप से शुल्क (टैरिफ) लगाए हैं और इसके जवाब में चीन ने दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके मद्देनजर यह बैठक आवश्यक हो गयी थी। दोनों देशों में माना जा रहा है कि कोई भी पक्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का जोखिम नहीं उठाना चाहता क्योंकि इसका असर उनके अपने आर्थिक हितों पर पड़ेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने शी चिनफिंग से हाथ मिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी मुलाकात बहुत सफल होने वाली है, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शी ‘‘बहुत सख्त वार्ताकार’’ हैं। उन्होंने कहा कि वे संभवतः कोई समझौता कर सकते हैं, लेकिन उनके बीच पहले से ही एक ‘‘बेहतरीन समझ’’ है। जब दोनों नेता आमने-सामने बैठे, तो शी ने अपने पूर्व में तैयार वक्तव्य पढ़े, जिनमें उन्होंने मतभेदों के बावजूद एक साथ काम करने की इच्छा पर जोर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने एक अनुवादक के माध्यम से कहा, ‘‘हमारे देशों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए हमेशा हर मुद्दे पर हमारी राय एक जैसी नहीं हो सकती। दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समय-समय पर कुछ मतभेद होना सामान्य बात है।’’ हालांकि, इस अनुवाद में थोड़ा अंतर देखा गया क्योंकि चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि शी ने ट्रंप से कहा कि कुछ मतभेद होना लाजमी है। </p>
<p style="text-align:justify;">चीन ने भी दुर्लभ धातुओं पर निर्यात नियंत्रण में ढील देने और अमेरिका से सोयाबीन खरीदने की इच्छा दिखाई है। बैठक बुसान (दक्षिण कोरिया) में स्थानीय समयानुसार पूर्वाह्न 11 बजकर 13 मिनट पर शुरू हुई। बुसान शहर ग्योंगजू से लगभग 76 किमी दक्षिण में स्थित है जो एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन का मुख्य आयोजन स्थल है। ट्रंप का हेलिकॉप्टर स्थानीय समयानुसार सुबह 10:17 बजे उतरा, जबकि 10 मिनट बाद एयर चाइना का एक विमान भी वहां पहुंचा। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं की बैठक लगभग 100 मिनट चली, जिसके बाद दोनों नेता बाहर आए, थोड़ी देर बातचीत की और हाथ मिलाए। ट्रंप ने शी के कान में कुछ कहा, जिसके बाद शी अपनी लिमोजिन में बैठ गए। थोड़ी देर बाद ट्रंप अमेरिका वापसी के लिए ‘एयर फ़ोर्स वन’ विमान में सवार हो गए। दोनों देशों के अधिकारी इस हफ्ते की शुरुआत में कुआलालंपुर में मिले थे ताकि इस बैठक की रूपरेखा तैयार की जा सके। </p>
<p style="text-align:justify;">बृहस्पतिवार को बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि यह बैठक ‘‘जी2’’ होगी। उनका आशय अमेरिका और चीन की विश्व की सबसे बड़ी दो अर्थव्यवस्थाओं के रूप में पहचान से था। जैसे जी7 और जी20 औद्योगिक देशों के समूह हैं। हालांकि, अन्य वैश्विक शिखर सम्मेलनों की तरह यह बैठक किसी आलीशान जगह पर नहीं बल्कि एक साधारण इमारत में हुई, जो बुसान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक सैन्य अड्डे पर स्थित है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/557878/india-us-deal--i-m-making-a-trade-deal-with-india----trump-speaks-on-the-trade-deal--praises-pm-modi"><span class="t-red">India-US Deal : </span>मैं भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहा हूं....ट्रेड डील पर बोले ट्रंप, पीएम मोदी के गाये गुण    </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557944/us-china--tariffs-on-china-reduced-after-trump-xi-jinping-meeting--agreement-reached-on-several-rare-minerals</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 11:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का टैरिफ बम... अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी चीन  100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह अगले महीने से चीन से आयात पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण भी लगाएगा। </p>
<p>शुक्रवार को एक पूर्व पोस्ट में, उन्होंने इस सप्ताह बीजिंग द्वारा दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात के नियमों को कड़ा करने के कदम पर पलटवार किया और चीन पर "बहुत शत्रुतापूर्ण" होने और दुनिया को "बंदी" बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक बैठक से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555744/trump-s-tariff-bomb----us-president-threatens-to-impose-100-percent-additional-tariff-on-china"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(5)10.png" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह अगले महीने से चीन से आयात पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण भी लगाएगा। </p>
<p>शुक्रवार को एक पूर्व पोस्ट में, उन्होंने इस सप्ताह बीजिंग द्वारा दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात के नियमों को कड़ा करने के कदम पर पलटवार किया और चीन पर "बहुत शत्रुतापूर्ण" होने और दुनिया को "बंदी" बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक बैठक से हटने की धमकी दी। बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने इसे रद्द नहीं किया है, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि "हम इसे रद्द करने वाले हैं"। </p>
<p>उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "मैं हर हाल में वहाँ मौजूद रहूँगा।" ट्रंप की टिप्पणी के बाद वित्तीय बाजारों में गिरावट आई और एसएंडपी 500... 2.7 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जो अप्रैल के बाद से इसकी सबसे बड़ी गिरावट है। </p>
<p>चीन दुर्लभ मृदा और कुछ अन्य प्रमुख सामग्रियों के उत्पादन में अग्रणी है, जो कारों, स्मार्टफ़ोन और कई अन्य वस्तुओं के प्रमुख घटक हैं। पिछली बार जब बीजिंग ने निर्यात नियंत्रण कड़े किए थे - इस साल की शुरुआत में ट्रम्प द्वारा चीनी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाए जाने के बाद - तो इन सामग्रियों पर निर्भर कई अमेरिकी कंपनियों ने इसका विरोध किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555744/trump-s-tariff-bomb----us-president-threatens-to-impose-100-percent-additional-tariff-on-china</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 09:40:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ISSF World Cup: ईशा ने महिला एयर पिस्टल में जीता गोल्ड, खत्म किया भारत का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>निंगबो (चीन)। </strong>ओलंपियन और मौजूदा मिश्रित टीम पिस्टल विश्व चैंपियन ईशा सिंह ने शनिवार को यहां आईएसएसएफ विश्व कप राइफल/पिस्टल में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के पदकों के सूखे को खत्म किया। निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में 20 वर्षीय ईशा ने एक रोमांचक फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी याओ कियानक्सुन को 0.1 अंक से हराया। दक्षिण कोरिया की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन ओह येजिन ने कांस्य पदक जीता।</p>
<p>इस स्पर्धा में यह ईशा का पहला विश्व कप स्वर्ण पदक है और इसने भारत को पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचने में मदद की।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553169/issf-world-cup--isha-won-gold-in-women-s-air-pistol--ended-india-s-wait"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(20)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>निंगबो (चीन)। </strong>ओलंपियन और मौजूदा मिश्रित टीम पिस्टल विश्व चैंपियन ईशा सिंह ने शनिवार को यहां आईएसएसएफ विश्व कप राइफल/पिस्टल में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के पदकों के सूखे को खत्म किया। निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में 20 वर्षीय ईशा ने एक रोमांचक फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी याओ कियानक्सुन को 0.1 अंक से हराया। दक्षिण कोरिया की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन ओह येजिन ने कांस्य पदक जीता।</p>
<p>इस स्पर्धा में यह ईशा का पहला विश्व कप स्वर्ण पदक है और इसने भारत को पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचने में मदद की। भारत के साथ चार और देश एक स्वर्ण पदक के साथ तालिका में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर है। मेजबान चीन दो स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर है। भारत ने इस टूर्नामेंट में हर स्पर्धा में अपने चौथे से छठे क्रम के निशानेबाजों को उतारा है। ईशा ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं क्योंकि यह पहली प्रतियोगिता थी जिससे मैंने शुरुआत की और इसमें विश्व कप का स्वर्ण पदक जीता।’’ </p>
<p>उन्होंने आगे की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ हां, जाहिर है कि इस साल की अगली सबसे बड़ी प्रतियोगिता विश्व चैंपियनशिप है। हम इसके लिए बहुत कड़ा अभ्यास कर रहे हैं और मुझे यकीन है कि आपको काहिरा में भारतीय टीम से बहुत अच्छी चीजे देखने को मिलेंगी।’’ </p>
<p>ईशा और उनकी साथी रिदम सांगवान ने 578 के समान स्कोर के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जिससे उन्हें अंतिम दो उपलब्ध स्थान प्राप्त हुए। याओ ने 584 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि सिर्फ रैंकिंग अंकों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही भारत की पलक गुलिया ने 586 का स्कोर किया। सुरभि राव 568 के स्कोर के साथ 25वें स्थान पर रहीं। आठ निशानेबाजों के फाइनल में रिदम ने अच्छी शुरुआत की और पहली सीरीज के बाद वह शीर्ष जबकि ईशा दूसरे स्थान पर थीं। </p>
<p>एलिमिनेशन के आगे बढ़ने के साथ ही दोनों भारतीय ने धैर्य के साथ अच्छे निशाने साधे। रिदम अपने 15वें निशाने पर 10.8 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर पहुंची लेकिन 18वें निशाने के बाद मुकाबले से बाहर हो गयी। ईशा ने इस बीच अपनी लय बनाए रखी और निर्णायक चरणों में 10.7 के दो शॉट लगाकर याओ पर मामूली बढ़त बनाये रखी। उन्होंने 242.6 के अंतिम स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता जो चीन की निशानेबाज से केवल 0.1 अंक अधिक था। अन्य परिणामों में पुरुषों की 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल में भावेश शेखावत 22वें जबकि प्रदीप सिंह शेखावत 23वें स्थान पर रहे। मनदीप सिंह 39वें स्थान पर रहे। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/553072/ind-vs-pak-asia-cup-2025--harbhajan-singh-s-sensational-statement-before-india-pakistan-match--said--after-operation-sindoor-">IND vs PAK Asia Cup 2025: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले हरभजन सिंह का सनसनीखेज बयान, बोले- ऑपरेशन सिंदूर के बाद...</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553169/issf-world-cup--isha-won-gold-in-women-s-air-pistol--ended-india-s-wait</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 15:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'अमेरिका की ताकत बेमिसाल, इसके बिना पूरी दुनिया अधूरी...', पीएम मोदी के चीन दौरे पर ट्रंप का तंज, टैरिफ पर दिया बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार (2 सितंबर) को उन्होंने कहा कि अमेरिका एक अत्यंत शक्तिशाली देश है और इसके बिना वैश्विक व्यवस्था अधूरी है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के चीन दौरे के बाद ट्रंप ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि भारत अपने उत्पादों को अमेरिकी बाजार में आसानी से भेज रहा था, लेकिन 100 प्रतिशत टैरिफ की वजह से अमेरिका भारत को कुछ भी निर्यात नहीं कर पा रहा था।</p>
<p>व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/552057/-america-s-power-is-unmatched--without-it-the-whole-world-is-incomplete------trump-taunts-pm-modi-on-his-china-visit--gives-a-big-statement-on-tariff"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/डोनाल्ड-ट्रंप8.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार (2 सितंबर) को उन्होंने कहा कि अमेरिका एक अत्यंत शक्तिशाली देश है और इसके बिना वैश्विक व्यवस्था अधूरी है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के चीन दौरे के बाद ट्रंप ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि भारत अपने उत्पादों को अमेरिकी बाजार में आसानी से भेज रहा था, लेकिन 100 प्रतिशत टैरिफ की वजह से अमेरिका भारत को कुछ भी निर्यात नहीं कर पा रहा था।</p>
<p>व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम भारत के साथ ज्यादा व्यापार नहीं कर रहे थे, लेकिन भारत ने हमारे बाजार में अपने सामान भेजकर खूब फायदा उठाया। हम उनसे कोई टैरिफ नहीं वसूल रहे थे, जो एक गलती थी। भारत ने अपने उत्पादों को अमेरिका में बेरोकटोक भेजा, लेकिन हम उनके बाजार में कुछ नहीं भेज पाए, क्योंकि वे हमसे 100 प्रतिशत टैरिफ वसूल रहे थे।"</p>
<h3><strong>अमेरिका के बिना दुनिया का क्या होगा? - ट्रंप</strong></h3>
<p>ट्रंप ने जोर देकर कहा, "अमेरिका के बिना दुनिया का कोई वजूद नहीं होगा। अमेरिका एक विशाल और शक्तिशाली देश है। मैंने अपने शुरुआती वर्षों में इसे और मजबूत किया है। मैंने व्यापार की ताकत से कई वैश्विक युद्धों को रोका है, और इसमें टैरिफ ने अहम भूमिका निभाई है।" उन्होंने भारत सहित कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को उचित ठहराते हुए कहा कि यह कदम अमेरिकी नौकरियों और अर्थव्यवस्था को संरक्षित करने के लिए जरूरी है।</p>
<h3><strong>टैरिफ पर क्यों हो रहा है विवाद?</strong></h3>
<p>अमेरिका ने पहले भारत के सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में और 25 प्रतिशत बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत कर दिया गया। ट्रंप ने भारत से रूस से तेल खरीदना बंद करने की मांग की थी, लेकिन भारत ने अपने रूस के साथ व्यापारिक संबंधों में कोई बदलाव नहीं किया। इसी के चलते ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ थोप दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/552053/september-3--the-body-of-the-then-andhra-pradesh-chief-minister-ysr-reddy--who-died-in-a-helicopter-crash--was-found">तीन सितंबर: हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी का मिला था शव</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/552057/-america-s-power-is-unmatched--without-it-the-whole-world-is-incomplete------trump-taunts-pm-modi-on-his-china-visit--gives-a-big-statement-on-tariff</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/552057/-america-s-power-is-unmatched--without-it-the-whole-world-is-incomplete------trump-taunts-pm-modi-on-his-china-visit--gives-a-big-statement-on-tariff</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 09:14:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SCO सम्मेलन में पीएम मोदी की दहाड़... आतंकवाद को नहीं करेंगे बर्दाश्त, जानें हर अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीन के त्येनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 25वां शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन आज प्लेनरी सत्र का आयोजन हो रहा है, जिसके बाद एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को फिर से रेखांकित करेंगे। जल्द ही पीएम मोदी SCO के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। आइए, जानते हैं कि उनके संबोधन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।</p>
<h3><strong>पीएम मोदी का संबोधन: मुख्य बिंदु</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 34</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551827/pm-modi-roared-in-sco-conference----will-not-tolerate-terrorism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(10).png" alt=""></a><br /><p>चीन के त्येनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 25वां शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन आज प्लेनरी सत्र का आयोजन हो रहा है, जिसके बाद एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को फिर से रेखांकित करेंगे। जल्द ही पीएम मोदी SCO के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। आइए, जानते हैं कि उनके संबोधन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।</p>
<h3><strong>पीएम मोदी का संबोधन: मुख्य बिंदु</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 34 वर्षों में SCO ने यूरेशिया क्षेत्र को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने एक सक्रिय सदस्य के रूप में संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सकारात्मक योगदान दिया है। भारत का SCO के प्रति दृष्टिकोण तीन मुख्य आधारों पर टिका है:  <br />- S (सुरक्षा): क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करना।  <br />- C (कनेक्टिविटी): सदस्य देशों के बीच बेहतर संपर्क और सहयोग।  <br />- O (अवसर): आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नए अवसर।  </p>
<h4><strong>पीएम मोदी किन मुद्दों पर करेंगे जोर?</strong></h4>
<p>यह सम्मेलन भारतीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे से 9:10 बजे तक चलेगा, जिसके बाद संयुक्त घोषणापत्र जारी होगा। इस सत्र में पीएम मोदी आतंकवाद, अलगाववाद, और उग्रवाद के खिलाफ SCO के मूल सिद्धांतों को दोहरा सकते हैं। वे पहलगाम हमले और सीमा-पार आतंकवाद जैसे मुद्दों पर आतंकवाद के समर्थकों को अलग-थलग करने की आवश्यकता पर बल दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और SCO डेवलपमेंट बैंक की स्थापना जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा कर सकते हैं।</p>
<h4><strong>पीएम मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय मुलाकात</strong></h4>
<p>SCO सम्मेलन के दौरान आज पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। यह मुलाकात सुबह 9:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक चलेगी। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, यूक्रेन संकट, और अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। यह बैठक वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि दोनों नेताओं की चर्चा क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।</p>
<h4><strong>यूक्रेन संकट पर चर्चा</strong></h4>
<p>हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम मोदी से फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने तत्काल युद्धविराम की अपील की थी। ऐसे में पुतिन के साथ बैठक में पीएम मोदी यूक्रेन मुद्दे पर कूटनीतिक समाधान और शांति वार्ता शुरू करने की वकालत कर सकते हैं।</p>
<p>इस सम्मेलन के माध्यम से भारत न केवल क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551823/world-athletics-championship--neeraj-chopra-will-lead-india-in-the-world-championship----this-time-india-has-the-most-players-in-javelin-throw">World Athletics Championship: नीरज चोपड़ा करेंगे विश्व चैंपियनशिप में भारत की अगुवाई.... इस बार भाला फेंक में भारत के सबसे अधिक खिलाड़ी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551827/pm-modi-roared-in-sco-conference----will-not-tolerate-terrorism</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 09:57:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Russia vs Ukraine: पीएम मोदी लगा सकते हैं युद्ध पर विराम! जेलेंस्की के साथ फोन पर चर्चा, पुतिन से सोमवार को होगी मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीन के त्येनजिन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन से पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। यह चर्चा रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर थी, जिसमें दोनों नेताओं ने शांति स्थापना के लिए विचार-विमर्श किया।</p>
<h4><strong>जेलेंस्की ने की फोन कॉल की पहल</strong></h4>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्वयं पीएम मोदी को फोन किया। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन में हाल के घटनाक्रमों की जानकारी साझा की। जवाब में, पीएम मोदी ने भारत की ओर से शांति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।</p>
<h4><strong>युद्ध समाप्ति में पीएम मोदी की</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551731/pm-modi-can-put-an-end-to-the-war--discussion-with-zelensky-over-phone--will-meet-putin-on-monday"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit18.png" alt=""></a><br /><p>चीन के त्येनजिन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन से पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। यह चर्चा रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर थी, जिसमें दोनों नेताओं ने शांति स्थापना के लिए विचार-विमर्श किया।</p>
<h4><strong>जेलेंस्की ने की फोन कॉल की पहल</strong></h4>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्वयं पीएम मोदी को फोन किया। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन में हाल के घटनाक्रमों की जानकारी साझा की। जवाब में, पीएम मोदी ने भारत की ओर से शांति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।</p>
<h4><strong>युद्ध समाप्ति में पीएम मोदी की हो सकती है अहम भूमिका</strong></h4>
<p>यह फोन कॉल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि SCO समिट में पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात होने वाली है। जेलेंस्की को उम्मीद है कि पीएम मोदी इस मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा सकते हैं।</p>
<h4><strong>ट्रंप की कोशिशें अब तक नाकाम</strong></h4>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की इच्छा कई बार जताई है और इसके लिए प्रयास भी किए हैं। हालांकि, उनकी कोशिशें अभी तक सफल नहीं हो पाई हैं।</p>
<h4><strong>ट्रंप ने की थी पुतिन और जेलेंस्की से बात</strong></h4>
<p>हाल ही में ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की के साथ अलग-अलग चर्चा की थी। 15 अगस्त को अलास्का के एंकरेज में पुतिन के साथ उनकी मुलाकात हुई, जो 80 वर्षों में किसी रूसी नेता की अलास्का की पहली यात्रा थी। इस दौरान युद्धविराम पर बात हुई, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551730/up-monsoon--heavy-rain-alert-in-26-districts--special-vigilance-in-western-up-and-bundelkhand">UP Monsoon: 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में चेतावनी जारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551731/pm-modi-can-put-an-end-to-the-war--discussion-with-zelensky-over-phone--will-meet-putin-on-monday</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 08:37:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी तेल खरीद मामले में भारत को अभी और झेलने होंगे प्रतिबंध, 50% टैरिफ थोपने के बाद भारत पर क्या है ट्रंप का प्लान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क/ वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत, रूस से तेल खरीद के मामले में चीन के ‘‘बहुत करीब’’ है और उसे 50 प्रतिशत शुल्क देना होगा। साथ ही ट्रंप ने संकेत दिया कि ‘‘अतिरिक्त प्रतिबंध देखने को मिलेंगे।’’ ट्रंप ने बुधवार को ‘ओवल कार्यालय’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय) में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं कि हमने तेल को लेकर भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। वे दूसरे सबसे बड़े खरीदार हैं और रूस से तेल खरीद के मामले में चीन के बहुत करीब हैं।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने रूस से तेल खरीद जारी रखने पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549107/india-will-have-to-face-more-sanctions-in-the-russian-oil-purchase-case--what-is-trump-s-plan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(53).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क/ वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत, रूस से तेल खरीद के मामले में चीन के ‘‘बहुत करीब’’ है और उसे 50 प्रतिशत शुल्क देना होगा। साथ ही ट्रंप ने संकेत दिया कि ‘‘अतिरिक्त प्रतिबंध देखने को मिलेंगे।’’ ट्रंप ने बुधवार को ‘ओवल कार्यालय’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय) में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं कि हमने तेल को लेकर भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। वे दूसरे सबसे बड़े खरीदार हैं और रूस से तेल खरीद के मामले में चीन के बहुत करीब हैं।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने रूस से तेल खरीद जारी रखने पर भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने के शासकीय आदेश पर बुधवार को हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला शुल्क अब बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है, जो कि किसी भी देश पर अमेरिका द्वारा लगाए गए सबसे अधिक शुल्कों में से एक है। ट्रंप प्रशासन ने पिछले सप्ताह ही भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की थी जो सात अगस्त से प्रभावी हो गया है। अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क 21 दिनों बाद यानी 27 अगस्त से प्रभावी होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">‘व्हाइट हाउस’ के एक कार्यक्रम में ट्रंप के साथ एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक, उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक भी मौजूद थे। इस दौरान एप्पल ने घोषणा की कि वह अगले चार वर्षों में अमेरिका में 600 अरब डॉलर का निवेश करेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप से भारत पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क के बारे में कई सवाल पूछे गए। जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर वह यूक्रेन और रूस के साथ कोई समझौता कर लेते हैं, तो क्या वह भारत पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क हटा लेंगे, तो उन्होंने कहा, ‘‘हम बाद में इस पर फैसला करेंगे, लेकिन फिलहाल वे 50 प्रतिशत शुल्क देंगे।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद ट्रंप को बताया गया कि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि चीन जैसे अन्य देश भी रूसी तेल खरीद रहे हैं, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘ठीक है।’’ जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने केवल भारत पर ही अतिरिक्त शुल्क क्यों लगाया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अभी केवल आठ घंटे ही हुए हैं, तो देखते हैं आगे क्या होता है... आपको बहुत कुछ देखने को मिलेगा। आपको अतिरिक्त प्रतिबंध देखने को मिलेंगे।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका ने यह अतिरिक्त शुल्क या दंडात्मक शुल्क केवल भारत पर लगाया है, जबकि चीन और तुर्किये जैसे अन्य खरीदार अब तक ऐसे शुल्कों से बचे हुए हैं। चीन पर 30 प्रतिशत और तुर्किये पर 15 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है, जो भारत के 50 प्रतिशत शुल्क से कम है। भारत पर लगाए गए इन अतिरिक्त दंडात्मक शुल्कों के बारे में पूछे जाने पर और क्या वह चीन पर भी ऐसे ही और शुल्क लगाने की योजना बना रहे हैं, इस पर ट्रंप ने कहा, ‘‘हो सकता है, यह इस पर निर्भर करता है कि हम क्या करते हैं।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">चीन द्वारा रूसी तेल की खरीद पर संभावित शुल्क लगाए जाने के एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘यह हो सकता है, मैं नहीं जानता, अभी मैं कुछ नहीं कह सकता। हमने भारत के साथ ऐसा किया। हम शायद कुछ और देशों के साथ ऐसा कर रहे हैं। उनमें से एक चीन भी हो सकता है।’’ ट्रंप के अतिरिक्त शुल्क लगाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ‘‘अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का विकल्प चुना। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘हमने इन मुद्दों पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि हमारा आयात बाजार कारकों पर आधारित है और भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के समग्र उद्देश्य से किया जाता है।’’ उसने कहा कि अमेरिका ने रूस से तेल आयात को लेकर हाल ही में भारत को निशाना बनाया है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम दोहराते हैं कि ये कार्रवाई अनुचित, अन्यायपूर्ण और अतार्किक है।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि अमेरिका ने हाल के दिनों में रूस से भारत के तेल आयात को निशाना बनाया है। वहीं, शासकीय आदेश में ट्रंप ने कहा था, ‘‘ मुझे लगता है कि भारत सरकार इस समय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूसी संघ से तेल आयात कर रही है। इसलिए, और लागू कानून के मुताबिक अमेरिका के सीमा शुल्क क्षेत्र में आयातित भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त शुल्क दर लागू होगी।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से खरीदता है। भारत 2021 तक आयातित कुल कच्चे तेल का मुश्किल से 0.2 प्रतिशत ही रूस से खरीदता था। लेकिन रूस अब भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। भारत ने जुलाई में प्रतिदिन लगभग 50 लाख बैरल तेल का आयात किया, जिसमें से 16 लाख बैरल रूस से आया। नए शुल्क के बाद, अमेरिका में भारत एवं ब्राजील के उत्पादों पर सबसे अधिक 50 प्रतिशत शुल्क लगेगा। ऐसे में भारत के प्रतिस्पर्धी देश अमेरिकी बाजार में बेहतर स्थिति में होंगे, क्योंकि उनका शुल्क कम है। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका ने म्यांमार पर 40 प्रतिशत, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 35 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 32 प्रतिशत, चीन और श्रीलंका पर 30 प्रतिशत, मलेशिया पर 25 प्रतिशत, फिलीपींस और वियतनाम पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी दल प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर छठे दौर की बातचीत के लिए 25 अगस्त को भारत आने वाला है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/549101/only-8-hours-have-passed---america-imposed-25--additional-tax-on-india--gave-these-indications-after-imposing-baseline-tariff">सिर्फ 8 घंटे हुए ..अमेरिका ने भारत पर लगाया 25% अतिरिक्त टैक्स, बेसलाइन टैरिफ लगाने के बाद दिए ये संकेत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/549107/india-will-have-to-face-more-sanctions-in-the-russian-oil-purchase-case--what-is-trump-s-plan</link>
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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 09:40:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने शुरू किया ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने का कार्य, असम CM हिमंता विश्व शर्मा ने कहा-फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गुवाहाटी।</strong> असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने को लेकर लोगों की चिंताओं दूर करने का प्रयास करते हुए सोमवार को कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि इस नदी के भीतर अधिकांश पानी भूटान और अरुणाचल प्रदेश से आता है। </p>
<p style="text-align:justify;">शर्मा ने यहां एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह शुरू हुए इस विशाल बांध से वास्तव में क्या प्रभाव पड़ेगा, फिलहाल इसकी ठोस जानकारी नहीं है क्योंकि अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546923/china-started-building-a-dam-on-the-brahmaputra-river--assam-cm-himanta-biswa-sharma-said-%E2%80%93-there-is-nothing-to-worry-about-at-the-moment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/untitled-design-(12)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गुवाहाटी।</strong> असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने को लेकर लोगों की चिंताओं दूर करने का प्रयास करते हुए सोमवार को कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि इस नदी के भीतर अधिकांश पानी भूटान और अरुणाचल प्रदेश से आता है। </p>
<p style="text-align:justify;">शर्मा ने यहां एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा कि पिछले सप्ताह शुरू हुए इस विशाल बांध से वास्तव में क्या प्रभाव पड़ेगा, फिलहाल इसकी ठोस जानकारी नहीं है क्योंकि अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले में चीन के संपर्क में रहेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">चीन ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में भारत की सीमा सटे तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर 167.8 अरब डॉलर की लागत से बनने वाले बांध का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू कर दिया। शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं फिलहाल चिंतित नहीं हूं क्योंकि ब्रह्मपुत्र एक विशाल नदी है और यह किसी एक स्रोत (पानी) पर निर्भर नहीं है।’’</p>
<p style="text-align:justify;"> बांध के कारण असम में नदी के निचले क्षेत्र पर संभावित प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यह सकारात्मक रहेगा या नकारात्मक। उन्होंने कहा, ‘‘ब्रह्मपुत्र को अपना अधिकांश पानी भूटान, अरुणाचल प्रदेश और हमारे राज्य से वर्षा जल और अन्य जल स्रोतों से मिलता है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन द्वारा बांध के संबंध में दो वैज्ञानिक दृष्टिकोण सामने आए हैं। उन्होंने कहा, ‘पहला - अगर चीन ब्रह्मपुत्र के प्रवाह को बाधित करता है तो पानी कम हो सकता है और परिणामस्वरूप जैव विविधता प्रभावित होगी। लेकिन एक विपरीत पहलू यह भी है कि अगर कम पानी आएगा तो बाढ़ की आशंका भी कम हो जाएगी। इसलिए, मुझे नहीं पता कि कौन सा (दृष्टिकोण) सही है।’’ शर्मा ने कहा कि इस विषय पर केंद्र बेहतर निर्णय ले सकता है और वही इस पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि वे (केंद्र) पहले से ही चीन के साथ चर्चा कर रहे होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/546917/-ajay--joins-the-indian-navy-fleet--grse-launches-anti-submarine-warship--capable-of-search-and-rescue-operations">भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हुआ 'अजय' : GRSE ने लांच की पनडुब्बी रोधी युद्धपोत, तलाश-बचाव अभियान में सक्षम</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546923/china-started-building-a-dam-on-the-brahmaputra-river--assam-cm-himanta-biswa-sharma-said-%E2%80%93-there-is-nothing-to-worry-about-at-the-moment</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 14:25:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SCO Summit: एस जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर लगाई लताड़, चीन को दी कड़ी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीजिंगः </strong>चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश दिया और चीन को भी सख्त लहजे में आगाह किया। जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा और आतंकियों के खिलाफ कठोर कदम उठाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान को समर्थन देने के लिए चीन को भी चेतावनी दी। भारत के इस दमदार रुख के बाद पाकिस्तान के तेवर ढीले पड़ते दिखे।</p>
<h5><strong>पाकिस्तान की बदली आवाज</strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546304/sco-summit--jaishankar-slams-pakistan-over-terrorism--gives-stern-warning-to-china"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(84).png" alt=""></a><br /><p><strong>बीजिंगः </strong>चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश दिया और चीन को भी सख्त लहजे में आगाह किया। जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा और आतंकियों के खिलाफ कठोर कदम उठाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान को समर्थन देने के लिए चीन को भी चेतावनी दी। भारत के इस दमदार रुख के बाद पाकिस्तान के तेवर ढीले पड़ते दिखे।</p>
<h5><strong>पाकिस्तान की बदली आवाज</strong></h5>
<p>जयशंकर की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के लहजे में नरमी देखी गई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर रिश्ते चाहता है। जयशंकर ने बैठक में सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए पहलगाम हमले का जिक्र किया और दोहराया कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संकल्प जताया।</p>
<h5><strong>‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ठहराया उचित</strong></h5>
<p>जयशंकर ने पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पूरी तरह जायज ठहराया। उनके इस दृढ़ रुख ने पाकिस्तान और चीन को सकते में डाल दिया। जयशंकर ने कहा कि एससीओ को अपने मूल उद्देश्य—आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने—पर अडिग रहना चाहिए। उन्होंने पहलगाम हमले को जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और सामाजिक विभाजन की साजिश के रूप में बताया।</p>
<h5><strong>चीन की बीआरआई पर साधा निशाना</strong></h5>
<p>जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को दोहराते हुए कहा कि भारत नए विचारों और सहयोग के लिए खुला है, लेकिन यह सहयोग आपसी सम्मान, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी चीन की ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) की आलोचना के संदर्भ में देखी जा रही है, जो वैश्विक स्तर पर विवादों में घिरी हुई है।</p>
<h5><strong>जयशंकर के तीखे तेवर से चीन भी हैरान</strong></h5>
<p>जयशंकर के आक्रामक रुख ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी असहज कर दिया। उन्होंने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादियों पर प्रतिबंध के प्रयासों में बाधा डालने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को सहयोग देने के लिए चीन की आलोचना की। जयशंकर ने एससीओ से आतंकवाद के खिलाफ ‘कोई समझौता नहीं’ की नीति अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने वैश्विक अस्थिरता और दीर्घकालिक चुनौतियों से निपटने की जरूरत पर भी जोर दिया।</p>
<h5><strong>भारत का संदेश: दोबारा हमला हुआ तो फिर होगी कार्रवाई</strong></h5>
<p>जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम हमले की निंदा की और इसके दोषियों, प्रायोजकों और वित्तपोषकों को न्याय के कठघरे में लाने की जरूरत बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने ऐसा ही किया और भविष्य में भी ऐसा करता रहेगा। जयशंकर ने कहा, “एससीओ की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने के लिए हुई थी। पहलगाम हमला इसका ताजा उदाहरण है।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/546280/nato-warns-india--china-and-brazil--says--if-you-do-business-with-russia--you-may-face-consequences">NATO की भारत, चीन और ब्राजील को चेतावनी, कहा- रूस के साथ किया व्यापार तो लग सकता है....</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546304/sco-summit--jaishankar-slams-pakistan-over-terrorism--gives-stern-warning-to-china</link>
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                <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 12:03:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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