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                <description>doctor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वाराणसी : एटीएस ने चिकित्सक के आवास पर की छापामारी, टेरर फंडिंग से जुड़े मामले कर रही पूछताछ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने मंगलवार को आदमपुर क्षेत्र स्थित एक चिकित्सक के आवास पर छापेमारी की। प्रारंभिक सूचना के अनुसार जांच एजेंसियां कथित टेरर फंडिंग से जुड़े इनपुट के आधार पर पूछताछ कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र एटीएस को कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलने के बाद वाराणसी एटीएस की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से चिकित्सक के घर पहुंची। कार्रवाई के दौरान आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सूत्रों के अनुसार चिकित्सक परिवार सहित भवन की ऊपरी मंजिल पर निवास करते हैं, जबकि निचली मंजिल पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578762/varanasi--ats-raids-doctor-s-residence--conducting-interrogation-in-case-linked-to-terror-funding"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/एटीएस.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने मंगलवार को आदमपुर क्षेत्र स्थित एक चिकित्सक के आवास पर छापेमारी की। प्रारंभिक सूचना के अनुसार जांच एजेंसियां कथित टेरर फंडिंग से जुड़े इनपुट के आधार पर पूछताछ कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र एटीएस को कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं मिलने के बाद वाराणसी एटीएस की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से चिकित्सक के घर पहुंची। कार्रवाई के दौरान आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सूत्रों के अनुसार चिकित्सक परिवार सहित भवन की ऊपरी मंजिल पर निवास करते हैं, जबकि निचली मंजिल पर नर्सिंग होम संचालित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसियां लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि जांच का केंद्र कुछ संदिग्ध व्हाट्सएप चैट हैं, जिनका संबंध चिकित्सक के पुत्र से जोड़ा जा रहा है। स्थानीय एटीएस, महाराष्ट्र एटीएस तथा खुफिया एजेंसियां परिजनों के मोबाइल फोन और बैंक खातों की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 22:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर अवैध किडनी कांड : पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के रावतपुर क्षेत्र में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने पत्रकारों को बताया कि जांच के दौरान एक विदेशी महिला की किडनी ट्रांसप्लांट और किडनी प्रत्यारोपण के दौरान एक महिला की मृत्यु से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट निकाली जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अमित,अली,रोहित और अफजल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577528/kanpur-illegal-kidney-racket--police-arrest-eight-accused-so-far--search-for-others-continues"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/arest22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के रावतपुर क्षेत्र में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने पत्रकारों को बताया कि जांच के दौरान एक विदेशी महिला की किडनी ट्रांसप्लांट और किडनी प्रत्यारोपण के दौरान एक महिला की मृत्यु से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट निकाली जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अमित,अली,रोहित और अफजल की तलाश की जा रही है। पुलिस की टीमें इस सिलसिले में अलग अलग जिलों में दबिश दे रही है। इस मामले में अहूजा अस्पताल के अलावा "मेडी लाइफ" अस्पताल का नाम भी सामने आया है। पुलिस संबंधित डॉक्टर से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि कानपुर की रावतपुर पुलिस ने पिछली 31 मार्च को अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए डाक्टर दंपति समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था जिसमें पांच डॉक्टर और एक एम्बुलेंस चालक शामिल है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ अस्पतालों में गरीब और मजबूर लोगों की किडनी निकालकर उन्हें ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सूचना पर सीएमओ टीम, डीसीपी वेस्ट की सर्विलांस टीम तथा थाना रावतपुर व कल्याणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन अस्पतालों आहूजा अस्पताल, प्रिया अस्पताल और मिड लाइफ अस्पताल पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कुल चार अस्पताल संचालकों समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें डॉ. सुरजीत सिंह अहूजा (54), उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अहूजा (50), डॉ. राजेश कुमार (44), डॉ. राम प्रकाश (40), डॉ. नरेंद्र सिंह (35) और एम्बुलेंस चालक शिवम अग्रवाल (32) शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां और लगभग 1.75 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में अब तक लगभग 40 से 50 किडनी ट्रांसप्लांट किए जाने की आशंका है जिसमें एक दक्षिण अफ्रीकी नागरिक भी शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">सामान्य तौर पर किडनी ट्रांसप्लांट मरीज का निकट रिश्तेदार ही कर सकता है और इसके लिये भी एक प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी पड़ती है। पुलिस किडनी प्रत्यारोपण में लिप्त पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है, जिससे इसमें संलिप्त अन्य व्यक्तियों एवं संस्थानों की भी पहचान की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 18:22:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलिया में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, आक्रोशित परिजन ने अस्पताल में काटा हंगामा, 5 चिकित्सकों पर मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बलिया। </strong>बलिया स्थित एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस मामले में अस्पताल के पांच चिकित्सकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने महिला के पति शिवांशु राय की शिकायत के हवाले से बताया कि सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव की निवासी उनकी पत्नी अनीषा राय (24) को रविवार दोपहर दो बजे बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया कि ऑपरेशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576153/woman-dies-during-surgery-in-ballia--outraged-relatives-create-ruckus-at-hospital--case-filed-against-5-doctors"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/fir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बलिया। </strong>बलिया स्थित एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजन ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस मामले में अस्पताल के पांच चिकित्सकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने महिला के पति शिवांशु राय की शिकायत के हवाले से बताया कि सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव की निवासी उनकी पत्नी अनीषा राय (24) को रविवार दोपहर दो बजे बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया कि ऑपरेशन के लिए उनसे एक लाख रुपये लिए गए और लेजर विधि से सर्जरी करने की बात कही गई थी, लेकिन पूरे पेट का ऑपरेशन करने के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से अनीषा की मृत्यु हो गई। तहरीर में यह भी आरोप है कि घटना को कथित तौर पर छिपाने के लिए अनीषा को तत्काल लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई। महिला की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा किया। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए तथा अस्पताल को सील करने एवं मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने इस मामले में विधिक कार्रवाई का आश्वासन देकर रविवार देर रात मामले को शांत कराया। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर डॉ. ज्योत्सना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह और डॉ. रोहन गुप्ता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                            <category>बलिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : होली पर्व को लेकर डीएम ने की बैठक, सरकारी हॉस्पिटल के जिम्मेदारों को दिया यह बड़ा निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सभी सरकारी हॉस्पिटल के जिम्मेदारों को निर्देशित किया है कि होली पर्व को देखते हुए सभी हॉस्पिटल में डॉक्टरों एवं स्टाफ रहना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत जेके कैंसर इंस्टीट्यूट और कार्डियोलॉजी विभाग में जन औषधि केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव को बैठक में सर्वसम्मति से संस्तुति प्रदान की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई जिसमें जिलाधिकारी ने समस्त नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573356/kanpur--dm-held-a-meeting-regarding-holi-festival--gave-this-important-instruction-to-the-officials-of-government-hospitals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats207.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सभी सरकारी हॉस्पिटल के जिम्मेदारों को निर्देशित किया है कि होली पर्व को देखते हुए सभी हॉस्पिटल में डॉक्टरों एवं स्टाफ रहना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत जेके कैंसर इंस्टीट्यूट और कार्डियोलॉजी विभाग में जन औषधि केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव को बैठक में सर्वसम्मति से संस्तुति प्रदान की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई जिसमें जिलाधिकारी ने समस्त नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान यदि किसी भी केंद्र पर चिकित्सक या स्टाफ अनुपस्थित मिला तो संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सा अधीक्षकों को भी पूर्ण स्टाफ उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट कहा कि चिकित्सकों को गरीबों की सेवा का अवसर मिला है, इसे जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना चाहिए। यदि किसी भी केंद्र पर चिकित्सक या स्टाफ अनुपस्थित मिला तो संबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सा अधीक्षकों को भी पूर्ण स्टाफ उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">डीएम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा की। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में नगरीय इकाइयों में वैक्सीनेशन उपलब्धि बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरि दत्त नेमी सहित समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे जबकि संबंधित एमओआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 19:58:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमबीबीएस की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले डॉक्टर अभिनव सिंह ने दिया इस्तीफा, ऐसे खुली भेद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>झांसी।</strong> मेडिकल कॉलेज ललितपुर में पिछले तीन सालों से अपने बहनोई के नाम की एमबीबीएस की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाला डॉक्टर मां की मौत का बहाना करते हुए इस्तीफा देकर भाग खड़ा हुआ है। पूरा मामला फोटो बदलकर नौकरी करने को लेकर है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है। पूरा मामला भाई बहन के बीच संपत्ति के विवाद के बाद सामने आया। </p>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल कॉलेज ललितपुर के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने बताया कि अमेरिका में रहने वाली डॉ सोनाली सिंह ने बुधवार को एक प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563229/dr--abhinav-singh--who-was-working-with-a-fake-mbbs-degree--has-resigned--this-is-how-his-deception-was-exposed--send-feed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/डॉक्टर.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>झांसी।</strong> मेडिकल कॉलेज ललितपुर में पिछले तीन सालों से अपने बहनोई के नाम की एमबीबीएस की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाला डॉक्टर मां की मौत का बहाना करते हुए इस्तीफा देकर भाग खड़ा हुआ है। पूरा मामला फोटो बदलकर नौकरी करने को लेकर है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है। पूरा मामला भाई बहन के बीच संपत्ति के विवाद के बाद सामने आया। </p>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल कॉलेज ललितपुर के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने बताया कि अमेरिका में रहने वाली डॉ सोनाली सिंह ने बुधवार को एक प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि तालाबपुरा ललितपुर निवासी उनका भाई अभिनव सिंह कॉलेज में उनके पति राजीव गुप्ता के नाम पर डिग्री लगाकर ह्रदय रोग विशेषज्ञ की नौकरी कर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्ला के अनुसार यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चयनित ‘राजीव गुप्ता’ 2022 में कार्डियोलॉजी में चिकित्सक के रूप में आये थे। सोनाली के प्रार्थना पत्र के बाद ‘डॉ राजीव गुप्ता’ द्वारा अपना दो लाइन का इस्तीफा सौंप दिया कि उनकी माता श्री का देहांत हो गया है और वह इस्तीफा दे रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अभिनव सिंह ने 2013 में आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर घालमेल किया था। इसके अलावा जानकारी मिली है कि वह आईआईटी रुड़की से बीटेक करने के बाद आईआरएस में सिलेक्ट हुआ और फिर वहां से किसी कारणवश भाग कर यहां ललितपुर आ गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और अब तक ‘डॉक्टर’ द्वारा लिए गए वेतन आदि अन्य राशि की वसूली भी की जाएगी। इस संबंध में ‘नेशनल हेल्थ मिशन’ को भी शिकायत की जा रही है। इस घटना की सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला प्रशासन को दे दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी इम्तियाज अहमद ने बताया कि बुधवार को मिली शिकायत के अनुसार पूरा मामला फर्जी फोटो लगाकर नौकरी पाने का स्पष्ट हुआ है। डॉक्टर सोनाली सिंह के अनुसार उनके भाई का नाम अभिनव सिंह है और वह अपनी बहनोई राजीव गुप्ता के नाम की डिग्री लगाकर यहां ‘राजीव’ नाम से नौकरी कर रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल उपरोक्त संविदा चिकित्सक इस्तीफा देकर भागा हुआ हैं। मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है ।जांच उपरांत विधिक कार्रवाई की जाएगी । दूसरी ओर, ऐसी चर्चा है कि भाई-बहन के बीच मध्यप्रदेश के खुरई, सागर इलाके में संपत्ति विवाद को लेकर हुए विवाद के बाद बहन ने यहां शिकायत की । </p>
<p style="text-align:justify;">सोनाली सिंह को यह भी आशंका रही होगी कि भाई के कारण उनके पति की डिग्री भी खतरे में न पड़ जाए। फिलहाल आज बृहस्पतिवार देर शाम तक इस्तीफा देकर भागे हुए डॉक्टर का कुछ पता नहीं चल सका है।इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा भी जांच की जा रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>झांसी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 21:48:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुजुर्गों का लोकेशन बताएंगे कृत्रिम दांत, केजीएमयू के डॉक्टरों ने की तकनीक विकसित </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वीरेन्द्र पांडेय/लखनऊ, अमृत विचार :</strong> किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के प्रोस्थोडॉन्टिक्स, क्राउन और ब्रिज विभाग के चिकित्सकों ने एक नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक के जरिए बुजुर्गों,  विशेष कर डायबिटीज व डिमेंशिया से पीड़ित मरीजों की लोकेशन की जानकारी करना आसान हो जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इस नई तकनीक के निर्माण के लिए विभाग की डॉ. अनुषिका सिंह, डॉ. स्वर्णिम और डॉ. साधना सिंह को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। डॉक्टरों को यह पुरस्कार मुंबई में आयोजित इंडियन प्रोस्थोडॉन्टिकस सोसाइटी के 53वें राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, केजीएमयू के प्रोस्थोडॉन्टिक्स, क्राउन और ब्रिज विभाग विभागाध्यक्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563170/artificial-dentures-will-reveal-the-location-of-elderly-people--kgmu-doctors-have-developed-the-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/850.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वीरेन्द्र पांडेय/लखनऊ, अमृत विचार :</strong> किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के प्रोस्थोडॉन्टिक्स, क्राउन और ब्रिज विभाग के चिकित्सकों ने एक नई तकनीक विकसित की है। इस तकनीक के जरिए बुजुर्गों,  विशेष कर डायबिटीज व डिमेंशिया से पीड़ित मरीजों की लोकेशन की जानकारी करना आसान हो जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इस नई तकनीक के निर्माण के लिए विभाग की डॉ. अनुषिका सिंह, डॉ. स्वर्णिम और डॉ. साधना सिंह को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है। डॉक्टरों को यह पुरस्कार मुंबई में आयोजित इंडियन प्रोस्थोडॉन्टिकस सोसाइटी के 53वें राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, केजीएमयू के प्रोस्थोडॉन्टिक्स, क्राउन और ब्रिज विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. पूरनचंद के नेतृत्व में डॉक्टरों ने यह नवीन तकनीक बनाई है। हालांकि अभी इस तकनीक का पेटेंट नहीं हुआ है, इस वजह से इसका नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">विभाग के प्रमुख डॉ. पूरनचंद ने बताया कि डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्ग मरीज यदि अपने घर का पता भूल जाएं, वह कहीं छूट जाए या फिर रास्ता भटक जाए तो उनको इस तकनीक के जरिए ढूंढना आसान होगा। इतना ही नहीं यदि वह अपना डेंचर रखकर कहीं भूल जाए तो भी उसे आसानी से ढूंढा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> इसी तरह डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए भी या तकनीक काफी कारगर साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक को डेंचर (नकली दांत ऐसे कृत्रिम उपकरण होते हैं जो क्षतिग्रस्त दांतों की जगह लेते हैं) में इस तकनीक को विकसित किया गया है। पेटेंट के लिए भी भेज दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 14:19:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकी सरगना डॉ. अदिल से छात्रों और चिकित्सकों के संपर्कों का लगाएगी पता </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सहारनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के श्रीनगर में सफेदपोश नए आतंकी माड्यूल्स के सरगना और फेमस मेडिकेयर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डा. अदिल मजीद राठर को सहारनपुर लाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके संपर्क में आए चिकित्सकों और छात्रों का पता लगाने का काम करेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">एक उच्चाधिकारी ने आज यह जानकारी दी। सहारनपुर के फेमस अस्पताल के अलावा फरीदाबाद के अल-फला यूनिवर्सिटी के कई चिकित्सक इस नए आतंकी माड्यूल्स में शामिल पाए गए। इस यूनिवर्सिटी के कई छात्र सहारनपुर और इसी मंडल के मुजफ्फरनगर और शामली के रहने वाले हैं। मुजफ्फरनगर के तीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561140/terror-mastermind-dr--adil-will-trace-the-contacts-of-students-and-doctors"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/एटीएस.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सहारनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के श्रीनगर में सफेदपोश नए आतंकी माड्यूल्स के सरगना और फेमस मेडिकेयर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डा. अदिल मजीद राठर को सहारनपुर लाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके संपर्क में आए चिकित्सकों और छात्रों का पता लगाने का काम करेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">एक उच्चाधिकारी ने आज यह जानकारी दी। सहारनपुर के फेमस अस्पताल के अलावा फरीदाबाद के अल-फला यूनिवर्सिटी के कई चिकित्सक इस नए आतंकी माड्यूल्स में शामिल पाए गए। इस यूनिवर्सिटी के कई छात्र सहारनपुर और इसी मंडल के मुजफ्फरनगर और शामली के रहने वाले हैं। मुजफ्फरनगर के तीन कश्मीरी डाक्टरों से स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस अधिकारियों ने गहनता से पूछताछ की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ में जांच एजेंसियां इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही हैं। मुजफ्फरनगर में तीन चिकित्सक कश्मीरी हैं जो वहां प्रेक्टिस करते हैं। सहारनपुर का फेमस मेडिकल कालेज आतंकियों के मुख्य निशाने पर रहा। इस माड्यूल्स का सरगना डा. अदिल मजीद राठर कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी छह नवंबर की रात्रि को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">उसकी गिरफ्तारी श्रीनगर के तेजतर्रार एसएसपी जीवी संदीप चक्रवर्ती द्वारा की गई थी। श्रीनगर की अनंतनाग पुलिस ने तब डाक्टर अदिल को महज आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाने के साधारण से अपराध में गिरफ्तार किया था। तब किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यही डाक्टर नए आतंकी माड्यूल्स का मुख्य सूत्रधार होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता सामने आने के बाद श्रीनगर-अनंतनाग के डीआईजी जावेद इकबाल मट्टू की अगुवाई में आए शीर्ष पुलिस दल ने फेमस होस्पीटल के एमडी डा. मनोज मिश्रा से गहनता से पूछताछ की थी और इसी अस्पताल के उन चिकित्सकों से भी पूछताछ की थी जो डाक्टर अदिल के निकट संपर्कों में थे और अक्टूबर में इस डाक्टर के निकाह में शामिल होने श्रीनगर गए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">डा. मनोज मिश्र के मुताबिक डीआईजी मट्टू ने जब अदिल के करीबी चिकित्सकों के मोबाइलों की जांच की थी तो उसमें उन दहशतगर्द चिकित्सकों के फोटो मिले थे। जिनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई और जिस चिकित्सक ने लालकिला के पास 10 नवंबर की शाम को कार विस्फोट कर 13-14 लोगों की जान ले ली थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे अर्से से आतंकियों की शरण स्थली रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सहारनपुर के एसएसपी आशीष तिवारी संदिग्धों पर गहराई से निगरानी करा रहे हैं। जो हालात सामने हैं उसमें खुफिया एजेंसियां खासकर यूपी एटीएस डा. अदिल से जुड़े सपर्कों तक पहुंचना चाहती हैं। जिससे भविष्य में किसी बड़ी आतंकी वारदात की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>सहारनपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 16:56:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> व्हाइट-कॉलर मॉड्यूल : हरियाणा के मौलवी ने पुलिस से गुहार लगाई, गिरफ्तार डॉक्टरों से मेरा किराया दिलवा दो.... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/श्रीनगर। </strong>श्रीनगर में पुलिस पूछताछ कक्ष का माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के सिलसिले में हिरासत में लिए गए हरियाणा के एक मौलवी का ध्यान गिरफ्तार डॉक्टरों द्वारा बकाया किराए पर केंद्रित है।</p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के मेवात के मौलवी इश्तियाक को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय के बाहर स्थित उनके किराए के आवास से अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम क्लोरेट और सल्फर सहित 2,500 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद हिरासत में लिया था। </p>
<p style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय से गिरफ्तार किए गए ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के एक प्रमुख सदस्य डॉ. मुजम्मिल गनई से पूछताछ के दौरान इश्तियाक का नाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560907/white-collar-module--haryana-cleric-pleads-with-police--%22get-my-rent-paid-from-arrested-doctors---%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/968.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/श्रीनगर। </strong>श्रीनगर में पुलिस पूछताछ कक्ष का माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के सिलसिले में हिरासत में लिए गए हरियाणा के एक मौलवी का ध्यान गिरफ्तार डॉक्टरों द्वारा बकाया किराए पर केंद्रित है।</p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के मेवात के मौलवी इश्तियाक को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय के बाहर स्थित उनके किराए के आवास से अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम क्लोरेट और सल्फर सहित 2,500 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद हिरासत में लिया था। </p>
<p style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय से गिरफ्तार किए गए ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के एक प्रमुख सदस्य डॉ. मुजम्मिल गनई से पूछताछ के दौरान इश्तियाक का नाम सामने आया। गनई की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मौलवी के आवास से विस्फोटक बरामद किए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीनगर पुलिस द्वारा गहन जांच के बाद 10 नवंबर को इस सफेदपोश मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ और तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। मॉडयूल का भंडाफोड़ होने के बाद इनका अन्य साथी डॉ. उमर नबी फरार हो गया। उमर विस्फोटकों से लदी कार चला रहा था, जिसमें लाल किले के बाहर विस्फोट होने से 15 लोग मारे गए।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, मौलवी इश्तियाक ने पूछताछ में एक अलग ही कहानी सुनाई, जिसमें उसने दावा किया कि गनई और उमर ने इस वर्ष की शुरुआत में उससे संपर्क किया था, तथा उसे अपने घर पर ‘‘उर्वरक’’ जैसी कुछ चीजें रखने के लिए कहा था, जिसके एवज में 2500 रुपये मासिक किराया देने का वादा किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">जांचकर्ताओं ने बताया कि इश्तियाक को मौजूदा स्थिति की गंभीरता की कोई चिंता नहीं थी तथा उसकी चिंता गनई और उमर द्वारा पिछले छह महीनों से नहीं चुकाए गए किराये की वसूली को लेकर थी। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले तथा अपने चार बच्चों और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए संघर्ष कर रहे इश्तियाक ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण, श्रीनगर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से कहा कि वे गनई से बकाया किराया वसूल करें, ताकि वह पैसा अपने घर वालों को भेज सके। </p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौलवी इश्तियाक द्वारा जताई गई बकाया किराये की चिंता आतंकवादी साजिशों के बीच उलझे जीवन की विचित्र और दुखद झलक पेश करती है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान गनई ने भी इश्तियाक की बातों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मौलवी इश्तियाक को आगे की कार्रवाई के लिए राज्य जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 16:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली लाल किला विस्फोट : एनआईए ने तीन चिकित्सकों और धार्मिक उपदेशक को लिया हिरासत में </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गुरुवार को तीन चिकित्सकों और एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन लोगों को 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इस विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">विस्फोट के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुजम्मिल गनई, अदील राथर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागे को गिरफ्तार कर लिया था। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इन सभी ने आतंकवादी हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560541/delhi-red-fort-blast--nia-detains-three-doctors-and-a-religious-preacher"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/एनआईए.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गुरुवार को तीन चिकित्सकों और एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन लोगों को 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इस विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">विस्फोट के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुजम्मिल गनई, अदील राथर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागे को गिरफ्तार कर लिया था। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इन सभी ने आतंकवादी हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी हिरासत एनआईए को सौंपे जाने के साथ ही केंद्रीय एजेंसी द्वारा आरोपित लोगों की संख्या छह हो गई है। एनआईए ने 11 नवंबर को आधिकारिक तौर पर इस मामले को अपने हाथों में लिया था। एनआईए पहले ही दो लोगों आमिर राशिद अली और जसीर बिलाल वानी उर्फ ​​दानिश को गिरफ्तार कर चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. उमर-उन-नबी विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था और उसने अली के नाम पर कार कथित तौर पर खरीदी थी। वानी को तब गिरफ्तार किया गया जब यह पता चला कि उमर उसे आत्मघाती हमलावर बनने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि वह इसके लिए तैयार नहीं हुआ, लेकिन उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए सक्रिय सदस्य के तौर पर शामिल होने की सहमति देने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर आरोप है कि वे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सहयोगियों के साथ मिलकर पकड़े गए ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के केंद्र में थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 15:50:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत को दहलाने की नापाक साजिश का भंडाफोड़ : फरीदाबाद में डॉक्टर के घर से 300 किलो RDX, 2 AK47 व भारी गोला-बारूद बरामद...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर/फरीदाबाद। </strong>जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार हुए एक डॉक्टर के खुलासे के बाद पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से लगभग 300 किलोग्राम विस्फोटक बरामद करने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने जब्त पदार्थ को अब तक "विस्फोटक आईईडी बनाने वाली सामग्री" आरडीएक्स (RDX) बताया है। पिछले सप्ताह, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और हरियाणा के फरीदाबाद से दो कश्मीरी डॉक्टरों को गिरफ्तार करके एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार डॉक्टरों में से एक की पहचान आदिल अहमद राठेर के रूप में हुई है। वह दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड का निवासी है। पुलिस ने इससे पहले अनंतनाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559309/a-nefarious-plot-to-terrorize-india-has-been-busted--300-kg-of-rdx--2-ak47s-and-a-large-amount-of-ammunition-recovered-from-a-doctor-s-house-in-faridabad"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/cats196.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर/फरीदाबाद। </strong>जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार हुए एक डॉक्टर के खुलासे के बाद पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से लगभग 300 किलोग्राम विस्फोटक बरामद करने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने जब्त पदार्थ को अब तक "विस्फोटक आईईडी बनाने वाली सामग्री" आरडीएक्स (RDX) बताया है। पिछले सप्ताह, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और हरियाणा के फरीदाबाद से दो कश्मीरी डॉक्टरों को गिरफ्तार करके एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार डॉक्टरों में से एक की पहचान आदिल अहमद राठेर के रूप में हुई है। वह दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड का निवासी है। पुलिस ने इससे पहले अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के एक डॉक्टर के लॉकर से एक राइफल बरामद की थी। पुलिस ने हालांकि फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाहर एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर से पूछताछ के बाद लगभग 300 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की गयी है। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों ने बताया कि पुलिस तीसरे डॉक्टर की भी तलाश कर रही है, जिसके इसी नेटवर्क का हिस्सा होने का शक है और जो फिलहाल फरार है। श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के समर्थन में लगे पोस्टरों की जांच के दौरान इस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुलिस को एक डॉक्टर की पहचान करने में मदद मिली, जिससे पूछताछ के बाद मामले में शामिल एक अन्य चिकित्साकर्मी को गिरफ्तार किया गया। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हथियारों का बड़ा जखीरा मिला</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बरामद सामान में एक असॉल्ट राइफल मिली, जो दिखने में AK-47 जैसी है लेकिन आकार में उससे थोड़ी छोटी है। इसके साथ ही तीन मैगजीन, 84 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, आठ लाइव राउंड और दो खाली कारतूस भी बरामद किए गए। इसके अलावा बड़े और छोटे मिलाकर कुल बारह सूटकेस मिले, जिनमें विस्फोटकों और उपकरणों को छिपाया गया था। टीम को कई वॉकी-टॉकी सेट और अन्य संचार उपकरण भी मिले।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जानिए क्या फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पिछले कुछ दिनों से हरियाणा पुलिस, फरीदाबाद पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त अभियान लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और टीमें एक सक्रिय एंटी-टेरर मॉड्यूल पर काम कर रही थीं। उन्होंने पुष्टि की कि मुख्य आरोपी का नाम डॉ. मुजम्मिल है, जिसे 9-10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि हथियार कहां से आए और कैसे यहां तक पहुंचाए गए, यह फिलहाल जांच का विषय है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अधिक जानकारी साझा करना संभव नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/559300/cm-yogi-s-foreign-mission--roadshows-will-be-held-in-singapore-and-japan--major-preparations-underway-for-uttar-pradesh#gsc.tab=0">CM योगी का विदेश मिशन! सिंगापुर और जापान में होगा रोड शो, यूपी को लेकर चल रही कुछ बड़ी तैयारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/559309/a-nefarious-plot-to-terrorize-india-has-been-busted--300-kg-of-rdx--2-ak47s-and-a-large-amount-of-ammunition-recovered-from-a-doctor-s-house-in-faridabad</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 13:33:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में कमीशनखोर डॉक्टरों की टोह ले रही सरकार, स्वास्थ्य विभाग ने दी है चेतावनी बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार:</strong> राज्य सरकार राज्य के कमीशनखोर सरकारी डॉक्टरों की टोह ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी दी है कि बाहर की दवा लिखने वाले चिन्हित डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं सरकारी अस्पतालों में ऐसे मामले पकड़े गए तो सीएमएस भी जिम्मेदार होंगे। दरअसल, अस्पतालों में दवाओं का टोटा बताकर कमीशन खाने की लालच में तमाम डॉक्टर शासन के मंशानुरुप सरकारी या जेनेरिक दवाएं नहीं लिख रहे हैं। भुक्तभोगी इसकी शिकायत अस्पताल अधीक्षक, सीएमओ या डीजी हेल्थ से कर सकता है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बैठे डॉक्टर कई दफा मरीज को बाहर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559014/the-government-is-investigating-commission-seeking-doctors-in-uttar-pradesh--the-health-department-has-warned-that-action-will-be-taken-against-doctors-prescribing-outside-medicines"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(9)6.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार:</strong> राज्य सरकार राज्य के कमीशनखोर सरकारी डॉक्टरों की टोह ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी दी है कि बाहर की दवा लिखने वाले चिन्हित डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं सरकारी अस्पतालों में ऐसे मामले पकड़े गए तो सीएमएस भी जिम्मेदार होंगे। दरअसल, अस्पतालों में दवाओं का टोटा बताकर कमीशन खाने की लालच में तमाम डॉक्टर शासन के मंशानुरुप सरकारी या जेनेरिक दवाएं नहीं लिख रहे हैं। भुक्तभोगी इसकी शिकायत अस्पताल अधीक्षक, सीएमओ या डीजी हेल्थ से कर सकता है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बैठे डॉक्टर कई दफा मरीज को बाहर की दवाइयां लिख देते हैं, जो काफी महंगी होती हैं और आम जनमानस के बजट के बाहर भी होती हैं। जिला अस्पतालों में भी ज्यादातर ऐसे मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं, जो आर्थिक तौर पर कमजोर होते हैं। ऐसे व्यक्ति को अगर 15 दिन की दवाई ढाई से 3 हजार में खरीदनी पड़ जाए तो यह उस पर भारी पड़ जाता है। इसी हकीकत का फीडबेक लेते हुए शासन ने हिदायत दी है कि अब सरकारी जिला अस्पतालों में चिकित्सक बाहर की महंगी दवाई नहीं लिख सकेंगे। अगर कोई डॉक्टर पर्चे पर बाहर की दवाई लिखता है और इसकी शिकायत मिलती है तो उस पर एक्शन होगा।</span></p>
<p>सरकारी अस्पतालों में उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कार्पोरेशन की ओर से भेजी जाने वाली करीब 200 से अधिक दवाएं उपलब्ध रहती हैं। इसी का संज्ञान लेते हुए शासन की तरफ से यह निर्देश जारी किया गया है कि किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीज को महंगी दवाएं न लिखी जाएं। इसके अलावा अस्पताल के समय ओपीडी कक्ष से गायब रहने वाले डॉक्टर भी चिह्नित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। चेतावनी दी गई है कि 15 नवंबर के बाद शासन स्तर की टीमें अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी।</p>
<p> </p>
<p>शासन की ओर से यह निर्देश दिया गया है जिसे सभी जिला अस्पतालों को अवगत करा दिया गया है। इस स्थिति में कोई भी चिकित्सक बाहर की दवाई न लिखें।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, महानिदेशक स्वास्थ्य</strong></span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">सादी पर्ची पर दवा लिखी मिली तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई होगी। जो दोषी डॉक्टर है, उस पर तो कार्रवाई होगी ही, साथ में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे।</span></p>
<p><strong>- अमित कुमार घोष, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा-स्वास्थ्य)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/559014/the-government-is-investigating-commission-seeking-doctors-in-uttar-pradesh--the-health-department-has-warned-that-action-will-be-taken-against-doctors-prescribing-outside-medicines</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 09:52:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल की आपूर्ति सिर्फ 500 एमजी की, चिकित्सालय डोज बढाकर मरीजों को दिला रहे राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल टेबलेट सिर्फ 500 एमजी डोज की ही आपूर्ति हो रही है। इससे चिकित्सकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अधिक वजन वाले मरीजों को दवा का डोज बढ़ाना पड़ रहा है। कुछ चिकित्सक डेढ़ से दो टेबलेट खाने की सलाह दे रहे हैं।</p>
<p>बलरामपुर अस्पताल, सिविल, लोकबंधु सहित सभी सरकारी अस्पतालों और सीएचसी पीएचसी व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में मरीजों को मुफ्त में दवाएं मुहैया कराई जाती हैं। दवाओं की आपूर्ति उप्र ड्रग मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के जरिये होती है। इसमें बुखार में दी जाने वाली पैरासिटामोल टेबलेट की आपूर्ति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558279/up-news--government-hospitals-only-supply-500-mg-of-paracetamol--hospitals-are-increasing-the-dosage-to-provide-relief-to-patients"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल टेबलेट सिर्फ 500 एमजी डोज की ही आपूर्ति हो रही है। इससे चिकित्सकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अधिक वजन वाले मरीजों को दवा का डोज बढ़ाना पड़ रहा है। कुछ चिकित्सक डेढ़ से दो टेबलेट खाने की सलाह दे रहे हैं।</p>
<p>बलरामपुर अस्पताल, सिविल, लोकबंधु सहित सभी सरकारी अस्पतालों और सीएचसी पीएचसी व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में मरीजों को मुफ्त में दवाएं मुहैया कराई जाती हैं। दवाओं की आपूर्ति उप्र ड्रग मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के जरिये होती है। इसमें बुखार में दी जाने वाली पैरासिटामोल टेबलेट की आपूर्ति महज 500 एमजी को ही हो रही है। ऐसे में या तो मरीज को दो गोली 500 एमजी की या फिर समय कम कर मरीजों को डोज दे दी जाती है।</p>
<h4><strong>ये हैं मानक</strong></h4>
<p>मानक के अनुसार एक वयस्क मरीज के लिए सामान्य खुराक 10–15 एमजी प्रति किलोग्राम शरीर भार के अनुसार दी जाती है। अमूमन चिकित्सक 60 किलोग्राम भार से ऊपर के मरीजों को पैरासिटामोल 650 एमजी लेने की ही सलाह देते हैं। केजीएमयू में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कौसर उस्मान ने बताया दवा की डोज मरीज के भार के अनुसार तय किया जाता है। बुखार के मामले में यदि मरीज को तेज बुखार के साथ शरीर दर्द की समस्या होती है तो 650 एमजी की पैरासिटोमोल लेना ही उपयुक्त है।</p>
<p>हमारे पास जो दवाएं जितने डोज की आपूर्ति के लिए आती हैं। उन्हीं की आपूर्ति की जा रही है। <strong>-उज्जवल कुमार, एमडी, ड्रग मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन</strong></p>
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<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558279/up-news--government-hospitals-only-supply-500-mg-of-paracetamol--hospitals-are-increasing-the-dosage-to-provide-relief-to-patients</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 08:30:44 +0530</pubDate>
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