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                <title>caution - Amrit Vichar</title>
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                <description>caution RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जांच एजेंसियां : सफलता, चुनौतियां और सावधानी </title>
                                    <description><![CDATA[जांच एजेंसियों को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आधुनिक वित्तीय अपराध अब अत्यंत जटिल, बहु-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हो गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583820/investigative-agencies--successes--challenges--and-precautions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats56.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/cats57.jpg" alt="cats" width="158" height="228"></img>
<strong>विवेक शुक्ला, </strong><br /><strong>पूर्व प्रधान सूचना अधिकारी, </strong><br /><strong>यूएई एंबेसी</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ये सच है कि भारत की तेजी से बदलती आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्था में सरकारी जांच एजेंसियां कानून के शासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी संस्थाएं वित्तीय अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी, फ्रॉड और भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर संघर्ष कर रही हैं। इनकी मेहनत, समर्पण और कई बड़ी सफलताओं की सराहना अवश्य की जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इन एजेंसियों को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आधुनिक वित्तीय अपराध अब अत्यंत जटिल, बहु-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हो गए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क अक्सर शेल कंपनियों, क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी बैंकों के माध्यम से चलते हैं, जिनका पता लगाना बेहद कठिन होता है। एजेंसियों के पास संसाधनों की कमी, तकनीकी बुनियाद की सीमाएं और विशाल डेटा की छानबीन का बोझ भी है। इसके अलावा, राजनीतिक दबाव, मीडिया की तीखी नजर और समयबद्ध परिणाम देने की अपेक्षा उन्हें लगातार दबाव में रखती है। इन चुनौतियों के बावजूद उन्हें अपनी कार्रवाइयों में निष्पक्षता, प्रक्रियागत न्याय और सावधानी बनाए रखनी चाहिए। इनका कामकाज कमोबेश निष्पक्ष रहता भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी नीयत के बावजूद, अधूरी जांच के आधार पर जारी की गई प्रेस रिलीज या तीखे सार्वजनिक बयान कभी-कभी निर्दोष संस्थानों, व्यवसायों और शिक्षा केंद्रों की साख को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं। सालों की मेहनत और विश्वास एक रात में धूल-धूसरित हो सकता है। इस संदर्भ में एक कोचिंग संस्थान का मामला उल्लेखनीय है। 1992 में स्थापित यह प्रतिष्ठित संस्थान पिछले 33 वर्षों से लाखों छात्रों को IIT-JEE की तैयारी करा रहा है और देश के कोचिंग उद्योग में अपनी मजबूत पहचान रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीती 26 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें संस्थान पर बड़े पैमाने पर फ्रॉड का आरोप लगाया गया और 206 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का दावा किया गया। ED ने कहा कि संस्थान छात्रों को उचित सेवाएं नहीं दे रहा था और व्यवस्थित तरीके से धन का गबन कर रहा था। इस खबर का प्रभाव तुरंत और विनाशकारी रहा। लाखों छात्रों और अभिभावकों में हड़कंप मच गया। जो संस्थान सफलता और विश्वास का पर्याय माना जाता था, उसकी छवि एक झटके में प्रभावित हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ अधिवक्ता मलक भट्ट ने सही कहा कि सरकार की एजेंसियों को ऐसे बयान जारी करने से पहले पर्याप्त एहतियात बरतनी चाहिए, क्योंकि एक संगठन की साख को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। पीड़ित पक्ष ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। उसका तर्क था कि प्रेस रिलीज मात्र प्रारंभिक विश्लेषण पर आधारित थी और शो-कॉज नोटिस तक जारी नहीं किया गया था, जो प्रक्रिया का उल्लंघन है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय ने सात दिनों में प्रेस रिलीज हटाने का आश्वासन दिया। उच्च न्यायालय ने छह मई को याचिका का निस्तारण कर दिया। इससे पहले 18 मार्च को कोर्ट ने जांच एजेंसी की प्रेस रिलीज में ‘जजमेंटल एस्परसन्स’ पर कड़ी टिप्पणी की थी और 2010 के गृह मंत्रालय के मेमोरेंडम का हवाला दिया, जिसमें जांच एजेंसियों को चल रही जांच के दौरान मीडिया में राय प्रकट करने या जजमेंटल भाषा का उपयोग करने से साफ मना किया गया है। दुर्भाग्य से, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। कई फ्रैंचाइजी पार्टनर पीछे हट गए, बैंक ऋण देने में हिचकिचा रहे थे, निवेशक दूर हो गए और कर्मचारियों का मनोबल गिर गया। सबसे बड़ी क्षति छात्रों और अभिभावकों के विश्वास का टूटना था।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का कोचिंग उद्योग लाखों युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। अभिभावक अपनी पूरी पूंजी और बच्चों का बहुमूल्य समय इन संस्थानों पर लगाते हैं। यदि बिना ठोस सबूतों के ऐसे बयान बार-बार आएंगे, तो पूरे शिक्षा क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जांच एजेंसियों को 2010 के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। प्रेस रिलीज केवल तभी जारी की जानी चाहिए, जब पर्याप्त सबूत जुट जाएं और चार्जशीट दाखिल हो चुकी हो। अधिकारियों के प्रशिक्षण में तथ्यों और राय-आधारित भाषा के बीच स्पष्ट अंतर सिखाया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">न्याय में देरी अन्याय है, यह सत्य है, लेकिन जल्दबाजी में किया गया ‘न्याय’ निर्दोषों की जिंदगी बर्बाद कर सकता है। जांच एजेंसियां पूरी निष्ठा और सख्ती से अपना कर्तव्य निभाएं, लेकिन निष्पक्षता, प्रक्रियागत न्याय और सावधानी को भी सुनिश्चित करें। तभी जनता का इन पर विश्वास बरकरार रहेगा और न्याय सही मायनों में न्याय बन पाएगा। (ये लेखक के निजी विचार हैं।)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 06:35:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : फर्जी आवासीय योजनाओं से सावधान रहें, डूडा ने जारी की चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने कानपुर में आमजन को फर्जी आवासीय योजनाओं और धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी है। परियोजना अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि वर्तमान में डूडा कार्यालय द्वारा किसी भी प्रकार की निःशुल्क आवासीय योजना के लिए आवेदन पत्र वितरित नहीं किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व 'आसरा आवास योजना' एवं 'मा. कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना' के नाम पर लोगों से आवेदन पत्र भरवा रहे हैं तथा फर्जी आवंटन पत्र जारी कर अवैध रूप से धन उगाही कर रहे हैं। यह पूरी तरह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579092/kanpur--beware-of-fraudulent-housing-schemes--duda-issues-warning"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/इनक्लेव-आवासीय-योजना.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने कानपुर में आमजन को फर्जी आवासीय योजनाओं और धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी है। परियोजना अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि वर्तमान में डूडा कार्यालय द्वारा किसी भी प्रकार की निःशुल्क आवासीय योजना के लिए आवेदन पत्र वितरित नहीं किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व 'आसरा आवास योजना' एवं 'मा. कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना' के नाम पर लोगों से आवेदन पत्र भरवा रहे हैं तथा फर्जी आवंटन पत्र जारी कर अवैध रूप से धन उगाही कर रहे हैं। यह पूरी तरह भ्रामक और असत्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">परियोजना अधिकारी ने स्पष्ट किया कि डूडा द्वारा संचालित सभी आवासीय योजनाएं पूर्णतः निःशुल्क होती हैं और इनके लिए किसी प्रकार का आवेदन शुल्क नहीं लिया जाता। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे प्रलोभनों में न आएं और किसी को धनराशि का भुगतान न करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि आवासीय योजनाओं से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 21:21:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Alert on Diwali: पटाखों को लेकर हो जाएं अलर्ट... नहीं तो बढ़ा जाएगी आपकी मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लोहिया संस्थान में कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने दिवाली पर दिल के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉ. भुवन चन्द्र का कहना है कि तेज आवाज के पटाखे से दिल की धड़कड़ बढ़ सकती है। घबराहट हो सकती है। यह स्थिति दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है। तेज आवाज के पटाखे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से बेचैनी बढ़ा सकते हैं।ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड खाने से भी बचें। क्योंकि यह एसिडिटी, कोलेस्ट्रॉल और सूजन बढ़ा सकता है। खाने में फल, हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556677/diwali-alert--be-alert-about-firecrackers----otherwise-your-troubles-will-increase"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(17)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लोहिया संस्थान में कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने दिवाली पर दिल के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉ. भुवन चन्द्र का कहना है कि तेज आवाज के पटाखे से दिल की धड़कड़ बढ़ सकती है। घबराहट हो सकती है। यह स्थिति दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है। तेज आवाज के पटाखे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से बेचैनी बढ़ा सकते हैं।ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड खाने से भी बचें। क्योंकि यह एसिडिटी, कोलेस्ट्रॉल और सूजन बढ़ा सकता है। खाने में फल, हरी सब्जियां और अंकुरित अनाज शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिएं। ताकि शरीर में नमी बनी रहे। निश्चित समय पर सोएं। नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या से बचें।</p>
<h4><strong>गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी</strong></h4>
<p>केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. सुजाता देव ने बताया कि पटाखे के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा रसायनों के संपर्क में आने से गर्भ में पल रहे बच्चे में जन्मजात विकलांगता होने का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक धुएं के संपर्क में रहने से गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है। लोहिया संस्थान में रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पटाखे के धुएं से अस्थमा व सीओपीडी के मरीज बच कर रहें। प्रदूषण से बचने के लिए घर के अंदर रहें। मास्क पहनें। दवाइयों का नियमित सेवन करें।</p>
<h4><strong>पटाखे जलाते समय बरते सावधानी</strong></h4>
<p>केजीएमयू प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि पटाखे जलाते समय सावधानी बरतें। खुली जगह पर पटाखें जलाएं। जूते पहनें। हमेशा पानी की बाल्टी पास रखें। बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें। अधजले पटाखों को दोबारा न छुएं। जलने या आंखों में चोट लगने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और फफोले को फोड़ें नहीं। उन्होंने बताया कि ढीले कपड़े पहनने से बचें। पटाखे से झुलसने पर घाव को साफ पानी में धुलें।</p>
<h4><strong>जलन होने पर आंखें पानी से धोएं</strong></h4>
<p>केजीएमयू नेत्र रोग विभाग के डॉ. अरूण शर्मा ने बताया कि आंखों का ध्यान रखें। पटाखों के धुएं और चिंगारियों से आंखों को बचाएं। अगर जलन हो तो ठंडे पानी से धोएं। आंखें रगड़ें नहीं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। तेज आवाज से बचें। शोरगुल वाले पटाखों से बचें। खासकर यदि आपको माइग्रेन या दिल की समस्या है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/556676/raebareli-news--priest-murdered-with-sharp-weapon-in-temple--wife-injured"><span class="t-red">Raebareli News: </span>मंदिर में पुजारी की धारदार हथियार से हत्या, पत्नी घायल</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 10:54:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस वर्ष शहर में डेंगू की आशंका कम..पर बरतें सावधानी, एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कर लोगों को किया जा रहा  जागरूक </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> राजधानी में इस वर्ष डेंगू की आशंका कम है। अधिकारियों ने इसकी वजह लगातार बारिश होने के कारण जल जमाव न होना बताया है। इससे डेंगू सहित अन्य मच्छरों के पनपने की रफ्तार धीमी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इस वर्ष अभी तक मानसून की सक्रियता के चलते जल जमाव नहीं हो पा रहा है। इससे डेंगू के मरीज कम आ रहें। जिस हिसाब से पिछले वर्ष डेंगू के मरीज आए थे, उस हिसाब से इस वर्ष डेंगू का कहर उतना नहीं रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554127/this-year--the-risk-of-dengue-in-the-city-is-less--but-people-should-be-cautious--people-are-being-made-aware-by-anti-larva-spraying-and-fogging"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/untitled-design19.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> राजधानी में इस वर्ष डेंगू की आशंका कम है। अधिकारियों ने इसकी वजह लगातार बारिश होने के कारण जल जमाव न होना बताया है। इससे डेंगू सहित अन्य मच्छरों के पनपने की रफ्तार धीमी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इस वर्ष अभी तक मानसून की सक्रियता के चलते जल जमाव नहीं हो पा रहा है। इससे डेंगू के मरीज कम आ रहें। जिस हिसाब से पिछले वर्ष डेंगू के मरीज आए थे, उस हिसाब से इस वर्ष डेंगू का कहर उतना नहीं रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर निगम के साथ मिलकर एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने के साथ ही लोगों को भी बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा। उन्होंने बताया कि बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डेंगू की पुष्टि होने पर मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">जिला मलेरिया अधिकारी ऋतु श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी से 22 सितंबर तक डेंगू के 283 मामले आए थे। इस साल यह आंकड़ा 178 है। वहीं, सितंबर महीने में डेंगू के अभी तक 81 केस दर्ज किए गए। पिछले साल डेंगू के कुल 3244 मामले दर्ज किए गए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">जानलेवा है बीमारी, सावधानी ही बचाव</h5>
<p style="text-align:justify;">सीएमओ ने बताया कि हर उम्र के लोगों में होने वाली यह बीमारी जानलेवा होती है। डेंगू संक्रमित मरीज का प्लेटलेट्स काउंट इतना कम हो जाता है कि मौत तक होने की संभावना रहती है। इलाज के साथ सावधानियां बरतने से डेंगू से बचा जा सकता है। उनका कहना है कि लक्षण पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करके तत्काल जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। अपने घर और आसपास मच्छर न पनपने दें।</p>
<h5 style="text-align:justify;">डेंगू का वर्षवार आंकड़ा</h5>
<h5 style="text-align:justify;"> </h5>
<table style="border-collapse:collapse;width:100%;" border="1"><colgroup><col style="width:50%;" /><col style="width:50%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td>वर्ष</td>
<td>मरीज</td>
</tr>
<tr>
<td>2024  </td>
<td>3244</td>
</tr>
<tr>
<td>2023  </td>
<td>1978</td>
</tr>
<tr>
<td>2022</td>
<td> 2749</td>
</tr>
<tr>
<td>2021    </td>
<td>2648</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;">डेंगू के लक्षण</h5>
<p style="text-align:justify;">-थकान।<br />-खुजली ।<br />-तेज सिरदर्द।<br />-जी मिचलाना।<br />-उल्टी करना।<br />-आंखों के पीछे दर्द।<br />- अचानक तेज बुखार आना।<br />-जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द।</p>
<h5 style="text-align:justify;">बचाव के उपाय</h5>
<p style="text-align:justify;">-मच्छरदानी का प्रयोग करें।<br />-मच्छर निरोधक से बचाव करें।<br />- घर के आसपास पानी न ठहरने दें।<br />- मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं।<br />- फुल अस्तीन की शर्ट पहने, पैरों को भी पूरा ढक कर निकले।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/554065/now--if-you-wear-a-caste-sticker-in-up--you-will-have-to-pay-a-fine----the-government-has-changed-the-rules--issued-a-notice-and-instructed-to-remove-it-immediately">UP में अब जाति स्टिकर लगाया तो भरना पड़ेगा जुर्माना...सरकार ने बदला नियम, नोटिस जारी कर तत्काल हटाने के निर्देश</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Health Care</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/554127/this-year--the-risk-of-dengue-in-the-city-is-less--but-people-should-be-cautious--people-are-being-made-aware-by-anti-larva-spraying-and-fogging</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/554127/this-year--the-risk-of-dengue-in-the-city-is-less--but-people-should-be-cautious--people-are-being-made-aware-by-anti-larva-spraying-and-fogging</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 11:37:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बर्ड फ्लू: CARI में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध...रामपुर में वायरस की पुष्टि के बाद सावधानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>रामपुर चिकन और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद ये फैसला लिया गया। अब बरेली में भी केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में बाहर से आने वाले लोगों पर पाबंदी लगाई गई है। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते ये प्रतिबंध लगाया गया है।</p>
<p>दरअसल रामपुर में एवियन इन्फ्लूएंजा एच-5 वायरस की पुष्टि एक दिन पहले हुई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लेते हुए अंडो और चिकन की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इधर केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान बरेली में सावधानी बरतते हुए न</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549742/caution-after-confirmation-of-virus-in-randrampur-on-entry-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/बर्ड-फ्लू.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>रामपुर चिकन और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद ये फैसला लिया गया। अब बरेली में भी केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में बाहर से आने वाले लोगों पर पाबंदी लगाई गई है। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते ये प्रतिबंध लगाया गया है।</p>
<p>दरअसल रामपुर में एवियन इन्फ्लूएंजा एच-5 वायरस की पुष्टि एक दिन पहले हुई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लेते हुए अंडो और चिकन की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इधर केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान बरेली में सावधानी बरतते हुए न सिर्फ अफसरों के वाहन गेट के बाहर खड़े करवाए जा रहे हैं बल्कि किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को फिलहाल पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है। हालांकि अभी तक संक्रमण की पुष्टि बरेली में नहीं हुई है।</p>
<p>केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि हमारे पर किसीी भी परिस्थिति से निपटने के इंतजाम हैं। इसके अलावा संक्रमण से बचने को बाहरी लोगों के  प्रवेश पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि नम स्थानों व पानी भरने वाले स्थानों को कवर किया जा रहा है। वैज्ञानिकों व कर्मचारियों को कुक्कुट फार्म में जाने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। फार्म हाउस में पैदल जाने के निर्देश दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/549742/caution-after-confirmation-of-virus-in-randrampur-on-entry-of</link>
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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 09:07:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: संकर मक्का की देखभाल में बरतें सावधानी, शाम को करें हल्की सिंचाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कासगंज, अमृत विचार:</strong> मंगलवार को कृषि विभाग की टीम ने सोरों और अमांपुर विकास खंड क्षेत्र में खेतों में खड़ी संकर मक्का की फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान मक्का की अधिक पैदावार करने के लिए किसानों को फायदे बताए और पौधा मजबूत करने के लिए उपाय बताए।</p>
<p>जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि इस बार मक्का की फसल अच्छी है। फसलों में कोई रोग नहीं है। कीट मुक्त फसल में अच्छी पैदावार की उम्मीद की संभावना है। उन्होंने मक्का किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि नहर से सिंचित करने वाले किसान मक्का की फसल को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538206/kasganj--be-careful-while-caring-for-hybrid-maize--do-light-irrigation-in-the-evening"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-05-15t124703.198.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कासगंज, अमृत विचार:</strong> मंगलवार को कृषि विभाग की टीम ने सोरों और अमांपुर विकास खंड क्षेत्र में खेतों में खड़ी संकर मक्का की फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान मक्का की अधिक पैदावार करने के लिए किसानों को फायदे बताए और पौधा मजबूत करने के लिए उपाय बताए।</p>
<p>जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि इस बार मक्का की फसल अच्छी है। फसलों में कोई रोग नहीं है। कीट मुक्त फसल में अच्छी पैदावार की उम्मीद की संभावना है। उन्होंने मक्का किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि नहर से सिंचित करने वाले किसान मक्का की फसल को आवश्यकता से अधिक पानी लगा रहे हैं। </p>
<p>फसल में पानी भरा रहने से हानिकारक सिद्ध होगा, क्योंकि लगातार तापमान बढ़ रहा है। किसान शाम के समय मक्का की फसल की हल्की सिंचाई करें। फसल की लगातार देखरेख करते रहें, यदि फसल में कोई रोग कीट विशेषकर मृत गोभ अथवा पत्तियों में छिद्र या पत्ती व मक्के के तने पर महीन भूसे के बुरादे जैसा उत्सर्जित पदार्थ दिखाई दे, तो तत्काल कृषि वैज्ञानिक या कृषि विभाग से संपर्क कर, कीट का उचित प्रबंधन करना सुनिश्चित करें। </p>
<p>उन्होंने किसानों से कहा कि समय से बोई गई संकर मक्का में दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है। अतः ऐसी दशा में खेत में पर्याप्त नमी बनाये रखें। साथ ही तापमान में बढ़ोतरी को देखते हुए फसल में यूरिया उर्वरक का प्रयोग बहुत आवश्यक होने पर ही करें।  </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/538135/rape-of-vendors-of-kasganj-soft-beverages">कासगंज : शीतल पेय पदार्थों के विक्रेताओं के यहां छापामारी</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/538206/kasganj--be-careful-while-caring-for-hybrid-maize--do-light-irrigation-in-the-evening</link>
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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 12:47:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: ई रिक्शा व ऑटो के खिलाफ मंगलवार से चलेगा अभियान, सीएम योगी के निर्देश पर जुटा परिवहन विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश में अनधिकृत ई-रिक्शा व ऑटो के खिलाफ मंगलवार से राज्य व्यापी अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों हुई बैठक में अफसरों को संदेश दिया था कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। कई घटनाओं में ई रिक्शा और ऑटो की संलिप्तता पाई गई है। अभियान चलाकर इस पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए।</p>
<p>इस आदेश के बाद परिवहन आयुक्त ने समस्त पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को पत्र लिखा था। यह अभियान पूरे प्रदेश में मंगलवार से शुरू होगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530841/up--campaign-against-e-rickshaws-and-autos-will-run-from-tuesday--transport-department-gathered-on-the-instructions-of-cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/cats437.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश में अनधिकृत ई-रिक्शा व ऑटो के खिलाफ मंगलवार से राज्य व्यापी अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों हुई बैठक में अफसरों को संदेश दिया था कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। कई घटनाओं में ई रिक्शा और ऑटो की संलिप्तता पाई गई है। अभियान चलाकर इस पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए।</p>
<p>इस आदेश के बाद परिवहन आयुक्त ने समस्त पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को पत्र लिखा था। यह अभियान पूरे प्रदेश में मंगलवार से शुरू होगा। सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंतित मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसी भी गाड़ी की स्टेयरिंग नाबालिगों के हाथों में न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाय। टेंपो, ई-रिक्शा चालकों का वेरीफिकेशन कराया जाए। जनपदों में गठित टास्क फोर्स में परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया जाए। इन सभी निर्देशों के पालन और उचित क्रियान्वयन के लिए यह विशेष अभियान मंगलवार से प्रारंभ किया जा रहा है।</p>
<p>परिवहन विभाग द्वारा अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यालय में अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे प्रतिदिन मुख्यालय से जनपदों की मॉनिटरिंग करेंगे। इस अभियान में मुख्यालय के साथ जनपद स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।</p>
<p>परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाये रखने के लिए विगत दिनों बैठक ली थी। इसमें उन्होंने अनधिकृत रिक्शा व ऑटो के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्देश दिया था। यह अभियान पहली अप्रैल (मंगलवार) से प्रारंभ होकर 30 अप्रैल तक चलेगा।</p>
<p>मुख्यालय स्तर से इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जनपदों में भी संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) को अभियान की सफलता को लेकर निर्देश दिया गया है। हर शुक्रवार को शासन को इसकी रिपोर्ट भी प्रेषित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/530841/up--campaign-against-e-rickshaws-and-autos-will-run-from-tuesday--transport-department-gathered-on-the-instructions-of-cm-yogi</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/530841/up--campaign-against-e-rickshaws-and-autos-will-run-from-tuesday--transport-department-gathered-on-the-instructions-of-cm-yogi</guid>
                <pubDate>Mon, 31 Mar 2025 14:21:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : एएमयू को भविष्य में व्याख्याता पदों के लिए जारी विज्ञापन में सावधानी बरतने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Amrit Vichar, Prayagraj</strong> : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में व्याख्याता पदों के लिए जारी विज्ञापन में शब्दों के चयन को लेकर रजिस्ट्रार को निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में व्याख्याता पदों के लिए विज्ञापन जारी करते समय सावधानी और सटीकता बरतें और यह सुनिश्चित करें कि पात्रता मानदंडों के संबंध में कोई अस्पष्टता ना हो यानी शब्दों का चयन सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए और अस्पष्ट शब्दों जैसे संबंधित/प्रासंगिक/ संबंद्ध विषय के स्थान पर विश्वविद्यालय को योग्यता के बारे में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए, जिससे सभी पात्र उम्मीदवार विज्ञापन में भाग ले सकें।</p>
<p>उक्त निर्देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528085/prayagraj-news-amu-instructions-to-take-precautions-in-advertisement-issued"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/इलाहाबाद-हाईकोर्ट1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Amrit Vichar, Prayagraj</strong> : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में व्याख्याता पदों के लिए जारी विज्ञापन में शब्दों के चयन को लेकर रजिस्ट्रार को निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में व्याख्याता पदों के लिए विज्ञापन जारी करते समय सावधानी और सटीकता बरतें और यह सुनिश्चित करें कि पात्रता मानदंडों के संबंध में कोई अस्पष्टता ना हो यानी शब्दों का चयन सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए और अस्पष्ट शब्दों जैसे संबंधित/प्रासंगिक/ संबंद्ध विषय के स्थान पर विश्वविद्यालय को योग्यता के बारे में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए, जिससे सभी पात्र उम्मीदवार विज्ञापन में भाग ले सकें।</p>
<p>उक्त निर्देश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने आमना खातून और दो अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया। कोर्ट ने याचियों द्वारा मांगी गई राहत के संबंध में कहा कि याचिका के लंबित रहने के दौरान यानी पिछले 5 वर्षों में विज्ञापित पद भरे जा चुके हैं, चूंकि अभ्यार्थियों के चयन को चुनौती नहीं दी गई है, इसलिए वर्तमान याचिका में मांगी गई राहत आधारहीन कही जा सकती है। दरअसल एएमयू में वर्ष 2019 और 2020 में लेक्चर (रसायन विज्ञान) पद पर विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें संबंधित/ प्रासंगिक/संबंद्ध विषय में मास्टर डिग्री वाले उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए। याचियों ने चयन प्रक्रिया में भाग लेने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में वर्तमान याचिका दाखिल की, जिसमें तर्क दिया गया कि विज्ञापन में संबंधित/प्रासंगिक/ संबंद्ध विषय जैसे शब्दों का प्रयोग अस्पष्ट है, इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है कि औद्योगिक रसायन विज्ञान में एमएससी डिग्री धारक उम्मीदवार उक्त पद के लिए योग्य होंगे या नहीं। याचियों की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची औद्योगिक रसायन विज्ञान में एमएससी डिग्री प्राप्त हैं, जो संबंद्ध विषय के रूप में मान्य हो सकती है। अतः वे विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञापित पद के लिए पात्र होंगे।</p>
<p>हालांकि एएमयू ने वर्ष 2019 में एक शुद्धिपत्र प्रकाशित किया था, जिसमें औद्योगिक रसायन विज्ञान में एमएससी को रसायन विज्ञान में एमएससी के बराबर नहीं माना गया और वर्ष 2021 में हुई बैठक में यह निर्धारित किया गया कि औद्योगिक रसायन विज्ञान में एमएससी पॉलिटेक्निक के पदों के लिए एक संबंद्ध विषय हो सकता है, लेकिन मुख्य विषय (रसायन विज्ञान) के लिए इसे संबंद्ध विषय के रूप में मानता नहीं दी जा सकती है। विश्वविद्यालय के उक्त निर्णय को विरोधाभासी तथा मनमाना माना गया, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद सोहराब खान बनाम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और अन्य मामले में माना था कि औद्योगिक रसायन विज्ञान में मास्टर डिग्री रसायन विज्ञान के व्याख्याता पद हेतु उस स्थिति में सीधे उपयुक्त नहीं मानी जा सकती है, जब तक कि विज्ञापन में स्पष्ट रूप से इसे अमान्य न कहा गया हो। सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश और याचियों के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने एएमयू को भविष्य में भर्ती विज्ञापनों को जारी करने में सावधानी बरतने का निर्देश दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/528084/prayagraj-imposed-a-fine-on-railway-for-not-giving-fictional#gsc.tab=0">प्रयागराज : 30 जून को सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को काल्पनिक वेतन वृद्धि न देने पर रेलवे पर लगाया जुर्माना</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 21:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं: मौसम बदलने से श्वांस रोगियों की बढ़ी संख्या, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार। </strong>मौसम का बदलता मिजाज लोगों को बीमार बना रहा है। इस समय श्वांस के मरीज जिला अस्पताल अधिक आ रहे हैं। दिन की गर्मी और रात की ठंडक से जुकाम, बुखार की चपेट में आने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिससे अस्पताल में मरीजों से ओपीडी फुल रहती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तभी बीमारियों से बचा जा सकेगा।</p>
<p>इस समय मौसम बदल रहा है। 24 घंटे में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दिन में तेज धूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526484/badaun--number-of-respiratory-patients-increased-due-to-change-in-weather--doctors-advised-to-be-cautious"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल-(16).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार। </strong>मौसम का बदलता मिजाज लोगों को बीमार बना रहा है। इस समय श्वांस के मरीज जिला अस्पताल अधिक आ रहे हैं। दिन की गर्मी और रात की ठंडक से जुकाम, बुखार की चपेट में आने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिससे अस्पताल में मरीजों से ओपीडी फुल रहती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तभी बीमारियों से बचा जा सकेगा।</p>
<p>इस समय मौसम बदल रहा है। 24 घंटे में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दिन में तेज धूप होने पर लोग हल्के कपड़े पहनते हैं जबकि शाम होते ही ठंडक का अहसास होता है और रात को ठंडक के चलते लिहाफ का सहारा लिया जाता है। इसलिए मौसम के बदलाव के चलते जुकाम और बुखार हो रहा है। विशेष कर श्वांस के रोगियों को कई दिनों से दिक्कत बढ़ रही है। एक सप्ताह में 10 से अधिक श्वांस रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।</p>
<p>शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1187 मरीजों ने पर्चे बनवाए, जिसमें से 400 से अधिक मरीज श्वांस रोग के थे। जबकि अन्य जुकाम और बुखार से पीड़ित थे। बुखार के मरीजों का कहना था कि पहले उन्हें जुकाम हुआ, खांसी के चलते परेशानी हुई उसके बाद बुखार शुरू हो गया। 10 दिन से बुखार की दवा ले रहे हैं, लेकिन लाभ नहीं हो रहा है।</p>
<p>डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि जब तक मौसम का मिजाज बदलता रहेगा तब तक जुकाम बुखार से लोग परेशान रहेंगे। दिन में गर्मी होने के कारण लोग कम कपड़े पहनते हैं जिससे उनके शरीर का तापमान शाम को बदल जाता है और ठंडक के चलते जुकाम होने लगता है उसके बाद बुखार आने लगता है। ऐसे मौसम में श्वांस के मरीजों को बेहद सावधानी के साथ रहना होगा तभी बीमारी से बच सकेंगे।</p>
<p><strong>पुरानी खांसी होने पर बलगम जांच की दी जाती है सलाह</strong><br />जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनेश कुमार ने बताया कि इस मौसम में खांसी से जूझ रहे लोग बलगम की जांच करा रहे हैं। कई लोगों को टीबी के लक्षण सामने आए हैं। पुरानी खांसी होने पर बलगम की जांच कराने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार को 148 लोगों ने बलगम के सैंपल दिए जो जांच को भेजे जाएंगे।</p>
<p><strong>कुंभ मेला ड्यूटी से लौटे डॉ. एसएम कमल ने ओपीडी संभाली</strong><br />12 जनवरी से 28 फरवरी तक कुंभ मेले में ड्यूटी से शुक्रवार को लौटे वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसएम कमल ने ओपीडी संभाल ली और मरीजों को देखा। बोले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतनी होगी तभी बीमारियों से बच पाएंगे। दिन रात बदल रहे मौसम की मार से बच्चों और उम्रदराज लोगों को सावधान रहना होगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/526474/bareilly-gst-raid-on-brick-kilns-across-the-mandal-seized#gsc.tab=0">Bareilly: मंडल भर के ईंट भट्ठों पर जीएसटी छापे, बदायूं में जब्त कीं साढ़े दस लाख ईंटे</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 11:50:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुट्टू का आटा खाने वालों हो जाओ सावधान, FSDA ने दी चेतावनी... बरतें ये सावधानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> महाशिवरात्रि को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने मंगलवार को एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि कुट्टू के आटे का सेवन करते समय सावधानी बरतें।</p>
<p>एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के अनुसार महाशिवरात्रि पर तमाम श्रद्धालु व्रत रखते हैं। फलाहार भोजन में फलों, सूखे मेवा ,दूध के अलावा कूट्टू के आटे का भी सेवन करते हैं। उन्होंने बताया कि बाजार से साबुत कुट्टू खरीदकर उसको पहले गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर सूखा लें, फिर उसे आवश्यकतानुसार पीसकर और आटे को साफ कर स्टील के बर्तन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/524629/be-careful-people-who-eat-buckwheat-flour--fsda-has-issued-a-warning----take-these-precautions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> महाशिवरात्रि को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने मंगलवार को एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि कुट्टू के आटे का सेवन करते समय सावधानी बरतें।</p>
<p>एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के अनुसार महाशिवरात्रि पर तमाम श्रद्धालु व्रत रखते हैं। फलाहार भोजन में फलों, सूखे मेवा ,दूध के अलावा कूट्टू के आटे का भी सेवन करते हैं। उन्होंने बताया कि बाजार से साबुत कुट्टू खरीदकर उसको पहले गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर सूखा लें, फिर उसे आवश्यकतानुसार पीसकर और आटे को साफ कर स्टील के बर्तन में भरकर अच्छी तरह से बंद कर रखें।</p>
<p>इस प्रकार पीसे हुए आटे को 15 से 20 दिन की अवधि तक ही प्रयोग करें। घर पर पूर्व में रखे हुए पुराने कुट्टू के आटे का सेवन न करें, यह सेहत के लिए घातक हो सकता है। गत वर्ष नवरात्र पर कुट्टू के आटे के सेवन से कई लोगों की हालत बिगड़ गई थी। एफएसडीए ने शहर की तमाम दुकानों से कुट्टू के आटे का सैंपल लिए थे। इस वर्ष ऐसा न हो, इसलिए विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.amritvichar.com/article/524623/bareilly--neck-of-a-girl-riding-a-scooty-cut-by-a-manjha--string-of-thread---fingers-of-the-mother-trying-to-save-her-daughter-also-cut#gsc.tab=0"> <span style="color:rgb(224,62,45);">बरेली: स्कूटी सवार छात्रा की मांझे से कटी गर्दन, बेटी को बचा रही मां की भी कटी उंगलियां</span></a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/524629/be-careful-people-who-eat-buckwheat-flour--fsda-has-issued-a-warning----take-these-precautions</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 11:26:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान : लखनऊ व उसके पड़ोसी जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश, गिरेंगे ओले...ठंडक बढ़ने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और पंजाब में बने चक्रवाती परिसंचरण के असर से यूपी में मौसम ने करवट बदला है,जिससे शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के विभिन्न हिस्सों में बारिश हुई।बारिश से पश्चिमी यूपी में तीन से चार डिग्री सेल्सियस दिन का पारा गिरा। शनिवार को राजधानी लखनऊ समेत पूरे यूपी में बारिश के संकेत हैं।</p>
<p>मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को नोएडा,गाजियाबाद,सहारनपुर,मेरठ आदि में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश हुई।बारिश से पश्चिमी यूपी में अधिकतर जगहों पर दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया।पहाड़ों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/513515/be-careful-there-will-be-rain-with-thunder-and-lightning"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/बारिश-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और पंजाब में बने चक्रवाती परिसंचरण के असर से यूपी में मौसम ने करवट बदला है,जिससे शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के विभिन्न हिस्सों में बारिश हुई।बारिश से पश्चिमी यूपी में तीन से चार डिग्री सेल्सियस दिन का पारा गिरा। शनिवार को राजधानी लखनऊ समेत पूरे यूपी में बारिश के संकेत हैं।</p>
<p>मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को नोएडा,गाजियाबाद,सहारनपुर,मेरठ आदि में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश हुई।बारिश से पश्चिमी यूपी में अधिकतर जगहों पर दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ गया।पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की वजह से उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में शीतलहर चलने की भी आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ  वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पहले अरब सागर और फिर बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के मिलने से पश्चिमी यूपी से शुरू होकर शनिवार को राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं।पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में बारिश और तेज हवा के साथ ओले गिरने के भी आसार हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/513513/bahraich-news-bullies-attacked-family-for-refusing-to-give-matchsticks#gsc.tab=0">Bahraich News : माचिस देने से इंकार करने पर दबंगों ने परिवार पर किया हमला</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/513515/be-careful-there-will-be-rain-with-thunder-and-lightning</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Dec 2024 21:58:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान!  हल्द्वानी में टाइप ए स्वाइन फ्लू, एक और संदिग्ध रोगी की हुई जांच</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> हल्द्वानी में टाइप वन स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए हैं। इसका उपचार सर्दी, खांसी, बुखार की तरह ही होता है। अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध रोगी भर्ती है। एक महिला रोगी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। </p>
<p>स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 30 सितंबर को वन विभाग के 38 कर्मचारी 14 सितंबर को उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि के दौरे पर गए थे। वापस आने पर उनमें सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण पाए। इनमें पांच लोग एसटीएच में मेडिसन विभाग की ओपीडी में पहुंचे। स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर इन सभी को आइसोलेशन वार्ड में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/498053/caution-another-suspected-type-a-swine-flu-patient-examined-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/swine-flu-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> हल्द्वानी में टाइप वन स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए हैं। इसका उपचार सर्दी, खांसी, बुखार की तरह ही होता है। अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध रोगी भर्ती है। एक महिला रोगी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। </p>
<p>स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 30 सितंबर को वन विभाग के 38 कर्मचारी 14 सितंबर को उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि के दौरे पर गए थे। वापस आने पर उनमें सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण पाए। इनमें पांच लोग एसटीएच में मेडिसन विभाग की ओपीडी में पहुंचे। स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर इन सभी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया।</p>
<p>स्वाब सैंपल जांच में चार रोगी स्वाइन फ्लू टाइप ए पॉजिटिव पाए गए। सभी रोगी ठीक होकर घर चले गए। वन विभाग के एक अन्य कर्मचारी को स्वाइन फ्लू के लक्षण पर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। इसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यह कर्मचारी भी प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्य में गया था।</p>
<p>इसके अलावा हल्द्वानी निवासी एक महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए थे उसे भी एसटीएच में आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया। गुरुवार की शाम को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के अभी तक कुल चार पॉजिटिव, दो निगेटिव और एक संदिग्ध रोगी की पहचान हुई है।</p>
<p>मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू टाइप वन सामान्य सर्दी और खांसी ही होता है। इसमें सात दिन आइसोलेट रहना पड़ता है। रोगी को दवा की भी जरूरत नहीं पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। तीन अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग की स्वाइन फ्लू से प्रभावित लोगों के कार्यालय का दौरा कर चुकी है। कहा कि सर्दी, खांसी और जुकाम होने पर अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएं।</p>
<p>हल्द्वानी स्थित पशु चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. आरके पाठक ने बताया कि स्वाइन फ्लू रोगियों की जानकारी विभाग को मिली है। सभी रोगी बाहर के हैं फिर भी विभाग में अलर्ट किया गया है कि यदि कहीं कोई लक्षण दिखें तो इसकी जानकारी दें। <br /><br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>मामले को क्यों दबाया, कोई जबाव नहीं</strong></span><br />करीब 15 दिन से हल्द्वानी में स्वाइन फ्लू रोगियों का सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग मामले को दबाता रहा। बुधवार को जब मामला खुला तब स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि वह अलर्ट मोड पर है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश और हरियाणा के दौरे पर गए वन कर्मियों के अलावा हल्द्वानी निवासी एक महिला में भी स्वाइन फ्लू पाया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने यह बात बाहर नहीं आने दी। विभाग बहुत ही गोपनीय तरीके से मामले को दबाता रहा। न तो अस्पतालों में स्वाइन फ्लू को लेकर कोइ गाइडलाइन दिखी और न ही कहीं कोई अलर्ट नजर आया। जब स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से इस बारे में पूछा तो उनसे कोई जबाव नहीं देते बना।<br /><br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>कोरोना के बाद स्वाइन फ्लू भी वनकर्मियों से पहुंचा</strong></span><br />हल्द्वानी। मार्च 2020 में उत्तराखंड में जब कोरोना का पहला मामला आया था तब भी वनकर्मी बाहर से कोरोना की चपेट में आकर उत्तराखंड पहुंचे थे। उत्तराखंड में कोरोना का पहला मामला मिलने के बाद काफी दिनों तक कोरोना को लेकर राहत रही थी। इस बार भी बाहरी राज्यों के दौरे पर गए वनकर्मी स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर वापस आए हैं। <br /><br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>हल्द्वानी में डेंगू के चार रोगी मिले</strong></span><br /> स्वाइन फ्लू के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को डेंगू ने भी परेशान कर रखा है। हल्द्वानी में गुरुवार को एक ही दिन में डेंगू के चार रोगी मिले हैं। अक्टूबर में डेंगू के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में डेंगू का एक संदिग्ध  रोगी भर्ती हुआ था। रोगी बुखार की शिकायत पर अस्पताल आया था। जांच की तो पता चला कि रोगी डेंगू पॉजिटिव है। पीएमएस डॉ. केके पांडे के अनुसार रोगी की स्थिति में अब सुधार है। इधर अन्य अस्पतालों की ओपीडी में आए डेंगू के संदिग्ध रोगियों की जांच की गई तो उनमें भी चार रोगी डेंगू पॉजिटिव निकले हैं। हल्द्वानी में एक ही दिन में चार डेंगू रोगी मिलने से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल अभी तक 47 डेंगू इलाइजा पॉजिटिव रोगी नैनीताल जिले में मिले हैं। इनमें 33 रोगी बाहरी जिलों के हैं और 14 रोगी जनपद नैनीताल के हैं।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/498046/haldwani-upper-caste-people-blocked-the-road-and-the-family#gsc.tab=0">हल्द्वानी: ऊंची जाति वालों ने बंद किया रास्ता, परिवार जान देने पर आमादा</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 17:23:10 +0530</pubDate>
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