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                <title>BSA Lucknow - Amrit Vichar</title>
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                <description>BSA Lucknow RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>6 साल से अनुपस्थित रहने पर सहायक अध्यापिका बर्खास्त, नोटिस का भी नहीं दे रही थी जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>काकोरी ब्लॉक के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका को 6 साल तक अनुपस्थित रहने और नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। काकोरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय गुरदीनखेड़ा में तैनात शिक्षिका रेनू सिंह चौधरी पिछले 6 साल से लगातार अनुपस्थित थी। </p>
<p>इस पर शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से जांच कराई तो पता चला कि शिक्षिका बिना किसी सूचना के 1 जुलाई 2018 से लगातार विद्यालय नहीं आ रही है। इस संबंध में कोई सूचना विभाग में नहीं दी गई थी। इसके बाद शिक्षिका को सेवा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/488837/assistant-teacher-dismissed-for-being-absent-for-6-years--was-not-even-responding-to-the-notice"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/बर्खास्त1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>काकोरी ब्लॉक के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका को 6 साल तक अनुपस्थित रहने और नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। काकोरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय गुरदीनखेड़ा में तैनात शिक्षिका रेनू सिंह चौधरी पिछले 6 साल से लगातार अनुपस्थित थी। </p>
<p>इस पर शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से जांच कराई तो पता चला कि शिक्षिका बिना किसी सूचना के 1 जुलाई 2018 से लगातार विद्यालय नहीं आ रही है। इस संबंध में कोई सूचना विभाग में नहीं दी गई थी। इसके बाद शिक्षिका को सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई। कई बार बीएसए की ओर से भी नोटिस दिया गया। शिक्षिका ने एक बार जवाब में अनुपस्थिति का कारण बीमारी बताया तो बीएसए ने साक्ष्य के तौर पर मेडिकल पेपर मांगे। </p>
<p>कई मौके दिए जाने के बाद भी जब शिक्षिका ने मेडिकल पेपर नहीं दिए तो उसे बर्खास्त कर दिया गया। बीएसए ने इस मामले में आरोपी अध्यापिका का पक्ष लेते हुए एक कथित मीडिया कर्मी पर धमकाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, बीएसए की ओर से इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।</p>
<p><em>जांच में पाया गया कि शिक्षिका 6 साल से अनुपस्थित थी। कई बार नोटिस जारी किया गया, जवाब में सिर्फ बीमारी का कारण बताया गया लेकिन एक भी मेडिकल पेपर साक्ष्य के तौर पर नहीं दिया गया। जिसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है...,<strong>राम प्रवेश, बीएसए, लखनऊ।</strong></em></p>
<p><em><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/488824/opposition-enraged-over-up-government-s-new-social-media-policy--akhilesh-takes-a-dig-in-a-poetic-manner#gsc.tab=0">हम बांट रहे हैं दाने, गाओ हमारे गाने..., UP सरकार की नई Social Media नीति पर भड़का विपक्ष, अखिलेश ने शायराना अंदाज में कसा तंज</a></strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 10:41:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों को मिली बड़ी राहत, ऑनलाइन उपस्थिति में हुआ बदलाव, जानिए अब कैसे होगा कार्य, महानिदेशक का आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रविशंकर गुप्ता/ अमृत विचार लखनऊ।</strong> बेसिक शिक्षा परिषद के 1.33 लाख सरकारी स्कूलो में तैनात 6 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है। शिक्षा महानिदेशक ने बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति में राहत प्रदान की है। शिक्षा महानिदेशक ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि शिक्षक ही विद्यालयों को निपुण बना सकते हैं। शिक्षकों को आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गये हैं। ऐसे में शिक्षक अब टैबलेट के माध्यम से विद्यालय समय अवधि में किसी भी समय हाजिरी लगा सकेंगे। </p>
<p>अमृत विचार से बातचीत में शिक्षा महानिदशेक ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/479796/big-relief-to-teachers-change-in-online-attendance-know-how"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/कंचन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रविशंकर गुप्ता/ अमृत विचार लखनऊ।</strong> बेसिक शिक्षा परिषद के 1.33 लाख सरकारी स्कूलो में तैनात 6 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है। शिक्षा महानिदेशक ने बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति में राहत प्रदान की है। शिक्षा महानिदेशक ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि शिक्षक ही विद्यालयों को निपुण बना सकते हैं। शिक्षकों को आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गये हैं। ऐसे में शिक्षक अब टैबलेट के माध्यम से विद्यालय समय अवधि में किसी भी समय हाजिरी लगा सकेंगे। </p>
<p>अमृत विचार से बातचीत में शिक्षा महानिदशेक ने कहा कि समीक्षा में यह पाया गया है कि विद्यालयों में डिजिटाइज रजिस्टर के माध्यम से उपस्थिति भरने की प्रक्रिया वर्तमान में प्रातः 8:30 बजे तक ही अनुमन्य है। डिजिटाइज़ रजिस्टर के माध्यम से उपस्थिति भरने की प्रक्रिया ऐप द्वारा प्रातः 8:30 बजे के बाद सम्पादित नहीं की जाती है, जिससे प्रातः 8:30 बजे के बाद जिन विद्यालयों में समस्या संज्ञानित होती है उसका तकनीकी टीम द्वारा निदान संभव नहीं हो पा रहा है।</p>
<p>डीजी ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि अब यह निर्धारित हुआ है कि प्रक्रिया के स्थापित होने तक विद्यालय की पूर्ण अवधि में किसी भी समय डिजिटाइज रजिस्टर ऐप का प्रयोग किया जा सकेगा, जिससे कि विद्यालय अवधि में विद्या समीक्षा केन्द्र तथा विभागीय व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से राज्य स्तर तक संज्ञानित कराये गये प्रकरणों का निवारण विद्यालय कार्य अवधि में किया जा सकेगा।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/lyofcZJ4ipI" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<h6><strong>डीजी ने सभी अधिकारियों साथ कल की थी समीक्षा </strong></h6>
<p>पंजिकाओं के डिजिटाइजेशन के संबंध में जारी शासनादेश के क्रम में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की अध्यक्षता में सभी एडी बेसिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) एवं जिला समन्वयक (एम०आई०एस०) के साथ समीक्षा बैठक कल की गई थी। समीक्षा बैठक के उपरान्त सभी एडी बेसिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) एवं जिला समन्वयक (एमआईएस) के साथ ऑनलाइन माध्यम से 12 डिजिटल पंजिकाओं के संबंध में विस्तृत अभिमुखीकरण किया गया तथा सभी 12 डिजिटल पंजिकाओं को लागू किये जाने के संबंध में सर्वसंबंधित को कार्रवाई निर्देशित की गई थी। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:<span style="color:rgb(224,62,45);">- <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/479667/education-department-team-has-entered-the-field-for-digital-attendance">1.33 लाख सरकारी स्कूलों में आज से डिजिटल हाजिरी के लिए मैदान में उतरी शिक्षा विभाग की टीम, जानिए क्या हैं इसके फायदें</a></span></strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/477256/these-government-teachers-of-lucknow-made-the-school-efficient-with#gsc.tab=0">लखनऊ की इन सरकारी शिक्षिकाओं ने अपने प्रयास से विद्यालय को बना दिया निपुण, मुख्यमंत्री ने मंच पर किया सम्मानित</a></span></strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/474717/pm-shree-schools-will-be-a-boon-for-poor-children#gsc.tab=0">गरीब बच्चों के लिए वरदान होंगे पीएमश्री स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लखनऊ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा, ये होंगी सुविधायें</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/479796/big-relief-to-teachers-change-in-online-attendance-know-how</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 19:21:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी के सरकारी स्कूलों में पहली बार सुधार के लिए योगी सरकार लाई नई योजना, अब इस व्यवस्था से सुधरेगी शैक्षिक गुणवत्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong> बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने लिए प्रदेश सरकार ने चैंपियन पुरस्कार योजना की नई पहल की है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके इसलिए सरकार ने इस योजना को शैक्षिक सत्र 2024-25 से ही लागू कर दियाहै। इस योजना के तहत जो विद्यालय 100 प्रतिशत निपुण हो जायेगा उसके प्रधानाध्यापक को पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया और शिक्षा महानिदेश को निर्देशित किया इसे तत्काल प्रभाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478638/yogi-government-brought-a-new-scheme-for-the-first-improvement"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/yogi.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong> बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने लिए प्रदेश सरकार ने चैंपियन पुरस्कार योजना की नई पहल की है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके इसलिए सरकार ने इस योजना को शैक्षिक सत्र 2024-25 से ही लागू कर दियाहै। इस योजना के तहत जो विद्यालय 100 प्रतिशत निपुण हो जायेगा उसके प्रधानाध्यापक को पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया और शिक्षा महानिदेश को निर्देशित किया इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये। आदेश में कहा गया कि कि शैक्षिक सत्र 2024-25, 2025-26 व 2026-27 में निपुण भारत मिशन के तहत तय मानकों के आधार पर निपुण चैंपियन पुरस्कार दिए जाएंगे।</p><h6><strong>सर्वश्रेष्ठ प्रधानाध्यापकों को मिलेगा सम्मान</strong></h6><p>निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालय (कक्षा एक से पांच) को निपुण विद्यालय, प्रधानाध्यापक को निपुण चैंपियन हेड मास्टर ऑफ द डिस्ट्रक्ट घोषित किया जाएगा। निर्धारित मानकों के क्रम में सर्वश्रेष्ठ 400 चयनित प्रधानाध्यापकों को निपुण चैंपियन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।</p><h6><strong>इस मद में हो सकेगा धनराशि का प्रयोग</strong></h6><p>निपुण विद्यालय को पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली 25 हजार रुपये की धनराशि का उपयोग प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय स्तर पर खेलकूद सामग्री अथवा नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा। निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को विभिन्न अवसरों जैसे राज्य, जिला व ब्लॉक स्तर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।</p><h6><strong>ये है उद्देश्य</strong></h6><ul><li>- अध्यापकों का मनोबल बढ़ेगा शिक्षा बेहतर होगी</li><li>- शिक्षक-विद्यार्थी आत्मीय संबंध के उत्कृष्ट रूप का प्रदर्शन दिखेगा</li><li>- शैक्षणिक गतिविधियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना एवं गुणवत्ता आयेगी।</li><li>- विद्यालयों के विकास को रफ्तार मिलेगी।</li><li>-पियर लर्निंग के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन होगा।</li><li>- नवाचारी टीचिंग लर्निंग मैटिरियल एवं उत्कृष्ट शैक्षिक प्रथाओं का बेहतर प्रयोग होगा।</li></ul><p><strong><em>कोट........</em></strong></p><p>विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नवाचार भी किए जा रहे हैं। इस योजना से विद्यालयों निश्चित तौर पर बदलाव देखने को मिलेंगे।<br /><strong>डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम प्रमुख सचिव बेसिक</strong></p><p><strong>ये भी पढ़े:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/478242/big-relief-to-the-students-of-up-board-session-2024-25">UP Board Session 2024-25: के छात्रों को मिली बड़ी राहत, नये सचिव भगवती सिंह ने कहा निजी स्कूल नहीं वसूल सकते मनमाना शुल्क </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/478638/yogi-government-brought-a-new-scheme-for-the-first-improvement</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 12:17:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना मान्यता वाले स्कूलों पर दर्ज होगी एफआईआर, लखनऊ बीएसए ने जारी किया आदेश, बीईओ की तय हुई जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ।  </strong>राजधानी के किसी भी ब्लाक में बिना मान्यता के निजी विद्यालय चलता पाया जायेगा तो एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। बीएसए ने कहा कि ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई में लापरवाही न की जाये।  <br />शुक्रवार को सभी ब्लाकों के विद्यालयों के प्रगति की समीक्षा करते हुए बीएसए ने सभी बीईओ से ये भी जाना कि कितने विद्यालयों को सिम का वितरण किया जा चुका है? बीईओ ने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में सिम वितरण कर दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/475287/fir-will-be-registered-against-unrecognized-schools-lucknow-bsa-issued"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/uii.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ।  </strong>राजधानी के किसी भी ब्लाक में बिना मान्यता के निजी विद्यालय चलता पाया जायेगा तो एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। बीएसए ने कहा कि ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई में लापरवाही न की जाये।  <br />शुक्रवार को सभी ब्लाकों के विद्यालयों के प्रगति की समीक्षा करते हुए बीएसए ने सभी बीईओ से ये भी जाना कि कितने विद्यालयों को सिम का वितरण किया जा चुका है? बीईओ ने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में सिम वितरण कर दिया गया है जहां अभी तक सिम नहीं पहुंचे हैं वहां विद्यालय खुलते ही देने के लिए आदेश दिया गया है।</p>
<h6><strong>कक्षा 1 व 2 किताबों के साथ पहुंचेगी वर्कबुक</strong></h6>
<p>इस बार कक्षा एक और दो किताबों के साथ ही विद्यालयों में वर्कबुक वितरित की जायेगी। ये वर्कबुक एनसीईआरटी के अनुसार होगी। इस संबंध में बीएसए ने बीईओ को निर्देश दिए है कि किसी भी विद्यालय में किताबों से बच्चे वंचित न होने पाये। </p>
<h6><strong>मान्यता आवेदन के भौतिक सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश</strong></h6>
<p>विभाग को निजी विद्यालय की मान्यता के लिए मिले सभी आवेदनों का भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट देने के लिए बीएसए ने बीईओ से कहा है। बीएसए ने कहा कि सत्यापन में किसी भी प्रकार से देर न की जाये जैसी भी स्थिति है उसकी तत्काल रिपोर्ट दी जाये।  </p>
<h6><strong>डिजिटलाइजेशन में लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश</strong></h6>
<p>विद्यालय से जुड़ी सभी पंजिकाओं का डिजिटलाइजेशन होना है। लेकिन अभी काफी संख्या में विद्यालय इस कार्य से पीछे हैं। बीएसए ने कहा कि जो शिक्षक लापरवाही कर हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/475030/after-mutual-transfer-now-preparations-for-adjustment-have-been-made">शिक्षकों के पारस्परिक तबादले के बाद अब समायोजन की तैयारी,शासन ने लगाई मोहर, लखनऊ के नगर क्षेत्र की स्थिति बहुत खराब</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/475287/fir-will-be-registered-against-unrecognized-schools-lucknow-bsa-issued</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 11:09:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों के पारस्परिक तबादले के बाद अब समायोजन की तैयारी,शासन ने लगाई मोहर, लखनऊ के नगर क्षेत्र की स्थिति बहुत खराब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के पारस्परिक तबादले के बाद प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में जमें अनुपात से अधिक शिक्षकों को हटाये जाने की तैयारी है। इस संबंध में शासन ने प्रास्तव पर मोहर लगा दी है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा होगी। सरकारी स्कूलों का संचालन  प्रत्येक जिले में नगर क्षेत्र और शहरी क्षेत्र दो श्रेणी में होता है। नियमावली के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र का शिक्षक नगर क्षेत्र में नहीं आ सकता है। लेकिन नगर व ग्रामीण दोनो ही विद्यालयों की स्थिति खराब है। काफी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां छात्र और शिक्षक अनुपात में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/475030/after-mutual-transfer-now-preparations-for-adjustment-have-been-made"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/hj.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के पारस्परिक तबादले के बाद प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में जमें अनुपात से अधिक शिक्षकों को हटाये जाने की तैयारी है। इस संबंध में शासन ने प्रास्तव पर मोहर लगा दी है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा होगी। सरकारी स्कूलों का संचालन  प्रत्येक जिले में नगर क्षेत्र और शहरी क्षेत्र दो श्रेणी में होता है। नियमावली के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र का शिक्षक नगर क्षेत्र में नहीं आ सकता है। लेकिन नगर व ग्रामीण दोनो ही विद्यालयों की स्थिति खराब है। काफी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां छात्र और शिक्षक अनुपात में बहुत अंतर है। स्थिति ये है कि जहां शिक्षकों की ज्यादा जरूरत है वहां कम है और जहां कम शिक्षकों जरूरत है वहां ज्यादा शिक्षक हैं। इसमें नगर क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति ज्यादा खराब है। जबकि छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। </p>
<h6><strong>368 पर 11 और 322 बच्चों पर तीन शिक्षक</strong></h6>
<p>राजधानी के जोन दो में आने वाले बेसिक स्कूल अमरई गांव में 368 बच्चे रजिस्टर के मुताबिक हैं यहां 11 शिक्षकों की तैनाती है। जबकि जोन 2 में ही बेसिक स्कूल चांदन पड़ता है यहां 322 बच्चों पर दो शिक्षक तैनात हैं। दोनो ही विद्यालय में छात्र संख्या 300 के पार है बावजूद उसके शिक्षकों का ये अनुपात है। </p>
<h6><strong>क्या है विद्यालयों में अनुपात</strong></h6>
<p>निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत 30 से 35 बच्चों पर एक शिक्षक का होना अनिवार्य है। लेकिन विद्यालयों में वास्तविक अनुपात इससे कहीं अलग है। इस स्थिति में निपुण लक्ष्य कैसे पूरा होगा ये जिम्मेदार अधिकारी ही बता सकते हैं। </p>
<h6><strong>राजधानी के जोन 1 स्कूलों की स्थिति बहुत खराब</strong></h6>
<ul>
<li>-प्रथमिक स्कूल बेहटवा में 10 बच्चों पर दो शिक्षक </li>
<li>-प्राथमिक स्कूल शांतिनगर में 16 बच्चों पर 1 शिक्षक </li>
<li>-प्राथमिक स्कूल हिंद नगर 73 बच्चों पर 4 शिक्षक </li>
<li>- प्राथमिक स्कूल रामदास खेड़ा 11 बच्चों पर 1 शिक्षक </li>
<li>- उच्च प्राथमिक विद्यालय गहरू 4 बच्चे 1 भी शिक्षक नहीं </li>
<li>-प्राथमिक स्कूल औरंगाबाद 98 बच्चों पर 5 शिक्षक</li>
<li>-बेसिक स्कूल न्यू गुदौरा 34 बच्चों  पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल आशियाना 32 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल आजाद नगर 11 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल बल्दीखेड़ा में 67 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल मेंहदीखेड़ा में 18 बच्चों पर एक शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल प्रेमवती वार्ड 5 बच्चों पर एक भी शिक्षक नहीं </li>
<li>-प्राथमिक स्कूल मिजापुर में 50 बच्चों पर तीन शिक्षक</li>
</ul>
<h6><strong>जोन दो के स्कूलों की स्थिति</strong></h6>
<ul>
<li>-प्राथमिक स्कूल सेमरा गौढी 148 बच्चों पर 5 शिक्षक                                                                                   </li>
<li>-प्राथमिक स्कूल शंकरपुरवा 180 बच्चों पर 1 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल पुरनिया 86 बच्चों पर तीन शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल तकरोही 157 बच्चों पर एक भी शिक्षक नहीं </li>
<li>-प्राथमिक स्कूल त्रिवेणी नगर 134 बच्चों पर 4 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल पानी गांव 237 बच्चों पर 7 शिक्षक</li>
</ul>
<h6><strong>जोन 3 के स्कूलों की स्थिति</strong></h6>
<ul>
<li>-प्राथमिक स्कूल कंधारी बाजार 8 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल 35 पीएसी वाहिनी 281 बच्चों पर 7 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल नरही 100 बच्चों पर तीन शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल गाजीपुर बस्तौली में 402 बच्चों पर 9 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल घसियारी मंडी में 13 बच्चों पर एक शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल घोसियाना 54 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक जियामऊ 124 बच्चों पर 5 शिक्षक</li>
<li>-बेसिक स्कूल लाहौर गंज 35 बच्चों पर 4 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल बाजार झऊलाल 27 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल चिक मंडी 53 बच्चों पर 3 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल रेलवे कालोनी बादशाह नगर 65 बच्चो पर दो शिक्षक</li>
</ul>
<h6><strong>राजधानी के जोन चार के स्कूलों की स्थिति</strong></h6>
<ul>
<li>-प्रथमिक स्कूल पुलगामा में 48 बच्चों पर 4 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल आर्यनगर में 71 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल हसनपुर 59 बच्चों पर 3 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल यहियागंज में 27 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल पीरनगर 585 बच्चों पर दो शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक स्कूल बरी कला 18 बच्चों पर 1 शिक्षक</li>
<li>-प्राथमिक विद्यालय धनेहर खेड़ा 23 बच्चों पर 1 शिक्षक</li>
</ul>
<p>कोट.............<br /><em>"विद्यालयो में शिक्षकों और बच्चों का अनुपात सुधारने के लिए समायोजन की तैयारी हो रही है। जल्द ही प्रक्रिया शुरू हो जायेगी"</em><br /><strong>कंचन वर्मा शिक्षा महानिदेशक </strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/474585/chief-secretary-reached-abhyudaya-school-built-in-lucknow-and-inspected">लखनऊ में बने मुख्यमंत्री अभ्युदय स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रमुख सचिव, इसी साल से बच्चों को मिलेगा पढ़ाई का मौका, जानिए क्या हैं सुविधायें</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/475030/after-mutual-transfer-now-preparations-for-adjustment-have-been-made</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 11:20:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में बने मुख्यमंत्री अभ्युदय स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रमुख सचिव, इसी साल से बच्चों को मिलेगा पढ़ाई का मौका, जानिए क्या हैं सुविधायें</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के कंपोजिट विद्यालय भरोसा में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल बनकर तैयार हो गया है। अमृत विचार में दो दिन पहले खबर छपने के बाद प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम ने आज बुधवार को विद्यालय का निरीक्षण किया है। इस विद्यालय में बच्चों को दी जाने वाली तैयार सभी सुविधाओं की स्थिति को भी परखा है। प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद अब इसका अब इसका उद्दघाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके बाद इसी सत्र से यहां गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा मिलना शुरू हो जायेगी।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/lab-4.jpeg" alt="lab 4" width="1200" height="576" />
<strong>विद्यालय की लैब में बच्चों से बात करती</strong>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/474585/chief-secretary-reached-abhyudaya-school-built-in-lucknow-and-inspected"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/ex.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के कंपोजिट विद्यालय भरोसा में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल बनकर तैयार हो गया है। अमृत विचार में दो दिन पहले खबर छपने के बाद प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम ने आज बुधवार को विद्यालय का निरीक्षण किया है। इस विद्यालय में बच्चों को दी जाने वाली तैयार सभी सुविधाओं की स्थिति को भी परखा है। प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद अब इसका अब इसका उद्दघाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके बाद इसी सत्र से यहां गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा मिलना शुरू हो जायेगी।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/lab-4.jpeg" alt="lab 4" width="1280" height="576"></img>
<strong>विद्यालय की लैब में बच्चों से बात करती हुई शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा -फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p>योगी सरकार की ओर से इस विद्यालय को खोले जाने का मुख्य उद्देश्य है कि गरीब बच्चों को भी प्रावइेट स्कूलों की तर्ज पर निशुल्क शिक्षा प्राप्त हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि हाई-क्वालिटी एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देते हुए प्रत्येक जनपद में एक विद्यालय बनाया जाये। जिसमें लखनऊ का ये स्कूल बनकर तैयार हो गया है। निरीक्षण के दौरान शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा, बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी बेसिक) लखनऊ मंडल श्याम किशोर तिवारी, बीएसए लखनऊ राम प्रवेश, खंड शिक्षा अधिकारी राममूर्ति यादव, पदम शेखर मौर्या, बीईओ मुख्यालय राजेश कुमार सिंह मौजूद रहे।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/b31.jpeg" alt="b3" width="1600" height="1204"></img>
<strong>प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम ने आज बुधवार को विद्यालय के निरीक्षण के बाद वहां के शिक्षकों और अन्य स्टाफ के साथ वार्ता की इस मौके पर बेसिक शिक्षा महा निदेशक कंचन वर्मा और निदेशक प्रताप सिंह बघेल साथ में मौजूद रहे- फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">लखनऊ:<br />मुख्यमंत्री अभ्युदय स्कूल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम, शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा, बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल, एडी बेसिक श्याम किशोर तिवारी <a href="https://t.co/tdhzGXZOa2">pic.twitter.com/tdhzGXZOa2</a></p>
— Amrit Vichar (@AmritVichar) <a href="https://twitter.com/AmritVichar/status/1803334201338384877?ref_src=twsrc%5Etfw">June 19, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<h6><strong>विद्यालय को मिलेगा कंम्पूटर टीचर और सुरक्षा गार्ड </strong></h6>
<p>निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने तत्काल विद्यालय की लैब के लिए एक कम्प्यूटर शिक्षक और एक सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था कराने का आदेश दिया है। विद्यालय में मौजूदा सुविधाओं को देखते हुए अभी यहां सुरक्षा बढाये जाने सख्त जरूरत है। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/lab.jpeg" alt="lab" width="1280" height="720"></img>
<strong>विद्यालय की लैब को देखते हुए प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम साथ में मौजूद अन्य अधिकारी-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>बच्चों की पढ़ाई के लिए ये हैं सुविधायें</strong></h6>
<p>स्कूल के सभी कमरों में बिजली पंखा और स्मार्ट क्लास की स्थापना है। एक हाईटेक लाइब्रेरी बनाई गई है। इस लाइब्रेरी में बच्चें बैठकर पढ़ सकते हैं।किताबों की सख्या भी पर्याप्त होगी। कंप्यूटर लैब और साइंस लैब की भी स्थापना है। वाईफाई की सुविधा दी गई है। सीसी टीवी कैमरे से निगरानी की भी सुविधा है। </p>
<h6><strong>विद्यालय में बच्चों के लिए जिम</strong></h6>
<p>पहली बार बच्चों के लिए जिम की सुविधा भी दी गई है। जिसमें बच्चों की सुविधा के अनुसार योग और अभ्यास कराया जा सकेगा। इसके लिए एक मल्टीपर्पज रूम बनाया गया है। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/k.jpeg" alt="k" width="1280" height="720"></img>
<strong>विद्यालय के भवन और खेल मैदान को बाहर से देखते हुए शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा साथ में एडीबेसिक श्याम किशोर तिवारी-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>स्मार्ट फर्नीचर की सुविधा</strong></h6>
<p>स्कूल में मॉड्यूलर डेस्क की सुविधा दी गई है। इसमें बच्चों को ध्यान में रखकर फर्नीचर दिया गया है, ताकि लंबे समय तक बैठकर बच्चो को पढ़ाई में परेशानी न होने पाये। बच्चों को मिड डे मिल की सुविधा मिलेगी साथ ही भोजन करने के लिए अलग से डायनिंग टेबल की भी व्यवस्था की गई है। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/ufjh.jpeg" alt="ufjh" width="1280" height="576"></img>
<strong>प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम और शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा साथ में अन्य अधिकारी व शिक्षक-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>ये भी हैं सुविधायें </strong></h6>
<ul>
<li>- साफ-सफाई के लिए कर्मचारी </li>
<li>- सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड</li>
<li>-  प्लेग्राउंड है, रेनवाटर कलेक्शन सिस्टम </li>
<li>- सोलर पैनल की व्यवस्था </li>
<li>- आरओ वाटर प्लांट का पेयजल</li>
<li>-  हाथ धोने की उचित जगह </li>
<li>- आग से सुरक्षा के लिए मॉडर्न उपकरम की व्यवस्था </li>
<li>डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा</li>
</ul>
<p><em>कोट.............</em><br /><em>" विद्यालय का  निरीक्षण आज बुधवार को किया गया है। मानक के अनुसार ये विद्यालय पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। लखनऊ का ये  पहला विद्यालय है। इसमें बच्चों को शिक्षा भी इसी सत्र से मिलेगी। जल्द ही मुख्यमंत्री जी इसका उद्दघाटन करेंगे। विद्यालय में 450 बच्चों को प्रवेश दिया जायेगा "</em><br /><strong> डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:-  <a href="https://www.amritvichar.com/article/473131/if-you-have-a-criminal-background-you-cannot-apply-for#gsc.tab=0">अपराधिक पृष्ठभूमि है तो राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए नहीं कर सकते आवेदन, जानिए चयन समिति किन बिंदुओं पर करेगी जांच </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/474585/chief-secretary-reached-abhyudaya-school-built-in-lucknow-and-inspected</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 13:48:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP में नये स्कूलों को प्री नर्सरी की मान्यता नहीं, कैसे लेंगे RTE के तहत एडमिशन, नये शासनादेश की खामियां कर रही दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से नये निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। लेकिन नये शासनादेश के मुताबिक ये मान्यता कक्षा एक से पांच तक और छह से आठ तक ही मिलेगी। इसमें प्री नर्सरी की कक्षा की मान्यता का विकल्प नहीं दिया गया है। इस स्थिति में निजी विद्यालय नर्सरी के मान्यता के लिए कहां आवेदन करें इसपर स्थिति साफ नहीं है। जबकि आरटीई के तहत बच्चे को प्रवेश प्री नर्सरी में भी दिया जाता है। ऐसे में जो नये विद्यालयों को मान्यता मिलेगी तो क्या उनको आरटीई के दायरे से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471757/new-schools-in-up-will-not-get-pre-nursery-recognition-how"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/up-school.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से नये निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। लेकिन नये शासनादेश के मुताबिक ये मान्यता कक्षा एक से पांच तक और छह से आठ तक ही मिलेगी। इसमें प्री नर्सरी की कक्षा की मान्यता का विकल्प नहीं दिया गया है। इस स्थिति में निजी विद्यालय नर्सरी के मान्यता के लिए कहां आवेदन करें इसपर स्थिति साफ नहीं है। जबकि आरटीई के तहत बच्चे को प्रवेश प्री नर्सरी में भी दिया जाता है। ऐसे में जो नये विद्यालयों को मान्यता मिलेगी तो क्या उनको आरटीई के दायरे से बाहर रखा जायेगा ? या फिर आरटीई के दायरे में रखा जायेगा तो इनके यहां आरटीई के तहत प्री नर्सरी वाले प्रवेश कैसे होंगे ये एक अहम सवाल है। जबकि 2018 से पहले विभाग की ओर से एक से पांच और छह से आठ तक मान्यता के साथ-साथ प्री नर्सरी की भी मान्यता दी जाती थी। </p>
<h6><strong>मैपिंग में भी होगी समस्या</strong></h6>
<p>जिन नये विद्यालयों को कक्षा एक से आठ तक मान्यता मिलेगी यदि वह आरटीई के तहत प्री नर्सरी में प्रवेश लेते भी हैं तो उन विद्यालयों की मैपिंग कैसे होगी ये भी एक सवाल है? </p>
<h6><strong>नक्शे की भी है समस्या</strong></h6>
<p>निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जो विद्यालय आते हैं उनका नक्शा जिला पंचायत की ओर से जारी होगा। वहीं नगरीय क्षेत्र में एलडीए, नगर निगम और आवास विकास की ओर से जारी नक्शा लगता है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी विसंगति ये है कि नगर निगम कहता है कि नक्शा पास करना बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर एलडीए अपनी सीमा में ही नक्शा पास करेगा ऐसे में  नगर निगम के दायरे वाले आवेदक क्या करेंगे? दूसरी विसंगति ये भी है कि किराये की बिल्डिंग में भी शिक्षा विभाग की ओर से मान्यता दी जाती है, लेकिन एलडीए किराये के भवन का नक्शा पास नहीं करता है क्योंकि वह भवन पहले से बना होता है। इस स्थिति में भी आवेदक के सामने समस्या है। </p>
<h6><strong>एनईपी के तहत प्री नर्सरी की मान्यता का है विकल्प </strong></h6>
<p>न्यू एजुकेशन पॉलिसी में कक्षा एक से आठ तक विद्यालयों में प्री नर्सरी की मान्यता का विकल्प निर्धारित किया है। इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि मामला शासन से जुड़ा है ऐसे में प्रस्ताव भेजा गया है। आगे शासन का जो दिशा  निर्देश होगा उसका पालन किया जायेगा। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/470629/bsa-lucknow-gave-a-gift-to-teachers-now-excuse-will">BSA लखनऊ ने शिक्षकों को दिया तोहफा, नहीं चलेगा बहाना,ऑनलाइन हाजिरी होगा लगाना, सभी ब्लाकों के BEO को दिए गये सिम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/471757/new-schools-in-up-will-not-get-pre-nursery-recognition-how</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 12:19:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RTE 2024:प्रावइेट स्कूलों में निशुल्क एडमिशन का अभी भी है मौका, कल से शुरू होंगे आवेदन, जानिए कब तक चलेगी अंतिम प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत प्राइवेट विद्यालयों में गरीब बच्चों की निशुल्क आवेदन प्रक्रिया का चौथा चरण 1 जून से शुरू हो जायेगा। ऐसे में बीते तीन चरणों में आवेदन से चूके गरीब बच्चों लिए ये अंतिम मौका है। बेसिक शिक्षा विगभा की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि आवेदन प्रक्रिया की तैयारियां पूरी हैं। अभिभावकों को आनलाइन आवेदन के लिए <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/rte25.upsdc.gov.in">rte25.upsdc.gov.in</a> वेबसाइट पर जाना होगा। आवेदन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा <span class="spellred">जाये</span> कि किसी भी प्रकार से त्रुटि न होने पाये। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/470130/rte-2024-there-is-still-a-chance-for-free-admission"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/rte1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत प्राइवेट विद्यालयों में गरीब बच्चों की निशुल्क आवेदन प्रक्रिया का चौथा चरण 1 जून से शुरू हो जायेगा। ऐसे में बीते तीन चरणों में आवेदन से चूके गरीब बच्चों लिए ये अंतिम मौका है। बेसिक शिक्षा विगभा की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि आवेदन प्रक्रिया की तैयारियां पूरी हैं। अभिभावकों को आनलाइन आवेदन के लिए <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/rte25.upsdc.gov.in">rte25.upsdc.gov.in</a> वेबसाइट पर जाना होगा। आवेदन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा <span class="spellred">जाये</span> कि किसी भी प्रकार से त्रुटि न होने पाये। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित है। बता दें कि 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश देने का नियम है।</div>
<div> </div>
<h6><strong>28 जून को निकाली जायेगी लॉटरी</strong></h6>
<div>चौथे व अंतिम चरण में आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 जून तक <span class="spellred">आवदेनों</span> का सत्यापन पूरा कर लिया जायेगा। इसके बाद 28 जून को लॉटरी निकाली जायेगी। लॉटरी में चयनित <span class="spellred">बच्चो</span> का नाम भी वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा।</div>
<div> </div>
<h6><strong>पांच स्कूलों का विकल्प दें अभिभावक</strong></h6>
<div>अधिकारियों ने कहा कि अभिभावक जब भी बच्चों के प्रवेश के लिए आवेदन करें तो उसमें निकट के पांच स्कूलों का विकल्प दिया <span class="spellred">जाये</span> ताकि प्रवेश में आसानी हो और पहला विकल्प न भी मिल पाये तो दूसरे विकल्प को चुनना होगा।</div>
<div> </div>
<h6><strong>तीन चरणों में हुआ 18 हजार से अधिक बच्चों का चयन</strong></h6>
<div>राजधानी में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले 18 हजार से अधिक बच्चों का चयन हुआ है। इन बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। आरटीई जिला समन्वयक अखिलेश अवस्थी ने बताया कि सभी चयनित बच्चों का प्रवेश कराया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong><em>कोट.........</em></strong></div>
<div><strong><em>"आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश लिए जो बच्चे छूट गये हैं उनके लिए चौथा और अंतिम चरण 1 जून से शुरू होगा। इच्छुक अभिभावक अपने बच्चे के लिए आवेदन कर सकते हैं"</em></strong></div>
<h6><strong><em>राम प्रवेश बेसिक शिक्षा अधिकारी</em></strong></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 12:48:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में अब स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे, कक्षा 1 से 8 तक दी जायेगी डिजिटल प्रणाली से शिक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> सरकारी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों सहित कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय के बच्चे अब डिजिटल प्रणाली के तहत स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे। बच्चे जब गर्मियों की छुट्टी के बाद अपने स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें अपनी कक्षा में एक बड़े टीवी स्क्रीन की तरह इन्ट्रैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले डिवाइस दिखाई पड़ेगा। शिक्षक बच्चों को इसी के माध्यम से पढ़ायेंगे। इसके लिए मंगलवार को आईसीटी आधारित तकनीकि प्राविधि विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में मंडल के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और एसआरजी को प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभागार में दिया गया।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-05/n.jpeg" alt="n" width="850" height="511" />
<strong>प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा</strong>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/469626/now-government-school-children-will-study-in-smart-class-children"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/n2.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> सरकारी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों सहित कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय के बच्चे अब डिजिटल प्रणाली के तहत स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे। बच्चे जब गर्मियों की छुट्टी के बाद अपने स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें अपनी कक्षा में एक बड़े टीवी स्क्रीन की तरह इन्ट्रैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले डिवाइस दिखाई पड़ेगा। शिक्षक बच्चों को इसी के माध्यम से पढ़ायेंगे। इसके लिए मंगलवार को आईसीटी आधारित तकनीकि प्राविधि विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में मंडल के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और एसआरजी को प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभागार में दिया गया।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-05/n.jpeg" alt="n" width="850" height="511"></img>
<strong>प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा व अपर राज्य परियोजना निदेशक मधुसुदन हुल्गी, प्रोजक्ट डायरेक्टर रॉबिन सरकार एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार, संयुक्त निदेशक पवन सचान, पुष्पा रंजन, सहायक उप शिक्षा निदेशक, प्रशिक्षण, दीपा तिवारी, सहायक शिक्षा निदेशक, डायट् प्राचार्य अजय कुमार सिंह- फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p>प्रशिक्षण में बताया गया कि किस तरह से डिजिटल बोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया जा सकता है। प्रशिक्षण की शुरूआत शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा व अपर राज्य परियोजना निदेशक मधुसुदन हुल्गी, प्रोजक्ट डायरेक्टर रॉबिन सरकार ने की। इस दौरान एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार, संयुक्त निदेशक पवन सचान, पुष्पा रंजन, सहायक उप शिक्षा निदेशक, प्रशिक्षण, दीपा तिवारी, सहायक शिक्षा निदेशक, डायट् प्राचार्य अजय कुमार सिंह, शिव नाडर फाउण्डेशन से प्रोजेक्ट डायरेक्टर रॉबिन सरकार, एजीएम मंयक सिन्हा, मुख्य प्रशिक्षक प्रीति शर्मा भी उपस्थित रही।</p>
<h6><strong>अब जिले स्तर पर शिक्षकों को करना होगा प्रशिक्षित</strong></h6>
<p>एससीईआटी प्राणंग में हुए इस  प्रशिक्षण में मंडल के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और एसआरजी विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे। ताकि बच्चो आसानी से डिजिटल बोर्ड के जरिए शिक्षाप्रदान की जा सके। </p>
<h6><strong>एनईपी के तहत बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ाने का लक्ष्य</strong></h6>
<p>विद्यालयों में आईसीटी आधारित स्मार्ट क्लास स्थापित करने की दिशा मे इन्ट्रैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले डिवाइस विद्यालयों को वितरित किया जा रहा है। इसमें माध्यम से कक्षा 1 से 8 तक के विधार्थियों को डिजिटल प्रणाली से शिक्षा दी जाएगी। ताकि बच्चे रोचक एवं प्रभावी ढंग से पढ़तें हुये कक्षावार अधिगम दक्षता को निरन्तर प्राप्त करते रहे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/469609/congress-is-dividing-people-in-the-name-of-reservation-cm">आरक्षण के नाम पर लोगों को बांट रही कांग्रेस, बोले सीएम योगी, कहा-4 जून को NDA करेगा 400 पार </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/469626/now-government-school-children-will-study-in-smart-class-children</link>
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                <pubDate>Wed, 29 May 2024 12:21:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लखनऊ के सरकारी स्कूलों में BEO ने शुरू की अनोखी पहल, 15 हजार बच्चे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ:</strong>   बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए राजधानी के सरकारी विद्यालयों से अनोखी पहल शुरू हुई है। निपुण लक्ष्य से एक कदम और आगे चलकर अब बच्चों का मासिक आकलन टेस्ट शुरू किया गया है। पहली बार शुरू हुई इस तरह की व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बारे में पता चल सकेगा कि उनकी हर दिन की क्या प्रगति है। </p>
<p>सरोजनी नगर ब्लाक से शुरू हुए इस मासिक टेस्ट में बुधवार को 15 हजार बच्चे एक साथ शामिल हुए। ये टेस्ट शैक्षिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/464639/to-increase-the-educational-quality-beo-started-a-unique-initiative"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/u1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ:</strong>  बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए राजधानी के सरकारी विद्यालयों से अनोखी पहल शुरू हुई है। निपुण लक्ष्य से एक कदम और आगे चलकर अब बच्चों का मासिक आकलन टेस्ट शुरू किया गया है। पहली बार शुरू हुई इस तरह की व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बारे में पता चल सकेगा कि उनकी हर दिन की क्या प्रगति है। </p>
<p>सरोजनी नगर ब्लाक से शुरू हुए इस मासिक टेस्ट में बुधवार को 15 हजार बच्चे एक साथ शामिल हुए। ये टेस्ट शैक्षिक सत्र 2024-25 के क्रम में 1 से 30 अप्रैल तक पढ़ाये गये पाठ्यक्रम से लिया गया। इस टेस्ट के बाद जो परिणाम आयेगा उसके आधार पर आगे की पढ़ाई शुरू की कराई जायेगी। जिन बच्चों का परिणाम कमजोर होगा उन पर शिक्षकों को और मेहनत करने के निर्देश दिए जायेंगे। ये प्रक्रिया अब हर माह चलती रहेगी। </p>
<h6><strong>विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य</strong></h6>
<p>सरोजनी नगर ब्लाक में 193 सरकारी विद्यालयों का संचालन किया जाता है। इसमें पढ़ने वाले हजारों बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने के लिए ये नया प्रयोग किया गया है। हर माह टेस्ट लेने की प्रक्रिया भी नई है पहले ये विद्यालयों में व्यवस्था नहीं थी। ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी आरपी यादव की ओर से हुई इस पहल को शिक्षकों ने भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-05/o1.jpg" alt="o1"></img>
<strong>आरपी यादव खंड शिक्षा अधिकारी सरोजनी नगर ब्लाक लखनऊ</strong>

<p> </p>
<p><em>" प्रत्येक माह बच्चों का टेस्ट लेने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी शिक्षकों और एआरपी व एसआरजी को भी निर्देश दिए थे। बुधवार को पहली बार इस विद्यालयों में मासिक टेस्ट का आयोजन किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि ब्लाक के सभी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हो "</em><br /><strong>आरपी यादव खंड शिक्षा अधिकारी सरोजनी नगर</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/464383/children-in-this-upper-primary-school-of-lucknow-are-making">लखनऊ के इस उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चे बना रहें केले के छिलके से जैविक खाद, पौधों के लिए है बहुत उपयोगी  </a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/464639/to-increase-the-educational-quality-beo-started-a-unique-initiative</link>
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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 11:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ के इस उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चे बना रहें केले के छिलके से जैविक खाद, पौधों के लिए है बहुत उपयोगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> सरकारी स्कूलों में न्यू एजुकेशन पॉलिसी <strong>(NEP)</strong> के तहत किचेन गार्डेन <br />(kitchen garden) बनाये जाने के निर्देश शासन की ओर से पहले ही जारी किए जा चुके हैं।  जिसके तहत कई सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए ताजी हरी सब्जियां उगाने व खेती के गुर बच्चे तो सीख ही रहे हैं , लेकिन अब बेहतर पौधे कैसे हों और उनकी कीटों से रक्षा कैसे की जाये इसके लिए भी सरकारी विद्यालय के बच्चों ने जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-05/g.jpg" alt="g" />
<strong>पूर्व माध्यमिक विद्यालय मामपुर बाना में केले के छिलके से बनी खाद को दिखाती</strong>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/464383/children-in-this-upper-primary-school-of-lucknow-are-making"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/q.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> सरकारी स्कूलों में न्यू एजुकेशन पॉलिसी <strong>(NEP)</strong> के तहत किचेन गार्डेन <br />(kitchen garden) बनाये जाने के निर्देश शासन की ओर से पहले ही जारी किए जा चुके हैं।  जिसके तहत कई सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन के लिए ताजी हरी सब्जियां उगाने व खेती के गुर बच्चे तो सीख ही रहे हैं , लेकिन अब बेहतर पौधे कैसे हों और उनकी कीटों से रक्षा कैसे की जाये इसके लिए भी सरकारी विद्यालय के बच्चों ने जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। </p>
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<strong>पूर्व माध्यमिक विद्यालय मामपुर बाना में केले के छिलके से बनी खाद को दिखाती हुई छात्रा- फोटो अमृत विचार</strong>

<p><br />राजधानी के बीकेटी ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मामपुर बाना <strong>(Pre Secondary School Mampur Bana) </strong> में बच्चों ने पढ़ाई के साथ ही अनोखा प्रयोग करते हुए जैविक खाद बनाना शुरू किया है। इस खाद से जहां पौधे स्वस्थ्य रहेंगे वहीं गुणवत्ता पूर्ण सब्जियां भी उगाना आसान होगा। खाद को बनाने के लिए बच्चे स्कूल में मध्यान्ह भोजन के तहत बटने वाले फलों के छिलकों का प्रयोग कर रहे हैं। इसमें केले के छिलके का ज्यादा प्रयोग हो रहा है। </p>
<h6><strong>थ्योरी से बढ़े प्रैक्टिकल की ओर, मिल गई सफलता</strong></h6>
<p>विद्यालय में कचरा एक गंभीर विषय पर बच्चों को जानकारी देते हुए सहायक अध्यापिका प्रीति ने पूरी विद्यि के बारे में पढ़ाया। जिसका अनुश्रवण करते हुए बच्चों ने प्रैक्टिकल किया तो सफलता मिल गई। पिछले करीब एक साल से ये बच्चे खाद को बना रहे हैं। इस खाद का  प्रयोग विद्यालय में लगे पेड़ पौधो में भी किया जा रहा है। </p>
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<strong>एक डिब्बे में इकट्ठा केले के छिलके धूप में सूखने के लिए के डालते हुए छात्र - फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>ये है प्रकिया, नीम का पत्ती का भी प्रयोग</strong></h6>
<p>सोमवार को एमडीएम में प्राप्त केलों के छिलकों को एकत्रित करके बच्चे छोटे छोटे टुकड़ों में काट लेते हैं। गभग एक हफ्ते तक छिलकों को सुखाने के पश्चात इमामदास्ते में फिर सूखे छिलकों की कुटाई की जाती है। इस प्रकार प्राप्त जैविक खाद जिसमे नाइट्रोजन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम होता है यदि समान मात्रा में नीम की सूखी हुई पत्तियों का चूरा मिलकर प्रयोग किया जाए तो कीटों से भी पौधों की रक्षा होती है। </p>
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आज के पर्यावरण को समझते हुए बच्चों को पौधों के जन्म से लेकर उनकी रक्षा के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। विद्यालय में ये प्रयोग सरहानीय है शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के लिए इस तरह की गतिविधि महात्वपूर्ण होती हैं।  प्रीती <strong>शुक्ला खंड शिक्षा अधिकारी ब्लाक बीकेटी  </strong>

<p> </p>
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विद्यालय में बच्चों को शैक्षिक गतिविधि के साथ-साथ प्रैक्टिकल भी बहुत जरूरी होता है। बच्चों को सबसे पहले जैविक खाद के बारे में पढ़ाया गया उसके बाद उन्होंने अपना प्रयोग शुरू किया तो सफलता मिल गई करीब एक साल से ये क्रम जारी है। <strong>मीनाक्षी प्रधानाध्यापिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय मामपुर बाना </strong>

<p> </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/464080/if-sim-and-data-are-not-given-on-time-action">सिम और डाटा समय से नहीं दिया तो बीएसए पर होगा एक्शन, इस परीस्थिति में शिक्षकों को मिलेगी आनलाइन से छूट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 May 2024 09:33:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीएलएम में शिक्षकों और विज्ञान में बच्चों की दिखी प्रतिभा, शिक्षा महानिदेशक ने नवाचार देखकर दिए अहम सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ : </strong>माध्यमिक शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान की राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी व टीएलम प्रतियोगिता का आयोजन पहली बार मंगलवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में किया गया। इस प्रदर्शनी में नई शिक्षा नीति 2020 की मुख्य अवधारणाओं को रेखांकित करते हुए छात्र-छात्राओं ने जहां अपनी वैज्ञानिक नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए वहीं दूसरी ओर शिक्षकों ने भी अपने शैक्षिक टीएलएम प्रस्तुत किए।</p>
<p>इस प्रदर्शनी में स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बच्चों के एक-एक मॉडल को मौके पर देखा वहीं शिक्षकों से सवांद करते हुए उनके टीएलम को भी देखा। इस दौरान स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/436195/in-tlm-talent-of-teachers-and-children-was-visible-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/din.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ : </strong>माध्यमिक शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान की राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी व टीएलम प्रतियोगिता का आयोजन पहली बार मंगलवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में किया गया। इस प्रदर्शनी में नई शिक्षा नीति 2020 की मुख्य अवधारणाओं को रेखांकित करते हुए छात्र-छात्राओं ने जहां अपनी वैज्ञानिक नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए वहीं दूसरी ओर शिक्षकों ने भी अपने शैक्षिक टीएलएम प्रस्तुत किए।</p>
<p>इस प्रदर्शनी में स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बच्चों के एक-एक मॉडल को मौके पर देखा वहीं शिक्षकों से सवांद करते हुए उनके टीएलम को भी देखा। इस दौरान स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बच्चों को सुझाव देते हुए कहा कि अपनी प्रतिभा सिर्फ मंच तक ही न रहे इसको आगे भी बढ़ाते रहने और निरंतर नया प्रयास जारी रखना। वहीं शिक्षकों से कहा कि बच्चों के भविष्य की दिशा आपके हाथ मे हैं ऐसे में आप जो भी नवाचार करें उसमें बच्चों को जरूर शामिल करें। </p>
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<strong>बच्चों पढ़ाने के लिए शिक्षिका की ओर से तैयार किए गये नवाचारी मॉडल को देखते हुए शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा- साथ में अन्य अधिकारी-फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p>इस अवसर पर अपर राज्य परियोजना निदेशक रमसा विष्णु कान्त पाण्डेय, जेडी माध्यमिक डा. प्रदीप कुमार ,उप शिक्षा निदेशक  लखनऊ मंडल रेखा दिवाकर, डीआईओएस राकेश कुमार, डीआईओएस टू रावेंद्र सिंह बघेल, मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ दिनेश कुमार, सहायक  विद्यालय, निरीक्षक  मनीषा द्विवेदी आंग्ल भारतीय व सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक जयशंकर श्रीवास्तव उपस्थित रहे। </p>
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<strong>एक छात्रा की ओर से प्रस्तुत नवाचारी मॉडल को शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>18 मंडलों से शिक्षक व बच्चे हुए शामिल</strong></h6>
<p>राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 18 मंडलों से चयनित जूनियर संवर्ग के16 छात्र-छात्राओं तथा सीनियर संवर्ग से 18 छात्र-छात्राओं तथा टी एल एम संवर्ग  से 44 चयनित शिक्षक- शिक्षकों ने प्रतिभाग किया l राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में सम्मिलित हुए कुल प्रतिभागियों में से प्रथम से आठवे स्थान तक के छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गयाl टी एल एम संवर्ग में विज्ञान ,गणित एवं सामाजिक विषय के शिक्षक शिक्षिका को पुरस्कृत किया गया lशिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने  समस्त प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा भविष्य में अनुसंधान कार्य जारी रखने का भी अनुरोध किया l </p>
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<strong>छात्र की ओर से तैयार किए गये मॉडल का अवलोकन करते हुए शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>इन बच्चों की प्रतिभा सबसे बेहतर</strong></h6>
<p><strong>जूनियर संवर्ग छात्र छात्रा</strong><br /><strong>प्रथम स्थान -सक्षम गुप्ता </strong><br />लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल मऊ<br />आजमगढ़ मंडल</p>
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<strong>जूनियर संवर्ग छात्रों में प्रथम स्थान पाने वाले सक्षम गुप्ता को सम्मानित करते हुए शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा -फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p><strong>द्वितीय स्थान <span style="color:rgb(224,62,45);">रॉबिन </span></strong><br />राजकीय हाई स्कूल गंगरौआ आगरा<br />आगरा मंडल </p>
<p><strong>तृतीय  स्थान <span style="color:rgb(224,62,45);">रौनक तिवारी</span></strong><br />ब्राइट एंजेल एजुकेशन सेंटर कानपुर देहात<br />कानपुर मंडल </p>
<p><strong>सीनियर संवर्ग छात्र छात्रा</strong><br /><strong> प्रथम स्थान <span style="color:rgb(224,62,45);">मयंक शर्मा</span></strong><br />सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मुरादाबाद<br />मुरादाबाद मंडल </p>
<p><strong>द्वितीय स्थान -<span style="color:rgb(224,62,45);">करन </span></strong><br />चोखराज तुलस्यान इंटर कॉलेज सिसवा बाजार महाराजगंज<br />गोरखपुर मंडल </p>
<p><strong>तृतीय स्थान <span style="color:rgb(224,62,45);">हर्शिनी राय</span></strong><br />आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल रेनू सागर ,सोनभद्र<br /> मिर्जापुर मंडल</p>
<h6><strong>टीएलएम में शिक्षक संवर्ग में ये रहे आगे</strong></h6>
<p><strong>विषय (विज्ञान)</strong><br /><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">रेणू त्रिपाठी</span>( सहायक अध्यापिका)</strong><br />राजकीय कन्या इंटर कॉलेज विजय नगर गाजियाबाद<br /> मंडल (मेरठ)</p>
<p><strong>विषय (गणित)</strong><br /><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">श्रीकांत शर्मा</span> (सहायक अध्यापक) </strong><br />राजकीय हाई स्कूल रसूलपुर हाउस बाराबंकी<br />मंडल (अयोध्या)</p>
<p><strong>विषय (सामाजिक विज्ञान)</strong><br /> <span style="color:rgb(224,62,45);">अनुपमा सिंह (</span>सहायक अध्यापिका) राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अंबेडकर नगर अयोध्या<br />मंडल (अयोध्या)</p>
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<strong>प्रदर्शनी में टीएलम की प्रस्तुति देते हुए लखनऊ सहित अलग-अलग जनपदों से आये शिक्षक- अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>चयनितों को महानिदेशक के हाथों पुरस्कार </strong></h6>
<p>तीनों चयनित शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को शिक्षा महानिदेशक ने एक-एक टैबलेट एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। छात्रों में प्रथम स्थान प्राप्त छात्रों को रुपए 31000 की धनराशि, द्वितीय स्थान प्राप्त छात्रों को 21000 की धनराशि तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को 11000 इसके अतिरिक्त चौथे से आठवीं स्थान प्राप्त छात्रों को 5000 रुपये की धनराशि सांत्वना पुरस्कार के रूप में डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में प्रदान की। साथ में सभी को प्रशस्ति पत्र भी दिया।</p>
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<strong>शिक्षा महा निदेशक कंचन वर्मा ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा प्रदर्शनी में कई ऐसे नवाचार है जिनका इंपलीमेंट किया जा सकता है। इसके लिए हम प्रत्येक जिले के डीएम व डीआईओएस और बीएसए से भी बात करेंगे। वह इन मॉडलों का अवलोकन करें-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>निर्णायकों को भी मिला सम्मान</strong></h6>
<p>निर्णायकों के रूप में डॉ. डीबी सिंह, डॉ.नीरज कुमार, डॉ. मोहम्मद अली, डॉ. रमा जैन ,डॉ. निनी कक्कड़,  डा.अरिमर्दन सिंह, डॉ. किरनलता डंगवाल, डॉ. अनुराधा त्रिपाठी डॉ.  मधुशिखा श्रीवास्तव विश्वविद्यालय स्तर के विशेषज्ञों ने योगदान दिया। जिनको शिक्षा महानिदेशक ने शॉल तथा प्रशस्ति पत्र के साथ मोमेंटो भी देकर सम्मानित किया गया। </p>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">ये भी पढ़े:-</span> <a href="https://www.amritvichar.com/article/436160/up-board-2024-exam-special-monitoring-teams-will-be-deployed">UP Board 2024 Exam: 10वीं व 12वीं की परीक्षा के लिए डेढ़ दर्जन जिलों में तैनात होगी विशेष निगरानी टीम, सचल दल भी बढ़ेंगे</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jan 2024 13:02:45 +0530</pubDate>
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