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                <title>नेपाल - Amrit Vichar</title>
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                <description>नेपाल RSS Feed</description>
                
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                <title>China–Nepal Relations : चीन से नेपाल को जोड़ने वाली रेललाइन पर तेजी से हो रहा है काम </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल की राजधानी काठमांडू से भारत को जोड़ने वाली रेल परियोजना भले ही कछुआ चाल से चल रही है लेकिन चीन से काठमांडू को जोड़ने वाली रेलवे लाइन का काम बहुत तेजी से चल रहा है और केरुंग से काठमांडू के बीच यह लाइन लगभग 72 किलोमीटर लंबी होगी। यह लाइन चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार काठमांडू-केरुंग रेलवे लाइन का भूवैज्ञानिक अध्ययन अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह अध्ययन चीनी सरकार के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है। इस रेलवे लाइन से जुड़ने वाले काठमांडू,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533532/china%E2%80%93nepal-relations--work-is-progressing-rapidly-on-the-railway-line-connecting-china-to-nepal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/चीन-से-काठमांडू-को-जोड़ने-वाली-रेलवे-लाइन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल की राजधानी काठमांडू से भारत को जोड़ने वाली रेल परियोजना भले ही कछुआ चाल से चल रही है लेकिन चीन से काठमांडू को जोड़ने वाली रेलवे लाइन का काम बहुत तेजी से चल रहा है और केरुंग से काठमांडू के बीच यह लाइन लगभग 72 किलोमीटर लंबी होगी। यह लाइन चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार काठमांडू-केरुंग रेलवे लाइन का भूवैज्ञानिक अध्ययन अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह अध्ययन चीनी सरकार के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है। इस रेलवे लाइन से जुड़ने वाले काठमांडू, नुवाकोट और रसुवा जिलों में व्यवहार्यता अध्ययन चल रहा है। तीन जिलों में 80 में से 75 स्थानों पर ड्रिलिंग द्वारा मिट्टी निकाली जा चुकी है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट में नेपाली रेलवे विभाग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मिट्टी परीक्षण का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आठ स्थानों में 400 मीटर तक की गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जानी है, उनमें से सात स्थानों पर यह काम पूरा हो चुका है। नेपाली रेलवे विभाग के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ मंडल इंजीनियर कमल कुमार साह ने बताया कि तीनों जिलों में रेलवे लाइन से जुड़ने वाले संभावित स्थानों का चयन कर लिया गया है तथा वहां से मिट्टी, पत्थर, पानी और चट्टानों के नमूने एकत्र कर लिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रथम चरण में प्रारंभिक अध्ययन पूरा करने के बाद, अब दूसरे चरण में उन संभावित स्थानों पर, जहां ट्रेन चलेगी, ड्रिल मशीन का उपयोग करके मिट्टी का परीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि ड्रिलिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इस ड्रिलिंग के माध्यम से निकाले गए मिट्टी, पत्थर, पानी और चट्टान के नमूनों का परीक्षण नेपाल में किया गया है और कुछ को चीन ले जाया गया है।  </p>
<p>साह का कहना है कि मिट्टी, पत्थर, पानी और चट्टानों के जिन नमूनों की जांच नेपाल में नहीं की जा सकती है, उन्हें परीक्षण के लिए चीन भेजा गया। नमूनों को परीक्षण के लिए रसुवागढ़ी के माध्यम से चीन भेजा जा रहा है। एक सवाल के जवाब में श्री साह ने कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा अवरोध उत्पन्न करने के कारण समय-समय पर काम प्रभावित हुआ है। भौगोलिक कठिनाइयों के कारण भी समय-समय पर अध्ययन में दिक्कतें आयीं हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने पर काम को रोकना पड़ा है। पहले चरण का प्रारंभिक अध्ययन पूरा होने में एक वर्ष का समय लगा। यानी, रेलवे की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए दिसंबर 2022 में नेपाल आई चीनी तकनीकी टीम ने जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में अध्ययन का पहला चरण पूरा कर लिया। यह अध्ययन शुरू होने की तारीख से 42 महीने के भीतर पूरा किया जाना था। लेकिन अध्ययन शुरू हुए 27 महीने बीत चुके हैं। </p>
<p>अब इस अध्ययन को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नेपाली अधिकारियो का दावा है कि निर्धारित समय में अध्ययन पूरा हो जाएगा। चूंकि यह एक व्यवहार्यता अध्ययन है, इसलिए इससे रेलवे लाइन की लागत, समय और कुल दूरी का निर्धारण होगा। व्यवहार्यता अध्ययन से यह भी निर्धारित होगा कि रेलवे पर कितने सुरंगों, पुलों और स्टेशनों की आवश्यकता है। अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। </p>
<p>इस अध्ययन में नेपाली रेलवे विभाग को चीनी तकनीकी टीम को सहयोग दे रही है। भौतिक अवसंरचना एवं परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन में केवल प्रारंभिक मुद्दों को शामिल किया गया है तथा वास्तविक दूरी, सुरंग, लागत, पुल की ऊंचाई, स्टेशन व अन्य मुद्दों को अब अंतिम रूप दिया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, जब भी कोई कठिनाई आती है, रेल विभाग और मंत्रालय अध्ययन में सहायता प्रदान करते हैं। हालांकि नेपाली रेल विभाग के अधिकारी केरुंग काठमांडू रेल लिंक की लागत तथा चीन से मिलने वाली वित्तीय सहायता की शर्तों के बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक अनुमान है कि इस रेल परियोजना के निर्माण की लागत 271.368 अरब रुपये होने की संभावना है। प्रारंभिक अध्ययनों के अनुसार, रसुवागढ़ी से काठमांडू तक रेलमार्ग की दूरी 72 किमी होगी। इस रेलमार्ग के लिए पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन नवंबर 2018 में किया गया था। अक्टूबर 2019 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नेपाल यात्रा के दौरान व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करने पर सहमति बनी थी। इसी प्रकार, वर्ष 2021 में चीनी विदेश मंत्री वांग यी की नेपाल यात्रा के दौरान व्यवहार्यता अध्ययन आयोजित करने के विषय पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। </p>
<p>एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार नेपाल के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि केरुंग एवं काठमांडू के बीच ट्रांस-हिमालयी रेलवे का निर्माण तकनीकी एवं वित्तीय आधार पर चुनौतीपूर्ण है। कठिन भू-भाग और इस क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता इस परियोजना को मूर्त रूप देने में बाधक है। इस रेल नेटवर्क के 95 प्रतिशत हिस्से में सुरंग बनाने की जरूरत है जिसकी लागत इस परियोजना की लागत तीन से साढ़े तीन अरब अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/533530/america-has-prepared-a-new-step-in-preparing-to-levy">अमेरिका ने कंप्यूटर चिप-दवाओं की शुरू की जांच, शुल्क लगाने की तैयारी में नया कदम </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 13:43:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nepal Protest : बेरोजगारी-महंगाई के आक्रोश से राजतंत्र समर्थक आंदोलन पहाड़ों से मैदानों तक फैला, क्या नेपाल में राजशाही की होगी वापसी? </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू/रक्सौल। </strong>भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्या का समाधान ‘राजा की शरण’ में मिल जाने की उम्मीद में ‘लोकतंत्र’ को समाप्त कर ‘राजतंत्र’ की वापसी के लिए संघर्ष शुरू करने वाले दुनिया के पहले देश नेपाल में यह आंदोलन अब पहाड़ से उतरकर मैदान की ओर फैलने लगा है। भारत के सीमवर्ती राष्ट्र नेपाल में "राजतंत्र" की वापसी का आंदोलन बहुत कम समय में ही देशव्यापी विस्तार पाने लगा है। बेरोजगारी और महंगाई से उत्पन्न नाराजगी युवा कंधों पर सवार होकर पहाड़ी क्षेत्रों से उतरकर मैदानों इलाकों में फैलने लगी है। इसके ठीक विपरीत "लोकतंत्र" की स्थापना का आंदोलन मैदानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530848/due-to-the-resentment-of-nepal-unemployment-and-inflation-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/nepal-protest1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू/रक्सौल। </strong>भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्या का समाधान ‘राजा की शरण’ में मिल जाने की उम्मीद में ‘लोकतंत्र’ को समाप्त कर ‘राजतंत्र’ की वापसी के लिए संघर्ष शुरू करने वाले दुनिया के पहले देश नेपाल में यह आंदोलन अब पहाड़ से उतरकर मैदान की ओर फैलने लगा है। भारत के सीमवर्ती राष्ट्र नेपाल में "राजतंत्र" की वापसी का आंदोलन बहुत कम समय में ही देशव्यापी विस्तार पाने लगा है। बेरोजगारी और महंगाई से उत्पन्न नाराजगी युवा कंधों पर सवार होकर पहाड़ी क्षेत्रों से उतरकर मैदानों इलाकों में फैलने लगी है। इसके ठीक विपरीत "लोकतंत्र" की स्थापना का आंदोलन मैदानी क्षेत्रों से निकलकर पहाड़ों इलाकों की ओर गया था। </p>
<p>देश की राजधानी काठमांडू से चला आंदोलन हेठौरा और नरायणघाट की सर्पाकार पहाड़ी सड़कों से गुजरकर भारत के सीमावर्ती बीरगंज, विराटनगर, नेपालगंज और जनकपुर के मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच गया है। नेपाल की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले बीरगंज के घंटाघर पर प्रत्येक दूसरे दिन राजतंत्र की वापसी के लिए होने वाले प्रदर्शन इसकी गवाही देते हैं। नेपाल, ऐसा पहला राष्ट्र है जहां "लोकतंत्र" को समाप्त कर "राजतंत्र" की पुनर्स्थापना के लिए आंदोलित जनता सड़कों पर उतरी है। नेपाल में राजतंत्र को समाप्त कर वर्ष 2008 में लोकतंत्र की स्थापना की गयी थी। यहां का लोकतंत्र किशोरवय अवस्था में है। महज 17 वर्ष की अवधि में यह व्यवस्था जनता का विश्वास खो बैठी है। रविवार को भी बीरगंज और नेपालगंज में सड़कों पर "हाम्रो राजा हाम्रो देश, प्राण भन्दा प्यारो छ" और "राजा लाउ, देश बचाऊ" के नारों के साथ राजतंत्र की वापसी के लिए लोग सड़कों पर निकले। </p>
<p>एक समय था जब लोकतंत्र की स्थापना के लिए वर्ष 1990 से 2006 तक नेपाल की अवाम आंदोलित रही, तब मैदानी इलाकों से राजतंत्र की समाप्ति की उठी मांग हिंसक होकर नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों पर चढ़ गयी। अनगिनत जानें गयीं। इस दौरान स्वगठित माओवादी सेना का मजबूत ठिकाना माना जाने वाला नेपाल का पहाड़ी क्षेत्र आज "राजा लाउ, देश बचाऊ" के नारे से आंदोलित हो रहा है। पहाड़ों से निकलकर बड़ी तेजी से "राजतंत्र" वापसी का आंदोलन देशव्यापी हो गया है। इस आंदोलन पर एक नजर डालें तो 19 फरवरी 2025 को निवर्तमान राजा ज्ञानेंद्र वीर बिक्रम शाह देव ने जनता को सम्बोधित किया। फिर 05 मार्च को राजधानी काठमांडू में राजशाही की पुनर्वापसी के लिए एक बाइक रैली निकाली गयी। 09 मार्च को रैली, प्रदर्शन में बदल कर बड़ी हो गयी। </p>
<p>12 मार्च को 10 हजार लोगों की भीड़ ने काठमांडू के त्रिभुवन अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर अपने पूर्व राजा ज्ञानेंद्र का "नारायणहिटी (राजनिवास) खाली करो" के नारे के साथ स्वागत किया। उसके बाद हेठौरा, नरायणघाट, बीरगंज, विराटनगर, नेपालगंज और जनकपुर जैसे प्रमुख शहरों में राजशाही की वापसी के लिए रैलियां निकलने लगी। चंद दिनों में ही राजतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए चल रहा आंदोलन 29 मार्च को स्वस्फूर्त हिंसक संघर्ष में बदल गया। दो लोग मारे गए, 30 आंदोलनकारी और 20 शस्त्रबल के जवान घायल हुए। दर्जनों व्यवसायिक संस्थान और वाहन फूंक दिए गए। नेपाल के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में औद्योगिक संरचना की भूमिका 20 प्रतिशत है। यह पूरी संरचना कृषि पर आधारित चीनी, जूट और चाय जैसे उत्पादों पर निर्भर है। </p>
<p>राजतंत्र की समाप्ति के बाद गुजरे 17 वर्षों में बनने वाली सरकारें इनको विस्तार नहीं दे पाईं। दूसरी तरफ पहले से मौजूद उद्योग बुनियादी ढांचे की कमी, पूंजी की कमी और कुशल श्रम शक्ति की कमी जैसे समस्याओं से आज भी जूझ रहे हैं। ऐसे में रोजगार सृजन की संभावनाओं पर एक अघोषित विराम से लगा है। कुछ ऐसे ही हालात की शिकार नेपाल का कृषि क्षेत्र भी है। आज भी कृषि नेपाल की प्रमुख आर्थिक गतिविधि है, जो लगभग 65 प्रतिशत आबादी को रोजगार देती है और सकल घरेलू उत्पाद में 31.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है लेकिन व्यवस्थागत उपेक्षा ने इसे मजबूत नहीं होने दिया है। ये ऐसे कारण हैं जिसने युवा वर्ग को भी मौजूदा व्यवस्था से नाराज कर दिया है। मौजूदा हालात नेपाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए मुफीद नहीं माने जा सकते। </p>
<p>आश्चर्जनक रूप से इस आंदोलन में युवाओं की भागीदारी दिखने लगी है। ऐसे युवा अपनी बाइक पर या फिर हाथों में राजशाही समर्थक नारे लिखकर नेपाल की सड़कों पर निकलने लगे हैं। ये युवा बेरोजगारी और महंगाई से नाराज हैं। ऐसे ही एक युवा बीरगंज निवासी सुबोध कुमार ने समाचार एजेंसी ‘यूनीवार्ता’ को बताया, “महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। नए उद्योग नहीं लग पा रहे और अधिकांश पुराने उद्योग या तो बीमार हैं या बंद पड़े हैं। ऐसे में युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/530806/donald-trump-targeted-putin-jalensky-for-ending-war">डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने को लेकर पुतिन-जेलेंस्की पर साधा निशाना, रूसी तेल पर सेकेंडरी टैरिफ लगाने की दी चेतावनी </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Mar 2025 15:02:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Nepal Protest : काठमांडू में हुई हिंसक झड़पों में पत्रकार सहित दो की मौत, तैनात की गई सेना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल में प्राधिकारियों ने काठमांडू के पूर्वी हिस्से में सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद लगाया गया कर्फ्यू क्षेत्र में तनाव कम होने के बाद शनिवार को हटा दिया। काठमांडू के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को उस समय तनाव पैदा हो गया था जब राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया था, एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला कर दिया था, कई वाहनों में आग लगा दी थी तथा राजधानी के तिनकुने क्षेत्र में दुकानों में लूटपाट की थी। <em><strong>सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में एक टीवी कैमरामैन समेत दो</strong></em></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530398/nepal-protest-kathmandu-removed-from-eastern-part-of-kathmandu-more"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/nepal-protest.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल में प्राधिकारियों ने काठमांडू के पूर्वी हिस्से में सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद लगाया गया कर्फ्यू क्षेत्र में तनाव कम होने के बाद शनिवार को हटा दिया। काठमांडू के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को उस समय तनाव पैदा हो गया था जब राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया था, एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला कर दिया था, कई वाहनों में आग लगा दी थी तथा राजधानी के तिनकुने क्षेत्र में दुकानों में लूटपाट की थी। <em><strong>सुरक्षाकर्मियों और राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में एक टीवी कैमरामैन समेत दो लोगों की मौत हो गई है।</strong></em> बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को बुलाया गया था।</p>
<p>काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजकर 25 मिनट से लगाया गया कर्फ्यू शनिवार सुबह सात बजे हटा लिया गया। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के दौरान मकानों को जलाने और वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप में 105 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारी राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे थे। विरोध प्रदर्शन के संयोजक दुर्गा प्रसाई के सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर बुलेटप्रूफ वाहन पर सवार होकर बानेश्वर की ओर बढ़ने के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया। बानेश्वर में संसद भवन स्थित है।</p>
<p>गिरफ्तार किए गए लोगों में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के महासचिव धवल शमशेर राणा और पार्टी के केंद्रीय सदस्य रवींद्र मिश्रा शामिल हैं। काठमांडू जिला पुलिस रेंज के पुलिस अधीक्षक अपिल बोहरा ने बताया कि शुक्रवार के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मुख्य व्यक्ति प्रसाई अब भी फरार है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की घटना में 53 पुलिसकर्मी, सशस्त्र पुलिस बल के 22 जवान और 35 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। हिंसक प्रदर्शनों के दौरान 14 इमारतों में आग लगा दी गई और नौ इमारतों में तोड़फोड़ की गई। इसके अलावा नौ सरकारी वाहनों को आग लगा दी गई और छह निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने तिनकुने इलाके में कांतिपुर टेलीविजन भवन और ‘अन्नपूर्णा मीडिया हाउस’ पर भी हमला किया। नेपाल के राजनीतिक दलों ने 2008 में संसद की घोषणा के माध्यम से 240 साल पुरानी राजशाही को समाप्त कर करके तत्कालीन हिंदू राष्ट्र को एक धर्मनिरपेक्ष, संघीय, लोकतांत्रिक गणराज्य में बदल दिया था। राजशाही समर्थक तब से राजशाही की बहाली की मांग कर रहे हैं, जब से पूर्व नरेश ने लोकतंत्र दिवस (19 फरवरी) पर प्रसारित अपने वीडियो संदेश में समर्थन की अपील की थी। राजशाही समर्थक कार्यकर्ताओं ने नौ मार्च को भी पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह के समर्थन में उस समय एक रैली की थी जब वह देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों का दौरा करने के बाद पोखरा से त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे थे। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/530391/so-far-700-people-have-died-and-more-than-1600-people-have-been-injured-due-to-powerful-earthquake-in-myanmar-and-thailand--india-has-sent-relief-material">म्‍यांमार और थाईलैंड में शक्तिशाली भूकंप से अब तक 700 लोगों की मौत, 1600 से अधिक लोग घायल, भारत ने भेजी राहत सामग्री</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 10:30:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल : काठमांडू में राजशाही समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प, दागे आंसू गैस के गोले...कई इलाकों में कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल के काठमांडू शहर में शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए अवरोधक को तोड़ने की कोशिश कर रहे राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके बाद अधिकारियों ने काठमांडू के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।</p>
<p>एक प्रत्यक्षदर्शी ने यहां बताया कि काठमांडू में दो विरोधी समूहों- राजतंत्रवादियों तथा गणतंत्रवादियों- द्वारा शहर के पूर्वी भाग में तिनकुने और महानगर के मध्य में भृकुटिमंडप में एक साथ प्रदर्शन किए। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, दोनों समूहों के बीच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530327/a-person-injured-by-using-tear-gas-to-disperse-pro-nepal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/काठमांडू-में-राजशाही-समर्थकों-और-सुरक्षा-बलों-के-बीच-झड़प.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल के काठमांडू शहर में शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए अवरोधक को तोड़ने की कोशिश कर रहे राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके बाद अधिकारियों ने काठमांडू के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।</p>
<p>एक प्रत्यक्षदर्शी ने यहां बताया कि काठमांडू में दो विरोधी समूहों- राजतंत्रवादियों तथा गणतंत्रवादियों- द्वारा शहर के पूर्वी भाग में तिनकुने और महानगर के मध्य में भृकुटिमंडप में एक साथ प्रदर्शन किए। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, दोनों समूहों के बीच टकराव टालने के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। जब प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र न्यू बानेश्वर की ओर बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में कई युवकों को हिरासत में ले लिया।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के मकसद से पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के कारण एक नागरिक घायल हो गया। तिनकुने क्षेत्र में भारी संख्या में राजशाही समर्थक एकत्र हुए और ‘राजा आओ देश बचाओ’, ‘भ्रष्ट सरकार मुर्दाबाद’, ‘हमें राजशाही वापस चाहिए’ जैसे नारे लगाने लगे। नेपाल में राजशाही की बहाली की मांग को लेकर राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और अन्य लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।</p>
<p>पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह द्वारा लोकतंत्र दिवस (19 फरवरी) पर प्रसारित अपने वीडियो संदेश में समर्थन की अपील के बाद से राजतंत्र समर्थक राजतंत्र की बहाली की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, समाजवादी मोर्चे के नेतृत्व में हजारों गणतंत्रवादी यहां भृकुटिमंडप में एकत्र हुए और उन्होंने ‘गणतंत्रीय व्यवस्था अमर रहे’, ‘भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई करो’ तथा ‘राजशाही मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं ; <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/530295/buildings-in-thailand-myanmar-with-a-powerful-earthquake">Earthquake : शक्तिशाली भूकंप से इमारतें ढेर, लोग चीखते-चिल्लाते भागे...देखिए म्यांमार भूकंप के Photos</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 17:45:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में 20 लाख रुपये की अवैध नकदी बरामद, दो भारतीय गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल के कपिलवस्तु जिले में गैरकानूनी रूप से 20 लाख रुपये की नकदी रखने के आरोप में मंगलवार को दो भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के निवासी सलमान कुरैशिया (33) और उमेश सखाराम खानडागले (39) को नेपाल-भारत सीमा पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान कपिलवस्तु जिले के कृष्णानगर इलाके से गिरफ्तार किया गया। वे भारतीय नंबर प्लेट वाले अलग-अलग वाहनों में सवार थे।</p>
<p>पुलिस ने उनके पास से कुल 20,50,000 भारतीय रुपये बरामद किए और वे इस रकम के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। नेपाल में उचित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/501328/illegal-cash-worth-rs-20-lakh-recovered-in-nepal--two-indians-arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/demo-image19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल के कपिलवस्तु जिले में गैरकानूनी रूप से 20 लाख रुपये की नकदी रखने के आरोप में मंगलवार को दो भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के निवासी सलमान कुरैशिया (33) और उमेश सखाराम खानडागले (39) को नेपाल-भारत सीमा पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान कपिलवस्तु जिले के कृष्णानगर इलाके से गिरफ्तार किया गया। वे भारतीय नंबर प्लेट वाले अलग-अलग वाहनों में सवार थे।</p>
<p>पुलिस ने उनके पास से कुल 20,50,000 भारतीय रुपये बरामद किए और वे इस रकम के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। नेपाल में उचित दस्तावेजों के बिना 25,000 या उससे अधिक भारतीय रुपये नकद रखना गैरकानूनी है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों और बरामद नकदी को कपिलवस्तु जिले में राजस्व जांच विभाग को सौंपा गया है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/501321/china-confirms-agreement-on-ladakh-border-dispute-know-what-beijings">China–India Border : पूर्वी लद्दाख में गतिरोध खत्म करने के लिए भारत के साथ हुआ समझौता, चीन ने की पुष्टि</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/501328/illegal-cash-worth-rs-20-lakh-recovered-in-nepal--two-indians-arrested</link>
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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 14:55:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में 870 पर्वतारोहियों को 37 चोटियों पर चढ़ने की मिली अनुमति </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल ने शरद ऋतु में चढ़ाई के मौसम के दौरान देश में 37 पहाड़ों पर चढ़ने के लिए पर्वतारोहियों के लिए बुधवार शाम तक 870 परमिट जारी किए। नेपाल में चढ़ाई के लिए यह एक महत्वपूर्ण घोषणा है, क्योंकि यह देश विश्वभर के पर्वतारोहियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। शरद ऋतु का मौसम, जो सितंबर से नवंबर तक रहता है, नेपाल में पर्वतारोहण के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है क्योंकि मौसम स्थिर रहता है और दृश्यता अच्छी रहती है।</p>
<p>  नेपाल की सरकार ने पर्वतारोहण को बढ़ावा देने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई</p>
<p> </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये</strong></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500217/870-mountaineers-got-permission-to-climb-37-peaks-in-nepal%C2%A0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/नेपाल1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू।</strong> नेपाल ने शरद ऋतु में चढ़ाई के मौसम के दौरान देश में 37 पहाड़ों पर चढ़ने के लिए पर्वतारोहियों के लिए बुधवार शाम तक 870 परमिट जारी किए। नेपाल में चढ़ाई के लिए यह एक महत्वपूर्ण घोषणा है, क्योंकि यह देश विश्वभर के पर्वतारोहियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। शरद ऋतु का मौसम, जो सितंबर से नवंबर तक रहता है, नेपाल में पर्वतारोहण के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है क्योंकि मौसम स्थिर रहता है और दृश्यता अच्छी रहती है।</p>
<p> नेपाल की सरकार ने पर्वतारोहण को बढ़ावा देने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन पर्मिट्स के साथ, नेपाल अपनी सुंदर पर्वत श्रृंखलाओं और समृद्ध संस्कृति को दुनिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है। पर्यटन विभाग ने 70 देशों और अलग अलग क्षेत्रों से 668 पुरुषों और 202 महिलाओं को अनुमति दी है। इनमे दुनिया की सातवीं और आठवीं सबसे ऊंची माउंट धौलागिरी (8,167 मीटर) और माउंट मनास्लु (8,163 मीटर) सहित चोटियों पर चढ़ने की अनुमति शामिल है। पर्वतारोहियों में से 73 अमेरिका से हैं, क्रमशः 72 और 69 चीन और फ्रांस से हैं।</p>
<p> पर्यटन विभाग के निदेशक राकेश गुरुंग ने कहा, हमारे पास इस सीज़न के लिए अभी भी एक महीने से अधिक का समय है। हम पिछले साल की संख्या को पार करने की उम्मीद कर रहे हैं।” वर्ष 2023 में पतझड़ चढ़ाई के मौसम के दौरान एजेंसी द्वारा लगभग 1,300 परमिट जारी किए गए थे। नेपाल में पतझड़ चढ़ाई का मौसम सितंबर में शुरू होता है और नवंबर तक चलता है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/500187/arrest-warrant-issued-against-sheikh-hasina-in-bangladesh">भारत की शरण में रह रहीं शेख हसीना की बढ़ी मुश्किलें, बांग्लादेशी कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 16:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में मानव जनित जलवायु परिवर्तन बना बाढ़ जैसी आपदाओं का कारण, जानें...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू। </strong>अंतरराष्ट्रीय सहयोग संस्था ‘वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन’ ने नेपाल में शहरों के निचले, नदी किनारे वाले क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को सीमित करने तथा बाढ़ आपदाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली और त्वरित कार्रवाई बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। संगठन ने अपनी हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि ‘‘नेपाल में तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार है।’’ सितंबर के अंत में नेपाल में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और भूस्खलन के चलते कम से कम 244 लोगों की जान चली गई थी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500164/man-made-climate-change-in-nepal-has-become-the-cause-of-disasters-like-floods"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/नेपाल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू। </strong>अंतरराष्ट्रीय सहयोग संस्था ‘वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन’ ने नेपाल में शहरों के निचले, नदी किनारे वाले क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को सीमित करने तथा बाढ़ आपदाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली और त्वरित कार्रवाई बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। संगठन ने अपनी हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि ‘‘नेपाल में तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार है।’’ सितंबर के अंत में नेपाल में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और भूस्खलन के चलते कम से कम 244 लोगों की जान चली गई थी। </p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘‘मानव जनित जलवायु परिवर्तन के कारण सामान्य से 10 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई।’’ संगठन ने चेतावनी दी, ‘‘जब तक विश्व जीवाश्म ईंधन के स्थान पर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग नहीं करेगा, तब तक वर्षा की मात्रा में और भी अधिक बढ़ोतरी होगी, जिससे और अधिक विनाशकारी बाढ़ आने का खतरा बना रहेगा।’’ रिपोर्ट का निष्कर्ष है, ‘‘नेपाल में जलवायु परिवर्तन के कारण ही जबरदस्त बारिश हुई।’’ हाल ही में काठमांडू में हुई भारी बारिश के कारण 50 से अधिक लोग मारे गए और अरबों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। </p>
<p>लंदन के इंपीरियल कॉलेज में पर्यावरण नीति केंद्र की शोधकर्ता मरियम जकारिया ने कहा, ‘‘अगर वायुमंडल पूरी तरह जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन से भरा नहीं होता तो यह बाढ़ कम विनाशकारी होती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह अध्ययन बढ़ती हुई बारिश के प्रति एशिया की संवेदनशीलता को दर्शाता है। अध्ययन ने सिर्फ 2024 में ही भारत, चीन, ताइवान, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और अब नेपाल में भीषण बाढ़ पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को उजागर किया है।’’ नेपाल में 26 सितंबर से तीन दिनों तक हुई अत्यधिक वर्षा के बाद बाढ़ की स्थिति बन गई थी। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘मध्य और पूर्वी नेपाल में बारिश के रिकॉर्ड टूट गए, कुछ मौसम केंद्रों ने 28 सितंबर को 320 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की। यह अध्ययन ‘वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन’ समूह के 20 शोधकर्ताओं द्वारा किया गया था जिसमें नेपाल, भारत, स्वीडन, संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों तथा मौसम संबंधी एजेंसियों के वैज्ञानिक शामिल थे। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें :<a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/500157/pm-justin-trudeau-will-be-solely-responsible-for-the-damage">भारत-कनाडा संबंधों को हुए नुकसान की जिम्मेदारी सिर्फ PM जस्टिन ट्रूडो पर होगी, MEA ने सुनाई की खरी-खरी </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/500164/man-made-climate-change-in-nepal-has-become-the-cause-of-disasters-like-floods</link>
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                <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 13:02:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खटीमा: नेपाल से कार में तस्करी कर लाइटर ला रहे दो तस्कर दबोचे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>खटीमा, अमृत विचार।</strong> थाना झनकईया की पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर कार में लाइटर ला रहे दो तस्करों को धर दबोचा। कार में लदी 10 पेटी लाइटर में कुल 10 हजार लाइटर बरामद किए गए। पुलिस ने गत सप्ताह भी इतने ही लाइटर बरामद किए थे। पुलिस ने बरामद कार और सामान को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया है।</p>
<p>झनकईया पुलिस द्वारा चलाए जा रहे वाहन चेकिंग के दौरान कार संख्या यूपी 26एफ 3570 को रोका और इसमें पेटियां भरी हुई थीं। पेटियों में नेपाली लाइटर भरे थे। पुलिस ने कार पर सवार जनपद पीलीभीत के नौजलिया, नौकरा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/494869/two-smugglers-caught-smuggling-lighter-in-a-car-from-khatima"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/गिरफ्तारी-अमृत-विचार5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>खटीमा, अमृत विचार।</strong> थाना झनकईया की पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर कार में लाइटर ला रहे दो तस्करों को धर दबोचा। कार में लदी 10 पेटी लाइटर में कुल 10 हजार लाइटर बरामद किए गए। पुलिस ने गत सप्ताह भी इतने ही लाइटर बरामद किए थे। पुलिस ने बरामद कार और सामान को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया है।</p>
<p>झनकईया पुलिस द्वारा चलाए जा रहे वाहन चेकिंग के दौरान कार संख्या यूपी 26एफ 3570 को रोका और इसमें पेटियां भरी हुई थीं। पेटियों में नेपाली लाइटर भरे थे। पुलिस ने कार पर सवार जनपद पीलीभीत के नौजलिया, नौकरा, बंदरभोज निवासी अमित कुमार और सिसैया मेलाघाट निवासी गगन यादव सहित कार और तस्करी के सामान को कब्जे में ले लिया। टीम में उपनिरीक्षक मनोज देव, प्रदीप शर्मा, लक्ष्मण दत्त जोशी, ताजुद्दीन आदि शामिल रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>खटीमा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 18:09:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खटीमा: नेपाल से तस्करी कर लाए गए 10 पेटी लाइटर बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>खटीमा, अमृत विचार।</strong> थाना झनकईया की पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर सीमावर्ती गांव के एक निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखे गए 10 पेटी लाइटर बरामद किए हैं। पुलिस ने बरामद सामान को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया है। लाइटर की कीमत एक लाख रुपये आंकी जा रही है।</p>
<p>झनकईया के थानाध्यक्ष को मुखबिर से सूचना मिली कि भारत नेपाल से लगे मेलाघाट के एक निर्माणाधीन मकान में तस्करी का सामान छिपाकर रखा गया है। थानाध्यक्ष अनिल जोशी ने टीम के साथ बताए गए निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखी हुईं 10 पेटियां बरामद कीं। पेटियों में नेपाल से लाए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/493432/10-box-lighters-smuggled-from-khatima-nepal-recovered"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/lighter.webp" alt=""></a><br /><p><strong>खटीमा, अमृत विचार।</strong> थाना झनकईया की पुलिस ने नेपाल से तस्करी कर सीमावर्ती गांव के एक निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखे गए 10 पेटी लाइटर बरामद किए हैं। पुलिस ने बरामद सामान को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया है। लाइटर की कीमत एक लाख रुपये आंकी जा रही है।</p>
<p>झनकईया के थानाध्यक्ष को मुखबिर से सूचना मिली कि भारत नेपाल से लगे मेलाघाट के एक निर्माणाधीन मकान में तस्करी का सामान छिपाकर रखा गया है। थानाध्यक्ष अनिल जोशी ने टीम के साथ बताए गए निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखी हुईं 10 पेटियां बरामद कीं। पेटियों में नेपाल से लाए गए लाइटर रखे थे।</p>
<p>10 पेटियों में कुल 10 हजार लाइटर थे। जिनकी कीमत एक लाख रुपये बताई जा रही है। थानाध्यक्ष जोशी ने बताया कि नेपाल से माल की तस्करी करने में कुख्यात गगन सिंह के चालक अनिल निवासी मेलाघाट के निर्माणाधीन मकान के एक कमरे से नेपाली लाइटर बरामद हुए हैं। बरामद सामान को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। टीम में थानाध्यक्ष जोशी, उपनिरीक्षक मनोज सिंह देव, इरफान शामिल रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>खटीमा</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/493432/10-box-lighters-smuggled-from-khatima-nepal-recovered</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 19:47:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: नेपाल के युवक का मिला शव, शरीर पर चोट के निशान...जेब में मिला मोबाइल और रेल टिकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong> रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> फ्लाईओवर स्थित रेलवे ट्रैक पर नेपाल के रहने वाले एक युवक का शव पड़ा होने का मामला सामने आया है। युवक के शरीर पर चोट के निशान थे और जेब में एक मोबाइल व रेलवे का टिकट भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस ने घटना की जानकारी लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।</p>
<p class="MsoNormal">सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि काशीपुर हाईवे स्थित फ्लाईओवर के समीप स्थित रेलवे पटरी पर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी घटना स्थल पहुंची। वहां पटरी पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/492583/dead-body-of-a-young-man-from-rudrapur-nepal-found"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/शव2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong> रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> फ्लाईओवर स्थित रेलवे ट्रैक पर नेपाल के रहने वाले एक युवक का शव पड़ा होने का मामला सामने आया है। युवक के शरीर पर चोट के निशान थे और जेब में एक मोबाइल व रेलवे का टिकट भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस ने घटना की जानकारी लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।</p>
<p class="MsoNormal">सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि काशीपुर हाईवे स्थित फ्लाईओवर के समीप स्थित रेलवे पटरी पर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही आदर्श कॉलोनी पुलिस चौकी घटना स्थल पहुंची। वहां पटरी पर 35 वर्षीय युवक का शव पड़ा हुआ है और लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। जब पुलिस ने मृतक के जेब की तलाशी ली तो जेब में एक मोबाइल और रेलवे का टिकट भी मिला।</p>
<p class="MsoNormal">मोबाइल के माध्यम से पुलिस ने युवक की शिनाख्त की। प्रारंभिक पड़ताल में युवक की पहचान बीरगंज नेपाल निवासी 35 वर्षीय लक्ष्मण पटेल पुत्र मदन पटेल के नाम से हुई। बताया जा रहा है कि रेलवे टिकट काठगोदाम से गोरखपुर का था। पुलिस ने मौका मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में युवक की शिनाख्त हुई, लेकिन अभी पुष्टि होना बाकी है। बावजूद पुलिस नेपाल पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पुलिस मौत के कारणों की पुष्टि कर कार्रवाई करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/492583/dead-body-of-a-young-man-from-rudrapur-nepal-found</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 17:17:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टनकपुर: कुमाऊं और नेपाल में परंपरागत ढंग से मनाया जाता है कथा और मान्यताओं से भरा गौरा पर्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देवेन्द्र चन्द देवा, टनकपुर, अमृत विचार।</strong> कुमाऊं के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल का आंठू यानी गौरा पर्व धूमधाम और परंपरागत ढंग से मनाया जाता है। पंचमी  के दिन आज शनिवार से इस पर्व का आगाज हो जाएगा। वहीं इस पर्व का मुख्य आकर्षण 26 अगस्त को अष्टमी पर आंठू पर्व होगा। </p>
<p>मान्यताओं के साथ पौराणिक आधार पर प्रत्येक वर्ष धान की रोपाई समाप्त होने के बाद इस पर्व का आगाज हो जाता है। पौराणिक मान्यता है कि मां पार्वती जिसे गौरा रूप भी दिया जाता है ने भगवान शिव यानी महेश्वर को वर के रूप में मांगने के लिए घनघोर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487812/gaura-festival-is-celebrated-traditionally-in-tanakpur-kumaon-and-nepal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/1268387734372804249k.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>देवेन्द्र चन्द देवा, टनकपुर, अमृत विचार।</strong> कुमाऊं के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल का आंठू यानी गौरा पर्व धूमधाम और परंपरागत ढंग से मनाया जाता है। पंचमी  के दिन आज शनिवार से इस पर्व का आगाज हो जाएगा। वहीं इस पर्व का मुख्य आकर्षण 26 अगस्त को अष्टमी पर आंठू पर्व होगा। </p>
<p>मान्यताओं के साथ पौराणिक आधार पर प्रत्येक वर्ष धान की रोपाई समाप्त होने के बाद इस पर्व का आगाज हो जाता है। पौराणिक मान्यता है कि मां पार्वती जिसे गौरा रूप भी दिया जाता है ने भगवान शिव यानी महेश्वर को वर के रूप में मांगने के लिए घनघोर तपस्या की थी।</p>
<p>इस दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा। बाद में उनकी तपस्या के फलस्वरूप ही उनका विवाह भगवान शिव के साथ संपन्न होता है। कहा जाता है कि इन्हीं मान्यताओं व पौराणिक कथा के आधार पर उनके विवाह के रूप में यह पर्व मनाया जाता है। उल्लेखनीय है कि भाद्र माह के पंचमी पर्व पर शुद्ध तांबे के बर्तन में पांच धान्य जिसमें गेहूं, चना, गुरूस, मास व गहत शामिल हैं, उन्हें भिगोया जाता है।जिन्हें बिरुडा कहा जाता है। वही अगले दिन बिरूड़ा को साफ पानी से धोकर स्वच्छ स्थान या मंदिर में रखा जाता है। </p>
<p>सप्तमी पर्व पर विवाहित महिलाएं जिस स्थान पर बिरुड़ा रखे होते हैं उस स्थान पर रखे गए दूब धागा को गले व हाथ में बांधकर सुख समृद्धि के लिए मन्नत और कामनाएं करती हैं। वही अष्टमी पर्व पर गौरा मैदान पर खेल का आयोजन किया जाता है। जिसमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों द्वारा खेल, झोड़ा और चाचरी गाने प्रस्तुत किए जाते हैं।</p>
<p>इस दौरान मां गौरा व महेश्वर की घास, कुश समेत 9 चीजों से बनाई गई उनकी मूर्ति को अच्छे वस्त्र पहनाकर डोले में रखकर उन्हें घुमाया जाता है और उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान गीतों के माध्यम से मां गौरा द्वारा किए गए तप का वर्णन भी बखूबी किया जाता है। अष्टमी पर्व पर पांच धान्यों से भिगोये गए बिरूड़ा से मां गौरा और महेश्वर भगवान की पूजा अर्चना की जाती है। वहीं डंगरियों व पुजारियों द्वारा पूजा अर्चना कर लोगों को अक्षत लगाकर उन्हें आशीर्वाद दिया जाता है। बाद में बिरूड़ को घर में एक दूसरे का पूजन कर उनके सुख समृद्धि की कामना की जाती है। </p>
<p><span style="color:rgb(3,65,6);"><strong>पिथौरागढ़ और गुमदेश में गौरा पर्व को जीवित रखा है </strong></span><br />भले ही गौरा पर्व कुमाऊं के अन्य हिस्सों में अब महज औपचारिक तक रह गया है, लेकिन आज भी जनपद पिथौरागढ़ के साथ जनपद चम्पावत के नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां यह पर्व सप्ताह से भी अधिक समय तक संचालित होता है जबकि गुमदेश क्षेत्र में गौरा पर्व में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हैं। दूसरी ओर पड़ोसी देश नेपाल में यह पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस समय नेपाल में इस पर्व की खासी धूम मची हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/487812/gaura-festival-is-celebrated-traditionally-in-tanakpur-kumaon-and-nepal</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 18:30:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काठमांडू: नेपाल में भारतीय बस नदी में गिरी, 14 शव बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू, अमृत विचार।</strong> शुक्रवार को 40 सवारियों को लेकर जा रही एक भारतीय बस मध्य नेपाल के तनहुन जिले के आइना पहाड़ इलाके में मर्सियांगडी नदी में गिर जाने से 14 लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद सशस्त्र पुलिस बल नेपाल आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण विद्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) माधव पौडेल के नेतृत्व में 45 कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची व राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए। </p>
<p>अभी तक 14 शवों को बरामद कर लिया गया है। दुर्घटनाग्रस्त बस गोरखपुर से यात्रियों को लेकर नेपाल गई थी जो कि पोखरा से काठमांडू आ रही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487718/14-bodies-recovered-after-indian-bus-fell-into-river-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/bus-accident.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू, अमृत विचार।</strong> शुक्रवार को 40 सवारियों को लेकर जा रही एक भारतीय बस मध्य नेपाल के तनहुन जिले के आइना पहाड़ इलाके में मर्सियांगडी नदी में गिर जाने से 14 लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद सशस्त्र पुलिस बल नेपाल आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण विद्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) माधव पौडेल के नेतृत्व में 45 कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची व राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए। </p>
<p>अभी तक 14 शवों को बरामद कर लिया गया है। दुर्घटनाग्रस्त बस गोरखपुर से यात्रियों को लेकर नेपाल गई थी जो कि पोखरा से काठमांडू आ रही थी। तनहुन के एसपी बीरेंद्र शाही ने मीडिया को बताया कि सेना और सशस्त्र बलों को सूचित कर दिया गया है। गोरखपुर की रजिस्टर्ड बस यहां से यात्रियों को लेकर नेपाल की तरफ गई थी।</p>
<p>ऐसा बताया जा रहा है कि बस में सवार यात्री महाराष्ट्र के निवासी थे। तनहुन जिला पुलिस के डीएसपी दीप कुमार राया ने इस हादसे को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि UP-53- FT 7623 नंबर प्लेट की बस नदी में जा गिरी। यह हादसा करीब साढ़े 11 बजे हुआ है। बस पोखरा से काठमांडू की तरफ जा रही थी। कई यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 13:41:35 +0530</pubDate>
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