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                <title>report - Amrit Vichar</title>
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                <description>report RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>34 अरब डॉलर के पार हुआ टेलीकम्युनिकेशन कंपनियों का तीसरी तिमाही का राजस्व, TRAI की रिपोर्ट में हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में घरेलू दूरसंचार कंपनियों का राजस्व साल-दर-साल आठ प्रतिशत बढ़कर 34 अरब डॉलर (लगभग तीन लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया। पूंजी बाजार एवं निवेश समूह सीएलएसए की एक रिपोर्ट में भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि तिमाही के दौरान भारती एयरटेल का राजस्व सालाना आधार पर नौ प्रतिशत और वोडाफोन आइडिया का दो प्रतिशत बढ़ा। रिलायंस जियो के राजस्व में 11 प्रतिशत की सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी। देश के दूरसंचार क्षेत्र के कुल राजस्व में इन तीनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573441/third-quarter-revenue-of-telecom-companies-exceeded--34-billion--revealed-in-trai-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(87)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में घरेलू दूरसंचार कंपनियों का राजस्व साल-दर-साल आठ प्रतिशत बढ़कर 34 अरब डॉलर (लगभग तीन लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया। पूंजी बाजार एवं निवेश समूह सीएलएसए की एक रिपोर्ट में भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि तिमाही के दौरान भारती एयरटेल का राजस्व सालाना आधार पर नौ प्रतिशत और वोडाफोन आइडिया का दो प्रतिशत बढ़ा। रिलायंस जियो के राजस्व में 11 प्रतिशत की सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी। देश के दूरसंचार क्षेत्र के कुल राजस्व में इन तीनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी 95 प्रतिशत रही। </p>
<p style="text-align:justify;">एक साल पहले के मुकाबले रिलायंस जियो की राजस्व हिस्सेदारी सबसे अधिक 123 आधार अंक (1.23 प्रतिशत) बढ़कर 42.5 प्रतिशत हो गयी। एयरटेल की राजस्व हिस्सेदारी (39 आधार अंक) बढ़कर 39.5 प्रतिशत पर पहुंच गयी जबकि वोडाफोन आइडिया की हिस्सेदारी 83 आधार अंक घटकर 13.फीसदी रह गयी। </p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि दूरसंचार क्षेत्र में रिलायंस जियो और एयरटेल का वर्चस्व आने वाले समय में और बढ़ेगा। क्षेत्र का राजस्व साल 2028 तक 3.7 लाख करोड़ रुपये (42 अरब डॉलर) पर पहुंचने की संभावना है। मौजूदा समय में जियो और एयरटेल की साझा राजस्व हिस्सेदारी करीब 82 प्रतिशत है जिसके साल 2028 तक 85 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 16:52:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : एडीजीसी समेत अन्य पर रिपोर्ट, हत्या की आशंका, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> 37 दिन पूर्व अधिवक्ता पुत्र के फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रकरण में गंभीर मोड़ यह कि मृतक के पिता ने हत्या करने या आत्महत्या को विवश करने का आरोप लगाते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता समेत कई पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप यह भी कि मृतक के लैपटाप व मोबाइल के डाटा से छेड़छाड़ सुनियोजित ढंग से की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई है। बताते चलें कि जिला न्यायालय में विशेष लोक अभियोजन विशेष न्यायालय गैंगस्टर में तैनात सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश वर्मा के पुत्र अनन्य वर्मा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566839/barabanki--fir-registered-against-adgc-and-others--murder-suspected--know-the-full-story"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/fir1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> 37 दिन पूर्व अधिवक्ता पुत्र के फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रकरण में गंभीर मोड़ यह कि मृतक के पिता ने हत्या करने या आत्महत्या को विवश करने का आरोप लगाते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता समेत कई पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप यह भी कि मृतक के लैपटाप व मोबाइल के डाटा से छेड़छाड़ सुनियोजित ढंग से की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई है। बताते चलें कि जिला न्यायालय में विशेष लोक अभियोजन विशेष न्यायालय गैंगस्टर में तैनात सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश वर्मा के पुत्र अनन्य वर्मा का शव आवास विकास कालोनी स्थित किराए के घर में आंगन में लोहे के जाल से लटका मिला था। </p>
<p style="text-align:justify;">पिता रमेश वर्मा का दावा है कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई या उसे ऐसा करने के लिए विवश किया गया। 5 दिसंबर को अधिवक्ता अरविन्द राजपूत ने फोन कर बताया कि विवेचक मृतक का मोबाइल डाटा रिकवरी के लिए लखनऊ लैब ले जाएंगे और लैपटॉप भी जांच के लिए मंगवाया गया है। इसी भरोसे पर उसने मकान से लैपटॉप निकलवाकर अपनी पत्नी किरन वर्मा के माध्यम से कचहरी के मुख्य गेट पर अधिवक्ता को सौंप दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">बाद में बताया गया कि विवेचक के साथ लैब में जांच कराई जाएगी। इसी दिन वह परिजनों के साथ सीतापुर पूजा-पाठ के लिए गया था। इस दौरान बार-बार पूछताछ करने पर अधिवक्ता ने लैपटॉप की जांच कचहरी में ही कराए जाने की बात कही और पासवर्ड भी उसकी बेटी से लेकर लिखवाने का उल्लेख किया। संदेह तब हुआ जब पता चला कि कचहरी परिसर स्थित ‘दरबार-ए-कचहरी’ रेस्टोरेंट में लैपटॉप की जांच की गई, जहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उनके अधिवक्ता मित्रों ने हस्तक्षेप कर लैपटॉप अपने कब्जे में लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 18:20:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जांच में दोषी, न लाइसेंस निरस्त हुआ न दर्ज हुई रिपोर्ट,  लखनऊ के ऑक्सीजन हॉस्पिटल में 3 साल के मासूम की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में तीन वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में जांच कमेटी जरिए अस्पताल को दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। न तो अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया गया है और न ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। हैरानी की बात यह है कि दोषी करार होने के बाद भी अस्पताल का संचालन जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुफ्तीगंज, ठाकुरगंज निवासी जियान (3) की 21 जुलाई को ऑक्सीजन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564494/found-guilty-in-the-investigation--yet-neither-the-license-was-revoked-nor-a-report-was-filed--a-3-year-old-child-dies-at-an-oxygen-hospital-in-lucknow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(5)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में तीन वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में जांच कमेटी जरिए अस्पताल को दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। न तो अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया गया है और न ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। हैरानी की बात यह है कि दोषी करार होने के बाद भी अस्पताल का संचालन जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुफ्तीगंज, ठाकुरगंज निवासी जियान (3) की 21 जुलाई को ऑक्सीजन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच पहले अपर निदेशक, लखनऊ मंडल डॉ. जीपी गुप्ता ने किया था। नोटिस जारी कर डॉक्टर को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह बीमारी का हवाला देकर पेश नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">दो माह तक इंतजार के बाद अपर निदेशक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमओ कार्यालय से अस्पताल को पांच बार नोटिस भेजे गए, बावजूद इसके न अस्पताल संचालक और न ही डॉक्टर बयान दर्ज कराने पहुंचे। अंततः पांच माह की लंबी जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल को दोषी करार दिया।<br />कमेटी की रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि बच्चे का इलाज किसी कुशल विशेषज्ञ से नहीं कराया गया और चिकित्सा लापरवाही के कारण उसकी जान गई। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद अब तक न तो अस्पताल के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई हुई है और न ही पुलिस को एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा गया है। इस बीच अस्पताल संचालक ने सीएमओ को पत्र देकर डॉक्टर का बयान दर्ज कराने की मांग की है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि अस्पताल का पक्ष सुनने के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/564489/the-aravalli-range-must-be-saved-for-the-ncr-to-survive----said-akhilesh--the-sp-chief-explained-why-this-is-necessary-in-a-long-post"><span class="t-red">अरावली बचेगी तो ही NCR बचेगा... </span>बोले अखिलेश, सपा प्रमुख ने लंबी पोस्ट में बताया ये क्यों है जरूरी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564494/found-guilty-in-the-investigation--yet-neither-the-license-was-revoked-nor-a-report-was-filed--a-3-year-old-child-dies-at-an-oxygen-hospital-in-lucknow</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 11:32:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काश्तकारों के नाम कैसे दर्ज है सरकारी जमीन! हाईकोर्ट ने बिठाई जांच-प्रमुख सचिव से मांगी रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> जमीनों के मुकदमें लड़ते-लड़ते काश्तकारों की एड़ियां ऐसे ही नहीं घिस जातीं! राजस्व विभाग की कारस्तानी और सही सलाह के साथ ठोस पैरवी का अभाव, उन्हें ताउम्र इस जंजाल में फंसाए रखता है। बहराइच का एक ऐसा ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। जो केस सीलिंग से जुड़ा है। करीब 40 बीघा सरकारी जमीन काश्तकारों के नाम दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच बिठा दी है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इस हालात के कौन-कौन जिम्मेदार है? दो महीनों के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562687/-how-is-government-land-registered-in-the-names-of-cultivators--the-high-court-has-ordered-an-inquiry-and-requested-a-report-from-the-principal-secretary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> जमीनों के मुकदमें लड़ते-लड़ते काश्तकारों की एड़ियां ऐसे ही नहीं घिस जातीं! राजस्व विभाग की कारस्तानी और सही सलाह के साथ ठोस पैरवी का अभाव, उन्हें ताउम्र इस जंजाल में फंसाए रखता है। बहराइच का एक ऐसा ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। जो केस सीलिंग से जुड़ा है। करीब 40 बीघा सरकारी जमीन काश्तकारों के नाम दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच बिठा दी है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इस हालात के कौन-कौन जिम्मेदार है? दो महीनों के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए। अब केस को थोड़ा डिटेल से समझिए। मामला बहराइच की कैसरगंज तहसील का है।</p>
<p style="text-align:justify;">अल्लापुरवा गांव के विजयभान सिंह ने 1967 में पुरवा हिसामपुर गांव के हीरालाल से 6.25 एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन का गाटा संख्या 295 है। अगले साल 1968 में भूमि का दाखिल खारिज हो गया और विजयभान एवं अन्य इसके मालिक बन गए। 1972 में इस क्षेत्र में सीलिंग एक्ट प्रभावी हुआ। जिन किसानों के पास अधिक जमीनें थीं-वो सीलिंग में निकल गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें हीरालाल की 5.53 एकड़ जमीन भी सीलिंग में निकल गई। लेकिन राजस्व विभाग ने हीरालाल की वो जमीन (गाटा संख्या 295) सीलिंग में निकाली, जिसे वह पांच साल पहले विजयभान सिंह एवं अन्य के हाथों बेच चुके थे-उसका बैनामा करा चुके थे। इस तरह वर्ष 1976 में हीरालाल की दर्शाकर, विजयभान सिंह की गाटा संख्या 295 की 5.53 एकड़ भूमि सीलिंग में निकाल दी गई। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/611.jpg" alt="6" width="1280" height="720"></img>
<strong>एडवोकेट आशीष कुमार सिंह</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">मतलब, सीलिंग में जमीन हीरालाल की निकलनी थी। निकाली भी उनके ही नाम से गई, लेकिन उस जमीन को-जिसे वह पहले ही विजयभान सिंह को बेच चुके थे। तकनीकी रूप से जो जमीन हीरालाल की थी ही नहीं-राजस्व विभाग ने उसे हीरालाल के नाम से सीलिंग में निकाल दिया। खरीदी गई जमीन सीलिंग में निकलने की खबर से विजयभान सिंह के पैरों तले की जमीन खिसक गई। वर्ष 1980 में वह राजस्व विभाग पहुंचे। चकबंदी में केस लड़ने लगा। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2021 में उनका केस खारिज हो गया। चकबंदी न्यायालय ने कहा कि उन्हें सीलिंग अथॉरिटी के पास जाना चाहिए था। मतलब, विजयभान सिंह को सीलिंग के तहत केस आगे बढ़ाना था, लेकिन वह चकबंदी में पैरवी करते रहे। वर्ष 2021 में चकबंदी से केस खारिज होने के बाद अब विजयभान सिंह राहत मांगने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच पहुंचे और एडवोकेट आशीष सिंह कुमार सिंह के जरिये कोर्ट में याचिका दाखिल की।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस आलोक माथुर की एकल बेंच ने इस प्रकरण की सुनवाई की। सरकारी वकील, एडवोकेट डॉ. कृष्ण सिंह ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव दो महीने के भीतर इस मामले की जांच करें। सरकारी जमीन, निजी लोगों के नाम कैसे दर्ज है? इसका जिम्मेदार कौन है? </p>
<p style="text-align:justify;">एडवोकेट आशीष कुमार सिंह के मुताबिक, माननीय कोर्ट ने बहुत महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। सरकार की जमीन अगर किन्हीं व्यक्ति विशेष के नाम पर दर्ज है-तो इससे धोखाधड़ी की आशंका बनी रह सकती है। अपने नाम दर्ज दिखाकर वो व्यक्ति ऐसी सरकारी जमीन की बिक्री कर सकता है, जबकि खरीददार को पता ही नहीं होगा कि उक्त भूमि सीलिंग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562687/-how-is-government-land-registered-in-the-names-of-cultivators--the-high-court-has-ordered-an-inquiry-and-requested-a-report-from-the-principal-secretary</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:46:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Barabanki Crime News: कंपनी के पूर्व निदेशक समेत 9 लोगों पर रिपोर्ट, लोन दिलाने के नाम पर बेरोजगार से लाखों ठगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> इंफ्राटेक कंपनी से हटने के बावजूद पूर्व निदेशक ने साथियों संग मिलकर न सिर्फ जमीनों का फर्जी बैनामा कराने का प्रयास किया बल्कि जमीन कब्जाने की कोशिश भी की। वर्तमान निदेशक की तहरीर पर पूर्व निदेशक समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">गोरखपुर शहर में दक्षिण काली मंदिर के निकट रहने वाले संजीत श्रीवास्तव डायरेक्टर मंगीरिश इंफ्राटेक ने पुलिस को बताया कि आरोपी अम्बरीश चन्द्र व बागीश चन्द्र श्रीवास्तव पुत्र राधेश्याम श्रीवास्तव, आरएन राय पुत्र श्यामरथी राय आदि ने आपस में साजिश कर कम्पनी की कीमती भूमि को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562442/barabanki-crime-news--report-filed-against-9-people-including-former-company-director--lakhs-of-rupees-defrauded-unemployed-in-the-name-of-getting-loan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/fir1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> इंफ्राटेक कंपनी से हटने के बावजूद पूर्व निदेशक ने साथियों संग मिलकर न सिर्फ जमीनों का फर्जी बैनामा कराने का प्रयास किया बल्कि जमीन कब्जाने की कोशिश भी की। वर्तमान निदेशक की तहरीर पर पूर्व निदेशक समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">गोरखपुर शहर में दक्षिण काली मंदिर के निकट रहने वाले संजीत श्रीवास्तव डायरेक्टर मंगीरिश इंफ्राटेक ने पुलिस को बताया कि आरोपी अम्बरीश चन्द्र व बागीश चन्द्र श्रीवास्तव पुत्र राधेश्याम श्रीवास्तव, आरएन राय पुत्र श्यामरथी राय आदि ने आपस में साजिश कर कम्पनी की कीमती भूमि को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। </p>
<p style="text-align:justify;">बताया कि अम्बरीश श्रीवास्तव वर्ष 2017 में लाभांश लेकर कम्पनी से त्यागपत्र दे चुके हैं। इसलिए न तो वह कम्पनी की किसी संपत्ति को खरीद-बेच सकते थे और न ही किसी बैनामे पर हस्ताक्षर करने का अधिकार था। इसके बावजूद आरोपियों ने 30 जनवरी 2024 को कम्पनी की जमीन का फर्जी अनुबंध और 6 मई 2024 को ग्राम शुक्लाई स्थित जमीन का फर्जी बैनामा तैयार कराया। </p>
<p style="text-align:justify;">फर्जीवाड़े का खुलासा नकल निकालने पर हुआ। विरोध करने पर आरोपियों ने न केवल कागजात निरस्त करने से इंकार किया, बल्कि एक और अवैध बैनामा भी कर दिया। 5 नवंबर को आरोपितों ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लोन दिलाने के नाम पर बेरोजगार से लाखों ठगे</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>रामनगर: </strong>प्राइवेट बैंक में लोन दिलाने के नाम पर एक बेरोजगार युवक से लाखों रुपए की ठगी और बाद में धमकी व मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। अमित कुमार पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम तारापुर गुमान थाना रामनगर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह रोजगार की तलाश में था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान गांव के ही विष्णु निवासी सफीपुर ने रिंकू धीमान निवासी ग्राम घुसेड़िया थाना बदोसरांय से मिलवाया। विष्णु ने रिंकू को पीरामल फाइनेंस का फील्ड ऑफिसर बताकर भरोसा दिलाया कि वह 12 लाख रुपए का लोन दिला देगा। 15 सितंबर को दोनों ने लोन दिलाने के नाम पर उससे ऑनलाइन व नकद मिलाकर कुल 4,08,500 रुपये ले लिए। इसके बाद उसे 11,64,647 रुपये के लोन स्वीकृति दस्तावेज दिखाए और एक चेक भी ले लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">रिंकू ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर दिए, जिन्हें तहसील में चेक कराने पर पता चला कि वे पूरी तरह नकली हैं। जब पीड़ित ने विरोध किया और पैसे वापस मांगे तो रिंकू उसे टालता रहा। 4 अक्टूबर की शाम उसे राजापुर बुलाकर रिंकू व उसके दो अज्ञात साथियों ने जान से मारने की धमकी दी और लात-घूंसों से पिटाई की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 19:15:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CRIME NEWS: संगम शादी डॉट कॉम पर बनाई प्रोफाइल, 24.46 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>संगम शादी डॉट कॉम पर शादी के लिए प्रोफाइल बनाने वाले प्रिंस अभिनव से जालसाजों ने 24.46 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि युवती ने खुद को मुंबई निवासी रियल एस्टेट कारोबारी की बेटी बताया और चैटिंग के जरिए शादी का प्रपोजल स्वीकार कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। हैदराबाद पुलिस का वार्निंग मैसेज देखने पर पीड़ित ने शिकायत की तो उसे ब्लॉक कर दिया गया। प्रिंस ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।</p>
<p>इंदिरानगर निवासी प्रिंस ने बताया कि उन्होंने अगस्त में संगम शादी डॉट कॉम पर प्रोफाइल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561688/fraud-of-rs-2446-lakh-created-on-sangam-shaadicom"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(12)23.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>संगम शादी डॉट कॉम पर शादी के लिए प्रोफाइल बनाने वाले प्रिंस अभिनव से जालसाजों ने 24.46 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि युवती ने खुद को मुंबई निवासी रियल एस्टेट कारोबारी की बेटी बताया और चैटिंग के जरिए शादी का प्रपोजल स्वीकार कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। हैदराबाद पुलिस का वार्निंग मैसेज देखने पर पीड़ित ने शिकायत की तो उसे ब्लॉक कर दिया गया। प्रिंस ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।</p>
<p>इंदिरानगर निवासी प्रिंस ने बताया कि उन्होंने अगस्त में संगम शादी डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाई थी। वहां उनका संपर्क भावना शर्मा नाम की युवती से हुआ। चैटिंग और व्हाट्सएप कॉल के दौरान भावना ने खुद को अंधेरी, मुंबई निवासी बताया और कहा कि उनके पिता महेश शर्मा मुंबई में रियल एस्टेट का व्यवसाय करते हैं। कई दिनों की बातचीत के बाद प्रिंस ने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे भावना ने स्वीकार कर लिया।</p>
<p>भावना ने एनएफएम कैपिटल मार्केट्स नाम की ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के जरिए निवेश के लिए प्रिंस को प्रेरित किया। फर्जी खातों और स्क्रीन शॉट के माध्यम से ठगी की योजना बनाई गई। पीड़ित ने कई बार 15,98,506 रुपये का निवेश किया। इसके बाद भावना ने फर्जी मुनाफा दिखाया और टैक्स के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगी। जब प्रिंस ने गूगल पर हैदराबाद पुलिस का वार्निंग मैसेज देखा और कस्टमर सर्विस को भेजा, तो उनका खाता ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद भावना ने सम्पर्क तोड़ दिया।</p>
<p>साइबर पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561688/fraud-of-rs-2446-lakh-created-on-sangam-shaadicom</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 10:56:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आने वाले पांच साल की फंडिंग का ब्लूप्रिंट तैयार, सोलहवें वित्त आयोग ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाले 16वें वित्त आयोग ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। इस मौके पर पनगढ़िया के साथ आयोग के सदस्य ऐनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, टी. रबी शंकर और सौम्या कांति घोष तथा आयोग के सचिव ऋत्विक पाण्डेय भी मौजूद थे। आयोग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर उन्हें भी रिपोर्ट की एक प्रति सौंपी। ये सिफारिशें 2026-31 के लिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 280 के खंड (1) के अनुरूप 31 दिसंबर 2023 को 16वें वित्त आयोग का गठन किया था। वित्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560231/the-sixteenth-finance-commission-submitted-its-report-to-president-murmu--preparing-a-blueprint-for-funding-for-the-next-five-years"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/द्रौपदी-मुर्मू.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाले 16वें वित्त आयोग ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। इस मौके पर पनगढ़िया के साथ आयोग के सदस्य ऐनी जॉर्ज मैथ्यू, मनोज पांडा, टी. रबी शंकर और सौम्या कांति घोष तथा आयोग के सचिव ऋत्विक पाण्डेय भी मौजूद थे। आयोग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर उन्हें भी रिपोर्ट की एक प्रति सौंपी। ये सिफारिशें 2026-31 के लिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 280 के खंड (1) के अनुरूप 31 दिसंबर 2023 को 16वें वित्त आयोग का गठन किया था। वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसका गठन हर पांच साल पर किया जाता है। इसका मुख्य काम केंद्र और राज्य सरकारों के बीच करों और वित्तीय संसाधनों के वितरण की सिफारिश करना है। आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करते समय सभी राज्यों और विशेषज्ञों से भी परामर्श करता है। इसकी सिफारिशें बाध्यकारी नहीं होती हैं, लेकिन सरकारें मौटे तौर पर इसकी सिफारिशों के आधार पर फैसले करती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सोलहवें वित्त आयोग ने अपने कार्यकाल के दौरान संघ और राज्यों के वित्त का विस्तार से विश्लेषण किया और संघ, राज्य सरकारों, विभिन्न स्तरों पर स्थानीय सरकारों, पिछले वित्त आयोगों के अध्यक्षों और सदस्यों, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, बहुपक्षीय संस्थानों, आयोग की सलाहकार परिषद और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट दो खंडों में तैयार की गई है जिसमें खंड-1 में आयोग की सिफारिशें और खंड-2 में अनुलग्नक शामिल हैं। यह रिपोर्ट संसद में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत करने के बाद सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध करायी जायेगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560231/the-sixteenth-finance-commission-submitted-its-report-to-president-murmu--preparing-a-blueprint-for-funding-for-the-next-five-years</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 21:58:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Climate disaster: 30 साल में भारत में 80,000 लोग मरे, 170 अरब डॉलर का हुआ नुकसान, नौवें स्थान पर खतरनाक रैंकिंग!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>पिछले तीन दशक में जलवायु आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत नौवें स्थान पर है, जहां लगभग 430 ऐसी घटनाओं में 80,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ब्राजील के बेलेम में आयोजित कॉप30 सम्मेलन में पर्यावरण क्षेत्र के थिंक टैंक ‘जर्मनवॉच’ द्वारा मंगलवार को जारी ‘जलवायु जोखिम सूचकांक (सीआरआई) 2026’ में कहा गया है कि जलवायु आपदाओं ने 1995 से 2024 तक 1.3 अरब लोगों को प्रभावित किया और लगभग 170 अरब अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान पहुंचाया। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि देश को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559595/climate-disaster--80-000-people-dead-in-india-in-30-years---170-billion-in-losses--dangerous-ranking-at-9th-place"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(42)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>पिछले तीन दशक में जलवायु आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत नौवें स्थान पर है, जहां लगभग 430 ऐसी घटनाओं में 80,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ब्राजील के बेलेम में आयोजित कॉप30 सम्मेलन में पर्यावरण क्षेत्र के थिंक टैंक ‘जर्मनवॉच’ द्वारा मंगलवार को जारी ‘जलवायु जोखिम सूचकांक (सीआरआई) 2026’ में कहा गया है कि जलवायु आपदाओं ने 1995 से 2024 तक 1.3 अरब लोगों को प्रभावित किया और लगभग 170 अरब अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान पहुंचाया। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि देश को मुख्य रूप से बार-बार आने वाली बाढ़, चक्रवात, सूखे और लू के कारण नुकसान हुए हैं, जो ‘ग्लोबल वार्मिंग’ के साथ और भी तीव्र हो गए हैं। इसमें कहा गया है कि 1998 में गुजरात में आए चक्रवात, 1999 में ओडिशा के ‘सुपर साइक्लोन’, 2013 की उत्तराखंड बाढ़ और हाल में लू जैसी कई घटनाओं ने इस सूचकांक में भारत की रैंकिंग को बढ़ाया है। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की स्थिति छिटपुट आपदाओं के बजाय एक ‘निरंतर खतरे’ का संकेत देती है, क्योंकि बार-बार होने वाली मौसमी घटनाओं ने विकास के लाभों को लगातार कमजोर किया है और आजीविका को नुकसान पहुंचाया है। इसमें कहा गया है कि भारत की विशाल जनसंख्या और मानसून की परिवर्तनशीलता के प्रति उच्च जोखिम इसे विशेष रूप से संवेदनशील बनाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले 2024 में, भारत भारी मानसूनी बारिश और अचानक आई बाढ़ से इतनी बुरी तरह प्रभावित हुआ था कि उससे 80 लाख से अधिक लोगों पर असर पड़ा था और खासकर गुजरात, महाराष्ट्र और त्रिपुरा में इस तरह के हालात बने थे। </p>
<p>‘जर्मनवॉच’ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर 1995 और 2024 के बीच 9,700 से अधिक मौसमी आपदाओं ने 8.3 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली, लगभग 5.7 अरब लोगों को प्रभावित किया और लगभग 4,500 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान पहुंचाया। पिछले तीन दशक में इस तरह की आपदाओं से डोमिनिका सबसे ज्यादा प्रभावित देश रहा है। उसके बाद म्यांमा, होंडुरास, लीबिया, हैती, ग्रेनाडा, फिलीपीन, निकारागुआ, भारत और बहामास का स्थान है। संस्थान ने कहा कि विकासशील देश कमजोर सहन क्षमता और अनुकूलन के सीमित संसाधनों के कारण असमान रूप से प्रभावित रहे हैं। </p>
<p>रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत सहित कई विकासशील देशों के लिए ऐसी आपदाएं ‘नई सामान्य’ स्थिति बनती जा रही हैं, जिसके लिए तत्काल और अच्छी तरह से वित्त पोषित अनुकूलन उपायों की आवश्यकता है। इसमें कहा गया कि बढ़ती आर्थिक और मानवीय लागतें भारत जैसे देशों के लिए अनुकूलन योजना, पूर्व चेतावनी प्रणालियों और कमजोर समूहों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। </p>
<p>थिंक टैंक ने विश्लेषण में आंकड़ों की सीमाओं को भी स्वीकार किया और कहा कि हो सकता है कि अधूरी रिपोर्टिंग के कारण कुछ देश, विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की सही जानकारी नहीं उपलब्ध हुई हो। ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/559595/climate-disaster--80-000-people-dead-in-india-in-30-years---170-billion-in-losses--dangerous-ranking-at-9th-place</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 13:34:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lucknow News: दिव्यांग से रचायी शादी, सास के खाते से उड़ाए एक करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>बीबीडी इलाके में दिव्यांग युवक से शादी कर युवती ने सास के खाते से एक करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। विरोध करने पर पति को पीटा और जेवर व अन्य सामान लेकर झांसी चली गई। साइबर सेल में शिकायत पर धमकाया। सास ने बीबीडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>अयोध्या रोड स्थित रॉयल एंक्लेव निवासी वाली 74 वर्षीय मधु जैन का बेटा अमित कुमार (44) दिव्यांग है। उनका आरोप है कि झांसी के अंतिया तालाब निवासी मधु खरे ने अमित को प्रेम जाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559272/lucknow-news--married-a-handicapped-man--siphoned-off-rs-1-crore-from-mother-in-law-s-account"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(17)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>बीबीडी इलाके में दिव्यांग युवक से शादी कर युवती ने सास के खाते से एक करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। विरोध करने पर पति को पीटा और जेवर व अन्य सामान लेकर झांसी चली गई। साइबर सेल में शिकायत पर धमकाया। सास ने बीबीडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>अयोध्या रोड स्थित रॉयल एंक्लेव निवासी वाली 74 वर्षीय मधु जैन का बेटा अमित कुमार (44) दिव्यांग है। उनका आरोप है कि झांसी के अंतिया तालाब निवासी मधु खरे ने अमित को प्रेम जाल में फंसाया। अमित ने मां को बताया तो वह शादी के लिए तैयार हो गई। करीब छह माह पूर्व शादी हुई। आरोप है कि बहू ने जानकारी हासिल कर सास के एक्सिस बैंक खाते से एक करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। अमित ने विरोध किया तो पत्नी ने मारपीट कर प्रताड़ित किया। इसके बाद मौका देख जेवर व कपड़े लेकर चली गई। सास ने बताया कि ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद साइबर सेल ने बहू के कोटक महिंद्रा बैंक समेत अन्य खातों में करीब 52 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं। पीड़िता का आरोप है कि कार्रवाई के बाद बहू लगातार फोन कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकियां दे रही है। सास ने बीबीडी थाने में बहू के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट व धमकी समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 11:08:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2030 तक 30 अरब डॉलर का ‘डीपटेक’ पावरहाउस बनेगा भारत: रेडसीर रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के ‘डीपटेक’ क्षेत्र में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, और इसके बाजार अवसर 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। </p>
<p>रिपोर्ट कहती है कि रक्षा नवोन्मेषण और वैश्विक रोबोटिक्स में उछाल के कारण डीपटेक क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। भारत ने रक्षा डीपटेक पर खर्च में उल्लेखनीय बदलाव देखा है। पिछले एक दशक में राष्ट्रीय रक्षा बजट दोगुना होकर 80 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। यह विस्तार इसी अवधि के दौरान अमेरिका और चीन जैसे शीर्ष वैश्विक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559174/india-to-become-a--30-billion--deeptech--powerhouse-by-2030--redseer-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(22)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के ‘डीपटेक’ क्षेत्र में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, और इसके बाजार अवसर 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। </p>
<p>रिपोर्ट कहती है कि रक्षा नवोन्मेषण और वैश्विक रोबोटिक्स में उछाल के कारण डीपटेक क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। भारत ने रक्षा डीपटेक पर खर्च में उल्लेखनीय बदलाव देखा है। पिछले एक दशक में राष्ट्रीय रक्षा बजट दोगुना होकर 80 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। यह विस्तार इसी अवधि के दौरान अमेरिका और चीन जैसे शीर्ष वैश्विक खर्च करने वाले देशों द्वारा दर्ज की गई वृद्धि दर से अधिक है। </p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत के डीपटेक अवसर पिछले पांच साल में 2.5 गुना बढ़े हैं और यह 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर का विशाल बाजार बनने की ओर अग्रसर हैं।’’ भारत, चीन के बाहर एकमात्र विश्वसनीय, कम लागत वाला केंद्र बनकर उभर रहा है। इसका डीपटेक आधार, यानी वित्त वर्ष 2024-25 तक 9-12 अरब अमेरिकी डॉलर, भारत के रक्षा डीपटेक और वैश्विक रोबोटिक्स में खर्च द्वारा आगे बढ़ रहा है।<br /> <br />चीन के बाहर एक विश्वसनीय, कम लागत वाले वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की उभरती स्थिति रोबोटिक्स में गहन तकनीकी प्रगति से और मजबूत हो रही है। 60 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के वैश्विक रोबोटिक मशीनों के बाजार के 2030 तक लगभग 230 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें ह्यूमनॉइड रोबोट एक प्रमुख श्रेणी का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत को लागत में काफी बढ़त हासिल है, ह्यूमनॉइड रोबोट की उत्पादन लागत अमेरिका की तुलना में लगभग 73 प्रतिशत कम है, जिसका श्रेय कुशल स्थानीय एकीकरण, तुलनात्मक रूप से कम श्रम लागत और लागत-अनुकूलित सोर्सिंग को दिया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/559174/india-to-become-a--30-billion--deeptech--powerhouse-by-2030--redseer-report</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 13:12:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सहारनपुर: बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या, परिजनों में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सहारनपुर। </strong>उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक बुजुर्ग की कथित तौर पर गला रेतकर शुक्रवार को हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया कि रामपुर मनिहारान थानाक्षेत्र के जनधेडा समसपुर निवासी सहदीन (60) जमीन पैमाइश करने का काम करते थे। </p>
<p>उन्होंने बताया कि गांव के अलावा आस-पास के लोग भी अपनी जमीन की पैमाइश सहदीन से ही कराते थे। जैन ने बताया कि मृतक के परिजनों ने गांव के ही अनुज पर सहदीन की हत्या करने का आरोप लगाया है। </p>
<p>परिजनों ने बताया कि अनुज शराब पीने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553819/saharanpur--elderly-man-murdered-by-slitting-throat--family-in-panic"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/crime3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सहारनपुर। </strong>उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक बुजुर्ग की कथित तौर पर गला रेतकर शुक्रवार को हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया कि रामपुर मनिहारान थानाक्षेत्र के जनधेडा समसपुर निवासी सहदीन (60) जमीन पैमाइश करने का काम करते थे। </p>
<p>उन्होंने बताया कि गांव के अलावा आस-पास के लोग भी अपनी जमीन की पैमाइश सहदीन से ही कराते थे। जैन ने बताया कि मृतक के परिजनों ने गांव के ही अनुज पर सहदीन की हत्या करने का आरोप लगाया है। </p>
<p>परिजनों ने बताया कि अनुज शराब पीने का आदी है और जमीन नपवाने को लेकर उसका सहदीन से विवाद हुआ था। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>सहारनपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 22:50:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर: प्लाट पर कब्जा कर रंगदारी मांगी, लायर्स के पूर्व संयुक्त मंत्री समेत आठ पर रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> नौबस्ता में प्लाट मालिक ने लायर्स एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मंत्री समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज से उनके प्लाट पर कब्जा किया गया। बाद में कब्जा छोड़ने के नाम 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी। प्लाट मालिक ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जांच के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।</p>
<p>नौबस्ता के राजीवनगर निवासी विश्वनाथ जायसवाल के अनुसार 2009 में आराजी संख्या 1141 में 167.2 वर्गमीटर प्लाट खरीदा था। प्लाट के चारों तरफ दस फिट बाउंड्री व गेट भी लगा था। 2016 में आरोपी ने फर्जीवाड़ा कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553818/kanpur--extortion-demanded-after-seizing-plot--report-filed-against-eight-including-former-joint-minister-of-lawyers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/रिपोर्ट-दर्ज2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> नौबस्ता में प्लाट मालिक ने लायर्स एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मंत्री समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज से उनके प्लाट पर कब्जा किया गया। बाद में कब्जा छोड़ने के नाम 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी। प्लाट मालिक ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जांच के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।</p>
<p>नौबस्ता के राजीवनगर निवासी विश्वनाथ जायसवाल के अनुसार 2009 में आराजी संख्या 1141 में 167.2 वर्गमीटर प्लाट खरीदा था। प्लाट के चारों तरफ दस फिट बाउंड्री व गेट भी लगा था। 2016 में आरोपी ने फर्जीवाड़ा कर आरजी संख्या 1123, जो चारागाह में दर्ज है।</p>
<p>यह छिपाते हुए इलाहाबाद के नैनी एडीएन कालोनी निवासी पवन बाजपेई और परवीन बाजपेई ने यशोदानगर के मोनू सिंह और बर्रा-दो के अंकित अग्रवाल के नाम रजिस्ट्री कर दी। रजिस्ट्री के लिए अधिवक्ता वीके अवस्थी ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए। यशोदानगर के विकास तिवारी और फतेहपुर गोहरारी के संदीप कुमार गवाह है। इसके बाद आरोपियों ने उसी दस्तावेज के सहारे उनके प्लाट पर कब्जा कर लिया।</p>
<p>विरोध पर कब्जा छोड़ने के लिए 10 लाख मांगे। मामले में लायर्स के पूर्व संयुक्त मंत्री हिमांशु दीक्षित का संरक्षण होने से धमकी दी गई। इस पर उन्होंने शिकायत की। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 21:55:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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