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                <title>US President Donald Trump - Amrit Vichar</title>
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                <description>US President Donald Trump RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Iran US War: अमेरिकी आर्मी ने मौत के मुंह में जाकर बचाई पायलट की जान, जानें कैसे ईरान में गोलीबारी के बीच किया रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि ईरान में गोलीबारी के बीच फंसे अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के लापता चालक दल सदस्य (एक सम्मानित कर्नल) को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक बचा लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने कहा, “मेरे प्यारे अमेरिकी नागरिकों, पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने अपने एक असाधारण क्रू सदस्य अधिकारी के लिए अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। अब वह सुरक्षित हैं।”</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/WhiteHouse/status/2040644451513598220?s=20">https://twitter.com/WhiteHouse/status/2040644451513598220?s=20</a></blockquote>
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<h4 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप के मुख्य बयान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">- अमेरिकी सेना ने दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान बचाव अभियान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577579/iran-us-war--the-us-army-saved-the-life-of-a-pilot-from-the-brink-of-death--learn-how-the-rescue-was-carried-out-amid-gunfire-in-iran"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(80).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि ईरान में गोलीबारी के बीच फंसे अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के लापता चालक दल सदस्य (एक सम्मानित कर्नल) को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक बचा लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने कहा, “मेरे प्यारे अमेरिकी नागरिकों, पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने अपने एक असाधारण क्रू सदस्य अधिकारी के लिए अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। अब वह सुरक्षित हैं।”</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/WhiteHouse/status/2040644451513598220?s=20">https://twitter.com/WhiteHouse/status/2040644451513598220?s=20</a></blockquote>
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<h4 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप के मुख्य बयान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">- अमेरिकी सेना ने दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान बचाव अभियान के लिए भेजे।<br />- लापता कर्नल ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाके में था, जहां दुश्मन उनका पीछा कर रहे थे।<br />- पूरा बचाव अभियान राष्ट्रपति (कमांडर इन चीफ), युद्ध सचिव, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ और साथी सैनिकों की 24 घंटे निगरानी में चला।<br />- ट्रंप ने कहा कि यह योद्धा अब सुरक्षित है, हालांकि उसे कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह ठीक हो जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>जानें पूरी डीटेल </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को ईरान ने अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर गिरा दिया था। विमान के एक चालक दल सदस्य को पहले ही बचा लिया गया था, जबकि दूसरा (कर्नल) लापता हो गया था और ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में उतरा था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पायलट को जिंदा पकड़ने वाले के लिए 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम घोषित किया था और पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप की सख्त चेतावनी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">बचाव अभियान की सफलता के बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर दिया। उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अंतिम ultimatum देते हुए कहा कि या तो समझौता कर लो या होर्मुज की खाड़ी खोल दो, वरना “all hell will reign down” यानी ईरान पर भयंकर हमले होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:41:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के दो ऊर्जा केंद्रों पर हमला: ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरा, फिर भी तनाव चरम पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान/वाशिंगटन : </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोलने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई, लेकिन ठीक उसी दौरान ईरान के दो महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधाओं पर हवाई हमलों की खबर आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज (आईआरजीसी से जुड़ी) ने मंगलवार तड़के दावा किया कि इस्फहान और खोर्रमशहर में गैस से जुड़ी दो सुविधाओं को निशाना बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस्फहान में एक प्राकृतिक गैस प्रशासन भवन और गैस दबाव कम करने वाली स्टेशन पर हमला हुआ, जिसमें सुविधाओं के कुछ हिस्सों और आसपास के घरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576219/attack-on-two-iranian-power-stations--trump-s-48-hour-ultimatum-met--but-tensions-remain-high"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(34)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान/वाशिंगटन : </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोलने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई, लेकिन ठीक उसी दौरान ईरान के दो महत्वपूर्ण ऊर्जा सुविधाओं पर हवाई हमलों की खबर आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज (आईआरजीसी से जुड़ी) ने मंगलवार तड़के दावा किया कि इस्फहान और खोर्रमशहर में गैस से जुड़ी दो सुविधाओं को निशाना बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस्फहान में एक प्राकृतिक गैस प्रशासन भवन और गैस दबाव कम करने वाली स्टेशन पर हमला हुआ, जिसमें सुविधाओं के कुछ हिस्सों और आसपास के घरों को नुकसान पहुंचा। वहीं खोर्रमशहर में बिजली संयंत्र को सप्लाई करने वाली गैस पाइपलाइन को टारगेट किया गया, हालांकि स्थानीय गवर्नर के अनुसार प्रोजेक्टाइल स्टेशन के बाहर गिरी और कोई हताहत नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी तक न तो अमेरिका ने और न ही इजरायल ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि क्या ये हमले विशेष रूप से इन सुविधाओं पर किए गए थे या आसपास के क्षेत्रीय हमलों का हिस्सा थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप का अल्टीमेटम और 5 दिन की मोहलत</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी धमकी के पूरी तरह नहीं खोलता तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को “obliterate” (नष्ट) कर देगा—और सबसे बड़े से शुरू करेगा। उन्होंने 48 घंटे की सख्त डेडलाइन दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के एक “सम्मानित” नेता से बातचीत की है और शांति समझौते की संभावना है। उन्होंने हमलों पर 5 दिन की अतिरिक्त मोहलत दे दी और युद्ध समाप्त करने के संकेत दिए। लेकिन ईरान ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि ट्रंप फेक न्यूज फैला रहे हैं—कोई बातचीत नहीं हुई।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>होर्मुज स्ट्रेट क्यों जरूरी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करता है तो वह इस जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देगा और तब तक नहीं खोलेगा जब तक क्षतिग्रस्त सुविधाएं दोबारा नहीं बन जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान ने आगे धमकी दी है कि वह क्षेत्र के अमेरिकी और इजरायली ऊर्जा व डेसालिनेशन प्लांट्स को भी निशाना बना सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। एक तरफ ट्रंप युद्ध समाप्त करने और बातचीत की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ ईरान हमलों का दावा कर रहा है और जवाबी कार्रवाई की तैयारी में दिख रहा है। इन घटनाओं से वैश्विक तेल और गैस की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 08:52:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ईरान से दोस्ती पुरानी, जहाजों के लिए कोई नया समझौता नहीं': जयशंकर का साफ संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> पश्चिम एशिया में 17 दिनों से जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले 20% वैश्विक तेल की आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। ऐसे में भारत ने कूटनीति का मजबूत रास्ता अपनाते हुए भारतीय ध्वज वाले जहाजों का सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया है।</p><p>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि भारत ने ईरान के साथ कोई नया समझौता या लेन-देन नहीं किया है। उन्होंने कहा, “हमारी ईरान के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575152/-friendship-with-iran-is-old--no-new-deal-for-ships---jaishankar-s-clear-message"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(45)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> पश्चिम एशिया में 17 दिनों से जारी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले 20% वैश्विक तेल की आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। ऐसे में भारत ने कूटनीति का मजबूत रास्ता अपनाते हुए भारतीय ध्वज वाले जहाजों का सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया है।</p><p>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि भारत ने ईरान के साथ कोई नया समझौता या लेन-देन नहीं किया है। उन्होंने कहा, “हमारी ईरान के साथ पुरानी दोस्ती और सहयोग है। इसी आधार पर भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। यह कोई सौदा या व्यापार का मामला नहीं है।”</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>ईरान ने दी अनुमति, लेकिन केवल चुनिंदा जहाजों को</strong></h3><p>जयशंकर ने बताया कि ईरानी अधिकारियों के साथ सीधा और निर्णायक संवाद चल रहा है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। पिछले सप्ताह दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति मिली थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच टेलीफोनिक बातचीत के कुछ घंटों बाद आया था। यह वार्ता अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं का पहला संपर्क था।</p><p>इसके अलावा, जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच भी लगातार चर्चा हुई। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक भारतीय जहाज को केस-बाय-केस आधार पर अनुमति दी जा रही है और अभी भी कई जहाजों को इस मार्ग से गुजरना बाकी है।</p><h3><strong>होर्मुज किसके लिए बंद?</strong></h3><p>ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को मुख्य रूप से अमेरिकी, इस्राइली जहाजों और उनके सहयोगी देशों के लिए बंद रखा है। भारत ने इस संकट में सैन्य हस्तक्षेप या गठबंधन में शामिल होने के बजाय शांतिपूर्ण संवाद का रास्ता चुना है।</p><h3><strong>ट्रंप का आह्वान, लेकिन साथी तैयार नहीं</strong></h3><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों से होर्मुज की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की थी, लेकिन जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत अधिकांश देशों ने इससे इनकार कर दिया। भारत ने भी युद्धपोत भेजने के बजाय कूटनीतिक चैनलों के जरिए अपने हितों की रक्षा की रणनीति अपनाई है।</p><p>जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत अपनी इस सफल कूटनीति को यूरोपीय देशों के साथ साझा करने को तैयार है, लेकिन हर देश की ईरान के साथ स्थिति अलग-अलग है, इसलिए एक जैसा फॉर्मूला सभी पर लागू नहीं हो सकता।</p><p>यह घटनाक्रम दिखाता है कि भारत ने संकट के बीच संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति के दम पर अपने व्यापारिक हितों को सुरक्षित रखा है, बिना किसी बड़े समझौते या सैन्य दबाव के।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 12:57:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का ईरान पर तीखा वार: 'सरेंडर करो, नहीं तो होगी और बर्बादी', सुप्रीम लीडर मुज्तबा की मौत की अफवाहों को हवा दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वॉशिंगटनः</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे सरेंडर करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई शायद जिंदा ही नहीं हैं। मध्य पूर्व में जारी हिंसा को लेकर ट्रंप ने तुरंत युद्ध रोकने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया। एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने खुलकर कहा कि तेहरान भले ही दुश्मनी खत्म करने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन वो अभी की शर्तों से खुश नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी डील "पक्की और मजबूत" होनी चाहिए, वरना बात नहीं बनेगी।</p>
<h3><strong>सुप्रीम लीडर की सेहत पर</strong></h3>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575030/trump-slams-iran--%22surrender--or-there-will-be-more-destruction-%22-fueling-rumors-of-supreme-leader-mujtaba-s-death"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(66)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>वॉशिंगटनः</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे सरेंडर करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई शायद जिंदा ही नहीं हैं। मध्य पूर्व में जारी हिंसा को लेकर ट्रंप ने तुरंत युद्ध रोकने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया। एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने खुलकर कहा कि तेहरान भले ही दुश्मनी खत्म करने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन वो अभी की शर्तों से खुश नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी डील "पक्की और मजबूत" होनी चाहिए, वरना बात नहीं बनेगी।</p>
<h3><strong>सुप्रीम लीडर की सेहत पर बड़ा शक</strong></h3>
<p>ट्रंप ने हाल ही में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पद संभालने वाले मुज्तबा की हालत पर गंभीर सवाल उठाए। मुज्तबा के सार्वजनिक तौर पर नजर न आने पर ट्रंप बोले, "मुझे नहीं पता वो जिंदा हैं भी या नहीं। अभी तक किसी ने उन्हें देखा तक नहीं।" उन्होंने आगे कहा कि अफवाहें हैं कि मुज्तबा अब इस दुनिया में नहीं हैं, और अगर वो जिंदा हैं तो उन्हें देश हित में समझदारी दिखानी चाहिए—यानी सरेंडर। बता दें कि पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को दावा किया था कि हाल के हमलों में मुज्तबा बुरी तरह घायल हो गए हैं और शायद विकृत भी। हेगसेथ के मुताबिक, ईरानी लीडर "डरे हुए, चोटिल और बिना वैधता के" हैं।</p>
<h3><strong>खारग आईलैंड को बनाया खंडहर</strong></h3>
<p>ट्रंप ने अमेरिकी फौज के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान का अहम तेल निर्यात हब खारग आईलैंड पूरी तरह तबाह हो चुका है। हालांकि, उन्होंने ये भी जोड़ा कि ऊर्जा सुविधाओं को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाया गया, ताकि बाद में जल्दी修复 हो सके। ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा, "हमने इसे बर्बाद कर दिया है। अगर मन किया तो और कुछ हमले कर सकते हैं।" साथ ही, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोनों को नेस्तनाबूद कर दिया है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।</p>
<h3><strong>होर्मुज जलडमरूमध्य में जंगी जहाजों की मांग</strong></h3>
<p>ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए कई देशों से अपील की कि वो यहां अपने युद्धपोत भेजें। खासतौर पर ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि ये सभी प्रभावित हैं, इसलिए सक्रिय भूमिका निभाएं। आगामी चुनावों पर इसके असर को लेकर ट्रंप बेफिक्र दिखे—बोले, "मुझे जरा भी टेंशन नहीं।" उनका कहना है कि ये सारी रणनीति सिर्फ मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए है, ताकि ईरान कभी दोबारा इस इलाके पर कब्जा न कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 10:34:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हॉर्मुज जलडमरूमध्य : अमेरिका ने दी ईरान को और भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, कहा- रोका तेल तो 20 गुना होगी तबाही </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों को रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमला करेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल के जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए कुछ भी करता है, तो अमेरिका उस पर अब तक किए गए हमलों के मुकाबले बीस गुना अधिक जोरदार प्रहार करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें आसानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574424/strait-of-hormuz--america-warns-iran-of-even-more-severe-action--saying-stopping-oil-will-cause-20-times-more-devastation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/डोनाल्ड-ट्रंप.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों को रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमला करेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल के जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए कुछ भी करता है, तो अमेरिका उस पर अब तक किए गए हमलों के मुकाबले बीस गुना अधिक जोरदार प्रहार करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकता है और इससे ईरान का दोबारा खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उन पर मौत, आग और रोष का कहर बरसेगा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह आशा और प्रार्थना करते हैं कि ऐसा न हो। गौरतलब है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते से वैश्विक तेल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रम्प ने अपनी इस चेतावनी को चीन और उन सभी देशों के लिए अमेरिका की ओर से एक उपहार बताया जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य का अत्यधिक उपयोग करते हैं। चीन और अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाएं इस जलमार्ग से भेजे जाने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर निर्भर हैं। यह रास्ता युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग बंद है। इससे पहले सोमवार को ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा था कि जो भी अरब या यूरोपीय देश अपने क्षेत्र से इजरायली और अमेरिकी राजदूतों को निष्कासित करेगा, उसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बेरोकटोक आवाजाही की इजाजत होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 09:27:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का दावा: भारत-पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर जंग रोकी, पाक PM की बचाई जान... 3.5 करोड़ मौतें टलीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते। मंगलवार को अपने 100 मिनट से अधिक लंबे 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में ट्रंप ने अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने दो दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच युद्ध को रोकने में मदद की जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, ''अपने पहले 10 महीनों में मैंने आठ युद्ध समाप्त कराए.. जिनमें पाकिस्तान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573299/trump-claims--prevented-nuclear-war-between-india-and-pakistan--saved-pak-pm-s-life----35-million-deaths-averted"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/डोनाल्ड-ट्रंप.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते। मंगलवार को अपने 100 मिनट से अधिक लंबे 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में ट्रंप ने अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने दो दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच युद्ध को रोकने में मदद की जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, ''अपने पहले 10 महीनों में मैंने आठ युद्ध समाप्त कराए.. जिनमें पाकिस्तान और भारत का संघर्ष भी शामिल है, जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते।'' अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी इसी तरह के दावे कर चुके हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि शरीफ ने परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसी देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करने में मदद करके लाखों लोगों की जान बचाने का श्रेय उन्हें दिया था। इससे पहले ट्रंप ने इससे कम आंकड़े बताए थे। उन्होंने एक बार पहले 2.5 करोड़ और बाद में एक करोड़ के आंकड़े का उल्लेख किया था। ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को कई बार दे चुके हैं। यह दावा वह पिछले साल 10 मई से अब तक लगभग 100 बार कर चुके हैं, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में हुई ''देर रात'' की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ''पूर्ण और तत्काल'' युद्धविराम पर सहमत हुए हैं।</p>
<p>भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया है। अपने संबोधन में ट्रंप ने कई अन्य संघर्षों को भी सूचीबद्ध किया, जिन्हें सुलझाने में उन्होंने मदद करने का दावा किया। इनमें कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान, कांगो और रवांडा तथा गाजा में युद्ध शामिल हैं, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि ये युद्ध अब ''बहुत निम्न स्तर'' पर जारी हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका देश और विदेश में सुरक्षा बहाल कर रहा है।</p>
<p>राष्ट्रपति ने 'व्हाइट हाउस' (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपने दूसरे कार्यकाल के दूसरे 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में कहा, ''हम गर्व से अपने देश में अमेरिकियों की सुरक्षा बहाल कर रहे हैं और विदेशों में भी अमेरिकियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारा देश पहले से कहीं अधिक मजबूत है।'' ट्रंप के संबोधन के दौरान डेमोक्रेटिक सांसदों के बाधा डालने पर उन्होंने कहा, ''यह मजाक नहीं है। ये बेचारे लोग।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 10:23:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का चौंका देने वाला ऐलान: खुद को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन: </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक हैरान करने वाला बयान दिया है, जिसने दुनिया भर में हलचल मचा दी। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा कर खुद को वेनेजुएला का 'कार्यकारी राष्ट्रपति' करार दिया। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>वेनेजुएला पर अमेरिका की सख्ती बढ़ी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। इस दौरान वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया। मादुरो और उनकी पत्नी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567347/trump-makes-shocking-announcement--declares-himself-interim-president-of-venezuela"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(66)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन: </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक हैरान करने वाला बयान दिया है, जिसने दुनिया भर में हलचल मचा दी। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा कर खुद को वेनेजुएला का 'कार्यकारी राष्ट्रपति' करार दिया। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>वेनेजुएला पर अमेरिका की सख्ती बढ़ी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। इस दौरान वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया। मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन पर ड्रग से जुड़े आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।<br /><br /></p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2010542595513208931?s=20">https://twitter.com/ANI/status/2010542595513208931?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने इसके बाद घोषणा की कि अमेरिका वेनेजुएला के मामलों को संभालेगा, जब तक कि एक सुरक्षित और उचित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे ऐसा कोई खतरा नहीं उठा सकते कि कोई दूसरा ताकत वेनेजुएला पर कब्जा कर ले, जो वहां के लोगों के हितों को नजरअंदाज करे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद वेनेजुएला की कमान उप-राष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में सौंपी गई। रोड्रिगेज ने पिछले सप्ताह आधिकारिक रूप से अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। ट्रंप ने आगे बताया कि वेनेजुएला के अंतरिम प्रशासन ने अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल देने का वादा किया है, जिसे बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विदेशी संबंधों पर दबाव</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला पर जोर दे रहा है कि वह चीन, रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों से आर्थिक रिश्ते तोड़ दे। तभी उसे तेल उत्पादन बढ़ाने की अनुमति मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी सरकार चाहती है कि वेनेजुएला तेल क्षेत्र में सिर्फ अमेरिका के साथ साझेदारी करे और कच्चे तेल की बिक्री में अमेरिका को प्राथमिकता दे। यह मुद्दा फिलहाल गर्म बहस का केंद्र बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 09:07:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सवालों के घेरे में एक बार फिर भाजपा: कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- ऑपरेशन सिंदूर पर मध्यस्थता के चीन के दावे पर जवाब दें PM मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बाद अब चीन दावा कर रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल हुए सैन्य कार्रवाई में उसकी मध्यस्थता से अचानक ऑपरेशन सिन्दूर रोका गया था। पार्टी ने इसे भारत के साथ मजाक करार दिया और कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सरकार ने जो कुछ बताया ये दावे उसके विपरीत है और इस तरह के दावे देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसका जवाब देना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को चीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565689/bjp-once-again-under-fire--congress-leveled-serious-allegations--demanding-that-pm-modi-respond-to-china-s-claim-of-mediation-on-operation-sindoor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(58)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बाद अब चीन दावा कर रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल हुए सैन्य कार्रवाई में उसकी मध्यस्थता से अचानक ऑपरेशन सिन्दूर रोका गया था। पार्टी ने इसे भारत के साथ मजाक करार दिया और कहा कि सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सरकार ने जो कुछ बताया ये दावे उसके विपरीत है और इस तरह के दावे देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसका जवाब देना चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को चीन के दावों को चिंताजनक बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प पहले ही बार-बार दावे कर रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर आयात शुल्क का डर दिखाकर कर दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) के बीच संघर्ष को रुकवाया था और अब चीन भी दावा कर रहा है और इस पर श्री मोदी की चुप्पी बेहद परेशान करने वाली है।</p>
<p>जयराम रमेश ने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि उन्होंने 10 मई को ऑपरेशन सिन्दूर रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया था। वह यह दावा कम से कम सात अलग-अलग देशों में, विभिन्न मंचों पर 65 बार कर चुके हैं। श्री मोदी ने इन दावों पर कभी भी अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी और अब चीन के विदेश मंत्री भी ऐसा ही दावा कर रहे हैं कि उसकी मध्यस्थता के कारण यह संघर्ष रोका गया था।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बारे में चार जुलाई को उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा, "ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भारत असल में चीन का सामना कर रहा था और उससे लड़ रहा था। चूंकि चीन निर्णायक रूप से पाकिस्तान के साथ खड़ा था, ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने के चीन के दावे चिंताजनक हैं और यह सिर्फ इसलिए नहीं कि वे देश की जनता को दी गई जानकारी के उलट हैं, बल्कि इसलिए भी कि वे हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मज़ाक बनाते प्रतीत होते हैं।"</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा, "इस दावे को चीन के साथ हमारे संबंधों के संदर्भ में भी समझा जाना चाहिए क्योंकि भारत ने चीन से बातचीत शुरु कर दी है लेकिन दुर्भाग्य से बातचीत चीन के शर्तों पर हो रही है। प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को चीन को दी गई क्लीन चिट ने भारत की बातचीत की स्थिति को काफी कमजोर किया है। हमारा व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर है और हमारे निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन से होने वाले आयात पर निर्भर है। अरुणाचल प्रदेश के संबंध में चीन की उकसाने वाली हरकतें लगातार जारी हैं। ऐसे एकतरफ़ा और शत्रुतापूर्ण संबंधों के बीच, भारत की जनता को यह स्पष्टता चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने में चीन ने क्या भूमिका निभाई।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:19:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से की बातचीत, जानें डोनाल्ड ट्रंप से किस मुद्दे पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि नेताओं ने व्यापार, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों का समाधान करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप ने भारत-अमेरिका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563227/prime-minister-modi-held-talks-with-the-us-president--find-out-what-issues-were-discussed-with-donald-trump"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/cats48.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि नेताओं ने व्यापार, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों का समाधान करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लगातार मजबूत होने पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया कि मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के साझा प्रयासों में गति बनाये रखने के महत्व पर जोर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि नेताओं ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा तथा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जो 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका ‘कॉम्पैक्ट’ (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को उत्प्रेरित करना) के कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और साझा चुनौतियों का समाधान करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563227/prime-minister-modi-held-talks-with-the-us-president--find-out-what-issues-were-discussed-with-donald-trump</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 21:25:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का भारत को सीधा अल्टीमेटम: “सस्ता चावल बेचना बंद करो, वरना भारी टैरिफ ठोंक दूंगा!”</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन/न्यूयॉर्क:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को खुलकर भारत को चेतावनी दे दी कि अगर भारतीय चावल अमेरिकी बाजार में सस्ते दामों पर “डंप” होता रहा, तो उस पर तुरंत भारी शुल्क लगा दिया जाएगा। व्हाइट हाउस में किसानों और कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई हाई-लेवल बैठक में ट्रंप ने कहा, “भारत को यह सब करने की इजाजत क्यों दी जा रही है? उन्हें टैरिफ चुकाना पड़ेगा। यह समस्या एक दिन में सुलझ जाएगी!”</p>
<p><strong>“हम संघर्ष कर रहे हैं” – अमेरिकी चावल किसानों की गुहार</strong></p>
<p>लुइसियाना की मशहूर केनेडी राइस मिल की मालकिन मेरिल केनेडी ने ट्रंप के सामने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562854/trump-s-direct-ultimatum-to-india--%22stop-selling-cheap-rice--or-i-ll-impose-heavy-tariffs-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/donald-trump6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन/न्यूयॉर्क:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को खुलकर भारत को चेतावनी दे दी कि अगर भारतीय चावल अमेरिकी बाजार में सस्ते दामों पर “डंप” होता रहा, तो उस पर तुरंत भारी शुल्क लगा दिया जाएगा। व्हाइट हाउस में किसानों और कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई हाई-लेवल बैठक में ट्रंप ने कहा, “भारत को यह सब करने की इजाजत क्यों दी जा रही है? उन्हें टैरिफ चुकाना पड़ेगा। यह समस्या एक दिन में सुलझ जाएगी!”</p>
<p><strong>“हम संघर्ष कर रहे हैं” – अमेरिकी चावल किसानों की गुहार</strong></p>
<p>लुइसियाना की मशहूर केनेडी राइस मिल की मालकिन मेरिल केनेडी ने ट्रंप के सामने रोते हुए कहा, “दक्षिणी अमेरिका के चावल किसान बुरी तरह टूट चुके हैं। भारत, थाईलैंड और चीन हमारे बाजार में बेहद कम कीमत पर चावल फेंक रहे हैं।”  <br />उन्होंने खास तौर पर प्यूर्टो रिको का उदाहरण दिया, जो कभी अमेरिकी चावल का सबसे बड़ा खरीदार था। मेरिल बोलीं, “चीन ने वहां इतना सस्ता चावल डाला है कि पिछले कई सालों से हमारा एक दाना भी नहीं बिका।”</p>
<p><strong>ट्रंप ने तुरंत पलटकर पूछा – “भारत को छूट क्यों?”</strong></p>
<p>जब मेरिल ने भारत का नाम लिया, तो ट्रंप ने पास बैठे वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से सवाल दागा:  <br />“भारत को ऐसा करने की इजाजत क्यों है? क्या उन्हें चावल पर कोई छूट मिली हुई है?”  <br />बेसेंट ने जवाब दिया, “नहीं सर, हम अभी भारत के साथ व्यापार समझौता कर रहे हैं।”  <br />इस पर ट्रंप मुस्कुराए और बोले, “बहुत आसानी से ठीक हो जाएगा। बस टैरिफ लगा दो, समस्या एक दिन में खत्म!”</p>
<p>मेरिल केनेडी ने बताया कि मौजूदा टैरिफ तो असर दिखा रहे हैं, लेकिन और सख्त करने की जरूरत है। ट्रंप ने तुरंत सहमति जताई।</p>
<p><strong>भारत पर पहले से सबसे ज्यादा 50% टैरिफ, फिर भी नई धमकी</strong></p>
<p>ट्रंप प्रशासन ने पहले ही भारत पर दुनिया का सबसे ऊंचा 50% टैरिफ लगा रखा है (जिसमें रूस से तेल खरीदने पर 25% अलग से शामिल है)। अब चावल पर नया शुल्क लगने से भारतीय निर्यातकों को तगड़ा झटका लग सकता है।</p>
<p>गौरतलब है कि भारत दुनिया का नंबर-1 चावल उत्पादक और निर्यातक है। 2024-25 में वैश्विक चावल निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 30.3% है। अमेरिका में सोना मसूरी, 1121 बासमती जैसी भारतीय किस्में बहुत पसंद की जाती हैं।</p>
<p><strong>अब सबकी नजरें 10-11 दिसंबर की भारत-अमेरिका वार्ता पर</strong></p>
<p>इसी हफ्ते अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की टीम भारत आ रही है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को साल के अंत तक पूरा करना चाहते हैं। लेकिन ट्रंप का यह ताजा बयान वार्ता में नया तनाव पैदा कर सकता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 08:47:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का टैरिफ बम... अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी चीन  100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह अगले महीने से चीन से आयात पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण भी लगाएगा। </p>
<p>शुक्रवार को एक पूर्व पोस्ट में, उन्होंने इस सप्ताह बीजिंग द्वारा दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात के नियमों को कड़ा करने के कदम पर पलटवार किया और चीन पर "बहुत शत्रुतापूर्ण" होने और दुनिया को "बंदी" बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक बैठक से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555744/trump-s-tariff-bomb----us-president-threatens-to-impose-100-percent-additional-tariff-on-china"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(5)10.png" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह अगले महीने से चीन से आयात पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण भी लगाएगा। </p>
<p>शुक्रवार को एक पूर्व पोस्ट में, उन्होंने इस सप्ताह बीजिंग द्वारा दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात के नियमों को कड़ा करने के कदम पर पलटवार किया और चीन पर "बहुत शत्रुतापूर्ण" होने और दुनिया को "बंदी" बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक बैठक से हटने की धमकी दी। बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने इसे रद्द नहीं किया है, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि "हम इसे रद्द करने वाले हैं"। </p>
<p>उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "मैं हर हाल में वहाँ मौजूद रहूँगा।" ट्रंप की टिप्पणी के बाद वित्तीय बाजारों में गिरावट आई और एसएंडपी 500... 2.7 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जो अप्रैल के बाद से इसकी सबसे बड़ी गिरावट है। </p>
<p>चीन दुर्लभ मृदा और कुछ अन्य प्रमुख सामग्रियों के उत्पादन में अग्रणी है, जो कारों, स्मार्टफ़ोन और कई अन्य वस्तुओं के प्रमुख घटक हैं। पिछली बार जब बीजिंग ने निर्यात नियंत्रण कड़े किए थे - इस साल की शुरुआत में ट्रम्प द्वारा चीनी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाए जाने के बाद - तो इन सामग्रियों पर निर्भर कई अमेरिकी कंपनियों ने इसका विरोध किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555744/trump-s-tariff-bomb----us-president-threatens-to-impose-100-percent-additional-tariff-on-china</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 09:40:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>Operation Sindoor: पाकिस्तान ने भारतीय सेना के आगे की संघर्ष विराम करने की गुजारिश, भारत ने पाक के कई दावों को किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संयुक्त राष्ट्र। </strong>भारत ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान की सेना ने ही युद्धविराम की अपील की थी, और भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद में तीसरे पक्ष की दखलंदाजी की कोई जरूरत नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र की सामान्य बहस के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने शुक्रवार को यह बयान दिया।</p>
<p>शरीफ ने अपने संबोधन में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच टकराव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554508/operation-sindoor--pakistan-requests-ceasefire-ahead-of-indian-army--india-rejects-many-of-pakistan-s-claims"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(2)20.png" alt=""></a><br /><p><strong>संयुक्त राष्ट्र। </strong>भारत ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान की सेना ने ही युद्धविराम की अपील की थी, और भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद में तीसरे पक्ष की दखलंदाजी की कोई जरूरत नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र की सामान्य बहस के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने शुक्रवार को यह बयान दिया।</p>
<p>शरीफ ने अपने संबोधन में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच टकराव को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। जवाबी अधिकार का प्रयोग करते हुए गहलोत ने यूएनजीए में कहा, "इस सभा में आज सुबह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का निराधार और बेतुका वक्तव्य सुनाई दिया। उन्होंने फिर से आतंकवाद की सराहना की, जो उनकी विदेश नीति का मूल आधार बना हुआ है।"</p>
<p>शरीफ ने अपने भाषण में भारत के साथ सभी अनसुलझे मुद्दों पर "समग्र, व्यापक और प्रभावी" संवाद के लिए इच्छा जताई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भारत की कटु आलोचना भी की। ट्रंप की तारीफ करते हुए शरीफ ने कहा कि उनके "शांति प्रयासों" ने दक्षिण एशिया में संभावित युद्ध को रोका। उन्होंने आगे कहा, "क्षेत्रीय शांति को मजबूत करने में राष्ट्रपति ट्रंप के असाधारण और सराहनीय योगदान के लिए पाकिस्तान ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। हम इतना तो कर ही सकते हैं... मुझे विश्वास है कि वे वास्तव में शांति के प्रतीक हैं।"</p>
<p>बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 6 मई की मध्य रात्रि को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) स्थित आतंकी अड्डों पर सटीक हमले किए थे। भारत का लगातार यह रुख रहा है कि युद्धविराम पर सहमति दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच प्रत्यक्ष वार्ता के बाद ही बनी थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/554507/uksssc-paper-leak--unemployed-continue-protest-demanding-cbi-inquiry--congress-joins-in"><span class="t-red">UKSSSC Paper Leak: </span>सीबीआई जांच की मांग को लेकर बेरोजगारों का प्रदर्शन जारी, कांग्रेस का भी मिला साथ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 08:41:37 +0530</pubDate>
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