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                <title>आदेश - Amrit Vichar</title>
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                <description>आदेश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नैनीताल: पेयजल सचिव को वीडियो कांफ्रेंस से पेश होने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी के बड़कोट में पानी की समस्या से निजात दिलाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मनोज तिवारी व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने इस समस्या को गंभीर मानते हुए पेयजल सचिव से 26 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने को कहा है। </p>
<p>मामले के अनुसार बड़कोट निवासी पत्रकार सुनील थपलियाल ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि बड़कोट में पानी की समस्या है। इसको लेकर क्षेत्रवासी पिछले 6 जून से तहसील परिसर में क्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। क्षेत्रवासी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/507356/nainital-drinking-water-secretary-ordered-to-appear-through-video-conference"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/नैनीताल-हाईकोर्ट4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी के बड़कोट में पानी की समस्या से निजात दिलाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मनोज तिवारी व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने इस समस्या को गंभीर मानते हुए पेयजल सचिव से 26 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने को कहा है। </p>
<p>मामले के अनुसार बड़कोट निवासी पत्रकार सुनील थपलियाल ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि बड़कोट में पानी की समस्या है। इसको लेकर क्षेत्रवासी पिछले 6 जून से तहसील परिसर में क्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। क्षेत्रवासी टैंकरों से पानी लाकर परेशान हो रहे हैं, जबकि 500 मीटर की दूरी पर नदी है।</p>
<p>प्रशासन ने अभी तक उनकी इस समस्या का समाधान करने में कोई मदद नहीं की है। इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रवासियों ने कई बार मुख्यमंत्री, प्रशासन को प्रत्यावेदन दिए, परन्तु अभी तक उनके प्रत्यावेदनों पर कोई निर्णय नहीं लिया। आक्रोशित होकर क्षेत्रवासी 6 जून से क्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p>उनके दिए प्रत्यावेदनों में कहा गया कि इस समस्या का समाधान एकमात्र उपाय तिलाड़ी से बड़कोट के लिए पंपिंग योजना का निर्माण करने से हो सकता है, इसलिए इसकी शीघ्र स्वीकृति करने के आदेश सरकार व पेयजल निगम को दिए जाएं।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/507352/uttarkashi-mosque-dispute-muslim-community-files-appeal-in-high-court#gsc.tab=0">उत्तरकाशी मस्जिद विवाद: मुस्लिम समुदाय ने हाईकोर्ट में दायर की अपील, सुरक्षा की मांग</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 14:57:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल: छात्र संघ चुनाव : हाईकोर्ट ने लिंगदोह की सिफारिशों व राज्य सरकार के आदेश में अंतर की रिपोर्ट मांगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने प्रदेश में छात्र संघ के चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने राज्य सरकार से शासनादेश व लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में अंतर को स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। </p>
<p>किशन सिंह ने एकलपीठ में याचिका दायर कर कहा कि  राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि सभी विश्वविद्यालयों में सितंबर माह तक बच्चों के प्रवेश पूरा कर छात्रसंघ चुनाव  कराए जाए। इसके बावजूद कई विश्वविद्यालयों ने अक्टूबर तक छात्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506136/nainital-students-union-election-high-court-sought-report-on-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/नैनीताल-हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने प्रदेश में छात्र संघ के चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने राज्य सरकार से शासनादेश व लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में अंतर को स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। </p>
<p>किशन सिंह ने एकलपीठ में याचिका दायर कर कहा कि  राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा था कि सभी विश्वविद्यालयों में सितंबर माह तक बच्चों के प्रवेश पूरा कर छात्रसंघ चुनाव  कराए जाए। इसके बावजूद कई विश्वविद्यालयों ने अक्टूबर तक छात्रों के एडमिशन कराए तो सितंबर में चुनाव कैसे हो सकते है।</p>
<p>यह आदेश गलत है इसपर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार ने लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट, सर्वोच्च न्यायलय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। सर्वोच्च न्यायलय के दिशा निर्देश ,लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट व यूजीसी की नियमावली में स्पष्ट कहा कि हर विश्वविद्यालय का अपना एक शैक्षणिक कैलेंडर होगा उसी के आधार पर सभी कार्यक्रम निर्धारित होंगे। एडमिशन होने के आठ सप्ताह के बाद छात्र संघ के चुनाव भी होंगे।</p>
<p>यहां राज्य सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट, यूजीसी के नियमों व  विश्वविद्यालय के नियमावली का उल्लंघन करके एक आदेश पारित कर दिया। सितंबर तक चुनाव कराने की तिथि तक नियत कर दी। जब अक्टूबर तक एडमिशन हुए है तो सितंबर में बिना छात्रों के चुनाव सम्भव नहीं है। राज्य सरकार को यह पावर नहीं है कि वह किसी भी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को तय करें यह शक्ति केंद्र व यूजीसी के पास है। </p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/506061/haldwanis-storm-of-transfers-but-the-chair-of-banbhulpura-and#gsc.tab=0">हल्द्वानी: तबादलों की आंधी, लेकिन बनभूलपुरा और रामनगर की कुर्सी नहीं डिगी</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 11:12:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड के दो जिलों में मतदाता संख्या में असामान्य वृद्धि, निर्वाचन अधिकारी ने वेरिफिकेशन अभियान के आदेश दिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong>  उत्तराखंड के दो जिलों, अल्मोड़ा और पौड़ी, में मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि का मामला सामने आया है, जिससे निर्वाचन अधिकारियों में चिंता का माहौल है। राज्य के औसत मतदाता-जनसंख्या अनुपात (ईपी रेशियो) 704 है, लेकिन इन दोनों जिलों में यह आंकड़ा औसत से काफी ज्यादा पाया गया है। इसे लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को तत्काल वेरिफिकेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>अल्मोड़ा और पौड़ी में असामान्य वृद्धि</strong></span></p>
<p>उत्तराखंड में औसतन प्रति एक हजार व्यक्तियों में से 704 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि अल्मोड़ा में यह आंकड़ा 995 और पौड़ी में 979</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/504556/abnormal-increase-in-voter-numbers-in-two-districts-of-uttarakhand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/06_07_2022-votercard.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड के दो जिलों, अल्मोड़ा और पौड़ी, में मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि का मामला सामने आया है, जिससे निर्वाचन अधिकारियों में चिंता का माहौल है। राज्य के औसत मतदाता-जनसंख्या अनुपात (ईपी रेशियो) 704 है, लेकिन इन दोनों जिलों में यह आंकड़ा औसत से काफी ज्यादा पाया गया है। इसे लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों जिलों के जिलाधिकारियों को तत्काल वेरिफिकेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>अल्मोड़ा और पौड़ी में असामान्य वृद्धि</strong></span></p>
<p>उत्तराखंड में औसतन प्रति एक हजार व्यक्तियों में से 704 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि अल्मोड़ा में यह आंकड़ा 995 और पौड़ी में 979 के स्तर पर पहुंच चुका है। यह वृद्धि राज्य के औसत से क्रमशः 29.10 प्रतिशत और 27.50 प्रतिशत अधिक है। इन असामान्य आंकड़ों को देखकर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित सत्यापन की आवश्यकता महसूस की गई है। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>घर-घर जाकर सत्यापन की योजना</strong></span></p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने दोनों जिलों को ईपी रेशियो का पूरा डाटा भेज दिया है और अब जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन जिलों में घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन कराएं। विशेष रूप से उन मतदाताओं की पहचान की जाएगी जो इन जिलों के निवासी तो हैं, लेकिन वर्तमान में दूसरे राज्यों में निवास कर रहे हैं। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी व्यक्ति के नाम दोनों स्थानों पर तो पंजीकृत नहीं हैं, ताकि किसी प्रकार की चुनावी गड़बड़ी को रोका जा सके।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान</strong></span></p>
<p>डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा, "सत्यापन अभियान के बाद ही हम यह स्पष्ट कर पाएंगे कि इन जिलों में मतदाता सूची में यह असामान्य वृद्धि क्यों हुई है। अगर यह पाया जाता है कि यहां कोई गड़बड़ी है, तो हम उचित कदम उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।" </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>लोकतंत्र की मजबूती के लिए कदम</strong></span></p>
<p>यह वेरिफिकेशन अभियान राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। चुनावी प्रक्रिया को किसी भी प्रकार की धांधली से बचाने के लिए इस सत्यापन को जरूरी माना जा रहा है, ताकि मतदाता सूची में कोई भी गलत प्रविष्टि न हो और हर व्यक्ति का मतदान अधिकार सही तरीके से सुनिश्चित हो।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/504563/uttarkashi-smuggler-arrested-with-deer-feet-and-musk-case-registered#gsc.tab=0">उत्तरकाशी का तस्कर हिरण के पैर और कस्तूरी के साथ गिरफ्तार, वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/504556/abnormal-increase-in-voter-numbers-in-two-districts-of-uttarakhand</link>
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                <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 11:47:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा में नायब तहसीलदारों की अनुत्तीर्णता पर हड़कंप, पुनः प्रशिक्षण का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> अल्मोड़ा में प्रशिक्षण हासिल कर रहे नायब तहसीलदारों को प्रशिक्षण में सफल हुए बिना ही पद पर तैनाती देने का मामला सामने आया है। जब यह मामला उजागर हुआ, तो राजस्व परिषद में हड़कंप मच गया, और 36 में से 35 नायब तहसीलदारों को 1 दिसंबर से पुनः प्रशिक्षण लेने के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p>प्रदेश में चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को नायब तहसीलदार पद की नियुक्ति से पहले अल्मोड़ा स्थित प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होता है। हालांकि, मौजूदा बैच में शामिल 36 प्रशिक्षुओं में से 35</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/503520/panic-over-failure-of-naib-tehsildars-in-almora-order-for"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/download.png" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> अल्मोड़ा में प्रशिक्षण हासिल कर रहे नायब तहसीलदारों को प्रशिक्षण में सफल हुए बिना ही पद पर तैनाती देने का मामला सामने आया है। जब यह मामला उजागर हुआ, तो राजस्व परिषद में हड़कंप मच गया, और 36 में से 35 नायब तहसीलदारों को 1 दिसंबर से पुनः प्रशिक्षण लेने के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p>प्रदेश में चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को नायब तहसीलदार पद की नियुक्ति से पहले अल्मोड़ा स्थित प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होता है। हालांकि, मौजूदा बैच में शामिल 36 प्रशिक्षुओं में से 35 ने प्रशिक्षण में असफलता का सामना किया। इसके बावजूद, उन्हें विभिन्न स्थानों पर तैनात कर दिया गया था।</p>
<p>राजस्व परिषद के संज्ञान में आते ही, इन नायब तहसीलदारों को पुनः प्रशिक्षण के लिए वापस बुलाने के आदेश दिए गए। इसके साथ ही, अल्मोड़ा स्थित प्रशिक्षण संस्थान के कार्यकारी निदेशक **श्रीश कुमार** को भी पद से हटा दिया गया है। उन्हें बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है, जबकि सीएस डोभाल को नए कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।</p>
<p>श्रीश कुमार ने एक पत्र में उल्लेख किया था कि प्रशिक्षुओं के अनुशासन और व्यवहार में गंभीर कमियां थीं। पत्र में बताया गया कि 36 प्रशिक्षुओं में से 35 का आचरण संतोषजनक नहीं था, उन्होंने कक्षाओं में मोबाइल पर व्यस्त रहकर नोट्स नहीं बनाए, और अधिकांश विषयों में निर्धारित मानकों से कम अंक प्राप्त किए।</p>
<p>इस मामले ने प्रदेश में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि नायब तहसीलदार जैसे जिम्मेदार पद पर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों का यह हाल है, तो प्रदेश की अन्य स्थितियों का क्या होगा। अब सभी नायब तहसीलदारों को अगले महीने फिर से प्रशिक्षण लेना होगा, और सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने के बाद ही उन्हें नियुक्ति दी जाएगी।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/503515/accusation-of-embezzling-rs-15-lakh-against-bajpur-woman#gsc.tab=0">बाजपुर: महिला के खिलाफ 15 लाख रुपये हड़पने का आरोप</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/503520/panic-over-failure-of-naib-tehsildars-in-almora-order-for</link>
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                <pubDate>Sat, 02 Nov 2024 14:47:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: सुप्रीम कोर्ट में यूजेवीएनएल की याचिका पर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की चुनौती: तीन सप्ताह में जवाब देने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>प्रदेश में बिजली महंगी होने के मामले में उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) की याचिका के खिलाफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निगम और नियामक आयोग से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।</p>
<p>यूजेवीएनएल ने पावर डेवलपमेंट फंड और इसके ब्याज के लिए 2500 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह मांग नियामक आयोग से निराशा मिलने के बाद उठाई गई थी। इसके बाद, यूजेवीएनएल प्रबंधन ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) का सहारा लिया, जिसने यूजेवीएनएल के पक्ष में फैसला देते हुए नियामक आयोग को इस फंड की व्यवस्था कराने का आदेश दिया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/502989/industries-associations-challenge-on-ujvnls-petition-in-dehradun-supreme-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/कोर्ट-जागरण11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>प्रदेश में बिजली महंगी होने के मामले में उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) की याचिका के खिलाफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निगम और नियामक आयोग से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।</p>
<p>यूजेवीएनएल ने पावर डेवलपमेंट फंड और इसके ब्याज के लिए 2500 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह मांग नियामक आयोग से निराशा मिलने के बाद उठाई गई थी। इसके बाद, यूजेवीएनएल प्रबंधन ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) का सहारा लिया, जिसने यूजेवीएनएल के पक्ष में फैसला देते हुए नियामक आयोग को इस फंड की व्यवस्था कराने का आदेश दिया।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>मामले का विवरण</strong></span></p>
<p>यूजेवीएनएल की मांग में मूल रिटर्न और इक्विटी के साथ 850 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है, जिससे कुल आवश्यकता 2500 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है। हाल ही में, नियामक आयोग ने इस मामले में जनसुनवाई की थी, जिसके दौरान इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की जानकारी दी।</p>
<p>यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह में जवाब मांगा है और निगम इस दिशा में अपना जवाब तैयार कर रहा है। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>उपभोक्ताओं पर संभावित असर</strong></span></p>
<p>उधर, नियामक आयोग ने जनसुनवाई के फैसले को रोक रखा है। बताया जा रहा है कि यदि 2500 करोड़ रुपये की वसूली एक साथ की जाती है, तो इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। </p>
<p>यह मामला उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, और इसका नतीजा आने वाले दिनों में बिजली दरों को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/502980/strict-action-taken-by-dehradun-electricity-ombudsman-questions-raised-on#gsc.tab=0">देहरादून: विद्युत लोकपाल की सख्त कार्रवाई: यूपीसीएल के अधिकारियों पर उठे सवाल</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/502989/industries-associations-challenge-on-ujvnls-petition-in-dehradun-supreme-court</link>
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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 15:59:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: डीएलएसए के आदेश पर दवाओं और खाद्य पदार्थों को जांचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) नैनीताल के आदेश के बाद भीमताल में एक्सपायरी दवाओं और खाद्य पदाथों को लेकर बड़ी छापेमारी कार्रवाई की गई। कई दुकानों और मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। <br />जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल ने मेडिकल स्टोरों और खाने-पीने के सामानों की दुकानों पर जांच करने के आदेश दिये थे।</p>
<p>आदेश के क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग, ड्रग विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त तौर पर भीमताल में कार्रवाई की। भीमताल में एक्सपायरी खाद्य पदार्थ और दवाओं के विरुद्ध अभियान चलाया गया। विभागों की टीमों ने संयुक्त तौर पर अभियान चलाते हुये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/502935/medicines-and-food-items-checked-on-the-orders-of-haldwani"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/whatsapp-image-2024-10-29-at-12.19.21_47956c3d.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) नैनीताल के आदेश के बाद भीमताल में एक्सपायरी दवाओं और खाद्य पदाथों को लेकर बड़ी छापेमारी कार्रवाई की गई। कई दुकानों और मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। <br />जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल ने मेडिकल स्टोरों और खाने-पीने के सामानों की दुकानों पर जांच करने के आदेश दिये थे।</p>
<p>आदेश के क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग, ड्रग विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त तौर पर भीमताल में कार्रवाई की। भीमताल में एक्सपायरी खाद्य पदार्थ और दवाओं के विरुद्ध अभियान चलाया गया। विभागों की टीमों ने संयुक्त तौर पर अभियान चलाते हुये छह खाद्य प्रतिष्ठानों और तीन मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया।</p>
<p>एक प्रतिष्ठान से नमूना लिया गया और एक प्रतिष्ठान पर लाइसेंस प्रदर्शित करने के निर्देश दिये गये। साथ ही सभी मेडिकल स्टोर स्वामियों से कहा गया कि दुकान के अंदर एक्सपायरी बॉक्स जरूर रखें। अगर किसी दुकान में नियम का पालन नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जायेगी।</p>
<p>इसके अलावा उप जिलाधिकारी नैनीताल प्रमोद कुमार को भीमताल में एक दुकान को लेकर शिकायत मिली। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम उक्त दुकान पर पहुंची और दुकान का निरीक्षण किया। यहां से गुलाब जामुन का नमूना लिया गया।</p>
<p>साथ ही दो अन्य प्रतिष्ठान से बर्फी और बतिसा का भी नमूना लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिये रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में भेज दिया गया और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/502930/danger-of-hiv-infection-in-nainital-gularghatti-teenage-girl-infected#gsc.tab=0">नैनीताल: गूलरघट्टी में एचआईवी संक्रमण का खतरा: किशोरी ने 17 माह में 20 युवकों को संक्रमित किया</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 12:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल: बीआरओ के महानिदेशक का जमानती वारंट जारी, 6 नवंबर को व्यक्तिगत पेशी के आदेश </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की ओर से प्रभावित को मुआवजा नहीं देने के मामले में सुनवाई की। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने कोर्ट ने पूर्व के आदेश पर बीआरओ की ओर से शपथपत्र पेश नहीं करने एवं कोर्ट के आदेशों की बार- बार अवहेलना पर बीआरओ के महानिदेशक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए 6 नवंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। इसी तिथि केा मामले की अगली सुनवाई होगी। </p>
<p>मामले के अनुसार धारचूला निवासी कुंदन सिंह ने वर्ष 2023 में याचिका दायर  कहा था कि वर्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/499927/bailable-warrant-issued-for-director-general-of-nainital-bro-order"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/नैनीताल-हाईकोर्ट2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की ओर से प्रभावित को मुआवजा नहीं देने के मामले में सुनवाई की। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने कोर्ट ने पूर्व के आदेश पर बीआरओ की ओर से शपथपत्र पेश नहीं करने एवं कोर्ट के आदेशों की बार- बार अवहेलना पर बीआरओ के महानिदेशक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए 6 नवंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। इसी तिथि केा मामले की अगली सुनवाई होगी। </p>
<p>मामले के अनुसार धारचूला निवासी कुंदन सिंह ने वर्ष 2023 में याचिका दायर  कहा था कि वर्ष 1996 में तवाघाट से पांगती के लिए बीआरओ ने रोड का निर्माण किया। इस दौरान बीआरओ ने सड़क का मलबा उनकी कृषि योग्य भूमि पर फेंक दिया। मलबे की वजह से उनकी कृषिभूमि क्षतिग्रस्त हो गई। जब उन्होंने बीआरओ से इसका मुआवजा मांगा तो बीआरओ की ओर से बार-बार आश्वासन ही दिया गया।</p>
<p>इस पर उन्होंने मुआवजा दिलाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पूर्व में हुई सुनवाई में कोर्ट ने बीआरओ से इस पर जवाब मांगा था। फिर भी तब से अब तक बीआरओ की ओर से कोर्ट में शपथ पत्र पेश नहीं किया गया है। बीती 21 अगस्त को कोर्ट ने बीआरओ से कहा था कि या तो शपथपत्र करें नहीं करने पर डीजी बीआरओ 15 अक्टूबर को स्वयं  कोर्ट में पेश हों। फिर भी शपथपत्र पेश नहीं  किया गया न ही वह स्वयं पेश हुए। इसपर कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद डीजी बीआरओ नई दिल्ली के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए 6 नवंबर तक कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। </p>
<p>यह भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/499928/former-cm-harish-rawat-joins-employees-to-protest-against-privatization#gsc.tab=0">रामनगर: आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के साथ शामिल हुए पूर्व सीएम हरीश रावत</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/499927/bailable-warrant-issued-for-director-general-of-nainital-bro-order</link>
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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 15:56:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने रुड़की नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष को एक माह में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के दिए आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट में रुड़की नगर निगम के तत्कालीन पालिकाध्यक्ष हाजी दिलशाद अली के कार्यकाल के दौरान की गईं अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।</p>
<p>मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने तत्कालीन पालिकाध्यक्ष को एक माह का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर की तिथि नियत की है।</p>
<p>मामले के अनुसार रुड़की निवासी मोहम्मद याकूब ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/493380/high-court-orders-former-chairman-of-roorkee-municipality-to-appear"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/नैनीताल-हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट में रुड़की नगर निगम के तत्कालीन पालिकाध्यक्ष हाजी दिलशाद अली के कार्यकाल के दौरान की गईं अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।</p>
<p>मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने तत्कालीन पालिकाध्यक्ष को एक माह का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर की तिथि नियत की है।</p>
<p>मामले के अनुसार रुड़की निवासी मोहम्मद याकूब ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि रुड़की पालिकाध्यक्ष ने पद में रहते हुए डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण सहित पालिका के कराए निर्माण कार्यो में सरकारी धन का दुरपयोग किया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि तत्कालीन पालिकाध्यक्ष हाजी दिलशाद अली ने स्कूल की बनाई गई दीवार को पालिका का निर्माण दिखाकर पालिका फंड से बजट निकाल लिया।</p>
<p>याचिका में हाजी दिलशाद अली के खिलाफ जांच कर दंडात्मक कार्यवाही की जाए। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट से कार्यवाही करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा और कहा कि इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर ली गयी है जिसकी रिपोर्ट अभी आई नहीं है इसलिए सरकार को अतिरिक्त समय दिया जाए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/493380/high-court-orders-former-chairman-of-roorkee-municipality-to-appear</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 17:30:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: तीन सड़क दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> जिला मजिस्ट्रेट उदयराज सिंह ने रुद्रपुर में हुई तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए उप जिला मजिस्ट्रेट मनीष बिष्ट को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्होंने उप जिला मजिस्ट्रेट को सभी दुर्घटनाओं की संपूर्ण जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि पहली घटना 23 नवंबर 2023 को बिगवाड़ा मंडी कट के पास हुई। इसमें अभियुक्त कार चालक ने वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाकर सुखविंदर सिंह की मोटर साइकिल संख्या यूके-06एवी-6967 में टक्कर मार दी। इसमें वे गंभीर रूप से घायल हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491327/rudrapur-orders-magisterial-inquiry-into-three-road-accidents"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/जांच1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> जिला मजिस्ट्रेट उदयराज सिंह ने रुद्रपुर में हुई तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए उप जिला मजिस्ट्रेट मनीष बिष्ट को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्होंने उप जिला मजिस्ट्रेट को सभी दुर्घटनाओं की संपूर्ण जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि पहली घटना 23 नवंबर 2023 को बिगवाड़ा मंडी कट के पास हुई। इसमें अभियुक्त कार चालक ने वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाकर सुखविंदर सिंह की मोटर साइकिल संख्या यूके-06एवी-6967 में टक्कर मार दी। इसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे।</p>
<p>दूसरी घटना 23 नवंबर 2023 को रम्पुरा गेट कबीर द्वार कट रम्पुरा अभियुक्त कार चालक ने वाहन को तेजी व लापरवाही से ऑटो संख्या यूके-06टीए-5212 में टक्कर मारी दी। इसमें तस्वीर उसकी पत्नी सबीना पुत्र आहद गंभीर रूप से घायल हो गये। तस्वीर की उपचार के दौरान मौत हो गयी थी।</p>
<p>तीसरी घटना 23 अक्टूबर 2023  मैट्रोपोलिस सिटी के पास सिडकुल पंतनगर की है। इसमें अभियुक्त ने वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाकर सड़क किनारे खड़े टेंपो संख्या यूके-04टीबी-3087 को पीछे से टक्कर मार दी। इसमें टेंपो सवार रिहान व ताहिर गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि इन सभी घटनाओं की मजिस्ट्रियल  जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<p>जांच अधिकारी व उप जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि सभी घटनाओं के संबंध में यदि कोई व्यक्ति जानकारी रखता हो या कथन करना चाहता है तो वह सात दिन के भीतर साक्ष्य सहित अपना कथन उप जिलाधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत कर सकते हैं अथवा ईमेल आईडी sdmrudrapur4@gmail.com पर भी उपलब्ध करा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 14:02:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>नैनीताल: हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर तक मंगल पड़ाव से रोडवेज तक सड़क चौड़ीकरण में यथा स्थिति बनाने के दिए आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने हल्द्वानी शहर में मंगल पड़ाव से रोडवेज स्टेशन तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। नगर निगम व लोक निर्माण विभाग की तरफ से व्यापारियों को दिए नोटिसों पर सुनवाई करते हुए जिला प्रसाशन व नगर निगम से कहा कि सड़क चौड़ीकरण के जद में आ रहे प्रत्येक भवन स्वामियों सहित किरायेदारों के मामले में अलग-अलग शपथपत्र पेश करें क्योंकि इसमें कोई मालिक और कोई किराएदार है। तब तक कोर्ट ने यथास्थिति बनाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। मामले की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/490223/nainital-high-court-gave-orders-to-maintain-status-quo-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/नैनीताल-हाईकोर्ट2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने हल्द्वानी शहर में मंगल पड़ाव से रोडवेज स्टेशन तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। नगर निगम व लोक निर्माण विभाग की तरफ से व्यापारियों को दिए नोटिसों पर सुनवाई करते हुए जिला प्रसाशन व नगर निगम से कहा कि सड़क चौड़ीकरण के जद में आ रहे प्रत्येक भवन स्वामियों सहित किरायेदारों के मामले में अलग-अलग शपथपत्र पेश करें क्योंकि इसमें कोई मालिक और कोई किराएदार है। तब तक कोर्ट ने यथास्थिति बनाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई।</p>
<p>मामले के अनुसार हल्द्वानी में मंगल पड़ाव से लेकर रोडवेज स्टेशन तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे 67 व्यापारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि नगर निगम व लोक निर्माण विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कर 4 अगस्त तक चिन्हित अतिक्रमण को स्वयं हटाने को कहा था। प्रार्थनापत्र में आगे  कहा है कि 20 अगस्त को उच्च न्यायलय ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए कहा था कि अगर किसी अतिक्रमणकारी का हित प्रभावित होता है तो वे उचित फोरम या कोर्ट में जा सकते है।</p>
<p>अभी तक कोर्ट का आदेश नहीं आया ऊपर से निगम व लोक निर्माण विभाग ने बिना आदेश के उन्हें 4 सितंबर तक स्वयं चिन्हित अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दे दिये। जो गलत है अभी तक उनका पक्ष ही नही गया। दरअसल, नया सवेरा सोसाइटी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि यह कार्यवाही 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई। इसके तहत हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण ठीक से नहीं किया जा रहा है।</p>
<p>इसमें प्रशासन ने महज खानापूर्ति की है, इसके कारण मंगल पड़ाव और नैनीताल बरेली बस अड्डा अभी भी जैसा का तैसा बना हुआ है। जिसकी वजह से हर जगह पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इससे जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 20:05:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नैनीताल: हाईकोर्ट ने रामनगर के पूछड़ी गांव में यथा स्थिति बनाने के दिए आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल,अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने रामनगर में रिजर्व फॉरेस्ट में मौजूद पूछड़ी गांव को खाली कराने के मामले में फिलहाल यथा स्थिति बनाये रखने के आदेश दिए हैं। वन विभाग की कार्रवाई को पूछड़ी गांव के लोगों ने दो अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी है। इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई। </p>
<p>याचिकाकर्ताओं बच्ची देवी, मोहन राम और 31अन्य की ओर से कहा गया कि वे पूछड़ी गांव में सालों से रह रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को नोटिस जारी कर यहां से हटा रहा है। ग्रामीणों के खिलाफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/490214/nainital-high-court-gave-orders-to-maintain-status-quo-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/नैनीताल-हाईकोर्ट1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल,अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने रामनगर में रिजर्व फॉरेस्ट में मौजूद पूछड़ी गांव को खाली कराने के मामले में फिलहाल यथा स्थिति बनाये रखने के आदेश दिए हैं। वन विभाग की कार्रवाई को पूछड़ी गांव के लोगों ने दो अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी है। इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई। </p>
<p>याचिकाकर्ताओं बच्ची देवी, मोहन राम और 31अन्य की ओर से कहा गया कि वे पूछड़ी गांव में सालों से रह रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को नोटिस जारी कर यहां से हटा रहा है। ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध ढंग से रह रहे हैं। पूछड़ी गांव कोसी नदी के तट पर बसा है और यहां हमेशा बाढ़ का खतरा बना रहता है।</p>
<p>वन विभाग की ओर से अतिक्रमणकारियों को सुनवाई का मौका देते हुए नोटिस जारी किया गया लेकिन अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया गया है। अदालत ने फिलहाल यथास्थिति का आदेश जारी करते हुए सरकार को दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 19:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नैनीताल: रॉयल्टी के अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैक्स वसूलने के आदेश पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में बनाई जा रही सड़कों पर मिट्टी बिछाने वाले ठेकेदारों से रॉयल्टी के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत टैक्स वसूलने व जिला खनिज फाउंडेशन के आदेश को चुनौती दी जाने वाली विशेष अपील पर सुनवाई की।</p>
<p>मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी है। मंगलवार को मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई। </p>
<p>मामले के अनुसार अल्मोड़ा के एनएस सुपर कंट्रेक्शन प्राईवेट लिमिटेड ने हाईकोर्ट में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/486010/ban-on-order-to-collect-25-percent-tax-in-addition"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/नैनीताल-हाईकोर्ट1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में बनाई जा रही सड़कों पर मिट्टी बिछाने वाले ठेकेदारों से रॉयल्टी के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत टैक्स वसूलने व जिला खनिज फाउंडेशन के आदेश को चुनौती दी जाने वाली विशेष अपील पर सुनवाई की।</p>
<p>मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी है। मंगलवार को मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई। </p>
<p>मामले के अनुसार अल्मोड़ा के एनएस सुपर कंट्रेक्शन प्राईवेट लिमिटेड ने हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर कर कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़क में मिट्टी बिछाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इसकी रॉयल्टी उन्होंने जमा की थी। अब सरकार ने बिना निविदा को संशोधित किए उनसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन में जमा करने के आदेश जारी कर ठेकेदारों को 20 लाख का रिकवरी नोटिस जारी किया है।</p>
<p>निविदा के यह शर्त नहीं थी। अब जब काम पूरा हो चुका है उनसे रॉयल्टी के अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैक्स क्यों वसूला जा रहा है, जो निविदा की शर्तों के विपरीत है। लिहाजा इस पर रोक लगाई जाए। अपील में यह भी कहा गया कि न तो वे सड़क निर्माण में शामिल थे न ही सड़क से निकलने वाले खनन सामग्री में, उनका काम सिर्फ सड़क पर मिट्टी बिछाकर समतल कराना है, इसलिए इस आदेश पर रोक लगाई जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 12:11:19 +0530</pubDate>
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