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                            <item>
                <title>शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा : अभिषेक सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> लोकसभा में शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा टीईटी-विहीन शिक्षकों के संबंध में दिए गए हालिया लिखित उत्तर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। बड़ेल स्थित संगठन के जनपदीय कार्यालय पर आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि यह विषय केवल तकनीकी योग्यता का नहीं, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और न्याय से जुड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों व निर्धारित मानकों के अनुसार हुई और जिन्होंने दीर्घकाल तक निर्विवाद सेवा दी है, उन पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570950/injustice-will-not-be-allowed-to-happen-to-teachers--abhishek-singh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats131.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> लोकसभा में शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा टीईटी-विहीन शिक्षकों के संबंध में दिए गए हालिया लिखित उत्तर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। बड़ेल स्थित संगठन के जनपदीय कार्यालय पर आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि यह विषय केवल तकनीकी योग्यता का नहीं, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और न्याय से जुड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों व निर्धारित मानकों के अनुसार हुई और जिन्होंने दीर्घकाल तक निर्विवाद सेवा दी है, उन पर सेवा के अंतिम चरण में नई योग्यता लागू करना नैतिक व विधिक रूप से उचित नहीं है। श्री सिंह ने बताया कि एनसीटीई के गजट में स्पष्ट उल्लेख है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षक इस बाध्यता से मुक्त रहेंगे, किंतु इस तथ्य का लिखित उत्तर में उल्लेख नहीं किया गया, जो खेदजनक है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को सर्वोच्च न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है और पुनर्विचार याचिकाओं के माध्यम से पक्ष को मजबूती से रखा गया है। विभिन्न राज्य सरकारें व शिक्षक संगठन भी इस विषय में सक्रिय हैं और सकारात्मक समाधान की उम्मीद की जा रही है। बैठक में विजय सिंह यादव, सुधीर चौधरी, सौरभ वर्मा, चंद्र शेखर सिंह, विनीत सिंह, सीमा यादव, अनुमेहा सिंह, अतुल यादव, गिरीश जायसवाल, संतोष सिंह, आदर्श सोनी, आनंद प्रकाश और विशेष सिंह सहित अनेक शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 18:23:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शर्मनाक : मैनपुरी में एकतरफा प्यार में 12वीं के छात्र ने शिक्षिका पर किया हमला,  काटे दोनों होंठ </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मैनपुरी।</strong> उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एकतरफा प्यार की सनक में 12वीं के एक छात्र द्वारा अपनी शिक्षिका पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी छात्र ने सुनसान रास्ते में शिक्षिका को रोककर धारदार हथियार से हमला किया और उनके दोनों होंठ काट दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">गंभीर रूप से घायल शिक्षिका का पहले सैफई अस्पताल में उपचार हुआ, बाद में परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगरा के एक निजी अस्पताल ले गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। बताया गया है कि अखंड प्रताप सिंह नामक छात्र अपनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570214/shocking--in-mainpuri--a-12th-grade-student-attacked-his-teacher-in-a-case-of-unrequited-love--cutting-off-both-her-lips"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/64.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मैनपुरी।</strong> उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एकतरफा प्यार की सनक में 12वीं के एक छात्र द्वारा अपनी शिक्षिका पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी छात्र ने सुनसान रास्ते में शिक्षिका को रोककर धारदार हथियार से हमला किया और उनके दोनों होंठ काट दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">गंभीर रूप से घायल शिक्षिका का पहले सैफई अस्पताल में उपचार हुआ, बाद में परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगरा के एक निजी अस्पताल ले गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। बताया गया है कि अखंड प्रताप सिंह नामक छात्र अपनी ही स्कूल की शिक्षिका से छेड़छाड़ करता था। </p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में 'पेरेंट्स-टीचर मीटिंग' (पीटीएम) के दौरान छात्र की मां से शिकायत भी की गई थी। उस समय परिवार की ओर से सुधार का आश्वासन दिया गया, लेकिन छात्र की हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया। परेशान होकर शिक्षिका ने स्कूल छोड़ दिया और ज्योति रोड स्थित दूसरे विद्यालय में पढ़ाने लगीं।</p>
<p style="text-align:justify;"> इसके बावजूद आरोपी छात्र ने उनका पीछा करना नहीं छोड़ा। वह नए स्कूल के रास्ते में भी शिक्षिका को रोककर परेशान करने लगा और कथित तौर पर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डालता था। विरोध करने पर 26 जनवरी को उसने शिक्षिका को रास्ते में रोककर धारदार हथियार से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">कोतवाली प्रभारी फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि शिक्षिका के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। घटना की सूचना बाद में पुलिस को दी गई, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मैनपुरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 21:57:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : बच्चों को लेकर प्रेमी संग फरार हुई शिक्षिका, नकदी व जेवर भी ले गई साथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जैदपुर/बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> थाना क्षेत्र में स्कूल के सालाना कार्यक्रम में शामिल होने गई शिक्षिका दो मासूम बच्चों संग लापता हो गई। पति ने खोजबीन की तो पता चला कि नकदी व जेवर लेकर निकली पत्नी को एक युवक अपने साथ ले गया है। क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी जैदपुर कस्बा स्थित एक स्कूल में निजी शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">  एक फरवरी को विद्यालय में आयोजित वार्षिक उत्सव में शामिल होने के लिए वह अपनी दो पुत्रियों के साथ गई थीं, लेकिन इसके बाद वे घर वापस नहीं लौटीं। पति</p>
<p style="text-align:justify;">पति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570188/barabanki--a-teacher-eloped-with-her-lover--taking-her-children--cash--and-jewelry-with-her"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/महिला-फरार.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जैदपुर/बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> थाना क्षेत्र में स्कूल के सालाना कार्यक्रम में शामिल होने गई शिक्षिका दो मासूम बच्चों संग लापता हो गई। पति ने खोजबीन की तो पता चला कि नकदी व जेवर लेकर निकली पत्नी को एक युवक अपने साथ ले गया है। क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी जैदपुर कस्बा स्थित एक स्कूल में निजी शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं।</p>
<p style="text-align:justify;"> एक फरवरी को विद्यालय में आयोजित वार्षिक उत्सव में शामिल होने के लिए वह अपनी दो पुत्रियों के साथ गई थीं, लेकिन इसके बाद वे घर वापस नहीं लौटीं। पति का आरोप है कि उनकी पत्नी घर से लगभग 50 हजार रुपये नकद और जेवरात भी साथ ले गई हैं। खोजबीन के दौरान जानकारी मिली कि शिवम वर्मा पुत्र सुरेंद्र वर्मा निवासी कटरा मोहना थाना सतरिख से उनकी पत्नी की जान-पहचान थी और उसी के बहला-फुसलाने पर वह बच्चों सहित चली गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पति का यह भी आरोप है कि जब वह इस संबंध में शिवम वर्मा के घर शिकायत करने पहुंचे तो वहां मौजूद उसके पिता सुरेंद्र वर्मा और भाई शुभम वर्मा ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:45:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी शिक्षिका सुसाइड केस : प्रधानाचार्य व शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, पति ने लगाया था प्रताड़ना का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी। </strong>बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में स्थित एक सरकारी विद्यालय की सहायक अध्यापिका के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने प्रधानाचार्य समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, सहायक अध्यापिका के पति ऋषि कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि उधवापुर कम्पोजिट विद्यालय की प्रधानाचार्य और एक अन्य शिक्षक की अपमानजनक टिप्पणी और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी पत्नी उमा वर्मा ने शनिवार को स्कूल के कार्यालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को ऋषि ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568309/barabanki-teacher-suicide-case--fir-registered-against-principal-and-teacher--husband-had-alleged-harassment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/barabanki-teacher-suicide.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी। </strong>बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में स्थित एक सरकारी विद्यालय की सहायक अध्यापिका के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने प्रधानाचार्य समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, सहायक अध्यापिका के पति ऋषि कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि उधवापुर कम्पोजिट विद्यालय की प्रधानाचार्य और एक अन्य शिक्षक की अपमानजनक टिप्पणी और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी पत्नी उमा वर्मा ने शनिवार को स्कूल के कार्यालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को ऋषि ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। नगर कोतवाली के ग्राम जलालपुर में रहने वाले ऋषि कुमार वर्मा सिद्धौर ब्लॉक के एक स्कूल में बीआरसी पद पर तैनात हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाती थीं, लेकिन सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा और प्रभारी प्रधानाचार्य सीतावती उनके साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार करते थे। ऋषि कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के निर्देशन में बच्चों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 नवंबर 2025 को उनकी प्रशंसा की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी ईर्ष्या के कारण आरोपी उनकी पत्नी उमा वर्मा को मानसिक रूप से और अधिक प्रताड़ित करने लगे। उन्होंने कहा कि उमा वर्मा ने यह सारी बातें अपने घरवालों को बताई थीं और अपनी पीड़ा 'व्हॉट्सएप स्टेटस' पर भी व्यक्त करती थीं। </p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को भी जब वह पत्नी को छोड़कर अपने कार्यालय पहुंचे, तो उमा ने उन्हें फोन किया और बताया कि आज भी आरोपी उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। सतरिख थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर पर सुशील कुमार वर्मा और सीतावती के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 16:02:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षक चाहते हैं TET अनिवार्यता से मिले छूट, 4 माह से शिक्षक कर रहे हैं आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्राथमिक शिक्षक अपनी लंबी सेवा अवधि को देखते हुए टीईटी अनिवार्यता से छूट की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू की गई टीईटी अनिवार्यता से राहत पाने के लिए शिक्षक पिछले चार माह से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सांसदों, विधायकों के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी अपनी मांग को लेकर निवेदन किया है।</p>
<p>अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि शिक्षकों ने कोरोना काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित में पूरी निष्ठा से सेवाएं दी हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565531/teachers-want-exemption-from-tet-requirement--teachers-have-been-protesting-for-4-months"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(65)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्राथमिक शिक्षक अपनी लंबी सेवा अवधि को देखते हुए टीईटी अनिवार्यता से छूट की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू की गई टीईटी अनिवार्यता से राहत पाने के लिए शिक्षक पिछले चार माह से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सांसदों, विधायकों के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी अपनी मांग को लेकर निवेदन किया है।</p>
<p>अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि शिक्षकों ने कोरोना काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित में पूरी निष्ठा से सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद अब सेवा के लंबे समय बाद टीईटी की बाध्यता लागू किया जाना शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात कर छूट देने की मांग की गई है।</p>
<p>शिक्षिका विमला चंद्रा ने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद अब दोहरी जिम्मेदारी निभाना मुश्किल हो गया है। एक ओर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाना और दूसरी ओर स्वयं परीक्षा की तैयारी करना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। हर शिक्षक चाहता है कि उसका सेवानिवृत्त जीवन सम्मानजनक हो, लेकिन टीईटी अनिवार्यता ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है।</p>
<p>शिक्षक संजय मौर्य ने कहा कि उनकी नियुक्ति के समय सरकार द्वारा निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा किया गया था। आरटीई एक्ट 2009 में स्पष्ट उल्लेख है कि अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षक टीईटी से मुक्त रहेंगे। बावजूद इसके सेवा के लगभग 25 वर्ष बाद टीईटी लागू किया जाना शिक्षकों में असंतोष का कारण बन रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:55:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘शिक्षा का अधिकार’ के मूल उद्देश्य को विफल करती है अध्यापकों की अनुपस्थिति: इलाहाबाद HC </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय में गैर-हाजिर पाए गए अध्यापकों के निलंबन के मामले में हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि अध्यापकों की अनुपस्थिति ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ के मूल उद्देश्य को विफल कर देती है। अदालत ने विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को तीन माह के भीतर एक नीति बनाने का निर्देश भी दिया।</p>
<h3><em><strong>रिट याचिकाओं का किया निस्तारण</strong></em></h3>
<p>न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने इंद्रा देवी और लीना सिंह चौहान द्वारा दायर रिट याचिकाओं का निस्तारण करते हुए कहा कि अध्यापक ‘‘ज्ञान के स्तंभ’’ होते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564084/absence-of-teachers-defeats-the-basic-objective-of--right-to-education---allahabad-hc"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(80)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय में गैर-हाजिर पाए गए अध्यापकों के निलंबन के मामले में हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि अध्यापकों की अनुपस्थिति ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ के मूल उद्देश्य को विफल कर देती है। अदालत ने विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को तीन माह के भीतर एक नीति बनाने का निर्देश भी दिया।</p>
<h3><em><strong>रिट याचिकाओं का किया निस्तारण</strong></em></h3>
<p>न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने इंद्रा देवी और लीना सिंह चौहान द्वारा दायर रिट याचिकाओं का निस्तारण करते हुए कहा कि अध्यापक ‘‘ज्ञान के स्तंभ’’ होते हैं और भारतीय संस्कृति में उन्हें गुरु का दर्जा प्राप्त है, ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि बच्चों को निर्बाध शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दोनों अध्यापकों को इस आधार पर निलंबित कर दिया था कि वे निरीक्षण के दौरान संस्थान में अनुपस्थित पाए गए। दोनों अध्यापकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी।</p>
<h3><strong><em>समय पर विद्यालय नहीं पहुंचे शिक्षक</em></strong></h3>
<p>अदालत ने दो दिसंबर को दिए अपने आदेश में कहा, ‘‘यह सर्वविदित तथ्य है कि पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापक समय पर विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है।’’ अदालत ने यह भी कहा, ‘‘इस अदालत के समक्ष प्रतिदिन ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें विद्यालयों के अध्यापकों और प्रधानाध्यापकों पर समय पर विद्यालय नहीं आने के आरोप लगाए गए हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564084/absence-of-teachers-defeats-the-basic-objective-of--right-to-education---allahabad-hc</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 10:25:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोंडा : वेतन न मिलने से फूटा शिक्षकों का गुस्सा, 23 नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का करेंगे घेराव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा, अमृत विचार।</strong> अक्टूबर माह से वेतन न मिलने से परेशान प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हजारों शिक्षक अब खुलकर विरोध के लिए तैयार हो गए हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे शिक्षक 23 नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। शिक्षक संघर्ष समिति ने सभी शिक्षकों से 23 नवंबर को लखनऊ चलने का आवाह्न किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में तैनात करीब 10 हजार शिक्षकों व शिक्षणेत्तर  कर्मचारियों को अक्टूबर महीने से वेतन नहीं मिला है‌। वेतन न मिलने से शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शिक्षक संघर्ष समिति के सह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560548/gonda--teachers--anger-erupts-due-to-non-payment-of-salaries--will-surround-the-basic-education-minister-s-residence-on-november-23"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/014.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा, अमृत विचार।</strong> अक्टूबर माह से वेतन न मिलने से परेशान प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हजारों शिक्षक अब खुलकर विरोध के लिए तैयार हो गए हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे शिक्षक 23 नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। शिक्षक संघर्ष समिति ने सभी शिक्षकों से 23 नवंबर को लखनऊ चलने का आवाह्न किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में तैनात करीब 10 हजार शिक्षकों व शिक्षणेत्तर  कर्मचारियों को अक्टूबर महीने से वेतन नहीं मिला है‌। वेतन न मिलने से शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शिक्षक संघर्ष समिति के सह संयोजक गौरव पांडेय का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई शिक्षक बैंक लोन की ईएमआई नहीं चुका पा रहे, जबकि कुछ परिवार उपचार न करा पाने की मजबूरी झेल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह ने लेखा कार्यालय में तैनात दो लिपिकों अनुपम पांडेय व अरुण शुक्ला को जिम्मेदार बताते हुए उनके तत्काल तबादले की मांग की है। आरोप है कि यह दोनो लिपिक कई वर्षों से एक ही पटल पर तैनात हैं और इन पर भ्रष्टाचार के कई मामसे हैं जिसकी एसटीएफ जांच भी कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के कारण यह कभी कार्यालय मे भी नहीं बैठते हैं। शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय ने कहा कि 23 नवम्बर को राजधानी लखनऊ मे वेतन भुगतान, स्थाई लेखाधिकारी की नियुक्ति, पटल लिपियों पर तबादला नीति लागू कर स्थानांतरण करने की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जायेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 23 नवंबर तक वेतन जारी नहीं हुआ तो प्रदेश भर में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560548/gonda--teachers--anger-erupts-due-to-non-payment-of-salaries--will-surround-the-basic-education-minister-s-residence-on-november-23</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 16:40:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलीगढ़ : राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम गाने पर शिक्षक ने जताई आपत्ति, निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अलीगढ़। </strong>उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को बुधवार को निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के तुरंत बाद वंदे मातरम गाने पर कथित तौर पर आपत्ति जताई थी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राकेश कुमार सिंह के अनुसार, यह घटना लोधा ब्लॉक के शाहपुर कुतुब स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई। शिक्षक शमसुल हसन ने कथित तौर पर राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम गीत शुरू होने पर आपत्ति जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने कहा, "स्कूल प्रशासन ने तुरंत बीएसए कार्यालय को सूचित किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559755/aligarh--teacher-objects-to-singing-vande-mataram-after-national-anthem--suspended"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/शिक्षक1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अलीगढ़। </strong>उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को बुधवार को निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के तुरंत बाद वंदे मातरम गाने पर कथित तौर पर आपत्ति जताई थी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राकेश कुमार सिंह के अनुसार, यह घटना लोधा ब्लॉक के शाहपुर कुतुब स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई। शिक्षक शमसुल हसन ने कथित तौर पर राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम गीत शुरू होने पर आपत्ति जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने कहा, "स्कूल प्रशासन ने तुरंत बीएसए कार्यालय को सूचित किया और एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।" उन्होंने आगे कहा, "शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने स्कूल का दौरा किया और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जाँच में पता चला कि हसन ने बहस के दौरान सहकर्मियों के साथ 'दुर्व्यवहार' भी किया था।" स्कूल की प्राचार्य सुषमा रानी ने अधिकारियों को बताया कि हसन ने दावा किया था कि वंदे मातरम गाना "उनके धर्म के सिद्धांतों के विरुद्ध" है। कई शिक्षकों ने इस बात की पुष्टि की कि हसन ने चिंता व्यक्त की थी कि कुछ मुस्लिम परिवार स्कूल में इस गीत के गाए जाने पर आपत्ति कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के बाद, बीएसए ने हसन को आधिकारिक निर्देशों का कथित रूप से उल्लंघन करने और "धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने" के आरोप में निलंबित करने का आदेश दिया। अपने जवाब में, हसन ने सहकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने से इनकार किया, लेकिन नई प्रथा पर सवाल उठाने की पुष्टि की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "चूंकि यह गीत पहली बार पेश किया जा रहा था, इसलिए मैंने केवल यह सुझाव दिया था कि स्कूल को इसे लागू करने से पहले उन परिवारों से परामर्श करना चाहिए जिन्हें इससे आपत्ति हो सकती है।" शिक्षा विभाग ने मामले में आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। हाल के दिनों में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम के गायन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा है कि जो लोग राष्ट्रीय गीत का विरोध करते हैं, वे वास्तव में "भारत माता का विरोध" कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता यात्रा के तहत हाल ही में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुये, योगी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वंदे मातरम धर्म, जाति और क्षेत्र से परे है और भारत माता के प्रति सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा था कि यह गीत भारत की एकता और बलिदान का एक शाश्वत प्रतीक रहा है, जिसे राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों ने गाया है। उन्होंने कहा था, "वंदे मातरम किसी भी पूजा पद्धति से बंधा नहीं है—यह हमारी मातृभूमि के प्रति एक श्रद्धांजलि है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नागरिकों से उन लोगों की पहचान करने का आग्रह किया जो सरकारी योजनाओं का लाभ तो उठाते हैं, लेकिन इसे गाने से इनकार करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जल्द ही वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर दिया जाएगा, और कहा कि इससे युवाओं में देशभक्ति और गर्व की भावना जागृत होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अलीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 15:55:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच : सड़क हादसे में शिक्षक की मौत, इलाज में लापरवाही पर भड़के साथी शिक्षक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच। </strong>उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के विकासखंड मिहींपुरवा के प्राथमिक विद्यालय सेमई बेली में तैनात शिक्षक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मृतक शिक्षक की पहचान अजीत कुमार चंद्रा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरदोई के निवासी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात में सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस कर्मियों ने घायल अवस्था में अजीत कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोतीपुर पहुंचाया था, जहां उनका उपचार चल रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों और शिक्षकों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की लापरवाही और कथित रूप से नशे की हालत में इलाज करने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559482/bahraich--teacher-dies-in-road-accident--fellow-teachers-furious-over-negligence-in-treatment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/road-accident.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच। </strong>उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के विकासखंड मिहींपुरवा के प्राथमिक विद्यालय सेमई बेली में तैनात शिक्षक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मृतक शिक्षक की पहचान अजीत कुमार चंद्रा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरदोई के निवासी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात में सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस कर्मियों ने घायल अवस्था में अजीत कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोतीपुर पहुंचाया था, जहां उनका उपचार चल रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों और शिक्षकों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की लापरवाही और कथित रूप से नशे की हालत में इलाज करने के कारण शिक्षक की जान नहीं बच सकी। मृतक शिक्षक की पत्नी आस्था द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बहराइच एवं थानाध्यक्ष मोतीपुर को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि रात करीब दो बजे पुलिस उनके पति को घायल अवस्था में अस्पताल छोड़कर चली गई थी। सुबह करीब छह बजे तक वे जीवित थे, लेकिन सही उपचार न मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में शिक्षक साथी सीएचसी मोतीपुर पहुंचे और वहां तैनात चिकित्सक डॉ. आर.पी. सिंह पर कार्रवाई की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गुप्ता एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष सगीर अंसारी के नेतृत्व में शिक्षकों ने चेतावनी दी कि जब तक दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं होगी, वे शांत नहीं बैठेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया और सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए कि रात के समय ड्यूटी पर रहे चिकित्सक डॉ. आर.पी. सिंह का मेडिकल परीक्षण कराया जाए। शिक्षक संगठन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और उन्होंने पोस्टमार्टम प्रक्रिया रोक दी। बाद में अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर शिक्षक शांत हुए और मृतक शिक्षक का पोस्टमार्टम कराया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 16:29:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : विद्यालय जा रही शिक्षिका की सड़क हादसे में मौत, परिजनों में कोहराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पारा थाना क्षेत्र स्थित मौदा मोड़ पर रविवार सुबह घर से विद्यालय जा रही शिक्षिका की सड़क हादसे में मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6:15 बजे मौदा निवासी जूली घर से विद्यालय जाने के लिए निकली थीं। रास्ते में मौदा मोड़ के पास उन्हें याद आया कि उनका मोबाइल फोन घर पर ही छूट गया है। इसके बाद वह मोटरसाइकिल मोड़कर वापस घर जाने लगीं, तभी पीछे से आ रहे गैस सिलेंडर लदे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में जूली गंभीर रूप से घायल हो गईं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559199/lucknow--teacher-on-her-way-to-school-dies-in-road-accident--family-in-shock"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/road-accident.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पारा थाना क्षेत्र स्थित मौदा मोड़ पर रविवार सुबह घर से विद्यालय जा रही शिक्षिका की सड़क हादसे में मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6:15 बजे मौदा निवासी जूली घर से विद्यालय जाने के लिए निकली थीं। रास्ते में मौदा मोड़ के पास उन्हें याद आया कि उनका मोबाइल फोन घर पर ही छूट गया है। इसके बाद वह मोटरसाइकिल मोड़कर वापस घर जाने लगीं, तभी पीछे से आ रहे गैस सिलेंडर लदे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में जूली गंभीर रूप से घायल हो गईं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से परिजनों ने एंबुलेंस बुलाकर घायल जूली को के.जी.एम.यू. ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;"> प्रभारी निरीक्षक ने कहा, "घटना की जांच की जा रही है। वाहन का पता लगते ही उसके चालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।" उधर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में हादसे के बाद गहरा शोक है। जूली यादव अपने परिवार की इकलौती संतान थीं और खेलकूद में विशेष रुचि रखती थीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 15:32:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोंडा : वेतन भुगतान में देरी पर भड़के शिक्षक, बीएसए को सौंपा ज्ञापन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा, अमृत विचार।</strong> परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान में हर माह होने वाली देरी को लेकर शिक्षक संघर्ष समिति ने आक्रोश व्यक्त किया है। बृहस्पतिवार को संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की और वेतन भुगतान में होने वाली देरी के लिए पटल सहायकों को दोषी ठहराया।</p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने स्कूली शिक्षा महानिदेशक को संबोधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा और समस्या समाधान की मांग की। शिक्षक संघर्ष समिति ने बीएसए को बताया कि विभाग मे पिछले 10-15 सालों से पटल सहायकों के स्थानांतरण न होने से लगातार मनमानी व्यवस्था चल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557999/gonda--teachers-angry-over-delay-in-salary-payment--submitted-memorandum-to-bsa"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats525.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा, अमृत विचार।</strong> परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान में हर माह होने वाली देरी को लेकर शिक्षक संघर्ष समिति ने आक्रोश व्यक्त किया है। बृहस्पतिवार को संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की और वेतन भुगतान में होने वाली देरी के लिए पटल सहायकों को दोषी ठहराया।</p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने स्कूली शिक्षा महानिदेशक को संबोधित ज्ञापन बीएसए को सौंपा और समस्या समाधान की मांग की। शिक्षक संघर्ष समिति ने बीएसए को बताया कि विभाग मे पिछले 10-15 सालों से पटल सहायकों के स्थानांतरण न होने से लगातार मनमानी व्यवस्था चल रही है। जिसके कारण हर महीने जिले के हजारों शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का वेतन भुगतान, एरियर, बोनस इत्यादि में लेटलतीफी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद भी हर महीने लेटलतीफी होना मानव सम्पदा पोर्टल एवं ऑनलाइन प्रक्रिया पर सवालिया निशान है। आरोप है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद जिले मे परिषदीय शिक्षकों को दीवाली पर बोनस का भुगतान नही किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले में स्थाई वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक के न होने के कारण पटल सहायकों के कार्यों मे मनमानी व्यवस्था और बढ़ गयी है और कार्यालय में रोजाना ताला बंद रहता है। लेखा कार्यालय में कोई भी पटल सहायक उपस्थित नहीं रहता है, फिर भी उन्हें वेतन कैसे मिल रहा है इस पर भी विभाग की छवि धूमिल हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले मे एडेड स्कूलों में फर्जी नियुक्ति व करोड़ों के घोटाले की जांच एसटीएफ व अन्य के द्वारा की जा रही है जिसमे पटल सहायकों के भी नाम है और जांच मे उपस्थित होने के डर से कार्यालय में भी नहीं उपस्थित होते हैं। इसी कारण कोई लेखाधिकारी स्थाई नहीं मिल पाता जिससे वेतन भी समय से भुगतान नहीं हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति ने स्कूली शिक्षा महानिदेशक को संबोधित मांग पत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल तिवारी को देकर समस्या के समाधान की मांग की है। इस दौरान शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय, सह संयोजक गौरव पांडेय, ओम प्रकाश पासवान, अटेवा जिलाध्यक्ष अमर यादव व विशाल सिंह शामिल रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 18:37:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी सरकार की बड़ी पहल : UP के 3288 विज्ञान-गणित शिक्षक बनेंगे कौशल शिक्षक, बच्चों को बनाएंगे दक्ष </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर अब 'सीखो करके' (लर्निंग बाई डूइंग) की संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य सरकार शिक्षण पद्धति में व्यापक नवाचार लागू कर रही है। </p>
<p>इस क्रम में प्रदेश के 3288 विज्ञान एवं गणित अध्यापकों को कौशल-आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को तैयार करना है जो विद्यालय स्तर पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रयोगशाला, प्रोजेक्ट, मॉडल, गतिविधि और वास्तविक जीवन अनुभवों से जोड़कर पढ़ा सकें। यह प्रशिक्षण दो चरणों में होगा।</p>
<p>पहला चरण 3 नवंबर से 14 फरवरी 2026</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557631/3288-science-and-math-teachers-in-up-will-become-skill-teachers--making-children-proficient"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर अब 'सीखो करके' (लर्निंग बाई डूइंग) की संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य सरकार शिक्षण पद्धति में व्यापक नवाचार लागू कर रही है। </p>
<p>इस क्रम में प्रदेश के 3288 विज्ञान एवं गणित अध्यापकों को कौशल-आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को तैयार करना है जो विद्यालय स्तर पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रयोगशाला, प्रोजेक्ट, मॉडल, गतिविधि और वास्तविक जीवन अनुभवों से जोड़कर पढ़ा सकें। यह प्रशिक्षण दो चरणों में होगा।</p>
<p>पहला चरण 3 नवंबर से 14 फरवरी 2026 तक दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 1888 अध्यापकों के लिए तथा दूसरा चरण 16 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक उद्यमिता विकास संस्थान, लखनऊ में 1400 अध्यापकों के लिए आयोजित होगा। आवासीय प्रारूप में होने वाला यह महाकैंप कुल 66 बैचों में संपन्न होगा। </p>
<p>बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में कक्षाएं ऐसी हों जहाँ 'याद करने' के बजाय 'समझने, परखने और खोजने' पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के मूल दर्शन के अनुरूप है और बच्चों को स्किल-इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग तथा नवाचार-प्रधान भारत की आवश्यकताओं के लिए तैयार करेगी।</p>
<p>महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि बच्चे निःसंकोच प्रश्न पूछें, विद्यालयों की प्रयोगशालाएं जीवंत हों और शिक्षक हर विद्यार्थी में सोचने की शक्ति जगाने का माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि यही भविष्य के उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था की नई पहचान होगी।</p>
<p>वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब बच्चा खुद प्रयोग करता है, वस्तुओं से खेलते हुए सीखता है, प्रश्न पूछता है और समाधान खोजता है, तो उसकी जिज्ञासा, तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टि और समस्या-समाधान क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। यही 'लर्निंग बाय डूइंग' की सबसे बड़ी शक्ति है, जो बच्चों को निष्क्रिय श्रोता से सक्रिय शिक्षार्थी में बदल देती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557631/3288-science-and-math-teachers-in-up-will-become-skill-teachers--making-children-proficient</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 19:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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