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                <title>पानी - Amrit Vichar</title>
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                <description>पानी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गौला में सिल्ट, ट्रांसफार्मर फेल और नलकूप ठप, पानी को मचा हाहाकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>रविवार को जल संकट की स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब तीन प्रमुख कारणों ने एक साथ पानी की आपूर्ति को ठप कर दिया। पहाड़ों में बारिश के बाद गौला नदी में भारी मात्रा में सिल्ट जमा हो गया, जिससे शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट से शहर को पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। जंगदबा क्षेत्र का खराब नलकूप अभी भी ठीक नहीं हो पाया है, जिससे करीब एक हजार से अधिक लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ा। पानी की आपूर्ति टैंकरों के जरिए की जा रही थी, लेकिन रविवार सुबह जल संस्थान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539614/silt-transformer-fails-in-gaula-and-tubewell-stalled-water"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/f9477c69-82e6-454e-a513-be8a07ece348.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>रविवार को जल संकट की स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब तीन प्रमुख कारणों ने एक साथ पानी की आपूर्ति को ठप कर दिया। पहाड़ों में बारिश के बाद गौला नदी में भारी मात्रा में सिल्ट जमा हो गया, जिससे शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट से शहर को पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। जंगदबा क्षेत्र का खराब नलकूप अभी भी ठीक नहीं हो पाया है, जिससे करीब एक हजार से अधिक लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ा। पानी की आपूर्ति टैंकरों के जरिए की जा रही थी, लेकिन रविवार सुबह जल संस्थान परिसर में लगे ट्रांसफार्मर का फ्यूज खराब हो गया। </p>
<p>इस कारण सुबह 6 बजे से 10 बजे तक टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी, जिससे पूरे शहर में जल संकट गहरा गया। जैसे ही टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू की गई, पानी भरने के लिए जगह-जगह लंबी कतारें लग गईं। लोग बाल्टियां और डिब्बे लेकर सड़कों पर पानी के इंतजार में खड़े नजर आए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पानी भरने के लिए लाइन में लगना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल संस्थान पर लापरवाही का आरोप लगाया और मांग की कि बारिश के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए। इधर जल संस्थान के सहायक अभियंता ने बताया कि सुबह ट्रांसफार्मर का फ्यूज खराब हो जाने से टैंकरों से पानी की आपूर्ति में व्यवधान आया था। हमने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया और लगभग 11 बजे फ्यूज को ठीक कर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई। इसके बाद शहर में टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है। वहीं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि गौला में सिल्ट आने से पानी की सप्लाई रोकी गई थी, जो दोपहर 2 बजे बाद शुरू कर दी गई थी। <br /><br /><strong>बारिश के बाद गौला का स्तर 230 क्यूसेक</strong><br />पहाड़ों में हुई भारी बारिश के बाद गौला नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़कर 1909 क्यूसेक के पार पहुंच गया, जबकि एक दिन रविवार को यह जल स्तर 230 क्यूसेक पर पहुंच गया। पिछले दिनों बढ़ती गर्मी के साथ गौला नदी का जल स्तर घटकर 88 क्यूसेक पहुंच गया था। जल स्तर बढ़ने से आने वाले दिनों लोगों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। <br /><br /><strong>परेशानी वाले प्रमुख क्षेत्र</strong><br />दमुवांढूगा, कुसुमखेड़ा, गौलापार, बनभूलपुरा, नवाबी रोड, राजपुरा, विकास नगर, बैंक कॉलोनी, नवाबी रोड, अमरावती कॉलोनी, मानस बिहार, आनंद बिहार और नारायण नगर इन  प्रमुख क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे ज्यादा बनी रहती है। जल संस्थान के 19 टैंकर इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति करते हैं। गर्मी के चरम पर पहुंचने पर इन क्षेत्रों में अगर उचित व्यवस्था विभाग ने नहीं की, तो यहां और अधिक पानी की समस्या हो सकती है। </p>
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<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 12:08:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गर्मी में पानी के लिए परेशान जनता, गौला का स्तर पहुंचा 102 क्यूसेक       </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>गर्मी बढ़ने के साथ शहर में पानी की समस्याएं भी बढ़ने लगी है। पानी की आपूर्ति के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत दमुवाढुंगा, लालडाठ रोड, विकास नगर, कठघरिया और बजूनिया हल्दू में होती है। जिसके लिए जल संस्थान ने पानी की आपूर्ति को 14 टैंकर लगाए हैं, जो इन जगह पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।</p>
<p>ईई आरएस लोशाली ने बताया कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है वहां जल संस्थान का टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537657/102-cusecs-reached-the-level-of-public-gaula-for-water"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/1463118740_gola.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>गर्मी बढ़ने के साथ शहर में पानी की समस्याएं भी बढ़ने लगी है। पानी की आपूर्ति के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत दमुवाढुंगा, लालडाठ रोड, विकास नगर, कठघरिया और बजूनिया हल्दू में होती है। जिसके लिए जल संस्थान ने पानी की आपूर्ति को 14 टैंकर लगाए हैं, जो इन जगह पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।</p>
<p>ईई आरएस लोशाली ने बताया कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है वहां जल संस्थान का टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। साथ ही यहां बने कंट्रोल रूम पानी से जुड़ी शिकायतें आ रही हैं उन समस्याओं के लिए मौके पर जल संस्थान की टीम मौके पर पहुंच कर समाधान किया जा रहा है। सिंचाई के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि इधर गौला का जस स्तर भी लगातार घटता जा रहा है जो अब 101 क्यूसेक पर पहुंच गया है।  रोजना 30 क्यूसेक पानी पेयजल के लिए जल संस्थान को दिया जाता है। गौलापार, देवलचौड़, लालकुंआ और कठघरिया में सिंचाई के लिए हफ्ते में दो दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। </p>
<p><br /><strong>गौला का जल स्तर</strong><br /><strong>दिन                  जल स्तर </strong><br /><strong>मंगलवार          113</strong><br /><strong>बुधवार             112</strong><br /><strong>गुरुवार             110</strong><br /><strong>शुक्रवार            108  </strong><br /><strong>शनिवार           102</strong><br /><strong>रविवार             101</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 18:08:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानीः इंदिरानगर में पानी को तरसे, जल संस्थान में प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> इंदिरानगर क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश भड़क गया। पार्षद शकील अहमद सलमानी के नेतृत्व में लोग जल संस्थान कार्यालय पहुंचे। यहां जमकर धरना-प्रदर्शन किया और नियमित समय पर पानी देने की मांग की।</p>
<p><br />प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से इंदिरानगर, दुर्गा मंदिर, साबरी मस्जिद, नूरी मस्जिद आदि इलाकों में पानी की समस्या बनी हुई है जबकि अभी ठीक तरह से गर्मी का मौसम भी नहीं आया है तब पानी के यह हाल हैं। पार्षद सलमानी ने कहा कि कई बार जल  संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/524964/haldwani-performing-water-in-water-institute-in-indiranagar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/dcbe84d8-53e0-41cf-b641-bee27e4f6624-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> इंदिरानगर क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश भड़क गया। पार्षद शकील अहमद सलमानी के नेतृत्व में लोग जल संस्थान कार्यालय पहुंचे। यहां जमकर धरना-प्रदर्शन किया और नियमित समय पर पानी देने की मांग की।</p>
<p><br />प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से इंदिरानगर, दुर्गा मंदिर, साबरी मस्जिद, नूरी मस्जिद आदि इलाकों में पानी की समस्या बनी हुई है जबकि अभी ठीक तरह से गर्मी का मौसम भी नहीं आया है तब पानी के यह हाल हैं। पार्षद सलमानी ने कहा कि कई बार जल  संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, इसके बाद भी जल संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी सुनने को राजी नहीं हैं। कहा कि जल्द ही रमजान का महीना भी शुरू होने वाला है।</p>
<p>ऐसे में रमजान के समय लोग और भी ज्यादा परेशान होंगे। अधिशासी अभियंता को लिखित शिकायत देकर कहा कि अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कार्यालय में धरना दिया जाएगा। राजकीय इंटर कॉलेज बनभूलपुरा की अभिभावक समिति की अध्यक्ष कमर जहां ने कहा कि पानी की समस्या होने से स्कूल में मिड डे मील बनाना भी मुश्किल हो रहा है। पानी की कमी की वजह से स्कूल में बच्चों को भोजन देने की योजना पर भी असर पड़ रहा है। लोगों ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और जलसंस्थान के खिलाफ नारे लगाए।  इस दौरान नगमा, शबाना, सबीना, हनीफा मुक्तरी बेगम, वकील अहमद, शब्बीर अहमद अल्वी, अनस सलमानी, मसरूर अहमद, अंबर अली आदि लोग रहे। <br /><br /><strong>ऐसे तो मई तक सूखने के कगार पर पहुंचेगी गौला</strong><br />हल्द्वानी। गौला नदी में गर्मी शुरू होने से पहले ही जलस्तर कम होता जा रहा है। मानसून के समय गौला नदी में कई बार खतरे के निशान से ऊपर पानी बहा था। मानसून की बारिश भी सामान्य से ज्यादा हुई थी लेकिन सर्दियों के मौसम में बारिश कम होने की वजह से गौला नदी में जलस्तर कम हो रहा है। गुरुवार को बैराज में जलस्तर करीब 97 क्यूसेक तक ही रह गया था। गौला नदी का जलस्तर प्रतिदिन कम हो रहा है। करीब 35 एमएलडी पानी को शीशमहल फिल्टर प्लांट के लिए दिया जाता है। रोजाना बैराज में एक से डेढ़ क्यूसेक पानी कम हो रहा है। अगर बारिश नहीं हुई और यही हाल रहे तो मई आने तक गौला नदी सूखने के कगार पहुंच जाएगी। दिक्कत यह है कि गर्मियों के मौसम में नदी का जलस्तर और भी तेजी के साथ नीचे आता है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने कहा कि इस बार सर्दियों के मौसम में कम बारिश होने की वजह से ऐसा हुआ है। गर्मियों में समस्या और भी बढ़ने का अनुमान है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 10:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानीः नलकूप फुंका, पानी के लिए लगाई कतार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>जगदंबा नगर का नलकूप फुंके हुए तीन दिन का समय हो गया है लेकिन अभी तक नलकूप सही नहीं हुआ है। इस वजह से लोगों को पानी की परेशानी हो रही है। स्थानीय पार्षद रवि वाल्मिकी ने बताया कि नलकूप खराब होने के चलते लोग पेयजल के लिए भटक रहे हैं।</p>
<p>गुरुवार की दोपहर पानी का टैंकर मंगाया गया तो लंबी कतार लगाकर लोगों ने पानी लिया। कहा कि यहां पानी नहीं होने से पांच हजार से ज्यादा की आबादी पेयजल के लिए तरस रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522221/haldwani-a-queue-for-tubewells-blowing-water"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/08c3e249-ec55-450c-89ad-64f752e1948f-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>जगदंबा नगर का नलकूप फुंके हुए तीन दिन का समय हो गया है लेकिन अभी तक नलकूप सही नहीं हुआ है। इस वजह से लोगों को पानी की परेशानी हो रही है। स्थानीय पार्षद रवि वाल्मिकी ने बताया कि नलकूप खराब होने के चलते लोग पेयजल के लिए भटक रहे हैं।</p>
<p>गुरुवार की दोपहर पानी का टैंकर मंगाया गया तो लंबी कतार लगाकर लोगों ने पानी लिया। कहा कि यहां पानी नहीं होने से पांच हजार से ज्यादा की आबादी पेयजल के लिए तरस रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 19:11:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन माह से पानी को तरस रहे 30 से ज्यादा परिवार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गरमपानी, अमृत विचार :</strong> बेतालघाट ब्लॉक के चनुवाखरीक गांव में तीन माह से पेयजल आपूर्ति ठप है, जिससे 30 ज्यादा परिवार परेशान हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही है। मजबूरी में ग्रामीणों को दूर-दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में भी बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जहां एक ओर खैरना चौकी व सीएचसी गरमपानी में स्वास्थ्य व पुलिसकर्मी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं विकासखंड के चनुवाखरीक गांव में पीने के पानी का अकाल पड़ चुका है।</p>
<p>  </p>
<p>पिछले तीन माह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511296/more-than-30-families-have-been-craving-water-for-three"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/image-empty-dry-water-tap-600nw-1436312540.webp" alt=""></a><br /><p><strong>गरमपानी, अमृत विचार :</strong> बेतालघाट ब्लॉक के चनुवाखरीक गांव में तीन माह से पेयजल आपूर्ति ठप है, जिससे 30 ज्यादा परिवार परेशान हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही है। मजबूरी में ग्रामीणों को दूर-दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में भी बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जहां एक ओर खैरना चौकी व सीएचसी गरमपानी में स्वास्थ्य व पुलिसकर्मी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं विकासखंड के चनुवाखरीक गांव में पीने के पानी का अकाल पड़ चुका है।</p>
<p> </p>
<p>पिछले तीन माह से भी अधिक समय से गांव में रहने वाले 30 से ज्यादा परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हाड़ कंपाती ठंड में दूर-दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोना मजबूरी बन चुका है। पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण कई बार व्यवस्था में सुधार की मांग कर चुके हैं बावजूद जिम्मेदार अनदेखी पर आमादा हैं। एचसीपीसी योजना के तहत बनाई गई पेयजल योजना की सुध न लेने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान संगठन बेतालघाट के अध्यक्ष मनोज पडलिया ने जल्द पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी यदि जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो फिर ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>खटीमा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 10:33:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: अंजली के फेफड़ों में मिला पानी, स्कूल ने दी सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>अंजली की मौत को चार दिन गुजर चुके हैं, पोस्टमार्टम भी हो चुका है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि यह स्पष्ट हो गया है कि अंजली के फेफड़ों में पानी मिला है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अंजली की मौत डूबने से हुई या फिर इसकी कोई और वजह थी। </p>
<p>बीते गुरुवार को अंजली केवीएम पब्लिक स्कूल के बच्चों के साथ टूर पर बरेली स्थित फन सिटी गई थी। 12वीं में पढ़ने वाली अंजली के साथ फन सिटी में हादसा हुआ और उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को हल्द्वानी में अंजली का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506689/water-found-in-haldwani-anjalis-lungs-school-gave-clarification"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/photo_1731604365355.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>अंजली की मौत को चार दिन गुजर चुके हैं, पोस्टमार्टम भी हो चुका है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि यह स्पष्ट हो गया है कि अंजली के फेफड़ों में पानी मिला है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अंजली की मौत डूबने से हुई या फिर इसकी कोई और वजह थी। </p>
<p>बीते गुरुवार को अंजली केवीएम पब्लिक स्कूल के बच्चों के साथ टूर पर बरेली स्थित फन सिटी गई थी। 12वीं में पढ़ने वाली अंजली के साथ फन सिटी में हादसा हुआ और उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को हल्द्वानी में अंजली का पोस्टमार्टम हुआ। मुखानी पुलिस ने अंजली के पिता की तहरीर पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। यह जीरो एफआईआर थी, जिसे मुखानी पुलिस ने बरेली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया।</p>
<p>शुक्रवार को पोस्टमार्टम में पाया गया कि अंजली के फेफड़ों में पानी है। इस पानी को मेडिकल टीम ने सुरक्षित रखने के साथ बिसरा भी रख लिया है। अंजली के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि अंजली की मौत डूबने से हुई या फिर इसकी वजह कुछ और है। वहीं अब चार दिन बाद केवीएम प्रबंधन की ओर से अपनी सफाई दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से सभी सुरक्षा इंतजाम किए थे। <br /> <br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>स्लाइडर से नीचे आई और फिर उठ नही पाई अंजली</strong></span><br />इस मामले में सफाई पेश करते हुए केवीएम प्रबंधन ने कहा, अंजली ने नर्सरी कक्षा से केवीएम में शिक्षा आरंभ की थी। इस दुखद घटना के दौरान, बच्चों की सुरक्षा के लिए 180 बच्चों के साथ 12 शिक्षिकाएं, 1 वाइस प्रिंसिपल, 1 एकेडमिक डायरेक्टर, 1 ऑफिस असिस्टेंट, 2 महिला हेल्पर और 2 पुरुष हेल्पर को भेजा गया था।</p>
<p>स्टाफ के मुताबिक घटना के समय अंजली लगभग 2 फीट गहरे पानी के पूल में थी और अपने दोस्तों के साथ हाथ पकड़कर स्लाइड से नीचे आ रही थी। नीचे आते ही जब वह उठ नहीं पाई, तो तुरंत शिक्षकों की मदद से उसे पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद फन सिटी वॉटर पार्क के इंचार्ज के साथ तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। वहां से बच्ची को एक उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया और फिर उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भी लेकर गए। अफसोस, सभी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।</p>
<p>प्रबंधन का कहना है कि स्कूल ने इस टूर के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज, अनुमति और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए थे। उन्होंने जांच प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग करने की बात कही है। साथ ही कहा है कि वह निष्पक्ष जांच चाहते हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 18:46:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूमिगत झील के पानी से बुझेगी नैनीताल की प्यास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार।</strong> बलियानाले क्षेत्र में लंबे समय से हो रही पानी की समस्या का समाधान जल्द ही होने वाला है। सिंचाई विभाग ने जानकारी दी है कि जीआईसी खेल मैदान की तलहटी में स्थित 20 मीटर बड़ी भूमिगत झील से पानी निकाला जाएगा, जिससे नैनीताल में पेयजल किल्लत को खत्म किया जा सकेगा।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>कटाव पर लगेगी रोक</strong></span></p>
<p>सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि बलियानाले में पिछले कई वर्षों से हो रहे पानी के रिसाव के कारण पहाड़ी में कटाव हो रहा था। भूगर्भीय सर्वे के दौरान पता चला कि जीआईसी खेल मैदान के नीचे एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/501264/nainitals-thirst-will-be-quenched-with-the-water-of-underground"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/lechugilla_448mod.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार।</strong> बलियानाले क्षेत्र में लंबे समय से हो रही पानी की समस्या का समाधान जल्द ही होने वाला है। सिंचाई विभाग ने जानकारी दी है कि जीआईसी खेल मैदान की तलहटी में स्थित 20 मीटर बड़ी भूमिगत झील से पानी निकाला जाएगा, जिससे नैनीताल में पेयजल किल्लत को खत्म किया जा सकेगा।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>कटाव पर लगेगी रोक</strong></span></p>
<p>सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि बलियानाले में पिछले कई वर्षों से हो रहे पानी के रिसाव के कारण पहाड़ी में कटाव हो रहा था। भूगर्भीय सर्वे के दौरान पता चला कि जीआईसी खेल मैदान के नीचे एक बड़ी भूमिगत झील है, जिससे लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। अब इस झील से पानी बोरिंग के माध्यम से निकाला जाएगा और इसे शुद्ध करके तल्लीताल क्षेत्र की लगभग 7,000 आबादी को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इससे शहर में पेयजल संकट की समस्या का समाधान होगा।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी</strong></span></p>
<p>जल संस्थान ने इस कार्य के लिए लगभग 1 करोड़ 67 लाख रुपये के टेंडर जारी किए हैं। अधिशासी अभियंता अनिल कुमार वर्मा के अनुसार, जीआईसी स्कूल में बोरिंग का कार्य किया जाएगा, जिसके लिए सिंचाई विभाग जल संस्थान को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>जल संस्थान की तैयारियां</strong></span></p>
<p>जल संस्थान के सहायक अभियंता, डीएसए बिष्ट ने बताया कि बोरिंग के कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, और लगभग 20 दिनों के भीतर बोरिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>नागालैंड के प्रतिनिधियों ने किया पिंक टॉयलेट का निरीक्षण</strong></span></p>
<p>नागालैंड से आए 40 नवनिर्वाचित निकाय जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को नगर पालिका के पिंक टॉयलेट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि नगर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सुलभ इंटरनेशनल संस्था के सहयोग से पिंक टॉयलेट का निर्माण किया गया है। यह टॉयलेट केवल महिलाओं के उपयोग के लिए बनाया गया है। </p>
<p>निरीक्षण में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दीपक गोस्वामी, अवर अभियंता विपिन चंद्र, जिला मिशन मैनेजर उमेश जोशी और पर्यावरण पर्यवेक्षक विकास कुमार भी उपस्थित रहे।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/501262/ban-on-vehicular-traffic-at-night-from-almora-quarab#gsc.tab=0">अल्मोड़ा: क्वारब से रात में वाहनों के आवागमन पर रोक</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/501264/nainitals-thirst-will-be-quenched-with-the-water-of-underground</link>
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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 11:19:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: गौला नदी में छोड़ा गया 45000 क्यूसेक पानी, कई जगह भूस्खलन और मलबा आया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>बारिश आम जीवन खासा प्रभावित हुआ है। पिछले 36 घंटे से बरस रहे मेघ अब डराने लगे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन हुआ है अल्मोड़ा मार्ग में क्वारब पुल के पास मलबा आया है तो धारी बाजार के पास सड़क धंस गई है। वहीं ओखलकांडा ब्लॉक के उप शिक्षाधिकारी कार्यालय में सड़क से भारी मात्रा में पानी और मलबा कार्यालय के अंदर जमा हो गया है। </p>
<p>आपको बता दें कि हल्द्वानी और उसके आसपास के इलाकों में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बरसात की वजह से आम जन जीवन बुरी तरह प्रभावित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491909/45000-cusecs-of-water-released-in-haldwani-gaula-river-landslides"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/capture32.png" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>बारिश आम जीवन खासा प्रभावित हुआ है। पिछले 36 घंटे से बरस रहे मेघ अब डराने लगे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन हुआ है अल्मोड़ा मार्ग में क्वारब पुल के पास मलबा आया है तो धारी बाजार के पास सड़क धंस गई है। वहीं ओखलकांडा ब्लॉक के उप शिक्षाधिकारी कार्यालय में सड़क से भारी मात्रा में पानी और मलबा कार्यालय के अंदर जमा हो गया है। </p>
<p>आपको बता दें कि हल्द्वानी और उसके आसपास के इलाकों में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बरसात की वजह से आम जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एक और ग्रामीण इलाकों में धान की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है तो वहीं शहरी इलाकों में जल भराव से भारी नुकसान हो रहा है। पूरे जिले में पांच स्टेट मार्ग सहित 39 रास्ते पूरी तरह बंद हैं।</p>
<p>इसके अलावा गौला, नंधौर और कोसी नदियों में जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है गौला नदी में 45000 क्यूसेक से अधिक पानी बह रहा है इसके अलावा हल्द्वानी चोरगलिया मार्ग शेरनाला आने से बंद हो गया है। प्रशासन ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक ही सरकारी मशीनरी को अलर्ट पर रखा है उप जिला अधिकारी परितोष वर्मा का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम सहितपूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर है जहां जल भराव हो रहा है वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का काम किया जा रहा है इसके अलावा नदियों के किनारे रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 12:37:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: तपोवन के पास बादल फटने से देवखड़ी नाला उफान पर, आधे घंटे में करीब 120 एमएम बारिश, घरों में घुसा मलबा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>बारिश में देवखड़ी नाले के उफान पर आने से दीवार टूट गई इस वजह से लगभग एक दर्जन घरों में पानी व मलबा घुस गया। सूचना पर पहुंची प्रशासन की टीम ने घरों से मलबा निकलवाना शुरू कर दिया है।</p>
<p>बीते सोमवार की देर सायं अचानक झमाझम बारिश हुई तो पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिन भर बारिश का सिलसिला रहा। इस बारिश से बरसाती नाले उफान पर आ गए। खासकर देवखड़ी नाले में अत्यधिक पानी आ गया और तेज बहाव में नाले के टॉप पर बनी दीवार ढह गई और पानी तेज बहाव से नीचे की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487020/devkhadi-drain-overflowed-due-to-cloud-burst-near-haldwani-tapovan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/images-(4).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>बारिश में देवखड़ी नाले के उफान पर आने से दीवार टूट गई इस वजह से लगभग एक दर्जन घरों में पानी व मलबा घुस गया। सूचना पर पहुंची प्रशासन की टीम ने घरों से मलबा निकलवाना शुरू कर दिया है।</p>
<p>बीते सोमवार की देर सायं अचानक झमाझम बारिश हुई तो पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिन भर बारिश का सिलसिला रहा। इस बारिश से बरसाती नाले उफान पर आ गए। खासकर देवखड़ी नाले में अत्यधिक पानी आ गया और तेज बहाव में नाले के टॉप पर बनी दीवार ढह गई और पानी तेज बहाव से नीचे की ओर आ गया। इस वजह से देवकी विहार में लगभग एक दर्जन घरों में नाले का पानी मलबे के साथ घुस गया।</p>
<p>लोगों ने तुरंत प्रशासन को जानकारी दी। क्षेत्रवासियों की सूचना पर प्रशासन व नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और लोगों के घरों से मलबा निकालना शुरू किया। परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में भी शिफ्ट करने पर विचार हुआ लेकिन स्थिति नियंत्रण में देखकर परिवारों ने शिफ्टिंग से इंकार कर दिया। वहीं, दीवार को लेकर प्रशासन की चिंता बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार-मंगलवार को मध्यम बारिश के आसार हैं, ऐसे में नाले के उफान पर आने से तबाही हो सकती है।</p>
<p>एसडीएम परितोष वर्मा ने बताया कि देवखड़ी नाले के ऊपरी क्षेत्र में दीवार ढह गई।  देवखड़ी नाले ने कृष्णा विहार,देवकी विहार, गायत्री कॉलोनी में भयंकर तबाही मचाई। नाला टूटने से 70 घरों में मलबा घुस गया। बड़े-बड़े पत्थर लोगों के घरों में घुस गए। दो बसें आधी मलबे में दब गई। 15 कारें बह गई। उधर बटाईदार की झोपड़ी नाले टूटने के कारण बह गई। पांच सदस्यों ने बड़ी मुश्किल से जान बचाई। उधर घरों में पानी घुसने से लोगों का करीब 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया।</p>
<p>सोमवार शाम 6:45 बजे देवखड़ी नाला टूट गया। नाले का पानी और मलबा लोगों के घरों में घुसने लगा। डेढ़ घंटे में नाले का पानी मलबा, बोल्डर सहित 70 घरों में घुस गया। लोग जान बचाने के लिए छत में भागे। जब तक पानी कम नहीं हुआ। लोग घरों की छत में ही बैठे रहे।घरों में दो-दो फिट मलबा घुस गया था।</p>
<p>लोगों के घरों में रखा सामान, फ्रिज, कूलर आदि खराब हो गए। सड़कें एक से पांच फिट मलबे में दब गई। लोगों की घरों की भूमिगत टंकी मलबे से भर गई। बारिश रुकने के बाद लोग अपना सामान निकालने में लगे रहे। उधर वन विभाग फतेहपुर रेंज के वनक्षेत्राधिकारी केएल आर्या ने बताया कि कक्ष संख्या 13 तपोवन के पास बादल फटने के कारण ये हाल हुए हैं। कहा कि आधे घंटे में करीब 120 एमएम बारिश हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 11:02:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टनकपुर: किरोड़ा नाले में पानी के तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी जीप बही </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टनकपुर, अमृत विचार। </strong>टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग में किरोड़ा नाले में पानी के तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी जीप बह गई। जीप के साथ करीब नौ श्रद्धातु बह गए। एक की मौत हो गई है। सूचना के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल प्रशासन के नेतृत्व में बचाव दस की टीमें घटनास्थत से श्रद्धातुओं को रेक्यू कर रही है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार घटना में एक महिला की मौत हो गई। जबकि चार लोगों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए उपजिला चिकित्सालय टनकपुर भेजा गया है। कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है। सभी लोग पखरिया यूएस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/485159/a-jeep-full-of-devotees-was-washed-away-in-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture25.png" alt=""></a><br /><p><strong>टनकपुर, अमृत विचार। </strong>टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग में किरोड़ा नाले में पानी के तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी जीप बह गई। जीप के साथ करीब नौ श्रद्धातु बह गए। एक की मौत हो गई है। सूचना के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल प्रशासन के नेतृत्व में बचाव दस की टीमें घटनास्थत से श्रद्धातुओं को रेक्यू कर रही है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार घटना में एक महिला की मौत हो गई। जबकि चार लोगों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए उपजिला चिकित्सालय टनकपुर भेजा गया है। कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है। सभी लोग पखरिया यूएस नगर के रहने वाले हैं। एसडीएम आकाश जोशी के नेतृत्व में रेस्क्यू पान जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Aug 2024 13:21:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>काशीपुर: 47 लाख का पानी पी गए सरकारी विभाग, बिल आया तो दिखाया ठेंगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>कुंदन बिष्ट, काशीपुर, अमृत विचार। </strong>सरकारी विभाग अपने ही सरकारी विभागों पर कितना मेहरबान है कि जहां आम जनता का बिल चुकता नहीं होने पर उनपर सख्त कार्रवाई कर दी जाती है तो वहीं अपने ही सरकारी विभागों पर लाखों का बिल बकाया होने के बाद भी अनदेखी की जाती है। </p><p class="MsoNormal">कुछ यही हाल है जल संस्थान का। 47 लाख से अधिक का सरकारी बिल होने के बाद भी जल संस्थान केवल नोटिस देने तक ही सीमित है। इतना ही नहीं यह नोटिस आज से ही नहीं बल्कि वर्षों से चले आ रहे हैं।</p><p class="MsoNormal">जल संस्थान अपनी पाइप लाइनों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/481075/kashipur-government-department-drank-water-worth-rs-47-lakhs-when"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/नल-में-पानी.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>कुंदन बिष्ट, काशीपुर, अमृत विचार। </strong>सरकारी विभाग अपने ही सरकारी विभागों पर कितना मेहरबान है कि जहां आम जनता का बिल चुकता नहीं होने पर उनपर सख्त कार्रवाई कर दी जाती है तो वहीं अपने ही सरकारी विभागों पर लाखों का बिल बकाया होने के बाद भी अनदेखी की जाती है। </p><p class="MsoNormal">कुछ यही हाल है जल संस्थान का। 47 लाख से अधिक का सरकारी बिल होने के बाद भी जल संस्थान केवल नोटिस देने तक ही सीमित है। इतना ही नहीं यह नोटिस आज से ही नहीं बल्कि वर्षों से चले आ रहे हैं।</p><p class="MsoNormal">जल संस्थान अपनी पाइप लाइनों से शहर को पीने का पानी उपलब्ध कराता है। इसमें कई सरकारी विभागों को भी पानी उपलब्ध कराया जाता है। पुलिस विभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी विभाग समेत अन्य विभागों में भी पानी की पाइप लाइन है। बताया जाता है कि चौकियों, थानों और कोतवाली के पानी के बिल का पेमेंट तो हो जाता है, लेकिन जिस सरकारी क्वार्टर में पुलिसकर्मी रहते हैं उसका पानी का बिल आज से नहीं बल्कि वर्षों से जमा नहीं हो रहा है। </p><p class="MsoNormal">हर बार संस्थान कर्मी बिल का तकादा करने पहुंचते हैं तो पहले की जगह दूसरा कर्मी रहता हुआ पाया जाता है, ऐसे में पुराना बिल देख वह पुलिसकर्मी भी बिल चुकता करने से मना कर देता है। यहीं कारण है कि अब तक पुलिस विभाग पर 33 लाख 15 हजार 240 रुपए का पानी का बकाया है। कुछ यही हाल निगम के सरकारी भवन में रहने वाले कर्मियों का भी है। निगम पर भी करीब 12 लाख 33 हजार 956 रुपए का पानी का बिल बकाया चल रहा है। </p><p class="MsoNormal">डिजाइन सेंटर, पीडब्ल्यूडी पर भी करीब 1 लाख 64 हजार रुपए का बिल बकाया चल रहा है। जल संस्थान के विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सरकारी विभाग होने पर वह आरसी तो नहीं काट सकते, लेकिन समय-समय पर नोटिस जरूर भेज रहे हैं। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि इतना बिल होने के बावजूद भी जल संस्थान पानी की सप्लाई क्यों बरकरार रखा हुआ है।</p><p class="MsoNormal"><span style="color:rgb(248,6,6);"><em><strong>सरकारी विभागों पर बकाया चल रहा है। संस्थान द्वारा उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। चौकियों, थानों और कोतवाली का बिल जमा हो रहा है, लेकिन सरकारी क्वार्टर में रहने वाले पूर्व पुलिस कर्मियों ने बिल जमा नहीं किए हैं। जिससे संस्थान को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</strong></em></span></p><p class="MsoNormal"><span style="color:rgb(248,6,6);"><em><strong>-नरेंद्र रिखाड़ी, एई, जल संस्थान, काशीपुर </strong></em></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>काशीपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 17:47:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हल्द्वानी: तटवर्ती इलाकों के लिए ALERT : गौला में छोड़ा गया 20700 क्यूसेक पानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बरसात की वजह से जहां एक और शहर के कई इलाकों में जल भराव की स्थिति पैदा हो रही है तो वहीं कुसुमखेड़ा चौराहे पर जल भराव होने के बाद मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई और तहसीलदार सचिन कुमार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व टीम के साथ मिलकर जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए पानी को डायवर्ट करने के निर्देश दिए हैं और मौके पर ही काम शुरू करवाया है।</p>
<p>उधर उप जिला अधिकारी परितोष वर्मा ने टीम सहित तीन पानी व अन्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478844/alert-for-haldwani-coastal-areas-20700-cusecs-of-water-released"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/29_08_2022-gaula_23022859.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बरसात की वजह से जहां एक और शहर के कई इलाकों में जल भराव की स्थिति पैदा हो रही है तो वहीं कुसुमखेड़ा चौराहे पर जल भराव होने के बाद मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई और तहसीलदार सचिन कुमार ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व टीम के साथ मिलकर जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए पानी को डायवर्ट करने के निर्देश दिए हैं और मौके पर ही काम शुरू करवाया है।</p>
<p>उधर उप जिला अधिकारी परितोष वर्मा ने टीम सहित तीन पानी व अन्य जल भराव वाले इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ जल भराव के निकासी के लिए संबंधित विभागों काम करने के निर्देश दिए।</p>
<p>दूसरी तरफ पहाड़ों में हो रही लगातार बरसात की वजह से गौला बैराज से 20700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके साथ ही गौला नदी से सटे हुए शांतिपुरी इलाके तक लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही संवेदनशील नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 12:22:02 +0530</pubDate>
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