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                <title>white house - Amrit Vichar</title>
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                            <item>
                <title>संपादकीय : समझौते पर साए</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अमेरिका स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखने वाले जिस ऐतिहासिक अंतरिम समझौते की तैयारी है, उसके लिए कूटनीतिक मेज के सजने से पहले बारूदी हलचल और धमकियों के दौर में तेजी यह दर्शाती है कि इस समझौते की राह जितनी आकर्षक दिख रही है, धरातल पर उसकी नींव उतनी ही नाजुक और विरोधाभासों से घिरी हुई है। इजराइल द्वारा लेबनान पर ताजा हमले, ईरान द्वारा लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी की नई शर्त और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585060/editorial--shadows-on-the-agreement"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/sampadkiy22.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमेरिका स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखने वाले जिस ऐतिहासिक अंतरिम समझौते की तैयारी है, उसके लिए कूटनीतिक मेज के सजने से पहले बारूदी हलचल और धमकियों के दौर में तेजी यह दर्शाती है कि इस समझौते की राह जितनी आकर्षक दिख रही है, धरातल पर उसकी नींव उतनी ही नाजुक और विरोधाभासों से घिरी हुई है। इजराइल द्वारा लेबनान पर ताजा हमले, ईरान द्वारा लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी की नई शर्त और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये देने से साफ इनकार करने ने मामले में नया पेच आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते की इस दहलीज पर वाशिंगटन ने तेल अवीव को पूरी तरह अलग-थलग छोड़ दिया है। अमेरिका द्वारा इजरायली रक्षा मंत्री बेन ग्वीर को वीजा न देना और नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में मिलने का समय न देना यह साफ करता है कि हेनरी किसिंजर की वह उक्ति आज भी प्रासंगिक है-“अमेरिका का कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल उसके हित होते हैं”। इजरायल अब हताशा में अपने दम पर स्वतंत्र सैन्य कदम उठा रहा है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन अब सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों के सुर में सुर मिलाते हुए ईरान से व्यापारिक व रणनीतिक शांति चाहता है, ताकि वैश्विक तेल बाजार को ब्रेंट क्रूड के 79 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर पर लाकर राहत दी जा सके।  </p>
<p style="text-align:justify;"> आगे की कूटनीतिक वार्ताओं में पाकिस्तान की भूमिका बेहद सीमित और कतर की भूमिका सर्वाधिक होने की उम्मीद है। पाकिस्तान केवल बयानबाजी तक सीमित है, जबकि कतर और ओमान जैसे देश अमेरिका-ईरान के बीच ‘बैक-चैनल डिप्लोमेसी’ और मध्यस्थता के असली रणनीतिक केंद्र रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का यह कहना सही है कि अमेरिका का अतीत में समझौते फाड़ने का इतिहास रहा है। यदि शुक्रवार को इस समझौते पर हस्ताक्षर हो भी जाते हैं, तो अगले 60 दिनों की वार्ता के दौरान दोनों पक्षों का इससे पीछे हटना पूरी तरह मुमकिन है। यूरेनियम संवर्धन, प्रतिबंध हटाने और ईरान के ‘प्रॉक्सी नेटवर्क’ हमास और हिजबुल्लाह को फिर से हथियार मिलने के खतरों पर दोनों पक्षों में इतनी गहरी खाई है कि 60 दिनों की इस मियाद में यह कभी भी टूट सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय संदर्भ में, पश्चिम एशिया में शांति हमारे आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए संजीवनी है, हमारी ऊर्जा सुरक्षा और लाखों प्रवासी इसी क्षेत्र पर निर्भर हैं। इस ऊहापोह वाली स्थिति में भारत को ‘सक्रिय तटस्थता’ और ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ की नीति अपनानी होगी। भारत को जहां एक तरफ अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के साथ चाबहार बंदरगाह के हितों को सुरक्षित रखने के लिए ईरान के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्वतंत्र रूप से मजबूत रखना होगा। इजरायल के साथ अपने रक्षा संबंधों को बिना प्रभावित किए, इस बहुध्रुवीय संकट में एक संतुलित और विश्वसनीय वैश्विक मध्यस्थ की भूमिका के लिए खुद को तैयार रखना चाहिए, क्योंकि पश्चिम एशिया की इस बारूदी शांति में केवल वही टिकेगा, जिसके संबंध हर धड़े से मजबूत होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>Editorials</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585060/editorial--shadows-on-the-agreement</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 06:39:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान वार्ता के बीच व्हाइट हाउस पर हमला... 25 राउंड फायरिंग, घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रंप परिसर में थे मौजूद, जवाबी कार्रवाई में मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की सुरक्षा जांच चौकी के पास अधिकारियों पर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति की सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई है। संघीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 'यूएस सीक्रेट सर्विस' ने शनिवार देर रात एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावर पूर्वी समयानुसार (ईटी) शाम छह बजे के कुछ देर बाद एक जांच चौकी के पास पहुंचा, उसने ''अपने बैग से हथियार निकाला और वहां तैनात अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी।''</p>
<p style="text-align:justify;">'सीक्रेट सर्विस' के अनुसार अधिकारियों ने जवाबी गोलीबारी की जिसमें आरोपी घायल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582952/attack-on-the-white-house-amid-iran-talks----25-rounds-fired--president-trump-was-present-on-the-premises-at-the-time-of-the-incident--he-died-in-retaliatory-fire"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(19)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की सुरक्षा जांच चौकी के पास अधिकारियों पर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति की सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई में मौत हो गई है। संघीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 'यूएस सीक्रेट सर्विस' ने शनिवार देर रात एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, हमलावर पूर्वी समयानुसार (ईटी) शाम छह बजे के कुछ देर बाद एक जांच चौकी के पास पहुंचा, उसने ''अपने बैग से हथियार निकाला और वहां तैनात अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी।''</p>
<p style="text-align:justify;">'सीक्रेट सर्विस' के अनुसार अधिकारियों ने जवाबी गोलीबारी की जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसने बताया कि आरोपी को क्षेत्र के एक अस्पताल ले जाया गया जहां बाद में उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक राहगीर को भी गोली लगी है लेकिन कानून प्रवर्तन के एक अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि वह संदिग्ध द्वारा शुरू में चलाई गई गोलियों से घायल हुआ या अधिकारियों द्वारा की गई गोलीबारी के दौरान उसे गोली लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">'सीक्रेट सर्विस' ने कहा कि उसका कोई भी अधिकारी इस दौरान घायल नहीं हुआ और घटना के समय 'व्हाइट हाउस' में मौजूद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं। 'व्हाइट हाउस' में शनिवार को मौजूद पत्रकारों ने कई गोलियां चलने की आवाज सुनाई देने की सूचना दी और उन्हें संवाददाता सम्मेलन कक्ष के भीतर जाने को कहा गया। 'सीक्रेट सर्विस' ने इससे पहले सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा था कि उसे ''17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास गोली चलने की खबरों'' की जानकारी है। यह स्थान 'व्हाइट हाउस' से एक ब्लॉक दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने 'एक्स' पर एक 'पोस्ट' साझा कर बताया कि 'सीक्रेट सर्विस' के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और उसने लोगों को उस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी। यह स्थान उस जगह के पास है जहां पिछले साल नवंबर में एक बंदूकधारी ने वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर घात लगाकर हमला किया था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/582936/cyprus-president-s-visit-to-india-concludes--both-nations-announce-strategic-partnership--focus-on-several-key-issues"><span class="t-red">साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा समाप्त :</span> दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी का किया ऐलान, कई अहम मुद्दों पर रहा फोकस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582952/attack-on-the-white-house-amid-iran-talks----25-rounds-fired--president-trump-was-present-on-the-premises-at-the-time-of-the-incident--he-died-in-retaliatory-fire</link>
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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 09:58:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री : द्विपक्षीय संबंधों समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा, व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। रूबियो ने पीएम मोदी से द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान रूबियो ने पीएम को व्हाइट हाउस आने का न्योता भी दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम ने लिखा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत कर मुझे हार्दिक खुशी हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582908/us-secretary-of-state-meets-pm-modi--discussions-held-on-various-issues--including-bilateral-relations--invitation-extended-to-visit-the-white-house"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats422.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। रूबियो ने पीएम मोदी से द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान रूबियो ने पीएम को व्हाइट हाउस आने का न्योता भी दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम ने लिखा, "अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत कर मुझे हार्दिक खुशी हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।" </p>
<p style="text-align:justify;">चार दिवसीय दौरे पर भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल हुए। उन्होंने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुलाकात की अहमियत बताई। गोर ने बताया, "रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है!"</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे पोस्ट में उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में विदेश सचिव रूबियो के साथ मैं भी शामिल हुआ। हमने सुरक्षा, व्यापार, और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर सार्थक चर्चा की। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सोच को आगे बढ़ाते हैं। भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है!"</p>
<p style="text-align:justify;">मार्को रूबियो ने शनिवार को अपने भारत दौरे की शुरुआत कोलकाता से की। यहां उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' का भी दौरा किया, जिस पर गोर ने टिप्पणी की कि ऐसे पल ही हमें याद दिलाते हैं कि अमेरिका-भारत की साझेदारी न केवल मजबूत नीतियों पर टिकी है, बल्कि साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की भावना पर भी आधारित है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल पदभार संभालने के बाद रूबियो की यह पहली भारत यात्रा है। वे शनिवार सुबह शहर में उतरे, यहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका विधिवत स्वागत किया। अमेरिकी विदेश मंत्री इस दौरे के दौरान आगरा और जयपुर भी जाएंगे। रूबियो, रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करने वाले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद वे मंगलवार को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। इस समूह का हिस्सा भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान हैं। क्वाड बैठक 26 मई को नई दिल्ली में होनी है, जिसकी मेजबानी विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के अलावा ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 17:17:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बंगाल चुनावों में ऐतिहासिक जीत पर ट्रंप ने PM मोदी को बधाई दी, बताया 'शानदार और निर्णायक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विधानसभा चुनावों में उनकी 'ऐतिहासिक और निर्णायक' जीत पर बधाई दी है। व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देशाई ने कहा, ''पिछले महीने ही फोन पर बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की थी और कहा कि भारत कितना भाग्यशाली है कि उसे प्रधानमंत्री मोदी जैसा नेता मिला है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को (विधानसभा) चुनाव में ऐतिहासिक और निर्णायक जीत पर बधाई दी।'' भाजपा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581051/trump-congratulated-pm-modi-on-his-historic-victory-in-the-bengal-elections--calling-the-victory-historic-and-decisive"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(8)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विधानसभा चुनावों में उनकी 'ऐतिहासिक और निर्णायक' जीत पर बधाई दी है। व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देशाई ने कहा, ''पिछले महीने ही फोन पर बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की थी और कहा कि भारत कितना भाग्यशाली है कि उसे प्रधानमंत्री मोदी जैसा नेता मिला है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को (विधानसभा) चुनाव में ऐतिहासिक और निर्णायक जीत पर बधाई दी।'' भाजपा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पार्टी ने असम में लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/581049/india-vietnam-relations--vietnamese-president-receives-grand-welcome-in-delhi--important-discussions-on-defense-and-trade-with-pm-modi--emphasis-on-increasing-trade"><span class="t-red">India-Vietnam Relations: </span>वियतनाम के राष्ट्रपति का दिल्ली में भव्य स्वागत, पीएम मोदी के साथ रक्षा और व्यापार पर होगी अहम चर्चा, व्यापार बढ़ाने पर जोर</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581051/trump-congratulated-pm-modi-on-his-historic-victory-in-the-bengal-elections--calling-the-victory-historic-and-decisive</link>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:45:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्हाइट हाउस में चली ताबडतोड़ गोलियां, बाल-बाल बचे ट्रंप.... मेहमानों में दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिका की राजधानी में शनिवार रात व्हाइट हाउस संवाददाताओं संघ (White House Correspondents' Association) के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान गोलीबारी की भयानक घटना ने पूरे कार्यक्रम को अराजकता में बदल दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस और कैबिनेट के कई प्रमुख सदस्यों को सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने मंच से तुरंत बाहर निकाल लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार किसी की मौत नहीं हुई है, हालांकि एक सीक्रेट सर्विस एजेंट की बुलेट-प्रूफ जैकेट पर गोली लगी, लेकिन वह सुरक्षित बताया जा रहा है। हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या हुआ ठीक-ठीक?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">घटना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579978/bullets-fired-at-the-white-house--trump-narrowly-escaped----guests-panicked"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(25)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिका की राजधानी में शनिवार रात व्हाइट हाउस संवाददाताओं संघ (White House Correspondents' Association) के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान गोलीबारी की भयानक घटना ने पूरे कार्यक्रम को अराजकता में बदल दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस और कैबिनेट के कई प्रमुख सदस्यों को सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने मंच से तुरंत बाहर निकाल लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार किसी की मौत नहीं हुई है, हालांकि एक सीक्रेट सर्विस एजेंट की बुलेट-प्रूफ जैकेट पर गोली लगी, लेकिन वह सुरक्षित बताया जा रहा है। हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या हुआ ठीक-ठीक?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">घटना वाशिंगटन हिल्टन होटल के बैंक्वेट हॉल में हुई, जहां सैकड़ों पत्रकार, राजनेता और गणमान्य व्यक्ति "स्प्रिंग पी" और "बुराटा सलाद" का आनंद ले रहे थे। रात करीब 8:40 बजे मुख्य सुरक्षा चेकपॉइंट के पास एक हमलावर ने सुरक्षा को चकमा देकर अंदर घुसने की कोशिश की। उसने शॉटगन, हैंडगन और चाकू जैसे हथियारों से लैस होकर गोली चलाई। </p>
<p style="text-align:justify;">गोलीबारी की आवाज सुनते ही बॉलरूम में अफरा-तफरी मच गई। मेहमान टेबलों के नीचे छिप गए, लोग चीखने-चिल्लाने लगे। कुछ ने "हट जाओ सर!" और "झुक जाओ!" के निर्देश दिए, तो कुछ ने "गॉड ब्लेस अमेरिका" का नारा लगाया। ट्रंप मंच पर थे, जहां से उन्हें सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने तेजी से बाहर निकाला। इस दौरान ट्रंप क्षण भर लड़खड़ाए, लेकिन एजेंट्स ने उन्हें तुरंत संभाल लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम तुरंत रद्द कर दिया गया। स्टाफ ने टेबल सजावट और राष्ट्रपति के भाषण मंच को हटाना शुरू कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हमलावर कौन?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस और अधिकारियों के अनुसार हमलावर अकेला था और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। वाशिंगटन की मेयर और पुलिस विभाग ने पुष्टि की कि संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा चेकपॉइंट पर गोलीबारी करते हुए पकड़ा गया। ट्रंप ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि की और सुरक्षा बलों की तारीफ की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>WHCA की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस संवाददाताओं संघ की अध्यक्ष वेइजिया जियांग ने कहा, "हम इस कार्यक्रम को फिर से आयोजित करेंगे।" घटना के बावजूद संघ ने प्रेस फ्रीडम और लोकतंत्र के महत्व पर जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने बाद में व्हाइट हाउस से संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने शानदार काम किया और स्थिति को तेजी से नियंत्रित कर लिया। उन्होंने हमलावर को "बहुत सारे हथियारों से लैस" बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना 2026 के व्हाइट हाउस संवाददाताओं डिनर को हमेशा के लिए यादगार (और विवादास्पद) बना गई है — वह भी ऐसे समय में जब ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी जांच जारी है और आगे की डिटेल्स सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 10:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एफबीआई निदेशक काश पटेल और मार्को रुबियो से की मुलाकात, इन अहम मुद्दों पर बनी बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ''सार्थक बैठक'' कर व्यापार और 'क्वाड' (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) सहित कई मुद्दों पर चर्चा की तथा बैठक के बाद अमेरिकी मंत्री के अगले महीने भारत की यात्रा पर जाने की घोषणा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मिसरी तीन दिन की यात्रा पर अमेरिका आए हैं। उन्होंने और रुबियो ने 'व्हाइट हाउस' (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में मुलाकात कर खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और 'क्वाड' पर विशेष ध्यान देते हुए द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578162/foreign-secretary-vikram-misri-meets-with-fbi-director-kash-patel-and-marco-rubio--key-issues-discussed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(24)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ''सार्थक बैठक'' कर व्यापार और 'क्वाड' (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) सहित कई मुद्दों पर चर्चा की तथा बैठक के बाद अमेरिकी मंत्री के अगले महीने भारत की यात्रा पर जाने की घोषणा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मिसरी तीन दिन की यात्रा पर अमेरिका आए हैं। उन्होंने और रुबियो ने 'व्हाइट हाउस' (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में मुलाकात कर खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और 'क्वाड' पर विशेष ध्यान देते हुए द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''व्हाइट हाउस में विक्रम मिसरी का स्वागत है। मंत्री रुबियो के साथ सार्थक बैठक हुई जिसमें हमारे द्विपक्षीय संबंधों, खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा एवं 'क्वाड' पर ध्यान केंद्रित किया गया।''</p>
<p style="text-align:justify;">गोर ने कहा कि मंत्री रुबियो अगले महीने भारत की यात्रा को लेकर उत्सुक हैं। इससे पहले, मिसरी ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और राजनीतिक मामलों की अवर विदेश मंत्री एलिसन हूकर से अलग-अलग मुलाकात की।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ''उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी से वाशिंगटन में मुलाकात की। नेताओं ने दोनों देशों के बीच करीबी साझेदारी की पुन: पुष्टि की और फारस की खाड़ी संबंधी स्थिति तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी साझा की।'' हूकर ने कहा कि उन्होंने और मिसरी ने इस बात पर चर्चा की कि भारत और अमेरिका रक्षा एवं अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में किस तरह और निकटता से मिलकर काम कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''हम अमेरिकियों और भारतीयों, दोनों को अधिक सुरक्षित एवं समृद्ध बनाने के व्यावहारिक तरीके तलाश रहे हैं, जिनमें क्वाड के जरिये किए जा रहे प्रयास भी शामिल हैं।'' अमेरिका में भारत के दूतावास ने कहा कि हूकर और मिसरी ने पिछले साल दिसंबर में हुई विदेश कार्यालय परामर्श वार्ता के बाद से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों राजनयिकों ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम के साथ-साथ आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर भी अपने आकलन साझा किए। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ईरानी नेताओं के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रहा है। युद्धरत पक्ष, पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">विदेश सचिव मिसरी ने एफबीआई निदेशक काश पटेल से मुलाकात की </h5>
<p style="text-align:justify;">विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल के साथ वाशिंगटन में हुई बैठक के दौरान आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों से निपटने में सहयोग पर चर्चा की। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार रात सोशल मीडिया पर एक 'पोस्ट' में कहा, ''विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज एफबीआई (संघीय जांच ब्यूरो) के निदेशक काश पटेल से मुलाकात की।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों के बीच आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों से निपटने में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।'' मिसरी तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका आए हैं और इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो सहित कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578067/response-to-israeli-attacks-on-lebanon--iran-blocks-strait-of-hormuz--global-trade-and-ceasefire-at-risk"><span class="t-red">लेबनान पर इजराइली हमलों का जवाब: </span>ईरान ने बंद किया होर्मुज, खतरे में पड़ा वैश्विक व्यापार और युद्धविराम</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578162/foreign-secretary-vikram-misri-meets-with-fbi-director-kash-patel-and-marco-rubio--key-issues-discussed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578162/foreign-secretary-vikram-misri-meets-with-fbi-director-kash-patel-and-marco-rubio--key-issues-discussed</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> NATO पर फिर बरसे ट्रंप, कहा- जरूरत के समय अमेरिका के साथ नहीं, ग्रीनलैंड को लेकर भी जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के बाद सैन्य गठबंधन की पुन: आलोचना करते हुए दोहराया कि जरूरत के समय नाटो अमेरिका के साथ नहीं था। बैठक से पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान युद्ध के दौरान सहयोग नहीं मिलने पर अमेरिका नाटो से अलग होने पर विचार कर सकता है। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बड़े (कैपिटल) अक्षरों में लिखा, "नाटो हमारे साथ नहीं था जब हमें उसकी जरूरत थी और आगे जरूरत पड़ने पर भी नहीं होगा।" व्हाइट हाउस ने इस पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578043/trump-lashes-out-at-nato-again--says-it-stood-not-with-the-us-in-times-of-need--also-expresses-resentment-over-greenland"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(29)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के बाद सैन्य गठबंधन की पुन: आलोचना करते हुए दोहराया कि जरूरत के समय नाटो अमेरिका के साथ नहीं था। बैठक से पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान युद्ध के दौरान सहयोग नहीं मिलने पर अमेरिका नाटो से अलग होने पर विचार कर सकता है। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बड़े (कैपिटल) अक्षरों में लिखा, "नाटो हमारे साथ नहीं था जब हमें उसकी जरूरत थी और आगे जरूरत पड़ने पर भी नहीं होगा।" व्हाइट हाउस ने इस पर तत्काल कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप नाटो से अलग होने के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप और रुटे के बीच यह बैठक ऐसे समय हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का रास्ता साफ हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी कांग्रेस 2023 में एक कानून पारित कर चुकी है, जिसके तहत कोई भी राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना नाटो से बाहर नहीं हो सकता। ट्रंप लंबे समय से नाटो की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में भी संकेत दिया था कि वह गठबंधन से बाहर निकल सकते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">नाटो की स्थापना 1949 में यूरोप की सुरक्षा के लिए की गई थी और इसके 32 सदस्य देशों के बीच सामूहिक रक्षा समझौता लागू है। ट्रंप ने ईरान युद्ध के दौरान यह भी आरोप लगाया कि नाटो देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अमेरिका का साथ नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा था कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा उन देशों की जिम्मेदारी है, जो इसके जरिए तेल पर निर्भर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नाटो के कुछ सदस्य देशों जैसे स्पेन और फ्रांस ने ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों के उपयोग पर सीमाएं लगाईं, जिससे ट्रंप नाराज बताए जा रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर भी नाराजगी जताई, जो नाटो सदस्य डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी, लेकिन बाद में पीछे हट गए। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रुटे से अलग बैठक में ईरान युद्ध, रूस-यूक्रेन संघर्ष और नाटो सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। </p>
<p style="text-align:justify;">सीनेट के वरिष्ठ नेता मिच मैककॉनेल ने नाटो के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा कि 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद नाटो सहयोगियों ने अमेरिका के साथ मिलकर अफगानिस्तान और इराक में लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने ट्रंप से सहयोगियों के साथ संबंधों को लेकर स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध, यूक्रेन को लेकर नीति और ग्रीनलैंड विवाद जैसे मुद्दों के चलते ट्रंप और नाटो के बीच तनाव और बढ़ गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"> ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578026/trump-s-new-decree--us-ships-to-remain-stationed-near-iran-until-the-end-of-the-war"><span class="t-red">ट्रंप का नया फरमान : </span>युद्ध समाप्ति तक ईरान के आसपास तैनात रहेगें अमेरिकी जहाज </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578043/trump-lashes-out-at-nato-again--says-it-stood-not-with-the-us-in-times-of-need--also-expresses-resentment-over-greenland</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 14:31:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेडलाइन से पहले ईरान युद्धविराम का ऐलान :  असीम मुनीर को शुक्रिया कह रहे अराघची, जानिए अमेरिका-इजरायल का क्या है प्लान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन</strong>। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है और इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। अराघची ने युद्धविराम समझौता करवाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के प्रति आभार व्यक्त किया। </p>
<p style="text-align:justify;">अराघची ने बुधवार तड़के ईरान की सुरक्षा परिषद की ओर से जारी बयान में कहा, "इस्लामिक गणराज्य ईरान की ओर से मैं क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए अथक प्रयास के लिए अपने भाई पाकिस्तान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577923/iran-announces-ceasefire-ahead-of-deadline--araghchi-thanks-asim-munir%E2%80%94find-out-what-the-us-israel-plan-is"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(17)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन</strong>। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है और इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। अराघची ने युद्धविराम समझौता करवाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के प्रति आभार व्यक्त किया। </p>
<p style="text-align:justify;">अराघची ने बुधवार तड़के ईरान की सुरक्षा परिषद की ओर से जारी बयान में कहा, "इस्लामिक गणराज्य ईरान की ओर से मैं क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए अथक प्रयास के लिए अपने भाई पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल मुनीर के प्रति आभार और सराहना व्यक्त करता हूं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ के 'भाईचारे के अनुरोध' और अमेरिका द्वारा अपने 15-सूत्री प्रस्ताव के आधार पर वार्ता की मांग, तथा अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10-सूत्री प्रस्ताव को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, ईरान की सुरक्षा परिषद ने दो फैसले लिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यालय ने अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम को अमेरिका की बड़ी जीत बताया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने आज एक बयान में कहा, "यह अमेरिका की जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया है।" उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे चार से छह सप्ताह का अभियान बताया था लेकिन अमेरिकी सैन्य क्षमताओं के चलते 38 दिनों में ही मुख्य सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">लेविट ने कहा, "हमारे सैनिकों की अद्भुत क्षमताओं की बदौलत, हमने 38 दिनों में अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को हासिल किया है और उनसे भी आगे बढ़ गए हैं।" उन्होंने कहा कि सैन्य सफलता के कारण अमेरिका को वार्ता में बढ़त मिली, जिससे कड़े संवाद के जरिए कूटनीतिक समाधान और दीर्घकालिक शांति की संभावना बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सफलता हासिल की। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही उसकी सेनाओं के समन्वय से ही संभव होगी। सुश्री लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की क्षमता को कम नहीं आंकना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाते हुए शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ईरान युद्धविराम के लिए सहमत, अराघची ने की शरीफ की सराहना</h5>
<p style="text-align:justify;">पहला, यदि ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो ईरान की सशस्त्र सेनाएं भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देंगी। इसके साथ ही दो सप्ताह की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, जो ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में राजधानी तेहरान सहित कई शहरों पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई सहित सैकड़ों लोगों की जान गयी थी। ईरान ने इसके जवाब में इजरायल और पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने अपनी राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की पहल की थी। ईरान ने शुरुआत में इस वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया था, हालांकि बुधवार तड़के दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति बन गयी। अमेरिका और ईरान 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में युद्धविराम पर आगे की बातचीत करेंगे। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ट्रंप ने बताया पश्चिम एशिया के लिए नए 'स्वर्ण युग' की शुरुआत का संकेत  </h5>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में युद्धविराम समझौते को ''विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन'' घोषित किया और कहा कि अमेरिका ''होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के यातायात की भीड़ को कम करने में मदद करेगा।''</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''बहुत सारे सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे!'' उन्होंने कहा, ''इससे खूब आय होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर तरह की आपूर्ति लेकर जाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए वहीं मौजूद रहेंगे कि सब कुछ ठीक से चले। मुझे पूरा भरोसा है कि ऐसा ही होगा।''</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप की 'ट्रुथ सोशल' वेबसाइट पर दिए गए संदेश से वाशिंगटन की इस चिंता का संकेत मिलता है कि ईरान फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है, जिससे शांति काल में कुल तेल और प्राकृतिक गैस का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">इजरायल ने ईरान पर हमलों को रोकने के लिए के निर्णय का समर्थन किया </h5>
<p style="text-align:justify;">इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार कहा कि वह ईरान के खिलाफ हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन इस सीजफायर में लेबनान की लड़ाई शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक बयान में कहा, "इजरायल अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के विरुद्ध हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने के निर्णय का समर्थन करता है, बशर्ते ईरान तुरंत जलडमरूमध्य खोल दे और अमेरिका, इजरायल तथा क्षेत्र के अन्य देशों पर सभी हमले बंद कर दे।" </p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार, इजरायल अमेरिका के उन निर्णयों का भी समर्थन करता है जिनका उद्देश्य इजरायल, अमेरिका और अरब देशों के लिए "परमाणु, मिसाइल और आतंकी खतरे" को समाप्त करना है। कार्यालय ने उल्लेख किया, "अमेरिका ने इजरायल को बताया है कि वह आगामी वार्ताओं में अमेरिका, इजरायल और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साझा किए इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।"</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में हालांकि यह भी कहा गया कि दो सप्ताह के युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है। इससे पहले, श्री ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह ईरान के साथ दो सप्ताह के द्विपक्षीय युद्धविराम के लिए सहमत हो गये हैं। अमेरिकी नेता ने कहा कि ईरान भी होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमत हो गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">बाद में, संघर्षविराम में मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने पहले कहा था कि संघर्षविराम में लेबनान भी शामिल है। ईरान ने भी दावा किया है कि उसने संघर्षविराम समझौता इसलिए किया है क्योंकि अमेरिका ने उनकी आठ शर्तें मान ली हैं. इसमें एक शर्त यह भी था कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को रोका जाएगा लेकिन अब इजरायल ने साफ-साफ कह दिया है कि यह संघर्षविराम लेबनान के लिए नहीं है। वहीं दूसरी ओर, ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि तेहरान शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा। </p>
<h5 style="text-align:justify;"> ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/577811/foreign-secretary-vikram-misri-to-visit-the-us--will-hold-discussions-on-various-issues--including-defense--science--and-technology"><span class="t-red">US के दौरे पर जाएंगें विदेश सचिव विक्रम मिसरी, </span>रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कई मुद्दों पर करेंगे चर्चा </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577923/iran-announces-ceasefire-ahead-of-deadline--araghchi-thanks-asim-munir%E2%80%94find-out-what-the-us-israel-plan-is</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:30:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी तेल खरीदें दिए जाने पर बोला वाइट हाउस:  भारत को बताया भरोसेमंद देश ....</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन।</strong>अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत को समुद्र में पोत पर पहले से मौजूद रूसी तेल ''स्वीकार'' करने की ''अनुमति अस्थायी रूप से'' दी है और इस अल्पकालिक कदम से रूस को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">लेविट ने मंगलवार को 'व्हाइट हाउस' में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने ''यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574592/the-white-house-responded-to-india-s-decision-to-buy-russian-oil--%22india-is-a-trusted-country---%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(22)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन।</strong>अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत को समुद्र में पोत पर पहले से मौजूद रूसी तेल ''स्वीकार'' करने की ''अनुमति अस्थायी रूप से'' दी है और इस अल्पकालिक कदम से रूस को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">लेविट ने मंगलवार को 'व्हाइट हाउस' में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने ''यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि भारत अच्छा सहयोगी रहा है और उसने प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना पहले बंद कर दिया था।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''ईरानियों की वजह से दुनिया भर में तेल आपूर्ति में आई अस्थायी कमी को दूर करने की हमारी कोशिशों के बीच हमने उन्हें (भारत को) रूसी तेल स्वीकार करने की अस्थायी अनुमति दी है। यह रूसी तेल पहले से समुद्र में था। हमें नहीं लगता कि इस अल्पकालिक कदम से रूस सरकार को इस समय कोई बड़ा वित्तीय लाभ होगा।'' </p>
<p style="text-align:justify;">लेविट ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की पृष्ठभूमि में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट देने संबंधी अमेरिका के फैसले को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की। अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्ष के बीच पिछले सप्ताह कहा था कि वह भारतीय रिफाइनरी को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देते हुए 30 दिन की अस्थायी छूट जारी कर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाया था और अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया था कि नयी दिल्ली की खरीद से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस को मदद मिल रही है। इसके बाद, पिछले महीने अमेरिका और भारत ने घोषणा की थी कि उन्होंने व्यापार पर एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने संबंधी एक शासकीय आदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि भारत ने मॉस्को से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ऊर्जा आयात बंद करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/574589/india-s-reliance-industries-makes-major-investment-in-the-us--oil-refinery-to-be-opened-in-the-us--trump-thanks"><span class="t-red">अमेरिका में भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का बड़ा निवेश: </span>US में खुलेगी तेल रिफाइनरी, ट्रंप ने कहा-धन्यवाद</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574592/the-white-house-responded-to-india-s-decision-to-buy-russian-oil--%22india-is-a-trusted-country---%22</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:41:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप के विमान का U-turn... दावोस जा रहे एयर फोर्स वन में आई टेक्निकल दिक्कत, वाइट हाउस लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विमान 'एयर फोर्स वन' स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होने के करीब एक घंटे बाद मामूली तकनीकी खराबी के कारण यहां ज्वाइंट बेस एंड्रयूज़ पर उतरा। विमान में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उड़ान भरने के बाद एयर फोर्स वन के चालक दल को बिजली संबंधी मामूली खराबी नजर आई जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया गया और यह ज्वाइंट बेस एंड्रयूज़ पर उतरा। </p>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, ट्रंप और उनके साथ मौजूद लोग एक नए विमान में सवार होंगे। ट्रंप बुधवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568558/trump-s-plane-makes-a-u-turn----air-force-one--en-route-to-davos--experiences-technical-difficulties--us-president-returns-to-the-white-house"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(17)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विमान 'एयर फोर्स वन' स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होने के करीब एक घंटे बाद मामूली तकनीकी खराबी के कारण यहां ज्वाइंट बेस एंड्रयूज़ पर उतरा। विमान में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उड़ान भरने के बाद एयर फोर्स वन के चालक दल को बिजली संबंधी मामूली खराबी नजर आई जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया गया और यह ज्वाइंट बेस एंड्रयूज़ पर उतरा। </p>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, ट्रंप और उनके साथ मौजूद लोग एक नए विमान में सवार होंगे। ट्रंप बुधवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक को संबोधित करेंगे। वह अभिवादन सत्र में भाग लेंगे, विदेशी नेताओं से मुलाकात करेंगे और कारोबारी दिग्गजों के साथ एक समारोह में शामिल होंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप बृहस्पतिवार को 'बोर्ड ऑफ पीस चार्टर एनाउंसमेंट' में भाग लेंगे, जहां विभिन्न देशों को चार्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जो इसमें हस्ताक्षर करेंगे वे गाजा के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से गठित निकाय में शामिल हो जाएंगे। विश्व आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन के लिए दावोस में वैश्विक नेता और कारोबार क्षेत्र के दिग्गज मौजूद हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह सम्मेलन 19 जनवरी से शुरू हुआ और 23 जनवरी तक चलेगा। ट्रंप ऐसे वक्त में दावोस जा रहे हैं जब ग्रीनलैंड को हासिल करने और ग्रीनलैंड की खरीद के लिए "एक समझौता" होने तक अन्य देशों पर शुल्क लगाने के उनके फैसलों से अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/568462/sj-100--another-major-deal-between-russia-and-india----negotiations-underway-for-the-sale-of-passenger-aircraft--agreement-expected-soon"><span class="t-red">SJ-100 :</span> रूस और भारत में होगी एक और बड़ी डील...पैसेंजर विमान की बिक्री पर बातचीत जारी, जल्द होगा समझौता </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568558/trump-s-plane-makes-a-u-turn----air-force-one--en-route-to-davos--experiences-technical-difficulties--us-president-returns-to-the-white-house</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 13:10:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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                <title>'अमेरिका को 5 करोड़ बैरल तेल देगा वेनेजुएला' , ट्रंप का ऐलान.... होगा मेरा नियंत्रण </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कारकस।</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में ‘‘अंतरिम प्रशासन’’ अमेरिका को बाजार मूल्य पर तीन से पांच करोड़ बैरल ‘‘उच्च गुणवत्ता’’ वाला तेल उपलब्ध कराएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि तेल जहाजों द्वारा सीधे अमेरिका पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में धन पर उनका नियंत्रण होगा लेकिन इसका उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के लाभ के लिए किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ वेनेजुएला के संबंध में तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ ओवल ऑफिस में शुक्रवार को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566643/venezuela-will-give-the-us-50-million-barrels-of-oil--trump-announces----i-will-be-in-control"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(1)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कारकस।</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में ‘‘अंतरिम प्रशासन’’ अमेरिका को बाजार मूल्य पर तीन से पांच करोड़ बैरल ‘‘उच्च गुणवत्ता’’ वाला तेल उपलब्ध कराएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि तेल जहाजों द्वारा सीधे अमेरिका पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में धन पर उनका नियंत्रण होगा लेकिन इसका उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के लाभ के लिए किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ वेनेजुएला के संबंध में तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ ओवल ऑफिस में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित करेगा। इसमें एक्सॉन, शेवरॉन और कोनोको फिलिप्स के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले से परिचित एक व्यक्ति ने नाम उजागर न करने की शर्त पर उक्त जानकारी दी। तेल की कीमत करीब 56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल है जिससे ट्रंप द्वारा मंगलवार देर रात घोषित किया गया यह सौदा 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक का हो सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, अमेरिका औसतन प्रतिदिन करीब दो करोड़ बैरल तेल एवं संबंधित उत्पादों की खपत करता है। इसलिए वेनेजुएला से आने वाली यह खेप लगभग ढाई दिन की आपूर्ति के बराबर होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 10:50:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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                <title> नेशनल गार्ड की हत्या पर भड़के डोनॉल्ट ट्रंप...   सख्त लहजे में दी चेतावनी, जाने क्या कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में तैनात वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को बुधवार को राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस से महज कुछ दूरी पर गोली मार दी गयी। वाशिंगटन की मेयर मयूरियल बाउजर ने इसे एक सुनियोजित हमला बताया है। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल और बाउजर ने कहा कि नेशनल गार्ड के दोनों सदस्यों की हालत गंभीर है, उनका उपचार किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">‘थैंक्सगिविंग’ से पहले नेशनल गार्ड के सैनिकों पर गोलीबारी की यह असाधारण घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका की राजधानी और अन्य शहरों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561319/donald-trump-furious-over-the-killing-of-the-national-guard"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(61)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में तैनात वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को बुधवार को राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस से महज कुछ दूरी पर गोली मार दी गयी। वाशिंगटन की मेयर मयूरियल बाउजर ने इसे एक सुनियोजित हमला बताया है। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल और बाउजर ने कहा कि नेशनल गार्ड के दोनों सदस्यों की हालत गंभीर है, उनका उपचार किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">‘थैंक्सगिविंग’ से पहले नेशनल गार्ड के सैनिकों पर गोलीबारी की यह असाधारण घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका की राजधानी और अन्य शहरों में उसकी मौजूदगी महीनों से विवाद का मुद्दा बनी हुई है, जिससे अदालत में कानूनी लड़ाई और सार्वजनिक नीति पर व्यापक बहस छिड़ गई है। यह विवाद बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा सेना का इस्तेमाल किए जाने से जुड़ा है। </p>
<p style="text-align:justify;">एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि पुलिस हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध को भी गोली लगी है लेकिन ऐसा बताया गया है कि उसकी चोट जानलेवा नहीं हैं। अधिकारियों ने बताया कि 29 वर्षीय संदिग्ध अफगान नागरिक है जो 2021 में ‘ऑपरेशन अलाइज वेलकम’ के तहत अमेरिका पहुंचा था। यह बाइडन प्रशासन का कार्यक्रम था जिसके तहत अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद वहां से निकाले गए हजारों अफगान नागरिकों को यहां बसाया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">इस पहल के तहत करीब 76,000 लोग अमेरिका लाए गए, जिनमें से कई अमेरिकी सैनिकों और राजनयिकों के साथ बतौर दुभाषिया और अनुवादक काम कर चुके थे। लेकिन इनके सत्यापन की प्रक्रिया में खामियों को लेकर ट्रंप एवं उनके सहयोगियों, कांग्रेस के रिपब्लिकन सदस्यों और कुछ सरकारी निगरानी संस्थाओं ने इस नीति की कड़ी आलोचना की थी जबकि समर्थकों का कहना था कि इसने तालिबान के प्रतिशोध का जोखिम झेल रहे लोगों को जीवनदान दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">वाशिंगटन में रह रहे संदिग्ध की पहचान कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा रहमानुल्लाह लकनवल के रूप में की गई है लेकिन दो कानून प्रवर्तन अधिकारियों और मामले से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार, अधिकारी अब भी उसकी पृष्ठभूमि की पूरी तरह से पुष्टि करने में लगे हैं। लकनवल अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ वाशिंगटन के बेलिंघम पहुंचा था जो सिएटल से लगभग 127.1 किलोमीटर उत्तर में है। उसकी पूर्व मकान-मालकिन क्रिस्टिना विडमैन ने यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने बुधवार रात को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो संदेश में बाइडन प्रशासन के तहत आए सभी अफगान शरणार्थियों की दोबारा जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे हमारे देश से प्यार नहीं कर सकते, तो हमें उनकी जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने इस गोलीबारी को ‘‘पूरे राष्ट्र के खिलाफ अपराध’’ बताया। वाशिंगटन पुलिस के कार्यकारी सहायक प्रमुख जेफरी कैरोल ने कहा कि जांचकर्ताओं को अभी हमले के पीछे के मकसद का पता नहीं चला है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हमलावर करीब आया और वीडियो फुटेज के अनुसार उसने सैनिकों को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने शुरुआत में कहा था कि सैनिकों की मौत हो गई है, लेकिन बाद में उन्होंने बयान वापस लेते हुए कहा कि उनके कार्यालय को ‘‘परस्पर विरोधाभासी खबरें’’ मिल रही हैं। गोलीबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने तुरंत 500 और नेशनल गार्ड सदस्यों को वाशिंगटन भेजने का आदेश दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें अतिरिक्त सैनिक भेजने के लिए कहा है। सरकार की ओर से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, लगभग 2,200 सैनिक वर्तमान में शहर में संयुक्त कार्य बल के साथ तैनात हैं। गोलीबारी की यह घटना व्हाइट हाउस के दो ब्लॉक उत्तर-पश्चिम में एक मेट्रो स्टेशन के पास हुई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद अन्य सैनिक वहां पहुंचे और संदिग्ध को काबू में किया। </p>
<p style="text-align:justify;">कैरोल ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि यह एक अकेला बंदूकधारी था जिसने हथियार उठाया और नेशनल गार्ड के सदस्यों पर घात लगाकर हमला किया।’’ उन्होंने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि संदिग्ध को किसी सैनिक ने गोली मारी या किसी कानून प्रवर्तन अधिकारी ने। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने केंटुकी के फोर्ट कैंपबेल में सैनिकों से कहा, ‘‘यह घटना याद दिलाती है कि चाहे सैनिक सक्रिय ड्यूटी पर हों, रिजर्व में हों या नेशनल गार्ड में, हमारे सैनिक ही अमेरिका की ढाल और तलवार हैं।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख जनरल स्टीवन नॉर्डहाउस ने ग्वांतानामो बे में सैनिकों के साथ छुट्टी बिताने की योजना रद्द कर दी और वाशिंगटन डी.सी. पहुंच गए हैं। सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और वह बहुत दुखी हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/561296/firing-again-in-america--two-national-guardsmen-shot-near-the-white-house">America में फिर हुई फायरिंग, White House के पास 2 नेशनल गार्ड को मारी गोलियां</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 12:08:19 +0530</pubDate>
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