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                <title>ChatGPT - Amrit Vichar</title>
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                <description>ChatGPT RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> 'ChatGPT' बना रहा छात्रों को मानसिक ग्रसित..., मनोचिकित्सकों ने जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>आज के किशोर अपनी भावनाओं और समस्याओं को चैटजीपीटी जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी की एआई चैटबॉट्स के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे शिक्षक और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर इन चैटबॉट्स को एक सुरक्षित माध्यम मान रहे हैं, लेकिन यह आदत खतरनाक साबित हो रही है। इससे बच्चों में लगातार दूसरों से प्रशंसा पाने की लालसा बढ़ रही है और वे वास्तविक जीवन में संवाद करने की कला भूलते जा रहे हैं। यह डिजिटल सहायता भ्रामक है, क्योंकि ये चैटबॉट्स वही जवाब देते हैं जो उपयोगकर्ता सुनना चाहता है। इससे किशोरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548613/-chatgpt--is-making-students-mentally-unstable-----psychiatrists-expressed-concern"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(3)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>आज के किशोर अपनी भावनाओं और समस्याओं को चैटजीपीटी जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी की एआई चैटबॉट्स के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे शिक्षक और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर इन चैटबॉट्स को एक सुरक्षित माध्यम मान रहे हैं, लेकिन यह आदत खतरनाक साबित हो रही है। इससे बच्चों में लगातार दूसरों से प्रशंसा पाने की लालसा बढ़ रही है और वे वास्तविक जीवन में संवाद करने की कला भूलते जा रहे हैं। यह डिजिटल सहायता भ्रामक है, क्योंकि ये चैटबॉट्स वही जवाब देते हैं जो उपयोगकर्ता सुनना चाहता है। इससे किशोरों में गलत धारणाएं पनप सकती हैं और वे सामाजिक मेलजोल से दूर हो सकते हैं।</p>
<p>एक स्कूल की प्राचार्या शालिनी मेहता ने बताया, "स्कूल वह स्थान है जहां बच्चे आपस में मिलकर सामाजिक और भावनात्मक कौशल सीखते हैं।" उन्होंने कहा, "आजकल किशोरों में यह आदत बढ़ रही है कि वे अपने फोन के साथ समय बिताते हुए खुद को अकेला और सुरक्षित समझते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट्स एक जटिल सिस्टम से जुड़े होते हैं, और उनसे की गई बातचीत पूरी तरह गोपनीय नहीं रहती – यह जानकारी कहीं और भी पहुंच सकती है।"</p>
<p>मनोचिकित्सक डॉ. अमित वर्मा ने कहा कि एआई चैटबॉट्स को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि वे उपयोगकर्ता से लंबी बातचीत करें। जब कोई किशोर अपनी गलत सोच को एआई के साथ साझा करता है, तो चैटबॉट उसे सही ठहराने की कोशिश करता है। बार-बार ऐसा होने पर किशोर उस गलत सोच को ही सत्य मानने लगता है, जो उनके मानसिक विकास के लिए हानिकारक हो सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/548504/dr--pankaj-arora-s-research-became-a-thorn-in-the-neck-of-bbau--the-university-does-not-know-where-the-research-went-despite-spending-98-lakhs">BBAU के गले की फांस बनी डॉ. पंकज अरोड़ा की रिसर्च, 98 लाख किए खर्च पर कहां गया शोध विश्वविद्यालय को पता ही नहीं</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Aug 2025 12:10:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैसे करें AI का बेहतर इस्तेमाल?  कामकाज की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों से जानिए चार सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चैटजीपीटी, कोपायलट और अन्य जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम रोजमर्रा के कामकाज का हिस्सा बन गए हैं, इसलिए कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं जो इनका इस्तेमाल करने में माहिर हों। दूसरे शब्दों में कहें तो कंपनियां उन कर्मचारियों को तलाश रही हैं, जो इन्हें प्रभावी ढंग से संकेत दे सकें, एआई के हिसाब से सोच सकें, और कामकाज की उत्पादकता बढ़ाने के लिए इसका उपयोग कर सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में, कामकाज के लिए "एआई में निपुण" होना उतना ही महत्वपूर्ण होता जा रहा है जितना पहले किसी सॉफ्टवेयर में कुशल होना होता था। हम सभी के जीवन में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545484/how-to-make-better-use-of-ai--learn-four-tips-from-experts-to-increase-work-productivity"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cm-yogi-(21).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चैटजीपीटी, कोपायलट और अन्य जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम रोजमर्रा के कामकाज का हिस्सा बन गए हैं, इसलिए कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं जो इनका इस्तेमाल करने में माहिर हों। दूसरे शब्दों में कहें तो कंपनियां उन कर्मचारियों को तलाश रही हैं, जो इन्हें प्रभावी ढंग से संकेत दे सकें, एआई के हिसाब से सोच सकें, और कामकाज की उत्पादकता बढ़ाने के लिए इसका उपयोग कर सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में, कामकाज के लिए "एआई में निपुण" होना उतना ही महत्वपूर्ण होता जा रहा है जितना पहले किसी सॉफ्टवेयर में कुशल होना होता था। हम सभी के जीवन में ऐसा क्षण जरूर आया होगा जब हमने किसी एआई चैटबॉट से कोई प्रश्न पूछा हो और हमें सबसे सामान्य, सतही स्तर का उत्तर मिला हो। इसे इस तरह समझें। प्रशिक्षण के दौरान, एआई इंटरनेट पर लगभग सब कुछ "पढ़" चुका होता है। लेकिन चूंकि यह पूर्वानुमान लगाता है, इसलिए यह आपको सबसे संभावित, सबसे सामान्य प्रतिक्रिया देता है। </p>
<p style="text-align:justify;">एआई सिस्टम संदर्भ के अनुसार जवाब देने में माहिर होते हैं, लेकिन आपको सही तरीके सवाल करना होगा। अब सवाल यह उठता है कि आपको किस तरह सवाल करना चाहिए। बेहतर सवाल तैयार करना आपने "प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग" शब्द सुना होगा। एआई से सटीक जवाब पाने के लिए आपको सवाल सही तरीके से तैयार करना होगा। आज के समय के चैटबॉट इंसानों से बातचीत के मामले में कुशल होते हैं। आपके प्रॉम्प्ट (सवाल) का प्रारूप उतना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विषय-वस्तु महत्वपूर्ण है। अपने एआई वार्तालापों से अधिकतम लाभ उठाने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप कुछ बुनियादी बातें बताएं कि आप क्या और कैसे चाहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">हमारा मानना है कि एआई से कोई सवाल करते समय चार बातों संदर्भ, दृष्टिकोण, कार्य और शैली को ध्यान में रखना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">1. संदर्भ का अर्थ है एआई को आवश्यक परिवेश व पृष्ठभूमि की जानकारी प्रदान करना है। "मैं प्रस्ताव कैसे लिखूं?" पूछने के बजाय, "मैं एक गैर-लाभकारी संस्था का निदेशक हूं जो शहरी स्कूलों के लिए पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रमों को वित्तपोषित करने वाले एक संस्थान को अनुदान प्रस्ताव लिख रहा हूं" कहने का प्रयास करें। प्रासंगिक दस्तावेज अपलोड करें, समस्याओं को स्पष्ट करें, और अपनी विशिष्ट स्थिति का वर्णन करें। </p>
<p style="text-align:justify;">2. दृष्टिकोण के जरिये परिप्रेक्ष्य तय करने में एआई की क्षमता का लाभ उठाया जाता है। एआई के सामने अपना दृष्टिकोण साफ-साफ जाहिर करें। उदाहरण के लिए, एआई से कहें कि वह "एक महत्वपूर्ण सहकर्मी समीक्षक के रूप में काम करते हुए मेरे मसौदे की खामियों की पहचान करे" या "इस मसौदे को बेहतर बनाने में मेरी मदद करने वाले सहायक संरक्षक का दृष्टिकोण अपनाए। </p>
<p style="text-align:justify;">3. कार्य का अर्थ है कि आप वास्तव में एआई से क्या करवाना चाहते हैं। एआईए से यह कहना अस्पष्ट है कि “मेरी प्रस्तुति में मेरी मदद करें”। इसके बजाय यह कहना उचित है कि “छोटे व्यवसाय मालिकों के लिए मेरी शुरुआती स्लाइड को और अधिक आकर्षक बनाने के तीन तरीके बताएं।” </p>
<p style="text-align:justify;">4. शैली का अर्थ एआई की अलग-अलग फॉर्मेट और उपयोगकर्ता के अनुकूल होने की क्षमता का उपयोग करना होता है। निर्दिष्ट करें कि आप एक औपचारिक रिपोर्ट, एक अनौपचारिक ईमेल, अधिकारियों के लिए बुलेट पॉइंट या किशोरों के लिए उपयुक्त स्पष्टीकरण चाहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">एआई को बताएं कि आप किस तरीके का उपयोग करना चाहते हैं। कुल मिलाकर, एआई सिस्टम उल्लेखनीय रूप से सक्षम हैं, लेकिन उन्हें अपने विशाल सामान्य ज्ञान और आपकी विशेष स्थिति के बीच के अंतर को पाटने के लिए आपकी - और मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है। उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त संदर्भ बताएं। आप ये पाकर दंग रह जाएंगे कि वे आपके लिए कितने सहायक हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/544916/fact-checking--eating-cheese-causes-nightmares--know-what-science-says">Fact Checking : Cheese खाने से आते है nightmare : जानिए क्या कहता है विज्ञान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545484/how-to-make-better-use-of-ai--learn-four-tips-from-experts-to-increase-work-productivity</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 16:25:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या ChatGPT हो रहा है बंद? दुनिया भर के लाखों User ने की शिकायत, इस्तेमाल करने पर आ रही दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की कं दिग्गज कंपनी ओपनएआई के एआई टूल चैटजीपीटी को मंगलवार को वैश्विक स्तर पर व्यवधान का सामना करना पड़ा जिससे दुनिया भर में फैले लाखों उपयोगकर्ता इसका देर तक इस्तेमाल नहीं कर पाए। चैटजीपीटी की सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर भारत और अमेरिका के उपयोगकर्ताओं पर देखने को मिला। यहां के हजारों उपयोगकर्ताओं ने बाकायदा व्यवधान की शिकायतें दर्ज कराईं। </p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने वाले मंच 'डाउनडिटेक्टर' ने कहा कि अपराह्न तीन बजे के करीब चैटजीपीटी टूल के इस्तेमाल में दिक्कतें आनी शुरू हुईं और इसका असर तेजी से बढ़ता गया। अकेले भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/541585/is-chatgpt-being-shut-down--millions-of-users-around-the-world-have-complained-about-problems-while-using-it"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(37)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की कं दिग्गज कंपनी ओपनएआई के एआई टूल चैटजीपीटी को मंगलवार को वैश्विक स्तर पर व्यवधान का सामना करना पड़ा जिससे दुनिया भर में फैले लाखों उपयोगकर्ता इसका देर तक इस्तेमाल नहीं कर पाए। चैटजीपीटी की सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर भारत और अमेरिका के उपयोगकर्ताओं पर देखने को मिला। यहां के हजारों उपयोगकर्ताओं ने बाकायदा व्यवधान की शिकायतें दर्ज कराईं। </p>
<p style="text-align:justify;">डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने वाले मंच 'डाउनडिटेक्टर' ने कहा कि अपराह्न तीन बजे के करीब चैटजीपीटी टूल के इस्तेमाल में दिक्कतें आनी शुरू हुईं और इसका असर तेजी से बढ़ता गया। अकेले भारत में ही तकनीकी व्यवधान की लगभग 800 शिकायतें दर्ज कराई गईं। भारत से दर्ज कराई गई 88 प्रतिशत शिकायतें चैटबॉट के सवालों के जवाब न देने से संबंधित थीं। वहीं आठ प्रतिशत लोगों ने मोबाइल ऐप के साथ समस्याओं की सूचना दी जबकि तीन प्रतिशत ने एपीआई से संबंधित समस्याओं का सामना किया। </p>
<p style="text-align:justify;">चैटजीपीटी के इस्तेमाल का प्रयास करने वाले उपयोगकर्ताओं को बार-बार खेद जताने वाले संदेश देखने को मिल रहे थे। इनमें "हम्म...कुछ गलत हो गया है" और "नेटवर्क में गड़बड़ी हुई। कृपया अपना कनेक्शन जांचें और दोबारा प्रयास करें।" जैसे संदेश शामिल हैं। जल्द ही यह व्यवधान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। परेशान उपयोगकर्ताओं ने इस बारे में मीम्स साझा किए, निराशा जताई और रोजमर्रा के काम के लिए एआई टूल पर बढ़ती निर्भरता को भी बयां किया। </p>
<p style="text-align:justify;">चैटजीपीटी का विकास करने वाली कंपनी ओपनएआई ने इस तकनीकी व्यवधान को स्वीकार करने के साथ ही कहा कि चैटजीपीटी और उसका टेक्स्ट-टू-वीडियो मंच सोरा दोनों ही इससे प्रभावित हुए हैं। ओपनएआई ने कहा, "कुछ उपयोगकर्ता सूचीबद्ध सेवाओं में उच्च त्रुटि दर और देरी का अनुभव कर रहे हैं। हम इस मामले की जांच जारी रखे हुए हैं।" हालांकि, इसने तकनीकी व्यवधान की समस्या दूर करने के लिए कोई विशिष्ट समयसीमा नहीं बताई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/541570/46-crore-people-in-india-are-making-digital-payments--revealed-in-government-data#gsc.tab=0">भारत में 46 करोड़ लोग कर रहे डिजिटल भुगतान, सरकारी आकड़ों में आया सामने</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/541585/is-chatgpt-being-shut-down--millions-of-users-around-the-world-have-complained-about-problems-while-using-it</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 17:43:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Deep AI और Chat GPT को टक्कर देने आ रहा है Krutrim AI, जानें Ola कब करेगा इसे लॉन्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Ola Krutrim AI Launch Soon: </strong>भारतीय AI इकोसिस्टम को ध्यान में रखते हुए ओला ने 2023 में Krutrim AI की शुरुआत की थी। यह भारत का पहला घरेलू AI स्टार्टअप है, जिसका मकसद भारतीय भाषाओं, सेवाओं और टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करना है। कंपनी जल्द ही कृत्रिम असिस्टेंट (Krutrim Assistant) को लॉन्च कर सकती है&gt;</p>
<p>ओला के फाउंडर भावेश अग्रवाल ने हाल ही में इसको लेकर एक जानकारी शेयर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि Krutrim Assistant आकार ले रहा है और इस महीने लॉन्च किया जाएगा। टीम इस पर कड़ी मेहनत कर रही है,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532855/deep-ai-and-chat-gpt-is-coming-to-compete-with"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(5)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>Ola Krutrim AI Launch Soon: </strong>भारतीय AI इकोसिस्टम को ध्यान में रखते हुए ओला ने 2023 में Krutrim AI की शुरुआत की थी। यह भारत का पहला घरेलू AI स्टार्टअप है, जिसका मकसद भारतीय भाषाओं, सेवाओं और टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करना है। कंपनी जल्द ही कृत्रिम असिस्टेंट (Krutrim Assistant) को लॉन्च कर सकती है&gt;</p>
<p>ओला के फाउंडर भावेश अग्रवाल ने हाल ही में इसको लेकर एक जानकारी शेयर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि Krutrim Assistant आकार ले रहा है और इस महीने लॉन्च किया जाएगा। टीम इस पर कड़ी मेहनत कर रही है, जिससे इसे एक बेहतरीन प्रोडक्ट बनाया जा सके। इसके साथ ही, असिस्टेंट का नाम Kruti (कृति) रखने के बारे में सोचा जा रहा है। इसे ग्लोबल ऐप्स और भारत के संदर्भ में उनसे बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/bhash/status/1909867454127554752">https://twitter.com/bhash/status/1909867454127554752</a></blockquote>
<p>

</p>
<p><br /><strong>कैब बुकिंग और रीजनिंग</strong></p>
<p>Krutrim AI असिस्टेंट को कैब बुकिंग फीचर और रीजनिंग एबिलिटी, अन्य बड़े AI मॉडल्स जैसे ChatGPT और DeepSeek से अलग बनाता है। इसका मतलब है कि अगर आप इस AI से कोई सवाल पूछते हैं, तो यह तुरंत जवाब देने के बजाय पहले उसे "सोचेगा" और फिर एक बेहतर और लॉजिकल उत्तर देगा, लेकिन इससे भी खास बात यह है कि ये यूजर्स इससे OLA Cab भी बुक कर सकता है, जो कि आज तक किसी भी पॉपुलर AI मॉडल में नहीं देखने को मिला।</p>
<p><strong>मिलेगा Ghibli स्टाइल फोटो और लोकल इंटीग्रेशन</strong></p>
<p>Krutrim AI असिस्टेंट की एक और दिलचस्प खासियत यह है कि इसके जरिए आप Ghibli स्टाइल की फोटोज भी बना सकते हैं। Ghibli एक एनीमेशन स्टाइल है, जो खासतौर पर जापान में पॉपुलर है, लेकिन अब भारतीय यूजर्स में इसका काफी क्रेज है। इसके लिए Krutrim AI में Ghibli स्टाइल की फोटो बनाने में मद्द करेगा। इसके साथ ही, यह असिस्टेंट लोकल डेटा और आपकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपके सवालों के उत्तर देगा, जो इसे ChatGPT जैसे ग्लोबल मॉडल्स से काफी अलग बनाता है।</p>
<p><strong>अभी क्या कर सकता है Krutrim?</strong></p>
<p>फिलहाल<strong> </strong>Krutrim AI असिस्टेंट DeepSeek R1 की मदद से यूजर्स के प्रश्नों के उत्तर दे रहा है। अगर आप Ola ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो इस ऐप में कृत्रिम का ऑप्शन मौजूद है, लेकिन अभी यह कैब बुकिंग के लिए एक्टिव नहीं है। उम्मीद जताई जा रही है कि लॉन्च के बाद, नए अपडेट्स के साथ इसमें कैब बुकिंग, फोटो क्रिएशन और स्मार्ट रीजनिंग जैसे कई सारे फीचर्स लाइव किए जाएंगे। भावेश अग्रवाल ने बताया कि टीम इसके लिए दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि भारत को एक ऐसा AI दिया जा सके, जो दुनिया के किसी भी बड़े मॉडल को टक्कर दे सके और स्वदेशी हो। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/532764/showing-swag-lawyer-was-given-a-heavy-high-court-you">स्वैग दिखाना वकील साहब को पड़ा भारी, हाई कोर्ट ने सुना दी 6 महीने जेल की सजा, मामला जान कर आपभी रह जाएंगे हैरान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532855/deep-ai-and-chat-gpt-is-coming-to-compete-with</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 17:33:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चैटजीपीटी के दौर में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हाथ से लिखा 100 पृष्ठ का बजट, कहा-  मैं 4 रात तक सोया नहीं था</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रायपुर।</strong> ऐसे समय में जब अदालती फैसले भी एआई-आधारित चैटबॉट का उपयोग करके तैयार किए जाते हैं, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने हिंदी में 100-पृष्ठ का बजट हाथ से लिखकर अपने व्यक्तिगत समर्पण का परिचय दिया है। यह बजट तैयार करने की प्रक्रिया में उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी चौधरी ने राजनीति में आने के लिए नौकरी छोड़ दी थी। चौधरी का मानना है कि जनता की सेवा करने के लिए राजनीति एक बड़ा माध्यम है। चौधरी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में अगले वित्त वर्ष (2025-26) के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526665/during-the-chatgpt-era--chhattisgarh-finance-minister-op-choudhary-wrote-a-100-page-budget-by-hand--said--i-did-not-sleep-for-4-nights"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/cats147.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायपुर।</strong> ऐसे समय में जब अदालती फैसले भी एआई-आधारित चैटबॉट का उपयोग करके तैयार किए जाते हैं, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने हिंदी में 100-पृष्ठ का बजट हाथ से लिखकर अपने व्यक्तिगत समर्पण का परिचय दिया है। यह बजट तैयार करने की प्रक्रिया में उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी चौधरी ने राजनीति में आने के लिए नौकरी छोड़ दी थी। चौधरी का मानना है कि जनता की सेवा करने के लिए राजनीति एक बड़ा माध्यम है। चौधरी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में अगले वित्त वर्ष (2025-26) के लिए चार मार्च को बजट पेश किया। इससे पहले वह कई दिन तक बजट लिखने में व्यस्त रहे। इस दौरान वह मुश्किल से एकाध घंटे सोते थे। </p>
<p>राज्य की वित्तीय योजना और लक्ष्यों के प्रति स्वामित्व और समर्पण की भावना को प्रदर्शित करने वाला यह दुर्लभ कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है, खासकर तब जब अधिकांश बजट दस्तावेज आमतौर पर अधिकारियों की एक टीम द्वारा तैयार किए जाते हैं या कंप्यूटर पर टाइप किए जाते हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपना (बजट) भाषण लिख रहा था और मुझे एहसास हुआ कि एक हस्तलिखित दस्तावेज मेरी भावनाओं, मेरे दृष्टिकोण, मेरी प्रतिबद्धता और मेरे लगाव को अधिक व्यक्त करेगा। और इसलिए, मैंने सोचा, मुझे इसे खुद लिखना चाहिए। उन्होंने अपने हस्तलिखित 100-पृष्ठ के दस्तावेज़ को दिखाते हुए कहा कि हाथ से लिखा हुआ यह बजट उनके लगाव और भावनाओं को दर्शाता है।’’ </p>
<p>पूरा बजट दस्तावेज लिखने में कितना समय लगा, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बजट पर 5-6 महीने से काम चल रहा था, लेकिन बजट के हिस्सों पर वास्तविक लेखन प्रस्तुति से लगभग एक सप्ताह या 10 दिन पहले शुरू हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सचमुच चार रात तक (बजट प्रस्तुति से पहले) सोया नहीं था। मैं उन चार रातों में मुश्किल से एक-डेढ़ घंटे सो पाया था। और यही वह समय था जब मैंने बजट लिखा।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह कार्य राज्य के वित्त के प्रति उनकी व्यक्तिगत भागीदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शायद यह पहली बार है जब किसी वित्त मंत्री ने विधानसभा में हस्तलिखित वार्षिक बजट पेश किया है। यह दर्शाता है कि चौधरी ने इस कार्य में सावधानी के साथ ब्योरे पर विस्तार से ध्यान दिया है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हाथ से लिखा बजट शासन में प्रामाणिकता और पारदर्शिता का प्रतीक है।’’ उन्होंने 1,65,100 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। चौधरी ने कहा कि यह बजट राज्य की तेज आर्थिक उन्नति के लिए रूपरेखा तैयार करता है, जिसमें नक्सली हिंसा प्रभावित बस्तर के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।</p>
<p> चौधरी ने कहा कि पिछले वर्ष का बजट जहां ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) ‘थीम’ पर केंद्रित था, वहीं इस साल के बजट का उद्देश्य ज्ञान के लिए ‘गति’ थीम के तहत राज्य में प्रगति को आगे बढ़ाना है। इसका उद्देश्य अबतक हुई प्रगति को और आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गति (जीएटीआई) में ‘जी’ का मतलब सुशासन, ‘ए’ का मतलब बुनियादी ढांचे में तेजी, ‘टी’ का मतलब प्रौद्योगिकी और ‘आई’ का मतलब औद्योगिक विकास से है। </p>
<p>पिछले वर्ष के बजट ने समावेशी विकास की नींव रखी थी। इस साल के बजट ने उस विकास यात्रा में अगला कदम बढ़ाया गया है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी चौधरी ने भाजपा में शामिल होने के लिए 2018 में रायपुर के कलेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने हिंदी विषय का अध्ययन किया था, जिसपर उनकी अच्छी पकड़ थी, जिससे उन्हें अपनी पसंदीदा शैली में बजट लिखने में मदद मिली। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘अपने नौकरशाही जीवन के 13 वर्षों में मैंने पूरी लगन से काम किया और अपना 100 प्रतिशत दिया। मैं अपने करियर के शिखर पर था... मैं रायपुर राजधानी का कलेक्टर था।’’ उन्होंने याद करते हुए कहा कि उन्हें किस बात ने राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। ’’मेरे दिमाग में एक विचार आया कि भारत में इतना विकास हो रहा है, भारत में इतने अवसर हैं। भारत में इतना कुछ करने के इतने अवसर हैं। इसलिए, मैंने सोचा कि अगर सिविल सेवाओं से बड़ा कोई मंच है तो वह राजनीति है।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति नौकरशाह होने की तुलना में लोगों के जीवन पर बड़ा प्रभाव डालने का एक बड़ा माध्यम है। मैंने बचपन में सुना था कि अच्छे लोगों के राजनीति में न आने का नतीजा यह होता है कि बुरे लोग अच्छे लोगों पर शासन करते हैं। इसलिए, मैं इस विचार से प्रेरित हुआ और राजनीति में आने का फैसला किया।’’ चौधरी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व से प्रभावित थे और इसलिए राजनीति में आए। वह 2018 में पहला चुनाव हार गए थे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में वह रायगढ़ से जीते थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/526625/father-in-law-turned-demon--raped-daughter-in-law--did-obscene-act-with-granddaughter--beat-her-up-on-protest">Crime News: ससुर बना असुर! बहू संग किया रेप, पोती से की अश्लील हरकत, विरोध पर पीटा</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 12:14:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>3 में से 1 व्यक्ति अकेला, क्या एआई-अकेलापन कम करने में मदद करेगा, या हालात बदतर बना देगा? </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मेलबर्न।</strong> चैटजीपीटी पिछले साल के अंत में रिलीज होने के बाद से बार-बार सुर्खियां बटोर रहा है, विभिन्न विद्वान पेशेवर काम और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में इसके संभावित अनुप्रयोगों की खोज कर रहे हैं। हालाँकि, जिस एक क्षेत्र पर कम ध्यान दिया जा रहा है, वह है एक परस्पर संवादकर्ता के रूप में और एक संभावित मित्र के रूप में इस उपकरण की उपयोगिता। </p>
<p>कुछ चैटबॉट्स ने परेशान करने वाले काम किए हैं। माइक्रोसॉफ्ट के बिंग चैटबॉट ने इस साल की शुरुआत में उपयोगकर्ताओं को तब चिंतित कर दिया जब उसने उन्हें धमकी दी और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/433877/with-1-in-3-people-alone--will-ai-help-ease-loneliness--or-make-things-worse"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/image-demo-(8).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मेलबर्न।</strong> चैटजीपीटी पिछले साल के अंत में रिलीज होने के बाद से बार-बार सुर्खियां बटोर रहा है, विभिन्न विद्वान पेशेवर काम और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में इसके संभावित अनुप्रयोगों की खोज कर रहे हैं। हालाँकि, जिस एक क्षेत्र पर कम ध्यान दिया जा रहा है, वह है एक परस्पर संवादकर्ता के रूप में और एक संभावित मित्र के रूप में इस उपकरण की उपयोगिता। </p>
<p>कुछ चैटबॉट्स ने परेशान करने वाले काम किए हैं। माइक्रोसॉफ्ट के बिंग चैटबॉट ने इस साल की शुरुआत में उपयोगकर्ताओं को तब चिंतित कर दिया जब उसने उन्हें धमकी दी और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। फिर भी पॉप संस्कृति ने लंबे समय से हमारे साथ सामाजिक साथी के रूप में रहने वाली स्वायत्त प्रणालियों के सपने संजोए हैं, चाहे वह द जेट्सन की रोबोट रोज़ी हो, या 2013 की फिल्म हर की सुपर-इंटेलिजेंट एआई, सामंथा हो। </p>
<p>क्या हम नए और आने वाले चैटबॉट्स के प्रति समान भावनात्मक जुड़ाव विकसित करेंगे? और क्या यह स्वस्थ है? जबकि जेनरेटिव एआई स्वयं अपेक्षाकृत नया है, संबद्धता और मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन के क्षेत्रों का काफी अच्छी तरह से पता लगाया गया है, जिसके परिणाम आपको आश्चर्यचकित कर सकते हैं। हमारे नवीनतम शोध से पता चलता है कि, ऐसे समय में जब 3 में से 1 ऑस्ट्रेलियाई अकेलेपन का अनुभव कर रहा है, हमारे सामाजिक जीवन में अंतराल को भरने के लिए एआई के लिए जगह हो सकती है। हालांकि इसमें दो राय नहीं कि हम इसका उपयोग लोगों के स्थानापन्न के रूप में नहीं करते हैं। </p>
<p><strong>क्या आप रोबोट से दोस्ती कर सकते हैं?</strong><br />जहां तक ​​इंटरनेट के लोकप्रिय होने की बात है, विद्वान इस बात पर चर्चा करते रहे हैं कि एआई मानवीय रिश्तों को कैसे प्रतिस्थापित या पूरक कर सकता है। लगभग एक दशक बाद जब सोशल मीडिया लोकप्रिय हो गया, तो इस क्षेत्र में रुचि बढ़ गई। 2021 नोबेल पुरस्कार विजेता पुस्तक क्लारा एंड द सन यह बताती है कि मनुष्य और जीवन जैसी मशीनें कैसे सार्थक रिश्ते बना सकती हैं। और रुचि बढ़ने के साथ-साथ चिंता भी बढ़ती गई, इस बात के प्रमाण मिले कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से अपनापन (और इसलिए अकेलापन) प्रभावित हो सकता है। </p>
<p>कुछ अध्ययनों में, प्रौद्योगिकी (गेमिंग, इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया) के अत्यधिक उपयोग को उच्च सामाजिक चिंता और अकेलेपन से जोड़ा गया है। लेकिन अन्य शोध से पता चलता है कि प्रभाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि तकनीक का उपयोग कौन कर रहा है और कितनी बार इसका उपयोग करता है। शोध में यह भी पाया गया है कि कुछ ऑनलाइन रोलप्लेइंग गेम खेलने वालों को वास्तविक दुनिया की तुलना में ऑनलाइन अकेलेपन का अनुभव कम होता है - और जो लोग गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपनेपन की भावना महसूस करते हैं, वे इसका उपयोग जारी रखने की अधिक संभावना रखते हैं। </p>
<p>यह सब सुझाव देता है कि प्रौद्योगिकी का उपयोग अकेलेपन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, कि इसमें मानव समर्थन को प्रतिस्थापित करने की क्षमता है, और जितना अधिक व्यक्ति इसका उपयोग करता है वह उतना ही अधिक आकर्षक होता जाता है। फिर, यह साक्ष्य एक विशिष्ट उद्देश्य के साथ डिज़ाइन किए गए टूल से है (उदाहरण के लिए, गेम का उद्देश्य मनोरंजन करना है) न कि मानव कनेक्शन का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किए गए टूल (जैसे एआई "थेरेपी" टूल)। </p>
<p><strong>रोबोट साथियों का उदय</strong><br />प्रौद्योगिकी, नेतृत्व और मनोविज्ञान के क्षेत्र में शोधकर्ताओं के रूप में, हम यह जांच करना चाहते थे कि चैटजीपीटी लोगों की अकेलेपन और सहयोग की भावनाओं को कैसे प्रभावित कर सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या इसका उपयोगकर्ताओं की भलाई और अपनेपन के लिए कोई शुद्ध सकारात्मक लाभ है? इसका अध्ययन करने के लिए, हमने 387 प्रतिभागियों से एआई के उपयोग के साथ-साथ सामाजिक कनेक्शन और समर्थन के उनके सामान्य अनुभव के बारे में पूछा। </p>
<p>हमने पाया कि: जिन प्रतिभागियों ने एआई का अधिक उपयोग किया, उन्हें उन लोगों की तुलना में अपने एआई द्वारा अधिक समर्थन महसूस हुआ, जिनका समर्थन मुख्य रूप से करीबी दोस्तों से आया था। -एक प्रतिभागी ने जितना अधिक एआई का उपयोग किया, एआई से सामाजिक समर्थन की उनकी भावना उतनी ही अधिक थी -जितना अधिक प्रतिभागी एआई द्वारा सामाजिक रूप से समर्थित महसूस करते थे, उनके करीबी दोस्तों और परिवार से समर्थन की भावना उतनी ही कम होती थी -हालाँकि यह पूरी तरह सच नहीं है, औसतन मानव सामाजिक समर्थन कम अकेलेपन का सबसे बड़ा उदाहरण था। </p>
<p>एआई मित्र ठीक हैं, लेकिन आपको अभी भी लोगों की आवश्यकता है कुल मिलाकर हमारे नतीजे बताते हैं कि सामाजिक समर्थन या तो इंसानों से या एआई से आ सकता है - और एआई के साथ काम करने से वास्तव में लोगों को मदद मिल सकती है। लेकिन चूंकि मानव सामाजिक समर्थन कम अकेलेपन का सबसे बड़ा कारक था, इसलिए ऐसा लगता है कि अकेलेपन की अंतर्निहित भावनाओं को केवल मानवीय संपर्क से ही संबोधित किया जा सकता है। सरल शब्दों में, व्यक्तिगत मित्रता को पूरी तरह से रोबोट मित्रता से बदलने से वास्तव में अधिक अकेलापन हो सकता है। </p>
<p>ऐसा कहने के बाद, हमने ऐसे प्रतिभागियों को भी देखा जो एआई द्वारा सामाजिक रूप से समर्थित महसूस करते थे, उनकी भलाई पर मनुष्यों द्वारा समर्थित प्रभावों के समान प्रभाव का अनुभव हुआ। यह ऊपर उल्लिखित ऑनलाइन गेमिंग पर पिछले शोध के अनुरूप है। इसलिए भले ही एआई से दोस्ती करने से अकेलेपन से छुटकारा न मिले, फिर भी यह हमें जुड़ाव महसूस करने में मदद कर सकता है, जो कि कुछ न होने से बेहतर है। </p>
<p><strong>निष्कर्ष</strong><br />हमारा शोध बताता है कि एआई से सामाजिक समर्थन सकारात्मक हो सकता है, लेकिन यह अन्य लोगों से सामाजिक समर्थन के सभी लाभ प्रदान नहीं करता है - खासकर जब अकेलेपन की बात आती है। जब संयमित तरीके से उपयोग किया जाता है, तो एआई बॉट के साथ संबंध सकारात्मक कार्यात्मक और भावनात्मक लाभ प्रदान कर सकता है। लेकिन मुख्य बात यह समझना है कि यद्यपि यह आपको समर्थित महसूस करा सकता है, लेकिन यह आपको अकेलापन महसूस करने से रोकने के लिए अपनेपन की पर्याप्त भावना विकसित करने में मदद करने की संभावना नहीं है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप भी बाहर निकलें और वास्तविक मानवीय संबंध बनाएं। यह अपनेपन की एक सहज भावना प्रदान करते हैं जिसकी (अभी के लिए) सबसे उन्नत एआई भी बराबरी नहीं कर सकती। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/433793/your-whatsapp-can-be-hacked-secure-your-account-in-these">आपका WhatsApp हो सकता है हैक, इन तीन तरीकों से सिक्योर करें अपना अकांउट</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/433877/with-1-in-3-people-alone--will-ai-help-ease-loneliness--or-make-things-worse</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jan 2024 15:08:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Google का जेमिनी: क्या नया AI मॉडल वास्तव में ChatGPT से बेहतर है? </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गालवे (आयरलैंड)।</strong> गूगल डीपमाइंड ने हाल ही में ओपनएआई के चैटजीपीटी के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने नए एआई मॉडल जेमिनी की घोषणा की है। जबकि दोनों मॉडल ‘‘जेनरेटिव एआई’’ के उदाहरण हैं, जो नए डेटा (चित्र, शब्द या अन्य मीडिया) उत्पन्न करने के लिए इनपुट प्रशिक्षण जानकारी के पैटर्न ढूंढना सीखते हैं, चैटजीपीटी एक बड़ा भाषा मॉडल (एलएलएम) है जो टेक्स्ट बनाने पर केंद्रित है। जिस तरह चैटजीपीटी संवाद के लिए एक वेब ऐप है, जो तंत्रिका नेटवर्क पर आधारित है, जिसे जीपीटी (भारी मात्रा में टेक्स्ट पर प्रशिक्षित) के नाम से जाना जाता है, गूगल के पास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/426861/google-s-gemini--is-the-new-ai-model-really-better-than-chatgpt"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/image-demo---2023-12-17t104743.362.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गालवे (आयरलैंड)।</strong> गूगल डीपमाइंड ने हाल ही में ओपनएआई के चैटजीपीटी के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने नए एआई मॉडल जेमिनी की घोषणा की है। जबकि दोनों मॉडल ‘‘जेनरेटिव एआई’’ के उदाहरण हैं, जो नए डेटा (चित्र, शब्द या अन्य मीडिया) उत्पन्न करने के लिए इनपुट प्रशिक्षण जानकारी के पैटर्न ढूंढना सीखते हैं, चैटजीपीटी एक बड़ा भाषा मॉडल (एलएलएम) है जो टेक्स्ट बनाने पर केंद्रित है। जिस तरह चैटजीपीटी संवाद के लिए एक वेब ऐप है, जो तंत्रिका नेटवर्क पर आधारित है, जिसे जीपीटी (भारी मात्रा में टेक्स्ट पर प्रशिक्षित) के नाम से जाना जाता है, गूगल के पास बार्ड नामक एक संवादात्मक वेब ऐप है, जो लाएमडीए (संवाद पर प्रशिक्षित) नामक एक मॉडल पर आधारित था। लेकिन गूगल अब उसे जेमिनी राशि के आधार पर अपग्रेड कर रहा है। जो बात जेमिनी को पहले के जेनेरिक एआई मॉडल जैसे कि लाएमडीए से अलग करती है, वह यह है कि यह एक ‘‘मल्टी-मॉडल’’ है। </p>
<p>इसका मतलब यह है कि यह इनपुट और आउटपुट के कई तरीकों के साथ सीधे काम करता है: टेक्स्ट इनपुट और आउटपुट का समर्थन करने के साथ-साथ, यह छवियों, ऑडियो और वीडियो का भी समर्थन करता है। तदनुसार, एक नया संक्षिप्त नाम उभर रहा है: एलएमएम (लार्ज मल्टीमॉडल मॉडल), एलएलएम के साथ भ्रमित न हों। सितंबर में, ओपनएआई ने जीपीटी-4 विजन नामक एक मॉडल की घोषणा की जो छवियों, ऑडियो और टेक्स्ट के साथ भी काम कर सकता है। हालाँकि, यह उस तरह से पूरी तरह से मल्टीमॉडल मॉडल नहीं है जैसा जेमिनी होने का वादा करता है। उदाहरण के लिए, जबकि चैटजीपीटी-4, जो जीपीटी-4वी द्वारा संचालित है, ऑडियो इनपुट के साथ काम कर सकता है और संवाद आउटपुट उत्पन्न कर सकता है, ओपन एआई ने पुष्टि की है कि यह व्हिस्पर नामक एक अन्य गहन शिक्षण मॉडल का उपयोग करके इनपुट पर भाषण को पाठ में परिवर्तित करके किया जाता है। </p>
<p>चैटजीपीटी-4 एक अलग मॉडल का उपयोग करके आउटपुट पर टेक्स्ट को स्पीच में परिवर्तित करता है, जिसका अर्थ है कि जीपीटी-4वी स्वयं पूरी तरह से टेक्स्ट के साथ काम कर रहा है। इसी तरह, चैटजीपीटी-4 छवियों का उत्पादन कर सकता है, लेकिन यह पाठ संकेतों को उत्पन्न करके ऐसा करता है जो डाल-ई 2 नामक एक अलग गहन शिक्षण मॉडल में पारित हो जाते हैं, जो पाठ विवरणों को छवियों में परिवर्तित करता है। इसके विपरीत, गूगल ने जेमिनी को ‘‘मूल रूप से मल्टीमॉडल’’ के रूप में डिज़ाइन किया है। इसका मतलब यह है कि कोर मॉडल सीधे इनपुट प्रकारों (ऑडियो, चित्र, वीडियो और टेक्स्ट) की एक श्रृंखला को संभालता है और उन्हें सीधे आउटपुट भी कर सकता है। </p>
<p><strong>फैसला</strong><br />इन दोनों दृष्टिकोणों के बीच अंतर अकादमिक लग सकता है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है। गूगल की तकनीकी रिपोर्ट और आज तक के अन्य गुणात्मक परीक्षणों से सामान्य निष्कर्ष यह है कि जेमिनी का वर्तमान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध संस्करण, जिसे जेमिनी 1.0 प्रो कहा जाता है, आमतौर पर जीपीटी-4 जितना अच्छा नहीं है, और इसकी क्षमताओं में यह जीपीटी 3.5 के समान है। गूगल ने जेमिनी के एक अधिक शक्तिशाली संस्करण की भी घोषणा की, जिसे जेमिनी 1.0 अल्ट्रा कहा जाता है, और कुछ परिणाम प्रस्तुत किए हैं जो दर्शाते हैं कि यह जीपीटी-4 से अधिक शक्तिशाली है। हालाँकि, दो कारणों से इसका आकलन करना कठिन है। पहला कारण यह है कि गूगल ने अभी तक अल्ट्रा जारी नहीं किया है, इसलिए वर्तमान में परिणामों को स्वतंत्र रूप से मान्य नहीं किया जा सकता है। गूगल के दावों का आकलन करना कठिन होने का दूसरा कारण यह है कि उसने कुछ हद तक भ्रामक प्रदर्शन वीडियो जारी किए। वीडियो में जेमिनी मॉडल को लाइव वीडियो स्ट्रीम पर संवादात्मक रूप से टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। हालाँकि, जैसा कि शुरुआत में ब्लूमबर्ग ने बताया था, वीडियो में प्रदर्शन वास्तविक समय में नहीं किया गया था। उदाहरण के लिए, मॉडल ने पहले से कुछ विशिष्ट कार्य सीखे थे, जैसे कि तीन कप और बॉल ट्रिक, जहां जेमिनी ट्रैक करता है कि गेंद किस कप के नीचे है। ऐसा करने के लिए, इसे स्थिर छवियों का एक क्रम प्रदान किया गया था जिसमें प्रस्तुतकर्ता के हाथ बदले जा रहे कपों पर हैं। </p>
<p><strong>आशावादी भविष्य</strong><br />इन मुद्दों के बावजूद, मेरा मानना ​​​​है कि जेमिनी और बड़े मल्टीमॉडल मॉडल जेनरेटिव एआई के लिए एक बेहद रोमांचक कदम हैं। ऐसा उनकी भविष्य की क्षमताओं और एआई उपकरणों के प्रतिस्पर्धी परिदृश्य दोनों के कारण है। जैसा कि मैंने पिछले लेख में बताया था, जीपीटी-4 को लगभग 500 अरब शब्दों पर प्रशिक्षित किया गया था - अनिवार्य रूप से सभी अच्छी गुणवत्ता वाले, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पाठ। गहन शिक्षण मॉडल का प्रदर्शन आम तौर पर मॉडल जटिलता और प्रशिक्षण डेटा की मात्रा में वृद्धि से प्रेरित होता है। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आगे कैसे सुधार किया जा सकता है, क्योंकि भाषा मॉडल के लिए हमारे पास नया प्रशिक्षण डेटा लगभग समाप्त हो चुका है। हालाँकि, मल्टीमॉडल मॉडल छवियों, ऑडियो और वीडियो के रूप में प्रशिक्षण डेटा के विशाल नए भंडार खोलते हैं। मैं इस बात को लेकर भी उत्साहित हूं कि एआई के प्रतिस्पर्धी परिदृश्य के लिए इसका क्या मतलब है। पिछले वर्ष से, कई जेनेरिक एआई मॉडल के उद्भव के बावजूद, ओपनएआई के जीपीटी मॉडल प्रभावी रहे हैं, जो उस स्तर का प्रदर्शन करते हैं जो अन्य मॉडल तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। गूगल का जेमिनी एक प्रमुख प्रतियोगी के उद्भव का संकेत देता है जो क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। बेशक, ओपनएआई लगभग निश्चित रूप से जीपीटी-5 पर काम कर रहा है, और हम उम्मीद कर सकते हैं कि यह मल्टीमॉडल भी होगा और उल्लेखनीय नई क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। यह सब कहा जा रहा है, मैं बहुत बड़े मल्टीमॉडल मॉडल के उद्भव को देखने के लिए उत्सुक हूं जो ओपन-सोर्स और गैर-व्यावसायिक हैं, जो मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हमारे सामने होंगे। मुझे जेमिनी के कार्यान्वयन की कुछ विशेषताएं भी पसंद हैं। उदाहरण के लिए, गूगल ने जेमिनी नैनो नामक एक संस्करण की घोषणा की है, जो अधिक हल्का है और सीधे मोबाइल फोन पर चलने में सक्षम है। इस तरह के हल्के मॉडल एआई कंप्यूटिंग के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हैं और गोपनीयता के दृष्टिकोण से इसके कई लाभ हैं, और मुझे यकीन है कि यह विकास प्रतियोगियों को भी इसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित करेगा। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/426338/this-special-feature-came-in-whatsapp--now-you-will-be-able-to-pin-any-chat">WhatsApp में आया ये खास फीचर, अब किसी भी चैट को कर पाएंगे पिन</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Dec 2023 13:50:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ChatGPT का एक साल पूरा: AI चमत्कार ने इन 5 तरीकों से दुनिया को बदल दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सिडनी। </strong>ओपनएआई की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट चैटजीपीटी को ठीक एक साल पहले आम जनता के सामने पेश किया गया था। दूसरे महीने के अंत तक 10 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ यह अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऐप बन गया। आज, यह माइक्रोसॉफ्ट के बिंग सर्च, स्काइप और स्नैपचैट के माध्यम से एक अरब से अधिक लोगों के लिए उपलब्ध है - और अनुमान है कि ओपनएआई वार्षिक राजस्व में एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक एकत्र करेगा। हमने पहले कभी किसी प्रौद्योगिकी को इतनी तेजी से विस्तार करते नहीं देखा।</p>
<p>अधिकांश लोगों को वेब का उपयोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/422667/chatgpt-completes-one-year--the-ai-miracle-changed-the-world-in-these-5-ways"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/image-demo---2023-12-01t144116.491.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सिडनी। </strong>ओपनएआई की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट चैटजीपीटी को ठीक एक साल पहले आम जनता के सामने पेश किया गया था। दूसरे महीने के अंत तक 10 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ यह अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऐप बन गया। आज, यह माइक्रोसॉफ्ट के बिंग सर्च, स्काइप और स्नैपचैट के माध्यम से एक अरब से अधिक लोगों के लिए उपलब्ध है - और अनुमान है कि ओपनएआई वार्षिक राजस्व में एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक एकत्र करेगा। हमने पहले कभी किसी प्रौद्योगिकी को इतनी तेजी से विस्तार करते नहीं देखा।</p>
<p>अधिकांश लोगों को वेब का उपयोग शुरू करने में लगभग एक दशक का समय लग गया था। लेकिन इस बार तैयारी पहले से ही मौजूद थी। परिणामस्वरूप, चैटजीपीटी का प्रभाव शेक्सपियर की शैली में कैरोल की सेवानिवृत्ति के बारे में कविताएँ लिखने से कहीं आगे निकल गया है। इसने कई लोगों को हमारे एआई-संचालित भविष्य का स्वाद चखाया है। यहां पांच तरीके बताए गए हैं जिनसे इस तकनीक ने दुनिया को बदल दिया है। </p>
<p><strong>1. एआई सुरक्षा</strong><br />चैटजीपीटी ने दुनिया भर की सरकारों को इस विचार को समझने के लिए मजबूर किया कि एआई महत्वपूर्ण चुनौतियाँ पैदा करता है - न केवल आर्थिक चुनौतियाँ, बल्कि सामाजिक और अस्तित्व संबंधी चुनौतियाँ भी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक राष्ट्रपति कार्यकारी आदेश के साथ अमेरिका को एआई नियमों में सबसे आगे खड़ा कर दिया, जो एआई सुरक्षा और संरक्षा के लिए नए मानक स्थापित करता है। इसका उद्देश्य समानता और नागरिक अधिकारों में सुधार करना है, साथ ही नवाचार और प्रतिस्पर्धा तथा एआई में अमेरिकी नेतृत्व को भी बढ़ावा देना है। इसके तुरंत बाद, यूनाइटेड किंगडम ने बैलेचले पार्क में पहला अंतर-सरकारी एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन आयोजित किया - वह स्थान जहां द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मन एनिग्मा कोड को क्रैक करने के लिए कंप्यूटर का जन्म हुआ था। और हाल ही में, यूरोपीय संघ एआई को विनियमित करने में अपनी शुरुआती बढ़त का त्याग करता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि उसे चैटजीपीटी जैसे सीमांत मॉडलों द्वारा उत्पन्न संभावित खतरों के साथ अपने एआई अधिनियम को अनुकूलित करने में दिक्कतें पेश आईं। हालाँकि ऑस्ट्रेलिया विनियमन और निवेश के मामले में पिछड़ रहा है, लेकिन दुनिया भर के देश इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए अपना पैसा, समय और ध्यान तेजी से लगा रहे हैं, जो पांच साल पहले ज्यादातर लोगों के दिमाग में नहीं आया था। </p>
<p><strong>2. नौकरी की सुरक्षा</strong><br />चैटजीपीटी से पहले, शायद कार कर्मचारी और अन्य ब्लू कॉलर कर्मचारी ही रोबोट के आने से सबसे ज्यादा डरते थे। चैटजीपीटी और अन्य जेनरेटिव एआई टूल ने इस परिदृश्य को बदल दिया है। ग्राफिक डिजाइनर और वकील जैसे सफेदपोश ओहदेदारों को भी अब अपनी नौकरी की चिंता सताने लगी है। ऑनलाइन जॉब मार्केटप्लेस के एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि चैटजीपीटी लॉन्च होने के बाद से लेखन और संपादन नौकरियों की कमाई में 10% से अधिक की गिरावट आई है। इस बात को लेकर भारी अनिश्चितता है कि क्या एआई जितनी नौकरियां पैदा करेगा उससे ज्यादा नौकरियां खत्म कर देगा। लेकिन एक बात अब निश्चित है: एआई हमारे काम करने के तरीके में बेहद विघटनकारी होगा। </p>
<p><strong>3. निबंध का खात्मा</strong><br />चैटजीपीटी के आगमन पर शिक्षा क्षेत्र ने कुछ द्वेषपूर्ण प्रतिक्रिया व्यक्त की, कई स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों ने इसके उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध जारी कर दिया। यदि चैटजीपीटी निबंध लिख सकता है, तो होमवर्क का क्या होगा? बेशक, हम लोगों से निबंध लिखने के लिए नहीं कहते क्योंकि उनकी कमी है, या इसलिए भी कि कई नौकरियों के लिए इसकी आवश्यकता होती है। हम उनसे निबंध लिखने के लिए कहते हैं क्योंकि इसमें शोध कौशल की आवश्यकता होती है, संचार कौशल, आलोचनात्मक सोच और डोमेन ज्ञान में सुधार होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि चैटजीपीटी क्या पेशकश करता है, इन कौशलों की अभी भी आवश्यकता होगी, भले ही हम उन्हें विकसित करने में कम समय खर्च करें। और ऐसा नहीं है कि केवल स्कूली बच्चे ही एआई के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में, एक अमेरिकी न्यायाधीश ने चैटजीपीटी के साथ लिखी गई एक अदालती फाइलिंग के लिए दो वकीलों और एक कानूनी फर्म पर 5,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया था, जिसमें नकली कानूनी उद्धरण भी शामिल थे। मैं कल्पना करता हूं कि ये बढ़ते दर्द हैं। शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके लिए एआई के पास देने के लिए बहुत कुछ है। उदाहरण के लिए, चैटजीपीटी जैसे बड़े भाषा मॉडल को उत्कृष्ट सुकराती ट्यूटर्स के रूप में तैयार किया जा सकता है। और सटीक लक्षित पुनरीक्षण प्रश्न उत्पन्न करते समय बुद्धिमान शिक्षण प्रणालियाँ असीम रूप से धैर्यवान हो सकती हैं। </p>
<p><strong>4. कॉपीराइट अराजकता</strong><br />यह व्यक्तिगत है। दुनिया भर के लेखक यह जानकर क्रोधित हुए कि चैटजीपीटी जैसे कई बड़े भाषा मॉडलों को उनकी सहमति के बिना वेब से डाउनलोड की गई सैकड़ों हजारों पुस्तकों पर प्रशिक्षित किया गया था। एआई मॉडल एआई से लेकर प्राणीशास्त्र तक हर चीज के बारे में धाराप्रवाह संवाद कर सकते हैं, इसका कारण यह है कि उन्हें एआई से लेकर प्राणीशास्त्र तक हर चीज के बारे में पुस्तकों पर प्रशिक्षित किया गया है। और एआई के बारे में पुस्तकों में मेरी अपनी कॉपीराइट पुस्तकें भी शामिल हैं। विडंबना देखिए कि एआई के बारे में एक एआई प्रोफेसर की किताबें एआई को प्रशिक्षित करने के लिए विवादास्पद रूप से इस्तेमाल की जा रही हैं। यह निर्धारित करने के लिए कि क्या यह कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन है, अमेरिका में कई मुकदमे चल रहे हैं। चैटजीपीटी के उपयोगकर्ताओं ने ऐसे उदाहरण भी बताए हैं जहां चैटबॉट्स ने कॉपीराइट पुस्तकों से लिए गए पाठ के पूरे हिस्से को शब्दशः तैयार किया है। </p>
<p><strong>5. ग़लत सूचना और दुष्प्रचार</strong><br />अल्पावधि में, एक चुनौती जो मुझे सबसे अधिक चिंतित करती है वह है गलत सूचना और दुष्प्रचार पैदा करने के लिए चैटजीपीटी जैसे जेनेरिक एआई टूल का उपयोग। यह चिंता सिंथेटिक पाठ से परे, डीपफेक ऑडियो और वीडियो तक जाती है जिसे पहचान पाना मुश्किल है। एआई-जनित क्लोन आवाजों का उपयोग करके एक बैंक को लूटा भी जा चुका है। चुनाव भी अब खतरे में नजर आ रहे हैं. डीपफेक ने 2023 स्लोवाक संसदीय चुनाव अभियान में एक दुर्भाग्यपूर्ण भूमिका निभाई। चुनाव से दो दिन पहले, चुनावी धोखाधड़ी के बारे में एक नकली ऑडियो क्लिप जिसमें कथित तौर पर एक स्वतंत्र समाचार मंच के एक प्रसिद्ध पत्रकार और प्रोग्रेसिव स्लोवाकिया पार्टी के अध्यक्ष को दिखाया गया था, हजारों सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं तक पहुंच गया। टिप्पणीकारों ने सुझाव दिया है कि ऐसी नकली सामग्री चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। द इकोनॉमिस्ट के अनुसार, अगले साल विभिन्न चुनावों में चार अरब से अधिक लोग वोट देने वाले हैं। ऐसे चुनावों में क्या होता है जब हम सोशल मीडिया की पहुंच को एआई-जनित नकली सामग्री की शक्ति और अनुनय के साथ जोड़ते हैं? क्या यह हमारे पहले से ही कमजोर लोकतंत्रों पर गलत सूचना और दुष्प्रचार की लहर फैला देगा? यह अनुमान लगाना कठिन है कि अगले वर्ष क्या होगा। लेकिन मेरा सुझाव है कि हम अभी से कमर कस लें।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/422389/samsung-launches-galaxy-a05--know-price-and-specifications">Samsung ने लॉन्च किया Galaxy A05, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/422667/chatgpt-completes-one-year--the-ai-miracle-changed-the-world-in-these-5-ways</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Dec 2023 15:39:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chatgpt से बेहतर परिणाम लेने के लिए इसके बारे में अपने दृष्टिकोण को इस तरह बदलें </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ग्राफ्टन। </strong>चैटजीपीटी की लोकप्रियता में जोरदार इजाफा हुआ है, और लोग इसका उपयोग लेख और निबंध लिखने, मार्केटिंग कॉपी और कंप्यूटर कोड तैयार करने, या बस एक सीखने या अनुसंधान उपकरण के रूप में कर रहे हैं।</p>
<p>हालाँकि, अधिकांश लोग यह नहीं समझते हैं कि यह कैसे काम करता है या यह क्या कर सकता है, इसलिए वे या तो इसके परिणामों से खुश नहीं हैं या इसका उपयोग इस तरह से नहीं कर रहे हैं जिससे इसकी सर्वोत्तम क्षमताएँ सामने आ सकें। मैं एक मानव कारक इंजीनियर हूं।</p>
<p>मेरे क्षेत्र का मुख्य सिद्धांत यह है कि कभी भी उपयोगकर्ता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/389100/to-get-better-results-from-chatgpt-change-your-attitude-about"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/is-chatgpt-good-at-coding-1200x675.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ग्राफ्टन। </strong>चैटजीपीटी की लोकप्रियता में जोरदार इजाफा हुआ है, और लोग इसका उपयोग लेख और निबंध लिखने, मार्केटिंग कॉपी और कंप्यूटर कोड तैयार करने, या बस एक सीखने या अनुसंधान उपकरण के रूप में कर रहे हैं।</p>
<p>हालाँकि, अधिकांश लोग यह नहीं समझते हैं कि यह कैसे काम करता है या यह क्या कर सकता है, इसलिए वे या तो इसके परिणामों से खुश नहीं हैं या इसका उपयोग इस तरह से नहीं कर रहे हैं जिससे इसकी सर्वोत्तम क्षमताएँ सामने आ सकें। मैं एक मानव कारक इंजीनियर हूं।</p>
<p>मेरे क्षेत्र का मुख्य सिद्धांत यह है कि कभी भी उपयोगकर्ता को दोष न दिया जाए। दुर्भाग्य से, चैटजीपीटी खोज-बॉक्स इंटरफ़ेस गलत मानसिक मॉडल को उजागर करता है और उपयोगकर्ताओं को यह विश्वास दिलाता है कि एक सरल प्रश्न दर्ज करने से व्यापक परिणाम प्राप्त होगा, लेकिन चैटजीपीटी इस तरह काम नहीं करता है। </p>
<p>एक खोज इंजन के विपरीत, स्थिर और संग्रहीत परिणामों के साथ, चैटजीपीटी कभी भी कहीं से भी जानकारी की प्रतिलिपि नहीं बनाता, पुनः प्राप्त नहीं करता या खोजता नहीं है। बल्कि, यह हर शब्द को नये सिरे से उत्पन्न करता है।</p>
<p>आप इसे एक संकेत भेजते हैं, और भारी मात्रा में पाठ पर इसके मशीन-लर्निंग प्रशिक्षण के आधार पर, यह एक मूल उत्तर बनाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक चैट बातचीत के दौरान संदर्भ को बरकरार रखती है, जिसका अर्थ है कि बातचीत में पहले पूछे गए प्रश्न और दिए गए उत्तर बाद में उत्पन्न होने वाली प्रतिक्रियाओं से संबंधित होंगे।</p>
<p>इसलिए, उत्तर लचीले होते हैं, और उपयोगकर्ता को उन्हें किसी उपयोगी चीज़ में आकार देने के लिए एक पुनरावृत्त प्रक्रिया में भाग लेने की आवश्यकता होती है। किसी मशीन का आपका मानसिक मॉडल ,आप इसके बारे में कैसे सोचते हैं , इसका प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए महत्वपूर्ण है।</p>
<p>यह समझने के लिए कि चैटजीपीटी के साथ एक उत्पादक सत्र को कैसे आकार दिया जाए, इसे एक ग्लाइडर के रूप में सोचें जो आपको ज्ञान और संभावनाओं के माध्यम से यात्रा पर ले जाता है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/388779/agriculture-sector-can-reach-new-heights-with-the-use-of#gsc.tab=0">Artificial Intelligence के इस्तेमाल से नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है कृषि क्षेत्रः WEF रिपोर्ट </a></span></strong></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-07/chatgpt-5-to-reason-like-humans-finish-training-by-december-1.jpeg" alt="ChatGPT-5-to-Reason-Like-Humans-Finish-Training-by-December-1"></img></p>
<p><strong>ज्ञान के आयाम</strong><br />आप किसी ऐसे विषय में एक विशिष्ट आयाम या स्थान के बारे में सोचकर शुरुआत कर सकते हैं जो आपको दिलचस्प बनाता है। उदाहरण के लिए, यदि विषय चॉकलेट हो, तो आप उससे हर्शेज़ किसेज़ के बारे में एक दुखद प्रेम कहानी लिखने के लिए कह सकते हैं।</p>
<p>ग्लाइडर को अनिवार्य रूप से किस के बारे में लिखी गई हर चीज़ पर प्रशिक्षित किया गया है, और इसी तरह यह जानता है कि कहानी के तमाम आयाम से कैसे गुजरना है - इसलिए यह आपको वांछित कहानी बनाने के लिए हर्शेज़ किसेज के माध्यम से लेखन की उड़ान पर ले जाएगा।</p>
<p>इसके बजाय आप उससे चॉकलेट के स्वास्थ्यवर्धक होने के पाँच तरीके बताने के लिए कह सकते हैं और डॉ. सीस की शैली में प्रतिक्रिया दे सकते हैं। आपके अनुरोध ग्लाइडर को विभिन्न ज्ञान स्थानों, चॉकलेट और स्वास्थ्य , के माध्यम से एक अलग गंतव्य की ओर लॉन्च करेंगे - एक विशिष्ट शैली में एक कहानी।</p>
<p>चैटजीपीटी की पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए, आप  ट्रांसवर्सल स्थानों के माध्यम से ग्लाइडर को उड़ाना सीख सकते हैं - ऐसे क्षेत्र जो ज्ञान के कई डोमेन को पार करते हैं। इन डोमेन के माध्यम से मार्गदर्शन करके, चैटजीपीटी आपकी रुचि के दायरे और कोण दोनों को सीखेगा और बेहतर उत्तर प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिक्रिया को समायोजित करना शुरू कर देगा।</p>
<p>उदाहरण के लिए, इस संकेत पर विचार करें: क्या आप मुझे स्वस्थ रहने के बारे में सलाह दे सकते हैं। इस प्रश्न में, चैटजीपीटी को यह नहीं पता कि  आप कौन हैं,  न ही स्वस्थ होने से आपका क्या मतलब है। इसके बजाय, इसे आज़माएँ: ऐसा दिखावा करें कि आप एक मेडिकल डॉक्टर, एक पोषण विशेषज्ञ और एक निजी प्रशिक्षक हैं।</p>
<p>हृदय स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए 56 वर्षीय व्यक्ति के लिए दो सप्ताह का भोजन और व्यायाम योजना तैयार करें। इसके साथ, आपने ग्लाइडर को चिकित्सा, पोषण और प्रेरणा के क्षेत्रों में फैली एक अधिक विशिष्ट उड़ान योजना दी है। यदि आप कुछ अधिक सटीक चाहते हैं, तो आप कुछ और आयाम सक्रिय कर सकते हैं।</p>
<p>उदाहरण के लिए, इसमें जोड़ें: और मैं कुछ वजन कम करना चाहता हूं और मांसपेशियों का निर्माण करना चाहता हूं, और मैं प्रतिदिन 20 मिनट व्यायाम पर बिताना चाहता हूं, और मैं पुल-अप नहीं कर सकता और मुझे टोफू से नफरत है। चैटजीपीटी आपके सभी सक्रिय आयामों को ध्यान में रखते हुए आउटपुट प्रदान करेगा। प्रत्येक आयाम को एक साथ या क्रम में प्रस्तुत किया जा सकता है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/388458/first-whatsapp-now-instagram-service-down-users-upset#gsc.tab=0">पहले Whatsapp अब Instagram की सर्विस हुई डाउन, यूजर्स हुए परेशान</a></span></strong></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-07/how-chatbots-could-be-the-future-of-elearning.jpg" alt="how-chatbots-could-be-the-future-of-eLearning"></img></p>
<p><strong>उड़ान योजना</strong><br />संकेतों के माध्यम से आप जो आयाम जोड़ते हैं, उन्हें चैटजीपीटी द्वारा रास्ते में दिए गए उत्तरों से सूचित किया जा सकता है। यहां एक उदाहरण दिया गया है:  दिखाओ कि आप कैंसर, पोषण और व्यवहार परिवर्तन के विशेषज्ञ हैं।</p>
<p>ग्रामीण समुदायों में कैंसर की दर को कम करने के लिए 8 व्यवहार-परिवर्तन हस्तक्षेपों का प्रस्ताव करें। चैटजीपीटी कर्तव्यनिष्ठा से आठ हस्तक्षेप प्रस्तुत करेगा। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-07/1_yfsen6bkbugajjagwuz0iq.png" alt="1_YfSeN6bKbugAJJaGwUZ0IQ"></img></p>
<p><strong>अन्वेषण, उत्तर नहीं</strong><br />खोज इंजन रूपक को अस्वीकार करके और इसके बजाय एक ट्रांसडायमेंशनल ग्लाइडर रूपक को अपनाकर, आप बेहतर ढंग से समझ सकते हैं कि चैटजीपीटी कैसे काम करता है और मूल्यवान अंतर्दृष्टि की ओर अधिक प्रभावी ढंग से नेविगेट कर सकता है। </p>
<p>चैटजीपीटी के साथ बातचीत एक सरल या अप्रत्यक्ष प्रश्न-उत्तर सत्र के रूप में नहीं, बल्कि एक इंटरैक्टिव वार्तालाप के रूप में की जाती है जो उपयोगकर्ता और चैटबॉट दोनों के लिए उत्तरोत्तर ज्ञान का निर्माण करती है।</p>
<p>आप इसे अपनी रुचियों के बारे में जितनी अधिक जानकारी प्रदान करेंगे और इसकी प्रतिक्रियाओं पर इसे जितनी अधिक प्रतिक्रिया मिलेगी, इसके उत्तर और सुझाव उतने ही बेहतर होंगे। यात्रा जितनी समृद्ध होगी, मंजिल भी उतनी ही समृद्ध होगी। हालाँकि, प्रदान की गई जानकारी का उचित उपयोग करना महत्वपूर्ण है।</p>
<p>चैटजीपीटी द्वारा प्रस्तुत तथ्य, विवरण और संदर्भ सत्यापित स्रोतों से नहीं लिए गए हैं। इन्हें डेटा के विशाल लेकिन गैर-क्यूरेटेड सेट पर इसके प्रशिक्षण के आधार पर तैयार किया गया है। चैटजीटीपी उसी तरह से एक चिकित्सीय निदान उत्पन्न करेगा जिस तरह वह हैरी पॉटर की कहानी लिखता है, जिसका अर्थ है कि यह थोड़ा सा सुधारक है।</p>
<p>आपको हमेशा इसके द्वारा प्रदान की गई विशिष्ट जानकारी का आलोचनात्मक मूल्यांकन करना चाहिए और इसके आउटपुट को ठोस तथ्यों के बजाय अन्वेषण और सुझावों के रूप में मानना ​​चाहिए। इसकी सामग्री को कल्पनाशील अनुमानों के रूप में मानें जिसके लिए आपके, मानव पायलट द्वारा आगे सत्यापन, विश्लेषण और फ़िल्टरिंग की आवश्यकता होती है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a class="post-title" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/388507/gaganyaan-manned-space-mission-isro-successfully-tested-the-propulsion-system">गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन : ISRO ने किया सर्विस मॉड्यूल की प्रोपल्शन प्रणाली का सफल परीक्षण </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/389100/to-get-better-results-from-chatgpt-change-your-attitude-about</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2023 17:37:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>For the first time in India: भारत में पहली बार किसी High Court ने जमानत याचिका पर मांगी ChatGPT से राय</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़। </strong>भारत में पहली बार पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मारपीट के एक मामले से जुड़ी ज़मानत याचिका पर चैटजीपीटी से राय मांगी। जज ने चैटजीपीटी से पूछा कि ऐसे मामलों पर दुनिया की क्या राय है। इसपर चैटजीपीटी ने कहा, ऐसे मामलों में...ज़मानत देने से बचते हैं या ज़मानत राशि बहुत अधिक रखते हैं...ताकि आरोपी अदालत में पेश होता रहे।</p>
<p>भारत की किसी अदालत में शायद अपनी तरह का यह पहला उदाहरण हो सकता है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने क्रूरता के साथ मारपीट के मामले में जमानत पर दुनिया भर के नजरिए का आकलन करने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/355500/for-the-first-time-in-india-a-high-court-sought-chatgpt-opinion-on-a-bail-plea"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/whatsapp-image-2023-03-29-at-2.17.42-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़। </strong>भारत में पहली बार पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मारपीट के एक मामले से जुड़ी ज़मानत याचिका पर चैटजीपीटी से राय मांगी। जज ने चैटजीपीटी से पूछा कि ऐसे मामलों पर दुनिया की क्या राय है। इसपर चैटजीपीटी ने कहा, ऐसे मामलों में...ज़मानत देने से बचते हैं या ज़मानत राशि बहुत अधिक रखते हैं...ताकि आरोपी अदालत में पेश होता रहे।</p>
<p>भारत की किसी अदालत में शायद अपनी तरह का यह पहला उदाहरण हो सकता है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने क्रूरता के साथ मारपीट के मामले में जमानत पर दुनिया भर के नजरिए का आकलन करने के लिए चैटजीपीटी की मदद ली।अदालत ने हत्या के मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबॉट-चैटजीपीटी की मदद मांगी।</p>
<p>न्यायमूर्ति अनूप चितकारा ने सोमवार को अपने आदेश में हालांकि यह स्पष्ट कर दिया कि चैटजीपीटी का कोई भी संदर्भ और की गई कोई भी टिप्पणी न तो मामले के गुण-दोष पर राय की अभिव्यक्ति है और न ही निचली अदालत इन टिप्पणियों पर ध्यान देगी। न्यायाधीश ने कहा, यह संदर्भ केवल जमानत न्यायशास्त्र पर एक व्यापक तस्वीर पेश करने का इरादा है, जहां क्रूरता एक कारक है।</p>
<p>जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायाधीश ने कहा, मौत के घाट उतारना अपने आप में क्रूरता है। लेकिन, अगर क्रूरता मौत का कारण बनती है, तो मामला पलट जाता है। उन्होंने कहा, जब क्रूरता से शारीरिक हमला किया जाता है, तो जमानत के मानदंड भी बदल जाते हैं। न्यायाधीश ने कहा, जब अपराध जघन्य होता है और अपराध क्रूर होता है, तो क्रूरता जमानत देने या अस्वीकार करने के कारकों में से एक बन जाती है। क्रूर कृत्य करने वाले व्यक्तियों का प्रभाव न केवल उन लोगों के लिए विनाशकारी होता है, जिन्हें प्रत्यक्ष नुकसान हुआ और दर्द झेलना पड़ा बल्कि प्रणालीगत स्तर पर भी इसका असर पड़ता है।</p>
<p>न्यायाधीश ने कहा, जब अपराध जघन्य होता है और अपराध क्रूर होता है, तो क्रूरता जमानत देने या अस्वीकार करने के कारकों में से एक बन जाती है। क्रूर कृत्य करने वाले व्यक्तियों का प्रभाव न केवल उन लोगों के लिए विनाशकारी होता है, जिन्हें प्रत्यक्ष नुकसान हुआ और दर्द झेलना पड़ा बल्कि प्रणालीगत स्तर पर भी इसका असर पड़ता है। जमानत पर न्यायशास्त्र क्या कहता है जब हमलावरों ने क्रूरता से हमला किया? आदेश के मुताबिक चैटजीपीटी से यही सवाल किया गया।</p>
<p>चैटजीपीटी का जवाब था, उन मामलों के लिए जमानत पर न्यायशास्त्र जहां हमलावरों ने क्रूरता से हमला किया है, मामले की विशिष्ट परिस्थितियों और क्षेत्र के कानूनों और विनियमों पर निर्भर करेगा, जहां मामले घटित हुए। हालांकि, सामान्य तौर पर यदि हमलावरों पर एक हिंसक अपराध का आरोप लगाया गया है, जिसमें क्रूरता शामिल है, जैसे कि हत्या, उग्र हमला, या यातना, तो उन्हें समुदाय के लिए खतरा और उनके भागने का जोखिम माना जा सकता है।</p>
<p>न्यायाधीश ने कहा, ऐसे मामलों में, न्यायाधीश जमानत देने के लिए कम इच्छुक हो सकता है या यह सुनिश्चित करने के लिए जमानत राशि बहुत अधिक निर्धारित कर सकता है कि प्रतिवादी अदालत में पेश हो और लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा नहीं करे। हमले की गंभीरता, प्रतिवादी का आपराधिक अतीत, और उनके खिलाफ सबूत, ये सभी कारक हैं, जिन पर न्यायाधीश जमानत देने या न देने का फैसला करते समय विचार करेगा।</p>
<p>चैटजीपीटी के टेक्स्ट (पाठ) में कहा गया, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बेगुनाही की धारणा न्याय प्रणाली का एक मूलभूत सिद्धांत है, और सभी प्रतिवादी जमानत के हकदार हैं, जब तक कि इससे इनकार करने के लिए बाध्यकारी कारण न हों। इसलिए, उन मामलों में भी जहां हमलावरों ने क्रूरता से हमला किया है, फिर भी उन्हें जमानत दी जा सकती है, यदि न्यायाधीश यह निर्धारित करता है कि वे समुदाय के लिए खतरा पैदा नहीं करते हैं या भागने का खतरा नहीं है।</p>
<p>मामले के रिकॉर्ड के मुताबिक, याचिकाकर्ता पंजाब का रहने वाला है। याचिकाकर्ता और उसके साथियों के खिलाफ जून 2020 में लुधियाना जिले के एक थाने में हत्या और अन्य अपराधों के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वह अन्य आरोपियों को दी गई जमानत के आधार पर राहत का हकदार है। राज्य सरकार ने यह कहते हुए जमानत याचिका का विरोध किया कि आपराधिक अतीत को देखते हुए, आरोपी के जमानत पर रिहा होने के बाद अपराध में शामिल होने की संभावना है। अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले में आरोपों, चोटों और सबूतों के विश्लेषण से यह पता चलता है कि आरोपी और उसके कुछ साथियों ने क्रूरता और बेरहमी वाला कृत्य किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/355491/a-smiling-rahul-gandhi-arrived-at-the-parliament-house-congress">संसद भवन: कांग्रेस संसदीय दल के कार्यालय मुस्कुराते पहुंचे राहुल गांधी</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Mar 2023 18:53:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ChatGPT क्रांतिकारी, लेकिन Workplace पर उपयोग संबंधी नियम पर विचार जरूरी : प्रमोद भसीन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> इक्रियर के चेयरपर्सन और जेनपेक्ट के संस्थापक प्रमोद भसीन ने चैटजीपीटी को क्रांतिकारी और बहुत लाभकारी बताया है। हालांकि, उनका कहना है कि कंपनियों और संस्थानों को कार्यस्थल पर कर्मियों द्वारा इसके उपयोग को लेकर जल्द से जल्द नियम और नीतियां बनाने होंगे। प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एआई चैटबोट उपकरण दुनियाभर में लोकप्रिय हो गया है। इसे सैन फ्रांसिस्को की कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनी ओपनएआई ने तैयार किया है। </p>
<p>इसे सवालों के विस्तृत जवाब देने, उपयोगकर्ताओं के संकेतों का जवाब देने और ऑनलाइन सूचना के आधार पर (2021 तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/346447/chatgpt-is-revolutionary-but-it-is-necessary-to-consider-the-rules-regarding-use-at-workplace-pramod-bhasin"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/whatsapp-image-2023-02-26-at-3.21.51-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> इक्रियर के चेयरपर्सन और जेनपेक्ट के संस्थापक प्रमोद भसीन ने चैटजीपीटी को क्रांतिकारी और बहुत लाभकारी बताया है। हालांकि, उनका कहना है कि कंपनियों और संस्थानों को कार्यस्थल पर कर्मियों द्वारा इसके उपयोग को लेकर जल्द से जल्द नियम और नीतियां बनाने होंगे। प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एआई चैटबोट उपकरण दुनियाभर में लोकप्रिय हो गया है। इसे सैन फ्रांसिस्को की कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनी ओपनएआई ने तैयार किया है। </p>
<p>इसे सवालों के विस्तृत जवाब देने, उपयोगकर्ताओं के संकेतों का जवाब देने और ऑनलाइन सूचना के आधार पर (2021 तक की) यह पटकथा, भाषण, गीत के बोल, गृहकार्य सामग्री, लेख, मार्केटिंग कॉपी, कक्षा निबंध, यहां तक कि शोध पत्र सार का मसौदा तैयार कर सकता है। भसीन के अनुसार, चैटजीपीटी का उपयोग कई क्षेत्रों में रचनात्मक रूप से किया जा सकता है। लेकिन इसके उपयोग को लेकर कंपनियों और संस्थानों को स्पष्ट नियम और नीतियां बनानी होंगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें <span style="color:rgb(224,62,45);">: <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/346415/video-a-person-like-adani-has-become-as-fat-as-an-elephant-mallikarjuna-kharge-target-in-congress-convention">VIDEO: 'अडानी जैसा एक व्यक्ति आज हाथी जैसा मोटा बन गया है', कांग्रेस महाधिवेशन में खड़गे का निशाना</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/346447/chatgpt-is-revolutionary-but-it-is-necessary-to-consider-the-rules-regarding-use-at-workplace-pramod-bhasin</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Feb 2023 15:45:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ChatGPT से बदलेगी लेखन की दुनिया... इंसानों ने हमेशा से अपनाई नई तकनीक </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मेलबर्न। </strong>तकनीकी विकास के साथ तालमेल बिठाना 21वीं सदी के जीवन का निर्णायक हिस्सा है। लेकिन यह हमारे लिए कुछ अनूठा नहीं है: यह हमारे शुरुआती लिखित अभिलेखों के बाद से मानव कहानी का हिस्सा रहा है - यहां तक ​​​​कि प्राचीन मिथकों और किंवदंतियों में भी इसकी हिस्सेदारी रही है। जबकि चैटजीपीटी से लेखन (और लेखन-संबंधी कार्य) की पूरी तस्वीर बदलने का दावा किया गया है, जैसा कि हम जानते हैं, मेसोपोटामियंस, जो 4,000 साल पहले (आधुनिक इराक में केंद्रित एक भौगोलिक क्षेत्र में) रहते थे, हमारे सामने इस तरह के प्रलंयकारी परिवर्तन से गुजरे थे। उनकी सभ्यता को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/342663/-chatgpt-will-change-the-world-of-writing----humans-have-always-adopted-new-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/image-86.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मेलबर्न। </strong>तकनीकी विकास के साथ तालमेल बिठाना 21वीं सदी के जीवन का निर्णायक हिस्सा है। लेकिन यह हमारे लिए कुछ अनूठा नहीं है: यह हमारे शुरुआती लिखित अभिलेखों के बाद से मानव कहानी का हिस्सा रहा है - यहां तक ​​​​कि प्राचीन मिथकों और किंवदंतियों में भी इसकी हिस्सेदारी रही है। जबकि चैटजीपीटी से लेखन (और लेखन-संबंधी कार्य) की पूरी तस्वीर बदलने का दावा किया गया है, जैसा कि हम जानते हैं, मेसोपोटामियंस, जो 4,000 साल पहले (आधुनिक इराक में केंद्रित एक भौगोलिक क्षेत्र में) रहते थे, हमारे सामने इस तरह के प्रलंयकारी परिवर्तन से गुजरे थे। उनकी सभ्यता को लेखन के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है। बदलते समय में जी रहे हैं</p>
<p>नवंबर 2022 में लॉन्च होने के सिर्फ दो महीने बाद, ओपनएआई का चैटजीपीटी पहले ही 10 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है। बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम), ने प्रश्नों के मानव-समान उत्तर बनाने की अपनी क्षमता के लिए ध्यान आकर्षित किया है। इसके काम को विश्वविद्यालय कानून और व्यावसायिक परीक्षाओं में उत्तीर्ण ग्रेड प्राप्त हुए हैं, और एक कानूनी निर्णय लेने में मदद करने के लिए कोलम्बियाई अदालत में इसका इस्तेमाल किया गया है। चैटजीटीपी और इसके प्रतिस्पर्धियों की प्रतिक्रियाएँ चैटबॉट के संभावित जोखिमों को पहचानने और इसके संभावित लाभों की प्रशंसा करने के बीच बंटी रही हैं। हम सिद्धांतों से भरे हुए हैं कि कैसे एआई में नई प्रगति हमारे काम करने, अध्ययन करने और जीने के तरीके को बदल सकती है। प्राचीन मेसोपोटामिया सभ्यता के कई शुरुआती विकासों का केन्द्र था। इसके लोग तकनीकी और सांस्कृतिक परिवर्तन के अनुकूल होने में विश्व में अग्रणी थे। मेसोपोटामिया के लोगों ने पहिए और कृषि का आविष्कार किया, और गणित, शहरीकरण और परिवहन में अग्रणी प्रगति की। ये सफलताएँ कीलाकार साहित्य में परिलक्षित होती हैं, जो लेखन के सबसे पुराने ज्ञात रूपों में से एक है। कीलाकार लेखन का इतिहास जटिल है, लेकिन ऐसा लगता है कि प्रारंभिक रूप से आर्थिक डेटा जैसे ऋण बकाया का रिकॉर्ड रखने के लिए विकसित किया गया था। हालांकि, समय के साथ, मेसोपोटामिया के लोगों ने कई भाषाओं में, विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को दर्ज करने के लिए मिट्टी की गोलियों में खुदे हुए संकेतों के अपने उपयोग का विस्तार किया। नए उपयोगों में कूटनीतिक पत्राचार से लेकर शुभ ग्रंथों तक, दुनिया की कुछ सबसे पुरानी साहित्यिक कृतियों तक सब कुछ शामिल है। </p>
<p><strong>प्रौद्योगिकी समर्थित नायक</strong><br />दुनिया के सबसे पहले ज्ञात लिखित महाकाव्य, गिलगमेश में, नायक को दुनिया के किनारों तक और उससे आगे की अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए डाइविंग वेट और एक पाल जैसी तकनीकों का आविष्कार और उपयोग करते हुए दिखाया गया है। जैसा कि असीरोलॉजिस्ट एंड्रयू जॉर्ज ने उल्लेख किया है, युवा नायक प्रसिद्धि और अमरता की अपनी खोज में मदद करने के लिए नई तकनीकों का विकास करता है। ये प्रगति उसे ऐसी गतिविधियों में शामिल होने में मदद देती हैं, जो पहले अज्ञात थी, जैसे कि नौकायन और गहरे समुद्र में गोताखोरी। मेसोपोटामिया के एक और शाही नायक, लुगलबंदा (कभी-कभी अपनी सुपर स्पीड के लिए जाने जाते हैं) को भी तकनीकी उन्नति का श्रेय दिया जाता है। लुगलबंदा रोटी सेंकने के लिए चकमक पत्थर का उपयोग करके आग शुरू करने की तकनीक में सुधार करता है। नए उपकरणों के नायकों का उपयोग उनकी विशिष्टता पर जोर देता है। </p>
<p><strong>आविष्कार और अस्पष्टता</strong><br />मेसोपोटामिया के महाकाव्य सांस्कृतिक और तकनीकी प्रगति को स्पष्ट और समान रूप से लाभकारी के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं। गिलगामेश में, सभ्यता और शहरीकरण के लाभ, जैसे कि दीवार निर्माण प्रौद्योगिकी में प्रगति, उनकी लागतों के साथ तुलना की जाती है - जैसे पर्यावरण विनाश और जंगल से अलगाव। दरअसल, महाकाव्य अक्सर मानव संघर्ष की सेवा में उपयोग की जा रही नई तकनीकों का प्रतिनिधित्व करते हैं - और उच्च सामाजिक स्थिति वाले लोगों के हितों की असमान रूप से सेवा करते हैं। सुमेरियन महाकाव्य में एनमेरकर और अरट्टा के भगवान, वीर राजा अपने दुश्मन को बेहतर तकनीक का आविष्कार और उपयोग करके हरा देता है और वह तकनीक है मिट्टी की गोलियों पर लिखने की क्षमता। इस आविष्कार को एपिक ऑफ सरगोन में भी संदर्भित माना जाता है, जहां सरगोन अपने महाकाव्य पढ़ने के कौशल से हत्या के एक प्रयास को चकमा देता है। पाठ में बताया गया है कि गोलियों पर लेखन जिस स्तर तक विकसित किया गया था, उनकी सामग्री को छिपाने की तकनीक का उपयोग नहीं किया गया था (शायद सरगोन के लिए अच्छा ही था)। कुछ मायनों में, कीलाकार साहित्य में नई तकनीकों का प्रतिनिधित्व एआई के बारे में समकालीन चिंताओं को प्रतिध्वनित करता है: बढ़ती सामाजिक असमानताओं का डर और साइबर युद्ध में इसका संभावित उपयोग।</p>
<p><strong> इतिहास का भविष्य</strong><br />अतीत का अध्ययन करने से हमारी समझ गहरी हो सकती है कि हजारों वर्षों में मानव ने आधुनिक तकनीक को कैसे अपनाया है। इसके विपरीत, आधुनिक तकनीक इतिहास की हमारी समझ को व्यापक बना रही है। जिस तरह से इतिहासकार अतीत का विश्लेषण करते हैं, एआई संभवतः उसे बदलना जारी रखेगा। इसके लिए परिचित मुद्दों के बारे में नए विचारों की आवश्यकता होगी - जैसे संभावित पक्षपाती साक्ष्य के प्रकाश में अतीत को सही ढंग से कैसे प्रस्तुत किया जाए, और सूचना के स्रोतों का गंभीर मूल्यांकन करने की आवश्यकता। शिक्षा के व्यापक क्षेत्र में, एआई का उपयोग कैसे किया जा सकता है इसकी सीमाओं को अभी तक पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है। जनवरी में, उदाहरण के लिए, एक शीर्ष अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलन ने वैज्ञानिक कागजात लिखने के लिए एआई उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया - हालांकि संपादन पत्रों में इसके उपयोग को स्वीकार कर लिया गया था। प्रौद्योगिकी की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए यहां तक ​​कि उन शुरुआती टेक एडेप्टर, मेसोपोटामिया के लोगों को भी ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिन्हें उस समय की तकनीक संबोधित नहीं कर सकती थी। माना जाता है कि जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप अक्कादियन साम्राज्य का पतन हुआ, जिसे कभी-कभी दुनिया की पहली बहु-राष्ट्रीय राजनीतिक इकाई कहा जाता है। और यहाँ तक कि चालाक गिलगमेश भी अपनी मृत्यु से बच नहीं सका। मनुष्य हमारी शुरुआती सभ्यताओं के बाद से प्रौद्योगिकी का आविष्कार, उपयोग और अनुकूलन करने के तरीके से जूझ रहा है। मेसोपोटामिया के महाकाव्य साहित्य में, नई तकनीक वीर व्यक्तियों को स्वीकृत सीमाओं से परे यात्रा करने और नए कौशल विकसित करने में मदद करती है। लेकिन प्रौद्योगिकी और परिणामी ज्ञान हमेशा समान रूप से वितरित नहीं होते हैं। यह जानने के बाद कि अतीत में हमने बदलती तकनीक के साथ कैसे अनुकूलित किया, हमें मानवीय स्थिति को पूरी तरह से समझने में मदद मिलती है - और भविष्य के लिए तैयार होने में भी मदद मिल सकती है।</p>
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                <pubDate>Mon, 13 Feb 2023 17:48:06 +0530</pubDate>
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