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                <description>tender RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑटो-टेम्पो संचालन की कमान अब नगर निगम के नाम, ड्राफ्ट तैयार... जल्द लागू होगा</title>
                                    <description><![CDATA[दो वर्ष से टल रहा ऑटो-टेम्पो स्टैंड संचालन,  संयुक्त सर्वे में 83 स्थल किये जा चुके हैं चिन्हित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568134/the-municipal-corporation-now-controls-auto-tempo-operations--draft-ready----to-be-implemented-soon"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(8)10.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"> लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>राजधानी में ऑटो-टेम्पो संचालन के लिए ड्राफ्ट बनकर तैयार हो गया है, जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। नगर निगम इसका खुद संचालन करेगा और शुल्क भी लेगा। इसे लागू करने के लिए 27 जनवरी को प्रस्तावित नगर निगम सदन की सामान्य बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। करीब दो वर्ष से शहर में ऑटो-टेम्पो स्टैंड का संचालन टल रहा है। जबकि नगर निगम सदन से ऑटो-टेम्पो, टैक्सी, ई रिक्शा स्टैंड के लिए उपविधि 2024 बनाने की नगर निगम से मंजूरी मिल चुकी है। नगर निगम सदन की 9 सितंबर 2025 को हुई बैठक में इस पर मुहर भी लग चुकी है। ऑटो-टेम्पो स्टैंड के लिए संयुक्त सर्वे के बाद शहर में करीब 83 स्थल चयनित हो चुके हैं। इनके लिए शुल्क भी तय हो चुका है।आगामी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे लागू करके संचालन के लिए नगर निगम टेंडर कराएगा।</p>
<h3><strong>पांच चौराहों पर ऑटो-टेंपो का ट्रायल 6 महीने में ही बंद</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">नगर निगम ने पिछले साल पांच चौराहों पर ट्रायल के तौर पर ऑटो-टेंपो स्टैंड शुरू किया था। लेकिन नगर निगम ने छह महीने में ही यह ट्रायल बंद करवा दिया। नगर निगम के अधिकारियों की दलील थी कि टेंपो-टैक्सी एवं ऑटो रिक्शा संयुक्त मोर्चा सही ढंग से स्टैंड का संचालन नहीं करवा पा रहा था। इसमें चारबाग, दुबग्गा, पॉलिटेक्निक चौराहा, चिनहट तिराहा और टेढ़ी पुलिया चौराहे शामिल थे। इन स्टैंड से कुल 534 ऑटो-टेंपो चल रहे थे। तय शर्तों के अनुसार हर ऑटो-टेंपो के लाइसेंस के लिए 2000 रुपये सालाना शुल्क जमा करवाया गया। इसके अलावा टेंपो-टैक्सी एसोसिएशन हर ऑटो से रोजाना 20 रुपये वसूल रहा था।</span></p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">नियमों के उल्लंघन पर लगेगा 500 रुपये जुर्माना</span></strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">अगर कोई भी ई रिक्शा या ऑटो चालक नगर निगम से पारित नियमों का उल्लंघन करता है तो उसपर जुर्माना लगाया। नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकतम जुर्माना 500 रुपये लगाया गया है। अपराध सिद्ध होने पर 50 रुपये प्रतिदिन रूप से जुर्माना वसूला जाएगा।</span></p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">स्टैंड पर यह शुल्क वसूला जाएगा</span></strong></h3>
<p><strong>वाहन शुल्क वार्षिक  (रुपये में)</strong></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">ई रिक्शा सवारी पांच सीटर                  800</span></p>
<p>ई रिक्शा भार वाहन                         800</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">ई रिक्शा का लाइसेंस शुल्क                200</span></p>
<p>टेंपो छह सीटर                            1000</p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">ऑटो पांच सीटर                              800</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 09:45:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतापगढ़ : वाहनों के टेंडर में सीएमओ द्वारा नियमों का उल्लंघन, डिप्टी सीएम से शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़, अमृत विचार। </strong>मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा वाहनों के टेंडर में नियम एवं शर्तों पर अनियमिता का आरोप है। इसकी शिकायत अफसरों के अलावा प्रभारी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री से की गई है। डीएम ने जांच कर पारदर्शी टेंडर कराये जाने की बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अष्टभुजा नगर निवासी प्रवीन कुमार सिंह ने उप मुख्य मंत्री बृजेश पाठक एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दया शंकर सिंह से मिलकर सीएमओ पर वाहनों के टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया है। दिए गए शिकायती पत्र में आरोप है कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जेम पोर्टल पर 59 किराये के वाहनों के लिए व्यक्ति विशेष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567464/pratapgarh--cmo-violates-rules-in-vehicle-tender-process--complaint-filed-with-deputy-cm"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats130.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़, अमृत विचार। </strong>मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा वाहनों के टेंडर में नियम एवं शर्तों पर अनियमिता का आरोप है। इसकी शिकायत अफसरों के अलावा प्रभारी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री से की गई है। डीएम ने जांच कर पारदर्शी टेंडर कराये जाने की बात कही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अष्टभुजा नगर निवासी प्रवीन कुमार सिंह ने उप मुख्य मंत्री बृजेश पाठक एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दया शंकर सिंह से मिलकर सीएमओ पर वाहनों के टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया है। दिए गए शिकायती पत्र में आरोप है कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जेम पोर्टल पर 59 किराये के वाहनों के लिए व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए दो नयी शर्ते लगाई गई हैं। पहली यह कि निविदादाता फर्म के नाम से 6 वाहन होना आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी  निविदा दाता फर्म का पंजीयन आर.टी.ओ. में होना आवश्यक है। आरोप है कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा पूर्व में किराये के वाहन उपलब्ध कराने के लिए जेम पोर्टल पर निकाली गयी निविदा में 05 प्रतिशत (03) वाहनों का पंजीयन फर्म के नाम होना आवश्यक था। बावजूद इसके इस बार निकाली गई निविदा में नये नियम व शर्ते लगायी गयी हैं। 10 प्रतिशत (06) वाहनों का पंजीयन फर्म के नाम होना अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया गया कि प्रदेश के किसी भी जनपद में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा उक्त नये नियम शर्तों को जेम की निविदा में नहीं लगाया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए सीएमओ द्वारा नये नियम व शर्तों को लगाया गया है। मांग किया कि सीएमओ द्वारा जेम पोर्टल की निविदा शासनादेश के अनुसार किया जाय। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मामले में डीजी हेल्थ से फोन पर बात कर मामले में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं जनपद के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह ने जिलाधिकारी से शासन की गाइड लाइन के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने की बात कही। मालूम हो कि पूर्व में इसी मामले में अधिवक्ता यशस्वी शुक्ला ने डीएम एवं सीडीओ से शिकायत की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>प्रतापगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 19:45:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kanpur Metro : कानपुर मेट्रो ने आठ स्टेशनो पर कियॉस्क लगाने का टेंडर किया जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर मेट्रो अपने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आनंदमय यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ स्टेशनों को व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (आईआईटी- मोतीझील) के 8 स्टेशनों पर कियॉस्क लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया है। वर्तमान में कानपुर मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (आईआईटी - मोतीझील) में कुल 20 आउटलेट्स संचालित हैं, जिनमें खान-पान के अलावा इलेक्ट्रॉनिक, जिम और मेडिसिन से जुड़े आउटलेट्स भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यात्री सुविधाओं के विस्तार के क्रम में, प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के आठ स्टेशनों आईआईटी, कल्यानपुर, एसपीएम, विश्वविद्यालय, गुरूदेव चौराहा, गीता नगर,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567237/kanpur-metro--kanpur-metro-has-issued-a-tender-for-installing-kiosks-at-eight-stations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/kanpur-metro-file-photo.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर मेट्रो अपने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आनंदमय यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ स्टेशनों को व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (आईआईटी- मोतीझील) के 8 स्टेशनों पर कियॉस्क लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया है। वर्तमान में कानपुर मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (आईआईटी - मोतीझील) में कुल 20 आउटलेट्स संचालित हैं, जिनमें खान-पान के अलावा इलेक्ट्रॉनिक, जिम और मेडिसिन से जुड़े आउटलेट्स भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यात्री सुविधाओं के विस्तार के क्रम में, प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के आठ स्टेशनों आईआईटी, कल्यानपुर, एसपीएम, विश्वविद्यालय, गुरूदेव चौराहा, गीता नगर, एलएलआर हॉस्पिटल और मोती झील, पर कियॉस्क लगाने के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्टेशनों पर ऐसे स्पेस की कुल संख्या 41 है और इनके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 फरवरी तक है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएमआरसी के वेबसाइट <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/upmetrorail.com">upmetrorail.com</a> से स्टेशनों पर कियॉस्क खोलने के लिए इच्छुक लोग/संस्थाएं विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कानपुर मेट्रो के स्टेशनों पर बुक फेयर, एनजीओ व सेल्फ हेल्प ग्रुप और व्यावसायिक अस्थायी स्टॉल लगाने की सुविधा भी उपलब्ध है। एनजीओ व सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए मात्र 500 रूपए प्रतिदिन और व्यावसायिक स्टॉल के लिए मात्र 1250 रूपए प्लस जीएसटी प्रतिदिन की दर पर स्टॉल लगाने की सुविधा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बुक फेयर के लिए मात्र 700 (200 वर्ग फीट), 900 (300 वर्ग फीट) और 1100 रुपये (400 वर्ग फीट) प्रतिदिन के दर पर स्टॉल लगाने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि आई - मेट्रो द्वारा जारी की परफॉर्मेंस इंडेक्स के अनुसार गैर-किराया राजस्व अनुपात (नॉन फेयर बॉक्स रेवेन्यू रेशियो) के मामले में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का प्रदर्शन अन्य टियर-2 मेट्रो प्रणालियों की तुलना में लगभग 95 प्रतिशत अधिक रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रॉपर्टी डेवलपमेंट, विज्ञापन, स्टेशन परिसरों में व्यावसायिक स्टॉल, बुक फेयर, एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों के लिए स्टॉल जैसे विविध उपायों के माध्यम से नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू में निरंतर वृद्धि हुई है। इन प्रयासों से ना केवल राजस्व बढ़ा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी अवसर प्राप्त हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 20:22:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : नौबस्ता-हमीरपुर रोड चौड़ीकरण का टेंडर दो बार फेल, अब नए वर्ष में फिर से होगा जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> नौबस्ता-हमीरपुर रोड पर लगने वाले जाम से लाखों लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए मार्ग का 8.15 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण किया जाना है, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण के संबंध में दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से टेंडर फाइनल नहीं हो सका। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नए वर्ष में टेंडर फाइनल होने और मेट्रो का कार्य पूरा होने के बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">नौबस्ता चौराहा से लेकर गल्लामंडी तक जाम के काफी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564582/kanpur--the-tender-for-the-widening-of-the-naubasta-hamirpur-road-has-failed-twice--it-will-be-re-issued-in-the-new-year"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/0310.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> नौबस्ता-हमीरपुर रोड पर लगने वाले जाम से लाखों लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए मार्ग का 8.15 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण किया जाना है, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण के संबंध में दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से टेंडर फाइनल नहीं हो सका। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नए वर्ष में टेंडर फाइनल होने और मेट्रो का कार्य पूरा होने के बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">नौबस्ता चौराहा से लेकर गल्लामंडी तक जाम के काफी हालात बने रहते हैं, जिसकी वजह से वाहन सवार लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर संबंधित क्षेत्र के लोग इस जाम की समस्या से काफी परेशान है। करीब पांच लाख लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) ने नौबस्ता से लेकर बिनगवां तक सड़क को पांच किलोमीटर तक फोरलेन करने का फैसला लिया है, जिसके संबंध में एनएचएआई के अधिकारी सर्वे कर चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक दोनों ओर अभी सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर है, इसे बढ़ाकर दोनों तरफ 10-10 मीटर किया जाएगा। सड़क चौड़ी होने के बाद मार्ग पर जाम की समस्या पर लगाम लगेगी और यात्रा सुगम होगी। सड़क चौड़ीकरण के संबंध में एनएचएआई ने दो बार टेंडर डाले थे, लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से वह फाइनल नहीं हो सका है। इसलिए अब एनएचएआई नए वर्ष में फिर से टेंडर जारी करेगा। टेंडर में जो कंपनी मानक के तहत फिट बैठेगी, उसको निर्माण की जिम्मेदारी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि नौबस्ता-हमीरपुर रोड चौड़ीकरण के लिए टेक्निकल बिड की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। मेट्रो ने अभी इस सड़क को हैंडओवर नहीं किया है, क्योंकि मेट्रो द्वारा अभी निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क हैंडओवर के संबंध में कागजी कार्रवाई अब शुरू हो गई है। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण के संबंध में टेंडर फाइनल होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन क्षेत्र के लोगों को होगा अधिक लाभ</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नौबस्ता चौराहा से पांच किलोमीटर बिनगवां तक हमीरपुर रोड चौड़ीकरण से किदवई नगर, नौबस्ता, पुरानी बस्ती, धरीपुरवा, बसंत विहार, आवास विकास हंसपुरम, दमोदर नगर, तौधकपुर, मछरिया, खाड़ेपुर, अर्रा, आनंद विहार, दासू कुआं, पशुपति नगर, केशव नगर, उस्मानपुर, रमईपुर, जरौली, कर्रही व बर्रा विश्व बैंक समेत शहर की लाखों आबादी को लाभ मिलेगा। सड़क चौड़ीकरण होने से नौबस्ता चौराहा से गल्लामंडी, बिनगवां के अलावा रमईपुर, घाटमपुर, बिधनू व पतारा आने व जाने वाले लोगों को काफी आसानी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564582/kanpur--the-tender-for-the-widening-of-the-naubasta-hamirpur-road-has-failed-twice--it-will-be-re-issued-in-the-new-year</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/564582/kanpur--the-tender-for-the-widening-of-the-naubasta-hamirpur-road-has-failed-twice--it-will-be-re-issued-in-the-new-year</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 19:51:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली के 50 वार्डों में सड़क निर्माण अधूरा, ठेकेदारों की लापरवाही से हो रही परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम ने सड़क, नाली सहित अन्य कार्यों के करीब 54 कार्यों के टेंडर होने के बाद भी अटके हुए है। इसके कारण लोगों को दिक्कतें हो रही है। निर्माण विभाग कुछ ठेकेदारों को नोटिस देकर चुप्पी साध लिया है। इसके कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां तक की राष्ट्रीय वायु प्रदूषण नियंत्रण के तहत होने के वाले काम भी अटके हुए है।</p>
<p>नगर निगम के निर्माण से टेंडर लेने के बाद काम कब शुरू होगा और पूरा होगा, इसका ठिकाना नहीं है। 50 वार्डों में काम अधूरे पड़े हुए है। इसमें 115 से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526452/road-construction-is-incomplete-in-50-wards-of-bareilly--problems-are-being-faced-due-to-negligence-of-contractors"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल-(13).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम ने सड़क, नाली सहित अन्य कार्यों के करीब 54 कार्यों के टेंडर होने के बाद भी अटके हुए है। इसके कारण लोगों को दिक्कतें हो रही है। निर्माण विभाग कुछ ठेकेदारों को नोटिस देकर चुप्पी साध लिया है। इसके कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां तक की राष्ट्रीय वायु प्रदूषण नियंत्रण के तहत होने के वाले काम भी अटके हुए है।</p>
<p>नगर निगम के निर्माण से टेंडर लेने के बाद काम कब शुरू होगा और पूरा होगा, इसका ठिकाना नहीं है। 50 वार्डों में काम अधूरे पड़े हुए है। इसमें 115 से 20 लाख रुपये के काम अधिक है। जो पूरा नहीं हो पाए है। करोड़ों रुपये के काम अटके होने के बाद केवल नोटिस देकर निर्माण विभाग चुप्पी साध ले रहा है। लोगों को कई माह तक परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे कामों पर नजर डाली जाए तो वार्ड 49 में एक सड़क के निर्माण काम करीब आठ माह पहले शुरू हुआ था लेकिन अभी तक अधूरा है। वार्ड 13 और 18 में सड़क का काम अधूरा पड़ा हुआ है। इसी तरह अन्य वार्डों में कई जगहों पर काम शुरू और बीच में अधूरा छोड़ दिया गया है।</p>
<p><strong>एनकैप के काम भी शुरू नहीं</strong><br />बरेली: एनकैप के तहत होने वाले कार्यों को लेकर ठेकेदार मनमानी कर रहे है। हालत यह है कि फरवरी में छह अलग-अलग एजेंसियों को ठेके दे दिए गए लेकिन करीब महीना भर गुजर चुका है, ठेकेदारों ने भी अब तक एक भी काम शुरू नहीं किया है। तुलाशेरपुर मोड़ से बजरंग ढाबे तक, फीनिक्स मॉल रोड से नहर रोड, ईंट पजाया चौराहे से गंगापुर चौराहे तक, छोटी विहार तक,मूर्ति नर्सिंग होम से धर्मकांटे चौराहे तक सड़क के दोनों ओर सीसी टाइल्स की सड़क पटरी। साथ ही पुलिस लाइन में हैलिपैड तक सर्विस रोड का निर्माण किया</p>
<p>टेंडर लेने के बाद भी काम पूरा न करने वाले ठेकेदरों को नोटिस भेजा गया है। जो काम अधूरे पड़े है, इसके लिए अभियंताओं को निर्देश गए है कि पूरा किया जाए। काम देरी करने पर एक फर्म को काली सूची में डाला गया है<strong>- मनीष अवस्थी, मुख्य अभिंयता निर्माण विभाग</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/526335/bareilly-a-crowd-of-people-gathered-to-see-ramayana-vatika#gsc.tab=0"><strong>Bareilly: दो लाख फूलों से सजी रामायण वाटिका, शिवलिंग और राम मंदिर की झलक देखने को लोगों की उमड़ी भीड़</strong></a></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/526452/road-construction-is-incomplete-in-50-wards-of-bareilly--problems-are-being-faced-due-to-negligence-of-contractors</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 09:23:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Preeti Kohli]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर: बिजली संविदा कर्मचारियों से छह फरवरी को लखनऊ में घेराव की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले तमाम संविदा कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। मांगे पूरी न होने पर छह फरवरी को प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण लखनऊ कार्यालय पर होने वाले आंदोलन में सभी से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की।</p>
<p>उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोगी निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ के कार्यक्षेत्र में मानक से कम कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/520205/appeal-to-lakhimpur-power-contract-workers-to-siege-in-lucknow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/बिजली-कर्मचारी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले तमाम संविदा कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। मांगे पूरी न होने पर छह फरवरी को प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण लखनऊ कार्यालय पर होने वाले आंदोलन में सभी से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की।</p>
<p>उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा, संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोगी निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ के कार्यक्षेत्र में मानक से कम कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य कराया जा रहा है। कर्मचारियों की कुल संख्या के लगभग 40% भाग के बराबर कर्मचारियों की छंटनी की है। 55 वर्ष हवाला देकर कर्मचारियों को कार्य से हटाने, पूर्व में हुए समझौते का पालन न करने मानक के अनुरूप सुरक्षा उपकरण न देने, 8 घंटे 26 दिन के स्थान पर 12 घंटे 30 दिन कार्य कराने, कार्य के दौरान बिजली की चपेट में आने या खंभे से नीचे गिर कर घायल हुए कर्मचारियों का कैशलेस उपचार न कराने, उचित उपचार के अभाव में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की मृत्यु होने दुर्घटना के शिकार कर्मचारियों द्वारा उपचार में व्यय किए गए धनराशि को संविदाकारों के बिल से काटकर भुगतान न कराने, ईपीएफ घोटाले की जांच न कराने 17 जनवरी 2025 को संगठन पदाधिकारियों व मध्यांचल प्रबंधन के बीच बनी सहमति के कार्यवृत में हेराफेरी करने के आदि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि मांगे पूरी न होने पर छह फरवरी को प्रबंध निदेशक लखनऊ के कार्यालय पर कर्मचारी पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने बड़ी संख्या में कर्मचारियों से लखनऊ पहुंचने की अपील भी की। इस दौरान अमित कुमार मिश्रा, राम बहादुर, पंकज अवस्थी, प्रदीप दीक्षित, विनय कुमार वर्मा, अंकित  राजवंशी आदि रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/520205/appeal-to-lakhimpur-power-contract-workers-to-siege-in-lucknow</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2025 18:32:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: प्रोजेक्ट पर हुए करोड़ों खर्च, फिर भी धरातल पर नहीं उतरे...टेंडर लेने को तैयार नहीं कंपनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार:</strong> स्मार्ट सिटी मिशन बरेली में सफलता और असफलता के ही बीच झूलता रह गया। पहले फेज के सारे प्रोजेक्ट पूरे कर अफसरों ने जमकर अपनी पीठ ठोंकी लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट न चला पाने की नाकामी पर ऐसी चुप्पी साधकर बैठ गए जो टूटने में ही नहीं आ रही है।</p>
<p>पहले फेज में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत स्मार्ट सिटी मिशन में शहर के चुनिंदा इलाकों में स्मार्ट प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुरक्षा, गतिशीलता, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किए जाने का लक्ष्य था। बरेली समेत देश के सौ शहरों काे 2014- 15</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/513379/crores-spent-on-bareilly-project-still-not-on-ground-company"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/6+545454.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार:</strong> स्मार्ट सिटी मिशन बरेली में सफलता और असफलता के ही बीच झूलता रह गया। पहले फेज के सारे प्रोजेक्ट पूरे कर अफसरों ने जमकर अपनी पीठ ठोंकी लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट न चला पाने की नाकामी पर ऐसी चुप्पी साधकर बैठ गए जो टूटने में ही नहीं आ रही है।</p>
<p>पहले फेज में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत स्मार्ट सिटी मिशन में शहर के चुनिंदा इलाकों में स्मार्ट प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुरक्षा, गतिशीलता, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किए जाने का लक्ष्य था। बरेली समेत देश के सौ शहरों काे 2014- 15 में स्मार्ट सिटी मिशन के लिए चुना गया था। शहर में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए छह वार्डों का चयन किए जाने के बाद 2018 में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ। इन वार्डों में 63 प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया है।</p>
<p>पहले फेज का काम 2024 में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से सभी प्रोजेक्ट पूरे करने का दावा किया जा चुका है। इनमें से कई प्रोजेक्ट काफी समय पहले पूरे हो गए थे लेकिन अफसर इन्हें अब तक शुरू नहीं करा पाए हैं। इनके संचालन के लिए कई बार टेंडर निकाले जा चुके हैं लेकिन कठिन शर्तों की वजह से कोई कंपनी उन्हें हाथ में लेने को तैयार नहीं हुई। शहर के लिए ये प्रोजेक्ट अब तक शोपीस ही बने हुए हैं।</p>
<p><strong>बिना सोचे-समझे बनाए गए स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट</strong><br />एबीडी एरिया के पार्षद राजेश अग्रवाल कहते हैं कि जिस मकसद के लिए स्मार्ट सिटी मिशन शुरू किया गया था, बरेली में उस पर वह खरा नहीं उतर पाया है। एकमात्र कुतुबखाना पुल के प्रोजेक्ट को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी प्रोजेक्ट शहर की जनता के लिए अब तक बेकार हैं। करोड़ों खर्च कर प्रोजेक्ट तो तैयार कर लिए गए लेकिन धरातल पर नहीं उतरे। उनके वार्ड में कई प्रोजेक्ट हैं, लेकिन अधिकांश किसी काम के नहीं हैं।</p>
<p>वजह यह है कि ये प्रोजेक्ट बिना सोचेसमझे बनाए गए थे। इस वजह से इनके बाद भी शहर में कोई बदलाव नहीं हो पाया। अधिकारियों को चाहिए कि वार्डों को जलभराव से निजात दिलाएं और अच्छी सड़कों का चौड़ीकरण कराएं। सिर्फ टाइल्स लगाने से सड़क चौड़ी नहीं हो जाती है। मार्बल लगाकर सिर्फ पैसे खपाए गए हैं।</p>
<p><strong>रामपुर बाग : फिलहाल स्मार्ट सिटी मिशन का ये हश्र</strong><br />करीब 4.5 हेक्टेयर जमीन पर 157 करोड़ की लागत से अर्बन हाट बनाने का उद्देश्य जिले के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना था। लंबे वक्त के बाद भी इसके संचालन का मामला शासन स्तर पर अटका हुआ है।</p>
<p>गांधी उद्यान में ओपन जिम पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हुए। अग्रसेन पार्क में भी 30 लाख रुपये लगाए गए। इसके अलावा कई और पार्कों में ओपन जिम बनाए गए जो कुछ महीने भी चल नहीं पाए। हर जगह मशीनें टूटफूटकर बेकार हो गई हैं।</p>
<p>संजय कम्युनिटी हाल परिसर में अमृत सरोवर विकसित करने पर 9.59 करोड़ रुपये की बड़ी रकम खर्च की गई लेकिन यह प्रोजेक्ट भी अभी शुरू नहीं हो पाया है।</p>
<p>करीब 16 करोड़ की लागत से चार मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया। इनमें से अभी मोती पार्क की पार्किंग ही शुरू हो पाई है। उसमें भी कई समस्याएं हैं।</p>
<p>स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एबीडी एरिया में लाइटिंग और सड़क निर्माण पर भी करोड़ों खर्च किए गए थे लेकिन न लाइटिंग का हाल अच्छा है, न ही सड़कों का।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/513360/bareilly-there-will-be-hail-along-with-rain-drizzle-for">Bareilly: बारिश के साथ पड़ेंगे ओले, आज से दो दिन बूंदाबांदी, फिर कोहरे से ढक जाएगा जिला!</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/513379/crores-spent-on-bareilly-project-still-not-on-ground-company</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Dec 2024 11:24:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: नगर निगम कर रहा 104 नई सड़कें बनाने की तैयारी...मगर 82 का निर्माण अटका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली,अमृत विचार।</strong> नगर निगम के निर्माण विभाग के काम करने का तरीका गजब का है। टेंडर होने के बाद भी कई सड़कें अधूरी हैं और लोग परेशान हो रहे हैं। ये कब पूरी होंगी, इसका वार्ड के लोगों को इंतजार है। मगर विभाग 104 नई सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।</p>
<p>लोकसभा चुनाव से पहले नगर निगम के निर्माण विभाग ने 200 कामों के टेंडर निकाले थे। इसमें अधिकांश काम सड़क निर्माण के ही थे। ये काम आचार संहिता की वजह से करीब दो माह तक प्रभावित रहे। इसके बाद कार्यादेश जारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/509159/bareilly-municipal-corporation-is-preparing-to-build-104-new-roads"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/नगर-निगम-सड़क.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली,अमृत विचार।</strong> नगर निगम के निर्माण विभाग के काम करने का तरीका गजब का है। टेंडर होने के बाद भी कई सड़कें अधूरी हैं और लोग परेशान हो रहे हैं। ये कब पूरी होंगी, इसका वार्ड के लोगों को इंतजार है। मगर विभाग 104 नई सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।</p>
<p>लोकसभा चुनाव से पहले नगर निगम के निर्माण विभाग ने 200 कामों के टेंडर निकाले थे। इसमें अधिकांश काम सड़क निर्माण के ही थे। ये काम आचार संहिता की वजह से करीब दो माह तक प्रभावित रहे। इसके बाद कार्यादेश जारी करने में विलंब हो गया और ठेकेदारों को भुगतान अटक गया। इतना ही नहीं तत्कालीन मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता का तबादला होने के बाद काम प्रभावित हुआ है।</p>
<p>कच्ची और टूटी सड़कों को बनाने के लिए बजट भी आवंटित हो चुका है लेकिन 82 सड़कों का निर्माण अभी अधूरा है। कई जगहों पर ठेकेदारों ने सड़क खोदकर छोड़ दी है। इसके कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलूकपुर की सड़क का टेंडर होने के बाद भी नहीं बनी है। पवन विहार के पास एक सड़क उखड़ी पड़ी हुई है। इसी तरह कई सड़कें हैं, जिनका कार्यादेश जारी होने के बाद काम पूरा नहीं किया गया है। जबकि नियम है कि कार्यादेश जारी करने के 15 दिन बाद काम शुरू हो जाना चाहिए। इसका तोड़ निकाल कर ठेकेदारों ने काम तो शुरू कर दिया, ताकि उनका टेंडर निरस्त न हो पर काम बीच में बंद कर शांत हो गए हैं।</p>
<p><strong>लापरवाही की तो ठेकेदार पर होगी कार्रवाई</strong><br />मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, जिन सड़कों का टेंडर हो चुका है, उनको पूरा करने के लिए कहा गया है। अगर कोई ठेकेदार लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नए कार्य के भी टेंडर होने वाले हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/509159/bareilly-municipal-corporation-is-preparing-to-build-104-new-roads</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 09:57:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड की तैयारियां जोर-शोर से जारी, 25 दिसंबर तक टेंडर की डेडलाइन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार और ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए तमाम जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। खेलों से संबंधित उपकरणों और संसाधनों की खरीद के लिए टेंडर की डेडलाइन 25 दिसंबर तक तय की गई है, ताकि शेष एक महीने में सभी व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें और खेलों की सफलता सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डीके सिंह ने बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/505380/dehradun-uttarakhands-preparations-for-the-38th-national-games-continue-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/img_20240527_182517.webp" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार और ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए तमाम जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। खेलों से संबंधित उपकरणों और संसाधनों की खरीद के लिए टेंडर की डेडलाइन 25 दिसंबर तक तय की गई है, ताकि शेष एक महीने में सभी व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें और खेलों की सफलता सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डीके सिंह ने बताया कि राज्य और एसोसिएशन की तैयारियाँ सही दिशा में चल रही हैं। एसोसिएशन ने भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा नियुक्त गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (GTCC) से अनुरोध किया है कि वह जल्द से जल्द खेल स्थलों का दौरा कर अंतिम चयन की अनुमति दे या अपनी राय दे, ताकि खेलों की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा सके।</p>
<p>राज्य सरकार ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। इसमें खिलाड़ियों के आने-जाने के लिए विशेष ट्रेनों और परिवहन व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर खिलाड़ियों, पूर्व खिलाड़ियों और अन्य अतिथियों के स्वागत के लिए भी खास इंतजाम किए जाएंगे।</p>
<p>खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस साल के राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड के लिए एक गौरव का क्षण होंगे और राज्य इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार की कमी को दूर करें और सुनिश्चित करें कि आयोजन के दौरान किसी भी स्तर पर कोई असुविधा न हो।</p>
<p>इन खेलों में देशभर से खिलाड़ी भाग लेंगे, जिससे उत्तराखंड के खेल और पर्यटन क्षेत्र में भी विकास की नई राहें खुलेंगी। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर राज्यवासियों में उत्साह और उम्मीदें दोनों ही काफ़ी बढ़ी हुई हैं, और सभी की नजरें इस शानदार आयोजन पर लगी हुई हैं।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/505374/controversy-over-admission-process-by-dehradun-private-schools-allegations-of#gsc.tab=0">देहरादून: निजी स्कूलों द्वारा एडमिशन प्रक्रिया पर विवाद, आरटीई एक्ट की अनदेखी के आरोप</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 13:41:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: विज्ञापन नियमावली में सख्त प्रावधानों की तैयारी, बढ़ते हादसों को लेकर लिया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार:</strong> सड़कों के किनारे और ऊंचाई पर लगने वाले विज्ञापनों की वजह से तमाम हादसों के बाद अब विज्ञापन नियमावली में सख्त प्रावधान किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन की ओर से प्रस्तावित नियमावली नगर निगमों को भेजकर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इसमें हर नगर निगम में एक तकनीकी टीम के गठन का भी प्रस्ताव शामिल है, जो विज्ञापन लगाने से पहले सुनिश्चित करेगी कि उससे सुरक्षा के लिए कोई खतरा पैदा नहीं होगा।</p>
<p>नगर निगम की नियमावली में बदलाव के लिए शासन के अनु सचिव मोहम्मद वासिफ की ओर से पत्र जारी किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/501565/preparation-for-strict-provisions-in-bareilly-advertisement-rules-decision-taken"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/capture-136.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार:</strong> सड़कों के किनारे और ऊंचाई पर लगने वाले विज्ञापनों की वजह से तमाम हादसों के बाद अब विज्ञापन नियमावली में सख्त प्रावधान किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन की ओर से प्रस्तावित नियमावली नगर निगमों को भेजकर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इसमें हर नगर निगम में एक तकनीकी टीम के गठन का भी प्रस्ताव शामिल है, जो विज्ञापन लगाने से पहले सुनिश्चित करेगी कि उससे सुरक्षा के लिए कोई खतरा पैदा नहीं होगा।</p>
<p>नगर निगम की नियमावली में बदलाव के लिए शासन के अनु सचिव मोहम्मद वासिफ की ओर से पत्र जारी किया गया है। इसके मुताबिक सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले विज्ञापनों के संबंध में सख्त नियमावली बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव है कि ऊंचे गुब्बारों पर विज्ञापन लगाने वालों से टैक्स तो लिया ही जाएगा, इसके लिए तकनीकी अनुमति को भी अनिवार्य बनाया जाए। इसी तरह आवासीय कॉलोनी, उपरगामी सेतु और मोबाइल टॉवर पर विज्ञापन लगाने के लिए भी नए नियम बनाए जा रहे हैं।</p>
<p>नगर निगम में एक तकनीकी टीम का भी गठन किया जाएगा जो सुनिश्चित करेगी कि विज्ञापन असुरक्षित नहीं है। नगर आयुक्त को कभी भी विज्ञापन एजेंसी से अनुबंध समाप्त करने का अधिकार भी दिया जाएगा। विज्ञापन प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि प्रस्तावित नियमों पर शासन ने सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं, इसके बाद अंतिम रूप से नियम लागू कर दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>हादसा हुआ तो देना होगा मुआवजा</strong><br />टेंडर के जरिए विज्ञापन एजेंसी तय होने के बाद यूनिपोल और ऊंचाई वाले होर्डिंग या उसके किसी भाग से अगर कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी विज्ञापन एजेंसी की होगी। हादसे में किसी की मौत या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में एजेंसी को 50 लाख और आंशिक दिव्यांगता पर 20 लाख का मुआवजा देना होगा।</p>
<p><strong>इन विज्ञापनों पर रोक</strong><br />नगर निगम से जो एजेंसी टेंडर लेगी, उसे सुनिश्चित करना होगा कि वह ऐसा कोई विज्ञापन प्रदर्शित नहीं करेगी जिसका समाज पर दुष्प्रभाव पड़े। जैसे नग्नता, जातीय समुदाय में मतभेद, महिलाओं-बच्चों के शोषण, पशु क्रूरता, किसी ब्रांड या व्यक्ति पर आरोप, किसी राष्ट्र, संस्था या व्यक्ति पर आक्षेप आदि। गोला-बारूद,असलहों समेत ऐसे और विज्ञापनों पर भी रोक रहेगी।</p>
<p><strong>लगातार हादसों के बाद बदलाव का फैसला</strong><br />कुछ महीने पहले मुंबई में होर्डिंग गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई और शहरों में भी होर्डिंग की वजह से हादसे हो चुके हैं। माना गया है कि वाहन चलाने वाले भी बेतरतीब विज्ञापनों पर नजर टिकने के कारण हादसे का शिकार होते हैं। कई बार आड़े-तिरछे लगे विज्ञापन भी हादसे की वजह बनते हैं।इसी वजह से नियमावली को सख्त बनाने का फैसला लिया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/501543/bareilly-firing-ssp-sends-police-to-again-try-to-capture">बरेली गोलीकांड: विवादित प्लॉट पर फिर कब्जा करने की कोशिश?, SSP ने भेजी पुलिस</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/501565/preparation-for-strict-provisions-in-bareilly-advertisement-rules-decision-taken</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Oct 2024 10:35:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल: दुग्ध संघ में निविदा आवंटन में गड़बड़ी पर मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं में निविदा प्रक्रिया के दौरान हुई गड़बड़ियों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से गड़बड़ियों में मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट पर लिए एक्शन के बारे में रिपोर्ट मांगी है।</p>
<p>मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें देवभूमि ट्रेडर्स ने कहा कि नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं की ओर से दही मटका, स्टेशनरी, मैन पावर, एल्युमिनियम केन आदि के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं, लेकिन दुग्ध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/490010/answer-sought-on-irregularities-in-tender-allocation-in-nainital-milk"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/नैनीताल-हाईकोर्ट4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट ने नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं में निविदा प्रक्रिया के दौरान हुई गड़बड़ियों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से गड़बड़ियों में मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट पर लिए एक्शन के बारे में रिपोर्ट मांगी है।</p>
<p>मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें देवभूमि ट्रेडर्स ने कहा कि नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआं की ओर से दही मटका, स्टेशनरी, मैन पावर, एल्युमिनियम केन आदि के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं, लेकिन दुग्ध संघ ने निविदा प्रक्रिया की नियमावली का पालन नहीं किया।</p>
<p>नियमावली के अनुसार ई-निविदा भी होनी जरूरी थी, जो नहीं हुई। वर्ष 2023 में भी दुग्ध संघ ने चहेतों को निविदा में शामिल करने के लिए बड़ी गड़बड़ियां कीं। जब निविदाएं निकाली थीं, उनमें तीन निविदाकर्ता थे। तीनों निविदाकर्ताओं ने एक ही बैंक, एक ही अकाउंट, एक ही लिफाफे में निविदा भेजी जो कि नियमावली के खिलाफ है। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिए एक्शन के बारे में जानकारी मांगी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/490010/answer-sought-on-irregularities-in-tender-allocation-in-nainital-milk</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 19:47:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: सतपाल महाराज के पुत्र को टिहरी झील में क्रूज बोट और याट बोट संचालन के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर विवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> टिहरी झील में क्रूज बोट और याट बोट संचालन के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर स्थानीय लोगों की त्योरियां चढ़ गईं हैं।  पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज आरोपों से घिरते नजर आ रहे हैं।</p>
<p>  उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के पुत्र सुयश रावत एक मामले को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। मामला टिहरी झील में क्रूज बोट और याट बोट संचालन के लिए जारी किए गए टेंडर से जुड़ा है। हाल ही में टिहरी झील में क्रूज और याट बोट संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। मंत्री सतपाल महाराज के पुत्र सुयश</p>
<p>हालांकि,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487725/controversy-regarding-the-tender-issued-to-the-son-of-dehradun"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/dall·e-2024-03-17-09.51.49-envision-a-majestic-cruise-ship-that-draws-inspiration-from-british-airways-iconic-design-and-heritage.-the-ships-exterior-boasts-the-distinctive-br-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> टिहरी झील में क्रूज बोट और याट बोट संचालन के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर स्थानीय लोगों की त्योरियां चढ़ गईं हैं।  पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज आरोपों से घिरते नजर आ रहे हैं।</p>
<p> उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के पुत्र सुयश रावत एक मामले को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। मामला टिहरी झील में क्रूज बोट और याट बोट संचालन के लिए जारी किए गए टेंडर से जुड़ा है। हाल ही में टिहरी झील में क्रूज और याट बोट संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। मंत्री सतपाल महाराज के पुत्र सुयश ने भी इस प्रक्रिया में आवेदन किया।</p>
<p>हालांकि, विवाद इस बात को लेकर उठ खड़ा हुआ है कि जहां प्रदेश में रोजगार को लेकर पलायन हो रहा है, वहां स्थानीय को वरीयता देने के बजाए देहरादून से एक मंत्री पुत्र को किस आधार पर वरीयता दी गई?</p>
<p>लोगों का कहना है कि टिहरी झील में होने वाले कार्यों को प्राथमिकता से स्थानीय लोगों को दिए जाने की बात कही गई थी, जबकि सुयश रावत का मूल निवास पौड़ी में है और उन्होंने अपना वर्तमान पता देहरादून का दिया है। सूत्रों का यह भी दावा है कि आवेदन की तारीख को बढ़ाने का निर्णय भी विशेष रूप से सुयश रावत के लिए ही लिया गया था।</p>
<p>गौरतलब है कि आवेदन की अंतिम तिथि पहले 26 जुलाई 2024 थी, जिसे बढ़ाकर 17 अगस्त 2024 किया गया हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह कहा गया था कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण तारीख बढ़ाई गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसका आपदाओं से कोई संबंध नहीं था। </p>
<p>जून के आखरी हफ्ते में टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण कार्यालय ने टिहरी झील में क्रूज बोट और याट बोट संचालन के लिए आवेदन करने के लिए आमंत्रण किया गया था। यह निर्णय हाल ही में जिले में आई प्राकृतिक आपदाओं के चलते लिया गया है, जिसने कई आवेदकों को समय पर अपने आवेदन जमा करने में बाधित किया।</p>
<p>जारी की गई सूचना के अनुसार, आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2024, दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित की गई थी। आवेदन की समय सीमा को भी बढ़ा दिया था , इसे बढ़ाकर 17 अगस्त 2024, दोपहर 12:30 बजे कर दिया था। आवेदन बढ़ाने की सूचना में बताया गया था, यह अवसर उन सभी इच्छुक आवेदकों के लिए अंतिम होगा जो टिहरी झील में बोट संचालन का लाइसेंस प्राप्त करना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यह समय सीमा अंतिम है और इसके बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल उठाना बिल्कुल सही है, और उनका यह कहना भी क्या यही जीरो टॉलरेंस वाली सरकार?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 14:20:26 +0530</pubDate>
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