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                <title>निगेटिव ग्रुप - Amrit Vichar</title>
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                <description>निगेटिव ग्रुप RSS Feed</description>
                
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                <title>हल्द्वानी के ब्लड बैंकों में निगेटिव ग्रुप के रक्त की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>हल्द्वानी के सरकारी ब्लड बैंकों में कुल 344 यूनिट रक्त मौजूद है लेकिन निगेटिव ग्रुप का रक्त बहुत ही कम मौजूद है। सरकारी ब्लड बैंक के प्रभारियों ने लोगों से और खासतौर से निगेटिव ग्रुप के रक्तदाताओं से रक्तदान करने का आग्रह किया है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने अपनी मुस्तैदी को पूरी तरह से बढ़ा दिया है। इधर हल्द्वानी के सरकारी अस्पतालों की बात करें तो कुमाऊं का सबसे बड़े डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल की छत पर रेडक्रॉस का साइन बना दिया गया है और साथ ही दवाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537676/lack-of-blood-of-negative-group-in-haldwanis-blood-banks"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/blood-bank.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>हल्द्वानी के सरकारी ब्लड बैंकों में कुल 344 यूनिट रक्त मौजूद है लेकिन निगेटिव ग्रुप का रक्त बहुत ही कम मौजूद है। सरकारी ब्लड बैंक के प्रभारियों ने लोगों से और खासतौर से निगेटिव ग्रुप के रक्तदाताओं से रक्तदान करने का आग्रह किया है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने अपनी मुस्तैदी को पूरी तरह से बढ़ा दिया है। इधर हल्द्वानी के सरकारी अस्पतालों की बात करें तो कुमाऊं का सबसे बड़े डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल की छत पर रेडक्रॉस का साइन बना दिया गया है और साथ ही दवाओं का इंतजाम भी कर दिया गया है।</p>
<p>हालांकि दिक्कत की बात करें तो सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त तो सही मात्रा में है लेकिन इसमें निगेटिव ग्रुप का रक्त कम है। बेस अस्पताल की ही बात करें तो यहां पर कुल 175  यूनिट रक्त मौजूद है। यहां पर ए निगेटिव और एबी निगेटिव ग्रुप का केवल एक-एक यूनिट ही रक्त मौजूद है। बी निगेटिव ग्रुप का कोई भी रक्त मौजूद नहीं है। यहां सबसे ज्यादा ओ पॉजिटिव ग्रुप के 75 यूनिट और दूसरे नंबर पर बी पॉजिटिव ग्रुप के 62 यूनिट रक्त मौजूद है। इसी तरह एसटीएच के ब्लड में 169 यूनिट रक्त मौजूद है। यहां भी निगेटिव ग्रुप के रक्त की काफी कमी है। ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. सलोनी उपाध्याय ने बताया कि ज्यादातर ब्लड डोनेशन शिविर में लोग निजी ब्लड बैंक वालों का सहयोग ले रहे हैं। इस वजह से समस्या हो रही है। अपील की कि आमजन सरकारी ब्लड बैंक में आकर रक्तदान करें। <br /><br /><strong>रुद्रपुर ब्लड बैंक में 89 यूनिट ब्लड उपलब्ध</strong><br />रुद्रपुर। आपातकालीन स्थिति में लोगों को ब्लड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ब्लड बैंक ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। वर्तमान में ब्लड बैंक में 89 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। वर्तमान में बैंक में बी पॉजिटिव की 64 यूनिट, ए पॉजिटिव की 10 यूनिट, ओ पॉजिटिव की 10 यूनिट, एबी पॉजिटिव की 5 यूनिट उपलब्ध है। बैंक में सामान्यता 100 से 150 यूनिट तक ब्लड रखा जाता है। कारण ब्लड को 35 दिन तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है। जबकि इस दौरान ब्लड का पैक्ड रेड ब्लड सेल्स (पीआरबीसी) करने पर 42 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ब्लड बैंक प्रभारी जितेंद्र सिंह बृजवाल के अनुसार आपातकालीन स्थिति में लोगों को ब्लड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ब्लड बैंक में 89 यूनिट उपलब्ध है। रक्तदान शिविरों के माध्यम से ब्लड यूनिट को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 18:22:03 +0530</pubDate>
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                <title>बरेली: जिला अस्पताल में नहीं है निगेटिव ग्रुप का ब्लड</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में निगेटिव यूनिट का ब्लड नहीं है। इससे वहां पर आने वाले मरीजों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना वायरस की सक्रियता से दुनिया सहित देश पर कई प्रतिकूल प्रभाव हुए हैं, जिसका एक प्रभाव जिले में स्वास्थ्य महकमे के ब्लड बैंक पर …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में निगेटिव यूनिट का ब्लड नहीं है। इससे वहां पर आने वाले मरीजों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>कोरोना वायरस की सक्रियता से दुनिया सहित देश पर कई प्रतिकूल प्रभाव हुए हैं, जिसका एक प्रभाव जिले में स्वास्थ्य महकमे के ब्लड बैंक पर भी दिख रहा हैं। प्रभाव इस कदर हैं कि ब्लड बैंक अपने ही अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों को ही ब्लड उपलब्ध कराने में असहाय हैं। मनुष्य के शरीर का महत्वपूर्ण ऊतक रक्त का निर्माण किसी प्रयोगशाला में असंभव हैं। किसी जरूरतमंद को रक्त प्रदान करने के लिए रक्तदान ही एक विकल्प होता हैं। कोरोना काल में रक्तदान शिविर न लगने के कारण रक्त की आपूर्ति नगण्य हैं।</p>
<p>जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक इन दिनों खून की कमी से जूझ रहे हैं, यूं कहें कि ब्लड बैंक भी एनिमिया के शिकार हो गए हैं। आलम यह हैं कि अगर किसी मरीज को ब्लड के निगेटिव चार ग्रुप में से कोई एक ब्लड ग्रुप चाहिए तो तीमारदारों को दूसरे अस्पतालों या फिर दूसरे जिलों में दौड़ लगाना पड़ सकती है।</p>
<p>जिला अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. यूवी सिंह का कहना है कि कोरोना की वजह से पिछले चार महीनों से गिने चुने लोग ही रक्तदान करने आ रहें हैं। मगर, अब स्थिति और भी खराब हो गई है। ब्लड बैंक में फिलहाल 36 यूनिट रक्त शेष हैं, जबकि ब्लड बैंक में 150 यूनिट से ज्यादा रक्त रखने की क्षमता हैं। आशंका जताई जा रही हैं कि विशेष परिस्थितियों में ज्यादा लोगों को रक्त की आवश्यकता पड़ गई तो तीमारदारों को भारी दिक्कत का सामना हो सकता हैं।</p>
<p>कारण स्पष्ट हैं कि कोरोना काल में अपनी इच्छा से रक्तदान करने वाले लोग यह महादान नहीं कर पा रहें हैं। लाकडाउन में छूट के बाद कुछ रक्तदाता ब्लड बैंक में आकर रक्तदान कर भी रहें हैं परंतु मांग व आपूर्ति के अनुपात में स्थिति बेहतर नहीं हैं। लिहाजा, लोगों से अपील की जा रही हैं कि वे बढ़-चढ़कर रक्तदान करें ताकि जरूरत पड़ने पर दूसरों की जान बचाई जा सके।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2020 22:50:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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