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                <title> Prayagraj News - Amrit Vichar</title>
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                <description> Prayagraj News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> प्रयागराज में बड़ा हादसा : ट्रेन से कटकर पांच लोगों की मौत, काल बनकर दौड़ी कालका मेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज : </strong>प्रयागराज स्थित यमुना नगर के करछना में बुधवार शाम पचदेवरा ओवरब्रिज के पास ट्रेन से कटकर पांच लोगों की मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">जीआरपी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने बताया कि आज शाम कालका एक्सप्रेस से कटकर एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी जिसकी वजह से ट्रेन रुक गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस ट्रेन के यात्री उत्सुकतावश नीचे उतर आए। उन्होंने कहा, ''तभी दूसरे ट्रैक पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ट्रेन आ गई जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मृत्यु हो गई। अभी तक तीन व्यक्तियों की पहचान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578830/major-accident-in-prayagraj-five-people-died"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/ट्रेनें.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज : </strong>प्रयागराज स्थित यमुना नगर के करछना में बुधवार शाम पचदेवरा ओवरब्रिज के पास ट्रेन से कटकर पांच लोगों की मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">जीआरपी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने बताया कि आज शाम कालका एक्सप्रेस से कटकर एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी जिसकी वजह से ट्रेन रुक गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस ट्रेन के यात्री उत्सुकतावश नीचे उतर आए। उन्होंने कहा, ''तभी दूसरे ट्रैक पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ट्रेन आ गई जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मृत्यु हो गई। अभी तक तीन व्यक्तियों की पहचान हुई।'' सहायक पुलिस आयुक्त (करछना) सुनील कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान बिहार के सिवान निवासी बलिराम (36), उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के निवासी सुनील कुमार (24) और फिरोजाबाद के निवासी आकाश (17) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि अन्य दो मृतकों की पहचान की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में रखवा दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 21:40:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, रद्द करने की मांग  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर मंगलवार को बड़ी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आयोग व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया जाये और इस परीक्षा को फिर से कराया जाए। </p>
<p>अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि 15 और 16 अप्रैल को जो यह परीक्षा हुई थी, इसमें सेंधमरी हुई थी। नकल करते लोग पकड़े गए थे, इसके बाद भी अभी तक परीक्षा को रद्द</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556170/prayagraj--candidates-of-assistant-professor-recruitment-exam-protested--demanding-cancellation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats268.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर मंगलवार को बड़ी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आयोग व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया जाये और इस परीक्षा को फिर से कराया जाए। </p>
<p>अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि 15 और 16 अप्रैल को जो यह परीक्षा हुई थी, इसमें सेंधमरी हुई थी। नकल करते लोग पकड़े गए थे, इसके बाद भी अभी तक परीक्षा को रद्द नहीं किया गया। कुछ दिन पहले ही आयोग की अध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पांडेय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से अभ्यार्थियों में और नाराजगी थी।</p>
<p>उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का कुछ दिन पहले रिजल्ट घोषित किया गया था। जिसमें लगभग 981 पदों के लिए 33 से 37 विषयों में पद खाली थे।अब अभ्यर्थियों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि इसमें परीक्षा में भ्रष्टाचार हुआ है। ये लोग कह रहे हैं कि सिर्फ तीन जिलों में ज्यादा चयन हुआ है। जिसमें मेरठ, मथुरा और गोरखपुर के छात्र शामिल हैं। बाकी छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 15:57:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज: ग्राम पुलिसकर्मी और होमगार्ड के पद समान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्राम पुलिसकर्मियों के विनियमितिकरण के मामले में सैकड़ों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए कहा कि ग्राम पुलिसकर्मी नियमित प्रतिष्ठान और होमगार्ड में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के बराबर नहीं हैं और इसलिए वे नियमित पुलिस बल में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले मूल वेतन के हकदार नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पुलिसकर्मियों के पारिश्रमिक को न्याय के सिद्धांत पर परखते हुए कोर्ट ने माना कि यह वेतन कम हो सकता है, लेकिन उनके कार्य को देखते हुए यह मनमाना या अनुचित या भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539954/prayagraj-village-policeman-and-home-guard-posts-are-not-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/कोर्ट-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्राम पुलिसकर्मियों के विनियमितिकरण के मामले में सैकड़ों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए कहा कि ग्राम पुलिसकर्मी नियमित प्रतिष्ठान और होमगार्ड में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के बराबर नहीं हैं और इसलिए वे नियमित पुलिस बल में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले मूल वेतन के हकदार नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पुलिसकर्मियों के पारिश्रमिक को न्याय के सिद्धांत पर परखते हुए कोर्ट ने माना कि यह वेतन कम हो सकता है, लेकिन उनके कार्य को देखते हुए यह मनमाना या अनुचित या भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि वेतन में संशोधन करने या बेहतर कार्य स्थितियों को प्रदान करने के लिए सरकार को निर्देश जारी करना न्यायालय का कार्य नहीं है। ये अनिवार्य रूप से वित्तीय और नीतिगत मामले हैं, जो कार्यकारी क्षेत्राधिकार में आते हैं । अतः कोर्ट ने याचियों को कोई राहत दिए बिना याचिका का निस्तारण करते हुए राज्य को निर्देश दिया कि वह ग्राम पुलिसकर्मियों के पद को भविष्य में प्रभावी और जीवंत बनाने के लिए एक कानून बनाने पर विचार करें। उक्त आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की एकलपीठ ने लवकुश तिवारी और 1486 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले के अनुसार ग्राम पुलिसकर्मी, चौकीदार या ग्राम प्रहरी के पद पर तैनात हैं। उन्हें उत्तर-पश्चिमी प्रांत ग्राम और सड़क पुलिस अधिनियम, 1873 के तहत नियुक्त किया गया था, जिसे निरसन और संशोधन (द्वितीय) अधिनियम, 2017 द्वारा निरस्त कर दिया गया था। ये ग्राम पुलिसकर्मी ब्रिटिश काल में दूरदराज के गांवों में तैनात पुलिस बल का एक विस्तारित नेटवर्क हैं। समय बीतने और व्यवस्थाओं के विकास के साथ पद अल्पविकसित हो गए हैं, लेकिन ऐसे पदों पर अभी भी कर्तव्य निभाए जा रहे हैं। चूंकि याची दशकों से काम कर रहे थे, इसलिए उन्होंने यूपी राज्य में नियमित प्रतिष्ठानों में तैनात पुलिसकर्मियों के समान न्यूनतम वेतन पाने का अधिकार मांगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>याचियों का तर्क</strong></p>
<p style="text-align:justify;">याचियों का तर्क है कि उन्हें 2500 रुपए का मानदेय मिल रहा है और वे अवध कानून अधिनियम, 1876 के अध्याय IV की धारा 29 से 38 और उत्तर प्रदेश पुलिस विनियमन के अध्याय IX के पैराग्राफ 89 से 92 के तहत कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। विनियमन के तहत याचियों को पुलिस बल के सहयोगी के रूप में माना जाता है और वे विनियमन के तहत दंड के भी पात्र हैं, फिर भी राज्य उन्हें उचित वेतन न देकर उनका शोषण कर रहा है। यह तर्क दिया गया कि राज्य बेगार ले रहा है जो संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत निषिद्ध है। कोर्ट ने यूपी पुलिस विनियमन के कुछ पैराग्राफ में वर्णित ग्राम चौकीदारों के कर्तव्यों पर विचार करते हुए पाया कि ग्राम चौकीदार पुलिस के अंतर्गत नहीं आते हैं। पूर्णकालिक रोजगार की सबसे ज़रूरी शर्त यह है कि कर्मचारी को पूरे साल अपने कर्तव्यों का पालन करना होता है। यह कर्मचारी को वैकल्पिक व्यवसाय करने की आज़ादी नहीं देता, जैसे एक पंजीकृत पुलिसकर्मी के लिए कोई और व्यवसाय करना एक कदाचार है, लेकिन ग्राम पुलिसकर्मियों के लिए ऐसी बाध्यता नहीं है। अंत में कोर्ट ने ग्राम पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के पद को समान न मानते हुए याचियों को होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का लाभ देने से इनकार कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:<a href="https://www.amritvichar.com/article/539953/29-may-edmund-hillary-tenzing-norgi-everest#gsc.tab=0">आज का इतिहास : एडमंड हिलेरी-तेनजिंग नॉर्गे ने एवरेस्ट किया फतह, जानें 29 मई का दिन क्यों है खास</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 08:25:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज :  88 बीघा जमीन फिर नवीन परती में दर्ज, भूमाफिया फंसे, एफआईआर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>एसडीएम सोरांव हीरालाल सैनी की तत्परता से करोड़ों रुपए की नवीन परती जमीन भूमाफियाओं के चंगुल में जाते - जाते बच गयी। एसडीएम ने मामले की जांच करके प्रतिदिन सुनवाई कर भूमाफियाओं के दावे को निरस्त करते हुए जमीन ग्राम सभा के खाते में दर्ज कराते हुए तहसीलदार सोरांव से मामले में लिप्त सभी  भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है। सोरांव तहसील के ग्राम मखदुमपुर की 88 बीघा जमीन ग्राम सभा की थी।  </p>
<p style="text-align:justify;">ग्राम मखदुमपुर तहसील सोरांव की ग्राम सभा की नवीन परती की भूमि को खुर्द बुर्द करके भूमाफियाओं ने हड़प लिया था। मामले की शिकायत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537079/88-bigha-land-again-lodged-in-new-fallow-fir"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/एफआईआर-(1)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>एसडीएम सोरांव हीरालाल सैनी की तत्परता से करोड़ों रुपए की नवीन परती जमीन भूमाफियाओं के चंगुल में जाते - जाते बच गयी। एसडीएम ने मामले की जांच करके प्रतिदिन सुनवाई कर भूमाफियाओं के दावे को निरस्त करते हुए जमीन ग्राम सभा के खाते में दर्ज कराते हुए तहसीलदार सोरांव से मामले में लिप्त सभी  भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है। सोरांव तहसील के ग्राम मखदुमपुर की 88 बीघा जमीन ग्राम सभा की थी।  </p>
<p style="text-align:justify;">ग्राम मखदुमपुर तहसील सोरांव की ग्राम सभा की नवीन परती की भूमि को खुर्द बुर्द करके भूमाफियाओं ने हड़प लिया था। मामले की शिकायत पर जिलाधिकारी प्रयागराज ने सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। अपर जिलाधिकारी नजूल के नेतृत्व में जांच समिति की जांच में शिकायत सही पाए जाने पर उपजिलाधिकारी सोरांव हीरा लाल सैनी के न्यायालय में वाद संख्या टी - 20250203030 4895 सरकार बनाम छेदीलाल व अन्य अंतर्गत धारा 38(5), उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 दर्ज हुआ। नित्य प्रति दिन सुनवाई करके उपजिलाधिकारी सोरांव ने आज  20 पेज के पारित आदेश में भूमि वापस ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने तथा भूमाफियाओं के विरुद्ध तहसीलदार सोरांव को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/537074/fiji-reached-mankapur-to-meet-ancestors-deputy-high-commissioner-of#gsc.tab=0">Gonda News : पूर्वजों ‌से मिलने मनकापुर पहुंचे फिजी देश के डिप्टी उच्चायुक्त </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 18:22:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : सीसीटीवी के डीबीआर से खुलेगा शिक्षा निदेशालय अग्निकाण्ड का मामला </title>
                                    <description><![CDATA[अग्निकाण्ड मामले को लेकर जांच समिति की बैठक दो को, समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी सदस्यों की होगी बैठक ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/535848/prayagraj-cctvs-dbr-will-open-the-directorate-of-education-fire"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/प्रयागराज-आग1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज। </strong>उप्र शिक्षा निदेशालय प्रयागराज में रविवार को चार अनुभागों में हुए अग्नि काण्ड में पांच हजार से ज्यादा फाइलें जलकर राख हो गयी थी। इस मामले के लिए शिक्षा निदेशालय परिसर में लगें सीसीटीवी के डीबीआर को सील कर दिया गया है। पांच सदस्यीय जांच समिति के समक्ष डीबीआर खुलने के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी।</p>
<p>उप्र शिक्षा निदेशालय प्रयागराज में रविवार को हुए अग्नि काण्ड मामले को लेकर जांच समिति के अध्यक्ष सचिव माध्यमिक शिक्षा उप्र लखनऊ ने समिति के सभी सदस्यों की बैठक दो मई को बुलाई है। समिति में शिक्षा निदेशक माध्यमिक, एडीएम सिटी प्रयागराज, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी प्रयागराज और निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा नामित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। बैठक में अग्नि काण्ड के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा और मामले की जांच शुरू होगी।</p>
<p>अपर मुख्य सचिव (एसीएस) दीपक कुमार ने उप्र शिक्षा निदेशालय प्रयागराज में रविवार को चार अनुभागों में आग लगने से पांच हजार से ज्यादा फाइलों के जलने के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा उप्र शासन लखनऊ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित किया है। एसीएस ने बताया कि पांच सदस्यीय समिति अग्नि काण्ड मामले की जांच करके अपनी रिपोर्ट 15 दिन में देगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उप्र शिक्षा निदेशालय प्रयागराज के अग्निकांड वाले अनुभाग और सीसीटीवी के डीबीआर को सील कर दिया गया है। सीसीटीवी के डीबीआर की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होकर सामने आएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/535844/barabanki-e-rickshaw-robbery-of-thousands-of-robbery-with-a-young#gsc.tab=0">बाराबंकी : ई-रिक्शा सवार युवक के साथ हजारों की लूट, घटना डेढ़ माह पुरानी, अब दर्ज कराई रिपोर्ट </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 18:42:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : आपराधिक मामलों में अस्थिकरण या अन्य चिकित्सीय परीक्षणों द्वारा आयु निर्धारण उचित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों में लाभकारी कानूनी परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से अभियुक्तों द्वारा जन्म तिथि में हेरा-फेरी करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किशोर होने का दावा करने वाले व्यक्ति की आयु का निर्धारण मुख्यतः दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए और अगर ऐसा करना संभव न हो तो अस्थिकरण या अन्य चिकित्सीय आयु निर्धारण परीक्षण किया जाना चाहिए।</p>
<p>कोर्ट ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 94 के तहत उचित आयु सत्यापन करने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ढिलाई की भी आलोचना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534827/age-determination-by-prayagraj-criminal-cases-or-due-to-other"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/कोर्ट10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों में लाभकारी कानूनी परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से अभियुक्तों द्वारा जन्म तिथि में हेरा-फेरी करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किशोर होने का दावा करने वाले व्यक्ति की आयु का निर्धारण मुख्यतः दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए और अगर ऐसा करना संभव न हो तो अस्थिकरण या अन्य चिकित्सीय आयु निर्धारण परीक्षण किया जाना चाहिए।</p>
<p>कोर्ट ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 94 के तहत उचित आयु सत्यापन करने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ढिलाई की भी आलोचना की। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में कमी से न केवल न्याय में देरी होती है, बल्कि किशोर न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। कोर्ट ने उपरोक्त संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जैसे-आयु निर्धारण के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों के कठोर सत्यापन हेतु किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 94 के तहत तंत्र विकसित करने के साथ -साथ अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का भी निर्देश दिया है।</p>
<p>इसके अलावा अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बलिया जिले में कम से कम एक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल कदम उठाए जाने की भी बात कही। उक्त आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने अमरजीत पांडेय की याचिका को स्वीकार करते हुए पारित किया। याची के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और पोक्सो अधिनियम की धारा 3/4(2) के तहत मामला दर्ज कराया गया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि याची शिकायतकर्ता की 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था, जबकि आरोपी का दावा है कि कथित पीड़िता 18 वर्ष की बालिग लड़की है, जो अपने माता-पिता द्वारा डांटे जाने के बाद अपनी मर्जी से उसके साथ घर से चली गई थी।</p>
<p>कोर्ट ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बलिया द्वारा कोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन न किए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अनुपालन हलफनामे में दिए गए कथन दर्शाते हैं कि अधिकारीगण हाईकोर्ट के आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इससे अधिकारियों का लालफीताशाही रवैया स्पष्ट झलकता है। हालांकि चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को कई पत्र लिखे, लेकिन पीड़िता को परीक्षण हेतु प्रस्तुत नहीं किया गया। अंततः 5 मार्च 2025 को उसकी एक्स-रे रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भेजी गई, लेकिन पीड़िता के हिमाचल प्रदेश चले जाने के कारण सीएमओ ने हड्डी परीक्षण रिपोर्ट देने से मना कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता को एक और तारीख पर सीएमओ के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा, लेकिन पीड़िता का हड्डी परीक्षण नहीं हो सका। कोर्ट ने इस लापरवाही पूर्ण रवैये को निंदनीय माना और पीड़िता की उम्र दर्शाने वाले किसी भी दस्तावेजी साक्ष्य की अनुपलब्धता में जमानत याचिका स्वीकार कर ली।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/534825/bank-of-baroda-reprimanded-for-illegal-and-arbitrary-action-in#gsc.tab=0">प्रयागराज : नीलामी से जुड़े एक मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा की "अवैध और मनमाना कार्यवाही के लिए लगाई फटकार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 21:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज के महाकुंभ में फिर बड़ा हादसा, सात लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>मौनी अमावस्या पर संगम में हुई भगदड़ की आग शांत भी नहीं हुई और बुधवार रात करीब 11 बजे एक और बड़ी घटना ने महाकुंभ में कोहराम मचा दिया। महाकुंभ में मुक्ति मार्ग पर एक बड़ा हादसा हो गया। रात करीब 11 बजे ओल्ड जीटी रोड की तरफ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। इसी बीच मुक्ति मार्ग पर किसी संत की गाड़ी उधर से गुजर रही थी। इस दौरान तेज रफ्तार कार को देख दो-तीन महिलाएं हादसे में गिर पड़ीं और फिर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519191/seven-people-died-again-in-prayagrajs-mahakumbh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/महाकुंभ3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>मौनी अमावस्या पर संगम में हुई भगदड़ की आग शांत भी नहीं हुई और बुधवार रात करीब 11 बजे एक और बड़ी घटना ने महाकुंभ में कोहराम मचा दिया। महाकुंभ में मुक्ति मार्ग पर एक बड़ा हादसा हो गया। रात करीब 11 बजे ओल्ड जीटी रोड की तरफ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। इसी बीच मुक्ति मार्ग पर किसी संत की गाड़ी उधर से गुजर रही थी। इस दौरान तेज रफ्तार कार को देख दो-तीन महिलाएं हादसे में गिर पड़ीं और फिर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कार ने सात लोगों को कुचल दिया। घटना के दौरान मौके पर ही सभी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना में एक बच्चे के साथ छह महिलाएं शामिल हैं। सीओ रुद्र प्रताप ने बताया कि किसी महामंडलेश्वर की गाड़ी के आने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। इसमें मरने वालों की शिनाख्त कराई जा रही है, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>महाकुंभ में कितने श्रद्धालुओं की हुई मौत</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान करने प्रयागराज-संगम तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार-बुधवार की रात के कोई एक-दो बजे भीड़ का दबाव अत्यधिक होने से बैरियर टूट गया। भीड़ अनियंत्रित होकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के लिए प्रतीक्षारत श्रद्धालुओं से होकर गुजर गई। इसकी चपेट में आकर 90 श्रद्धालु घायल हो गए। जिसमें 30 की मृत्यु की दुखद सूचना सामने आई है। डीआईजी प्रयागराज वैभव कृष्णा ने इसकी पुष्टि करते हुए गहरी शोक-संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वहीं महाकुंभ में मुक्ति मार्ग पर फिर हुए हादसे के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 37 के करीब हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 23:50:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : शिवलिंग के विवादित पोस्टर मामले में फैशन मॉडल ममता राय के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2022 में वाराणसी की फैशन मॉडल ममता राय के शिवलिंग पोस्टर मामले में मॉडल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए विपक्षी अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेता विक्रांत सिंह को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई आगामी 28 फरवरी 2025 को सुनिश्चित की गई और सुनवाई तक मॉडल के खिलाफ किसी भी तरह की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।</p>
<p>उक्त आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकलपीठ ने ममता राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामले के अनुसार मॉडल पर आरोप था कि  'मैं काशी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516587/prayagraj-news-stay-on-criminal-action-against-fashion-model-mamta"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/कोर्ट7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2022 में वाराणसी की फैशन मॉडल ममता राय के शिवलिंग पोस्टर मामले में मॉडल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए विपक्षी अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेता विक्रांत सिंह को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई आगामी 28 फरवरी 2025 को सुनिश्चित की गई और सुनवाई तक मॉडल के खिलाफ किसी भी तरह की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।</p>
<p>उक्त आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकलपीठ ने ममता राय की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामले के अनुसार मॉडल पर आरोप था कि  'मैं काशी हूं' शीर्षक के साथ शिवलिंग पर फूल चढ़ाते हुए उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट करके धर्म और जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया है। शहर भर में पोस्टरों पर प्रदर्शित छवि में यह दर्शाया गया है कि मॉडल सावन के त्योहार में बाबा विश्वनाथ की नगरी में लोगों का स्वागत कर रही हैं। कथित पोस्टर से विवाद पैदा हो गया था, जिसके कारण अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेता विक्रांत सिंह ने मॉडल ममता के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई और फास्ट ट्रैक कोर्ट,वाराणसी ने 2023 में मामले का संज्ञान लिया। आरोप पत्र और संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देते हुए ममता राय ने हाईकोर्ट में मौजूदा याचिका दाखिल की।</p>
<p>याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार वर्तमान मामले में आईपीसी की धाराएं लागू नहीं होती है, साथ ही यह भी बताया कि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय सदस्य है और अपने प्रभाव का दुरुपयोग करके उसने याची के खिलाफ झूठे और तुच्छ आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। याची द्वारा यह भी तर्क दिया गया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत याची को भाषण और अभिव्यक्ति का अधिकार है और याची के पोस्टर में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे देखकर विपक्षी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(186,55,42);"> <a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/516580/kanpur-news#gsc.tab=0">Kanpur News : क्रेडिट कार्ड सत्यापन के नाम पर स्कूल संचालक से ठगी</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jan 2025 21:23:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है और साक्ष्य भी एकत्रित किए जा रहे हैं। ऐसे में याची को जमानत देने से अपराध की पुनरावृत्ति, साक्ष्यों और गवाहों के साथ छेड़छाड़ होने की पूरी संभावना है। याची का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ वर्तमान मामले सहित कुल 11 मामले दर्ज हैं। यह मामले धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपराध सहित विभिन्न प्रकृति के हैं।</p>
<p>कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि विधायक के रूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512106/prayagraj-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/अब्बास-अंसारी-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है और साक्ष्य भी एकत्रित किए जा रहे हैं। ऐसे में याची को जमानत देने से अपराध की पुनरावृत्ति, साक्ष्यों और गवाहों के साथ छेड़छाड़ होने की पूरी संभावना है। याची का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ वर्तमान मामले सहित कुल 11 मामले दर्ज हैं। यह मामले धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपराध सहित विभिन्न प्रकृति के हैं।</p>
<p>कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि विधायक के रूप में याची की स्थिति उसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और कानून तथा नियमों के खिलाफ कार्य करने की अनुमति नहीं देती है। उक्त तल्ख टिप्पणी न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए की। हालांकि याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान मामला राजनीतिक दुश्मनी, कानून के चयनात्मक और लक्षित दुरुपयोग के कारण उत्पन्न हुआ है।</p>
<p>मालूम हो कि वर्तमान में अब्बास अंसारी कासगंज जिला जेल में निरुद्ध हैं। बता दें कि 31 अगस्त 2024 को पुलिस स्टेशन कर्वी कोतवाली नगर, चित्रकूट में उपेंद्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक द्वारा उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2 और 3 के तहत अब्बास अंसारी, नवनीत सचान, नियाज अंसारी, फराज खान, शाहबाज आलम खान के खिलाफ रंगदारी, मारपीट और आम जनता के बीच भय तथा आतंक फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें :- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/512103/instructions-to-develop-a-welfare-mechanism-for-the-protection-of#gsc.tab=0">Prayagraj News : सैन्यकर्मियों के परिवारों की सुरक्षा के लिए एक कल्याणकारी तंत्र विकसित करने का निर्देश</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 21:21:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पानी पर चलते थे तपोनिष्ठ सिद्ध संत देवरहा बाबा, राष्ट्रपति व पीएम दर्शन को रहते थे ललायित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मिथलेश त्रिपाठी, कुंभ नगर, प्रयागराज,अमृत विचार।</strong> प्रयागराज संत महात्माओं की तपोभूमि कही जाती है। यहां कई ऋषियों और संतो ने हजारों वर्ष कठिन तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की और ब्रम्हलीन हो गये। अपनी सिद्धि और साधना के बल पर पानी पर भी चलते थे। इतना ही नहीं वह एक साथ तीन-तीन स्थानों पर दर्शन भी देते थे। उन्हीं सिद्ध संतो में एक थे तपोनिष्ठ संत पूजनीय देवरहा बाबा। आज तक देवरहा बाबा की उम्र का भी कोई पता नहीं लगा सका।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%80--(1).jpg" alt="बाबा जी  (1)" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;">तपोनिष्ठ संत पूजनीय देवराहा बाबा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे। उनका आश्रम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511392/saint-devraha-baba-a-devout-devout-saint-used-to-walk"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/बाबा-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मिथलेश त्रिपाठी, कुंभ नगर, प्रयागराज,अमृत विचार।</strong> प्रयागराज संत महात्माओं की तपोभूमि कही जाती है। यहां कई ऋषियों और संतो ने हजारों वर्ष कठिन तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की और ब्रम्हलीन हो गये। अपनी सिद्धि और साधना के बल पर पानी पर भी चलते थे। इतना ही नहीं वह एक साथ तीन-तीन स्थानों पर दर्शन भी देते थे। उन्हीं सिद्ध संतो में एक थे तपोनिष्ठ संत पूजनीय देवरहा बाबा। आज तक देवरहा बाबा की उम्र का भी कोई पता नहीं लगा सका।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%80--(1).jpg" alt="बाबा जी  (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">तपोनिष्ठ संत पूजनीय देवराहा बाबा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे। उनका आश्रम देवरिया में सरयू नदी के किनारे पर बना हुआ है। जिससे उन्हें देवरिया बाबा भी कहते थे।  प्रयागराज में गंगा के किनारे वह मचान बनाकर रहते थे। वह लोगों को मचान से ही दर्शन दिया करते थे। बाबा जी कुछ समय वृन्दावन तो कुछ समय प्रयागराज या फिर उत्तराखंड के पहाड़ों पर जाकर तप और साधना करते थे। देवरहा बाबा की यह अद्भुत शक्तियां व सिद्धियां लोगों को आश्चर्यचकित कर देती थीं। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong> पूर्व प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति दर्शन को रहते थे ललायित</strong></p>
<p style="text-align:justify;">देवरहा बाब के बारे में यह भी कहा जाता है कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद बचपन में अपने पिता के साथ बाबा का दर्शन करने आते थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके पुत्र पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित देश के कई बड़े दिग्गज नेता बाबा जी के दर्शन को लालायित रहते थे। विहिप के अध्यक्ष अशोक सिंघल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी देवरहा बाबा के भक्त रहे। कहा जाता है कि राम मंदिर के आंदोलन में अशोक सिंघल और मोहन भागवत ने भी बाबा का आशीर्वाद लिया था। देवरहा बाबा हमेशा मचान पर ही रहते थे और वहीं से ही लोगों को आशीर्वाद दिया करते थे। देवरहा बाबा का समाधि स्थल वृन्दावन में बना हुआ है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>देवरहा बाबा ने किया था राजा भैया का नामकरण</strong></p>
<p style="text-align:justify;">परम तपस्वी देवरहा बाबा की तपोस्थली से भदरी रियासत के राजा रघुराज प्रताप सिंह "राजा भैया" की जिंदगी के कई किरदार देवरहा बाबा से जुड़े है। भदरी रियासत के राजा उदय प्रताप के बेटे राजा भैया देवरहा बाबा के आशीर्वाद से ही आज बड़े मुकाम पर है। रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' का नामकरण भी देवरहा बाबा ने ही किया था। कहते है कि राजा भैया किसी भी काम को करने के पहले देवरहा बाबा का आशीर्वाद जरूर लेते हैं। यह भी कहा जाता है कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेते थे। पहले कांग्रेस पार्टी का चुनाव निशान बैलगाड़ी था। एक बार इंदिरा गांधी देवरहा बाबा के दर्शन करने झूंसी पुल के नीचे बने आश्रम में गयीं थीं। जहां बाबा ने उन्हें दोनो हाथों से आशीर्वाद दिया था और कहा था अब यही तुम्हारा कल्याण करेगा। जिसके बाद कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हांथ का पंजा हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/511282/maharashtra-cabinet-maharashtra-cabinet-expansion-today-shiv-sena-may-get">Maharashtra Cabinet: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का विस्तार आज, शिवसेना को मिल सकता है आवास मंत्रालय</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/511392/saint-devraha-baba-a-devout-devout-saint-used-to-walk</link>
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                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 19:13:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : गैंगस्टर एक्ट मामले में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका पर सुनवाई टली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका पर बुधवार को पीठ के न बैठने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार याची के जमानत आवेदन की सुनवाई में तेजी लाई गई है।</p>
<p>मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ के समक्ष हो रही है। बता दें कि 31 अगस्त 2024 को पुलिस स्टेशन कर्वी कोतवाली नगर, चित्रकूट में उपेंद्र प्रताप सिंह, निरीक्षक द्वारा उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2 और 3 के तहत अब्बास अंसारी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/510777/hearing-on-bail-plea-of-%E2%80%8B%E2%80%8Babbas-ansari-postponed-in-prayagraj"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/अब्बास-अंसारी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका पर बुधवार को पीठ के न बैठने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार याची के जमानत आवेदन की सुनवाई में तेजी लाई गई है।</p>
<p>मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ के समक्ष हो रही है। बता दें कि 31 अगस्त 2024 को पुलिस स्टेशन कर्वी कोतवाली नगर, चित्रकूट में उपेंद्र प्रताप सिंह, निरीक्षक द्वारा उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2 और 3 के तहत अब्बास अंसारी, नवनीत सचान, नियाज अंसारी, फराज खान, शाहबाज आलम खान के खिलाफ रंगदारी, मारपीट और आम जनता के बीच भय तथा आतंक फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/510774/prayagraj%C2%A0#gsc.tab=0">प्रयागराज : Yeti Narasimhanand के विवादित बयान के खिलाफ याचिका को उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 21:50:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : संभल हिंसा से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले को जमानत बांड पर तत्काल रिहा करने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, प्रयागराज : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले में हुई हिंसा के संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर कथित रूप से अशांति फैलाने के आरोप में रविवार रात को गिरफ्तार 59 वर्षीय व्यवसायी मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप को सहायक पुलिस आयुक्त, प्रयागराज के समक्ष अपेक्षित जमानत बांड जमा करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। उक्त आदेश न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान और न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने वेलफेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया के पूर्व नेता जावेद पंप की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।</p>
<p>मामले की अगली सुनवाई आगामी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/508300/prayagraj-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/इलाहाबाद-कोर्ट8.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, प्रयागराज : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले में हुई हिंसा के संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर कथित रूप से अशांति फैलाने के आरोप में रविवार रात को गिरफ्तार 59 वर्षीय व्यवसायी मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप को सहायक पुलिस आयुक्त, प्रयागराज के समक्ष अपेक्षित जमानत बांड जमा करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। उक्त आदेश न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान और न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने वेलफेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया के पूर्व नेता जावेद पंप की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।</p>
<p>मामले की अगली सुनवाई आगामी 29 नवंबर को सुनिश्चित की गई है। कोर्ट ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 126, 135, 117 के तहत दर्ज मामले में रविवार रात को गिरफ्तार किए गए जावेद को 50 हजार रुपए के दो जमानतदारों के साथ जमानत बांड प्रस्तुत करने की शर्त पर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था। हालांकि याची इसमें विफल रहा, इसलिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मालूम हो कि जून 2022 में प्रयागराज हिंसा की घटना से संबंधित एक मामले में जावेद पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाकर पहले से ही मुकदमा चल रहा है।</p>
<p>जावेद ने गत रविवार रात सोशल मीडिया पर संभल हिंसा से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट डालकर शांति भंग करने की कोशिश की। पोस्ट करने वाले की पहचान के बाद याची को गिरफ्तार कर लिया गया और पोस्ट को हटा दिया गया। बता दें कि स्थानीय अदालत के आदेश पर एडवोकेट कमिश्नर के नेतृत्व में एक टीम द्वारा मुगलकालीन जमा मस्जिद का सर्वेक्षण करने के बाद संभल जिले में हिंसा भड़क उठी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/508296/the-cow-took-seven-rounds-with-the-bull-know-why#gsc.tab=0">Unique wedding : गाय ने सांड के साथ लिए सात फेरे, ढोल मृदंग की धुन पर महिलाएं करती रही नृत्य</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/508300/prayagraj-news</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 21:47:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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