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                <title>scam - Amrit Vichar</title>
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                <description>scam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>फैशन टीवी के नाम पर 500 करोड़ की ठगी का आरोप लगा व्यापारियों ने सुनाई आपबीती, सीएम योगी से की सख्त कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश की राजधानी के गोमती होटल में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में देश भर से पहुंचे पीड़ित व्यापारियों ने कथित तौर पर फैशन टीवी के नाम पर चल रहे 500 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा किया। पीड़ितों का दावा है कि इस फर्जी निवेश योजना में 200 से ज्यादा कारोबारी ठगी का शिकार हुए हैं, जिनमें से कई कर्ज में डूब कर आर्थिक रूप से तबाह हो चुके हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस कांफ्रेंस में लखनऊ के मनोज अग्रवाल, दिल्ली के विकास बंसल और मुंबई के राजेश तलवानी सहित कई व्यापारियों ने अपनी आपबीती साझा की। उनका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578343/alleging-a-%E2%82%B9500-crore-fraud-committed-in-the-name-of-fashion-tv--traders-recount-their-ordeal-and-demand-strict-action-from-cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/ठगी5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश की राजधानी के गोमती होटल में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में देश भर से पहुंचे पीड़ित व्यापारियों ने कथित तौर पर फैशन टीवी के नाम पर चल रहे 500 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा किया। पीड़ितों का दावा है कि इस फर्जी निवेश योजना में 200 से ज्यादा कारोबारी ठगी का शिकार हुए हैं, जिनमें से कई कर्ज में डूब कर आर्थिक रूप से तबाह हो चुके हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस कांफ्रेंस में लखनऊ के मनोज अग्रवाल, दिल्ली के विकास बंसल और मुंबई के राजेश तलवानी सहित कई व्यापारियों ने अपनी आपबीती साझा की। उनका आरोप है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा आर्थिक अपराध है, जिसमें लोगों को एक साल में 80% तक मुनाफे का लालच देकर फंसाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ितों के मुताबिक, कंपनी के प्रतिनिधि सोशल मीडिया के जरिए बड़े पैमाने पर प्रचार करते थे और निवेश पर भारी रिटर्न का भरोसा दिलाते थे। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये वसूले जाते थे। दिल्ली से आए विकास बंसल ने कहा कि इस घोटाले ने सैकड़ों परिवारों को बर्बाद कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगा दी, जबकि कुछ ने कर्ज लेकर निवेश किया। अब वे आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।  मुंबई के कारोबारी राजेश तलवानी ने भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने करीब 12 साल पहले 3 करोड़ रुपये निवेश किए थे, जो आज के हिसाब से लगभग 30 करोड़ रुपये के बराबर होते हैं। लेकिन उन्हें अब तक एक पैसा भी वापस नहीं मिला। जरूरत पड़ने पर पैसे मांगने पर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ितों ने मुख्य आरोपी काशिफ खान पर न सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी, बल्कि ड्रग्स और सेक्स रैकेट जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग और पुलिस के कुछ तत्व मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोपी का पासपोर्ट जब्त करने और उच्च स्तरीय जांच की भी मांग उठाई। प्रेस कांफ्रेंस में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और कारोबारी राज कुंद्रा के साथ जुड़ाव दिखाकर लोगों का भरोसा जीता। </p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ितों का कहना है कि बड़े नामों के इस्तेमाल से निवेशकों को आकर्षित किया गया, इसलिए इस एंगल की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए । पीड़ितों ने कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि उनके परिवार, भविष्य और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालने वाला मामला है। उन्होंने सरकार से दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय देने की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:18:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya News: पहले दवा और अब शैंपू, कठघरे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अयोध्या, </span>अमृत विचार : </strong>राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में पहले बिना बिल वाउचर के पहुंची दवाएं और अब लाखों के वाटरलेस शैंपू और बॉडी वॉश के डंप किए जाने का मामला सामने आने के बाद से हड़कंप मच गया है। खरीदे गए शैंपू और बॉडी वॉश का उपयोग नहीं होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी कटघरे में आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">सूत्रों के मुताबिक बेड सोर से पीड़ित मरीजों को साफ-सुथरा रखने और संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से वाटरलेस शैंपू और बॉडीवॉश मंगाए गए थे। अलग-अलग मरीजों पर इनके उपयोग के जरिए यह अध्ययन भी किया जाना था कि कौन-सा</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577926/ayodhya-news--first-medicine-and-now-shampoo--medical-college-administration-in-the-dock"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(24)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अयोध्या, </span>अमृत विचार : </strong>राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में पहले बिना बिल वाउचर के पहुंची दवाएं और अब लाखों के वाटरलेस शैंपू और बॉडी वॉश के डंप किए जाने का मामला सामने आने के बाद से हड़कंप मच गया है। खरीदे गए शैंपू और बॉडी वॉश का उपयोग नहीं होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी कटघरे में आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">सूत्रों के मुताबिक बेड सोर से पीड़ित मरीजों को साफ-सुथरा रखने और संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से वाटरलेस शैंपू और बॉडीवॉश मंगाए गए थे। अलग-अलग मरीजों पर इनके उपयोग के जरिए यह अध्ययन भी किया जाना था कि कौन-सा उत्पाद अधिक उपयुक्त है। खरीदारी तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा के समय हुई थी। इसके बाद इसका उपयोग भी किया गया। कई बार इंडेंट कराए जाने की बातें भी सामने आई हैं। मेडिकल और सर्जरी विभाग में इनका उपयोग किया गया, लेकिन कुछ दिन के बाद इस पर एक दम से विराम लगा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, आईसीयू में इसका उपयोग ही नहीं किया गया। </span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">बताया जाता है कि आईसीयू में वेंटिलेटर पर कई कई दिन तक मरीज भर्ती रहते हैं। इस शैंपू और बॉडीवॉश का उपयोग करते समय पानी का उपयोग कम और या फिर नहीं किया जाता। इसके मरीजों में इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। इसके बावजूद इसका उपयोग नहीं किया गया। इसे डंप रहने दिया गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मार्तोलिया ने बताया कि गोदाम में शैंपू और बॉडी वॉश रखे होने की जानकारी मिली है। इतनी बड़ी मात्रा में खरीद क्यों की गई, इसकी जांच कराई जाएगी। यह पूर्व प्राचार्य ने मंगाया था। मेडिकल कॉलेज में इतने महंगे उत्पादों की जरूरत नहीं थी। अभी लखनऊ में हूं। वापस पहुंचकर पूछताछ कराई जाएगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:36:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई का बड़ा एक्शन: 2.77 करोड़ के मुद्रा लोन घोटाले में बैंक मैनेजर-फील्ड अफसर के ठिकानों पर छापेमारी, 44 पर मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>सीबीआई ने बाराबंकी स्थित बैंक ऑफ इंडिया में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के नाम पर 2.77 करोड़ के घाटोले में सीबीआई सक्रिय हो गई। सीबीआई की टीमों ने तत्कालीन बैंक मैनेजर अमन वर्मा और फील्ड अफसर शैलेंद्र प्रताप के लखनऊ और मैनपुरी के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। वहां पर टीम ने आवश्यक दस्तावेज बरामद किए हैं।</p>
<p>मामला तीन वर्ष पुराना है। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में दस लाख तक बेरोजगारों को कारोबार शुरू करने के लिए ऋण देने की सुविधा है। इस मामले में बाराबंकी की बैंक ऑफ इंडिया की बरौली मलिक शाखा में मुद्रा लोन देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575800/cbi-takes-major-action--raid-on-premises-of-bank-manager-and-field-officer-in-rs-2-77-crore-mudra-loan-scam--44-booked"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(5)9.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>सीबीआई ने बाराबंकी स्थित बैंक ऑफ इंडिया में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के नाम पर 2.77 करोड़ के घाटोले में सीबीआई सक्रिय हो गई। सीबीआई की टीमों ने तत्कालीन बैंक मैनेजर अमन वर्मा और फील्ड अफसर शैलेंद्र प्रताप के लखनऊ और मैनपुरी के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। वहां पर टीम ने आवश्यक दस्तावेज बरामद किए हैं।</p>
<p>मामला तीन वर्ष पुराना है। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में दस लाख तक बेरोजगारों को कारोबार शुरू करने के लिए ऋण देने की सुविधा है। इस मामले में बाराबंकी की बैंक ऑफ इंडिया की बरौली मलिक शाखा में मुद्रा लोन देने के नाम पर 2.77 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। आरोप है कि 41 लोगों के नाम से खाते खोले गए। उसके बाद दलाल सुरेश रावत के जरिए फर्जी तौर पर खाते खोलकर उनके खातों में घोटाले की रकम को ट्रांसफर कर दिया गया। एक युवक सलमान के नाम से भी फर्जी तौर पर 9.10 लाख रुपये का मुद्रा लोन स्वीकृत किया गया।</p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">इस मामले में बैंक मैनेजर राजीव बच्चन ने पहले पुलिस में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद बैंक की ओर से मामला हाईकोर्ट जा पहुंचा। अदालत में सलमान ने भी अपने बयान दर्ज कराए गए। अदालत के आदेश पर बैंक मैनेजर, फील्ड अधिकारी व दलाल समेत 44 लोगों पर मुकदमा कायम करा दिया गया। उसके बाद सीबीआई सक्रिय हुई और छापेमारी शुरू कर दी। सूत्रों का दावा है कि छापे में सीबीआई को घोटाले के अहम साक्ष्य मिले हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575800/cbi-takes-major-action--raid-on-premises-of-bank-manager-and-field-officer-in-rs-2-77-crore-mudra-loan-scam--44-booked</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:42:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा के सोसाइटी एओए में करोड़ों का घोटाला, उप पंजीयक ने दिये फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा। </strong>उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट नंबर-आठ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। निवासियों की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए गाजियाबाद उप पंजीयक (फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स) ने सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 की धारा-24 के तहत विस्तृत जांच और फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश जारी कर दिए हैं। अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन द्वारा शनिवार को यह जानकारी दी गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया सोसाइटी निवासी शिकायतकर्ता राजपाल सिंह सहित 35 निवासियों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में एडवांस (कॉमन एरिया मेंटेनेंस) की वसूली को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्वतंत्र ऑडिट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572757/scam-wortnoida-s-societies-association--ao--faces-multi-crore-scam--deputy-registrar-orders-forensic-audith-crores-in-noidas-society-aoa-deputy-registrar-orders"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/घोटाला--(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा। </strong>उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 75 स्थित गोल्फ सिटी प्लॉट नंबर-आठ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। निवासियों की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए गाजियाबाद उप पंजीयक (फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स) ने सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 की धारा-24 के तहत विस्तृत जांच और फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश जारी कर दिए हैं। अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन द्वारा शनिवार को यह जानकारी दी गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया सोसाइटी निवासी शिकायतकर्ता राजपाल सिंह सहित 35 निवासियों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में एडवांस (कॉमन एरिया मेंटेनेंस) की वसूली को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्वतंत्र ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार बिल्डर से लगभग एक करोड़ नब्बे लाख की वसूली होनी चाहिए थी, जबकि अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने कथित तौर पर मात्र एक करोड़ पैंतीस लाख रुपये की रिकवरी पर सहमति दी। इससे सोसाइटी को करीब पचपन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि इसके लिए स्टांप पेपर 17 मई 2023 को खरीदा गया और एग्रीमेंट के सभी पन्नों पर बिल्डर प्रतिनिधि के हस्ताक्षर भी नहीं हैं।01 मार्च 2023 को किया गया एग्रीमेंट विवादों में है। चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म "अग्रवाल ध्रुव एंड कंपनी" ने वर्ष 2023-24 के खातों में विसंगतियां बताते हुए फॉरेंसिक ऑडिट की सिफारिश की थी, जिसे तत्कालीन अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने कथित रूप से नजरअंदाज कर दिया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उप पंजीयक कार्यालय ने प्रथम दृष्टया वित्तीय रिकॉर्ड में कमियां मानते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली की सीए फर्म "विनीत संदेश एंड एसोसिएट्स" को आधिकारिक जांच अधिकारी नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 से लेकर वर्तमान तक के सभी वित्तीय अभिलेख, बैंक खाते तथा चल-अचल संपत्तियां जांच के दायरे में होंगी। जांच अधिकारी को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अनियमितताएं सिद्ध होती हैं, तो संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता निवासियों का आरोप है कि पिछली कमेटियों ने जनरल बॉडी मीटिंग में ऑडिट रिपोर्ट पेश नहीं की और तथ्यों को छिपाया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने मांग की है कि बिल्डर से पूरी बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए और फंड के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप कितने सही हैं और सोसाइटी के वित्तीय प्रबंधन में वास्तव में कितनी अनियमितताएं हुई हैं। फिलहाल, फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश से सोसाइटी में हलचल तेज हो गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/572757/scam-wortnoida-s-societies-association--ao--faces-multi-crore-scam--deputy-registrar-orders-forensic-audith-crores-in-noidas-society-aoa-deputy-registrar-orders</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 21:45:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लैंड फॉर जॉब घोटाला : दिल्ली की अदालत ने लालू, राबड़ी के खिलाफ औपचारिक रूप से  तय किए आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी 'घोटाले' के सिलसिले में सोमवार को औपचारिक रूप से आरोप तय किए। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा, ''आरोपी संख्या 1 (लालू प्रसाद) और आरोपी संख्या 2 (राबड़ी देवी) के खिलाफ आरोप तय किये जाते हैं, हालांकि उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है और मुकदमे का सामना करने की बात कही है।''</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की आगे की कार्यवाही के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की गई है। न्यायाधीश ने 29 जनवरी को लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571794/land-for-jobs-scam--delhi-court-formally-frames-charges-against-lalu--rabri-devi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/624.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ जमीन के बदले नौकरी 'घोटाले' के सिलसिले में सोमवार को औपचारिक रूप से आरोप तय किए। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा, ''आरोपी संख्या 1 (लालू प्रसाद) और आरोपी संख्या 2 (राबड़ी देवी) के खिलाफ आरोप तय किये जाते हैं, हालांकि उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है और मुकदमे का सामना करने की बात कही है।''</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की आगे की कार्यवाही के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की गई है। न्यायाधीश ने 29 जनवरी को लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव तथा कुछ अन्य को औपचारिक रूप से आरोप तय किये जाने के लिए 1 से 28 फरवरी के बीच व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की छूट दी थी। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने नौ जनवरी को लालू प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किये जाने का आदेश दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं और 52 अन्य को आरोप मुक्त कर दिया है। सीबीआई के आरोप पत्र में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायाधीश ने 346 पन्नों के आदेश में कहा, ''अदालत गंभीर संदेह के आधार पर यह पाती है कि लालू प्रसाद के इशारे पर एक व्यापक आपराधिक साजिश रची गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के रूप में इस्तेमाल कर अपनी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव तथा बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और तेज प्रताप यादव के माध्यम से नौकरी के आकांक्षियों की अचल संपत्ति प्राप्त करना था।'' </p>
<p style="text-align:justify;">आदेश में सीबीआई के आरोप पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी, भोला यादव, आर. के. महाजन और पी. सी. गुप्ता ने संभवतः सह-षडयंत्रकारी के रूप में, पूर्व रेल मंत्री द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को देश के विभिन्न रेलवे जोन में 'ग्रुप डी' के पदों पर नौकरी देने के बदले में भूखंड हासिल करने में मदद की थी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 21:08:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी में वेतन निर्धारण में गड़बड़ी? छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप, जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में डॉक्टरों के वेतन निर्धारण और फर्नीचर, अन्य सामान की खरीद-फरोख्त में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। छात्रों से जमा कराई गई पांच हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी न लौटाने की शिकायत भी दर्ज हुई है। शासन ने मामले की गंभीरता देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों को संबद्ध करने के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी। वर्तमान में यूनिवर्सिटी से 279 नर्सिंग, 65 मेडिकल, 16 डेंटल और 47 पैरामेडिकल कॉलेज संबद्ध हैं। सत्र संचालन को पटरी पर लाने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568901/allegations-of-irregularities-in-salary-fixation-at-atal-medical-university--students-level-serious-accusations--inquiry-ordered"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(83)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में डॉक्टरों के वेतन निर्धारण और फर्नीचर, अन्य सामान की खरीद-फरोख्त में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। छात्रों से जमा कराई गई पांच हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी न लौटाने की शिकायत भी दर्ज हुई है। शासन ने मामले की गंभीरता देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों को संबद्ध करने के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी। वर्तमान में यूनिवर्सिटी से 279 नर्सिंग, 65 मेडिकल, 16 डेंटल और 47 पैरामेडिकल कॉलेज संबद्ध हैं। सत्र संचालन को पटरी पर लाने के प्रयास अभी तक नाकाफी रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">समाजसेवी राज मोहन सक्सेना ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि प्रतिनियुक्त डॉक्टरों के वेतन निर्धारण में भारी अनियमितता हुई है। पहले 2.50 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पाने वाले डॉक्टरों को अब यूनिवर्सिटी में 4.50 लाख रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गोमतीनगर निवासी राम अवतार वर्मा ने भी छात्रों से जमा सिक्योरिटी मनी वापस न करने और शैक्षिक दस्तावेज न लौटाने की शिकायत उपमुख्यमंत्री से की।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले को गंभीर मानते हुए नौ जनवरी को शासन में संयुक्त सचिव चंद्रशेखर मिश्र ने यूनिवर्सिटी के कुलसचिव को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568901/allegations-of-irregularities-in-salary-fixation-at-atal-medical-university--students-level-serious-accusations--inquiry-ordered</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 11:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोंडा के कोऑपरेटिव बैंक में 21.47 करोड़ का घोटाला, शाखा प्रबंधक समेत 16 लोगों पर FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा, अमृत विचार। </strong>गोंडा जिले के बड़गांव इलाके में संचालित उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोण्डा शाखा में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। बैंक की स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में इस गबन का खुलासा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">खुलासे के बाद बैंक के एजीएम की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने इस वित्तीय घोटाले की एफआईआर दर्ज कर ली है। स्पेशल ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, बैंक कर्मियों और खाताधारकों सहित कुल 16 लोगों को नामजद किया गया है। घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बाद हड़कंप मच गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567628/a-scam-of-rs-21-47-crore-has-been-uncovered-at-a-cooperative-bank-in-gonda--an-fir-has-been-registered-against-16-people--including-the-branch-manager"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/37.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोंडा, अमृत विचार। </strong>गोंडा जिले के बड़गांव इलाके में संचालित उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोण्डा शाखा में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। बैंक की स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में इस गबन का खुलासा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">खुलासे के बाद बैंक के एजीएम की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने इस वित्तीय घोटाले की एफआईआर दर्ज कर ली है। स्पेशल ऑडिट की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, बैंक कर्मियों और खाताधारकों सहित कुल 16 लोगों को नामजद किया गया है। घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गयी है। </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश को ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा के सहायक महाप्रबंधक भुवन चंद्र शती के मुताबिक बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक कर्मियों व बाहरी लोगों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाते हुए शाखा के पांच आंतरिक खातों से 46.13 लाख रुपये अनधिकृत रूप से निकाल लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा 205 खाताधारकों के ऋण व बचत खातों से 2101.65 लाख रुपये विभिन्न बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ट्रांसफर कर कुल 2147.78 लाख रुपये (21.47 करोड़) का गबन कर लिया। जांच में सामने आया है कि शाखा में ऋण स्वीकृति और वितरण के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड तथा बैंक की आंतरिक नीतियों के नियमों की खुली अनदेखी की गई। फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर ऋण बांटे गए और खाताधारकों की जमा धनराशि को सुनियोजित ढंग से दूसरे खातों में अंतरित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि घोटाले में शामिल लोगों ने अपने और परिजनों के खातों का उपयोग कर धनराशि हड़पी। ऋण की रकम से ही किश्तें जमा कर खातों को एनपीए घोषित होने से बचाया गया, ताकि मामला लंबे समय तक दबा रहे। एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, पद के दुरुपयोग और विश्वासघात जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। बैंक प्रबंधन का कहना है कि यह पूरा कृत्य बैंक के जमाकर्ताओं के हितों के विरुद्ध किया गया संगठित आर्थिक अपराध है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया की बैंक के  तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत कुल 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। पुलिस बैंक खातों, दस्तावेजों और धन के प्रवाह की गहन जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनके खिलाफ दर्ज करायी गई एफआईआर</p>
<p style="text-align:justify;">पवन कुमार पाल – तत्कालीन शाखा प्रबंधक<br />अजय कुमार – तत्कालीन शाखा प्रबंधक<br />सुशील कुमार गौतम – तत्कालीन प्रबंधक<br />पवन कुमार – तत्कालीन सहायक/कैशियर<br />सुमित्रा पाल – खाताधारक<br />संजना सिंह – खाताधारक<br />राज प्रताप सिंह – खाताधारक<br />जय प्रताप सिंह – खाताधारक<br />फूल मोहम्मद – खाताधारक<br />राघव राम – खाताधारक<br />शिवाकान्त वर्मा – खाताधारक<br />रितेन्द्र पाल सिंह – खाताधारक<br />गीता देवी वर्मा – खाताधारक<br />दुष्यन्त प्रताप सिंह – खाताधारक<br />मोहम्मद असलम – खाताधारक<br />प्रतीक कुमार सिंह – खाताधारक</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>खाताधारक के तरफ से भी प्रबंधक के खिलाफ दर्ज करायी गई एफआईआर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इसी मामले नें एक खाता धारक के तरफ से भी तत्कालीन शाखा प्रबंधक ते खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गयी है। खाता धारक शिवेन्द्र दूबे निवासी बहलोलपुर के अनुसार उन्होंने आवास निर्माण के लिए कोऑपरेटिव बैंक बड़गांव से 9 लाख रुपये का होम लोन लिया था और वह नियमित रूप से किस्तें जमा कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच बैंक जाने पर  ज्ञात हुआ कि उनके ऋण खाते में स्वीकृत राशि को अनधिकृत रूप से बढ़ाकर 31 लाख रुपये दर्शा दिया गया है। इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराने पर बैंक प्रबंधन ने पहले इसे त्रुटिवश होना बताया लेकिन बाद में बैंक के तत्कालीन प्रबंधक पवन पाल सिंह एवं उनके सहयोगियों ने उन्हें धमकाने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567628/a-scam-of-rs-21-47-crore-has-been-uncovered-at-a-cooperative-bank-in-gonda--an-fir-has-been-registered-against-16-people--including-the-branch-manager</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 20:37:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IRCTC ‘घोटाला’ मामला: लालू प्रसाद की याचिका पर सोमवार को होगी सुनवाई, आरोप तय होने को चुनौती देने पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव की उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने की संभावना है जिसमें उन्होंने कथित आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) घोटाला मामले में उनके और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव तथा 11 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए जाने संबंधी विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ने इस आदेश को हाल में चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।</p>
<p>अदालत के सूत्रों के अनुसार, यह मामला पांच जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566233/irctc--scam--case--lalu-prasad-s-petition-to-be-heard-on-monday--delhi-high-court-moves-to-challenge-framing-of-charges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(42)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव की उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने की संभावना है जिसमें उन्होंने कथित आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) घोटाला मामले में उनके और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव तथा 11 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए जाने संबंधी विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ने इस आदेश को हाल में चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।</p>
<p>अदालत के सूत्रों के अनुसार, यह मामला पांच जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। इससे पहले 13 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।</p>
<p>लालू यादव के अलावा, अदालत ने प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 13(2) ((धारा 13(1)(डी)(ii) एवं (iii) के साथ पढ़ा जाए) के तहत आरोप तय किए। धारा 13(2) लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के लिए दंड से संबंधित है, और धारा 13(1)(डी)(ii) और (iii) लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग कर लाभ प्राप्त करने से संबंधित है। अदालत ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 13:01:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET Scam: जालसाज ने बांटी थी 70 से अधिक डीपीएस स्कूलों की फ्रेंचाइजी, साझेदार की तलाश में दबिश दे रही पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[दो पुलिस टीमें कर रही स्कूलों से संपर्क, रुपये के विवाद में साझीदार से भी खराब हो गया था रिश्ता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561539/neet-scam--fraudster-distributed-franchises-of-over-70-dps-schools--police-raiding-to-find-partner"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(7)22.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>नीट में पास कराने के नाम करोड़ों की ठगी करने वाले जालसाज ने दिल्ली पब्लिक स्कूल जूनियर की 70 से अधिक फ्रेंचाइजी बांट दी थी। इसके नाम पर करोड़ों रुपये ठगे थे। इसमें उसका साझीदार मदद करता था, लेकिन रुपये के विवाद में दोनों के रिश्ते खराब हो गए। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक प्रेम प्रकाश के साझीदार की तलाश में टीमें लगी हैं। उसके पकड़े जाने पर कई और राज सामने आयेंगे।</p>
<p>डीसीपी क्राइम के मुताबिक अभिनव शर्मा उर्फ प्रेम प्रकाश विद्यार्थी नीट से परीक्षार्थियों को दाखिला दिलाने के साथ डीपीएस जूनियर की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर भी स्कूल मालिकों को फंसाता था। कई महीनों में अभिनव ने पार्टनर की मदद से 70 से ज्यादा स्कूलों को डीपीएस जूनियर की फ्रेंचाइजी बांट दी थी। एक फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 4-5 लाख रुपये वसूलता था। पूछताछ में अभिनव ने बताया कि साझीदार से उसका रुपये को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों के रिश्ते खराब हो गये। किन लोगों को स्कूल की फ्रेंचाइजी दी है, उनका नाम नहीं पता है। इसकी पूरी डिटेल साझीदार के पास है। साझीदार की तलाश में दो टीमों को लगाया गया है। उसके पकड़े जाने पर साफ होगा कि फ्रेंचाइजी किस आधार पर बांटते थे। साथ ही अभिनव के साथ काम करने वालों की तलाश में लगातार सर्विलांस टीम काम कर रही है और जो भी शिकायतें ठगी की आ रही हैं, उनकी भी विवेचना साथ में ही की जा रही है।</p>
<h3><em><strong>तीन खातों का खुलासा, जुटा रहे डिटेल</strong></em></h3>
<p>डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक अभिनव तीन लोगों के नाम पर खाते चलाता था। जिनमें वह ठगी की रकम मंगाता था। उन खातों की डिटेल बैंक से मांगी गई है। उससे यह पता चल सकेगा कि किन-किन स्कूलों से फ्रेंचाइजी की रकम उन खातों में आती थी। उस आधार पर स्कूलों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। यही नहीं खाता धाराकों के पते पर एक टीम लगाया गया है, अगर वह मिलते हैं, तो उनको दबोचा जाएगा। अभिनव ठगी से आने वाली रकम से क्रिप्टो करेंसी भी खरीदता था। फिर उन्हें बेचकर अलग-अलग तरह से खातों में मंगवाता था, जिससे उस रकम से संपत्ति या जेवरात खरीद सके। संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए बिहार व अन्य जिलों से संपर्क किया गया है।</p>
<p><strong>इस तरह करता था ठगी</strong></p>
<p>वर्ष 2025 के मई से जून महीने के बीच गिरोह सक्रिय हुआ था। उसने स्टडीपाथ-वे के नाम से विभूतिखंड स्थित निजी परिसर में आफिस खोला था। इसके बाद जालसाजों ने नीट परीक्षा में कम नंबर लाने वाले बच्चों का डेटा निकाला, फिर उनसे संपर्क कर मेडिकल कालेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर फंसाया। साथ ही परीक्षा पास करवाने के नाम पर वेबसाइट बनाकर भी लोगों को फंसाया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 11:09:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमृत विचार की खबर का असर: संस्कृति विभाग में वाद्ययंत्रों की खरीद में 25 लाख की गड़बड़ी... शासन ने घटाई आवंटित धनराशि, जांच के बाद पुराने आदेश रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>संस्कृति विभाग से चयनित ग्राम पंचायतों के लिए 825 वाद्ययंत्र सेटों की खरीद में गड़बड़ी की जांच के बाद शासन ने पहले स्वीकृत लगभग तीन करोड़ रुपये की धनराशि में कटौती करते हुए नया आदेश जारी किया है। 2,95,11,100 रुपये की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति को रद्द करते वास्तविक व्यय के आधार पर 2,70,73,002 रुपये की स्वीकृति दी गई है।</p>
<p>दैनिक अमृत विचार ने सबसे पहले इस गड़बड़ी को 4 अप्रैल, 2025 को उजागर किया था। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मामले की जांच का आदेश दिया। प्राथमिक जांच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558865/impact-of-amrit-vichar-s-news--25-lakh-rupees-worth-of-irregularities-in-the-purchase-of-musical-instruments-in-the-culture-department----the-government-reduced-the-allocated-amount--and-after-investigation--the-old-order-was-canceled"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(10)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>संस्कृति विभाग से चयनित ग्राम पंचायतों के लिए 825 वाद्ययंत्र सेटों की खरीद में गड़बड़ी की जांच के बाद शासन ने पहले स्वीकृत लगभग तीन करोड़ रुपये की धनराशि में कटौती करते हुए नया आदेश जारी किया है। 2,95,11,100 रुपये की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति को रद्द करते वास्तविक व्यय के आधार पर 2,70,73,002 रुपये की स्वीकृति दी गई है।</p>
<p>दैनिक अमृत विचार ने सबसे पहले इस गड़बड़ी को 4 अप्रैल, 2025 को उजागर किया था। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मामले की जांच का आदेश दिया। प्राथमिक जांच में सहायक निदेशक डॉ. राजेश अहिरवार और वैयक्तिक सहायक कुलदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही, शासन ने किट के वितरण और भुगतान पर रोक लगा दी थी। अब नए शासनादेश के बाद सामने आया है कि करीब 25 लाख रुपये हड़पने की तैयारी थी।</p>
<p>नए शासनादेश में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 में चयनित ग्राम पंचायतों के लिए 825 वाद्ययंत्र सेट क्रय किए गए थे। इसके लिए शासनादेश संख्या 385/2024 दिनांक 27 नवंबर 2024 के तहत 2,95,11,100 रुपये की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। मगर खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच शुरू होने से भुगतान रोक दिया गया था। अब जांच पूर्ण होने के बाद संस्कृति अनुभाग द्वारा जारी नवीन शासनादेश संख्या 323/2025 में पुराने आदेश को निरस्त करते हुए वास्तविक व्यय के आधार पर 2,70,73,002 रुपये की स्वीकृति दी गई है।</p>
<p>संस्कृति विभाग की संयुक्त सचिव उमा द्विवेदी की ओर से जारी शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल वाद्ययंत्र खरीद के लिए ही किया जाएगा और किसी अन्य मद में खर्च नहीं किया जा सकेगा। साथ ही वित्तीय नियमों और नीतिगत दिशा-निर्देशों के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3><strong>12 हजार की किट 32,800 में खरीदने का था आरोप</strong></h3>
<p>लोक कल्याण वाद्य यंत्र योजना के तहत लोक कलाकारों को पांच वाद्ययंत्रों- हारमोनियम, तबला, घुंघरू, मजीरा और ढोलक की किट दी जानी थी। पिछले दिनों प्रदेश सरकार के आठ वर्ष पूर्ण होने पर 825 किट की खरीद और वितरण के निर्देश दिए गए थे। शिकायत के बाद पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के आदेश पर हुई जांच में सामने आया कि संस्कृति विभाग ने सहायक निदेशक की अध्यक्षता में एक क्रय समिति गठित की थी, जिसने बाजार मूल्य से लगभग तीन गुना अधिक दर पर खरीद की संस्तुति दी। औसतन 12 हजार की किट कुछ जगह 32,800 में खरीदी गईं, जिससे लगभग 25 लाख की गड़बड़ी उजागर हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 10:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयुष्मान के पोर्टल में सेंधमारी, 300 फर्जी कार्ड बनाने के मामले में सांचीज के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>आयुष्मान भारत योजना के पोर्टल में सेंधमारी कर 300 फर्जी कार्ड बनाए जाने का मामला सामने आया है। इन कार्डों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लाभ जालसाजों ने उठा लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो सांचीज (स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस एंड प्रबंधन) के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। </p>
<p>पुलिस के मुताबिक विभागीय मिलीभगत के बिना पोर्टल में सेंधमारी संभव नहीं है। आधार कार्ड और मोबाइल नंबरों की जानकारी भी कर्मचारियों की मदद से ही जालसाजों तक पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558525/sanchi-s-officials-and-employees-are-suspected-of-hacking-the-ayushman-portal-and-creating-300-fake-cards"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(60).png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>आयुष्मान भारत योजना के पोर्टल में सेंधमारी कर 300 फर्जी कार्ड बनाए जाने का मामला सामने आया है। इन कार्डों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लाभ जालसाजों ने उठा लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो सांचीज (स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस एंड प्रबंधन) के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। </p>
<p>पुलिस के मुताबिक विभागीय मिलीभगत के बिना पोर्टल में सेंधमारी संभव नहीं है। आधार कार्ड और मोबाइल नंबरों की जानकारी भी कर्मचारियों की मदद से ही जालसाजों तक पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ माह पूर्व सांचीज के कई अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए थे, जिनसे भी पुलिस पूछताछ करेगी।</p>
<p>सांचीज द्वारा बीते छह माह में हजरतगंज थाने में दो रिपोर्टें दर्ज कराई गई हैं। मगर एफआईआर दर्ज कराने के बाद अधिकारी जांच से संबंधित दस्तावेज पुलिस को देने में सहयोग नहीं करते। पूर्व में दर्ज मामले में भी ऐसा ही हुआ था। आयुष्मान योजना से जुड़ी सांचीज के तीन अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर जालसाजों ने करीब 10 करोड़ रुपये का गबन किया था। नोडल अधिकारी डॉ. बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने छह जून को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ महीनों बाद वह सेवानिवृत्त हो गए। पुलिस के अनुसार उस मामले में भी कई अहम दस्तावेज नहीं सौंपे गए थे।</p>
<p>हजरतगंज पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सांचीज के लेखाधिकारी, मैनेजर और सीईओ की आईडी का उपयोग कर 22 रातों में 39 अस्पतालों को 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। एडीसीपी पूर्वी जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि जांच टीम गठित कर दी गई है और सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। जल्द ही संबंधित कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 11:50:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत: आढ़त का लाइसेंस निलंबित, 10 करोड़ से अधिक गोलमाल का शोर, अन्य आढ़ती भी हुए शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> मंडी समिति के एक आढ़ती के किसानों से ली गई फसल का दाम चुकाए बिना परिवार समेत फरार होने के मामले में डीएम से हुई शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।  आढ़त का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जिन दो राइस मिलर्स के पास सीधे धान व गेहूं पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं, उन्हें बुलाकर भी अधिकारियों ने सवाल जवाब किए। यह भी सामने आ रहा है कि आरोपी ने कई आढ़तियों को भी चूना लगा दिया। ठगी गई रकम की कोई पुष्ट लागत तो अभी साफ नहीं हो सकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557902/pilibhit-commission-agents-license-suspended-noise-of-more-than-rs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/884.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> मंडी समिति के एक आढ़ती के किसानों से ली गई फसल का दाम चुकाए बिना परिवार समेत फरार होने के मामले में डीएम से हुई शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।  आढ़त का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जिन दो राइस मिलर्स के पास सीधे धान व गेहूं पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं, उन्हें बुलाकर भी अधिकारियों ने सवाल जवाब किए। यह भी सामने आ रहा है कि आरोपी ने कई आढ़तियों को भी चूना लगा दिया। ठगी गई रकम की कोई पुष्ट लागत तो अभी साफ नहीं हो सकी है लेकिन शोर दस करोड़ से अधिक का चल रहा है। फिलहाल माना जा रहा है कि जल्द ही एफआईआर कराई जाएगी।</p>
<p>बता दें कि भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेताओं संग पहुंचे किसानों ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से शिकायत की थी। जिसमें मंडी समिति पीलीभीत के आढ़ती प्रियांशु अग्रवाल के परिवार समेत भागने का आरोप लगाते हुए  बताया कि आरोपी ने किसानों से धान एवं गेहूं की खरीद की थी। जिसमें पंद्रह दिन बाद रुपये देने का वायदा करके टालमटोल करता रहा। फिर दिवाली के बाद परिवार समेत भाग गया है।  ये भी आरोप लगाए गए थे कि बीसलपुर रोड पर स्थित दो राइस मिल में सीधे धान पहुंचवाया गया था। जिसकी जांच कराई जाए। डीएम से हुई शिकायत के बाद प्रकरण में जांच पड़ताल की जा  रही है। मंडी समिति पीलीभीत के सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी की ओर से संबंधित आढ़त का लाइसेंस निलंबित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके लिए पत्रावली तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गईऔर देर शाम लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं, संबंधित दोनों राइस मिलर को भी बुलाकर उनसे भी सवाल जवाब कर मामले की जानकारी की। इस दौरान डिप्टी आरएमओ वीके शुक्ला भी मंडी समिति में मौजूद रहे।</p>
<p>इधर, आरोपी के भागने के बाद हर तरफ ठगी की रकम को लेकर शोर मचा हुआ है। बताते हैं कि कई आढ़तियों की रकम भी आरोपी हड़प कर ले गया है। चर्चा है कि दस करोड़ से अधिक की रकम की धोखाधड़ी की गई है। जिसमें आढ़तियों की भी काफी रकम है। मंडी समिति का शुल्क भी जमा नहीं किया गया। आसपास के आढ़तियों ने बताया कि दिवाली तक वह आढ़त पर खरीद करता भी देखा गया था। इसके बाद उसके मुंशी आदि अन्य कर्मचारियों ने किसानों से धान लिया। मंडी सचिव का कहना है कि आढ़त का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। दोनों राइस मिलर्स को बुलाकर उनसे जानकारी की गई थी।  इधर, खाद्यान्न आढ़ती कल्याण समिति के अध्यक्ष रवि गंगवार का कहना है कि संबंधित प्रकरण को लेकर  गुरुवार को प्रेसवार्ता की जाएगी।</p>
<p><strong>हमारा कोई रोल नहीं..हमने आढ़ती को कर दिया था भुगतान</strong><br />इस मामले में दो राइस मिलर्स का नाम भी शिकायत में दिया गया था। हालांकि उनका कहना है कि उनके स्तर से किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई। उनके द्वारा किसान से फसल नहीं ली गई थी। ये भी गलत है कि किसान का धान सीधे राइस मिल पर पहुंचाया गया। आढ़त से ही नियमानुसार धान लिया गया था, जिसका भुगतान भी आढ़ती को कर दिया गया था। अब उनको शिकायत पत्र में क्यों शामिल कर दिया गया। जबकि किसान से उनका कोई सीधा लेनदेन था ही नहीं।</p>
<p><strong>एक रिश्तेदार तीन साल पहले कर चुका धोखाधड़ी</strong><br />किसानों की फसल का दाम चुकाए बिना धोखाधड़ी कर भागे आढ़ती का एक रिश्तेदार भी इसी तरह से पूर्व में धोखाधड़ी कर चुका है। उसने भी ऐसे ही किसानों और व्यापारियों से बड़ी धोखाधड़ी की थी। उसी भी मंडी समिति में ही आढ़त थी। ये वाक्या तीन से चार साल पुराना बताया जा रहा है। इसकी भी चर्चा मंडी समिति में होती रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 20:03:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
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