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                <title>SEBI - Amrit Vichar</title>
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                <description>SEBI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सेबी की चेतावनी : बॉन्ड में निवेश को लेकर रहें सावधान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>जापान के बॉन्ड मार्केट में जारी उथल-पुथल के बीच बाज़ार नियामक सेबी ने निवेशकों को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है। बॉन्ड में बढ़ती दिलचस्पी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के तेज़ विस्तार के बीच, बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को अनरजिस्टर्ड ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स से सावधान रहने की सलाह दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक विशेषज्ञ राजीव सिंह का कहना है कि  प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शहर के निवेशकों का बॉन्ड में क़रीब 5,000 करोड़ रूपये के निवेश होने का अनुमान है। बैंक एफडी के मुकाबले बेहतर ब्याज दरों के कारण आकर्षित होते हैं निवेशक।</p>
<p style="text-align:justify;">बॉन्ड मार्केट में पिछले कई वर्षों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560588/sebi-warns--be-cautious-while-investing-in-bonds"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/.3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>जापान के बॉन्ड मार्केट में जारी उथल-पुथल के बीच बाज़ार नियामक सेबी ने निवेशकों को सतर्क करते हुए चेतावनी जारी की है। बॉन्ड में बढ़ती दिलचस्पी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के तेज़ विस्तार के बीच, बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को अनरजिस्टर्ड ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स से सावधान रहने की सलाह दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक विशेषज्ञ राजीव सिंह का कहना है कि  प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शहर के निवेशकों का बॉन्ड में क़रीब 5,000 करोड़ रूपये के निवेश होने का अनुमान है। बैंक एफडी के मुकाबले बेहतर ब्याज दरों के कारण आकर्षित होते हैं निवेशक।</p>
<p style="text-align:justify;">बॉन्ड मार्केट में पिछले कई वर्षों में कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, नोएडा गाज़ियाबाद, प्रयागराज, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर,  बरेली, झाँसी, मुरादाबाद, अलीगढ़ में रिटेल निवेश तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसी के साथ ग़ैर-पंजीकृत  प्लेटफॉर्म्स की संख्या भी बढ़ रही है, जो निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम बनते जा रहे हैं। <br />क्या होता है बांड ? </p>
<p style="text-align:justify;">बॉन्ड एक तरह का ऋण या कर्ज होता है, जिसमें जारीकर्ता (सरकार या कंपनी) निवेशकों से एक निश्चित अवधि के लिए पैसा उधार लेती है। निवेशकों को इसके बदले में एक निश्चित ब्याज दर (कूपन) और परिपक्वता तिथि पर रकम वापस मिलता है। यह शेयर और म्यूच्यूअल फण्ड के विपरीत एक सुरक्षित निवेश माना जाता है क्योंकि यह एक निश्चित आय प्रदान करता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारत में बांड बाजार कितना बड़ा है?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">भारत का बॉन्ड मार्केट, जिसमें सरकारी सिक्योरिटीज़, स्टेट डेवलपमेंट लोन और कॉर्पोरेट बॉन्ड शामिल हैं, दिसंबर 2024 तक लगभग ₹226.3 ट्रिलियन था। मौजूदा समय में यह आंकड़ा करीब 250 लाख करोड़ का हो सकता है।भारत का बॉन्ड बाज़ार 10 वर्षों में 25% CAGR की दर से बढ़ा है। निजी क्षेत्र के बॉन्ड जारी करने में भी तेज़ी आई है। </p>
<p style="text-align:justify;">बाज़ार नियामक सेबी ने निवेशकों को सतर्क करते हुए उन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ चेतावनी जारी की है, जो बिना पंजीकरण के बॉन्ड ट्रेडिंग सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। सर्कुलर में कहा गया है कि कई फिनटेक कंपनियाँ और कुछ स्टॉक ब्रोकर ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफ़ॉर्म प्रदाता  की तरह काम कर रहे हैं, जबकि इनके पास स्टॉक एक्सचेंज से अनिवार्य पंजीकरण नहीं है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नियमन से बाहर प्लेटफॉर्म, बढ़ सकता है निवेशकों का जोखिम</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सर्कुलर में बताया गया है कि ऐसे अनरजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म किसी भी नियामक निगरानी में नहीं आते, न ही इनके पास निवेशक सुरक्षा या शिकायत निवारण का कोई तंत्र मौजूद है। इससे निवेशकों के धन पर जोखिम बढ़ जाता है और विवाद की स्थिति में उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कानूनों के उल्लंघन की आशंका</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सेबी ने यह भी कहा है कि इन प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियाँ कंपनीज़ ऐक्ट 2013, SEBI ऐक्ट 1992 और संबंधित विनियमों का उल्लंघन कर सकती हैं। नियामक इससे पहले 18 नवंबर 2024 को कुछ संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश भी जारी कर चुका है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सिर्फ पंजीकृत ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफ़ॉर्म प्रदाता से ही लेनदेन करें: सेबी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">NSE पर 28 वहीं BSE पर 33 कंपनियां के ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफ़ॉर्म प्रदाता रूप में रजिस्टर्ड हैं। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्लेटफॉर्म पर बॉन्ड निवेश करने से पहले उसकी पंजीकरण स्थिति की पुष्टि करें और सिर्फ SEBI-रजिस्टर्ड ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफ़ॉर्म प्रदाता (OBPP) पर ही लेनदेन करें। इसके लिए सेबी ने अपने सर्कुलर में तीन लिंक भी साझा किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/SEBI%20website:%20https:/www.sebi.gov.in/online-bond-platform-providers.html">SEBI website: https://www.sebi.gov.in/online-bond-platform-providers.html </a><br /><a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/NSE%20website:%20https:/www.nseindia.com/trade/members-compliance">NSE website: https://www.nseindia.com/trade/members-compliance</a> <br /><a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/BSE%20website:%20https:/www.bseindia.com/downloads1/OBP_MEMBER_LIST.zip%E2%80%9D">BSE website: https://www.bseindia.com/downloads1/OBP_MEMBER_LIST.zip”</a></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मार्केट प्रतिभागियों को भी चेतावनी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सर्कुलर में बाजार के सभी प्रतिभागियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि OBPP जैसी कोई भी सेवा शुरू करने से पहले वे लागू नियमों का पूर्ण अनुपालन करें, अन्यथा कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्यों चर्चा में आए ये प्लेटफॉर्म?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में भारत में बॉन्ड बाजार में रिटेल भागीदारी बढ़ी है, और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स ने इसे आसान बनाने के नाम पर बड़ी संख्या में ऐप और वेबसाइट लॉन्च की हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">•    कंपनियाँ कम लागत पर बॉन्ड बेचने का दावा करती हैं।<br />•    WhatsApp/Telegram/YouTube के जरिए प्रचार बढ़ा है।<br />•    “Bank FD से ज़्यादा रिटर्न” जैसे आकर्षक संदेश देकर निवेशकों को लुभाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बढ़ती लोकप्रियता के बीच अनरजिस्टर्ड संस्थाओं की संख्या भी बढ़ी, जिससे निवेशक जोखिम अधिक गहरा हुआ। बॉन्ड बाजार में डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफ़ॉर्म प्रदाता की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, लेकिन सेबी की यह सख्ती निवेशकों की सुरक्षा और बाजार की पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफ़ॉर्म प्रदाता चुनते समय SEBI पंजीकरण की जांच करना अब अनिवार्य होना चाहिए यह वैसा ही है जैसे बैंकिंग में RBI लाइसेंस की पुष्टि। बॉन्ड निवेश पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रिय हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 20:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी को संपत्तियां बेचने के लिए सहारा की याचिका पर केंद्र और सेबी से जवाब मांगा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की उस याचिका पर केंद्र, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और अन्य हितधारकों से जवाब मांगा, जिसमें कंपनी ने अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को अपनी 88 प्रमुख संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी है। </p>
<p>मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की एक विशेष पीठ ने सहारा समूह के धन अदायगी दायित्वों से संबंधित लंबे समय से चल रहे मामलों में सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईसीसीएल) के अंतरिम आवेदन (आईए) पर सुनवाई की। </p>
<p>सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556173/supreme-court-seeks-response-from-centre-and-sebi-on-sahara-s-plea-to-sell-assets-to-adani"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/सुप्रीम-कोर्ट1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड की उस याचिका पर केंद्र, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और अन्य हितधारकों से जवाब मांगा, जिसमें कंपनी ने अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को अपनी 88 प्रमुख संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी है। </p>
<p>मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की एक विशेष पीठ ने सहारा समूह के धन अदायगी दायित्वों से संबंधित लंबे समय से चल रहे मामलों में सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईसीसीएल) के अंतरिम आवेदन (आईए) पर सुनवाई की। </p>
<p>सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर करते हुए पीठ ने आदेश दिया कि केंद्रीय वित्त और सहकारिता मंत्रालयों को वर्तमान कार्यवाही में पक्ष बनाया जाए और 17 नवंबर तक याचिका पर उनका जवाब मांगा। पीठ ने न्यायमित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफड़े से सहारा फर्म के अदाणी समूह की कंपनी को बेची जाने वाली प्रस्तावित 88 संपत्तियों का विवरण तैयार करने को कहा। </p>
<p>पीठ ने न्यायमित्र से इन संपत्तियों के संबंध में अन्य हितधारकों के जवाबों पर भी गौर करने और उनकी प्रकृति के बारे में पता लगाने को कहा, जिसमें यह भी शामिल है कि संपत्तियां बेदाग हैं या विवादित। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि याचिका पर विचार करने से पहले केंद्र सरकार का पक्ष सुनना उचित होगा।</p>
<p>पीठ ने आदेश दिया, ‘‘हम आवेदक को वित्त मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हैं... आवेदन में ऐसी संपत्तियां भी शामिल हैं, जिनके अधिकार अभी कुछ पक्षों के बीच स्पष्ट नहीं हुए हैं।’’</p>
<p>पीठ ने सहारा समूह को उन कर्मचारियों के दावों की भी जांच करने का निर्देश दिया, जिन्हें कई वर्षों से वेतन नहीं मिला है। पीठ ने सहारा कंपनी की याचिका पर विचार के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 16:17:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Hindenburg Case:  SEBI ने हिंडनबर्ग के आरोपों से अडानी समूह और गौतम अडानी को किया बरी, कहा- सारे आरोप निराधार  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को अडानी समूह और उसके चेयरमैन गौतम अडानी पर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से बरी कर दिया। अमेरिकी कंपनी ने संबंधित पक्ष लेनदेन को छिपाने के लिए तीन इकाइयों के माध्यम से धन की हेराफेरी का आरोप लगाया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बार्ड (सेबी) ने दो अलग-अलग आदेशों में कहा कि नियामक ने मामले में कोई उल्लंघन नहीं पाया। </p>
<p>उसने कहा कि यह देखते हुए कि उस समय असंबंधित पक्षों के साथ इस तरह के लेन-देन संबंधित पक्ष सौदे के रूप में पात्र नहीं थे। इसका कारण 2021 के संशोधन के बाद ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553696/hindenburg-case--sebi-acquits-adana-group-and-gautam-adani-of-hindenburg-s-allegations--saying-all-the-allegations-are-baseless"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/अडानी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> बाजार नियामक सेबी ने बृहस्पतिवार को अडानी समूह और उसके चेयरमैन गौतम अडानी पर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से बरी कर दिया। अमेरिकी कंपनी ने संबंधित पक्ष लेनदेन को छिपाने के लिए तीन इकाइयों के माध्यम से धन की हेराफेरी का आरोप लगाया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बार्ड (सेबी) ने दो अलग-अलग आदेशों में कहा कि नियामक ने मामले में कोई उल्लंघन नहीं पाया। </p>
<p>उसने कहा कि यह देखते हुए कि उस समय असंबंधित पक्षों के साथ इस तरह के लेन-देन संबंधित पक्ष सौदे के रूप में पात्र नहीं थे। इसका कारण 2021 के संशोधन के बाद ही परिभाषा का विस्तार किया गया था। सेबी ने कहा कि कर्ज ब्याज सहित चुकाए गए थे, कोई धनराशि नहीं निकाली गई थी और इसलिए कोई धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं हुआ था। </p>
<p>इसको देखते हुए, अडानी समूह के खिलाफ सभी कार्यवाही रद्द कर दी गई है। हिंडनबर्ग ने जनवरी, 2023 में आरोप लगाया था कि अडानी समूह ने तीन कंपनियों... एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रेहवर इन्फ्रास्ट्रक्चर... का इस्तेमाल अडानी की कंपनियों के बीच पैसा भेजने के लिए माध्यम के रूप में किया। यह दावा किया गया था कि इससे अदाणी को संबंधित पक्ष लेनदेन के नियमों से बचने में मदद मिली, जिससे संभवतः निवेशकों को गुमराह किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 19:08:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Innovatiview India, Park Medi World सहित पांच कंपनियों को IPO लाने की सेबी से मिली मंजूरी, जानें पूरी Details</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> इनोवेटिवव्यू इंडिया और पार्क मेडी वर्ल्ड सहित पांच कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये धन जुटाने के लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है। बुधवार को बाजार नियामक ने यह जानकारी दी। </p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से दी जानकारी के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनी रनवाल एंटरप्राइजेज, निर्माण मशीन निर्यातक जिनकुशल इंडस्ट्रीज और कृषि रसायन कंपनी एडवांस एग्रोलाइफ को भी सार्वजनिक निर्गम लाने के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है। इन पांच कंपनियों ने फरवरी और अप्रैल के बीच सेबी के समक्ष आईपीओ लाने के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550629/five-companies-including-innovatiview-india--park-medi-world-got-approval-from-sebi-to-bring-ipo--know-full-details"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(47)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> इनोवेटिवव्यू इंडिया और पार्क मेडी वर्ल्ड सहित पांच कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये धन जुटाने के लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है। बुधवार को बाजार नियामक ने यह जानकारी दी। </p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से दी जानकारी के अनुसार, रियल एस्टेट कंपनी रनवाल एंटरप्राइजेज, निर्माण मशीन निर्यातक जिनकुशल इंडस्ट्रीज और कृषि रसायन कंपनी एडवांस एग्रोलाइफ को भी सार्वजनिक निर्गम लाने के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है। इन पांच कंपनियों ने फरवरी और अप्रैल के बीच सेबी के समक्ष आईपीओ लाने के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे। इस सप्ताह उन्हें इसके लिए अनुमति मिल गई। </p>
<p>आईपीओ दस्तावेज (डीआरएचपी) के अनुसार, सुरक्षा एवं निगरानी समाधान प्रदाता इनोवेटिव्यू इंडिया का सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह से प्रवर्तकों द्वारा 2,000 करोड़ रुपये तक के शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। </p>
<p>पार्क ब्रांड के तहत अस्पताल श्रृंखला का संचालन करने वाली पार्क मेडी वर्ल्ड अपने आईपीओ के जरिये 1,260 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 900 करोड़ रुपये के नए शेयर और 300 करोड़ रुपये के शेयर की बिक्री पेशकश शामिल है। रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी रनवाल एंटरप्राइजेज का पहला सार्वजनिक निर्गम 1,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर का नया निर्गम है, जिसमें कोई बिक्री पेशकश घटक नहीं है। </p>
<p>दस्तावेजों के अनुसार, निर्माण एवं खनन मशीनों के निर्यात व्यापार में लगी जिनकुशल इंडस्ट्रीज का आईपीओ 86.5 लाख शेयर के नए निर्गम और 10 लाख शेयर की बिक्री पेशकश का संयोजन है। वहीं जयपुर स्थित कृषि-रसायन उत्पाद बनाने वाली एडवांस एग्रोलाइफ लिमिटेड का आईपीओ पूर्णतः 1.92 करोड़ के नए शेयर पर आधारित होगा जिसमें कोई बिक्री पेशकया घटक नहीं है। </p>
<p>यह भी पढ़ेंः </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/550629/five-companies-including-innovatiview-india--park-medi-world-got-approval-from-sebi-to-bring-ipo--know-full-details</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 16:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने जारी किया समन, जानें क्या है पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को समन भेजा है। एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने उन्हें 5 अगस्त को दिल्ली में अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।</p>
<p>पिछले सप्ताह, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रिलायंस ग्रुप से जुड़े दिल्ली और मुंबई सहित लगभग 35 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए।</p>
<h4><strong>जांच एजेंसी का क्या</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548333/anil-ambani-s-troubles-increased--ed-issued-summons--know-what-is-the-whole-matter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(7).png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को समन भेजा है। एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने उन्हें 5 अगस्त को दिल्ली में अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।</p>
<p>पिछले सप्ताह, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रिलायंस ग्रुप से जुड़े दिल्ली और मुंबई सहित लगभग 35 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए।</p>
<h4><strong>जांच एजेंसी का क्या कहना है?</strong></h4>
<p>इससे पहले, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कथित रूप से 10,000 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट ईडी और अन्य दो केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी थी। आरोप है कि ऋण की राशि को अन्य कंपनियों में स्थानांतरित किया गया और इसका उपयोग उन उद्देश्यों के लिए किया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है।</p>
<p>केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि रिलायंस ग्रुप की कई कंपनियों ने यस बैंक से बिना पर्याप्त गारंटी के बड़े ऋण लिए और इन फंड्स को शेल कंपनियों के माध्यम से अन्य कार्यों में उपयोग किया गया। इस मामले में सीबीआई ने पहले दो प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की थीं, जिसके आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की।</p>
<h4><strong>रिलायंस पावर का पक्ष</strong></h4>
<p>बैंक ऋण धोखाधड़ी के आरोपों के जवाब में रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने स्पष्ट किया कि उनका रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) या आरएचएफएल के साथ कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अनिल अंबानी इन कंपनियों के बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अनिल अंबानी और आरकॉम को धोखाधड़ी घोषित किया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/548330/new-rules--from-upi-to-lpg-cylinder-prices--know-what-all-has-changed-from-today">New Rules: UPI से लेकर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों तक, जानें आज से क्या-क्या बदला? </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 09:12:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमागी मीडिया लैब्स ने सेबी के पास आईपीओ दस्तावेज किए दाखिल, फ्रेशइश्यू के जरिए ₹1,020 करोड़ जुटाने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>क्लाउड-आधारित ‘सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस’ (SaaS) समाधान प्रदान करने वाली कंपनी अमागी मीडिया लैब्स, जो प्रसारण और वीडियो सामग्री के लिए सेवाएं देती है, ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए दस्तावेज जमा किए हैं, ताकि धन एकत्र किया जा सके।</p>
<p>शुक्रवार को प्रस्तुत प्रारंभिक दस्तावेजों के अनुसार, बेंगलुरु में मुख्यालय वाली इस कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में 1,020 करोड़ रुपये के नए शेयर शामिल हैं, साथ ही मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 3.41 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) भी होगी। OFS के अंतर्गत, निवेशक जैसे पीआई ऑपर्च्युनिटीज फंड-1, पीआई ऑपर्च्युनिटीज फंड-2, नॉरवेस्ट वेंचर पार्टनर्स-10 (मॉरीशस),</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547666/amagi-media-labs-files-ipo-papers-with-sebi--hopes-to-raise-%E2%82%B91-020-crore-through-fresh-issue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(76)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>क्लाउड-आधारित ‘सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस’ (SaaS) समाधान प्रदान करने वाली कंपनी अमागी मीडिया लैब्स, जो प्रसारण और वीडियो सामग्री के लिए सेवाएं देती है, ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए दस्तावेज जमा किए हैं, ताकि धन एकत्र किया जा सके।</p>
<p>शुक्रवार को प्रस्तुत प्रारंभिक दस्तावेजों के अनुसार, बेंगलुरु में मुख्यालय वाली इस कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ में 1,020 करोड़ रुपये के नए शेयर शामिल हैं, साथ ही मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 3.41 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) भी होगी। OFS के अंतर्गत, निवेशक जैसे पीआई ऑपर्च्युनिटीज फंड-1, पीआई ऑपर्च्युनिटीज फंड-2, नॉरवेस्ट वेंचर पार्टनर्स-10 (मॉरीशस), एक्सेल इंडिया-6 (मॉरीशस) लिमिटेड, एक्सेल ग्रोथ-6 होल्डिंग्स (मॉरीशस) लिमिटेड, ट्रुडी होल्डिंग्स, एवीपी-1 फंड, और कुछ व्यक्तिगत शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे।</p>
<p>अमागी पूर्व-नियोजित प्लेसमेंट के माध्यम से 204 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर सकती है। यदि यह प्लेसमेंट होता है, तो नए शेयरों के निर्गम का आकार कम किया जा सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/547658/ib-jobs-2025--recruitment-for-4987-posts-in-intelligence-bureau--10th-pass-candidates-can-apply">IB Jobs 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में 4987 पदों पर निकली भर्तियां, 10वीं पास अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/547666/amagi-media-labs-files-ipo-papers-with-sebi--hopes-to-raise-%E2%82%B91-020-crore-through-fresh-issue</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/547666/amagi-media-labs-files-ipo-papers-with-sebi--hopes-to-raise-%E2%82%B91-020-crore-through-fresh-issue</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 16:28:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेबी का बड़ा एक्शन: इस अमेरिकी ‘ट्रेडिंग’ कंपनी को किया बैन, 4,843 करोड़ की वसूली का आदेश, जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> बाजार नियामक सेबी ने अमेरिकी ‘ट्रेडिंग’ कंपनी जेन स्ट्रीट को प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया है और कंपनी को 4,843.57 करोड़ रुपये के अवैध लाभ को वापस करने का निर्देश दिया है। कंपनी पर सूचकांक विकल्पों में भारी मुनाफा कमाने के लिए समाप्ति के दिनों में सूचकांक स्तर में कथित रूप से हेरफेर करने का आरोप है। </p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जेएसआई इन्वेस्टमेंट्स, जेएसआई2 इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, जेन स्ट्रीट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड और जेन स्ट्रीट ग्रुप (जेएस ग्रुप) की जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग (ऑनलाइन कारोबार) को बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है। </p>
<p>सेबी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544722/sebi-s-big-action--this-american--trading--company-was-banned--order-to-recover-rs-4-843-crore--know-the-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats34.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> बाजार नियामक सेबी ने अमेरिकी ‘ट्रेडिंग’ कंपनी जेन स्ट्रीट को प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया है और कंपनी को 4,843.57 करोड़ रुपये के अवैध लाभ को वापस करने का निर्देश दिया है। कंपनी पर सूचकांक विकल्पों में भारी मुनाफा कमाने के लिए समाप्ति के दिनों में सूचकांक स्तर में कथित रूप से हेरफेर करने का आरोप है। </p>
<p>भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जेएसआई इन्वेस्टमेंट्स, जेएसआई2 इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, जेन स्ट्रीट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड और जेन स्ट्रीट ग्रुप (जेएस ग्रुप) की जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग (ऑनलाइन कारोबार) को बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है। </p>
<p>सेबी द्वारा बृहस्पतिवार को पारित अंतरिम आदेश के अनुसार, जेएस समूह की संस्थाओं ने एनएसई के सभी उत्पाद श्रेणियों और खंडों में एक जनवरी 2023 से 31 मार्च 2025 तक एनएसई पर सूचकांक विकल्पों से 43,289 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया। </p>
<p>इसके अलावा, संस्थाओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी धोखाधड़ी, हेरफेर या अनुचित व्यापार व्यवहार में शामिल होने या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचने का निर्देश दिया गया, जो मानदंडों का उल्लंघन करती हो।</p>
<p> सेबी ने यह भी उल्लेख किया कि जेएस ग्रुप ने फिर से समाप्ति दिवस के करीब सूचकांक और घटक बाजारों में बड़े हस्तक्षेप के प्रथम दृष्टया हेरफेरी ‘एक्सटेंडेड मार्किंग द क्लोज’ कारोबार तरीके को अपनाने का सहारा लिया, ताकि मई 2025 में अपने अवैध लाभ के लिए सूचकांक को प्रभावित और हेरफेर किया जा सके जबकि फरवरी में चेतावनी पत्र एवं एनएसई के समक्ष इसकी अपनी घोषणाएं थीं। </p>
<p>सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण जी. ने आदेश में कहा, ‘‘ फरवरी 2025 में एनएसई द्वारा उन्हें जारी किए गए स्पष्ट परामर्श की स्पष्ट अवहेलना करते हुए ऐसा गंभीर व्यवहार स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अधिकतर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और अन्य बाजार सहभागियों के विपरीत, जेएस ग्रुप उचित काम नहीं करता है जिस पर भरोसा किया जा सके या जिस पर भरोसा किया जाना चाहिए।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ प्रथम दृष्टया ऐसे मजबूत मामले को देखते हुए जेएस समूह को पहले की तरह काम जारी रखने की अनुमति देने से असाधारण पैमाने पर निवेशकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे में सेबी का कर्तव्य है कि वह सीधे हस्तक्षेप करे।’’ तदनुसार, सेबी ने जेएस ग्रुप को 4,843.57 करोड़ रुपये के अवैध लाभ को वापस करने का निर्देश दिया।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/544719/stock-market--flat-start-of-the-stock-market--fluctuations-after-the-rise-in-sensex-and-nifty">Stock Market: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के बाद उतार-चढ़ाव</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/544722/sebi-s-big-action--this-american--trading--company-was-banned--order-to-recover-rs-4-843-crore--know-the-reason</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/544722/sebi-s-big-action--this-american--trading--company-was-banned--order-to-recover-rs-4-843-crore--know-the-reason</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 10:40:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेबी ने शेयर विश्लेषक संजीव भसीन समेत 11 लोगों पर लगाया प्रतिबंध, सोशल मीडिया मंचों पर देते थे सुझाव </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> बाजार नियामक सेबी ने आईआईएफएल सिक्योरिटीज के पूर्व निदेशक संजीव भसीन और 11 अन्य लोगों को टीवी चैनलों और सोशल मीडिया मंचों पर शेयरों से जुड़े सुझाव देने से संबंधित एक मामले में शेयर हेराफेरी में संलिप्त होने पर मंगलवार को प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उन्हें 11.37 करोड़ रुपये की अवैध ढंग से अर्जित आय लौटाने का भी निर्देश दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">सेबी ने 149-पृष्ठ के अपने अंतरिम आदेश में कहा कि भसीन टेलीविजन चैनलों पर नजर आने वाले एक मशहूर अतिथि विशेषज्ञ थे, जिनके सोशल मीडिया पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/542578/sebi-used-to-ban-11-people-including-share-analyst-sanjeev"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/सेबी-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> बाजार नियामक सेबी ने आईआईएफएल सिक्योरिटीज के पूर्व निदेशक संजीव भसीन और 11 अन्य लोगों को टीवी चैनलों और सोशल मीडिया मंचों पर शेयरों से जुड़े सुझाव देने से संबंधित एक मामले में शेयर हेराफेरी में संलिप्त होने पर मंगलवार को प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उन्हें 11.37 करोड़ रुपये की अवैध ढंग से अर्जित आय लौटाने का भी निर्देश दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">सेबी ने 149-पृष्ठ के अपने अंतरिम आदेश में कहा कि भसीन टेलीविजन चैनलों पर नजर आने वाले एक मशहूर अतिथि विशेषज्ञ थे, जिनके सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में फॉलोअर हैं। आईआईएफएल के साथ एक निदेशक या सलाहकार के रूप में जुड़े रहते समय भसीन ने मीडिया चैनलों, टेलीग्राम और आईआईएफएल मंचों के जरिये शेयरों के बारे में सिफारिशें कीं। सेबी की जांच से पता चला है कि मीडिया चैनलों पर आने से पहले भसीन ट्रेडिंग सदस्य आरआरबी मास्टर सिक्योरिटीज दिल्ली लिमिटेड के डीलरों के जरिये जेमिनी पोर्टफोलियो, वीनस पोर्टफोलियो और एचबी स्टॉक होल्डिंग्स लिमिटेड के ट्रेडिंग खातों में अपनी पोजिशन ले लेते थे जो कि मुख्य रूप से खरीद ऑर्डर होते थे। </p>
<p style="text-align:justify;">इन चैनलों के दर्शकों की बड़ी संख्या को देखते हुए शेयरों के बारे में भसीन के सुझावों का उन शेयरों की कीमत और मात्रा पर काफी प्रभाव पड़ता था। भसीन उन शेयरों की कीमतों में उछाल से लाभ उठाने के लिए उनमें खरीद की अपनी सार्वजनिक अनुशंसाओं के उलट उन्हीं खातों में बिक्री ऑर्डर कर देते थे। भसीन 2015 से विभिन्न क्षमताओं में आईआईएफएल सिक्योरिटीज के साथ जुड़े हुए थे। वह एक अप्रैल, 2017 से 30 नवंबर, 2022 तक आईआईएफएल में निदेशक के रूप में भी कार्यरत थे। वह एक दिसंबर, 2022 से 17 जून, 2024 तक कंपनी के साथ सलाहकार के रूप में भी जुड़े रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">सेबी की तरफ से 13-14 जून, 2024 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई स्थानों पर की गई तलाशी और जब्ती कार्रवाई से व्हाट्सएप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित महत्वपूर्ण सबूत मिले थे। इनसे पता चला कि भसीन अपनी खुद की सिफारिशों के विपरीत स्थिति बनाने की धोखाधड़ी योजना को संचालित करने में लिप्त थे। जांच से यह भी पता चला कि संजीव भसीन के चचेरे भाई ललित भसीन ने उनकी मदद की और कई बार कथित धोखाधड़ी वाले सौदों को रखने में सहायता की। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, आरआरबी मास्टर सिक्योरिटीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आशीष कपूर ने भी इसे सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा मुहैया कराया। इसके अलावा कई अन्य जुड़ी हुई संस्थाओं ने संजीव भसीन से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्राप्त गोपनीय व्यापार आदेश जानकारी का दुरुपयोग किया। उनकी ट्रेडिंग रणनीति को दोहराते हुए, इन संस्थाओं ने अपने स्वयं के खातों में या उनके द्वारा नियंत्रित खातों में समान सौदे किए। सेबी ने कहा कि संजीव भसीन और अन्य लोगों ने पीएफयूटीपी (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार का निषेध) मानदंडों और शोध विश्लेषक नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है, जिससे कुल 11.37 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए नियामक ने सभी लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या अन्यथा लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया है और उन्हें अवैध लाभ वापस करने के लिए कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े :  <a href="https://www.amritvichar.com/article/542537/health-system-will-improve-in-delhi--33-ayushman-arogya-mandir-and-17-jan-aushadhi-kendras-inaugurated">दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था होगी बेहतर, 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 17 जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Jun 2025 19:30:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1st June Rule Change: UPI, आधार से लेकर LPG तक... कल से बदल जाएंगे 8 बड़े नियम, सीधा पड़ेगा आपकी जेब पर असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>जून 2025 से कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जो आपकी जेब और वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। ये बदलाव UPI, PF, LPG सिलेंडर की कीमतों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। आइए, इन आठ बड़े बदलावों को विस्तार से समझते हैं:</p>
<p><strong>EPFO 3.0 का लॉन्च</strong></p>
<p>सरकार जून में EPFO 3.0 लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके लागू होने से पीएफ क्लेम प्रक्रिया आसान हो जाएगी। साथ ही, ATM और UPI के जरिए पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी। इससे देश के 9 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>आधार कार्ड</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540242/rule-change--from-upi--aadhaar-to-lpg----8-big-rules-will-change-from-tomorrow--it-will-directly-affect-your-pocket"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(35)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>जून 2025 से कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जो आपकी जेब और वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। ये बदलाव UPI, PF, LPG सिलेंडर की कीमतों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। आइए, इन आठ बड़े बदलावों को विस्तार से समझते हैं:</p>
<p><strong>EPFO 3.0 का लॉन्च</strong></p>
<p>सरकार जून में EPFO 3.0 लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके लागू होने से पीएफ क्लेम प्रक्रिया आसान हो जाएगी। साथ ही, ATM और UPI के जरिए पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी। इससे देश के 9 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>आधार कार्ड अपडेट की मुफ्त सुविधा खत्म</strong></p>
<p>UIDAI द्वारा दी जा रही मुफ्त आधार अपडेट सुविधा 14 जून 2025 तक उपलब्ध है। इस तारीख के बाद आधार अपडेट के लिए 50 रुपये का शुल्क देना होगा।</p>
<p><strong>क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव</strong></p>
<p>कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए 1 जून से नए नियम लागू होंगे। अगर ऑटो डेबिट ट्रांजैक्शन फेल होता है, तो 2% बाउंस चार्ज (न्यूनतम 450 रुपये, अधिकतम 5000 रुपये) लगेगा। साथ ही, अधिकांश क्रेडिट कार्ड पर मासिक फाइनेंस चार्ज 3.5% (42% वार्षिक) से बढ़कर 3.75% (45% वार्षिक) हो सकता है।</p>
<p><strong>CNG, PNG और ATF की कीमतों में बदलाव</strong></p>
<p>हर महीने की तरह, 1 जून 2025 को CNG, PNG और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में संशोधन हो सकता है। मई में इनकी कीमतों में कटौती की गई थी, और जून में भी बदलाव की संभावना है।</p>
<p><strong>LPG सिलेंडर की कीमतें</strong></p>
<p>1 जून को LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हो सकता है। मई में 14 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर थीं, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये की कटौती हुई थी।</p>
<p><strong>FD और लोन की ब्याज दरें</strong></p>
<p>रिजर्व बैंक के रेपो रेट में कटौती के बाद बैंक जून में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और लोन की ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 5 साल की FD की ब्याज दर 8.6% से घटाकर 8% कर दी है।</p>
<p><strong>म्यूचुअल फंड का नया नियम</strong></p>
<p>SEBI ने ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिए नया कट-ऑफ समय लागू किया है। 1 जून से ऑफलाइन ट्रांजैक्शन के लिए समय दोपहर 3 बजे और ऑनलाइन के लिए शाम 7 बजे होगा। इसके बाद के ऑर्डर अगले कार्यदिवस पर माने जाएंगे।</p>
<p><strong>UPI ट्रांजैक्शन नियम</strong></p>
<p><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">NPCI ने UPI पेमेंट के लिए नया नियम लागू किया है, जिसके अनुसार पेमेंट करते समय केवल 'अंतिम लाभार्थी' का बैंकिंग नाम दिखाई देगा। QR कोड या संशोधित नाम अब प्रदर्शित नहीं होंगे। यह नियम 30 जून 2025 तक सभी UPI ऐप्स पर लागू हो सकता है।</span></span></p>
<p><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">ये बदलाव आपकी वित्तीय योजनाओं और खर्चों को प्रभावित कर सकते हैं। समय रहते इसकी जानकारी रखें और आवश्यक कदम उठाएं।</span></span></p>
<p><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/540241/film-director-sanoj-mishra-gets-bail-in-rape-case--victim-said--we-were-in-live-in-relationship--not-rape">फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा को मिली रेप केस में जमानत, पीड़िता बोली- लिवइन रिलेशन में थी, दुष्कर्म नहीं...</a></span></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540242/rule-change--from-upi--aadhaar-to-lpg----8-big-rules-will-change-from-tomorrow--it-will-directly-affect-your-pocket</link>
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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 16:50:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mutual Fund Business में कदम रखने जा रहे मुकेश अंबानी, जियो की जॉइंट वेंचर GeoBlackRock को मिली सेबी की मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong>जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को भारत में म्यूचुअल फंड बिजनेस के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी( की मंजूरी मिल गई है। यह कंपनी जियो फाइनेंस सर्विसेस लिमिटेड (JFSL) और ब्लैकरॉक कंपनी का सयुंक्त उद्यम है। उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही कंपनी भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में कदम रख देगी। </p>
<p style="text-align:justify;">सिड स्वामीनाथन को जियोब्लैकरॉक ने कंपनी का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। JFSL की गैर-कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने कहा 'black Rock के पास वैश्विक निवेश विशेषज्ञता है तो जियो के पास डिजिटल-फर्स्ट इनोवेशन,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539760/mukesh-ambani-is-going-to-enter-the-mutual-fund-business--jio-s-joint-venture-geoblackrock-gets-sebi-approval"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(19)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong>जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को भारत में म्यूचुअल फंड बिजनेस के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी( की मंजूरी मिल गई है। यह कंपनी जियो फाइनेंस सर्विसेस लिमिटेड (JFSL) और ब्लैकरॉक कंपनी का सयुंक्त उद्यम है। उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही कंपनी भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में कदम रख देगी। </p>
<p style="text-align:justify;">सिड स्वामीनाथन को जियोब्लैकरॉक ने कंपनी का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। JFSL की गैर-कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने कहा 'black Rock के पास वैश्विक निवेश विशेषज्ञता है तो जियो के पास डिजिटल-फर्स्ट इनोवेशन, ब्लैकरॉक के साथ हमारी यह साझेदारी एक सशक्त साझेदारी है। साथ मिलकर, हम हर भारतीय के लिए निवेश को सरल, सुलभ और समावेशी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे विश्वास है कि जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट भारत में वित्तीय सशक्तीकरण के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।' </p>
<p style="text-align:justify;">ब्लैकरॉक में इंटरनेशनल हेड रेचल लॉर्ड ने कहा  'आज भारत में एसेट मैनेजमेंट एक खास मुकाम पर खड़ा है। जियोब्लैकरॉक सीधे निवेशकों को कम लागत पर संस्थागत गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करने, भारत में अधिक लोगों को पूंजी बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करेगा। अपने साझेदार जेएफएसएल के साथ, हम भारत को, एक बचतकर्ताओं के देश की छवि से निकाल कर ‘निवेशकों का देश’ बनाने में योगदान देने को तैयार हैं।' </p>
<p style="text-align:justify;">ब्लैकरॉक में इंटरनेशनल इंडेक्स इक्विटी के पूर्व प्रमुख रहे श्री सिड स्वामीनाथन जिन्हें अब जियोब्लैकरॉक की जिम्मेदारी मिली है। अपनी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा  'मुझे जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट का नेतृत्व करने और निवेशकों की निवेश क्षमता को बढ़ाकर, भारत में एसेट मैनेजमेंट को नई दिशा देने का सम्मान मिला है। जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट का लक्ष्य पूरे भारत में निवेशकों को संस्थागत गुणवत्ता वाले निवेश उत्पादों प्रदान करना है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/539701/sensex-nifty-fell-in-early-trade--rupee-came-down-19-paise-to-85-29-per-dollar#gsc.tab=0">शुरुआती कारोबार में लुढ़का Sensex-Nifty, 19 पैसे टूटकर 85.29 रुपए प्रति डालर पर आया रुपया</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539760/mukesh-ambani-is-going-to-enter-the-mutual-fund-business--jio-s-joint-venture-geoblackrock-gets-sebi-approval</link>
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                <pubDate>Tue, 27 May 2025 15:38:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेबी ने 20 करोड़ रुपये से अधिक के बॉन्ड निर्गम के निजी नियोजन को ई-बुक व्यवस्था को किया अनिवार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 20 करोड़ रुपये या उससे अधिक के बॉन्ड निर्गम के निजी नियोजन के लिए इलेक्ट्रानिक बुक व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही नियामक ने मंच का दायरा बढ़ाकर इसमें रीट और इनविट को भी शामिल कर दिया है। एक कार्यसमूह की सिफारिशों और सार्वजनिक प्रतिक्रिया के आधार पर उठाए गए इस कदम से इलेक्ट्रॉनिक बुक प्रदाता (ईबीपी) मंच की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। सेबी के परिपत्र के अनुसार, नए ढांचे के तहत, ईबीपी मंच का उपयोग अब 20 करोड़ रुपये या अधिक के निर्गम आकार की ऋण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538650/sebi-makes-e-book-system-mandatory-for-private-placement-of-bond-issues-above-rs-20-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/cats357.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 20 करोड़ रुपये या उससे अधिक के बॉन्ड निर्गम के निजी नियोजन के लिए इलेक्ट्रानिक बुक व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही नियामक ने मंच का दायरा बढ़ाकर इसमें रीट और इनविट को भी शामिल कर दिया है। एक कार्यसमूह की सिफारिशों और सार्वजनिक प्रतिक्रिया के आधार पर उठाए गए इस कदम से इलेक्ट्रॉनिक बुक प्रदाता (ईबीपी) मंच की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। सेबी के परिपत्र के अनुसार, नए ढांचे के तहत, ईबीपी मंच का उपयोग अब 20 करोड़ रुपये या अधिक के निर्गम आकार की ऋण या बॉन्ड प्रतिभूतियों, गैर-परिवर्तनीय विमोच्य तरजीही शेयरों (एनसीआरपीएस) और म्यूनिसिपल बॉन्ड के निजी नियोजन के लिए अनिवार्य होगा। अभी तक 50 करोड़ रुपये या इससे अधिक के निर्गम आकार वाली बॉन्ड प्रतिभूतियों के सभी निजी नियोजन के लिए यह तंत्र अनिवार्य था। सेबी ने ईबीपी मंच पर उत्पादों का विस्तार करते हुए इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) और रियल एस्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट (आरईआईटी) को शामिल किया है। इससे पहले इसको लेकर कोई विशिष्ट नियामकीय प्रावधान नहीं था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/538650/sebi-makes-e-book-system-mandatory-for-private-placement-of-bond-issues-above-rs-20-crore</link>
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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 12:35:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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                <title>सेबी ने स्ट्रेटा एसएम रीट के साथ लेनदेन को लेकर निवेशकों को किया आगाह </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को स्ट्रेटा स्मॉल एंड मीडियम रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (एसएम आरईआईटी) के साथ लेनदेन करने के प्रति बुधवार को आगाह किया, क्योंकि यह अब एक विनियमित मध्यस्थ या एसएम रीट नहीं है। </p>
<p>सेबी-पंजीकृत एसएम रीट- स्ट्रेटा एसएम रीट के प्रतर्वक के खिलाफ कुछ कानूनी कार्यवाही की समीक्षा के बाद बाजार नियामक ने निवेशकों को सतर्क किया है। नियामक ने कहा कि उसने स्ट्रेटा एसएम रीट, इसके स्वतंत्र निदेशक, अनुपालन एवं अन्य अधिकारियों तथा न्यासी के साथ बातचीत की है। </p>
<p>सेबी की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘‘</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538072/sebi-cautions-investors-against-transactions-with-strata-sm-reit"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/सेबी-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को स्ट्रेटा स्मॉल एंड मीडियम रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (एसएम आरईआईटी) के साथ लेनदेन करने के प्रति बुधवार को आगाह किया, क्योंकि यह अब एक विनियमित मध्यस्थ या एसएम रीट नहीं है। </p>
<p>सेबी-पंजीकृत एसएम रीट- स्ट्रेटा एसएम रीट के प्रतर्वक के खिलाफ कुछ कानूनी कार्यवाही की समीक्षा के बाद बाजार नियामक ने निवेशकों को सतर्क किया है। नियामक ने कहा कि उसने स्ट्रेटा एसएम रीट, इसके स्वतंत्र निदेशक, अनुपालन एवं अन्य अधिकारियों तथा न्यासी के साथ बातचीत की है। </p>
<p>सेबी की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘‘ वहां हुई बातचीत और विचार-विमर्श के आधार पर स्ट्रेटा एसएम रीट ने एसएम आरईआईटी के रूप में अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र को वापस कर दिया और वह खुद को सेबी-विनियमित मध्यस्थ या एसएम रीट के रूप में प्रस्तुत नहीं करेगा। ’’ </p>
<p>इसके बाद नियामक ने निवेशकों को इसके साथ लेन-देन करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। सेबी ने कहा कि स्ट्रेटा एसएम रीट ने आज तक कोई भी एसएम रीट योजना शुरू नहीं की है और न ही किसी भी पहले से मौजूद आंशिक रियल एस्टेट इकाई को एसएम रीट योजना के रूप में स्थानांतरित किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 14:36:44 +0530</pubDate>
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