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                <title>suspension - Amrit Vichar</title>
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                <description>suspension RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मेरठ में 5 बिजली अफसरों पर गिरी गाज, पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल के हस्तक्षेप के बाद कड़ा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने मेरठ में लगातार ट्रांसफार्मर फेल होने और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बिजली अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने उद्योगपुरम और सोफीपुर में क्षतिग्रस्त पावर ट्रांसफार्मरों के लिए अधिशासी अभियंता वीके सिंह के साथ सहायक अभियंता विशाल सिंह व विद्यासागर और अवर अभियंता सतीश चंद्र चौधरी व अनुराग प्रताप सिंह निलंबित किया है। इसके अलावा मामले में लापरवाही को लेकर चीफ इंजीनियर मुनीश चोपड़ा और अधीक्षण अभियंता अरशद से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। यह कार्रवाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577141/five-electricity-officials-in-meerut-have-been-punished--following-the-intervention-of-power-corporation-chairman-ashish-goyal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/suspended-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने मेरठ में लगातार ट्रांसफार्मर फेल होने और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बिजली अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने उद्योगपुरम और सोफीपुर में क्षतिग्रस्त पावर ट्रांसफार्मरों के लिए अधिशासी अभियंता वीके सिंह के साथ सहायक अभियंता विशाल सिंह व विद्यासागर और अवर अभियंता सतीश चंद्र चौधरी व अनुराग प्रताप सिंह निलंबित किया है। इसके अलावा मामले में लापरवाही को लेकर चीफ इंजीनियर मुनीश चोपड़ा और अधीक्षण अभियंता अरशद से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। यह कार्रवाई पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल के हस्तक्षेप के बाद की गई, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट तलब की थी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, पूरे मामले की विस्तृत जांच भी कराई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 12:01:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश बहाल:  प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले घूस के आरोप में हुए थे सस्पेंड </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित उत्तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। शासन के सूत्रों के अनुसार उनका निलंबन जल्द समाप्त होने जा रहा है और उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। दरअसल, अभिषेक प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में रद्द कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद विभागीय स्तर पर उनकी बहाली की तैयारी पूरी कर ली गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 20 मार्च 2025 को अभिषेक प्रकाश को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574733/the-path-is-clear-for-the-reinstatement-of-ias-officer-abhishek-prakash--accused-of-demanding-bribes-in-exchange-for-project-approval--effective-march-14"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(61).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित उत्तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। शासन के सूत्रों के अनुसार उनका निलंबन जल्द समाप्त होने जा रहा है और उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। दरअसल, अभिषेक प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में रद्द कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद विभागीय स्तर पर उनकी बहाली की तैयारी पूरी कर ली गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 20 मार्च 2025 को अभिषेक प्रकाश को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में निलंबित किया गया था। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले घूस मांगने का आरोप लगा था। कंपनी की शिकायत के आधार पर सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पाया कि आरोपों की पुरुष के लिए कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके चलते अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को पूरी तरह रद्द कर दिया। अदालत के फैसले के बाद अब उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया है। शासन सूत्रों के मुताबिक निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस संबंध में रिपोर्ट केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली 14 मार्च के बाद प्रभावी मानी जाएगी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/574731/the-police-commissioner-held-a-meeting-with-religious-leaders-regarding-eid-preparations--appealing-for-a-peaceful-celebration-of-the-festival"><span class="t-red">ईद की तैयारियों को लेकर पुलिस आयुक्त ने की धर्मगुरुओं के साथ बैठक, </span>शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहारों को संपन्न करने की अपील </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574733/the-path-is-clear-for-the-reinstatement-of-ias-officer-abhishek-prakash--accused-of-demanding-bribes-in-exchange-for-project-approval--effective-march-14</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/574733/the-path-is-clear-for-the-reinstatement-of-ias-officer-abhishek-prakash--accused-of-demanding-bribes-in-exchange-for-project-approval--effective-march-14</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 18:50:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण में पहुंच गये हैं। उन्होंने कहा कि विधिक सलाह लेने के बाद वह अपने निलंबन आदेश को न्यायालय में चुनौती देंगे। मीडिया से बातचीत में अलंकारअग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति नरम रुख दिखाते हुए कहा कि उनकी मुख्य आपत्ति केंद्र सरकार की कार्यशैली को लेकर है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक कंपनी की तरह संचालित हो रही है, जहां निर्णय सीमित लोगों के हाथ में केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन उनकी प्रमुख मांग है और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569830/prayagraj--alankar-agnihotri-approaches-high-court-against-his-suspension"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण में पहुंच गये हैं। उन्होंने कहा कि विधिक सलाह लेने के बाद वह अपने निलंबन आदेश को न्यायालय में चुनौती देंगे। मीडिया से बातचीत में अलंकारअग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति नरम रुख दिखाते हुए कहा कि उनकी मुख्य आपत्ति केंद्र सरकार की कार्यशैली को लेकर है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक कंपनी की तरह संचालित हो रही है, जहां निर्णय सीमित लोगों के हाथ में केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन उनकी प्रमुख मांग है और इस मुद्दे को लेकर वह शीघ्र ही दिल्ली से एक बड़ा आंदोलन शुरू करने की रणनीति बना रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569830/prayagraj--alankar-agnihotri-approaches-high-court-against-his-suspension</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 20:14:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों का ब्रेन वॉश कर नमाज पढ़वाने का आरोप,  मथुरा में सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य जान मोहम्मद निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा।</strong> मथुरा जिले के नौझील क्षेत्र के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रतन कीर्ति ने बताया कि प्रधानाचार्य जान मोहम्मद के खिलाफ 30 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नौझील ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। </p>
<p style="text-align:justify;">चौहान ने अपनी शिकायत में दावा किया कि छात्रों के अभिभावकों ने उनसे संपर्क कर आरोप लगाया था कि प्रधानाचार्य विद्यार्थियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569770/allegations-of-brainwashing-children-and-forcing-them-to-offer-prayers--principal-jan-mohammad-of-a-government-school-in-mathura-suspended"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(13).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा।</strong> मथुरा जिले के नौझील क्षेत्र के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रतन कीर्ति ने बताया कि प्रधानाचार्य जान मोहम्मद के खिलाफ 30 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नौझील ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। </p>
<p style="text-align:justify;">चौहान ने अपनी शिकायत में दावा किया कि छात्रों के अभिभावकों ने उनसे संपर्क कर आरोप लगाया था कि प्रधानाचार्य विद्यार्थियों को नमाज पढ़ने के लिए कहते हैं और विद्यालय में राष्ट्रगान नहीं गाया जाता है। कीर्ति ने बताया कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है और जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, ''जांच समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569769/up-in-budget-2026--preservation-of-temples-in-kushinagar-in-the-buddhist-circuit--tourism-to-get-a-boost"><span class="t-red">UP in Budget 2026 : </span>बौद्ध सर्किट में कुशीनगर के मंदिरों का संरक्षण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569770/allegations-of-brainwashing-children-and-forcing-them-to-offer-prayers--principal-jan-mohammad-of-a-government-school-in-mathura-suspended</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569770/allegations-of-brainwashing-children-and-forcing-them-to-offer-prayers--principal-jan-mohammad-of-a-government-school-in-mathura-suspended</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 13:15:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द किया जामिया के पूर्व कुलपति इकबाल हुसैन का निलंबन, जानें क्या कहा  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>दिल्ली उच्च न्यायाललय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर इक़बाल हुसैन के निलंबन को निरस्त करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ चलायी गयी अनुशासनात्मक कार्रवाई न तो उनके पक्ष में थी और न ही संस्थान के पक्ष में। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंड पीठ ने प्रोफेसर हुसैन की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें उनके निलंबन को चुनौती दी गयी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जेएमआई विश्वविद्यालय ने सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया कि उसने छह सितंबर 2024 के निलंबन आदेश को पहले ही वापस ले लिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569766/the-delhi-high-court-has-revoked-the-suspension-of-former-jamia-vice-chancellor-iqbal-husain--read-on-to-find-out-what-the-court-said"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(18).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>दिल्ली उच्च न्यायाललय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर इक़बाल हुसैन के निलंबन को निरस्त करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ चलायी गयी अनुशासनात्मक कार्रवाई न तो उनके पक्ष में थी और न ही संस्थान के पक्ष में। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंड पीठ ने प्रोफेसर हुसैन की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें उनके निलंबन को चुनौती दी गयी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जेएमआई विश्वविद्यालय ने सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया कि उसने छह सितंबर 2024 के निलंबन आदेश को पहले ही वापस ले लिया है और इसके लिए 20 जनवरी 2026 को एक नया आदेश जारी किया गया था। न्यायालय ने इसी बात को रिकॉर्ड पर लेते हुए प्रोफेसर हुसैन को उनकी अकादमिक और शैक्षिक जिम्मेदारियां फिर से शुरू करने की इजाजत दे दी। साथ ही न्यायालय ने यह निर्देश दिया कि जब तक अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे एस्टेट ऑफिसर के तौर पर काम नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायालय ने कहा कि विभागीय जांच डेढ़ साल से ज़्यादा समय से लंबित थी और माना कि इतनी लंबी जांच से बेवजह परेशानी होती है। इसलिए, पीठ ने विश्वविद्यालय को छह हफ़्ते के अंदर जांच पूरी करने का निर्देश दिया। यह मामला जेएमआई की कार्यकारी परिषद के एक फैसले से जुड़ा है, जिसमें विधि संकाय के पूर्व डीन और सेवा न्यायशास्त्र के जाने-माने विशेषज्ञ प्रोफेसर हुसैन से विश्वविद्यालय के जमीन खरीदने के पहले अधिकार के बारे में राय देने को कहा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोफेसर हुसैन ने जमीन खरीदने के खिलाफ सलाह देते हुए सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को अपनी मौजूदा जमीन का सही इस्तेमाल करना चाहिए और मेडिकल कॉलेज एवं दूसरे अकादमिक विकास जैसी जरूरी परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन बचाने चाहिए। उनके विचार का कार्यकारी परिषद के ज़्यादातर सदस्यों ने समर्थन किया, जिसके बाद यह तय हुआ कि विश्वविद्यालय जमीन नहीं खरीदेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोफेसर हुसैन ने परिषद के निर्देश पर काम करते हुए औपचारिक रूप से जमीन मालिक को फैसले की जानकारी दी और कहा कि अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। प्रोफेसर हुसैन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अद्वैत घोष ने अधिवक्ता अंकुर चिब्बर के साथ मिलकर कहा कि कार्यकारी परिषद के फैसले के मुताबिक काम करने के बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कथित तौर पर द्वेष की वजह से प्रोफेसर को निलंबित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रोफेसर हुसैन पर कोई गलत काम करने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। उच्च न्यायालय ने अपील का निपटारा करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही को समय पर पूरा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और संबंधित विश्वविद्यालय अधिकारियों को तुरंत आदेश की जानकारी देने का निर्देश दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 13:03:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lucknow News: ओवरलोड ट्रकों को पास कराने वाले तीन एआरटीओ प्रवर्तन निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ओवरलोड वाहनों को रिश्वत लेकर बिना रोकटोक आवागमन की अनुमति देने के आरोपों में लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही प्रकरण की विभागीय जांच झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को सौंपी गई है। परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज और फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित किया गया। साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565901/lucknow-news--three-arto-enforcement-officers-suspended-for-allowing-overloaded-trucks-to-pass"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(10).png" alt=""></a><br /><p><strong> लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ओवरलोड वाहनों को रिश्वत लेकर बिना रोकटोक आवागमन की अनुमति देने के आरोपों में लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही प्रकरण की विभागीय जांच झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को सौंपी गई है। परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज और फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित किया गया। साथ ही जांच अधिकारी द्वारा जल्द ही आरोपपत्र तैयार कर शासन को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।</p>
<p>मालूम हो कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा 12 नवंबर को हमीरपुर, महोबा सहित बुंदेलखंड क्षेत्र से मौरंग और गिट्टी लदे ओवरलोड ट्रकों को अवैध रूप से पास कराने वाले संगठित गिरोह का खुलासा हुआ था। इस संबंध में लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। एफआईआर में परिवहन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बिचौलिये सहित लगभग 25 लोगों को नामजद किया गया है। जिसके बाद कई नामजद अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयों से नदारद चल रहे थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 10:09:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त निदेशक सहित चार अधिकारी निलंबित, CM योगी के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों पर हुई कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> आजमगढ़ में मदरसा शिक्षक को विदेश में रहते हुए भी अनियमित वेतन, पेंशन और अन्य देयक दिए जाने का मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी पर शासकीय धन की हानि पहुंचाने, दस्तावेजों में अनियमितता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं।</p>
<p>मामला दारूल उलूम अहिले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उजूम, आजमगढ़ का है, जहां के पूर्व शिक्षक शमशुल हुदा खान ने दिसंबर 2013 में भारतीय नागरिकता छोड़कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560853/four-officers--including-a-joint-director--were-suspended--action-was-taken-against-officers-of-the-minority-welfare-department-on-the-instructions-of-cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(6)19.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> आजमगढ़ में मदरसा शिक्षक को विदेश में रहते हुए भी अनियमित वेतन, पेंशन और अन्य देयक दिए जाने का मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी पर शासकीय धन की हानि पहुंचाने, दस्तावेजों में अनियमितता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं।</p>
<p>मामला दारूल उलूम अहिले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उजूम, आजमगढ़ का है, जहां के पूर्व शिक्षक शमशुल हुदा खान ने दिसंबर 2013 में भारतीय नागरिकता छोड़कर ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी। <br />इसके बावजूद वह विभागीय अधिकारियों और मदरसा प्रबंधन की मिलीभगत से 31 जुलाई 2017 तक वेतन और अन्य देयक लेता रहा। जांच में यह भी सामने आया कि उसे चिकित्सा अवकाश भी अनियमित रूप से स्वीकृत किए गए। </p>
<p>एडीएम प्रशासन आजमगढ़ ने वर्ष 2022 में शमशुल खान के खिलाफ 16.59 लाख रुपये रिकवरी का आदेश जारी किया था। खान ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने रिकवरी आदेश निरस्त करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया। समिति में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक और मंडलीय उप निदेशक (अल्पसंख्यक कल्याण) शामिल थे। समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि शमशुल खान नौकरी के दौरान ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका, खाड़ी देशों और कई बार पाकिस्तान भी गया था। यात्राओं की प्रकृति संदिग्ध पाए जाने पर समिति ने उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से पड़ताल कराने की सिफारिश की। एटीएस वाराणसी इकाई भी उसकी विदेश यात्राओं की पड़ताल कर चुकी है।</p>
<p>समिति ने शमशुल को दिए गए अनियमित भुगतान की पूरी रिकवरी और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। शासन ने निलंबन आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और अवैध लाभ की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<h3><em><strong>बरेली में तैनात लालमन भी हुए निलंबित</strong></em></h3>
<p>मामले में शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेष नाथ पांडेय, तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आजमगढ़ (अब गाजियाबाद में तैनात) साहित्य निकष सिंह, तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ (अब अमेठी में तैनात) प्रभात कुमार तथा तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ (अब बरेली में तैनात लालमन को निलंबित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 09:26:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धोखाधड़ी मामला: जाली हस्ताक्षर कर सरकारी कोष से भर रहे थे अपनी जेब, आजमगढ़ जिला जेल अधीक्षक निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ/आजमगढ़। </strong>आजमगढ़ में जेल अधिकारी के जाली हस्ताक्षर करके सरकारी कोष को नुकसान पहुंचाने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद आजमगढ़ जिला जेल के अधीक्षक आदित्य कुमार को लापरवाही बरतने के इल्जाम में निलंबित कर दिया गया है। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग ने सोमवार रात एक बयान में कहा कि आजमगढ़ जिला जेल के अधीक्षक आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वित्तीय अनियमितताओं और अपने आधिकारिक कर्तव्यों का उचित निर्वहन न करने के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।</p>
<p>अपर कारागार महानिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556239/azamgarh-district-jail-superintendent-suspended-for-forging-signatures-and-filling-his-pockets-with-government-funds"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(44)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ/आजमगढ़। </strong>आजमगढ़ में जेल अधिकारी के जाली हस्ताक्षर करके सरकारी कोष को नुकसान पहुंचाने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद आजमगढ़ जिला जेल के अधीक्षक आदित्य कुमार को लापरवाही बरतने के इल्जाम में निलंबित कर दिया गया है। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग ने सोमवार रात एक बयान में कहा कि आजमगढ़ जिला जेल के अधीक्षक आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वित्तीय अनियमितताओं और अपने आधिकारिक कर्तव्यों का उचित निर्वहन न करने के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।</p>
<p>अपर कारागार महानिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने एक बयान में कहा कि जनवरी 2024 से 10 अक्टूबर 2025 के बीच विभिन्न चेकों के माध्यम से आजमगढ़ जिला जेल के बैंक खाते से अवैध रूप से धनराशि निकाली गई। बयान में कहा गया है कि इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए जेल अधीक्षक आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें विभाग के लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि वर्तमान में आजमगढ़ जेल से जमानत पर रिहा किए गए दहेज हत्या के दोषी एक व्यक्ति रामजीत यादव और तीन अन्य के खिलाफ जेल अधीक्षक के जाली हस्ताक्षर करके लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में आजमगढ़ जिले में मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने बताया कि यादव और तीन अन्य लोगों पूर्व कैदी शिवशंकर उर्फ ​​गोरख, वरिष्ठ सहायक मुशीर अहमद और प्रहरी अवधेश कुमार पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यादव को सजा काटने के दौरान जेल में व्यवस्थापन कार्य से जोड़ा गया था। इसी बीच उसने कथित तौर पर चेक पर हस्ताक्षर सहित आधिकारिक दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया सीख ली। उन्होंने बताया कि पिछले साल 20 मई को जमानत पर रिहा होने के बाद यादव ने कथित तौर पर जेल लेखाकार के कार्यालय से एक चेक बुक चोरी कर ली। जांच में पता चला कि मई 2024 से सितंबर 2025 के बीच उसने जेल अधीक्षक के कई बार जाली हस्ताक्षर करके जेल के सरकारी खाते से बड़ी रकम निकाली। यह धोखाधड़ी 22 सितंबर को तब सामने आई जब 2.6 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के बाद बैंक विवरण की गहराई से जांच की गई।</p>
<p>जांच में पता चला कि आरोपी ने अपनी एक महिला रिश्तेदार के खाते में 2.4 लाख रुपये, अपनी मां सुदामी देवी के खाते में तीन लाख रुपये और अन्य अज्ञात खातों में अतिरिक्त धनराशि अंतरित की थी। बिलरियागंज (आजमगढ़) निवासी यादव का आपराधिक इतिहास रहा है। उसे पहली बार साल 2011 में दहेज हत्या के एक मामले में अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था। इस बीच, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/556200/yogi-is-hell-bent-on-destroying-uttar-pradesh--akhilesh-yadav--bjp-is-a-party-that-spreads-hatred-and-disintegration-in-society"><span class="t-red">उत्तर प्रदेश को "तबाह करने पर तुले हैं योगी : </span>अखिलेश बोले- भाजपा समाज में नफरत और विघटन फैलाने वाली पार्टी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556239/azamgarh-district-jail-superintendent-suspended-for-forging-signatures-and-filling-his-pockets-with-government-funds</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 08:21:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AIU ने WUG विवाद के लिए संयुक्त सचिव सेखों को किया निलंबित, पक्के किए खिलाड़ियों के पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने अपने संयुक्त सचिव बलजीत सिंह सेखों को निलंबित कर दिया है और जर्मनी के राइन-रूहर में चल रहे विश्व विश्वविद्यालय खेलों (डब्ल्यूयूजी) के लिए चुने गए खिलाड़ियों के प्रतियोगिता में भाग लेने से चूकने के कुप्रबंधन की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच पैनल का गठन किया है। भारतीय बैडमिंटन टीम ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था लेकिन उस समय विवाद पैदा हो गया जब यह बात सामने आई कि 16 जुलाई को टीम मैनेजरों की बैठक के दौरान भारतीय अधिकारियों द्वारा सभी नामों को सही ढंग से प्रस्तुत न कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547217/aiu-suspended-joint-secretary-sekhon-for-wug-controversy--confirmed-medals-of-players"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(43)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने अपने संयुक्त सचिव बलजीत सिंह सेखों को निलंबित कर दिया है और जर्मनी के राइन-रूहर में चल रहे विश्व विश्वविद्यालय खेलों (डब्ल्यूयूजी) के लिए चुने गए खिलाड़ियों के प्रतियोगिता में भाग लेने से चूकने के कुप्रबंधन की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच पैनल का गठन किया है। भारतीय बैडमिंटन टीम ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था लेकिन उस समय विवाद पैदा हो गया जब यह बात सामने आई कि 16 जुलाई को टीम मैनेजरों की बैठक के दौरान भारतीय अधिकारियों द्वारा सभी नामों को सही ढंग से प्रस्तुत न कर पाने के कारण चुने गए 12 खिलाड़ियों में से छह को भाग लेने से रोक दिया गया था। </p>
<p>एआईयू ने हालांकि कहा कि एफआईएसयू (विश्वविद्यालय खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था) के साथ बातचीत के बाद, टीम के सभी 12 सदस्यों को पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं, जैसा कि नियम है। रोहन कुमार, दर्शन पुजारी, अदिति भट्ट, अभिनाश मोहंती, विराज कुवले और अलीशा खान भारत की 12 सदस्यीय टीम का हिस्सा थे लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। महिलाओं की 400 मीटर दौड़ की धाविका देवयानी बाजाला ने भी आरोप लगाया कि अधिकारियों की गलती के कारण वह भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाई। </p>
<p>एआईयू के महासचिव पंकज मित्तल ने पीटीआई से कहा, ‘‘जांच पैनल पूरे मामले की जांच करेगा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हमने अपने संयुक्त सचिव बलजीत सिंह सेखों को निलंबित करने का फैसला किया है। पैनल 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।’’ </p>
<p>मित्तल ने कहा, ‘‘इसके अलावा, एआईयू ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जो खिलाड़ी मैनेजर की गलती के कारण प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाए थे उन्हें एफआईएसयू द्वारा प्रमाण पत्र और पदक दिए गए हैं। यह एफआईएसयू के साथ हमारी बातचीत के बाद ही संभव हो पाया।’’ सेखों उस भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख थे जो इस समय जर्मनी में है और 27 जुलाई को समाप्त होने वाले खेलों के लिए अधिकारियों और खिलाड़ियों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए जिम्मेदार थे। जांच समिति की अध्यक्षता बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल कुमार कलकल करेंगे। इससे पहले, खेल मंत्रालय ने भी इस घटनाक्रम पर संज्ञान लिया था।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/547195/shaheen-3s-test-failed-the-threat-of-ruin-from-pakistans-own">पाकिस्तान को अपनी ही मिसाइल से बर्बादी का खतरा, शाहीन-3 का टेस्ट नाकाम, परमाणु केंद्र के पास गिरी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 12:52:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: सरकारी छात्रावास की मरम्मत में घोटाला, 5 लाख खा गए अधिकारी, समाज कल्याण राज्यमंत्री ने किया निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी। </strong>तहसील रामनगर में पीजी कॉलेज स्थित समाज कल्याण विभाग के छात्रावास के मरम्मत कार्य में अनियमितताएं सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया। </p>
<p>सोमवार को रामनगर में एक शोध कक्ष के उद्घाटन के बाद, समाज कल्याण राज्यमंत्री मंत्री ने अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अधूरे काम, बिलों और वाउचरों में बड़ी विसंगतियां मिलीं जिसके बाद उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार कनौजिया को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया। छात्रों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538870/up-news--scam-in-government-hostel-repair--officials-embezzled-rs-5-lakh--minister-of-state-for-social-welfare-suspended-them"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(11)15.png" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी। </strong>तहसील रामनगर में पीजी कॉलेज स्थित समाज कल्याण विभाग के छात्रावास के मरम्मत कार्य में अनियमितताएं सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया। </p>
<p>सोमवार को रामनगर में एक शोध कक्ष के उद्घाटन के बाद, समाज कल्याण राज्यमंत्री मंत्री ने अनुसूचित जाति बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अधूरे काम, बिलों और वाउचरों में बड़ी विसंगतियां मिलीं जिसके बाद उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार कनौजिया को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया। छात्रों से सीधे बातचीत करते हुए, मंत्री ने पंखे और स्विचबोर्ड सहित बिजली की फिटिंग का निरीक्षण किया। इसमें कई खामियां सामने आईं। रिकॉर्ड में, 71 नए स्विचबोर्ड लगाने का दावा किया गया था किंतु एक भी नया स्विचबोर्ड दिखाई नहीं दिया। ट्यूबलाइट को लेकर भी यही स्थिति थी। </p>
<p>समाज कल्याण राज्यमंत्री मंत्री असीम अरुण ने कहा, "मरम्मत का काम पांच लाख रुपये की लागत से किया गया था, लेकिन मामले की जांच में उल्लंघन दिखाई दे रहे हैं।" उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। उन्होंने छात्रावास के व्यापक विकास के लिए 10 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की भी घोषणा की। निलंबन के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि छात्रावास की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए पांच लाख रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन भौतिक सत्यापन में महत्वपूर्ण खामियां सामने आईं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/538865/deputy-cm-hits-back-at-akhilesh-yadav--says-on-dna----how-much-should-i-remind-you--i-will-get-the-thesis-written-and-send-it-to-you">डिप्टी सीएम का अखिलेश यादव पर पलटवार, DNA पर कहा... कितना याद दिलाऊ? थीसिस लिखवाकर भिजवा दूंगा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/538870/up-news--scam-in-government-hostel-repair--officials-embezzled-rs-5-lakh--minister-of-state-for-social-welfare-suspended-them</link>
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                <pubDate>Tue, 20 May 2025 10:53:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: इंस्पेक्टर, चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद तीन और दरोगा हटाए गए, डीसीपी पश्चिम ने किया 12 उपनिरीक्षक के कार्यक्षेत्र में फेरबदल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>राजधानी के<strong> </strong>घसियारी मंडी में गांजा तस्करों से मिलीभगत के आरोप में कैसरबाग इंस्पेक्टर सुनील सिंह, चौकी प्रभारी विजय यादव के निलंबन की कार्रवाई के बाद मंगलवार को डीसीपी पश्चिम विश्वजीत सिंह ने कैसरबाग में तैनात तीन और चौकी प्रभारियों को हटा दिया। इसके अलावा पश्चिम जोन के अन्य थानों में लंबे समय से तैनात 12 उपनिरीक्षक के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है।</p>
<p>डीसीपी पश्चिम ने बताया कि निलंबित इंस्पेक्टर सुनील सिंह और चौकी प्रभारी विजय यादव की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। गांजा तस्करी के मामले में दोनों पुलिसकर्मियों ने तस्करों पर कार्रवाई क्यों नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537989/lucknow--after-the-suspension-of-inspector-and-chowki-incharge--three-more-sub-inspectors-were-removed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/upp.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>राजधानी के<strong> </strong>घसियारी मंडी में गांजा तस्करों से मिलीभगत के आरोप में कैसरबाग इंस्पेक्टर सुनील सिंह, चौकी प्रभारी विजय यादव के निलंबन की कार्रवाई के बाद मंगलवार को डीसीपी पश्चिम विश्वजीत सिंह ने कैसरबाग में तैनात तीन और चौकी प्रभारियों को हटा दिया। इसके अलावा पश्चिम जोन के अन्य थानों में लंबे समय से तैनात 12 उपनिरीक्षक के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है।</p>
<p>डीसीपी पश्चिम ने बताया कि निलंबित इंस्पेक्टर सुनील सिंह और चौकी प्रभारी विजय यादव की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। गांजा तस्करी के मामले में दोनों पुलिसकर्मियों ने तस्करों पर कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच में अगर दोनों की संलिप्ता मिलती है तो विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, तस्करी के आरोपी आशीष सोनकर की तहरीर पर पुलिस ने व्यवसायी ऋषभ सोनकर समेत आठ नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ दर्ज कर ली है। सभी पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप है।</p>
<p>डीसीपी के मुताबिक आशीष का आरोप है कि मोहल्ले में रहने वाले ऋषभ सोनकर और उनके परिचित उससे रंजिश रखते हैं। रविवार देर रात ऋषभ, नीशु, जोजो राज, कार्तिक, तुषार, गोलू, अयाज खान समेत 10-12 लोग घर पहुंचे। फिर घर के अंदर तोड़फोड़ की। सीसी कैमरे और कार में तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि इससे पहले प्रियांश सोनकर ने आशीष के खिलाफ क्षेत्र में गांजा बिकवाने और मारपीट कर धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।</p>
<h5><strong>इनके बदले गए कार्यक्षेत्र</strong></h5>
<p>- कैसरबाग चौकी प्रभारी कलेक्ट्रेट ऋषिकेश राय को खंदारी बाजार चौकी प्रभारी<br />- चौकी प्रभारी खंदारी बाजार शैलेंद्र प्रताप सिंह को वजीरगंज में लारी चौकी प्रभारी<br />- चाइना बाजार चौकी प्रभारी अभिमन्यु सिंह को बाजारखाला में मिल एरिया चौकी प्रभारी<br />-तालकटोरा में तैनात दरोगा रंजीत कुमार पाठक को कलेक्ट्रेट चौकी प्रभारी<br />- लारी चौकी प्रभारी योगेश चंदेल को चाइना बाजार चौकी प्रभारी<br />- आगामीर ड्योढ़ी चौकी से मोबीन अली से थाना काकोरी<br />- चौक एसएसआई पीर मोहम्मद को चौकी प्रभारी आगामीर ड्योढ़ी<br />- मिल एरिया चौकी प्रभारी आलोक श्रीवास्तव को थाना तालकटोरा<br />- थाना सआदतगंज में तैनात सीमा यादव को चौकी प्रभारी घसियारी मंडी<br />- चौक में तैनात कीर्ति यादव को चौकी प्रभारी सीएमएल<br />- चौकी प्रभारी सीएमएल दामिनी सिंह को थाना चौक<br />- चौकी प्रभारी पांडेयगंज शुभेंदु गौतम को पीआरओ डीसीपी पश्चिम<br />- चौकी प्रभारी टिकैतगंज शैलेश तिवारी को थाना काकोरी<br />- थाना काकोरी से धीरज भारद्वाज काे चौकी प्रभारी टिकैतगंज<br />- काकोरी से सत्येंद्र प्रताप सिंह को चौकी प्रभारी पांडेयगंज</p>
<h5><em><strong>इन इंस्पेक्टर के कार्यक्षेत्र भी बदले</strong></em></h5>
<p>- तालकटोरा के अतिरिक्त निरीक्षक सोबरन सिंह को दुबग्गा<br />- दुबग्गा के अतिरिक्त निरीक्षक राजेश कुमार को तालकटोरा<br />- अमीनाबाद के अतिरिक्त निरीक्षक बृजेश चंद्र यादव को चौक<br />- पश्चिमी जोन में तैनात निरीक्षक बैजनाथ सिंह को थाना नाका</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-सपा प्रमुख की बेटी के नाम वाले फर्जी ‘एक्स’ अकाउंट पर PM मोदी और CM योगी की आपत्तिजनक तस्वीर, अखिलेश ने जताई नाराजगी, जानें क्या कहा...</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537989/lucknow--after-the-suspension-of-inspector-and-chowki-incharge--three-more-sub-inspectors-were-removed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537989/lucknow--after-the-suspension-of-inspector-and-chowki-incharge--three-more-sub-inspectors-were-removed</guid>
                <pubDate>Tue, 13 May 2025 22:21:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी: डीएम के तेवर देख अधिकारियों के छूटे पसीने, जानिए क्यों लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को क्यों दिया निलंबन की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस कप्तान अर्पित विजय वर्गीय की उपस्थिति में तहसील रामनगर में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों में चक मार्गों पर अवैध कब्जे और धारा 24 के तहत आदेश के बावजूद राजस्व कर्मियों द्वारा पैमाइश न करने के मामले सामने आए। जिसपर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने हल्का लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को निलंबित करने की चेतावनी भी दी।</p>
<p>डीएम के सख्त रवैये से एसडीएम और तहसीलदार परेशान दिखे। एंडोरा निवासी विपिन कुमार ने शिकायत की कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536439/barabanki--seeing-the-attitude-of-the-dm--the-officers-got-worried--know-why-the-lekhpals-and-revenue-inspectors-were-warned-of-suspension"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/cats62.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस कप्तान अर्पित विजय वर्गीय की उपस्थिति में तहसील रामनगर में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों में चक मार्गों पर अवैध कब्जे और धारा 24 के तहत आदेश के बावजूद राजस्व कर्मियों द्वारा पैमाइश न करने के मामले सामने आए। जिसपर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने हल्का लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को निलंबित करने की चेतावनी भी दी।</p>
<p>डीएम के सख्त रवैये से एसडीएम और तहसीलदार परेशान दिखे। एंडोरा निवासी विपिन कुमार ने शिकायत की कि धारा 24 के तहत आदेश के बावजूद लेखपाल और राजस्व निरीक्षक मौके पर नहीं गए और मनमाने तरीके से रिपोर्ट लगा दी। महादेवा के दलित बस्ती के निवासियों ने बताया कि कॉरिडोर में मुआवजे के लिए उनकी जमीन को दूसरों की बताया जा रहा है। इस शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लेकर एसडीएम को स्वयं जांच करने के निर्देश दिए। मदरसे में शिक्षकों की फर्जी भर्ती की शिकायत भी सामने आई।</p>
<p>तहसील रामनगर में कुल 102 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 20 का मौके पर निस्तारण किया गया और 82 शिकायतों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान डीएम ने 10 लाभार्थियों को मत्स्य पालन के लिये आवंटित पट्टे का प्रमाण पत्र दिया। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत विकास खंड सूरतगंज के 7 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और 5 को चाभी भेंट की और रामनगर ब्लॉक के 10 लाभर्थियों को स्वीकृति पत्र और 5 को चाभी भेंट की। इस मौके पर जिला व तहसील स्तरीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/cats63.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<h5><em><strong>प्राप्त हुईं कुल 410 शिकायतें</strong></em></h5>
<p>जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों से जुड़ी कुल 410 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने मौके पर ही 82 शिकायतों का निस्तारण किया। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, रामनगर में आई 102 शिकायतों के अलावा नवाबगंज में सबसे अधिक 129 शिकायतें मिलीं। उपजिलाधिकारी आनन्द कुमार तिवारी की अध्यक्षता में यहां 19 मामलों का तत्काल समाधान किया गया।</p>
<p>हैदरगढ़ तहसील में 71 शिकायतें आईं और 21 का निस्तारण हुआ। रामसनेहीघाट में अपर जिलाधिकारी ने 55 शिकायतों में से 3 का समाधान किया। फतेहपुर तहसील में 30 शिकायतों में से 13 का निस्तारण किया गया। सिरौलीगौसपुर में 23 शिकायतें मिलीं जिनमें से 6 का मौके पर समाधान हुआ। सभी तहसीलों में बची हुई शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/536349/international-yoga-day--yoga-experts-from-many-states-will-participate-in-the-yoga-festival-of-lucknow-university--green-signal-received-from-ayush-ministry#gsc.tab=0">International Yoga Day : Lucknow University के योग उत्सव में शामिल होंगें कई राज्यों के योग विशेषज्ञ, आयुष मंत्रालय से मिली हरी झंडी</a></strong></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 May 2025 18:28:31 +0530</pubDate>
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