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                <title>Sangam - Amrit Vichar</title>
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                <description>Sangam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Magh Mela 2026 : प्रयागराज में बसंत पंचमी का महास्नान, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान, प्रशासन ने कसी कमर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज: </strong>माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर मनाया जा रहा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर लाखों-करोड़ों श्रद्धालु ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस पुण्य मुहूर्त में श्रद्धालु पीले वस्त्र, पीले अन्न और दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी, आगामी 25 जनवरी को अचला सप्तमी (पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी) और वीकेंड के चलते अगले तीन दिनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568746/magh-mela-2026--basant-panchami-s-grand-bath-in-prayagraj--35-million-people-expected-to-take-a-dip-in-the-confluence--administration-gears-up-for-crowd-management"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(12)13.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज: </strong>माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर मनाया जा रहा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर लाखों-करोड़ों श्रद्धालु ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस पुण्य मुहूर्त में श्रद्धालु पीले वस्त्र, पीले अन्न और दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी, आगामी 25 जनवरी को अचला सप्तमी (पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी) और वीकेंड के चलते अगले तीन दिनों में कुल 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान कर सकते हैं। मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जाता है, जहां भीड़ का दबाव चरम पर रहता है। मेला क्षेत्र में 3.5 किमी लंबाई वाले 24 घाट पूरी तरह तैयार हैं, जहां सफाई, निर्मल जल और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भीड़ प्रबंधन और पांटून पुलों की खास व्यवस्था</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से घुमाने के लिए पांटून पुलों पर विशेष योजना बनाई है:  <br />- परेड से झूसी जाने के लिए पांटून पुल नंबर 3, 5 और 7।  <br />- झूसी से परेड आने के लिए पांटून पुल नंबर 4 और 6।  <br />- आपातकाल के लिए पुल नंबर 1 और 2 पर भारी पुलिस बल तैनात।  </p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाट सुरक्षा और निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। माघ मेले से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा पर ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण: बसंत पंचमी पर नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा, आवागमन केवल पुराने पुल से संभव होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा और वसंत ऋतु की शुरुआत का भी उत्सव है। प्रशासन की कड़ी मेहनत से यह महास्नान सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 10:07:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला 2026 में तनाव: मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रथ रोका, पुलिस से झड़प–स्नान का बहिष्कार!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, अमृत विचार: </strong>माघ मेला 2026 के सबसे पवित्र और व्यस्त दिन मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य रथ जुलूस संगम तट तक पहुंचने से पहले ही प्रशासन द्वारा रोक दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल आगे बढ़ने का अनुरोध किया, लेकिन उनके समर्थकों और भक्तों ने इसका विरोध किया। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की व हल्की झड़प हुई। फिलहाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568151/tension-at-magh-mela-2026--shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-s-chariot-stopped-on-mauni-amavasya--clash-with-police-%E2%80%93-bath-boycotted"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(21)10.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, अमृत विचार: </strong>माघ मेला 2026 के सबसे पवित्र और व्यस्त दिन मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य रथ जुलूस संगम तट तक पहुंचने से पहले ही प्रशासन द्वारा रोक दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल आगे बढ़ने का अनुरोध किया, लेकिन उनके समर्थकों और भक्तों ने इसका विरोध किया। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की व हल्की झड़प हुई। फिलहाल जुलूस रुका हुआ है, और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व प्रशासनिक टीम मौके पर स्थिति संभालने में जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/gfg5jddl5dfi876s.mp4" controls=""></video>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>शंकराचार्य का गुस्से भरा बयान</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखा विरोध जताते हुए कहा, "बड़े-बड़े अधिकारी संत को मार रहे हैं... पुलिस वाले संत को मार रहे हैं। हमने सहयोग करने की बात कही थी, लेकिन प्रशासन ने हमें रोक दिया। अब हम स्नान करने नहीं जा रहे। हमें रोक सकते हैं तो रोक लें!"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जब वे लौटने लगे तो उनके संतों पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर हो रहा है – या तो बदले की भावना से या उन्हें खुश करने के लिए अधिकारी उनका अपमान कर रहे हैं। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि अब वे कहीं नहीं जाएंगे और मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/xhdyhed8dxe3cmcy.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">यह घटना माघ मेले की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन का कहना है कि भीड़ की सुरक्षा सर्वोपरि है, जबकि भक्तों में रोष बढ़ता जा रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही शांति बहाल हो जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 11:50:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Magh Mela 2026: मौनी अमावस्या पर संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लाखों लोगों ने लगाई ब्रह्म मुहूर्त में आस्था की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराजः </strong>माघ मेला 2026 का सबसे महत्वपूर्ण और भव्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज रविवार, 18 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी संगम और आसपास के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी है। लाखों-लाख भक्त ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(5)11.png" alt="MUSKAN DIXIT (5)" width="1200" height="720" /></p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखकर स्नान-दान करने से पापों का नाश होता है और विशेष पुण्य प्राप्ति होती है। कल (शनिवार) ही करीब 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था, जबकि आज का दिन मेले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568131/magh-mela-2026--a-huge-crowd-of-devotees-gathered-at-the-sangam-on-mauni-amavasya--with-lakhs-of-people-taking-a-holy-dip-in-the-brahma-muhurta"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(4)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराजः </strong>माघ मेला 2026 का सबसे महत्वपूर्ण और भव्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज रविवार, 18 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी संगम और आसपास के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी है। लाखों-लाख भक्त ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(5)11.png" alt="MUSKAN DIXIT (5)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखकर स्नान-दान करने से पापों का नाश होता है और विशेष पुण्य प्राप्ति होती है। कल (शनिवार) ही करीब 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था, जबकि आज का दिन मेले का सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जाता है। प्रशासन का अनुमान है कि पूरे दिन 3 करोड़ से ज्यादा भक्त संगम में डुबकी लगा सकते हैं। अब तक की रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह से ही 50 लाख से अधिक लोगों ने पवित्र स्नान पूरा कर लिया है।</p>
<h3><strong>प्रशासन की मजबूत तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था</strong></h3>
<p>मेला प्रशासन ने इस ऐतिहासिक भीड़ को संभालने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं:</p>
<p>- 3.5 किलोमीटर से अधिक लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है, जिसमें 7 सेक्टरों में अलग-अलग घाट बनाए गए हैं।<br />- श्रद्धालुओं को निकटतम घाट पर पहुंचने की अपील की गई है।<br />- सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध: जल पुलिस, NDRF, SDRF, PAC फ्लड कंपनी, गोताखोर और UP ATS कमांडो सहित हजारों पुलिसकर्मी तैनात हैं।<br />- AI-सक्षम कैमरे, ड्रोन और सीसीटीवी से हर कोने पर नजर रखी जा रही है।<br />- संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(4)11.png" alt="MUSKAN DIXIT (4)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>उत्तर प्रदेश के ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने मौके पर सुरक्षा का जायजा लिया। माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, उसी अनुसार व्यवस्था मजबूत की जाती रहेगी। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने भी पुष्टि की कि स्नान सुचारु रूप से चल रहा है और भक्तों की सुरक्षा सर्वोपरि है।</p>
<p>प्रयागराज डीएम मनीष कुमार वर्मा और मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि उत्साह देखते ही बन रहा है। रिफ्लेक्टिव टेप और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की मदद से भक्तों को सही रास्ता दिखाया जा रहा है।</p>
<p>घाट पर भक्तों की भारी भीड़, पवित्र डुबकी और सुरक्षा व्यवस्था के जीवंत नजारे पेश करती हैं। मौनी अमावस्या का यह पावन अवसर न केवल पापों से मुक्ति देता है, बल्कि आध्यात्मिक शांति और नई ऊर्जा का संचार भी करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 09:23:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Magh Mela 2026 : माघ मेला की तैयारियों में आई तेजी, संगम किनारे सुनाई देने लगी कल्पवासियों की आहट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आस्था का सबसे बड़ा मेला माघ मेला 2026 की तैयारियाँ अब तेज़ी से ज़मीन पर उतरती दिखाई देने लगी हैं। संगम की पवित्र रेती पर एक बार फिर साधु-संतों और कल्पवासियों की आहट सुनाई देने लगी है। धीरे-धीरे टेंट सिटी आकार ले रही है और माघ मेले का स्वरूप महाकुंभ की भव्यता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है। </p>
<p>योगी सरकार ने इस बार के माघ मेला को महाकुंभ की तरह भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने की योजना बनाई है। जिससे की देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्य और भव्य अनुभव मिल सके।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564139/magh-mela-2026--preparations-for-the-magh-mela-have-intensified--and-the-sounds-of-pilgrims-arriving-at-the-confluence-of-rivers-are-now-being-heard"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/069.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आस्था का सबसे बड़ा मेला माघ मेला 2026 की तैयारियाँ अब तेज़ी से ज़मीन पर उतरती दिखाई देने लगी हैं। संगम की पवित्र रेती पर एक बार फिर साधु-संतों और कल्पवासियों की आहट सुनाई देने लगी है। धीरे-धीरे टेंट सिटी आकार ले रही है और माघ मेले का स्वरूप महाकुंभ की भव्यता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है। </p>
<p>योगी सरकार ने इस बार के माघ मेला को महाकुंभ की तरह भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने की योजना बनाई है। जिससे की देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्य और भव्य अनुभव मिल सके। जिस तरह 2025 में भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन हुआ था। ठीक इस बार का माघ मेला भी मिनी कुम्भ की तर्ज पर बसाया जा रहा है। </p>
<p>कुंभ और महाकुंभ में सभी अखाड़े यहाँ पर पूरे मेले में देखने को मिलते है लेकिन इस बाद सिर्फ साधु संतों का ही जमावड़ा देखने को मिलेगा क्योकि माघ मेले में अखाड़े प्रवास नही करते है अखाड़े हमेशा अर्ध कुंभ या कुंभ या फिर महाकुंभ में ही मेले में आते है और माँ गंगा के साथ साथ नए साधु संतों बनाने की प्रकिया करते है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 14:47:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ: संगम के गंगाजल में स्नान करेंगे जेलों में बंद कैदी, UP सरकार ने बनाया यह प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>एक अनूठी और आध्यात्मिक पहल के तहत, उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को प्रयागराज के संगम के पवित्र जल से स्नान करने का अवसर मिलेगा, जहां महाकुंभ चल रहा है। राज्य का जेल प्रशासन कैदियों के लिए संगम से पवित्र जल लाने की खातिर विशेष व्यवस्था कर रहा है, ताकि वे इस आयोजन में भाग ले सकें। </p>
<p>जेल मंत्री दारा सिंह चौहान के कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विशेष कार्यक्रम 21 फरवरी को सुबह 9:30 से 10:00 बजे तक होगा। इस दौरान, राज्य भर की सभी 75 जेलों में बंद कैदियों को संगम से लाए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/523445/maha-kumbh--prisoners-in-jails-will-take-bath-in-ganga-water-of-sangam--up-government-has-made-this-plan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/cats399.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>एक अनूठी और आध्यात्मिक पहल के तहत, उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को प्रयागराज के संगम के पवित्र जल से स्नान करने का अवसर मिलेगा, जहां महाकुंभ चल रहा है। राज्य का जेल प्रशासन कैदियों के लिए संगम से पवित्र जल लाने की खातिर विशेष व्यवस्था कर रहा है, ताकि वे इस आयोजन में भाग ले सकें। </p>
<p>जेल मंत्री दारा सिंह चौहान के कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विशेष कार्यक्रम 21 फरवरी को सुबह 9:30 से 10:00 बजे तक होगा। इस दौरान, राज्य भर की सभी 75 जेलों में बंद कैदियों को संगम से लाए गए जल में स्नान की अनुमति दी जाएगी। इसमें सात केंद्रीय कारागार और 68 जिला कारागार शामिल हैं।</p>
<p>जेल महानिदेशक (डीजी) पीवी रामशास्त्री ने पुष्टि की कि मंत्री दारा सिंह चौहान की देखरेख में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी जेलों में संगम का जल लाया जाएगा और कैदी प्रार्थना के बाद, जेल परिसर में विशेष रूप से स्थापित कलश (छोटा टैंक) में पवित्र जल और नियमित जल के मिश्रण से स्नान करेंगे। </p>
<p>जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में उप्र की जेलों में 90,000 से अधिक कैदी बंद हैं। मंत्री चौहान और वरिष्ठ जेल अधिकारियों के 21 फरवरी को लखनऊ जेल में कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। इसी तरह की पहल में, 17 फरवरी को उन्नाव जेल ने अपने कैदियों को संगम के जल से स्नान कराया। जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कैदियों को पवित्र जल से स्नान कराने की योजना पर कुछ समय से विचार किया जा रहा था। </p>
<p>सिंह ने बताया कि उन्नाव जेल के कैदियों को 21 फरवरी को फिर यह मौका मिलेगा। गोरखपुर जेल के जेलर एके कुशवाहा ने बताया कि जेल प्रशासन ने प्रयागराज से पवित्र जल लाने के लिए एक जेल प्रहरी को भेजा गया है। इस जल को नियमित स्नान के पानी में मिलाया जाएगा। </p>
<p>प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक रंग बहादुर ने बताया कि 21 फरवरी को कैदी संगम से लाए गए गंगा जल में स्नान करेंगे। इसी तरह प्रयागराज जिला जेल में वरिष्ठ अधीक्षक अमिता दुबे ने कहा कि करीब 1,350 कैदी इस अवसर को पाने के लिए उत्साहित हैं। प्रयागराज में महाकुंभ मेला 26 फरवरी तक चलेगा।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/523109/up-assembly-budget-session-live--sp-protests-before-budget-session--cm-yogi-reaches-assembly--targets-opposition#gsc.tab=0">UP Assembly Budget Session: सदन में भाषा पर तकरार, बोले सीएम योगी- ये उर्दू की वकालत करते हैं और भोजपुरी, अवधी का विरोध</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 15:35:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh 2025: ओम बिरला ने संगम में लगाई डुबकी, कहा- भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है महाकुंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को महाकुम्भ में पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। लोकसभा अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। यह हमारी प्राचीन संस्कृति और धर्म का महोत्सव है। यहां संतों की वाणी, उनका प्रभाव और भक्तों की अपार श्रद्धा देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522562/mahakumbh-2025-om-birla-took-a-dip-in-the-confluence"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/demo-image-v---2025-02-15t153830.405.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को महाकुम्भ में पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। लोकसभा अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। यह हमारी प्राचीन संस्कृति और धर्म का महोत्सव है। यहां संतों की वाणी, उनका प्रभाव और भक्तों की अपार श्रद्धा देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए। </p>
<p>ओम बिरला ने महाकुम्भ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद-पुराणों में इसका विशेष उल्लेख है। यह आयोजन समभाव और समरसता का प्रतीक है, जहां जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी लोग एक साथ आस्था के संगम में डुबकी लगाते हैं। महाकुम्भ न केवल आंतरिक ऊर्जा और चेतना को जाग्रत करता है, बल्कि आत्मा और मन की शुद्धता भी प्रदान करता है। </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">अश्वमेध सहस्त्राणि वाजपेय शतानि च। <br />लक्षं प्रदक्षिणा भूमेः कुम्भस्नाने हि तत्फलम्।।<br /><br />प्रयागराज की पावन भूमि पर महाकुम्भ में स्नान कर मन असीम श्रद्धा और आनंद से भर उठा। <br />महाकुम्भ भारत की संस्कृति और चेतना का केंद्र है, जहाँ आस्था, अध्यात्म, और एकता का महासंगम हो रहा है।<br /><br />यह… <a href="https://t.co/E5Q4rmfzIF">pic.twitter.com/E5Q4rmfzIF</a></p>
— Om Birla (@ombirlakota) <a href="https://twitter.com/ombirlakota/status/1890710195879415853?ref_src=twsrc%5Etfw">February 15, 2025</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ने आस्था को जीवन का सबसे बड़ा सामर्थ्य बताते हुए कहा कि यह पर्व राजनीति से परे, सामाजिक और आध्यात्मिक समरसता का अवसर है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत से, गांव-गांव और शहर-शहर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं, जो इस आयोजन की विशालता और पवित्रता को दर्शाता है। महाकुम्भ के प्रति अपने विश्वास को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और महाकुम्भ में उमड़ रही भक्तों की भीड़ को देखकर इसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत उदाहरण बताया। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/522559/mahakumbh-2025-goa-governor-and-chief-minister-will-take-a">Mahakumbh 2025: गोवा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री महाकुंभ में लगाएंगे डुबकी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 15:38:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh 2025: गोवा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री महाकुंभ में लगाएंगे डुबकी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पणजी।</strong> गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी शनिवार को प्रयागराज में महाकुंभ का दौरा करेंगे और गंगा नदी में डुबकी लगाएंगे। पिल्लई, सावंत, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य सदस्य सुबह डाबोलिम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विशेष विमान से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेना जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गोवा से प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेन चलाने की योजना बनाई थी, जिनमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522559/mahakumbh-2025-goa-governor-and-chief-minister-will-take-a"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/महाकुंभ-2025.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पणजी।</strong> गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी शनिवार को प्रयागराज में महाकुंभ का दौरा करेंगे और गंगा नदी में डुबकी लगाएंगे। पिल्लई, सावंत, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य सदस्य सुबह डाबोलिम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विशेष विमान से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेना जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गोवा से प्रयागराज के लिए तीन विशेष ट्रेन चलाने की योजना बनाई थी, जिनमें से दो पहले ही रवाना हो चुकी हैं। सावंत ने कहा कि लोगों के जबरदस्त उत्साह को देखते हुए राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने संभावना पर विचार कर रही है। </p>
<p>भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामोदर नाइक ने कहा कि ऐसे शुभ अवसर का हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने प्रयागराज के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था करके लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है।’’ सूत्रों के अनुसार, सावंत के साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे को छोड़कर सभी मंत्रिमंडलीय सहयोगी थे। उन्होंने बताया कि शाम को संगम में उनके डुबकी लगाने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/522496/more-than-50-lakh-people-took-holy-dip-in-maha-kumbh-till-10-am--fair-area-is-no-vehicle-zone">महाकुंभ में सुबह 10 बजे तक 50 लाख से अधिक लोगों ने लगाई पुण्य की डुबकी, मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 15:30:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh 2025: स्वच्छता का विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में बढ़ा महाकुंभ </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभनगर।</strong> तीर्थराज प्रयागराज की धरती ना केवल भव्य महाकुंभ रूप में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का साक्षात्कार कर रही है, बल्कि संगमनगरी विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बनने जा रही है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम और गंगा में स्नान के विश्व रिकॉर्ड के साथ ही स्वच्छता की दिशा में भी एक अनूठा रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसके तहत, 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने शुक्रवार को एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई की। </p>
<p>स्वच्छता के विश्व रिकॉर्ड के लिए मेला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522448/mahakumbh-2025-mahakumbh-increased-towards-creating-a-world-record-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/whatsapp-image-2025-02-14-at-20.50.06_e95bf5e5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभनगर।</strong> तीर्थराज प्रयागराज की धरती ना केवल भव्य महाकुंभ रूप में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का साक्षात्कार कर रही है, बल्कि संगमनगरी विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बनने जा रही है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम और गंगा में स्नान के विश्व रिकॉर्ड के साथ ही स्वच्छता की दिशा में भी एक अनूठा रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसके तहत, 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने शुक्रवार को एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई की। </p>
<p>स्वच्छता के विश्व रिकॉर्ड के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी निर्धारित प्रक्रिया को अपनाया गया। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि इस पूरी प्रक्रिया का सत्यापन करेंगे और इस रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के बाद इसका प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद यह अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड होगा, जहां एक साथ इतने सफाई कर्मियों ने अलग-अलग घाटों पर आधे घंटे से ज्यादा समय तक घाटों पर सफाई का अभियान चलाया। </p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार, प्रयागराज में जारी महाकुंभ की वैश्विक छवि को देखते हुए सरकार ने नदी की सफाई को लेकर जन जागरुकता अभियान छेड़ा हुआ है जिसकी वजह से महाकुंभ में आ रहे करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन, निर्मल और स्वच्छ जल में स्नान कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण की विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गंगा नदी पर बने तीन घाटों (राम घाट, भारद्वाज घाट और गंगेश्वर घाट) पर एक साथ गंगा सफाई अभियान चलाया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आधे घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान के माध्यम से नदी और घाटों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता का भी प्रसार किया गया। इस अभियान में 300 से ज्यादा सफाई कर्मी शामिल हुए। इस तरह का अभियान पहली बार चलाया गया है। आकांक्षा राना ने बताया कि इस अभियान को देखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसे देखने और सत्यापन करने के बाद इस रिकॉर्ड को मान्यता दी जाएगी। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/522418/more-than-50-crore-devotees-took-away-in-sangam-in">Mahakumbh 2025: महाकुंभ में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 21:35:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ पहुंचे राजस्थान और एमपी के सीएम, संगम में लगाई आस्था की डुबकी, बोले- जन्मों के पुण्य से मिलता है सौभाग्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभ नग। </strong>राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने शनिवार को संगम में डुबकी लगाई। दोनों मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी धर्मपत्नियां भी मौजूद थीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संगम में स्नान किया। ठाकुर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। </p>
<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संगम में स्नान के बाद कहा, “यह महाकुंभ हमारी संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। हम सौभाग्यशाली हैं कि 144 वर्ष बाद आए इस महाकुंभ में हमने डुबकी लगाई। इस दिव्य और भव्य आयोजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/521241/delhi-elections--bjp--aam-aadmi-party--arvind-kejriwal--aap-s-defeat--bjp-s-victory"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/cats183.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभ नग। </strong>राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने शनिवार को संगम में डुबकी लगाई। दोनों मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी धर्मपत्नियां भी मौजूद थीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संगम में स्नान किया। ठाकुर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। </p>
<p>राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संगम में स्नान के बाद कहा, “यह महाकुंभ हमारी संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। हम सौभाग्यशाली हैं कि 144 वर्ष बाद आए इस महाकुंभ में हमने डुबकी लगाई। इस दिव्य और भव्य आयोजन के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं।” </p>
<p>वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संगम में डुबकी लगाने के बाद कहा, “मैं आज (शनिवार को) तीर्थराज प्रयाग की भूमि पर आया हूं और यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से डुबकी लगाई और प्रदेश की जनता विशेष रूप से युवाओं के उज्ज्वल भविष्य व समाज के हर वर्ग की समृद्धि की कामना की।” </p>
<p>सांसद अनुराग ठाकुर ने ‘एक्स’ पर स्नान की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “मां गंगा, यमुना और सरस्वती के शुभाशीष से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास हो।” आधिकारिक बयान के मुताबिक, ठाकुर ने इस अवसर पर मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम पर पूजा-अर्चना की और सर्वकल्याण की कामना की। उन्होंने महाकुंभ को ‘एकता का महाकुंभ’ बताया और इसे भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक करार दिया।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/521218/horrible-road-accident-in-gonda--four-vehicles-collided--dumper-driver-who-entered-the-house-died#gsc.tab=0">गोंडा में भीषण सड़क हादसा: आपस में भिड़ीं चार गाड़ियां, घर में घुसा डंपर, चालक की मौत, जानें कैसे हुआ हादसा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/521241/delhi-elections--bjp--aam-aadmi-party--arvind-kejriwal--aap-s-defeat--bjp-s-victory</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Feb 2025 17:24:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं: महाकुंभ में स्नान करने भैंसोरा के अविलाक सिंह लापता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कछला, अमृत विचार।</strong> कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव भैंसोरा निवासी सुशील पुत्र श्रीप्रकाश ने बताया कि उनके ताऊ अविलाक सिंह यादव (50) पुत्र नेकसू यादव 27 जनवरी को गांव के 10 लोगों के साथ महाकुंभ में गंगास्नान करने प्रयागराज गए थे लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी वह वापस नहीं लौटे हैं जबकि उनके साथ गए अन्य लोग वापस आ गए हैं। </p>
<p>उनके साथ गए संजीव ने बताया कि वह सभी लोग 28 जनवरी को प्रयागराज पहुंच गए थे। सभी ने साथ में मौनी अमावस्या पर सुबह सात बजे संगम पर गंगास्नान किया था। जिसके बाद लगभग आठ बजे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519548/bathing-in-badaun-mahakumbh-missing-upanak-singh-of-bhainsora-missing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/557.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कछला, अमृत विचार।</strong> कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव भैंसोरा निवासी सुशील पुत्र श्रीप्रकाश ने बताया कि उनके ताऊ अविलाक सिंह यादव (50) पुत्र नेकसू यादव 27 जनवरी को गांव के 10 लोगों के साथ महाकुंभ में गंगास्नान करने प्रयागराज गए थे लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी वह वापस नहीं लौटे हैं जबकि उनके साथ गए अन्य लोग वापस आ गए हैं। </p>
<p>उनके साथ गए संजीव ने बताया कि वह सभी लोग 28 जनवरी को प्रयागराज पहुंच गए थे। सभी ने साथ में मौनी अमावस्या पर सुबह सात बजे संगम पर गंगास्नान किया था। जिसके बाद लगभग आठ बजे मेला से वापस आने के लिए निकले थे। महाकुंभ में भीड़ ज्यादा होने की वजह से अविलाक सिंह बिछड़ गए। तो संजीव ने कंट्रोल रूम जाकर लाउडस्पीकर से एनाउंस कराया था लेकिन दोपहर लगभग तीन बजे तक वह वापस नहीं लौटे। साथी लोग हताश होकर रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां भी अविलाक सिंह यादव नहीं मिले। फिर वह लोग वापस आ गए लेकिन अभी तक अविलाक सिंह का पता नहीं चल सका है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/519389/badaun-sarsham-caught-a-crook-with-cash-looted-by-businessman">बदायूं: सरेशाम व्यापारी से लूटी गई नकदी के साथ बदमाश को दबोचा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519548/bathing-in-badaun-mahakumbh-missing-upanak-singh-of-bhainsora-missing</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 18:04:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, संगम में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा 10 करोड़ के पार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>महाकुंभ के अवसर पर मोक्ष की अभिलाषा के साथ देश दुनिया के विभिन्न अंचलों से आकर तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या गुरुवार दोपहर तक दस करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी थी। मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतो, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों के स्नान का यह नया रिकॉर्ड है। महाकुम्भ में प्रतिदिन लाखों की संख्या श्रद्धालु पुण्य स्नान का फल प्राप्त कर रहे हैं। </p>
<p>सरकार पहले ही 45 दिन तक चलने वाले महापर्व के दौरान 45 करोड़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518053/mahakumbh-broke-all-records-the-number-of-people-taking-a"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/ghpi6fewmaa0vmg.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>महाकुंभ के अवसर पर मोक्ष की अभिलाषा के साथ देश दुनिया के विभिन्न अंचलों से आकर तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या गुरुवार दोपहर तक दस करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी थी। मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतो, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों के स्नान का यह नया रिकॉर्ड है। महाकुम्भ में प्रतिदिन लाखों की संख्या श्रद्धालु पुण्य स्नान का फल प्राप्त कर रहे हैं। </p>
<p>सरकार पहले ही 45 दिन तक चलने वाले महापर्व के दौरान 45 करोड़ श्रद्धालुओं के यहां आने का अनुमान व्यक्त कर चुकी है जिसमें अकेले मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर ही दस करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज आगमन के आसार हैं। गंगा की रेती पर हजारों कदम चलने के बाद त्रिवेणी के पावन जल में डुबकी लगाने वालों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। गुरुवार दोपहर 12 बजे तक 30 लाख लोगों ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर लिया। इसमें 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे। इसके साथ ही महाकुम्भ में 10 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या भी पार कर गई। पूरे महाकुम्भ मेला क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा। देश के विभिन्न प्रान्तो और विश्व के अनेक देशों से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। </p>
<p>संगम के तटों पर इस समय पूरे देश की विविध संस्कृतियों की झलक देखने को मिल रही है। ऊंच नीच, जात पात, पंथ से ऊपर उठकर लोग संगम स्नान कर एकता के महाकुम्भ के संकल्प को साकार कर रहे हैं। अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो 23 जनवरी तक 10 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। सर्वाधिक 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था, जबकि पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर 1.7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पावन डुबकी लगाई थी। इसके अलावा प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान कर रहे हैं। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/518025/mahakumbh-2025-mahaprasad-reached-the-kitchen-from-special-to-common">Mahakumbh 2025: महाप्रसाद रसोई में पहुंच खास से आम हुई अदाणी परिवार की सास-बहू, रसोई में महिलाओं संग संग कर रही काम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/518053/mahakumbh-broke-all-records-the-number-of-people-taking-a</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 15:01:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh 2025: कल्पवासियों के आगे सर्दी हुई बेअसर, जानें बिहार की रोहिणी का महाकुंभ कनेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभनगर, अमृत विचारः </strong>बिहार के मैथिली क्षेत्र की 68 वर्षीय रोहिणी झा कड़ाके की ठंड में भी संगम के तट पर अपने शिविर में जमीन पर सोती हैं, गंगा में डुबकी लगाने के लिए सुबह जल्द उठती हैं और दिन में सिर्फ एक बार भोजन करती हैं। रोहिणी महाकुम्भ में कल्पवास कर रही हैं। </p>
<p>कल्पवास का मतलब होता है पूरे एक महीने तक संगम के किनारे रहकर वेद अध्ययन, ध्यान और पूजन करना। पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक होने वाला कल्पवास सदियों से इस क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा रहा है। महाभारत और रामचरितमानस सहित विभिन्न वैदिक ग्रंथों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517856/mahakumbh-2025-winter-became-ineffective-in-front-of-kalpavasis"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(34)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभनगर, अमृत विचारः </strong>बिहार के मैथिली क्षेत्र की 68 वर्षीय रोहिणी झा कड़ाके की ठंड में भी संगम के तट पर अपने शिविर में जमीन पर सोती हैं, गंगा में डुबकी लगाने के लिए सुबह जल्द उठती हैं और दिन में सिर्फ एक बार भोजन करती हैं। रोहिणी महाकुम्भ में कल्पवास कर रही हैं। </p>
<p>कल्पवास का मतलब होता है पूरे एक महीने तक संगम के किनारे रहकर वेद अध्ययन, ध्यान और पूजन करना। पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक होने वाला कल्पवास सदियों से इस क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा रहा है। महाभारत और रामचरितमानस सहित विभिन्न वैदिक ग्रंथों में इस धार्मिक क्रिया का जिक्र किया गया जो हिंदू आध्यात्मिकता में इसके गहरे महत्व को दर्शाता है। </p>
<p>रोहिणी, महाकुम्भ में कल्पवास करने वाले 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं में से एक हैं। अपने 11वें कल्पवास पर झा ने बताया कि उन्होंने पहला कल्पवास तब किया जब वह चार साल की थीं और उस समय उन्होंने अपने माता-पिता के साथ कल्पवास किया था। उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम 12 कल्पवास करना शुभ माना जाता है। इस धार्मिक क्रिया की शुरुआत श्रद्धालुओं के संगम पर पहुंचने से होती है, जहां वे अपने अस्थायी तंबू लगाते हैं। यह आध्यात्मिक सफर का पहला कदम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘श्रद्धालु घर की सभी सुख-सुविधाओं से कट जाते हैं और एक साधारण जीवनशैली अपनाते हैं।’’ रोहिणी के साथ उनके परिवार के सात सदस्य हैं, सभी वरिष्ठ नागरिक भी कल्पवास पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा माना जाता है कि कल्पवास के दौरान आप जितनी अधिक पीड़ा या कठिनाई का सामना करते हैं, यह उतना ही सफल होता है... आप खुद को ईश्वर के करीब महसूस करते हैं और जीवन के सुखों और चिंताओं से मुक्त होते हैं।’’ </p>
<p>कल्पवासी संगम के पास अस्थायी तंबुओं में रहने के लिए आधुनिक सुख-सुविधाओं को त्याग देते हैं। उनकी दिनचर्या में गंगा स्नान, प्रवचनों में भाग लेना और भक्ति संगीत सुनना शामिल होता है जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक विकास और आंतरिक शुद्धि को बढ़ावा देना है। शिवानंद पांडे (51) ने कहा, ‘‘कल्पवास की शुरुआत आमतौर पर केले, तुलसी और जौ के पौधे लगाने से होती है। इस दौरान हमें उपवास रखना चाहिए और अनुशासित जीवनशैली अपनानी चाहिए।’’ पांडे एक वकील हैं और वह कल्पवास के लिए अपने काम से एक माह का अवकाश लेते हैं। </p>
<p>धार्मिक क्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कल्पवासी संगम के तट पर अपना डेरा डाल लेते हैं, धार्मिक क्रिया का समर्पण के साथ पालन करते हैं और तीन बार गंगा स्नान करते हैं। तपस्या के अलावा धैर्य, अहिंसा और भक्ति के सिद्धांतों का पालन करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए इस परंपरा का लगातार 12 साल तक पालन किया जाना चाहिए।’’ उनकी पत्नी नेहा पांडे ने 12 कल्पवास पूरे कर लिए हैं और अब अपने पति के साथ हैं। नेहा ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस बार संकल्प नहीं लिया। महाकुम्भ, हर 12 साल में आयोजित होने वाला बड़ा धार्मिक आयोजन है जो 13 जनवरी से प्रयागराज में शुरू हो चुका है और 45 दिनों तक चलेगा। अब तक सात करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। महाकुम्भ नगर के अतिरिक्त जिलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि 15 लाख से अधिक कल्पवासियों के पहुंचने की उम्मीद है। </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 14:54:28 +0530</pubDate>
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