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                <title>training - Amrit Vichar</title>
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                <description>training RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नर्सिंग शिक्षा को लेकर एबीवीएमयू का जपाइगो इंडिया से करार, 20 हजार छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण, जानें कितनें कॉलेज होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी (एबीवीएमयू) ने जपाइगो इंडिया के साथ करार किया है। इस पहल के तहत प्रदेश के 280 नर्सिंग कॉलेजों में अध्ययनरत करीब 20 हजार बीएससी, एमएससी, एएनएम और जीएनएम छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कुलपति डॉ. अमित देवगन ने बताया कि इस करार के अंतर्गत छात्रों को केवल कक्षा आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि अस्पतालों में उपयोग होने वाली डिजिटल प्रणालियों का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीन नर्सिंग अशोक विश्नोई और परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576480/abvmu-signs-agreement-with-jhpiego-india-for-nursing-education--20-000-students-to-receive-modern-technology-based-training%E2%80%94find-out-how-many-colleges-will-be-included"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats181.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी (एबीवीएमयू) ने जपाइगो इंडिया के साथ करार किया है। इस पहल के तहत प्रदेश के 280 नर्सिंग कॉलेजों में अध्ययनरत करीब 20 हजार बीएससी, एमएससी, एएनएम और जीएनएम छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कुलपति डॉ. अमित देवगन ने बताया कि इस करार के अंतर्गत छात्रों को केवल कक्षा आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि अस्पतालों में उपयोग होने वाली डिजिटल प्रणालियों का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीन नर्सिंग अशोक विश्नोई और परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला के अनुसार, इस पहल से न केवल नर्सिंग शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम के तहत वर्चुअल और सिमुलेशन आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए आजीवन सीखने के मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। यह पूरी पहल डेटा आधारित गुणवत्ता सुधार और मजबूत शैक्षणिक शासन की रणनीति पर आधारित है, जो आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 20:14:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : जनगणना-2027 के लिए फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू, डीएम ने किया शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के लिए जनपद में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में 172 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार तथा कलेक्ट्रेट के मीटिंग हॉल में प्रारंभ हुआ। सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। जनगणना–2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी और पहली बार नागरिकों को स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध होगी। जनपद में जनगणना कार्य के लिए लगभग 13</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575348/kanpur--training-for-field-trainers-for-census-2027-begins--dm-inaugurates-the-program"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/316.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के लिए जनपद में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में 172 फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार तथा कलेक्ट्रेट के मीटिंग हॉल में प्रारंभ हुआ। सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। जनगणना–2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी और पहली बार नागरिकों को स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध होगी। जनपद में जनगणना कार्य के लिए लगभग 13 हजार से अधिक कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। जनगणना का प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित होगा, जबकि द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में 172 फील्ड ट्रेनरों को कुल पांच बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की बारीकियों से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनगणना देश की सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से आवास की स्थिति, मूलभूत सुविधाओं, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से संबंधित सटीक आंकड़े प्राप्त होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करते हुए जनगणना के प्रथम चरण के लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। इस अवसर पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>33 प्रकार के प्रश्नों की प्रक्रिया समझाया </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण के दौरान मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की प्रक्रिया, डिजिटल एप्लीकेशन के उपयोग, डाटा संकलन की विधि तथा सर्वेक्षण के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, पेयजल, विद्युत, शौचालय, खाना पकाने के ईंधन तथा घरों में उपलब्ध प्रमुख परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रकार के विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन्हें दी गई प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण सत्र में सहायक निदेशक जनगणना एवं जिला प्रभारी दिनेश कुमार यादव, सांख्यिकी अधिकारी एवं सहायक जिला प्रभारी हिमांशु शुक्ला, डायट लेक्चरर एवं मास्टर ट्रेनर राहुल यादव, अनूप पटेल, अजीजुर रहमान तथा सहायक अध्यापक एवं मास्टर ट्रेनर सौरव यादव द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के उपरांत फील्ड ट्रेनर जनपद के प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 20:42:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी सरकार का बड़ा फैसला : यूपी में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य, डीएम-एसपी समेत सभी अफसर करेंगे 'कर्मयोगी' कोर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जन-धन के नुकसान को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी जिलों में तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए अब आपदा प्रबंधन से संबंधित ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहत आयुक्त एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने इस संबंध में मुख्य सचिव और नियुक्ति विभाग को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक अधिकारियों को भारत सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध आपदा प्रबंधन कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्देश के तहत जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571413/yogi-government-s-big-decision--disaster-management-training-mandatory-in-up--all-officers-including-dm-sp-will-do--karmayogi--course"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जन-धन के नुकसान को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी जिलों में तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए अब आपदा प्रबंधन से संबंधित ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहत आयुक्त एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने इस संबंध में मुख्य सचिव और नियुक्ति विभाग को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक अधिकारियों को भारत सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध आपदा प्रबंधन कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्देश के तहत जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी), मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और नगर आयुक्त, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, अपर जिलाधिकारी (एडीएम), उपजिलाधिकारी (एसडीएम), अपर नगर आयुक्त, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) तथा तहसीलदार को यह कोर्स करना अनिवार्य होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राहत आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कोर्स पूरा करने के बाद संबंधित अधिकारी एक माह के भीतर अपना प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध कराएंगे। वहीं, इन पदों पर नई तैनाती पाने वाले अधिकारियों को पदभार ग्रहण करने के पहले महीने के भीतर ही प्रशिक्षण पूरा करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन कोर्स में प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं की प्रबंधन योजना, बाढ़, वज्रपात और हीटवेव से निपटने की रणनीति, आपदा के दौरान संचार व्यवस्था और जोखिम मूल्यांकन एवं नियंत्रण जैसे विषय शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि प्रदेश में बाढ़, सर्पदंश, लू, शीतलहर और ओलावृष्टि जैसी आपदाएं हर वर्ष चुनौती पेश करती हैं। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/571413/yogi-government-s-big-decision--disaster-management-training-mandatory-in-up--all-officers-including-dm-sp-will-do--karmayogi--course</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 20:58:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM योगी का बड़ा ऐलान: हर जिले में बनेगा 'सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन', एक छत के नीचे कौशल, रोजगार और स्टार्टअप का सपना होगा साकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उप्र. दिवस के अवसर पर घोषित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार और कौशल से सीधे जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने इसे सभी जिलों में उपयुक्त स्थलों पर भूमि चिन्हित कर शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। कहा कि परियोजना को समयबद्ध ढंग से लागू किया जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने लोकभवन में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति का उद्देश्य केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569853/cm-yogi-announces-a-major--sardar-vallabhbhai-patel-employment-and-industrial-zone--in-every-district--bringing-together-the-dream-of-skills--employment--and-startups-under-one-roof"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/योगी-गोरखपुर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उप्र. दिवस के अवसर पर घोषित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार और कौशल से सीधे जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने इसे सभी जिलों में उपयुक्त स्थलों पर भूमि चिन्हित कर शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। कहा कि परियोजना को समयबद्ध ढंग से लागू किया जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने लोकभवन में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि ऐसा सक्षम और व्यावहारिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां स्थानीय युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और वेतन आधारित रोजगार के अवसर साथ-साथ मिलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जोन स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं के अनुरूप विकसित किए जाएं, ताकि प्रत्येक जनपद की विशिष्टता के अनुसार रोजगार सृजन हो सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और उद्योग-सहायता से जुड़े विभिन्न विभागों और सुविधाओं को एकीकृत रूप में उपलब्ध कराने की पहल है। उन्होंने एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों, स्टार्ट-अप और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट, फ्लैटेड फैक्ट्री और साझा अवसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे उद्यमियों को शुरुआती स्तर पर ही आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।</p>
<p>बैठक में अवगत कराया गया कि प्रत्येक जोन में कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग फैसिलिटी, डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर, टूल रूम, ईटीपी/सीईटीपी, प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही युवाओं के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण, स्किल अपग्रेडेशन, मेंटरिंग, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट भी इसी परिसर से उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<h3><strong>न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होगा जोन</strong></h3>
<p>योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित लेआउट में औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क नेटवर्क, कॉमन फैसिलिटी, सर्विस सेक्टर, हरित क्षेत्र और कार्यालय स्पेस का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना भी की जाएगी, जहां प्रशिक्षण हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, एक्सटेंशन काउंटर और उद्योग-सहायता से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569853/cm-yogi-announces-a-major--sardar-vallabhbhai-patel-employment-and-industrial-zone--in-every-district--bringing-together-the-dream-of-skills--employment--and-startups-under-one-roof</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 10:08:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2026-27: बजट में बाबुओं के प्रशिक्षण के लिए 299 करोड़ रुपये, प्रशासनिक सुधारों को 65 करोड़ रुपये का प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश और विदेश में सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 299 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है। रविवार को पेश बजट के अनुसार, इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रावधान में सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण की योजना, प्रशासनिक सुधारों पर पायलट परियोजनाएं शामिल हैं जिनमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना, सुशासन को प्रोत्साहित करना और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 299 करोड़ रुपये के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569694/budget-2026-27--the-budget-proposes-%E2%82%B9299-crore-for-the-training-of-bureaucrats-and-%E2%82%B965-crore-for-administrative-reforms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/sitharaman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश और विदेश में सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 299 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है। रविवार को पेश बजट के अनुसार, इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रावधान में सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण की योजना, प्रशासनिक सुधारों पर पायलट परियोजनाएं शामिल हैं जिनमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना, सुशासन को प्रोत्साहित करना और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 299 करोड़ रुपये के परिव्यय में से, 120.8 करोड़ रुपये प्रशिक्षण प्रभाग, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) तथा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के लिए स्थापना संबंधी व्यय को पूरा करने के लिए, 52.2 करोड़ रुपये प्रशिक्षण योजनाओं के लिए और 126 करोड़ रुपये केंद्र के महत्वाकांक्षी 'मिशन कर्मयोगी' या सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"> 'मिशन कर्मयोगी' को सबसे बड़ी नौकरशाही सुधार पहल कहा जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक ''रचनात्मक, सक्रिय, पेशेवर और प्रौद्योगिकी-सक्षम'' बनाना है। बजट दस्तावेज में कार्मिक मंत्रालय के लिए बजटीय प्रावधानों का विवरण देते हुए कहा गया कि 120.8 करोड़ रुपये के प्रावधान में दिल्ली स्थित आईएसटीएम, मसूरी स्थित एलबीएसएनएए और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रशिक्षण प्रभाग से संबंधित स्थापना व्यय शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये संगठन सचिवालय के सभी स्तरों तथा श्रेणियों के कर्मचारियों को नवीनतम नियमों एवं विनियमों और योग्यताओं से पर्याप्त रूप से अवगत कराने के लिए आधारभूत पाठ्यक्रम, पुनरावलोकन पाठ्यक्रम तथा 'मिड-करियर' (कामकाज के दौरान) प्रशिक्षण सहित कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस आवंटन में घरेलू या विदेशी यात्रा पर होने वाला व्यय, केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) और केंद्रीय सचिवालय स्टेनोग्राफर सेवा (सीएसएस) के अधिकारियों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क भी शामिल होगा। बजट दस्तावेज में कहा गया कि 52.2 करोड़ रुपये के आवंटन में '' सभी के लिए प्रशिक्षण '' का प्रावधान शामिल है। </p>
<p style="text-align:justify;">अगले वित्त वर्ष में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए 3.5 करोड़ रुपये का कोष अलग रखा गया है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को लोक सेवकों के सेवा संबंधी मामलों के निवारण का दायित्व सौंपा गया है। इसको आगामी वित्त वर्ष के लिए स्थापना संबंधी व्यय को 166.42 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">बजट दस्तावेज में कहा गया कि इसमें सीएटी की विभिन्न पीठों के लिए भूमि की खरीद एवं भवनों के निर्माण का प्रावधान भी शामिल है। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 52.07 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव है।</p>
<p style="text-align:justify;"> केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) को 2026-27 के लिए 525.2 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई है। चालू वित्त वर्ष के लिए पिछले बजट में इसे 515.15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे जिसे संशोधित करके 548.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569694/budget-2026-27--the-budget-proposes-%E2%82%B9299-crore-for-the-training-of-bureaucrats-and-%E2%82%B965-crore-for-administrative-reforms</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:16:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी सरकार का बड़ा फैसला : नगर निगम कर्मी बनेंगे 'आपदा मित्र', मिलेगा 12 दिवसीय प्रशिक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक इंजीनियर की गड्ढे में डूबने से हुई मौत के बाद राज्य आपदा प्रबन्धन पर बड़े सवाल खड़े हुए थे। इस बीच अब सरकार ने इसको लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम कर्मियों को 'आपदा मित्र' के रूप में प्रशिक्षित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की क्षमता मजबूत हो सके। प्रदेश के राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569472/uttar-pradesh-government-s-big-decision--municipal-corporation-employees-will-become--disaster-relief-volunteers--and-receive-12-days-of-training"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(9)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक इंजीनियर की गड्ढे में डूबने से हुई मौत के बाद राज्य आपदा प्रबन्धन पर बड़े सवाल खड़े हुए थे। इस बीच अब सरकार ने इसको लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम कर्मियों को 'आपदा मित्र' के रूप में प्रशिक्षित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की क्षमता मजबूत हो सके। प्रदेश के राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर ने बताया कि नगर निगम कर्मियों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित कर आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों के कुशल संचालन में लगाया जाएगा। प्रशिक्षित कर्मी किसी भी आपातकाल या आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के तौर पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगे और शहरी समुदाय को आपदा प्रबंधन के प्रति सशक्त बनाएंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन द्वारा 17 नगर निगमों के कुल 1,700 कर्मियों को 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक नगर निगम से 100-100 कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, शाहजहांपुर, वाराणसी और फिरोजाबाद शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आपदा मित्रों को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट भी प्रदान की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही, नागरिक सुरक्षा विभाग के सक्रिय वार्डनों और स्वयंसेवकों को भी आपदा मित्र के रूप में तैयार किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 7,500 सक्रिय वार्डन/स्वयंसेवकों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर आपदा मित्र बनाया जाएगा। राहत आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम और नागरिक सुरक्षा विभाग के कर्मियों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">आपदा मित्रों के चयन में निर्धारित योग्यता और मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही युवा इंजीनियर की गड्ढे में गाड़ी के साथ डूबकर मौत मामले में अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर हर किसी की नजर टिकी हुई है। रिपोर्ट के आधार पर नोएडा पुलिस और अथॉरिटी के किसी सीनियर अधिकारी पर गाज गिर सकती है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में नोएडा अथॉरिटी सीईओ डॉ. लोकेश एम को पहले ही हटाया जा चुका है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में घने कोहरे के कारण एक अनियंत्रित कार शुक्रवार 16 जनवरी की रात 20 फीट से अधिक गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई, जिससे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर सिस्टम पर लगातार सवाल उठा रहे थे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 13:35:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में नौकायन को नई ऊंचाई: नाविकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू, विरासत और तकनीक से लैस होंगे नाविक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>अयोध्या में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नौकायन (बोटिंग) के प्रति उनकी रुचि है। इसी के मद्देनजर पर्यटन विभाग नाविकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर रहा है। उन्हें अयोध्या विरासत की जानकारी के साथ तकनीकि रूप से तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण का उद्घाटन एक होटल में जिलाधिकारी निखिल टीं. फुंडे ने किया। कहा कि इसका उद्देश्य नाविकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का सशक्त प्रतिनिधि (फ्लैग बेयरर) बनाना है। प्रशिक्षण में नाविकों को नई तकनीकों जैसे डिजिटल भुगतान, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और स्टोरी टेलिंग जैसी पारंपरिक कला से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567914/sailing-reaches-new-heights-in-ayodhya--special-training-for-sailors-begins--sailors-will-be-equipped-with-heritage-and-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(85)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>अयोध्या में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नौकायन (बोटिंग) के प्रति उनकी रुचि है। इसी के मद्देनजर पर्यटन विभाग नाविकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर रहा है। उन्हें अयोध्या विरासत की जानकारी के साथ तकनीकि रूप से तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण का उद्घाटन एक होटल में जिलाधिकारी निखिल टीं. फुंडे ने किया। कहा कि इसका उद्देश्य नाविकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का सशक्त प्रतिनिधि (फ्लैग बेयरर) बनाना है। प्रशिक्षण में नाविकों को नई तकनीकों जैसे डिजिटल भुगतान, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव और स्टोरी टेलिंग जैसी पारंपरिक कला से जोड़ना है। प्रथम उपचार (फर्स्ट एड) और सीपीआर पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। एसडीआरएफ प्रतिनिधि ने नदी में उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने, आपातकालीन स्थितियों में सतर्कता और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक सुझाव दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज़्म मैनेजमेंट लखनऊ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी नाविकों को पहचान पत्र प्रदान किए जाएंगे। जिससे उनकी विश्वसनीयता एक प्रशिक्षित नाविक के रूप में बढ़ेगी। सरकार के प्रति उनका विश्वास सुदृढ़ होगा। कार्यक्रम में होटल के जनरल मैनेजर रविकांत, सहयोग देने वाले अभिजीत कटियार, रिसर्च स्कॉलर और सीएम टूरिज्म फेलो का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में उप निदेशक पर्यटन ब्रजपाल सिंह, मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट के सहायक प्राध्यापक सुयाश गुप्ता, एसडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर निखिल कुमार मौजूद रहे। राइट अट्रैक्टिव हैडिंग</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 10:59:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी सरकार में रोजगार और कौशल विकास की बदली तस्वीर, 5.66 लाख से अधिक युवाओं को मिली ट्रेनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों ने न केवल राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए द्वार खोले हैं, बल्कि उनमें स्वरोजगार, उद्यमिता और इनोवेशन का भी विकास किया है।</p>
<p>एक ओर राज्य सरकार स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर रोजगार मेलों और इंक्यूबेशन सेंटरों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।</p>
<p>जहां वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में आईटीआई और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561790/the-picture-of-employment-and-skill-development-has-changed-under-the-yogi-government--more-than-5-66-lakh-youth-have-received-training"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/मुख्यमंत्री-योगी-आदित्यनाथ1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों ने न केवल राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए द्वार खोले हैं, बल्कि उनमें स्वरोजगार, उद्यमिता और इनोवेशन का भी विकास किया है।</p>
<p>एक ओर राज्य सरकार स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर रोजगार मेलों और इंक्यूबेशन सेंटरों के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।</p>
<p>जहां वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों तक किया गया है, तो वहीं उच्च तकनीकी के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ की ये युवा केंद्रित पहलें विकसित यूपी, विकसित भारत-2047 के विजन को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वर्ष 2017 से अब तक स्किल इंडिया मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना के तहत 5 लाख 66 हजार से अधिक आईटीआई और पॉलिटेक्निक प्रशिक्षित युवाओं को मिशन रोजगार के माध्यम से नौकरियां प्राप्त हुई हैं। इसके साथ ही अप्रैल 2025 तक 2,800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए युवाओं को उद्योग उन्मुख कौशल प्रदान किया गया है, जिससे बेरोजगारी की दर में उल्लेखनीय कमी आई है।</p>
<p>साथ ही सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्व-रोजगार और स्टार्टअप अप भी विकसित करने के लिए हर संभव मदद की जाती है। उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास व गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए 1,747 सक्रिय ट्रेनिंग पार्टनर्स का चयन किया गया है।</p>
<p>जिनके माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान किया जाता है। साथ ही इनक्यूबेशन सेंटरों के माधयम से उन्हें अत्याधुनिक तकनीकों जैसे डिजिटल मार्केटिंग, ईवी मैन्युफैक्चरिंग और एआई के साथ व्यवसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है।</p>
<p>कौशल प्रशिक्षण अभियानों और प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड संख्या में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है, साथ ही उन्हें प्रगति की नई राह भी दिखाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के प्रयासों से प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।</p>
<p>जहां वर्ष 2016-17 में यूपी में मात्र 42 मेडिकल कॉलेज थे तो वहीं वर्तमान में ये संख्या बढ़कर निजी व सरकारी को मिलाकर 80 हो चुकी है। इससे न केवल प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ी है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आया है।</p>
<p>इसी तरह उच्च तकनीकि प्रशिक्षण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी सीटों की संख्या में बढ़ोत्तरी की गई है। साथ ही इन संस्थानों में बनाए गए स्टार्टअप इंक्यूबेटर्स के जरिए युवा उद्यमिता को बढ़ावा मिला। ये पहलें न केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची हैं, बल्कि महिलाओं, ओबीसी और एससी/एसटी समुदायों के लिए आरक्षण सुनिश्चित कर समावेशी विकास को भी सुनिश्चित कर रही हैं।</p>
<p>रोजगार सृजन की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ का सबसे प्रभावी कदम नियमित रोजगार मेलों का आयोजन है। इसी क्रम में अगस्त 2025 में लखनऊ के तीन दिवसीय 'रोजगार महाकुंभ' में 100 कंपनियों ने 50,000 से अधिक नौकरियों के अवसर प्रदेश के युवाओं को प्रदान किए।</p>
<p>इन रोजगार मेलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों जैसे- एसबीआई, एचडीएफसी, स्विगी, जोमैटो, अमेजन और महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल होती हैं। आने वाले दिनों में लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेलों का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें 100 से अधिक कंपनियों की भागीदारी व 15,000 रोजगार के अवसरों के सृजन की संभावना है।</p>
<p>साथ ही प्रत्येक जिले में मासिक प्लेसमेंट ड्राइव अभियान भी चलाया जाता है, जो युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक आने वाले वर्षों में डिजिटल, एआई और ग्रीन जॉब्स पर फोकस के साथ उत्तर प्रदेश को स्किल हब बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 21:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहलः क्लास वन अफसर को देंगे मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम... सीखेंगे नेतृत्व, कार्यकुशलता और नजरिया बदलना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> उत्तर प्रदेश के क्लास वन अफसर शीघ्र नेतृत्व क्षमता, कार्यकुशलता और नजरिया बदलने की ट्रेनिंग लेंगे। उप्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्लास-वन अधिकारियों के लिए पहली बार मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने जा रहा है। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई), हैदराबाद के साथ यूपीपीसीबी (उप्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने साझेदारी की है। इस ट्रेनिंग का पहला बैच अक्टूबर-नवंबर और दूसरा बैच फरवरी-मार्च में आयोजित होगा।</p>
<p>दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यूपीपीसीबी अपने इतिहास में पहली बार क्लास-वन अधिकारियों के लिए मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553127/initiative-of-pollution-control-board--class-one-officers-will-be-given-mid-career-training-program%E2%80%A6-will-learn-leadership--efficiency-and-changing-attitude"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(3)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> उत्तर प्रदेश के क्लास वन अफसर शीघ्र नेतृत्व क्षमता, कार्यकुशलता और नजरिया बदलने की ट्रेनिंग लेंगे। उप्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्लास-वन अधिकारियों के लिए पहली बार मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने जा रहा है। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई), हैदराबाद के साथ यूपीपीसीबी (उप्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने साझेदारी की है। इस ट्रेनिंग का पहला बैच अक्टूबर-नवंबर और दूसरा बैच फरवरी-मार्च में आयोजित होगा।</p>
<p>दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यूपीपीसीबी अपने इतिहास में पहली बार क्लास-वन अधिकारियों के लिए मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह के बताया कि बोर्ड ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए देश की अग्रणी संस्था, एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई), हैदराबाद के साथ साझेदारी की है। उन्होंने बताया कि इस अभूतपूर्व पहल का उद्देश्य अधिकारियों की विशेषज्ञता, नेतृत्व क्षमता, कार्यकुशलता और दृष्टिकोण को और मजबूत करना है।</p>
<p>डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया कि यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस प्राथमिकता के अनुपालन में है, जिसमें प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के ज्ञान, कौशल और क्षमता विकास पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने, नवीनतम तकनीकों को अपनाने और जनहित से जुड़े कार्यों में अधिक दक्षता लाने के लिए प्रेरित करेगा। यह पहल न केवल अधिकारियों की कार्यशैली और सोच को नया आयाम देगी, बल्कि संस्थान की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय प्रबंधन क्षमता को भी और मजबूत करेगी।</p>
<h3><strong>हर साल लगभग 4,500 सिविल सेवकों का प्रशिक्षण</strong></h3>
<p>एएससीआई एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जो प्रतिवर्ष लगभग 4,500 सिविल सेवकों और औद्योगिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षित करता है। इस सहयोग के माध्यम से यूपीपीसीबी के अधिकारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण पद्धतियों का लाभ मिलेगा।</p>
<h4><strong>ट्रेनिंग में नियमित कार्य प्रभावित नहीं होगा</strong></h4>
<p>ट्रेनिंग में यह सुनिश्चित किया गया है कि नियमित कार्य प्रभावित न हों। इसके लिए कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया जाएगा। पहला बैच इसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर और दूसरा बैच अगले वर्ष फरवरी-मार्च में आयोजित किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/553126/pm-modi-s-first-visit-after-violence-in-manipur--gift-of-projects-worth-8500-crores-in-imphal-and-churachandpur">मणिपुर हिंसा में हिंसा के बाद PM मोदी का पहला दौरा, इंफाल और चुराचांदपुर में 8500 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553127/initiative-of-pollution-control-board--class-one-officers-will-be-given-mid-career-training-program%E2%80%A6-will-learn-leadership--efficiency-and-changing-attitude</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 10:18:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Good News: योगी सरकार सरकारी स्कूल के छात्रों को देगी फ्री स्किल ट्रेनिंग, जानिए क्या है पूरा प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के छात्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 210 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। अधिकारियों की माने तो यह पहल कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण में 150 घंटे मुख्य कौशल, 30 घंटे सॉफ्ट स्किल और 30 घंटे औद्योगिक भ्रमण शामिल होंगे, जिन्हें अनिवार्य कर दिया गया है। </p>
<p>यह निर्णय उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत आयोजित एक वर्चुअल बैठक में लिया गया। सेक्टर स्किल काउंसिल के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550832/good-news--yogi-government-will-give-free-skill-training-to-government-school-students--know-the-complete-plan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के छात्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 210 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। अधिकारियों की माने तो यह पहल कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण में 150 घंटे मुख्य कौशल, 30 घंटे सॉफ्ट स्किल और 30 घंटे औद्योगिक भ्रमण शामिल होंगे, जिन्हें अनिवार्य कर दिया गया है। </p>
<p>यह निर्णय उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत आयोजित एक वर्चुअल बैठक में लिया गया। सेक्टर स्किल काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उनके प्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को उनकी नियमित शिक्षा के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>
<p>प्रशिक्षण पाठ्यक्रम छात्रों की रुचियों, क्षेत्रों और जिलाधिकारियों द्वारा सुझाए गए विकल्पों के अनुरूप होंगे। मिशन निदेशक खरे ने एसएससी को पाठ्यक्रम शीघ्र तैयार कर यूपीएसडीएमको प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। एसएससी ने आश्वासन दिया कि 210 घंटे के पाठ्यक्रम निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार और वितरित किए जाएंगे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 13:25:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में अव्वल SGPGI: सिर की चोट और सड़क सुरक्षा जागरूकता में बना मिसाल , न्यूरोट्रॉमा के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के न्यूरोसर्जरी विभाग को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय संस्थान न्यूरोट्रॉमा पुरस्कार मिला है। यह सम्मान गोवा में 8 से 10 अगस्त तक आयोजित न्यूरोट्रॉमा सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया। देशभर के लगभग एक दर्जन प्रमुख संस्थानों में एसजीपीजीआई को उत्कृष्ट नैदानिक देखभाल, शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्य के लिए चुना गया।</p>
<p style="text-align:justify;">संस्थान का बच्चों में सिर की चोट और सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गया ''सुरक्षित छज्जा सुरक्षित बच्चा'' और सड़क सुरक्षा पर आधारित जागरूकता अभियान खास चर्चा में रहा। इस मौके पर डॉ. कमलेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549631/sgpgi-tops-the-country--sets-an-example-in-head-injury-and-road-safety-awareness--receives-national-honor-for-neurotrauma"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(9)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के न्यूरोसर्जरी विभाग को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय संस्थान न्यूरोट्रॉमा पुरस्कार मिला है। यह सम्मान गोवा में 8 से 10 अगस्त तक आयोजित न्यूरोट्रॉमा सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदान किया गया। देशभर के लगभग एक दर्जन प्रमुख संस्थानों में एसजीपीजीआई को उत्कृष्ट नैदानिक देखभाल, शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्य के लिए चुना गया।</p>
<p style="text-align:justify;">संस्थान का बच्चों में सिर की चोट और सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गया ''सुरक्षित छज्जा सुरक्षित बच्चा'' और सड़क सुरक्षा पर आधारित जागरूकता अभियान खास चर्चा में रहा। इस मौके पर डॉ. कमलेश सिंह भैसोरा और डॉ. वेद प्रकाश मौर्या ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर सृष्टि और डॉ. रूपाली ने सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार भी जीता।</p>
<h5 style="text-align:justify;">एपेक्स ट्रॉमा में हो रही हर साल 4 हजार सर्जरी</h5>
<p style="text-align:justify;">संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो आरके धीमन ने विभागाध्यक्ष प्रो अवधेश जायसवाल और एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख प्रो अरुण श्रीवास्तव को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गर्व की बात है। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में हर साल 17,000 से अधिक मरीज आते हैं और करीब 3,500 से 4,000 सर्जरी की जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/549608/queen-mary-and-5-other-big-hospitals-are-lagging-behind-in-providing-janani-suraksha-benefits--district-magistrate-issued-notice-after-review">क्वीनमेरी समेत 5 बड़े अस्पताल जननी सुरक्षा का लाभ दिलाने में फिसड्डी, समीक्षा कर जिलाधिकारी ने थमाया नोटिस</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/549631/sgpgi-tops-the-country--sets-an-example-in-head-injury-and-road-safety-awareness--receives-national-honor-for-neurotrauma</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 13:36:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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                <title>Operation Sindoor: लश्कर-ए-तैयबा के ‘मरकज तैयबा’ में कसाब और अन्य आतंकियों ने लिया था प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> पाकिस्तान के मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ‘मरकज तैयबा’ वह स्थान है, जहां 2008 के मुंबई हमले में शामिल अजमल कसाब समेत अन्य आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया गया था। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। मरकज तैयबा उन नौ आतंकी शिविरों में से एक है, जिन पर बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों ने कार्रवाई की है। </p>
<p>भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर का जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537109/operation-sindoor--kasab-and-other-terrorists-received-training-at-lashkar-e-taiba-s--markaz-taiba"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/आपॅरेशन-सिंदूर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> पाकिस्तान के मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ‘मरकज तैयबा’ वह स्थान है, जहां 2008 के मुंबई हमले में शामिल अजमल कसाब समेत अन्य आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया गया था। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। मरकज तैयबा उन नौ आतंकी शिविरों में से एक है, जिन पर बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों ने कार्रवाई की है। </p>
<p>भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर का जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। </p>
<p>जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले के कुछ घंटों बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मीडिया को भारत के ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। <br />मिसरी द्वारा दिए गए प्रारंभिक वक्तव्य के बाद, दोनों अधिकारियों ने भारतीय सेना द्वारा निशाना बनाये गये स्थलों के बारे में जानकारी साझा की। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों पर मिसाइल हमले किए। </p>
<p>सैन्य अधिकारियों ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत, भारतीय सेना ने मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मरकज तैयबा, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के मरकज सुभान अल्लाह, सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन के महमूना जोया फैसिलिटी और बरनाला में मरकज अहले हदीस में लश्कर के अड्डे और मुजफ्फराबाद के शावई नाला में उसके शिविर को निशाना बनाया। </p>
<p>कर्नल कुरैशी ने कहा, ‘‘मरकज तैयबा, अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 18-25 किलोमीटर दूर स्थित है और 2008 के मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों को यहीं प्रशिक्षण दिया गया था। अजमल कसाब और डेविड हेडली ने भी यहीं प्रशिक्षण लिया था।’’ </p>
<p>मुरीदके स्थित मरकज तैयबा हाफिज सईद के नेतृत्व वाले लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय था। मुंबई हमलों के बाद जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने मुरीदके में प्रशिक्षण प्राप्त करने की बात स्वीकार की थी। मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए इस हमले के लगभग चार साल बाद, कसाब को नवंबर 2012 में पुणे की यरवदा जेल में फांसी दी गई थी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 08:31:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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