<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/361763/father-s-day" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>father's day - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/361763/rss</link>
                <description>father's day RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अयोध्या: पिता का स्थान प्रभु से बड़ा, पिता दिवस पर बोले आचार्य मिथिलेश नंदिनी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> पिता दिवस के अवसर पर अयोध्या धाम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शहर के मोती बाग स्थित एक के सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण हनुमत सदन द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करके शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय महिंद्रा ट्रस्ट की उपाध्यक्ष व कार्यक्रम प्रभारी भारती सिंह एडवोकेट, मंजूर खान, एकता टंडन द्वारा पटका पहनकर तथा स्मृति चिह्न देकर स्वागत व अभिनंदन किया गया।</p>
<p>मुख्य अतिथि द्वारा वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी  हरि कृष्ण अरोड़ा को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य मिथिलेश नंदनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/473968/ayodhya--father-s-place-is-greater-than-god-s--said-acharya-mithilesh-nandini-on-father-s-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/428.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> पिता दिवस के अवसर पर अयोध्या धाम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शहर के मोती बाग स्थित एक के सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण हनुमत सदन द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करके शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय महिंद्रा ट्रस्ट की उपाध्यक्ष व कार्यक्रम प्रभारी भारती सिंह एडवोकेट, मंजूर खान, एकता टंडन द्वारा पटका पहनकर तथा स्मृति चिह्न देकर स्वागत व अभिनंदन किया गया।</p>
<p>मुख्य अतिथि द्वारा वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी  हरि कृष्ण अरोड़ा को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य मिथिलेश नंदनी शरण ने अपने संबोधन में कहा कि पिता का स्थान प्रभु से बड़ा है, पिता का त्याग तपस्या प्यार अनमोल है। दुनिया में पिता ही एक ऐसा है जो चाहता है कि मेरा पुत्र मुझसे ज्यादा कामयाब हो। इसलिए पिता का स्थान जीवन में अहम होता है। जिसने भी जीवन में अपने पिता का सम्मान व सेवा नहीं किया वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता। </p>
<p>कवित्री अर्चना द्विवेदी व सुनीता पाठक ने अपनी रचनाओं से लोगों का मन मुग्ध कर दिया। अध्यक्षता करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि आज के समय में ऐसे कार्यक्रमों की अति आवश्यकता है। साकेत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ सीताराम अग्रवाल, संरक्षक राम बहल, प्रोफेसर कृष्ण मुरारी सिंह, ब्रह्मकुमारी संस्था की वीके अलका दीदी, व्यापार मंडल के अध्यक्ष कविंद्र साहनी ने भी विचार व्यक्त किया। मंजूर खान,  कविंद्र साहनी अवधेश कुमार शुक्ला, एकता टंडन, उमेश चंद्र इंजीनियर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/473962/temperatures-in-lucknow-crossed-46-degrees--people-s-lives-are-in-trouble-due-to-severe-heat#gsc.tab=0">लखनऊ में पारा पहुंचा 46 डिग्री के पार, भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल, जानें कब मिलेगी राहत</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/473968/ayodhya--father-s-place-is-greater-than-god-s--said-acharya-mithilesh-nandini-on-father-s-day</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/473968/ayodhya--father-s-place-is-greater-than-god-s--said-acharya-mithilesh-nandini-on-father-s-day</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 17:39:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/428.jpg"                         length="366749"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Father's Day 2024: वही थी आखिरी मुलाकात...जब घर बिकवाकर पैसा लेने आया था बेटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शब्या सिंह तोमर, बरेली, अमृत विचार।</strong> नरेंद्र सक्सेना, यह उस पिता का नाम है जिसकी अकेली कहानी फादर्स डे पर सोशल मीडिया के हजार दिखावों पर भारी है। चार साल से वृद्धाश्रम में रह रहे करीब 70 की उम्र के नरेंद्र कुछ दिन पहले पैरालाइसिस के शिकार हुए थे। जिंदगी तो बच गई लेकिन इलाज नहीं हो पाया। अब बिस्तर पर दिन गुजर रहे हैं। </p>
<p>जिस बेटे को अपनी सारी संपत्ति बेचकर बिजनेस के लिए 34 लाख रुपये दिए थे, उससे दोबारा उससे मुलाकात नहीं हुई। उनकी बहू फोन पर भी उससे उनकी बात कराने को तैयार नहीं है। लखनऊ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/473767/fathers-day-2024-that-was-the-last-meeting-when-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/बरससूू.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शब्या सिंह तोमर, बरेली, अमृत विचार।</strong> नरेंद्र सक्सेना, यह उस पिता का नाम है जिसकी अकेली कहानी फादर्स डे पर सोशल मीडिया के हजार दिखावों पर भारी है। चार साल से वृद्धाश्रम में रह रहे करीब 70 की उम्र के नरेंद्र कुछ दिन पहले पैरालाइसिस के शिकार हुए थे। जिंदगी तो बच गई लेकिन इलाज नहीं हो पाया। अब बिस्तर पर दिन गुजर रहे हैं। </p>
<p>जिस बेटे को अपनी सारी संपत्ति बेचकर बिजनेस के लिए 34 लाख रुपये दिए थे, उससे दोबारा उससे मुलाकात नहीं हुई। उनकी बहू फोन पर भी उससे उनकी बात कराने को तैयार नहीं है। लखनऊ में रह रही बेटी का भी दोटूक जवाब है कि वह अपने परिवार को देखे या बरेली में उन्हें देखने आए।</p>
<p>नरेंद्र की बदकिस्मती की कहानी उस समय शुरू हुई, जब कोरोना के दौर में उनकी पत्नी ने साथ छोड़ दिया। बेख्याली के उसी आलम में नवविवाहित बेटे ने दबाव डाला तो बगैर कुछ सोचे-समझे अपनी सारी प्रॉपर्टी बेच दी। जो 35 लाख रुपया मिला, उसमें से 34 लाख लेकर बेटा कुछ ही समय बाद अपनी पत्नी के साथ विदेश चला गया। एक लाख रुपये नरेंद्र के अकाउंट में जमा करा दिया। </p>
<p>अकेलेपन और आश्रय की समस्याओं ने नरेंद्र का इम्तिहान लेना शुरू किया तो वह बुखारा के वृद्धाश्रम में चले आए। वृद्धाश्रम की प्रबंधक कांता गंगवार के मुताबिक पिछले चार साल में उन्होंने नरेंद्र को कभी प्रसन्न मुद्रा में नहीं देखा। जिंदगी में एकाएक हुए बदलाव ने शायद उन्हें इतना तोड़ दिया कि वह अपने आप में ही खोए रहते हैं।</p>
<p>इन चार साल में उनसे न कभी उनका बेटा मिलने आया, न बेटी। जैसे-तैसे इसी हाल में दिन गुजर रहे थे लेकिन इसी बीच होनी ने उनकी एक और परीक्षा ले डाली। शुक्रवार की सुबह उन्हें पैरालाइसिस का अटैक पड़ा तो तो शारीरिक तौर पर भी मोहताज हो गए। डॉक्टर ने बताया कि उनके दिमाग में खून का थक्का जम गया है जो बगैर ऑपरेशन ठीक नहीं हो सकता। कुछ होश में आने के बाद अब नोएडा में रह रहे उनके बेटे से फोन पर बात कराने की कोशिश की गई लेकिन बहू ने दो बार यह कहकर इन्कार कर दिया कि वह घर पर नहीं है। बेटी ने भी यह कहकर बरेली आने से साफ इन्कार कर दिया कि वह अपना परिवार देखे या उन्हें।</p>
<p>इलाज भी नहीं करा सकते, बैंक खाते पर कब्जा किए बैठी है बेटी<br />वृद्धाश्रम की प्रबंधक कांता गंगवार के मुताबिक जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा न होने के कारण पैरालाइसिस का अटैक पड़ने के बाद नरेंद्र सक्सेना को प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया था। उनका इलाज कराने के लिए वृद्धाश्रम के पास बजट नहीं है। नरेंद्र का आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। एक लाख रुपये उनके खाते में पड़े हुए हैं लेकिन उनकी पासबुक और एटीएम बेटी के ही पास है। </p>
<p>एनपीसीआई न होने की वजह से वह आधार के जरिए भी अपना पैसा नहीं निकाल सकते। उन्होंने बताया कि एक और दिक्कत यह है कि नरेंद्र का वजन सौ किलो से ज्यादा है। उनके भारी शरीर की देखभाल के लिए चार कर्मचारी लगे रहते हैं लेकिन उन्हें इलाज की जरूरत है जो नहीं हो पा रहा है।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं-<span style="color:rgb(0,0,0);"> <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/473764/bareilly-news-strike-of-employees-in-nainital-bank-branches-work">Bareilly News: नैनीताल बैंक शाखाओं में कर्मियों की हड़ताल, 30 हजार ग्राहकों का काम प्रभावित</a></span></span></strong></p>
<p><strong><span style="color:rgb(0,0,0);"><span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/473767/fathers-day-2024-that-was-the-last-meeting-when-the</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/473767/fathers-day-2024-that-was-the-last-meeting-when-the</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 00:01:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A5%82.jpg"                         length="101306"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच: बच्चे की जान बचाने को चाहिए था खून, अस्पताल में रोने लगा पिता तो सिपाही बना फरिश्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बहराइच, अमृत विचार।</strong> जालिम नगर गांव निवासी एक ग्रामीण के डेढ़ माह के बेटे की हालत गंभीर होने पर उसे जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन खून के लिए वह जिला अस्पताल पहुंचा और रोने लगा। चौकी पर तैनात सिपाही ने खून देकर मासूम के इलाज में सहयोग किया। मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जालिम नगर निवासी आदित्य (डेढ़ माह) पुत्र अरविंद कुमार कई दिनों से बीमार चल रहा था। </p>
<p>सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अरविंद कुमार बेटे को इलाज के लिए दिगिहा मोहल्ले में स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गया। यहां मासूम के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/379423/bahraich--blood-was-needed-to-save-the-child-s-life--the-father-started-crying-in-the-hospital"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/0127.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बहराइच, अमृत विचार।</strong> जालिम नगर गांव निवासी एक ग्रामीण के डेढ़ माह के बेटे की हालत गंभीर होने पर उसे जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन खून के लिए वह जिला अस्पताल पहुंचा और रोने लगा। चौकी पर तैनात सिपाही ने खून देकर मासूम के इलाज में सहयोग किया। मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जालिम नगर निवासी आदित्य (डेढ़ माह) पुत्र अरविंद कुमार कई दिनों से बीमार चल रहा था। </p>
<p>सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अरविंद कुमार बेटे को इलाज के लिए दिगिहा मोहल्ले में स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गया। यहां मासूम के शरीर में सिर्फ छह यूनिट ब्लड होने की बात डॉक्टर महेश अग्रवाल ने बताई। साथ ही एक यूनिट खून की मांग की। गांव से आया ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंचा, लेकिन ड्रोनर न मिलने से उसे खून नहीं मिला।</p>
<p>इस पर वह जिला अस्पताल में ही रोने लगा। इस पर चौकी का सिपाही अखिलेश वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूछा कि बाइक चोरी हो गई है क्या, लेकिन उसने बेटे की जान बचाने के लिए एक यूनिट खून की बात कही। इस पर सिपाही ने कहा कि चलो खून हम दे देते हैं। </p>
<p>जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंच कर सिपाही ने एक यूनिट खून दिया। जिस पर मासूम को खून चढ़ाया जा सका। सिपाही के कार्य की साथी पुलिस कर्मी सराहना कर रहे हैं। डॉक्टर महेश अग्रवाल ने बताया कि खून चढ़ने के बाद मासूम के इलाज में काफी सुधार है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/379417/ayodhya--dead-body-of-a-bike-rider-found-on-the-edge-of-the-forest#gsc.tab=0">अयोध्या: जंगल के किनारे मिला बाइक सवार युवक का शव, परिजनों ने जताई यह आशंका</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/379423/bahraich--blood-was-needed-to-save-the-child-s-life--the-father-started-crying-in-the-hospital</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/379423/bahraich--blood-was-needed-to-save-the-child-s-life--the-father-started-crying-in-the-hospital</guid>
                <pubDate>Sun, 18 Jun 2023 15:21:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-06/0127.jpg"                         length="109995"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        