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                <title>Use of AI - Amrit Vichar</title>
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                <description>Use of AI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कानपुर : छात्र पढ़ाई में करेंगे एआई का उपयोग, CSJMU में तैयारी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में नए सत्र से विद्यार्थी पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से तैयारी तेज हो गई है। विभिन्न कोर्स में इस्तेमाल होने वाले टूल्स पर काम चल रहा है। खास बात यह है कि लगभग 20 हजार विद्यार्थियों को मिलने वाले इस सुविधा के लिए विश्वविद्यालय लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधा के लिए पूरे विश्वविद्यालय परिसर को एआई सक्षम परिसर के रूप में सक्रिय किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए कैंपस एडवांसमेंट मिशन फॉर आर्टिफ़िशियल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576066/kanpur--students-to-utilize-ai-in-studies--preparations-begin-at-csjmu"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/csjmu1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में नए सत्र से विद्यार्थी पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से तैयारी तेज हो गई है। विभिन्न कोर्स में इस्तेमाल होने वाले टूल्स पर काम चल रहा है। खास बात यह है कि लगभग 20 हजार विद्यार्थियों को मिलने वाले इस सुविधा के लिए विश्वविद्यालय लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधा के लिए पूरे विश्वविद्यालय परिसर को एआई सक्षम परिसर के रूप में सक्रिय किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए कैंपस एडवांसमेंट मिशन फॉर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस  के मॉडल को अपनाया जा रहा है। इस मॉडल के तहत सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के लिए एआई क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए संस्थागत एआई टूल्स की उपलब्धता, शिक्षण एवं शोध में एआई आधारित उपकरणों का उपयोग भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में सिर्फ पढ़ाई के लिए ही नहीं बल्कि प्रशासन व छात्र सेवाओं में भी एआई का उपयोग करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">माना जा रहा है कि एआई सक्षम परिसर की सुविधा के बाद यहां पर पढ़ाई कर रहे छात्रों को बेहतर पढ़ाई की सुविधा हासिल हो सकेगी। इसके अलावा छात्र अपने पाठ्यक्रम से संबंधित बेहतर उत्तर और नोट्स भी हासिल कर सकेगे। उधर ऐसे छात्र जो पढ़ाई में बेहद कठिन उत्तर को आसानी से समझना चाहते हैं उनके लिए भी यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि पढ़ाई में एआई के उपयोग से हर आईक्यू के विद्यार्थी अपने स्तर से </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शोध में भी इस्तेमाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सीएसजेएमयू की ओर से परिसर में एआई का उपयोग शोध कर रहे छात्रों के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है। शोध करने वाले छात्रों को इसके बाद अब विभिन्न सटीक आंकड़ों व जानकारियों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। वे परिसर में ही एआई के जरिए अपने शोध को आगे बढ़ा सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे युवाओं की ओर से किए जा रहे शोधकार्यों में अधिक समय नहीं खर्च करना होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शिक्षकों को भी प्रशिक्षण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">छात्रों को पढ़ाई में एआई के उपयोग कराने के लिए प्रोफेसर्स को भी विभिन्न टूल्स के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। ऐसे में युवाओं के साथ ही शिक्षक भी कक्षाओं में एआई का ही उपयोग करेंगे। उधर इस सुविधा की वजह से प्रोफेसर्स और विद्यार्थी दोनो ही एक ही पाठ्यक्रम पर बेहतर परिणाम दे सकेंगे। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>स्टार्टअप के लिए उपयोगी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सीएसजेएमयू में विद्यार्थी स्टार्टअप पर भी एआई का उपयोग कर सकेंगे। इस सुविधा के शुरू होने के बाद स्टार्टअप पर काम कर रहे युवाओं को मार्केट रिसर्च, स्टार्टअप में आने वाली समस्याएं और उसके बाजार संबंधी रुझान आसानी से हासिल हो सकेंगे। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय की ओर से दी जाने वाली सुविधा सामान्य एआई से बेहतर होगी, ऐसे में युवाओं को सटीक आंकड़े हासिल हो सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 20:03:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>60% भारतीय नहीं जानते AI का इस्तेमाल, गूगल ने किया खुलासा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार।</strong> भारत में लगभग 60 प्रतिशत लोग कृत्रिम मेधा (एआई) से परिचित ही नहीं हैं और सिर्फ 31 प्रतिशत लोगों ने ही सृजनात्मक AI (जेन-एआई) के किसी उपकरण का इस्तेमाल किया है। गूगल और कांतार ने शुक्रवार को एक संयुक्त रिपोर्ट में यह जानकारी दी। प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल और बाजार शोध कंपनी कांतार ने यहां एक कार्यक्रम में भारतीयों के बीच जेन-एआई अपनाने, उसकी क्षमता और प्रभाव को समझने के बारे में एक अध्ययन रिपोर्ट जारी की। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>18 शहरों में 8,000 से अधिक लोगों पर किया सर्वेक्षण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए 18 शहरों में 8,000 से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/535197/60-indians-do-not-know-ai-used-by-google"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/news-post--(15)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार।</strong> भारत में लगभग 60 प्रतिशत लोग कृत्रिम मेधा (एआई) से परिचित ही नहीं हैं और सिर्फ 31 प्रतिशत लोगों ने ही सृजनात्मक AI (जेन-एआई) के किसी उपकरण का इस्तेमाल किया है। गूगल और कांतार ने शुक्रवार को एक संयुक्त रिपोर्ट में यह जानकारी दी। प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल और बाजार शोध कंपनी कांतार ने यहां एक कार्यक्रम में भारतीयों के बीच जेन-एआई अपनाने, उसकी क्षमता और प्रभाव को समझने के बारे में एक अध्ययन रिपोर्ट जारी की। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>18 शहरों में 8,000 से अधिक लोगों पर किया सर्वेक्षण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए 18 शहरों में 8,000 से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया गया। रिपोर्ट में भारत में जेन-एआई अपनाने की व्यापक संभावना, जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ऐसे उपकरणों का उपयोग करने की लोगों की इच्छा और गूगल के AI टूल 'Gemini' के पड़ रहे प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। अध्ययन रिपोर्ट कहती है कि भारत में एआई को लेकर उत्साह बहुत ज्यादा है, लेकिन इसकी स्वीकार्यता के लिए अभी भी शुरुआती दौर है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>60% अनजान, 31% लोगों ने किया Gen-AI का इस्तेमाल </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">भारत में 60 प्रतिशत लोग AI से परिचित नहीं हैं, और सिर्फ 31 प्रतिशत लोगों ने ही जेन-एआई के किसी उपकरण का उपयोग किया है। शोध में यह भी पता चला कि भारतीयों में सुधार और उत्कृष्टता प्राप्त करने की एक मज़बूत और सहज इच्छा है, जिसमें से 72 प्रतिशत लोग उत्पादकता बढ़ाने, 77 प्रतिशत लोग रचनात्मकता को बढ़ाने और 73 प्रतिशत लोग अपने दैनिक जीवन में अधिक प्रभावी ढंग से संवाद करने की तलाश में हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गूगल के नए फीचर किये गए पेश </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर गूगल ने अपने सबसे बेहतरीन, अत्याधुनिक एआई मॉडल जेमिनी के नए फीचर भी पेश किए। इसमें जेमिनी में वीओ 2 शामिल है जो लोगों को सीधे उनके विचारों से शानदार वीडियो बनाने में मदद करता है। वहीं ‘जेमिनी लाइव विद वीडियो’ उपयोगकर्ताओं को सिर्फ अपने कैमरे का उपयोग करके अपने आस-पास की दुनिया के बारे में स्वाभाविक, वीडियो संवाद करने में सक्षम बनाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">जेमिनी के कैनवस, डीप रिसर्च और ऑडियो ओवरव्यू फीचर के साथ नई क्षमताएं शामिल हैं। गूगल डीपमाइंड के वरिष्ठ निदेशक मनीष गुप्ता ने कहा, “जेमिनी गूगल के सबसे अत्याधुनिक एआई मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो पहले अकल्पनीय अनुभवों को साकार करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/535060/cisco-s-big-partnership-with-vodafone-idea--will-improve-networking-facilities#gsc.tab=0">सिस्को की Vodafone Idea से बड़ी साझेदारी, नेटवर्किंग सुविधा को करेंगे बेहतर </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/535197/60-indians-do-not-know-ai-used-by-google</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 18:11:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव प्रचार में AI के इस्तेमाल पर निर्वाचन आयोग ने जारी किया परामर्श </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> चुनाव प्रचार में कृत्रिम बृद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल और मतदाताओं को प्रभावित करने की इसकी क्षमता के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को राजनीतिक दलों को परामर्श जारी कर एआई से तैयार सामग्री के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही का ध्यान रखने को कहा। परामर्श में सामग्री के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कुछ मानदंड पेश किए गए हैं, जिनमें राजनीतिक दलों को एआई प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न या परिवर्तित किसी भी छवि, वीडियो, ऑडियो या अन्य सामग्री को ‘एआई से तैयार/ डिजिटल रूप से संवर्धित/ कृत्रिम सामग्री’ के रूप में चिह्नित करना होगा। परामर्श के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516792/election-commission-issues-advisory-on-use-of-ai-in-election"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> चुनाव प्रचार में कृत्रिम बृद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल और मतदाताओं को प्रभावित करने की इसकी क्षमता के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को राजनीतिक दलों को परामर्श जारी कर एआई से तैयार सामग्री के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही का ध्यान रखने को कहा। परामर्श में सामग्री के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने के लिए कुछ मानदंड पेश किए गए हैं, जिनमें राजनीतिक दलों को एआई प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न या परिवर्तित किसी भी छवि, वीडियो, ऑडियो या अन्य सामग्री को ‘एआई से तैयार/ डिजिटल रूप से संवर्धित/ कृत्रिम सामग्री’ के रूप में चिह्नित करना होगा। परामर्श के अनुसार, राजनीतिक दलों को प्रचार विज्ञापनों या प्रचार सामग्री के प्रसार के दौरान ‘अस्वीकरण’ (डिस्क्लेमर) भी शामिल करना होगा। </p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने हाल में गलत सूचना के प्रसार में एआई और ‘डीप फेक’ के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी थी। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि ‘डीप फेक’ और गलत सूचनाओं से चुनावी प्रक्रियाओं में विश्वास खत्म हो सकता है। पिछले साल लोकसभा चुनावों के दौरान आयोग ने सोशल मीडिया मंचों के जिम्मेदारीपूर्ण और नैतिक तरीके से उपयोग के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। </p>
<p>ये भी पढ़ें-</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/516792/election-commission-issues-advisory-on-use-of-ai-in-election</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/516792/election-commission-issues-advisory-on-use-of-ai-in-election</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 12:55:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोशल मीडिया मंचों के प्रतिनिधियों से मिले अश्विनी वैष्णव, कहा- ‘डीपफेक’ से निपटने के लिए नए नियम लाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘डीपफेक’ को लोकतंत्र के लिए नया खतरा करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार इससे निपटने के लिए जल्द ही नए नियम लाएगी। मंत्री ने ‘डीपफेक’ के मुद्दे पर सोशल मीडिया मंचों के प्रतिनिधियों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि कंपनियां ‘डीपफेक’ का पता लगाने, इससे निपटने, इसकी सूचना देने के तंत्र को मजबूत करने और उपयोगकर्ताओं में जागरूकता बढ़ाने जैसी स्पष्ट कार्रवाइयां करने पर सहमत हुईं। वैष्णव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ हम आज ही विनियमन का मसौदा तैयार करना शुरू कर देंगे और कुछ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/420490/vaishnav-deepfake-ashwini-vaishnav-met-representatives-of-social-media-platforms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/image-demo---2023-11-23t130154.141.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘डीपफेक’ को लोकतंत्र के लिए नया खतरा करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार इससे निपटने के लिए जल्द ही नए नियम लाएगी। मंत्री ने ‘डीपफेक’ के मुद्दे पर सोशल मीडिया मंचों के प्रतिनिधियों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि कंपनियां ‘डीपफेक’ का पता लगाने, इससे निपटने, इसकी सूचना देने के तंत्र को मजबूत करने और उपयोगकर्ताओं में जागरूकता बढ़ाने जैसी स्पष्ट कार्रवाइयां करने पर सहमत हुईं। वैष्णव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ हम आज ही विनियमन का मसौदा तैयार करना शुरू कर देंगे और कुछ ही समय में हमारे पास ‘डीपफेक’ से निपटने के लिए नए नियम होंगे...यह मौजूदा ढांचे में संशोधन या नए नियम या नया कानून लाने के रूप में हो सकता है।’’ </p>
<p>मंत्री ने कहा कि ‘डीपफेक’ लोकतंत्र के लिए एक नया खतरा बनकर उभरा है। वैष्णव ने कहा, ‘‘ हमारी अगली बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी...आज किए गए फैसलों पर उसमें आगे की चर्चा होगी। मसौदा विनियमन में क्या शामिल किया जाना चाहिए, इस पर भी चर्चा की जाएगी।’’ </p>
<p>‘डीपफेक’ में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल करते हुए किसी तस्वीर या वीडियो में मौजूद व्यक्ति की जगह किसी दूसरे को दिखा दिया जाता है। इसमें इतनी समानता होती है कि असली और नकली में अंतर करना काफी मुश्किल होता है। हाल ही में, बॉलीवुड के कई कलाकारों को निशाना बनाने वाले कई ‘डीपफेक’ वीडियो सोशल मीडिया मंच पर आए। इसपर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की। इससे नकली सामग्री बनाने के लिए प्रौद्योगिकी तथा उपकरणों के दुरुपयोग को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/420486/-bjp-is-conspiring-to-win-elections-in-rajasthan--chhattisgarh---cm-gehlot-gets-angry--mentions-lal-diary">'राजस्थान, छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने के लिए षड्यंत्र रच रही है भाजपा', सीएम गहलोत भड़के, लाल डायरी का भी किया जिक्र</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/420490/vaishnav-deepfake-ashwini-vaishnav-met-representatives-of-social-media-platforms</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Nov 2023 13:30:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन के cyber security center ने ‘डीपफेक’, एआई के इस्तेमाल को अगले चुनाव के लिए बताया खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लंदन।</strong> ब्रिटेन की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने देश के अगले राष्ट्रीय चुनाव के लिए एक खतरा पेश किया है, शत्रु देशों के साइबर हमले बढ़ रहे हैं तथा उनका पता लगा पाना मुश्किल हो रहा है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने कहा, ‘‘इस साल राज्य से जुड़े तत्वों को बिजली, पानी और इंटरनेट नेटवर्क जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सेवाओं के प्रति नये साइबर खतरे के रूप में उभरते देखा गया है।’’ </p>
<p>यह केंद्र ब्रिटेन की साइबर जासूसी एजेंसी, सरकारी संचार मुख्यालय का हिस्सा है। इसने अपनी वार्षिक समीक्षा में कहा, ‘‘राज्य से जुड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/418379/britain-s-cyber-security-center-calls-the-use-of--deepfakes---ai-a-threat-to-the-next-elections"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/demo-image-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन।</strong> ब्रिटेन की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने देश के अगले राष्ट्रीय चुनाव के लिए एक खतरा पेश किया है, शत्रु देशों के साइबर हमले बढ़ रहे हैं तथा उनका पता लगा पाना मुश्किल हो रहा है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने कहा, ‘‘इस साल राज्य से जुड़े तत्वों को बिजली, पानी और इंटरनेट नेटवर्क जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सेवाओं के प्रति नये साइबर खतरे के रूप में उभरते देखा गया है।’’ </p>
<p>यह केंद्र ब्रिटेन की साइबर जासूसी एजेंसी, सरकारी संचार मुख्यालय का हिस्सा है। इसने अपनी वार्षिक समीक्षा में कहा, ‘‘राज्य से जुड़े तत्वों के रूप में साइबर शत्रुओं के एक नये वर्ग का उभरना, जो यूक्रेन पर रूस के हमले से अक्सर सहानुभूति रखते हैं, वित्तीय रूप से प्रेरित होने के बजाय वैचारिक है।’’</p>
<p>इसने कहा कि राज्य से जुड़े समूह रूसी भाषी अपराधियों की ओर से एक बड़ा खतरा पेश कर रहे हैं और वे ब्रिटिश कंपनियों पर साइबर हमले कर रहे हैं। साइबर सुरक्षा केंद्र ने ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों एमआई5 और एमआई6 की चेतावानियों से सहमति जताते हुए कहा कि इसने (केंद्र ने) चीन के एक प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में उभरने को ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है। </p>
<p>इसने कहा कि हालांकि, ब्रिटेन में मतदान की पुरानी शैली की पद्धति में हैकरों को सेंध लगाने में मुश्किल होगी। इस पद्धति में पेंसिल और कागज का इस्तेमाल किया जाता है। इसने कहा कि लेकिन ‘डीपफेक‘ वीडियो और ‘बोट्स’ चुनाव प्रचार के दौरान आसानी से गलत सूचना फैलाएंगे। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/418367/trump-s-eldest-sister-marianne-barry-passes-away--breathed-her-last-at-the-age-of-86">ट्रंप की सबसे बड़ी बहन मैरिएन बैरी का निधन, 86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Nov 2023 18:38:18 +0530</pubDate>
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                <title>ब्रिटिश जासूस रूस को हथियारों की आपूर्ति बाधित करने के लिए AI का कर रहे इस्तेमाल : Richard Moore</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्राग (चेक गणराज्य)।</strong> ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी ‘एमआई6’ के प्रमुख रिचर्ड मूर ने बुधवार को कहा कि ब्रिटिश जासूस पहले से ही रूस को हथियारों की आपूर्ति में बाधा डालने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी जासूसों को शत्रुतापूर्ण देशों द्वारा एआई के घातक इस्तेमाल पर नजर रखने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मूर ने यूक्रेन पर हमले का विरोध करने वाले रूसियों से ब्रिटेन के लिए जासूसी करने का आग्रह किया और कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अन्य लोग पहले ऐसा कर चुके हैं।</p>
<p>  उन्होंने कहा, ‘‘हमारे</p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/388237/british-spies-using-ai-to-disrupt-arms-supplies-to-russia--richard-moore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/richard-moore.png" alt=""></a><br /><p><strong>प्राग (चेक गणराज्य)।</strong> ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी ‘एमआई6’ के प्रमुख रिचर्ड मूर ने बुधवार को कहा कि ब्रिटिश जासूस पहले से ही रूस को हथियारों की आपूर्ति में बाधा डालने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी जासूसों को शत्रुतापूर्ण देशों द्वारा एआई के घातक इस्तेमाल पर नजर रखने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मूर ने यूक्रेन पर हमले का विरोध करने वाले रूसियों से ब्रिटेन के लिए जासूसी करने का आग्रह किया और कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अन्य लोग पहले ऐसा कर चुके हैं।</p>
<p> उन्होंने कहा, ‘‘हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं।’’ मूर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक बड़े खतरे के रूप में चित्रित किया। उन्होंने चीन को अपनी एजेंसी के लिए रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में खुफिया जानकारी प्राप्त करने का काम सौंपा जायेगा कि कैसे शत्रुतापूर्ण देश एआई का इस्तेमाल हानिकारक, लापरवाह और अनैतिक तरीकों से कर रहे हैं।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा कि एआई मानव जासूसों की जगह नहीं लेगा और तेजी से विकसित हो रहे ‘मशीन लर्निंग’ के युग में ‘‘मानव कारक’’ महत्वपूर्ण रहेगा। ‘मशीन लर्निंग’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक प्रकार होता है। मूर ने यहां ब्रिटिश राजदूत के आवास पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन में रूस का सैन्य अभियान समाप्त हो गया है और ‘‘रूसी सेना के फिर से गति हासिल करने की संभावना बहुत कम है’’। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई ‘‘कठिन संघर्ष’’ साबित हो रहा है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह सफल होगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/388189/indian-origin-minister-in-singapore-questioned-by-anti-corruption-officials--report">सिंगापुर में भारतीय मूल के मंत्री से भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने की पूछताछ : रिपोर्ट</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2023 18:36:36 +0530</pubDate>
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