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                <title>सीसीआई - Amrit Vichar</title>
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                <description>सीसीआई RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गूगल, सीसीआई की याचिकाओं पर 14 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण मामले में गूगल की कथित गैर-प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं से जुड़े मामले में अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती देने वाली गूगल एवं भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की दोतरफा याचिकाओं पर सुनवाई 14 जुलाई को करेगा। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने इस मामले में गूगल की कथित गैर-प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं को लेकर 29 मार्च को एक मिश्रित फैसला सुनाया था, जिसके तहत उसने गूगल पर 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार रखा था, लेकिन अपने प्ले स्टोर पर तीसरे पक्ष के कुछ ऐप स्टोर की मेजबानी की अनुमति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/384793/supreme-court-to-hear-google--cci-petitions-on-july-14"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/कोरदग.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण मामले में गूगल की कथित गैर-प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं से जुड़े मामले में अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती देने वाली गूगल एवं भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की दोतरफा याचिकाओं पर सुनवाई 14 जुलाई को करेगा। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने इस मामले में गूगल की कथित गैर-प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं को लेकर 29 मार्च को एक मिश्रित फैसला सुनाया था, जिसके तहत उसने गूगल पर 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार रखा था, लेकिन अपने प्ले स्टोर पर तीसरे पक्ष के कुछ ऐप स्टोर की मेजबानी की अनुमति जैसी कुछ शर्तों को समाप्त कर दिया था। </p>
<p>एनसीएलएटी ने गूगल द्वारा एंड्रॉयड में उसकी वर्चस्व की स्थिति का फायदा उठाने पर सीसीआई की ओर से उस पर लगाये गये जुर्माने को बरकरार रखते हुए प्रतिस्पर्धा-रोधी नियामक का वह आदेश रद्द कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि गूगल उपयोगकर्ताओं द्वारा अपने पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप्स को हटाने पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। गूगल और सीसीआई- दोनों ने एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने अपील पर विचार किया और एक पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे के अनुपलब्ध होने की दलीलों पर ध्यान देने के बाद सुनवाई अगले शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, हम इन्हें 14 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/384780/curb-the-activities-of-criminals-for-free-and-fair-panchayat-elections-in-bengal--cpi-m">बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष पंचायत चुनाव के लिए अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाएं: माकपा</a></span></strong></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 19:38:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गूगल ने डिजिटल क्षेत्र में दबदबा बनाकर प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया: सीसीआई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बृहस्पतिवार को प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल पर डिजिटल डेटा बाजार में दबदबा बनाने और उसका दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। आयोग ने मुक्त, निष्पक्ष और खुली प्रतिस्पर्धा का आह्वान भी किया। अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी के समक्ष प्रतिस्पर्धा आयोग की तरफ से दलीलों को पूरा करते हुए अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल एन वेंकटरमण ने कहा कि सभी इकाइयों के लिये खुली छूट की व्यवस्था मुक्त प्रतिस्पर्धा के सिद्धांत के अनुरूप होगी। </p>
<p>प्रौद्योगिकी कंपनी का ‘चारदिवारी से घिरे बगीचे’ वाला रुख सही नहीं है। उल्लेखनीय है कि प्रतिस्पर्धा आयोग ने एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के संदर्भ में गैर-प्रतिस्पर्धी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/351592/google-stifling-competition-by-dominating-digital-space--cci"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/हब9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बृहस्पतिवार को प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल पर डिजिटल डेटा बाजार में दबदबा बनाने और उसका दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। आयोग ने मुक्त, निष्पक्ष और खुली प्रतिस्पर्धा का आह्वान भी किया। अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी के समक्ष प्रतिस्पर्धा आयोग की तरफ से दलीलों को पूरा करते हुए अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल एन वेंकटरमण ने कहा कि सभी इकाइयों के लिये खुली छूट की व्यवस्था मुक्त प्रतिस्पर्धा के सिद्धांत के अनुरूप होगी। </p>
<p>प्रौद्योगिकी कंपनी का ‘चारदिवारी से घिरे बगीचे’ वाला रुख सही नहीं है। उल्लेखनीय है कि प्रतिस्पर्धा आयोग ने एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के संदर्भ में गैर-प्रतिस्पर्धी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर गूगल पर पिछले साल 20 अक्टूबर को 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। साथ ही नियामक ने कंपनी से विभिन्न अनुचित व्यापार गतिविधियों से दूर रहने का कहा था। इस आदेश को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चुनौती दी गयी थी। वेंकटरमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि गूगल ने अपने लाभ कमाने वाले सर्च इंजन को ‘किले’ और बाकी अन्य ऐप को ‘खाई’ की रक्षात्मक भूमिका निभाने के लिये इस्तेमाल किया था।</p>
<p> यह ‘किला’ और ‘खाई’ की रणनीति कुछ और नहीं बल्कि डेटा के क्षेत्र में दबदबा स्थापित करने जैसा है। इसका मतलब है कि एक बड़ी कंपनी बाजार में और बड़ी होती जाती है जबकि छोटी और नई इकाई बाजार में बने रहने के लिये संघर्ष करती रहती है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा आयोग के उपायों का क्रियान्वयन सभी इकाइयों के लिये अधिक खुला बाजार बनाने की दिशा में एक लंबा रास्ता तय करेगा। यह मुक्त प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों के अनुरूप है। वेंकटरमण ने कहा कि अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल की व्यवस्था, एक ऐप के साथ अन्य ऐप को जोड़ना जैसे कार्य गूगल के दबदबे के गलत उपयोग को बताता है। </p>
<p>अपीलीय न्यायाधिकरण ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद एंड्रॉयड मामले में 15 फरवरी को सुनवाई शुरू की थी। शीर्ष अदालत ने एनसीएलएटी को 31 मार्च तक मामले में निर्णय लेने को कहा है। अपीलीय न्यायाधिकरण की एक अलग पीठ ने चार जनवरी को गूगल की याचिका पर नोटिस जारी किया था और प्रतिस्पर्धा आयोग की तरफ से लगाये गये जुर्माने (1,337 करोड़ रुपये) का 10 प्रतिशत जमा करने का निर्देश दिया था। उसने आयोग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और मामले की अंतिम सुनवाई के लिये तीन अप्रैल, 2023 की तारीख तय की थी। गूगल ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने भी प्रतिस्पर्धा आयोग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अपीलीय न्यायाधिकरण को गूगल की अपील पर 31 मार्च तक फैसला करने को कहा। </p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/351501/ntpc-starts-green-coal-making-unit-in-varanasi">एनटीपीसी ने वाराणसी में हरित कोयला बनाने की इकाई की शुरू</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Mar 2023 19:43:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Google को 936 करोड़ रुपए के जुर्माने के मामले में NCLAT का अंतरिम राहत देने से इनकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने गूगल को उसपर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा लगाए गए 936.44 करोड़ रुपये के जुर्माने के मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। सीसीआई ने गूगल पर यह जुर्माना प्ले स्टोर नीतियों के संबंध में अपनी दबदबे वाली स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए लगाया था। एनसीएलएटी ने गूगल को अगले चार हफ्ते के भीतर उसकी रजिस्ट्री में इस जुर्माने की दस फीसदी राशि जमा करवाने का निर्देश दिया। अपीलीय न्यायाधिकरण की दो सदस्यीय पीठ ने बुधवार को सीसीआई और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अब मामले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/332703/nclat-refuses-interim-relief-to-google-in-rs-936-crore-fine-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/gooo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने गूगल को उसपर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा लगाए गए 936.44 करोड़ रुपये के जुर्माने के मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। सीसीआई ने गूगल पर यह जुर्माना प्ले स्टोर नीतियों के संबंध में अपनी दबदबे वाली स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए लगाया था। एनसीएलएटी ने गूगल को अगले चार हफ्ते के भीतर उसकी रजिस्ट्री में इस जुर्माने की दस फीसदी राशि जमा करवाने का निर्देश दिया। अपीलीय न्यायाधिकरण की दो सदस्यीय पीठ ने बुधवार को सीसीआई और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अब मामले पर आगे की सुनवाई 17 अप्रैल 2023 को होगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/332696/lakhimpur-kheri-violence--normally-it-may-take-five-years-to-complete-the-trial">लखीमपुर खीरी हिंसा: सामान्य तौर पर सुनवाई पूरी करने में लग सकते हैं पांच साल!</a></span></strong></p>
<p>पिछले हफ्ते भी अपीलीय न्यायाधिकरण ने गूगल को उसपर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा लगाए गए 1,337.76 करोड़ रुपये के जुर्माने का 10 प्रतिशत अदा करने का निर्देश दिया था। एनसीएलएटी की पीठ ने सीसीआई के जुर्माने के आदेश के खिलाफ गूगल की याचिका को स्वीकार तो कर लिया था लेकिन जुर्माने के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा था कि वह अन्य पक्षों को सुनने के बाद ही कोई आदेश देगी। सीसीआई ने अक्टूबर में एक सप्ताह से भी कम समय में पारित दो आदेशों के माध्यम से ने गूगल पर 2,200 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया था। </p>
<p>25 अक्टूबर को सीसीआई ने प्ले स्टोर नीतियों में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने के अलावा सीसीआई ने कहा था कि गूगल को ऐप डेवलपर्स को ऐप खरीदने के लिए किसी भी तीसरे पक्ष के बिलिंग/भुगतान प्रसंस्करण सेवाओं का उपयोग करने से प्रतिबंधित नहीं करना चाहिए। इससे पहले नियामक ने 20 अक्टूबर को एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के संबंध में कई बाजारों में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/332689/cm-bhagwant-mann-orders-pcs-officers-to-come-on-duty-by-2-pm">CM भगवंत मान ने पीसीएस अधिकारियों को दोपहर दो बजे तक ड्यटी पर आने का दिया आदेश</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jan 2023 14:26:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CCI के आदेश के बाद Google ने भारत में Play Billing प्रणाली पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। गूगल (Google) ने भारत में डिजिटल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए प्ले बिलिंग प्रणाली को रोकने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के हालिया फैसलों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। कंपनी ने साथ ही कहा कि वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ये भी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/308153/google-bans-play-billing-system-in-india-after-cci-order"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/google-1666761296.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> गूगल (Google) ने भारत में डिजिटल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए प्ले बिलिंग प्रणाली को रोकने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के हालिया फैसलों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। कंपनी ने साथ ही कहा कि वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/meta-released-a-big-update-for-facebook-users-will-now-be-able-to-share-reels-in-groups/">मेटा ने फेसबुक के लिए बड़ा अपडेट किया जारी, यूजर्स अब ग्रुपों में शेयर कर सकेंगे रील्स</a></strong></p>
<p>सीसीआई ने पिछले महीने प्ले स्टोर नीतियों के संबंध में गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। नियामक ने कंपनी को अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं को रोकने और साथ ही एक निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रतिस्पर्धा विरोधी मसलों को हल करने का निर्देश भी दिया था।</p>
<p>गूगल ने कहा, सीसीआई के हालिया फैसले के बाद, हम भारत में उपयोगकर्ताओं द्वारा डिजिटल सामान और सेवाओं की खरीद के लेनदेन के लिए गूगल प्ले की बिलिंग प्रणाली को रोक रहे हैं। कंपनी ने हालांकि कहा कि वह अपने कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रही है और यह एंड्रायड तथा प्ले में निवेश जारी रखेगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/google-play-store-removed-these-13-apps-you-can-also-delete-them-immediately/">Google Play Store ने हटाए ये 13 Apps, आप भी कर दें तुरंत डिलीट</a></strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Nov 2022 11:00:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत में गूगल पर लगा 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में कई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, सीसीआई ने प्रमुख इंटरनेट कंपनी को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने और बंद करने का निर्देश …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/302933/google-fined-rs-1337-76-crore-in-india-know-the-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/capture-1068.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में कई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, सीसीआई ने प्रमुख इंटरनेट कंपनी को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने और बंद करने का निर्देश दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/chief-minister-gehlot-hit-back-at-rathore-said-bjp-leaders-should-read-history/">मुख्यमंत्री गहलोत ने राठौड़ पर पलटवार कहा- भाजपा नेताओं को पढ़ना चाहिए इतिहास</a></p>
<p>आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि गूगल को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कामकाज के तरीके को संशोधित करने का निर्देश भी दिया गया है। सीसीआई ने अप्रैल 2019 में देश में एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।</p>
<p>एंड्रॉयड दरअसल स्मार्टफोन और टैबलेट के मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा स्थापित एक ओपन-सोर्स, मोबाइल ऑपरेटिंग प्रणाली है। अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं के आरोप मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट (एमएडीए) और एंटी फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट (एएफए) जैसे दो समझौतों से संबंधित हैं।</p>
<p>नियामक ने कहा कि अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने का आदेश जारी करने के अलावा एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र में कई बाजारों में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सीसीआई ने कहा कि एमएडीए के तहत गूगल मोबाइल सूट (जीएमएस) को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करना उपकरण निर्माताओं पर अनुचित स्थिति थोपने के बराबर है, और इस तरह यह प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/there-was-a-ruckus-over-the-video-of-jp-nadda-grave-smriti-irani-said-wisdom-opposite-to-destruction/">जेपी नड्डा की ‘कब्र’ के वीडियो को लेकर मचा बवाल, स्मृति ईरानी बोलीं- विनाश काले विपरीत बुद्धि!</a></strong></p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Oct 2022 21:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SONY-ZEE विलय सौदे को प्रतिस्पर्धा आयोग की सशर्त मंजूरी, CCI ने ट्वीट कर दी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंगलवार को मीडिया कंपनियों सोनी और जी के विलय को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी। विलय के बाद बनने वाली इकाई देश के बड़े मीडिया समूह में से एक होगी। सीसीआई ने ट्विटर पर लिखा है कि उसने कुछ संशोधन के साथ सौदे को मंजूरी दी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/293637/competition-commissions-conditional-approval-for-sony-zee-merger-deal-cci-tweeted-information"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/capture-202.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंगलवार को मीडिया कंपनियों सोनी और जी के विलय को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी। विलय के बाद बनने वाली इकाई देश के बड़े मीडिया समूह में से एक होगी। सीसीआई ने ट्विटर पर लिखा है कि उसने कुछ संशोधन के साथ सौदे को मंजूरी दी है। प्रस्तावित विलय की घोषणा पिछले साल सितंबर में की गयी थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/jio-will-start-testing-of-5g-service-from-tomorrow-free-service-will-be-available-in-these-four-cities/">कल लॉन्च होगा JIO का TRUE 5G बीटा ट्रायल, इन चार शहरों में मिलेगी फ्री सर्विस</a></p>
<p>आयोग ने कहा कि उसने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लि. (जी) और बांग्ला एंटरटेनमेंट प्राइवेट लि. (बीईपीएल) के कल्वेर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लि. (सीएमई) के साथ विलय को कुछ संशोधन के साथ मंजूरी दी है। कल्वेर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लि. को पूर्व में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लि. के नाम से जाना जाता था। फिलहाल मंजूरी का पूरा ब्योरा नहीं मिला है।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि नियामक शुरू में इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि इस सौदे का प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उसके बाद दोनों पक्षों को नोटिस जारी किये गये थे। उसके फलस्वरूप दोनों पक्षों ने स्वेच्छा से कुछ प्रस्ताव दिये, जिसे नियामक ने स्वीकार कर लिया। एक निश्चित सीमा से अधिक के विलय के लिये सीसीआई से मंजूरी की जरूरत होती है।</p>
<p>जी लि. ने बयान में कहा, ‘‘प्रस्तावित विलय से सभी पक्षों के लिये सृजित होने वाले मूल्य को देखते हुए कंपनी ने नियामक के दिशानिर्देश के अनुसार कुछ कदम की पेशकश की है।’’ कंपनी ने यह भी कहा कि इस मामले में विस्तृत ब्योरे की प्रतीक्षा है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने कहा कि विलय के लिये सीसीआई से मिली मंजूरी से उसे खुशी है। कंपनी ने कहा, ‘‘अब हमें विलय के बाद नई कंपनी शुरू करने के लिये अन्य नियामकीय मंजूरी का इंतजार है…।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/sebi-bans-gautam-thapar-for-five-years-fines-rs-30-15-crore-on-11-entities/">सेबी ने गौतम थापर पर पांच साल का लगाया प्रतिबंध,11 इकाइयों पर 30.15 करोड़ रुपये का जुर्माना</a></p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 22:29:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>Amazon की याचिका पर 11 अक्टूबर को SC करेगा सुनवाई, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अमेजॉन.कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग एलएलसी (अमेजॉन) की याचिका पर सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तिथि मुकर्रर की है। याचिका में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 13 जून के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग(सीसीआई) के आदेश को बरकरार रखा गया था जिसमें …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अमेजॉन.कॉम एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग एलएलसी (अमेजॉन) की याचिका पर सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तिथि मुकर्रर की है। याचिका में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 13 जून के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग(सीसीआई) के आदेश को बरकरार रखा गया था जिसमें अमेजॉन और फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपीएल) के बीच शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट (एसएसए) स्थगित है।</p>
<p>न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने सोमवार को अपना आदेश सुनाते हुए कहा, “समय की कमी के कारण, हम तर्कों को विस्तार से नहीं सुन सके। हम इसे 11 अक्टूबर को सुनेंगे।” इससे पिछली सुनवाई यानि पांच सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने अमेजॉन की याचिका पर सीसीई, प्यूचर कूपन्स और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के खिलाफ नोटिस जारी किया था।</p>
<p>सीसीआई ने आज बंद लिफाफे में अपना जवाब दिया है। अमेजॉन समूह के वकीलों ने न्यायालय को बताया कि मामला गंभीर प्रकृति का है और इस पर सुनवाई करनी चाहिए। जिसपर न्यायालय ने अगले महीने की तारीख दे दी।<span></span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-  </strong><a href="https://amritvichar.com/former-punjab-cm-captain-amarinder-singh-joined-bjp-plc-also-merged/">पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने थामा बीजेपी का दामन, पीएलसी का भी हुआ विलय</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/285057/sc-will-hear-on-amazons-petition-on-october-11-know-the-whole-matter</link>
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                <pubDate>Mon, 19 Sep 2022 21:00:54 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली हाईकोर्ट ने सीसीआई की जांच के खिलाफ व्हाट्सऐप और फेसबुक की याचिका की खारिज, जारी रहेगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को व्हाट्सऐप और फेसबुक की उन अपीलों को खारिज कर दिया जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश से की जा रही जांच को चुनौती देने के अनुरोध को खारिज करने विरोध में दायर की गई थी। सीसीआई ने ‘इंस्टेंट मैसेजिंग’ मंच की अद्यतन निजता नीति 2021 की …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/270525/delhi-high-court-dismisses-the-petition-of-whatsapp-and-facebook-against-the-investigation-of-cci-the-investigation-will-continue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/452073-449728-delhihicourt3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को व्हाट्सऐप और फेसबुक की उन अपीलों को खारिज कर दिया जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश से की जा रही जांच को चुनौती देने के अनुरोध को खारिज करने विरोध में दायर की गई थी। सीसीआई ने ‘इंस्टेंट मैसेजिंग’ मंच की अद्यतन निजता नीति 2021 की जांच के आदेश दिए थे।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एक पीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश का आदेश तर्कपूर्ण और सही था तथा उसके विरुद्ध दायर याचिकाओं में कोई दम नहीं है। पिछले साल अप्रैल में, उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ ने सीसीआई द्वारा निर्देशित जांच को रोकने से इनकार कर दिया था और व्हाट्सऐप तथा फेसबुक (अब ‘मेटा’) की याचिका खारिज कर दी थी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/ins-vikrant-will-join-the-indian-navy-on-this-day-pm-modi-will-dedicate/">भारतीय नौसेना में इस दिन शामिल होगा आईएनएस विक्रांत, पीएम मोदी करेंगे समर्पित</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><span><br />
</span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/270525/delhi-high-court-dismisses-the-petition-of-whatsapp-and-facebook-against-the-investigation-of-cci-the-investigation-will-continue</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/270525/delhi-high-court-dismisses-the-petition-of-whatsapp-and-facebook-against-the-investigation-of-cci-the-investigation-will-continue</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Aug 2022 13:25:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाजार में गिरोहबंदी की चुनौती से निपटना होगा- निर्मला सीतारमण</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बाजारों में संभावित गिरोहबंदी को लेकर शुक्रवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि जिंसों की आपूर्ति में कमी के कारणों का पता लगाने की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 13वें वार्षिक कार्यक्रम के अवसर पर सीतारमण ने यह भी कहा कि नियामक को विलयों और …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/219947/the-challenge-of-gang-rape-in-the-market-will-have-to-be-tackled-nirmala-sitharaman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/capture-658.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बाजारों में संभावित गिरोहबंदी को लेकर शुक्रवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि जिंसों की आपूर्ति में कमी के कारणों का पता लगाने की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 13वें वार्षिक कार्यक्रम के अवसर पर सीतारमण ने यह भी कहा कि नियामक को विलयों और अधिग्रहणों के बारे में ‘‘गहरी समझ’’ होना जरूरी है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘गिरोहबंदी की चुनौती से निपटना होगा।’’ जिंसों की बढ़ती कीमतों के पीछे विभिन्न कारणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आपूर्ति में कमी के हालात के पीछे कारणों को भी देखने की जरूरत है। उन्होंने ये टिप्पणियां ऐसे समय पर की हैं जब मुद्रास्फीति आसमान छू रही है। सीतारमण के पास कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का प्रभार भी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सीसीआई के साथ-साथ कंपनियों को भी संवेदनशील बनने की जरूरत है। कॉरपोरेट मामलों के सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि सीसीआई ने प्रतिस्पर्धा रोधी मामलों से निपटने के लिए अहम हस्तक्षेप किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून समीक्षा समिति (सीएलआरसी) की सिफारिशों को भी देखा जा रहा है।</p>
<p>वहीं प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधनों पर भी विचार चल रहा है। सीसीआई के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने इस कार्यक्रम में कहा कि नियामक ने बीते 13 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में न्यायशास्त्र का एक मजबूत निकाय स्थापित किया है।<span></span></p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/elon-musk-elon-musk-shared-the-picture-told-whom-do-you-love-more/">एलन मस्क ने ट्विटर पर शेयर की तस्वीर, बताया किससे करते हैं ज्यादा प्यार</a></p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 13:03:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीसीआई के एमेजन-फ्यूचर सौदा निलंबित, विक्रेताओं ने किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। इंडियन सेलर्स कलेक्टिव (आईएससी) ने सोमवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उसने 2019 में फ्यूचर समूह के साथ अमेजन के सौदे के लिए अपनी मंजूरी को निलंबित करने का आदेश दिया। आईएससी ने इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स मंचों और संबंधित पक्षों के खिलाफ लंबित मामलों …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/148631/ccis-amazon-future-deal-suspended-sellers-welcome"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/amazonn.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> इंडियन सेलर्स कलेक्टिव (आईएससी) ने सोमवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उसने 2019 में फ्यूचर समूह के साथ अमेजन के सौदे के लिए अपनी मंजूरी को निलंबित करने का आदेश दिया। आईएससी ने इसके साथ ही बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स मंचों और संबंधित पक्षों के खिलाफ लंबित मामलों के तेजी से समाधान की मांग की।</p>
<p>आईएससी, जो देश भर में भारतीय विक्रेताओं के व्यापार संघों और प्रतिनिधि निकायों का एक समूह संगठन होने का दावा करता है, ने कहा कि सीसीआई का ताजा फैसला ”विदेशी खुदरा विक्रेताओं द्वारा अपनाए जा रहे दोहरे मानकों की पुष्टि करता है। एमेजन-फ्यूचर सौदा पर संगठन ने एक बयान में कहा कि इसके पता चलता है कि देश के खुदरा बाजार को नियंत्रित करने के इरादे से अमेजन कैसे दोहरे मानकों के साथ काम कर रही है, जो खुद को लेनदेन मंच के रूप में पेश करती है, लेकिन वास्तव में एक खुदरा विक्रेता की तरह व्यवहार कर रही है।</p>
<p>आईएससी सदस्य और राष्ट्रीय समन्वयक अभय राज मिश्रा ने कहा कि सीसीआई द्वारा अपने आदेश को पलटने का फैसला कदाचार के खिलाफ नियामकों की कार्रवाई को दर्शाता है। इस बारे में टिप्पणी के लिए अमेजन को भेजे गए एक ईमेल का कोई जवाब नहीं आया। अखिल भारतीय मोबाइल खुदरा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंदर खुराना ने कहा कि सीसीआई के फैसले के लिए इससे अधिक उपयुक्त समय नहीं हो सकता था, क्योंकि इस वक्त छोटे खुदरा विक्रेता ऑनलाइन मार्केटप्लेस के कदाचार के कारण जबरदस्त दबाव में हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/mahindra-group-ties-up-with-maharashtra-government-to-set-up-vehicle-scrapping-units/">महिंद्रा समूह ने वाहन स्क्रैपिंग इकाइयां स्थापित करने को महाराष्ट्र सरकार से किया समझौता</a></p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 15:40:35 +0530</pubDate>
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                <title>गूगल ने गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने पर सीसीआई के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। गूगल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा उसके खिलाफ की गई जांच की गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की है। गूगल ने एक बयान में कहा कि इस कवायद का मकसद सीसीआई की जांच शाखा को मिली किसी भी गोपनीय जानकारी …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/115977/google-appeals-in-delhi-high-court-against-cci-for-leak-of-confidential-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-09/google-1-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> गूगल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा उसके खिलाफ की गई जांच की गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की है। गूगल ने एक बयान में कहा कि इस कवायद का मकसद सीसीआई की जांच शाखा को मिली किसी भी गोपनीय जानकारी को गैरकानूनी रूप से बाहर आने से रोकना है। गूगल ने कहा कि उसे अभी तक यह गोपनीय रिपोर्ट नहीं मिली है।</p>
<p>प्रौद्योगिकी कंपनी ने आगे कहा, ”गूगल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर कर इस मामले के समाधान की मांग की है और विशेष रूप से भरोसे के उल्लंघन पर आपत्ति जताई, जिससे गूगल और उसके सहयोगियों को नुकसान पहुंचाता है।” पिछले हफ्ते आई रिपोर्टों में कहा गया था कि सीसीआई की जांच शाखा महानिदेशक ने पाया है कि एंड्रायड के संबंध में गूगल अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं में शामिल है।</p>
<p>गूगल ने कहा, ”हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि महानिदेशक की रिपोर्ट, जिसमें हमारे एक चालू मामले की गोपनीय जानकारी शामिल है, सीसीआई के पास से मीडिया में लीक हो गई।” गूगल के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ”गोपनीय जानकारी की रक्षा करना किसी भी सरकारी जांच के लिए बुनियादी जरूरत है और हम आगे किसी भी गैरकानूनी खुलासे को रोकने के अपने कानूनी अधिकार का पालन कर रहे हैं।” प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने पूरी तरह से सहयोग किया और पूरी जांच प्रक्रिया में गोपनीयता बनाए रखी। प्रवक्ता ने कहा, ”हम उन संस्थानों से समान स्तर की गोपनीयता की उम्मीद करते हैं, जिनसे हम जुड़े हुए हैं।”</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Sep 2021 16:06:07 +0530</pubDate>
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                <title>सीसीआई की जांच ने बढ़ाईं मारुति सुजुकी की मुश्किलें, ठोका 200 करोड़ का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) ने डीलरों के ग्राहकों को गाड़ी की खरीद पर छूट देने से रोकने को प्रतिस्पर्द्धा नियमों के विपरीत पाते हुए आज देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) पर 200 करोड़ रुपये जुर्माना ठोका है। कंपनी मामलों के मंत्रालय से सोमवार को जारी …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/105921/ccis-investigation-increased-the-difficulties-of-maruti-suzuki-fined-200-crores"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-08/852765-maruti-suzukicars1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) ने डीलरों के ग्राहकों को गाड़ी की खरीद पर छूट देने से रोकने को प्रतिस्पर्द्धा नियमों के विपरीत पाते हुए आज देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) पर 200 करोड़ रुपये जुर्माना ठोका है।</p>
<p>कंपनी मामलों के मंत्रालय से सोमवार को जारी आदेश में बताया गया है कि सीसीआई ने अपनी जांच में पाया कि एमएसआईएल अपनी छूट नियंत्रण नीति के तहत डीलरों के साथ के एक करार करती है, जिसके तहत डीलर ग्राहकों को कंपनी द्वारा निर्धारित छूट से अधिक छूट नहीं दे सकते हैं। साथ ही यदि डीलर अपने ग्राहकों को अतिरिक्त छूट देना चाहते हैं तो उसे पहले एमएसआईएल से अनुमति लेनी होगी।</p>
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                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Aug 2021 19:46:28 +0530</pubDate>
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