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                <title>Chinese President - Amrit Vichar</title>
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                <description>Chinese President RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार यूनुस ने की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीजिंग। </strong>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को यहां मुलाकात की। सरकारी मीडिया की खबर में यह जानकारी दी गई। चीन की चार दिवसीय यात्रा पर आए यूनुस ने बुधवार को हैनान पहुंचने के बाद देश के ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया।</p>
<p>वह बृहस्पतिवार को बीजिंग पहुंचे और चीनी उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। यूनुस ने शी के साथ अपनी बैठक से पहले चीनी ऋणों पर ब्याज दर कम करने और चीनी वित्तपोषित परियोजनाओं पर प्रतिबद्धता शुल्क माफ करने की चीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530191/bangladesh-s-chief-advisor-yunus-met-chinese-president-jinping--these-issues-were-discussed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/cats372.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीजिंग। </strong>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को यहां मुलाकात की। सरकारी मीडिया की खबर में यह जानकारी दी गई। चीन की चार दिवसीय यात्रा पर आए यूनुस ने बुधवार को हैनान पहुंचने के बाद देश के ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया।</p>
<p>वह बृहस्पतिवार को बीजिंग पहुंचे और चीनी उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। यूनुस ने शी के साथ अपनी बैठक से पहले चीनी ऋणों पर ब्याज दर कम करने और चीनी वित्तपोषित परियोजनाओं पर प्रतिबद्धता शुल्क माफ करने की चीन से बृहस्पतिवार को अपील की। </p>
<p>बांग्लादेश की विभिन्न मीडिया की खबरों के अनुसार, ‘बोआओ फोरम फॉर एशिया’ वार्षिक सम्मेलन के इतर यूनुस ने चीन के कार्यकारी उप प्रधानमंत्री डिंग शुएशियांग के साथ बैठक में विकास परियोजनाओं के लिए चीनी समर्थन मांगा। उन्होंने बांग्लादेश को दिए जाने वाले चीनी ऋणों की ब्याज दरों को तीन प्रतिशत से घटाकर एक-दो प्रतिशत करने तथा बांग्लादेश में चीन द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं पर प्रतिबद्धता शुल्क में छूट की भी मांग की। </p>
<p>बांग्लादेश के समाचार पत्र ‘डेली स्टार’ की खबर के अनुसार जापान, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के बाद चीन बांग्लादेश का चौथा सबसे बड़ा ऋणदाता है, जिसने उसे 1975 से अब तक कुल 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर का ऋण दिया है। डिंग के साथ अपनी बैठक में यूनुस ने वस्त्र, इलेक्ट्रिक वाहन, हल्की मशीनरी, उच्च तकनीक वाले इलेक्ट्रॉनिक, चिप विनिर्माण और सौर पैनल उद्योग समेत चीनी विनिर्माण उद्योगों के उनके देश में स्थानांतरण के लिए बीजिंग से मदद मांगी। यूनुस ने रूस के उप प्रधानमंत्री एलेक्सी ओवरचुक से भी मुलाकात की। </p>
<p>ओवरचुक ने बांग्लादेश को अधिक गेहूं और उर्वरक निर्यात करने में रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘रूस बांग्लादेश को अधिक गेहूं और उर्वरक निर्यात करना चाहेगा।’’ बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रूस द्वारा वित्तपोषित रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालन पर चर्चा की। यूनुस ने संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून से भी मुलाकात कर उनसे बांग्लादेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल करने में उनका समर्थन और सलाह मांगी। </p>
<p>मून ‘बोआओ फोरम’ के अध्यक्ष हैं। ‘डेली स्टार’ ने यूनुस के हवाले से खबर में कहा, ‘‘हम नए सिरे से शुरुआत करना चाहते हैं। हमें आपके समर्थन और सलाह की जरूरत है। अब हमारे पास एक बेहतरीन अवसर है।’’ चीन ने बांग्लादेश के बदलते परिदृश्य के बीच ढाका के साथ संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जताई है। </p>
<p>बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ ने चीनी उप-प्रधानमंत्री के हवाले से कहा, ‘‘राष्ट्रपति शी चिनफिंग आपकी (यूनुस की) यात्रा को अत्यधिक महत्व देते हैं।’’ चीनी उप-प्रधानमंत्री ने यूनुस से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके अंतरिम प्रशासन के तहत दक्षिण एशियाई राष्ट्र समृद्ध होगा। डिंग ने कहा कि द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बीजिंग बांग्लादेश सरकार को निवेश, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों के मामले में पूर्ण समर्थन देगा। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/530176/lucknow--body-of-pwd-engineer-vivek-soni-found-in-canal--police-engaged-in-investigation">लखनऊ: नहर में मिला पीडब्ल्यूडी इंजीनियर विवेक सोनी का शव, जांच में जुटी पुलिस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 10:16:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका से आगे निकलने की कोई योजना नहीं है: Xi Jinping</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीजिंग।</strong> चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ एक बैठक में कहा कि चीन की अमेरिका से आगे निकलने की कोई योजना नहीं है। चाइना सेंट्रल टेलीविजन ने बैठक में शी जिनपिंग के हवाले से कहा, “जब चीन की अमेरिका को लेकर ऐसी कोई योजना नहीं है, तब अमेरिका को भी चीन को दबाने या नियंत्रित करने की कोई योजना बनानी चाहिए।’</p>
<p>यह चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका में मित्रवत संगठनों के स्वागत रात्रिभोज में चीनी राष्ट्रपति के हवाले से कहा, “मुझे विश्वास है कि एक बार बीतचीत शुरू होने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/418760/no-plans-to-overtake-america--xi-jinping"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/xi-jinping.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीजिंग।</strong> चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ एक बैठक में कहा कि चीन की अमेरिका से आगे निकलने की कोई योजना नहीं है। चाइना सेंट्रल टेलीविजन ने बैठक में शी जिनपिंग के हवाले से कहा, “जब चीन की अमेरिका को लेकर ऐसी कोई योजना नहीं है, तब अमेरिका को भी चीन को दबाने या नियंत्रित करने की कोई योजना बनानी चाहिए।’</p>
<p>यह चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका में मित्रवत संगठनों के स्वागत रात्रिभोज में चीनी राष्ट्रपति के हवाले से कहा, “मुझे विश्वास है कि एक बार बीतचीत शुरू होने के बाद चीन-अमेरिका संबंध अच्छे हो जाएंग। हमारे लोगों की दोस्ती की जड़ें बहुत मजबूत और प्रगाढ हो गई हैं और यह निश्चित रूप से किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकते हैं।” </p>
<p>उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के बढ़ते विकास और समृद्धि से खुश है और अमेरिका-चीनी संबंधों का भविष्य उनके लोगों, विशेषकर युवाओं पर निर्भर करता है और इसीलिए देशों को अपने राष्ट्रों के बीच संबंधों एवम आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहिए। जिनपिंग ने कहा, “चीन कभी भी अमेरिका के खिलाफ दांव नहीं करता है और कभी भी उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है।</p>
<p> इसी तरह, अमेरिका को चीन के खिलाफ दांव नहीं लगाना चाहिए, या चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसके बजाय उसे एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध चीन का स्वागत करना चाहिए।'' उल्लेखनीय है कि जिनपिंग और बाइडेन ने इस सप्ताह सैन फ्रांसिस्को में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग के नेताओं के शिखर सम्मेलन के मौके पर उत्तरी कैलिफोर्निया के ऐतिहासिक फिलोला एस्टेट में अपनी बैठक की।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/418695/moradabad--accused-of-raping-a-minor--health-deteriorated-in-jail--died">मुरादाबाद: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की जेल में बिगड़ी तबीयत, मौत</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Nov 2023 15:51:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>G20 सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे प्रधानमंत्री ली कियांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीजिंग। </strong>चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सप्ताह नयी दिल्ली में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे और उनके देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री ली क्विंग करेंगे। यहां विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह घोषणा की। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि भारत गणराज्य की सरकार के निमंत्रण पर राज्य परिषद के प्रधानमंत्री ली क्विंग नौ और 10 सितंबर को नई दिल्ली, भारत में आयोजित होने वाले 18वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।</p>
<p>  प्रवक्ता माओ ने, भारत की मेजबानी में पहली बार आयोजित हो रहे</p>
<p> </p>
<p>रूस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/400583/chinese-president-xi-jinping-will-not-participate-in-the-g20-conference--prime-minister-li-qiang-will-lead-the-delegation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/xi-jinping.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीजिंग। </strong>चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सप्ताह नयी दिल्ली में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे और उनके देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री ली क्विंग करेंगे। यहां विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह घोषणा की। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि भारत गणराज्य की सरकार के निमंत्रण पर राज्य परिषद के प्रधानमंत्री ली क्विंग नौ और 10 सितंबर को नई दिल्ली, भारत में आयोजित होने वाले 18वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।</p>
<p> प्रवक्ता माओ ने, भारत की मेजबानी में पहली बार आयोजित हो रहे इस उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन से शी की अनुपस्थिति का कोई कारण नहीं बताया। राष्ट्रपति शी इस सप्ताह जकार्ता में आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ) और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी शामिल नहीं होंगे। प्रधानमंत्री ली इंडोनेशिया में आसियान शिखर सम्मेलन में चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे।</p>
<p> चीनी विदेश मंत्रालय के एक अन्य प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक सितंबर को घोषणा की कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के निमंत्रण पर वर्तमान आसियान अध्यक्ष, राज्य परिषद के प्रधानमंत्री ली पांच से आठ सितंबर तक इंडोनेशिया, जकार्ता में होने वाले 26वें चीन-आसियान शिखर सम्मेलन, 26वें आसियान प्लस थ्री (एपीटी) शिखर सम्मेलन और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे। अब प्रधानमंत्री ली के जकार्ता में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद भारत की यात्रा करने की उम्मीद है। 2021 में चीन के राष्ट्रपति शी ने चीन के कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण इटली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था। </p>
<p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होने के अपने फैसले से अवगत करा चुके हैं क्योंकि उन्हें यूक्रेन में ‘‘विशेष सैन्य अभियान’’ पर ध्यान केंद्रित करना है। रूसी राष्ट्रपति पिछले साल नवंबर में भी जी20 के बाली शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे। जी20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/400549/spacex-crew-6-returned-to-earth-after-spending-6-months-in-space--nasa-told---what-will-be-the-benefit">6 महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद पृथ्वी पर लौटा SpaceX Crew-6, नासा ने बताया- क्या होगा लाभ</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Sep 2023 15:31:19 +0530</pubDate>
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