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                <title>Wrestling Federation of India - Amrit Vichar</title>
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                <description>Wrestling Federation of India RSS Feed</description>
                
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                <title>विनेश फोगाट को पक्षपात की आशंका : WFI ने दिया सुरक्षा का आश्वासन लेकिन आयोजन स्थल बदलने से इनकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने रविवार को जोर देकर कहा कि गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का स्थल नहीं बदला जाएगा और उन्होंने विनेश फोगाट की सुरक्षा की 'व्यक्तिगत गारंटी' दी। उनका यह आश्वासन तब दिया गया, जब इस दिग्गज पहलवान की सुरक्षा और पक्षपात को लेकर आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">विनेश ने रविवार को चेतावनी दी कि गोंडा में आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के सदस्यों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर भारत सरकार जिम्मेदार होगी। इसके साथ ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580807/vinesh-phogat-fears-bias--wfi-assures-security-but-refuses-to-change-venue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/vinesh-phogat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने रविवार को जोर देकर कहा कि गोंडा में होने वाले राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का स्थल नहीं बदला जाएगा और उन्होंने विनेश फोगाट की सुरक्षा की 'व्यक्तिगत गारंटी' दी। उनका यह आश्वासन तब दिया गया, जब इस दिग्गज पहलवान की सुरक्षा और पक्षपात को लेकर आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">विनेश ने रविवार को चेतावनी दी कि गोंडा में आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के सदस्यों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर भारत सरकार जिम्मेदार होगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता में ''पक्षपातपूर्ण फैसलों'' की आशंका भी जताई। विनेश ने लगभग 18 महीनों के बाद वापसी करने से पहले एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि बृज भूषण शरण सिंह से जुड़े स्थल पर होने वाली प्रतियोगिता के परिणामों पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख के करीबी लोग प्रभाव डाल सकते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">संजय सिंह ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, ''अगर विनेश को अपनी सुरक्षा की चिंता है तो मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं इसकी व्यक्तिगत गारंटी ले रहा हूं। इसके साथ ही हमारे पास 'यूडब्ल्यूडब्ल्यू' द्वारा अनुमोदित रेफरी हैं, जो मुकाबलों का संचालन करते हैं और सभी ट्रायल मुकाबलों की रिकॉर्डिंग की जाती है, इसलिए पक्षपात की कोई संभावना नहीं है।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''मैं यह भी कहना चाहता हूं कि यह एक ओपन टूर्नामेंट है, जो अनिवार्य नहीं है। इसमें प्रतिस्पर्धा करने का उनका अपना विकल्प है। हम आयोजन स्थल नहीं बदलेंगे।" राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक आयोजित होगा। टूर्नामेंट की शुरुआत पुरुषों के फ्रीस्टाइल ट्रायल से होगी, जिसके बाद ग्रीको-रोमन (11 मई) और महिलाओं की स्पर्धा (12 मई) होगी। विनेश इस प्रतियोगिता के 57 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दिन में पहले अपनी चिंता व्यक्त की थी। विनेश ने कहा, ''प्रतियोगिता के दौरान अगर मेरे, मेरी टीम या समर्थकों के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसके लिए भारत सरकार जिम्मेदार होगी।" उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया और खेल समुदाय से आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने का आग्रह किया। </p>
<p style="text-align:justify;">विनेश ने कहा, ''यह टूर्नामेंट ऐसी जगह आयोजित किया जा रहा है, जहां उनका (बृज का) काफी प्रभाव है। किसी मुकाबले में कौन रेफरी होगा, कितने अंक दिए जाएंगे, मैट चेयरमैन कौन होगा—सब कुछ उनके और उनके लोगों के नियंत्रण में है।" डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने कहा, ''क्या आपको लगता है कि लगभग 1400 पहलवानों के टूर्नामेंट में भाग लेने और यात्रा एवं आवास की व्यवस्था करने के बाद आयोजन स्थल को बदलना और पूरे कार्यक्रम को बाधित करना उचित है? </p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएफआई को ऐसा क्यों करना चाहिए और भाग लेने वाले पहलवानों को असुविधा में क्यों डालना चाहिए?" पिछले कुछ महीनों से अभ्यास कर रही इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह ''ईमानदारी से'' कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं और देश के लिए फिर से पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''मुझे किसी तरह का विशेषाधिकार या विशेष व्यवहार नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि परिणाम प्रदर्शन के अनुरूप हों।" </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि विनेश अब राजनीतिज्ञ भी हैं। उन्होंने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस के टिकट पर जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव जीता था। विनेश ने एक ऐसे माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के मानसिक दबाव पर भी चिंता व्यक्त की, जिसे उन्होंने शत्रुतापूर्ण करार दिया, क्योंकि वह सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में एक शिकायतकर्ता हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">विनेश ने पीड़ितों की पहचान और गरिमा को लेकर उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि परिस्थितियों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा, ''मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। मामला अभी अदालत में है और गवाहों से पूछताछ चल रही है। उससे जुड़े किसी स्थान पर प्रतिस्पर्धा करना, जहां अधिकतर लोग उससे संबंधित हो सकते हैं, मुझ पर अत्यधिक मानसिक दबाव डालता है।" </p>
<p style="text-align:justify;">विनेश ने कहा, ''मुझे संदेह है कि मैं उस माहौल में अपना शत-प्रतिशत दे पाऊंगी।" उन्होंने अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय ''तमाशबीन की तरह देख रहे थे'' और उन्होंने सिंह को ''पूरी छूट'' दे दी थी। विनेश गोंडा में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले वह 50 किलोग्राम और 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं। विनेश ने 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों में अधिक वजन के कारण फाइनल से अयोग्य घोषित होने के बाद से किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उससे पहले सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर प्रमुख पहलवानों और डब्ल्यूएफआई के बीच लंबे समय तक गतिरोध बना रहा था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:37:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Pro Wrestling League: PWL 15 जनवरी से, नीलामी के लिए 300 खिलाड़ियों ने  कराया पंजीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रो कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) अगले साल 15 जनवरी से शुरू होगी और एक फरवरी तक चलेगी। इसके सभी मैच नोएडा इंडोर स्टेडियम में होंगे। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को यह घोषणा की। आयोजकों ने पहले घोषणा की थी कि लीग के लिए दिल्ली एकमात्र स्थल होगा। इस लीग को कोविड-19 महामारी के कारण चार सत्रों के बाद निलंबित कर दिया गया था। </p>
<p>डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह के अनुसार 20 से अधिक देशों के 300 से अधिक पहलवानों ने नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है। इन खिलाड़ियों में ओलंपिक पदक विजेता, विश्व चैंपियनशिप के फाइनलिस्ट और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562551/pro-wrestling-league--pwl-to-begin-on-january-15--300-players-register-for-auction"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(31)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रो कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) अगले साल 15 जनवरी से शुरू होगी और एक फरवरी तक चलेगी। इसके सभी मैच नोएडा इंडोर स्टेडियम में होंगे। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को यह घोषणा की। आयोजकों ने पहले घोषणा की थी कि लीग के लिए दिल्ली एकमात्र स्थल होगा। इस लीग को कोविड-19 महामारी के कारण चार सत्रों के बाद निलंबित कर दिया गया था। </p>
<p>डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह के अनुसार 20 से अधिक देशों के 300 से अधिक पहलवानों ने नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है। इन खिलाड़ियों में ओलंपिक पदक विजेता, विश्व चैंपियनशिप के फाइनलिस्ट और भारत के शीर्ष पहलवान शामिल हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी छह टीमों में चार महिला पहलवानों सहित नौ पहलवान शामिल होंगे। सभी टीमों में पांच भारतीय और चार विदेशी पहलवान हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sat, 06 Dec 2025 14:59:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुरुषों के राष्ट्रीय शिविर को सोनीपत से पुणे में स्थानांतरित करने की तैयारी में है WFI, जानिए क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पुरुषों और महिलाओं के राष्ट्रीय शिविर को क्रमशः पुणे और गांधीनगर में स्थानांतरित करने की तैयारी में है और उसका कहना है कि अब समय आ गया है कि इस खेल को अन्य क्षेत्रों में भी ले जाया जाए तथा 'अनुशासनहीनता' की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए। जनवरी 2023 से राष्ट्रीय शिविर स्थगित हैं जब देश के शीर्ष पहलवानों ने तत्कालीन डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था जिन पर उन्होंने महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। </p>
<p>सोनीपत के बहलगढ़ में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528687/wfi-is-preparing-to-transfer-mens-national-camp-from-sonepat"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/wfi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पुरुषों और महिलाओं के राष्ट्रीय शिविर को क्रमशः पुणे और गांधीनगर में स्थानांतरित करने की तैयारी में है और उसका कहना है कि अब समय आ गया है कि इस खेल को अन्य क्षेत्रों में भी ले जाया जाए तथा 'अनुशासनहीनता' की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए। जनवरी 2023 से राष्ट्रीय शिविर स्थगित हैं जब देश के शीर्ष पहलवानों ने तत्कालीन डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था जिन पर उन्होंने महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। </p>
<p>सोनीपत के बहलगढ़ में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र लंबे समय से पुरुष पहलवानों के लिए ट्रेनिंग केंद्र और ट्रायल स्थल रहा है जबकि लखनऊ में स्थित साई केंद्र महिलाओं के शिविर और ट्रायल के लिए स्थल के रूप में काम करता रहा है। जॉर्डन के अम्मान में 25 मार्च से शुरू होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिए ट्रायल के दौरान 30 वर्गों में से प्रत्येक में शीर्ष चार में रहने वाले पहलवान शिविर का हिस्सा होंगे। डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम एशियाई चैंपियनशिप के समापन के बाद राष्ट्रीय शिविर फिर से शुरू करेंगे। लंबे समय से गतिविधियां बंद हैं। डब्ल्यूएफआई और सरकारी अधिकारियों के बीच संभावित स्थानों पर चर्चा हुई और हमें लगा कि शिविर को पुणे में स्थानांतरित करना खेल के लिए बेहतर होगा। </p>
<p> इस कदम के पीछे के तर्क को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, सोनीपत केंद्र में अनुशासनहीनता की घटनाएं हुई हैं क्योंकि यह कई पहलवानों के घरों और व्यक्तिगत ट्रेनिंग केंद्रों के करीब है। सिंह ने कहा, यह हमारे संज्ञान में लाया गया था कि कुछ पहलवानों ने शिविर में नहीं रहकर नियमों का उल्लंघन किया, लेकिन सभी गतिविधियां बंद थीं तो हम कुछ नहीं कर सके। पुणे में सेना संस्थान अनुशासन बनाए रखने के लिए मशहूर है।  उन्होंने कहा, इसी तरह ऐसी आशंकाएं थीं कि लखनऊ को महिला पहलवानों के लिए शिविर की मेजबानी नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह स्थान हमारे पूर्व प्रमुख (गोंडा) के करीब माना जाता है। हम विवादों से बचना चाहते हैं और खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं इसलिए हमने इसे गांधीनगर में साई केंद्र में स्थानांतरित कर दिया है, जहां बेहतरीन सुविधाएं हैं। </p>
<p>डब्ल्यूएफआई किसी भी पहलवान को राष्ट्रीय शिविर से छूट नहीं देगा। डब्ल्यूएफआई ने 20 अप्रैल से राजस्थान के कोटा में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने का भी फैसला किया है। डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘राजस्थान के राज्य संघ ने चैंपियनशिप की मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई थी। उस राज्य ने पहले केवल एक बार ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी की है। हमें कुश्ती को देश में शीर्ष खेल बनाने के लिए नए क्षेत्रों में ले जाने की जरूरत है। ’’ यह पता चला है कि कुछ पहलवान (जिन्हें नाडा ने प्रतिबंधित किया है) ने कर्नाटक के बेल्लारी में इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (आईआईएस) में ट्रेंनिग ली और प्रतिस्पर्धा की। डोपिंग उल्लंघन के कारण प्रतिबंधित अर्जुन, पवन कुमार और आनंद जनवरी और फरवरी में आईआईएस में आयोजित ट्रेनिंग शिविर का हिस्सा थे और विश्व संचालन संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू को भी इस मामले से अवगत कराया गया है। </p>
<p>आईआईएस अध्यक्ष मनीषा मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘‘हमें (उनके डोपिंग उल्लंघन के बारे में) पता नहीं था। नाडा की टीम वहां मौजूद थी। उन्हें हमें बताना चाहिए था। यह एक अभ्यास प्रतियोगिता थी इसलिए जाहिर तौर पर एजेंडा अलग था। अगर डोप के पॉजिटिव मामले सार्वजनिक नहीं किए जाते तो कोई कैसे जान सकता है। डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने कहा कि महासंघ को ट्रेनिंग शिविर या प्रतियोगिता के संचालन की जानकारी नहीं थी। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर हम इसमें शामिल होते तो निश्चित तौर पर आयोजकों को सूचित करते कि कौन सा पहलवान अयोग्य है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/528682/consensus-in-ioc-included-in-boxing-los-angeles-olympics%C2%A0">मुक्केबाजी लॉस एंजिलिस ओलंपिक में शामिल, आईओसी में बनी आम सहमति </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 17:41:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला: WFI पर लगा निलंबन हटाया, महासंघ का NSF दर्जा किया बहाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पर लगाया गया निलंबन हटा दिया है, जिससे खेल में कई महीनों से बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन का रास्ता भी साफ हो गया है जिनमें अम्मान में होने वाली एशियाई चैम्पियनशिप के लिए चयन ट्रायल भी शामिल है।</p>
<p>मंत्रालय ने संचालन संबंधी गतिविधियों में खामियों के कारण 24 दिसंबर, 2023 को डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था। नई संस्था का गठन इससे तीन दिन पहले 21 दिसंबर को हुआ था। संजय सिंह के नेतृत्व वाली नई संस्था ने डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526998/sports-ministrys-big-decision-on-wfi-removed-the-suspension-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/cats187.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पर लगाया गया निलंबन हटा दिया है, जिससे खेल में कई महीनों से बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन का रास्ता भी साफ हो गया है जिनमें अम्मान में होने वाली एशियाई चैम्पियनशिप के लिए चयन ट्रायल भी शामिल है।</p>
<p>मंत्रालय ने संचालन संबंधी गतिविधियों में खामियों के कारण 24 दिसंबर, 2023 को डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था। नई संस्था का गठन इससे तीन दिन पहले 21 दिसंबर को हुआ था। संजय सिंह के नेतृत्व वाली नई संस्था ने डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ नंदिनी नगर, गोंडा में अंडर -15 और अंडर -20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित करने की घोषणा की थी जिससे सरकार नाराज थी क्योंकि पूर्व भाजपा सांसद यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे थे। </p>
<p>मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि डब्ल्यूएफआई ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं और इसलिए खेल और खिलाड़ियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने निलंबन हटाने का फैसला किया है। संजय सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं इस फैसले के लिए मंत्रालय का आभार व्यक्त करता हूं। अब हम सुचारू रूप से काम कर सकेंगे। खेल के लिए यह बेहद जरूरी था। खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पाने के कारण परेशान थे।’’ </p>
<p>मंत्रालय ने हालांकि डब्ल्यूएफआई से कुछ निर्देशों का पालन करने को कहा है जैसे कि डब्ल्यूएफआई को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्वाचित पदाधिकारियों के बीच शक्ति का संतुलन बना रहे तथा वह स्वयं को निलंबित या बर्खास्त किए गए अधिकारियों से अलग रखे। नए महासचिव प्रेम चंद लोचब विरोधी खेमे से चुने गए थे और मंत्रालय के निर्देश को उसी संदर्भ में समझा जा सकता है। </p>
<p>मंत्रालय ने अपने आदेश ने कहा, ‘‘डब्ल्यूएफआई की कार्यकारी परिषद को इस संबंध में चार सप्ताह के अंदर हलफनामा देना होगा। किसी भी तरह का कोई भी उल्लंघन उचित कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा, जिसमें खेल संहिता के तहत कार्रवाई भी शामिल है।’’ </p>
<p>इसमें यह भी कहा गया है कि डब्ल्यूएफआई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन खेल संहिता के मौजूदा प्रावधानों और यूडब्ल्यूडब्ल्यू (कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय संचालन संस्था) द्वारा समय-समय पर जारी नियमों के साथ इस संबंध में जारी अन्य नवीनतम निर्देशों के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है जिसका पालन नहीं किया जा सकता।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ हम जल्द ही कार्यकारिणी की बैठक बुलाएंगे और चयन ट्रायल्स के लिए एक परिपत्र भी जारी करेंगे। हमें इन निर्देशों का पालन करने में कोई समस्या नहीं है।’’ एशियाई चैंपियनशिप का आयोजन 25 मार्च से जॉर्डन के अम्मान में किया जाएगा। मंत्रालय के निलंबन और प्रमुख पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और सत्यव्रत कादियान द्वारा दायर अदालती मामलों के कारण भारतीय पहलवान ज़ाग्रेब और अल्बानिया में रैंकिंग सीरीज़ टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाए थे। </p>
<p>बृजभूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले पहलवानों ने तर्क दिया था कि निलंबित होने के कारण डब्ल्यूएफआई के पास राष्ट्रीय टीमों को चुनने का अधिकार नहीं है। अदालत ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को डब्ल्यूएफआई का कामकाज संभालने के लिए तदर्थ पैनल को बहाल करने का निर्देश दिया था, लेकिन देश की सर्वोच्च खेल संस्था ने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि यूडब्ल्यूडब्ल्यू केवल डब्ल्यूएफआई को मान्यता देता है और तदर्थ पैनल से प्रविष्टियां स्वीकार नहीं करेगा। </p>
<p>यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने आईओए को धमकी दी थी कि अगर उसके प्रशासन में हस्तक्षेप किया गया तो डब्ल्यूएफआई को फिर से निलंबित कर दिया जाएगा। हरियाणा के एक प्रमुख अभ्यास केंद्र से जुड़े एक कोच ने कहा,‘‘यह हम सभी के लिए राहत की बात है कि निलंबन हटा दिया गया है। प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो रहा था और युवा खिलाड़ी बिना किसी गलती के खामियाजा भुगत रहे थे। वे टूर्नामेंट नहीं खेल रहे थे, कोई राष्ट्रीय शिविर नहीं था। निलंबन बहुत पहले ही हटा लिया जाना चाहिए था।’’ </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/526987/283-indians-trapped-in-south-east-asian-countries-on-the-pretext-of-jobs-got-a-big-relief--the-embassy-helped-them-return-to-their-homeland">दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में नौकरी के झांसे में फंसे 283 भारतीयों को मिली बड़ी राहत, दूतावास ने कराई वतन वापसी</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <link>https://www.amritvichar.com/article/526998/sports-ministrys-big-decision-on-wfi-removed-the-suspension-of</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 10:12:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रतिबंध चौंकाने वाला नहीं, अगर भाजपा में शामिल होता हूं तो यह हटा दिया जाएगा...बजरंग पूनिया का बड़ा बयान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>डोप जांच के लिए नमूना देने से इनकार करने के कारण चार साल के लिए निलंबित ओलंपिक पदक विजेता भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने बुधवार को कहा कि यह सरकार का प्रतिशोधात्मक कदम है और वह भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो यह प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। नाडा ने कहा कि बजरंग ने 10 मार्च को राष्ट्रीय टीम के लिए चयन ट्रायल के दौरान नमूना देने से इनकार करके नियमों का उल्लंघन किया। डोपिंग रोधी संस्था ने सबसे पहले टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान को 23 अप्रैल को इस उल्लघंन के लिए निलंबित किया था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/508395/the-ban-is-not-shocking-it-will-be-removed-if"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/बजरंग-पूनिया.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>डोप जांच के लिए नमूना देने से इनकार करने के कारण चार साल के लिए निलंबित ओलंपिक पदक विजेता भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने बुधवार को कहा कि यह सरकार का प्रतिशोधात्मक कदम है और वह भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो यह प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। नाडा ने कहा कि बजरंग ने 10 मार्च को राष्ट्रीय टीम के लिए चयन ट्रायल के दौरान नमूना देने से इनकार करके नियमों का उल्लंघन किया। डोपिंग रोधी संस्था ने सबसे पहले टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान को 23 अप्रैल को इस उल्लघंन के लिए निलंबित किया था। जिसके बाद खेल की विश्व संचालन संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने भी उन्हें निलंबित कर दिया था। </p>
<p>बजरंग ने पत्रकारों से कहा, यह चौंकाने वाला नहीं है क्योंकि ट्रायल का यह मामला पिछले एक साल से चल रहा है। मैंने पहले भी कहा है कि मैंने नाडा को नमूना देने से इनकार नहीं किया है। जब वे डोप जांच के लिए मेरे घर आए थे तो वे एक ‘एक्सपायरी किट’ (दिसंबर 2023 में) लेकर आए थे। मैंने इसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है।  पूनिया और उनकी साथी पहलवान ओलंपियन विनेश फोगाट इस साल के शुरु में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। बजरंग ने अपने बचाव में कहा, ‘‘आप किसी भी खिलाड़ी को ‘एक्सपायरी किट’ नहीं दे सकते। जहां तक ​​मेरा सवाल है तो मेरी टीम वहां थी इसलिए उन्होंने यह देख लिया। वे 2020, 2021, 2022 की ‘एक्सपायरी किट’ लेकर आए थे।  </p>
<p>उन्होंने कहा, मैंने मूत्र का नमूना दिया था लेकिन फिर मेरी टीम ने किट की जांच की और पाया कि यह ‘एक्सपायर’ (तारीख खत्म होना) हो चुकी थी। इसलिए हमने किट का वीडियो बनाया और हमने नाडा को मेल किया। लेकिन उन्होंने अपनी गलती स्वीकार नहीं की।’’ </p>
<p>इस पहलवान ने आरोप लगाया कि सरकार भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ लंबे समय से चल रहे धरने में शामिल होने के लिए उनसे बदला लेना चाहती है। उन्होंने कहा, मुझे यह भी लगता है कि महिला पहलवानों के समर्थन में हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि सभी एजेंसियां ​​सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। ’ </p>
<p>पूनिया ने दावा किया, मैं पिछले 10-12 साल से प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं और मैंने सभी टूर्नामेंटों और भारत के शिविरों के दौरान नमूना दिया है। लेकिन सरकार का मकसद हमें तोड़ना और उनके सामने झुकाना है। अगर मैं भाजपा में शामिल हो जाता हूं तो मुझे लगता है कि सभी प्रतिबंध हटा लिये जाएंगे।  इस निलंबन का मतलब है कि बजरंग 22 अप्रैल 2028 तक प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापस नहीं आ पाएंगे। इसके अलावा अगर वह विदेश में कोचिंग की नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/508393/mirabai-chanu-will-not-participate-in-the-world-championships-to">मीराबाई चानू रिहैब जारी रखने के लिए विश्व चैंपियनशिप में नहीं लेंगी हिस्सा </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 16:52:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यौन शोषण मामला: जल्द सुनवाई के अनुरोध वाली बृज भूषण की अर्जी पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण सिंह की उस याचिका पर शुक्रवार को शहर की पुलिस और पहलवानों से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने कई महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी को रद्द करने के अनुरोध वाली उनकी अर्जी पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया है।</p>
<p>सिंह ने 13 जनवरी, 2025 को सूचीबद्ध मुख्य याचिका पर इस आधार पर पहले सुनवाई करने का अनुरोध किया है कि निचली अदालत में मामला अभियोजन साक्ष्य दायर करने के चरण में है और याचिका जब तक उच्च न्यायालय के समक्ष आएगी, तब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500420/sexual-harassment-case--high-court-seeks-response-from-delhi-police-on-brij-bhushan-s-plea-requesting-early-hearing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/wfi-अध्यक्ष-बृज-भूषण.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण सिंह की उस याचिका पर शुक्रवार को शहर की पुलिस और पहलवानों से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने कई महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी को रद्द करने के अनुरोध वाली उनकी अर्जी पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया है।</p>
<p>सिंह ने 13 जनवरी, 2025 को सूचीबद्ध मुख्य याचिका पर इस आधार पर पहले सुनवाई करने का अनुरोध किया है कि निचली अदालत में मामला अभियोजन साक्ष्य दायर करने के चरण में है और याचिका जब तक उच्च न्यायालय के समक्ष आएगी, तब तक अधिकतर गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके होंगे। </p>
<p>न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने याचिका पर दिल्ली पुलिस और पहलवानों को नोटिस जारी किया, जिसमें सिंह ने उच्च न्यायालय से यह भी आग्रह किया है कि निचली अदालत को उनकी लंबित याचिका के निपटारे तक आपराधिक मामले में आगे नहीं बढ़ने का निर्देश दिया जाए। उच्च न्यायालय ने पुलिस और पहलवानों से याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले को 16 दिसंबर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। </p>
<p>संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सिंह की तरफ से पेश वकील राजीव मोहन ने दलील दी कि एक विशेष अदालत होने के नाते निचली अदालत मामले पर साप्ताहिक आधार पर सुनवाई कर रही है और पीड़ितों में से एक का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। निचली अदालत में सुनवाई पर रोक का आग्रह करते हुए याचिका में कहा गया है कि अगर मुकदमा जारी रहेगा, तो इससे सिंह को पूर्वाग्रह और मानसिक पीड़ा होगी, जिन्होंने प्राथमिकी रद्द किए जाने के गुण-दोष के आधार पर एक मजबूत मामला होने का दावा किया था। </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व सांसद सिंह पर कई महिला पहलवानों ने पिछले साल यौन शोषण का आरोप लगाया था। पहलवान सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग को लेकर कई महीनों तक धरने पर भी बैठे थे। मई 2023 में उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/500368/danger-of-wild-animals-is-increasing-in-up-after-wolves">यूपी में बढ़ रहा वन्य जीवों का खतरा, भेड़ियों के बाद लकड़बग्घा की दहशत, मां-बेटे को किया लहूलुहान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 14:30:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हुड्डा परिवार ने पहलवानों का वैसा ही इस्तेमाल किया जैसे पांडवों ने द्रौपदी का किया था,  बृजभूषण सिंह ने बजरंग पूनिया पर लगाया यह आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गोंडा। </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस के हुड्डा परिवार ने वैसे ही पहलवानों को दांव पर लगाकर उनके  खिलाफ साज़िश रची जैसे महाभारत में पांडवों ने द्रौपदी को दांव पर लगाया था। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख सिंह पर पिछले वर्ष कई महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ जांच की मांग को लेकर कई सप्ताह तक धरना दिया था।</p>
<p>सिंह ने रविवार को अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''महाभारत में जो जुआ खेला गया था, उसमें द्रौपदी को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491002/the-hooda-family-used-the-wrestlers-in-the-same-way-as-the-pandavas-used-draupadi--brij-bhushan-singh-made-this-allegation-on-bajrang-punia"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/cats199.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गोंडा। </strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस के हुड्डा परिवार ने वैसे ही पहलवानों को दांव पर लगाकर उनके  खिलाफ साज़िश रची जैसे महाभारत में पांडवों ने द्रौपदी को दांव पर लगाया था। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख सिंह पर पिछले वर्ष कई महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ जांच की मांग को लेकर कई सप्ताह तक धरना दिया था।</p>
<p>सिंह ने रविवार को अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''महाभारत में जो जुआ खेला गया था, उसमें द्रौपदी को दांव पर लगाया गया था। पांडव हार गए थे। इस मामले में पांडवों की दलीलों को देश अब भी स्वीकार नहीं कर पा रहा है।” </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा के परिवार ने “बेटियों और बहनों की इज्जत दांव पर लगाकर उनके खिलाफ साजिश रची” जिसके लिए आने वाली पीढ़ी उन्हें माफ नहीं करेगी और इसके लिए उन्हें हमेशा दोषी माना जाएगा। वह हुड्डा परिवार से हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र कर रहे थे। </p>
<p>विनेश फोगाट और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया तथा एक अन्य ओलंपिक कांस्य विजेता साक्षी मलिक ने पिछले वर्ष इस आंदोलन का नेतृत्व किया था। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा, ''बजरंग पुनिया की मानसिकता खराब हो गई है। उन्होंने अपनी पत्नी को दांव पर लगा दिया था। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे बिना ट्रायल के एशियाई खेलों में खेलने क्यों गए?''</p>
<p>दिल्ली में पहलवानों के विरोध प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा, ''पहलवानों के विरोध का नाम मत लीजिए। दिल्ली में पहलवानों का कोई विरोध प्रदर्शन नहीं था। यह एक पारिवारिक विरोध था। जब हम पहलवान कहते हैं, तो एक समूह आ जाता है। क्या पहलवान पंजाब व हरियाणा में नहीं हैं? क्या वे महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल और हिमाचल (प्रदेश) में नहीं हैं?'' </p>
<p>उन्होंने कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "प्रियंका गांधी भी आती थीं।" कैसरगंज सीट से भाजपा के पूर्व सांसद सिंह ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस ने भारतीय कुश्ती महासंघ पर नियंत्रण करने की ‘साजिश’ के तहत विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को 'मोहरे' के रूप में इस्तेमाल किया। </p>
<p>आंदोलन के कारण कैसरगंज निर्वाचन क्षेत्र से छह बार लोकसभा सदस्य रहे सिंह को भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख के पद से हटना पड़ा। वह वर्तमान में एक अदालत में आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। फोगाट और पुनिया शुक्रवार को “न डरने और न पीछे हटने” की शपथ के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 32 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है जिसमें पहलवान विनेश फोगाट को जुलाना सीट से मैदान में उतारा गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/491002/the-hooda-family-used-the-wrestlers-in-the-same-way-as-the-pandavas-used-draupadi--brij-bhushan-singh-made-this-allegation-on-bajrang-punia</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Sep 2024 20:59:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WFI के कामकाज पर रोक लगाने वाली याचिका पर IOA तदर्थ पैनल का अधिकार बहाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की तदर्थ समिति के अधिकार को बहाल कर दिया जिसमें मौजूदा स्वरूप में डब्ल्यूएफआई के कामकाज पर रोक लगाने और खेल के लिए राष्ट्रीय महासंघ के रूप में कोई भी गतिविधि करने से रोकने की मांग की गई थी। शीर्ष पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादियान की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि आईओए समिति का पुनर्गठन कर सकता है। </p>
<p>इन पहलवानों ने पिछले साल जंतर मंतर पर डब्ल्यूएफआई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/486347/ioa-ad-hoc-panels-authority-restored-on-petition-banning-functioning-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/भारतीय-कुश्ती-महासंघ.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की तदर्थ समिति के अधिकार को बहाल कर दिया जिसमें मौजूदा स्वरूप में डब्ल्यूएफआई के कामकाज पर रोक लगाने और खेल के लिए राष्ट्रीय महासंघ के रूप में कोई भी गतिविधि करने से रोकने की मांग की गई थी। शीर्ष पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादियान की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि आईओए समिति का पुनर्गठन कर सकता है। </p>
<p>इन पहलवानों ने पिछले साल जंतर मंतर पर डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह पर सात महिला पहलवानों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप पर गिरफ्तारी की मांग की थी। इस साल के शुरू में इन पहलवानों ने दिसंबर में महासंघ के पदाधिकारियों के चुनाव को रद्द करने और अवैध घोषित करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। बृज भूषण के वफादार संजय सिंह को 21 दिसंबर 2023 को हुए चुनावों में डब्ल्यूएफआई का नया प्रमुख चुना गया था। </p>
<p>अंतरिम राहत के लिए अपनी याचिका में याचिकाकर्ताओं ने डब्ल्यूएफआई के मौजूदा स्वरूप में कामकाज पर रोक लगाने और कुश्ती के खेल के लिए राष्ट्रीय महासंघ के रूप में कोई भी गतिविधि करने से रोकने की मांग की थी। केंद्र ने चुनाव के तीन दिन बाद डब्ल्यूएफआई को कथित तौर पर फैसले लेत समय अपने खुद के संविधान के प्रावधानों का पालन नहीं करने के लिए 24 दिसंबर 2023 को निलंबित कर दिया था और आईओए से इसका कामकाज देखने के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने का अनुरोध किया था। फरवरी में विश्व कुश्ती संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने निलंबन हटा लिया जिसके कारण आईओए ने मार्च में अपनी तदर्थ समिति को भी भंग कर दिया था। शीर्ष पहलवानों की याचिका पर अदालत ने चार मार्च को केंद्र सरकार, डब्ल्यूएफआई और डब्ल्यूएफआई की तदर्थ समिति को नोटिस जारी किया था। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/486303/forget-the-past-and-think-about-the-future-coach-harendra">'अतीत को भूलकर भविष्य के बारे में सोचो', कोच हरेंद्र सिंह की भारतीय महिला हॉकी टीम को सलाह </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 16:27:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डब्ल्यूएफआई ने ओलंपिक कोटा विजेताओं को ट्रायल से दी छूट, हंगरी में होगा उनका आकलन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने मंगलवार को ओलंपिक कोटा विजेता सभी छह पहलवानों को चयन ट्रायल से छूट दे दी लेकिन उनके फॉर्म और फिटनेस का आकलन आगामी रैंकिंग सीरिज टूर्नामेंट और हंगरी में अभ्यास शिविर में होगा। डब्ल्यूएफआई ने कहा कि यह विशेष परिस्थितियों में लिया गया फैसला है और इसे भविष्य के लिये परिपाटी नहीं माना जाना चाहिये । डब्ल्यूएफआई ने यह भी कहा कि अगर किसी भी पहलवान की फिटनेस में कमी पाई गई तो महासंघ आठ जुलाई से पहले ट्रायल के जरिये विकल्प के बारे में सोचेगा । प्रविष्टियां भेजने की आखिरी तारीख आठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/467752/wfi-exempts-olympic-quota-winners-from-trials-they-will-be"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/भारतीय-कुश्ती-महासंघ.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने मंगलवार को ओलंपिक कोटा विजेता सभी छह पहलवानों को चयन ट्रायल से छूट दे दी लेकिन उनके फॉर्म और फिटनेस का आकलन आगामी रैंकिंग सीरिज टूर्नामेंट और हंगरी में अभ्यास शिविर में होगा। डब्ल्यूएफआई ने कहा कि यह विशेष परिस्थितियों में लिया गया फैसला है और इसे भविष्य के लिये परिपाटी नहीं माना जाना चाहिये । डब्ल्यूएफआई ने यह भी कहा कि अगर किसी भी पहलवान की फिटनेस में कमी पाई गई तो महासंघ आठ जुलाई से पहले ट्रायल के जरिये विकल्प के बारे में सोचेगा । प्रविष्टियां भेजने की आखिरी तारीख आठ जुलाई है। </p>
<p>भारत ने पेरिस ओलंपिक के लिये छह कोटा हासिल किये हैं जिनमें अमन सेहरावत (57 किलो) अकेले पुरूष पहलवान हैं । विनेश फोगाट (50 किलो), अंतिम पंघाल (53 किलो), अंशु मलिक (57 किलो), निशा दहिया (68 किलो) और रीतिका हुड्डा (76 किलो) ने भी क्वालीफाई किया है । पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई से ट्रायल नहीं कराने का अनुरोध किया था । उनका कहना था कि इससे चोट का खतरा हो सकता है।</p>
<p> डब्ल्यूएफआई प्रमुख संजय सिंह की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने इसे स्वीकार कर लिया । संजय सिंह ने बैठक के बाद पीटीआई से कहा, हमने इस मसले पर बात की और दोनों मुख्य कोचों का कहना था कि ट्रायल से चोट का खतरा होगा जिससे भारत की पदक उम्मीदों पर विपरीत असर पड़ सकता है । इसी वजह से हमने ट्रायल नहीं कराने का फैसला लिया। कोटा विजेता बुडापेस्ट में छह से नौ जून तक यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरिज में भाग लेंगे। इसके बाद 10 से 21 जून तक अभ्यास शिविर लगाया जायेगा। </p>
<p>सिंह ने कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी पहलवान को चोट ना लगे। इसलिये ट्रायल की जगह भारतीय कोच कोटा विजेताओं का आकलन रैंकिंग सीरिज टूर्नामेंट और अभ्यास शिवर में करेंगे । अगर कोई फिट नहीं है तो उसके विकल्प पर विचार किया जा सकता है । हम आठ जुलाई से पहले उस वर्ग में चयन ट्रायल का आयोजन करेंगे। इसके साथ ही तोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता रवि दहिया (57 किलो) और सरिता मोर (57 किलो) के लिये रास्ते भी बंद हो गए जो ट्रायल की तैयारी कर रहे थे।</p>
<p>चयन समिति की बैठक में महिला टीम के मुख्य कोच वीरेंदर दहिया और फ्रीस्टाइल मुख्य कोच जगमंदर सिंह भी मौजूद थे । लंदन ओलंपिक कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त, पूर्व पहलवान गीतिका जाखड़, डब्ल्यूएफआई उपाध्यक्ष और ओलंपियन जय प्रकाश, कोषाध्यक्ष संदीप देशवाल ने भी बैठक में भाग लिया। गीतिका ने वीडियो कॉल के जरिये बैठक में भाग लिया। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें: <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/467743/australia-finalized-the-team-for-t20-world-cup">T20 World Cup 2024 : ऑस्ट्रेलिया ने टी-20 विश्वकप के लिए टीम को दिया अंतिम रूप, इन दो खिलाड़ियों की अचानक एंट्री </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/467752/wfi-exempts-olympic-quota-winners-from-trials-they-will-be</link>
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                <pubDate>Tue, 21 May 2024 16:25:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bajrang Punia Suspended by NADA : WFI ने नाडा पर लगाया आरोप, कहा- बजरंग पुनिया को अंधेरे में रखा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>बजरंग पुनिया को हाल ही में राष्ट्रीय ट्रायल के दौरान डोप टेस्ट के लिए अपना नमूना देने से इनकार करने पर अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) इस मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा उसे ‘अंधेरे में’ रखने का आरोप लगाते हुए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से शिकायत करने की योजना बना रहा है। </p>
<p>बजरंग को 23 अप्रैल को नाडा ने अस्थायी निलंबन सौंपा था। उन्हें आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए सात मई तक अपना जवाब भेजने को कहा गया था। बिश्केक में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/463605/bajrang-punia-suspended-by-nada-nada-kept-bajrang-punia-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/wfi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>बजरंग पुनिया को हाल ही में राष्ट्रीय ट्रायल के दौरान डोप टेस्ट के लिए अपना नमूना देने से इनकार करने पर अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) इस मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा उसे ‘अंधेरे में’ रखने का आरोप लगाते हुए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से शिकायत करने की योजना बना रहा है। </p>
<p>बजरंग को 23 अप्रैल को नाडा ने अस्थायी निलंबन सौंपा था। उन्हें आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए सात मई तक अपना जवाब भेजने को कहा गया था। बिश्केक में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर के लिए पुरुषों की राष्ट्रीय टीम चुनने के लिए ट्रायल 10 मार्च को सोनीपत में आयोजित किया गया था और बजरंग अपना मुकाबला हारने के बाद मूत्र का नमूना दिए बिना ही प्रतियोगिता स्थल से चले गये थे।</p>
<p>बजरंग ने अपने निलंबन पर कहा कि उन्होंने कभी भी नाडा अधिकारियों को अपना नमूना देने से इनकार नहीं किया।  उन्होंने नाडा पर ‘एक्सपायर हो चुकी किट’ देने का आरोप लगाते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मेरे बारे में जो डोप टेस्ट के लिए खबर आ रही है उसके लिये मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। मैंने कभी भी नाडा अधिकारियों को नमूना देने से इनकार नहीं किया, मैंने उनसे अनुरोध किया कि वे मुझे जवाब दें कि वे पहले मेरा नमूना लेने के लिए जो ‘एक्सपायर किट’ लाए थे, उस पर उन्होंने क्या कदम उठाए या क्या कार्रवाई की उसका जवाब दे दीजिये और फिर मेरा डोप टेस्ट ले लीजिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे वकील विदुष सिंघानिया इस पत्र का जवाब समय अनुसार देंगे।’’  बजरंग अगर तय समय में अपना जवाब देने में असफल रहते हैं तो वह पेरिस ओलंपिक क्वालीफिकेशन की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। </p>
<p>इस बीच डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने आश्चर्य व्यक्त किया कि नाडा ने उन्हें बजरंग के निलंबन के बारे में सूचित नहीं किया। संजय ने कहा, ‘‘यह वास्तव में आश्चर्यजनक है कि नाडा ने बजरंग को निलंबित करते समय हमें सूचित नहीं किया। मैंने 25 अप्रैल को नाडा महानिदेशक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उस बैठक में यह मामला नहीं उठाया गया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे रहने के स्थान संबंधी शर्तों, लंबी सूची (पेरिस ओलंपिक के लिए संभावित दावेदार) आदि जैसे मामलों पर हमारे साथ संवाद करते रहते हैं। यहां तक कि हमने हाल ही में हुए फेडरेशन कप के बारे में भी चर्चा की, जहां उन्होंने विजेताओं से नमूने इकट्ठा करने के लिए अधिकारियों को भेजा था।</p>
<p> उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने हमें बजरंग पुनिया के निलंबन के बारे में नहीं बताया। मैंने आज सुबह नाडा अधिकारियों को फोन किया और उनके पास मेरे प्रश्न का कोई जवाब नहीं था। अब मैं  नाडा को पत्र लिखने और वाडा को इस बारे में सूचित करने की योजना बना रहा हूं।’’ इससे पहले ऐसी खबरें आयी थी कि विनेश फोगाट ने भी पटियाला में महिलाओं के 50 किग्रा का ट्रायल जीतने के बाद शुरू में अपना नमूना देने से इनकार कर दिया था। </p>
<p>संजय ने कहा, ‘‘हमें किसी ने भी यह नहीं बताया कि ट्रायल (सोनीपत और पटियाला में) के बाद किसके नमूने लिए गए थे और उन नमूनों से क्या निकला। जरा कल्पना करें कि अगर बजरंग फेडरेशन कप में प्रतिस्पर्धा करने आए होते तो हमने उन्हें अनुमति दे दी होती क्योकि हमारे पास कोई जानकारी नहीं थी कि उन्हें निलंबित कर दिया गया है।’’ ओलंपिक के लिए विश्व क्वालीफायर्स का आयोजन नौ मई से तुर्किये में होगा। भारतीय पहलवानों के लिए पेरिस खेलों का कोटा हासिल करने का यह आखिरी मौका होगा। भारत की चार महिला पहलवानों ने अब तक ओलंपिक कोटा हासिल किये है। इसमें विनेश (50 किग्रा) अंतिम पंघाल (53 किग्रा) अंशु मलिक (57 किग्रा) और रितिका हुड्डा (76 किग्रा) का नाम शामिल है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/463563/draft-add-yowrestler-bajrang-punia-big-blow-nada-suspended-title">VIDEO : भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया को बड़ा झटका, NADA ने किया सस्पेंड...जानिए वजह</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 15:56:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने पर आदेश किया स्थगित, 26 अप्रैल को आएगा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली की एक अदालत भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को लेकर 26 अप्रैल को अपना फैसला सुना सकती है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) प्रियंका राजपूत ने मामले पर सुनवाई स्थगित कर दी है। सिंह ने मामले में जांच का अनुरोध करते हुए अदालत में एक याचिका दायर की है। अदालत को आज इस मामले में आदेश पारित करना था। </p>
<p>सिंह ने अपनी याचिका में आरोपों पर जवाब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/459027/delhi-court-adjourns-order-on-framing-of-charges-against-brij"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/image-demo---2024-04-18t135530.413.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली की एक अदालत भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को लेकर 26 अप्रैल को अपना फैसला सुना सकती है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) प्रियंका राजपूत ने मामले पर सुनवाई स्थगित कर दी है। सिंह ने मामले में जांच का अनुरोध करते हुए अदालत में एक याचिका दायर की है। अदालत को आज इस मामले में आदेश पारित करना था। </p>
<p>सिंह ने अपनी याचिका में आरोपों पर जवाब देने के लिए वक्त दिए जाने तथा और जांच करने का अनुरोध करते हुए कहा कि वे उस घटना की तारीख पर भारत में नहीं थे जिसे लेकर एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उस दिन उसका डब्ल्यूएफआई के कार्यालय में यौन उत्पीड़न किया गया था। सिंह के वकील ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने शिकायतकर्ता के साथ आए कोच के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) पर भरोसा किया था और कहा था कि वे सात सितंबर 2022 को डब्ल्यूएफआई गए थे जहां लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। </p>
<p>वकील ने दावा किया कि हालांकि, पुलिस ने सीडीआर को रिकॉर्ड में नहीं रखा। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंह इस कथित अपराध के दिन देश में नहीं थे। उन्होंने दलील दी, ‘‘मैं (सिंह) दिल्ली पुलिस को मामले की जांच करने का निर्देश देने का अनुरोध कर रहा हूं। जिस तारीख को कथित अपराध हुआ, वह स्पष्ट नहीं है। अगर जिस अपराध का आरोप लगाया है, उस वक्त मैं वहां मौजूद ही नहीं था तो मेरे अन्यत्र होने की दलील दी जाएगी।’’ </p>
<p>लोक अभियोजक ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह बचाव पक्ष द्वारा मुकदमे में विलंब करने का हथकंडा है। न्यायाधीश ने आदेश सुरक्षित रख लिया और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की। दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (किसी महिला का शील भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत 15 जून को मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। पुलिस ने इस मामले में डब्ल्यूएफआई के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर पर भी आरोप लगाए थे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<span style="color:rgb(186,55,42);"> <a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/459025/three-people-attacked-for-raising-slogans-of-jai-shri-ram">'जय श्री राम' का नारा लगाने पर तीन लोगों पर किया गया हमला, चार गिरफ्तार </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Apr 2024 13:58:22 +0530</pubDate>
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                <title>विनेश फोगाट ने WFI अध्यक्ष पर लगाए संगीन आरोप, बोलीं- डोपिंग की साजिश का डर....महासंघ ने नकारा  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह उन्हें हर हालत में ओलंपिक खेलने से रोकना चाहते हैं और उन्हें अपने खिलाफ डोपिंग की साजिश रचे जाने का भी डर है। 29 वर्ष की विनेश ने 2019 और 2022 विश्व चैम्पियनशिप में 53 किलो में कांस्य और 2018 एशियाई खेलों में 50 किलो में स्वर्ण पदक जीता था। वह अगले सप्ताह किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाले एशियाई क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिये 50 किलो में ओलंपिक कोटा हासिल करना चाहती है । पटियाला में चयन ट्रायल में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/457552/wfi-president-wants-to-stop-me-from-going-to-olympics"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/विनेश-फोगाट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह उन्हें हर हालत में ओलंपिक खेलने से रोकना चाहते हैं और उन्हें अपने खिलाफ डोपिंग की साजिश रचे जाने का भी डर है। 29 वर्ष की विनेश ने 2019 और 2022 विश्व चैम्पियनशिप में 53 किलो में कांस्य और 2018 एशियाई खेलों में 50 किलो में स्वर्ण पदक जीता था। वह अगले सप्ताह किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाले एशियाई क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिये 50 किलो में ओलंपिक कोटा हासिल करना चाहती है । पटियाला में चयन ट्रायल में उन्होंने 53 किलो में भी भाग लिया था लेकिन सेमीफाइनल में हार गई थी। </p>
<p>भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने कहा कि कोच और फिजियो को मान्यता पत्र जारी करने के लिये विनेश का ईमेल 18 मार्च को मिला लेकिन तब तक युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग को खिलाड़ियों, कोचों और मेडिकल स्टाफ की सूची भेजी जा चुकी थी । रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 11 मार्च थी । एक अधिकारी ने कहा कि महासंघ ने 15 मार्च को प्रविष्टियां भेजी क्योंकि यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने उसके अनुरोध पर कुछ दिन की रियायत दी थी । यह रियायत इसलिये मांगी गई थी क्योंकि समय सीमा खत्म होने के आखिरी दिन ही ट्रायल पूरे हुए थे। </p>
<p>विनेश ने एक्स पर लंबी पोस्ट में लिखा, बृजभूषण और उसके द्वारा बिठाया गया डमी संजय सिंह हर तरीके से प्रयास कर रहे हैं कि कैसे मुझे ओलंपिक में खेलने से रोका जा सके । जो टीम के साथ कोच लगाये गए हैं, वे सभी बृजभूषण और उसकी टीम के चहेते हैं तो इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि वो मेरे मैच के दौरान मेरे पानी में कुछ मिला कर पिला दें । उन्होंने कहा, अगर मैं ऐसा कहूं कि मुझे डोप में फंसाने की साजिश हो सकती है तो गलत नहीं होगा । हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही । इतनी महत्वपूर्ण स्पर्धा से पहले हमारे साथ ऐसे मानसिक उत्पीड़न कहां तक जायज है।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">19th अप्रैल को एशियन ओलम्पिक क्वालीफाई टूर्नामेंट शुरू होने जा रहा है। मेरे द्वारा लगातार एक महीने से भारत सरकार (SAI,TOPS) सभी से मेरे कोच और फिजियो की ACCREDITATION (मान्यता) के लिए रिक्वेस्ट की जा रही है। ACCREDITATION के बिना मेरे कोच और फिजियो का मेरे साथ कम्पटीशन ARENA में…</p>
— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) <a href="https://twitter.com/Phogat_Vinesh/status/1778647953932198361?ref_src=twsrc%5Etfw">April 12, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>विनेश ने कहा, 19 अप्रैल को एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर शुरू हो रहा है । मैं लगातार एक महीने से भारत सरकार (साइ , टॉप्स) सभी से मेरे कोच और फिजियो की मान्यता के लिये अनुरोध कर रही हूं । मान्यता पत्र के बिना मेरे कोच और फिजियो प्रतिस्पर्धा परिसर में मेरे साथ नहीं जा सकते लेकिन बारंबार अनुरोध के बावजूद ठोस जवाब नहीं मिल रहा है । कोई भी मदद को तैयार नहीं है । क्या हमेशा ऐसे ही खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खेला जाता रहेगा। </p>
<p>उन्होंने लिखा, क्या अब देश के लिये खेलने जाने से पहले भी हमारे साथ राजनीति क्योंकि क्योकि हमने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई। क्या हमारे देश में गलत के खिलाफ आवाज उठाने की यही सजा है । उम्मीद है कि देश के लिये खेलने जाने से पहले तो हमें न्याय मिलेगा। विनेश देश के उन तीन शीर्ष पहलवानों में से है जिन्होंने डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर प्रदर्शन की अगुवाई की थी। दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ मामला दर्ज की लेकिन जुलाई में स्थानीय अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। </p>
<p><em><strong>डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी कहा कि विनेश के निजी कोच और फिजियो के साथ जाने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है लेकिन प्रविष्टियां भेजने की समय सीमा निकल जाने के कारण अब उसे यूडब्ल्यूडब्ल्यू से खुद मान्यता पत्र लेना होगा। </strong></em>उन्होंने कहा, उसका ई मेल तदर्थ समिति और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) के सीईओ के ध्यानार्थ है हालांकि महासंघ को भी मार्क किया गया है । उसने 18 मार्च को आवेदन भेजा था लेकिन तब तक सहयोगी स्टाफ का रजिस्ट्रेशन हो चुका था।</p>
<p> उन्होंने कहा, हमें मंत्रालय या साइ से कोई निर्देश नहीं मिला कि विनेश के निजी कोच का नाम भी सूची में जोड़ा जाये। हम कोशिश कर सकते थे बशर्ते ऐसे निर्देश होते। हम दस खिलाड़ियों के साथ तीन कोच भेज सकते हैं। नौ कोच पहले ही से बिश्केक में एशियाई चैम्पियनशिप के लिये हैं और ये ही एशियाई क्वालीफायर के लिये भी रूकेंगे जिसमें पांच महिला पहलवान ही भाग ले रही हैं । क्या पांच पहलवानों के लिये तीन कोच काफी नहीं है। उन्होंने कहा, अतिरिक्त कोच की क्या जरूरत है । विनेश को निजी कोच चाहिये तो वह यूडब्ल्यूडब्ल्यू से मान्यता ले सकती है । हमें कोई ऐतराज नहीं है । </p>
<p>डब्ल्यूएफआई के एक सूत्र ने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप 2019 के रजत पदक विजेता दीपक पूनिया ने भी निजी कोच ले जाने का अनुरोध किया था। इसी तरह ग्रीको रोमन कोच अनिल पंडित के लिये भी अनुरोध मिला था । उन्होंने कहा, उन्होंने भी ऐसे ही ईमेल भेजे थे लेकिन हमें सरकार से कोई निर्देश नहीं मिला है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ विनेश को निशाना बनाया जा रहा है । हमारे लिये सभी एक समान हैं। विनेश देश के उन तीन शीर्ष पहलवानों में से है जिन्होंने डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर प्रदर्शन की अगुवाई की थी । दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ मामला दर्ज की लेकिन जुलाई में स्थानीय अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/457537/ipl-2024--rajasthan-royals-will-have-to-execute-their-strategy-better-against-punjab-kings">IPL 2024 : राजस्थान रॉयल्स को पंजाब किंग्स के खिलाफ रणनीति पर करना होगा बेहतर अमल</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Apr 2024 13:15:46 +0530</pubDate>
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